Petrol Diesel Price Today: आज के पेट्रोल-डीजल रेट हुए जारी, देखें आपके शहर का भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 19 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.21 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.78 रुपये | डीजल 99.56 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.97 रुपये | डीजल 95.64 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 101.96 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 111.37 रुपये | डीजल 99.26 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.63 रुपये | डीजल 96.07 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन रह सकता है दमदार

भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में शानदार रह सकता है। स्ट्रॉन्ग ग्रोथ, लगातार अच्छा कैपिटल एक्सपेंडिचर और क्रेडिट एक्सपैंशन इसकी वजह होगी। हालांकि, इनफ्लेशन बढ़ने से इंटरेस्ट रेट में इजाफा हो सकता है। एललामा की रिपोर्ट में यह कहा गया है।

चुनौतियों की बीच इकोनॉमिक ग्रोथ 7.8 फीसदी

इस रिपोर्ट में इनफ्लेशन बढ़ने की आशंका जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने ऑयल की दोगुनी कीमतों को बर्दाश्त किया है। महंगे ऑयल के बावजूद 7.8 फीसदी ग्रोथ बनाए रखी है। भारतीय इकोनॉमी ज्यादातर दूसरी बड़ी इकोनॉमीज के मुकाबले मजबूत है। 7.8 फीसदी जीडीपी ग्रोथ के साथ ही मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 59.3 है।

निफ्टी की वैल्यूएशन 10 साल के एवरेज के मुकाबले कम

इनफ्लेशन को चिंता की वजह बताते हुए इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इनफ्लेशन बढ़ने के 9-15 महीनों के दौरान मार्केट में तेजी दिखी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि निफ्टी अपने 10 साल के एवरेज 18.6 के पी/ई के मुकाबले 17.7 पी/ई पर आ गया है। इस हिसाब से महंगे बाजारों के मुकाबले भारतीय बाजार सस्ता है।

घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से बाजार को मिला सहारा

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने इस साल भारतीय शेयर बाजारों में अब तक 29 अरब डॉलर की बिकवाली की है। इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 45.5 अरब डॉलर का निवेश किया है। इस रिपोर्ट में एनर्जी, मेटल्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, डिफेंस, फार्मास्युटिकल्स, ऑटोमोबाइल्स के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई गई है।

बाजार के लिए ये हैं कुछ बड़े रिस्क

रिपोर्ट में कहा गया है कि तेल की कीमतों में तेज उछाल, आरबीआई के उम्मीद से पहले इंटरेस्ट रेट में वृद्धि और जल्द डिसइनफ्लेशन जैसे रिस्क बने हुए हैं। ऐसे में रियल एस्टेट और साइक्लिकल्स में ओवरवेट बने रहना ठीक होगा। जुलाई में विदेशी संस्थागत निवेशकों का रुख भारत को लेकर बदला है। उन्होंने भारत में बिकवाली से ज्यादा खरीदारी की है।

यह भी पढ़ें: इस डिफेंस स्टॉक ने नागपुर की नुवाल फैमिली को बना दिया 1.2 लाख करोड़ रुपये का मालिक

17 जुलाई को प्रमुख सूचकाकों में जोरदार तेजी

अमेरिका-ईरान के बीच फिर से लड़ाई शुरू होने और क्रूड में उछाल के बावजूद भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट नहीं दिखी है। 17 जुलाई को सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार तेजी दिखी। निफ्टी 1.09 फीसदी यानी 261.55 फीसदी चढ़कर 24,334 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.25 फीसदी यानी 964 अंक के उछाल के साथ 78,151 पर क्लोज हुआ।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

किचन में कुत्ते की एक मासूम हरकत बनी बड़ी तबाही! टोस्टर ऑन होते ही जल उठा पूरा घर, 3 पालतू जानवरों की मौत [VIDEO]

पालतू जानवर परिवार का हिस्सा होते हैं, लेकिन उनकी एक अनजानी हरकत भी कभी-कभी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। अमेरिका के Maryland में ऐसा ही एक दर्दनाक मामला सामने आया, जहां घर में अकेले छोड़े गए एक पालतू कुत्ते ने गलती से टोस्टर (Toaster) ऑन कर दिया। देखते ही देखते पूरे घर में आग लग गई। इस हादसे में परिवार के तीन पालतू जानवरों की मौत हो गई, जबकि घर को लाखों रुपये का नुकसान हुआ।

 

यह घटना 10 जुलाई को Belcamp, Maryland के एक घर में हुई। उस समय घर के मालिक बाहर गए हुए थे और अंदर केवल उनके पालतू कुत्ते और बिल्लियां मौजूद थीं। बाद में घर में लगे Ring Security Camera की फुटेज ने आग लगने की पूरी वजह सामने ला दी।

 

कैसे लगी आग? CCTV में कैद हुई पूरी घटना

 

जांच में सामने आया कि परिवार का पालतू कुत्ता Bo खेलते-खेलते किचन के काउंटर पर चढ़ गया। काउंटर पर रखा टोस्टर पहले से बिजली के प्लग में लगा हुआ था। कुत्ते के शरीर के संपर्क में आने से टोस्टर का स्विच ऑन हो गया।

 

कुछ ही देर में टोस्टर गर्म होने लगा और उसके आसपास रखा ज्वलनशील सामान आग की चपेट में आ गया। देखते ही देखते आग ने पूरे किचन और फिर घर के बाकी हिस्सों को अपनी गिरफ्त में ले लिया।

 

फायर अधिकारियों ने सुरक्षा कैमरे की फुटेज देखने के बाद स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह एक दुर्घटना थी और आग लगने की वजह गलती से चालू हुआ टोस्टर था।

दो पालतू जानवर बच गए, तीन की चली गई जान

 

आग लगते ही आसपास के लोगों ने धुआं उठता देखा और तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। पड़ोसियों ने बहादुरी दिखाते हुए दो कुत्तों Bo और Addie को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

 

हालांकि तीसरे कुत्ते Dakota और परिवार की दो बिल्लियां आग और धुएं में फंस गईं। उन्हें बचाया नहीं जा सका और उनकी मौत हो गई।

 

सूचना मिलते ही करीब 30 दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और लगभग 20 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अधिकारियों के अनुसार, घर की संरचना को करीब 1.5 लाख डॉलर और अंदर रखे सामान को करीब 50 हजार डॉलर का नुकसान हुआ।

 

हर साल पालतू जानवरों की वजह से लगती हैं सैकड़ों आग

 

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हादसे बेहद दुर्लभ नहीं हैं। National Fire Protection Association (NFPA) के मुताबिक, अमेरिका में हर साल करीब 1,000 घरों में पालतू जानवरों की वजह से आग लग जाती है।** कई बार कुत्ते या बिल्लियां गलती से स्टोव, टोस्टर या दूसरे किचन उपकरण चालू कर देते हैं। वहीं मोमबत्तियां गिरने या बिजली के तारों को नुकसान पहुंचने से भी आग लगने के मामले सामने आते हैं।

 

NFPA का अनुमान है कि हर साल करीब 5 लाख पालतू जानवर किसी न किसी रूप में घर में लगी आग से प्रभावित होते हैं।

 

ऐसे हादसों से कैसे बचें?

 

फायर सेफ्टी एक्सपर्ट्स लोगों को सलाह देते हैं कि घर से बाहर निकलते समय टोस्टर, ओवन और दूसरे इलेक्ट्रिक किचन उपकरणों का प्लग जरूर निकाल दें। किचन काउंटर पर ज्वलनशील सामान न रखें और जहां पालतू जानवर हों वहां स्टोव नॉब कवर या अन्य सुरक्षा उपायों का इस्तेमाल करें।

 

इसके अलावा घर में स्मोक अलार्म सही स्थिति में होना भी बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते अलर्ट मिल सके और जान-माल का नुकसान कम किया जा सके।

IPOs This Week: 20 जुलाई से शुरू हफ्ते में खुलेंगे 5 नए इश्यू, 5 कंपनियां होंगी लिस्ट

20 जुलाई से शुरू हफ्ते में देश में 5 नए IPO खुलने जा रहे हैं। इनमें से 2 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 2 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। इनमें से एक मेनबोर्ड है। शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली नई कंपनियों की बात करें तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 5 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए खुल रहे IPO

Gulf Lloyds IPO: ₹18.19 करोड़ का इश्यू 20 जुलाई को खुल रहा है और 22 जुलाई को बंद होगा। IPO प्राइस ₹100 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1200 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 23 जुलाई को फाइनल हो सकता है, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग BSE SME पर 27 जुलाई को हो सकती है।

Metalic Technoforge IPO: ₹49.96 करोड़ का इश्यू 21 जुलाई को खुलेगा। इसमें ₹72-₹77 प्रति शेयर के भाव पर और 1600 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। इश्यू की क्लोजिंग 23 जुलाई को होगी। अलॉटमेंट 24 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी NSE SME पर 28 जुलाई को लिस्ट होने वाली है।

Cube Highways Trust InvIT: यह 22 जुलाई को ओपन होगा और 24 जुलाई को क्लोजिंग होगी। कंपनी ₹5000 करोड़ जुटाना चाहती है। प्राइस बैंड ₹151-₹152 प्रति शेयर है। अलॉटमेंट 27 जुलाई को फाइनल हो सकता है। यूनिट्स की लिस्टिंग NSE और BSE पर 29 जुलाई को होने की उम्मीद है।

Shree Balaji Mala IPO: ₹18.90 करोड़ का पब्लिक इश्यू 22 जुलाई को खुल रहा है। इसमें ₹66-₹70 प्रति शेयर के भाव पर और 2,000 शेयरों के लॉट में 24 जुलाई तक पैसे लगा सकते हैं। IPO के बंद होने के बाद अलॉटमेंट 27 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 29 जुलाई को सकती है।

Xtranet Technologies IPO: मेनबोर्ड सेगमेंट में ₹166.80 करोड़ का इश्यू 23 जुलाई को खुलेगा। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹120-₹127 प्रति शेयर और लॉट साइज 110 शेयर है। क्लोजिंग 27 जुलाई को होगी, जिसके बाद अलॉटमेंट 28 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 30 जुलाई को शुरुआत कर सकते हैं।

Zepto IPO: नॉर्जेज, मोतीलाल ओसवाल इश्यू में करेंगी 80 करोड़ डॉलर निवेश, लिस्टिंग बाद वैल्यूएशन 5.1 अरब डॉलर

पहले से खुले IPO

Sotefin Bharat IPO: ₹89.76 करोड़ का इश्यू 16 जुलाई को खुला था और 20 जुलाई को बंद होगा। इसे अभी तक 80 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है। प्राइस बैंड ₹178-₹187 प्रति शेयर और लॉट साइज 600 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 21 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी की ​लिस्टिंग BSE SME पर 23 जुलाई को सकती है।

Caliber Mining IPO: यह इश्यू ₹450 करोड़ का है। यह 17 जुलाई को खुला था और अभी तक 1.31 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹402-₹424 प्रति शेयर और लॉट साइज 35 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 21 जुलाई को होगी, जिसके बाद अलॉटमेंट 22 जुलाई को फाइनल होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 24 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 21 जुलाई को मेनबोर्ड सेगमेंट में NSE और BSE पर SBI Funds Management और Alpine Texworld की लिस्टिंग होगी। इसी दिन BSE SME पर Millworks Technologies के शेयर लिस्ट हो सकते हैं। 23 जुलाई को BSE SME पर Sotefin Bharat के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। 24 जुलाई को NSE और BSE पर Caliber Mining के लिस्ट होने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Apple का मार्केट कैप पहुंचा $4.88 लाख करोड़ पर, Nvidia को पछाड़कर बनी दुनिया की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी

शुक्रवार को iPhone मेकर एपल (Apple) ने चिपमेकर एनवीडिया (Nvidia) को पीछे छोड़कर दुनिया की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी का दर्जा हासिल कर लिया। रॉयटर्स के मुताबिक, Apple की वैल्यूएशन 4.88 लाख करोड़ डॉलर रही, शेयर स्थिर रहे। वहीं Nvidia की वैल्यूएशन, शेयरों में 3.5% की गिरावट के बाद लगभग 4.86 लाख करोड़ डॉलर थी। रैंकिंग में यह बदलाव दिखाता है कि निवेशक अब AI यानि कि आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस के दौर में सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाली कंपनियों से आगे बढ़कर भी सोच रहे हैं।

Apple ने पिछले साल अप्रैल के बाद पहली बार यह पोजिशन हासिल की है। Nvidia लगभग एक साल से दुनिया की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी बनी हुई थी। इसने जून 2025 में माइक्रोसॉफ्ट को पीछे छोड़कर यह टॉप रैंक हासिल की थी। Nvidia अक्टूबर 2025 में 5 लाख करोड़ डॉलर की मार्केट वैल्यूएशन को पार करने वाली दुनिया की पहली कंपनी बनी। इस उपलब्धि ने कंपनी को एक ऐसे मुकाम पर पहुंचा दिया, जो उसके प्रतिस्पर्धियों की पहुंच से बहुत दूर था।

स्थायी नहीं है ये रैंकिंग

Apple से पीछे छूट जाने का मतलब यह नहीं है कि कंपनियों की रैंकिंग में कोई स्थायी बदलाव आ गया है। Nvidia AI से जुड़े खर्चों का बड़ा फायदा उठा रही है। अगर लोगों की सोच बदलती है, तो यह फिर से टॉप पर आ सकती है। इसके अलावा, Apple खुद भी एक मुश्किल स्थिति में है। कंपनी ने बढ़ती लागत की भरपाई के लिए डिवाइसेज की कीमतें बढ़ाई हैं। इस रणनीति का मांग पर बुरा असर पड़ सकता है।

इस साल जून महीने में Apple ने दुनिया भर में MacBooks और iPads की कीमतें 25% तक बढ़ा दीं। CNBC के मुताबिक, Apple के शेयरों में इस साल अब तक लगभग 22-23% की तेजी देखने को मिली है। वहीं Nvidia के शेयर करीब 7% बढ़े हैं।

Reliance Industries Q1 Results: रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार की उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन, सभी बिजनेसेज की ग्रोथ डबल डिजिट में रही

Gold Rate Today: सोना लगातार दूसरे दिन सस्ता, दिल्ली में ₹130790 पर आया 22 कैरेट; चांदी भी टूटी

देश में सोने की कीमत में गिरावट बनी हुई है। 18 जुलाई की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत फिसलकर 142670 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। मुंबई में भाव 142520 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 800 रुपये घटकर 1,45,500 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 3,992 डॉलर प्रति औंस पर है।

अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़ते तनाव ने ऊर्जा की कीमतें बढ़ा दी हैं, जिससे महंगाई बढ़ने की चिंता और बढ़ गई। इसके चलते अमेरिका में फेडरल रिजर्व द्वारा बेंचमार्क ब्याज दरों में इजाफा किए जाने के अनुमानों को बल मिला है। ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशक अन्य स्त्रोतों से बेहतर रिटर्न कमा सकते हैं। इसलिए ब्याज दरों का बढ़ना सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं के लिए एक निगेटिव फैक्टर होता है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 130790 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 131490 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 130640 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 142520 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 142900 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 130990 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 142520 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 130640 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली130790142670
मुंबई130640142520
अहमदाबाद130690142570
चेन्नई130990142900
कोलकाता130640142520
हैदराबाद130640142520
जयपुर130790142670
भोपाल130690142570
लखनऊ130790142670
चंडीगढ़130790142670

चांदी की कीमत

दूसरी कीमती धातु चांदी की कीमत में भी गिरावट बरकरार है। 18 जुलाई की सुबह चांदी 229900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। आभूषण विक्रेताओं और इंडस्ट्रीज की ओर से कम खरीद के कारण घरेलू बाजार में चांदी में मंदी है। इसके अलावा लगातार प्रॉफिट-बुकिंग के कारण भी यह नीचे आ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 55.37 डॉलर प्रति औंस है।

Petrol Diesel Price Today: आज सुबह जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए रेट, जानें आपके शहर का भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 18 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.21 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.78 रुपये | डीजल 99.56 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.97 रुपये | डीजल 95.64 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 101.96 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 111.37 रुपये | डीजल 99.26 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.63 रुपये | डीजल 96.07 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Market Mantra : 3-6 महीने के नजरिए से निवेश करना रहेगा अच्छा, US-ईरान युद्ध को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं

Market Mantra : बाजार के सामने संकट के बादल फिर खड़े हो गए हैं। एक तरफ जहां अमेरिका-ईरान फिर लड़ पड़े हैं तो वहीं क्रूड की बिगड़ी चाल ने बाजार में फिर डर का माहौल बना दिया है। इसके अलावा भी बाजार के सामने कई और बड़ी चुनौतियां अब भी खड़ी हैं। कमजोर मॉनसून और पहली तिमाही के नतीजों पर बाजार नजर बनाए बैठा है। इन सभी मुद्दों से अब आगे बाजार की दिशा तय होनी है। ऐसे में निवेशक कंफ्यूज है कि निवेश को लेकर क्या रणनीति बनाएं,अभी निवेश करें या कुछ महीने पहले देख लें कि हालात क्या करवट लेते हैं। इसी कंफ्यूजन को दूर करने के लिए आज हमारे साथ हैं खास मेहमान LIC म्यूचुअल फंड (LIC Mutual Fund) के CIO इक्विटी सुधांशु अस्थाना

US-ईरान युद्ध को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं

बाजार की चाल पर बात करते हुए सुधांशु अस्थाना ने कहा कि US-ईरान युद्ध को लेकर ज्यादा टेंशन नहीं है। US-ईरान फिर शांति की तरफ बढ़ेंगे। सरकार के कदमों से इकोनॉमी में डिमांड बढ़ी है। प्राइवेट कैपेक्स और क्रेडिट ग्रोथ में भी सुधार देखने को मिल रहा है। कॉर्पोरेट क्रेडिट ग्रोथ में 15% का उछाल आया है। देश में डॉलर का फ्लो आगे सुधरेगा। US-ईरान युद्ध आगे बढ़ा तो FY28 नतीजों पर असर दिखेगा। कच्चा तेल 85-90 डॉलर प्रति बैरल पर रहे तो इकोनॉमी पर असर नहीं होगा।

3-6 महीने के नजरिए से निवेश करना अच्छा

उन्होंने आगे कहा कि 3-6 महीने के नजरिए से निवेश करना अच्छा रहेगा। कंपनियों के मुताबिक युद्ध का असर अभी डिमांड पर नहीं दिखा है। दिसंबर नतीजों के बाद अर्निंग अपग्रेड संभव है। अगले साल से 8वें वेतन आयोग का पैसा भी आने लगेगा। 8वें वेतन आयोग के पैसे से डिमांड को बूस्ट मिलेगा। कच्चे माल की कीमतें बढ़ने का असर Q1 नतीजों पर दिखेगा।नतीजों के साथ कंपनियों की कमेंट्री और आउटलुक पर बाजार की नजर रहेगी।

बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में एक्सपोजर बढ़ा

सुधांशु अस्थाना ने बताया कि उन्होंनें बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में एक्सपोजर बढ़ाया है। प्राइवेट बैंक,NBFC और कैपिटल मार्केट शेयरों पर फोकस बढ़ा है। हेल्थकेयर शेयरों में भी एक्सपोजर बढ़ाया है। प्रीसिजन इंजीनियरिंग और डाटा सेंटर पर भी फोकस बढ़ा है। दिसंबर नतीजों के बाद अर्निंग अपग्रेड संभव है।

कम रिस्क चाहते हैं तो मल्टिकैप फंड में डालें पैसा

उन्होंने आगे कहा कि अगर आप कम रिस्क चाहते हैं तो मल्टिकैप फंड में पैसा डालें। फ्लैक्सीकैप फंड में भी निवेश किया जा सकता है। पिछले कुछ महीनों में मिडकैप और स्मॉलकैप में निवेश बढ़ा है। मिडकैप और स्मॉलकैप आगे अच्छा कर सकते हैं।

 

MF Investment : वाइजइन्वेस्ट के CEO हेमंत रुस्तगी से जाने बाजार में निवेश के मंत्र, क्या हैं स्टेप-अप SIP के फायदे

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

दिल्ली में सोना 800 रुपये गिरकर 3 हफ्ते के निचले स्तर पर, चांदी 2000 रुपये फिसली

दिल्ली में 17 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। इससे सोना की कीमत तीन हफ्ते के निचले स्तर पर आ गई। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 800 रुपये गिरकर 1,45,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी 2,000 रुपये गिरकर 2,22,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर क्लोज हुई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में तेजी और चांदी में गिरावट दिखी। स्पॉट गोल्ड 0.4 फीसदी बढ़कर 3,987.23 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स 0.03 फीसदी गिरकर 3,990 डॉलर प्रति औंस था। इस हफ्ते सोना 3 फीसदी से ज्यााद गिर चुका है। स्पॉट सिल्वर 0.6 फीसदी की गिरावट के साथ 55.18 डॉलर प्रित औंस था।

इंडिया में गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट आई। कमोडिटी एक्सचेंज MCX में शाम के कारोबार में यह 0.25 फीसदी यानी 348 रुपये गिरकर 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.84 फीसदी यानी 2,14,149 रुपये गिरकर प्रति किलोग्राम चल रहा था।

एनालिस्ट्स का कहना है कि गोल्ड की कीमतों पर अमेरिका-ईरान की लड़ाई का असर पड़ रहा है। इस लड़ाई की वजह से क्रूड की कीमतों में उछाल है। क्रूड महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका है। महंगाई को काबू में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट में कमी कर सकता है।

फॉरेक्स डॉट कॉम में मार्केट एनालिस्ट रजाकजादा ने कहा, “कीमतें नीचे जाने पर शॉर्ट सेलर्स मौके का फायदा उठाते हैं। अगर ऑयल की कीमतें और ऊपर जाती हैं तो इसका असर गोल्ड पर दिखेगा। इसकी वजह यह है कि ऑयल महंगा होने से इनफ्लेशन बढ़ने का खतरा होगा। इससे इंटरेस्ट रेट बढ़ेगा जिससे लोगों की दिलचस्पी बॉन्ड्स में बढ़ेगी।” इंटरेस्ट रेट बढ़ने के माहौल में गोल्ड की चमक घटती है, क्योंकि गोल्ड ऐसा एसेट है जिसकी कोई यील्ड नहीं होती। ट्रेडर्स को अमेरिका में सितंबर में इंटरेस्ट बढ़ने की 50 फीसदी उम्मीद है।

इस साल जनवरी के बाद से लगातार सोने पर दबाव दिखा है। जनवरी के आखिर में इसकी कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद से इसमें गिरावट आई है। यह रिकॉर्ड ऊंचाई से 30 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। फरवरी के अंत में अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से सोने की कीमतों पर दबाव दिखा।

Commodity News : वित्त वर्ष 2026 में भारत का इलायची निर्यात तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 43.6 करोड़ डॉलर पर रहा

Commodity News : कॉमर्स मिनिस्ट्री के ताजे आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 में भारत से साबुत इलायची का एक्सपोर्ट 43.68 करोड़ डॉलर पर रहा है। यह आंकड़ा 2023-24 में 13.19 करोड़ डॉलर पर रहा था। इसका मतलब है कि 2023-24 के मुकाबले 2025-26 में भारत से साबुत इलायची का एक्सपोर्ट तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ा है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि 2025-26 में साबुत इलायची का निर्यात में 43.68 करोड़ डॉलर रहा। जबकि 2024-25 में यह 20.12 करोड़ डॉलर और 2023-24 में 13.19 करोड़ डॉलर रहा था।

खुशबू,क्वालिटी और शुद्धता की वजह से बढ़ी मांग

मात्रा के हिसाब से देखें तो 2025-26 में साबुत इलायची का एक्सपोर्ट बढ़कर 16,399 टन हो गया। जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह 7,674 टन और 2023-24 में 7,083 टन रहा था। कॉमर्स मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने कहा कि एक्सपोर्ट में हुई जबरदस्त बढ़ोतरी से प्रीमियम मसालों की बढ़ती ग्लोबल मांग,बेहतर क्वालिटी का प्रोडक्शन और विदेशी खरीदारों के बीच भारतीय इलायची की बढ़ती पसंद का पता चलता है। इसकी खुशबू,क्वालिटी और शुद्धता की वजह से है दुनिया भर में मांग बढ़ी है।

इन देशों को होता है सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट

भारत से साबुत इलायची का एक्सपोर्ट मुख्यत: UAE ($135.22 मिलियन),सऊदी अरब ($125.16 मिलियन),बांग्लादेश ($47.71 मिलियन),कुवैत ($20 मिलियन),इराक ($13.71 मिलियन)और मलेशिया ($8.48 मिलियन) को होता है। नीदरलैंड,ऑस्ट्रेलिया,बहरीन,कनाडा,चीन,मिस्र और ईरान जैसे देश भी भारत से यह मसाला इम्पोर्ट करते हैं।

भारत में दो तरह की इलायची का होता है उत्पादन

भारत में इलायची की खेती मुख्य रूप से दो किस्मों में बंटी हुई है। छोटी इलायची,जो दक्षिणी पश्चिमी घाट में उगाई जाती है और बड़ी इलायची जिसकी खेती हिमालय के निचले उत्तर-पूर्वी इलाके में की जाती है।

इलायची के कुल उत्पादन में केरल की 56-58% हिस्सेदारी

केरल देश में छोटी इलायची का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है,जो कुल उत्पादन का 56-58% से ज्यादा हिस्सा प्रोड्यूस करता है। केरल के मुख्य इलायची उत्पादक जिलों में इडुक्की,वायनाड और पलक्कड़ शामिल हैं।

इसके बाद कर्नाटक का नंबर आता है,जहां इसकी खेती कूर्ग,हासन और चिकमगलूर में होती है। तमिलनाडु इसके उत्पादन में तीसरे नंबर पर आता है। जहां इसकी खेती मुख्य रूप से नीलगिरि,पलानी और पुलनी की पहाड़ियों में की जाती है।

 ज्यादा ऊंचाई वाले पूर्वोत्तर राज्यों में उगाई जाती है बड़ी इलायची

बड़ी इलायची,जिसका इस्तेमाल अक्सर आयुर्वेदिक दवाओं और मजेदार मसालों के मिश्रण में किया जाता है,मुख्य रूप से सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश जैसे ज्यादा ऊंचाई वाले पूर्वोत्तर राज्यों में उगाई जाती है।

भारत में इलायची की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। इसे एक नगदी फसल के तौर पर भी उगाया जाता है। इसकी खेती के जरिए देश के किसान बंपर कमाई कर रहे हैं। इलायची की मांग देश के अलावा विदेश में भी है। इलायची का इस्तेमाल भोजन,कन्फेक्शनरी,पेय पदार्थों को बनाने के दौरान किया जाता है। इसके अलावा इसका उपयोग मिठाई में खुशबू के लिए भी किया जाता है।

 

Silver outlook: ₹5000 सस्ती हुई चांदी, क्या कीमतों में आने वाली है और बड़ी गिरावट, जानें क्या कहते है बाजार जानकार