आदेश और अंतरात्मा के बीच खड़ी वर्दी !

सुधार किसी एक प्रदर्शन की जीत-हार से नहीं निकलेगा। बल प्रयोग की हर घटना की वीडियो, समय और आदेश-श्रृंखला सार्वजनिक होनी चाहिए। निषेधाज्ञा लिखित हो और बाद में आनुपातिकता की स्वतंत्र जाँच हो। चिह्नित स्थलों पर पूर्व सूचना और यातायात व्यवस्था को अनुमति के पूर्ण निषेध से अलग रखा जाए। प्रदर्शनकारियों के लिए भी सीमा साफ है।

लोकतंत्र केवल मतपेटी में बंद मतों का नाम नहीं है। वह उस सांस का भी नाम है, जिसमें नागरिक अपनी नाराजगी शांतिपूर्वक सड़क पर रख सके। भारत के संविधान ने यह सांस अनुच्छेद 19(1)(क) और 19(1)(ख) में दी है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और बिना हथियार के शांतिपूर्वक एकत्र होने का अधिकार और सीमा भी उसी अनुच्छेद में है। अनुच्छेद 19(2) और 19(3) संप्रभुता, अखंडता और सार्वजनिक व्यवस्था के हित में युक्तियुक्त निर्बंधन की अनुमति देते हैं। यहीं से पुलिस का कठिन कर्तव्य शुरू होता है। उसे न विरोध को कुचलना है, न अव्यवस्था को खुली छूट देनी है।

यह द्वंद्व किसी एक आंदोलन की संपत्ति नहीं है। परीक्षा-पत्र लीक से निकले युवा मार्च हों, किसान कानूनों के खिलाफ घेराव हो, नागरिकता कानून पर धरना हो, या चुनावी सूची और निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर उठे सवाल हों। हर बार सवाल एक ही लौटता है। राज्य विरोध को सुविधा दे रहा है, या केवल उसे नियंत्रित करने के नाम पर संकुचित कर रहा है। अक्टूबर 2026 का दिल्ली दृश्य इसी प्रश्न की ताजा तस्वीर है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर विपक्षी गठबंधन के सांसद जंतर-मंतर की ओर बढ़े, तो लुटियंस दिल्ली बैरिकेड, आरएएफ और केंद्रीय बलों की छावनी बन गई। बसें रोक दी गईं, रास्ते सील कर दिए गए। उसी बीच, पेपर लीक मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने वाली कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर के जंतर-मंतर प्रदर्शन की औपचारिक सूचना संसद मार्ग थाने में दी। पिछली बार के धरने से सबक लेते हुए इस बार दिल्ली पुलिस ने अनुमति नामंजूर कर दी।

तर्क यह था कि निर्धारित स्थल पर भी बैठक या धरने के लिए आवेदन कम से कम दस दिन पहले देना होता है, और भीड़ के आकार के अनुसार स्थल जंतर-मंतर, रामलीला मैदान या बुराड़ी तय होते हैं। आयोजकों का जवाब सीधा था। जंतर-मंतर ऐतिहासिक और चिह्नित विरोध-स्थल है। पुलिस का काम सुरक्षा, व्यवस्था और यातायात है, अनुमति देकर नागरिक के अधिकार का फैसला करना नहीं।

कानून इस बहस में खाली नहीं है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की वे धाराएँ, जो पहले दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 129 से 132 थीं, कार्यपालक मजिस्ट्रेट या थाना प्रभारी को गैरकानूनी जमाव को तितर-बितर करने का आदेश देती हैं। बल तभी है जब आदेश न माना जाए, और तब भी जितना कम बल और जितनी कम क्षति हो, उतना ही। धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लगाई जा सकती है, पर सर्वोच्च न्यायालय अनुराधा भसीन मामले में कह चुका है कि ऐसा आदेश वास्तविक आपात पर टिका हो, तथ्यों को दर्ज करे और आनुपातिकता की कसौटी पर खरा उतरे।

हिम्मत लाल शाह (1973) में सार्वजनिक सड़कों पर बैठकों का पूर्ण निषेध नकारा गया। रामलीला मैदान (2012) में प्रक्रियात्मक सुरक्षा को औपचारिकता नहीं माना गया। अमित साहनी, यानी शाहीन बाग (2020), में शांतिपूर्ण विरोध को माना गया, पर सार्वजनिक मार्ग के अनिश्चितकालीन कब्जे को नहीं। मार्च 2025 में न्यायालय ने कहा कि पुलिस अनुच्छेद 12 के अर्थ में राज्य का अंग है, इसलिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा उसका संवैधानिक दायित्व है। जुलाई 2026 में, नीट व अन्य पेपर लीक पर ‘चलो संसद’ मार्च के बाद, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने मौखिक रूप से रेखांकित किया कि शांतिपूर्ण विरोध गारंटीकृत है और केवल आंदोलन होने से लाठीचार्ज जायज नहीं हो जाता।

जुलाई का वह मार्च याद दिलाने लायक है, क्योंकि वहाँ बल की सीमा ही विवाद बनी। पुलिस का पक्ष था कि मार्च मना था, भीड़ ने बैरिकेड तोड़े और पथराव किया, बल अंतिम उपाय था और इस प्रदर्शन में सौ से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल हुए। प्रदर्शनकारियों, अस्पताल रिकॉर्ड और बाद की रिपोर्टों ने लाठी, आँसू गैस और पेलेट गन के इस्तेमाल की बात कही। न्यायालय ने नाबालिगों की रिहाई के आदेश दिए और स्वतंत्र जाँच का पैनल बनाया। वहीं दिल्ली पुलिस ने अपने आचरण को कानूनी और पेशेवर बताया। दोनों बयान अब भी अधूरे हैं। यही अधूरापन हर बड़े प्रदर्शन के बाद दोहराया जाता है।

इसी ढाँचे में वर्दी की नैतिक स्थिति समझी जा सकती है। धरने प्रदर्शन का सामना कर रहा पुलिस का सिपाही अक्सर उसी वर्ग से आता है जिससे प्रदर्शनकारी। वह परीक्षा की अनियमितता, बेरोजगारी, फसल के दाम या मतदाता सूची के संदेह को व्यक्तिगत रूप से समझ सकता है। पर उसके साथ ही वह वर्दी में वह राजनीतिक कार्यपालिका के आदेश का सेवक है। संविधान की सातवीं अनुसूची में पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्था राज्य सूची के विषय हैं। दिल्ली में यह नियंत्रण केन्द्र के गृह मंत्रालय से जुड़ा है। स्थानांतरण, पदोन्नति और विभागीय जाँच उसी सत्ता के हाथ में हैं, जिसकी नीतियों के खिलाफ भीड़ खड़ी होती है।

परिणाम यह होता है कि ‘न्यूनतम बल’ का सिद्धांत असल में मौके पर ‘आदेश का पालन’ में सिकुड़ जाता है। यह भी सच है कि जब भीड़ पथराव करती है, वाहन क्षतिग्रस्त करती है या सुरक्षाकर्मियों पर हमला होता है, तब संयम बरतने वाले अधिकारी को बाद में ढिलाई का आरोप झेलना पड़ता है। पुलिस न पूरी तरह दमन का औजार है, न भीड़ का स्वयंसेवक। वह बीच की संस्था है। उसकी निष्पक्षता तभी बचती है जब राजनीतिक आका ऐसा कोई आदेश दें, पर कानून सीमा बाँधे।

इसलिए सुधार किसी एक प्रदर्शन की जीत-हार से नहीं निकलेगा। बल प्रयोग की हर घटना की वीडियो, समय और आदेश-श्रृंखला सार्वजनिक होनी चाहिए। निषेधाज्ञा लिखित हो और बाद में आनुपातिकता की स्वतंत्र जाँच हो। चिह्नित स्थलों पर पूर्व सूचना और यातायात व्यवस्था को अनुमति के पूर्ण निषेध से अलग रखा जाए। प्रदर्शनकारियों के लिए भी सीमा साफ है। बिना हथियार, बिना मार्ग के अनंत कब्जे, और बिना हिंसा के। लोकतंत्र में पुलिस संविधान का अभिकर्ता है। जब वह राजनीतिक इच्छा और नागरिक के नैतिक दावे के बीच कानून को चुनती है, तभी विरोध सड़क की गरमी बना रहता है, राजधानी का घेरा नहीं।

रोहित से खतरा टला नहीं, प्रज्ञान ओझा चुनेंगें न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम

22 अक्टूबर से शुरु होने वाले न्यूजीलैंड दौरे के लिए जल्द ही टीम का एलान हो सकता है। अजीत आगरकर का कार्यकाल समाप्त हो गया है ऐसे में प्रज्ञान ओझा बतौर अंतिरम मुख्य चयनकर्ता न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम चुन सकते हैं। गौरतलब है कि  प्रज्ञान ओझा भारतीय क्रिकेट के हित में निर्णय लेने के लिए जाने जाते हैं। ईशान किशन को टी-20 विश्वकप टीम में रखने का निर्णय भी उनका ही था।

ऐसे में यह रोहित शर्मा के लिए सही संकेत नहीं है भले ही उन्होंने घरेलू पिच पर दसवीं रैंक की टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ 101 और 92 रनों की पारी ही क्यों ना खेल दी हो। प्रज्ञान ओझा अजीत आगरकर के करीबी भी रहे हैं और माना जा रहा था कि लॉर्ड्स एकदिवसीय मैच से पहले रोहित शर्मा के संन्यास पर प्रज्ञान ओझा की सहमति थी। ऐसे में क्या प्रज्ञान ओझा रोहित शर्मा को ड्रॉप करने की हिम्मत दिखाएंगे यह 48 घंटों में पता चल जाएगा।

प्रज्ञान ओझा की अगुआई वाली चार सदस्यीय समिति को भारत ए के न्यूजीलैंड के ‘शैडो टूर’ के लिए भी टीम का चयन करना है जिसमें वे 19 नवंबर से शुरू होने वाले दो डब्ल्यूटीसी मैचों की तैयारी के अंतर्गत तीन ‘अनौपचारक टेस्ट’ खेलेंगे।इनके बीच में पांच वनडे मैच भी हैं जो अगले साल के 50 ओवर के विश्व कप की तैयारियों का बड़ा हिस्सा हैं।

3 मैचों में 2 शतक मार चुके यशस्वी जायसवाल का करियर शुरु होने से पहले खत्म होता दिख रहा है क्योंकि उनकी जगह 39 वर्षीय पूर्व कप्तान खेलना चाहता है। ऐसे में प्रज्ञान ओझा क्या स्टार कलचर और भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अंदर तक रोहित शर्मा की पीआर मशीनरी की गही पैठ का सामना कर पाएंगे यह देखने वाली बात होगी।

2027 एकदिवसीय विश्व कप का सवाल टाल गए रोहित शर्मा

 भारत के स्टार क्रिकेटर रोहित शर्मा ने अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप में खेलने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर कहा कि अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है। एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व कप्तान ने एक पंक्ति में जवाब दिया। टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट क्रिकेट में नहीं खेलने के कारण रोहित के वनडे प्रारूप में भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रहे हैं।

रोहित ने कार्यक्रम के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ अक्टूबर 2027 अभी बहुत दूर है, तब देखेंगे।’’वनडे विश्व कप 2027 की सह-मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे।’भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कुछ दिन पहले स्पष्ट कर दिया था कि रोहित को लेकर अटकलों की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि वह अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

एकदिवसीय में आधे साल तक संघर्ष करते रहे रोहित शर्मा

गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

डायन से पद्मश्री तक का सफर | Chhutni Devi Padma Shri Inspirational Story| The Better India Hindi

डायन से पद्मश्री तक का सफर | Chhutni Devi Padma Shri Inspirational Story| The Better India Hindi

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जिसे कभी ‘डायन’ कहकर समाज ने ठुकराया,
उसी ने सैकड़ों महिलाओं के लिए आवाज़ उठाई। ❤️
छुटनी देवी की कहानी सिर्फ़ डायन से पद्मश्री तक पहुंचने की नहीं, बल्कि एक कुप्रथा के खिलाफ अकेले खड़े होने की कहानी है।
आज भी अगर कोई इंसान किसी गलत के खिलाफ आवाज़ उठा रहा है, तो उसे आपकी आवाज़ की ज़रूरत है।
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Flydubai विमान हादसे में बड़ा खुलासा: कट्टरपंथी को-पायलट का था इजरायल में प्लेन क्रैश कराने का प्लान! इंजन कर दिया था बंद

Flydubai incident: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 से जुड़ी घटना में इजरायली खुफिया रिपोर्ट के हवाले से एक बेहद गंभीर दावा सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ओमानी कट्टरपंथी को-पायलट अब्दुल्ला अल-हम्मामी ने कथित तौर पर पहले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को मारने और फिर विमान को इजरायल की राजधानी तेल अवीव ले जाकर एक गगनचुंबी इमारत से टकराने की योजना बनाई थी। बताया जा रहा है कि उसने नमाज पढ़ने का बहाना बनाया और इसके बाद कॉकपिट में रखी क्रैश ऐक्स से कैप्टन पर पीछे से हमला कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, को-पायलट ने पैसेंजर जेट को नीचे गिराने की अपनी कोशिश नाकाम होने के बाद प्लेन के इंजन बंद कर दिए थे।

क्या हुआ था कॉकपिट में?

रिपोर्ट के अनुसार, अल-हम्मामी ने पहले नमाज करने का दिखावा किया। इसके बाद उसने कथित तौर पर क्रैश ऐक्स उठाई और पीछे से कैप्टन स्मित मच्छार के सिर पर हमला कर दिया। शुरुआत में मच्छार को लगा कि विमान का कोई टूटा हुआ हिस्सा उनसे टकराया है। लेकिन जल्द ही उन्हें समझ आ गया कि उन पर जानबूझकर हमला किया जा रहा है।

हमले में कैप्टन को सिर पर गंभीर चोट लगी। उनका एक हाथ भी बुरी तरह घायल हो गया और काफी खून बहने लगा। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद प्लेन में मौजूद यात्रियों और ड्यूटी से बाहर मौजूद दो पायलटों ने कॉकपिट में पहुंचकर स्थिति संभालने में मदद की।

30 सेकंड में 16 हजार फीट नीचे आया विमान

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हमले के बाद अल-हम्मामी ने विमान का ऑटो पायलट बंद कर दिया और कंट्रोल स्टिक को आगे की ओर धकेल दिया। इससे विमान अचानक तेज गति से नीचे जाने लगा। बताया गया है कि विमान महज 30 सेकंड में करीब 16,000 फीट नीचे आ गया। इस दौरान इसकी रफ्तार 970 किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज्यादा हो गई। इतनी तेज और अचानक हुई गिरावट के कारण विमान के टेल रडर को भी नुकसान पहुंचने की बात रिपोर्ट में कही गई है।

कैप्टन की सूझबूझ से टली बड़ी तबाही

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने विमान पर कंट्रोल बनाए रखने की कोशिश की। कॉकपिट का गेट खोलने और दूसरे लोगों के अंदर पहुंचने के बाद स्थिति को काबू में लाने में मदद मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर विमान को इसी तरह नीचे जाने दिया जाता तो इसका परिणाम बेहद गंभीर हो सकता था।

इस पूरे मामले को लेकर इजरायली खुफिया रिपोर्ट में किए गए दावों ने घटना को और गंभीर बना दिया है। मुंबई स्थित इजरायली महावाणिज्य दूतावास ने इजरायल जाने वाले एक विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की को-पायलट की साजिश को नाकाम करने वाले स्मित मच्छार के सम्मान में शहर में एक होर्डिंग प्रदर्शित किया। उन्होंने होर्डिंग की एक तस्वीर भी शेयर की, जिस पर लिखा था, “लोगों की जान बचाने के लिए धन्यवाद कैप्टन स्मित। हम आपके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।”

दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान एफजेड1073 ने बुधवार को आपात संकेत भेजे थे। इसके बाद विमान 34,000 फुट की ऊंचाई से तेजी से 17,000 फुट से अधिक नीचे आ गया। बाद में, उसे सऊदी अरब के तबूक शहर स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्देल अजीज हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया। विमान में 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में पायलट खून से लथपथ, ऑक्सीजन मास्क पहने और विमान की गैली में पीठ के बल लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं।

वो मेरी सज़ा नहीं, मेरी बेटी है | Different Doesn’t Mean Less | A Mother’s Love for Her Daughter

वो मेरी सज़ा नहीं, मेरी बेटी है | Different Doesn’t Mean Less | A Mother’s Love for Her Daughter

हर बेटी की कहानी एक जैसी नहीं होती, कुछ बेटियाँ हमें सपने देती हैं, तो कुछ हमें लड़ना सिखाती हैं। ❤️अनाइशा की ज़िंदगी आसान नहीं है। लेकिन उसकी माँ के लिए वह किसी कमी का नाम नहीं, बल्कि उसकी बेटी है—जिसके लिए वह हर दिन खड़ी होती हैं।
समाज चाहे कुछ भी कहे, माँ की नज़र में बेटी कभी बोझ नहीं होती। वह उसकी उम्मीद होती है, उसकी हिम्मत होती है। अगर आप भी मानते हैं कि हर बेटी को प्यार, सम्मान और स्वीकार किए जाने का हक़ है, तो इस वीडियो को ज़रूर शेयर करें।

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‘आपके साहस पर UAE को गर्व है’; Flydubai के ‘हीरो’ भारतीय पायलट स्मित मच्छार से मिले दुबई के क्राउन प्रिंस, कैप्टन की बहादुरी के हुए कायल

Dubai Crown Prince met Smit Machchhar: फ्लाईदुबई फ्लाइट के ‘हीरो’ भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से दुबई के क्राउन प्रिंस और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उप प्रधानमंत्री हमदान बिन मोहम्मद अल मकतूम ने शनिवार (3 अक्टूबर) को मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए अल मकतूम ने भारतीय हीरो की जमकर तारीफ की है। मच्छार ने उस समय असाधारण साहस और सूझबूझ का परिचय दिया था, जब उनके ओमानी को-पायलट ने फ्लाईदुबई के प्लेन को उड़ान के दौरान उन पर चाकू से हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छर ने विमान को सुरक्षित रखने और यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई थी।

क्राउन प्रिंस ने अस्पताल में मच्छर से मुलाकात की, जहां वह हमले के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। मुलाकात के बाद हमदान बिन मोहम्मद ने कहा कि कैप्टन मच्छर ने साहस, जिम्मेदारी और मानव जीवन के प्रति देखभाल की सर्वोच्च भावना का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि UAE के नेतृत्व और देश की ओर से मच्छर को पूरा सम्मान और प्रशंसा दी जाती है।

‘हमें गर्व है कि वह हमारी टीम का हिस्सा हैं’

दुबई के क्राउन प्रिंस ने कैप्टन मच्छर की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें गर्व है कि वह UAE की टीम का हिस्सा हैं और अब वह देश की कहानी का भी हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि मच्छर का साहस उस भावना को दर्शाता है, जिसके लिए UAE जाना जाता है करुणा, शांति और मानव जीवन की रक्षा…। 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में हुई हाथापाई के दौरान वे घायल हो गए थे।

बोइंग 737 मैक्स 8 विमान दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तेल अवीव जा रहा था, तभी उसे सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ दिया गया। शेख हमदान ने आतंकी घटना के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए मच्छार की हिम्मत, जिम्मेदारी की भावना और बहादूरी की तारीफ की। शेख हमदान ने कहा कि स्मित मच्छार ने बेहद हिम्मत, जिम्मेदारी और लोगों की जान की परवाह दिखाई। उन्होंने UAE के नेतृत्व की ओर से भी पायलट की तारीफ की और उन्हें देश के लिए गर्व का जरिया बताया।

UAE के राष्ट्रपति के सलाहकार ने की स्मित मच्छार की प्रशंसा

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति के एक वरिष्ठ सलाहकार ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की शुक्रवार को प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके साहसिक कदमों ने एक गंभीर आतंकवादी घटना के दौरान बड़ी दुर्घटना को होने से रोक दिया। ‘गल्फ न्यूज’ के अनुसार, यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार अनवर गर्गाश ने X पर लिखा, “फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट स्मित मच्छार अत्यधिक प्रशंसा के पात्र हैं। उन्होंने एक गंभीर आतंकवादी घटना और संभावित बड़ी त्रासदी का सामना करते हुए साहस और जिम्मेदारी का परिचय दिया।”

गर्गाश ने एक पोस्ट में कहा, “सबसे कठिन परिस्थितियों में दिखाई गई उनकी पेशेवर दक्षता और नैतिक दृढ़ता उन्हें सच्चा नायक बनाती है।” उन्होंने कहा कि भविष्य में चरमपंथ और आतंकवाद की संभावित घटनाओं से निपटने के लिए सतर्कता जरूरी है। उन्होंने साथ ही इस हमले को लेकर साजिश के सिद्धांतों को बढ़ावा देने के खिलाफ आगाह किया। फ्लाईदुबई का विमान सऊदी अरब के तबुक में उतरा था। वहां एक अस्पताल में प्राथमिक जांच के बाद मच्छार को आगे के इलाज के लिए अबू धाबी ले जाया गया।

34 हजार फीट की ऊंचाई पर हुआ था हमला

यह घटना फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई थी। विमान दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इजरायल के तेल अवीव जा रहा था। विमान में करीब 180 लोग सवार थे। बताया गया है कि विमान जब सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र के ऊपर करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, तभी ओमानी नागरिक कट्टरपंथी को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया।

हमले में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने स्थिति को संभालने और विमान में सवार लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाई। वह फ्लाइट के कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे जिससे यात्रियों को हमलावर को काबू में करने का मौका मिला। विमान में 174 यात्री सवार थे। स्मिट की वजह से विमान सुरक्षित रूप से सऊदी अरब में उतरा, जहां अधिकारियों ने को-पायलट को हिरासत में ले लिया।

ये भी पढ़ें- Flydubai के कट्टरपंथी को-पायलट ने कुल्हाड़ी से किया था कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला, UAE ने बताया ‘गंभीर आतंकी कृत्य’

मुश्किल हालात में बचाई यात्रियों की जान

हमले के बाद विमान में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई थी। इसके बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट को सुरक्षित करने और विमान पर कंट्रोल बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में विमान की सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस घटना के बाद UAE समेत कई देशों की एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। UAE के अधिकारियों ने कैप्टन मच्छर के साहस और पेशेवर रवैये की सार्वजनिक रूप से सराहना की है।

मच्छार ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि उन्होंने ठान लिया था कि वह विमान में सवार लोगों की जान नहीं जाने देंगे। हवा में को-पायलट के हमले के बाद भी उनमें जितनी भी ताकत बची थी, उसी के सहारे उन्होंने विमान को सुरक्षित बचा लिया। पीएम मोदी ने यूएई के एक अस्पताल में भर्ती मच्छार से फोन पर बात की।

Video: CM से मिलते ही शख्स ने कर दी iPhone की डिमांड, हिमंत बिस्व सरमा का जवाब सुनकर हंसी नहीं रोक पाएंगे

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा जब लोगों से मुलाकात कर रहे थे, तभी भीड़ में मौजूद एक शख्स ने ऐसी फरमाइश कर दी कि मुख्यमंत्री भी कुछ पल के लिए हैरान रह गए। आमतौर पर लोग नेताओं से मिलकर अपनी समस्याएं, सुविधाओं या किसी मदद की मांग रखते हैं, लेकिन इस शख्स की प्राथमिकता कुछ और ही थी। उसने बिना झिझक मुख्यमंत्री से सीधे कहा कि उसे एक iPhone चाहिए। शख्स की इस अनोखी मांग पर सरमा ने भी मजाकिया अंदाज में पूछा कि उसे पुराना iPhone चाहिए या नया। बातचीत का यह पल यहीं खत्म नहीं हुआ।

मुख्यमंत्री ने आखिरकार उसे iPhone दिलाने का आश्वासन भी दे दिया। इस पूरे वाकये का वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसके बाद लोगों की नजरें इस मजेदार मुलाकात पर टिक गईं। वीडियो में दिख रहा यह छोटा-सा संवाद अब सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रहा है।

भीड़ में अचानक बोला- ‘सर, मुझे iPhone चाहिए’

वीडियो में मुख्यमंत्री लोगों के बीच उनसे मिलते और बातचीत करते नजर आते हैं। इसी दौरान एक व्यक्ति आगे आता है और बिना किसी झिझक के कहता है, “सर, मुझे iPhone चाहिए।” शख्स की सीधी-सपाट मांग सुनकर मुख्यमंत्री भी कुछ पल के लिए चौंक जाते हैं। इसके बाद वह मजाकिया अंदाज में उससे पूछते हैं कि उसे पुराना iPhone चाहिए या नया।

जवाब सुनकर और दिलचस्प हो गया माहौल

मुख्यमंत्री का सवाल सुनकर बातचीत का अंदाज और भी हल्का-फुल्का हो जाता है। सरमा कुछ ऐसा हावभाव करते हैं, जैसे मजाक में उस व्यक्ति को हल्की-सी चपत लगाने वाले हों।

लेकिन अगले ही पल वह उसकी मांग मानने की बात कहते हैं। मुख्यमंत्री कहते हैं कि ठीक है, उसे iPhone मिल जाएगा। इसके बाद वह आगे बढ़कर वहां मौजूद दूसरे लोगों से मिलने लगते हैं।

मुख्यमंत्री ने कैप्शन में लिखी मजेदार बात

इस पूरे वाकये का वीडियो हिमंत बिस्व सरमा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया। वीडियो के साथ उन्होंने बेहद छोटा लेकिन दिलचस्प कैप्शन लिखा “Very clear priorities.” यानी भीड़ में मौजूद उस शख्स की प्राथमिकता बिल्कुल साफ थी मुख्यमंत्री से मिलते ही उसे किसी और चीज की नहीं, बल्कि iPhone की जरूरत महसूस हुई।

सोशल मीडिया पर लोगों ने खूब लिए मजे

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी इस बातचीत पर मजेदार प्रतिक्रियाएं देने लगे। कई लोगों को उस शख्स का आत्मविश्वास पसंद आया कि उसने इतनी बड़ी शख्सियत के सामने भी अपनी मांग सीधे रख दी। कुछ यूजर्स ने मुख्यमंत्री के जवाब की तारीफ की, जबकि कुछ लोगों की दिलचस्पी इस बात में थी कि क्या उस शख्स को वाकई iPhone मिला या नहीं।

‘हिम्मत हो तो ऐसी’

एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मुख्यमंत्री से इस तरह सीधे iPhone मांगने के लिए अलग ही स्तर का आत्मविश्वास चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने इस पूरे पल को हल्का-फुल्का और मजेदार बताया।

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Shah Rukh Khan: ‘देश को आप पर गर्व है….’, फ्लाईदुबई के पायलट स्मित मच्छार के फैन हुए शाहरुख खान

Shah Rukh Khan: बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने इजराइल जाने वाली फ्लाइट पर हुए हमले के दौरान बहादुरी दिखाने वाले फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ की है। शनिवार को शाहरुख खान ने अपने X हैंडल पर मच्छर के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने पायलट की बहादुरी की तारीफ करते हुए उन्हें देश का गौरव बताया।

शाहरुख खान ने लिखा, “कैप्टन स्मित मच्छार, जब सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब आप मजबूती से डटे रहे!! मुश्किल हालात का सामना करना और अपनी सुरक्षा को दांव पर लगाना आसान नहीं है… लेकिन आपने फ्लाइट में मौजूद लोगों की सुरक्षा के लिए ठीक यही किया और हमें दिखाया कि एक कैप्टन होने का क्या मतलब है। यह हिम्मत और फर्ज निभाने का एक बेहतरीन उदाहरण है। आपके जल्द ठीक होने की कामना करता हूं, देश को आप पर गर्व है।”

इससे पहले सलमान खान ने भी सोशल मीडिया पर एक नोट शेयर किया, जिसमें उन्होंने मच्छार की तारीफ करते हुए ‘वेल डन’ कहा और उनकी बहादुरी को सराहा। उन्होंने लिखा, “कमाल कर दिया पायलट जी, हम सब आपको सलाम करते हैं, आपके साथ फ्लाइट में सफर करना खुशी की बात होगी… बहुत बढ़िया भाई… कैप्टन स्मित मच्छार।”

स्मित मच्छर कौन हैं? उन्होंने क्या किया?

पिछले कुछ दिनों में कैप्टन स्मित मच्छार एक नेशनल हीरो बन गए हैं। वह एक कमर्शियल पायलट हैं, जो फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई एक खतरनाक घटना के बाद चर्चा में आए। यह फ्लाइट 174 लोगों के साथ दुबई से तेल अवीव जा रही थी। आरोप है कि विमान के तेजी से नीचे की ओर जाने से पहले उनके को-पायलट ने उन पर कई बार हमला किया और चाकू मारा।

हालांकि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने सभी की जान बचाई। वह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे, जिससे यात्री और क्रू अंदर आ सके और हमलावर को काबू में कर सके। इसके बाद बैकअप पायलटों ने विमान का कंट्रोल संभाला और उसे सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ दिया गया, जहां वह सुरक्षित रूप से लैंड किया। मच्छार अभी अबू धाबी के एक अस्पताल में भर्ती हैं। उनका इलाज जारी है।

Asian Games में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय गोल्फर बनी प्रणवी उर्स

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Asian Games 2026 में भारत की प्रणवी उर्स ने गोल्फ में शनिवार को संयम के साथ खेलते हुए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता जबकि महिला टीम ने रजत पदक हासिल किया। प्रणवी ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर है। पुरुष वर्ग में वीर अहलावत और सप्तक तलवार संयुक्त रूप से छठे स्थान पर रहे।

महिलाओं का व्यक्तिगत खिताब जीतने के लिए उन्होंने अपनी तीन-शॉट की बढ़त गंवाने के बाद भी संयम बनाए रखा। 23 वर्षीय भारतीय गोल्फर ने चार राउंड की प्रतियोगिता 15-अंडर 265 के स्कोर के साथ पूरी की। वह सिंगापुर की शैनन ज़ुआन यिन टैन और चीन की यिन रुओनिंग से एक स्ट्रोक आगे रहीं, जो 14-अंडर 266 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहीं।छह बार की एलपीजीए विजेता और 2023 महिला पीजीए चैंपियनशिप की चैंपियन यिन रुओनिंग ने शूट-ऑफ में शैनन ज़ुआन यिन टैन को हराकर रजत पदक जीता।

प्रणवी ने कासुगाई कंट्री क्लब ईस्ट कोर्स में फाइनल राउंड की शुरुआत तीन शॉट की बढ़त के साथ की थी, लेकिन ‘पार-फोर’ तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के कारण वह बढ़त खत्म हो गई। उन्होंने छठे होल पर बर्डी के साथ वापसी की और आखिरी दौर में अपना संयम बनाए रखा। उन्होंने ‘ईवन-पार’ 70 का स्कोर किया और एक ऐतिहासिक जीत हासिल की।

शैनन ज़ुआन यिन टैन ने फाइनल राउंड में ‘टू-अंडर’ 68 का स्कोर किया, जबकि यिन रुओनिंग ने ‘थ्री-अंडर’ 67 के स्कोर के साथ जोरदार चुनौती पेश की। तीनों दावेदारों ने 18वें होल पर ‘पार’ स्कोर किया।

इस जीत के साथ ही एशियाई खेलों में गोल्फ में स्वर्ण पदक के लिए भारत का 24 साल का इंतजार खत्म हो गया। इससे पहले देश ने बुसान 2002 में शिव कपूर के जरिए पुरुषों का व्यक्तिगत खिताब जीता था।इससे पहले, हांगझोउ 2023 में अदिति अशोक का रजत पदक ही इन खेलों में महिलाओं के व्यक्तिगत इवेंट में भारत का एकमात्र गोल्फ़ मेडल था। प्रणवी हांगझोउ में चौथे स्थान पर रही थीं।

यह एशियाई खेलों में गोल्फ में भारत का चौथा स्वर्ण पदक है। पहला खिताब नई दिल्ली 1982 में लक्ष्मण सिंह ने जीता था, जिन्होंने ऋषि नारायण, अमित लूथरा और राजीव मोहता के साथ मिलकर पुरुषों की टीम का खिताब भी जीता था। इसके बाद प्रणवी ने ओलंपियन अदिति अशोक और दीक्षा डागर के साथ मिलकर महिलाओं की टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता – यह इस स्पर्धा में भारत का पहला एशियाई खेलों का मेडल था।

भारत ने चार राउंड 14-अंडर 546 के स्कोर के साथ पूरे किए, जो चैंपियन चीन से आठ स्ट्रोक पीछे था; चीन का कुल स्कोर 22-अंडर 538 था। चीनी ताइपे ने 10-अंडर 550 के स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता। टीम स्टैंडिंग के लिए हर राउंड के दो सबसे अच्छे स्कोर को गिना गया। भारत ने 137, 136, 136 और 137 के चार राउंड के बाद 14-अंडर 546 का स्कोर किया। चीन ने 22-अंडर 538 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीनी ताइपे ने 10-अंडर 550 के स्कोर के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

अदिति अशोक ने शनिवार को प्रतियोगिता का अपना सबसे अच्छा राउंड खेला; उन्होंने तीन-अंडर 67 का स्कोर किया और व्यक्तिगत स्टैंडिंग में दो-अंडर 282 के स्कोर के साथ 14वें स्थान पर रहीं। दीक्षा डागर ने एशियाई खेल 2026 गोल्फ़ टूर्नामेंट में चार राउंड के बाद पांच-अंडर 285 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से 18वां स्थान हासिल किया।

वीर अहलावत और सप्तक तलवार संयुक्त रूप से छठे स्थान पर रहे
पुरुषों की व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले प्रतियोगिता में वीर अहलावत और सप्तक तलवार 9-अंडर 271 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से छठे स्थान पर रहे। युवराज संधू 1-ओवर 281 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से 24वें स्थान पर रहे, जबकि टीम इवेंट में भारत 18-अंडर 542 के स्कोर के साथ छठे स्थान पर रहा।

कपिल देव ने प्रणवी उर्स की ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीत पर दी बधाई 

डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के अध्यक्ष कपिल देव ने प्रणवी उर्स को एशियाई खेलों में गोल्फ में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीत पर बधाई दी है। कपिल ने अपने बधाई संदेश में कहा, “एशियन गेम्स में महिलाओं के व्यक्तिगत इवेंट में प्रणवी उर्स का ऐतिहासिक गोल्ड मेडल और हमारी महिला टीम का सिल्वर मेडल जीतना भारत और भारतीय गोल्फ़ के लिए बहुत गर्व की बात है। ये मेडल हमारे खिलाड़ियों के टैलेंट, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत के साथ-साथ हमारे देश में महिलाओं के गोल्फ़ की बढ़ती ताकत को दिखाते हैं। प्रणवी ने भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने के लिए ज़बरदस्त हिम्मत और अटूट विश्वास दिखाया, जबकि अदिति, दीक्षा और प्रणवी ने एक टीम के तौर पर अच्छा तालमेल बिठाकर भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता। डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई और पूरे भारतीय गोल्फ़ समुदाय की ओर से, मैं उन सभी को बधाई देता हूँ। उन्होंने भारत का मान बढ़ाया है और दिखाया है कि जब आप खुद पर विश्वास करते हैं, अनुशासित रहते हैं और सबसे बड़े मंच पर निडर होकर मुकाबला करते हैं, तो क्या कुछ हासिल किया जा सकता है।”

डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के सीईओ अमनदीप जोहल ने कहा, “प्रणवी उर्स ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया है और उनका ऐतिहासिक गोल्ड मेडल भारतीय गोल्फ़ के लिए गर्व का क्षण है। पूरे कॉम्पिटिशन के दौरान उनका संयम, निरंतरता और आत्मविश्वास वाकई प्रभावशाली रहा है। साथ ही, महिला टीम का सिल्वर मेडल भारत में महिलाओं के गोल्फ़ की गहराई और बढ़ती ताकत का सबूत है। हमें खुशी है कि प्रणवी, अदिति और दीक्षा ने इतने प्रतिष्ठित मंच पर प्रदर्शन किया और भारतीय गोल्फ़ को मजबूती से सुर्खियों में ला खड़ा किया। उनकी उपलब्धियाँ भारतीय गोल्फ़रों की अगली पीढ़ी को प्रेरित करेंगी। हम डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई की ओर से प्रणवी और भारतीय महिला टीम को इस यादगार सफलता पर दिल से बधाई देते हैं।”

Capt Smit Machchhar: सलमान खान, संजय दत्त से लेकर रणवीर सिंह तक, कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी के कायल हुए बॉलीवुड स्टार्स

Capt Smit Machchhar: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हवा में हुई डरावनी घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार हिम्मत की मिसाल बनकर उभरे हैं। उनके काम की हर तरफ तारीफ हो रही है, जिसमें कई भारतीय एक्टर और बॉलीवुड सेलिब्रिटी भी शामिल हैं। आर माधवन, अनन्या पांडे, जाह्नवी कपूर, विजय देवरकोंडा, रवि किशन, परेश रावल, रवीना टंडन, सोनम कपूर और कंगना रनौत जैसे लोगों ने कैप्टन की बहादुरी और सूझबूझ की खुलकर तारीफ की है।

भारतीय सेलिब्रिटी ने स्मित मच्छर को ‘असली हीरो’ कहा

इस घटना पर प्रतिक्रिया देने वाले पहले स्टार्स में आर माधवन शामिल थे। पायलट के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट को शेयर करते हुए एक्टर ने लिखा, “एक असली हीरो के जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहा हूं।” विजय देवरकोंडा ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “भगवान आपकी रक्षा करे और आप पर कृपा बनाए रखे, कैप्टन। आपने जिस स्थिति का सामना किया और जो किया, वह अविश्वसनीय है। उस फ्लाइट में मौजूद बाकी सभी लोगों के साथ भी।” रश्मिका मंदाना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज में लिखा, “क्या हिम्मत है। अपनी जान बचाने की लड़ाई लड़ते हुए भी अपने आस-पास के सभी लोगों की जान के बारे में सोचना। मेरे पास शब्द नहीं हैं… आपके लिए हिम्मत और जल्द ठीक होने की कामना करती हूं। कैप्टन स्मित। हमें आप पर बहुत गर्व है।”

एक्टर-नेता रवि किशन ने पायलट को “अपने काम के प्रति अटूट निष्ठा, अदम्य साहस और असाधारण समझदारी” की मिसाल बताया और कहा कि उनके काम गर्व और प्रेरणा का स्रोत हैं। संजय दत्त ने कहा, “कैप्टन स्मित मच्छार को दिल से सलाम। इतने बड़े डर के माहौल में भी आपने इतनी सारी जिंदगियों को बचाने की हिम्मत दिखाई। आपके जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।”

परेश रावल ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए 1994 की फिल्म ‘क्रांतिवीर’ के नाना पाटेकर के मशहूर डायलॉग का जिक्र किया। मच्छार के सरनेम का मज़ा लेते हुए रावल ने लिखा, “नाना पाटेकर का मशहूर डायलॉग याद आ रहा है- एक मच्छर आदमी को…!”

अनन्या पांडे, जाह्नवी कपूर, रवीना टंडन, सोनम कपूर और शरवरी ने मच्छार को सलाम किया और उन्हें “असली हीरो” कहा। कंगना रनौत ने भी उन्हें सपोर्ट दिया है और मच्छार के उस खुलासे का जिक्र किया कि संकट के समय उन्होंने हनुमान जी की प्रार्थना की थी।

शमिता शेट्टी, रिद्धिमा कपूर साहनी और शेफ कुणाल कपूर भी उन हस्तियों में शामिल थे जिन्होंने समर्थन के पोस्ट साझा किए। सलमान खान ने अपने खास संदेश में अपना मशहूर डायलॉग “इट्स डन ब्रो” कहा, जबकि रणवीर सिंह ने मच्छार को “कैप्टन करेजियस” (साहसी कैप्टन) कहा।

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कैप्टन स्मित मच्छार के साथ क्या हुआ?

घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुई। इजराइली अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, जब विमान सऊदी अरब के ऊपर उड़ रहा था, तब मच्छार के ओमान के को-पायलट ने कथित तौर पर कॉकपिट के अंदर उन पर हमला किया और चाकू से हमला किया। स्थिति गंभीर हो गई क्योंकि विमान 30 सेकंड से भी कम समय में लगभग 14,000 फीट नीचे गिर गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार कॉकपिट के दरवाजे का रिलीज मैकेनिज्म चालू करने और उसे खोलने में कामयाब रहे।

इस कदम से केबिन क्रू और यात्रियों को कॉकपिट में घुसने और हमलावर पर काबू पाने में मदद मिली। यात्रियों के तौर पर यात्रा कर रहे फ्लाईदुबई के दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने फिर विमान को नियंत्रित करने में मदद की। प्लेन का रास्ता बदला गया और उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।

मच्छार को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। वे अपनी चोटों से उबर रहे हैं। 2 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कॉल में उन्होंने उन डरावने पलों का जिक्र किया और बताया कि दरवाजा खोलने में कामयाब होने से पहले ही उन्हें पता चल गया था कि विमान नीचे गिर रहा है।