चमोली में हाइड्रो प्रोजेक्ट पर बड़ा हादसा, सुरंग में गले तक भरा पानी और गाद, 7 मजदूरों की मौत, 6 लापता

Chamoli Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले में एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट साइट पर बन रही सुरंग में पानी और मलबा घुसने से सात मजदूरों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, अभी 6 लापता मजदूरों की तलाश जारी है।

शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, पिपलकोटी इलाके में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (THDC) प्रोजेक्ट की सुरंग के अंदर कुल 22 मजदूर फंस गए थे। बाद में सभी 22 लोगों को बाहर निकाला गया, जिनमें से सात की मौत की पुष्टि हुई है और 11 घायल हैं। फिलहाल, घायल मजदूरों का इलाज पास के अस्पताल में चल रहा है।

वहीं, अधिकारियों ने बताया कि प्रोजेक्ट का निर्माण हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) कर रही है।

रेस्क्यू टीमों ने ऑपरेशन तेज किया

घटना के बाद पुलिस, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) और दूसरी एजेंसियां ​​मौके पर पहुंचीं। ऑपरेशन में मदद के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस और सेना की टीमों को भी तैनात किया गया।

NDRF इंस्पेक्टर अमृत लाल मीणा ने बताया कि सुरंग में पानी काफी ज्यादा भरा हुआ था और पानी का स्तर छाती तक पहुंच गया था। बचाव दल के सदस्य सुरंग के अंदर गए और उन शवों को बाहर निकाला जो पानी में डूबे हुए थे और ऊपर से दिखाई नहीं दे रहे थे।

मीणा ने मीडिया को बताया, “हम पानी के बीच से गुजरे और टीम के कुछ सदस्यों के पास पानी के अंदर ऑपरेशन करने के लिए खास उपकरण थे। चारों शव पानी में डूबे हुए थे और ऊपर से दिखाई नहीं दे रहे थे, इसलिए हम अंदर गए और घटना स्थल से चारों शवों को बाहर निकाला।”

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर चिंता जताई। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर तेज करने के निर्देश दिए।

आपदा प्रबंधन और पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटरों से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमें तैनात की जाएंगी।

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कैब ड्राइवर को फोन पर अंग्रेजी बोलते देख पैसेंजर हुआ शॉक, बाद में सच्चाई ने खोला राज

आजकल AI रोजाना की जिंदगी का हिस्सा बन गया है, जो लोगों को ऑफिस के काम से लेकर नई स्किल्स सीखने तक में मदद करता है। लेकिन कभी-कभी AI का इस्तेमाल ऐसे मौकों पर भी देखने को मिलता है, जिसकी हम उम्मीद नहीं करते।

ऐसा ही कुछ दिल्ली में सुबह के समय कैब से सफर कर रहे मैनेजमेंट कंसल्टेंट तुषार जेजानी के साथ हुआ। उन्होंने देखा कि उनका कैब ड्राइवर फोन पर अंग्रेजी में बात कर रहा था। शुरुआत में यह देखकर उन्हें लगा कि आखिर फोन पर क्या हो रहा है।

लेकिन जब जेजानी ने ड्राइवर से एक साधारण सा सवाल पूछा, तो उन्हें ऐसी बात पता चली जिसकी उन्होंने उम्मीद नहीं की थी। जिसके बाद एक आम कैब यात्रा सीखने, टेक्नोलॉजी और मेहनत से जुड़ी ऐसी कहानी बन गई, जिसने सफर खत्म होने के बाद भी उन्हें काफी समय तक प्रेरित किया।

जेजानी ने लिंक्डइन पोस्ट में इस घटना का जिक्र करते हुए लिखा, “सुबह 4:13 बजे, नई दिल्ली। एक ऐसी कैब यात्रा जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगा।”

उन्होंने आगे बताया, “मेरा ड्राइवर अपने फोन पर अंग्रेजी में बात कर रहा था, अपनी सुबह की दिनचर्या और यात्रा की लोकेशन बता रहा था। मैं थोड़ा घबरा गया और ध्यान से सुनने लगा क्योंकि एक पल के लिए मुझे लगा कि वह हमारी लोकेशन और जानकारी किसी और के साथ साझा कर रहा है। तभी उसने देखा कि मैं असहज महसूस कर रहा हूं। उसने बातचीत शुरू कर दी।”

ड्राइवर ने फिर पूछा, “सर, आप कहां जा रहे हैं?”

जेजानी ने जवाब दिया, “मैं बैंगलोर जा रहा हूं।”

इसके बाद ड्राइवर ने पूछा कि वह वहां काम के सिलसिले में जा रहे हैं या निजी काम से?

जेजानी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “हमेशा काम के लिए।”

दोनों के बीच करीब 10 मिनट तक बातचीत हुई। ड्राइवर अंग्रेजी में बात कर रहा था, जबकि जेजानी उसे हिंदी में जवाब दे रहे थे। हालांकि, जेजानी के मन में अभी भी यह सवाल था कि ड्राइवर फोन पर आखिर किससे बात कर रहा था। आखिरकार उन्होंने सीधे उससे पूछ ही लिया।

तभी ड्राइवर ने जेजानी को बताया कि वह फोन पर किसी और से बात नहीं कर रहा था। बल्कि वह ChatGPT का इस्तेमाल करके अंग्रेजी बोलने की प्रैक्टिस कर रहा था।

ड्राइवर ने कहा, “नहीं भैया, फोन पर नहीं। मैं ChatGPT पर अंग्रेजी बोलने की प्रैक्टिस कर रहा था। अभी मैं फर्राटे से अंग्रेजी नहीं बोल पाता। मेरी अभी बेटी हुई है। उसके लिए सीख रहा हूं। जब बड़ी होगी, तो उसे भी सिखाऊंगा।”

इस पल को याद करते हुए जेजानी ने लिखा, “सुबह 5 बजे उस लगभग खाली सड़क पर मुझे एक बात समझ आई। वह सिर्फ अंग्रेजी नहीं सीख रहा था। वह चुपचाप अपनी बेटी के लिए जिंदगी में एक नई शुरुआत की तैयारी कर रहा था। मुझे नहीं पता कि AI किन-किन नौकरियों की जगह लेगा। लेकिन यह जरूर है कि AI ने भारतीय समाज के हर वर्ग के लोगों तक टेक्नोलॉजी की पहुंच आसान कर दी है।”

इस घटना ने जेजानी को यह सोचने पर भी मजबूर किया कि कैसे टेक्नोलॉजी ने सीखने की राह में आने वाली कुछ रुकावटों को कम किया है। उन्होंने लिखा, “कोई कोचिंग क्लास नहीं। कोई गेटकीपर नहीं। बस सीखने की इच्छा और AI वाला एक स्मार्टफोन। पिछले साल की इस कैब यात्रा को याद करते हुए जेजानी ने AI में आए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने अंत में लिखा, “क्या सफर था और क्या जबरदस्त सीख मिली। सीखते रहो, सीखते रहो और सीखते रहो।”

सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शन

इस पोस्ट के बाद LinkedIn पर AI, सीखने और टेक्नोलॉजी तक पहुंच के बारे में बड़ी चर्चा शुरू हो गई।

एक यूजर ने कमेंट किया, “ड्राइवर की कहानी दिखाती है कि जिज्ञासा, इरादा और टेक्नोलॉजी तक पहुंच नए रास्ते खोल सकती है, चाहे कोई कहीं से भी शुरुआत करे। सीखने के लिए क्लासरूम की जरूरत नहीं होती; कभी-कभी, बस एक स्मार्टफोन और खुद को बेहतर बनाते रहने की इच्छा ही काफी होती है।”

एक और यूजर ने कहा, “कभी-कभी AI का सबसे असरदार इस्तेमाल ऑफिस या स्टार्टअप में नहीं, बल्कि ऐसी रोजमर्रा की जिंदगी में देखने को मिलता है।”

एक यूजर ने लिखा, “AI का सबसे बड़ा असर शायद ऑटोमेशन नहीं, बल्कि आम लोगों को उन टूल्स तक पहुंच देना हो सकता है, जो पहले मुश्किल से ही मिल पाते थे।”

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Sukhbir Singh Badal Attack: सुखबीर सिंह बादल पर हमला करने वाला आरोपी गिरफ्तार, CM फडणवीस ने दिए जांच के आदेश

Sukhbir Singh Badal Attack: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर गुरुवार को नांदेड़ स्थित हजूर साहिब गुरुद्वारे में हमला किया गया। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक रोहन नीलाभ ने IANS को बताया कि आरोपी की पहचान निहंग जसपाल सिंह के रूप में हुई है और उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।

घटना के वक्त सुखबीर सिंह बादल की पत्नी और सांसद हरसिमरत कौर बादल भी मौके पर मौजूद थीं। हालांकि, उन्हें किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा और वह पूरी तरह सुरक्षित हैं।

गुरुद्वारे में हुआ दौरान हमला

सूत्रों के मुताबिक, सुखबीर सिंह बादल गुरुद्वारे में थे और मत्था टेकने के बाद लंगर की ओर जा रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ।

हमले में कथित तौर पर जसपाल सिंह ने कृपाण का इस्तेमाल किया, जो पिछले दो साल से गुरुद्वारे में काम कर रहा था। सूत्रों ने बताया कि हमलावर ने सुखबीर सिंह बादल के पेट में चाकू घोंपने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव कर उसे रोक दिया।

हालांकि, हमले के पीछे की वजह अभी साफ नहीं है। वहीं, आरोपी जसपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है और घटना से जुड़े हालात की जांच की जा रही है।

बता दें कि खतरे की आशंका को देखते हुए बादल को Z-प्लस कैटेगरी की कड़ी सुरक्षा मिली हुई है।

हमलावर के बारे में क्या पता चला?

आरोपी की पहचान 62 साल के जसपाल सिंह के तौर पर हुई है, जो मूल रूप से पुणे का रहने वाला है और वह पहले पुणे की अदालत में वकील के तौर पर काम कर चुका है। पिछले दो सालों से वह नांदेड़ के पास मुगत में माता साहिब गुरुद्वारे में सेवा कर रहा था।

आज, जब सुखबीर सिंह बादल माता साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेककर बाहर निकले, तो जसपाल सिंह ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया। हालांकि, मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया और पुलिस अभी उससे पूछताछ कर रही है।

फडणवीस ने जांच के आदेश दिए

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख पर हुए हमले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक से बात की और घटना के बारे में जानकारी मांगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने घटना के पीछे के मकसद की जांच के भी आदेश दिए हैं।

हमले के बाद बादल की हालत स्थिर

इस घटना के बाद सुखबीर सिंह बादल की हालत स्थिर है। बता दें कि यह हमला तब हुआ जब वह हजूर साहिब गुरुद्वारे में थे। उस समय उनकी पत्नी हरसिमरत कौर भी वहां मौजूद थीं, लेकिन उन पर कोई हमला नहीं हुआ और वह सुरक्षित हैं।

नांदेड़ के SP रोहन नीलाभ ने जसपाल सिंह की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। हालांकि, हमले के पीछे का मकसद अभी तक साफ नहीं हो पाया है।

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असली पनीर और Analog Paneer में क्या है फर्क? खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान

असली पनीर और Analog Paneer में क्या है फर्क? खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान

asli paneer and Analog Paneer

एनालॉग पनीर एक कृत्रिम या नकली पनीर है, जो पारंपरिक तरीके से शुद्ध दूध को फाड़कर नहीं बनाया जाता। यह केवल पनीर जैसा दिखने, कटने और स्वाद देने वाला एक विकल्प (Substitute) है। इसे बनाने के लिए असली दूध के फैट की जगह स्किम्ड मिल्क पाउडर, पाम ऑयल या अन्य सस्ते वनस्पति तेल (Vegetable Fat), स्टार्च और केमिकल इमल्सीफायर्स का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि यह पहली नज़र में बिल्कुल असली पनीर जैसा लगता है, लेकिन इसमें पोषक तत्वों की भारी कमी होती है और इसका नियमित सेवन सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।

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यह कैसे बनाया जाता है?

असली पनीर ताजे दूध (गाय या भैंस) में नींबू या सिरका डालकर बनाया जाता है। इसके विपरीत, एनालॉग पनीर बनाने की प्रक्रिया कुछ इस प्रकार है:

सस्ता तेल मिलाना: इसमें असली दूध के फैट (मलाई) की जगह पाम ऑयल (ताड़ का तेल) या अन्य सस्ता वनस्पति तेल इस्तेमाल किया जाता है।

पाउडर और स्टार्च का मिश्रण: इसमें स्किम्ड मिल्क पाउडर (Skimmed Milk Powder), मक्के या आलू का स्टार्च और पानी मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाया जाता है।

केमिकल और स्टेबलाइजर: इसे असली पनीर जैसी बनावट देने के लिए इमल्सिफायर और स्टेबलाइज़र मिलाए जाते हैं ताकि तेल और पानी आपस में जम जाएं।

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यह असली पनीर से अलग कैसे है?

सामग्री और लागत: असली पनीर सिर्फ शुद्ध दूध से बनता है और महंगा होता है। वहीं एनालॉग पनीर वनस्पति तेल और मिल्क पाउडर से बनता है, जिससे इसकी निर्माण लागत बेहद कम (लगभग आधी) आती है।

 

पोषण और सेहत: असली पनीर प्रोटीन और कैल्शियम का प्राकृतिक स्रोत है। इसके विपरीत, एनालॉग पनीर में पाम ऑयल और स्टार्च की अधिकता होने के कारण यह सेहत के लिए फायदेमंद नहीं होता और बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है।

 

इस्तेमाल कहां होता है: अत्यधिक सस्ता होने के कारण इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल स्ट्रीट फूड वेंडर्स, सस्ते रेस्टोरेंट, फ्रोजन फूड्स और बड़े पैमाने पर होने वाली शादियों/कैटरिंग में किया जाता है।

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असली और एनालॉग पनीर की पहचान कैसे करें?

हाथ से मसलकर देखें: असली पनीर हाथ से दबाने पर आसानी से चूरा (Crumble) हो जाता है। एनालॉग पनीर रबड़ जैसा खिंचता है या स्पंज की तरह दबता है।

 

आयोडीन टेस्ट (स्टार्च की जांच): पनीर के टुकड़े को पानी में उबालकर ठंडा करें और उस पर आयोडीन सॉल्यूशन की 2-3 बूंदें डालें। अगर पनीर का रंग नीला हो जाए, तो समझ जाएं कि उसमें स्टार्च मिला है यानी वह एनालॉग पनीर है।

 

स्वाद और महक: असली पनीर में दूध की हल्की प्राकृतिक महक और सौम्य मिठास होती है, जबकि एनालॉग पनीर स्वाद में फीका या हल्का तेल जैसा लगता है।

द्वारका में बनेगा दिल्ली का सबसे भव्य 5-Star होटल! 1000 करोड़ के इस प्रोजेक्ट से मिलेंगी 800 नौकरियां

DDA Plan: दिल्ली के द्वारका सब-सिटी को एक इकॉनमिक, कॉर्मर्शियल और इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने एक बड़ा कदम उठाया है। डीडीए और जुनिपर होटल्स लिमिटेड ने द्वारका के सेक्टर-23 में एक भव्य 5-स्टार होटल बनाने के लिए MoU किया है। इस प्रोजेक्ट में 1000 करोड़ रुपये से अधिक का कैपिटल इन्वेस्टमेंट होगा। होटल बनने और इसके चलने करीब 800 लोगों के लिए डायरेक्ट एंप्लॉयमेंट के मौके तैयार होंगे। यह होटल दिल्ली-एनसीआर में गुणवत्तापूर्ण 5-स्टार आवास की उपलब्धता को काफी मजबूत करेगा।

यह प्रोजेक्ट जुनिपर द्वारा लाइसेंस शुल्क के आधार पर क्रियान्वित की जाएगी। इसके लिए जल्द ही जमीन जुनिपर होटल्स लिमिटेड को सौंप दी जाएगी। इस होटल को 2030 तक ऑपरेशनल करने का टारगेट बनाया गया है। 55 वर्षों की लाइसेंस अवधि के दौरान इस होटल से डीडीए के लिए 6000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व आने का अनुमान है।

गोल्फ कोर्स और यशोभूमि के पास प्राइम लोकेशन

जुनिपर होटल्स लिमिटेड, सराफ होटल्स और अंतरराष्ट्रीय हॉस्पिटैलिटी ब्रांड हयात के बीच एक रणनीतिक साझेदारी है। अभी यह भारत के प्रमुख स्थलों पर 245 सर्विस अपार्टमेंट्स सहित 1895 कमरों वाले सात होटलों का प्रबंधन करता है। कंपनी द्वारका में प्रस्तावित इस 5-स्टार होटल को हयात के साथ साझेदारी में अपने प्रीमियम ग्रैंड हयात ब्रांड के तहत विकसित और संचालित करेगी।

यह होटल देश के सबसे लंबे 18-होल वाले डीडीए द्वारका गोल्फ कोर्स के ठीक सामने स्थित होगा। इससे गोल्फ खिलाड़ियों और मेहमानों की विशेष जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। यह जगह क्षेत्रफल के हिसाब से भारत और एशिया के सबसे बड़े कन्वेंशन सेंटर यशोभूमि के बेहद करीब है। ये द्वारका स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से भी नजदीकी दूरी पर होगा। इसके अलावा यह होटल ठीक सामने प्रस्तावित डिप्लोमैटिक एन्क्लेव के मेहमानों की जरूरतों को भी पूरा करेगा।

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संसद में अनोखा प्रदर्शन, दान पात्र में मिले 2.15 लाख रुपए हनुमान मंदिर में चढ़ाए

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संसद में अनोखा प्रदर्शन, दान पात्र में मिले 2.15 लाख रुपए हनुमान मंदिर में चढ़ाए

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संसद भवन के मकर द्वार पर विपक्ष के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने काफी दान किया। देखते ही देखते कुछ ही दिनों में दान पात्र में 2 लाख 14 हजार रुपए का चंदा हासिल हुआ। सपा सांसदों ने गुरुवार को इस रकम को कनाट पैलेस स्थित हनुमान मंदिर में जमा करा दिया। ALSO READ: नांदेड़ में पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर बादल पर कृपाण से हमला, अस्पताल में भर्ती, जानें कौन हैं सुखबीर बादल

 

राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव, मनोज झा समेत सभी विपक्षी सांसदों ने इस दान पात्र में पैसा डाला था। अब सपा सांसदों ने इस रकम को हनुमान मंदिर में जमा कराया है। उनका कहना है कि हम हनुमान मंदिर में यह दान इसलिए जमा करा रहे हैं क्योंकि वह धर्म के रक्षक माने जाते हैं।

 

चढ़ावा चोरी मामले में प्रदर्शन के दौरान जब सांसद पप्पू यादव साधु के वेश में संसद पहुंचे तो बवाल मच गया। भाजपा ने पप्पू यादव की इस हरकत की जमकर आलोचना की तो कई स्थानों पर साधु संतों ने भी उनका विरोध किया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन पर हमला भी हुआ। ALSO READ: कंगना रनौत का राहुल गांधी पर हमला- सवाल पूछते हैं, जवाब नहीं सुनते

 

मॉनसून सत्र के आखिरी दिन जब समाजवादी पार्टी के सांसद रुचि वीरा और अक्षय यादव ने दान पात्र खोला तो मकर द्वार के बाहर रोज एक घंटे के लिए रखे जाने वाले दानपात्र में 2 लाख 15 हजार 3 सौ 90 रुपए से ज्यादा का चंदा इकट्ठा हुआ।

 

सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि बीजेपी ने राम मंदिर तक में चढ़ावा चोरी कर दी और संसद में चर्चा तक नहीं करा रहे हैं। इसी के चलते हमने दान पात्र रखकर विरोध किया है।

Diamond State Summit: ‘हमारे युवा प्रतिभाशाली हैं…’ , CM योगी ने की Gen-Z युवाओं की जमकर तारीफ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यूज18 इंडिया के खास कार्यक्रम डायमंड स्टेट समिट में देश युवाओं की काफी तारीफ की। डायमंड स्टेट्स समिट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि, युवा देश का भविष्य हैं। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों की मदद के लिए उनकी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी।

बता दें कि, सीएम योगी आदित्यनाथ का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में दिल्ली में नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक विवाद को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में Gen-Z युवाओं का बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ था। न्यूज18 इंडिया के ‘डायमंड स्टेट्स समिट’ कार्यक्रम में बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को अनुभवी लोगों से मार्गदर्शन दिया जाता है। उन्होंने बताया कि यूपीएससी परीक्षा पास कर चुके लोग इस योजना के तहत कम से कम एक घंटे का समय उन छात्रों को देते हैं, जो यूपीएससी, नीट, आईआईटी और जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।

युवाओं पर सीएम योगी आदित्यनाथ का फोकस

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी सबसे युवा आबादी का नेतृत्व करता है। हमारा युवा प्रतिभाशाली है। स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाए हैं, जहां मॉडर्न टेक्नोलॉजी सिखाई जा रही है। AI, स्पेस टेक्नोलॉजी से लेकर तमाम आधुनिक शिक्षा दी जा रही है। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत यूपी के सरकारी इंटर कॉलेजों का कायाकल्प किया गया। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिला। UPSC, UPPSC, NEET और IIT-JEE की तैयारी के लिए वर्चुअल और फिजिकल कोचिंग की व्यवस्था की गई। जिलों में तैनात UPSC पास अधिकारी युवाओं को मार्गदर्शन दे रहे।

सीएम योगी ने कहा कि देश के युवा प्रतिभाशाली हैं। उन्होंने खास तौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्र देश की बड़ी युवा आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में हुए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में काफी लंबी दूरी तय की है और क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह सिर्फ आंकड़ों के आधार पर बदलाव की बात नहीं कर रहे हैं। उनके मुताबिक, जब आम लोग खुद अपनी आंखों से बदलाव देख रहे हैं, तो यह साफ है कि वास्तव में काफी बदलाव हुआ है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद उत्तर प्रदेश में काशी और प्रयागराज को छोड़कर किसी दूसरे इलाके में विश्वविद्यालय नहीं था। लेकिन पिछले 9 वर्षों में गोरखपुर, आजमगढ़, बलरामपुर और मिर्जापुर में नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में भदोही में भी काशी नरेश विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों के बनने से प्रदेश के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

भोपाल में CM मोहन यादव ने निकाली तिरंगा यात्रा, बारिश में भी सैकड़ों युवाओं ने दिखाया देशभक्ति का जज्बा

cm mohan yadav

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल 9 अगस्त की सुबह पूरी तरह देशभक्ति के रंग में रंगी रही। सैकड़ों युवाओं ने टीटी नगर स्टेडियम से तिरंगा यात्रा निकाली और राष्ट्र सर्वोपरि का संदेश दिया। इस दौरान आलम यह था कि बारिश के बीच भी युवाओं का जोश कम नहीं हुआ। उन्होंने जोर-शोर से यह यात्रा निकाली और लोगों को प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस 'तिरंगा यात्रा' का शुभारंभ किया।

उन्होंने मंच पर तिरंगा लहराया और युवाओं के अंदर जोश भर दिया। उन्होंने युवाओं को आजीवन देशभक्ति का संकल्प लेने के लिए प्रेरित भी किया। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास पर तिरंगा लहराकर हर घर तिरंगा अभियान का भी शुभारंभ किया।

 

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में अभियान छेड़ा गया है। महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन की तरह आज एक साथ सभी राज्यों में देशभक्त नागरिक तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं। आज इंद्र देवता भी सारे देशभक्तों-वीरों का स्वागत कर रहे हैं। भारत माता की जय।  

 

क्रांतिकारियों के लंबे संघर्ष का परिणाम है आजादी

तिरंगा यात्रा का शुभारंभ करने से पहले सीएम डॉ. यादव ने कहा कि महात्मा गांधी द्वारा अंग्रेजों भारत छोड़ो अभियान की शुरुआत की गई थी। इस अभियान ने अंग्रेजों की चूलें हिला दी थीं। देश की आजादी के लिए क्रांतिकारियों द्वारा दिए गए बलिदान-संघर्ष और अहिंसक आंदोलन से देश में जो ज्वार उठा, उसकी वजह से 5 साल बाद अंग्रेज भारत छोड़कर चले गए और देश को स्वतंत्रता मिली। लंबे संघर्ष के बाद मिली इस आजादी को आज हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 15 अगस्त को 80 साल होंगे।

 

उत्तरदायित्व का पालन करें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम सभी परमात्मा से कामना करें, सभी शहीदों-स्वतंत्रता सेनानियों को स्मरण करें। क्योंकि, इन सभी के योगदान से भारत को आजादी मिली। हम अपने सर्वहारा वर्ग और देश के नागरिकों के साथ आजादी का पर्व मनाएं, अपने उत्तरदायित्व का पालन करें। हम वसुधैव कुटुम्बकम के मार्ग पर चलें। हम कामना करें कि हमारा भारत चिर युवा और चिर स्वतंत्र रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज हम पूरे देश में तिरंगा यात्रा निकाल कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इसका आह्वान किया है। मैं खुद भी उसमें शामिल होने जा रहा हूं। मैं उम्मीद करता हूं कि पूरे देश में इस तिरंगा यात्रा के माध्यम से युवा-बच्चे-बुजुर्ग-महिलाएं मिलकर संकल्प करेंगे कि वे आजीवन देश की सेवा करते रहेंगे। 

Piyush Mishra: झारखंड छात्रों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए पीयूष मिश्रा, सभी के साथ गाया ‘आरंभ है प्रचंड’ गाना

Piyush Mishra: एक्टर पीयूष मिश्रा रांची में JPSC-JSSC एस्पिरेंट्स के चल रहे विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि वे छात्रों के “दर्द और तकलीफ़” से बहुत प्रभावित हुए और उनकी लड़ाई में उनके साथ खड़े होना चाहते थे। एक्टर और सिंगर विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर पहुंचे और छात्रों का साथ देने के अपने फ़ैसले के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे कुछ उम्मीदवारों के इंटरव्यू देखकर ही उन्हें लगा कि उन्हें आकर उनका समर्थन करना चाहिए।

मीडिया से बात करते हुए सिंगर-एक्टर ने कहा, “मैं किसी और वजह से अपना समर्थन देने नहीं आया था। मैंने कुछ छात्रों के इंटरव्यू देखे। मैंने उनकी आंखों में दर्द और तकलीफ़ देखी, और उनके आंसू देखे। मेरे लिए बस इतना ही काफ़ी था।” मिश्रा ने युवाओं के साथ अपने जुड़ाव के बारे में भी बात की और कहा कि वह प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए जो कुछ भी संभव हो, करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि “खाना, तिरपाल” और आर्थिक मदद के रूप में सहायता पहले ही दी जा चुकी है।

एक्टर ने कहा कि “मुझे युवा लोग पसंद हैं। मैं आपके लिए गाता हूं और एक्टिंग करता हूं, इसलिए मैं यहां आया हूं… इसके अलावा, हमने पहले ही खाने-पीने की चीज़ें, तिरपाल और जो भी आर्थिक मदद हम दे सकते थे, वह दी है। हम अपनी क्षमता के अनुसार जो कुछ भी कर सकते हैं, वह कर रहे हैं,”।

पीयूष मिश्रा ने ‘आरंभ है प्रचंड’ गाना गाया

विरोध प्रदर्शन का एक और वीडियो सामने आया है जिसमें एक्टर 2009 की हिंदी फ़िल्म ‘गुलाल’ का अपना गाना ‘आरंभ है प्रचंड’ गाते हुए दिख रहे हैं। इस गाने को पीयूष ने ही लिखा, कंपोज़ किया और गाया है। यह गाना अपने क्रांतिकारी बोलों के लिए जाना जाता है, जो हिम्मत, मज़बूती और अन्याय के ख़िलाफ़ खड़े होने जैसे विषयों को दिखाते हैं।

‘सभी से यहां आने की अपील’

इस बीच, बॉलीवुड सिंगर-कंपोज़र अंकुर आर. पाठक भी शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे उम्मीदवारों को अपना समर्थन दिया। ANI से बात करते हुए अंकुर ने कहा कि आज विरोध कर रहे छात्र भविष्य में देश के एडमिनिस्ट्रेटर और नेता बन सकते हैं। उन्होंने देश भर के लोगों से आगे आकर उनका समर्थन करने की अपील की और कहा कि उनकी लड़ाई युवाओं के भविष्य से जुड़ी है।

उन्होंने ANI से कहा, “भविष्य में ये छात्र IAS, IPS, CM, MLA बनेंगे… अगर हम आज यहां नहीं आए, तो हम अपने बच्चों को क्या बताएंगे? अपने भविष्य को क्या बताएंगे? मैं आज मुझे सुन और देख रहे सभी लोगों से यहां आने की अपील करता हूं।”यह ताज़ा प्रदर्शन रांची में JPSC-JSSC उम्मीदवारों के चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच हो रहा है, जो परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और बदलावों को लेकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

‘3 साल हो गए, जमीन नहीं मिली…’, आधी रात को ऋषभ पंत ने CM धामी से लगाई खास गुहार

Rishabh Pant: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हालांकि, इस बार वजह उनकी बल्लेबाजी या फिर शानदार प्रदर्शन नहीं बल्कि शुक्रवार आधी रात को किया गया उनका सोशल मीडिया पोस्ट है, जिसमें उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सिधे जमीन खरीदने की गुहार लगा दी। जिसके बाद उनका पोस्ट तुरंत वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगी।

पंत, जो अभी दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम के साथ श्रीलंका में हैं, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबी पोस्ट में धामी को टैग करते हुए यह अनुरोध किया। 28 वर्षीय पंत ने कहा कि वे पिछले तीन सालों से उत्तराखंड में उपयुक्त जमीन खोजने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें ऐसी कोई प्रॉपर्टी नहीं मिल पाई जो उनकी जरूरतों को पूरा कर सके।

इससे भी अहम बात यह है कि पंत ने साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सालों तक भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद वे अपनी जड़ों की ओर लौटना चाहते हैं और राज्य में रहकर उसके विकास में योगदान देना चाहते हैं।

उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए लिखा, “नमस्ते सर, आप कैसे हैं? उत्तराखंड का स्थानीय होने के नाते, मुझे यहां आए हुए काफी समय हो गया है। मैं दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होने के लिए जमीन खरीदने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन मुझे यहां रहने के लिए कोई अच्छी और बड़ी जगह नहीं मिल पा रही है। मुझे अपना उत्तराखंड बहुत पसंद है। मेरी आपसे विनम्र विनती है कि जमीन लेने में मेरी मदद करें, क्योंकि आजकल साफ-सुथरी जमीन मिलना बहुत मुश्किल हो गया है। एक जमीन तो मुझे तब मिलनी चाहिए थी जब मैं राज्य का प्रचार-प्रसार कर रहा था, लेकिन अब मैं सब कुछ छोड़कर अपने मूल स्थान पर वापस आकर उत्तराखंड के विकास में योगदान देना चाहता हूं और अपने पहाड़ी लोगों के बीच रहना चाहता हूं। कृपया इस मामले पर ध्यान दें। 3 साल हो गए हैं और मुझे अभी तक कोई जमीन नहीं मिली है। आपके जवाब का इंतजार है, सर।”

X पर पोस्ट करने के बाद पंत ने साफ किया कि वह जमीन मुफ्त में नहीं मांग रहे थे, बल्कि सरकार से तय दरों पर उसे खरीदना चाहते थे।

पंत ने आगे लिखा, “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए यह एक शानदार तोहफा होगा, लेकिन अगर आप मुझे इजाजत दें तो मैं इसे सरकार से उनकी तय दरों पर खरीदना चाहूंगा, ताकि कम से कम मैं अपने राज्य में अपना पहला घर बना सकूं। कृपया इसमें मदद करें। सच कहूं तो मुझे नहीं पता था कि इसके लिए क्या करना होगा।”

पंत की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और उनकी इस अनोखी अपील ने लोगों का खासा ध्यान खींचा।

पंत अपनी जड़ों की ओर लौटना चाहते हैं

बता दें कि पंत का जन्म उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रुड़की में हुआ था और उन्होंने वहीं से अपने क्रिकेट सफर की शुरुआत की थी, जिसके बाद वे प्रोफेशनल तौर पर क्रिकेट खेलने के लिए दिल्ली चले गए। आगे चलकर उन्होंने सभी फॉर्मेट में भारत के बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाज़ों में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई।

हालांकि, पंत घरेलू क्रिकेट में दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते रहते हैं, लेकिन उत्तराखंड के साथ उनका जुड़ाव हमेशा मजबूत रहा है। उनकी हालिया पोस्ट से पता चलता है कि वे भविष्य में इस राज्य को अपना घर बनाना चाहते हैं और इसके विकास में योगदान देना चाहते हैं।

उनकी यह अपील ऐसे समय में आई है जब पंत 2025-26 फाइनेंशियल ईयर के लिए उत्तराखंड में सबसे ज्यादा इनकम टैक्स देने वाले व्यक्ति बन गए हैं। खबरों के अनुसार, उन्होंने 23.84 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स भरा है।

इन आंकड़ों की घोषणा उत्तराखंड के इनकम टैक्स चीफ कमिश्नर ने 24 जुलाई को इनकम टैक्स डे के मौके पर एक कार्यक्रम में की थी। बता दें कि पंत लगातार दूसरे साल राज्य में सबसे ज्यादा इनकम टैक्स देने वाले व्यक्तियों की लिस्ट में सबसे ऊपर रहे।

ABP Live की रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, पंत का टैक्स योगदान पिछले फाइनेंशियल ईयर की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा हो गया है। पिछले साल उन्होंने लगभग 10.5 करोड़ रुपये का एडवांस टैक्स भरा था।

27 करोड़ रुपये की IPL डील से लेकर बड़े-बड़े एंडोर्समेंट तक

पंत का भारी-भरकम टैक्स पेमेंट कई सोर्स से हुई उनकी कमाई को दिखाता है, जिसमें BCCI कॉन्ट्रैक्ट, IPL सैलरी, मैच फीस और एंडोर्समेंट डील शामिल हैं।

बता दें कि पंत को लखनऊ सुपर जायंट्स ने 27 करोड़ रुपये में खरीदा था, जिससे वह लीग के सबसे महंगे खिलाड़ियों में से एक बन गए। हालांकि, जिस अवधि की बात की जा रही है, उस दौरान पंत BCCI के Grade A कॉन्ट्रैक्ट में भी थे और उन्हें सालाना 5 करोड़ रुपये रिटेनरशिप के तौर पर मिलते थे। लेकिन, बाद में उन्हें Grade B में कर दिया गया, जिसके बाद उनकी सालाना रिटेनरशिप घटकर 3 करोड़ रुपये हो गई।

उनकी कमर्शियल कमाई भी उनकी इनकम में काफी योगदान देती है। पंत के एंडोर्समेंट एसोसिएशन Adidas, Dream11, SG, Thums Up, Cadbury, boAt, Noise, Zomato, JSW Cement और MakeMyTrip के साथ हैं।

धामी ने दिया आश्वासन

इस पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने पंत को आश्वासन दिया है कि मामले में संबंधित लोगों को निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने पंत को एक्स पर जवाब देते हुए लिखा, “प्रिय ऋषभ, आप उत्तराखंड के गौरव हैं। आपने अपने शानदार खेल और उपलब्धियों से देश-दुनिया में देवभूमि का नाम रोशन किया है। अपनी मातृभूमि के प्रति आपका यह प्रेम और यहां वापस आकर योगदान देने की भावना अत्यंत सराहनीय है। आपके द्वारा उठाए गए विषय के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है। वे शीघ्र ही आपसे संपर्क कर नियमानुसार हरसंभव सहयोग सुनिश्चित करेंगे।”