Stock Market Fall: दिन के लो से 424 अंक तक रिकवर हुआ सेंसेक्स, लेकिन अभी भी लाल; इन वजहों से निफ्टी फिर 23350 के पार

एक दिन तेजी देखने के बाद शेयर बाजार में 11 सितंबर को फिर से गिरावट है। मार्केट खुलने के कुछ पलों के अंदर सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 742.53 अंक तक लुढ़ककर 74,160.16 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी पिछली क्लोजिंग से 246.4 अंकों की गिरावट के साथ 23,231.40 के लो तक गया। लेकिन फिर बाजार में हल्की रिकवरी दिखी। सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से करीब 424 अंक और निफ्टी दिन के लो से 129 अंक तक उछला।

गुरुवार को 3 दिन बाद शेयर बाजार में तेजी लौटी थी। सेंसेक्स 138.36 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 74,902.59 पर बंद हुआ था। इसी तरह निफ्टी 46.30 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,477.80 पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार को तेज गिरावट के बाद हुई रिकवरी के अहम कारण डिटेल में…

वैल्यू बाइंग

बड़ी गिरावट से निवेशकों ने निचले स्तरों पर शेयर खरीद यानि कि वैल्यू बाइंग की। इससे बाजार में रिकवरी दिखी। सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 424 अंक ऊपर चढ़कर 74,584.35 के हाई तक गया। निफ्टी दिन के लो से 129.45 अंक उछलकर 23,360.85 के हाई तक गया। IT शेयरों में खरीदारी के कारण बाजार का नुकसान कम हुआ।

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वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में बढ़त

11 सितंबर को वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में बढ़त दिखी। गुरुवार को अमेरिकी शेयरों में लगातार चौथे सेशन में गिरावट रही थी। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 316.56 अंक या 0.6% गिरकर 52,064.10 पर बंद हुआ। बेंचमार्क S&P 500 में 44.66 अंक या 0.58% की गिरावट आई और यह 7,591.70 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट इंडेक्स 171.62 अंक या 0.65% गिरकर 26,081.73 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण अमेरिकी बाजारों में गिरावट रही थी।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत लगभग 2 प्रतिशत टूटकर 105.55 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही है। कच्चे तेल की कम कीमतें भारत के लिए एक पॉजिटिव ट्रिगर हैं। इसकी वजह है कि देश कच्चे तेल की अपनी कुल जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty के संकेतों को देखते हुए लगता है कि 11 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में गैप-डाउन शुरुआत हो सकती है। GIFT Nifty शुरुआती कारोबार में 23,356.50 के आसपास कमजोर के साथ ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

10 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स में तीन दिन से जारी गिरावट थमती दिखी और सीमित दायरे में कारोबार के बीच सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। मीडिया और फाइनेंशियल शेयरों में खरीदारी के चलते निफ्टी 23,400 के स्तर के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। धीमी शुरुआत के बाद,मिडिल ईस्ट में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के चलते निवेशकों के सतर्क रहने से बाज़ार पूरे सेशन के दौरान सीमित दायरे में ही रहा। अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों से पहले बाज़ार का मूड भी सुस्त रहा, हालांकि आखिरी घंटे में हुई खरीदारी से दिन भर के सारे नुकसान भरपाई हो गई और बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 138.36 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 74,902.59 पर और निफ्टी 46.30 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,477.80 पर बंद हुआ।

GIFT निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी लगभग 23,356.50 के निचले स्तर पर ट्रेड कर रहा था,जो घरेलू इक्विटी मार्केट में कमजोर शुरुआत का संकेत है।

एशियाई इक्विटी

तेल की कीमतों में उछाल के कारण अमेरिकी बाजारों में बिकवाली आई है। अधिकांस एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट आई है। वहीं,महंगाई के ताजा आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ही ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।

अमेरिकी बाजार

गुरुवार को US के शेयर बाज़ार गिरावट के साथ बंद हुए। S&P 500 में 0.58% की गिरावट आई और यह 7,591.75 पर बंद हुआ। नैस्डैक (Nasdaq) 0.65% गिरकर 26,081.73 पर आ गया,जबकि डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.60% गिरकर 52,064.10 पॉइंट्स पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स सपाट

शुक्रवार को एशियाई ट्रेडिंग की शुरुआत में डॉलर पिछले हफ़्ते के अपने सबसे ऊंचे स्तर के आस-पास बना रहा और येन लगातार दूसरे दिन नीचे आया। मिडिल ईस्ट में एनर्जी सप्लाई में रुकावट की नई आशंकाओं के कारण बॉन्ड यील्ड और तेल की कीमतें बढ़ गईं। फिलहाल US डॉलर इंडेक्स 99.04 पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

शुक्रवार को ग्लोबल बॉन्ड यील्ड नए हाई पर पहुंच गए है और शेयर बाजार गिर गए हैं। तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई का खतरा बढ़ा दिया है। इससे दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों की ओर से पॉलिसी को और सख्त किए जाने की आशंका के चलते निवेशक घबराए दिख रहे हैं।

अमेरिका में 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5% के लेवल के करीब पहुच गई है। 30-साल के यील्ड 2007 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर हैं और 2-साल के यील्ड 4.5% से ऊपर चले गए हैं। बाज़ार में इस बात की उम्मीदें बढ़ गई हैं कि महंगाई को काबू में करने के लिए US फ़ेडरल रिज़र्व को इस महीने ब्याज दरें बढ़ानी पड़ेंगी। अभी इसकी संभावना 72% मानी जा रही है। इसी के चलते ट्रेजरी यील्ड में बढ़त हुई है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार दिख रहा है। दक्षिण कोरियाई वॉन में सबसे ज़्यादा 0.32% की बढ़त हुई है। इसके बाद सिंगापुर डॉलर और जापानी येन में 0.06% की मज़बूती आई है। दूसरी ओर फिलीपीन पेसो में 0.34% की गिरावट आई है। जबकि ताइवान डॉलर, मलेशियाई रिंगित और इंडोनेशियाई रुपिया में 0.24%, 0.22% और 0.21% की गिरावट दर्ज की गई है। चीनी रेनमिनबी और थाई बहत में भी मामूली गिरावट आई है।

क्रूड में उबाल, ब्रेंट $108/bbl के पार

कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड का आज भी रेड अलर्ट है। वेस्ट एशिया टेंशन से क्रूड में जुलाई के बाद सबसे बड़ा उछाल आया है। यह 6 फीसदी चढ़कर 108 डॉलर के पार निकल गया है। गिफ्ट निफ्टी करीब 125 प्वाइंट फिसला है। एशिया में भी गिरावट है। अमेरिकी बाजारों में भी लगातार चौथे दिन गिरावट रही। 4 दिनों में डाओ 1600 अंक लुढ़का है।

सोना-चांदी में तेज गिरावट

अमेरिका में इंफ्लेशन की भी टेंशन है। अगस्त होलसोल महंगाई अनुमान से ज्यादा निकली है। इससे 0.25% ब्याज दरें बढ़ने की आशंका 72% पर पहुंच गई है। सोने-चांदी में बड़ी गिरावट आई है। गोल्ड 2 फीसदी तो चांदी 6 फीसदी लुढ़की। अब बाजार की नजरें आज आने वाले अमेरिकी रिटेल महंगाई आंकड़ों पर है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

10 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाज़ार में 438 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस दौरान 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।

NSE IPO का प्राइस बैंड 1700-1785/Sh तय

NSE IPO का प्राइस बैंड 1700-1785 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है। यह आईपीओ 17 सितंबर से 21 सितंबर तक खुलेगा। यह 4.42 लाख करोड़ के वैल्युएशन में आएगा। आज ढ़ाई बजे कंपनी की प्रेस कॉन्फ्रेंस है।

HDFC बैंक को बहरीन कोर्ट से बड़ी राहत मिली

HDFC बैंक की बड़ी कानूनी जीत हुई है। इसे Credit Suisse AT1 बॉन्ड मामले में बहरीन कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने निवेशकों के सभी 7 दावे खारिज कर दिए हैं।

ग्रेन्यूल्स इंडिया में 1,500 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव

ग्रेन्यूल्स इंडिया में आज 1,500 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव है। प्रोमोटर कृष्ण प्रसाद 6.9% हिस्सेदारी बेच सकते हैं। 2.5 फीसदी डिस्काउंट पर करीब 872 रुपए प्रति शेयर फ्लोर प्राइस तय की गई है।

BRICS समिट के लिए दिल्ली पहुंचे रूसी राष्ट्रपति पुतिन

BRICS समिट के लिए रूसी राष्ट्रपति पुतिन दिल्ली पहुंच गए हैं। आज PM मोदी से उनकी मुलाकात होगी। भारत-रुस के बीच बड़े रक्षा समझौते हो सकते हैं। उधर चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने भी भारत आने की पुष्टि की है। कल से दिल्ली में BRICS समिट शुरू होगा।

 

Market cues : मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल कायम, 23070 के लेवल तक गिर सकता है निफ्टी

क्रूड और US बॉन्ड यील्ड बिगाड़ सकते है बाजार का मूड, गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, इंडेक्स पर कहां रखें आज नजर

Gift Nifty Indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के निचले स्तर पर खुलने की संभावना है। GIFT निफ्टी 100 अंक से ज़्यादा की गिरावट के साथ कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है। क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में नई तेज़ी, US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और एशियाई व US इक्विटी बाज़ारों में गिरावट का असर बाजारों पर पड़ रहा है। मध्य पूर्व के अहम शिपिंग रूट पर हमले तेज़ होने के बाद ब्रेंट क्रूड $110 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जबकि US में थोक महंगाई बढ़ने से अगले हफ़्ते फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें मजबूत हुईं।

GIFT निफ्टी सुबह 8 बजे 23,343 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो 117 अंक या 0.5 प्रतिशत नीचे था। गुरुवार को भारतीय इक्विटी बाजारों ने लगातार तीन सत्रों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा था, हालांकि सीमित दायरे में कारोबार के कारण बढ़त मामूली रही। सेंसेक्स 138.36 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 74,902.59 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 46.30 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,477.80 पर पहुंचा।

एशियाई बाजारों में गिरावट

शुक्रवार को एशियाई शेयरों और बॉन्ड में गिरावट आई क्योंकि निवेशक ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और US में सख्त मौद्रिक नीति की संभावना से जूझ रहे थे। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत की गिरावट आई, जिसमें जापान और दक्षिण कोरिया में सबसे ज़्यादा नुकसान देखा गया। जापान का Topix 1 प्रतिशत गिरा, जबकि Nikkei 225 फ्यूचर्स में 2.7 प्रतिशत की गिरावट आई। ऑस्ट्रेलिया के S&P/ASX 200 और हांगकांग के Hang Seng में 0.9 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि शंघाई कंपोजिट 0.6 प्रतिशत गिरा।

गुरुवार की बिकवाली के बाद US इक्विटी फ्यूचर्स में कुछ स्थिरता के संकेत दिखे, जिसमें एशियाई कारोबार में S&P 500 फ्यूचर्स में 0.2 प्रतिशत की बढ़त हुई।

मध्य पूर्व में सप्लाई से जुड़े जोखिम बढ़ने से ब्रेंट $110 के करीब पहुंचा

कच्चा तेल भारतीय बाज़ारों के लिए सबसे बड़ी मैक्रोइकॉनॉमिक चुनौती बना हुआ है। फारस की खाड़ी और लाल सागर दोनों से शिपिंग के लिए बढ़ते खतरों के बीच कीमतों में ज़बरदस्त तेज़ी जारी है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स लगभग $110 तक पहुंचने के बाद 1% बढ़कर $108.68 प्रति बैरल हो गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1% बढ़कर $103.45 प्रति बैरल हो गया। गुरुवार को दोनों बेंचमार्क में 6% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई थी।

ईरान-समर्थित हूतियों ने गुरुवार को यमन के मोचा बंदरगाह पर कब्ज़ा कर लिया, जिससे रेड सी में शिपिंग के लिए खतरा बढ़ गया है। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से ट्रैफ़िक पर भी रोक लगी हुई है क्योंकि खाड़ी में टैंकरों पर हमले बढ़ गए हैं।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हमलों से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है और क्रूड मार्केट में जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम ऊंचा बना हुआ है।

वॉल स्ट्रीट में गिरावट

गुरुवार को अमेरिकी इक्विटी में गिरावट आई क्योंकि प्रोड्यूसर की कीमतों में बढ़ोतरी और क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से यह चिंता बढ़ गई कि महंगाई के कारण फेडरल रिजर्व को अगले हफ़्ते ब्याज दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं। अगस्त में अमेरिकी थोक महंगाई 0.4% बढ़ी, जिससे कीमतों के दबाव को लेकर चिंता बढ़ गई। इसके जवाब में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी हुई, और 10-साल की यील्ड लगभग तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक

पोनमुडी को उम्मीद है कि 23,500-23,600 का स्तर निफ्टी के लिए तुरंत रेजिस्टेंस का काम करेगा, जबकि 23,200 का स्तर अहम सपोर्ट बना रहेगा। 23,200 के नीचे जाने पर गिरावट 23,050-23,000 तक बढ़ सकती है, हालांकि बहुत ज़्यादा ओवरसोल्ड मोमेंटम इंडिकेटर टेक्निकल बाउंस की गुंजाइश भी बनाते हैं।

गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय इक्विटी में नेट सेलर बने रहे और उन्होंने 438 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाज़ार को सपोर्ट देना जारी रखा और सेशन के दौरान 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की इक्विटी खरीदी।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Market: ग्लोबल बाजारों में आज भी कोहराम, US मार्केट और एशिया कमजोर, US बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल

Asian Market Today: गुरुवार, 10 सितंबर को वॉल स्ट्रीट में बिकवाली के असर से एशियाई शेयरों में गिरावट आई। तेल की कीमतों में उछाल ने महंगाई की चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया और ट्रेजरी यील्ड को ऊपर धकेल दिया। शुरुआती कारोबार में MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.3% गिर गया। जापान के निक्केई 225 में सबसे ज़्यादा 1.07% की गिरावट आई, जबकि टॉपिक्स (Topix) 0.53% नीचे आया।दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 0.56% गिरा और हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.9% की गिरावट के संकेत मिले।

एक दिन पहले 0.3% की बढ़त के बाद जापानी येन 153.57 प्रति डॉलर पर स्थिर रहा, जबकि ऑफशोर युआन 6.7056 प्रति डॉलर पर लगभग स्थिर रहा।

भारत में, GIFT निफ्टी 103 अंक से ज़्यादा नीचे था, जिससे संकेत मिलता है कि निफ्टी लाल निशान में खुल सकता है।

क्षेत्रीय कमजोरी वॉल स्ट्रीट में आई तेज गिरावट के बाद देखी गई। S&P 500 में 0.5% की गिरावट आई, जिसमें इंडस्ट्रियल और कंज्यूमर-डिस्क्रिशनरी शेयरों पर बिकवाली का सबसे ज़्यादा असर पड़ा। नैस्डैक 100 में 0.3% की गिरावट आई क्योंकि एनवीडिया, अमेज़न और अल्फाबेट जैसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

बढ़ती बॉन्ड यील्ड ने शेयरों पर दबाव और बढ़ा दिया। बुधवार को बढ़ने के बाद एशियाई घंटों में 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड स्थिर रही। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सरकार ने 6 बिलियन डॉलर तक के लंबी अवधि के कर्ज को खरीदने की योजना का खुलासा किया था, जो कुछ निवेशकों की उम्मीद से कम राशि थी। महंगाई की चिंताओं से पहले से ही तनावपूर्ण माहौल पर इस निराशा का और असर पड़ा।

तेल की कीमतों ने सबसे बड़ा झटका दिया क्योंकि ब्रेंट क्रूड 0.5% बढ़कर 101.69 डॉलर पर पहुंच गया और बढ़त जारी रखते हुए 102 डॉलर प्रति बैरल तक चला गया। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1% बढ़कर 97.05 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने इस तेजी को बढ़ावा दिया, क्योंकि ट्रेडर्स ऊर्जा आपूर्ति में संभावित रुकावटों को लेकर चिंतित दिख रहे थे।

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने इस उम्मीद को और बढ़ा दिया कि महंगाई को काबू में रखने के लिए फेडरल रिजर्व को ब्याज दरें और बढ़ानी पड़ेंगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता को कम करके आंका और कहा कि मिड-टर्म चुनाव के बाद यह टकराव खत्म हो जाएगा, जबकि तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे थे।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ईरानी इलाके और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले जारी रखता है, तो तेहरान अपने जवाबी हमलों को और तेज़ कर देगा।

अब बाज़ार की नज़र शुक्रवार को आने वाले अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों पर होगी। ट्रेडर इस रिपोर्ट को ध्यान से देखेंगे ताकि यह अंदाज़ा लगाया जा सके कि क्या अमेरिकी फेडरल रिज़र्व सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाएगा या नहीं।

 

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GIFT निफ्टी में गिरावट, ब्रेंट क्रूड में उबाल, सेंसेक्स और निफ्टी में हो सकती है सुस्त शुरुआत

बुधवार सुबह GIFT निफ्टी में गिरावट आई है। इससे संकेत मिलता है कि सेंसेक्स और निफ्टी हल्की गिरावट के साथ खुल सकते हैं। एशियाई बाजारों में तेजी रुख के बावजूद,अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी हुई है,जो बाजार पर दबाव डाल रही है। ब्रेंट क्रूड की कीमत $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है,जो भारत के लिए एक बड़ी आर्थिक चुनौती है। इसके अलावा,वॉल स्ट्रीट में कल हुई गिरावट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावना भी बाजार के मूड को सतर्क बनाए रख सकती हैं।

फिलहाल GIFT निफ्टी 23,655 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यह पिछले दिन की क्लोजिंग से 0.25 प्रतिशत नीचे दिख रहा है। इससे पहले,मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी गई थी। निफ्टी लगभग तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद 144.05 अंक या 0.61 प्रतिशत गिरकर 23,635.10 पर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 555.23 अंक या 0.73 प्रतिशत गिरकर 75,577.58 पर आ गया।

पिछले सेशन में संस्थागत निवेशकों का रुझान मिला-जुला रहा। 8 सितंबर को विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने 123 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने सपोर्ट जारी रखा और सेशन के दौरान 566 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

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AI और चिप शेयरों में तेज़ी से एशियाई बाजारों में तेजी

आज बुधवार को एशियाई शेयर बाजारो में तेजी दिख रही है। इसकी मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर लगातार बने उत्साह के कारण टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में हुई बढ़त है।

MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स 0.6 प्रतिशत बढ़ा है। इस बढ़त में सबसे बड़ा योगदान इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर का रहा। चिप बनाने वाली कंपनियों SK Hynix और Samsung Electronics के शेयरों में बढ़त के कारण दक्षिण कोरिया का Kospi इंडेक्स 1.4 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है। मंगलवार को वॉल स्ट्रीट पर फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत की बढ़त के बाद एशियन टेक्नोलॉजी शेयरों में तेजी आई है।

जापान का Topix 0.5 प्रतिशत बढ़ा है,जबकि Nikkei 225 फ्यूचर्स में 0.8 प्रतिशत की बढ़त हुई है। Shanghai Composite में 0.2 प्रतिशत की बढ़त हुई है,जबकि हांगकांग के Hang Seng में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.1 प्रतिशत गिर गया है। एशियाई कारोबार में S&P 500 फ्यूचर्स में भी कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता कच्चा तेल है। ईरान द्वारा खाड़ी में US की सैन्य ठिकानों पर नए हमले करने के बाद लगातार चौथे सेशन में इसकी कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स $1.57 यानी 1.6% बढ़कर $99.49 प्रति बैरल पर आ गया है। जिससे क्रूड $100 के स्तर के बहुत करीब पहुंच गया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड की कीमत $1.60 या 1.72 प्रतिशत बढ़कर $94.63 प्रति बैरल हो गई। अगस्त की शुरुआत से अब तक ब्रेंट की कीमतों में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को S&P 500 गिरावट के साथ बंद हुआ। सेल्सफोर्स और सॉफ्टवेयर बनाने वाली दूसरी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। वहीं,मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण तेल की कीमतें बढ़ गईं और निवेशक महंगाई के आंकड़ों पर नजरे बनाए रहे,जिनका असर ब्याज दरें बढ़ने की संभावना पर पड़ सकता है। S&P 500 में 0.58% की गिरावट आई और यह 7,673.52 अंक पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.32% गिरकर 26,421.41 अंक पर आ गया, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.18% गिरकर 52,786.07 अंक पर बंद हुआ।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि निफ़्टी के लिए 23,700-23,800 का स्तर तुरंत रेजिस्टेंस का काम करेगा,जबकि 23,600 का स्तर अहम सपोर्ट बना रहेगा। अगर निफ़्टी 23,600 के नीचे टूटता है तो गिरावट 23,400 तक बढ़ सकती है। वहीं, 23,800 के ऊपर रिकवरी से कुछ समय के लिए स्थिरता आ सकती है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT निफ्टी में गिरावट से सेंसेक्स और निफ्टी के लिए सुस्त शुरुआत के संकेत, कच्चा तेल 97 डॉलर के पार

मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के सुस्त शुरुआत करने की संभावना है। GIFT निफ्टी फ्लैट या नेगेटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतें $97 प्रति बैरल के पार चली गई हैं और अमेरिका-ईरान के बीच लगातार तनाव का असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है। एशियाई बाजार बिना किसी साफ दिशा के कारोबार कर रहे हैं,जबकि सोमवार को अमेरिकी बाजार में छुट्टी के कारण वॉल स्ट्रीट से कोई संकेत न मिलने से भी निवेशक सतर्क रह सकते हैं।

फिलहाल GIFT निफ्टी 23,802 पर ट्रेड कर रहा है। यह पिछले दिन की क्लोजिंग से 25 पॉइंट या 0.1 प्रतिशत नीचे दिख रहा है। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पिछले सेशन की रिकवरी को बनाए नहीं रख पाए। ज़्यादातर सेक्टर में बिकवाली के दबाव के कारण बेंचमार्क इंडेक्स नीचे आ गए। सेंसेक्स 382.62 अंक या 0.50 प्रतिशत गिरकर 76,132.81 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 118.55 अंक या 0.50 प्रतिशत गिरकर 23,779.15 पर बंद हुआ।

बेंचमार्क इंजेक्सों में गिरावट के बावजूद,पिछले सेशन में इंस्टीट्यूशनल फ्लो से भारतीय इक्विटी को कुछ सहारा मिला। 7 सितंबर को विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने 280 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी। घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने भी 566 करोड़ रुपये का निवेश करते हुए नेट खरीदारी की।

ग्लोबल मार्केट पर एक नजर

निवेशकों की सावधानी के बीच एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला रुख दिख रहा है। मंगलवार को मिले-जुले आर्थिक आंकड़ो, तेल की बढ़ती कीमतों और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बीच एशियाई शेयरों में साफ दिशा नहीं है। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.2 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है। जबकि जापान का निक्केई 225 उतार-चढ़ाव के बाद लगभग 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। दक्षिण कोरिया के कोस्पी ने बेहतर प्रदर्शन किया और इसमें 1.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

सोमवार को अमेरिकी बाज़ार बंद थे,इसलिए निवेशकों को वॉल स्ट्रीट से कोई नया संकेत नहीं मिला। मंगलवार को एशियाई कारोबार में S&P 500 ई-मिनी फ्यूचर्स में 0.1 प्रतिशत की गिरावट आई है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला प्रदर्शन यह बताता है कि निवेशक जोखिम लेने में सावधानी बरत रहे है। वे तेल की कीमतों, भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और अमेरिकी मौद्रिक नीति के आउटलुक पर नजर रखे हुए हैं।

ईरान की जवाबी कार्रवाई की धमकी के बाद ब्रेंट क्रूड $97 के पार

मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त जारी है। मध्य पूर्व में लंबे समय तक संघर्ष चलने का खतरा बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिका के किसी भी नए हमले का जवाब देने की धमकी दी है,जिससे तनाव बढ़ने और तेल की सप्लाई में रुकावट आने की चिंताएं और बढ़ गई हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.35% बढ़कर $97.34 प्रति बैरल हो गया है, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1.26% बढ़कर $92.63 प्रति बैरल पर पहुंच गया है।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला प्रदर्शन यह बताता है कि निवेशक जोखिम लेने में सावधानी बरत रहे है। वे तेल की कीमतों को लेकर सतर्क बने हुए है। ऐसे में निफ़्टी का रुख सतर्क से लेकर मंदी वाला (बेयरिश) बना रहेगा। मोमेंटम वापस लाने के लिए इसे 24,000 के ऊपर टिके रहने की ज़रूरत है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 23,750-23,700 पर है और उसके बाद 23,600 पर बड़ा सपोर्ट है।

 

Market View : निफ्टी में उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम, ट्रेडर इस ऑटो शेयर में बना सकते हैं अच्छा पैसा

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gift Nifty Trend : सेंसेक्स और निफ्टी के लिए GIFT निफ्टी से कमजोर संकेत, तेल की कीमतों में तेजी से ठंडा पड़ा जोश

GIFT Nifty Trend : सोमवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के हल्की गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। GIFT निफ्टी कमजोर शुरुआत के संकेत दे रहा है। एशियाई बाजारों में अच्छी बढ़त के बावजूद,कच्चे तेल की कीमतें 96 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव के कारण निवेशक सतर्क बने हुए हैं। अमेरिका की मजबूत जॉब्स रिपोर्ट ने इस महीने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें भी बढ़ा दी हैं। इससे ग्लोबल इक्विटी मार्केट में अनिश्चितता और बढ़ गई है।

फिलहाल GIFT निफ्टी 47 अंक या 0.2 प्रतिशत गिरकर 23,963 पर ट्रेड कर रहा है। उधर शुक्रवार को मेटल,ऑयल एंड गैस और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार में लगातार चार दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया था। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 362.57 अंक या 0.48 प्रतिशत बढ़कर 76,515.43 पर और निफ्टी 24.25 अंक या 0.10 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ था।

आज बाजार खुलने से पहले ग्लोबल माहौल मिला-जुला है। अमेरिका में मजबूत जॉब डेटा के बाद एशियाई शेयरों में जबरदस्त तेज़ी आई है,लेकिन इसी रिपोर्ट ने अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की उम्मीदों को भी मज़बूत किया है। रॉयटर्स के मुताबिक बाजार अब 16 सितंबर की बैठक में फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की 58 प्रतिशत संभावना मानकर चल रहे हैं,जबकि अक्टूबर तक ऐसा होने की संभावना 70 प्रतिशत है।

एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला कारोबार

सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में तेजी है। मज़बूत अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट को ग्लोबल ग्रोथ के लिए अच्छा माना जा रहा है भले ही इससे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। वहीं,खाड़ी में अमेरिका और ईरान द्वारा जहाजों पर हमले के बाद तेल की कीमतों में हल्की बढ़त हुई। तेहरान ने कहा है कि वह आने वाले दिनों में स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के बाहर एक प्रतिबंधित क्षेत्र की घोषणा करेगा। यह कदम अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के तीन टैंकरों पर हमले और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा अमेरिकी नौसेना के दो जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के बाद उठाया गया है।

जापान के निक्केई में 2 प्रतिशत की रिकवरी हुई है। जबकि पिछले हफ़्ते इसमें इतनी ही गिरावट आई थी। वहीं,दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 3 प्रतिशत का उछाल आया है। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.9 प्रतिशत की बढ़त हुई है।

अमेरिका के बाजारों में कमजोरी

शुक्रवार को मजबूत जॉब्स रिपोर्ट के बाद US शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.51 प्रतिशत गिरकर 53,413.60 पर, S&P 500 0.38 प्रतिशत गिरकर 7,718.41 पर और नैस्डैक कंपोजिट 0.29 प्रतिशत गिरकर 26,506.99 पर बंद हुए। ब्याज दरों बढ़ने की आशंका ने बाजार पर अपना असर दिखाया।

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने से ब्रेंट क्रूड $96 के पार

सोमवार को खाड़ी में अमेरिका और ईरान द्वारा जहाजों पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। पिछले हफ्ते लगभग 10 प्रतिशत की बढ़त के बाद, ब्रेंट क्रूड 0.2 प्रतिशत बढ़कर 96.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.4 ​​प्रतिशत बढ़कर 91.85 डॉलर प्रति बैरल पर दिख रहा है।

ईरान ने कहा है कि वह आने वाले दिनों में होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बाहर एक प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करेगा। यह घोषणा अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के तीन टैंकरों पर हमला करने और ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा अमेरिकी नौसेना के दो जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के बाद की गई है।

4 सितंबर को FIIs ने 3112 करोड़ रुपये के शेयर बेचे

NSE के डेटा के मुताबिक शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 3,111.94 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 8,930.12 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि निफ़्टी के लिए 24,000-24,200 का दायरा सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस ज़ोन बना रहेगा। जबकि 23,800 अहम सपोर्ट लेवल है। अगर निफ़्टी लगातार 24,200 के ऊपर बना रहता है,तो शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में सुधार हो सकता है। वहीं,23,800 के नीचे जाने पर इंडेक्स 23,600 के स्तर तक गिर सकता है।

 

Stock Market LIVE Updates: GIFT निफ्ट से मिल रहे सपाट शुरुआत के संकेत,अमेरिकी बाजार गिरे,एशियाई बाजारों में तेजी

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT Nifty में 100 अंकों की छलांग! शेयर बाजार में आज हरे निशान पर शुरुआत के संकेत; जानें ग्लोबल मार्केट का हाल

GIFT Nifty: चार दिनों की लगातार गिरावट के बाद आज शुक्रवार, 4 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत भरी खबर है। एशियाई बाजारों में मजबूती और वॉल स्ट्रीट में आई शानदार तेजी के दम पर आज घरेलू बाजार की शुरुआत हरे निशान में होने के मजबूत संकेत मिल रहे हैं।

सुबह 8:45 बजे GIFT Nifty लगभग 100 अंक या 0.42% की बढ़त के साथ 24,033 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों में एक मजबूत ओपनिंग का इशारा कर रहा है।

क्यों बदला बाजार का मूड? ये हैं 3 बड़े ग्लोबल ट्रिगर

1. अमेरिका में ब्याज दरें न बढ़ने की उम्मीद से वॉल स्ट्रीट में तेजी

अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर के बयानों ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि महंगाई का दबाव कम होता है, तो वे सितंबर की पॉलिसी बैठक में ब्याज दरें स्थिर रखने का समर्थन करेंगे।

इसके बाद CME FedWatch Tool के अनुसार, सितंबर में दरें बढ़ने की संभावना घटकर 50.4% रह गई (जो बुधवार को 63.2% थी)।

इस बयान के बाद गुरुवार रात अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों के दम पर जबरदस्त तेजी देखने को मिली Nasdaq 1.40% उछला, डाउ जोन्स 1.18% और S&P 500 में 1.06% की तेजी दर्ज की गई।

2. एशियाई बाजारों में हरियाली और बॉन्ड यील्ड में गिरावट

ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में गिरावट आने से रिस्क एपेटाइट बढ़ा है। दक्षिण कोरिया के टेक शेयरों की अगुवाई में एशियाई इक्विटीज में तेजी है। हैंगसेंग फ्यूचर्स 1.1% चढ़ा है, जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।

3. $96 के करीब पहुंचा कच्चा तेल

शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द कच्चे तेल की कीमतें बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड 0.3% बढ़कर $95.76 प्रति बैरल पर पहुंच गया है और यह जुलाई के बाद अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की राह पर है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण क्रूड की कीमतों में उबाल आया है।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई और बाजार के मूड के लिए बड़ी चुनौती हैं। मिडिल ईस्ट तनाव के कारण निवेशक वीकेंड से पहले बड़ी पोजीशन बनाने से बच सकते हैं, जिससे ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव दिख सकता है।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक: जानिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस का स्तर

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, आज के कारोबार में निफ्टी के लिए ये लेवल बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे:

इमीडिएट रेजिस्टेंस: 24,000 – 24,200 का दायरा निफ्टी के लिए पहला बड़ा रोड़ा है। अगर निफ्टी 24,200 के ऊपर टिकता है, तभी टिकाऊ मजबूती की उम्मीद की जा सकती है।

अहम सपोर्ट: 23,800 का स्तर निफ्टी के लिए मुख्य सपोर्ट का काम करेगा। यदि यह लेवल टूटता है, तो इंडेक्स 23,600 के स्तर तक फिसल सकता है।

FIIs और DIIs के आंकड़े (3 सितंबर का कारोबार)

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को भारतीय बाजार से पैसा निकालना जारी रखा, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया:

FIIs (विदेशी निवेशक): नेट सेलर रहे और ₹2,346 करोड़ के शेयर बेचे।

DIIs (घरेलू निवेशक): नेट बायर रहे और ₹4,977 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की।

आपको बता दें कि गुरुवार को आईटी, ऑटो और फार्मा शेयरों में बिकवाली के चलते सेंसक्स 417.49 अंक गिरकर 76,152.86 और निफ्टी 41 अंक फिसलकर 23,873.45 पर बंद हुआ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GIFT निफ्टी में लौटी तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी के लिए मिल रहे अच्छी शुरुआत के संकेत, तेल की कीमतों में नरमी से मिला सपोर्ट

गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद GIFT निफ्टी पॉज़िटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है। एशियाई बाज़ारों में रिकवरी,वॉल स्ट्रीट में आई तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट से बाजार को सहारा मिल रहा है। हालांकि,ब्रेंट क्रूड का $95 प्रति बैरल के करीब होना,ग्लोबल बॉन्ड यील्ड का ऊंचा स्तर और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव, इस रिकवरी को सीमित कर सकते हैं।

सुबह करीब 7:50 बजे GIFT निफ्टी 125 अंक बढ़कर 24,090 पर ट्रेड कर रहा था। बुधवार को भारतीय बाजारों में लगातार तीसरे दिन गिरावट जारी रही। पश्चिम एशिया में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ा। सेंसेक्स 373.93 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 76,570.35 पर और निफ्टी 141.35 अंक या 0.59 प्रतिशत गिरकर 23,914.45 पर बंद हुआ।

गुरुवार को ग्लोबल माहौल में कुछ सुधार हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ लंबे टकराव की आशंका को नकारा है। इससे एशियाई बाजारों में रिकवरी हुई है और तेल की कीमतें थोड़ी नीचे आई हैं।

बुधवार को हुई भारी बिकवाली के बाद एशियाई बाजार सुधरे

पिछले सेशन में आई भारी गिरावट के बाद गुरुवार को एशियाई इक्विटी मार्केट्स में राहत भरी तेजी देखने के मिल रही है। निवेशक नए अमेरिकी आर्थिक डेटा और सेंट्रल बैंक की टिप्पणियों पर भी नजरें बनाए हुए हैं। इससे यह संकेत मिल सकता है कि क्या फेडरल रिज़र्व इस महीने मॉनेटरी पॉलिसी को सख्त करेगा या नहीं।

MSCI का एशिया-पैसिफ़िक इक्विटी इंडेक्स 0.9 प्रतिशत बढ़त दिखा रहा है। जापान का Topix 0.8 प्रतिशत, हांगकांग का Hang Seng 0.7 प्रतिशत और शंघाई कंपोजिट 0.5 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहा है। जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.2 प्रतिशत बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। जापान और दक्षिण कोरिया में हुई बढ़त ने इस क्षेत्र में रिकवरी को बढ़ावा दिया है। एशियाई कारोबार में S&P 500 फ़्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।

Stock Market live Updates: GIFT Nifty से मिल रहे मज़बूत शुरुआत के संकेत, US शेयरों में रिकवरी, एशियाई बाजारों में बढ़त

तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी

गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है। इसमें तीन दिन से जारी तेज़ी का सिलसिला थम गया है। निवेशक अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे तनाव और मध्य पूर्व से ऊर्जा सप्लाई पर इसके संभावित असर पर नजरें बनाए हुए हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.45% गिरकर $95.20 प्रति बैरल पर आ गया है,जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.26% गिरकर $90.77 प्रति बैरल पर आ गया है।

लेकिन,तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने महंगाई से जुड़ी चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं और इस बात की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं कि बड़े सेंट्रल बैंक,खासकर US फेडरल रिजर्व,ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रख सकते हैं।

तीन दिनों की गिरावट के बाद वॉल स्ट्रीट में रिकवरी

बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी आई। निवेशकों ने उन शेयरों और सेक्टर में मौके तलाशते दिखे जो हाल ही में ग्लोबल रिस्क-ऑफ माहौल के दौरान प्रभावित हुए थे। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.56 प्रतिशत बढ़कर 53,061.89 पर पहुंच गया,जबकि S&P 500 में 0.46 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 7,666.63 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 0.45 प्रतिशत बढ़कर 26,217.83 पर पहुंच गया।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि निफ़्टी के लिए 24,000-24,200 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस जोन का काम करेगा,जबकि 23,800 एक अहम सपोर्ट बना रहेगा। अगर निफ़्टी लगातार 24,200 के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में सुधार हो सकता है। वहीं,अगर यह 23,800 के नीचे जाता है तो इंडेक्स 23,600 के लेवल तक गिर सकता है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT निफ्टी से मिल रहे बाजार में कमजोर शुरुआत के संकेत, क्रूड 96 डॉलर के करीब

बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के सुस्त शुरुआत करने की संभावना दिख रही है। GIFT निफ्टी हल्की गिरावट के साथ शुरुआत का संकेत दे रहा है। क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी,US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और US-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में जोखिम से बचने का माहौल बन गया है। एशियाई बाजारों में भारी गिरावट और वॉल स्ट्रीट में कमजोरी से दबाव और बढ़ सकता है, हालांकि घरेलू स्तर पर संस्थागत निवेशकों की खरीदारी जारी रहने से कुछ राहत मिल सकती है।

सुबह करीब 8.30 बजे GIFT निफ्टी 24,027 पर ट्रेड कर रहा था। इसमें 24 अंक यानी 0.1 प्रतिशत की गिरावट दिख रही थी। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 12.99 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 76,944.28 पर आ गया,जबकि निफ्टी 24.60 अंक या 0.10 प्रतिशत गिरकर 24,055.80 पर बंद हुआ।

ग्लोबल हालात काफी खराब हो गए हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत $96 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है,US 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड 4.8 प्रतिशत के करीब है और जियोपॉलिटिकल तथा ब्याज दरों से जुड़ी चिंताएं फिर से उभर आई हैं।

रिस्क-ऑफ़ ट्रेड बढ़ने से एशियाई बाजारों में गिरावट

बुधवार को एशियाई इक्विटी में भारी गिरावट आई है। ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में बिकवाली और अमेरिका-ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई ने निवेशकों के जोखिम लेने के उत्साह को कम कर दिया है। जापान को छोड़कर एशिया पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 0.8 प्रतिशत गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) खुलते ही 3 प्रतिशत लुढ़क गया,जबकि जापान का Nikkei 225 इंडेक्स 2.2 प्रतिशत गिर गया।

उधर कल अमेरिकी शेयरों में गिरावट जारी रहने के बाद S&P 500 e-mini फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा है।

अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी के और सख्त होने की उम्मीदें बढ़ने के साथ US 10 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड बढ़कर लगभग 4.80 प्रतिशत हो गया है। रॉयटर्स के मुताबिक फेड फंड्स फ्यूचर्स के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि दो हफ़्ते बाद होने वाली US फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना 67 प्रतिशत है।

तेल की कीमतों में लगभग 1% की बढ़ोतरी

बुधवार को शुरुआती कारोबार में तेल की कीमतों में लगभग 1% की बढ़ोतरी हुई। पिछले सेशन की तेजी आगे बढ़ी दिखी है। US और ईरान के बीच रात भर हुए हमलों के बाद सप्लाई में रुकावट की चिंताएं बढ़ गईं हैं और मिडिल ईस्ट में तनाव के जल्द कम होने की उम्मीदें कम हो गईं हैं।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 87 सेंट या 0.92% बढ़कर $95.52 प्रति बैरल पर दिख रहा है। जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 80 सेंट या 0.89% बढ़कर $91.02 पर आ गया है। मंगलवार को दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स में $4 से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई थी,जो 24 जुलाई के बाद ब्रेंट में और 23 जुलाई के बाद WTI में सबसे बड़ी बढ़त रही।

बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से वॉल स्ट्रीट में गिरावट

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट जारी रही। ग्लोबल स्तर पर बॉन्ड की बिकवाली तेज हो गई और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं। नैस्डैक कम्पोजिट 1.03 प्रतिशत गिरकर 26,099.77 पर आ गया,जबकि डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.79 प्रतिशत गिरकर 52,766.93 पर बंद हुआ। S&P 500 में 0.71 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 7,631.47 पर आ गया।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और US ट्रेजरी यील्ड के 4.8 प्रतिशत के करीब पहुंचने से इक्विटी मार्केट के लिए मुश्किल हालात बन रहे हैं। एक्सटर्नल मैक्रो-इकोनॉमिक और जियो-पॉलिटिकल जोखिमों का असर निकट भविष्य में बाजार की दिशा पर पड़ने की संभावना है।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

पोनमुडी आर का मानना ​​है कि निफ्टी का रुख सतर्क से लेकर कमज़ोर बना रहेगा,जिसमें 24,150-24,200 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। 24,000 का स्तर एक अहम सपोर्ट बना हुआ है। अगर यह स्तर टूटता है और इंडेक्स इसके नीचे बना रहता है तो यह 23,900-23,800 की ओर जा सकता है।

 

Stock Market live Updates : GIFT Nifty से सुस्त शुरुआत के संकेत, US और एशियाई बाजार गिरे

 

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