भारत में बुलेट ट्रेन का मेगा प्लान, जेवर एयरपोर्ट से सूरत-वडोदरा तक बदलेगी विकास की तस्वीर

भारत में बुलेट ट्रेन नेटवर्क को बड़े स्तर पर बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन (NHSRCL) ने करीब 4,000 किलोमीटर लंबे सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया है। इन परियोजनाओं के लिए पुल, सुरंग, एलिवेटेड ट्रैक और स्टेशनों का एक समान डिजाइन तैयार किया जाएगा। खास बात ये है कि नई बुलेट ट्रेन लाइनें भारतीय इंजीनियरिंग मानकों पर आधारित होंगी और इन्हें 350 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति के अनुरूप विकसित किया जाएगा। सरकार इसे ‘मेक इन इंडिया’ के तहत रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

सात प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में से चार की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी मिल चुकी है। वहीं बाकी तीन मार्गों पर सर्वे का काम जारी है। इसके साथ ही रूट की जांच और जमीन की तकनीकी पड़ताल का काम भी तेजी से किया जा रहा है, ताकि परियोजनाओं को तय समय पर आगे बढ़ाया जा सके। प्रस्तावित सात नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल मार्ग भी शामिल है। इस परियोजना की सबसे खास बात नोएडा के जेवर एयरपोर्ट के नीचे बनने वाला भूमिगत स्टेशन होगा। इस स्टेशन को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए करीब 9.4 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई जाएगी, जिसे इस परियोजना की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग चुनौतियों में से एक माना जा रहा है।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत 508 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर 12 स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। इस हाई-स्पीड रेल लाइन से महाराष्ट्र और गुजरात के कई प्रमुख शहर आपस में जुड़ेंगे। माना जा रहा है कि इस परियोजना से स्टेशनों के आसपास तेजी से शहरी विकास होगा और निवेश के नए अवसर बढ़ेंगे। खासकर सूरत और वडोदरा जैसे शहरों में बेहतर कनेक्टिविटी के कारण रियल एस्टेट बाजार को बड़ा फायदा मिल सकता है और आने वाले समय में यहां संपत्तियों की कीमतों में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

बुलेट ट्रेन परियोजना से बोइसर, वापी और अहमदाबाद जैसे क्षेत्रों के विकास को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण इन इलाकों में उद्योग, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउस और नए आवासीय प्रोजेक्ट तेजी से बढ़ सकते हैं। वहीं अहमदाबाद का साबरमती स्टेशन बुलेट ट्रेन, मेट्रो और रेलवे को जोड़ने वाला बड़ा ट्रांसपोर्ट हब बनेगा, जिससे आसपास के क्षेत्र में व्यापार, होटल और रियल एस्टेट सेक्टर को भी बड़ा फायदा मिलने की संभावना है।

कल का मौसम 28 जून: IMD ने इन 25 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली से यूपी बिहार तक ऐसा मौसम

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 जून के लिए देश के करीब 25 राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का बड़ा अलर्ट जारी किया है. एक तरफ जहां कई राज्यों में मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरसने वाली है, वहीं उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अभी भी लू का प्रकोप बना रहेगा.

वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3-4 दिनों के भीतर मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बेहद अनुकूल हैं.

बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट: असम, मेघालय और बंगाल में मूसलाधार आफत

मौसम विभाग ने 28 जून को देश के पूर्वोत्तर और पहाड़ी इलाकों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है:

  • * असम और मेघालय: इन दोनों राज्यों के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने और अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है.
  • * उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इस क्षेत्र में भी कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ अलग-अलग पॉकेट्स में अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है.
  • * अरुणाचल प्रदेश और केरल-माहे: इन क्षेत्रों के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान लगाया गया है.

बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के अनुसार, 28 जून को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है. प्रभावित होने वाले प्रमुख राज्य इस प्रकार हैं:

  • * पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार और ओड़िशा के अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. इसके साथ ही नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी वर्षा का अलर्ट है.
  • * मध्य और पश्चिमी भारत: छत्तीसगढ़, विदर्भ और कोंकण व गोवा के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.
  • * दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, लक्षद्वीप और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है. इसके अलावा तटीय कर्नाटक में तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं.

आंधी-तूफान और थंडरस्कॉल: दिल्ली-NCR से राजस्थान-यूपी तक अलर्ट

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज रफ्तार आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी है:

* अंडमान और निकोबार में थंडरस्कॉल: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग स्थानों पर 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ थंडरस्कॉल आने की आशंका है.

* 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बिजली: पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओड़िशा, पूर्वी राजस्थान, केरल व माहे, कोंकण व गोवा, लक्षद्वीप और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आंधी आने और बिजली कड़कने की संभावना है.

* 30-40 किमी/घंटे की हवाएं: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. वहीं पंजाब, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है.

दिल्ली-एनसीआर, यूपी और बिहार में लू का कहर

जहां एक तरफ मानसून आगे बढ़ रहा है, वहीं उत्तर और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों को अभी भीषण गर्मी झेलनी होगी:

* उत्तर प्रदेश: यूपी में अभी राहत नहीं है. पूरे उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी यूपी) के अलग-अलग इलाकों में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बने रहने की गंभीर चेतावनी दी गई है.

* दिल्ली और बिहार: दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और बिहार के अलग-अलग पॉकेट्स में 28 जून को लू (Heat Wave) चलने की संभावना जताई गई है.

हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि 28 जून के बाद पूर्वी भारत में तापमान में 2-4°C की गिरावट आएगी, जबकि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में 30 जून के बाद तापमान 4-6°C तक गिर सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी.

समुद्र में जाने से बचें: मछुआरों के लिए रेड वार्निंग

मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण समुद्र में बेहद खतरनाक स्थिति रहने वाली है, इसलिए मछुआरों को इन क्षेत्रों में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है:

* अरब सागर: सोमालिया तट और दक्षिण-पश्चिम व मध्य अरब सागर के हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे से लेकर 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी. इसके अलावा दक्षिण कोंकण, गोवा, कर्नाटक व केरल तट और लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी.

* बंगाल की खाड़ी: मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम व दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, मध्य बंगाल की खाड़ी, तटीय आंध्र प्रदेश और अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है.

Ketan Murder Case: केतन हत्याकांड में ये लाल इलेक्ट्रिक कार बनी सबसे बड़ा सुराग, वायरल वीडियो से खुल रहे नए राज

Ketan Murder Case: पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है,उसमें नई बातें सामने आ रही हैं। वहीं हत्या के मामले में जांच अब उस लाल इलेक्ट्रिक कार पर केंद्रित हो गई है, जिसका इस्तेमाल घटना वाले दिन लोहगढ़ किले जाने के लिए किया गया था। पुलिस इस कार की गहन जांच कर रही है ताकि घटना से जुड़े अहम सुराग मिल सकें। 25 वर्षीय केतन अग्रवाल की 18 जून को लोहगढ़ किले की यात्रा के दौरान कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी।

जांच में अब तक सामने आया है कि केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ लोहगढ़ किले गए थे। पुलिस का आरोप है कि सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को किले पर एक चट्टान से नीचे धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

जांच में शामिल लाल इलेक्ट्रिक कार वही है, जो घटना से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई वीडियो में दिखाई दी थी। एक वीडियो में केतन अग्रवाल और सिया गोयल कार का सनरूफ खोलकर सफर करते नजर आए थे। वहीं, दूसरे वीडियो में केतन अपनी जन्मदिन की पार्टी के दौरान सिया को फूल देते हुए दिखाई दे रहे थे। पुलिस इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी को मुख्य आरोपी मान रही है। जांच के तहत शुक्रवार को सिया के भाई साहिल गोयल से भी पूछताछ की गई। पूछताछ शुरू होने से पहले सिया के माता-पिता पूजा गोयल और प्रवीण गोयल भी लोनावला ग्रामीण पुलिस थाने पहुंचे थे।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलेगा मामला

केतन अग्रवाल हत्याकांड में महाराष्ट्र सरकार ने भी बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली सरकार ने इस मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने की मंजूरी दे दी है। साथ ही वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम को इस मामले का विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है। यह फैसला केतन अग्रवाल के परिवार की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद लिया गया। परिवार ने मामले में जल्द न्याय और त्वरित कार्रवाई की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में तेजी से पूरी कराई जाएगी। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है।

Monsoon 2026: मानसून आ गया फिर भी दिल्ली-NCR में क्यों नहीं रही बारिश? मौसम विभाग ने बताई वजह

दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मानसून के उत्तर और मध्य भारत के कई अन्य हिस्सों तक पहुंचने के लिए मौसम पूरी तरह अनुकूल बना हुआ है। इसके बावजूद दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जो आमतौर पर जून के आखिर में देखने को मिलती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब मानसून पहुंच चुका है, तो फिर बारिश क्यों नहीं हो रही?

दरअसल, मानसून का किसी क्षेत्र में पहुंचना और वहां लगातार बारिश होना, दोनों अलग-अलग बातें हैं। अच्छी बारिश तभी होती है, जब बारिश कराने वाली मौसम प्रणालियां पूरी तरह सक्रिय हो जाती हैं। फिलहाल यही सिस्टम कई इलाकों में पूरी तरह सक्रिय नहीं हुए हैं, इसलिए मानसून आने के बावजूद व्यापक बारिश नहीं हो रही है।

मानसून के किसी इलाके में पहुंचने का मतलब यह नहीं है कि वहां तुरंत तेज बारिश शुरू हो जाएगी। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार कई मौसम संबंधी कारणों पर निर्भर करती है। इनमें हवा की दिशा, वातावरण में नमी और बड़े इलाके में लगातार बारिश जैसी स्थितियां शामिल होती हैं। इसलिए यह जरूरी नहीं है कि किसी राज्य के हर जिले में एक साथ बारिश हो। कई बार मानसून राज्य में पहुंच जाता है, लेकिन कई शहरों में कुछ दिनों तक गर्मी, उमस और सूखा मौसम बना रहता है।

हाल ही में जारी INSAT-3DS उपग्रह की तस्वीरों में भी यही स्थिति दिखाई दी है। मध्य भारत, बंगाल की खाड़ी, पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में घने बादल नजर आ रहे हैं। वहीं दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में अभी भी आसमान काफी हद तक साफ दिखाई दे रहा है।

उत्तर भारत में अभी तक अच्छी बारिश क्यों नहीं हो रही?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में व्यापक बारिश नहीं होने की सबसे बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी के ऊपर मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर सिस्टम) नहीं बनना है। यही सिस्टम मानसून को मजबूत करता है और समुद्र से नमी लेकर देश के अंदरूनी इलाकों तक पहुंचाता है। इसके कारण मध्य और उत्तर भारत में अच्छी बारिश होती है।

जब ऐसा सिस्टम सक्रिय नहीं होता, तो नमी वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं भी कमजोर पड़ जाती हैं। ऐसे में लगातार बारिश होने की बजाय केवल कुछ जगहों पर आंधी, गरज-चमक और हल्की या छिटपुट बारिश होती है। यानी, मानसून उत्तर भारत तक पहुंच चुका है, लेकिन अच्छी और व्यापक बारिश के लिए जरूरी मौसम प्रणाली अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुई है। इसी वजह से कई इलाकों में लोग अब भी तेज बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

जुलाई में फिर जोर पकड़ सकता है मानसून

मौसम के अनुमान बताते हैं कि जुलाई की शुरुआत में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा सूखा मौसम ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि भूमध्य रेखा के उत्तर में पूर्वी हिंद महासागर के ऊपर एक बड़ा मौसम तंत्र विकसित हो रहा है। उम्मीद है कि यह अगले 4 से 7 दिनों में बंगाल की खाड़ी तक पहुंच जाएगा। इसके बाद मानसून को मजबूती मिलेगी और बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का नया क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे देश के कई हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है।

इसके अलावा, मौसम वैज्ञानिक पश्चिमी भारत के ऊपर बनने वाले एक विशेष मौसम तंत्र पर भी नजर बनाए हुए हैं। यदि यह सक्रिय होता है, तो महाराष्ट्र, गुजरात और आसपास के राज्यों में अच्छी और तेज बारिश देखने को मिल सकती है।

Salman Khan Galaxy Apartments: सलमान खान गैलेक्सी अपार्टमेंट छोड़ने की कर रहे हैं तैयारी? बांद्रा में समुंदर किनारे 6 मंजिला घर की हुई डील

Salman Khan Galaxy Apartments: सलमान खान को मुंबई के बांद्रा में छह मंजिला रिहायशी इमारत बनाने की मंज़ूरी मिल गई है, जिससे खान परिवार के लिए एक नए घर का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि एक्टर अपने लंबे समय से रहे आ रहे घर, गैलेक्सी अपार्टमेंट्स से कहीं और शिफ्ट होंगे।

महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी (MCZMA) ने 16 जून को इस प्रस्ताव को मंज़ूरी दी। यह नई इमारत बांद्रा के चिम्बाई इलाके में बनेगी, जो गैलेक्सी अपार्टमेंट्स से थोड़ी ही दूरी पर है, जहां सलमान खान 1974 से रह रहे हैं। MCZMA के सूत्रों के मुताबिक, जिस प्लॉट पर यह इमारत बनेगी, वह सलमान की मां सलमा खान के नाम पर रजिस्टर्ड है।

इस प्रॉपर्टी पर 1956 से पहले से एक दो-मंज़िला घर बना हुआ था, जिसे ढांचे के लिहाज़ से असुरक्षित होने के कारण गिरा दिया गया था। मंज़ूर किए गए प्रोजेक्ट में ग्राउंड फ़्लोर, स्टिल्ट पार्किंग और छह ऊपरी मंज़िलें शामिल हैं। प्रस्तावित इमारत का कुल बिल्ट-अप एरिया लगभग 1,014 वर्ग मीटर होगा और इसे सच डेवलपर्स द्वारा बनाया जाएगा।

इस प्रोजेक्ट को पहले अक्टूबर 2025 में बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) से ‘इंटिमेशन ऑफ़ डिसअप्रूवल’ (IOD) यानी शुरुआती मंज़ूरी मिल गई थी। अब MCZMA से मंज़ूरी मिलने के बाद, यह प्रोजेक्ट निर्माण कार्य शुरू होने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गया है। मंज़ूरी के साथ जुड़ी पर्यावरण संबंधी शर्तों के तहत, निर्माण कार्य के दौरान मौजूदा पेड़ों में से किसी को भी नहीं काटा जाएगा।

इसके बजाय, प्रॉपर्टी के आस-पास स्थानीय प्रजातियों के नए पेड़ लगाए जाएंगे। यह घटनाक्रम सलमान खान की सुरक्षा बढ़ाए जाने के दो साल से ज़्यादा समय बाद सामने आया है। उनकी सुरक्षा तब बढ़ाई गई थी जब कथित तौर पर बिश्नोई गैंग के सदस्यों ने गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर गोलीबारी की थी। अभिनेता को अभी Y+ सुरक्षा मिली हुई है। यह नई प्रॉपर्टी मुख्य सड़क से दूर एक शांत गली में स्थित है। उम्मीद है कि इस जगह पर खान परिवार को ज़्यादा प्राइवेसी और बेहतर सुरक्षा मिलेगी।

ठाणे में हैरान करने वाला हादसा, खड़ी कार में अचानक खुला एयरबैग…युवक को लगी ऐसी चोट कि हो गई मौत

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक चौंकाने वाला हादसा सामने आया है। पुलिस के अनुसार, खड़ी कार के अंदर अचानक एयरबैग खुलने से 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, कार के स्टीयरिंग में लगा एयरबैग अचानक खुल गया और उसका कवर युवक की गर्दन से जोरदार टकरा गया। एयरबैग खुलने के बाद उसे गंभीर चोटें आईं और अधिक खून बहने के कारण उसकी जान नहीं बच सकी।

खड़ी कार में अचानक खुला एयरबैग, युवक की मौत

पुलिस ने बताया कि यह घटना बुधवार को काशीमीरा इलाके में हुई। मृतक कारों का कारोबार करता था और करीब 15 साल पुरानी एक कार में बैठा हुआ था। इसी दौरान अचानक कार का सेफ्टी सिस्टम सक्रिय हो गया और एयरबैग खुल गया। एयरबैग के तेज झटके से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने से पहले ही अधिक खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई।

ठाणे में हैरान करने वाला हादसा

मृतक का नाम मोहित सोनी बताया गया है। हादसे के बाद सोनी को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरो ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मोहित सोनी ने कार पार्क की और फिर जोरदार आवाज आई। आवाज सुनने के बाद लोग दौड़े। एक शख्स ने बताया कि मोहित सोनी को काफी खून बह रहा था। लोगों ने मोहित सोनी को बाहर निकाला और ऐंबुलेंस को फोन किया।

पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि कार पुरानी थी, लेकिन उसके सभी जरूरी दस्तावेज और फिटनेस प्रमाणपत्र वैध थे। फिलहाल पुलिस ने हादसे में मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की सच्चाई जानने के लिए ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है।

IMD Heavy Rain Alert: आईएमडी ने असम-मेघालय और बंगाल समेत इन 27 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट दिया, 3 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

देश के बड़े हिस्से में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने असम, मेघालय, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत देश के करीब 27 राज्यों में आने वाले दिनों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में आगामी 3 जुलाई तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा और व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है।

वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

पूर्वोत्तर भारत और बंगाल-सिक्किम में आफत की बारिश, रेड अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है:

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इन क्षेत्रों में 27 से 29 जून के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने और अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इसके बाद 30 जून को भी यहां कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 1 से 3 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

  • असम और मेघालय: इन दोनों राज्यों में 27 जून और फिर 29-30 जून को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। सबसे गंभीर स्थिति 28 जून को होने की संभावना है, जब असम और मेघालय में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग इलाकों में अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 1 से 3 जुलाई तक भी यहां भारी बारिश जारी रहेगी।
  • अरुणाचल प्रदेश: यहां 27 से 29 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है, जबकि 30 जून से 2 जुलाई तक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन चारों पूर्वोत्तर राज्यों में 27 जून से लेकर 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।

बिहार, झारखंड और ओड़िशा समेत पूर्वी भारत का हाल

  • बिहार: बिहार में 27 और 28 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 29 और 30 जून को राज्य में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। 1 जुलाई को भी यहां भारी बारिश की संभावना है, जबकि 27 से 29 जून के दौरान आकाशीय बिजली चमकने और 30 जून से 1 जुलाई के बीच 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
  • ओडिशा: ओडिशा में 27 से 29 जून और फिर 2-3 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक 30 जून और 1 जुलाई को ओड़िशा में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल: इन दोनों राज्यों में 30 जून और 1 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही 27 जून से 3 जुलाई तक तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा।
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: यहाँ 28 और 29 जून को भारी बारिश का अनुमान है। साथ ही 28 जून से 1 जुलाई के दौरान 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले थंडरस्कॉल का अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली-NCR, यूपी और उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का पूर्वानुमान

  • दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 27 जून से 2 जुलाई तक छिटपुट बारिश की संभावना है, जबकि 3 जुलाई को इन क्षेत्रों में व्यापक रूप से वर्षा हो सकती है। 1 से 3 जुलाई के दौरान इन राज्यों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अनुमान है।
  • उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जून तक छिटपुट बारिश और फिर 1 से 3 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 जून से 3 जुलाई तक बारिश का दौर देखा जाएगा, जिसके साथ 30 जून से 3 जुलाई के बीच 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है।
  • उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 30 जून से 3 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से बारिश होने का अनुमान है। उत्तराखंड में 30 जून से 3 जुलाई के बीच और जम्मू-कश्मीर में 2-3 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।
  • हिमाचल प्रदेश: यहां 1 से 3 जुलाई के बीच व्यापक बारिश और भारी बारिश होने की संभावना है।
  • राजस्थान: पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 27 जून से 3 जुलाई तक बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

मध्य और पश्चिमी भारत में वर्षा का अलर्ट

मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 27 जून और फिर 29-30 जून को भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 27 और 29 जून को भारी बारिश हो सकती है जबकि 2 से 3 जुलाई के बीच यहां व्यापक बारिश का अनुमान है।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ और विदर्भ दोनों ही क्षेत्रों में 27 जून से 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

कोंकण और गोवा: यहाँ 27 जून से 3 जुलाई के दौरान लगातार व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है।

मध्य महाराष्ट्र और मारवाड़ा: मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 27 जून को और फिर 1 से 3 जुलाई के बीच भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

गुजरात क्षेत्र: गुजरात क्षेत्र में 2 और 3 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत के राज्यों में मौसम की स्थिति

तटीय कर्नाटक और तेलंगाना: इन दोनों क्षेत्रों में 27 जून से 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अलर्ट है। तटीय कर्नाटक में इस दौरान तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

केरल और माहे: यहां 27 जून और फिर 30 जून से 3 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है। हालांकि, 28 और 29 जून को केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल: यहां 27 से 29 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

आंतरिक कर्नाटक: उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 2-3 जुलाई को और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 30 जून से 3 जुलाई के बीच भारी बारिश की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा: तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 27-28 जून तथा 1-3 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। रायलसीमा में 27 जून को भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

लक्षद्वीप: लक्षद्वीप में 28 और 29 जून को भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में भीषण लू की चेतावनी

बारिश के अलर्ट के बीच मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों तक भीषण गर्मी का अनुमान जताया है:

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 27 से 29 जून तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जून तक लू की स्थिति बनी रहेगी। इनमें से 27 और 28 जून को दोनों ही क्षेत्रों (पूर्वी और पश्चिमी यूपी) के अलग-अलग पॉकेट्स में भीषण लू का प्रकोप रहने की आशंका है।

बिहार: बिहार के कुछ सीमित इलाकों में 27 और 28 जून को लू की स्थिति देखने को मिल सकती है। उमस भरा मौसम: झारखंड और ओड़िशा में 27 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

UCC Bill West Bengal: पश्चिम बंगाल में सोमवार को UCC बिल होगा पेश, जानें इसमें क्या है खास?

UCC Bill West Bengal: पश्चिम बंगाल अब समान नागरिक संहिता (UCC) की दिशा में कदम बढ़ाने वाला अगला भाजपा शासित राज्य बनने जा रहा है। इस सोमवार को राज्य विधानसभा में UCC बिल पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि भाजपा ने अपने चुनावी घोषणापत्र में UCC लागू करने का वादा किया था और इसे नई सरकार की प्राथमिक प्राथमिकताओं में शामिल किया था।

बता दें कि पश्चिम बंगाल उन BJP-शासित राज्यों की बढ़ती सूची में शामिल हो गया है जिन्होंने UCC की दिशा में कदम उठाए हैं। जबकि उत्तराखंड ने इसे सबसे पहले लागू किया था, जिसके बाद असम, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात ने भी ऐसा किया।

यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) क्या है?

UCC का मकसद धर्म-आधारित पर्सनल कानूनों की जगह एक ऐसा एकसमान कानूनी ढांचा लाना है जो सभी नागरिकों के लिए – चाहे उनका धर्म कोई भी हो – शादी, तलाक, विरासत, संपत्ति के बंटवारे और गोद लेने जैसे सिविल मामलों को नियंत्रित करे।

इसके समर्थकों का तर्क है कि यह कानून के सामने समानता सुनिश्चित करता है और धर्म-आधारित पर्सनल कानूनों से होने वाले भेदभाव को खत्म करता है।

पश्चिम बंगाल के UCC में क्या-क्या शामिल होगा?

भाजपा द्वारा प्रस्तावित ढांचे के आधार पर, इस विधेयक में निम्नलिखित मुद्दों को संबोधित किए जाने की उम्मीद है:

क्षेत्रक्या बदलाव होंगे
विवाह (Marriage)सभी समुदायों के लिए विवाह की समान न्यूनतम कानूनी उम्र; सभी शादियों का अनिवार्य पंजीकरण
लैंगिक समानता (Gender Equality)बहुविवाह पर प्रतिबंध; महिलाओं को संपत्ति और उत्तराधिकार में समान अधिकार; धर्म की परवाह किए बिना समान कानूनी सुरक्षा
लिव-इन संबंध (Live-in Relationships)लिव-इन संबंधों का शुरुआत और अंत दोनों समय अनिवार्य पंजीकरण, निर्धारित प्राधिकरण के पास
तलाक (Divorce)तलाक की प्रक्रिया के लिए एक समान कानूनी ढांचा, जो धर्म-आधारित या पारंपरिक तरीकों की जगह लेगा; दोनों पक्षों को समान कानूनी अधिकार और राहत

पश्चिम बंगाल में यह बात खास तौर पर क्यों अहम है?

राजनीतिक नेताओं ने बताया है कि अल्पसंख्यक बहुल जिलों – मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तरी दिनाजपुर के कुछ हिस्सों में इसका बड़ा राजनीतिक और सामाजिक असर हो सकता है। पार्टी सूत्रों का दावा है कि अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं का एक वर्ग UCC प्रस्ताव का स्वागत कर रहा है। उनका कहना है कि इससे शादी, तलाक और विरासत से जुड़े उनके कानूनी अधिकार मजबूत हो सकते हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

भाजपा के लिए UCC एक लंबे समय से चला आ रहा वैचारिक और नीतिगत संकल्प है। अगर यह विधेयक पारित हो जाता है, तो इसे पश्चिम बंगाल की पहली भाजपा सरकार के सबसे महत्वपूर्ण विधायी सुधारों में से एक माना जाएगा।

इस पर राजनीतिक बहस कैसी हो सकती है?

समर्थक UCC को कानूनी एकरूपता और लैंगिक समानता की दिशा में एक कदम के तौर पर देखते हैं। आलोचकों के धर्म-आधारित पर्सनल लॉ और सांस्कृतिक रीति-रिवाजों पर इसके संभावित असर को लेकर चिंता जताने की उम्मीद है। यह बहस पश्चिम बंगाल जैसे विविध जनसंख्या और राजनीतिक संरचना वाले राज्य में काफी तीखी हो सकती है।

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कल का मौसम 27 जून: IMD ने बिहार समेत इन 20+ राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा वेदर

India Weather Update: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 जून के लिए देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के बचे हुए हिस्सों और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट: बंगाल और सिक्किम में आफत की आशंका

मौसम विभाग ने 27 जून को कुछ राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 27 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। यहां 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलेंगी। असम और मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।

बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

  • आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 27 जून को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
  • पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार और ओड़िशा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
  • मध्य और पश्चिमी भारत: छत्तीसगढ़, कोंकण और गोवा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मध्य महाराष्ट्र में भी व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है।
  • दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है।

आंधी-तूफान, बिजली और थंडरस्कॉल का अलर्ट: दिल्ली-NCR से राजस्थान तक

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है। झारखंड में 27 जून को 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ थंडरस्कॉल और बिजली गिरने की आशंका है। हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, पश्चिम राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गांगेय पश्चिम बंगाल, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओड़िशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल, माहे और लक्षद्वीप में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली चमकने का अलर्ट है।

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इसी तरह पूर्वी राजस्थान, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक की संभावना है। इसके अलावा आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं चलने का भी अनुमान है।

यूपी में लू का प्रकोप

एक तरफ जहां देश के बड़े हिस्से में मानसूनी बादल बरस रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के लोगों को अभी गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली है। पूर्वी यूपी के अलग-अलग इलाकों में 27 जून को लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रहने की आशंका है। पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में भी लू का प्रकोप देखा जा सकता है। ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में 27 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

8th Pay Commission: 1 करोड़ कर्मचारियों की चांदी! बेसिक सैलरी में बंपर बढ़ोतरी की तैयारी, फिटमेंट फैक्टर और DA पर आए ये 10 बड़े अपडेट्स

8th Pay Commission Latest News: देश के 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार द्वारा गठित 8वां वेतन आयोग अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ चुका है और इसके तहत कर्मचारियों की किस्मत बदलने वाली है। ऐतिहासिक रूप से हर 10 साल में बनने वाला यह आयोग इस बार कर्मचारियों की झोली में बंपर सैलरी हाइक करने की तैयारी में है।

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला यह हाई-प्रोफाइल पैनल इस समय देशव्यापी दौरों पर है और 30 जून 2026 तक ऑनलाइन डेटा जुटाने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने न्यूनतम बेसिक सैलरी को मौजूदा ₹18000 से सीधे ₹69000 करने और फिटमेंट फैक्टर को 3.80 तक बढ़ाने की डिमांड रखी हुई है।

रेलवे, डिफेंस से लेकर तमाम सरकारी विभागों के 1 करोड़ से अधिक परिवारों की जेब पर सीधा असर डालने वाले इस महा-बदलाव को लेकर 10 सबसे बड़े अपडेट्स सामने आए हैं, जिन्हें हर नौकरीपेशा और रिटायर्ड कर्मचारी के लिए जानना बेहद जरूरी है।

8वें वेतन आयोग के टॉप 10 सबसे बड़े अपडेट्स

1. ₹69000 तक न्यूनतम बेसिक पे की मांग

सैलरी में बढ़ोतरी को लेकर बड़े कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगें सौंप दी हैं। नेशनल काउंसिल (NC-JCM) और ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) ने न्यूनतम बेसिक पे को बढ़ाकर ₹69000 करने की मांग की है। वहीं, महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गेनाइजेशन ने इसे ₹65000 करने की वकालत की है।

2. रेलवे यूनियनों की अलग मांग

इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने आधुनिक आर्थिक कारकों के आधार पर न्यूनतम वेतन ₹52600 करने की मांग की है। इसके अलावा, रेलवे सीनियर सिटीजन्स वेलफेयर सोसाइटी (RSCWS) का कहना है कि न्यूनतम वेतन की गणना 1 जनवरी 2026 के प्राइस इंडेक्स के आधार पर होनी चाहिए।

3. फिटमेंट फैक्टर पर बड़ा अपडेट

कर्मचारियों की सैलरी तय करने में फिटमेंट फैक्टर की सबसे बड़ी भूमिका होती है। रेलवे यूनियन (IRTSA) ने मांग की है कि सेफ्टी कैटेगरी के पदों (लेवल 6) के लिए उच्च इंडेक्सिंग अपनाई जाए। उन्होंने 2.92, 3.50 और 3.80 का फिटमेंट फैक्टर लागू करने का सुझाव दिया है।

8th Pay Commission: 1 करोड़ कर्मचारियों की चांदी! बेसिक सैलरी में बंपर बढ़ोतरी की तैयारी, फिटमेंट फैक्टर और DA पर आए ये 10 बड़े अपडेट्स

4. महंगाई भत्ते को लेकर नया फॉर्मूला

महंगाई भत्ते (DA) को लेकर भी संगठनों ने अपनी बात रखी है:

NC-JCM: इन्फ्लेशन-लिंक्ड यानी महंगाई से जुड़ा वेज मॉडल होना चाहिए।

महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गेनाइजेशन: न्यूनतम 4% डीए बढ़ोतरी और 50% होने पर डीए को बेसिक सैलरी में मर्ज किया जाए।

5. डेटा सबमिशन की आखिरी तारीख 30 जून

8वें वेतन आयोग ने ज्ञापन सौंपने की खिड़की 15 जून को बंद कर दी है। हालांकि, हितधारकों के लिए ऑनलाइन डेटा सबमिट करने का पोर्टल 30 जून 2026 तक खुला रहेगा।

6. आयोग के सदस्यों की टीम

इस समय 8वें वेतन आयोग की कमान सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई के हाथों में है, जो इसकी अध्यक्ष हैं। उनके साथ पैनल में पीएम के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य प्रोफेसर पुलक घोष और पूर्व आईएएस पंकज जैन (सदस्य-सचिव) शामिल हैं।

7. ओडिशा और पश्चिम बंगाल का दौरा

कर्मचारी संगठनों और यूनियनों से सीधे चर्चा करने के लिए आयोग लगातार राज्यों के दौरे कर रहा है। इसी कड़ी में आयोग 6-7 जुलाई को भुवनेश्वर और 9-10 July को कोलकाता का दौरा करने जा रहा है।

8. 1 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को फायदा

इस वेतन आयोग की सिफारिशों का सीधा असर 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 65 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ेगा। इसमें रक्षा और रेलवे के कर्मचारी और रिटायरीज भी शामिल हैं।

9. कब आएगी फाइनल रिपोर्ट?

आमतौर पर आयोग को अपनी सिफारिशें देने में 18 महीने का समय लगता है। इस लिहाज से फरवरी 2027 से पहले आधिकारिक सिफारिशें आना मुश्किल है। हालांकि, ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉयीज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनजीत सिंह पटेल के मुताबिक, नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी अप्रैल 2027 में कोई बड़ा ऐलान हो सकता है।

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10. जेब में कब तक आएगा पैसा?

पिछले ट्रेंड्स को देखें तो वेतन आयोग की सिफारिशें आने के बाद उन्हें पूरी तरह लागू होने में 2 से 3 साल का वक्त लग जाता है। इसका मतलब है कि 2027 में घोषित होने वाली सैलरी बढ़ोतरी का पूरा फायदा कर्मचारियों को 2029 या 2030 तक मिल पाएगा।