Retirement Planning: क्या हो रिटायरमेंट की बेस्ट प्लानिंग, कितना फंड रहेगा पर्याप्त? एक्सपर्ट ने समझा दिया पूरा कैलकुलेशन

Retirement Corpus Calculation: रिटायरमेंट का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में एक या दो करोड़ रुपये का आंकड़ा आता है। लोगों को लगता है कि इतनी रकम बुढ़ापे के लिए काफी होगी। लेकिन सच यह है कि जो रकम 10 साल पहले बड़ी लगती थी, वह आज के समय में कुछ ही सालों के खर्च में खत्म हो सकती है। अगर आप आज से 15 या 20 साल बाद रिटायर होने की योजना बना रहे हैं, तो पुरानी गणना आपके लिए बड़ी भूल साबित हो सकती है।

वित्तीय सलाहकारों के अनुसार, बढ़ती महंगाई और लंबी जीवन प्रत्याशा के कारण अब 60 की उम्र में सुखद रिटायरमेंट के लिए जीवनशैली के हिसाब से ₹3 करोड़ से लेकर ₹70 करोड़ तक के फंड की जरूरत पड़ सकती है।

क्यों फेल हो जाता है 1 या 2 करोड़ का पुराना कैलकुलेशन?

रिटायरमेंट प्लानिंग के गणित को बिगाड़ने वाले दो सबसे बड़े कारण महंगाई और लंबी उम्र हैं। जो लाइफस्टाइल आज ₹1 लाख प्रति महीने में मेंटेन होती है, वही लाइफस्टाइल 20 साल बाद 7% महंगाई दर के हिसाब से कई गुना महंगी हो जाएगी। डेजर्व (Dezerv) के सह-संस्थापक संदीप जेठवानी के अनुसार, लोग औसतन 75 साल की उम्र मानकर कैलकुलेशन करते हैं, जो बेहद खतरनाक है। मेडिकल सुविधाओं के चलते आज के 40 वर्ष के युवा आसानी से 90 या 100 साल तक जी सकते हैं। ऐसे में 60 के बाद कम से कम 30-40 साल के लिए फंड की आवश्यकता होगी।

किस उम्र और खर्च पर कितने करोड़ का फंड चाहिए?

किस उम्र और खर्च पर कितने करोड़ का फंड चाहिए?

भारत में क्यों काम नहीं आता विदेश का ’25x नियम’?

अवीसा वेल्थ क्रिएटर्स के सीईओ विनीत राठी के अनुसार, विदेशों में प्रचलित ‘FIRE’ (Financial Independence, Retire Early) का वह नियम, जो सालाना खर्च का 25 गुना जोड़ने की सलाह देता है, भारत में फेल हो जाता है। भारत में लाइफस्टाइल, मकान और हेल्थकेयर का खर्च सालाना 6% से 9% की दर से बढ़ता है। इसलिए केवल 25 गुना का टारगेट रखना बुढ़ापे में पैसों की तंगी ला सकता है।

भविष्य के टैक्स और कम रिटर्न के लिए भी रखें बफर

रिटायरमेंट फंड बनाते समय इस बात को नजरअंदाज न करें कि भारतीय शेयर बाजार ने पिछले 20 सालों में जो रिटर्न दिए हैं, जरूरी नहीं कि आने वाले 20 सालों में भी वही रिटर्न मिलें। साथ ही, भविष्य में कैपिटल गेन्स पर टैक्स दरें भी बढ़ सकती हैं। इसलिए अपने लक्ष्य में 10-15% का अतिरिक्त बफर जरूर जोड़ें।

रिटायरमेंट फंड की सही गणना कैसे करें?

एक निश्चित आंकड़े के पीछे भागने के बजाय इस 6-स्टेप फॉर्मूले को अपनाएं:

  1. वर्तमान वार्षिक खर्च निकालें: आज आपकी गृहस्थी चलाने में साल भर में कितना खर्च होता है।
  2. महंगाई दर जोड़ें: कम से कम 7% की दर से भविष्य का खर्च आंकें।
  3. 90 साल की उम्र तक का अनुमान लगाएं: औसतन 30 साल के रिटायरमेंट जीवन की योजना बनाएं।
  4. हेल्थ इमरजेंसी बफर रखें: उम्र बढ़ने के साथ मेडिकल खर्च तेजी से बढ़ते हैं।
  5. टैक्स और बाजार जोखिम जोड़ें: भविष्य के टैक्स और कम रिटर्न के हिसाब से थोड़ा ज्यादा फंड टारगेट करें।
  6. जल्द शुरुआत और स्टेप-अप एसआईपी: जितनी जल्दी हो सके एसआईपी शुरू करें और हर साल अपनी आय बढ़ने के साथ निवेश की राशि बढ़ाते जाएं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।