न्यूजीलैंड दौरे के लिए 2 एकदिवसीय टीम चुनी भारत ने, शुभमन के बाद श्रेयस करेंगें कप्तानी

INDvsNZ न्यूज़ीलैंड के आगामी दौरे के लिए भारत की वनडे और टेस्ट टीमों की घोषणा कर दी गई है। टी 20 सीरीज़ के समापन के बाद भारतीय टीम न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ पांच वनडे और दो टेस्ट मैच खेलेगी।वनडे सीरीज़ की सबसे बड़ी हाईलाइट ये है कि स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह इसका हिस्सा नहीं हैं। ऋषभ पंत को टेस्ट और प्रसिद्ध कृष्णा को टेस्ट एवं वनडे (पहले तीन) दोनों टीमों के लिए चुना गया है। दोनों ही खिलाड़ी चोट से उबर रहे हैं और उन्हें फ़िटनेस क्लिएरेंस की आवश्यकता होगी।

सूत्रों के मुताबिक  प्रसिद्ध के स्कैन में हैमस्ट्रिंग टियर नहीं सामने आया है। पिछले दो सप्ताह से वह स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग पर काम कर रहे हैं। आकाश को ईरानी कप और रणजी ट्रॉफ़ी के पहले राउंड में फ़ॉर्म और फ़िटनेस दिखाने का ईनाम मिला है। जुलाई 2025 में मैनचेस्टर में टेस्ट डेब्यू करने के बाद अंशुल कम्बोज की भी टेस्ट टीम में वापसी हुई है।

वनडे सीरीज़ के पहले तीन मैचों में शुभमन गिल भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे वहीं चौथे और पांचवें वनडे के लिए श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया गया है। आख़िरी दो वनडे के लिए झारखंड के विकेटकीपर बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र को भी टीम में जगह मिली है। यह पहला मौक़ा है जब कुशाग्र को सीनियर नेशनल टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा तिलक वर्मा, आक़िब नबी और यश ठाकुर को भी आख़िरी दो वनडे के लिए चुना गया है।

पहले तीन वनडे के लिए भारतीय टीम
शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, अंशुल कम्बोज, गुरनूर बराड़, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, इशान किशन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव।

चौथे और पांचवें वनडे के लिए भारतीय टीम
श्रेयस अय्यर (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, तिलक वर्मा, इशान किशन (विकेटकीपर और उपकप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, आक़िब नबी, गुरनूर बराड़, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, यश ठाकुर और कुलदीप यादव।

प्रसिद्ध कृष्णा और ऋषभ पंत का चयन फ़िटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगा।

जसप्रीत बुमराह, आकाशदीप लौटे टेस्ट टीम में, न्यूजीलैंड के खिलाफ स्कॉड घोषित

Jasprit Bumrah

INDvsNZ न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की शृंखला के लिए भारतीय टीम में तेज गेंदबाज आकाश दीप और अंशुल कंबोज को शामिल किया गया है। चोट से उबरकर वापसी करने वाले आकाश दीप ने पिछली बार इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट क्रिकेट खेला था, जहां उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा था। वहीं, अंशुल कंबोज को इंग्लैंड में टेस्ट पदार्पण के बाद टीम से बाहर कर दिया गया था।

टेस्ट शृंखला 19 नवंबर से शुरू होगी। इससे पहले भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच वनडे मैचों की शृंखला खेली जाएगी, जिसका आगाज चार नवंबर से होगा।श्रीलंका दौरे से चोट के कारण बाहर रहने वाले जसप्रीत बुमराह को भी टेस्ट सीरीज में शामिल किया गया है।

भारत की टेस्ट टीम: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल (उपकप्तान), देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर, फिटनेस मंजूरी मिलने पर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविंद्र जडेजा, अंशुल कंबोज, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा (फिटनेस मंजूरी मिलने पर), आकाश दीप, साई सुदर्शन, नितीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज।

ऋषभ पंत न्यूजीलैंड के खिलाफ ए मैचों से बाहर, यह कीपर हुआ शामिल

 

न्यूजीलैंड ए के खिलाफ पहले दो चार-दिन के मैचों के लिए ऋषभ पंत की जगह कुमार कुशाग्र इंडिया ए में शामिल किया गया है।ऋषभ पंत को बाईं पसली में खिंचाव से उबरने की प्रक्रिया के कारण न्यूजीलैंड दौरे पर इंडिया ए के पहले दो चार-दिन के मैचों से बाहर कर दिया गया है और उनकी जगह कुमार कुशाग्र को टीम में शामिल किया गया है।

गौरतलब है कि ऋषभ पंत टीम इंडिया के लिए सिर्फ लाल गेंद की क्रिकेट ही खेलते हैं ऐसे में यह उनके करियर के लिए ठीक संकते तो नहीं है। लेकिन विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिए फाइनल में जाने के लिए मेहनत करने वाली टीम इंडिया के लिए भी झटका है।

ईरानी कप में शेष भारत की अगुआई करने वाले पंत की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया है जिसके कारण वह शुरुआती दो मैच से बाहर हो गए हैं।इस दौरे के लिए पंत की उपलब्धता उनकी फिटनेस पर निर्भर थी। बीसीसीआई ने कहा कि वह बोर्ड की चिकित्सा टीम की निगरानी में हैं और अच्छी तरह उबर रहे हैं।

बीसीसीआई ने बयान में कहा कि तीसरे मैच के लिए उनकी उपलब्धता पर फैसला बाद में लिया जाएगा। पंत की चोट शुरुआती अनुमान से अधिक गंभीर लग रही है।

पुरुष चयन समिति ने पहले दो मैच के लिए पंत की जगह कुशाग्र को टीम में शामिल किया है।भारत ए टीम की कप्तानी ध्रुव जुरेल करेंगे। वह विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। टीम में यशस्वी जायसवाल, लोकेश राहुल और वाशिंगटन सुंदर जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के अलावा देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन भी शामिल हैं।

पिछले 4 साल में सिर्फ 1 वनडे मैच खेलने वाले ऋषभ पंत, जो वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला के लिए जगह बनाने में असफल रहे थे। ऋषभ पंत चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 की विजयी टीम में भी शामिल थे लेकिन पूरे टूर्नामेंट में वह बैंच पर बैठे रहे थे।कुछ ऐसा ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की घरेलू सीरीज के दौरान हुआ जब चयनित हुए ऋषभ पंत को तीन मैचों की सीरीज में एक बार भी मौका नहीं मिला।

ऋषभ पंत को बीते कुछ सालों में लगभग हर दौरे में चोट लगी है। इंग्लैंड दौरे पर उनको पैर के अंगूठे और कोहनी में चोट लगी। इसके बाद उनको श्रीलंका में दूसरे टेस्ट में भी चोट लगी।

Dhruv Jurel

इंडिया A टीम:यशस्वी जयसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, रविचंद्रन स्मरण, ध्रुव जुरेल (कप्तान, विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, औकिब नबी, आकाश दीप, अंशुल कंबोज, मानव सुथार, मुकेश चौधरी, साई सुदर्शन, यश राठौड़, मुकेश कुमार और कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर)।

‘दिल्ली को टॉप पर ले जाना है’, हेड कोच बनते ही सौरव गांगुली ने बताया अपना मिशन

दिल्ली कैपिटल्स ने IPL 2027 के लिए सौरव गांगुली को अपना नया हेड कोच बनाया। टीम की जिम्मेदारी संभालने के बाद गांगुली ने कहा कि फ्रेंचाइजी के पास केएल राहुल और ऋषभ पंत जैसे बेहतरीन खिलाड़ी मौजूद हैं और टीम काफी मजबूत है। उन्होंने कहा कि 2019 और 2020 में दिल्ली कैपिटल्स का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था और अब उनका लक्ष्य टीम को फिर उसी स्तर पर ले जाना है। पिछले सीजन में दिल्ली कैपिटल्स की टीम छठे स्थान पर रही थी। अब सौरव गांगुली की नजर टीम को बेहतर प्रदर्शन कराने पर है। उन्होंने कहा कि उनका पहला लक्ष्य दिल्ली कैपिटल्स को प्लेऑफ में पहुंचाना होगा। टीम अब तक सिर्फ एक बार 2020 में आईपीएल के फाइनल तक पहुंची है, लेकिन खिताब नहीं जीत सकी।

गांगुली की हुई घर वापसी

दिल्ली कैपिटल्स के साथ सौरव गांगुली का रिश्ता काफी पुराना है। साल 2019 में सौरव गांगुली टीम के साथ सलाहकार के तौर पर काम शुरू किया था। इसके बाद वह फ्रेंचाइजी में अलग-अलग अहम जिम्मेदारियां संभालते रहे हैं। गांगुली पुरुष और महिला दोनों टीमों के क्रिकेट डायरेक्टर की भूमिका भी निभा चुके हैं। अब हेड कोच के तौर पर उनकी नियुक्ति को टीम के साथ उनकी एक तरह की घर वापसी के तौर पर देखा जा रहा है।

काफी अच्छी है दिल्ली की टीम

दिल्ली कैपिटल्स के YouTube चैनल पर बात करते हुए गांगुली ने कहा, “ये केएल राहुल, अक्षर पटेल, ऋषभ पंत, मिशेल स्टार्क, लुंगी एनगिडी, डेविड मिलर और ट्रिस्टन स्टब्स जैसे खिलाड़ियों के साथ एक अच्छी टीम है। यह काफी मजबूत टीम है और मुझे उम्मीद है कि हम अपनी पूरी क्षमता के अनुसार खेलेंगे। उम्मीद है कि हर खिलाड़ी समझेगा कि वह कितना अच्छा है और मैदान पर खुलकर अपना खेल दिखाएगा।” गांगुली ने कहा, “मेरा मोटिवेशन दिल्ली को टॉप पर ले जाना है। 2019 और 2020 में दिल्ली की टीम बहुत अच्छी थी। मैं उस टीम को बनाने का हिस्सा था, लेकिन इसके बाद मैंने टीम छोड़ दी और BCCI प्रेसिडेंट बन गया।”

उन्होंने आगे कहा, “इसलिए उस नजरिए से उस टीम को एक अलग स्तर पर ले जाने की प्रेरणा हमेशा बनी रहेगी। मुझे लगता है कि मैं खिलाड़ियों से भी यही उम्मीद करूंगा, क्योंकि ड्रेसिंग रूम में काफी टैलेंट मौजूद है।”

IPL 2027 में बेहतर प्रदर्शन करेगी दिल्ली

भारत के पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली ने माना कि दिल्ली कैपिटल्स को पिछले कुछ सालों में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान वह टीम के प्रदर्शन को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे। गांगुली ने कहा, “मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि दिल्ली के लड़कों को अपनी टीम पर गर्व करने का मौका मिले। उन्होंने इस टीम को तैयार करने में काफी समय और एनर्जी लगाई है और मैं चाहता हूं कि आने वाले वर्षों में टीम उन्हें खुशी का मौका दे।”

4 साल बाद भुवनेश्वर कुमार ने भारतीय T20I टीम में की वापसी

अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की मंगलवार को राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई जब उन्हें करीब चार साल बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ इस महीने के अंत में होने वाली पांच मैच की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए टीम में चुना गया।

पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के पद छोड़ने के बाद चयनकर्ताओं ने पहली बार टीम का चयन किया जिसकी घोषणा भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने की। प्रज्ञान ओझा अंतरिम मुख्य चयनकर्ता हैं। टीम में वरुण चक्रवर्ती की भी वापसी हुई है जो चोट के कारण एशियाई खेलों में नहीं खेल सके थे।

भारतीय टीम न्यूजीलैंड में 22 अक्टूबर से एक नवंबर तक पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगी। श्रृंखला का पहला मैच 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में होगा जबकि दूसरा मुकाबला भी इसी शहर में 24 अक्टूबर को खेला जाएगा।

तीसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय 27 अक्टूबर को वेलिंगटन में होगा जबकि चौथा और पांचवां मैच क्रमश: 30 अक्टूबर और एक नवंबर को ऑकलैंड और हैमिल्टन में खेले जाएंगे।टी20 श्रृंखला के बाद भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैच की एकदिवसीय श्रृंखला और दो टेस्ट मैच भी खेलेगा।

भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम:श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, वैभव सूर्यवंशी, इशान किशन, तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव।

भारत ए टीम:यशस्वी जायसवाल, लोकेश राहुल, देवदत्त पडिक्कल, रविचंद्रन स्मरण, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल (कप्तान), वाशिंगटन सुंदर, आकिब नबी, आकाश दीप, अंशुल कंबोज, मानव सुथार, मुकेश चौधरी, साई सुदर्शन, यश राठौड़ और मुकेश कुमार।

ईशान को मिलेगी टेस्ट में जगह? यह दो तेज गेंदबाज कर सकते हैं लंबे समय बाद वापसी

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ईशान किशन की तेज़ी से बढ़ती लोकप्रियता उन्हें टेस्ट क्रिकेट में जगह दिला सकती है। हालांकि, अभी उनका चयन पक्का नहीं है, लेकिन इस बात की संभावना है कि नवंबर के आखिर में न्यूजीलैंड में होने वाले दो टेस्ट मैचों के लिए उन पर विचार किया जा सकता है। चयन समिति की बैठक इस हफ़्ते होने की उम्मीद है।

ऋषभ पंत – जो भारतीय टेस्ट क्रिकेट में मैच जिताने वाले खिलाड़ी और रेड-बॉल के दिग्गज माने जाते हैं – और ध्रुव जुरेल भी टीम में शामिल हैं (दोनों ने भारत के पिछले पांच टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है), ऐसे में टीम में तीसरे विकेटकीपर-बल्लेबाज को शामिल करना शायद ज़रूरी न समझा जाए।

लेकिन टीम प्रबंधन और इससे जुड़े लोगों के बीच एक सोच यह भी है कि टेस्ट टीम में वापसी के लिए ईशान किशन का दावा मज़बूत है। उन्होंने अब तक सिर्फ़ दो टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें से आखिरी मैच तीन साल से भी पहले खेला था, लेकिन हाल के दिनों में वे ज़बरदस्त फ़ॉर्म में हैं – और यह सिर्फ़ सीमित ओवर क्रिकेट तक ही सीमित नहीं है।

दलीप ट्रॉफ़ी में ईस्ट ज़ोन टीम की कप्तानी करते हुए, ईशान ने फ़ाइनल में साउथ ज़ोन के खिलाफ़ 270 और 80 रनों की शानदार पारियां खेलकर अपनी टीम को खिताब जिताया। तीन मैचों में उन्होंने 100 से ज़्यादा की औसत से कुल 409 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी काबिलियत फिर से साबित की और फ़ाइनल में उन्हें सही मायने में ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ चुना गया। सीमित ओवर क्रिकेट में उन्होंने भारतीय टीम में अपनी एक खास जगह बनाई है – 2026 में टी20 में 1,005 रनों के साथ वे भारत के सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं।

यह देखना दिलचस्प होगा कि राष्ट्रीय चयन समिति तीन विकेटकीपरों वाली स्थिति को कैसे संभालती है, लेकिन जब चयनकर्ता न्यूज़ीलैंड दौरे के लिए टीम चुनने बैठेंगे, तो ज़्यादातर चर्चा ईशान पर ही होगी। एक सोच यह भी है कि दिलीप ट्रॉफ़ी में उनके प्रदर्शन को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। वैसे भी, ईशान सीमित ओवर अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी विकेटकीपर-बल्लेबाज के बजाय विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर खेलने के लिए जाने जाते हैं।

न्यूज़ीलैंड की परिस्थितियों में होने वाले दो टेस्ट मैचों के लिए आकाश दीप को एक अहम गेंदबाज माना जा रहा है, जबकि मुकेश कुमार भी दौड़ में हैं, जिन्होंने हाल ही में खत्म हुए ईरानी कप में ‘रेस्ट ऑफ़ इंडिया’ को जीत दिलाई थी। बंगाल के इस तेज़ गेंदबाज़ का दिलीप ट्रॉफ़ी में ‘ईस्ट’ के लिए भी अच्छा प्रदर्शन रहा और उन्होंने तीन मैचों में 12 विकेट लिए।

इसके अलावा, पता चला है कि हर्षित राणा ने भी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (COE) में गेंदबाजी शुरू कर दी है, हालांकि उनकी फ़िटनेस की सही स्थिति अभी साफ़ नहीं है। जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और गुरनूर बरार का खेलना लगभग तय है और प्रसिद्ध कृष्णा की स्थिति में भी सुधार हो रहा है, इसलिए चयनकर्ता के पास काफ़ी विकल्प मौजूद हैं – न सिर्फ़ विकेटकीपिंग विभाग में, बल्कि तेज़ गेंदबाज़ी में भी। अन्य खिलाड़ियों के अलावा, पिछले साल शुभमन गिल की कप्तानी में इंग्लैंड दौरे के लिए चुने गए ज़्यादातर खिलाड़ी भी दौड़ में होंगे, बशर्ते वे चोट के कारण उपलब्ध न हों।

ऋषभ पंत को नहीं मिली वनडे टीम में जगह, पकड़ाया यह लॉलीपॉप

पिछले 4 साल में सिर्फ 1 वनडे मैच खेलने वाले ऋषभ पंत, जो वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला के लिए जगह बनाने में असफल रहे, 2025-26 रणजी ट्रॉफी चैंपियन जम्मू और कश्मीर के खिलाफ ईरानी कप मैच में शेष भारत का नेतृत्व करेंगे। सरफराज खान को पंत का डिप्टी बनाया गया है।

गौरतलब है कि ऋषभ पंत चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 की विजयी टीम में भी शामिल थे लेकिन पूरे टूर्नामेंट में वह बैंच पर बैठे रहे थे।कुछ ऐसा ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की घरेलू सीरीज के दौरान हुआ जब चयनित हुए ऋषभ पंत को तीन मैचों की सीरीज में एक बार भी मौका नहीं मिला।

आकाश दीप, जो पीठ के निचले हिस्से में तनाव की चोट के कारण लंबे समय से खेल से बाहर हैं, फिटनेस की शर्त पर ईरानी कप में भाग लेने के लिए तैयार हैं। संयोग से, आकाश दीप ने आखिरी मैच फरवरी 2026 में रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ खेला था।

टीम में तेज गेंदबाजों में मुकेश कुमार, मुकेश चौधरी और आर्यन पांडे भी शामिल हैं, जबकि अनुकूल रॉय स्पिन विभाग में मानव सुथार और सारांश जैन के साथ शामिल हुए हैं, जो हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में शामिल हुए थे। शेष भारत की टीम में आर स्मरण और आयुष डोसेजा भी शामिल हैं, जो पिछली रणजी ट्रॉफी में शीर्ष दो रन बनाने वाले खिलाड़ी थे।जेएंडके बनाम आरओआई मैच 1-5 अक्टूबर तक श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में खेला जाएगा।

शेष भारत टीम: ऋषभ पंत (कप्तान, विकेटकीपर), सनत सांगवान, शिखर मोहन, सुदीप घरामी, सरफराज खान (उपकप्तान), स्मरण रविचंद्रन, मानव सुथार, सारांश जैन, आकाश दीप*, मुकेश कुमार, मुकेश चौधरी, आर्यन जुयाल (विकेटकीपर), आर्यन पांडे, अनुकूल रॉय, आयुष डोसेजा।

नमन और नबी पहली बार वनडे टीम में शामिल लेकिन हुए आलोचना के शिकार

वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ होने वाली आगामी घरेलू सफ़ेद गेंद सीरीज़ के लिए वनडे टीम में नमन धीर और आक़िब नबी को पहली बार वनडे प्रारूप में चुना गया है। धीर को घरेलू क्रिकेट में पंजाब के लिए और आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए किए गए प्रभावी प्रदर्शन का इनाम मिला है। दूसरी ओर नबी ने इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में सरे के लिए दमदार प्रदर्शन कर पहली बार राष्ट्रीय एकदिवसीय टीम में जगह बनाई है।

अबूधाबी में हुए IPL नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स से 8.40 करोड़ रुपये की भारी भरकम रकम मिली।नबी ने पिछले दो रणजी ट्रॉफी सत्र में कुल 104 विकेट लिए थे, जिनमें 2025-26 सत्र में लिए गए 60 विकेट भी शामिल हैं। उन्होंने जम्मू कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। वह बल्लेबाजी में भी उपयोगी योगदान देने में सक्षम हैं।

हालांकि सफेद गेंद से उनका प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं रहा लेकिन वह लाल गेंद के सिद्धहस्त गेंदबाज माने जाते हैं। इस कारण से उनके चयनित होने पर आलोचना भी हो रही है।वजह यह है कि उनकी औसत गति 125 किमी प्रति घंटा है जो कि एकदिवसीय प्रारुप के लिए कम है। वहीं नमनधीर के चयन पर भी सवाल खड़े हुए हैं क्योंकि उन्होंने 14 लिस्ट ए मैचों में 39 की औसत से 400 रन बनाए हैं।

जनवरी में आख़िरी बार न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ खेलने वाले रवींद्र जडेजा ने भी लंबे समय बाद वनडे में वापसी की है।हार्दिक पंड्या को फिटनेस के मामले में अभी क्लियरेंस नहीं मिली है। इसको देखते हुए नीतीश कुमार रेड्डी को एशियन गेम्स टीम से निकालकर वनडे सीरीज़ में शामिल किया गया है। वहीं ऋषभ पंत को टीम में जगह नहीं मिली है। विकेटकीपर बल्लेबाज़ के रूप में ध्रुव जुरेल जरूर वनडे सीरीज़ की टीम में शामिल किए गए हैं।

भारत की वनडे टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, आक़िब नबी, यशस्वी जायसवाल, नमन धीर।

ऋषभ पंत की आलोचना करते अश्विन भिड़ गए एंकर से, वीडियो हुआ वायरल

टेस्ट क्रिकेट में ऋषभ पंत के आक्रामक अंदाज़ ने भारत के लिए कई यादगार पल दिए हैं, लेकिन पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि विकेटकीपर-बल्लेबाज़ को अभी यह सीखना बाकी है कि कब अपने आक्रामक रवैये पर काबू रखना है।पंत ने श्रीलंका के दो टेस्ट मैचों के दौरे पर 168 रन बनाए, लेकिन उनके कुछ शॉट सिलेक्शन ने अश्विन को प्रभावित नहीं किया। भारत के पूर्व स्पिनर ने ज़ोर देकर कहा कि उनकी आलोचना पंत की काबिलियत या उनके स्वाभाविक बल्लेबाज़ी अंदाज़ को लेकर नहीं थी, बल्कि हालात के हिसाब से फ़ैसले लेने के उनके तरीके पर थी।

अश्विन का मानना है कि पंत, जो अब एक अनुभवी टेस्ट क्रिकेटर हैं, उन्हें यह समझने की ज़रूरत है कि टीम को कब उनसे आक्रामक खेल की ज़रूरत है और कब उन्हें ज़्यादा संयम बरतना चाहिए।

अपने यूट्यूब चैनल ‘ऐश की बात’ पर बात करते हुए अश्विन ने कहा कि सीरीज़ में पंत का प्रदर्शन उन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा जो उन्हें उनसे थीं। अश्विन ने कहा, “ऋषभ पंत से मेरी उम्मीदें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। मुझे बहुत अफ़सोस है। सोनल दिनुशा का स्ट्राइक रेट भी काफ़ी अच्छा था। लेकिन फ़र्क ज़्यादा जोखिम वाले विकल्पों का है। जब खेल आपके हाथ में हो, तो ये सब बातें मायने नहीं रखतीं कि ‘ऋषभ ऐसे ही खेलते हैं।’ असल बात यह है कि आपकी टीम को क्या चाहिए।”

जोखिम लेने की पंत की आदत उनके टेस्ट करियर की एक अहम पहचान रही है, जिससे उन्हें अक्सर मैचों का रुख बदलने में मदद मिली है। हालाँकि, अश्विन का मानना है कि यह पहचान खराब फ़ैसलों का बहाना नहीं बन सकती, खासकर तब जब कोई जोखिम भरा शॉट टीम को मुश्किल में डाल सकता हो।

उन्होंने आगे कहा, “ऋषभ ने सिडनी और ब्रिस्बेन में शानदार पारियां खेलीं, लेकिन आप वाशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर के बिना वह मैच नहीं जीत सकते थे। टेस्ट मैच बनाने और खेल के आखिरी सेशन में उसे जीतने के लिए 11 क्रिकेटरों की ज़रूरत होती है, लेकिन टेस्ट हारने के लिए बेवकूफी भरा एक पल ही काफ़ी होता है।”

अश्विन ने कहा कि पंत की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन अगर वह टेस्ट क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं, तो मैच की स्थिति को समझने और उसके अनुसार अपना खेल बदलने की उनकी क्षमता बहुत अहम होगी।पंत के श्रीलंका दौरे पर भी उन्हें कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कोलंबो में लाहिरू कुमारा की गेंद कलाई पर लगने के बाद चोटिल होकर रिटायर होने से पहले उन्होंने दो अर्धशतक लगाए। अगले दिन वह फिर बल्लेबाजी करने उतरे और तुरंत ही आक्रामक अंदाज अपनाते हुए छक्का जड़ा।

हालांकि, अश्विन का मानना है कि कुछ हालात ऐसे होते हैं जब पंत को अपनी स्वाभाविक आक्रामकता के बजाय टीम की जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं बस उन मौकों की बात कर रहा हूं जब मैच नाजुक मोड़ पर होता है और ऐसे जोखिम उठाए जाते हैं। मुझे खिलाड़ी के तौर पर ऋषभ पसंद हैं। इस फॉर्मेट में हालात के हिसाब से खेलना जरूरी है।”

पूर्व स्पिनर इस बात से भी सहमत नहीं थे कि मैच जिताने की काबिलियत रखने वाले खिलाड़ियों के साथ अलग व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “किसी एक खिलाड़ी को खास तवज्जो न दें। अगर (पीढ़ी में एक बार आने वाले) खिलाड़ी का समर्थन करना है, तो सबके लिए करें। (यशस्वी) जायसवाल भी ऐसे ही खिलाड़ी हैं। ऋषभ के बारे में मैं बस इतना कह रहा हूं कि वह अनुभवी हैं, उन्होंने 50 टेस्ट खेले हैं। उन्हें जिम्मेदारी लेने की जरूरत है।”

अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट के दो सबसे खतरनाक बल्लेबाजों – वीरेंद्र सहवाग और एडम गिलक्रिस्ट – का भी जिक्र किया। उन्होंने समझाया कि आक्रामक शैली अपनाने का मतलब यह नहीं है कि खेल की समझ को नजरअंदाज कर दिया जाए। उन्हें लगता है कि पंत अपनी स्वाभाविक आक्रामकता और हर स्थिति की मांग के बीच सही संतुलन बनाकर और भी बेहतर खिलाड़ी बन सकते हैं।अश्विन ने कहा, “जिस दिन आप उन्हें सच बताएंगे, वह भारत के लिए सभी फॉर्मेट में खेलने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे।”