कार की सीट पर लगा लेदर आखिर किस जानवर की खाल से बनता है? नाम जानकर यकीन नहीं होगा

कार खरीदते समय ज्यादातर लोग इंजन, माइलेज, कीमत और फीचर्स को सबसे पहले देखते हैं। वहीं कार का इंटीरियर भी गाड़ी के अनुभव को काफी बदल देता है। सीटों से लेकर स्टीयरिंग, डैशबोर्ड और गियर एरिया तक इस्तेमाल होने वाला मटेरियल कार को प्रीमियम लुक देता है। खासतौर पर लेदर सीटों को आराम और लग्जरी से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कार के अंदर नजर आने वाला यह चमड़ा आखिर तैयार कैसे होता है और इसका स्रोत क्या है? कई लोगों को लगता है कि हर कार में एक जैसा लेदर इस्तेमाल होता है, जबकि ऐसा नहीं है।

कार की कीमत, कंपनी और मॉडल के आधार पर इंटीरियर में अलग-अलग तरह के प्राकृतिक या सिंथेटिक मटेरियल लगाए जा सकते हैं। कुछ लेदर जानवरों की खाल से तैयार किए जाते हैं, तो कुछ आधुनिक विकल्प बिना प्राकृतिक चमड़े के बनाए जाते हैं। ऐसे में कार की चमड़े वाली सीटों के पीछे की कहानी काफी दिलचस्प है।

गाय-बैल की खाल से तैयार होता है कारों का लेदर

कारों में इस्तेमाल होने वाला प्राकृतिक लेदर आमतौर पर गाय और बैल की खाल से बनाया जाता है। यह खाल अक्सर मीट इंडस्ट्री से मिलने वाला बाय-प्रोडक्ट होती है। मांस अलग करने के बाद खाल को टैनिंग की प्रक्रिया से गुजारा जाता है, जिससे वह मजबूत और टिकाऊ लेदर में बदल जाती है। इसके बाद जरूरत के मुताबिक इसे काटकर सीट, डैशबोर्ड, स्टीयरिंग और गियर एरिया में इस्तेमाल किया जाता है।

कार वाला लेदर आम चमड़े से क्यों अलग होता है?

ऑटोमोबाइल में इस्तेमाल होने वाले लेदर को खास तरीके से तैयार किया जाता है। इसे लगातार इस्तेमाल, सफाई, धूप और गर्मी को झेलने लायक बनाया जाता है। इसमें ऐसी ट्रीटमेंट प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिससे दाग कम लगें और लंबे समय तक धूप व अल्ट्रावायलेट किरणों के कारण इसकी चमक और गुणवत्ता खराब न हो।

गाय की खाल ही क्यों पसंद की जाती है?

कई कार निर्माता कैटल हाइड को उसकी मजबूती और मोटाई के कारण पसंद करते हैं। ठंडे और उत्तरी इलाकों में पाले गए मवेशियों की खाल कुछ मामलों में ज्यादा मोटी हो सकती है। दिलचस्प बात यह है कि खाल की बाहरी सतह पर छोटे-मोटे निशान होने के बावजूद उसका अंदरूनी हिस्सा अच्छी क्वालिटी के लेदर के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

सिर्फ गाय-बैल ही नहीं, इन जानवरों की खाल भी होती है इस्तेमाल

कार इंटीरियर में लेदर के लिए सिर्फ कैटल हाइड पर निर्भरता नहीं होती। कुछ मामलों में भेड़ और बकरी की खाल भी इस्तेमाल की जाती है। भेड़ का लेदर नरम और लचीला माना जाता है, इसलिए इसे कुछ प्रीमियम हिस्सों में जगह मिल सकती है। वहीं, भैंस का लेदर अपेक्षाकृत किफायती विकल्प हो सकता है और कम कीमत वाली कारों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

अब तेजी से बढ़ रहा सिंथेटिक लेदर का चलन

आजकल कारों में जानवरों से मिलने वाले लेदर के विकल्प के तौर पर सिंथेटिक लेदर का इस्तेमाल भी बढ़ रहा है। PU और PVC जैसे पदार्थों से बनाए गए इन मटेरियल को असली चमड़े जैसा लुक और टेक्सचर दिया जा सकता है। कम कीमत और आसान रखरखाव के कारण यह विकल्प कई कारों में लोकप्रिय हो रहा है।

लग्जरी कारों में मिलता है खास किस्म का लेदर

महंगी और लग्जरी कारों में लेदर की क्वालिटी पर खास ध्यान दिया जाता है। Full-grain और Nubuck जैसे लेदर कुछ प्रीमियम इंटीरियर में इस्तेमाल किए जाते हैं।

इनकी प्राकृतिक बनावट, टेक्सचर और फिनिश के कारण इनकी कीमत सामान्य लेदर से काफी ज्यादा हो सकती है। सीट, स्टीयरिंग और डैशबोर्ड जैसे बार-बार छुए जाने वाले हिस्सों में प्रीमियम लेदर का इस्तेमाल देखने को मिलता है।

Bovine Nappa भी है लग्जरी इंटीरियर का हिस्सा

Bovine Nappa leather भी कैटल हाइड से तैयार होने वाला उच्च गुणवत्ता का लेदर है। इसकी सॉफ्ट फिनिश और प्रीमियम एहसास के कारण इसे लग्जरी कारों के इंटीरियर में इस्तेमाल किया जाता है।

हर कार में लेदर एक जैसा नहीं होता

इसलिए अगली बार कार की चमड़े वाली सीट देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि हर कार में एक ही तरह का लेदर इस्तेमाल किया गया है। कार के मॉडल, निर्माता और कीमत के हिसाब से इंटीरियर में अलग-अलग जानवरों की खाल से बना लेदर या फिर सिंथेटिक मटेरियल इस्तेमाल किया जा सकता है।

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पुरानी गाड़ियों के लिए E10 पेट्रोल देने पर विचार, E20 को हटाने का कोई प्लान नहीं: BPCL

भारत में E20 पेट्रोल को लेकर बहस के बीच पुराने गाड़ियों के लिए E10 पेट्रोल उपलब्ध कराने पर विचार हो रहा है। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनी BPCL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर संजय खन्ना ने गुरुवार को यह जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि E20 को हटाकर दोबारा E10 लागू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

E10 और E20 में क्या अंतर है?

E10 पेट्रोल में 10% इथेनॉल और 90% पेट्रोल होता है। वहीं E20 में 20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल होता है। E20 को लेकर पुरानी गाड़ियों के मालिकों की चिंता रही है। इसमें माइलेज, फ्यूल सिस्टम के पार्ट्स और मरम्मत से जुड़े सवाल उठे हैं।

पुरानी गाड़ियों के लिए E10 पर विचार

ऑयल मार्केटिंग कंपनी BPCL के मुताबिक, पुरानी गाड़ियों के लिए अलग से E10 उपलब्ध कराने का विकल्प देखा जा रहा है। संजय खन्ना ने कहा कि मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर से E10 की सप्लाई करना संभव है। हालांकि, E10 और E20 को एक साथ उपलब्ध कराने के तरीके पर अभी चर्चा चल रही है।

E10 की सप्लाई में क्या दिक्कत है?

ऑयल मार्केटिंग कंपनी BPCL को E10 की सप्लाई में कोई बड़ी लॉजिस्टिक दिक्कत नजर नहीं आती। लेकिन अगर E10 और E20 दोनों को एक साथ बेचना है, तो अलग ग्रेड के पेट्रोल की सप्लाई संभालनी होगी। इसी वजह से सरकार और कंपनियां इसके तौर-तरीकों पर काम कर रही हैं।

E20 को वापस लेने का प्लान नहीं

सरकार पहले ही कह चुकी है कि E20 से वापस E10 या E0 पर जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। पेट्रोलियम राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने 10 अगस्त को राज्यसभा में कहा था कि देशभर के एक लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर E0, E10 और E20 की अलग-अलग सप्लाई रखने से लॉजिस्टिक्स और स्टोरेज की लागत बढ़ेगी।

हालांकि, BPCL के ताजा बयान से साफ है कि E10 को E20 के विकल्प के तौर पर नहीं, बल्कि पुरानी गाड़ियों के लिए एक अलग विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

E10 की मांग क्यों उठी?

E20 को लेकर पुरानी गाड़ियों के मालिकों की चिंता बढ़ी है। लोगों का कहना है कि ज्यादा इथेनॉल वाले पेट्रोल से माइलेज पर असर पड़ सकता है। कुछ पुरानी गाड़ियों में फ्यूल सिस्टम के पार्ट्स की अनुकूलता को लेकर भी सवाल हैं।

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने भी 17 अगस्त को एक लेख में सुझाव दिया था कि पुरानी गाड़ियों के मालिकों की परेशानी दूर करने के लिए पेट्रोल पंपों पर E10 के साथ E20 भी उपलब्ध कराया जा सकता है।

E20 की शुरुआत कैसे हुई?

केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल से ऑयल कंपनियों को 20% तक इथेनॉल मिला पेट्रोल बेचने का निर्देश दिया था। इस पेट्रोल का न्यूनतम Research Octane Number यानी RON 95 होना भी जरूरी किया गया। इसके बाद पुरानी गाड़ियों के मालिकों में माइलेज और गाड़ी की सेहत को लेकर चिंता बढ़ी।

फिलहाल तस्वीर यही है कि E20 की व्यवस्था जारी रहेगी। पुरानी गाड़ियों के लिए E10 उपलब्ध कराने का विकल्प जरूर सरकार और ऑयल कंपनियों की चर्चा में है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

TVS iQube का नया अवतार लॉन्च! 1.40 लाख में मिलेगा 145km रेंज, ज्यादा स्टोरेज और Type-C पोर्ट

अगर आप रोजाना यूज के लिए स्कूटर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आपको जरूर पढ़नी चाहिए। दरअसल, TVS ने iQube MillionR स्पेशल एडिशन को ₹1.40 लाख (एक्स-शोरूम) की कीमत पर लॉन्च कर दिया है। यह स्टैंडर्ड 3.5kWh वेरिएंट से सिर्फ 3,551 रुपये महंगा है। इसके बदले इसमें 3.5 लीटर ज्यादा स्टोरेज और USB Type-C पोर्ट मिलता है। यानी जो ग्राहक ज्यादा सुविधा चाहते हैं, उनके लिए यह एक छोटा सा अतिरिक्त खर्च है।

यह स्पेशल एडिशन iQube के 10 लाख ग्राहक पूरे होने के मौके पर लॉन्च किया गया है। TVS ने इस उपलब्धि को उसी तरह सेलिब्रेट किया है, जैसे उसने 2016 में Jupiter के 10 लाख ग्राहक पूरे होने पर MillionR बैज दिया था।

दिल्ली में सब्सिडी से पहले iQube MillionR की एक्स-शोरूम कीमत GST और चार्जर समेत करीब 1.48 लाख रुपये बैठती है। इसके अलावा बैटरी, मोटर और परफॉर्मेंस के आंकड़े स्टैंडर्ड मॉडल जैसे ही हैं। उनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

क्या नया है: स्टोरेज, कलर और Type-C पोर्ट

iQube MillionR एडिशन मौजूदा iQube 3.5kWh वेरिएंट पर आधारित है। इसे खास दिखाने के लिए इसमें Aurora Green डुअल-टोन पेंट स्कीम, नए ग्राफिक्स, प्रीमियम सीट अपहोल्स्ट्री और MillionR की बैजिंग दी गई है। एक ज्यादा काम का बदलाव है नया फ्रंट यूटिलिटी कम्पार्टमेंट, जिससे कुल स्टोरेज 32 लीटर से बढ़कर 35.5 लीटर हो गया है। यह उन लोगों के लिए बहुत काम का है जिन्हें स्टैंडर्ड iQube की सीट के नीचे बैग या एक्स्ट्रा हेलमेट रखने में दिक्कत होती थी।

इसमें एक USB Type-C चार्जिंग पोर्ट भी जोड़ा गया है, जिससे राइडर्स चलते-फिरते अपना फोन चार्ज कर सकते हैं। हालांकि, यह सुविधा बेस वेरिएंट में नहीं मिलती है।

बैटरी, रेंज और परफॉर्मेंस में कोई बदलाव नहीं

TVS ने स्कूटर के मैकेनिकल हिस्से में कोई बदलाव नहीं किया है। MillionR में रेगुलर 3.5kWh iQube वाला ही 3.5kWh बैटरी पैक लगा है, जिसकी IDC-सर्टिफाइड रेंज 145 km और टॉप स्पीड 82 km/h है। स्टैंडर्ड चार्जर से 0 से 80% चार्ज होने में कुल 4 घंटे 30 मिनट लगते हैं।

गाड़ी की जानकारी और कनेक्टेड फीचर्स के लिए 5-इंच का TFT डिस्प्ले दिया गया है। TVS का दावा है कि iQube रेंज में ऐसे 118 से ज्यादा फीचर्स उपलब्ध हैं। जो खरीदार इस एडिशन से ज्यादा रेंज या तेजी से चार्जिंग की उम्मीद कर रहे हैं, उन्हें यह यहां नहीं मिलेगा। इसमें किए गए बदलाव पूरी तरह से कॉस्मेटिक और स्टोरेज से जुड़े हैं।

TVS ने इसे लॉन्च करने के लिए यही समय क्यों चुना?

इस स्पेशल एडिशन की लॉन्चिंग का समय TVS के लिए काफी अहम है, क्योंकि हाल के महीनों में iQube की बिक्री काफी मजबूत रही है। जुलाई 2026 में TVS ने iQube की 59,386 यूनिट्स बेचीं, जो अब तक की सबसे ज्यादा मासिक बिक्री है। जून के मुकाबले बिक्री में 25.47% की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछले साल की तुलना में यह आंकड़ा 157% से ज्यादा बढ़ा है।

बिक्री के मामले में iQube जुलाई में भारत का सबसे ज्यादा बिकने वाला इलेक्ट्रिक स्कूटर रहा।

खरीदारों के लिए देखें तो MillionR Edition में मौजूदा 3.5kWh वेरिएंट के साथ नया लुक और ज्यादा उपयोगी स्टोरेज दिया गया है। इसकी कीमत में भी ज्यादा अंतर नहीं है। ऐसे में डीलरशिप पर स्टॉक आसानी से उपलब्ध होने के बाद इसके स्टैंडर्ड वेरिएंट से ज्यादा बिकने की संभावना है।

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Honda Activa 125 vs TVS Jupiter 125: कीमत, माइलेज और फीचर्स में कौन है बेस्ट?

Honda Activa 125 vs TVS Jupiter 125: भारत के 125cc स्कूटर सेगमेंट में Honda Activa 125 और TVS Jupiter 125 सबसे ज्यादा तुलना किए जाने वाले दो नाम हैं, लेकिन कीमत और फ्यूल एफिशिएंसी के मामले में दोनों का तरीका काफी अलग है। जो खरीदार इन दोनों के बीच फैसला कर रहे हैं, उनके लिए यह बात अहम है क्योंकि Jupiter 125 की शुरुआती कीमत काफी कम है और कागजों पर इसका माइलेज भी बेहतर बताया गया है, जबकि Activa 125 ज्यादा भरोसेमंद स्मार्ट-की सिस्टम पर आधारित है। आइए जानते हैं कि कीमत, माइलेज और फीचर्स के मामले में ये दोनों असल में कैसे एक-दूसरे से अलग हैं।

Honda Activa 125 vs TVS Jupiter 125: कीमत और माइलेज

Honda Activa 125 की कीमत दिल्ली में DLX वेरिएंट के लिए 91,178 रुपये से शुरू होती है और इसके टॉप मॉडल H-Smart की कीमत 95,622 रुपये (एक्स-शोरूम) है। वहीं, TVS Jupiter 125 की शुरुआती कीमत काफी कम है। इसका Drum Alloy वेरिएंट 81,700 रुपये से शुरू होता है, जबकि इसके टॉप SmartXonnect वेरिएंट की कीमत 89,935 रुपये (एक्स-शोरूम) है। ये कीमतें TVS की आधिकारिक प्राइसिंग के मुताबिक हैं।

माइलेज की बात करें तो, Activa 125 के सभी वेरिएंट्स के लिए ARAI-क्लेम्ड माइलेज 47 kmpl है, जबकि Jupiter 125 का क्लेम्ड माइलेज 50 kmpl से 57.27 kmpl के बीच बताया गया है।

दोनों स्कूटर में लगभग एक ही साइज के इंजन का इस्तेमाल किया गया है – Activa में 123.92cc और Jupiter में 124.8cc का इंजन है, और दोनों का टॉर्क आउटपुट भी लगभग एक जैसा (10.5 Nm) है।

Honda Activa 125 vs TVS Jupiter 125: तुलना करने लायक फीचर्स

Activa के टॉप वेरिएंट में H-Smart टेक्नोलॉजी वाली Honda Smart Key मिलती है, जिससे राइडर अपनी जेब से चाबी निकाले बिना ही स्कूटर को अनलॉक कर सकते हैं, सीट खोल सकते हैं और स्टार्ट कर सकते हैं। साथ ही, इसमें TFT डिस्प्ले और ब्लूटूथ नेविगेशन व कॉल अलर्ट के लिए Honda RoadSync भी दिया गया है।

इसके जवाब में Jupiter 125 में सेगमेंट का पहला ‘ऑल-इन-वन लॉक’ दिया गया है, जो एक ही मैकेनिज्म से फ्यूल कैप, सीट, हैंडलबार लॉक और इग्निशन को ऑपरेट करता है। साथ ही, इसमें असल ड्राइविंग में बेहतर माइलेज के लिए TVS IntelliGo ऑटो स्टार्ट-स्टॉप टेक्नोलॉजी भी मिलती है।

दोनों स्कूटर में फ्रंट डिस्क ब्रेक का ऑप्शन, ट्यूबलेस टायर, USB चार्जिंग पोर्ट और टेलीस्कोपिक फ्रंट सस्पेंशन मिलता है, यानी राइड का अनुभव लगभग एक जैसा ही है। मुख्य अंतर मैकेनिकल हार्डवेयर के बजाय सुविधा देने वाले फीचर्स में है।

अब अगर आपकी प्राथमिकता कम कीमत और बेहतर माइलेज है, तो TVS Jupiter 125 आपके लिए ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, अगर आप Honda की स्मार्ट-की जैसी सुविधाएं और लंबे समय से मौजूद सर्विस नेटवर्क चाहते हैं, तो Activa 125 की ज्यादा कीमत भी आपको सही लग सकती है।

कुल मिलाकर, दोनों स्कूटर के इंजन और मैकेनिकल सेटअप में ज्यादा बड़ा अंतर नहीं है। इसलिए खरीदारी का फैसला इस बात पर ज्यादा निर्भर करता है कि रोजाना इस्तेमाल में आपके लिए कौन से फीचर्स ज्यादा जरूरी हैं।

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BMW X1 LWB भारत में लॉन्च, लंबा व्हीलबेस, 8 एयरबैग और लग्जरी फीचर्स से है लैस, जानें कीमत

BMW India ने आज भारत में अपनी नई BMW X1 Long Wheelbase (LWB) लॉन्च कर दी है। कंपनी ने इसकी शुरुआती कीमत 49.90 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी है। खास बात यह है कि इस SUV को भारत में ही BMW Group के चेन्नई प्लांट में तैयार किया जा रहा है। फिलहाल, नई X1 LWB को पेट्रोल इंजन के साथ बाजार में उतारा गया है। इसकी बुकिंग ग्राहक देशभर की BMW डीलरशिप से कर सकते हैं।

BMW ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और CEO हरदीप सिंह बराड़ ने कहा, “आज के ग्राहक ऐसी कार चाहते हैं, जो उनकी रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ उनकी पसंद और लग्जरी का भी ख्याल रखे। नई X1 LWB इन दोनों जरूरतों को बखूबी पूरा करती है।”

भारत में BMW X1 LWB की कीमत

इसकी शुरुआती कीमत ₹49.90 लाख है, जिसमें लागू GST तो शामिल है, लेकिन रोड टैक्स, TCS (सोर्स पर वसूला जाने वाला टैक्स), रजिस्ट्रेशन चार्ज, लोकल लेवी और इंश्योरेंस शामिल नहीं हैं। BMW ने कहा है कि इनवॉइसिंग के समय जो कीमत होगी, वही लागू होगी।

इस SUV के साथ 2 साल की स्टैंडर्ड वारंटी मिलती है, जिसमें किलोमीटर की कोई सीमा नहीं है। इसके अलावा, 2 साल की रोडसाइड असिस्टेंस भी दी जा रही है। सर्विस पैकेज की शुरुआत 3 साल या 40,000 किलोमीटर से होती है। इसे बढ़ाकर अधिकतम 10 साल या 1 लाख किलोमीटर तक किया जा सकता है। वहीं, कार की वारंटी को भी 10 साल तक बढ़ाने का विकल्प दिया गया है।

लंबा व्हीलबेस और पिछली सीट पर ज्यादा स्पेस

BMW X1 LWB की मुख्य खूबियों में 4,616 mm की लंबाई, 2,104 mm की चौड़ाई, 1,641 mm की ऊंचाई और 2,800 mm का व्हीलबेस शामिल है। BMW का दावा है कि यह अपने सेगमेंट की सबसे लंबी गाड़ी है।

इसका व्हीलबेस 108 mm बढ़ गया है, जबकि पिछली सीट पर लेगरूम और नी-रूम (घुटनों के लिए जगह) में क्रमशः 150 mm और 109 mm की बढ़ोतरी हुई है। पिछली सीट की कुशनिंग को भी 15 mm बढ़ाया गया है। पीछे बैठने वाले यात्री अपनी सीटों को 28.5 डिग्री तक पीछे झुका सकते हैं।

इसके अलावा, इसकी बूट कैपेसिटी 540 लीटर है, जिसे पिछली सीटों को फोल्ड करके 1,700 लीटर तक बढ़ाया जा सकता है।

बाहर की तरफ इसमें BMW की सिग्नेचर किडनी ग्रिल, कॉर्नरिंग फंक्शन वाली अडैप्टिव LED हेडलाइट्स, हाई बीम असिस्टेंट, एल्युमीनियम-फिनिश वाली रूफ रेल्स और 18-इंच के M लाइट अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। पीछे की तरफ थ्री-डायमेंशनल LED लाइट्स और एक बड़ा डिफ्यूजर है।

BMW X1 LWB का इंजन और परफॉर्मेंस

नई BMW X1 LWB में 1.5-लीटर, 3-सिलेंडर वाला TwinPower Turbo पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 156 hp की पावर और 230 Nm का टॉर्क देता है। इसे 7-स्पीड Steptronic डुअल-क्लच ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ जोड़ा गया है। हालांकि, BMW X1 LWB में डीजल का कोई ऑप्शन नहीं है। अगर आपको डीजल इंजन चाहिए, तो आपको स्टैंडर्ड X1 लेनी होगी।

फिलहाल, यह SUV फ्रंट-व्हील ड्राइव (FWD) सिस्टम के साथ आती है और कंपनी के मुताबिक इसकी माइलेज 15.5 kmpl तक है। बेहतर आरामदायक ड्राइविंग के लिए इसमें खास तौर पर ट्यून किया गया कंफर्ट सस्पेंशन दिया गया है। साथ ही, इसमें अलग-अलग ड्राइविंग मोड्स और 50:50 वेट डिस्ट्रीब्यूशन भी मिलता है।

BMW X1 LWB के फीचर्स

BMW X1 LWB के फीचर्स की लिस्ट में ड्राइवर और आगे बैठने वाले पैसेंजर के लिए इलेक्ट्रिकली एडजस्टेबल स्पोर्ट सीट्स, एक वाइडस्क्रीन कर्व्ड डिस्प्ले और BMW का लेटेस्ट Operating System 9 शामिल है।

इसका इंफोटेनमेंट सिस्टम QuickSelect इंटरफेस, ओवर-द-एयर सॉफ्टवेयर अपडेट और BMW डिजिटल प्रीमियम पैकेज के जरिए अतिरिक्त डिजिटल सेवाओं को सपोर्ट करता है। केबिन में वर्टिकली लगा वायरलेस स्मार्टफोन चार्जर, एम्बिएंट लाइटिंग और 12 स्पीकर्स व 205W आउटपुट वाला हरमन कार्डन ऑडियो सिस्टम भी मिलता है।

BMW X1 LWB में 9 वर्ग मीटर का पैनोरमिक सनरूफ भी मिलता है। BMW का दावा है कि यह अपने सेगमेंट में मिलने वाला सबसे बड़ा पैनोरमिक सनरूफ है।

BMW डिजिटल की प्लस (Digital Key Plus) की मदद से मालिक कम्पैटिबल स्मार्टफोन या स्मार्टवॉच का इस्तेमाल करके गाड़ी को लॉक, अनलॉक और स्टार्ट कर सकते हैं। इस Digital Key को 18 यूजर्स तक के साथ शेयर किया जा सकता है। वहीं, Comfort Access 2.0 फीचर की मदद से ऑथराइज्ड डिवाइस के कार के पास आते ही SUV अपने आप अनलॉक हो सकती है। इसके लिए दरवाजे के हैंडल को छूने की जरूरत नहीं पड़ती।

सेफ्टी और ड्राइवर असिस्टेंस

सेफ्टी फीचर्स की बात करें तो, BMW X1 LWB में 8 एयरबैग, ब्रेक असिस्ट के साथ ABS, डायनामिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, डायनामिक ट्रैक्शन कंट्रोल, कॉर्नरिंग ब्रेक कंट्रोल, ऑटो होल्ड के साथ इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, टायर-प्रेशर मॉनिटरिंग और ISOFIX चाइल्ड-सीट माउंट्स मिलते हैं।

इसके ड्राइवर-असिस्टेंस सिस्टम में लेन-डिपार्चर वॉर्निंग, ब्लाइंड-स्पॉट असिस्टेंस, ब्रेकिंग के साथ क्रूज कंट्रोल, ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, पैदल चलने वालों की सुरक्षा और अटेंटिवनेस असिस्टेंट शामिल हैं।

पार्किंग को आसान बनाने के लिए SUV में फ्रंट और रियर पार्किंग सेंसर, रियर-व्यू कैमरा और 360-डिग्री सराउंड-व्यू कैमरा दिया गया है। इसका Reversing Assistant फीचर पिछले 50 मीटर की ड्राइविंग को याद रख सकता है और जरूरत पड़ने पर कार को उसी रास्ते पर अपने आप पीछे ले जा सकता है।

नई BMW X1 LWB को चार एक्सटीरियर कलर ऑप्शन- Night Dusk Blue, Skyscraper Grey, Carbon Black और Mineral White में खरीदा जा सकता है। वहीं, इंटीरियर के लिए Castanea और डुअल-टोन Smoke White और Atlas Grey अपहोल्स्ट्री का विकल्प मिलता है।

BMW X1 LWB की लॉन्चिंग के बाद अब ग्राहक देशभर में मौजूद अधिकृत BMW डीलरशिप पर जाकर इसकी बुकिंग कर सकते हैं।

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Mahindra की नई धांसू EV लॉन्च, 79kWh बैटरी और AI फीचर्स से है लैस, जानें कीमत

क्या आप नई इलेक्ट्रिक SUV लेने का प्लान बना रहे हैं? अगर हां, तो इस खबर को आपको जरूर पढ़ना चाहिए। दरअसल, Mahindra & Mahindra ने आज BE 6 Sporteq को भारत में लॉन्च कर दिया है। यह कंपनी की BE 6 इलेक्ट्रिक SUV पर आधारित नई सीरीज है। इसकी शुरुआती कीमत 19.45 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है और इसमें बैटरी की कीमत भी शामिल है।

कंपनी ने इसे Battery as a Service (BaaS) मॉडल के साथ भी पेश किया है। इस मॉडल में BE 6 Sporteq की शुरुआती कीमत 11.45 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। इसके अलावा बैटरी इस्तेमाल करने के लिए 3.75 रुपये प्रति किलोमीटर का चार्ज देना होगा।

BaaS मॉडल में 3.75 रुपये प्रति किलोमीटर का बैटरी चार्ज रोजाना करीब 60 किलोमीटर की ड्राइविंग को ध्यान में रखकर तय किया गया है। बता दें कि BE 6 Sporteq की डिलीवरी 26 अगस्त 2026 से शुरू होगी।

इस नई सीरीज को आप 8 वेरिएंट में खरीद सकते हैं — One, Two, Three, Three+, Four, FE (फ्रीडम एडिशन), FE Four और लॉन्च एडिशन। ग्राहक अपनी जरूरत और वेरिएंट के हिसाब से 59kWh, 70kWh और 79kWh बैटरी पैक में से चुन सकते हैं।

Mahindra BE 6 Sporteq की कीमतें

59 kWh बैटरी वाले BE 6 Sporteq One ​​की कीमत BaaS के तहत ₹11.45 लाख और बैटरी के साथ ₹19.45 लाख है। Two वेरिएंट की कीमत BaaS के तहत ₹12.95 लाख और 59 kWh बैटरी के साथ ₹20.95 लाख है।

Three वेरिएंट की कीमत 59 kWh बैटरी के साथ ₹21.95 लाख और 70 kWh यूनिट के साथ ₹22.95 लाख है। वहीं, Three+ की कीमत 70 kWh बैटरी के साथ ₹23.95 लाख और 79 kWh बैटरी के साथ ₹24.95 लाख है।

इसके अलावा, Four और ‘लॉन्च एडिशन’ (Launch Edition), दोनों ही 79 kWh बैटरी के साथ आते हैं और इनकी कीमत 26.95 लाख रुपये है। FE की कीमत 24.45 लाख रुपये है, जबकि FE फोर की कीमत 26.95 लाख रुपये है। फॉर्मूला E से प्रेरित इन दोनों ही वेरिएंट्स में 79 kWh की बैटरी का इस्तेमाल किया गया है।

ये सभी कीमतें एक्स-शोरूम हैं और इनमें वॉल चार्जर और उसके इंस्टॉलेशन का खर्च शामिल नहीं है।

तीन-स्क्रीन वाला डिजिटल कॉकपिट

Mahindra ने BE 6 Sporteq सीरीज को 12 एक्सटीरियर कलर ऑप्शन में पेश किया है। इनमें चार नए कलर भी शामिल हैं—Rosso Impulso, Ruby Velvet, Graphite Storm और Firestorm Orange Satin।

Two वेरिएंट से आगे के सभी मॉडल में तीन-स्क्रीन वाला कोस्ट-टू-कोस्ट डिजिटल कॉकपिट दिया गया है। हालांकि, Formula E से प्रेरित Freedom Edition खरीदने वाले ग्राहकों को पहले वाला दो-स्क्रीन कॉकपिट और खास ‘हेलो डिजाइन’ मिलेगा।

Sporteq रेंज में छह नए टेक्नोलॉजी सुइट्स भी पेश किए गए हैं — TEQ_Talk, TEQ_Play, TEQ_Drive, TEQ_Me, TEQ_Secure और TEQ_xting। ये सभी MAIA (महिंद्रा का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आर्किटेक्चर) पर आधारित हैं, जो कंपनी की ‘सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल’ स्ट्रैटेजी का आधार है।

Google Gemini-पावर्ड वॉइस असिस्टेंट

TEQ_Talk को Google Gemini के साथ बनाया गया है और इसमें 17 खास AI एजेंट का इस्तेमाल किया गया है। Mahindra के अनुसार, यह सिस्टम 100 से ज्यादा मुख्य फंक्शन और 48 एप्लीकेशन को सपोर्ट करता है, जिनमें गाड़ी के कंट्रोल, नेविगेशन, म्यूजिक और न्यूज शामिल हैं।

TEQ_Play में एंटरटेनमेंट फीचर जैसे कि कराओके, ‘ब्रिंग-योर-ओन-डिवाइस’ (BYOD) मोड वाला इन-कार गेमिंग सुइट, प्राइवेट ऑडियो, Dolby Vision, Dolby Atmos और GrooveMe Party शामिल हैं। Mahindra का दावा है कि भारत में ऑटोमोटिव बनाने वाली कंपनियों में कराओके फ़ीचर और BYOD मोड में गेमिंग की सुविधा सबसे पहले इसी में दी गई है।

TEQ_Drive में परफॉर्मेंस से जुड़े फंक्शन जैसे कस्टम ड्राइव मोड, ड्रिफ़्ट मोड, ट्राइब ड्राइव, रिवाइव और रिवाइव SOS शामिल हैं। Formula E Freedom Edition में एक अतिरिक्त ‘एक्सेलरेशन बूस्ट’ फंक्शन भी मिलता है।

TEQ_Me में ऑटोमैटिक डिटेक्शन वाले यूजर प्रोफाइल की सुविधा है, जबकि TEQ_xting मालिकों को टेलगेट के लिए पर्सनलाइज्ड मैसेज बनाने की सुविधा देता है।

TEQ_Secure में Secure360 Pro शामिल है, जो ऑडियो रिले और घुसपैठ की चेतावनी (intrusion alert) के साथ लाइव व्यू देता है। इसमें iPhone, Apple Watch, Android और Samsung स्मार्टफोन के साथ-साथ NFC की-कार्ड के ज़रिए NFC और डिजिटल कार-की का सपोर्ट भी मिलता है।

महिंद्रा का दावा है कि वह पहली भारतीय ऑटोमोटिव कंपनी है जो कई डिवाइस इकोसिस्टम में ‘कार कनेक्टिविटी कंसोर्टियम’ (CCC) के नियमों के मुताबिक Digital Car-Key फंक्शनैलिटी देती है। इस सुइट में तीसरी स्क्रीन के लिए पैरेंटल लॉक भी शामिल है।.

मौजूदा महिंद्रा इलेक्ट्रिक SUV में अपडेट्स आएंगे

महिंद्रा ने कहा कि Sporteq सीरीज के साथ पेश की गई सभी नई टेक्नोलॉजी और सॉफ्टवेयर फीचर्स को मौजूदा BE 6, XEV 9e और XEV 9S गाड़ियों में धीरे-धीरे लाया जाएगा, हालांकि उपलब्ध फीचर्स मॉडल और वैरिएंट के हिसाब से अलग-अलग होंगे। यह रोलआउट जनवरी 2027 से चरणों में शुरू होगा।

Mahindra & Mahindra के ऑटोमोटिव बिजनेस के प्रेसिडेंट और महिंद्रा इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर, आर वेलुसामी ने कहा, “इलेक्ट्रिक मोबिलिटी एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। ग्राहक अब EV को सिर्फ उसकी रेंज या तेजी (एक्सेलरेशन) से नहीं आंकते हैं। वे उम्मीद करते हैं कि यह अपनी पूरी लाइफ-साइकिल के दौरान ज्यादा स्मार्ट, ज्यादा पर्सनल और ज्यादा काबिल बने। Sporteq इसी बदलाव को दिखाता है। MAIA से पावर्ड, यह AI, पर्सनलाइजेशन, परफॉर्मेंस और एंटरटेनमेंट को इस तरह से एक साथ लाता है कि हर सफर ज्यादा आसान और बेहतर (इंट्यूटिव) बन जाता है।”

लॉन्च एडिशन और फॉर्मूला E फ्रीडम एडिशन

रेंज के टॉप मॉडल के तौर पर BE 6 Sporteq Launch Edition को खास Graphite Storm एक्सटीरियर फिनिश के साथ पेश किया गया है। इसके केबिन में Racing Tan कलर की पूरी लेदर जैसी फिनिश वाली सीटें और इंटीरियर दिया गया है।

वहीं, Formula E Freedom Edition का डिजाइन Mahindra Racing के Formula E रेसिंग प्रोग्राम से प्रेरित है। इसमें BE 6 के पुराने हेडलैंप डिजाइन को बरकरार रखा गया है। इसके अलावा, कार में तिरंगे वाले एक्सटीरियर एक्सेंट, सैटिन पेंट ऑप्शन और नया Rosso Impulso कलर मिलता है।

इसके केबिन में Black और Firestorm Orange थीम दी गई है। साथ ही इसमें दो-स्क्रीन डिजिटल कॉकपिट और कंपनी का खास Halo डिजाइन मिलता है।

Acceleration Boost फीचर की मदद से Formula E Freedom Edition महज 6.44 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है। यह कंपनी द्वारा बताया गया दावा किया गया आंकड़ा है।

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नई Bajaj Pulsar N160 S ₹1.34 लाख में लॉन्च, साथ में आया फीचर्स से भरपूर SS वेरिएंट, जानें अंतर

अगर आप नई बाइक खरीदने की प्लानिंग कर रह हैं, जो बेहतरीन माइलेज दे और दिखने में स्टाइलिश भी हो तो यह खबर आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। दरअसल, Bajaj Auto ने Pulsar N160 S को ₹1.34 लाख में लॉन्च किया है। इसके साथ ही इससे भी अधिक फीचर्स वाली N160 SS को भी 1.43 लाख रुपये में पेश किया है। बता दें कि दोनों ही मॉडल एक बिल्कुल नए 165cc इंजन पर आधारित हैं, जो मौजूदा N160 के एयर-कूल्ड इंजन की जगह लेता है। हालांकि, 160cc सेगमेंट के खरीदारों के लिए यह एक अहम बदलाव है, क्योंकि यह सिर्फ स्पेसिफिकेशन में मामूली सुधार नहीं है।

नया इंजन, राइड मोड्स और ट्रैक्शन कंट्रोल जैसे फीचर्स को उस कीमत पर लाता है जिस पर आमतौर पर ये फीचर्स नहीं मिलते। मौजूदा N160 इन दोनों मॉडलों के साथ उपलब्ध है, इसलिए खरीदारों के पास अब चुनने के लिए तीन अलग-अलग ट्रिम्स हैं। आइए जानते हैं इनमें क्या अंतर है।

इंजन में क्या बदलाव हुए?

नई Pulsar N160 S और N160 SS में सबसे बड़ा बदलाव इसके इंजन में किया गया है। बाइक में अब 4-वॉल्व वाला नया 165cc इंजन दिया गया है, जो 9,500rpm पर 18.24 hp की पावर और 8,000rpm पर 14.4 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। जबकि, इसकी तुलना में पुराने N160 में 2-वॉल्व इंजन मिलता था, जो 8,750rpm पर 15.78 hp की पावर और 6,750rpm पर 14.65 Nm का टॉर्क देता था। यानी नया इंजन ज्यादा पावर और हाई-रेव पर बेहतर परफॉर्मेंस देने के लिए तैयार किया गया है, जबकि लो-एंड टॉर्क में थोड़ा बदलाव देखने को मिलता है।

इसके अलावा, इंजन की कूलिंग सिस्टम को भी अपग्रेड किया गया है। पुराने एयर-कूल्ड सिस्टम की जगह अब ऑयल-कूल्ड सिस्टम दिया गया है। वहीं, थ्रॉटल कंट्रोल को मैकेनिकल से बदलकर इलेक्ट्रॉनिक थ्रॉटल-बाय-वायर (ETB) कर दिया गया है। यही नया सिस्टम बाइक में राइडिंग मोड्स, ट्रैक्शन कंट्रोल और क्रॉल फंक्शन जैसे फीचर्स को संभव बनाता है।

कंपनी का दावा है कि नई Pulsar N160 0-60 kmph की रफ्तार 4.5 सेकंड में पकड़ लेता है और बजाज का कहना है कि यह इस सेगमेंट का सबसे तेज और सबसे पावरफुल इंजन है। हालांकि, इस दावे की असली तस्वीर स्वतंत्र रिव्यू और टेस्ट के बाद ही साफ होगी।

S और SS में क्या अंतर है?

दोनों Pulsar मॉडलों में चार राइड मोड मिलते हैं – रेन, स्पोर्ट, रोड और ऑफ-रोड। साथ ही, इनमें क्रॉल टेक्नोलॉजी भी है, जिससे कम स्पीड पर बिना लगातार क्लच या गियर बदले राइडिंग की जा सकती है। हालांकि, ट्रैक्शन कंट्रोल सिर्फ N160 SS में ही उपलब्ध है। SS में 5 इंच का TFT डिस्प्ले मिलता है, जिसमें गूगल मैप्स मिररिंग की सुविधा है, जबकि S में LCD कंसोल और टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन दिया गया है।

डिजाइन और आराम के लिहाज से भी दोनों बाइक्स में अंतर है। N160 SS में कलरफुल अलॉय व्हील्स, नया हैंडलबार और बदली हुई सीट हाइट दी गई है, जिससे राइडिंग पोजिशन ज्यादा आरामदायक हो जाती है। ये बदलाव बेस मॉडल N160 S में नहीं मिलते हैं।

बता दें कि दोनों ही मॉडल तीन कलर ऑप्शन Atlantic Blue, Pearl Metallic White और Brooklyn Black में उपलब्ध हैं।

क्या बाकी सब कुछ पहले जैसा ही रहेगा?

चेसिस के डायमेंशन मौजूदा Pulsar N160 जैसे ही रखे गए हैं। इसका व्हीलबेस 1,348mm, ग्राउंड क्लीयरेंस 165mm और कर्ब वेट 151kg ही है। यानी इंजन बदलने के बावजूद बाइक की राइडिंग पोजिशन और हैंडलिंग में बहुत बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। इसके अलावा, पूरी Pulsar N160 रेंज में 14 लीटर का फ्यूल टैंक पहले की तरह ही दिया गया है।

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Maruti Brezza Facelift की बंपर डिमांड, रोज 2000 बुकिंग! टर्बो पेट्रोल या अंडरबॉडी CNG, जानिए किस वेरिएंट की सबसे ज्यादा मांग

Maruti Brezza Facelift: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में मारुति सुजुकी की पॉपुलर कॉम्पैक्ट एसयूवी ब्रेजा के नए अवतार को कस्टमर्स का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। 24 जुलाई को लॉन्च हुई मारुति सुजुकी ब्रेजा फेसलिफ्ट की बिक्री का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी के मुताबिक लॉन्च के बाद से इस एसयूवी को हर दिन करीब 2000 बुकिंग मिल रही हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि ग्राहक किसी एक खास वेरिएंट या इंजन के पीछे भागने के बजाय इसके तीनों इंजन विकल्पों को लगभग बराबर तवज्जो दे रहे हैं। कंपनी के सेल्स डेटा से पता चलता है कि मांग तीनों पावरट्रेन में लगभग समान रूप से बंटी हुई है।

कंपनी की मासिक बिक्री रिपोर्ट के दौरान मारुति सुजुकी इंडिया के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मार्केटिंग एंड सेल्स) पार्थो बनर्जी ने ब्रेजा फेसलिफ्ट की सफलता पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि नई ब्रेजा को लेकर ग्राहकों का रिस्पॉन्स अद्भुत रहा है। हमें हर दिन करीब 2000 गाड़ियों की बुकिंग मिल रही है।

टर्बो, सीएनजी या एनए पेट्रोल: किस वेरिएंट की कितनी है हिस्सेदारी?

कंपनी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, तीनों पावरट्रेन ऑप्शंस को ग्राहकों से बैलेंस रिस्पॉन्स मिल रहा है-

टर्बो-पेट्रोल वेरिएंट: कुल बुकिंग में नए टर्बो-पेट्रोल वेरिएंट का योगदान 35% है। बेहतर परफॉर्मेंस और थ्रिलिंग ड्राइविंग अनुभव की तलाश करने वाले कस्टमर इस वेरिएंट को काफी पसंद कर रहे हैं।

एस-सीएनजी वेरिएंट (S-CNG): कुल बुकिंग का 35% हिस्सा सीएनजी वेरिएंट को मिला है। कम रनिंग कॉस्ट और बेहतर माइलेज चाहने वाले ग्राहकों के बीच सीएनजी मॉडल की लोकप्रियता बरकरार है।

1.5-लीटर एनए पेट्रोल: पारंपरिक 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन वेरिएंट भी पीछे नहीं है और कुल बुकिंग में इसका 30% योगदान है।

तीनों इंजनों के बीच यह बैलैंस डिमांड कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे आने वाले महीनों में कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में लगातार मजबूत बिक्री बनाए रखने में मदद मिलेगी।

Brezza फेसलिफ्ट की कीमत और क्या है इसमें खास?

मारुति सुजुकी ने Brezza फेसलिफ्ट को भारत में 24 जुलाई को लॉन्च किया था। इसकी शुरुआती इंट्रोडक्टरी कीमत 7.40 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है, जो टॉप-एंड वेरिएंट के लिए 13.70 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है। इस फेसलिफ्ट मॉडल का सबसे बड़ा मैकेनिकल अपडेट नया टर्बो-पेट्रोल इंजन है। इसे मौजूदा 1.5-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल और फैक्ट्री-फिटेड S-CNG विकल्प के साथ उतारा गया है। तीन अलग-अलग पावरट्रेन मिलने से मारुति सुजुकी अब पहले से कहीं बड़े कस्टमर सेगमेंट को साध रही है

नए फीचर्स, अपडेटेड केबिन और 5-स्टार सेफ्टी

Brezza फेसलिफ्ट में फ्रेश एक्सटीरियर स्टाइलिंग, नया केबिन और कई मॉडर्न फीचर्स जोड़े गए हैं। वेरिएंट के आधार पर इसमें बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी, 360-डिग्री कैमरा, वायरलेस स्मार्टफोन कनेक्टिविटी (एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले), वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, इलेक्ट्रिक सनरूफ और प्रीमियम ऑडियो सिस्टम दिया गया है।

सेफ्टी के लिहाज से ब्रेजा फेसलिफ्ट में 6 एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम, हिल होल्ड असिस्ट, एबीएस के साथ ईबीडी, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम और 360-डिग्री कैमरा जैसे सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं। इस कॉम्पैक्ट एसयूवी ने भारत एनसीएपी क्रैश टेस्ट में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग हासिल की है।

किन गाड़ियों से है सीधा मुकाबला?

भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार के सबसे कॉम्पिटेटिव कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में मारुति ब्रेजा फेसलिफ्ट का मुकाबला Tata Nexon, हुंडई वेन्यू, Kia Sonet, महिंद्रा XUV 3XO और Skoda Kylaq जैसी पॉपुलर गाड़ियों से है।

E20 पेट्रोल पर नया विवाद, जयराम रमेश ने माइलेज और इंजन खराबी को लेकर सरकार से पूछे सवाल

jairam ramesh questions E-20 petrol

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने E20 पेट्रोल को लेकर मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि E20 लागू होने के बाद माइलेज में कमी, इंजन की समस्या और पुराने वाहनों में खराबी की शिकायतें बढ़ी हैं। ALSO READ: बांकीपुर में प्रंशात किशोर ने कर दिया 'खेला', भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन को झटका

जयराम रमेश ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि 29 जुलाई 2026 को संसद में E20 पेट्रोल के देशभर में रोलआउट पर नितिन गडकरी के जवाब ने जितने सवालों के जवाब दिए, उससे कहीं अधिक नए सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने दावा किया कि E20 को वर्षों तक वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद लागू किया गया है और इससे वाहनों को व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचने का कोई प्रमाण नहीं है।

 

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि लेकिन पिछले कई महीनों से देशभर के उपभोक्ता और मैकेनिक लगातार निम्नलिखित समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं-

 

  • माइलेज में कमी
  • इंजन के प्रदर्शन में गिरावट
  • E20 ईंधन का वाहनों पर दीर्घकालिक प्रभाव को लेकर चिंता
  • 2023 से पहले के वाहनों में इंजन की कम्पैटिबिलिटी, कोल्ड-स्टार्ट की समस्या और इंजन के तेजी से घिसने की शिकायतें
  • पुराने वाहनों में फ्यूल इंजेक्टर जाम होना, फ्यूल लाइन में जंग लगना और रबर के पुर्जों में दरारें आने की बढ़ती घटनाएं
  • आम उपभोक्ताओं के पास E20 पेट्रोल के अलावा व्यावहारिक रूप से कोई दूसरा विकल्प नहीं छोड़ा गया।

 

उन्होंने कहा कि जून 2026 में 2023 से पहले के पेट्रोल वाहनों के 44,000 से अधिक मालिकों पर किए गए एक स्वतंत्र सर्वेक्षण में पाया गया कि E20 लागू होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अपने वाहनों पर प्रतिकूल प्रभाव महसूस किया। ALSO READ: Lovlina Borgohain ने ग्लास्गो के रेस्टोरेंट में पकड़ी बड़ी गलती, भारत के नक्शे पर जताई आपत्ति

 

सितंबर 2025 में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने बायोफ्यूल के कारण वाहन या इंजन को नुकसान पहुंचने संबंधी शिकायतों को “BS” (bullshit) करार दिया था। इसके बावजूद मोदी सरकार लगातार इन दावों को खारिज करती रही है, जबकि जुलाई 2026 की ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) की रिपोर्ट और नीति आयोग के 2021 एथेनॉल पॉलिसी रोडमैप-जिसका संसद में स्वयं नितिन गडकरी ने हवाला दिया था-स्पष्ट रूप से स्वीकार करते हैं कि-

 

  • E20, E10 ईंधन के लिए डिज़ाइन किए गए वाहनों में रबर के पुर्जों-जैसे होज़, सील, गैस्केट और O-rings-को अधिक तेजी से खराब करता है।
  • ड्यूरेबिलिटी परीक्षणों के दौरान यात्री वाहनों में इंजन की खराबी और फेलियर दर्ज किए गए।
  • E20 फ्यूल टैंक और अन्य आंतरिक धातु के पुर्जों में जंग लगने का जोखिम बढ़ाता है।
  • E20 के कारण पुराने चार पहिया वाहनों की फ्यूल एफिशिएंसी 6-7%, पुराने दो पहिया वाहनों की 3-4% और E20-अनुकूल चार पहिया वाहनों की भी 1-2% तक कम हो जाती है।

 

उन्होंने कहा कि लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है। लोग जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, मोदी सरकार के मंत्री किसी को भी यह भरोसा दिलाने में नाकाम रहे हैं कि E20 से कोई नुकसान नहीं होता- क्योंकि इसके बारे में कोई ठोस डेटा या रिपोर्ट मौजूद नहीं है।

Audi Q9 : Audi की अब तक की सबसे बड़ी SUV से उठा पर्दा, 7-सीटर लग्जरी, Hands-Free Driving और V8 इंजन से होगी लैस

Audi SQ9 SUV

जर्मनी की लग्जरी कार निर्माता Audi ने अपनी पहली फुल-साइज लग्जरी SUV Audi Q9 से आधिकारिक तौर पर पर्दा उठा दिया है। यह अब तक की सबसे बड़ी Audi SUV है, जिसे खास तौर पर अमेरिका सहित वैश्विक बाजारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। कंपनी का कहना है कि नई Q9 स्पेस, प्रीमियम कम्फर्ट, अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और दमदार परफॉर्मेंस का बेहतरीन मेल है। इसकी डिलीवरी 2026 की चौथी तिमाही से शुरू होगी।

 

Audi के CEO Gernot Döllner ने कहा कि Audi Q9 कंपनी की पहली फुल-साइज SUV है, जिसे अमेरिकी ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यह मॉडल प्रीमियम क्वालिटी, शानदार इंटीरियर, आराम और सुरक्षा के नए मानक स्थापित करेगी।

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Audi की अब तक की सबसे बड़ी SUV

 

नई Audi Q9 की लंबाई 5.31 मीटर, चौड़ाई 2.21 मीटर (मिरर सहित), ऊंचाई 1.81 मीटर और व्हीलबेस 3.14 मीटर है। यही वजह है कि यह Audi के इतिहास की सबसे बड़ी SUV बन गई है। इसका बोल्ड फ्रंट डिजाइन और दमदार रियर लुक इसे सड़क पर बेहद आकर्षक बनाते हैं।

 

7-सीटर के साथ मिलेगा बिजनेस क्लास जैसा केबिन

 

Audi Q9 को स्टैंडर्ड रूप से 7-सीटर लेआउट में पेश किया गया है। वहीं, विकल्प के तौर पर 6-सीटर कॉन्फिगरेशन भी मिलेगा, जिसमें दूसरी पंक्ति में दो इलेक्ट्रिक एडजस्टेबल इंडिविजुअल सीटें दी गई हैं। इससे यात्रियों को बिजनेस क्लास जैसा अनुभव मिलेगा। तीसरी पंक्ति की सीटों को एक बटन दबाकर अलग-अलग फोल्ड किया जा सकता है। फ्रंट सीटों में वेंटिलेशन और मसाज फंक्शन भी मिलेगा।

 

Audi का सबसे बड़ा Panoramic Sunroof

 

नई Audi Q9 में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा Panoramic Sunroof दिया गया है। इसका ग्लास एरिया 1.5 वर्ग मीटर से अधिक है। यह पूरी तरह खुल सकता है या टिल्ट मोड में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। कुछ बाजारों में इसमें Switchable Transparency Glass और पहली बार Ambient Lighting के अनुसार रंग बदलने वाली ग्लास रूफ इल्यूमिनेशन जैसी सुविधा भी मिलेगी।

 

Hands-Free Driving का मिलेगा फीचर

Audi Q9 में पहली बार Adaptive Cruise Assist Plus दिया गया है। इसकी मदद से 130 किमी/घंटा तक की स्पीड पर निर्धारित हाईवे पर ड्राइवर स्टीयरिंग से हाथ हटाकर भी सफर कर सकेगा। सिस्टम खुद स्टीयरिंग, एक्सेलरेशन और ब्रेकिंग को नियंत्रित करेगा। शुरुआत में यह फीचर अमेरिका, कनाडा और जर्मनी के चुनिंदा हाईवे पर उपलब्ध होगा।

Audi SQ9 SUV

नई Lighting Technology

 

Audi Q9 के रियर में दुनिया की पहली Curved Digital OLED Panels तकनीक दी गई है, जो पहले से अधिक बड़े आकार की है। वहीं, Digital Matrix LED Headlights में माइक्रो-LED मॉड्यूल का इस्तेमाल किया गया है।

 

रात में मोड़ लेते समय एडवांस टर्न सिग्नल सड़क पर दिशा का संकेत भी प्रोजेक्ट करेंगे, जिससे अन्य वाहन चालकों को वाहन की दिशा पहले से बेहतर तरीके से दिखाई देगी और सुरक्षा बढ़ेगी।

 

दमदार इंजन विकल्प

 

यूरोप में Audi Q9 को 3.0-लीटर V6 TDI डीजल इंजन के साथ पेश किया जाएगा, जो 220 kW और 180 kW के दो पावर विकल्पों में उपलब्ध होगा। इसमें MHEV Plus Mild Hybrid सिस्टम और इलेक्ट्रिक पावर्ड कंप्रेसर दिया गया है, जिससे बेहतर माइलेज और तेज एक्सेलरेशन मिलेगा। अमेरिकी बाजार के लिए इसमें 3.0-लीटर V6 टर्बो पेट्रोल इंजन दिया जाएगा। सभी V6 मॉडल Quattro ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम के साथ आएंगे।

 

Audi SQ9 भी होगी लॉन्च

 

Audi चुनिंदा बाजारों में हाई-परफॉर्मेंस SQ9 भी लॉन्च करेगी। इसमें 4.0-लीटर V8 ट्विन-टर्बो इंजन मिलेगा, जो 591 हॉर्सपावर और 590 lb-ft टॉर्क पैदा करेगा। यह SUV 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार केवल 4 सेकेंड में पकड़ लेगी। Q9 और SQ9 दोनों में Adaptive Air Suspension, Rear Axle Steering और 3,500 किलोग्राम तक की टोइंग क्षमता स्टैंडर्ड दी गई है।

स्लोवाकिया में होगा निर्माण

 

Audi Q9 का निर्माण Volkswagen Group के Bratislava (Slovakia) प्लांट में किया जाएगा। इसी फैक्ट्री में पहले से Audi Q7 और Audi Q8 का भी उत्पादन किया जाता है। कंपनी के अनुसार यह प्लांट अत्याधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण के लिए जाना जाता है।