एक कंपनी के शेयर में 75 लाख का निवेश अब घटकर 30 लाख रह गया, कही आप भी यह गलती तो नहीं कर रहे?

क्या आप दोस्त या रिश्तेदार की सलाह पर शेयरों में निवेश करते हैं? अगर हां तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है। एक रेडिट यूजर ने बताया है कि उसके पिता ने एक ही कंपनी के शेयर में करीब 75 लाख रुपये निवेश किए थे। आज इस निवेश की वैल्यू घटकर करीब 30 लाख रुपये रह गई है। यह सीधे 45 लाख रुपये का लॉस है। आखिर गलती कहां हुई?

रिश्तेदार की सलाह पर शेयर में निवेश

Reddit यूजर ने पूरे मामले के बारे में बताते हुए यूजर्स से सलाह मांगी है। उसने पूछा है कि अब क्या करना चाहिए। आइए पहले समझते हैं कि यह पूरा मामला क्या है। यूजर ने बताया है कि 2023 में उनके पिता ने शेयरों में निवेश करना शुरू किया। उन्होंने अपने एक रिश्तेदार की सलाह पर एक ही कंपनी के शेयरों में निवेश करना शुरू किया। उनके पास जब भी पैसे होते वह उस कंपनी के नए खरीद लेते थे।

जिंदगीभर की कमाई एक शेयर में लगाई

यूजर ने बताया है कि उसके पिता ने एक तरह से अपनी जिंदगी भर की कमाई एक शेयर में लगा दी। अब परिवार के लिए इस नुकसान को बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा है। यूजर ने रेडिट पर पूछा है कि इस लॉस से बाहर निकलने का क्या रास्ता हो सकता है? कई यूजर ने अपने-अपने तरीके से उसे सलाह दी है। कई यूजर्स ने शेयरों से एग्जिट करने की सलाह दी है।

कई यूजर्स ने दी लॉस बुक करने की सलाह 

कुछ यूजर्स ने कहा है कि शेयर से एग्जिट करने के बाद अगर 30 लाख का निवेश अच्छे शेयरों में किया जाता है तो आगे अच्छा रिटर्न मिल सकता है। इससे लॉस की भी काफी हद तक भरपाई हो सकती है। कुछ यूजर्स ने अफसोस जताया है। एक यूजर ने लिखा है, “अगर आप गलत ट्रेन में चढ़ जाते हैं तो सफर जारी रखने की जगह अगले स्टेशन पर उतर जाना सही होगा।”

दोस्त या रिश्तेदार की सलाह पर निवेश में रिस्क

इस पूरे मामले से कई बाते सीखने को मिलती हैं। पहला, किसी ऐसे दोस्त या रिश्तेदार की सलाह पर निवेश करना ठीक नहीं, जिसके पास निवेश की सलाह देने की योग्यता नहीं हो। दूसरा, किसी एक शेयर में लगातार निवेश करना बहुत रिस्की है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर निवेशक को निवेश में डायवर्सिफिकेशन का ध्यान रखना चाहिए।

निवेश में डायवर्सिफिकेशन है बहुत जरूरी 

डायवर्सिफिकेशन का मतलब पैसे का निवेश किसी एक एसेट या एक शेयर में निवेश करने की जगह अलग-अलग एसेट या अलग-अलग कंपनियों के शेयरों में निवेश करना है। इसका फायदा यह है कि किसी एक कंपनी के शेयर में गिरावट आने पर भी आपके पोर्टफोलियो पर ज्यादा असर नहीं पड़ता है। मान लीजिए आपके पोर्टफोलियो में कुल 10 कंपनियों के शेयर हैं। ऐसे में अगर 2-3 कंपनी के शेयर गिरते भी हैं तो बाकी 8-7 कंपनियों के शेयरों में आई तेजी से आपका पोर्टफोलियो नुकसान में जाने से बच जाता है।

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सिर्फ इनवेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह से ले निवेश के फैसले

कई लोग शेयरों में निवेश से फटाफट मुनाफा कमाने के लिए दोस्त या रिश्तेदार की सलाह पर निवेश करना शुरू कर देते हैं। इसमें काफी रिस्क है। अगर सलाह देने वाले व्यक्ति के पास शेयर या निवेश की दुनिया की अच्छी समझ नहीं है तो उसकी सलाह पर अमल करना बड़े नुकसान का सबब हो सकता है।

SIP Calculator: क्या ₹5,000 की SIP से सच में बन सकते हैं करोड़पति? देखिए 10, 20 और 30 साल में कितनी बढ़ेगी आपकी पूंजी

SIP Return Calculation: म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी के जरिए निवेश करना लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाने का सबसे पसंदीदा तरीका बन चुका है। एकमुश्त पैसे लगाने के बजाय हर महीने एक निश्चित राशि जमा करने से निवेशकों को ‘रुपये की औसत लागत’ और ‘कंपाउडिंग की ताकत’ का सीधा फायदा मिलता है।

अगर आप भी हर महीने महज ₹5,000 की बचत करके म्यूचुअल फंड एसआईपी में लगाते हैं, तो 12% के औसत अनुमानित रिटर्न के हिसाब से आप कुछ ही दशकों में करोड़पति बन सकते हैं। आइए देखते हैं 10, 20 और 30 साल में आपके इस छोटे से निवेश का पूरा कैलकुलेशन।

10 साल में कितना बनेगा फंड?

अगर आप हर महीने ₹5,000 का निवेश लगातार 10 सालों तक जारी रखते हैं, तो आपका कुल निवेश और रिटर्न इस प्रकार होगा:

  • मासिक SIP: ₹5,000
  • निवेश की अवधि: 10 वर्ष
  • अनुमानित वार्षिक रिटर्न: 12%
  • कुल जमा राशि: ₹6,00,000
  • अनुमानित रिटर्न: ₹5,61,696
  • 10 साल बाद कुल वैल्यू: ₹11,61,696

यानी 10 सालों में आपकी जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज लगभग आपके मूलधन के बराबर पहुंच जाता है।

20 साल में दिखेगा कंपाउंडिंग का असर

जैसे-जैसे आप निवेश की अवधि बढ़ाते हैं, कंपाउंडिंग की ताकत तेजी से काम करने लगती है:

  • मासिक SIP: ₹5,00,0
  • निवेश की अवधि: 20 वर्ष
  • अनुमानित वार्षिक रिटर्न: 12%
  • कुल जमा राशि: ₹12,00,000
  • अनुमानित रिटर्न: ₹37,95,740
  • 20 साल बाद कुल वैल्यू: ₹49,95,740 (लगभग ₹50 लाख)

ध्यान दें, 10 साल से 20 साल के बीच आपकी जमा राशि केवल दोगुनी ₹6 लाख से ₹12 लाख हुई, लेकिन आपका कुल फंड बढ़कर लगभग ₹50 लाख हो गया।

30 साल में बनेंगे ₹1.76 करोड़ से अधिक

30 साल का लंबा नजरिया रखने पर आपको अहसास होगा कि वक्त आपके पैसों को किस तरह से मल्टीप्लाई करता है:

  • मासिक SIP: ₹5,000
  • निवेश की अवधि: 30 वर्ष
  • अनुमानित वार्षिक रिटर्न: 12%
  • कुल जमा राशि: ₹18,00,000
  • अनुमानित रिटर्न: ₹1,58,49,569
  • 30 साल बाद कुल वैल्यू: ₹1,76,49,569 (₹1.76 करोड़ से ज्यादा)

30 सालों में आपके जेब से कुल ₹18 लाख ही गए, जबकि आपको मिलने वाला रिटर्न ही ₹1.58 करोड़ से अधिक का हो जाता है।

10, 20 और 30 साल की SIP का सफर

10, 20 और 30 साल की SIP का सफर

कंपाउंडिंग से दिन दोगुना रात चौगुना बढ़ती है पूंजी

म्यूचुअल फंड में वित्तीय सलाहकार जल्द से जल्द निवेश शुरू करने की सलाह इसीलिए देते हैं। आप जितने कम उम्र में एसआईपी शुरू करेंगे, कंपाउंडिंग को काम करने के लिए उतना ही ज्यादा समय मिलेगा। जब मार्केट गिरता है तो आपको ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं और मार्केट चढ़ने पर आपकी एनएवी (NAV) की वैल्यू तेजी से बढ़ती है।

निवेशकों के लिए जरूरी बातें

म्यूचुअल फंड में SIP के जरिए निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन होता है। 12% का रिटर्न एक ऐतिहासिक औसत पर आधारित गणना है। बाजार के रुख के अनुसार आपका रिटर्न कम या ज्यादा भी हो सकता है। इसलिए अपने पोर्टफोलियो की समय-समय पर समीक्षा करें और वित्तीय सलाहकार से सलाह लेकर ही अपने लक्ष्य के अनुसार सही फंड्स चुनें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Hindustan Aeronautics Share Price: गोल्डमैन सैक्स ने अपग्रेड की रेटिंग, शेयर 5% चढ़ा

Hindustan Aeronautics Share Price: डिफेंस इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के शेयरों में 6 अगस्त को तेजी देखने को मिली। शेयर 5 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। शेयर में आज यह तेजी ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स के इस स्टॉक को अपग्रेड करने के बाद आई है। बता दें कि अक्टूबर 2025 में ब्रोकरेज द्वारा कवरेज शुरू करने के बाद से HAL को गोल्डमैन सैक्स से मिला यह पहला अपग्रेड है।

गोल्डमैन सैक्स ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (HAL) पर अपनी रेटिंग को ‘Neutral’ से बदलकर ‘Buy’ (खरीदने की सलाह) कर दिया है और इसका प्राइस टारगेट भी ₹5,545 से बढ़ाकर ₹5,870 कर दिया है। नया प्राइस टारगेट गुरुवार के क्लोजिंग लेवल से 26% की बढ़त की संभावना दिखाता है।

गोल्डमैन सैक्स ने क्या दिया तर्क

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि तेजस Mk1A फाइटर जेट की डिलीवरी में लगभग दो साल की देरी के बाद, इस फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही से HAL के काम में तेजी आएगी। उनके चैनल चेक से पता चलता है कि GE एयरोस्पेस के मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही से F-404 इंजन की डिलीवरी को सुव्यवस्थित करने की संभावना है।

HAL की कमाई पर मार्केट की आम राय LCA तेजस Mk1A प्लेटफॉर्म की संभावनाओं पर बहुत ज़्यादा केंद्रित लगती है और इसमें आने वाले दूसरे प्लेटफॉर्म की डिलीवरी पर ध्यान नहीं दिया गया है।

पिछली तिमाही की अर्निंग्स कॉल के दौरान, HAL के मैनेजमेंट ने बताया था कि उन्हें GE से छह इंजन मिले हैं और एयरक्राफ्ट का टेस्ट चल रहा है। मैनेजमेंट को उम्मीद थी कि अगस्त और सितंबर तक सभी मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा और स्थिति स्थिर हो जाएगी।

HAL की योजना FY27 में 20 एयरक्राफ्ट डिलीवर करने की है, जबकि FY26 में शुरुआती टारगेट 12 था, जिसे बाद में घटाकर 5 से 6 कर दिया गया था।

LCA Mk1A ऑर्डर का साइज़ ₹48,000 करोड़ है, जो FY26 के अंत में कंपनी के कुल ₹2.5 लाख करोड़ के ऑर्डर बुक का एक अहम हिस्सा है।

28 एनालिस्ट हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स को कवर करते हैं, जिनमें से 23 की रेटिंग ‘buy’ है, 1 की ‘hold’ है और 4 की रेटिंग ‘Sell’ है। प्राइस टारगेट के आम अनुमानों के अनुसार, मौजूदा स्तरों से इसमें 10.1% की बढ़त की संभावना है।

गुरुवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स के शेयर 5.36% बढ़कर ₹4,895.80 पर ट्रेड कर रहे हैं। पिछले एक महीने में इस स्टॉक में 10% की बढ़त हुई है, जिससे साल की शुरुआत से अब तक इसमें कुल 11.3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

Stock Market Live Update: सेंसेक्स 160 अंक चढ़ा, निफ्टी 24600 के पार, Shriram Finance, Eternal, Cipla टॉप गेनर

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend : सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार में हल्की बढ़त, जानिए इंडेक्स और स्टॉक्स में आज कहां होगी कमाई

Market Trend : 6 अगस्त के शुरुआती कारोबार में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में हल्की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। सुबह 10:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 155 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 78,740 के आसपास और निफ्टी 10 अंक बढ़ कर 24,630 के आसपास दिख रहा था। सेक्टर के हिसाब से देखें तो मीडिया इंडेक्स 0.7% नीचे था और फार्मा इंडेक्स 0.5% ऊपर था। ऐसे में बाजार की रणनीति पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 24680-24740 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24766-24788/24817 पर है। इसके लिए पहला बेस 24481-24529 पर और बड़ा बेस 24389-24461 पर है।

कल बाजार रेजिस्टेंस-1 और बेस-1 के बीच सीमित दायरे में रहा। बाजार अब भी CAS के बदलाव को पचा रहा है,कल एडजस्टमेंट सामान्य रहे। FIIs की कैश में बिकवाली रही। इंडेक्स में नई शॉर्ट पोजिशन जुड़ी। नेट शॉर्ट बढ़कर 1.59 लाख पर रहे। इसमें 5500 कॉन्ट्रैक्ट जुड़े। ग्लोबल संकेत फ्लैट है। ऊपरी स्तर से US बाजार फिसले हैं। नैस्डैक में कमजोरी रही। आज BSE सेंसेक्स की एक्सपायरी है। ऐसे में दायरे में उतार-चढ़ाव संभव है। आज की क्लोजिंग अहम रहेगी। 24600 पर कॉल राइटिंग दिखी है। 24700-24750-24800 सबसे मजबूत कॉल राइटिंग जोन है।

24680-740 पर बड़ी बाधा है। 24500-24400 पर पुट राइटिंग हुई है। 24400 पर 200 DEMA है। बेस-1 और रजिस्टेंस-1 के बीच ट्रेडिंग रणनीति होनी चाहिए 24481 के नीचे टिकने पर दबाव बढ़ेगा,24740 के ऊपर टिकने पर ब्रेकआउट संभव है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 58067-58181/58267 पर और बड़ा रजिस्टेंस 58431-58589/58773 पर है। इसके लिए पहला बेस 57432-57553 पर और बड़ा बेस 57167-57289 पर है। कल बैंक निफ्टी बेस-1 और रजिस्टेंस-1 के दायरे में रहा। कच्चे तेल में नरमी है,लेकिन बैंकिंग शेयरों में अभी मोमेंटम की कमी है। 58000-58200 पर मजबूत कॉल राइटिंग दिखी है। 57600-57500-57400 पर पुट राइटिंग हुई है। ये 10 DEMA और 20 DEMA भी है

ओपनिंग चाहे कहीं भी हो,फिलहाल बेस-1 और रजिस्टेंस-1 के बीच ट्रेड करें। 58267 के ऊपर टिकने पर ही दमदार ब्रेकआउट के संकेत मिलेंगे। 57432 के नीचे फिसलने पर दबाव बढ़ेगा, फिर बेस-2 का टेस्ट संभव हैं।

 

Trading Plan: SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह से जाने, आज निफ्टी और बैंक निफ्टी में क्या हो कमाई की रणनीति, किन लेवल्स पर रहे नजर

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Mantri FinMart के अरुण कुमार मंत्री। इनकी जेएसडब्ल्यू स्टील में 1328 रुपए के आसपास, 1312 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 1362 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, आरबीएल बैंक में इनकी 389 रुपए के आसपास, 385 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 399 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Price Today: फिर चढ़ी चांदी, दिल्ली, मुंबई में ₹2.40 के पार भाव, खरीदारी से पहले चेक कर लें अपने शहर का ताजा भाव

Silver Price Today:    चांदी की कीमतों में बढ़त देखने को मिली। देश की दिल्ली में आज चांदी की कीमत लगभग ₹240 प्रति ग्राम और ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है। वहीं मुंबई में भी कीमतें ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक चांदी की कीमत उछलकर करीब एक महीने के उच्चतम स्तर 2,32,700 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) पर पहुंच गई। जबकि गुडरिटर्न्स के मुताबिक 2,40,000 रुपये प्रति किलो पर है। आगे जानिए देश के अलग-अलग शहरों में चांदी के ताजा रेट क्या हैं।

शहर10 ग्राम चांदी का भाव100 ग्राम चांदी का भाव1 किलो चांदी का भाव
दिल्ली₹2,400₹24,000₹2,40,000
कोलकाता₹2,400₹24,000₹2,40,000
मुंबई₹2,400₹24,000₹2,40,000
चेन्नई₹2,400₹24,000₹2,40,000
पटना₹2,400₹24,000₹2,40,000
लखनऊ₹2,400₹24,000₹2,40,000
मेरठ₹2,400₹24,000₹2,40,000
अयोध्या₹2,400₹24,000₹2,40,000
कानपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
गाजियाबाद₹2,400₹24,000₹2,40,000
नोएडा₹2,400₹24,000₹2,40,000
गुरुग्राम₹2,400₹24,000₹2,40,000
चंडीगढ़₹2,400₹24,000₹2,40,000
जयपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
लुधियाना₹2,400₹24,000₹2,40,000
गुवाहाटी₹2,400₹24,000₹2,40,000
इंदौर₹2,400₹24,0002,40,000
अहमदाबाद₹2,400₹24,000₹2,40,000
सूरत₹2,400₹24,000₹2,40,000
वडोदरा₹2,400₹24,000₹2,40,000
पुणे₹2,400₹24,000₹2,40,000
नागपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
नासिक₹2,400₹24,000₹2,40,000
बैंगलोर₹2,400₹24,000₹2,40,000
भुवनेश्वर₹2,400₹24,000₹2,40,000
रायपुर₹2,400₹24,000₹2,40,000
हैदराबाद₹2,400₹24,000₹2,40,000

ग्लोबल मार्केट में क्या हैं रेट

इंटरनेशनल मार्केट Comex में सोने के दामों में उछाल देखा गया तो वहीं चांदी के दाम (Gold Silver Price Today) में गिरते नजर आए हैं। सुबह करीब 9 बजे सोना comex पर 0.47% तक चढ़ा (Gold Price on Comex) और कीमत 4325.00 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई हैं। वहीं चांदी (Silver Price on Comex) के दाम 0.12% गिरकर 62.215 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा।

MCX पर क्या हैं ताजा प्राइस?

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर चांदी के भाव (Silver Price) में 607 रुपये 0.27 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। यह 2.27 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड करता दिखा।

कल क्या रहे थे भाव

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक ग्लोबल स्तर पर कीमती धातुओं की कीमतों में भारी उछाल के कारण चांदी की कीमतों में फिर से तेजी आई और यह 6,200 रुपये बढ़कर करीब एक महीने के उच्चतम स्तर 2,32,700 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समे्त) पर पहुंच गई। पिछले सत्र में यह 2,26,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। इससे पहले चांदी 9 जुलाई को इस स्तर के आसपास कारोबार कर रही थी, जब यह 2,32,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, US-ईरान तनाव कम होने और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के फिर से खुलने की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने और निकट भविष्य में US फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की चर्चा ठंडी पड़ने की संभावना है। इससे US ट्रेजरी यील्ड पर दबाव पड़ रहा है और लोग अपना पैसा US बॉन्ड से निकालकर सोने और अन्य सुरक्षित निवेश विकल्पों में लगा रहे हैं।

7 हफ्ते के हाई पर पहुंचा सोना, चांदी भी चढ़ी, बुलियन में तेजी की क्या है वजह?

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Shiprocket IPO: 12 अगस्त को खुलेगा आईपीओ! ₹92-₹97 तय हुआ प्राइस बैंड, निवेश से पहले जानिए पूरी डिटेल

Shiprocket IPO Price Band and Date: एमएसएमई, डी2सी ब्रांड्स और बड़े रिटेलर्स को ई-कॉमर्स सॉल्यूशन मुहैया कराने वाली टेक प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट अपना आईपीओ ला रही है। कंपनी ने अपने ₹1,617.5 करोड़ के इश्यू के लिए प्राइस बैंड ₹92 से ₹97 प्रति शेयर तय किया है। अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन ₹7,057.5 करोड़ बैठ रहा है। अगर आप भी इस टेक प्लेटफॉर्म के आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो आवेदन करने से पहले इश्यू से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण डिटेल्स जान लें।

Shiprocket IPO: कब से कब तक कर सकेंगे आवेदन?

  • एंकर बुक ओपनिंग: 11 अगस्त 2026
  • आईपीओ ओपनिंग-क्लोजिंग डेट: 12-14 अगस्त 2026
  • न्यूनतम निवेश: ₹97 के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से रिटेल निवेशकों को 1 लॉट के लिए कम से कम ₹14,938 लगाने होंगे।
  • अलॉटमेंट की तारीख: 17 अगस्त 2026
  • शेयर लिस्टिंग डेट: 19 अगस्त 2026

इश्यू का साइज 

गुड़गांव बेस्ड इस कंपनी के कुल ₹1,617.5 करोड़ के इश्यू में फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल हैं। कंपनी ₹885.5 करोड़ मूल्य के नए शेयर जारी करेगी। साथ ही मौजूदा निवेशक और प्रमोटर्स जैसे- Lightrock, Tribe Capital, Moore Strategic Ventures, साहिल गोयल, गौतम कपूर आदि ₹732 करोड़ के शेयर बेचेंगे। कंपनी ने अपने कर्मचारियों को अंतिम इश्यू प्राइस पर ₹9 प्रति शेयर की विशेष छूट दी है, जिनके लिए ₹1 करोड़ के शेयर आरक्षित रखे गए हैं।

आईपीओ से जुटाए पैसों का क्या करेगी कंपनी?

शिपरॉकेट नेट फ्रेश इश्यू से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल इस प्रकार करेगी:

₹365.6 करोड़: अपने प्लेटफॉर्म के विकास और विस्तार में खर्च करेगी।

₹210 करोड़: मौजूदा कर्ज को चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा। (10 जुलाई 2026 तक कंपनी पर ₹244.5 करोड़ का कुल कर्ज था)।

बकाया राशि: अधिग्रहण और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए उपयोग होगी।

कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत?

कंपनी का प्रदर्शन रेवेन्यू के मामले में मजबूत रहा है। वित्त वर्ष 2026 (FY26) में कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल (YoY) 24% बढ़कर ₹2,024.1 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि कंपनी अभी भी घाटे में है, लेकिन FY24 के ₹595.1 करोड़ के शुद्ध घाटे के मुकाबले FY26 में घाटा काफी घटकर ₹79.2 करोड़ रह गया है। इस आईपीओ के मर्चेंट बैंकर्स एक्सिस कैपिटल, बोफा सिक्योरिटीज इंडिया, जेएम फाइनेंशियल और कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Retirement Planning: क्या हो रिटायरमेंट की बेस्ट प्लानिंग, कितना फंड रहेगा पर्याप्त? एक्सपर्ट ने समझा दिया पूरा कैलकुलेशन

Retirement Corpus Calculation: रिटायरमेंट का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में एक या दो करोड़ रुपये का आंकड़ा आता है। लोगों को लगता है कि इतनी रकम बुढ़ापे के लिए काफी होगी। लेकिन सच यह है कि जो रकम 10 साल पहले बड़ी लगती थी, वह आज के समय में कुछ ही सालों के खर्च में खत्म हो सकती है। अगर आप आज से 15 या 20 साल बाद रिटायर होने की योजना बना रहे हैं, तो पुरानी गणना आपके लिए बड़ी भूल साबित हो सकती है।

वित्तीय सलाहकारों के अनुसार, बढ़ती महंगाई और लंबी जीवन प्रत्याशा के कारण अब 60 की उम्र में सुखद रिटायरमेंट के लिए जीवनशैली के हिसाब से ₹3 करोड़ से लेकर ₹70 करोड़ तक के फंड की जरूरत पड़ सकती है।

क्यों फेल हो जाता है 1 या 2 करोड़ का पुराना कैलकुलेशन?

रिटायरमेंट प्लानिंग के गणित को बिगाड़ने वाले दो सबसे बड़े कारण महंगाई और लंबी उम्र हैं। जो लाइफस्टाइल आज ₹1 लाख प्रति महीने में मेंटेन होती है, वही लाइफस्टाइल 20 साल बाद 7% महंगाई दर के हिसाब से कई गुना महंगी हो जाएगी। डेजर्व (Dezerv) के सह-संस्थापक संदीप जेठवानी के अनुसार, लोग औसतन 75 साल की उम्र मानकर कैलकुलेशन करते हैं, जो बेहद खतरनाक है। मेडिकल सुविधाओं के चलते आज के 40 वर्ष के युवा आसानी से 90 या 100 साल तक जी सकते हैं। ऐसे में 60 के बाद कम से कम 30-40 साल के लिए फंड की आवश्यकता होगी।

किस उम्र और खर्च पर कितने करोड़ का फंड चाहिए?

किस उम्र और खर्च पर कितने करोड़ का फंड चाहिए?

भारत में क्यों काम नहीं आता विदेश का ’25x नियम’?

अवीसा वेल्थ क्रिएटर्स के सीईओ विनीत राठी के अनुसार, विदेशों में प्रचलित ‘FIRE’ (Financial Independence, Retire Early) का वह नियम, जो सालाना खर्च का 25 गुना जोड़ने की सलाह देता है, भारत में फेल हो जाता है। भारत में लाइफस्टाइल, मकान और हेल्थकेयर का खर्च सालाना 6% से 9% की दर से बढ़ता है। इसलिए केवल 25 गुना का टारगेट रखना बुढ़ापे में पैसों की तंगी ला सकता है।

भविष्य के टैक्स और कम रिटर्न के लिए भी रखें बफर

रिटायरमेंट फंड बनाते समय इस बात को नजरअंदाज न करें कि भारतीय शेयर बाजार ने पिछले 20 सालों में जो रिटर्न दिए हैं, जरूरी नहीं कि आने वाले 20 सालों में भी वही रिटर्न मिलें। साथ ही, भविष्य में कैपिटल गेन्स पर टैक्स दरें भी बढ़ सकती हैं। इसलिए अपने लक्ष्य में 10-15% का अतिरिक्त बफर जरूर जोड़ें।

रिटायरमेंट फंड की सही गणना कैसे करें?

एक निश्चित आंकड़े के पीछे भागने के बजाय इस 6-स्टेप फॉर्मूले को अपनाएं:

  1. वर्तमान वार्षिक खर्च निकालें: आज आपकी गृहस्थी चलाने में साल भर में कितना खर्च होता है।
  2. महंगाई दर जोड़ें: कम से कम 7% की दर से भविष्य का खर्च आंकें।
  3. 90 साल की उम्र तक का अनुमान लगाएं: औसतन 30 साल के रिटायरमेंट जीवन की योजना बनाएं।
  4. हेल्थ इमरजेंसी बफर रखें: उम्र बढ़ने के साथ मेडिकल खर्च तेजी से बढ़ते हैं।
  5. टैक्स और बाजार जोखिम जोड़ें: भविष्य के टैक्स और कम रिटर्न के हिसाब से थोड़ा ज्यादा फंड टारगेट करें।
  6. जल्द शुरुआत और स्टेप-अप एसआईपी: जितनी जल्दी हो सके एसआईपी शुरू करें और हर साल अपनी आय बढ़ने के साथ निवेश की राशि बढ़ाते जाएं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Oneindig Tech IPO Listing: लिस्ट होते ही अपर सर्किट, 25% प्रीमियम पर एंट्री के बाद और चढ़ा ₹96 का शेयर

Oneindig Tech IPO Listing: देश भर में सोलर पावर प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाली वनइंडिग टेक के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसका आईपीओ ओवरऑल 1.73 गुना भरा था। इसके आईपीओ के तहत ₹96 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹120.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 25% का लिस्टिंग गेन (Oneindig Tech Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹126.00 (Oneindig Tech Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 31.25% मुनाफे में हैं।

Oneindig Tech IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

वनइंडिग टेक का ₹28 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 30 जुलाई से 3 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.73 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.05 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 2.40 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.84 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 28.80 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹20.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Oneindig Tech के बारे में

वनइंडिंग टेक एक रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी है जो देश भर में सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्यूरमेंट एंड कमीशनिंग) सर्विसेज मुहैया कराती है। यह रेजिडेंशियल, C&I (कमर्शियल एंड इंडस्ट्रियल) रूफटॉप, ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्रोजेक्ट्स और O&M (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) सर्विसेज ऑफर करती है तो PPA (पावर पर्चेज एग्रीमेंट्स) के जरिए IPP (इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर) एक्टिविटीज करती है। साथ ही यह सोलर पीवी मॉड्यूल्स, इंवर्टर्स, बैट्रीज, एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स, माउंटिंग स्ट्रक्चर्स, सोलर पम्प्स, कंट्रोलर्स और इनसे जुड़े इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट्स जैसे सोलर प्रोडक्ट्स की सप्लाई करती है।

कंपनी ने दिल्ली, हरियाणा,यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, उत्तराखंड, तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर और पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों में सोलर प्रोजेक्ट पूरे किए हैं। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2026 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 47.72% बढ़कर ₹6.16 करोड़ और टोटल इनकम 24.75% उछलकर ₹57.56 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹1,559.13 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,006.52 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Silver price Today: 7 हफ्ते के हाई पर पहुंचा सोना, चांदी भी चढ़ी, बुलियन में तेजी की क्या है वजह?

Gold Silver price Today: इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतों में लगातार चौथे दिन तेजी देखने को मिली। वहीं चांदी की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। जियोपॉलिटिकल चिंताओं में कमी, कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और गिरती ट्रेज़री यील्ड जैसे कारणों ने सोने-चांदी की मांग को बढ़ावा दिया। COMEX पर, सोने के फ़्यूचर्स 1.3% बढ़कर $4,361.30 प्रति औंस हो गए, जबकि चांदी के फ़्यूचर्स 0.65% बढ़कर $62.695 प्रति औंस हो गए। स्पॉट मार्केट में, सोना $4,285.84 प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया, जो 18 जून के बाद का उच्चतम स्तर है।

यह हालिया बढ़ोतरी पिछले सत्र में बुलियन (सोना-चांदी) में फरवरी के बाद की सबसे बड़ी एक-दिवसीय बढ़त के बाद हुई है।

कीमतों में बढ़त क्यों

कमजोर डॉलर से सस्ता होता है सोना

प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर कमज़ोर हुआ, जिससे डॉलर-मूल्य वाली कमोडिटीज जैसे सोना और चांदी विदेशी खरीदारों के लिए अधिक किफायती हो गई। कमजोर डॉलर आमतौर पर वैश्विक बाज़ारों में बुलियन की मांग को समर्थन देता है।

बॉन्ड यील्ड में गिरावट

अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भी कमी आई, जिससे सोने जैसी बिना यील्ड (ब्याज) वाली संपत्तियों को रखने की अवसर लागत (opportunity cost) कम हो गई। जब बॉन्ड यील्ड गिरती है, तो निवेशक अक्सर कीमती धातुओं में निवेश बढ़ाते हैं।

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीदें

बाजारों में तब आशावाद देखा गया जब रिपोर्टों से संकेत मिला कि राजनयिक प्रयासों से पश्चिम एशिया में कोई समाधान निकल सकता है, जिसमें होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने पर चर्चा भी शामिल है। तनाव कम होने की उम्मीदों ने तेल की कीमतों को नीचे धकेल दिया।

कच्चे तेल की कम कीमतें ऊर्जा-जनित महंगाई के डर को भी कम करती हैं, जिससे केंद्रीय बैंकों द्वारा आक्रामक रूप से ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम हो जाती हैं। इससे सोने के लिए एक अनुकूल माहौल बनता है।

ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें चर्चा में

निजी पेरोल डेटा के उम्मीद से कमजोर रहने और लेबर मार्केट में कुछ नरमी के संकेत मिलने के बाद निवेशक अमेरिकी मौद्रिक नीति के दृष्टिकोण का भी पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं।

बाजार पार्टिसिपेट अब शुक्रवार (7 अगस्त) को आने वाली अमेरिकी नॉन-फ़ार्म पेरोल रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं। कमजोर जॉब्स रिपोर्ट ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को मजबूत कर सकती है, जिससे सोने को और समर्थन मिलेगा। इसके विपरीत, उम्मीद से मज़बूत रोज़गार डेटा सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदों को फिर से जगाकर बुलियन पर दबाव डाल सकता है।

चांदी का क्या हाल है?

चांदी भी मजबूत बनी रही, जिसे उन्हीं मैक्रोइकॉनॉमिक कारकों का समर्थन मिला जिनसे सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। कम बॉन्ड यील्ड और डॉलर के कमजोर होने से फायदा मिलने के अलावा, चांदी को एक कीमती और इंडस्ट्रियल मेटल, दोनों तरह की भूमिकाओं से भी सपोर्ट मिल रहा है।

निवेशकों की नजरें आने वाले US के आर्थिक डेटा और सेंट्रल बैंक की उम्मीदों पर टिकी हैं, इसलिए आने वाले समय में सोने और चांदी, दोनों में उतार-चढ़ाव के बने रहने की संभावना है।

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