Nifty Outlook: बाजार का रुख कमजोर, 24000 तक फिसल सकता है निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। पूरे दिन बाजार सीमित दायरे में रहा और आखिर में निफ्टी 29 अंक टूटकर 24,366 पर बंद हुआ। पूरे हफ्ते में इंडेक्स 0.83% गिरा।

अब सोमवार, 17 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि शुक्रवार को बाजार में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल रही?

निफ्टी 50 में Apollo Hospitals, Bharti Airtel और Adani Enterprises सबसे बड़े गेनर रहे। वहीं Tata Motors Passenger Vehicles, Jio Financial Services और ONGC सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयर रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा कमजोरी फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा और मेटल शेयरों में रही।

मिडकैप और स्मॉलकैप पर भी दबाव

ब्रॉडर मार्केट भी कमजोर रहा। Nifty Midcap 100 में 0.53% और Nifty Smallcap 100 में 0.69% की गिरावट आई। BSE पर एडवांस-डिक्लाइन रेशियो घटकर 0.84 पर आ गया, जो मुनाफावसूली बढ़ने का संकेत देता है।

डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में रहा। USD/INR 95.40-95.45 के दायरे में कारोबार करता रहा और रुपया करीब ₹95.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

अगले हफ्ते निफ्टी का आउटलुक

अब पहली तिमाही के नतीजों का सीजन लगभग खत्म हो चुका है। ऐसे में अगले हफ्ते बाजार की नजर ग्लोबल संकेतों और मैक्रो इकोनॉमिक घटनाक्रम पर रहेगी।

Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, आगे बाजार में अहम खबरों के हिसाब से स्टॉक में मूवमेंट ज्यादा देखने को मिल सकती है। निवेशक कंपनियों की कमाई और घरेलू आर्थिक मजबूती का आकलन करेंगे।

पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक जोखिम की धारणा बाजार की दिशा तय कर सकती हैं। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

एक्सपर्ट्स ने बताए अहम स्तर

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में फिलहाल कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। अगर गिरावट बढ़ती है, तो इंडेक्स 24,200-24,000 तक जा सकता है। वहीं 24,500 पहला बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।

SBI Securities के सुदीप शाह का मानना है कि 24,500-24,550 का स्तर पार होने पर निफ्टी 24,700 और फिर 24,850 तक जा सकता है। नीचे की ओर 24,230-24,200 का दायरा मजबूत सपोर्ट है।

LKP Securities के रूपक डे के अनुसार, बाजार का ओवरऑल सेंटीमेंट अभी कमजोर है और निफ्टी 24,180 तक फिसल सकता है। उनके मुताबिक 24,400 निकट अवधि का अहम रेजिस्टेंस रहेगा।

HDFC Securities के विनय राजानी ने कहा कि निफ्टी फिलहाल 20-डे DEMA (24,363) और 200-डे DEMA (24,385) के आसपास बंद हुआ है। ऐसे में 24,360-24,385 का जोन अगले कुछ सत्रों के लिए सबसे अहम रहेगा। उनके मुताबिक नीचे की ओर 24,265 और फिर 24,000 सपोर्ट है, जबकि ऊपर 24,630 और 24,750 अगले रेजिस्टेंस स्तर हो सकते हैं।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: 3 अगस्त को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे? एक्सपर्ट्स से जानिए

Nifty Outlook: शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। निफ्टी 66 अंक चढ़कर 24,383 पर बंद हुआ। कारोबार की शुरुआत 44 अंकों की बढ़त के साथ हुई और पहले हाफ में निफ्टी 24,429 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। हालांकि, दिन के आखिर में मुनाफावसूली से कुछ बढ़त कम हो गई।

पिछले सप्ताह के पांच में से चार कारोबारी सत्रों में बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके चलते निफ्टी ने पूरे हफ्ते में 2.59% की मजबूती दर्ज की।

अब सोमवार, 3 अगस्त से शुरू हो रहे कारोबारी हफ्ते में निफ्टी की चाल कैसी रहेगी। कौन कौन से लेवल अहम रहेंगे, इसे एक्सपर्ट्स से समझेंगे। लेकिन, उससे पहले जान लेते हैं कि पिछले कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन यानी शुक्रवार को क्या हुआ था।

इन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा तेजी

निफ्टी 50 में Bajaj Finance, Bajaj Finserv और Jio Financial Services सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं TCS, Eternal और Infosys ने सबसे कमजोर प्रदर्शन किया।

आईटी, FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। सबसे ज्यादा तेजी मीडिया, ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में रही। ब्रॉडर मार्केट भी मजबूत रहा। Nifty Midcap 100 और Nifty Smallcap 100 दोनों में 0.44% की बढ़त दर्ज की गई।

इस हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

इस सप्ताह बाजार की नजर कई अहम घटनाओं पर रहेगी। इनमें RBI की मौद्रिक नीति (MPC) बैठक, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI के आंकड़े, कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति शामिल हैं।

इसके अलावा जून तिमाही के नतीजों का सीजन भी जारी रहेगा। Divi’s Laboratories, APL Apollo Tubes, CDSL, AU Small Finance Bank और Persistent Systems जैसी कंपनियों के नतीजों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

FCNR जमा से बाजार को मिल सकता है सहारा

8 जून से 31 जुलाई के बीच बैंकों ने RBI की विशेष स्वैप सुविधा के तहत FCNR(B) डिपॉजिट्स के जरिए 36.7 अरब डॉलर जुटाए हैं। बेहतर ब्याज दरों और एनआरआई निवेशकों की दिलचस्पी से मिले इन फंड्स से बाजार में लिक्विडिटी बढ़ने की उम्मीद है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट्स की राय

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि निफ्टी का ट्रेंड अभी भी मजबूत बना हुआ है। अगर इंडेक्स 24,400 के ऊपर टिकता है, तो यह 24,600-24,700 तक जा सकता है। वहीं 24,200 पर मजबूत सपोर्ट है।

HDFC Securities के ही नंदीश शाह के मुताबिक निफ्टी ने 200-Day DEMA और अहम रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर वापसी की है। उनके अनुसार 24,530 और 24,778 पर रेजिस्टेंस है, जबकि 24,100 पर सपोर्ट है।

LKP Securities के रूपक डे का कहना है कि निफ्टी अभी भी सकारात्मक रुख बनाए हुए है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के तनाव की वजह से बाजार में कुछ सतर्कता बनी हुई है। उनके मुताबिक 24,200 सपोर्ट और 24,500 रेजिस्टेंस का स्तर रहेगा।

Angel One के हितेश राठी का मानना है कि निफ्टी में मजबूत तेजी तभी आएगी, जब यह 24,550-24,600 के ऊपर टिकेगा। अगर इंडेक्स 24,650-24,700 के ऊपर निकलता है, तो बाजार में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है। नीचे की तरफ 24,250-24,200 पहला सपोर्ट और 23,980-23,950 मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।

बैंक निफ्टी का क्या रहा हाल?

बैंक निफ्टी का प्रदर्शन निफ्टी से कमजोर रहा। इंडेक्स 0.10% की मामूली गिरावट के साथ 57,148 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 56,769 तक फिसला था, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी से इसमें रिकवरी आई।

पिछले चार सत्रों से बैंक निफ्टी 56,672 से 57,330 के दायरे में कारोबार कर रहा है, जिससे साफ है कि फिलहाल इसमें सीमित दायरे में कारोबार हो रहा है।

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक बैंक निफ्टी के लिए 57,500-57,600 का स्तर अहम रेजिस्टेंस है। अगर यह इसके ऊपर निकलता है, तो 58,000 और फिर 58,400 तक तेजी आ सकती है। वहीं 56,700-56,600 का दायरा मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: लगातार 5 दिनों की गिरावट के बाद तेजी लौटेगी? जानिए एक्सपर्ट्स से

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में कमजोरी बनी रही। निफ्टी लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, दिन के निचले स्तर से इंडेक्स ने 200 अंकों से ज्यादा की रिकवरी की।

आखिर में निफ्टी 102 अंक टूटकर 23,767 पर बंद हुआ। यह 12 जून 2026 के बाद का सबसे निचला स्तर है। निफ्टी पिछले हफ्ते 2.3% टूट गया। खास बात यह रही कि हफ्ते के पांचों कारोबारी दिन बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ।

आइए एक्सपर्ट्स से जानते हैं कि सोमवार, 27 जुलाई को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी। लेकिन, उससे पहले समझ लेते हैं कि शुक्रवार के कारोबारी सत्र में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?

HCLTech, Cipla और Wipro सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Eternal, Mahindra & Mahindra और Bajaj Finance में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

आईटी, मीडिया और PSU बैंक सेक्टर में खरीदारी रही। दूसरी ओर ऑटो, मेटल और रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे।

मिडकैप और स्मॉलकैप भी दबाव में

शुरुआती गिरावट के बाद इन शेयरों में भी रिकवरी आई। लेकिन आखिर में दोनों इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.10% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.32% की गिरावट रही।

बाजार पर दबाव क्यों है?

एनालिस्टों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव बाजार की सबसे बड़ी चिंता है। इसकी वजह से ब्रेंट क्रूड महंगा बना हुआ है। ऊंचे कच्चे तेल के दाम, कमजोर रुपया और विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रहे हैं।

अगले हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

जून तिमाही के नतीजों का सीजन जारी है। इसलिए कई शेयरों में हलचल बनी रह सकती है। निवेशकों की नजर IDFC First Bank, Zen Technologies, Birla Corporation और AU Small Finance Bank के नतीजों पर रहेगी।

23,600 का स्तर सबसे अहम

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि 23,600 निफ्टी के लिए मजबूत सपोर्ट है। अगर यह स्तर बचा रहता है, तो अगले हफ्ते इंडेक्स 24,200 तक उछल सकता है।

Centrum Finverse के नीलेश जैन का भी मानना है कि 23,600 के ऊपर रहने पर निफ्टी पहले 24,000 और फिर 24,200 तक जा सकता है। हालांकि, 23,850 के आसपास बड़ी रुकावट मिल सकती है।

सपोर्ट टूटा तो बढ़ सकती है गिरावट

HDFC Securities के नंदीश शाह का कहना है कि अगर निफ्टी 23,606 के नीचे निकलता है, तो गिरावट बढ़कर 23,500 और फिर 23,070 तक जा सकती है। वहीं, 24,000 का स्तर फिलहाल सबसे बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है।

LKP Securities के रुपक डे के मुताबिक, निफ्टी अब 50 दिन की EMA के नीचे आ चुका है। यह शॉर्ट टर्म कमजोरी का संकेत है। अगर 23,600 का स्तर टूटता है, तो बिकवाली और बढ़ सकती है। वहीं, तेजी की वापसी के लिए निफ्टी का 24,000 के ऊपर निकलना जरूरी होगा।

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Gold Silver Price Today: चांदी 6 दिन में ₹15500 सस्ती हुई, सोने का बढ़ा दाम

Gold Silver Price Today: पिछले हफ्ते की तेज गिरावट के बाद सोमवार को सोने की कीमतों में जोरदार वापसी देखने को मिली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोना ₹1,400 चढ़कर करीब ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सोमवार को चांदी ₹1,000 सस्ती हो गई और यह लगातार छठे कारोबारी सत्र में कमजोर रही।

सोने का ताजा भाव

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट वाला सोना सोमवार को ₹1,46,900 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। शुक्रवार को इसका भाव ₹1,45,500 प्रति 10 ग्राम था। यानी एक दिन में सोने की कीमत ₹1,400 बढ़ गई।

चांदी में लगातार छठे दिन गिरावट

दूसरी ओर, चांदी की कीमत ₹1,000 घटकर ₹2,21,500 प्रति किलोग्राम रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹2,22,500 प्रति किलो था।

अगर 10 जुलाई से अब तक की बात करें, तो चांदी की कीमत में कुल ₹15,500 यानी करीब 6.5% की गिरावट आ चुकी है।

क्यों बढ़ा सोने का भाव?

बाजार के जानकारों का कहना है कि पिछले हफ्ते की बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों ने सस्ते भाव पर सोने की खरीदारी शुरू की। इसी वजह से कीमतों में रिकवरी देखने को मिली।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले सकारात्मक संकेत और डॉलर में नरमी की वजह से सोने को समर्थन मिला। डॉलर कमजोर होने पर विदेशी निवेशकों के लिए सोना खरीदना कुछ सस्ता हो जाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हुआ?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 4,020 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर करीब 2% की बढ़त के साथ 57 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई।

Kotak Securities की AVP कमोडिटी रिसर्च कायनात चैनवाला के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। हालांकि, दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। इसी वजह से निवेशकों का रुख लगातार बदल रहा है।

कच्चे तेल ने बढ़ाई बाजार की चिंता

भूराजनीतिक तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। WTI क्रूड भी 85 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया।

हालांकि बाद में ईरान की ओर से बातचीत के संकेत मिलने के बाद तेल की कीमतों में कुछ नरमी आई। जानकारों का कहना है कि अगर तनाव फिर बढ़ता है, तो ब्रेंट क्रूड दोबारा 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जा सकता है।

आगे क्या रह सकता है रुख?

Mirae Asset ShareKhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह का मानना है कि फिलहाल सोने की कीमतें सीमित दायरे में रह सकती हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका की ब्याज दरों और पश्चिम एशिया से जुड़ी खबरें सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगी।

MCX गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

वहीं, LKP Securities के वीपी (रिसर्च एनालिस्ट- कमोडिटी एंड करेंसी) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि MCX पर सोने में करीब ₹900 की तेजी आई है और यह ₹1,41,850 के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX गोल्ड 3,975 डॉलर के सपोर्ट से उछलकर करीब 4,020 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है।

उनके मुताबिक, जून के नरम अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से सोने को शुरुआती समर्थन मिला। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से आने वाले महीनों में महंगाई फिर बढ़ सकती है। अगर ऐसा होता है, तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व सितंबर या दिसंबर में एक बार फिर ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार कर सकता है।

गोल्ड के लिए अहम लेवल

जतीन त्रिवेदी का कहना है कि ऊंची ब्याज दरों की आशंका, मजबूत अमेरिकी डॉलर और महंगे कच्चे तेल की वजह से फिलहाल सोने की तेजी सीमित रह सकती है। तकनीकी स्तर पर MCX गोल्ड के लिए ₹1,40,000 मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं, ₹1,42,500 निकट अवधि का अहम रेजिस्टेंस स्तर हो सकता है।

Gold Price : मिडिल ईस्ट तनाव और फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका के बीच सोने की चाल सपाट,जानिए क्या हो निवेश रणनीति

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Gold Silver Price Today: सोना ₹1500 सस्ता हुआ, ₹2000 गिरा चांदी का भाव; जानिए लेटेस्ट रेट

Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को दिल्ली में बड़ी गिरावट देखने को मिली। 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹1,500 टूटकर ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। शुक्रवार को इसका भाव ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम था।

वहीं, चांदी ₹2,000 गिरकर ₹2.35 लाख प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹2.37 लाख प्रति किलो था।

सोना-चांदी क्यों हुए सस्ते?

बाजार के जानकारों का कहना है कि पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इससे महंगाई बढ़ने की चिंता फिर गहरा गई है। साथ ही अमेरिकी डॉलर भी मजबूत हुआ है। इन दोनों वजहों का दबाव सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इससे कच्चे तेल की कीमतें ऊपर गई हैं, जिसका असर कीमती धातुओं पर भी देखने को मिला।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी रही। स्पॉट गोल्ड 1.3% गिरकर 4,067.94 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर 2.32% टूटकर 58.47 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।

Mirae Asset Sharekhan के कमोडिटी प्रमुख प्रवीण सिंह का कहना है कि तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई बढ़ने की आशंका है। इससे उम्मीद बढ़ी है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। यही वजह है कि सोने पर दबाव बना हुआ है।

अब किस पर रहेगी बाजार की नजर?

अब निवेशकों की नजर मंगलवार को आने वाले अमेरिका के CPI (Consumer Price Index) आंकड़ों पर रहेगी। इससे यह संकेत मिल सकता है कि फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों को लेकर क्या कदम उठा सकता है।

LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, अगर अमेरिका में महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो डॉलर और मजबूत हो सकता है। इससे सोने पर दबाव बना रह सकता है। वहीं, अगर महंगाई के आंकड़े नरम आते हैं, तो सोने की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।

HCLTech Q1 Results: आईटी कंपनी का मुनाफा 20% बढ़ा, गाइडेंस बरकरार; डिविडेंड का ऐलान

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Nifty Outlook: 13 जुलाई को कैसी रहेगी निफ्टी की चाल, किन लेवल्स पर रहेगी नजर? जानिए एक्सपर्ट्स से

Nifty Outlook: पिछला कारोबारी हफ्ता उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन आखिर में निफ्टी 50 ने शानदार वापसी की। बुधवार की तेज गिरावट के बाद शुक्रवार को खरीदार फिर लौटे और बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ।

शुक्रवार को निफ्टी 244 अंक चढ़कर 24,206 पर बंद हुआ। इंडेक्स 162 अंकों की बढ़त के साथ खुला और पूरे सत्र में बढ़त बनाए रखी। दिन के ऊपरी स्तर के करीब बंद होने से बाजार में फिर से खरीदारी लौटने के संकेत मिले।

किन शेयरों में हलचल दिखी

निफ्टी 50 में Jio Financial Services, HDFC Life Insurance और Adani Enterprises सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Dr. Reddy’s Laboratories, Eternal और Bharti Airtel सबसे ज्यादा गिरने वालों में शामिल रहे।

रियल्टी, PSU बैंक और आईटी सेक्टर ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं FMCG इकलौता प्रमुख सेक्टर रहा, जो मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।

मिडकैप और स्मॉलकैप में रही तेजी

ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बड़े शेयरों से बेहतर रहा। Nifty Midcap 100 1.4% चढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। वहीं Nifty Smallcap 100 1.55% की बढ़त के साथ नए 52 हफ्ते के उच्च स्तर पर बंद हुआ। इससे साफ है कि निवेशकों की दिलचस्पी सिर्फ लार्जकैप तक सीमित नहीं है।

इस हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

अमेरिका ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की है। ईरान ने फिर से होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का दावा किया है। इससे वैश्विक बाजारों में तनाव बढ़ सकता है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आता है, तो उसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट्स की राय

नागराज शेट्टी (HDFC Securities) : शेट्टी का मानना है कि उतार-चढ़ाव के बावजूद निफ्टी का शॉर्ट टर्म ट्रेंड अब भी सकारात्मक है। उनके मुताबिक आने वाले दिनों में निफ्टी 24,500 से 24,600 के स्तर तक जा सकता है। वहीं 24,000 का स्तर मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।

रूपक डे (LKP Securities) : रूपक डे के अनुसार बाजार में तेजी का रुख अभी कायम है। उनके मुताबिक 24,500 पर पहला बड़ा रेजिस्टेंस है, जबकि 24,000 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट रहेगा।

हितेश राठी (Angel One) : हितेश राठी के मुताबिक 24,000 से 23,930 का दायरा पहला सपोर्ट जोन है। इसके नीचे 23,850 से 23,800 का स्तर मजबूत सहारा देगा। वहीं ऊपर की ओर 24,280 से 24,320 पहला रेजिस्टेंस है। इसके बाद 24,480 से 24,540 का स्तर अहम रहेगा।

नंदीश शाह (HDFC Securities) : शाह का कहना है कि पूरे हफ्ते निफ्टी अपने 50-डे सिंपल मूविंग एवरेज यानी 23,829 के ऊपर बना रहा। यह निचले स्तरों पर लगातार खरीदारी का संकेत है। उनके मुताबिक 23,805 का स्तर अहम सपोर्ट और 24,530 का स्तर बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा।

Bank Nifty Outlook

बैंक निफ्टी ने भी हफ्ते का अंत मजबूती के साथ किया। इंडेक्स गैप-अप खुला और दिन के दूसरे हिस्से में खरीदारी बढ़ने से 1.39% की तेजी के साथ 58,046 पर बंद हुआ।

SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक बैंक निफ्टी के लिए 58,500 से 58,600 का दायरा पहला बड़ा रेजिस्टेंस है। अगर इंडेक्स इसके ऊपर टिकता है तो 59,000 और फिर 59,500 तक जाने की संभावना बन सकती है। वहीं नीचे की ओर 57,600 से 57,500 का दायरा अहम सपोर्ट रहेगा।

Stocks to Watch: सोमवार 13 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook for 6 July: 24600 तक जाएगा निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए अहम लेवल्स

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को निफ्टी ने बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। बाजार गैप-अप खुला, लेकिन पूरे दिन 24,370-24,380 के दायरे में फंसा रहा। इसी स्तर पर बिकवाली हावी रही और बाजार आगे नहीं बढ़ सका। निफ्टी 95 अंक यानी 0.39% की बढ़त के साथ 24,271 पर बंद हुआ।

पूरे हफ्ते कैसा रहा बाजार?

शुक्रवार की तेजी के साथ निफ्टी ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की। इस वजह से इंडेक्स पिछले 10 हफ्तों के सबसे ऊंचे वीकली क्लोजिंग पर बंद हुआ।

हफ्ते की शुरुआत कमजोर रही थी। शुरुआती दिनों में बाजार पर बिकवाली का दबाव था। लेकिन अहम सपोर्ट लेवल से शानदार वापसी हुई। इसके बाद लगातार तीन दिन तेजी देखने को मिली। पूरे हफ्ते में निफ्टी करीब 0.90% चढ़ा।

सेक्टर का हाल कैसा रहा

इस हफ्ते निफ्टी रियल्टी सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। इसके बाद निफ्टी हेल्थकेयर में अच्छी तेजी देखने को मिली। वहीं, निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे कमजोर सेक्टर रहा। निफ्टी एनर्जी इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुआ।

मिडकैप और स्मॉलकैप में क्या हुआ?

हालिया तेजी के बाद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स ने ‘बेयरिश एंगल्फिंग’ कैंडल बनाई। इसे निकट अवधि की कमजोरी का संकेत माना जाता है। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त का बड़ा हिस्सा गंवा दिया और लगभग सपाट बंद हुआ।

हालांकि, अच्छी बात यह है कि दोनों इंडेक्स अब भी अपने अहम मूविंग एवरेज के ऊपर कारोबार कर रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि लंबी अवधि का तेजी का ट्रेंड अभी कायम है।

अगले हफ्ते के अहम फैक्टर

अगले हफ्ते बाजार की नजर कई अहम फैक्टर्स पर रहेगी। वैश्विक संकेत अगर सकारात्मक रहे तो तेजी बनी रह सकती है। इसके अलावा कंपनियों के जून तिमाही के बिजनेस अपडेट भी शेयरों में हलचल बढ़ा सकते हैं।

निवेशक मानसून की प्रगति पर भी नजर रखेंगे। जून में बारिश सामान्य से 40% कम रही थी। हालांकि, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जुलाई में सामान्य का 94% बारिश होने का अनुमान जताया है। वहीं, पूरे 2026 के मानसून का अनुमान घटाकर 90% कर दिया गया है। इसकी वजह एल नीनो को बताया गया है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का मानना है कि बाजार में चल रही कंसोलिडेशन जल्द खत्म हो सकती है। इसके बाद निफ्टी में नई तेजी देखने को मिल सकती है। उनके मुताबिक, अगले हफ्ते निफ्टी 24,600 तक पहुंच सकता है। वहीं, 24,050 का स्तर अहम सपोर्ट रहेगा।

Centrum Finverse के निलेश जैन का कहना है कि निफ्टी 24,100 के स्तर के ऊपर मजबूती से टिक गया है। यही इसका 100-डे मूविंग एवरेज भी है। अगर इंडेक्स इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तो यह धीरे-धीरे 24,550 तक जा सकता है।

LKP Securities के रूपक डे भी बाजार को लेकर सकारात्मक हैं। उनका मानना है कि निफ्टी पहले 24,500 तक जा सकता है और उसके बाद इससे ऊपर भी निकल सकता है। उन्होंने 24,200 को पहला और 24,000 को मजबूत सपोर्ट बताया है।

बैंक निफ्टी पर राय

बैंक निफ्टी पूरे हफ्ते सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। जून में आई तेज तेजी के बाद अब इंडेक्स में कंसोलिडेशन देखने को मिल रहा है। बुधवार को अच्छी तेजी आई थी, लेकिन बाकी दिनों में कारोबार सुस्त रहा। पूरे हफ्ते में बैंक निफ्टी 0.41% गिरकर 58,000 के नीचे बंद हुआ।

Angel One के राजेश भोसले का कहना है कि बैंक निफ्टी फिलहाल समय के हिसाब से करेक्शन के दौर में है। हालांकि, बड़ी तस्वीर अब भी सकारात्मक है क्योंकि इंडेक्स अप्रैल के ब्रेकआउट लेवल 57,500 के ऊपर बना हुआ है।

उनका मानना है कि 57,000-56,500 का दायरा मजबूत सपोर्ट देगा। वहीं, अगर बैंक निफ्टी 58,500-58,800 के ऊपर टिकता है, तो तेजी का अगला चरण शुरू हो सकता है।

Dividend Stocks: टाइटन से नेस्ले तक… इस हफ्ते 45 कंपनियां देंगी ₹75 तक का डिविडेंड, चेक करें पूरी लिस्ट

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Dividend Stocks: टाइटन से नेस्ले तक… इस हफ्ते 45 कंपनियां देंगी ₹75 तक का डिविडेंड, चेक करें पूरी लिस्ट

Dividend Stocks: अगले हफ्ते यानी 6 से 10 जुलाई के बीच शेयर बाजार में कई कंपनियों के कॉरपोरेट एक्शन पर निवेशकों की नजर रहेगी। कई बड़ी कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड (Ex-Dividend) पर ट्रेड करेंगे। अगर आप डिविडेंड का फायदा उठाना चाहते हैं, तो एक्स-डेट से पहले शेयर खरीदना होगा। तभी आप कंपनी की ओर से घोषित डिविडेंड पाने के हकदार होंगे।

सिर्फ डिविडेंड ही नहीं, अगले हफ्ते कुछ कंपनियों के शेयर बोनस इश्यू और स्टॉक स्प्लिट के लिए भी एक्स-डेट पर ट्रेड करेंगे। ऐसे में यह हफ्ता निवेशकों के लिए काफी अहम रहने वाला है।

6 जुलाई को किन शेयरों पर रहेगा फोकस?

6 जुलाई को चार कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड होंगे। DCM Shriram International अपने निवेशकों को 0.40 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। DJ Mediaprint & Logistics ने 0.15 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है।

वहीं, Pilani Investment and Industries Corporation 9 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देगी। Sundaram Finance ने 24 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है।

7 जुलाई को इन कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड

7 जुलाई को पांच कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड पर ट्रेड करेंगे। Cera Sanitaryware ने 75 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है। Dodla Dairy और Sun Pharmaceutical Industries दोनों 5-5 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देंगी।

वहीं, JSW Steel ने 7.10 रुपये प्रति शेयर और LKP Securities ने 0.20 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है।

8 जुलाई को किन स्टॉक्स में मिलेगा डिविडेंड?

8 जुलाई को छह कंपनियां एक्स-डिविडेंड होंगी। इनमें Bliss GVS Pharma 1 रुपये, Hannah Joseph Hospital 2 रुपये, Kesar Terminals & Infrastructure 1.25 रुपये और Morarka Finance 1.50 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देगी।

वहीं, Mphasis ने 62 रुपये प्रति शेयर और United Spirits ने 11 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है।

9 जुलाई को इन शेयरों पर रहेगी नजर

9 जुलाई को चार कंपनियां एक्स-डिविडेंड होंगी। Harsha Engineers International 1.50 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। RPG Life Sciences ने 24 रुपये प्रति शेयर, Sheela Foam ने 1 रुपये प्रति शेयर और Titan Company ने 15 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है।

10 जुलाई को सबसे ज्यादा कंपनियां

10 जुलाई इस हफ्ते का सबसे व्यस्त दिन रहेगा। इस दिन 25 से ज्यादा कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड पर ट्रेड करेंगे। इनमें Apollo Tyres, Axis Bank, Birlasoft, CAMS, D-Link (India), Dr Reddy’s Laboratories, Geojit Financial, Hindalco, JK Cement, JSW Cement, Mahindra Logistics, Nestle India और Sobha जैसी कंपनियां शामिल हैं।

इन कंपनियों में D-Link (India) ने 20 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड और 7.50 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड घोषित किया है। Nestle India अपने निवेशकों को 5 रुपये प्रति शेयर का फाइनल और 2 रुपये प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड देगी।

इसके अलावा Axis Bank 1 रुपये, Hindalco Industries 5 रुपये, JK Cement 20 रुपये, Apollo Tyres 2.50 रुपये और Dr Reddy’s Laboratories 8 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देगी।

बोनस इश्यू और स्टॉक स्प्लिट भी होंगे

अगले हफ्ते चार कंपनियों में बोनस इश्यू और स्टॉक स्प्लिट भी होने वाला है। Gujarat Inject Kerala का शेयर 8 जुलाई को 10 रुपये फेस वैल्यू से 1 रुपये फेस वैल्यू में स्टॉक स्प्लिट होगा। Goldiam International 10 जुलाई को 1:3 बोनस इश्यू के लिए एक्स-डेट पर ट्रेड करेगी।

वहीं, Hindusthan Insulators & Industries ने 2:1 बोनस इश्यू का ऐलान किया है। Mangalam Worldwide का शेयर भी 10 जुलाई को 10 रुपये फेस वैल्यू से 1 रुपये फेस वैल्यू में स्टॉक स्प्लिट होगा।

निवेशकों के लिए क्या है जरूरी?

अगर आप डिविडेंड, बोनस शेयर या स्टॉक स्प्लिट का फायदा उठाना चाहते हैं, तो संबंधित कंपनी के शेयर एक्स-डेट से पहले खरीदने होंगे। साथ ही, कंपनी की ओर से तय रिकॉर्ड डेट का भी ध्यान रखना जरूरी है। रिकॉर्ड डेट पर जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, वही डिविडेंड, बोनस शेयर या स्टॉक स्प्लिट का लाभ पाने के पात्र होंगे।

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Market Outlook: जुलाई में शेयर बाजार में आएगी तेजी? पिछले 25 साल का रिकॉर्ड दे रहा बड़ा संकेत

Market Outlook: पिछले करीब तीन महीने से भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में घूम रहा है। कभी हल्की तेजी तो कभी हल्की गिरावट, लेकिन कोई बड़ा मूव देखने को नहीं मिला। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या जुलाई का महीना बाजार के लिए कुछ नया लेकर आएगा?

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इतिहास पर नजर डालें तो जुलाई का महीना शेयर बाजार के लिए अक्सर अच्छा साबित हुआ है। वहीं, मौजूदा आर्थिक हालात भी बाजार के पक्ष में नजर आ रहे हैं।

जुलाई का रिकॉर्ड क्या कहता है?

SAMCO Securities के इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट जहोल प्रजापति का कहना है कि ऐतिहासिक आंकड़े जुलाई के पक्ष में इशारा करते हैं। उन्होंने कहा, ‘साल 2001 से 2025 के बीच 25 साल में निफ्टी 50 ने जुलाई में 18 बार बढ़त दर्ज की है। यानी करीब 72% बार बाजार हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान औसत रिटर्न 2.19% रहा। दिसंबर और नवंबर के बाद जुलाई निफ्टी के लिए तीसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला महीना रहा है।’

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ पुराने ट्रेंड देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। लेकिन जुलाई में हर साल कुछ ऐसे फैक्टर देखने को मिलते हैं, जो बाजार को सपोर्ट देते हैं। इनमें सामान्य मानसून की शुरुआत, पहली तिमाही (Q1) के नतीजों से जुड़ी उम्मीदें और घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी शामिल हैं।

मौजूदा हालात भी बाजार के लिए अच्छे

जहोल प्रजापति का कहना है कि इस समय कई ऐसे फैक्टर हैं, जो बाजार के लिए राहत की खबर हो सकते हैं।

  • भू-राजनीतिक तनाव कम होने और अमेरिका-ईरान के बीच समझौते की उम्मीद है।
  • कच्चे तेल की कीमतें घटकर करीब 72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं।
  • इससे कंपनियों की लागत कम हो सकती है और महंगाई पर भी दबाव घट सकता है।
  • साल की शुरुआत में कमजोर पड़ा रुपया अब संभलता दिख रहा है।
  • विदेशी निवेशकों (FPI) की बिकवाली भी पहले के मुकाबले कम हुई है, जिससे बाजार में भरोसा बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि अगर दुनिया में कोई बड़ा नकारात्मक घटनाक्रम नहीं होता है, तो ये सभी बातें भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक माहौल बना सकती हैं।

चार्ट क्या बता रहे हैं?

SAMCO Securities के डेरिवेटिव्स रिसर्च एनालिस्ट धूपेश धामेजा का कहना है कि 1 जुलाई को निफ्टी ने अच्छी मजबूती दिखाई और बुलिश कैंडल बनाई। इंडेक्स ने 23,850-23,900 के सपोर्ट जोन को बचाए रखा। यही इलाका हालिया ब्रेकआउट एरिया और 50-DEMA के आसपास भी है। हालांकि, 24,000 के ऊपर पहुंचने के बावजूद निफ्टी को 100-DEMA के पास मजबूत रुकावट मिल रही है। यही वजह है कि बाजार अभी भी एक छोटी रेंज में फंसा हुआ है।

उन्होंने बताया कि RSI अब धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है और फिलहाल 55.13 पर है। जब तक RSI 50 से ऊपर रहेगा, तब तक बाजार का रुख पॉजिटिव माना जाएगा। हालांकि, असली तेजी का संकेत तभी मिलेगा, जब निफ्टी मौजूदा रेजिस्टेंस के ऊपर निकल जाएगा। धामेजा ने यह भी कहा कि India VIX 2.63% गिरकर 13.24 पर आ गया है। इसका मतलब है कि बाजार में घबराहट कम हो रही है और निवेशक फिलहाल ज्यादा सहज नजर आ रहे हैं।

क्या 24,200 तक जा सकता है निफ्टी?

LKP Securities के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि 1 जुलाई को भी निफ्टी अपनी हालिया ट्रेडिंग रेंज से बाहर नहीं निकल पाया। पिछले कुछ सत्रों से इंडेक्स 24,000 के आसपास ही घूम रहा है, जिससे साफ है कि बाजार को अभी नई दिशा नहीं मिली है।

हालांकि, उनका मानना है कि शॉर्ट टर्म ट्रेंड अभी भी सकारात्मक है। जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर बना रहता है, तब तक तेजी की उम्मीद कायम रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर यह सपोर्ट नहीं टूटता है, तो आने वाले दिनों में निफ्टी धीरे-धीरे 24,200 और उससे ऊपर के स्तर की ओर बढ़ सकता है। 1 जुलाई को निफ्टी 50 में 0.59% की तेजी आई और यह 24,005.85 पर बंद हुआ। वहीं, BSE Sensex 0.58% चढ़कर 76,922.64 के स्तर पर पहुंच गया।

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