8 साल की IPS सेवा के बाद कॉर्पोरेट की दुनिया में कदम, राजन सिंह ने ऐसे रची सफलता की नई कहानी!

एक नौकरी से शुरू हुआ सफर, जिसने राजन सिंह को पहुंचाया अलग-अलग करियर तक

राजन सिंह का करियर किसी एक तय रास्ते पर नहीं चला। IIT कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने सिविल सर्विस का रास्ता चुना और IPS में शामिल हुए। करीब आठ साल पुलिस सेवा में रहने के बाद उन्होंने MBA के लिए अमेरिका का रुख किया। इसके बाद कंसल्टिंग, प्राइवेट इक्विटी और फिर अपना बिजनेस शुरू करने तक उनका सफर पहुंचा। इस दौरान उन्होंने कई बार अपना करियर बदला और हर नए पड़ाव पर एक अलग तरह का अनुभव हासिल किया।

IIT के बाद चुनी पुलिस की राह

इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद राजन सिंह ने सामान्य इंजीनियरिंग करियर में जाने के बजाय सिविल सेवा परीक्षा दी। सितंबर 1997 में उन्होंने IPS जॉइन किया और केरल के करुणागप्पल्ली में ASP के तौर पर पहली पोस्टिंग मिली। कुछ ही सालों में उनकी जिम्मेदारियां बढ़ीं और 2001 तक वह तिरुवनंतपुरम के पुलिस कमिश्नर बन गए। उस समय वह इस पद पर पहुंचने वाले कम उम्र के अधिकारियों में शामिल थे।

पुलिस सेवा छोड़कर पहुंचे Wharton

2004 में पुलिस कमिश्नर रहते हुए उनके करियर ने एक नया मोड़ लिया। एक पुलिस ऑपरेशन के दौरान उन्हें अपने साथी IPS अधिकारी के Wharton MBA में एडमिशन की जानकारी मिली। इस घटना ने उन्हें अपने आगे के करियर के बारे में सोचने पर मजबूर किया। करीब आठ साल पुलिस सेवा में बिताने के बाद उन्होंने जुलाई 2005 में IPS छोड़ दिया और Wharton के MBA प्रोग्राम में दाखिला लिया। 2007 में MBA पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूयॉर्क में McKinsey & Company के साथ कंसल्टेंट के तौर पर काम शुरू किया।

कंसल्टिंग के बाद इन्वेस्टमेंट की दुनिया

McKinsey में काम करते हुए राजन ने इंश्योरेंस, फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी और बैंकिंग जैसे अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों के साथ काम किया। इसके बाद उन्होंने प्राइवेट इक्विटी फर्म New Silk Route का रुख किया। यहां उन्हें कंपनियों और कारोबार को एक इन्वेस्टर की नजर से समझने का मौका मिला। इसी दौरान उन्होंने यह भी करीब से देखा कि कोई व्यक्ति सुरक्षित प्रोफेशनल करियर चुनने के बजाय अपना नया बिजनेस शुरू करने का जोखिम क्यों लेता है।

पहला स्टार्टअप नहीं चला, फिर भी नहीं रुके

2012 में राजन ने Course Brew नाम से ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म शुरू किया। यह उनका एंटरप्रेन्योर के तौर पर शुरुआती बड़ा प्रयोग था, लेकिन यह बिजनेस ज्यादा समय तक नहीं चल पाया। इसके बाद उन्होंने दोबारा कोशिश की और ConceptOwl शुरू किया। इसका मकसद छोटे शहरों के छात्रों को अच्छी साइंस और मैथ्स की पढ़ाई उनके अपने शहरों के करीब उपलब्ध कराना था। कंपनी ने ऑनलाइन पढ़ाई के साथ क्लासरूम प्रोग्राम पर भी काम किया। एक समय शिक्षकों की कमी हुई तो राजन ने खुद फिजिक्स पढ़ाना शुरू कर दिया। कंपनी ने आगे चलकर निवेश भी जुटाया और एजुकेशन सेक्टर में अपना मॉडल आगे बढ़ाया।

ConceptOwl से HabitStrong तक पहुंचा सफर

कोरोना महामारी के दौरान राजन और उनकी टीम ने रूटीन, आदतों और प्रोडक्टिविटी से जुड़े कार्यक्रमों पर काम करना शुरू किया। इसी प्रयोग से HabitStrong का आइडिया सामने आया। शुरुआत सुबह जल्दी उठने वाले एक साधारण YouTube प्रोग्राम से हुई, जिसे करीब 100 दिनों तक आजमाया गया। लोगों से मिले अनुभवों के बाद इसे एक स्ट्रक्चर्ड प्रोग्राम का रूप दिया गया। 2020 में शुरू हुए HabitStrong का फोकस बेहतर रूटीन बनाने, कंसंट्रेशन बढ़ाने और डिजिटल डिस्ट्रक्शन कम करने जैसी चीजों पर रहा। इस तरह उनका सफर शिक्षा से आगे बढ़कर हैबिट्स और प्रोडक्टिविटी के क्षेत्र तक पहुंच गया।

राजन सिंह की कहानी की खास बात सिर्फ यह नहीं है कि उन्होंने कई अलग-अलग क्षेत्रों में काम किया, बल्कि यह है कि हर बदलाव के बाद उन्होंने खुद को नए काम के लिए तैयार किया। इंजीनियरिंग से पुलिस सेवा, फिर MBA, कंसल्टिंग, निवेश और आखिर में स्टार्टअप तक का यह सफर दिखाता है कि करियर हमेशा एक ही दिशा में आगे बढ़े, यह जरूरी नहीं। कई बार अलग-अलग अनुभव मिलकर आगे के काम के लिए नई सोच और नए मौके तैयार करते हैं।

‘मुझे लगा करियर खत्म हो गया…’; NSA अजीत डोभाल ने सुनाया वो किस्सा, जब चीनी सेना ने भारतीय एजेंटों को पकड़ लिया था

NSA Ajit Doval: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने शनिवार (19 सितंबर) को भारतीय प्रोद्यौगिकी संस्थान (IIT) रुड़की के छात्रों को संबोधित करते हुए अपने शुरुआती दिनों का एक किस्सा शेयर किया जब उन्हें लगा था कि उनका करियर समाप्त हो जाएगा। डोभाल ने बताया कि करियर के शुरुआती दिनों में उन्हें सिक्किम में तैनाती मिली जहां सीमा क्षेत्र में निगरानी के लिए भेजी गई उनकी एक टीम को चीनी सेना ने पकड़ लिया था। बाद में जांच में इसकी वजह सीमा के गलत नक्शे और स्केच होना पता चला।

उन्होंने बताया कि यह तब की बात है जब सिक्किम का भारत में विलय होने वाला था। डोभाल ने कहा कि एक युवा आईपीएस अधिकारी के रूप में वह सिक्किम में खुफिया तंत्र से जुड़े थे। उनकी जिम्मेदारी सीमा पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखना भी थी। डोभाल ने बताया कि सीमा पार की स्थिति पर नजर रखने के लिए एक टीम को पांच-छह दिनों के मिशन पर भेजा गया था। लेकिन 10-11 दिन बीतने के बाद भी टीम वापस नहीं लौटी। इसके बाद मुख्यालय से उन्हें फोन आया और टीम के चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की हिरासत में होने की जानकारी दी गई।

‘लगा था कि उनका करियर लगभग समाप्त हो गया’

एनएसए के अनुसार, उन्हें तब लगा था कि उनका करियर लगभग समाप्त हो गया। हालांकि, उन्होंने कहा कि टीम के सदस्यों को बाद में बिना किसी नुकसान के रिहा कर दिया गया। उन्होंने बताया कि घटना की जांच कराई गई, जिसमें पाया गया कि टीम को उपलब्ध कराए गए स्केच और नक्शों में गलतियां थीं, जिसके कारण सीमा की पहचान को लेकर भ्रम पैदा हुआ। जांच में डोभाल को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया।

इसके बावजूद, उन्होंने कहा कि घटना ने उन्हें बेहद निराश और दुखी कर दिया था। डोभाल ने कहा, “मैं बहुत दुखी था। यह जीवन का वह दौर था जब आप खुद को बहुत निराश महसूस करते हैं।” NSA ने कहा कि इसी मुश्किल दौर में खुफिया ब्यूरो में उनके साथ काम करने वाले एक तिब्बती शेरपा ने उन्हें सलाह दी जिसे उन्होंने जीवनभर याद रखा। उन्होंने कहा कि शेरपा ने कहा, “ये सब मैप-रीडिंग का चक्कर है। कुछ लोग नक्शा सही पढ़ते हैं और कुछ गलत।”

24 साल बर्फ की चोटियों पर गुजारे

उन्होंने कहा कि इस शेरपा ने माउंट एवरेस्ट को आठ बार फतेह किया। 24 साल उन्होंने बर्फ की चोटियों पर गुजारे थे।डोभाल ने कहा कि शेरपा ने उन्हें जीवन के तीन मंत्र बताए। पहला-तुम कहां खड़े हो। दूसरा- तुम्हें कहां जाना है।और तीसरा- वहां जाने और वहां से आने का रास्ता क्या है। एनएसए ने कहा कि समय के साथ यह सलाह उनके लिए सिर्फ पहाड़ों में रास्ता तलाशने का तरीका नहीं रही। बल्कि जीवन को देखने का एक नजरिया बन गई।

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IIT बॉम्बे के छात्र ने कैंपस में दी जान, परीक्षा के दौरान टीचर ने ChatGPT का यूज करते पकड़ा था

IIT Bombay Student Death: शुक्रवार को IIT बॉम्बे के पवई कैंपस से एक ऐसी घटना सामने आई है, जो छात्रों के भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। दरअसल, यहां पर BTech के दूसरे साल के एक छात्र कथित तौर पर सुसाइड कर ली है। बताया जा रहा है कि परीक्षा के दौरान छात्र मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। संस्थान के आधिकारिक बयान के मुताबिक, छात्र ने परीक्षा का प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड कर उसके जवाब जानने की कोशिश की थी।

IIT बॉम्बे ने कहा कि छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। इंस्ट्रक्टर और विभागाध्यक्ष ने छात्र की काउंसलिंग की थी और उसे भरोसा दिलाया था कि इस घटना का उसके एकेडमिक करियर पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

इसके बाद छात्र अपने हॉस्टल के कमरे में वापस चला गया, जहां बाद में वह मृत पाया गया।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद कैंपस में छात्रों का एक समूह इकट्ठा हो गया। छात्रों ने संस्थान प्रशासन से मामले में जवाबदेही और पूरी पारदर्शिता की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

मामले को लेकर छात्रों और संस्थान प्रशासन के बीच बातचीत भी हुई। इसी दौरान कैंपस में पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई।

DCP ने दी जानकारी

डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस दत्तात्रेय नलावडे ने बताया कि छात्र की मौत की जांच अभी जारी है।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, नलावडे ने पत्रकारों को बताया, “आज IIT पवई में एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। इसके बाद, कुछ IIT छात्र इकट्ठा हुए और अपनी मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। IIT प्रशासन उनसे बातचीत कर रहा है ताकि कोई अच्छा समाधान निकल सके।”

जब छात्रों की मांगों के बारे में पूछा गया, तो DCP ने कहा कि ये मांगें अंदरूनी प्रशासनिक मुद्दों से जुड़ी थीं, जिन पर संस्थान ने पहले भी ध्यान दिया था।

उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन विरोध कर रहे छात्रों के साथ बातचीत जारी रखे हुए है।

नलावाडे ने आगे कहा, “छात्रों के कुछ अंदरूनी प्रशासनिक मुद्दे हैं जिन्हें IIT प्रशासन ने पहले भी सुलझाया है, और अभी भी प्रशासन छात्रों से सक्रिय रूप से बातचीत कर रहा है।”

DCP के अनुसार, विरोध कर रहे कुछ छात्र वहां से चले गए, जबकि बातचीत जारी रहने के दौरान कुछ छात्र वहीं डटे रहे।

उन्होंने कहा, “कुछ छात्र अभी भी विरोध कर रहे हैं और उनसे भी बातचीत करने की कोशिश की जा रही है।”

छात्रों ने प्रशासन से मांगी जवाबदेही

विरोध प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने बताया कि यह प्रदर्शन कैंपस में हुई मौत और ऐसी ही कई अन्य घटनाओं की वजह से किया जा रहा है।

छात्र ने कहा, “आज हमारे विरोध का कारण यह है कि हमारे कॉलेज में आज एक आत्महत्या हुई है। इसीलिए हम विरोध करने, और प्रशासन से जवाबदेही, पारदर्शिता और सवालों के जवाब मांगने के लिए इकट्ठा हुए हैं।”

उसने आरोप लगाया कि संस्थान में ऐसी दुखद घटना पहली बार नहीं हुई है; उसने दावा किया कि “अकेले इस साल ऐसी चार घटनाएं हुई हैं, और दो घटनाएं तो पिछले दो महीनों में ही हुई हैं।”

उसने कहा कि छात्रों को यह नहीं पता कि ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं या इनके पीछे क्या कारण हैं।

छात्र ने आगे प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों के बारे में भी बताया। उसने कहा कि छात्र चाहते हैं कि संस्थान प्रशासन इस मामले की जिम्मेदारी ले और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए।

उसने खास तौर पर प्रोफेसरों के छात्रों के साथ व्यवहार को लेकर चिंता जताई।

छात्र ने कहा, “सबसे पहले प्रशासन को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। जो प्रोफेसर छात्रों के साथ गलत व्यवहार करते हैं या उनके साथ सख्ती से पेश आते हैं, उनके व्यवहार पर भी लगाम लगनी चाहिए।”

छात्र ने आगे कहा कि वे चाहते हैं कि डीन, डायरेक्टर और प्रशासन उन्हें एक रिपोर्ट दें जिसमें इस बात का भरोसा हो कि मामले की जांच की जाएगी और जवाबदेही व पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।

छात्र ने कहा, “हम बस इतना चाहते हैं कि डीन, डायरेक्टर और प्रशासन हमें एक रिपोर्ट दें जिसमें वे भरोसा दिलाएं कि वे मामले की जांच करेंगे, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे और गारंटी देंगे कि उनकी देखरेख में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।”

हालांकि, एक अन्य छात्र ने कहा कि स्थिति को छात्रों और प्रशासन के बीच टकराव में बदलने के बजाय, ध्यान मौत पर शोक मनाने पर होना चाहिए।

छात्र ने कहा, “हम सभी गहरे सदमे में हैं। यह घटना चौंकाने वाली और दिल तोड़ने वाली है। जो कुछ भी हुआ, उससे ऐसा लगता है कि वह हमारे ही बीच का एक साथी था और अब हमारे बीच से कोई चला गया है।”

उसने छात्रों से अपील की कि जब कैंपस इस दुखद घटना से जूझ रहा है, तो वे किसी पर दोष न मढ़ें।

उसने कहा, “मुझे नहीं लगता कि ऐसे समय में हमें किसी पर दोष लगाना चाहिए। मुझे लगता है कि हर कोई किसी न किसी दौर से गुजर रहा है। हर किसी के मन में अपनी-अपनी परेशानियां होती हैं। मुझे नहीं लगता कि हमें एक-दूसरे पर उंगली उठानी चाहिए।”

छात्र ने आगे कहा कि हालात तेजी से ‘प्रशासन बनाम छात्र’ टकराव का रूप ले रहे हैं और उसने छात्रों व प्रशासन से एकजुट होने की अपील की।

उसने कहा, “अभी यह ‘प्रशासन बनाम छात्र’ टकराव में बदल रहा है। असल में हमें इस समय एकजुट होने की जरूरत है।”

कैंपस में तैनात रही पुलिस 

इस बीच, कैंपस में पुलिस की तैनाती जारी रही। छात्रों और संस्थान प्रशासन के बीच अपनी मांगों और चिंताओं को लेकर बातचीत भी चलती रही।

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UP Board Exam 2027: स्कूल अब इस तारीख तक जमा कर सकेंगे 10वीं-12वीं के छात्रों की फीस, 1-6 अक्टूबर के बीच कर सकेंगे करेक्शन

UP Board Exam 2027: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP), प्रयागराज ने 10वीं (हाई स्कूल) और 12वीं (इंटरमीडिएट) कक्षा की सालाना बोर्ड परीक्षाओं के अपडेटेड शेड्यूल के लिए एक संशोधित नोटिफिकेशन जारी किया है। आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर जारी नोटिस के मुताबिक, साल 2027 की बोर्ड परीक्षा के लिए कक्षा 10 और 12 के संस्थागत और निजी परीक्षार्थियों की परीक्षा फीस जमा करने और ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने की तारीखें बढ़ा दी गई हैं। इससे पहले, योग्य छात्रों से स्कूल प्रिंसिपलों के लिए परीक्षा फीस लेने की आखिरी तारीख 1 सितंबर, 2026 थी। इसे अब बदल दिया गया है।

यूपी बोर्ड कक्षा 10 और 12 परीक्षा 2027: जरूरी तारीखें

अपडेटेड बढ़ी हुई तारीख : कार्य

28 सितंबर, 2026: स्कूज प्रमुख के लिए सभी योग्य छात्रों से जमा की गई परीक्षा फीस एकमुश्त चालान के जरिए ट्रेजरी में जमा करने की आखिरी तारीख।

30 सितंबर, 2026 सुबह 12 बजे तक : स्कूल प्रमुख के लिए ट्रेजरी में जमा किए गए परीक्षा शुल्क का विवरण और छात्रों का शैक्षिक डिटेल बोर्ड की वेबसाइट upmsp.edu.in पर अपलोड करने की आखिरी तारीख।

1 – 6 अक्टूबर, 2026 सुबह 12 बजे तक : प्रिंसिपल के लिए वेबसाइट से छात्रों की डिटेल्स की चेकलिस्ट डाउनलोड करने, विवरण सत्यापित करने और जरूरत पड़ने पर करेक्शन/अपडेट करने का समय।

15 अक्टूबर, 2026: स्कूल प्रमुख के लिए परीक्षार्थियों की फोटो-रजिस्टर्ड रोल लिस्ट और उससे जुड़ी ट्रेजरी रसीद की एक कॉपी डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर ऑफ स्कूल्स (DIOS) ऑफिस में जमा करने की आखिरी तारीख, ताकि उसे बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालम में आगे जमा किया जा सके।

किसी भी सुधार के मामले में, अपडेट प्रक्रिया 1 से 6 अक्टूबर, 2026 के बीच एक साथ होनी चाहिए। इस समय के बाद सुधार के लिए कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

यूपी बोर्ड एचएस, इंटर एग्जाम 2027: खास बातें

परीक्षार्थी यूपी बोर्ड एचएस, इंटर परीक्षा 2027 की जरूरी बातें जानने के लिए नीचे दी गई टेबल देख सकते हैं:

एक नजर में

बोर्ड का नाम : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP), प्रयागराज

आधिकारिक पोर्टल : upmsp.edu.in

परीक्षा वर्ष : 2027

कक्षा : कक्षा 10 और कक्षा 12

छात्र श्रेणी : नियमित और निजी छात्र

चालान फीस जमा करने की आखिरी तारीख (ट्रेजरी में): 28 सितंबर, 2026

वेबसाइट पर ऑनलाइन डेटा अपलोड करने की आखिरी तारीख : 30 सितंबर, 2026 सुबह 12 बजे तक

डेटा चेकलिस्ट वेरिफिकेशन और करेक्शन विंडो : 1 – 6 अक्टूबर, 2026

DIOS को रोल लिस्ट और ट्रेजरी रसीदें जमा करने की आखिरी तारीख : 15 अक्टूबर, 2026

सभी स्कूलों के प्रिंसिपल को यह पक्का करने के लिए कहा गया है कि परीक्षा वर्ष 2027 के लिए कक्षा 10 और 12 के रेगुलर/प्राइवेट परीक्षार्थियों के ऑनलाइन परीक्षा आवेदन फॉर्म अपलोड करने का काम नई बदली हुई तारीखों के हिसाब से पूरा किया जाएगा। इसके बाद परीक्षा के लिए आवेदन करने का कोई और मौका नहीं दिया जाएगा।

IIT Kanpur: आईआईटी कानपुर के इस प्रोफेसर को मिली नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज की फेलोशिप, 01 जनवरी से होगी शुरुआत

IIT Kanpur: आईआईटी कानपुर के इस प्रोफेसर को मिली नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज की फेलोशिप, 01 जनवरी से होगी शुरुआत

IIT Kanpur: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) कानपुर में मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर शांतनु भट्टाचार्य को नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज, इंडिया (NASI) का फेलो चुना गया है। प्रोफेसर भट्टाचार्य को यह सम्मान उनके शानदार साइंटिफिक योगदान को मान्यता देने के लिए दिया जा रहा है। रिकॉर्ड के मुताबिक, भट्टाचार्य की रिसर्च अलग-अलग लंबाई के स्केल पर फंक्शनल मटीरियल के डिजाइन और डेवलपमेंट और उनके फैब्रिकेशन प्रोसेस पर फोकस करती है। इसमें बायो-MEMS, लैब-ऑन-चिप सिस्टम, नैनोटेक्नोलॉजी, माइक्रोफ्लूइडिक सिस्टम डिज़ाइन और फैब्रिकेशन, सेंसर, अकूस्टिक मेटामटेरियल, वॉटर रेमेडिएशन और एनर्जी स्टोरेज डिवाइस जैसे एप्लीकेशन शामिल हैं।

आईआईटी कानपुर के साथ बतौर प्रोफेसर शिक्षण सेवा देने के अलावा, प्रोफेसर भट्टाचार्य अभी सीएसआईआर-सेंट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स ऑर्गनाइजेशन (CSIR-CSIO), चंडीगढ़ के निदेशक के तौर पर काम कर रहे हैं। साथ ही, वही सीएसआईआर-सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (CSIR-CEERI), पिलानी में डायरेक्टर का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाल रहे हैं।

आईआईटी कानपुर ने प्रोफेसर शांतनु भट्टाचार्य की इस शानदार उपलब्धि पर बधाई देते हुए माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट एक्स पर एक सोशल मीडिया पोस्ट की। इसमें संस्थान की ओर से कहा गया, “प्रो. भट्टाचार्य की इनोवेटिव रिसर्च बायो एमईएमएस, लैब ऑन चिप, नैनो टेक्नोलॉजी, माइक्रोफ्लूइडिक सिस्टम डिजाइन और फैब्रिकेशन, सेंसर, अकूस्टिक मेटामटेरियल, वॉटर रेमेडिएशन और एनर्जी स्टोरेज डिवाइस के क्षेत्र में फंक्शनल मटीरियल और उनके फैब्रिकेशन प्रोसेस (अलग-अलग लंबाई के स्केल पर) के डिजाइन और डेवलपमेंट से संबंधित है।” साथ ही पोस्ट में कहा गया, ‘मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रो. शांतनु भट्टाचार्य को 1 जनवरी, 2027 से द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज, इंडिया (NASI) का फेलो चुने जाने पर हार्दिक बधाई।’ यह फेलोशिप “वैज्ञानिक के शानदार साइंटिफिक योगदान को मान्यता देने के लिए” दी गई है।

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज, इंडिया 1930 में बनी थी। इसका मकसद साइंस और टेक्नोलॉजी को सभी ब्रांच में बढ़ाना और बढ़ावा देने के साथ ही भारतीय वैज्ञानिकों के शोधकार्य के विचारों के लेन-देन और प्रकाशन के लिए एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है। इस एकेडमी को भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (DST) से वित्तीय मदद मिलती है। इसे भारत सरकार के डिपार्टमेंट फॉर साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (DSIR) से साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन के तौर पर भी पहचान मिली है।

UP Lekhpal Result 2026: 7994 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का रिजल्ट जारी, डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन पर ये है अपडेट

सुप्रीम कोर्ट का सवाल, क्या अब नए खेल कानून के दायरे में आएंगे बीसीसीआई और राज्य क्रिकेट संघ?

सुप्रीम कोर्ट का सवाल, क्या अब नए खेल कानून के दायरे में आएंगे बीसीसीआई और राज्य क्रिकेट संघ?

Supreme Court questions BCCI

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और देश के सभी राज्य क्रिकेट संघों को एक बड़ा नोटिस जारी किया है। अदालत ने पूछा है कि क्यों न बीसीसीआई और उससे जुड़े तमाम राज्य संघों को नए 'राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025' के दायरे में लाया जाए। ALSO READ: उज्‍जैन के खड़े हनुमानजी के सामने सारी तकनीकें ध्‍वस्‍त, अब IIT इंदौर बताएगा क्‍या है वजह, कैसे विस्‍थापित होगी प्रतिमा?

शीर्ष अदालत ने बोर्ड के पदाधिकारियों के कार्यकाल और सेवा शर्तों को भी इस कानून के अंतर्गत शामिल करने को लेकर जवाब तलब किया गया है।

 

पीठ ने उठाया अहम सवाल

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल हैं, ने मंगलवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। अदालत ने बीसीसीआई के वकीलों से स्पष्ट रूप से निर्देश लेकर यह बताने को कहा है कि खेल प्रशासन से जुड़े इस नए कानून के प्रावधान क्रिकेट बोर्ड पर क्यों न लागू किए जाएं।

 

2014 से लंबित है मामला

बीसीसीआई में सुधार और उसके कामकाज को लेकर यह कानूनी लड़ाई साल 2014 से सुप्रीम कोर्ट में चल रही है। इससे पहले इस मामले में सुधारों की रूपरेखा तैयार करने के लिए पूर्व मुख्य न्यायाधीश आर.एम. लोढ़ा की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था, जिसकी कई सिफारिशों को अदालत पहले ही मंजूरी दे चुकी है।ALSO READ: डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों से क्यों नाराज हैं भारतीय-अमेरिकी? मिडटर्म इलेक्शन पर दिखेगा असर

क्या है राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम 2025?

राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 (National Sports Governance Act, 2025) भारत की संसद द्वारा पारित एक प्रमुख कानून है। इसका उद्देश्य देश में खेल निकायों के कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक आचरण को बढ़ावा देना तथा खेल प्रशासन में सुधार करना है। यह कानून भारतीय खेल प्रशासन को अंतरराष्ट्रीय मानकों (जैसे ओलंपिक और पैरालंपिक चार्टर) के अनुरूप बनाने के लिए लाया गया है।

 

बीसीसीआई इसमें शामिल क्यों नहीं है?

बीसीसीआई दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्डों में से एक है। यह अपने खर्चों और संचालन के लिए पूरी तरह आत्मनिर्भर है और सरकार से कोई आर्थिक मदद नहीं लेता। वर्ष 2014 से सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामलों और पूर्व मुख्य न्यायाधीश आर.एम. लोढ़ा समिति की सिफारिशों के आधार पर बीसीसीआई का अपना एक अलग प्रशासनिक ढांचा और संविधान तैयार किया गया है। पारंपरिक तौर पर बीसीसीआई को सीधे तौर पर अन्य ओलंपिक खेलों की तरह एक आम राष्ट्रीय खेल महासंघ के रूप में नहीं देखा जाता रहा है। इस वजह से यह राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम के दायरे में नहीं आता।

अब इस ताजा कानूनी कदम के बाद यह तय होने की उम्मीद है कि क्या बीसीसीआई भी अन्य राष्ट्रीय खेल महासंघों की तरह नए खेल शासन अधिनियम के प्रशासनिक दायरे में आएगा या नहीं।

SBI Scholarship 2026: स्टूडेंट्स को SBI दे रहा ₹15 लाख तक की स्कॉलरशिप! 19 सितंबर तक है मौका, जानें पूरी डिटेल्स

SBI Asha Scholarship 2026-27: अगर आप या आपके घर में कोई स्टूडेंट स्कूल, कॉलेज, IIT, IIM, मेडिकल या विदेश में पढ़ाई कर रहा है और पढ़ाई का खर्च आड़े आ रहा है, तो देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक की यह स्कीम आपके बड़े काम आ सकती है। एसबीआई फाउंडेशन ने ‘एसबीआई प्लेटिनम जुबली आशा स्कॉलरशिप 2026-27’ के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

क्या है इस स्कीम में?

एसबीआई की इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले मेधावी छात्रों को ₹15,000 से लेकर ₹15 लाख सालाना तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क और ऑनलाइन है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, 2026-27 सत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन की लास्ट डेट बढ़ाकर 19 सितंबर 2026 कर दी गई है।

किस कैटेगरी में मिलेगी कितनी स्कॉलरशिप?

एसबीआई आशा स्कॉलरशिप अलग-अलग शैक्षणिक स्तर के हिसाब से दी जा रही है:

  • कक्षा 9वीं से 12वीं के छात्र: ₹15,000 सालाना।
  • अंडरग्रेजुएट (UG) छात्र: ₹75,000 तक।
  • पोस्टग्रेजुएट (PG) छात्र: ₹1.5 लाख तक।
  • MBBS (मेडिकल) छात्र: ₹2 लाख तक।
  • IITs (इंजीनियरिंग) छात्र: ₹2 लाख तक।
  • IIMs (MBA/PGDM) छात्र: ₹5 लाख तक।
  • विदेश में पढ़ाई करने वाले : ₹15 लाख तक।

कौन कर सकता है अप्लाई?

स्कॉलरशिप पाने के लिए एसबीआई फाउंडेशन ने कुछ शैक्षणिक और फैमिली इनकम की शर्तें तय की हैं:

कक्षा 9 से 12वीं के लिए: पिछली कक्षा में कम से कम 75% अंक या 7.5 CGPA होना अनिवार्य है। SC/ST छात्रों के लिए न्यूनतम अंक 65% और दिव्यांग छात्रों (PwBD) के लिए 60% तय किए गए हैं। पारिवारिक आय सीमा ₹3 लाख सालाना से अधिक नहीं होनी चाहिए।

ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन (UG/PG): UG छात्रों के लिए पारिवारिक आय सीमा ₹6 लाख सालाना है। कॉलेज/संस्थान NIRF ओवरऑल रैंकिंग की टॉप 300 सूची में या NAAC ‘A’ ग्रेड प्राप्त होना चाहिए।

MBBS: AIIMS या NIRF टॉप 50 मेडिकल कॉलेज में एडमिशन होना चाहिए। साथ ही NEET स्कोरकार्ड अनिवार्य है।

IIT: देश के 23 IITs में से किसी एक में पढ़ाई और वैध JEE Advanced स्कोरकार्ड।

IIM: देश के 22 IIMs में अध्ययनरत छात्र और वैध CAT स्कोरकार्ड (आय सीमा व शैक्षणिक नियम लागू)।

विदेश में उच्च शिक्षा: QS टॉप 200 यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई कर रहे या एडमिशन ऑफर लेटर पाने वाले भारतीय छात्र पात्र हैं। पारिवारिक आय ₹6 लाख सालाना से कम होनी चाहिए। वैध GRE, GMAT, MCAT, LNAT या LSAT स्कोरकार्ड होना अनिवार्य है।

आवेदन कैसे करें और क्या-क्या डॉक्यूमेंट्स चाहिए?

पोर्टल पर जाएं: आधिकारिक SBI Asha Scholarship पोर्टल पर जाकर अपना अकाउंट बनाएं।

कैटेगरी चुनें: अपनी योग्यता के अनुसार सही स्कॉलरशिप कैटेगरी का चयन करें और फॉर्म भरें।

डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें: पिछली शैक्षणिक मार्कशीट, पहचान पत्र (Aadhaar/Govt ID), आय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक डिटेल्स, एडमिशन/बोनाफाइड सर्टिफिकेट और फीस रसीद, प्रवेश परीक्षा स्कोरकार्ड (JEE/NEET/CAT/GRE/GMAT आदि), कास्ट सर्टिफिकेट या दिव्यांग प्रमाण पत्र (अगर लागू हो)।

ध्यान दें: एक बार फॉर्म सबमिट होने के बाद इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया जा सकेगा। शॉर्टलिस्ट किए गए छात्रों का टेलीफोनिक इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद फाइनल सिलेक्शन होगा।

GATE 2027 Registration: आईआईटी मद्रास ने शुरू किया गेट 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन, जानें कौन कर सकता और कौन नहीं कर सकता अप्लाई

GATE 2027 Registration: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) मद्रास ने ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) 2027 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। गेट 2027 में हिस्सा लेने के इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट gate2027.iitm.ac.in पर जाकर अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। यह आवेदन प्रक्रिया 02 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है।

गेट 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन विंडो बिना लेट फीस के 27 सितंबर, 2026 तक खुली रहेगी। इस डेडलाइन तक अपना आवेदन करने से चूकने वाले उम्मीदवार, इसके बाद भी लेट फीस देकर 5 अक्टूबर तक अप्लाई कर सकते हैं। आवेदन सुधार विंडो 14 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक उपलब्ध रहेगी।

गेट 2027, 6, 7, 13, 14, 20 और 21 फरवरी, 2027 को होगा। सिटी अलॉटमेंट नोटिफिकेशन 4 जनवरी को आने की उम्मीद है, जबकि एडमिट कार्ड रिलीज की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। गेट 2027 का नतीजा 19 मार्च, 2027 को घोषित किया जाएगा।

गेट 2027 में रोबोटिक्स और ऑटोमेशन पेपर किया गया शामिल

इस साल, गेट में रोबोटिक्स और ऑटोमेशन (RA) पर एक नया पेपर होगा। नए पेपर के जुड़ने से, अब परीक्षा 30 टेस्ट पेपर्स के लिए होगी। आईआईटी मद्रास ने गेट 2027 के कुछ सिलेबस में भी बदलाव किए हैं। इनमें बायोटेक्नोलॉजी पेपर में अपडेट और टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और फाइबर साइंस, इंजीनियरिंग साइंसेज, ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंसेज, और लाइफ साइंसेज के लिए सेक्शनल पेपर कोड में बदलाव शामिल हैं। उम्मीदवार एक या दो टेस्ट पेपर्स दे सकते हैं। हालांकि, दो पेपर्स चुनने वालों को परीक्षा अधिकारियों द्वारा मान्य कॉम्बिनेशन्स में से चुनना होगा।

गेट 2027 योग्यता

जो कैंडिडेट अंडरग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम के तीसरे साल या उससे ऊपर पढ़ रहे हैं, साथ ही जिन्होंने इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चर, साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स या ह्यूमैनिटीज में सरकार से मंजूर डिग्री पूरी की है, वे इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

भारत के बाहर के संस्थान से योग्य डिग्री वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं, जो अधिकारियों द्वारा बताई गई शर्तों के तहत है। भारतीय नागरिकों के लिए, DigiLocker के जरिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है। आईआईटी मद्रास ने कैंडिडेट को सलाह दी है कि गेट 2027 आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले यह पक्का कर लें कि उनका DigiLocker अकाउंट वेरिफाई और अपडेटेड है।

IIT JAM 2027 brochure: आईआईटी खड़गपुर ने जारी किया ब्रोशर और बदली रजिस्ट्रेशन की तारीख, जानें कब से शुरू होंगे आवेदन

GATE 2027 Registration: अब तक शुरू नहीं हुई गेट 2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया, जानें कब से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन

GATE 2027 Registration: ग्रैजुएट एप्टिट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) 2027 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों की परेशानी अब तक खत्म नहीं हुई है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग (IIT), मद्रास अब तक गेट 2027 के लिए पंजीकरण शुरू नहीं कर सका है। दो बार पंजीरण शुरू होने की तारीख टलने के बाद अब उम्मीदवार नई तारीख घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं। समझा जा रहा है कि आईआईटी मद्रास जल्द ही गेट 2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर सकता है। रजिस्ट्रेशन की बदली हुई तारीखें आने वाले दिनों में ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी होने की उम्मीद है।

पहले जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार, गेट 2027 आवेदन प्रक्रिया 14 अगस्त, 2026 को शुरू होने वाली थी। हालांकि, इसे बदलकर 27 अगस्त, 2026 कर दिया गया। लेकिन 27 अगस्त से भी पंजीकरण शुरू नहीं हो चका है। उम्मीदवार अब तक दो बार टल चुकी गेट 2027 पंजीकरण प्रक्रिया के जल्द शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। रजिस्ट्रेशन प्रोसेस की बदली हुई तारीखें जल्द ही ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध होंगी।

गेट 2027 रजिस्ट्रेशन कब शुरू होगा?

ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध शेड्यूल के अनुसार, छात्रों के लिए गेट 2027 आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 27 सितंबर, 2026 है। यह देखते हुए कि कंडक्टिंग बॉडी छात्रों को प्रवेश परीक्षा के लिए पंजीकरण करने के लिए कम से कम एक महीने का समय देती हैं, इस बात की बहुत संभावना है कि गेट 2027 रजिस्ट्रेशन प्रोसेस सितंबर 2026 के पहले हफ्ते में कभी भी शुरू हो जाएगा। यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि आईआईटी मद्रास ने गेट 2027 रजिस्ट्रेशन पोर्टल खोलने में देरी का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है।

गेट 2027 जरूरी तारीखें

गेट 2027 पंजीकरण प्रक्रिया रद्द होने के बाद, कैंडिडेट अब रजिस्ट्रेशन और एप्लीकेशन प्रोसेस की नई तारीखों का इंतजार कर रहे हैं। नीचे दी गई जरूरी तारीखें देखें

एक्टिविटी तारीख

गेट ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेसिंग सिस्टम (GOAPS) शुरू होने की तारीख : 14 अगस्त 2026, 27 अगस्त 2026, TBA

रेगुलर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (बिना लेट फीस के) खत्म होने की तारीख : 21 सितंबर 2026, 27 सितंबर, 2026

एक्सटेंडेड ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (लेट फीस के साथ) खत्म होने की तारीख : 30 सितंबर 2026, 5 अक्टूबर, 2026

गेट 2027 एप्लीकेशन में सुधार शुरू होने की तारीख : 14 अक्टूबर, 2026

गेट 2027 एप्लीकेशन में सुधार खत्म होने की तारीख : 21 अक्टूबर, 2026

सिटी अलॉटमेंट नोटिफिकेशन : 4 जनवरी, 2027

एडमिट कार्ड डाउनलोड : TBA

गेट 2027 एग्जाम : फरवरी 6, 2027, फरवरी 7, 2027, फरवरी 13, 2027, फरवरी 14, 2027, फरवरी 20, 2027, फरवरी 21, 2027

रिजल्ट की घोषणा : मार्च 19, 2027

गेट 2027 रजिस्ट्रेशन के लिए DigiLocker क्रेडेंशियल जरूरी

गेट 2027 रजिस्ट्रेशन विंडो जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। इस साल गेट के लिए रजिस्टर करने के लिए, छात्रों के पास वैलिड DigiLocker क्रेडेंशियल होना जरूरी है। कैंडिडेट्स को गेट 2027 के लिए अप्लाई करने से पहले अपने वेरिफाइड DigiLocker अकाउंट बनाने या अपडेट करने होंगे। DigiLocker के जरिए गेट 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन सभी भारतीय नागरिकों के लिए जरूरी है।

गेट 2027 के लिए रजिस्टर करने के स्टेप्स

जीओएपीएस पोर्टल पर गेट 2027 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया खुलने के बाद, योग्य उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने और आवेदन शुल्क जमा करने से पहले रजिस्ट्रेशन लिंक में सभी जरूरी क्रेडेंशियल डालने होंगे।

  • गेट 2027 के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
  • गेट 2027 GOAPS पोर्टल पर क्लिक करें।
  • रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें।
  • सभी जरूरी डिटेल्स डालें।
  • एप्लीकेशन फॉर्म भरने के लिए लॉगिन करें।
  • गेट 2027 एप्लीकेशन फीस जमा करें।
  • सेव करें और सबमिट पर क्लिक करें।

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