यूपी में सड़क सुरक्षा व शून्य मृत्युदर की दिशा में परिवहन विभाग ने उठाए कड़े कदम

यूपी में सड़क सुरक्षा व शून्य मृत्युदर की दिशा में परिवहन विभाग ने उठाए कड़े कदम

Transport Department in UP has taken stringent measures towards road safety and achieving a zero-fatality rate

– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क दुर्घटनाओं में शून्य मृत्युदर का लक्ष्य पाने का दे चुके हैं निर्देश

– ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों से पिछले वित्तीय वर्ष में वसूला 474 करोड़ का प्रशमन शुल्क

– चालू वित्तीय वर्ष के 4 महीने में 5 लाख चालान किए और 172 करोड़ रुपए लगाया जुर्माना

– परिवहन विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य यातायात नियमों के प्रति अनुशासन बढ़ाना

Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती वाहन संख्या के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का फोकस लगातार बढ़ा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और शून्य मृत्यु दर की दिशा में विभिन्न अवसरों पर विभागों को जरूरी निर्देश देते रहे हैं। इसका असर सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन को लेकर परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई में भी दिखाई दे रहा है। बीते वित्तीय वर्ष में 474 करोड़ रुपए और चालू वित्तीय वर्ष में 172 करोड़ रुपएप्रशमन शुल्क (जुर्माना) वसूला गया है। इस अवधि में 20 लाख से ज्यादा चालान भी किए गए हैं।

 

अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) केडी सिंह गौर ने कहा कि सड़क पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने और यातायात नियमों का पालन कराना परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी क्रम में विभाग के प्रवर्तन दल ने नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ प्रदेशभर में अभियान चलाया। कार्रवाई का उद्देश्य महज जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना और सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है।

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15 लाख चालान के जरिए 474 करोड़ का जुर्माना

वित्तीय वर्ष 2025-26 में परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल ने प्रदेशभर में करीब 15 लाख चालान किए। इन कार्रवाई के माध्यम से 474 करोड़ रुपये का प्रशमन शुल्क वसूला गया। यह बड़े पैमाने पर की गई प्रवर्तन कार्रवाई को दर्शाता है, जिसके जरिए सड़क पर नियमों का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।

 

इस वर्ष 5 लाख चालान काटे गए

वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में ही करीब 5 लाख चालान किए जा चुके हैं। इन कार्रवाई से 172 करोड़ रुपए का प्रशमन शुल्क प्राप्त हुआ है। इससे साफ है कि सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी है।

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चालान से सड़क सुरक्षा पर असर

परिवहन विभाग के मुताबिक इस सख्ती का व्यापक उद्देश्य वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति अनुशासन बढ़ाना है। नियमों का पालन होने से सड़क पर ओवरस्पीडिंग, बिना जरूरी दस्तावेज वाहन चलाने, क्षमता से अधिक सवारी या माल ढोने और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन जैसी स्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलती है।

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सुरक्षित यातायात के लिए वाहन चालकों और आम नागरिकों की भी बराबर भागीदारी जरूरी है। परिवहन विभाग की प्रवर्तन कार्रवाई इसी जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का काम कर रही है। यही प्रयास प्रदेश को शून्य मृत्युदर के लक्ष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

दिव्यांगजनों को डिजिटल सशक्त बना रही योगी सरकार, स्मार्टफोन-टैबलेट से बढ़ी पहुंच

दिव्यांगजनों को डिजिटल सशक्त बना रही योगी सरकार, स्मार्टफोन-टैबलेट से बढ़ी पहुंच

Yogi government is Divyangjan empowering persons with Divyangjan

– कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना बनी दिव्यांगजनों का मजबूत संबल

– ब्रेल किट और स्मार्ट केन से आसान हुआ दिव्यांगजनों का दैनिक जीवन

– जरूरत के मुताबिक ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर और अन्य उपकरण उपलब्ध

– 40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता वाले पात्र लाभार्थियों को मिल रहा लाभ

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर, सम्मानजनक और सुविधाजनक जीवन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के माध्यम से पात्र दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कृत्रिम अंग एवं विभिन्न सहायक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बदलते समय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजना को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा गया है, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को स्मार्टफोन, टैबलेट और डेजी प्लेयर जैसे डिजिटल उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

 

स्मार्टफोन और टैबलेट से बढ़ी डिजिटल पहुंच

डिजिटल युग में शिक्षा, संचार, सूचना और सरकारी सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाने के उद्देश्य से योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांगजनों को स्मार्टफोन एवं टैबलेट जैसे डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे विशेष रूप से दिव्यांग छात्र-छात्राओं और युवाओं को ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल संचार, अध्ययन सामग्री तथा विभिन्न ऑनलाइन सरकारी सेवाओं एवं सूचनाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है।

 

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 34,420 पात्र दिव्यांगजनों को विभिन्न कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं। डिजिटल उपकरणों को योजना से जोड़ने से दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण को तकनीक का नया आयाम मिला है।

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जरूरत के अनुसार मिल रहे अनेक सहायक उपकरण

कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों को उनकी शारीरिक आवश्यकता एवं चिकित्सकीय संस्तुति के आधार पर विभिन्न प्रकार के उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। इनमें ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, एमआर किट, ब्रेल किट, एडीएल किट, वॉकर, रोटेटर और स्मार्ट केन सहित अनेक सहायक उपकरण शामिल हैं।

 

दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिए ब्रेल किट एवं स्मार्ट केन जैसे उपकरण दैनिक जीवन को अधिक सुगम बनाने में सहायक हैं, जबकि गतिबाधित दिव्यांगजनों के लिए ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर एवं अन्य मोबिलिटी उपकरण आवागमन और स्वतंत्र गतिशीलता को बढ़ावा देते हैं। चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार विभिन्न प्रकार के कृत्रिम अंग भी उपलब्ध कराए जाते हैं। वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत पात्र दिव्यांगजनों को 15 हजार रुपये तक की लागत वाले निर्धारित कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं।

 

योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित है पात्रता

कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना का संचालन विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किया जा रहा है। योजना का लाभ सामान्यतः 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता प्रमाणित होने पर निर्धारित पात्रता के अनुसार दिया जाता है। संबंधित उपकरण की आवश्यकता के संबंध में चिकित्साधिकारी की संस्तुति भी आवश्यक होती है।

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पात्रता के लिए आवेदक को निर्धारित आय सीमा एवं अन्य शर्तों को पूरा करना होता है। सामान्यतः ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वार्षिक पारिवारिक आय सीमा 46,080 रुपये तथा शहरी क्षेत्रों के लिए 56,460 रुपये निर्धारित है। आवेदक को पिछले तीन वर्षों में उसी उद्देश्य के लिए समान उपकरण का लाभ नहीं मिला होना चाहिए।

नियमित शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए निर्धारित अवधि एक वर्ष है। आवेदन के लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, फोटो तथा संबंधित उपकरण के लिए चिकित्सकीय संस्तुति सहित आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने होते हैं।

 

ऑनलाइन प्रक्रिया से पारदर्शिता और सुगमता

योजना को ऑनलाइन किए जाने से पात्र दिव्यांगजनों के लिए आवेदन एवं योजना तक पहुंच अधिक सुगम हुई है। विभाग का प्रयास है कि पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन, सत्यापन एवं उपकरण वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम तरीके से पूरी की जाए।

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दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना प्राथमिकता

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उपनिदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि विभाग का उद्देश्य केवल दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा, रोजगार, डिजिटल सेवाओं और समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर बनाना है।

उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन, टैबलेट और डेजी प्लेयर जैसे डिजिटल उपकरणों के साथ-साथ मोबिलिटी एवं अन्य सहायक उपकरण दिव्यांगजनों की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उनके जीवन को अधिक सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

यूपी में दिखता है बदलाव, मजबूत नेतृत्व से कानून व्यवस्था में बढ़ा लोगों का भरोसा : नाना पाटेकर

यूपी में दिखता है बदलाव, मजबूत नेतृत्व से कानून व्यवस्था में बढ़ा लोगों का भरोसा : नाना पाटेकर

Actor Nana Patekar's statement regarding law and order situation in UP

– उत्तर प्रदेश पुलिस के थीम गीत ‘खाकी का सितारा’ के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे अभिनेता नाना पाटेकर

– नाना पाटेकर बोले- योगी सरकार ने लोगों की सुरक्षा को दी सर्वोच्च प्राथमिकता

– फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर ने की यूपी की कानून व्यवस्था की सराहना

– नाना पाटेकर बोले- 25 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में सुरक्षा आसान नहीं

Film actor Nana Patekar : प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की जमकर सराहना की. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतने बड़े और विविधताओं से भरे प्रदेश में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है और इसके सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस के थीम गीत ‘खाकी का सितारा’ के विमोचन कार्यक्रम में नाना पाटेकर ने कहा कि लगभग 25 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में केवल पुलिस बल की संख्या बढ़ाने से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, बल्कि इसके लिए मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट नीति और दृढ़ इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है।

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पुलिस को आधुनिक संसाधन, नई तकनीक और आत्मविश्वास प्रदान किया गया है, जिससे कानून व्यवस्था मजबूत हुई है। नाना पाटेकर ने कहा कि पिछले कई दशकों में उन्होंने उत्तर प्रदेश में उल्लेखनीय परिवर्तन देखा है।

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उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है, प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार दिखाई देता है और सरकार की कार्यशैली में निर्णय लेने की स्पष्टता नजर आती है। उन्होंने कहा कि पुलिस जितनी आधुनिक होगी, नागरिक उतना सुरक्षित होगा और नागरिक जितना जागरूक होगा, अपराधियों के लिए काम करना उतना ही कठिन हो जाएगा।

 

नाना पाटेकर ने साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट जैसे बढ़ते खतरों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध आज एक वास्तविक चुनौती है और इसका शिकार कोई भी हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस, सीबीआई या किसी अन्य एजेंसी का अधिकारी बनकर फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से डराने और पैसे मांगने का प्रयास करे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार तकनीक नहीं, बल्कि लोगों का डर होता है।

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उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा डिजिटल अरेस्ट के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए बनाई गई फिल्म की भी सराहना की और कहा कि यदि कलाकारों की भागीदारी से किसी परिवार की जीवनभर की कमाई बचाई जा सकती है या किसी बुजुर्ग को ठगी से बचाया जा सकता है, तो इससे बड़ा सामाजिक योगदान और कुछ नहीं हो सकता।

 

नाना पाटेकर ने उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों और जवानों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों के पास फिल्मों की तरह रीटेक का अवसर नहीं होता। उन्हें कठिन परिस्थितियों में तत्काल निर्णय लेने पड़ते हैं और यही उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश पुलिस जनता के भरोसे को आगे भी बनाए रखेगी तथा प्रदेश को और अधिक सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।

यूपी के गो संरक्षण में अब जेन जी की एंट्री, गांव-गांव तैयार होंगे 10 हजार ‘गो मित्र’

यूपी के गो संरक्षण में अब जेन जी की एंट्री, गांव-गांव तैयार होंगे 10 हजार 'गो मित्र'

Gen Z enters fray for cow conservation in UP

– यूपी में बच्चों के मन में गो माता के प्रति प्रेम बढ़ाने के लिए गांव गांव चलेगा अभियान

– योगी सरकार नई पीढ़ी को बनाएगी गो संरक्षण के प्रति सजग

– तैयार किए जाएंगे मास्टर ट्रेनर, देंगे अन्य ट्रेनर को प्रशिक्षण

– गो संरक्षण में रुचि रखने वालों को दी जाएगी वरीयता

Cow Protection Campaign : योगी सरकार की प्रदेश में गो संरक्षण अभियान से अब नई पीढ़ी, खासकर जेन जी को भी जोड़ने की तैयारी है। गांव-गांव अभियान चलाकर युवाओं को गोवंश के संरक्षण, गो सेवा और इसके सामाजिक-आर्थिक महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके लिए करीब 10 हजार ‘गो मित्र’ तैयार किए जाएंगे। पहले मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षित होंगे और फिर उनके माध्यम से अन्य लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। गो संरक्षण और गो सेवा में पहले से रुचि रखने वाले लोगों को इसमें वरीयता दी जाएगी। इसके साथ ही योगी सरकार गो संरक्षण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती, महिला सशक्तीकरण, हरित ऊर्जा और रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भरता का मॉडल विकसित करने पर काम कर रही है।

 

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गो संरक्षण को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया है। सरकार का प्रयास है कि गोवंश का संरक्षण केवल गो आश्रय स्थलों तक सीमित न रहे, बल्कि इससे रोजगार और ग्रामीण समृद्धि के नए अवसर भी पैदा हों। इसी सोच के तहत गोशालाओं को गोबर और गोमूत्र आधारित उत्पादों, प्राकृतिक खेती, बायोगैस और अन्य आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।

 

बच्चों और युवाओं तक पहुंचेगा गो संरक्षण का संदेश

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि नई पहल में सबसे ज्यादा जोर बच्चों और युवाओं को गो संरक्षण से जोड़ने पर रहेगा। गांवों में अभियान चलाकर उन्हें देसी गोवंश, गो सेवा, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गाय के महत्व की जानकारी दी जाएगी। उद्देश्य यह है कि नई पीढ़ी गो संरक्षण के पर्यावरणीय और आर्थिक पहलुओं को भी समझे।

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अभियान को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने के लिए मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। ये मास्टर ट्रेनर आगे अन्य लोगों को प्रशिक्षण देंगे। इस व्यवस्था के जरिए गांव-गांव प्रशिक्षित लोगों का नेटवर्क खड़ा करने की तैयारी है। गो संरक्षण में रुचि रखने वाले लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।

 

7,500 से अधिक गो आश्रय स्थलों में 12 लाख से ज्यादा गोवंश

उत्तर प्रदेश में निराश्रित गोवंश के संरक्षण और भरण-पोषण के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश में साढ़े सात हजार से अधिक गो आश्रय स्थल विकसित किए गए हैं, जिनमें 12 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। किसानों की फसलों को निराश्रित पशुओं से होने वाले नुकसान को कम करने के साथ गोवंश को सुरक्षित आश्रय देना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

योगी सरकार ने गोवंश के भरण-पोषण के लिए दी जाने वाली सहायता राशि में भी वृद्धि की है। प्रति गोवंश प्रतिदिन मिलने वाली राशि को 30 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये किया गया है। वहीं अधिकांश गो आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था भी की गई है।

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1.15 लाख पशुपालकों को सौंपे गए करीब 1.85 लाख गोवंश

गोवंश संरक्षण में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सहभागिता योजना और पोषण मिशन को भी आगे बढ़ाया गया है। इसके तहत करीब 1.15 लाख पशुपालकों को लगभग 1.85 लाख गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। इससे गोवंश को परिवार आधारित संरक्षण मिलने के साथ पशुपालकों को भी इससे जुड़ने का अवसर मिला है।

उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा पशुधन वाला राज्य है और दुग्ध उत्पादन में भी देश में पहले स्थान पर है। सरकार अब इस क्षमता को ग्रामीण आय और रोजगार बढ़ाने के बड़े माध्यम के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है।

 

गोशाला से गो आधारित उद्योग तक बढ़े कदम

सरकार की रणनीति गोशालाओं को धीरे-धीरे आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की है। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में गोबर से गो-काष्ठ, गो-पेंट, वर्मीकम्पोस्ट, धूपबत्ती, अगरबत्ती, गमले और दीपक जैसे उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ पंचगव्य, घनामृत और जीवामृत जैसे उत्पादों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

इन गतिविधियों में महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाई जा रही है। इससे महिलाओं के लिए गांव में ही स्वरोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। जो गोबर पहले सामान्य अपशिष्ट के रूप में देखा जाता था, वही अब खाद, ऊर्जा और विभिन्न उत्पादों के जरिए आय का साधन बन रहा है।

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हर जिले की गोशालाओं का होगा मूल्यांकन

उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग ने प्रदेश की गोशालाओं की क्षमता का व्यापक मूल्यांकन करने की पहल की है। इसके पीछे उद्देश्य अलग-अलग जिलों की स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार गो-आधारित आर्थिक गतिविधियां विकसित करना है।

 

योजना है कि किसी जिले में गोबर से बायोगैस की संभावना बेहतर है तो वहां उस पर जोर दिया जाए, जबकि दूसरे जिले में जैविक खाद, गो-काष्ठ या गोमूत्र आधारित उत्पादों की इकाइयां विकसित की जाएं। सरकार का लक्ष्य गो संरक्षण को स्थानीय रोजगार से जोड़ना और गांवों में आय के नए स्रोत तैयार करना है।

8 राज्यों के कलाकारों से CM योगी ने किया संवाद, बोले- विविधता में एकता ही भारत की ताकत, कलाकारों को किया सम्मानित

8 राज्यों के कलाकारों से CM योगी ने किया संवाद, बोले- विविधता में एकता ही भारत की ताकत, कलाकारों को किया सम्मानित

yogi adityanath

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधानभवन के बाहर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले यूपी समेत विभिन्न राज्यों के कलाकारों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने सरकारी आवास पर संवाद किया और उन्हें सम्मानित किया। जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश और गुजरात से लेकर छत्तीसगढ़ तक आठ राज्यों के कलाकारों ने अपनी लोक संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। सीएम ने इन कलाकारों से उत्तर प्रदेश में उनके अनुभव और यहां घूमने की इच्छा के बारे में जानकारी ली।  

 

संवाद के दौरान कई कलाकारों ने अयोध्या और लखनऊ घूमने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को उनके भ्रमण की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। कलाकारों से कहा कि जब भी किसी राज्य में जाएं तो एक दिन अतिरिक्त समय निकालकर स्थानीय स्थलों, संस्कृति और खान-पान को जरूर जानें। हर भारतीय का दायित्व है कि वह अपने देश की विशालता और विविधता को देखे। सीएम ने कहा कि कलाकारों के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों की संस्कृति एक-दूसरे से जुड़ती है और यही सांस्कृतिक एकता भारत की सबसे बड़ी ताकत है।

 

बुलडोजर बाबा कहने पर मुस्कुराए सीएम योगी

 

छत्तीसगढ़ के कुलभूषण चंद्राकर ने मुख्यमंत्री को बताया कि करीब 15 वर्ष पहले उन्हें अयोध्या जाने का अवसर मिला था, लेकिन अब वह नई अयोध्या देखने के लिए उत्सुक हैं। सीएम ने कहा कि तब की अयोध्या और आज की अयोध्या में जमीन-आसमान का अंतर है। आज की अयोध्या त्रेता युग का स्मरण कराती है। कुलभूषण ने कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री योगी को 'बुलडोजर बाबा' के नाम से जाना जाता है। इस पर मुख्यमंत्री मुस्कुराए और कहा कि बुलडोजर पसंद है ना आपको? आप गा सकते हैं, मैं गा नहीं सकता, लेकिन कम से कम गलत लोगों पर बुलडोजर तो चलवा ही सकता हूं।

 

श्रेष्ठ भारत के लिए एकता और सुरक्षा दोनों जरूरी

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों से कलाकारों का एक मंच पर आना ही भारत की विविधता और सांस्कृतिक एकता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि यही एक भारत श्रेष्ठ भारत है। बंगाल से महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर से कन्याकुमारी, अरुणाचल प्रदेश से द्वारिका-पुरी तक जब सभी एक-दूसरे से जुड़ेंगे, तभी एक भारत श्रेष्ठ भारत का संकल्प साकार होगा। उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ भारत के लिए एकता और सुरक्षा दोनों जरूरी हैं। अरुणाचल प्रदेश की नीलम से बातचीत करते हुए सीएम ने लखनऊ के अनुभव पूछे और अयोध्या सहित भगवान बुद्ध से जुड़े उत्तर प्रदेश के स्थलों को देखने की सलाह दी। बिहार के सुबोध से कहा कि आप लोगों को अयोध्या जरूर जाना चाहिए, क्योंकि मां जानकी का संबंध भी उस पावन भूमि से है। मध्य प्रदेश के लेखपाल धुर्वे से बातचीत में कहा कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश भले ही आपस में जुड़े हुए हैं, लेकिन कलाकारों के आने से मां नर्मदा का संदेश भी यहां पहुंचता है।

 

जम्मू-कश्मीर की श्रुति ने श्रीराम मंदिर के दर्शन की इच्छा जताई

 

जम्मू-कश्मीर से पहली बार उत्तर प्रदेश आईं श्रुति ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर के दर्शन की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने उनकी इच्छा पर सहमति जताते हुए अधिकारियों को व्यवस्था करने के निर्देश दिए। वाराणसी की सुनिधि पाठक ने दर्शन की बेहतर व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस पर सीएम ने कहा कि बाहर से आने वाले श्रद्धालु भारत की परंपरा में अतिथि हैं और अतिथि का सम्मान करना हमारा दायित्व है। गुजरात के पोरबंदर से आए राजू भाई से बातचीत में मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी की जन्मभूमि पोरबंदर और भगवान कृष्ण के सखा सुदामा से जुड़ी मान्यताओं का उल्लेख किया। पोरबंदर से कलाकारों का आना उनके लिए खुशी की बात है। महोबा के जितेंद्र कुमार की आल्हा प्रस्तुति की सराहना करते हुए सीएम ने कहा कि जब वह आल्हा गा रहे थे तो सभापति भी जोश में आ गए थे। उन्होंने कहा कि कलाकार आल्हा की वीर परंपरा को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

 

हर क्षेत्र व हर जनपद में महोत्सव होने चाहिए

 

मथुरा के राजेश प्रसाद शर्मा ने मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए कहा कि आज उनसे बात करके बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने मथुरा को तीन बड़े महोत्सव देने के लिए मुख्यमंत्री योगी का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कलाकार केवल गायन, वादन, नृत्य और नाटक करने वाले नहीं हैं, बल्कि वे परंपरा और लोक संस्कृति के वाहक हैं। कलाकारों की प्रस्तुतियों में अतीत छिपा होता है और भविष्य उसी अतीत से प्रेरणा लेता है। अयोध्या का दीपोत्सव और रामनवमी, बरसाना का रंगोत्सव, मथुरा में जन्माष्टमी, बुंदेलखंड में आल्हा की परंपरा और प्रयागराज के माघ मेले को नई ऊंचाई देने का उद्देश्य लोक परंपराओं को मजबूत करना है। हर क्षेत्र और हर जनपद में महोत्सव होने चाहिए, ताकि स्थानीय कलाकारों को मंच मिले और लोक गाथाएं अगली पीढ़ी तक पहुंचें।

 

राज्यों की लोक संस्कृति ने बांधा समां

 

कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के कलाकारों ने रउफ एवं डोंगरी नृत्य, महाराष्ट्र के कलाकारों ने नमन और डिंडी नृत्य, अरुणाचल प्रदेश ने पराई लोकनृत्य, त्रिपुरा ने डारलॉन्ग लोकनृत्य, बिहार ने झिंझिया लोकनृत्य, मध्य प्रदेश ने गुदुमबाजा लोकनृत्य, गुजरात ने तलवार रास, छत्तीसगढ़ ने रेला पाटा लोकनृत्य और उत्तर प्रदेश के कलाकारों ने कथक की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने सभी कलाकारों और कोरियोग्राफर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कलाकारों ने उत्तर प्रदेश की व्यवस्था, सुंदरता और यहां मिले सम्मान की भी सराहना की। साथ ही अयोध्या और काशी में दर्शन की व्यवस्थाओं को लेकर कलाकारों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया।

सीतापुर में CM योगी का बड़ा एक्शन, चौकी इंचार्ज निलंबित; SHO के खिलाफ जांच शुरू, 3 आरोपी हिरासत में

सीतापुर में CM योगी का बड़ा एक्शन, चौकी इंचार्ज निलंबित; SHO के खिलाफ जांच शुरू, 3 आरोपी हिरासत में

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सीतापुर के किशोरी की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है। यूपी में अपराध करेंगे तो कार्रवाई होगी और अपराधियों को बचाने की कोशिश हुई तो जिम्मेदार भी नहीं बचेंगे। कोतवाली देहात क्षेत्र में किशोरी का पेड़ पर लटका शव मिलने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। वहीं पुलिस की लापरवाही पर चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है और एसएचओ के खिलाफ जांच शुरू है।

 

अपराधियों पर सीधा प्रहार, बचाने वालों की भी खैर नहीं

 

योगी सरकार की निगरानी में पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई की है। तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हैंगिंग बताया गया है। जांच में सामने आने वाले हर तथ्य को गंभीरता से लिया जा रहा है। सरकार का रुख स्पष्ट है कि अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।

 

कानून-व्यवस्था में चूक पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई

 

सीतापुर मामले में कार्रवाई केवल आरोपियों तक सीमित नहीं रही। पुलिस की भूमिका में लापरवाही मिलने पर चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एसएचओ के विरुद्ध जांच चल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति में अपराध के साथ-साथ कर्तव्य में लापरवाही के लिए भी कोई जगह नहीं है। कानून-व्यवस्था में चूक पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जा रही है। यह कार्रवाई सरकार के उस सख्त संदेश को दोहराती है कि उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के लिए रत्ती भर भी जगह नहीं है। अपराध करने वाला हो, उसे संरक्षण देने वाला हो या कार्रवाई में लापरवाही बरतने वाला जांच में दोषी मिलने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

CM भूपेंद्र पटेल अमेरिका-कनाडा दौरे पर रवाना, Vibrant Gujarat Global Summit 2027 के लिए करेंगे रोड शो

CM भूपेंद्र पटेल अमेरिका-कनाडा दौरे पर रवाना, Vibrant Gujarat Global Summit 2027 के लिए करेंगे रोड शो

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल देर रात अमेरिका के लिए रवाना हुए हैं। वर्ष 2002 के बाद सरकारी कामकाज के सिलसिले में अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर जाने वाले वे गुजरात के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। आगामी Vibrant Gujarat Global Summit 2027 को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री का यह विदेश दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री के साथ राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी अमेरिका और कनाडा के दौरे पर गया है। इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य सचिव एम. के. दास, प्रधान सचिव संजीव कुमार, विक्रांत पांडे के साथ-साथ एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS) एन. नटराजन, ममता वर्मा और राजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। यह दौरा 17 से 24 अगस्त तक चलेगा।

 

Vibrant Gujarat Summit 2027 के लिए निवेशकों को आमंत्रण

 

मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान अमेरिका और कनाडा में विभिन्न प्रमुख उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों तथा स्थानीय सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें की जाएंगी। इन बैठकों में गुजरात में निवेश की संभावनाओं और अवसरों पर चर्चा होगी। इसके अलावा Vibrant Gujarat Global Summit 2027 के लिए विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से रोड शो आयोजित किए जाएंगे। गुजरात में निवेश के अवसरों, राज्य की औद्योगिक नीतियों और विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स की जानकारी देकर उद्योगपतियों को समिट में शामिल होने के लिए आधिकारिक तौर पर आमंत्रित किया जाएगा।

 

हर्ष संघवी सितंबर में जापान और यूरोप के दौरे पर जाएंगे

 

गुजरात सरकार की ओर से वैश्विक स्तर पर निवेश आकर्षित करने के लिए विदेशों में संपर्क और निवेश प्रोत्साहन अभियान को गति दी जा रही है। इसी कड़ी में राज्य के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी भी आगामी सितंबर में जापान और यूरोप के दौरे पर जाएंगे। इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य गुजरात में अधिक से अधिक विदेशी निवेश लाना और Vibrant Gujarat Global Summit 2027 को वैश्विक स्तर पर सफल बनाना है।

CM धामी का बड़ा ऐलान: युवाओं के लिए बनेगा युवा आयोग, 3 जिलों में औद्योगिक पार्क

CM धामी का बड़ा ऐलान: युवाओं के लिए बनेगा युवा आयोग, 3 जिलों में औद्योगिक पार्क

pushkar singh dhami

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देहरादून में ध्वजारोहण किया। उन्होंने युवाओं के रोजगार, प्रशिक्षण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए युवा आयोग के गठन का ऐलान किया। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में पहले चरण में औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे।

 

सीएम धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने युवाओं को हमेशा ही सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है। युवाओं से संबंधित निर्णय, रोजगार से संबंधित बातें, युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार मिलने की बात हो, बिना पर्ची, बिना किसी खर्ची के या बिना भ्रष्टाचार या नकल के, हमने युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए सभी काम किए हैं जो राज्य के हित में जरूरी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य के निर्माण के लिए, रोजगार-स्वरोजगार की दिशा में वे आगे बढ़ें, उनका प्रशिक्षण हों, सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए, युवा आयोग का गठन किया जाएगा। इसकी हमने घोषणा की है। जल्द ही युवा आयोग युवाओं के विकास की दिशा में काम करेगा।

 

उन्होंने कहा कि मैदानी क्षेत्रों में औद्योगिकरण के लिए काफी बड़ी इंडस्ट्रियां हमारे यहां आ गई हैं। पर्वती क्षेत्रों में भी उद्योग स्थापित हो, रोजगार मिले, वहां भी इंडस्ट्री का विस्तार हो इस दिशा में चमोली, पौढ़ी और अलमोड़ा जनपदों को पहले चरण में औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे। उद्योग से संबंधित गतिविधियां यहां पर प्रारंभ की जाएंगी।

 

मुख्यमंत्री धामी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 80वें स्वतंत्रता दिवस का यह पावन अवसर राष्ट्र के गौरव, शौर्य और असंख्य बलिदानों को स्मरण करने का विशेष दिवस है। इस गौरवपूर्ण अवसर पर शासकीय आवास परिसर में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर वीर बलिदानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

Amreli में 80वें राज्य स्तरीय स्वतंत्रता पर्व का भव्य आयोजन, CM पटेल ने किया ध्वजारोहण

Amreli में 80वें राज्य स्तरीय स्वतंत्रता पर्व का भव्य आयोजन, CM पटेल ने किया ध्वजारोहण

bhupendra patel

गुजरात के अमरेली में 80वें स्वतंत्रता दिवस का राज्य स्तरीय समारोह उत्साह और देशभक्ति के माहौल में आयोजित किया गया। पुलिस परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री ने तिरंगा फहराया। हॉर्स शो, डॉग शो, बुलेट शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे। अमरेली के विकास के लिए 403 करोड़ रुपये के कार्यों की घोषणा भी की गई।
 

Amreli में स्वतंत्रता पर्व का भव्य आयोजन

 

ध्वजारोहण के बाद परेड ग्राउंड पर आकर्षक परेड का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर पुलिस जवानों द्वारा प्रस्तुत हॉर्स शो, डॉग शो और रोमांचक बुलेट शो उपस्थित लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। देशभक्ति की भावना को उजागर करने वाले सांस्कृतिक और रंगारंग कार्यक्रमों ने भी नागरिकों का मन मोह लिया।

 

इस ऐतिहासिक अवसर पर पर्यावरण जागरूकता का संदेश देते हुए वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। राज्य स्तरीय समारोह में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में अमरेलीवासी पुलिस परेड ग्राउंड पहुंचे हैं। पूरा माहौल ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा।

 

अमरेली के विकास के लिए 403 करोड़ रुपये की घोषणा

 

गौरतलब है कि स्वतंत्रता पर्व की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री ने अमरेली के सर्वांगीण विकास के लिए 403 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की थी। इसके साथ ही जिले के विकास में योगदान देने वाले 11 प्रतिष्ठित रत्नों को सम्मानित भी किया गया, जिससे पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।

CM योगी पहुंचे अयोध्या, महंत रामचंद्र दास परमहंस को 23वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, विपक्ष पर साधा निशाना

CM योगी पहुंचे अयोध्या, महंत रामचंद्र दास परमहंस को 23वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, विपक्ष पर साधा निशाना

CM Yogi Ayodhya visit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार (14 अगस्त) को अयोध्या दौरे पर पहुंचे। रामकथा पार्क हेलीपैड पर उतरने के बाद उन्होंने हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन कर रामलला का आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात वे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर न्यास के प्रथम अध्यक्ष महंत रामचंद्र दास परमहंस जी महाराज की 23वीं पुण्यतिथि के अवसर पर दिगंबर अखाड़ा में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए।

16 लाख गायों का संरक्षण

श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित संतों ने राम मंदिर परिसर में महंत परमहंस रामचंद्र दास जी की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग प्रमुखता से उठाई। सीएम योगी ने संत रविदास मंदिर पहुंचकर महंत बनवारीपति दिवाकर जी महाराज को नमन किया और पूज्य संतों-महंतों से आत्मीय मुलाकात की। गौमाता के मुद्दे पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि गाय सनातन धर्म और भारत की अनमोल धरोहर है। उन्होंने गौ तस्करी और गोहत्या पर पूर्ण विराम लगाने की अपील की तथा बताया कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 16 लाख गायों का संरक्षण किया जा रहा है।

​चढ़ावा चोरी मामले पर विपक्ष पर प्रहार

राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामले को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईटी (SIT) जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई जारी है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।​

राम जन्मभूमि आंदोलन में योगदान को नमन

सीएम ने परमहंस जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन राम मंदिर के निर्माण और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए समर्पित रहा। संभल और देश के विभाजन का उल्लेख करते हुए योगी जी ने राष्ट्र को एकजुट रहने का संदेश दिया और कहा— 'हम बंटे थे, इसलिए कटे थे।'

 

योगी ने कहा कि अयोध्या के बदलते स्वरूप की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या अपने प्राचीन गौरव के अनुरूप विकसित होकर पुनः त्रेता युग की अलौकिक छवि पेश कर रही है।

रामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन

समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हनुमानगढ़ी पहुंचे। यहां उन्होंने बजरंगबली के दर्शन-पूजन कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद हनुमानगढ़ी स्थित इमली बाग में पहुंचकर स्वर्गीय महंत संत रामदास को श्रद्धांजलि अर्पित की। हनुमानगढ़ी से मुख्यमंत्री सीधे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने रामलला का दर्शन-पूजन किया।