Kanpur Plane Crash: कानपुर में बड़ा विमान हादसा, गंगा बैराज के पास ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश; 2 पायलटों की मौत

Kanpur Plane Crash: गुरुवार सुबह कानपुर में नत्था खेड़ा गंगा बैराज के पास एक दो इंजन वाले चार सीटर प्राइवेट ट्रेनिंग विमान के क्रैश होने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, हादसे के बाद कानपुर नगर से आग बुझाने वाली और इमरजेंसी रेस्क्यू टीमें नत्था खेड़ा गंगा बैराज के पास दुर्घटना स्थल पर भेजी गईं, जहां चीफ फायर ऑफिसर (CFO) की देखरेख में राहत और बचाव कार्य चल रहा है।

बता दें कि हादसे में मारे गए ट्रेनी पायलट की पहचान अभिषेक पुजारी के तौर पर हुई, जबकि ट्रेनर पायलट सचिन भाटिया थे।

जानकारी के मुताबिक, यह विमान ‘गर्ग एविएशन’ का था, जो एक लोकल फ्लाइट ट्रेनिंग स्कूल के तौर पर काम करता है।

पुलिस ने दी जानकारी

पुलिस ने बताया कि पायलट के पास 3,000 घंटे से ज्यादा की फ्लाइंग का अनुभव था और वह गुजरात का रहने वाला था, जबकि को-पायलट कर्नाटक का रहने वाला था।

फिलहाल, पुलिस ने दुर्घटना वाली जगह को सुरक्षित कर लिया है और वहां घेराबंदी कर दी है। साथ ही, इस घटना के बारे में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) को भी जानकारी दे दी गई है। उम्मीद है कि DGCA की एक टीम दुर्घटना की जांच के तहत घटनास्थल का मुआयना करेगी। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि दुर्घटना किन हालात में हुई।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख

वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख जताया और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवारों को इस दुख को सहने की हिम्मत देने की कामना की।

यह भी पढ़ें: Video: तिब्बत में ईशा फाउंडेशन के 80 श्रद्धालु भी लापता, इनके बारे में बात करते हुए भावुक हुए सद्गुरु! बोले- हमें भी जाने दो

8000 रुपये की शर्ट का ब्रांड बनाया और खुद ही बेचने निकला ये 16 साल का लड़का बना स्टार! लोग बोले-यही है भारत का असली Gen Z

बिना किसी फैमिली बैकग्राउंड, बिना किसी बड़े सपोर्ट और बिना किसी मार्केटिंग टीम के एक 16 साल के लड़के ने कुछ अपना अलग खड़ा करने का सपना देखा और उसे पूरा कर दिखाया। मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले महेंद्र ने बेलवारो नाम से अपना एक यूनिक शर्ट ब्रांड लॉन्च किया है। सोशल मीडिया पर जब इस युवा एंटरप्रेन्योर का खुद अपनी शर्ट्स बेचने और कॉन्फिडेंस के साथ लोगों से कनेक्ट करने का वीडियो वायरल हुआ तो उसने लाखों लोगों का दिल जीत लिया।

डिजिटल क्रिएटर के पास पहुंचा 16 साल का महेंद्र

हमारी सहयोगी न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, महेंद्र की कहानी तब सामने आई जब वह एक कपड़े के ब्रांड के मालिक और डिजिटल क्रिएटर शुभम शिवहरे के स्टूडियो के बाहर पहुंचा। महेंद्र ने बेझिझक शुभम से संपर्क किया और सीधे अपनी बात रखी। उसने शुभम से कहा कि उसने अपना खुद का शर्ट ब्रांड बनाया है और वह अपनी शर्ट्स बेचना चाहता है। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई।

8000 रुपये की शर्ट और ब्रांडिंग का अनोखा गणित

बातचीत के दौरान महेंद्र ने शुभम को अपने ब्रांड बेलवारो का प्रमोशन वीडियो दिखाया। खास बात यह है कि इस 16 साल के लड़के ने अपने ब्रांड का लोगो, पैकेजिंग और सोशल मीडिया अकाउंट सब कुछ खुद ही तैयार किया है। जब शुभम ने उससे एक शर्ट की कीमत पूछी तो महेंद्र ने बताया कि वह एक शर्ट 8000 रुपये में बेच रहा है।

शर्ट की इतनी ज्यादा कीमत सुनकर शुभम हैरान रह गए और उन्होंने पूछा कि यह इतनी महंगी क्यों है? इस पर महेंद्र ने बहुत ही आत्मविश्वास से जवाब दिया कि एक शर्ट को बनाने की लागत लगभग 3000 रुपये आती है जबकि बाकी का खर्च ब्रांडिंग का है। महज 16 साल की उम्र में अपने प्रोडक्ट और बिजनेस को खड़ा करने के लिए महेंद्र की लगन और उसका आत्मविश्वास अब चर्चा का विषय बना हुआ है। पर असल कहानी सिर्फ इतनी नहीं है।

पिता का साया नहीं, मां भी नहीं करतीं काम

पहले वीडियो के वायरल होने के बाद शुभम ने दोबारा महेंद्र से मुलाकात की और उसकी निजी जिंदगी की कहानी लोगों के साथ शेयर की। महेंद्र ने बताया कि उसके सिर पर पिता का साया नहीं है। वह अपनी मां, दो छोटे भाइयों और एक बहन के साथ रहता है। उसकी मां फिलहाल कोई काम नहीं करती हैं। बिना किसी आर्थिक मदद और बिना किसी बिजनेस कनेक्शन के वह अकेले ही अपने ब्रांड को प्रमोट करने की कोशिश में जुटा है।

शुभम ने इंस्टाग्राम पर उसकी कहानी शेयर करते हुए लिखा कि 16 साल की उम्र में जब ज्यादातर बच्चे अपने भविष्य के बारे में सोचना शुरू ही करते हैं तब महेंद्र अपना भविष्य खुद बनाने की कोशिश कर रहा है। उसके पास संसाधन भले कम हैं लेकिन सपने बहुत बड़े हैं।

सोशल मीडिया पर मिली तारीफ और लोगों ने बढ़ाए मदद के हाथ

सोशल मीडिया पर महेंद्र के इस जज्बे और हिम्मत की जमकर सराहना हो रही है। इंटरनेट यूज़र्स उसकी कड़ी मेहनत और लगन देखकर काफी प्रभावित है। कई लोग उसके ब्रांड की मदद के लिए भी आगे आए हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि यही असली Gen Z है जिसका भारत को इंतजार है। वहीं एक दूसरे यूजर ने कहा कि ऐसे ही बच्चे बड़े होकर बिड़ला और टाटा जैसे बड़े ब्रांड बनाते हैं।

शर्ट की क्वॉलिटी पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा कि शर्ट देखने में काफी अच्छी लग रही है, इसकी लाइनिंग, मटीरियल और कॉलर काफी प्रीमियम दिख रहे हैं।

यह भी पढ़ें: मॉस्को में विदेश मंत्री जयशंकर को देखते ही पुतिन ने पीएम मोदी के लिए कही ये बात फिर भारत संग दोस्ती पर दिया बड़ा बयान

दूसरे टेस्ट के पहले दिन गिरे 18 विकेट, स्टार्क के बाद शोरिफुल का जलवा

AUSvsBAN मैके में एक रोमांचक पहले दिन 18 विकेट गिरे। क्वींसलैंड के इस तटीय मैदान पर पहले टेस्ट के शुरुआती दिन बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ों ने छह-छह विकेट लेकर इसे पुराने ज़माने के गेंदबाज़ों का खेल बना दिया। डार्विन में मिली करारी हार के कुछ ही दिनों बाद, ऑस्ट्रेलिया ने ज़बरदस्त वापसी की। मिशेल स्टार्क के शानदार प्रदर्शन की बदौलत उन्होंने बंगलादेश को 64 रन पर ऑल-आउट कर दिया – जो उनका चौथा सबसे कम टेस्ट स्कोर है। हालांकि, बाद में ऑस्ट्रेलिया की पारी भी लड़खड़ाई, लेकिन दिन का खेल खत्म होने तक उन्होंने 101 रनों की अहम बढ़त बना ली।

पैट कमिंस ने टॉस जीता और बिना किसी हिचकिचाहट के बंगलादेश को पहले बल्लेबाज़ी के लिए बुलाया। इसके बाद स्टार्क ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने मैच की पहली ही गेंद पर शादमान इस्लाम को गली में कैच आउट करा दिया। विकेटों के गिरने का सिलसिला तेज़ी से चला; टॉप-6 बल्लेबाज़ों में से चार बिना खाता खोले आउट हो गए और बंगलादेश का स्कोर सात ओवर के अंदर 5 विकेट पर 12 रन हो गया।

नई गेंद के साथ स्टार्क की गति और स्विंग का बल्लेबाज़ों के पास कोई जवाब नहीं था। उन्होंने 22 गेंदों के अंदर पांच बल्लेबाज़ों को पवेलियन भेज दिया, लेकिन मुशफिकुर रहीम के डटकर खेलने की वजह से उन्हें हैट्रिक का मौका नहीं मिला। पारी के बीच में थोड़ी देर के लिए बंगलादेश की स्थिति संभली। मेहदी हसन मिराज और हसन महमूद ने पहला सेशन निकाला और ब्रेक तक बांग्लादेश का स्कोर 6 विकेट पर 35 रन तक पहुंचा, लेकिन यह राहत ज़्यादा देर नहीं रही। लंच के बाद कमिंस ने दो और विकेट लिए, जबकि जोश हेज़लवुड ने भी एक विकेट चटकाया।

इसके बाद स्टार्क ने वापसी की और बाकी बचे विकेट लेकर 10 ओवर में 12 रन देकर 6 विकेट का शानदार कारनामा पूरा किया। इस प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने डेल स्टेन के 439 टेस्ट विकेटों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। बंगलादेश की टीम सिर्फ़ 34 ओवर में ऑल-आउट हो गई। दूसरे सेशन के एक घंटे से भी कम समय में उनकी पारी खत्म हो गई। निचले क्रम के बल्लेबाजों की हिम्मत भरी बल्लेबाजी की वजह से ही वे इस फ़ॉर्मेट में अपने अब तक के सबसे कम स्कोर (वेस्टइंडीज के खिलाफ़ 43 रन) से आगे निकल पाए।

वापसी कर रहे मैट रेनशॉ, ट्रैविस हेड और मार्नस लाबुशेन के नाकाम रहने के बावजूद, ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी रही। कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि वे दिन का खेल पूरी तरह से दबदबे के साथ खत्म करेंगे। स्टीवन स्मिथ और कैमरन ग्रीन ने ऐसी पिच पर बल्लेबाजी को आसान बना दिया, जिसने सुबह से ही बल्लेबाजों को परेशान किया था। उन्होंने हल्के हाथों से गैप में शॉट खेले और छोटी या सीधी गेंदों का फायदा उठाकर स्कोरिंग रेट को पांच रन प्रति ओवर से ऊपर पहुंचाया। इस जोड़ी ने चौथे विकेट के लिए सिर्फ़ 108 गेंदों में 77 रन जोड़े।

फिर शोरिफुल इस्लाम की धीमी गेंद का कमाल दिखा। बांग्लादेश की पारी में सबसे ज़्यादा 14 रन बनाने और हेड व लाबुशेन का विकेट लेने के बाद, इस बाएं हाथ के गेंदबाज ने वही अनुशासन और लाइन-लेंथ दिखाई जिससे स्टार्क को दिन की शुरुआत में सफलता मिली थी। उन्होंने सबसे अहम विकेट लिया और आखिरी सेशन में ड्रिंक्स ब्रेक के ठीक समय पर स्मिथ को 42 रन पर पगबाधा आउट कर दिया।

यहीं से पारी का रुख बदल गया। ऑस्ट्रेलिया के लिए जो दिन अब तक आसान लग रहा था, वह अचानक मुश्किलों में घिर गया। एलेक्स कैरी आगे बढ़कर खेलने की कोशिश में लेंथ बॉल को ठीक से नहीं खेल पाए और मिड-ऑन पर कैच दे बैठे, जिससे ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 5 विकेट पर 145 रन हो गया। इसके बाद उन्होंने 3 रन के अंदर 3 विकेट गंवा दिए; शोरिफुल ने ब्यू वेबस्टर और पैट कमिंस को शून्य पर आउट किया और फिर स्टार्क को भी बोल्ड कर दिया।

इन सबके बीच, एक खिलाड़ी अडिग रहा। कैमरन ग्रीन ने उसी स्पष्टता और शांति के साथ बल्लेबाजी की, जो उन्हें डार्विन में फॉर्म में वापसी वाली सेंचुरी के दौरान मिली थी। उनकी नाबाद 51 रनों की पारी वाकई शानदार थी, खासकर ऐसी पिच पर जिसने लगभग हर दूसरे बल्लेबाज को मुश्किल में डाला था। उनके डटे रहने की वजह से ऑस्ट्रेलिया दिन का खेल खत्म होने तक 101 रन आगे रहा। पहले दिन की उथल-पुथल को देखते हुए यह बढ़त काफी अहम साबित हो सकती है।

संक्षिप्त स्कोर: बांग्लादेश 64 (शोरिफुल इस्लाम 14; मिशेल स्टार्क 6-12, पैट कमिंस 3-25), ऑस्ट्रेलिया 165/8 (कैमरन ग्रीन 51*, स्टीव स्मिथ 42; शोरिफुल इस्लाम 6-35) से 101 रन पीछे।

Mini Mathur: ‘अपनी सलाह अपने पास रखो’, मिनी माथुर ने कहा पुरुष महिलाओं से बच्चे पैदा करने के बारे में पूछना बंद करें

Mini Mathur: मिनी माथुर अमेजन प्राइम वीडियो पर दिखाए गए रियलिटी शो ‘अलायंस’ की विनर बनीं। भारतीय टेलीविजन होस्ट और एक्टर और डायरेक्टर कबीर खान की पत्नी मिनी कई दशकों से इस इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। ‘हॉटरफ्लाई’ (Hauterrfly) के पॉडकास्ट ‘द मेल फेमिनिस्ट’ के एक एपिसोड में, मिनी ने मेनोपॉज के अपने अनुभव के बारे में खुलकर बात की और फर्टिलिटी के आधार पर महिलाएं अपने शरीर को जिस नज़रिए से देखती हैं, उससे जुड़े सामाजिक कलंक पर भी चर्चा की। मिनी ने पुरुषों को यह सलाह भी दी कि वे महिलाओं के शरीर पर कमेंट करना हमेशा के लिए बंद कर दें।

मिनी ने क्या कहा

बातचीत के दौरान, मिनी से पूछा गया कि पुरुषों को महिलाओं से क्या कहना बंद कर देना चाहिए। जवाब में मिनी ने कहा, “शारीरिक बनावट पर कमेंट करना। क्या आप थकी हुई लग रही हैं? क्या आपको नींद नहीं आई? क्या आपका वज़न बढ़ गया है? अरे, आपका वज़न कम हो गया? क्या हुआ? दोनों तरफ से, पुरुष और महिलाएं… इस तरह कमेंट करना गलत है। मैंने आपको अपने और अपनों बीच की दूरी कम करने की इजाज़त कब दी? कि आप मेरे शरीर को देखें और उस पर कमेंट करें?”

उन्होंने आगे कहा, “थोड़ी शारीरिक दूरी बनाए रखें। महिलाओं से यह पूछना कि बच्चों का क्या? एक और बच्चा कर लो। इसमें बहुत मज़ा आता है… अपनी सलाह अपने पास रखिए। जब ​​पूछा जाए, तभी जवाब दें। और लोगों को हाउसवाइफ़, होममेकर कहना बंद करें! इससे मुझे चिढ़ होती है। मैं एक होममेकर हूं और मैं काम भी करती हूं, लेकिन मुझे होममेकर होने पर गर्व है। इसलिए मुझे देखकर यह पूछने की हिम्मत न करें कि मैं काम क्यों नहीं कर रही हूं? मैं कई चीज़ों पर काम कर रही हूं जिनके बारे में आप जानते भी नहीं हैं!”

मिनी माथुर के करियर के बारे में

मिनी माथुर ने अपने टेलीविजन करियर की शुरुआत आर. माधवन के साथ ‘टोल मोल के बोल’ शो से की थी और इसके बाद कई सालों तक MTV VJ रहीं। सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ में काम करने के बाद वह घर-घर में पहचानी जाने लगीं। तब से उन्होंने टेलीविज़न, स्ट्रीमिंग और फ़िल्मों में काम किया है, जिसमें ‘माइंड द मल्होत्राज़’ सीरीज़ भी शामिल है। एक मुश्किल सर्टिफ़िकेशन कोर्स पूरा करने के बाद, वह मेनोपॉज़ (रजोनिवृत्ति) पर खास ध्यान देने वाली सर्टिफ़ाइड विमेंस हेल्थ कोच भी बनीं।

उन्होंने 40 और उससे ज़्यादा उम्र की महिलाओं को इस बदलाव के दौर से आसानी से गुज़रने में मदद करने के लिए अपनी इंस्टाग्राम कम्युनिटी ‘पॉज़िटिव’ (Pauseitive) की भी घोषणा की। हेल्थ से जुड़े इस प्लेटफ़ॉर्म का विचार उनके अपने अनुभवों से आया।

मिनी अपने इंस्टाग्राम पेज पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहती हैं, “मेरी अपनी हेल्थ जर्नी तब शुरू हुई जब मुझे ऐसे लक्षण महसूस होने लगे जो मुझे अपने पुराने रूप जैसे नहीं लग रहे थे। मुझे हॉट फ़्लैश होने लगे, रात में पसीना आता था, ठीक से नींद नहीं आती थी, जोड़ों में दर्द होता था, ‘ब्रेन फ़ॉग’ (सोचने-समझने में दिक्कत) महसूस होता था और थोड़ी याददाश्त भी कमज़ोर हो गई थी – आप समझ सकते हैं कि एक टेलीविज़न प्रेजेंटर के लिए यह कितनी बड़ी परेशानी हो सकती है। मैं जिस भी डॉक्टर के पास गई, उन्होंने सिर्फ़ लक्षणों का इलाज किया, असली वजह का नहीं। मुझे पता था कि इसके पीछे कोई गहरी वजह है और तभी मैंने सवाल पूछना शुरू किया।”

Bandar OTT Release: जानें कब और किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे बॉबी देओल स्टारर ‘बंदर’

Bandar OTT Release: थिएटर में रिलीज होने के कुछ दिनों बाद, बॉबी देओल की फिल्म ‘बंदर’ अब OTT पर रिलीज होने के लिए तैयार है। यह फ़िल्म 28 अगस्त से ZEE5 पर उपलब्ध होगी। #MeTooForMen की बहस पर आधारित, ‘बंदर’ एक ऐसे आदमी की कहानी है जिसकी जिंदगी एक महिला के आरोप से उलट-पुलट हो जाती है। इसमें सच्चाई सामने आने से पहले ही लोगों की राय, मीडिया की छानबीन और समाज का फ़ैसला हावी हो जाता है।

अनुराग कश्यप की डायरेक्ट की गई इस फिल्म में सान्या मल्होत्रा, सपना पब्बी और सबा आज़ाद भी हैं। बॉबी देओल के लिए, “‘बंदर’ उन चुनिंदा प्रोजेक्ट्स में से एक था जिसने उन्हें पूरी तरह से उनके कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकाला।”

एक प्रेस नोट के अनुसार, उन्होंने कहा, “इस किरदार के लिए मुझे न सिर्फ़ एक एक्टर के तौर पर, बल्कि एक इंसान के तौर पर भी बहुत कुछ करना पड़ा। मुझे अपनी झिझक छोड़नी पड़ी, प्रोसेस पर भरोसा करना पड़ा और अनुराग के विज़न को पूरी तरह अपनाना पड़ा। अनुराग की कहानी कहने के अंदाज़ की मुझे जो बात सबसे अच्छी लगती है, वह यह है कि वे कभी भी घिसे-पिटे रास्ते पर नहीं चलते।

वे आपको ऐसी चीज़ें एक्सप्लोर करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं जो असहज या अप्रत्याशित हों, और इसी वजह से यह सफ़र इतना शानदार रहा। यह रोल निभाना चुनौतीपूर्ण भी था और आज़ादी का एहसास कराने वाला भी, और मैंने इसके हर पल का भरपूर आनंद लिया। यह फ़िल्म मेरे दिल के बहुत करीब है और मुझे उम्मीद है कि Zee5 पर इसके प्रीमियर से इसे वह बड़ा दर्शक वर्ग मिलेगा जिसकी यह हक़दार है और ज़्यादा से ज़्यादा लोग इस अनोखी कहानी का अनुभव कर पाएंगे।”

डायरेक्टर अनुराग कश्यप ने कहा, “इस कहानी ने मुझे इसलिए आकर्षित किया क्योंकि यह मुश्किल सवाल पूछने की हिम्मत रखती है, जिसमें एक ऐसा सवाल भी शामिल है जिसका सामना करने में समाज अक्सर असहज महसूस करता है: क्या पुरुष भी पीड़ित हो सकते हैं? यह फिल्म दर्शकों को ‘सही-गलत’ या ‘काले-सफेद’ जैसे सीधे-सादे नजरिए से आगे बढ़कर उन मुश्किल और अस्पष्ट स्थितियों (ग्रे एरिया) पर विचार करने की चुनौती देती है जो अक्सर असल ज़िंदगी में मौजूद होती हैं। यह फिल्म पूछती है कि क्या हम किसी के बारे में राय बनाने से पहले सच में उनकी बात सुनने को तैयार हैं, और क्या पीड़ित होने, सच्चाई और सहानुभूति के बारे में हमारी समझ कभी-कभी हमारी अपनी धारणाओं से प्रभावित होती है।”

अनुराग कश्यप ने आगे कहा, “इस फिल्म में कुछ बेहतरीन परफॉर्मेंस देखने को मिलती हैं, खासकर बॉबी की, जिन्होंने खुद को पूरी तरह से किरदार में ढाल लिया और उस रोल के लिए ज़रूरी कोमलता और तीव्रता को बखूबी निभाया। फिल्म का सफर अब तक कैसा भी रहा हो, मेरा मानना ​​है कि यह कहानी आज भी प्रासंगिक है और इस पर चर्चा होनी चाहिए। मुझे खुशी है कि ‘बंदर’ अब हिंदी Zee5 पर ज़्यादा दर्शकों तक पहुंचेगी, और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इसे देखेंगे, इसे अपने तरीके से समझेंगे और फिल्म खत्म होने के बाद भी इस पर बातचीत जारी रखेंगे।”

‘फूलों का तारों का…,’ गाते-गाते सीएम डॉ. मोहन ने लाड़ली बहनों को दिया गिफ्ट, 1500 के साथ मिला 250 रुपये का शगुन

'फूलों का तारों का...,' गाते-गाते सीएम डॉ. मोहन ने लाड़ली बहनों को दिया गिफ्ट, 1500 के साथ मिला 250 रुपये का शगुन

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवरा को प्रेम के अलग ही रंग में रंगे नजर आए। उन्होंने मैहर जिले में आयोजित कार्यक्रम में लाड़ली बहनों को विख्यात गाना 'फूलों का तारों का सबका कहना है..,' सुनाया और उनके खातों में 2148 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस तरह राज्य की 1.25 करोड़ से ज्यादा लाड़ली बहनों को 1500 रुपये के साथ-साथ राखी का 250 रुपये का शगुन भी मिला। 

इसके अलावा सीएम डॉ. मोहन यादव ने 256 करोड़ से अधिक लागत के विकास कार्यों लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी किया। उन्होंने लाड़ली बहनों पर पुष्प वर्षा भी की और हितग्राहियों को हितलाभ वितरिए किया। उन्होंने यहां कई विभागों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। दूसरी ओर, जनअभियान परिषद की सखियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को विशाल राखी भेंट की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कई घोषणाएं भी कीं। 

 

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार हर महीने बहनों को लाड़ली बहना योजना की राशि प्रदान करती है। राखी त्योहार तो साल में एक बार आता है, लेकिन हम हर महीने इस उत्सव को मनाते हैं। आज लाड़ली बहनों के प्रेम को देखकर, उनकी संख्या देखकर आनंद आ रहा है। मैहर मां शारदा का अद्भुत स्थान है। बड़े लड़ैया महुआ वाले, जिनकी मार सही न जाए, एक को मारे दो मर जाए, तीसरा धौंस खाए मर जाए। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि मां शारदा के अनन्य भक्त आला की अमरता की कहानी आज भी जीवंत है। जब तक आला दर्शन नहीं कर लेते, मां को भी आनंद नहीं आता। सनातन संस्कृति भी अपने आप में अद्भुत है।

उन्होंने कहा कि हमारे तीज-त्योहारों की वजह से हमारे कुटुम्ब जीवित हैं। हमारी संस्कृति में पूरी वसुधा को परिवार माना गया है। हम अपने पेड़-पौधे-नदी-पहाड़, सबको परिवार का हिस्सा मानते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा देश दुनिया के सामने सिर ऊंचा करके खड़ा है। पिछले साल आतंकवादियों ने माताओं-बहनों के सिंदूर पर हाथ डालने का प्रयास किया, उस वक्त हमारे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेना ने दुश्मन के घर में घुसकर मारने का रिकॉर्ड बनाया। हमारी सेना हर तरह से दुश्मन से निपटने में सक्षम है।

बहनों को दिया अतिरिक्त उपहार-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज मेरे दोनों हाथों में प्रेम का धागा है। मैं सौभाग्यशाली हूं। आज मैं मन में क्या महसूस कर रहा हूं, बताना मुश्किल है। मेरी सरकार और आपका जो संबंध है, वो अद्भुत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग दुर्भावना रखते हैं। हम जब भी लाड़ली बहनों को योजना की राशि ट्रांसफर करते हैं, तब कांग्रेसी हमें टोकते हैं। कांग्रेसी कहते हैं कि लाड़ली बहनों के खातों में पैसे मत डालो, ये शराब पी जाती हैं। कांग्रेसियों को डूब मरना चाहिए। सीएम डॉ. मोहन ने बहनों से अपील की, कि कांग्रेस की इस बात को गांठ बांधकर रखना। जिस दिन चुनाव आए, उस दिन कांग्रेस को बताना कि उसने क्या अपराध किया है। उनका हिसाब चुकता करना। लाड़ली बहनों का अपमान कोई बर्दाश्त नहीं करेगा।

उन्होंने कहा कि हमने चुनाव के पहले जो वादा किया और अभी तक हम महीने आपके खातों में राशि आ रही है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी एक बार जो वचन देती है, उसे निभाती है। आज मुझे वो गीत याद आ रहा है, 'फूलों का तारों का कहना है, सबका कहना है, एक हजार में मेरी बहना है….'। हमारी सरकार को 1.25 करोड़ बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है। आज हमारी सरकार ने नियमित राशि के अलावा 250 रुपये अतिरिक्त सावन के महीने का उपहार दिया है। 

 

बहनें परिवार को बांधे रखती हैं-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों से निवेदन किया कि ये राशि जब आपको मिले, तो अपने भाइयों को मिठाई खिलाना और टीका करना। मैं समझूंगा कि टीका मुझे लगा। मुझे आपका आशीर्वाद मिल गया। हमारी माताओं-बहनों में जो हिम्मत है, वो पुरुष में नहीं है। वे अपना परिवार छोड़कर अंजान परिवार को अपना भविष्य समर्पित कर देती हैं। उन्होंने कहा कि एक बार विश्व हिंदू परिषद का सम्मेलन विदेश में हुआ। उस समय मार्गरेट थ्रेचर वहां की प्रधानमंत्री थीं। उन्होंने सम्मेलन में कहा कि भारत और लंदन में सबसे बड़ा अंतर कुटुम्ब परंपरा का है। आपके ऋषि-मुनियों ने परिवार की जो परंपरा खड़ी की है, इसकी धुरी माता है। माता अपने सारे बच्चों से जिस प्रकार प्रेम करती है, वह अद्भुत है। मां अपना पेट काटकर बच्चों की सारी मांग पूरी करती है। घर में भले कमाने वाला एक हो, लेकिन मां सबकी पूर्ति करती है। हमको खिलाते-खिलाते मां का पेट भर जाता है। यह संस्कृति केवल भारत में ही है। हमारी संस्कृति त्याग-परिवार की परंपरा को लेकर चलती है।

उन्होंने कहा कि हम लगातार विकास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2022 के बाद महाकाल लोक का लोकार्पण किया। उससे हमारा पूरा जिला बदल गया। हमने देव स्थान को धार्मिक स्थल बनाने का फैसला किया है। हमारी सरकार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आय बढ़ाने का काम कर रही है। हमने फैसला किया है कि जो भी उद्योग बहनों को मौका देगा, वहां सरकार उसे प्रति बहन 5 हजार रुपये देगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के लिए स्लोगन है, सच्चा वादा पक्का काम-प्रेम से बोलो सीताराम। चित्रकूट में हमने 3 हजार करोड़ से ज्यादा के काम मंजूर किए हैं। अब मां मैहर के लोक के पहले फेज का भूमि-पूजन आज यहां हुआ है। कल कैबिनेट में हमने फैसला किया कि लाड़ली बहनों को आने वाले 5 साल तक राशि देंगे। बहनें इस राशि से सिलाई मशीन खरीदती हैं, ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। बहने इस राशि से परिवार की पूर्ति करती हैं। 

 

कांग्रेस को लिया आड़े हाथ-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पहले नक्सलियों को खत्म किया, और अब नशा विरोधी अभियान चला रहे हैं। हमारी सरकार ने 19 धार्मिक शहरों में शराब की दुकानें बंद की हैं। भविष्य की पीढ़ियों को बचाने के लिए, हर तरह के नशे के खिलाफ लड़ने के लिए हमारी सरकार संकल्पबद्ध है। परिवार के परिवार नशे की वजह से बर्बाद हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि आप बच्चों को पढ़ाओ-लिखाओ, बड़ा अधिकारी बनाओ, लेकिन नशे के मामले में उसे सावधान करो। उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि मां नर्मदा विंध्याचल पर्वत की तरह आ नहीं सकती है, उसे लाने के लिए नहर बनाई जा रही थी। जिस मशीन से नहर बन रही थी, वह कंपनी ही बंद हो गई। मशीनें खराब हो गईं। यह योजना बंद होने के कगार पर थी। लेकिन, हमने कहा कि खुशहाली के लिए इस इलाके में पानी आना जरूरी है। 2 हजार करोड़ की योजना 800 करोड़ से शुरू हुई। हमने कहा कि इसके लिए पैसे की कोई कमी नहीं है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि अब वो नहर पूरी हो गई है।

उन्होंने कहा कि अब इस क्षेत्र के हर गांव में नर्मदा का पानी पहुंचेगा। हमने फैसला किया कि किसानों को खाते पलटाने नहीं पड़ेंगे। इसके अलावा आने वाली फसल के समय सरकार दिन में बिजली देगी। जिन-जिन गरीबों के मकान रह गए हैं, उनका मकान बनेगा। मैहर में कलेक्टर सहित 16 बड़े पदों पर बहने हैं। 


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अगर कांग्रेसी अनुचित आचरण नहीं करते, तो विधानसभा में भी बहनों के लिए 33 फीसदी का आरक्षण हो जाता। कांग्रेस को पता नहीं किस बात का डर है। अगर माताएं-बहनें लोकसभा-विधानसभा में आएंगी तो क्या गलत हो जाएगा।    

 

सीएम ने की ये प्रमुख घोषणाएं

– मैहर में 25 करोड़ की लागत से आधुनिक स्टेडियम बनेगा।

– लिलजी जलाशय का 50 करोड़ की लागत से नवीकरण किया जाएगा। 

– मैहर में बड़ा अस्पताल बनाया जाएगा।

– मैहर में 5000 गौवंश क्षमता की बड़ी गौशाला बनेगी।

– मैहर में आईटीआई संस्थान बनेगा, स्कूलों का उन्नय किया जाएगा।

– आल्हा गायकों की समितियों को 25-25 हजार रुपए देने की घोषणा।

Galle Test: मानव सुथार यानी ‘फिरकी का नया जादूगर’, 10 विकेट झटक श्रीलंका को किया चारों खाने चित

श्रीलंका की धरती पर एक बार फिर भारतीय टीम ने जीत का झंडा गाड़ दिया है। बुधवार को गॉल में खेले गए पहले टेस्ट के पांचवें और आखिरी दिन भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हरा दिया। इस जीत के हीरो मानव सुथार रहे, जिन्होंने मैच में कुल 10 विकेट लिए। भारत ने इस जीत के साथ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। यह भारत के 600वें टेस्ट मैच में मिली जीत भी है।मानव सुथार ने मैच का अपना 10वां विकेट भारी बारिश शुरू होने से ठीक पहले लिया। उनके विकेट लेते ही मैच खत्म हो गया और करीब पांच मिनट बाद गॉल में तेज बारिश शुरू हो गई।

मानव सुथार के जाल में फंसे श्रीलंका के बल्लेबाज

गॉल की पिच स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। ऐसे मैदान पर मिली यह जीत भारत का आत्मविश्वास बढ़ाएगी। इससे पहले भारत को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ स्पिन वाली पिचों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। कुछ हिस्से तक भारतीय गेंदबाजों का सामना किया, लेकिन आखिरकार 206 रन पर पूरी टीम ऑलआउट हो गई। मानव सुथार ने श्रीलंका के आखिरी चार विकेट लेकर भारत की जीत पक्की कर दी।सुथार ने दूसरी पारी में 55 रन देकर 6 विकेट लिए। यह लगातार दूसरा टेस्ट था, जिसमें उन्होंने एक पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं। इससे पहले अफगानिस्तान के खिलाफ अपने डेब्यू टेस्ट में भी उन्होंने 5 विकेट लिए थे। इस मैच की पहली पारी में भी सुथार ने श्रीलंका के 4 बल्लेबाजों को आउट किया था।

सीरीज के पहले ही मैच 10 विकेट किया अपने नाम

लंच के बाद श्रीलंका ने 6 विकेट पर 175 रन से खेलना शुरू किया और बिना कोई विकेट गंवाए स्कोर 199 रन तक पहुंचा दिया। उस समय लगा कि मेजबान टीम मुकाबले में वापसी कर सकती है, लेकिन तभी मानव सुथार ने गेंदबाजी में वापसी की और लगातार विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया।76वें ओवर में मानव सुथार ने सोनल दिनुशा को 84 रन के स्कोर पर आउट किया। इसके बाद उन्होंने लगातार दो गेंदों पर प्रभात जयसूर्या और लाहिरू कुमारा को पवेलियन भेज दिया। इन विकेटों के साथ श्रीलंका का स्कोर 9 विकेट पर 199 रन हो गया।

 

सुथार को गेंद से अच्छी टर्न और उछाल मिल रही थी। उन्होंने केशरा नुवंथा को बोल्ड कर श्रीलंका की पारी खत्म कर दी और भारत को 165 रन से शानदार जीत दिलाई। हालांकि, सोनल दिनुशा और श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा के बीच हुई मजबूत साझेदारी ने भारत को जीत के लिए उम्मीद से ज्यादा इंतजार कराया। दोनों ने भारतीय गेंदबाजों का अच्छी तरह सामना किया, लेकिन सुथार के लगातार विकेटों ने श्रीलंका की सारी उम्मीदें खत्म कर दीं।

मैच में लिए ये अहम विकेट

रात से नाबाद खेल रहे सोनल दिनुशा और धनंजय डी सिल्वा ने 202 गेंदों पर 95 रन की साझेदारी की। दोनों ने शुरुआती सेशन में एक घंटे से ज्यादा समय तक भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसाए रखा। भारतीय स्पिनरों के खिलाफ श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने एक बार फिर स्वीप शॉट का खूब इस्तेमाल किया। मैच में पहले भी यह तरीका उनके लिए काफी कारगर रहा था। भारत की ओर से रवींद्र जडेजा सबसे प्रभावी स्पिनर रहे। उन्होंने लगातार सही लाइन पर गेंदबाजी की और पिच से अच्छी पकड़ भी हासिल की। मानव सुथार ने दिन की शुरुआत में ज्यादा ओवर नहीं किए, लेकिन उनकी गेंदबाजी लगातार खतरनाक बनी रही। दूसरी ओर, कुलदीप यादव को पिच की खुरदरी सतह से ज्यादा मदद नहीं मिली। उनकी गेंदें भी काफी सपाट रहीं। कुलदीप ने ‘अराउंड द विकेट’ गेंदबाजी करते हुए एंगल बनाने की कोशिश की, लेकिन इस वजह से उनके लिए बल्लेबाज को LBW आउट करने का मौका कम हो गया।

धनंजय डी सिल्वा ने 125 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की। इसके कुछ ही देर बाद सोनल दिनुशा ने भी अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। दिनुशा की फिफ्टी खास रही। उन्होंने कुलदीप यादव की गेंद पर स्लॉग-स्वीप खेलकर छक्का लगाया और अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद रवींद्र जडेजा ने धनंजय डी सिल्वा को आउट कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। जडेजा की गेंद में अतिरिक्त उछाल आया और डी सिल्वा के स्वीप शॉट का टॉप-एज लगा। गेंद शॉर्ट फाइन लेग पर खड़े मानव सुथार के हाथों में चली गई।

इसके बाद निरोशन डिकवेला ने श्रीलंका के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश की। पहली पारी में उन्होंने संभलकर बल्लेबाजी की थी, लेकिन इस बार उन्होंने कुलदीप यादव और जडेजा के खिलाफ बड़े शॉट खेलने की कोशिश की। वह लगातार स्लॉग-स्वीप खेलने के प्रयास में थे, लेकिन आखिरकार प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर आउट हो गए।

भारत को मिली शानदार जीत

निरोशन डिकवेला ने खुद के लिए जगह बनाकर कवर के ऊपर से बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर उनके बल्ले का किनारा लगा। गेंद विकेट के पीछे खड़े ऋषभ पंत के हाथों में चली गई और डिकवेला आउट हो गए। इसके बाद सोनल दिनुशा और केशरा नुवंथा ने करीब 30 मिनट तक हिम्मत और थोड़े भाग्य के सहारे बल्लेबाजी की। श्रीलंका को उम्मीद थी कि वह किसी तरह समय निकाल ले और मौसम खराब होने से पहले मैच को बचाने की कोशिश करे। लेकिन मानव सुथार के दोबारा गेंदबाजी पर आते ही श्रीलंका की आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई। मिडिल सेशन में 30 मिनट से कुछ ज्यादा समय के अंदर श्रीलंका का निचला क्रम बिखर गया। बारिश शुरू होने से ठीक पहले सुथार ने केशरा नुवंथा को आउट कर अपने 10 विकेट पूरे किए और भारत को शानदार जीत दिला दी।

रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 का नया Gorkha अवतार लॉन्च, जानें इसके फीचर्स और कीमत

रॉयल एनफील्ड ने भारतीय बाजार में अपनी लोकप्रिय Classic 350 का नया Gorakha Edition लॉन्च किया है। कंपनी ने इस बाइक में कुछ नए फीचर्स भी जोड़े हैं। इसमें असिस्ट और स्लिपर क्लच और टाइप-C USB फास्ट चार्जिंग पोर्ट शामिल हैं। इसके अलावा बाइक के डिजाइन में भी गोरखा से प्रेरित कुछ बदलाव किए गए हैं, जिससे इसका लुक पहले से अलग नजर आ रहा है। रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 के नए गोरखा एडिशन को खास गोरखा ग्रीन रंग में पेश किया गया है। बाइक पर क्रॉस्ड खुखरी वाला खास बैज भी दिया गया है, जो इसे अलग लुक देता है। कंपनी ने बताया कि इसकी बुकिंग मंगलवार से शुरू होगी। इस बाइक की एक्स-शोरूम कीमत ₹2,10,684 रखी गई है।

जानें इसकी खासियत

क्लासिक 350 गोरखा एडिशन में कंपनी ने बाइक की मौजूदा राइडिंग पोजीशन और J-सीरीज इंजन को बरकरार रखा है। इसमें असिस्ट और स्लिपर क्लच दिया गया है, जिससे गियर बदलना आसान हो जाता है। इसके अलावा, टाइप-C USB फास्ट चार्जिंग पोर्ट भी मिलता है। बाइक को गोरखा रेजिमेंट से प्रेरित लुक देने के लिए गोरखा ग्रीन रंग और क्रॉस्ड खुखरी का खास निशान दिया गया है।

गोरखा कलेक्शन भी किया लॉन्च

रॉयल एनफील्ड ने बाइक के साथ गोरखा कलेक्शन भी लॉन्च किया है। इसमें हेलमेट, हाई-एंकल लेदर बूट, हेडगियर, कपड़े और कई दूसरी चीजें शामिल हैं। कलेक्शन के डिजाइन में मिलिट्री यूनिफॉर्म, रेजिमेंट के निशान और क्रॉस्ड खुखरी से प्रेरणा ली गई है। इसमें रेजिमेंटल क्रिमसन, ऑलिव ग्रीन, मैट ब्लैक और वार्म ब्रॉन्ज जैसे रंगों का इस्तेमाल किया गया है। क्लासिक 350 गोरखा एडिशन रॉयल एनफील्ड की मिड-साइज बाइक रेंज में शामिल किया गया है।

चीफ कमर्शियल ऑफिसर क्या कहा

लॉन्च के मौके पर रॉयल एनफील्ड के चीफ कमर्शियल ऑफिसर यदविंदर सिंह गुलेरिया ने कहा, “क्लासिक 350 गोरखा एडिशन के जरिए हम बहादुरी, वफादारी और सम्मान की पहचान रखने वाली गोरखा रेजिमेंट की सैन्य विरासत को सलाम कर रहे हैं। बाइक की हर डिटेल क्लासिक 350 के खास अंदाज को बनाए रखती है, जबकि गोरखा के खास निशान इस रेजिमेंट की पुरानी परंपराओं और मूल्यों को दर्शाते हैं।”

गोरखा रेजिमेंट की पहचान है खास

इस मौके पर गोरखा ब्रिगेड के प्रेसिडेंट लेफ्टिनेंट जनरल संजीव चौहान, AVSM, YSM ने कहा, “गोरखा रेजिमेंट की पहचान सिर्फ उसके इतिहास से नहीं, बल्कि हिम्मत, अनुशासन और सम्मान जैसी खूबियों से भी है। इन मूल्यों को कई पीढ़ियों से आगे बढ़ाया जा रहा है। रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 गोरखा एडिशन के जरिए इस विरासत को सम्मान मिलना हमारे लिए खुशी की बात है। यह बाइक गोरखा सैनिकों की भावना और उनकी परंपराओं को सम्मान देने का एक तरीका है।”

मोदी की टिप्पणी के बाद ‘दिमागी नक्सल पार्टी’ इंस्टाग्राम पर 4 लाख से अधिक फॉलोअर्स के साथ हुई लोकप्रिय

मोदी की टिप्पणी के बाद 'दिमागी नक्सल पार्टी' इंस्टाग्राम पर 4 लाख से अधिक फॉलोअर्स के साथ हुई लोकप्रिय

Dimagi naxal Party

dimagi naxal party: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में इस्तेमाल किया गया शब्द 'दिमागी नक्सल' सोशल मीडिया पर एक बड़े राजनीतिक व्यंग्य में बदल गया है। पीएम के भाषण के ठीक एक दिन बाद इंस्टाग्राम पर 'दिमागी नक्सल पार्टी' नाम से बना एक पेज महज कुछ घंटों में 4,00,000 से अधिक फॉलोअर्स के साथ इंटरनेट पर छा गया है।

एक शब्द से खड़ा हुआ नया ऑनलाइन मूवमेंट

सोशल मीडिया की दुनिया में कब क्या ट्रेंड कर जाए, कोई नहीं जानता! स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने जैसे ही 'दिमागी नक्सल' शब्द का जिक्र किया, इंटरनेट पर एक नया डिजिटल आंदोलन खड़ा हो गया। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की तर्ज पर शुरू हुआ यह व्यंग्यात्मक इंस्टाग्राम पेज युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

अपने ही नेता से असहमत होना पहली शर्त

इस व्यंग्यात्मक पेज ने अपनी कार्यशैली और सदस्यता के नियमों को काफी अनोखे अंदाज में पेश किया है। इस पेज पर पहली शर्त रखी गई है कि कि “आप हमारी पार्टी में तभी शामिल हो सकते हैं जब आप अपने ही नेताओं से असहमत होने की हिम्मत रखते हों।” बायो में इस ग्रुप ने लिखा— “हम सोचते हैं। हम शोध करते हैं। हम विरोध करते हैं।”

भगत सिंह से प्रेरणा

इस पेज के संचालकों का दावा है कि वे शहीद-ए-आजम भगत सिंह की सोच पर चलते हैं। उन्होंने लिखा कि अगर उन्हें देश विरोधी बताया गया या उनका अकाउंट बंद किया गया, तो यह भगत सिंह की विचारधारा का अनादर होगा।

ऑरवेल के '1984' और 'थॉट क्राइम' से तुलना

पेज पर कई ऐसे पोस्ट शेयर किए गए हैं जिनमें पीएम मोदी की टिप्पणी की तुलना जॉर्ज ऑरवेल के प्रसिद्ध उपन्यास 1984 की 'थॉट क्राइम' (सोच से जुड़े अपराध) की अवधारणा से की गई है। पेज ने 'दिमागी नक्सल' की परिभाषा देते हुए लिखा— “एक ऐसा दिमाग जो दमनकारी शासनों के व्यवस्थित पैटर्न को पहचान सकता है।”

साइबर हमला या बैन का डर?

सोमवार को जब फॉलोअर्स का आंकड़ा 2 लाख पार कर गया, तो यह पेज अचानक कुछ समय के लिए दिखना बंद हो गया। इसके संचालकों ने 'एक्स' (ट्विटर) पर दावा किया कि उन्हें साइबर हमलों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद इंटरनेट यूजर्स ने “हटाए जाने से पहले फॉलो करें” की अपील के साथ इस पेज को तेजी से रीपोस्ट करना शुरू कर दिया।

पीएम मोदी ने भाषण में क्या कहा था?

दरअसल, 15 अगस्त के भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा था कि सरकार ने सशस्त्र माओवादी उग्रवाद पर तो लगभग काबू पा लिया है, लेकिन अब इस विचारधारा ने अपना रूप बदल लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि माओवादी सोच वाले लोग लंबे समय से व्यवस्था के भीतर, सरकारी समितियों और सलाहकार मंडलों में बैठकर नीतियों को प्रभावित करते रहे हैं।

 

पीएम मोदी की इसी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर एक तरफ राजनीतिक बहस छिड़ गई है, तो दूसरी तरफ 'दिमागी नक्सल पार्टी' के रूप में इंटरनेट का नया 'मीम कल्चर' भी देखने को मिल रहा है।

Awarapan 2: ‘इमरान हाशमी को बिना किस करते देखना गैरकानूनी सा लगता है…’, ‘आवारापन 2’ में किसिंग सीन न होने पर फैंस ने दिए मजेदार रिएक्शन

Awarapan 2: इमरान हाशमी इन दिनों बहुत खुश हैं, क्योंकि उनकी 2007 की फ़िल्म ‘आवारापन’ का सीक्वल बॉक्स ऑफ़िस पर हिट साबित हो रहा है। एक्टर की इस नई फिल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों, दोनों से ही काफी अच्छे रिव्यूज मिले हैं और कई दर्शक तो ओरिजिनल फ़िल्म से जुड़ी पुरानी यादों को भी पसंद कर रहे हैं। हालांकि, फैन्स ने ‘आवारापन 2’ में एक बात पर ध्यान दिया कि इसमें इमरान का कोई किसिंग सीन नहीं है।

‘सब लोग मर्डर वाले इमरान हाशमी को ढूंढ रहे थे’

अपने करियर के शुरुआती सालों में ‘सीरियल किसर’ के रूप में मशहूर इमरान फिल्मों में इंटीमेट सीन और जोशीले रोमांस के लिए जाने जाते थे। हालांकि, प्रशंसकों ने गौर किया कि इमरान की नई फिल्म में कोई किसिंग सीन नहीं है और इस पर कई लोगों ने मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ प्रशंसकों ने तो मजाक में यह भी कहा कि वे फिल्म में ‘पुराने’ इमरान हाशमी को ढूंढ रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा था, “उम्र हो गई है वो वाला इमरान हाशमी अब नहीं रहा।” एक अन्य दर्शक ने लिखा, “सब यहां इस सीन में मर्डर वाले इमरान हाशमी को ढूंढ रहे हैं।” एक और कमेंट में लिखा था, “इमरान हाशमी को बिना किसिंग सीन के देखना गैरकानूनी सा लगता है।” एक और कमेंट में लिखा था, “इमरान भाई, दिशा को किस कर लो ना, आलिया देख तो नहीं रही है ना। Awarapan2।”

एक और कमेंट में लिखा था, “मैंने अपनी मम्मी से कहा था कि हमें कुछ और देखना चाहिए क्योंकि इमरान हाशमी इस फिल्म में हैं। पता चला कि इसमें एक भी नॉर्मल किस सीन नहीं था, और कहानी तो वाकई बहुत अच्छी थी।”

‘उन्होंने खुद इसे कम किया और इससे दूर हो गए’

हालांकि, हर किसी ने किसिंग सीन न होने को नकारात्मक रूप से नहीं देखा। कुछ फैंस ने इस बात की सराहना की कि इमरान अपने करियर की शुरुआत में बनी अपनी छवि से आगे बढ़ चुके हैं। एक सोशल मीडिया यूज़र ने कमेंट कहा, “वह शादीशुदा हैं। उन्होंने खुद इसे कम किया और कामुक फिल्मों से दूर हो गए। कम से कम इसकी तो सराहना करें।” एक अन्य दर्शक ने बस इतना लिखा, “अच्छा है कि कोई किसिंग सीन नहीं है।”

अपनी इमेज बदलने पर इमरान हाशमी

एक पुरानी बातचीत में, इमरान ने ‘सीरियल किसर’ वाली इमेज से बाहर निकलने और इस बात पर चर्चा की कि कैसे यह आज भी उनके करियर से जुड़ी एक अहम बात बनी हुई है। उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, “होता यह है कि जब आपकी इमेज इतनी मज़बूत हो जाती है – खासकर भारत जैसे बहुत रूढ़िवादी समाज में – तो लोग उसे ही पकड़े रहते हैं। जैसे, अगर आप कुछ दिन पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोगों को देखें, तो वहां भी किस (kiss) को लेकर सवाल उठ ही गया। लेकिन भारत ऐसा ही है। लोग अभी भी उसी चीज़ में उलझे रहते हैं। आपको बस आगे बढ़कर खेलना होगा और अपनी वर्सटैलिटी (अलग-अलग तरह के रोल करने की काबिलियत) दिखाने के लिए कुछ करना होगा। बस बाहर निकलिए और जो काम आप कर रहे हैं, उसमें हिम्मत दिखाइए।”

पिछले कुछ सालों में, इमरान ने सोच-समझकर अलग-अलग तरह की फ़िल्मों और किरदारों में काम किया है, जिनमें ‘हक़’, ‘ग्राउंड ज़ीरो’, ‘चेहरे’, ‘सेल्फ़ी’ और दूसरी फ़िल्में शामिल हैं। ‘आवारापन 2’, 2007 की फ़िल्म ‘आवारापन’ का सीक्वल है। इसमें इमरान हाशमी, दिशा पाटनी और शबाना आज़मी हैं और इसे नितिन कक्कड़ ने डायरेक्ट किया है। यह फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर हिट रही है। अब तक भारत में इसकी कुल नेट कमाई ₹67.46 करोड़ रही है।