पाकिस्तान ने श्रीलंका के खिलाफ रचा इतिहास

युवा बल्लेबाज माज सदाकात (96) और साहिबजादा फरहान (73) की शानदार पारियों की बदौलत पाकिस्तान की नयी टीम ने यहा श्रीलंका के खिलाफ 82 रनों की ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

पाकिस्तान ने माज सदाकत 96 रनों की शानदार पारी की मदद से तीन विकेट पर 215 का बड़ा स्कोर बनाया और फिर रविवार को एशियाई टीम की बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए श्रीलंका को सात विकेट पर 133 रन पर रोक कर 82 रनों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

यह घरेलू मैदान पर पुरुषों के टी-20 मैचों में पाकिस्तान का सबसे बड़ा टीम स्कोर था और कुल मिलाकर उनका दूसरा सबसे बड़ा स्कोर था। इससे बेहतर स्कोर उन्होंने 2021 में नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ 232/6 बनाया था। इस मैच में पाकिस्तान ने 13 छक्के लगाए, जो किसी भी पुरुष टी-20 में उनके द्वारा लगाए गए छक्कों की संख्या के मामले में संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर है; उनका अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन 2024 में डबलिन में आयरलैंड के खिलाफ 15 छक्कों का था।

आईसीसी के अनुसार, साहिबजादा फरहान की कप्तानी में नई टीम के लिए यह अच्छी बात है। बाबर आज़म, शाहीन अफ़रीदी और मोहम्मद रिजवान जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की गैर-मौजूदगी के बावजूद पाकिस्तान के नए स्टार खिलाड़ी कई सकारात्मक संकेत दिखा रहे हैं।

मैच के बाद फरहान ने कहा यह एक अच्छी जीत है और हम अच्छी तरह से तैयार हो रहे हैं। हम 2026 में एक अलग टी-20 टीम बन गए हैं क्योंकि हमारे छक्के मारने का अनुपात बेहतर हुआ है और हमारे बल्लेबाज 150 से ज़्यादा के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं। अगर हम इसी तरह खेलते रहे तो हर बार 200 से ज़्यादा रन बनाएंगे, इसलिए हम उसी जोश के साथ खेलेंगे।

Also Read : ज्ञानेश को हटाने व एसआईआर को वापस लेने की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च

फरहान ने टॉप ऑर्डर में खेलते हुए 73 रन बनाए। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने फख़र जमान (22) के साथ पहले विकेट के लिए 55 रन जोड़े और फिर सदाकत के साथ 88 रनों की साझेदारी की, जिससे मेज़बान टीम आसानी से रन बनाती रही।

सदाक़त के लिए यह उनके 10वें इंटरनेशनल मैच में बल्ले से शानदार प्रदर्शन था; 21 साल के इस खिलाड़ी ने सात बार छक्के लगाए और पाकिस्तान की पारी की आखिरी गेंद पर शतक बनाने की कोशिश में आउट हुए। सीरीज के पहले मैच में 50 रन बनाने के बाद सदाकत की यह लगातार दूसरा अर्धशतक था और बाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ को पता है कि वह अच्छी फ़ॉर्म में हैं।

सदाकत ने कहा मैं अपनी फ़ॉर्म का पूरा फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रहा था। मुझे खुद पर भरोसा था कि मैं गेंद को हिट कर सकता हूँ… मैं पॉज़िटिव सोच के साथ खेलता हूँ और बाउंड्री मारने के लिए सही गेंदों को चुनता हूं।

रन का पीछा करते हुए श्रीलंका के सिर्फ़ चार बल्लेबाज़ ही दहाई का आँकड़ा छू पाए और कप्तान कुसल मेंडिस अपनी टीम के बल्लेबाज़ों के प्रदर्शन से निराश थे।

मेंडिस ने कहा बल्लेबाजों को ज़िम्मेदारी लेनी होगी, जिसमें मैं भी शामिल हूं। यह बल्लेबाज़ी के लिए अच्छी पिच थी और हमें कम से कम 200 रन बनाने चाहिए थे… पिछले कुछ टूर्नामेंट में हमने फ़ील्डिंग में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अफ़सोस की बात है कि पिछले दो मैचों में हम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं।

Pic Credit : UNI

Tiger Attack Video: टाइगर के बाड़े में घुसा व्यक्ति, फिर बाघ ने किया हमला… वीडियो से सामने आया खौफनाक मामला

इंग्लैंड के यॉर्कशायर वाइल्डलाइफ पार्क में एक खौफनाक हादसा सामने आया है, जहां बाघ के बाड़े में घुसे एक शख्स की हमले में मौत हो गई। घटना के बाद पार्क में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा के मद्देनजर पूरे परिसर को खाली करा लिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद व्यक्ति की जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है और उसके परिवार को सूचना दे दी गई है।

वहीं, घटना के बाद बाघ की स्थिति को लेकर उठ रहे सवालों पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जानवर सुरक्षित है और अपने बाड़े के अंदर ही मौजूद है। फिलहाल हादसे की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है। इस घटना के बाद वाइल्डलाइफ पार्क को रविवार तक बंद रखने का फैसला लिया गया है।

दोपहर में मिली हमले की सूचना, मौके पर पहुंची पुलिस

साउथ यॉर्कशायर पुलिस के मुताबिक, शनिवार दोपहर करीब 1:35 बजे उन्हें सूचना मिली कि डोनकास्टर के पास स्थित वाइल्डलाइफ पार्क में एक व्यक्ति बाघ के बाड़े के अंदर चला गया है। वहां बाघ ने उस पर हमला कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।

सूचना मिलने के बाद आपातकालीन सेवाएं घटनास्थल पर पहुंचीं। मेडिकल टीम ने व्यक्ति को बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी और मौके पर ही उसे मृत घोषित कर दिया गया। फिलहाल मृतक की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस ने बताया कि उसके परिवार को घटना की जानकारी दे दी गई है और विशेषज्ञ अधिकारी इस मुश्किल समय में परिवार की मदद कर रहे हैं।

बाघ सुरक्षित, लोगों को खतरे की आशंका नहीं

घटना के बाद सोशल मीडिया पर बाघ की स्थिति को लेकर कई तरह की चर्चाएं होने लगीं। इस पर पुलिस ने स्पष्ट किया कि हमले में बाघ को कोई चोट नहीं आई है। घटना के बाद भी वह अपने बाड़े के अंदर ही रहा।

पुलिस के अनुसार, आम लोगों के लिए किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है। हालांकि, व्यक्ति बाघ के बाड़े में किन परिस्थितियों में पहुंचा और उसके बाद वास्तव में क्या हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

 

Wildlife Park खाली कराया गया, जांच जारी

घटना के बाद यॉर्कशायर वाइल्डलाइफ पार्क को खाली करा लिया गया। पार्क प्रबंधन ने बताया कि आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी गई थी और संबंधित एजेंसियों को मौके पर बुलाया गया था। अधिकारियों के साथ मिलकर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर यह घटना कैसे हुई।

पार्क प्रबंधन ने कहा कि वहां आने वाले लोगों, कर्मचारियों और जानवरों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है। घटना के बाद पार्क को रविवार तक बंद रखने की घोषणा की गई।

फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। व्यक्ति बाड़े में कैसे पहुंचा और घटना से पहले क्या परिस्थितियां थीं, इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।

20% से ज्यादा ब्याज पर लिए तीन लोन, फिर भी Mutual Funds में कर रहा था निवेश, Barber की कहानी सुन CEO ने दी बड़ी सीख

न्यूजीलैंड के कई अहम खिलाड़ी चोट के कारण भारत के खिलाफ T-20I सीरीज से हुए बाहर

Newzealand

न्यूजीलैंड टी-20 टीम को 22 अक्टूबर से विश्व विजेता भारतीय टीम की मेजबानी करनी है। हालांकि अभी से उनके कई सितारा खिलाड़ी इस सीरीज से बाहर होने लग गए हैं। इसकी शुरुआत सितंबर के अंतिम सप्ताह में ही हो गई  जब  स्पिन ऑलराउंडर और सलामी बल्लेबाज रचिन रविंद्र को प्रमोशनल शूट के दौरान कंधे में चोट लग गई और वह 6 हफ्ते के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर हो गए। यह बल्लेबाज भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में वापसी कर सकता है। उनकी जगह ऑलराउंडर बेवॉन जैकब्स को टीम में लाया गया।

इसके बाद शुक्रवार को खबर आई कि  बल्लेबाज मार्क चैपमैन और  तेज गेंदबाज जैक फाउल्क्स चोटिल होने के कारण भारत के खिलाफ 22 अक्टूबर से क्राइस्टचर्च में शुरू होने वाली पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सीरीज से बाहर हो गए हैं।

बाएं हाथ के बल्लेबाज चैपमैन पिछले महीने यूरोपीय टी20 लीग के दौरान चोटिल हो गए थे। उनके बाएं पांव की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था और वह अभी तक पूरी तरह फिट नहीं हो पाए हैं। तेज गेंदबाज फाउल्क्स के दाहिने कूल्हे में हाल ही में कैंटरबरी में अभ्यास सत्र के दौरान चोट लग गई थी।

चैपमैन ने अब तक 113 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। यह 32 वर्षीय बल्लेबाज भारत के खिलाफ वनडे सीरीज में वापसी कर सकता है लेकिन फाउल्क्स की वापसी की कोई निश्चित समयसीमा नहीं है।ऑलराउंडर जोश क्लार्कसन और तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर को इन दोनों खिलाड़ियों के स्थान पर टीम में शामिल किया गया है।

यह काफी नहीं था तो शनिवार के लिए न्यूजीलैंड के लिए एक और बुरी खबर आ गई। टीम के प्रमुख गेंदबाज विल ओ रूर्क भी इस सीरीज से बाहर हो गए हैं। खेल के सभी प्रारूप में खेलने वाले इस 25 वर्षीय तेज गेंदबाज ने पीठ में चोट के कारण सात महीने तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद इस साल की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की थी। इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच के अंतिम दिन हालांकि उनकी मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था और इसके बाद अभ्यास के दौरान उनकी पिंडली में चोट लग गई थी।

 न्यूजीलैंड की टी20 टीम: मिचेल सैंटनर (कप्तान), फिन एलन, माइकल ब्रैसवेल, जोश क्लार्कसन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, बेवन जैकब्स, काइल जैमीसन, एडम मिल्ने, डैरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम सीफर्ट, नाथन स्मिथ, ब्लेयर टिकनर।

अमेरिका में हरियाणवी युवक की मौत:ट्राला पलटने से जान गई, डंकी रूट से गया था; मां रोते हुए बोली- हमारे ऊपर बिजली गिर गई

अमेरिका में ट्राला पलटने से करनाल के 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। वह 2022 में इंग्लैंड से डंकी रूट के रास्ते अमेरिका गया था। वहां वह ट्राला चलाता था। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार शव भारत आने का इंतजार कर रहा है। परिवार ने सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है, ताकि शव को भारत लाकर अंतिम संस्कार किया जा सके। उधर, युवक की मां ने रोते हुए कहा- हमारे ऊपर बिजली गिर गई। हमारे बच्चे को ले आओ। 40 लाख खर्च कर इंग्लैंड गया था मृतक की पहचान सीकरी गांव निवासी जतिन (25) के रूप में हुई है। वह वर्ष 2022 में करीब 40 लाख रुपए खर्च कर भारत से इंग्लैंड गया था। वहां से वह डंकी रूट के रास्ते अमेरिका पहुंचा। वह कैलिफोर्निया के लॉस एंजिलिस में रहकर ड्राइवरी करता था। संतुलन बिगड़ने से ट्राला पलटा हादसा बुधवार अलसुबह अमेरिका में हुआ। बताया गया कि सड़क पर ट्रक का संतुलन बिगड़ने से ट्राला पलट गया। इस दौरान जतिन के सिर में चोट लगी और खून निकलने लगा। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जतिन के ममेरा भाई विशाल भी साथ ही रहता है। उसने जतिन के परिवार को घटना की सूचना दी। 5 घंटे पहले पिता से की थी बात परिवार के अनुसार, उसके पिता रामपाल ने हादसे से करीब 5 घंटे पहले ही बेटे से फोन पर बात की थी। परिवार को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही समय बाद उन्हें यह दुखद खबर सुननी पड़ेगी। परिवार अपने बेटे के अंतिम दर्शन करना चाहता है, लेकिन अमेरिका से शव भारत लाने की प्रक्रिया में आर्थिक परेशानी आ रही है। परिजनों ने सरकार से अपील की है कि शव को जल्द भारत लाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाए, ताकि वे अपने बेटे का अंतिम संस्कार कर सकें। खेतीबाड़ी करता है परिवार जतिन के परिवार में पिता रामपाल, मां रेखा, बड़ा भाई साहिल और एक छोटी बहन है। उसके पिता खेतीबाड़ी करते हैं। बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और अब परिजनों को उसके शव के भारत पहुंचने का इंतजार है।

आर्कटिक ओपन: पीवी सिंधु क्वार्टर-फ़ाइनल में, रत्चानोक से भिड़ेंगी 4 साल बाद

दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु ने गुरुवार को फ़िनलैंड के वांता में जापान की रीको गुंजी को हराकर आर्कटिक ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला सिंगल्स क्वार्टर-फ़ाइनल में जगह बनाई। बीडब्ल्यूएफ सुपर 500 बैडमिंटन इवेंट में छठी सीड वाली सिंधु ने 49 मिनट में रीको गुंजी को 21-15, 21-15 से हराकर क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाई, जहाँ उनका मुकाबला टॉप सीड और पूर्व वर्ल्ड चैंपियन थाईलैंड की रत्चानोक इंतानोन से होगा।

 जापानी शटलर के खिलाफ शुरुआती गेम काफी कड़ा था, दोनों खिलाड़ी 15-15 से बराबर थीं, लेकिन सिंधु ने लगातार छह पॉइंट बनाकर बढ़त बना ली। दूसरे गेम में भी यही पैटर्न रहा। स्कोर 13-13 से बराबर था, लेकिन भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने आखिर में फिर से अच्छा प्रदर्शन किया और अगले 10 में से आठ पॉइंट जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

शुक्रवार को पीवी सिंधु और रत्चानोक इंतानोन के बीच होने वाला मैच इन दोनों स्टार खिलाड़ियों के बीच चार साल से ज़्यादा समय में पहली बार होगा। थाई शटलर अपने हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में 9-4 से आगे हैं और उन्होंने अपने पिछले पाँच मैच जीते हैं। उनका सबसे हालिया मुकाबला इंडोनेशिया मास्टर्स 2022 के क्वार्टर-फ़ाइनल में हुआ था, जहाँ रत्चानोक ने 21-12, 21-10 से जीत हासिल की थी।

दोनों खिलाड़ियों ने इस सीज़न में बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर टाइटल जीते हैं। सिंधु ने जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 जीता था, जिसमें उन्होंने फ़ाइनल में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन अकाने यामागुची को हराया था। रत्चानोक का सबसे हालिया टाइटल मई में मलेशिया मास्टर्स सुपर 500 में आया था, जहाँ उन्होंने फ़ाइनल में पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना की चेन यूफ़ेई को हराया था।

Badminton tournament

रत्चानोक ने आर्कटिक ओपन क्वार्टर-फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की की, तन्वी शर्मा को 34 मिनट में 21-18, 21-7 से हराकर, आखिरी आठ में किसी भी भारतीय के मुक़ाबले को रोक दिया। तन्वी, जिन्होंने अगस्त में ताइपे ओपन सुपर 300 में अपना पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर टाइटल जीता था, ने शुरुआती गेम में कड़ी टक्कर दी और 17-17 तक रत्चानोक के साथ बराबरी पर रहीं। लेकिन, अनुभवी थाई खिलाड़ी ने आखिरी स्टेज में बढ़त बना ली और गेम 21-18 से जीत लिया।

दूसरा गेम ज़्यादा एकतरफ़ा रहा। रत्चानोक ने लगातार सात पॉइंट बनाकर 9-2 की बढ़त बना ली और इंटरवल के बाद भी कंट्रोल में रहकर मैच आराम से जीत लिया।पुरुषों के सिंगल्स में, थारुन मन्नेपल्ली राउंड ऑफ़ 16 में फ्रांस के दूसरे सीड क्रिस्टो पोपोव से 21-14, 21-19 से हारकर बाहर हो गए। भारतीय खिलाड़ी, जो पहले राउंड में डेनमार्क के मैग्नस जोहानसन को हराने से पहले क्वालिफ़ाइंग से आए थे, 50 मिनट में हार गए।

थारुन की हार के साथ सुपर 500 टूर्नामेंट में भारत की पुरुष सिंगल्स चुनौती खत्म हो गई। किदांबी श्रीकांत, एचएस प्रणय और रौनक चौहान सभी ने बुधवार को पहले राउंड में क्वालिफ़ाई किया था। भारत पुरुष डबल्स में मुकाबले में बना हुआ है, जिसमें कृष्ण प्रसाद गरागा और पृथ्वी कृष्णमूर्ति रॉय का मुकाबला गुरुवार को राउंड ऑफ़ 16 में इंग्लैंड के ओलिवर बटलर और सैमुअल जोन्स से होगा।

VVS लक्ष्मण को मिली बड़ी भूमिका, टीम चयन में रहेगा योगदान

भारतीय क्रिकेट के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण लंबे समय से भारतीय क्रिकेट टीम के साथ बतौर कोच समय बिता चुके हैं। जब राहुल द्रविड़ मुख्य टीम के साथ व्यस्त रहते थे तो राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण युवा टीम के साथ दौरे पर जाते थे। पिछली बार की तरह इस बार भी एशियाड में वीवीएस लक्ष्मण ही कोच थे। अब भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने उनको बड़ी जिम्मेदारी देने का मन बना लिया है।अब टीम का चयन करते वक्त उनकी भी राय ली जाएगी ऐसा बोर्ड सचिव देवाजीत सैकिया ने कहा है।

इंग्लैंड के हालिया दौरे पर दूसरे वनडे से पहले रोहित के करियर खत्म होने की खबरों का बाहर आना, उसके बाद बीसीसीआइ सचिव देवजीत सैकिया का मुख्य चयनकर्ता से बात किए बिना ये कहना कि रोहित जब तक टीम योजना का हिस्सा हैं। इन सब परिस्थितियों ने पहलुओं को बहुत उलझा दिया है।

BCCI पदाधिकारियों को लगता है कि लक्ष्मण की बातों को ज्यादा तवज्जो मिलेगी और रोहित-विराट जैसे सीनियर खिलाड़ी भी उनकी बात को मानेंगे। भारतीय टीम प्रबंधन नहीं चाहता था कि रोहित शर्मा 2027 वनडे विश्व कप खेलें। इसको लेकर इंग्लैंड दौरे के दौरान एक चयनकर्ता ने बोर्ड को शीशे में भी ढाल लिया था लेकिन मामला उल्टा पड़ गया।ऐसा माना जा रहा है कि वीवीएस लक्ष्मण ना केवल गुत्थियों को सुलझाएंगे बल्कि बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच एक पुल का काम भी करेंगेँ।

51 वर्ष के लक्ष्मण 5 साल से NCA के प्रमुख हैं और भारतीय क्रिकेटरों की अगली नस्ल को बखूबी जानते हैं। द्रविड़ के अवकाश पर होने पर उन्होंने सीनियर टीम की कोचिंग भी की है। उनके कोच रहते भारत ने एशियाई खेल, आस्ट्रेलिया के खिलाफ द्विपक्षीय टी20 श्रृंखला और इंग्लैंड, न्यूजीलैंड तथा आयरलैंड में श्रृंखलायें खेली है।

लक्ष्मण के चमकदार करियर की विदाई रही कड़वी

द्रविड़ की तरह लक्ष्मण को भी मैदान पर विदाई लेने का मौका नहीं मिला। अपने करियर में अधिकतर समय ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की नाक में दम करने वाले लक्ष्मण के करियर का अंत आखिर में ऑस्ट्रेलिया दौरे के साथ ही हो गया। लक्ष्मण ने ऑस्ट्रेलिया दौरे में चार टेस्ट मैचों में 19.37 की औसत से 155 रन बनाए थे। इसके बाद भी वह भारत के घरेलू सत्र की तैयारियों में जुटे थे लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ अगस्त 2009 में होने वाली टेस्ट श्रृंखला के लिए टीम में चुने जाने के बावजूद उन्होंने 18 अगस्त को अचानक संन्यास लेने की घोषणा करके सभी को चौंका दिया था।

माना जा रहा था कि चयनकर्ताओं ने लक्ष्मण को कह दिया था कि यह उनकी आखिरी श्रृंखला होगी और इस कलात्मक बल्लेबाज ने इससे पहले टेस्ट क्रिकेट छोड़ना उचित समझा।भारत के लिए कई यादगार पारियां खेलने वाले लक्ष्मण ने अपना करियर 1996 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरू किया था। उन्होंने 134 टेस्टों में 8781 रन बनाए जिनमें 17 शतक और 56 अर्द्धशतक शामिल हैं। लक्ष्मण ने 86 वनडे में छह शतकों के साथ 2338 रन भी बनाए।

ईशान को मिलेगी टेस्ट में जगह? यह दो तेज गेंदबाज कर सकते हैं लंबे समय बाद वापसी

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ईशान किशन की तेज़ी से बढ़ती लोकप्रियता उन्हें टेस्ट क्रिकेट में जगह दिला सकती है। हालांकि, अभी उनका चयन पक्का नहीं है, लेकिन इस बात की संभावना है कि नवंबर के आखिर में न्यूजीलैंड में होने वाले दो टेस्ट मैचों के लिए उन पर विचार किया जा सकता है। चयन समिति की बैठक इस हफ़्ते होने की उम्मीद है।

ऋषभ पंत – जो भारतीय टेस्ट क्रिकेट में मैच जिताने वाले खिलाड़ी और रेड-बॉल के दिग्गज माने जाते हैं – और ध्रुव जुरेल भी टीम में शामिल हैं (दोनों ने भारत के पिछले पांच टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है), ऐसे में टीम में तीसरे विकेटकीपर-बल्लेबाज को शामिल करना शायद ज़रूरी न समझा जाए।

लेकिन टीम प्रबंधन और इससे जुड़े लोगों के बीच एक सोच यह भी है कि टेस्ट टीम में वापसी के लिए ईशान किशन का दावा मज़बूत है। उन्होंने अब तक सिर्फ़ दो टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें से आखिरी मैच तीन साल से भी पहले खेला था, लेकिन हाल के दिनों में वे ज़बरदस्त फ़ॉर्म में हैं – और यह सिर्फ़ सीमित ओवर क्रिकेट तक ही सीमित नहीं है।

दलीप ट्रॉफ़ी में ईस्ट ज़ोन टीम की कप्तानी करते हुए, ईशान ने फ़ाइनल में साउथ ज़ोन के खिलाफ़ 270 और 80 रनों की शानदार पारियां खेलकर अपनी टीम को खिताब जिताया। तीन मैचों में उन्होंने 100 से ज़्यादा की औसत से कुल 409 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी काबिलियत फिर से साबित की और फ़ाइनल में उन्हें सही मायने में ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ चुना गया। सीमित ओवर क्रिकेट में उन्होंने भारतीय टीम में अपनी एक खास जगह बनाई है – 2026 में टी20 में 1,005 रनों के साथ वे भारत के सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं।

यह देखना दिलचस्प होगा कि राष्ट्रीय चयन समिति तीन विकेटकीपरों वाली स्थिति को कैसे संभालती है, लेकिन जब चयनकर्ता न्यूज़ीलैंड दौरे के लिए टीम चुनने बैठेंगे, तो ज़्यादातर चर्चा ईशान पर ही होगी। एक सोच यह भी है कि दिलीप ट्रॉफ़ी में उनके प्रदर्शन को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। वैसे भी, ईशान सीमित ओवर अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी विकेटकीपर-बल्लेबाज के बजाय विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर खेलने के लिए जाने जाते हैं।

न्यूज़ीलैंड की परिस्थितियों में होने वाले दो टेस्ट मैचों के लिए आकाश दीप को एक अहम गेंदबाज माना जा रहा है, जबकि मुकेश कुमार भी दौड़ में हैं, जिन्होंने हाल ही में खत्म हुए ईरानी कप में ‘रेस्ट ऑफ़ इंडिया’ को जीत दिलाई थी। बंगाल के इस तेज़ गेंदबाज़ का दिलीप ट्रॉफ़ी में ‘ईस्ट’ के लिए भी अच्छा प्रदर्शन रहा और उन्होंने तीन मैचों में 12 विकेट लिए।

इसके अलावा, पता चला है कि हर्षित राणा ने भी सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (COE) में गेंदबाजी शुरू कर दी है, हालांकि उनकी फ़िटनेस की सही स्थिति अभी साफ़ नहीं है। जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और गुरनूर बरार का खेलना लगभग तय है और प्रसिद्ध कृष्णा की स्थिति में भी सुधार हो रहा है, इसलिए चयनकर्ता के पास काफ़ी विकल्प मौजूद हैं – न सिर्फ़ विकेटकीपिंग विभाग में, बल्कि तेज़ गेंदबाज़ी में भी। अन्य खिलाड़ियों के अलावा, पिछले साल शुभमन गिल की कप्तानी में इंग्लैंड दौरे के लिए चुने गए ज़्यादातर खिलाड़ी भी दौड़ में होंगे, बशर्ते वे चोट के कारण उपलब्ध न हों।

मुंबई की रणजी टीम से इस कारण बाहर हुए सूर्यकुमार यादव

Suryakumar Yadav

मुंबई की रणजी टीम से सूर्यकुमार यादव के बाहर होने का कारण उनकी घरेलू अभ्यास सत्र में उपलब्ध ना रहना रहा। मुंबई क्रिकेट असोसिएशन ने बताया कि टी-20 विश्वकप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया लेकिन चयन के लिए खुद को उपलब्ध बताया इस कारण से उनको रणजी टीम में मौका नहीं दिया गया।इस टीम में अंडर 19 विश्वकप विश्वकप विजेता कप्तान आयुश म्हात्रे टीम के उपकप्तान हैं और यशस्वी जायसवाल सलामी बल्लेहबाज हैं।

सूर्यकुमार यादव ने 5 साल के क्रिकेट करियर में इतना कुछ कमा लिया जितना क्रिकेट खिलाड़ी दस साल में नहीं कमा पाते। खासकर 2013 से 2023 के कालखंड के लिए तो यह कहा जा सकता है। विराट कोहली जैसा क्रिकेटर भी टी-20 विश्वकप विजेता कप्तान नहीं बन पाया, यह तथ्य इस बात को साबित करने के लिए काफी है।

सूर्यकुमार यादव को जब इस साल टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया तो उनके करियर पर अर्धविराम लग गया। इस उम्र में वापस टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल है क्योंकि युवा खिलाड़ियों की खेप इंडियन प्रीमियर लीग में हर साल तैयार हो रही है।

प्रथम श्रेणी का सूर्योदय

सूर्य कुमार ने 2010-11 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया, जब वह मुंबई की तरफ से दिल्ली के खिलाफ रणजी सीजन खेलने उतरे। उन्होंने शानदार तरीके से आगाज करते हुए मुंबई की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए। उसके बाद से वह लगातार टीम का हिस्सा बने रहे।

2 साल के भीतर ही मिला IPL अनुबंध

उनके उम्दा खेल का ही नतीजा था कि 2012 के IPL सीजन के लिए मुंबई इंडियंस ने उन्हें अनुबंधित कर लिया। 2013 तक वह मुंबई इंडियंस के साथ रहे और उसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़ गए। 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स की आईपीएल की खिताबी जीत में सूर्य कुमार का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने अपनी टीम के लिए इस सीजन का हर मैच खेला।

 

IPL 2020 में फिनिशर की भूमिका में उभरे

IPL 2020 में सूर्यकुमार यादव सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में सातवें स्थान पर थे। सूर्यकुमार यादव ने 16 मैचों में 40 की औसत से 480 रन बनाए थे। उन्होंने अपने बल्ले से कई अहम मौके पर मुंबई की जीत सुनिश्चित की थी। सूर्यकुमार एक फिनिशर की भूमिका में आईपीएल 2020 में उभरे। इस कारण उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 और वनडे सीरीज में मौका मिला।

साल 2022 के सर्वश्रेष्ठ T20I खिलाड़ी बने टीम इंडिया के मिस्टर 360 डिग्री

सूर्यकुमार ने 2022 में अपनी अतरंगी बल्लेबाजी से सभी को मंत्रमुग्ध किया और खेल के सबसे छोटे प्रारूप में कई कीर्तिमान रचे। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में एक कैलेंडर वर्ष में 1000 से अधिक रन बनाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गये। उन्होंने यह उपलब्धि 187.43 के विस्फोटक स्ट्राइक-रेट से 1164 रन बनाकर हासिल की।

2 साल के अंतराल में बतौर कप्तान एक भी सीरीज नहीं हारे सूर्या, विश्वप भी जीते

बतौर कप्तान वह अब तक एक भी सीरीज नहीं हारे चाहे द्विपक्षीय हो, एशिया कप हो या टी-20 विश्वकप। यह 100 प्रतिशत रिकॉर्ड ही उनके पक्ष में बोलने के लिए काफी है।सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में भारत की टी20 कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने Asia Cup 2025 और T20 World Cup 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। बतौर कप्तान उनका जीत प्रतिशत 76.92% (Win Percentage as Captain) रहा, जो किसी भी भारतीय टी20 कप्तान के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा है।

टीम:सिद्धेश लाड (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, आयुष म्हात्रे (उप कप्तान),दिव्यांश सक्सेना, मुशीर खान, सरफराज खान, सुवेद पारकर, आकाश आनंद (विकेटकीपर), हार्दिक तामोरे (विकेटकीपर), शम्स मुलानी, तनुष कोटियान, अथर्व अंकोलेकर, तुषार देशपांडे, मोहित अवस्थी, सिल्वेस्टर डिसूजा, ओंकार तर्मले।

चक दे गर्ल्स का कमाल, पहली बार महिला हॉकी की रैंक भारतीय पुरुषों से बेहतर

विश्वकप में पहली बार बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद अब भारतीय महिला हॉकी टीम ने एक नया इतिहास रच दिया है। ऐसा पहली बार हुआ है कि महिला हॉकी टीम की रैंकिंग पुरुष हॉकी टीम से बेहतर हो। एशियाई खेलों में इन दोनों ही टीमों ने स्वर्ण पदक जीता।

महिला टीम ने चीन को सिर्फ 1 गोल के अंतर से हराकर ना केवल एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता बल्कि स्वत ओलंपिक क्वालिफिकेशन भी पा लिया, अब पिछली बार की तरह टीम को क्वालिफाइंग टूर्नामेंट खेलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से बड़े अंतर से हराया और अपने स्वर्ण पदक का बचाव किया।

लेकिन कुल रैंकिंग की बात करें तो भारतीय महिला टीम सातवें पायदान पर है और भारतीय पुरुष टीम आठवें पायदान पर है। ऐसा भारतीय हॉकी इतिहास में पहली बार हुआ है कि महिला टीम की रैंक पुरुष टीम से बेहतर हो।

पहली बार महिला टीम हॉकी विश्वकप में पुरुष हॉकी टीम से निकली आगे

हॉकी विश्वकप में हमेशा भारतीय पुरुष टीम से महिला टीम कोसो पीछे रहती थी। ना जाने कितनी बार तो महिला टीम क्वालिफाय ही नहीं कर पाती थी। लेकिन अगस्त में खेले गए महिला टीम ने ना केवल क्वालिफाय किया बल्कि अपने पुरुष साथियों से बेहतर प्रदर्शन किया। इस बार उम्मीद की पुरुष टीम कम से कम सेमीफाइनल खेलेगी और महिला टीम से कोई उम्मीद ही नहीं थी। लेकिन भारतीय महिला टीम ने पांचवा पायदान पाया और पुरुष टीम को आठवां पायदान मिला।

टीम ने 5वें-छठे स्थान के लिए खेले गए मैच में दुनिया की नंबर 5 टीम जर्मनी को 3-1 से हराया।इस नतीजे से भारतीय महिला टीम को पांचवां स्थान मिला, जो 1974 में हुए पहले महिला वर्ल्ड कप (जिसमें वे चौथे स्थान पर रही थीं) के बाद से उनका वर्ल्ड कप में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है।टीम ने पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ़ एक हार का सामना किया। उन्होंने चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी बेहतर रैंकिंग वाली टीमों के साथ मैच ड्रॉ कराए और दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराया।यह सब भारत ने तब किया जब दल में 11 युवा खिलाड़ी थे और अपना पहला विश्वकप खेल रहे थे।

पुरुष टीम ने पूल डी के मुकाबले में इंग्लैंड जैसी टीम से 4-2 से मैच गंवाया।वह भी मैच में बढ़त बनाने के बाद। इसके बाद टीम का पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन अच्छा था लेकिन 5-3 की स्कोरलाइन संतोषजनक नहीं थी।
अगले दौर में टीम को नीदरलैंड्स और अर्जेंटीना मिली। नीदरलैंड्स ने भारतीय टीम को 3-1 से हराया।अर्जेंटीना के खिलाफ भारत 3-5 से हारकर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया।


रोहित से खतरा टला नहीं, प्रज्ञान ओझा चुनेंगें न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम

22 अक्टूबर से शुरु होने वाले न्यूजीलैंड दौरे के लिए जल्द ही टीम का एलान हो सकता है। अजीत आगरकर का कार्यकाल समाप्त हो गया है ऐसे में प्रज्ञान ओझा बतौर अंतिरम मुख्य चयनकर्ता न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम चुन सकते हैं। गौरतलब है कि  प्रज्ञान ओझा भारतीय क्रिकेट के हित में निर्णय लेने के लिए जाने जाते हैं। ईशान किशन को टी-20 विश्वकप टीम में रखने का निर्णय भी उनका ही था।

ऐसे में यह रोहित शर्मा के लिए सही संकेत नहीं है भले ही उन्होंने घरेलू पिच पर दसवीं रैंक की टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ 101 और 92 रनों की पारी ही क्यों ना खेल दी हो। प्रज्ञान ओझा अजीत आगरकर के करीबी भी रहे हैं और माना जा रहा था कि लॉर्ड्स एकदिवसीय मैच से पहले रोहित शर्मा के संन्यास पर प्रज्ञान ओझा की सहमति थी। ऐसे में क्या प्रज्ञान ओझा रोहित शर्मा को ड्रॉप करने की हिम्मत दिखाएंगे यह 48 घंटों में पता चल जाएगा।

प्रज्ञान ओझा की अगुआई वाली चार सदस्यीय समिति को भारत ए के न्यूजीलैंड के ‘शैडो टूर’ के लिए भी टीम का चयन करना है जिसमें वे 19 नवंबर से शुरू होने वाले दो डब्ल्यूटीसी मैचों की तैयारी के अंतर्गत तीन ‘अनौपचारक टेस्ट’ खेलेंगे।इनके बीच में पांच वनडे मैच भी हैं जो अगले साल के 50 ओवर के विश्व कप की तैयारियों का बड़ा हिस्सा हैं।

3 मैचों में 2 शतक मार चुके यशस्वी जायसवाल का करियर शुरु होने से पहले खत्म होता दिख रहा है क्योंकि उनकी जगह 39 वर्षीय पूर्व कप्तान खेलना चाहता है। ऐसे में प्रज्ञान ओझा क्या स्टार कलचर और भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अंदर तक रोहित शर्मा की पीआर मशीनरी की गही पैठ का सामना कर पाएंगे यह देखने वाली बात होगी।

2027 एकदिवसीय विश्व कप का सवाल टाल गए रोहित शर्मा

 भारत के स्टार क्रिकेटर रोहित शर्मा ने अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में खेलने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर कहा कि अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है। एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व कप्तान ने एक पंक्ति में जवाब दिया। टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट में नहीं खेलने के कारण रोहित के वनडे प्रारूप में भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रहे हैं।

रोहित ने कार्यक्रम के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है, तब देखेंगे।’’वनडे विश्व कप 2027 की सह-मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे।’भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कुछ दिन पहले स्पष्ट कर दिया था कि रोहित को लेकर अटकलों की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि वह अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

एकदिवसीय में आधे साल तक संघर्ष करते रहे रोहित शर्मा

गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।