3 बार रहे विधायक, मिला पद्म श्री और ओलंपिक में की भारत की कप्तानी, जानिए पंजाब कांग्रेस के नए बॉस परगट सिंह की पूरी कहानी

पंजाब में कांग्रेस की कमान अब परगट सिंह के हाथ में होगी। ये वही परगट सिंह हैं जिन्होंने हॉकी के मैदान में कई बार भारत का प्रतिनिधित्व किया है। अपनी हॉकी से विरोधी टीम को धूल चटाने वाले परगट सिंह तीन बार विधायक रह चुके हैं। पूर्व ओलंपियन और भारतीय हॉकी कप्तान अब राज्य की राजनीति में सबसे आगे हैं।

पद्मश्री से सम्मानित परगट सिंह जालंधर कैंटोनमेंट सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं। 61 साल के परगट सिंह को शुक्रवार को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले लुधियाना के सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग की जगह ली है। पंजाब के दोआबा इलाके के जाट सिख नेता सिंह की यह पदोन्नति राज्य इकाई के नेतृत्व को लेकर कई हफ्तों की अंदरूनी खींचतान के बाद हुई है, जिससे विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के कैंपेन को नुकसान पहुंचने का खतरा था।

विजय इंदर सिंगला थे दौड़ में सबसे आगे

पंजाब के पूर्व मंत्री और हिंदू चेहरा विजय इंदर सिंगला को पंजाब कांग्रेस प्रमुख के पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था। लेकिन पार्टी हाईकमान ने आखिरकार खिलाड़ी से नेता बने परगट सिंह को चुना क्योंकि वह 2027 के चुनावों से पहले राज्य इकाई के झगड़ते गुटों को साथ लेना चाहता है। लेकिन, सिंह का राजनीतिक करियर हॉकी के मैदान से शुरू हुए सफर का सिर्फ एक हिस्सा है।

खेल से राजनीति का सफर

मार्च 1965 में जालंधर के मीठापुर में जन्मे सिंह ने बतौर हॉकी खिलाड़ी 1992 बार्सिलोना और 1996 अटलांटा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने नेशनल हॉकी टीम की कप्तानी की। देश बेहतरीन हॉकी डिफेंडर रहे सिंह के योगदान के लिए उन्हें 1989 में अर्जुन अवॉर्ड और 1998 में पद्म श्री मिला। अंतरराष्ट्रीय हॉकी से रिटायर होने के बाद, सिंह स्पोर्ट्स एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़े, और चुनावी पॉलिटिक्स में आने से पहले उन्होंने पंजाब में डायरेक्टर ऑफ स्पोर्ट और सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के तौर पर काम किया।

शिरोमणि अकाली दल के साथ शुरू हुआ राजनीतिक सफर

परगट सिंह का राजनीतिक सफर शिरोमणि अकाली दल (SAD) के साथ शुरू हुआ जब उन्होंने 2012 के पंजाब विधान सभा चुनाव में जालंधर कैंटोनमेंट सीट से चुनाव लड़ा। उन्होंने कांग्रेस कैंडिडेट को 6,000 से ज्यादा वोटों के मार्जिन से हराया। 2016 में, उन्हें एसएडी से सस्पेंड कर दिया गया था। 2017 के विधान सभा चुनाव में वह नवजोत सिंह सिद्धू के फ्रंट ‘आवाज-ए-पंजाब’ का हिस्सा बने। वर्तमान में कांग्रेस से जुड़े सिद्धू को जब पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया, तो सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का जनरल सेक्रेटरी बनाया गया। उनकी चुनावी सफलता 2017 के विधानसभा चुनावों में भी जारी रही। उन्होंने अकाली दल के सरबजीत सिंह मक्कड़ को 29,000 से ज्यादा वोटों से हराया। 2022 के चुनावों में भी उन्होंने अपनी विधायकी बरकरार रखी। इस चुनाव में कांग्रेस 117 सदस्यों वाली विधानसभा में 18 सीटों पर सिमट गई थी।

राजनीति में भी कायम है मैदान की आक्रामकता

चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में, सिंह के पास शिक्षा और खेल जैसे अहम मंत्रालय थे। पंजाब से जुड़े मामलों पर अपने विचार साझा करने के लिए जाने जाने वाले सिंह, लॉ एंड ऑर्डर, स्पोर्ट्स, एजुकेशन और अपने चुनाव क्षेत्र से जुड़े मामलों सहित कई मुद्दों पर वर्तमान सरकार पर आक्रामक रहे हैं। 1 जुलाई को, सिंह को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की मैनिफेस्टो कमेटी का सह अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। अभी, वह जम्मू और कश्मीर के इंचार्ज AICC सेक्रेटरी भी हैं।

क्षेत्रीय समीकरणों पर आधारित है पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष का पद

पंजाब में कांग्रेस अध्यक्ष पद पर उनकी तरक्की पार्टी के क्षेत्रीय समीकरण में भी फिट बैठती है। जाट सिख प्रताप सिंह बाजवा पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। वहीं, जालंधर के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, जो दलित चेहरा हैं, पार्टी की कैंपेन कमेटी के प्रमुख हैं। गुरदासपुर के एमपी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी जाट सिख हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस की पंजाब यूनिट के प्रेसिडेंट के तौर पर वारिंग की जगह लेने का फैसला पार्टी के पंजाब के इंचार्ज जनरल सेक्रेटरी सचिन पायलट से मिले ऑर्गेनाइज़ेशनल फीडबैक के बाद लिया गया।

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ऋषभ पंत को नहीं मिली वनडे टीम में जगह, पकड़ाया यह लॉलीपॉप

पिछले 4 साल में सिर्फ 1 वनडे मैच खेलने वाले ऋषभ पंत, जो वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला के लिए जगह बनाने में असफल रहे, 2025-26 रणजी ट्रॉफी चैंपियन जम्मू और कश्मीर के खिलाफ ईरानी कप मैच में शेष भारत का नेतृत्व करेंगे। सरफराज खान को पंत का डिप्टी बनाया गया है।

गौरतलब है कि ऋषभ पंत चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 की विजयी टीम में भी शामिल थे लेकिन पूरे टूर्नामेंट में वह बैंच पर बैठे रहे थे।कुछ ऐसा ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की घरेलू सीरीज के दौरान हुआ जब चयनित हुए ऋषभ पंत को तीन मैचों की सीरीज में एक बार भी मौका नहीं मिला।

आकाश दीप, जो पीठ के निचले हिस्से में तनाव की चोट के कारण लंबे समय से खेल से बाहर हैं, फिटनेस की शर्त पर ईरानी कप में भाग लेने के लिए तैयार हैं। संयोग से, आकाश दीप ने आखिरी मैच फरवरी 2026 में रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ खेला था।

टीम में तेज गेंदबाजों में मुकेश कुमार, मुकेश चौधरी और आर्यन पांडे भी शामिल हैं, जबकि अनुकूल रॉय स्पिन विभाग में मानव सुथार और सारांश जैन के साथ शामिल हुए हैं, जो हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में शामिल हुए थे। शेष भारत की टीम में आर स्मरण और आयुष डोसेजा भी शामिल हैं, जो पिछली रणजी ट्रॉफी में शीर्ष दो रन बनाने वाले खिलाड़ी थे।जेएंडके बनाम आरओआई मैच 1-5 अक्टूबर तक श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में खेला जाएगा।

शेष भारत टीम: ऋषभ पंत (कप्तान, विकेटकीपर), सनत सांगवान, शिखर मोहन, सुदीप घरामी, सरफराज खान (उपकप्तान), स्मरण रविचंद्रन, मानव सुथार, सारांश जैन, आकाश दीप*, मुकेश कुमार, मुकेश चौधरी, आर्यन जुयाल (विकेटकीपर), आर्यन पांडे, अनुकूल रॉय, आयुष डोसेजा।

‘बाय-बाय, पापा…’ ये कहकर युवती ने लगा दी चिनाब नदी में छलांग! जम्मू की ये घटना आपको कर देगी हैरान

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में एक हैरान करने वाली घटना हुई है। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में शनिवार को एक युवती चिनाब नदी में कूद गई। युवती ने प्रेम नगर के पास शिव दल पुल पर पहुंचने से पहले अपने पिता से फोन पर बात की थी। इस बात में युवती ने अपने पापा को आखिरी बार बाय-बाय पापा कहा। इस बातचीत के कुछ देर बाद उसने नदी में छलांग लगा दी। जानकारी मिलते ही पुलिस और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोग भी बचाव दल के साथ नदी में युवती की तलाश में जुटे हैं। युवती की पहचान 21 वर्षीय पायल देवी के तौर पर हुई है। आइए जानते हैं क्या है पूरी घटना

पापा को आखिरी बार कहा बाय-बाय

ये घटना दोपहर करीब 2 बजे प्रेम नगर के पास शिव दल पुल पर हुई। लड़की के पिता ने पुलिस को बताया कि घटना से पहले उनकी बेटी ने किसी दूसरे व्यक्ति के फोन से उनसे बात की थी। पिता ने उससे कई बार पूछा कि वह परेशान क्यों है और क्या कोई उसे किसी तरह परेशान कर रहा है। लेकिन बेटी ने इन सवालों का कोई साफ जवाब नहीं दिया और सिर्फ इतना कहा कि “नहीं पापा, ये मेरी अपनी जिंदगी है। मेरा दिल कह रहा है कि मुझे इसी रास्ते जाना चाहिए। इसके बाद उसने ‘बाय-बाय पापा’ कहा और नदी में छलांग लगा दी।”

पिता से की थी बात

21 साल की पायल देवी की पहचान इस घटना में हुई है। परिवार के अनुसार, पायल शनिवार को गांव में लगे मेले में गई थी। कुछ देर बाद उसने अपने पिता कृष्ण लाल से फोन पर बात की और तबीयत खराब होने की बात कहते हुए डॉक्टर को दिखाने की इच्छा जताई। जब उसे डॉक्टर नहीं मिला, तो वह एक व्यक्ति के साथ बाइक से वापस लौट आई। बाद में उसी व्यक्ति के मोबाइल से उसके पिता को फोन किया गया। कुछ समय बाद उस व्यक्ति ने पायल के पिता को फोन कर बताया कि उनकी बेटी उनसे बात करना चाहती है, लेकिन वह अचानक चिनाब नदी की ओर चली गई। इसके बाद पिता ने फोन पर बेटी से बात की। बातचीत के दौरान पायल ने उन्हें अलविदा कहा और फिर नदी में छलांग लगा दी।

वायरल हो रहा वीडियो

घटना से ठीक पहले पुल पर मौजूद कुछ लोगों ने वीडियो बना लिया था। वीडियो में कुछ लोग युवती को रोकने और समझाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। इसके बाद युवती के नदी में कूदने की बात सामने आई। घटना का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। शिवा दल पुल से युवती के नदी में कूदने की सूचना मिलते ही पुलिस, SDRF और स्थानीय लोगों ने मिलकर तलाश शुरू कर दी। बचाव टीमों ने चिनाब नदी के साथ आसपास के इलाकों में भी खोजबीन की, लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद अभी तक युवती का कोई सुराग नहीं मिल सका है। अधिकारी लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।