US ETFs: बच्चे की विदेश में पढ़ाई के लिए अमेरिकी ETFs क्यों हैं बेस्ट? जानिए सही करेंसी में बचत का फॉर्मूला

US ETFs for Overseas Education: बच्चों को विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज (US, UK या यूरोप) में पढ़ाना आज कई भारतीय माता-पिता का सपना है। इसके लिए अधिकांश पेरेंट्स सालों पहले से भारतीय म्यूचुअल फंड्स में SIP शुरू कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रुपए में की गई आपकी बचत डॉलर में बढ़ते कॉलेज फीस के खर्च के सामने कम पड़ सकती है?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब आपका वित्तीय लक्ष्य डॉलर या विदेशी मुद्रा में है, तो निवेश भी उसी करेंसी में होना चाहिए। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि विदेश में पढ़ाई के लिए US ETFs में सीधा निवेश क्यों सबसे समझदारी भरा विकल्प है।

रुपए में बचत क्यों पड़ सकती है कम?

अगर आपका लक्ष्य डॉलर में है, तो सिर्फ रुपए में कंपाउंडिंग करना मुश्किल हो सकता है। इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं:

1- ट्यूशन फीस में बढ़ोतरी: विदेशी यूनिवर्सिटीज की फीस हर साल 5% से 8% की दर से बढ़ती है।

2- रुपए की कमजोरी: ऐतिहासिक रूप से भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले हर साल औसतन 4% से 5% टूटता है।

एक उदाहरण से समझे तो जैसे आज किसी अमेरिकी यूनिवर्सिटी की 4 साल की फीस $2,00,000 है, तो अगले 10 साल बाद रुपए के अवमूल्यन और महंगाई को मिलाकर यह बिल ₹3.5 करोड़ से भी अधिक का हो सकता है।

भारतीय इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स के बजाय Direct US ETFs क्यों बेहतर?

पहले पेरेंट्स भारतीय फंड हाउसेज के ‘फंड ऑफ फंड्स’ के जरिए विदेश में निवेश करते थे। लेकिन अब Direct US-listed ETFs एक बेहतर विकल्प बन गए हैं:

SEBI ओवरसीज कैप की सीमा नहीं: भारतीय म्यूचुअल फंड्स पर SEBI द्वारा लगाई गई विदेशी निवेश की लिमिट (करीब $7 बिलियन) बार-बार पूरी हो जाती है, जिससे फंड्स को अपनी SIP बार-बार रोकनी पड़ती है।

LRS के जरिए सीधा निवेश: RBI की लिब्रलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत हर भारतीय नागरिक (नाबालिग सहित) को हर साल $2,50,000 तक विदेश भेजने और सीधे US ETFs में निवेश करने की पूरी छूट मिलती है।

कम एक्सपेंस रेशियो: डायरेक्ट US ETFs (जैसे- Vanguard या iShares) का एक्सपेंस रेशियो बेहद कम (0.03% से 0.09%) होता है, जबकि घरेलू इंटरनेशनल फंड्स में यह 1.25% से 1.75% तक हो सकता है।

ऐतिहासिक रिटर्न का गणित

अगर पिछले 10 वर्षों का ट्रैक रिकॉर्ड देखें, तो S&P 500, Nasdaq 100 और ग्लोबल इक्विटीज के 60/20/20 पोर्टफोलियो ने डॉलर (USD) टर्म में 13% से 14% वार्षिक रिटर्न दिया है। जब इसमें रुपए की 4-5% सालाना गिरावट को जोड़ दिया जाता है, तो भारतीय निवेशकों के लिए यह सालाना रिटर्न रुपए के टर्म में 17% से 19% के करीब बैठता है। यानी डॉलर में निवेश करना फायदे वाला सौदा रहा है।

निवेश शुरू करने से पहले इन 3 बातों का रखें ध्यान

अमेरिकी ETFs में ऐप या ब्रोकरेज के जरिए निवेश करते समय इन व्यावहारिक पहलुओं को न भूलें:

Micro-SIP से बचें: हर महीने ₹1,000 या ₹2,000 जैसी छोटी SIP पर बैंक वायर चार्ज और फॉरेक्स स्प्रेड का खर्च भारी पड़ सकता है। इसलिए पैसे को रुपए में इकट्ठा करें और हर 3 या 6 महीने में एक बार में रेमिटेंस करें।

TCS के नियम: एक वित्त वर्ष में ₹10 लाख तक के रेमिटेंस पर अतिरिक्त टीसीएस नहीं लगता। ₹10 लाख से ऊपर 20% TCS कटता है, जिसे आप अपने वार्षिक इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में एडजस्ट या रिफंड क्लेम कर सकते हैं।

Schedule FA रिपोर्टिंग: विदेश में शेयर या ETF खरीदते ही ITR-2 या ITR-3 भरते समय Schedule FA में उसका ब्योरा देना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर ‘ब्लैक मनी एक्ट’ के तहत भारी जुर्माना लग सकता है।

टारगेट तक पहुंचने की सही रणनीति

जैसे-जैसे आपके बच्चे के कॉलेज एडमिशन का समय करीब आए, आपको अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित मोड में शिफ्ट करना चाहिए:

Build Phase (शुरुआती 5-10 साल): इक्विटी ETFs (जैसे S&P 500 / Nasdaq) में आक्रामक तरीके से निवेश करें।

Protect Phase (3-4 साल पहले): जब एडमिशन में 3-4 साल बचें, तो धीरे-धीरे इक्विटी से पैसा निकालकर US डेट/बॉन्ड फंड्स में शिफ्ट करें।

Deploy Phase (आखिरी 1-2 साल): फीस भुगतान से 1-2 साल पहले फंड को USD कैश या लिक्विड बकेट में रखें, ताकि शेयर बाजार में किसी तात्कालिक गिरावट से आपकी फीस का बजट प्रभावित न हो।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Hyundai Motor India Share Price: मुनाफा 35% घटने के बावजूद ब्रोकरेज बुलिश, शेयर 9% तक भागा

हुंडई मोटर इंडिया के शेयर में 31 जुलाई को दिन में 9 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। BSE पर शेयर 2,208.90 रुपये के हाई तक गया। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का मुनाफा गिरने और रेवेन्यू कम रहने के बावजूद शेयर चढ़ा है। इसकी वजह है कि शेयर पर ब्रोकरेज अभी भी बुलिश हैं। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है।

जून 2026 तिमाही में हुंडई मोटर इंडिया का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 35 प्रतिशत घटकर 888.62 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले मुनाफा 1369.23 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 16,334.63 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो जून 2025 तिमाही में 16,412.88 करोड़ रुपये था। कंपनी का कुल खर्च बढ़कर 15,407.35 करोड़ रुपये हो गया, जबकि जून 2025 तिमाही में यह 14,780.47 करोड़ रुपये था।

हुंडई मोटर इंडिया वित्त वर्ष 2026 के लिए 21 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दे रही है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 5 अगस्त है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुके होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। इस डिविडेंड पर 26 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। मंजूरी मिलने के बाद पेमेंट किया जाएगा।

Hyundai Motor India शेयर पर ब्रोकरेज की राय

CLSA ने 2,300 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ स्टॉक पर ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग को दोहराया है। कहा है कि हुंडई का EBITDA मार्जिन 9.3 प्रतिशत रहा, जो उम्मीद के मुताबिक था। एडजस्टेड ग्रॉस मार्जिन पिछली तिमाही के मुकाबले 40 बेसिस पॉइंट्स कम रहा। ब्रोकरेज ने कहा कि कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, डिस्काउंट में कमी और लागत कम करने के उपायों से कंपनी को कमोडिटी की लागत के दबाव के बावजूद ग्रॉस मार्जिन को मैनेज करने में मदद मिली। कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी ने अपने मार्जिन गाइडेंस को दोहराया है।

नोमुरा ने हुंडई मोटर इंडिया के स्टॉक पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 2,498 रुपये तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि हुंडई का पहली तिमाही का EBITDA मार्जिन उम्मीद के मुताबिक रहा। उम्मीद है कि जुलाई-सितंबर 2026 में 2 नए मॉडल लॉन्च होने से कंपनी का प्रदर्शन बेहतर होगा। नोमुरा का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही से कंपनी की ग्रोथ इंडस्ट्री की ग्रोथ से बेहतर रहेगी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOSL) ने भी हुंडई मोटर इंडिया पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस 2,334 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा उसके अनुमान से अधिक रहा। कमोडिटी की महंगाई और कम वॉल्यूम के कारण EBITDA मार्जिन पर असर पड़ा। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कंपनी का वॉल्यूम FY26-28 के दौरान 9 प्रतिशत CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) और अर्निंग्स 16 प्रतिशत CAGR से बढ़ेगी।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Investment: सोने में फिर से खरीदारी शुरू करने का आ गया सही मौका! जेफरीज के क्रिस वुड ने क्यों कहा ऐसा?

Gold Price Investment Strategy: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रैटेजी क्रिस वुड ने सोने में निवेश को लेकर एक बड़ा और अहम सुझाव दिया है। मनीकंट्रोल को दिए एक खास इंटरव्यू में क्रिस वुड ने कहा कि हालिया गिरावट और एक सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद अब सोने में फिर से खरीदारी शुरू करने का सही समय आ गया है।

क्यों आया सोने में गिरावट का दौर?

क्रिस वुड ने सोने की हालिया चाल का विश्लेषण करते हुए बताया कि जब हाल ही में ईरान संघर्ष की शुरुआत हुई थी, तब भी सोने ने अपना नया रिकॉर्ड हाई नहीं बनाया था।

ईरान युद्ध की खबर के बावजूद सोने का नया ऑल-टाइम हाई न बनाना इस बात का साफ इशारा था कि सोने का बाजार फिलहाल अपने शिखर पर पहुंच चुका है और इसके बाद एक ठहराव या कंसोलिडेशन फेज शुरू होना तय था।

अब सोना इस ट्रेडिंग रेंज के अपने सबसे निचले स्तर के करीब आ गया है, जिससे निवेशकों के लिए इसमें नए सिरे से एंट्री करने का बेहतरीन मौका बन रहा है।

लंबी अवधि में क्यों मजबूत है सोने का आउटलुक?

क्रिस वुड लंबी अवधि के लिए सोने को लेकर बेहद तेजी का रुख रखते हैं। उन्होंने इसके पीछे का मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर के अवमूल्यन को बताया। वुड ने तर्क देते हुए कहा कि, ‘दीर्घकालिक नजरिए से मुझे सोना इसलिए पसंद है क्योंकि मैं अभी भी ‘डॉलर डिबेसमेंट ट्रेड’ यानी डॉलर के मूल्य में आने वाली संभावित गिरावट की थ्योरी में पूरा विश्वास रखता हूं।’

निवेशकों के लिए क्रिस वुड की सलाह

सोने में आई हालिया करेक्शन के बाद अब यह एक आकर्षक कंसोलिडेशन जोन में है। इसलिए निवेशकों को हर गिरावट पर इसे अपने पोर्टफोलियो में जोड़ने की रणनीति अपनानी चाहिए।

वैश्विक अनिश्चितताओं और अमेरिकी डॉलर के दीर्घकालिक दबाव को देखते हुए सोना पोर्टफोलियो को मजबूती और सुरक्षा प्रदान करने का सबसे असरदार माध्यम बना हुआ है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Thermax Share Price: Q1 नतीजों के बाद स्टॉक क्रैश, 15% टूटा शेयर, कमजोर नतीजों का दिखा असर

Thermax Share Price: कैपिटल गुड्स सेक्टर की कंपनी थर्मेक्स (Thermax) के शेयर में भारी बिकवाली देखने को मिली। शेयर आज 15 फीसदी टूटा। स्टॉक में यह गिरावट जून तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद देखने को मिली है। कंपनी का मुनाफा ₹25.24 करोड़ रहा, जो ₹151 करोड़ के बाज़ार अनुमान से 83.28% कम था। यह पिछले साल के ₹152.4 करोड़ से भी 83.44% कम था।

इसका ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹2,303 करोड़ रहा, जो CNBC-TV18 के ₹2,433 करोड़ के अनुमान से 5.34% कम था। यह पिछले साल के ₹2,157 करोड़ से 6.77% ज़्यादा था।

कंपनी का EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइज़ेशन से पहले की कमाई) ₹69.5 करोड़ रहा, जो ₹219 करोड़ के बाज़ार अनुमान से 68.26% और पिछले साल के ₹224.8 करोड़ से 69.08% कम था।

वहीं EBITDA मार्जिन एक साल पहले की समान अवधि के 10.42% से घटकर तेज़ी से 3.02% हो गया और यह 9% के बाज़ार अनुमान से भी कम था।

हालांकि कंपनी के ऑर्डर इनफ्लो में 2% की बढ़ोतरी हुई और यह पिछले साल के ₹2,748 करोड़ से बढ़कर ₹2,809 करोड़ हो गया। 30 जून तक इसकी कुल ऑर्डर बुक 23% बढ़कर ₹14,045 करोड़ हो गई।

गाइडेंस

Thermax मैनेजमेंट ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में CNBC-TV18 को बताया कि कंपनी को पहली तिमाही में एक खास प्रोजेक्ट पर लागत बढ़ने के कारण ₹91 करोड़ का एकमुश्त नुकसान उठाना पड़ा। खाड़ी युद्ध के कारण आई रुकावटों की वजह से इसकी डिलीवरी लक्ष्य से कम रही।

मैनेजमेंट ने कॉन्फ्रेंस में कहा कि Thermax की दूसरी तिमाही पहली तिमाही से बेहतर होगी और कंपनी के मार्जिन इस फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही तक पुराने स्तर पर वापस आ जाएंगे।

कंपनी के अनुसार, उसके क्लाइंट्स बनाए गए इक्विपमेंट नहीं ले पाए, जिसके कारण पहली तिमाही में ₹300 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज नहीं किया जा सका। दूसरी तिमाही में कच्चे माल की ज़्यादा लागत का कुछ असर दिख सकता है। हालांकि, कंपनी ने कहा है कि नए ऑर्डर की कीमतें अब इन बढ़ी हुई लागतों को ध्यान में रखकर तय की जा रही हैं।

थर्मैक्स के मामले में, स्टॉक पर “BUY” (खरीदने) की सलाह देने वाले एनालिस्ट्स की तुलना में “sELL” (बेचने) की सलाह देने वाले एनालिस्ट्स ज़्यादा हैं। 22 एनालिस्ट्स में से 5 ने “BUY” रेटिंग दी है, 9 ने “HOLD” (बनाए रखने) की सलाह दी है, जबकि 8 ने स्टॉक पर “SELL” रेटिंग दी है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market View: निफ्टी अब 24700–24900 की ओर रैली के लिए तैयार, आज इस FMCG शेयर में हो सकती है बंपर कमाई

Stock Market View : शुक्रवार, 31 जुलाई को भारतीय इक्विटी बाजार हल्की बढ़त के साथ खुले हैं। अच्छे ग्लोबल संकेतों ने भारतीय बाजारों को सपोर्ट मिल रहा है। निफ्टी 24,300 के स्तर के ऊपर पहुंच गया है। फिलहाल सेंसेक्स 59.26 अंक या 0.08 प्रतिशत बढ़कर 77,987.41 पर और निफ्टी 34.35 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 24,351.50 पर दिख रहा है। ऐसे में थिंक्रेडब्लू सिक्योरिटीज (Thincredblu Securities) के फाउंडर गौरव उदानी का कहना है कि ग्लोबल संकेतों के सपोर्ट से निफ्टी में तेजी की उम्मीद है। यह इंडेक्स अभी एक अहम ब्रेकआउट जोनन के करीब ट्रेड कर रहा है। अगर निफ्टी 24,400–24,500 के ऊपर टिक रहता है तो इससे बुलिश ब्रेकआउट की पुष्टि हो सकती है और शॉर्ट टर्म में इसमें 24,700–24,900 की ओर रैली आ सकती है।

निफ्टी के लिए नीचे की तरफ 24,200–24,250 के लेवल पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा है। जब तक निफ्टी इस रेंज के ऊपर बना रहता है, तब तक इसका शॉर्ट-टर्म ट्रेंड तेजड़ियों के पक्ष में रहेगा।

मार्केट ब्रेथ में सुधार हुआ है और ग्लोबल सेंटीमेंट पॉजिटिव होने के साथ मोमेंटम बनता दिख रहा है। अगर आज पूरे सेशन के दौरान तेजा बनी रहती है,तो आज की चाल अपट्रेंड के अगले फेज की शुरुआत हो सकती है। ऐसे में ट्रेडर्स को गिरावट पर खरीदारी का तरीका अपनाने की सलाह होगी। 24,500 के लेवल के ऊपर साफ ब्रेकआउट होने पर नई लॉन्ग पोजीशन बनाई जा सकती है।

इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइज़र्स के पंकज रांदड़ ने कहा कि एफआई लगातार अपना माल हल्का करते जा रहे थे।लेकिन अब एफआईआई की तरफ से खरीदारी आ रही है। इस बीच डीआई बाइंग करते दिख रहे दिख रहे थे। ऐसे में कहीं ना कहीं उनका प्रॉफिट बुकिंग करना जरूरी था। कल के यूएस फेड के फैसले के बाद यूएस मार्केट में जिस तरह के मूव्स आए उनको देखते हुए लगता है कि विदेशी निवेशक अब इमर्जिंग मार्केट्स में मौके खोज रहे हैं। ढूंढ रहे हैं। ऐसे में लगता कि हमारे मार्केट यहां से साइडवेज पॉजिटिव रह सकते हैं। बैंक निफ्टी और निफ्टी को लेकर सेंटीमेंट में सुधार दिख रहा है।

उन्होंने आगे कहा निफ्टी और बैंक निफ्टी में उनका नजरिया मिलाजुला है। निफ्टी कल 24355 की रेंज में आकर बंद होते हुए नजर आया। मार्केट को यहां से साइडवेज पॉजिटिव रुझान के साथ में चलना चाहिए। जिस हिसाब से कल के मूव्स रहे हैं, उनसे एक कॉन्फिडेंस बना है। लेकिन सतर्क रहते हुए कहा ज सकता है कि 24380 के ऊपर जाने पर ही निफ्टी में टिकाऊ तेजी आ सकती है। निफ्टी के अंदर जब तक एक निफ्टी 24380- 24400 की रेंज क्रॉस ना करे वेट करने की सलाह रहेगी, लेकिन ओवरऑल रुझान साइडवेज पॉजिटिव है।

जहां तक बैंक निफ्टी की बात है तो 57380 के ऊपर ही इसमें बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। इसकी वजह यह है कि आज बैंक ऑफ जापान का फैसला आना है और उसके बाद में मार्केट के सेंटीमेंट्स चेंज हो सकते हैं। अगर बैंक निफ्टी 57400 के ऊपर खुलता है तो मार्केट के अंदर एक नया तेजी का दौर शुरू हो सकता है।

अपने पसंदीदा शेयर पर बात करते हुए पंकज रांदड़ ने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में पूरे एफएमसीजी सेक्टर में काफी अच्छा एक्शन देखने को मिला है। इसी सेक्टर के गॉडफ्रे फिलिप्स (GODFREY PHILLIPS) के फ्यूचर्स में खरीदारी की सलाह होगी कल यह शेयर 2110 रुपए के आसपास बंद हुआ था। इसी के आसपास ही इसमें खरीदारी करें। 2155-2175 रुपए के टारगेट के लिए 2086 रुपए पर स्टॉपलॉस लगाएं।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silverstorm Parks And Resorts IPO Listing: पार्क और रिजॉर्ट कंपनी की फ्लैट शुरुआत, शेयर लगभग IPO प्राइस पर ही लिस्ट

SME सेगमेंट की कंपनी सिल्वरस्टॉर्म पार्क्स एंड रिजॉर्ट्स की 31 जुलाई को शेयर बाजार में लिस्टिंग न अच्छी रही, न बुरी। कंपनी के शेयर BSE SME पर फ्लैट नोट के साथ 132.90 रुपये पर लिस्ट हुए। IPO का फाइनल इश्यू प्राइस 133 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी का 82.43 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 1.91 गुना भरा था। IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.81 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 3.19 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.41 गुना सब्सक्राइब हुआ।

Silverstorm Parks & Resorts IPO में 62 लाख नए शेयर जारी हुए। कंपनी का पब्लिक इश्यू 24 जुलाई को खुला था और 28 जुलाई को बंद हुआ। सिल्वरस्टॉर्म पार्क्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड एम्यूजमेंट और टूरिज्म कंपनी है। यह भारत में एम्यूजमेंट पार्क, वॉटर पार्क, स्नो पार्क और हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज चलाती है। कंपनी की फ्लैगशिप डेस्टिनेशन, केरल के अतिरापिल्ली में स्थित ‘सिल्वर स्टॉर्म थीम पार्क’ है। यह लगभग 17.38 एकड़ में फैला है। इसमें एक एम्यूजमेंट और वॉटर पार्क, केरल का पहला इनडोर स्नो पार्क, कई रेस्टोरेंट और सिल्वर स्टॉर्म रिसॉर्ट शामिल हैं। कंपनी झारखंड के जमशेदपुर में भी एक स्नो पार्क चलाती है और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक नया स्नो पार्क और फैमिली एंटरटेनमेंट सेंटर बना रही है।

कंपनी एम्यूजमेंट और स्नो पार्क के टिकट बेचकर, खाने-पीने की सर्विसेज से, मर्चेंडाइज, रिजॉर्ट बुकिंग और प्राइवेट व कॉर्पोरेट इवेंट्स से कमाई करती है। यह अतिरापिल्ली में 1.2 किलोमीटर लंबे एरियल केबल कार प्रोजेक्ट के साथ अपनी सर्विस का विस्तार भी कर रही है। इसके साथ ही, नए एम्यूजमेंट राइड्स और वॉटर अट्रैक्शन भी जोड़े जा रहे हैं।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Lakhpati Scheme: रोजाना महज ₹20 बचाकर बनेंगे लखपति! जानिए एसबीआई की इस खास आरडी स्कीम का पूरा गणित

SBI Har Ghar Lakhpati Scheme Details: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने छोटे और मध्यम आय वर्ग के बचतकर्ताओं के लिए एक शानदार योजना शुरू की है, जिसका नाम ‘हर घर लखपति’ (Har Ghar Lakhpati Scheme) है। यह बेसिकली एसबीआई की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) का एक कस्टमाइज्ड गोल-बेस्ड वेरिएंट है।

इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य देश के हर परिवार को छोटी-छोटी मासिक बचत के जरिए ₹1 लाख या उससे अधिक का गारंटीड फंड तैयार करने में मदद करना है। अगर आप भी जोखिम रहित और सुरक्षित तरीके से ₹1 लाख की बचत करना चाहते हैं, तो यह स्कीम आपके लिए मुफीद साबित हो सकती है।

क्या है एसबीआई की ‘हर घर लखपति’ योजना?

‘हर घर लखपति’ एसबीआई की एक विशेष आवर्ती जमा (RD) योजना है। इसमें ग्राहक को हर महीने एक निश्चित समय अवधि के लिए एक तय राशि जमा करनी होती है। इस स्कीम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि मैच्योरिटी पूरी होने पर निवेशक को सीधे ₹1 लाख या इसके मल्टीपल जैसे ₹2 लाख, ₹3 लाख का एकमुश्त कॉर्पस मिलता है। चूंकि यह भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक की योजना है, इसलिए इसमें जमा आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है और ब्याज दरें तय रहती हैं।

हर महीने कितना करना होगा निवेश?

आप अपनी सहूलियत और बजट के हिसाब से 3 साल से लेकर 10 साल तक का कार्यकाल चुन सकते हैं। चुने गए साल के हिसाब से आपकी महीने की किस्त तय होती है:

हर महीने कितना करना होगा निवेश?

 

नोट: ब्याज दरों में समय-समय पर होने वाले बदलाव के अनुसार मासिक किस्त की राशि में थोड़ा-बहुत अंतर आ सकता है।

ब्याज दरें और सीनियर सिटीजन्स को एक्स्ट्रा फायदा

एसबीआई इस स्कीम पर अपनी सामान्य आरडी के बराबर ब्याज दरें देता है, जिसमें ब्याज की गणना तिमाही आधार पर कंपाउंड की जाती है।

सामान्य नागरिकों के लिए: अवधि के अनुसार ब्याज दर 6.50% से 6.75% प्रति वर्ष तक मिलती है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए: बुजुर्गों को सामान्य नागरिकों की तुलना में 0.50% (50 बीपीएस) अधिक ब्याज मिलता है। यानी वरिष्ठ नागरिक हर महीने थोड़ा कम प्रीमियम जमा करके भी ₹1 लाख का लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।

खाता कैसे खोलें और किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?

‘हर घर लखपति’ खाता खोलना बेहद आसान है। इसके लिए आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं:

SBI YONO App / Net Banking: अगर आप एसबीआई के मौजूदा ग्राहक हैं, तो आप YONO ऐप में जाकर ‘Deposits’ > ‘e-RD’ सेक्शन में जाकर ‘Har Ghar Lakhpati’ विकल्प चुनकर घर बैठे खाता खोल सकते हैं।

शाखा में जाकर: अपने नजदीकी एसबीआई ब्रांच में जाकर आवेदन फॉर्म भरें।

आवश्यक दस्तावेज: पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और एसबीआई का सेविंग्स अकाउंट।

लोन सुविधा और पेनाल्टी के नियम

लोन सुविधा: जरूरत पड़ने पर निवेशक जमा राशि के 90% तक का लोन या ओवरड्राफ्ट (OD) भी ले सकते हैं।

किस्त चूकने पर जुर्माना: अगर आप किसी महीने की किस्त समय पर नहीं भर पाते हैं, तो एसबीआई नियमानुसार मामूली पेनाल्टी वसूलता है। लगातार किस्तें मिस होने पर अकाउंट बंद भी हो सकता है।

टैक्स नियम (TDS): एक वित्त वर्ष में मिलने वाला कुल ब्याज अगर ₹40,000 (वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000) से अधिक होता है, तो टीडीएस लागू होगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Trend : अगर 24410 का रेजिस्टेंस पार हुआ तो 24500 के पार जाएगा निफ्टी, इन दो शेयरों में बन सकता है मोटा पैसा

Market Trend : 30 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। IT शेयरों में आई बढ़त का असर रियल्टी,कैपिटल गुड्स,हेल्थकेयर और कुछ बड़े शेयरों में आई कमजोरी से संतुलित हो गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 273.55 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 77,928.15 पर और निफ्टी 66.95 अंक या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 24,317.15 पर बंद हुआ। बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले ब्रॉडर इंडेक्स का प्रदर्शन कमजोर रहा। इसके चलते निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत नीचे गिरे।

आज बाजार में क्या हो रणनीति?

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 24370-24410 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24468-24491/24543 पर है। इसके लिए पहला बेस 24210-24266 पर और बड़ा बेस 24138-24171 पर है। कल बेस-1 पर गिरावट में खरीदारी की सलाह थी,24336 लक्ष्य हासिल हुआ। FIIs की कैश खरीदारी देखने को मिली है। DIIs की कैश में बिकवाली देखने को मिली है।

इंडेक्स में शॉर्ट कवरिंग हुई है। नेट शॉर्ट घटकर 1.86 लाख पर रहे हैं। US हैंडओवर अच्छा रहा। लेकिन सॉफ्टवेयर शेयर टूटे,चिप शेयरों में उछाल आया। निफ्टी IT ने कल 200 DEMA छुआ,आज हल्की मुनाफावसूली संभव है। कच्चा तेल 89 डॉलर के करीब ठीक-ठाक स्थित में है। 24500-24600 पर कॉल राइटिंग हुई है। 24300-24200 पर पुट राइटिंग दिखी है। बेस-1 तक गिरावट में किसी भी स्थिति में खरीदारी की रणनीति रहेगी। रजिस्टेंस-1 पर 200 DEMA और कॉल राइटर्स हैं। अगर रेजिस्टेंस-1 पार हुआ तो निफ्टी रेजिस्टेंस-2 तक जाएगा।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 57381-57542 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 57709-57889/58078 पर है। इसके लिए पहला बेस 56610-56833 पर और बड़ा बेस 56434-56506 पर है। यह कल बताए गए दायरे में ही रहा,गिरावट पर खरीदारी की रणनीति कारगर रही। रेजिस्टेंस-1 तक की तेजी भी देखने को मिली।

57000 पर कॉल और पुट राइटर्स की सबसे मजबूत पोजिशन है। ऑप्शन पोजिशनिंग से फिलहाल कंसोलिडेशन के संकेत मिल रहे हैं। बेस-1 तक गिरावट में खरीदारी की रणनीति बेहतर रहेगी। रेजिस्टेंस-1 के आसपास मुनाफावसूली की सलाह होगी। 57542 के ऊपर टिकते ही ब्रेकआउट के संकेत मिलेंगे। 57542 के ऊपर रेजिस्टेंस-2 तक स्विंग की उम्मीद है।

Trading Plan: 24200–24100 का सपोर्ट बने रहने तक निफ्टी में गिरावट पर करें खरीदारी, ऊपर की और 24500-24600 का टारेगट मुमकिन

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं manasjaiswal.com के मानस जायसवाल। मानस जायसवाल की नायका (NYKAA) में 330 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 342 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। इनकी हैवेल्स (HAVELLS) में भी 1239 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 1300 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: आज 24 जुलाई को Tata Steel, Vedanta, Swiggy, Bajaj Finance, Astra Microwave समेत इन शेयरों पर नजर, बड़ी हलचल की उम्मीद

शुक्रवार, 31 जुलाई को कई शेयरों में तेज उतारचढ़ाव देखने को मिल सकता है। इनमें टाटा स्टील, वेदांता, स्विगी, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज फिनसर्व, एस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्स, अबर्न कंपनी, नवीन फ्लोरीन, आरती इंडस्ट्रीज, मझगांव डॉक, रेलटेल, महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे नाम प्रमुख हैं। कुछ कंपनियों ने एक दिन पहले तिमाही नतीजे जारी किए थे। वहीं कुछ कंपनियां आज नतीजे जारी करने वाली हैं। कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं, जिन्होंने एक दिन पहले नई डील, कॉन्ट्रैक्ट या अन्य तरह के ​डेवलपमेंट्स की जानकारी दी थी। इन पर बाजार शुक्रवार को प्रतिक्रिया देगा।

इसके अलावा 65 से ज्यादा कंपनियों के शेयर 31 जुलाई को एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। साथ ही 2 लिस्टिंग भी होने वाली हैं। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के आएंगे नतीजे

मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज फिनसर्व, अर्बन कंपनी, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, GAIL (इंडिया), ITC, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज, ABB इंडिया, आधार हाउसिंग फाइनेंस, श्री सीमेंट, आदित्य बिड़ला कैपिटल, डिक्सन टेक्नोलोजिज (इंडिया), नारायण हृदयालय, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स, क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी, बजाज होल्डिंग्स एंड इनवेस्टमेंट और शैडोफैक्स टेक्नोलॉजिज

1 अगस्त को ये कंपनियां जारी करेंगी तिमाही रिजल्ट

डिविस लैबोरेटरीज, एपीएल अपोलो ट्यूब्स, मुथूट फाइनेंस, गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट्स, लेटेंट व्यू एनालिटिक्स, आदित्य बिड़ला लाइफस्टाइल ब्रांड्स, क्लीन साइंस एंड टेक्नोलॉजी, ईपैक प्रीफैब टेक्नोलोजिज और उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक

आज इन प्रमुख शेयरों पर रहेगी खास नजर

Tata Steel: अप्रैल-जून 2026 तिमाही (Q1) में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 11.6% बढ़कर 2,318.5 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 14.3% बढ़कर 60,794.3 करोड़ रुपये हो गया।

Vedanta: जून 2026 तिमाही में कंसोलिडेटेड बेसिस पर शुद्ध मुनाफा (कंपनी के मालिकों के लिए) 5473 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे से 72 प्रतिशत ज्यादा है। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 53.6 प्रतिशत बढ़कर 24205 करोड़ रुपये हो गया।

महिंद्रा एंड महिंद्रा: Q1 में शुद्ध लाभ एक साल पहले से 34 प्रतिशत बढ़कर 5,455 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 28 प्रतिशत बढ़कर 58,188 करोड़ रुपये हो गया।

Swiggy: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर घटकर 791 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले घाटा 1,197 करोड़ रुपये का था। रेवेन्यू 37.3% बढ़कर 6,812 करोड़ रुपये हो गया।

Bajaj Finance: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 27 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 5985.75 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू करीब 20 प्रतिशत बढ़कर 23165.45 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध ब्याज आय में सालाना आधार पर 24 प्रतिशत का इजाफा देखा गया और यह 11,495 करोड़ रुपये हो गई।

Torrent Pharmaceuticals: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 3.3% बढ़कर 566 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 54.8% बढ़कर 4,921 करोड़ रुपये रहा।

RailTel Corporation of India: Q1 में मुनाफा सालाना आधार पर 0.5% घटकर 65.8 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 20.1% बढ़कर 893.3 करोड़ रुपये हो गया।

Mazagon Dock Shipbuilders: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 21.5% बढ़कर 549.4 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 12.1% की बढ़ोतरी के साथ 2,942.7 करोड़ रुपये हो गया।

LIC Housing Finance: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 9.9% बढ़कर 1,499 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध ब्याज आय 0.6% की बढ़ोतरी के साथ 2,087.2 करोड़ रुपये रही।

Data Patterns India: Q1 में मुनाफा सालाना आधार पर 13.5% घटकर 22.1 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 16.8% बढ़कर 116 करोड़ रुपये हो गया।

AWL Agri Business: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 48.2% बढ़कर 350.3 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 17.5% बढ़कर 20,048.1 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने पंकज गोयल को 31 जुलाई से चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर नियुक्त किया है।

Thermax: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 83.4% घटकर 25.2 करोड़ रुपये पर आ गया। रेवेन्यू 6.7% की बढ़ोतरी के साथ 2,302.7 करोड़ रुपये हो गया।

Aarti Industries: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 260.5% बढ़कर 155 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 42.4% बढ़कर 2,387 करोड़ रुपये हो गया।

Indegene: Q1 में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 0.2% घटकर 116.2 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 39.7% बढ़कर 1,063.1 करोड़ रुपये हो गया।

Astra Microwave Products: कंपनी को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स से 2,205.23 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर ‘उत्तम रडार प्रोग्राम’ के लिए 122 एडवांस्ड एयरबोर्न एक्टिव ऐरे यूनिट्स (AAAUs) और 121 इंटरफेस फ्रेम के लिए है।

Navin Fluorine International: कंपनी ने डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) के साथ सोडियम बोरोहाइड्राइड के बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए एक समझौता किया है। इसका मकसद एक अहम डिफेंस मैटीरियल के लिए स्वदेशी प्रोसेस डेवलपमेंट को तेज करना है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

बल्क और ब्लॉक डील्स

IIFL Finance: FIH मॉरीशस इनवेस्टमेंट्स ने IIFL फाइनेंस में 63.39 लाख शेयर 374.02 करोड़ रुपये में बेचे। अमेरिकन फंड इंश्योरेंस सीरीज ग्लोबल स्मॉल कैपिटलाइजेशन फंड ने 9.8 करोड़ रुपये में 1.66 लाख शेयर खरीदे। स्मॉलकैप वर्ल्ड फंड ने 364.2 करोड़ रुपये में 61.73 लाख शेयर खरीदे।

Sapphire Foods India: फिडेलिटी फंड्स इंडिया फोकस फंड ने अतिरिक्त 20.22 लाख शेयर 39.58 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। सिंगापुर सरकार ने 18.95 लाख शेयर 37.1 करोड़ रुपये में बेचे हैं।

Xtranet Technologies: मित्तल ग्रोथ पार्टनर्स LLP ने 9.4 लाख शेयर 12.69 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।

Bai-Kakaji Polymers: अबाकस वेंचर अपॉर्चुनिटीज फंड ने 6.08 लाख शेयर 12.18 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। टाइगर स्ट्रैटेजीज फंड-I ने 2.16 करोड़ रुपये में 1.08 लाख शेयर बेचे हैं। संजय पोपटलाल जैन ने 6.84 करोड़ रुपये में 3.42 लाख शेयर बेचे हैं।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

क्यूब हाईवेज ट्रस्ट

सिल्वरस्टॉर्म पार्क्स एंड रिसॉर्ट्स

आज ये शेयर करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेड

कोल इंडिया

आयशर मोटर्स

REC

भारती हेक्साकॉम

एस्ट्राजेनेका फार्मा इंडिया

ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज

कल्याणी स्टील्स

मफतलाल इंडस्ट्रीज

पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन

AU स्मॉल फाइनेंस बैंक

अनंत राज

कोरोमंडल एग्रो प्रोडक्ट्स एंड ऑयल्स

सिटी यूनियन बैंक

ASK ऑटोमोटिव

बेजल प्रोजेक्ट्स

बाटा इंडिया

ADC इंडिया कम्युनिकेशंस

ऑलडिजी टेक

बाटलीबोई

सेलो वर्ल्ड

सेंटम इलेक्ट्रॉनिक्स

बंगाल टी एंड फैब्रिक्स

अमल

बॉम्बे डाइंग एंड मैन्युफैक्चरिंग कंपनी

कैंपस एक्टिववियर

कार्बोरंडम यूनिवर्सल

सिएट

DCM श्रीराम

EIH

ममता मशीनरी

नेक्सोम कैपिटल मार्केट्स

इंटरनेशनल ट्रैवल हाउस

एक्सप्लेओ सॉल्यूशंस

केल्टेक एनर्जीज

किर्लोस्कर ऑयल इंजन्स

KPT इंडस्ट्रीज

फाइन ऑर्गेनिक इंडस्ट्रीज

कैरा कैन कंपनी

केसी इंडस्ट्रीज

गैलेक्सी सर्फेक्टेंट्स

गंधार ऑयल रिफाइनरी (इंडिया)

एंड्योरेंस टेक्नोलोजिज

GE पावर इंडिया

हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन

फाइव-स्टार बिजनेस फाइनेंस

ग्रीनपैनल इंडस्ट्रीज

इगाराशी मोटर्स इंडिया

रेडटेप

वरुण बेवरेजेज

V-गार्ड इंडस्ट्रीज

RK स्वामी

PNB हाउसिंग फाइनेंस

इंडिजीन

प्लेटिनमवन बिजनेस सर्विसेज

इंडियन मेटल्स एंड फेरो अलॉयज

प्रिवी स्पेशलिटी केमिकल्स

प्रदीप मेटल्स

प्रिसिजन वायर्स इंडिया

सिंगर इंडिया

सिरका पेंट्स इंडिया

रामा फॉस्फेट्स

सैकसॉफ्ट

शिलचर टेक्नोलोजिज

टिम्केन इंडिया

स्मृति ऑर्गेनिक्स

स्पाइस आइलैंड्स इंडस्ट्रीज

स्ट्राइड्स फार्मा साइंस

WPIL

स्टॉक स्प्लिट के लिए ये शेयर करेंगे एक्स-स्प्लिट ट्रेड

नर्मदा एग्रोबेस

Asian Market Today: चिप शेयरों में जोरदार खरीदारी से एशियाई बाजारों में रौनक,कोस्पी 13% ऊपर, निक्केई 5% चढ़ा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Trading Plan: 24200–24100 का सपोर्ट बने रहने तक निफ्टी में गिरावट पर करें खरीदारी, ऊपर की और 24500-24600 का टारेगट मुमकिन

Trading Plan : निफ्टी में लगातार हायर हाईज और हायर लोज बन रहे है। यह शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। इसके मोमेंटम इंडिकेटर हो रहे हैं। साथ ही इंडिया VIX में भी नरमी आ रही है। कच्चे तेल के भाव भी घट रहे हैं। इन सब वजहों से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है। ऐसे में निफ्टी के 24400 के लेवल (जो इसके 200-दिन के EMA से थोड़ा ऊपर है) पर वापस आने की संभावना दिख रही है। बाजार जानकारों का कहना है कि अगर निफ्टी 24,100 के सपोर्ट लेवल को बचाए रख पाता है और लगातार इस लेवल के ऊपर बना रहता है,तो यह 24,500-24,600 के जोन (पिछले स्विंग हाई और अहम रेजिस्टेंस लेवल) की ओर बढ़ सकता है।

बैंक शेयरों की बात करें तो बैंक निफ्टी को 57,800-58,000 के जोन की ओर अपनी बढ़त जारी रखने के लिए 57,300 के रेजिस्टेंस को साफ तौर पर पार करना होगा। एक्सपर्ट्स का कहना जब तक ऐसा नहीं होता तब तक कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना है। बैंक निफ्टी के लिए 56,650-56,500 का जोन में सपोर्ट है।

निफ्टी आउटलुक और रणनीति

सैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट,धूपेश धमेजा का कहना है कि निफ्टी में लगातार पांचवें सेशन में रिकवरी देखने को मिली। इसने हायर हाइज़ की एक सीरीज़ बनाई,जो लगातार हो रही खरीदारी और मजबूत होते बुलिश मोमेंटम का संकेत है। निफ्टी अपने 20-DEMA के ऊपर ट्रेड कर रहा है और अब 200-DEMA (24,370) के अहम लेवल के करीब पहुंच रहा है। यह एक बड़ा रेजिस्टेंस है जिसे पार करने पर मीडियम-टर्म ट्रेंड और मज़बूत हो सकता है। RSI बढ़कर 57.66 हो गया है,जो बेहतर होते मोमेंटम का संकेत है। इंडिया VIX 12.16 के निचले स्तर पर बना रहा। यह भी एक अच्छा संकेत है।

ऑप्शंस के आंकड़ों की बात करें तो सबसे ज़्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट 24,000 के लेवल पर है और उसके बाद 24,200 पर भी अच्छे खासे पुट ओपन इंटरेस्ट हैं। वहीं सबसे ज्यादा कॉल ओपन इंटरेस्ट 24,600 के लेवल पर है और उसके बाद 24,500 पर भी अच्छी कॉल राइटिंग हुई है। PCR (पुट-कॉल रेश्यो) 1.29 के लेवल पर है, जो डेरिवेटिव्स में पॉजिटिव पोजीशन दिखाता है। जब तक निफ्टी 24,200–24,100 के सपोर्ट जोन के ऊपर टिका रहता है,तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए। निफ्टी में ऊपर की ओर 24,370 और 24,500 तक जाने की संभावना है।

अहम रेजिस्टेंस: 24,360, 24,500, 24,650

अह सपोर्ट: 24,200, 24,100, 24,000

स्ट्रैटेजी: ट्रेडर्स 4अगस्त,2026 की एक्सपायरी के लिए’बुल पुट स्प्रेड’ले सकते हैं। इसके लिए वे 24,500 PE का एक लॉट 242 रुपये में बेच सकते हैं और 24,300 PE का एक लॉट 114 रुपये में खरीद सकते हैं। यह सेटअप संभावित बढ़त का फायदा उठाने के लिए बनाया गया है।

स्टॉप-लॉस: इस स्ट्रेटेजी को सख्ती से अपनाएं और रिस्क मैनेजमेंट को सही ढंग से बनाए रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा मार्क-टू-मार्केट (MTM) नुकसान की सीमा ₹4,712 तय करें।

टारगेट: इस स्ट्रेटेजी को बनाए रखें और ज्यादा से ज्यादा ₹9,456 के मार्क-टू-मार्केट (MTM) मुनाफो का लक्ष्य रखें। जब MTM मुनाफा ₹8,287 से ज्यादा हो जाए,तो मुनाफा बुक कर लें।

 

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।