क्या कोई प्राइवेट कंपनी आपके ITR और EPFO डेटा को एक्सेस कर सकती है? जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा है

क्या प्राइवेट कंपनियां आपका इनकम टैक्स रिटर्न या प्रोविडेंट फंड रिकॉर्ड एक्सेस कर सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से उन आरोपों की जांच करने को कहा है जिनमें यह कहा गया है कि प्राइवेट वेरिफिकेशन कंपनियां लोगों के एंप्लॉयमेंट और फाइनेंशियल जानकारियां एक्सेस कर रही हैं और उनका व्यावसायिक इस्तेमाल कर रही हैं।

आईटीआर और ईपीएफओ को डेटा को संवेदनशील माना जाता है

सरकार ने एक जनहित याचिका पर यह निर्देश जारी किया है। इस याचिका में कहा गया है कि एक ऐसा कमर्शियल ईकोसिस्टम बना है, जिसमें EPFO/UAN Records और PAN से जुड़े फाइनेंशियल डेटा को प्राइवेट कंपनियां एक्सेस कर रही हैं। ऐसे डेटा को काफी संवेदनशील माना जाता है।

याचिकाकर्ता ने प्राइवेट कंपनियों के डेटा के एक्सेस पर सवाल उठाए हैं

सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि किसी कंपनी को ऐसी जानकारियां गैरकानूनी तरीके से एक्सेस करते नहीं पाया है। उसने यह भी नहीं कहा है कि प्राइवेट कंपनियों के पास लोगों के आईटीआर और ईपीएफओ रिकॉर्ड के इस्तेमाल की आजादी है। लेकिन, इस याचिका से एक बड़ा मसले को लेकर सवाल उठे हैं, जो करोड़ों भारतीयों से जुड़ा है।

डेटा एक्सेस के मसले से जुड़े तीन अहम सवाल सामने आए हैं

इस मसले से जुड़े कई सवाल हैं। पहला, सरकारी एजेंसियों के पास लोगों की जो व्यक्तिगत जानकारियां हैं, उनमें से किन जानकारियों का इस्तेमाल प्राइवेट कंपनियां कर सकती हैं? दूसरा, उनके इस्तेमाल का तरीका क्या होगा? तीसरा, क्या वे व्यक्ति विशेष से उसकी इन जानकारियों के इस्तेमाल की इजाजत लेती हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्तिगत जानकारियों के इस्तेमाल पर चिंता जताई है

सुप्रीम कोर्ट ने लोगों की संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारियों के कथित दुरुपयोग पर चिंता जताई है। उसने सरकार से इस मामले की जांच करने को कहा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने कहा कि सरकार इस समस्या पर लगाम लगाने के तरीके पर विचार कर सकती है। वह इस फील्ड के एक्सपर्ट्स की मदद ले सकती है।

याचिकाकर्ता ने कुछ प्राइवेट सर्विसेज के एडवर्टाइजमेंट पर सवाल उठाए हैं

याचिकाकर्ता ने अपनी शिकायत में उन प्राइवेट सर्विसेज का जिक्र किया है, जो कथित रूप से ‘ईपीएफओ पासबुक एपीआई’, ‘फॉर्म26 एपीआई’ और ‘इनकम टैक्स रिटर्न एपीआई’ जैसे प्रो़क्ट्स का विज्ञापन देती हैं। उन्होंने कहा है कि इससे यह सवाल उठता है कि ऐसी संवेदनशील जानकारियां कैसे हासिल या वेरिफाय की जा रही हैं।

Sainik School Vacancy 2026: संबलपुर सैनिक स्कूल में टीचिंग-नॉन टीचिंग स्टाफ की भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, आधिकारिक वेबसाइट पर देखें जानकारी

Sainik School Vacancy 2026: टीचिंग क्षेत्र में सरकारी नौकरी करने की इच्छा है, तो संबलपुर सैनिक स्कूल में आपके लिए अच्छा मौका हो सकता है। यहां टीचिंग और नॉन टीचिंग पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए पीजीटी, टीजीटी टीचर के साथ मैट्रन, आर्ट मास्टर, लैब असिस्टेंट और क्लर्क की नियुक्ति की जाएगी। संबलपुर सैनिक स्कूल में घोषित इन पदों पर नियमित और संविदा के आधार पर भर्तियां होंगी। स्कूल ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट sainikschoolsambalpur.edu.in पर इससे संबंधित विज्ञापन जारी किया है। खास बात यह है कि इन पदों के लिए 10वीं और 12वीं पास उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं।

संबलपुर सैनिक स्कूल में इस भर्ती के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं। फॉर्म ऑफलाइन भरकर स्कूल को स्पीड पोस्ट/रजिस्टर पोस्ट के माध्यम से पहुंचाना होगा। आवेदन पत्र भेजने की अंतिम तिथि 7 सितंबर 2026 तय की गई है। इस तारीख के बाद पहुंचे आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे और इनके लिए स्कूल की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। उम्मीदवार किसी भी सवाल के लिए स्कूल के नंबर 9692200674 पर संपर्क कर सकते हैं।

संबलपुर सैनिक स्कूल में आवेदन के इच्छुक जनरल/ओबीसी उम्मीदवारों को ₹500 आवेदन शुल्क भरना होगा। वहीं, एससी/एसटी कैंडिडेट्स को ₹250 फीस का भुगतान करना होगा। यह फीस प्रिंसिपल सैनिक स्कूल संबलपुर के अकाउंट में भरनी होगी। इसके बाद अपना फॉर्म, जरूरी डॉक्यूमेंट्स, एप्लिकेशन फीस रिसिप्ट को स्कूल के पते पर भेज दें। एड्रेस है- ‘प्रिंसिपल, सैनिक स्कूल संबलपुर, पीओ- बसंतपुर, पीएस-बुर्ला, वाया सीएस चिपलिमा, गौशाला के पास, जिला संबलपुर, ओडिशा-768025’

संबलपुर सैनिक स्कूल भर्ती 2026 : चयन प्रक्रिया

इस भर्ती में उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा, स्किल/प्रैक्टिस टेस्ट और इंटरव्यू में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। सभी कॉन्ट्रेक्चुअल पोस्ट के लिए भी तीन चरणों की चयन प्रक्रिया रखी गई है। इंटरव्यू/लिखित परीक्षा आदि की तारीख स्कूल की वेबसाइट पर सितंबर के दूसरे सप्ताह में अपलोड कर दी जाएंगी। इसी शेड्यूल के मुताबिक उम्मीदवारों को इन सभी में शामिल होना होगा।

सैलरी कितनी मिलेगी?

टीचिंग और नॉन टीचिंग सभी पोस्ट के लिए सैलरी का पे-लेवल भी अलग-अलग रखा गया है।

पीजीटी टीचर : पे लेवल-08, 7वें वेतन आयोग के आधार पर ₹47600-₹151100 प्रति माह तक वेतन मिलेगा। इसके अलावा डीए और अन्य भत्ते भी देय होंगे।

टीजीटी टीचर : पे लेवल-07, 7वें वेतन आयोग के आधार पर ₹44,900-₹1,42,400 तक मंथली सैलरी मिलेगी। अन्य भत्ते भी दिए जाएंगे।

पीईएम/पीटीआई कम मैट्रन : 40,000/- प्रति माह

आर्ट मास्टर : ₹70,500/- प्रति माह

लैब असिस्टेंट : ₹30,000/- प्रति माह

लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC): ₹30,000/- प्रति माह

UPSC EPFO APFC Recruitment 2026: ईपीएफओ एपीएफसी भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, जानें योग्यता और आवेदन की लास्ट डेट

मुसीबत में कौन सा फंड देगा आपका साथ? जानिए EPF, NPS, PPF और म्यूचुअल फंड्स से निकासी की पूरी टाइमलाइन

Retirement Options Withdrawal Timelines: रिटायरमेंट फंड या लंबी अवधि का पोर्टफोलियो बनाते समय हम अक्सर सिर्फ ब्याज दर या मिलने वाले रिटर्न पर ध्यान देते हैं। लेकिन इमरजेंसी के समय सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह होता है कि रिडेम्पशन या विदड्रॉल रिक्वेस्ट डालने के बाद पैसा आपके बैंक खाते में कितनी जल्दी आता है?

कुछ ऑप्शन जहां 24 से 48 घंटे में पैसे ट्रांसफर कर देते हैं, वहीं कुछ में हफ्तों का समय लग जाता है। आनंद राठी वेल्थ लिमिटेड के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर जसमीत सिंह के मुताबिक, ‘लिक्विड और इलिक्विड इंस्ट्रूमेंट्स के अंतर को समझना जरूरी है। क्योंकि हर निवेश तुरंत पैसे देने के लिए नहीं बना होता।’

आइए जानते हैं भारत के 4 सबसे लोकप्रिय निवेश विकल्पों EPF, NPS, PPF और Mutual Funds की निकासी टाइमलाइन और उनके नियमों का पूरा गणित।

1. Mutual Funds: सबसे तेज और आसान निकासी (1 से 3 दिन)

अगर आपको तुरंत और बिना किसी शर्त के पैसे की जरूरत है, तो ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड सबसे बेहतर विकल्प साबित होते हैं। लिक्विड और ओवरनाइट फंड्स का पैसा कट-ऑफ टाइम के आधार पर T+1 (अगले वर्किंग डे) या उसी दिन क्रेडिट हो जाता है। इक्विटी और अन्य डेट फंड्स का पैसा 1 से 3 कार्य दिवसों (T+1 to T+3) में बैंक अकाउंट में आ जाता है।

इसमें पैसा निकालने के लिए किसी विशेष कारण (जैसे- बीमारी, शादी या पढ़ाई) की आवश्यकता नहीं होती। वैसे ये मार्केट-लिंक्ड होते हैं, इसलिए NAV में उतार-चढ़ाव का जोखिम बना रहता है।

2. NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम): T+2 सेटलमेंट टाइमलाइन

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में क्लेम प्रोसेसिंग की समयसीमा को काफी सुधारा गया है। सितंबर 2022 से PFRDA ने NPS एग्जिट विदड्रॉल की समयसीमा T+4 से घटाकर T+2 (2 सेटलमेंट डेज) कर दी है। हालांकि, पूरा फंड ट्रांसफर होने की प्रक्रिया में एन्युटी खरीदने के नियम भी लागू होते हैं।

एनपीएस टियर-1 खाते से आप केवल अपने योगदान का अधिकतम 25% ही निकाल सकते हैं। इसके लिए विशिष्ट कारणों (जैसे- बीमारी, घर, बच्चों की पढ़ाई) का होना अनिवार्य है।

3. कर्मचारी भविष्य निधि(EPF): 3 दिन से 20 दिन की समयसीमा

जून 2026 में लागू नए कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026 के तहत ईपीएफओ ने क्लेम सेटलमेंट के नियमों को सख्त और तेज किया है। पूरी तरह से सही पाए गए क्लेम को निपटाने के लिए 20 दिनों की वैधानिक समयसीमा तय की गई है। अगर बिना किसी कारण 20 दिनों से अधिक देरी होती है, तो कमिश्नर के वेतन से 12% वार्षिक ब्याज की दर से हर्जाना वसूला जा सकता है। ऑनलाइन और ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए योग्य क्लेम 3 से 5 दिनों में सेटल हो जाते हैं।

ईपीएफ से केवल तय कारणों जैसे- मेडिकल, शादी, घर आदि के लिए ही आंशिक निकासी संभव है। अगर आधार-UAN लिंकिंग या एंप्लॉयर वेरिफिकेशन में कोई गड़बड़ी हो, तो पैसे आने में 2 से 3 हफ्ते का समय लग सकता है।

4. पब्लिक प्रॉविडेंट फंड(PPF): कोई निश्चित T+2 वादा नहीं

पब्लिक प्रॉविडेंट फंड में पैसा निकालने की कोई केंद्रीय ऑनलाइन T+1 या T+2 व्यवस्था नहीं है। आवेदन करने के बाद बैंक या पोस्ट ऑफिस की आंतरिक प्रक्रिया के आधार पर 2 से 5 कार्य दिवसों में पैसा अकाउंट में आता है। पीपीएफ में 5 वित्तीय वर्ष पूरे होने के बाद ही साल में केवल एक बार आंशिक निकासी की अनुमति होती है, जो कि पात्र बैलेंस के एक तय हिस्से तक ही सीमित रहती है।

EPF vs NPS vs PPF vs Mutual Funds किसमें कितना समय और कितनी छूट?

EPF vs NPS vs PPF vs Mutual Funds किसमें कितना समय और कितनी छूट?

एक्सपर्ट्स की ये है सबसे जरूरी सलाह

रिटायरमेंट पोर्टफोलियो बनाते समय केवल एक ही इंस्ट्रूमेंट पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। आनंद राठी वेल्थ के जसमीत सिंह सलाह देते हैं कि, ‘निवेशकों को अपने कम से कम 6 महीने के खर्च का इमरजेंसी फंड आसानी से सुलभ विकल्पों जैसे लिक्विड म्यूचुअल फंड या बैंक एफडी में रखना चाहिए, ताकि अनिश्चितता के समय लंबे समय के लिए किए गए EPF, PPF या NPS निवेश को समय से पहले न तोड़ना पड़े।’

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

EPF: इंटरेस्ट का पैसा आपके ईपीएफ अकाउंट में नहीं आया है? जानिए क्या है वजह

ईपीएफओ ने सब्सक्राइबर्स के अकाउंट में इंटरेस्ट का पैसा भेजना शुरू कर दिया है। यह पैसा वित्त वर्ष 2025-26 का है। सरकार ने इससे पहले ईपीएफओ के सब्सक्राइबर्स के ईपीएफ अकाउंट में जमा पैसे पर 8.25 फीसदी इंटरेस्ट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसका फायदा ईपीएफओ के करोड़ों सब्सक्राइबर्स को मिलेगा।

कई सब्सक्राइबर्स को अभी मैसेज नहीं आया है

एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) ने एक हफ्ते से ज्यादा पहले इंटरेस्ट का पैसा ट्रांसफर करना शुरू किया था। सब्सक्राइबर्स को इसकी जानकारी एसएमएस के जरिए मिल रही है। कई सब्सक्राइबर्स को इंटरेस्ट ट्रांसफर के मैसेज आ चुके हैं। कई सब्सक्राइबर्स को अभी इंटरेस्ट ट्रांसफर के एसएमएस नहीं आए हैं।

ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स को बैचेज में ट्रांसफर कर रहा

जिन सब्सक्राइबर्स को इंटरेस्ट ट्रांसफर के एसएमएस नहीं आए हैं, वे चिंतित हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे सब्सक्राइबर्स को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसकी वजह यह है कि ईपीएफओ एक बार सभी सब्सक्राइबर्स के अकाउंट के पैसे ट्रांसफर करने की जगह चरणों में इंटरेस्ट का पैसा ट्रांसफर कर रहा है।

जल्द बाकी सब्सक्राइबर्स को भी पैसे ट्रांसफर हो जाएंगे

अलग-अलग बैच में पैसे ट्रांसफर होने से कई सब्सक्राइबर्स के अकाउंट में पैसे आने में समय लग सकता है। जिन सब्सक्राइबर्स के अकाउंट में इंटरेस्ट का पैसा नहीं आया है, उन्हें इंतजार करना होगा। जल्द उन्हें इसका एसएमएस मिल जाएगा। कई सब्सक्राइबर्स ने अब तक एसएमएस नहीं मिलने की जानकारी दी है।

ईपीएफओ के पोर्टल से शिकायत की जा सकती है

गुरुग्राम के सीए अभिषेक अनेजा ने कहा, “यदि किसी सदस्य के ईपीएफ खाते में ब्याज अभी तक दिखाई नहीं दे रहा है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। अपना ईपीएफ पासबुक, यूएएन, केवाईसी और नियोक्ता द्वारा किए गए अंशदान की स्थिति की जांच करें। यदि इसके बाद भी ब्याज अपडेट नहीं होता है, तो ईपीएफओ के ऑनलाइन शिकायत निवारण पोर्टल या क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।”

यह भी पढ़ें: EPF: क्या पुराने ईपीएफ अकाउंट को भूल गए हैं? ईपीएफओ के नए ई पोर्टल से हो जाएगा ट्रैक

पूरे वित्त वर्ष के इंटरेस्ट का पैसा एक बार में होता है ट्रांसफर 

ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स के ईपीएफ अकाउंट में जमा पैसे पर पूरे वित्त वर्ष का इंटरेस्ट ट्रांसफर करता है। इस साल ईपीएफओ ने पिछले साल के मुकाबले जल्द इंटरेस्ट का पैसा ट्रांसफर करना शुरू किया है। जिन सब्सक्राइबर्स के अकाउंट में अभी इंटरेस्ट क्रेडिट नहीं हुआ है, उन्हें इंतजार करना चाहिए। इंतजार के बाद भी पैसा नहीं आने पर इसकी शिकायत ईपीएफओ की वेबसाइट के जरिए की जा सकती है।

EPFO: खुशखबरी! ईपीएफओ ने सब्सक्राइबर्स के अकाउंट में इंटरेस्ट का पैसा ट्रांसफर किया, अपना पीएफ बैलेंस ऐसे चेक करें

EPFO: एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) ने इंटरेस्ट का पैसा सब्सक्राइबर्स के ईपीएफ अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया है। यह वित्त वर्ष 2025-26 का इंटरेस्ट है। सरकार ने पिछले वित्त वर्ष में पीएफ बैलेंस पर 8.25 फीसदी इंटरेस्ट को मंजूरी दे दी थी। इसके बाद से प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले लोग अपने ईपीएफ अकाउंट में इंटरेस्ट अमाउंट क्रेडिट होने का इंतजार कर रहे थे।

सब्सक्राइबर्स को आ रहे इंटरेस्ट क्रेडिट होने के एसएमएस

ईपीएफ के कई सब्सक्राइबर्स को इंटरेस्ट अमाउंट क्रेडिट होने के एसएमएस आए हैं। उनमें बताया गया है कि FY26 के इंटरेस्ट का पैसा उनके अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया गया है। हालांकि, इस बात की संभावना है कि इंटरेस्ट ट्रांसफर अलर्ट मिलने के बावजूद आपके ईपीएफ में तुरंत रिवाइज्ड बैलेंस नहीं दिखे। इसकी वजह यह है कि EPFO अभी करोड़ों सब्सक्राइबर्स के अकाउंट्स को अपडेट कर रहा है। इसलिए आपके अकाउंट में आया पैसे दिखने में समय लग सकता है।

34 करोड़ ईपीएफ अकाउंट्स में 1.44 लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर होंगे

ईपीएफओ को करीब 34 करोड़ ईपीएफ अकाउंट्स में सालाना इंटरेस्ट के करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये ट्रांसफ करने हैं। इस साल पिछले साल के मुकाबले इंटरेस्ट ट्रांसफर का प्रोसेस जल्द पूरा हुआ है। इसकी वजह ईपीएफओ की नई सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेबल्ड सिस्टम (CITES) प्लेटफॉर्म है। इसके चलते इंटरेस्ट ट्रांसफर का प्रोसेस ऑटोमेटेड हो गया है।

सब्सक्राइबर्स अपने रिवाइज्ड ईपीएफ बैलेंस को ऐसे चेक कर सकते हैं

ईपीएफए के सब्सक्राइबर्स अपने ईपीएफ अकाउंट में इंटरेस्ट के रिवाइज्ड बैलेंस को चेक कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें ईपीएफओ के मेंबर पासबुक पोर्टल पर लॉग-इन करना होगा। इसके लिए UAN और पासवर्ड होना जरूरी है। आपको पोर्टल पर लॉग-इन करने के बाद ‘व्यू पासबुक’ को सेलेक्ट करना होगा। इसके बाद आपको ईपीएफ बैलेंस और इंटरेस्ट अमाउंट की एंट्री दिखेगी।

ईपीएफ अकाउंट में इंटरेस्ट ट्रांसफर की एंट्री दिखने में समय लग सकता है

अगर आपके ईपीएफ अकाउंट में तुरंत इंटरेस्ट अमाउंट की एंट्री नहीं दिखती है तो इससे घबराने की जरूरत नहीं है। ईपीएफओ कई चरणों में अकाउंट को अपडेट करता है। इसलिए सभी सब्सक्राईबर्स के ईपीएफ अकाउंट अपडेट होने में थोड़ा समय लग सकता है।

सब्सक्राइबर्स ईपीएफ अकाउंट बैलेंस का 75 फीसदी निकाल सकते हैं

सब्सक्राइबर्स उमंग ऐप के जरिए भी अपना ईपीएफ बैलेंस चेक कर सकते हैं। लेकिन, अभी मेंटेनेंस की वजह से इस ऐप का ईपीएफ बैलेंस फीचर काम नहीं कर रहा है। ईपीएफओ ने सब्सक्राइबर्स से जुड़ी सभी सेवाओं को ऑनलाइन बना दिया है। साथ ही विड्रॉल के नियमों में भी बदलाव किया गया है। ईपीएफ स्कीम, 2026 के तहत अपने ईपीएफ बैलेंस का 75 फीसदी तक निकाल सकते हैं।

EPFO UAN Retrieval: भूल गए हैं अपना UAN नंबर? जानिए पोर्टल और उमंग ऐप से रिकवर करने का स्टेप-बाय-स्टेप आसान तरीका

How to Find Forgotten UAN Number: कर्मचारी भविष्य निधि देश के नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट फंड बनाने का एक सुरक्षित जरिया है। पीएफ खाते में जमा पैसे की जानकारी रखने, पासबुक देखने या क्लेम करने के लिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। अक्सर कई लोग नौकरी बदलने या लंबा समय बीत जाने के बाद अपना UAN नंबर भूल जाते हैं।

अगर आप भी अपना यूएएन (UAN) भूल गए हैं, तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है। आप ईपीएफओ (EPFO) के आधिकारिक पोर्टल और उमंग मोबाइल ऐप की मदद से मिनटों में इसे रिकवर कर सकते हैं। आइए आपको बताते हैं इसका पूरा स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस।

EPFO पोर्टल के जरिए कैसे खोजें अपना UAN?

ईपीएफओ के मेंबर सेवा पोर्टल से UAN नंबर खोजने की प्रक्रिया बहुत आसान है:

  • वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले ईपीएफओ के आधिकारिक मेंबर पोर्टल पर जाएं और ‘Know Your UAN’ विकल्प पर क्लिक करें।
  • मोबाइल नंबर दर्ज करें: अपना आधार से लिंक मोबाइल नंबर और कैप्चा दर्ज करें, फिर ‘Request OTP’ पर क्लिक करें।
  • ओटीपी दर्ज करें: आपके मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) को भरकर सबमिट करें।
  • पहचान पत्र चुनें: अब अपनी पहचान के लिए आधार, पैन या मेंबर आईडी में से किसी एक को चुनें और मांगी गई जानकारी दर्ज करें।
  • विवरण सबमिट करें: अपना नाम, जन्मतिथि और कैप्चा भरकर ‘Show My UAN’ पर क्लिक करें। आपका UAN नंबर स्क्रीन पर दिख जाएगा और एसएमएस के जरिए भी भेज दिया जाएगा।

Umang App से UAN रिकवर करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

  1. अपने फोन में Umang App खोलें और सर्च बार में ‘EPFO’ टाइप करें।
  2. ‘Employee Centric Services’ में जाकर ‘Know Your UAN’ विकल्प पर क्लिक करें।
  3. अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें और ओटीपी के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करें।
  4. पहचान का माध्यम (आधार, पैन या मेंबर आईडी) चुनें।
  5. अपना नाम और जन्मतिथि दर्ज करें।
  6. ‘Show My UAN’ पर क्लिक करते ही आपका यूएएन नंबर स्क्रीन पर आ जाएगा।

सिर्फ पुराना PF नंबर है तो UAN कैसे निकालें?

अगर आपके पास आधार या पैन लिंक नहीं है और केवल पुराना पीएफ नंबर है, तो उमंग ऐप या पोर्टल के जरिए:

  • ‘Know Your UAN’ सेक्शन में जाएं।
  • पहचान के विकल्पों में ‘Member ID’ को चुनें।
  • अपनी पुरानी मेंबर आईडी (PF Number), ईपीएफओ रिकॉर्ड के अनुसार सही नाम और जन्मतिथि दर्ज करें।
  • प्रक्रिया पूरी होते ही आपका UAN जेनरेट या रिकवर हो जाएगा।

‘ORA-20001’ एरर आए तो क्या करें?

अगर प्रक्रिया के दौरान स्क्रीन पर ‘ORA-20001–demographic details do not match’ का मैसेज आता है, तो इसका मतलब है कि आपके आधार कार्ड और ईपीएफओ के रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी मैच नहीं कर रही है। यह अंतर आपके नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि या जेंडर में हो सकता है। ऐसी स्थिति में आपको पहले अपने एंप्लॉयर या ईपीएफओ के जरिए अपने प्रोफाइल में करेक्शन कराना होगा, जिसके बाद ही UAN रिकवर हो पाएगा।

₹12 करोड़ से बने ₹700 करोड़, जानिए Myntra के मुकेश बंसल ने 8 साल में कैसे 60 गुना रिटर्न कमाया

18 जुलाई 2026 को श्रीहरिकोटा से Vikram-1 रॉकेट ने उड़ान भरी। यह सिर्फ एक लॉन्च नहीं था, बल्कि भारत की पहली निजी कंपनी का सफल ऑर्बिटल लॉन्च था। इसके साथ ही Skyroot Aerospace ने इतिहास रच दिया। लेकिन इस सफलता की कहानी करोड़ों की लैब से नहीं, बल्कि हैदराबाद के एक छोटे से ऑफिस से शुरू हुई थी।

सरकारी नौकरी छोड़कर लगा दिया दांव

साल 2017 में पवन कुमार चंदाना और नागा भरत डाका ISRO में वैज्ञानिक थे। इसी दौरान उन्होंने Space Activities Bill का ड्राफ्ट पढ़ा। उन्हें लगा कि आने वाले समय में निजी कंपनियों को भी रॉकेट बनाने और लॉन्च करने का मौका मिल सकता है। दोनों ने जोखिम उठाया, सरकारी नौकरी छोड़ी और 2018 में Skyroot Aerospace की शुरुआत कर दी।

उस समय भारत का स्पेस सेक्टर लगभग पूरी तरह सरकार के हाथ में था। इसलिए निवेशकों को भी इस आइडिया पर भरोसा नहीं था। ज्यादातर लोगों को लगता था कि किसी भारतीय स्टार्टअप के लिए रॉकेट लॉन्च करना सिर्फ सपना है।

जब किसी ने भरोसा नहीं किया

ऐसे समय में Myntra और Cult.fit के फाउंडर मुकेश बंसल कंपनी के साथ खड़े हुए। उन्होंने 2018 में Skyroot में पहला निवेश किया। उस समय कोई बड़ा वेंचर कैपिटल फंड कंपनी में पैसा लगाने को तैयार नहीं था।

Tracxn के मुताबिक, मुकेश बंसल ने अलग-अलग फंडिंग राउंड में करीब 13 लाख डॉलर, यानी लगभग ₹12 करोड़ लगाए। लंबे समय तक वही कंपनी के इकलौते एंजेल निवेशक रहे। उन्होंने उस स्टार्टअप पर दांव लगाया, जिसके भविष्य को लेकर किसी के पास भरोसेमंद जवाब नहीं था।

2020 में बदल गई तस्वीर

साल 2020 में सरकार ने स्पेस सेक्टर निजी कंपनियों के लिए खोल दिया। इसके बाद Skyroot की रफ्तार बदल गई। बड़े निवेशक जुड़ने लगे और कंपनी को तेजी से फंडिंग मिलने लगी।

नवंबर 2022 में कंपनी ने Vikram-S लॉन्च किया। यह अंतरिक्ष तक पहुंचने वाला भारत का पहला निजी रॉकेट बना। इसके बाद मई 2026 में Skyroot ने करीब 570 करोड़ रुपये जुटाए और 1.1 अरब डॉलर के वैल्यूएशन के साथ भारत की पहली स्पेसटेक यूनिकॉर्न बन गई।

₹12 करोड़ से बन गए ₹700 करोड़

मुकेश बंसल का शुरुआती भरोसा अब बड़ी कमाई में बदल चुका है। Tracxn के मुताबिक, उनके पास अभी भी Skyroot में 5.7% हिस्सेदारी है, जिसकी मौजूदा कीमत 600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसके अलावा वह अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचकर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा पहले ही निकाल चुके हैं।

यानी उनकी बची हिस्सेदारी और अब तक की कमाई को जोड़ दें तो उनकी कुल वैल्यू 700 करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुकी है। दूसरे शब्दों में कहें तो करीब ₹12 करोड़ का निवेश लगभग 60 गुना बढ़ गया।

सिर्फ एक कंपनी नहीं, पूरे सेक्टर की कहानी

Skyroot की सफलता सिर्फ एक स्टार्टअप की सफलता नहीं है। यह भारत के स्पेस सेक्टर में आए बड़े बदलाव की भी कहानी है। सरकार के दरवाजे खोलने के बाद देश में स्पेस स्टार्टअप्स की संख्या 2014 में सिर्फ एक से बढ़कर 2026 में 400 से ज्यादा हो गई है।

सरकार का लक्ष्य 2033 तक भारत की स्पेस इकोनॉमी को 8.4 अरब डॉलर से बढ़ाकर 44 अरब डॉलर तक पहुंचाने का है। Skyroot की उड़ान इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल बन चुकी है।

मुकेश बंसल का सबसे बड़ा दांव

मुकेश बंसल पहले Myntra के जरिए फैशन ई-कॉमर्स और फिर Cult.fit के जरिए फिटनेस सेक्टर में अपनी पहचान बना चुके थे। लेकिन Skyroot में किया गया निवेश अलग था।

यह सिर्फ किसी स्टार्टअप में पैसा लगाना नहीं था, बल्कि भारत के निजी अंतरिक्ष कार्यक्रम के भविष्य पर जताया गया भरोसा था। आज वही भरोसा भारतीय स्पेस सेक्टर की सबसे बड़ी सफलता की कहानियों में गिना जा रहा है।

नौकरी 10 साल से पहले छोड़ने पर आपके EPS का क्या होगा? जानिए ईपीएफओ का नियम क्या है

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।