प्रदेश में पर्याप्त चीनी, आमजन परेशान न हों : CM योगी

प्रदेश में पर्याप्त चीनी, आमजन परेशान न हों : CM योगी

CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है, इसलिए आम नागरिक कतई परेशान न हों। प्रदेश की चीनी मिलों में वर्तमान में 179.38 लाख क्विंटल चीनी का भंडार उपलब्ध है। चीनी मिलों ने दो महीने (जून-जुलाई) में 235 लाख क्विंटल चीनी की बिक्री की है। सीएम योगी ने निर्देश दिया कि आवश्यकता पड़ने पर चीनी मिलें 15 अक्टूबर से संचालित की जाएं।

15 अक्टूबर से संचालित की जाए चीनी मिलें 

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में कहा कि सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख क्विंटल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख क्विंटल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख क्विंटल (कुल 179.38 लाख क्विंटल) चीनी प्रदेश में उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त जून व जुलाई में चीनी मिलों ने 235 लाख क्विंटल चीनी की बिक्री की है, इसमें से अधिकांश चीनी अभी भी खुले बाजार में उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ने पर 15 अक्टूबर से चीनी मिलों को संचालित किया जाए।

भ्रम फैलाने व कालाबाजारी करने वालों पर करें कार्रवाई 

सीएम योगी ने आमजन से अपील की कि चीनी की कमी बताकर भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहें। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि चीनी की कालाबाजारी और भ्रम फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने भारत सरकार के निर्देश के क्रम में कहा कि कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक चीनी स्टॉक का भंडारण नहीं करेगा और वे एक समय में 400 टन से ज्यादा स्टॉक भी नहीं रख सकते। बल्क कंज्यूमर्स (10 मीट्रिक टन प्रतिमाह खपत) भी 15 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकते। चीनी मिलें भी अपने मासिक कोटे के अंतर्गत विक्रित चीनी को विक्रय की तिथि से 7 दिन से अधिक अवधि तक गोदाम में नहीं रोकेंगी। 

सीएम ने दिया निर्देश- भौतिक सत्यापन कराएं जिलाधिकारी

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद की समस्त पंजीकृत चीनी मिलों, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराते हुए उपलब्ध स्टॉक की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्राप्त करें। निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक धारित करने अथवा जमाखोरी पर कठोर कार्रवाई की जाए। जनपद में चीनी की उपलब्धता एवं मूल्य पर सतत निगरानी रखते हुए किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी अथवा मूल्यवृद्धि की स्थिति में तत्काल शासन को अवगत कराएं।

48 लाख किसानों को किया गया 32,554 करोड़ का भुगतान 

बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि पेराई सत्र 2026-27 के लिए 28.14 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल संभावित है। इससे 90 लाख टन चीनी उत्पादन की संभावना है। उत्तर प्रदेश में प्रतिमाह अनुमानित चीनी खपत लगभग 4 लाख टन है। पेराई सत्र 2025-26 में 48 लाख किसानों को 32,554 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भी किया गया है।

Neeraj Chopra: लुसाने डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा ने फेंका सीजन का बेस्ट थ्रो, सिर्फ 9 CM से टूटा दिल, दूसरी पोजीशन पर किया खत्म

Neeraj Chopra: भारतीय स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने लुसाने डायमंड लीग 2026 में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने इस सीजन का अपना सबसे बेहतरीन थ्रो किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। डायमंड लीग में नीरज चोपड़ा और श्रीलंका के रुमेश पथिरगे के बीच जेवलिन थ्रो में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। रुमेश 88.14 मीटर का थ्रो कर पहला स्थान हासिल किया। वहीं नीरज 88.05 मीटर का थ्रो कर दूसरे स्थान पर रहे। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 86.69 मीटर के थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

इस सीजन में नीरज का 88.05 मीटर का थ्रो कर अब तक का सबसे लंबा थ्रो रहा, जिसने उनके प्रदर्शन को खास बना दिया। इससे पहले उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 85.83 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो दर्ज किया था।

कैसा था प्रदर्शन

श्रीलंका के रुमेश थरंगा ने 85.99 मीटर के थ्रो से शुरुआत कर बढ़त बनाई, वहीं नीरज चोपड़ा ने अपनी पहली कोशिश में 83.54 मीटर भाला फेंका। इसके बाद नीरज ने दूसरे प्रयास में शानदार प्रदर्शन करते हुए 88.05 मीटर का थ्रो किया और कुछ समय के लिए पहले स्थान पर पहुंच गए। हालांकि मुकाबले के अंत में वह दूसरे स्थान पर रहे। पथिरगे ने अपने अगले प्रयास में 88.14 मीटर का थ्रो कर नीरज चोपड़ा को पीछे छोड़ दिया और बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद नीरज ने तीसरे प्रयास में 83.72 मीटर भाला फेंका, लेकिन चौथी कोशिश में उनका थ्रो फाउल हो गया।

नीरज ने पांचवां प्रयास नहीं किया और सीधे अपने छठे व आखिरी थ्रो के लिए मैदान में उतरे। इस दौरान पथिरगे ने अपनी बढ़त बनाए रखी और नीरज को दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।

दूसरे स्थान पर करना पड़ा संतोष

नीरज चोपड़ा ने अपने अंतिम प्रयास में 82.15 मीटर का थ्रो किया, लेकिन यह दूरी उन्हें रुमेश पथिरगे से आगे ले जाने के लिए पर्याप्त नहीं रही। इस तरह नीरज को प्रतियोगिता में दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। पथिरगे ने आखिरी प्रयास में फाउल किया, फिर भी उनका 88.14 मीटर का थ्रो सबसे बेहतर रहा और इसी के दम पर उन्होंने मुकाबला जीत लिया। यह जीत नीरज के खिलाफ उनकी एक और बड़ी सफलता रही, इससे पहले वह दोहा और कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भारतीय स्टार से आगे रह चुके हैं।

Hockey World Cup 2026: पाकिस्तान को फिर मिली करारी शिकस्त, भारत ने 5-3 से हराया

CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन, लापरवाह जिला पंजीयक सहकारिता निलंबित, टीकमगढ़ में सुनीं जनशिकायतें

CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन, लापरवाह जिला पंजीयक सहकारिता निलंबित, टीकमगढ़ में सुनीं जनशिकायतें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 अगस्त को जन विश्वास अभियान के अंतर्गत टीकमगढ़ में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को सुना। उन्होंने शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण किया। उन्होंने इस दौरान कार्य में लापरवाही बरतने पर जिला पंजीयक सहकारिता एसके कौशिक को निलंबित करने के निर्देश दिए। दयाराम लोधी की मां स्व. रानीबाई की मृत्यु होने पर सहकारी बैंक की मवई शाखा द्वारा नॉमिनी के खाते में राशि अंतरित नहीं किए जाने की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी सतत रूप से फील्ड भ्रमण कर विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लें। स्थानीय स्तर पर जनता की शिकायतों का समय सीमा में प्रभावी निराकरण किया जाये। क्षेत्र विशेष में मिलने वाली शिकायतों का भी समुचित निराकरण सुनिश्चित हो।

 

अधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिकायतकर्ता महेश प्रसाद लोधी, कमलेश नामूलिया, दयाराम लोधी, कालीचरण सिंह राजपूत और हरिराम विश्वकर्मा से संवाद किया और उनके प्रकरणों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के संबद्ध निराकरण के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी, जबकि उत्कृष्ट कार्य पर शासकीय सेवक सम्मानित किए जाएंगे।

 

उचित मूल्य की दुकानों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मौके पर जिले में विभिन्न शासकीय उचित मूल्य दुकानों के वास्तविक स्थान पर संचालन के लिए आवश्यक कार्रवाई पर भी चर्चा हुई। बैठक में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं टीकमगढ़ जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, पूर्व राज्य मंत्री एवं विधायक जतारा हरिशंकर खटीक सहित मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, सचिव मुख्यमंत्री डॉ. सुदाम खाड़े, आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह सहित कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय एवं अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

तमिलनाडु CM विजय के यू-टर्न पर भड़के CJP नेता अभिजीत दीपके, कहा डर लग रहा है तो सुधारो व्यवस्था

तमिलनाडु CM विजय के यू-टर्न पर भड़के CJP नेता अभिजीत दीपके, कहा डर लग रहा है तो सुधारो व्यवस्था

CJP Abhijeet Dipke TN CM Vijay

CJP Abhijeet Dipke Tamil Nadu CM Vijay: देश में सरकारी स्कूलों की बदहाली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का 'स्कूल ठीक करो' आंदोलन अब एक देशव्यापी जन-आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। इसी बीच, तमिलनाडु सरकार द्वारा छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर लगाए गए प्रतिबंध के आदेश को वापस लेने के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने तीखा हमला बोला है। एक इंटरव्यू में अभिजीत दीपके ने तमिलनाडु सरकार, पश्चिम बंगाल में एक छात्र के पिता की हत्या, सुप्रीम कोर्ट के एफआईआर वापसी के निर्देश और 'पीएम केयर्स फंड' जैसे गंभीर मुद्दों पर अपनी बात बेबाकी से रखी।   

अगर डर लग रहा है तो स्कूल ठीक करो

हाल ही में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की सरकार ने शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन को एक विवादास्पद आदेश जारी किया था, जिसके तहत छात्रों को CJP और वामपंथी दलों द्वारा आयोजित 'स्कूल ठीक करो' जैसे आंदोलनों में शामिल होने से रोकने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, भारी जन-विरोध के बाद सरकार ने यह आदेश वापस ले लिया है। ALSO READ: तमिलनाडु की विजय सरकार का यू-टर्न, CJP और लेफ्ट के प्रदर्शन में जाने से छात्रों को रोकने वाला आदेश वापस

 

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि ऐसा आदेश आना ही गलत था। आंदोलन करना और अपनी बात रखना नागरिकों का मौलिक और लोकतांत्रिक अधिकार (Fundamental Right) है। ऐसे आदेश दिखाते हैं कि सरकारें जनता और छात्रों से डर रही हैं। अगर आपको डर है कि लोग वीडियो बना लेंगे या बदनामी होगी, तो स्कूलों की हालत सुधार दीजिए! लोग रोकने के बजाय आपकी तारीफ में वीडियो बनाएंगे। ALSO READ: आखिर क्‍यों CM विजय थलापति ने वापस लिया स्‍टूडेंट को कॉकरोचों से दूर रखने वाला आदेश, क्‍या है वजह?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी धोखा दे रही सरकार?

दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान दर्ज हुई एफआईआर (FIR) के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सभी मुकदमों का ब्योरा मांगा था ताकि उन्हें निरस्त (Quash) किया जा सके। इस पर दीपके ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पहले सरकारें सुप्रीम कोर्ट के कंधों पर बंदूक रखकर यह बहाना बनाती थीं कि अदालत की वजह से केस वापस नहीं लिए जा सकते। लेकिन अब जब सुप्रीम कोर्ट खुद केस खत्म करने को तैयार है, तब भी सरकारें डेटा जमा नहीं कर रही हैं। यह देश के युवाओं के साथ सीधी धोखाधड़ी है।  

PM CARES में 8000 करोड़ की FD क्यों? शिक्षा नीति पर उठाया सवाल

CJP नेता अभिजीत दीपके ने एक वीडियो संदेश जारी कर 'PM CARES Fund' में जमा पड़ी विशाल धनराशि पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने बताया कि एक तरफ देश के गरीब बच्चे बिना पीने के पानी, टूटी बेंचेस और जर्जर क्लासरूम में पढ़ने को मजबूर हैं, तो दूसरी तरफ PM CARES Fund में लगभग 8,000 करोड़ रुपए बिना किसी इस्तेमाल के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में पड़े हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह पैसा किसी नेता के रिटायरमेंट के लिए बचाकर रखा गया है? जब देश के बच्चे एक अच्छे स्कूल और सड़कों के लिए रो रहे हैं, तो इस पैसे का इस्तेमाल देश में हाई-टेक मॉडल स्कूल बनाने के लिए क्यों नहीं किया जा रहा?

पश्चिम बंगाल में स्कूल की बदहाली का वीडियो बनाया तो हेट क्राइम का शिकार हुए अब्दुल के पिता

पश्चिम बंगाल के बांकुरा में घटी एक दिल दहला देने वाली घटना पर दीपके बेहद भावुक और आक्रोशित नजर आए। 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत अपने पुराने सरकारी स्कूल का वीडियो बनाने और बदहाली उजागर करने के कारण अब्दुल हफीज के परिवार पर प्राणघातक हमला हुआ, जिसमें उनके पिता की जान चली गई।  

  • हेट क्राइम का आरोप : पुलिस रिपोर्ट्स में पकड़े गए आरोपियों का संबंध राजनीतिक पृष्ठभूमि से बताया गया है। दीपके ने इसे साफ तौर पर 'हेट क्राइम' करार दिया।
  • मुआवजा नहीं, स्कूल चाहिए : अब्दुल के जज्बे को सलाम करते हुए दीपके ने कहा कि पिता को खोने के बाद भी उस लड़के ने कोई आर्थिक मुआवजा (Compensation) नहीं मांगा। उसकी एक ही मांग है कि उसके गांव में एक वर्ल्ड क्लास स्कूल बने और उसका नाम उसके दिवंगत पिता के नाम पर रखा जाए। इससे बड़ा देशभक्त कोई नहीं हो सकता।  

गांधी के विचारों को कोई नहीं मार सकता

आंदोलन पर उठे हिंसा और अराजकता के सवालों पर जवाब देते हुए दीपके ने कहा कि आज जब महात्मा गांधी का परिवार खुद इस मुहिम के साथ खड़ा है, तो इससे बड़ा देशभक्ति का कोई प्रमाण पत्र नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन नेपाल या बांग्लादेश जैसी हिंसक घटनाओं पर आधारित नहीं, बल्कि महात्मा गांधी, मार्टिन लूथर किंग और नेल्सन मंडेला के अहिंसक और शांतिपूर्ण रास्तों पर चलता है। जिस विचारधारा ने गांधी की हत्या की थी, वे आज भी उनके विचारों को खत्म करना चाहते हैं, लेकिन भारत की आत्मा गांधी के सिद्धांतों में ही बसती है।

आखिर क्‍यों CM विजय थलापति ने वापस लिया स्‍टूडेंट को कॉकरोचों से दूर रखने वाला आदेश, क्‍या है वजह?

आखिर क्‍यों CM विजय थलापति ने वापस लिया स्‍टूडेंट को कॉकरोचों से दूर रखने वाला आदेश, क्‍या है वजह?

Vijay Thalapathy

तमिलनाडु सरकार ने छात्रों को कॉकरोच जनता पार्टी और लेफ्ट पार्टियों के प्रदर्शनों में शामिल होने से रोकने वाला आदेश वापस ले लिया है। सरकार की तरफ से जारी इस आदेश में स्कूल और कॉलेज के छात्रों को राजनीतिक प्रदर्शनों से दूर रखने के निर्देश दिए गए थे, जिसे कॉकरोच जनता पार्टी ने गैर-संवैधानिक बताते हुए विरोध किया था। अब विजय की सरकार ने बुधवार को अपना ही दिया आदेश वापस ले लिया है।

कॉलेजिएट शिक्षा विभाग ने बुधवार को अपना पिछला निर्देश वापस ले लिया, जिसमें सरकारी आर्ट्स और साइंस कॉलेजों के छात्रों और युवाओं को विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों में भाग लेने से रोकने के लिए कार्रवाई करने को कहा गया था।

मंगलवार को जारी एक आदेश में कॉलेज शिक्षा की संयुक्त निदेशक सिंथिया सेल्वी पी ने कहा कि इस मामले में विभाग द्वारा 17 अगस्त, 2026 को जारी पिछला आदेश वापस ले लिया गया है। यह आदेश तमिलनाडु के सभी सरकारी आर्ट्स और साइंस कॉलेजों के प्रिंसिपलों को जारी किया गया था।

क्या था आदेश : 17 अगस्त के एक पत्र में, कॉलेज शिक्षा आयुक्त ने सरकारी आर्ट्स और साइंस कॉलेजों के प्रिंसिपलों से कहा कि वे स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभागों, पुलिस और ज़िला प्रशासन के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करें कि छात्र-छात्राएं और युवा ऐसे विरोध प्रदर्शनों में शामिल न हों। यह निर्देश 14 अगस्त के एक सरकारी पत्र का ज़िक्र करता है, जिसमें इस मामले पर अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल और मिलकर कार्रवाई करने को कहा गया था। “बेहद ज़रूरी” (Most Urgent) मार्क किए गए इस संदेश में कॉलेजों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे की गई कार्रवाई की जानकारी तुरंत 'डायरेक्टरेट ऑफ़ कॉलेजिएट एजुकेशन' को सौंपें।

सूत्रों के मुताबिक, TVK सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, पुलिस और ज़िला प्रशासन से कहा है कि वे छात्रों की भागीदारी रोकने के लिए मिलकर कार्रवाई करें। यह आदेश राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने के बीच जारी किया गया है और दो राजनीतिक समूहों द्वारा आयोजित विरोध-प्रदर्शनों में छात्रों और युवाओं की भागीदारी को लेकर सरकार की चिंता के बाद आया है।

सीजेपी पर BJP की प्रतिक्रिया : इस आदेश पर BJP नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। BJP नेता विनोज़ पी. सेल्वम ने वामपंथी संगठनों और CJP को “अराजकता फैलाने वाले” (Agents of Chaos) बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इनके नेता छात्रों को गुमराह करते हैं और उन्हें नतीजों का सामना करने के लिए अकेला छोड़कर खुद अपने घरों को लौट जाते हैं। उन्होंने विजय सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे छात्रों को विरोध-प्रदर्शनों में शामिल होने से बचने और अपने करियर पर ध्यान देने में मदद मिलेगी। उन्होंने सरकार से यह भी आग्रह किया कि वह अपनी सहयोगी पार्टी CPI(M) के दबाव में आकर इस नोटिफिकेशन को वापस न ले।

क्यों वापस लिया आदेश : तमिलनाडु सरकार के इस आदेश के सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने इसका विरोध किया था और इस आदेश को “गैर-संवैधानिक” बताया था। पार्टी ने विजय सरकार से इसे तुरंत वापस लेने की मांग की थी। यह पूरा विवाद ऐसे समय शुरू हुआ था, जब तमिलनाडु में NEET को लेकर प्रदर्शन चल रहे हैं। CJP और लेफ्ट से जुड़े छात्र संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में छात्रों को इन प्रदर्शनों से दूर रखने का विजय सरकार का आदेश राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया था और इसी वजह से सरकार ने आदेश वापस ले लिया है।

CM विजय का धमाका, हेल्थ इंश्योरेंस 5 लाख से बढ़ाकर 25 लाख किया, दूध उत्‍पादकों को भी राहत, जनता में उत्‍साह

CM विजय का धमाका, हेल्थ इंश्योरेंस 5 लाख से बढ़ाकर 25 लाख किया, दूध उत्‍पादकों को भी राहत, जनता में उत्‍साह

cm vijay

तमिलनाडु की जनता को सीएम विजय ने बड़ा तोहफा दिया है। सीएम ने हेल्‍थ इंश्‍योरेंस की सीमा 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दिया है। इस खबर के बाद तमिलनाडु की जनता में खुशी की लहर है।

बता दें कि यह बीमा राशि पहले 5 लाख तक थी। अब तमिलनाडु सरकार ने मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत सालाना इलाज की सीमा 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही दूध के खरीद मूल्य में भी बढ़ोतरी की गई है।

तमिलनाडु सरकार ने राज्य के लोगों, दूध उत्पादकों और हेल्थ सेक्टर के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना की सालाना इलाज सीमा 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए करने का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार के इन फैसलों से लाखों लोगों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

दूध उत्‍पादकों को भी फायदा : सरकार ने दूध उत्पादकों को राहत देते हुए खरीद मूल्य 38 रुपए से बढ़ाकर 41 रुपए प्रति लीटर कर दिया है। इस फैसले से करीब 3.16 लाख दूध उत्पादकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा दूध उत्पादकों को मिलने वाला सरकारी प्रोत्साहन भी 3 रुपए से बढ़ाकर 5 रुपए प्रति लीटर किया गया है। खरीद मूल्य बढ़ाने से सरकार पर हर महीने करीब 30 करोड़ रुपए और सालाना 360 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।

हेल्थ इंश्योरेंस कवर 5 से 25 लाख रुपए : स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार का सबसे बड़ा फैसला मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़ा है। इसके तहत इलाज के लिए सालाना सीमा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की घोषणा की गई है। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद बढ़ने की उम्मीद है। सरकार ने ट्रांसजेंडर लोगों के लिए भी अतिरिक्त मेडिकल और सर्जिकल सेवाओं को योजना में शामिल करने की घोषणा की है। ये सेवाएं चेन्नई, तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन, चेंगलपट्टू समेत कई सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराई जाएंगी।

मेडिकल शिक्षा पर 351 करोड़ रुपये खर्च : तमिलनाडु सरकार ने मेडिकल और नर्सिंग शिक्षा को मजबूत करने के लिए 351 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके तहत सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल 6,098 अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएंगी। इनमें B.Sc नर्सिंग की 660 सीटें, नर्सिंग कॉलेजों और स्कूलों में 1,925 सीटें, 12 पैरामेडिकल कोर्स में 2,778 सीटें और मेडिकल कोर्स में 735 सीटें शामिल हैं। इसके अलावा राज्य में 7 नए सरकारी नर्सिंग कॉलेज भी स्थापित किए जाएंगे।

बनेगा 400 बेड वाला अस्पताल : स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पेरम्बलूर में 300 करोड़ रुपये की लागत से 400 बेड का मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। यहां लोगों को आधुनिक और बेहतर इलाज की सुविधा मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, तमिलनाडु सरकार के इन फैसलों का फोकस स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, मेडिकल शिक्षा का विस्तार करने और दूध उत्पादकों की आय बढ़ाने पर है।

विधायकों को मिलेगी सरकारी गाड़ी : सीएम विजय ने विधानसभा में एक और बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सभी विधायकों को सरकारी वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य विधायकों को अपने क्षेत्र में जनसेवा और विकास के कामों के लिए आसानी से आने-जाने की सुविधा देना है। सरकार का मानना है कि इससे विधायक अपनी जिम्मेदारियां अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकेंगे।

IAS तुकाराम मुंढे के एक्शन से मचा हड़कंप, क्या और तेज चलने वाला है इनका हंटर? CM फडणवीस को भी पसंद आई मिलावटखोरों पर ये सख्ती

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 18 अगस्त को कहा कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की कार्रवाई से वह काफी खुश हैं। उन्होंने इसे एक अच्छा और जरूरी कदम बताया। मुंबई में इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के 2026 नेशनल कन्वेंशन में फडणवीस ने कहा कि खाने-पीने की चीजों में मिलावट या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन लोगों की सेहत और जान के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है और राज्य में यही किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह एफडीए की कार्रवाई से खुश हैं और मिलावट के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

हुआ था लगातार एक्शन 

मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने राज्यभर के कई रेस्टोरेंट, होटल और क्विक कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इन जगहों पर कॉकरोच मिलने, खाने-पीने की चीजों को सही तरीके से नहीं रखने और खराब डेयरी उत्पादों से जुड़ी शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद एफडीए ने खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है।

सीएम फडणवीस ने कही थी ये बात

कार्यक्रम के दौरान सीएम फडणवीस ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से भी मुलाकात की। दोनों के बीच डेटा सेंटर, शिक्षा, सेमीकंडक्टर और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग और निवेश को लेकर बातचीत हुई। सीएम फडणवीस ने कहा कि बैठक में इस बात पर विस्तार से चर्चा हुई कि इन क्षेत्रों में भारत और खासकर महाराष्ट्र में ज्यादा निवेश कैसे लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह बातचीत काफी उपयोगी रही और महाराष्ट्र सरकार इस दिशा में आगे भी काम करना चाहती है।

फडणवीस ने आगे कहा कि अगर महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था इसी रफ्तार से आगे बढ़ती रही, तो आने वाले समय में यह सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की अर्थव्यवस्थाओं से भी आगे निकल सकती है। उन्होंने कहा कि आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था दुनिया में 20वें स्थान पर है। अगर महाराष्ट्र को एक अलग देश माना जाए, तो उसकी अर्थव्यवस्था दुनिया की 20वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और इस उपलब्धि में महाराष्ट्र का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगर राज्य की मौजूदा विकास दर बनी रहती है, तो महाराष्ट्र अगले दो साल में सिंगापुर और यूएई की अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ सकता है।

चर्चा में आए थे IAS तुकाराम मुंढे

महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे, मिलावटी दूध, स्कूलों के पास जंक फूड की बिक्री और नियमों का उल्लंघन करने वाले होटलों पर लगातार एक्शन ले रहे थे। दरअसल, एफडीए ने भिवंडी स्थित अमेजन रिटेल इंडिया के गोदाम पर छापा मारकर करीब 1.5 टन एक्सपायर्ड और क्षतिग्रस्त खाद्य पदार्थ जब्त किया था। इसके बाद एफडीए ने बिना सुधार नोटिस जारी किए अगले ही दिन गोदाम का लाइसेंस निलंबित कर दिया। 25 मई 2026 को कार्यभार संभालने के बाद से आईएएस मुंडे ने, FDA ने महाराष्ट्र भर में 1,100 से अधिक निरीक्षण किए हैं। करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य का खाद्य भंडार जब्त किया, जिसमें 1.6 लाख लीटर कथित तौर पर मिलावटी दूध शामिल है।

छात्र प्रोटेस्ट के बीच सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान, रद्द होगा JSSC-CGL एग्जाम

Hemant Soren: झारखंड में पिछले 24 दिनों से जारी छात्रों के प्रोटेस्ट के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि कैबिनेट ने JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया है। हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार केंद्र के नए परीक्षा कानून को राज्य में लागू करने पर भी विचार कर रही है। इस कानून में संगठित नकल और परीक्षा में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवार लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

परीक्षा में धोखाधड़ी पर सख्त कार्रवाई

हेमंत सोरेन ने कहा कि, झारखंड में केंद्र के नए परीक्षा कानून को लागू करने पर विचार किया जा रहा है, जिसमें नकल और परीक्षा में धोखाधड़ी पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। सरकार का यह कदम भर्ती परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए अहम माना जा रहा है।

सीएम ने क्या कहा

सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, “आज, कैबिनेट ने JSSC-CGL परीक्षाएं भी रद्द करने का फैसला किया। इसके अलावा, 2014 से हुई सभी छोटी या बड़ी गलतियों की पूरी जांच की जाएगी। हम जल्द ही केंद्र सरकार द्वारा MMDR एक्ट में किए गए बदलावों पर चर्चा करने के लिए भी बैठक करेंगे, अगर जरूरत पड़ी, तो हम इस खास मुद्दे पर चर्चा करने के लिए एक स्पेशल सेशन भी बुला सकते हैं।”

उन्होंने कहा, “इस मामले के सभी पहलुओं पर ध्यान देते हुए, हमने TDPL से जुड़ी हर चीज को कैंसिल करने का फैसला किया है—जिसमें आयोजित परीक्षाएं, जारी हुए नतीजे, चुने गए या भाग लेने वाले उम्मीदवार और TDPL द्वारा की जाने वाली दूसरी सभी गतिविधियां शामिल हैं।”

24 दिन से विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवार पिछले 24 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग सितंबर 2024 में हुई JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने की है। उम्मीदवारों का आरोप है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले ही लीक हो गया था और 135 में से 120 सवाल लीक होने का दावा किया गया है। प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवार झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) और झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (JSSC) की व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही वे भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की CBI से जांच कराने की भी मांग कर रहे हैं।

2017 के पहले सपाई हड़प लेते थे गरीबों का राशन कार्ड, अब 15 करोड़ लोगों को निरंतर निशुल्क मिल रहा राशन : CM योगी

2017 के पहले सपाई हड़प लेते थे गरीबों का राशन कार्ड, अब 15 करोड़ लोगों को निरंतर निशुल्क मिल रहा राशन : CM योगी

CM Yogi Adityanath

UP Free Ration Scheme: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी राशन वितरण के उचित दर विक्रेताओं से अपील की कि वह कार्य करिए, जिसमें सम्मान हो। जिसमें सम्मान न हो, वह कार्य कभी नहीं करना चाहिए। इससे पीढ़ियां खराब होती हैं, उन पर दुष्प्रभाव पड़ता है। उन्होंने 2017 के बाद आए बदलाव का जिक्र किया और कहा कि अब कोई आप पर अंगुली नहीं उठा सकता। 2017 के पहले सपाई गरीब का राशन कार्ड अपने घर में रख लेता था, जिससे वह भूख से मरता था परंतु अब ऐसी स्थिति नहीं है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के जरिए प्रदेश के 15 करोड़ लोगों को लगातार निःशुल्क राशन मिल रहा है। निराश्रितों/दिव्यांगों का राशन घर तक पहुंचाने की व्यवस्था हो रही है। 2 करोड़ परिवारों को फ्री में रसोई गैस के कनेक्शन, 1.53 करोड़ परिवारों को फ्री में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए गए। राशन की 10 हजार दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में स्थापित किया गया है। यह परिणाम राज्य की उन्नति को बताते हैं। 

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रावण मास के तीसरे सोमवार की शुभकामना दी और राशन कोटेदारों की आस पूरी करते हुए सोमवार को लोकभवन में सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के अंतर्गत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ किया। सीएम ने बटन दबाकर उत्तर प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में हुई वृद्धि (90 रुपए से बढ़ाकर 125 रुपए प्रति क्विंटल) का उपहार दिया। सीएम ने कहा कि मार्जिन मनी में 35 रुपए की वृद्धि (10 रुपए केंद्र सरकार व 25 रुपए राज्य सरकार) से आपने लंबी छलांग लगाई है। हमने 25 रुपए और बढ़ाने के लिए भारत सरकार को पत्र लिखा है। समय लगेगा, लेकिन यह कार्य हो गया तो आपके लिए और भी अच्छी व्यवस्था होगी।

शासन व जनता के बीच सेतु का काम करते हैं फेयरप्राइस शॉप के संचालक

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति काम करके आजीविका चलाता है, लेकिन उचित मूल्य विक्रेता निराश्रित, गरीब, दिव्यांगजन समेत समाज के अन्य जरूरतमंदों के हित को ध्यान में रखते हुए उन्हें शासन की योजना से जोड़ रहे हैं। उचित मूल्य विक्रेता से जुड़े फेयरप्राइस शॉप के संचालक दुनिया की सबसे बड़ी योजना (राशन वितरण) के जरिए शासन व जनता के बीच सेतु का काम करते हैं। 

वर्ष 2017 के पहले कोटेदार नाम से लोगों को होती थी चिढ़ 

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले उचित दर मूल्य के विक्रेताओं का दर्द बयां किया। कहा कि आप तब भी मेहनत करते थे लेकिन शासन राशन नहीं भेजता था तो गाली आपको खानी पड़ती थी। उनकी लूट का खामियाजा आपको भुगतना पड़ता था। लोग शक की निगाहों से देखते थे। कोटेदार शब्द से ही लोगों को चिढ़ सी होने लग गई थी। गलती आपकी नहीं थी। पाप कोई करता था, भुक्तभोगी कोई और होता था। 

 

योगी ने कहा कि उस समय सत्तासीन लोगों की नीयत में खोट था। उनके भ्रष्ट आचरण की आंच से चाहकर भी आप स्वयं को बचा नहीं सकते थे, जिससे उस समय यूपी की 20-22 करोड़ की आबादी शक की निगाहों से देखी जाती थी। नौजवान, व्यापारी, बेटियां समेत आमजन अन्य प्रदेश में जाते थे तो कोई सम्मान नहीं करता था। 2017 के पहले जो लोग यूपी से दूरी बनाते थे, पिछले साढ़े 9 वर्ष के भीतर वही लोग अब यूपीवालों को गले लगाते हैं। उत्तर प्रदेश के बारे में ओवरऑल धारणा बदली है। यह परिवर्तन डबल इंजन सरकार की ताकत है, जिसे पीएम मोदी जी के नेतृत्व/मार्गदर्शन में प्रदेश ने सामूहिक रूप से अर्जित किया है। 

CM yogi

वीडियो बनाने की धमकी देने वाले स्कूलों में जाकर देखें सकारात्मक बदलाव 

सीएम ने बेसिक शिक्षा परिषद का जिक्र किया। कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि स्कूल का वीडियो बनाएंगे, अरे! जरूर बनाओ। हमने ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से हर स्कूल की अच्छी फ्लोरिंग कराई। सरकार बालक-बालिकाओं के लिए अलग टॉयलेट, पेयजल, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, फर्नीचर, 1.60 करोड़ बच्चों को बैग, किताबें, दो यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर आदि सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। साल 2017 के पहले स्कूल का भवन नहीं होता था। यदि भवन था तो शिक्षक नहीं, शिक्षक थे तो छात्र नहीं। पेयजल, टॉयलेट न होने से सत्र पूरा होने से पहले ही आधे बच्चे पहले ही स्कूल छोड़कर चले जाते थे। अब निपुण भारत अभियान के तहत यूपी के स्कूली बच्चे अक्षर ज्ञान के साथ ही वाक्य विन्यास में भी पारंगत हुए हैं। विज्ञान, अंग्रेजी, गणित की शिक्षा भी स्कूल में लेते हैं। बच्चे अब अच्छा कर रहे हैं। 

जो कुछ नहीं कर पाए, वे आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं 

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी का नाम लिए बिना निशाना साधा। कहा कि जो लोग कुछ कर नहीं पाए, वे आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं। ऐसे लोग परिवर्तन को नकारात्मकता में बदलना चाहते हैं। यही स्थिति आप सभी के साथ भी हुई। उचित दर विक्रेताओं के बारे में लोगों की धारणा ठीक हो, इसके लिए सरकार ने वर्ष 2017 में ई-पॉस मशीन लगाना शुरू किया। हमने कहा कि सिंगल डोर स्टेप होगा यानी एफसीआई के गोदाम से सीधे फेयरप्राइस शॉप तक राशन पहुंचाया जाएगा। सरकार व उचित मूल्य विक्रेता के बीच में कोई बैरियर नहीं रहेगा। हम सीधे संवाद बनाएंगे, इससे परिणाम भी सकारात्मक आए। 

39 प्रकार के आइटम की कर सकते हैं बिक्री

सीएम ने कहा कि पारदर्शिता आई तो अब गांव में लोग आपका सम्मान भी करते हैं और आपके सुख-दुख में खड़े होते हैं। आपके प्रति विश्वास में वृद्धि हुई। पीएम के आदेश पर उचित दर विक्रेता से जुड़ी दुकान को अन्नपूर्णा भवन के रूप में निर्मित किया जा रहा है। इस वर्ष इस मद में 500 करोड़ रुपए दिए गए हैं। वहां दुकान व गोदाम की भी व्यवस्था होगी। पहले आप केवल राशन की ही बिक्री कर पाते थे, लेकिन अब 39 ऐसे आइटम हैं, जिन्हें आप अपनी दुकानों से बेच सकते हैं बशर्ते वह नशीले/ज्वलनशील पदार्थ या देश/समाज के प्रतिकूल आचरण से जुड़े सामान न हों। 

2017 में जनता दर्शन में 1000 में से 300 शिकायतें राशन से जुड़ी आती थीं, अब एक भी नहीं आतीं 

सीएम ने कहा कि पहले सरकार ही लूट मचाती थी तो परिवर्तन कैसे हो पाता। फेयर प्राइस शॉप संचालकों को कोसने भर से परिवर्तन नहीं होता। प्रदेश में अब खाद्य व रसद विभाग में भी व्यापक रिफॉर्म हुआ है। 2017 में जनता दर्शन में यदि हजार प्रार्थना पत्र आते थे तो इसमें से लगभग 300 अप्लीकेशन राशन से जुड़ी विसंगतियों को लेकर होती थी लेकिन अब राशन वितरण की एक भी शिकायत नहीं आती है। यही आपका सम्मान है। अब आपको कोई कटघरे में नहीं खड़ा कर सकता और न ही कोई ऊल-जुलूल बातें करता है। 

कोरोना के दौरान भी कोटेदारों की नहीं आई एक भी शिकायत

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की स्कीम को आपने धऱातल पर उतारने का कार्य किया। हमें प्रसन्नता होती है कि हमने गरीब के लिए जो चीज उपलब्ध कराई थी, वह उस तक पहुंच गई है। सीएम ने कोटेदारों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान भी आप राशन वितरित कर रहे थे। जब सारा काम-धंधा बंद हुआ तो हमने दाल, नमक और तेल का वितरण शुरू किया। सभी जगह सुचारु वितरण हुआ, कहीं से एक भी शिकायत नहीं आई और हर गरीब तक सामान पहुंचा। इसका मतलब पूर्ववर्ती सरकार की नीयत खराब थी। वे आपका इंसेंटिव भी नहीं बढ़ाते थे।  

मुख्यमंत्री ने फेयर प्राइस शॉप संचालकों की हौसलाअफजाई की

सीएम ने कहा कि औसतन हर विक्रेता को 100 कुंतल अनाज का आवंटन होता है। अब तक 90 रुपए के हिसाब से फेयरप्राइस शॉप के संचालक की प्रतिमाह आय लगभग 12,750 होती थी। अब 125 रुपए की दर से 100 कुंतल वितरण पर 16,250 रुपए प्राप्त होंगे। इसके अलावा दुकान का मुनाफा अलग से है। जो जितना अधिक बिक्री करेगा, उतना अधिक लाभांश कमाएगा। उचित मूल्य के विक्रेताओं के लिए पहली बार 30 प्रतिशत की मार्जिन मनी की बढ़ोतरी हो रही है। 

2017 के पहले किसानों से खरीदे जाने वाले खाद्यान्न में भी होती थी व्यापक हेराफेरी

सीएम ने कहा कि 2017 से पहले किसानों से लिए जाने वाले खाद्यान्न में व्यापक हेराफेरी होती थी। सीधे किसान से खरीदारी नहीं होती थी, बिचौलिए के कारण किसान को एमएसपी का लाभ नहीं मिल पाता था। 2017 से हम किसानों से सीधे धान, गेहूं, दलहन-तिलहन, मिलेट्स आदि की खरीद कर रहे हैं। डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में पैसा जा रहा है। किसान, नौजवान, महिला समेत हर तबके का व्यक्ति सीधे शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहा है। सीएम ने कहा कि यदि बीच की दीवार हट गईं तो बहुत सी चीजें पारदर्शी हो जाएंगी, जो विश्वास का कारक भी बनती हैं और लोकतंत्र विश्वास के कारण मजबूत होता है। 

विदेश जाने वाले पैसे का एक हिस्सा भारत के अस्थिर करने में होता है खर्च 

सीएम ने अपील की कि उचित मूल्य विक्रेता भी विश्वास के प्रतीक के रूप में अपनी पहचान बनाएं। आप सभी अन्नपूर्णा भवन के निर्माण की कार्रवाई तेजी से बढ़वाइए। सरकार धनराशि आवंटित करेगी। अच्छे भवन, वेयरहाउस अच्छे बनेंगे। राशन वितरण 7-10 दिन करेंगे, शेष 20 दिन वेयरहाउस का उपयोग अन्य कार्यों के लिए करके अतिरिक्त आय भी कर सकते हैं। ओडीओपी के सामान रखकर होली-दीवाली समेत अन्य त्योहारों पर भी स्थानीय उत्पाद को प्राथमिकता देंगे तो स्थानीय कारीगर, हस्तशिल्पी भी प्रोत्साहित होगा। साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

 

उन्होंने कहा कि जब हमारा धन विदेशों में जाता है तो उसका एक हिस्सा हमारे खिलाफ ही आतंकवाद को भड़काने और भारत को अस्थिर करने में खर्च होता है। सीएम ने अपील की कि स्वदेशी को प्राथमिकता दें, लोकल को ग्लोबल बनाने की दिशा में प्रयास करें। यह अभियान गांव में भी प्रारंभ हो सकता है। सीएम ने कहा ग्राम पंचायत का जो अन्नपूर्णा भवन बनेगा, वहां उचित मूल्य संचालकों (अन्नपूर्णा भवन संचालक) को मिला सम्मान आपके कार्यों, परिश्रम व प्रयासों का परिणाम है। 

 

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, खाद्य व रसद विभाग के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय, राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, योगेश शुक्ल, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा आदि मौजूद रहे। 

मुख्यमंत्री को सौंपा धन्यवाद पत्र 

इस उपहार के लिए कोटेदारों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। उप्र सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद के अध्यक्ष अशोक कुमार मेहरोत्रा, ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन के राजेश तिवारी, आदर्श कोटेदार कमलेश कुमार मिश्र, उपभोक्ता वेलफेयर एसोसिएशन के लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद पत्र प्रदान किया तो सीएम ने भी मंच से आभार जताया।

तमिलनाडु में किसानों का 75000 रुपये तक का कर्ज माफ, CM विजय ने किया बड़ा एलान…जानें किन्हें मिलेगा लाभ

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को किसानों के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने 75,000 रुपये तक के सहकारी कृषि ऋण को पूरी तरह माफ करने का ऐलान किया। वहीं, 75,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक के ऋण पर भी 75,000 रुपये तक की राहत दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और देश की तरक्की किसानों के समर्थन पर निर्भर करती है। उन्होंने बताया कि राज्य इस समय आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है, इसके बावजूद सरकार ने किसानों को अतिरिक्त मदद देने का फैसला किया है। इसके तहत किसानों को कुल 953.06 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी।

किसानों के लिए बड़ा ऐलान

विधानसभा में नियम 110 के तहत घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कहा कि सरकार ने मई में सत्ता संभालने के 15 दिनों के अंदर 50,000 रुपये तक के कृषि ऋण माफ कर दिए थे। इसके बाद सरकार ने राहत बढ़ाते हुए 75,000 रुपये तक के कृषि ऋण पूरी तरह माफ करने का फैसला किया। वहीं, 75,000 रुपये से ज्यादा के ऋण पर 35,000 रुपये तक की छूट दी गई। इस फैसले से 14.44 लाख से ज्यादा किसानों को फायदा हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि 7 अगस्त 2026 को कृषि संगठनों के साथ हुई बातचीत के बाद सरकार ने किसानों को और राहत देने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि यह फैसला राज्य की मौजूदा आर्थिक मुश्किलों और भारतीय रिजर्व बैंक के उन दिशा-निर्देशों के बावजूद लिया गया है, जिनमें सहकारी बैंकों के ऋण का जल्द निपटारा करने की जरूरत बताई गई है।

माफ किया जाएगा कर्ज

मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक, 75,000 रुपये तक के सहकारी कृषि ऋण को अब पूरी तरह माफ किया जाएगा। वहीं, 75,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक के ऋण पर 75,000 रुपये तक की छूट मिलेगी। 1 लाख रुपये से ज्यादा के ऋण पर अधिकतम 35,000 रुपये की राहत दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले से 1.38 लाख से ज्यादा किसानों को अतिरिक्त मदद मिलेगी। इससे सरकार पर करीब 953.06 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसके बाद 13.34 लाख किसानों को मिलने वाली कुल ऋण राहत की राशि बढ़कर 6,220 करोड़ रुपये हो जाएगी।