‘नई पीढ़ी ग्लोबल हो, लेकिन हृदय में भारत हो’, नेल्लोर में CM योगी ने बताई विकसित भारत की दिशा

'नई पीढ़ी ग्लोबल हो, लेकिन हृदय में भारत हो', नेल्लोर में CM योगी ने बताई विकसित भारत की दिशा

स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचते ही ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उनका स्वागत किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस दौरान अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि विदेशी आक्रमणों और औपनिवेशिक दौर ने भारत की स्वावलंबी ग्रामीण व्यवस्था को कमजोर किया। गांवों की आत्मनिर्भरता और स्थानीय संस्थाओं पर इसका असर पड़ा, लेकिन गांवों की आत्मा कभी समाप्त नहीं हुई।

स्वर्ण भारत ट्रस्ट का ब्रिज स्कूल और उत्तर प्रदेश के अटल आवासीय विद्यालय अलग राज्यों में होने के बावजूद समान सोच के साथ वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा लक्ष्य ऐसी नई पीढ़ी तैयार करना है, जो ग्लोबल भी हो और रूटेड भी, आधुनिक तकनीक से लैस हो, लेकिन हृदय में भारत, संस्कृति पर गर्व, अपनी जड़ों का बोध, समाज के प्रति संवेदनशीलता और ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना रखती हो। तकनीक भेदभाव नहीं करती और नए भारत ने गांव की ताकत को नई तकनीक से जोड़ दिया है। सीएम ने वेंकैया नायडू को उत्तर व दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक व आध्यात्मिक सेतु बताया।

 

मुख्यमंत्री ने स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25 वर्ष पूर्ण होने पर सभी पदाधिकारियों, सदस्यों और शुभचिंतकों को बधाई दी। साथ ही ट्रस्ट के संस्थापक एवं पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू का हृदय से अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि वेंकैया नायडू जी बहुआयामी व अत्यंत संवेदनशील व्यक्तित्व के धनी हैं। सार्वजनिक जीवन में उन्होंने अपनी सरलता, सहजता और सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता के बल पर पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनाई। सार्वजनिक जीवन में ऐसा विराट व्यक्तित्व मिलना दुर्लभ है, जो दल और विचारधारा की सीमाओं से ऊपर उठकर सभी को समान रूप से साथ लेकर चले और जिसकी सर्वत्र स्वीकार्यता हो। राज्यसभा सभापति के रूप में दायित्वों के निर्वहन में यही व्यापक स्वीकार्यता दिखाई देती थी। उनका योगदान राजनीति तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने तेलुगु संस्कृति, खान-पान और वेश-भूषा को देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

 

सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2001 में एक व्यक्ति ने शासन में रहकर समाज सेवा की यात्रा प्रारंभ की थी, आज वह भारत के प्रधानमंत्री हैं। उसी वर्ष समाज सेवा की एक और यात्रा शुरू हुई, जो स्वर्ण भारत ट्रस्ट के रूप में हम सबके सामने है। 25 वर्ष बाद दोनों यात्राओं का लक्ष्य एक ही है- विकसित भारत। जब सरकार और समाज दोनों की दिशा एक हो, दोनों का संकल्प एक हो और दोनों लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सामूहिक प्रयास करते हैं, तो अवश्य परिणाम आते हैं।

 

भारत की सभ्यता की सबसे बड़ी शक्ति हमारे गांव

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सभ्यता की सबसे बड़ी शक्ति हमारे गांव रहे हैं। सदियों तक गांव अर्थव्यवस्था, सामाजिक जीवन और संस्कृति के केंद्र रहे। वे उत्पादन, ज्ञान और जल संरक्षण के साथ ही कला-शिल्प के केंद्र रहे हैं तथा सामाजिक मूल्यों की मूल इकाई भी रहे हैं। कृषि, पशुपालन, शिल्प, व्यापार, स्थानीय संस्थाएं, सभी एक दूसरे से जुड़ी थीं। गांव की अर्थव्यवस्था एक सर्कुलर इकॉनमी थी। एक का उत्पादन दूसरे की आजीविका बनता था। विदेशी आक्रमणों और औपनिवेशिक दौर का असर केवल अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ा। गांव की आत्मनिर्भरता कम हुई। स्थानीय संस्थाएं कमजोर हुईं और ग्रामीण भारत की विकास यात्रा पर आघात हुआ।

 

सीएम ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान चेतना की एक नई दिशा दी थी। उनका आह्वान था- 'बैक टू विलेज'। वे 'ग्राम स्वराज' के माध्यम से ऐसा गांव चाहते थे जो आत्मनिर्भर हो, स्वावलंबी हो, अपनी आवश्यकताओं के लिए सक्षम हो और अपने निर्णय स्वयं लेने में समर्थ हो। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए वेंकैया नायडू जी ने 2001 में अपने आठ साथियों के साथ स्वर्ण भारत ट्रस्ट की शुरुआत की थी। ट्रस्ट ने स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर दंत एवं नेत्र चिकित्सा, पशु चिकित्सा से लेकर किसान प्रशिक्षण, महिला प्रशिक्षण से लेकर व्यावसायिक शिक्षा और कंप्यूटर प्रशिक्षण से लेकर विद्यालयों एवं ब्रिज स्कूलों तक विभिन्न क्षेत्रों में अत्यंत सराहनीय कार्य किया है।

 

इकोसिस्टम से बाहर बच्चों को वापस शिक्षा में लाना महत्वपूर्ण

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेजिडेंशियल ब्रिज स्कूल के माध्यम से स्वर्ण भारत ट्रस्ट वंचित तबके के बच्चों को शिक्षा, भोजन, पुस्तकें, ड्रेस और आवास की सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें फिर से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का सराहनीय कार्य कर रहा है। अक्षरा विद्यालय और स्वर्ण भारती विद्या मंदिर जैसे संस्थानों के माध्यम से ग्रामीण व बीपीएल परिवार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का भी अभिनव कार्य हो रहा है। पीएम मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में भी श्रमिकों के बच्चों के लिए 18 मंडल मुख्यालयों पर अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं। कोरोना महामारी के दौरान माता-पिता को खोने वाले बच्चों को भी इन विद्यालयों में शिक्षा व आवास सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। ये निःशुल्क आवासीय विद्यालय हैं, जहां आधी सीटें बालिकाओं के लिए आरक्षित हैं।

 

पुराने हुनर को दिया नया बाजार

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद में कोई न कोई पारंपरिक हुनर मौजूद है। वाराणसी की साड़ी, भदोही का कालीन, मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का कांच, कन्नौज का इत्र और लखनऊ की चिकनकारी इसकी मिसाल हैं। पीढ़ियों से इस हुनर को आगे बढ़ाने वाले कारीगरों के पास आधुनिक डिजाइन, पूंजी और बाजार की कमी थी। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना शुरू की। हर जिले के एक प्रमुख उत्पाद को चिन्हित कर उसके कारीगरों को डिजाइन प्रशिक्षण, आधुनिक टूल किट, आसान बैंक ऋण तथा मार्केटिंग और एक्सपोर्ट का मंच उपलब्ध कराया गया। ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के तहत पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण और टूल किट दिए गए। इसका परिणाम है कि इनका हुनर निर्यात तक पहुंच रहा है और उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख निर्यातक राज्यों में शामिल हो गया है। हमने कारीगर को नया हुनर नहीं सिखाया, बल्कि उसके पुराने हुनर को नया बाजार उपलब्ध कराया है।

 

गांव की बेटियों को मिला गांव में रोजगार

मुख्यमंत्री ने स्वर्ण भारत ट्रस्ट की ग्रामीण महिलाओं के लिए संचालित प्रशिक्षण व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इसमें महिलाओं के लिए अलग आवास की व्यवस्था भी है। जब तक व्यवस्था सुरक्षित नहीं होती, तब तक परिवार अपनी बेटी को बाहर नहीं भेजता। उत्तर प्रदेश में ‘मिशन शक्ति’ के माध्यम से महिलाओं को ‘बीसी सखी’ के रूप में तैयार किया गया। उन्हें प्रशिक्षण और डिजिटल डिवाइस देकर बैंकिंग सेवाओं से जोड़ा गया। अब गांव के बुजुर्गों व अन्य लोगों को बैंकिंग सेवाएं घर पर मिल रही हैं और ये काम उसी गांव की बेटियां कर रही हैं। उन्हें अच्छी आय भी हो रही है। गोवंश संरक्षण के लिए उत्तर प्रदेश में 7,700 से अधिक गो-आश्रय स्थल बनाए गए हैं। निराश्रित गोवंश को पालने वाले किसानों को राज्य सरकार की ओर से प्रति गोवंश 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं।

 

इंसेफेलाइटिस उन्मूलन में मिली सफलता

सीएम योगी ने कहा कि करीब 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कभी इंसेफेलाइटिस यानी दिमागी बुखार के कारण हर वर्ष मध्य जुलाई से मध्य नवंबर तक हजारों मौतें होती थीं। गोरखपुर से सांसद रहते हुए उन्होंने इस समस्या के खिलाफ लगातार आवाज उठाई और आंदोलन किया, लेकिन समाधान नहीं निकल पा रहा था। पीएम मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत हुई। वेंकैया नायडू जी उस कैबिनेट के महत्वपूर्ण सदस्य थे। ‘हर घर शौचालय’ के लक्ष्य के साथ उत्तर प्रदेश में ‘दस्तक अभियान’ चलाकर घर-घर जागरूकता पहुंचाई गई। इसके परिणामस्वरूप दशकों से हजारों लोगों की जान लेने वाली इंसेफेलाइटिस को पूरी तरह नियंत्रित करने और उसके उन्मूलन में सफलता मिली।

 

तकनीक नहीं करती भेदभाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तकनीक का युग है और तकनीक का सबसे बड़ा गुण यह है कि वह भेदभाव नहीं करती। प्रधानमंत्री जी ने तकनीक का प्रभावी उपयोग कर महिला और ग्रामीण सशक्तीकरण को नई गति दी है। जनधन खातों और डीबीटी के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है और यह सुनिश्चित हुआ है कि योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। आज लगभग 60 करोड़ भारतवासी जनधन खातों का लाभ प्राप्त कर रहे हैं और करोड़ों परिवारों को वित्तीय समावेशन का लाभ मिल रहा है। डिजिटल लेन-देन के मामले में भारत पूरी दुनिया को राह दिखा रहा है। इसका लाभ दुकानदार, महिला, अन्नदाता किसान सभी को मिल रहा है। योजनाओं का लाभ उस गरीब परिवार को मिल रहा है, जिसे बिना बिचौलियों के पक्के मकान के लिए सरकारी सहायता मिल रही है।

 

समारोह में ट्रस्ट के संस्थापक एवं पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, आंध्र प्रदेश सरकार के नगर प्रशासन एवं शहरी विकास मंत्री पी. नारायणा, आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री वाई. सत्य कुमार यादव, बीजेपी आंध्र प्रदेश के अध्यक्ष पी.बी.एन. माधव, राज्यसभा सांसद बीडा मस्तान राव, स्वर्ण भारत ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. कामिनेनी श्रीनिवास, आंध्र प्रदेश विधानसभा के विधायक सोमीरेड्डी चंद्रमोहन रेड्डी, स्वर्ण भारत ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी दीपा वेंकट, पुष्पा बरपु फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी एम. हर्षवर्धन आदि उपस्थित थे।

बाढ़ पीड़ितों को CM योगी का भरोसा- आपदा की इस घड़ी में आप अकेले नहीं, डबल इंजन सरकार आपके साथ

बाढ़ पीड़ितों को CM योगी का भरोसा- आपदा की इस घड़ी में आप अकेले नहीं, डबल इंजन सरकार आपके साथ

Chief Minister Yogi Adityanath's statement regarding flood victims

– CM योगी ने बाढ़ प्रभावित चित्रकूट दौरे से पहले सेल्फी वीडियो जारी कर दिया बाढ़ राहत का संदेश

– बलिया, फर्रुखाबाद और वाराणसी का दौरा कर चुके हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

– योगी ने कहा, हर जीवन की सुरक्षा और हर परिवार तक राहत हमारा संकल्प

Chief Minister Yogi Adityanath : उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि सरकार उनके साथ खड़ी है। सीएम योगी ने रविवार को चित्रकूट के दौरे से पहले अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक सेल्फी वीडियो शेयर कर बाढ़ प्रभावित इलाकों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की जानकारी दी।

 

सीएम योगी ने कहा कि ज्यादा बारिश के कारण प्रदेश के कुछ जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। सरकार पूरी तेजी के साथ लोगों तक मदद पहुंचाने में जुटी है। वह खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर हालात देख रहे हैं और राहत-बचाव के कामों का जायजा ले रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के मंत्री भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों से मिल रहे हैं और राहत सामग्री बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए भी सरकार काम कर रही है। सीएम योगी ने बताया कि वह बलिया, फर्रुखाबाद और वाराणसी का दौरा कर चुके हैं और आज चित्रकूट जा रहे हैं।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए लोगों की सेवा सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि उनके सुख-दुख में साथ खड़े रहना भी है। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से कहा कि संकट की इस घड़ी में वे खुद को अकेला न समझें, सरकार पूरी तरह उनके साथ है।

 

सीएम योगी ने कहा कि हर व्यक्ति की जान की सुरक्षा, हर प्रभावित परिवार तक राहत पहुंचाना और जरूरतमंदों की मदद करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। 

अमेरिका में मेहंदी लगाना इतना महंगा? भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बताई अपनी प्रति घंटे की फीस

भारत में मेहंदी का नाम आते ही शादी, त्योहार और शुभ अवसर याद आ जाते हैं। लेकिन अमेरिका में रहने वाली सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रियंका जैन ने मेहंदी को सिर्फ उत्सव की परंपरा तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने इसे अपने लिए एक साइड बिजनेस और जुनून में बदल दिया है।

प्रियंका के मुताबिक, मेहंदी लगाकर वह एक घंटे में करीब 100 डॉलर, यानी लगभग 9,000 से 10,000 रुपये तक कमा लेती हैं। इतना ही नहीं, कई ग्राहक उन्हें बिल के ऊपर 20 फीसदी तक टिप भी दे देते हैं।

1 घंटे की मेहंदी से 10 हजार तक कमाई

प्रियंका ने सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में अपनी कमाई और मेहंदी बिजनेस के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका में वह करीब 100 डॉलर प्रति घंटे चार्ज करती हैं। हालांकि, असली कमाई ब्राइडल मेहंदी में और बढ़ जाती है। शादी के लिए बनाए जाने वाले डिजाइन ज्यादा बारीक और लंबे होते हैं, इसलिए इसमें कई घंटे लग सकते हैं।

प्रियंका के अनुसार, अगर कोई 10 घंटे की ब्राइडल या वेडिंग मेहंदी बुकिंग होती है, तो उससे करीब 1 लाख रुपये की कमाई हो सकती है। इसमें ग्राहक की ओर से मिलने वाली टिप अलग है।

अमेरिका में ज्यादा कमाई

भारतीय रुपये में 100 डॉलर प्रति घंटे की कमाई सुनकर यह रकम काफी बड़ी लगती है। हालांकि, प्रियंका का कहना है कि अमेरिका में कमाई के साथ रोजमर्रा के खर्च भी काफी ज्यादा हैं।

यानी भारत और अमेरिका में मेहंदी की कमाई की सीधी तुलना करना पूरी तस्वीर नहीं बताता। वहां कलाकारों को अपनी सेवाओं के लिए ज्यादा फीस मिल सकती है, लेकिन जीवन-यापन की लागत भी उसी हिसाब से अधिक है।

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग नहीं छोड़ना चाहतीं

मेहंदी से अच्छी कमाई होने के बावजूद प्रियंका का अपनी मुख्य नौकरी छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। वह अभी भी फुल-टाइम सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम कर रही हैं।

उनके मुताबिक, उनकी मुख्य आमदनी सैलरी से आती है, जबकि मेहंदी उनके लिए शौक और पैशन बिजनेस है। इसलिए मेहंदी से होने वाली कमाई उनके लिए अतिरिक्त आय का जरिया है।

पैसे से ज्यादा ‘सम्मान’ करती है खुश

प्रियंका की कहानी में सबसे खास बात सिर्फ उनकी कमाई नहीं है। उन्होंने अमेरिका में कलाकारों को मिलने वाले सम्मान को भी अपनी खुशी की बड़ी वजह बताया।

उनका कहना है कि भारत में कई बार मेहंदी आर्टिस्ट के काम को उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता। वहीं अमेरिका में उन्हें एक कलाकार के तौर पर पहचान और सम्मान मिलता है।

प्रियंका के मुताबिक, उनके लिए पैसे से ज्यादा महत्वपूर्ण यह बात है कि वह जो काम कर रही हैं, उसकी इज्जत की जाती है। उनका मानना है कि कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता।

सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?

प्रियंका की कमाई का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स के बीच भी चर्चा छिड़ गई। कुछ लोग अमेरिका में मेहंदी से मिलने वाली फीस देखकर हैरान हुए, तो कुछ ने भारत में कलाकारों को मिलने वाली कम फीस का जिक्र किया।

एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब उसे अमेरिका चले जाना चाहिए। वहीं भारत की एक मेहंदी आर्टिस्ट ने बताया कि उसे एक मेहंदी के लिए सिर्फ 300 से 500 रुपये तक मिलते हैं।

एक अन्य यूजर ने कहा कि भारत में लोग पूरी ब्राइडल मेहंदी के लिए 1,000 रुपये देने में भी आनाकानी करते हैं।

क्या अमेरिका में मेहंदी आर्टिस्ट बनने के लिए लाइसेंस चाहिए?

प्रियंका के वीडियो के बाद लोगों ने अमेरिका में मेहंदी का काम शुरू करने से जुड़ी जानकारी भी पूछी। एक यूजर ने उनसे पूछा कि क्या फ्रीलांस मेहंदी आर्टिस्ट बनने के लिए किसी लाइसेंस की जरूरत होती है।

जवाब में प्रियंका ने कहा कि उनके अनुसार इसके लिए अलग लाइसेंस की जरूरत नहीं है, लेकिन व्यक्ति का कानूनी रूप से अमेरिका में रहना या वैध वर्क वीजा होना जरूरी है।

इस तरह प्रियंका की कहानी सिर्फ डॉलर में होने वाली कमाई की वजह से नहीं, बल्कि यह दिखाने के लिए भी चर्चा में है कि किसी पारंपरिक कला को हुनर और बिजनेस के तौर पर आगे बढ़ाया जाए तो वह अतिरिक्त कमाई के साथ पहचान और सम्मान भी दिला सकती है।

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अमेरिका में मेहंदी लगाना इतना महंगा? भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बताई अपनी प्रति घंटे की फीस

भारत में मेहंदी का नाम आते ही शादी, त्योहार और शुभ अवसर याद आ जाते हैं। लेकिन अमेरिका में रहने वाली सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रियंका जैन ने मेहंदी को सिर्फ उत्सव की परंपरा तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने इसे अपने लिए एक साइड बिजनेस और जुनून में बदल दिया है।

प्रियंका के मुताबिक, मेहंदी लगाकर वह एक घंटे में करीब 100 डॉलर, यानी लगभग 9,000 से 10,000 रुपये तक कमा लेती हैं। इतना ही नहीं, कई ग्राहक उन्हें बिल के ऊपर 20 फीसदी तक टिप भी दे देते हैं।

1 घंटे की मेहंदी से 10 हजार तक कमाई

प्रियंका ने सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में अपनी कमाई और मेहंदी बिजनेस के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका में वह करीब 100 डॉलर प्रति घंटे चार्ज करती हैं। हालांकि, असली कमाई ब्राइडल मेहंदी में और बढ़ जाती है। शादी के लिए बनाए जाने वाले डिजाइन ज्यादा बारीक और लंबे होते हैं, इसलिए इसमें कई घंटे लग सकते हैं। प्रियंका के अनुसार, अगर कोई 10 घंटे की ब्राइडल या वेडिंग मेहंदी बुकिंग होती है, तो उससे करीब 1 लाख रुपये की कमाई हो सकती है। इसमें ग्राहक की ओर से मिलने वाली टिप अलग है।

अमेरिका में ज्यादा कमाई

भारतीय रुपये में 100 डॉलर प्रति घंटे की कमाई सुनकर यह रकम काफी बड़ी लगती है। हालांकि, प्रियंका का कहना है कि अमेरिका में कमाई के साथ रोजमर्रा के खर्च भी काफी ज्यादा हैं। यानी भारत और अमेरिका में मेहंदी की कमाई की सीधी तुलना करना पूरी तस्वीर नहीं बताता। वहां कलाकारों को अपनी सेवाओं के लिए ज्यादा फीस मिल सकती है, लेकिन जीवन-यापन की लागत भी उसी हिसाब से अधिक है।

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग नहीं छोड़ना चाहतीं

मेहंदी से अच्छी कमाई होने के बावजूद प्रियंका का अपनी मुख्य नौकरी छोड़ने का कोई इरादा नहीं है। वह अभी भी फुल-टाइम सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम कर रही हैं। उनके मुताबिक, उनकी मुख्य आमदनी सैलरी से आती है, जबकि मेहंदी उनके लिए शौक और पैशन बिजनेस है। इसलिए मेहंदी से होने वाली कमाई उनके लिए अतिरिक्त आय का जरिया है।

पैसे से ज्यादा ‘सम्मान’ करती है खुश

प्रियंका की कहानी में सबसे खास बात सिर्फ उनकी कमाई नहीं है। उन्होंने अमेरिका में कलाकारों को मिलने वाले सम्मान को भी अपनी खुशी की बड़ी वजह बताया। उनका कहना है कि भारत में कई बार मेहंदी आर्टिस्ट के काम को उतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता। वहीं अमेरिका में उन्हें एक कलाकार के तौर पर पहचान और सम्मान मिलता है।

प्रियंका के मुताबिक, उनके लिए पैसे से ज्यादा महत्वपूर्ण यह बात है कि वह जो काम कर रही हैं, उसकी इज्जत की जाती है। उनका मानना है कि कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता।

सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?

प्रियंका की कमाई का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स के बीच भी चर्चा छिड़ गई। कुछ लोग अमेरिका में मेहंदी से मिलने वाली फीस देखकर हैरान हुए, तो कुछ ने भारत में कलाकारों को मिलने वाली कम फीस का जिक्र किया। एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब उसे अमेरिका चले जाना चाहिए। वहीं भारत की एक मेहंदी आर्टिस्ट ने बताया कि उसे एक मेहंदी के लिए सिर्फ 300 से 500 रुपये तक मिलते हैं। एक अन्य यूजर ने कहा कि भारत में लोग पूरी ब्राइडल मेहंदी के लिए 1,000 रुपये देने में भी आनाकानी करते हैं।

क्या अमेरिका में मेहंदी आर्टिस्ट बनने के लिए लाइसेंस चाहिए?

प्रियंका के वीडियो के बाद लोगों ने अमेरिका में मेहंदी का काम शुरू करने से जुड़ी जानकारी भी पूछी। एक यूजर ने उनसे पूछा कि क्या फ्रीलांस मेहंदी आर्टिस्ट बनने के लिए किसी लाइसेंस की जरूरत होती है।

जवाब में प्रियंका ने कहा कि उनके अनुसार इसके लिए अलग लाइसेंस की जरूरत नहीं है, लेकिन व्यक्ति का कानूनी रूप से अमेरिका में रहना या वैध वर्क वीजा होना जरूरी है। इस तरह प्रियंका की कहानी सिर्फ डॉलर में होने वाली कमाई की वजह से नहीं, बल्कि यह दिखाने के लिए भी चर्चा में है कि किसी पारंपरिक कला को हुनर और बिजनेस के तौर पर आगे बढ़ाया जाए तो वह अतिरिक्त कमाई के साथ पहचान और सम्मान भी दिला सकती है।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।

21 साल के बिट्टू तबाही की CM मोहन यादव से मुलाकात पर मचा बवाल! ध्रुव राठी ने कही ये बात

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मध्य प्रदेश के 21 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘बिट्टू तबाही’ के नाम से जाना जाता है, इन दिनों एक अलग वजह से चर्चा में हैं। उन्होंने अपने दम पर प्रदूषित अजनार नदी की सफाई का अभियान शुरू किया था। उनके इसी काम की वजह से वह न सिर्फ लोगों की नजरों में आए, बल्कि अब उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी हुई।

इसी मुलाकात को लेकर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने सवाल उठाया, जिसके बाद बिट्टू तबाही ने सीधे उन्हें जवाब दिया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव से हुई मुलाकात

सुरेंद्र सिंह चौधरी हाल ही में भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नदी की सफाई के लिए उनके प्रयासों की सराहना की और उनके जज्बे की तारीफ की। मुलाकात का वीडियो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी साझा किया गया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं।

ध्रुव राठी ने सरकार पर साधा निशाना

वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए ध्रुव राठी ने सरकार पर बिट्टू तबाही के काम का श्रेय लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि एक युवक ने अकेले नदी की सफाई के लिए मेहनत की और जब उसका काम वायरल हुआ, तब उसे बुलाकर फोटोशूट किया गया। राठी ने यह भी टिप्पणी की कि सरकार वास्तव में क्या कर रही है और केवल PR करने से क्या हासिल होगा। उनकी इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर चर्चा को और तेज कर दिया।

बिट्टू तबाही ने क्या दिया जवाब?

ध्रुव राठी की टिप्पणी पर सुरेंद्र सिंह चौधरी ने खुद जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह किसी को श्रेय देने या लेने की बात नहीं है। उनके मुताबिक, सरकार पहले भी उनके काम की सराहना कर चुकी है। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा सिविक सेंस यानी नागरिक जिम्मेदारी का है। उनका मकसद सिर्फ इतना है कि लोग सफाई और पर्यावरण को लेकर अपनी जिम्मेदारी समझें और आगे आकर काम करें। बिट्टू के इस जवाब से साफ हुआ कि वह अपनी मुहिम को राजनीतिक बहस से ज्यादा लोगों की भागीदारी और जागरूकता से जोड़कर देखते हैं।

मोहन यादव ने भी की तारीफ

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सुरेंद्र के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए हमेशा बड़ी संख्या में लोगों की जरूरत नहीं होती। कई बार एक व्यक्ति की ईमानदार पहल भी बदलाव की शुरुआत कर सकती है।

मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों को राज्य सरकार के जल गंगा संवर्धन अभियान से भी जोड़ा। यह अभियान जल स्रोतों के संरक्षण और उनके पुनर्जीवन के लिए जनभागीदारी पर जोर देता है।

नदी की सफाई ने विदेश तक पहुंचाई पहचान

अजनार नदी की सफाई को लेकर बिट्टू तबाही की मेहनत की चर्चा भारत से बाहर भी पहुंची। उनकी कहानी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नीदरलैंड स्थित गैर-लाभकारी संस्था The Ocean Cleanup के संस्थापक और CEO बॉयन स्लैट ने उन्हें नौकरी का ऑफर दिया।

एक X यूजर ने बिट्टू के काम की पहले और बाद की तस्वीरें शेयर करते हुए बताया कि 21 वर्षीय सुरेंद्र कई महीनों से अकेले प्रदूषित अजनार नदी की सफाई में जुटे हुए हैं।

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cm yogi

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी कोतवाल बाबा कालभैरव और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन कर देश और प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और लोक कल्याण की कामना की।  मुख्यमंत्री शनिवार को 'काशी कोतवाल' बाबा कालभैरव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती कर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया।

बाबा कालभैरव के चरणों में शीश नवाकर उन्होंने लोक कल्याण और उत्तर प्रदेश की समृद्धि के लिए मंगल कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह में विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया तथा प्रदेश और देशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं लोक कल्याण की प्रार्थना की।

बाढ़ के बीच योगी सरकार का राहत अभियान तेज, 18,810 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया

बाढ़ के बीच योगी सरकार का राहत अभियान तेज, 18,810 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार का राहत और बचाव अभियान लगातार तेज गति से जारी है। सरकार की सक्रियता और प्रशासन की तत्परता से बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक अब तक 18,810 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, जबकि शुक्रवार को ही 4,799 लोगों का रेस्क्यू किया गया। राहत अभियान के तहत अब तक 4.02 लाख से अधिक लंच पैकेट और 79,666 बाढ़ राहत किट वितरित की जा चुकी हैं। 1,821 नाव एवं मोटरबोट रेस्क्यू कार्य में लगाई गई हैं। बाढ़ से अब तक कोई जनहानि की सूचना नहीं है।

6 हजार से ज्यादा लोग शरणालय में रह रहे

वर्तमान में 24 जिलों में बाढ़ का असर है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी और राहत कार्य किया जा रहा है। अब तक 18,810 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके साथ ही 1,313 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें 6 हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं।

4 लाख से ज्यादा लंच पैकेट किए वितरित

बाढ़ के बीच प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चल रहा है। बाढ़ की शुरूआत से अब तक 4.02 लाख से अधिक लंच पैकेट और 79 हजार से अधिक बाढ़ राहत किट वितरित की जा चुकी हैं। शुक्रवार को भी 38 हजार से ज्यादा लंच पैकेट और 6 हजार से ज्यादा बाढ़ राहत किट बांटी गईं। इससे प्रभावित लोगों को संकट की स्थिति में तत्काल भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी सरकार का विशेष फोकस

बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी सक्रिय रखा गया है। प्रदेश में अब तक 1,072 मेडिकल टीमें गठित की जा चुकी हैं। स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 5.75 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 2 लाख से ज्यादा ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं।

1,821 नाव-मोटरबोट से लगातार रेस्क्यू

जलभराव और बाढ़ के कारण जहां सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल है, वहां नाव और मोटरबोट के जरिए राहत एवं बचाव दल पहुंच रहे हैं। अब तक 1,821 नाव एवं मोटरबोट का प्रयोग किया जा चुका है। इससे प्रभावित गांवों में फंसे लोगों को निकालने और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने में महत्वपूर्ण मदद मिल रही है। अब तक बाढ़ से कोई व्यक्ति या पशुहानि दर्ज नहीं हुई है, जो रेस्क्यू ऑपरेशंस और निगरानी व्यवस्था की अहम उपलब्धि है। बाढ़ से मकान क्षतिग्रस्त होने के 485 मामलों में प्रभावित परिवारों को सहायता वितरित की जा चुकी है।

प्रभावित 24 जिले

अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी।

सोशल मीडिया से सूचना पर पहुंची मदद, आवास का दिया भरोसा

अयोध्या में सोशल मीडिया के माध्यम से परिवार की परेशानी की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। बीकापुर के खजुराहट गांव के बरगदीया मजरे में प्रभावित अर्पिता पाण्डेय के परिवार को खाद्य सामग्री, सब्जियां, तिरपाल, बर्तन, गैस सिलेंडर सहित जरूरी गृह उपयोगी सामान उपलब्ध कराया गया। विधायक डॉ. अमित चौहान भी राहत सामग्री लेकर पहुंचे। प्रशासन ने परिवार को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी प्राथमिकता से शुरू कर दी है।

बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचे राज्यमंत्री

रायबरेली में उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की शिथिलता न बरतने और प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक समयबद्ध तरीके से राहत व सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।

गोरक्षपीठ में सीएम योगी ने मनाया गोपाल का प्राकट्योत्सव

गोरक्षपीठ में सीएम योगी ने मनाया गोपाल का प्राकट्योत्सव

CM Yogi, Gorakhnath Temple Krishna Janmashtami: भक्ति, प्रेम व धर्म के शाश्वत आलोक, गोपाल, जगतपाल, पूर्ण परब्रह्म, भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्योत्सव का पवित्र पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शिवावतार महायोगी गोरखनाथ की साधनास्थली गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक श्रद्धा, भव्यता एवं हर्षोल्लास से मनाया गया। गोरक्षपीठ के इस पारंपरिक कार्यक्रम का नेतृत्व करने के लिए गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार रात लखनऊ से गोरखपुर पहुंचे।

 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार सुबह से मध्य रात्रि तक, मथुरा से लेकर लखनऊ और गोरखपुर तक, समस्त योगियों के परमेश्वर माने जाने वाले योगेश्वर श्रीकृष्ण की साधना में रमे रहे। सुबह उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा स्थित जन्मभूमि मंदिर में कान्हा की विधि विधान से आराधना कर प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। शाम को वह लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में सम्मिलित हुए और फिर रात में गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर उन्होंने पारंपरिक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में प्रभु के प्राकट्य अनुष्ठान को पूर्ण कराया। 

 

गोरखनाथ मंदिर पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने सबसे पहले शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन किया। इसके बाद उन्होंने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर मत्था टेक पुष्पार्चन किया, उनका आशीर्वाद लिया। गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन उपलक्ष्य में महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में भजन संध्या का आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री यहां पहुंचे और सुमधुर भजनों का आनंद उठाते हुए राधा-कृष्ण बने बच्चों को दुलारकर उन्हें उपहार देते रहे। 

 

गोरक्षपीठाधीश्वर ने मध्य रात्रि गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर विधि विधान से विशिष्ट पूजा अर्चना की। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के बाद 'नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की' और ‘श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेव’ की मंगल धुन, सोहर गीत और घंटों-घड़ियाल की ध्वनि के बीच गोरक्षपीठाधीश्वर उन्हें गोद में लेकर गर्भगृह से बाहर आए। सीएम योगी ने, प्रभु श्रीहरि के बाल स्वरूप ‘लड्डू गोपाल’ को फूलों से सजे पालने में बैठाकर श्रद्धाभाव से उन्हें झुलाया और आरती उतारी। प्रभु श्रीकृष्ण का प्राकट्य अनुष्ठान पूर्ण होने के उपरांत मंदिर की तरफ से श्रद्धालुओं को फलाहार और प्रसाद वितरित किया गया। 

 

गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव परंपरागत रूप से धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में भजन संध्या कार्यक्रम सुपरिचित लोक गायक डॉ. राकेश श्रीवास्तव के संयोजन में शाम से ही जारी था। दूसरी तरफ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का मुख्य धार्मिक अनुष्ठान मंदिर के गर्भगृह में रात करीब साढ़े ग्यारह बजे से प्रारंभ हुआ और ठीक मध्य रात्रि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोपरांत मंगल गीत व प्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, कई साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मध्य रात्रि तक मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। 

राधा-कृष्ण बने बच्चों को मिला सीएम योगी का स्नेह व उपहार

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में भजन कीर्तन के मध्य श्रीकृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता में राधा व कृष्ण बने बच्चों को खूब स्नेह दिया। उनसे खूब हंसी ठिठोली भी की। उन्हें खिलौने व चॉकलेट उपहार में दिए। इस दौरान कई मासूमों को अपनी गोद में लेकर वह काफी देर तक खिलाते रहे, प्यार-दुलार करते रहे। कुछ बच्चों ने सीएम योगी को दोहे और श्लोक सुनाए तो कुछ ने उनके साथ सेल्फी ली। मुख्यमंत्री सभी बच्चों का अनुरोध पूरा करते रहे।

बालरूप सज्जा नयनाभिराम

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर गोरखनाथ मंदिर के ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित श्रीकृष्ण बालरूप सज्जा प्रतियोगिता में सजधज कर आए बच्चों ने लोगों का मन मोह लिया। प्रतियोगिता में कोई श्रीकृष्ण के रूप में था तो कोई राधा। इन बच्चों के वेश और रूप से सभागार एकबारगी गोकुल का भान करा रहा था। दो वर्गों में हुई इस प्रतियोगिता में शामिल सभी बच्चे कार्यक्रम का आकर्षण बढ़ा रहे थे। बाल रूप सज्जा प्रतियोगिता के कान्हा वर्ग में प्रथम पुरस्कार शर्विल पांडेय को, द्वितीय पुरस्कार सौम्या प्रजापति और तृतीय पुरस्कार हिमांशी श्रीवास्तव को दिया गया। गोपाल वर्ग में प्रथम पुरस्कार सार्थक, द्वितीय राजवीर और तृतीय पुरस्कार रूद्र को मिला। श्रीकृष्ण रूप सज्जा में विजेताओं को मुख्यमंत्री ने प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर पुरस्कृत किया। निर्णायक की भूमिका सारिका राय, मनीषा सिंह और हृदया त्रिपाठी ने निभाई जबकि संचालन शिवेंद्र पांडेय ने किया।

भजनों में गूंजा जय कान्हा-श्याम

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में, डॉ. राकेश श्रीवास्तव के संयोजन में आयोजित भजन संध्या में कान्हा-श्याम की आराधना की गूंज रही। शुभारंभ पुनीत श्रीवास्तव ने एक सुमधुर भक्ति गीत से किया। इसके पश्चात हृदया त्रिपाठी व अनीता सिंह ने सोहर और लक्ष्मी गुप्ता ने बधाई गीत की कर्णप्रिय प्रस्तुति दी। गायक उमेश मिश्रा और एकता शुक्ला ने कृष्ण भजन सुनाकर सबको भाव विभोर कर दिया। डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने पारंपरिक बधाई गीत एवं सोहर के गायन से वातावरण को उल्लासमय बना दिया। वाद्य यंत्रों पर श्यामसुंदर लाल श्रीवास्तव हंसलोना, दीपक, आभास पाठक एवं सुधाकर सिन्हा ने संगत की।

गर्भगृह में हनुमत संगीत आश्रम ने सजाई भजन संध्या

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में हनुमत संगीत आश्रम एवं सेवा संस्थान की तरफ से रात आठ बजे से बारह बजे तक भजनों की प्रस्तुति की गई। जन्मोत्सव से पूर्व, गर्भगृह में भजनों का श्रवण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी किया। कार्यक्रम की शुरुआत गायक और संगीतकार अभिषेक पांडेय बिट्टू के भजनों से हुई। तत्पश्चात सिद्धि सिंह, निशांत शुक्ला, श्रेयांश तेजस्वी, ओम सिंह, हृदयांश श्रीवास्तव, अपूर्व नमन, आकांक्षा त्रिपाठी, प्रीति अग्रहरि और अलका जायसवाल ने अपने भजनों की प्रस्तुति से लोगों को खूब झुमाया। कार्यक्रम का संयोजन धर्मेंद्र कुमार श्रीवास्तव एवं संगीत निर्देशन अभिषेक पांडेय बिट्टू का था। वाद्य यंत्र पर अजीत राज, शैलेश दुबे व रुद्राक्ष शुक्ला ने संगत की।

Kia Sorento में पहली बार Real-Time Generative AI और भी धांसू फीचर्स, जानिए कीमत

Kia Sorento में पहली बार Real-Time Generative AI और भी धांसू फीचर्स, जानिए कीमत

Kia Sorento 1

kia sorento launched : किआ इंडिया ने भारत के प्रीमियम थ्री-रो SUV सेगमेंट में कदम रखते हुए अपनी ग्लोबल SUV Kia Sorento को भारत में लॉन्च कर दिया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹27.99 लाख रखी गई है। वहीं, इसका Hybrid मॉडल ₹29.99 लाख की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध होगा।

Kia Sorento के साथ कंपनी ने भारत में पहली बार Hybrid पावरट्रेन पेश किया है। इसके अलावा, भारत-स्पेक Sorento में Kia AI Assistant भी पेश किया गया है, जिसमें रियल-टाइम Generative AI की क्षमता है। कंपनी के मुताबिक, यह तकनीक पहली बार वैश्विक स्तर पर Sorento में पेश की गई है। Kia Sorento की आधिकारिक डिलीवरी 4 सितंबर 2026 से देशभर में शुरू हो गई है।

 

भारत में पहली बार Hybrid पावरट्रेन

 

Kia Sorento को Hybrid और Diesel, दो पावरट्रेन विकल्पों के साथ पेश किया गया है। Hybrid मॉडल में Smartstream 1.6 Turbo GDI Hybrid इंजन मिलता है। इस इंजन से 180 PS की पावर और 265 Nm का टॉर्क मिलता है। इसके साथ 65 PS का इलेक्ट्रिक मोटर दिया गया है, जो 264 Nm का टॉर्क पैदा करता है। Hybrid पावरट्रेन को 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जोड़ा गया है।

 

दूसरा विकल्प Smartstream 2.2 Diesel इंजन है, जो 193 PS की पावर और 442 Nm का टॉर्क देता है। इसे 8-स्पीड Dual Clutch Transmission (8DCT) के साथ जोड़ा गया है। दोनों पावरट्रेन में Eco, Normal, Smart और Sport ड्राइव मोड दिए गए हैं।

 

Hybrid के साथ AWD का भी विकल्प

 

Kia Sorento अपने सेगमेंट की पहली SUV है जिसमें Hybrid पावरट्रेन के साथ All-Wheel Drive (AWD) का विकल्प दिया गया है। Hybrid और Diesel दोनों पावरट्रेन AWD के साथ उपलब्ध हैं। इनमें Snow, Sand और Mud जैसे Terrain Modes दिए गए हैं, जो अलग-अलग परिस्थितियों में बेहतर ट्रैक्शन और टॉर्क डिस्ट्रीब्यूशन में मदद करते हैं।

 

4,815 mm लंबी और 1,900 mm चौड़ी SUV

 

Sorento को Kia के ग्लोबल N3 प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। इसकी लंबाई 4,815 mm, चौड़ाई 1,900 mm, व्हीलबेस 2,815 mm और रूफ रेल्स के साथ ऊंचाई 1,785 mm है। कंपनी के अनुसार, यह अपने सेगमेंट की सबसे लंबी और चौड़ी SUV है। इसका बड़ा आकार तीनों रो में ज्यादा जगह उपलब्ध कराने में मदद करता है। SUV के फ्रंट में Kia Digital Tiger Face, Crystal Cube LED Projection Headlamps और Star Map LED DRLs दिए गए हैं। पीछे Star Map LED Tail Lamps मिलते हैं। इसके अलावा SUV में Satin Chrome फिनिश वाली फ्रंट और रियर स्किड प्लेट, Satin Chrome बेल्टलाइन और इंटीग्रेटेड रियर स्पॉयलर भी दिया गया है। Sorento में 18-इंच Sporty Crystal Cut Alloy Wheels और 19-इंच Premium Crystal Cut Alloy Wheels का विकल्प मिलता है।

 

प्रीमियम केबिन में 12.3-इंच के दो डिस्प्ले

 

Kia Sorento के केबिन को प्रीमियम और टेक्नोलॉजी से लैस बनाया गया है। इसमें Panoramic Curved Display Panel मिलता है, जिसमें 31.24 cm यानी 12.3-इंच HD Touchscreen Navigation Cockpit और 12.3-इंच HD Digital Instrument Cluster शामिल हैं। इसके साथ Windshield Head-Up Display और Advanced Digital IRVM दिया गया है। SUV में Smoky Black & Grey और टॉप HTX वेरिएंट में Black & Olive Brown इंटीरियर थीम का विकल्प मिलता है। इसमें Dual Pane Panoramic Sunroof और 64-कलर Ambient Mood Lighting भी दी गई है।

 

6 और 7-सीटर दोनों विकल्प

 

Kia Sorento को 6-सीटर और 7-सीटर कॉन्फिगरेशन में पेश किया गया है। पहली रो में 10-Way Power Driver और Co-Passenger Seats, Lumbar Adjustment, Relaxation Power Seats, Driver Seat Ergo Function और Integrated Memory System जैसे फीचर्स दिए गए हैं। Sorento की खासियत यह है कि इसमें पहली रो के अलावा दूसरी रो में भी Ventilated Seats मिलती हैं। सीटों में 3-स्टेप कूलिंग फंक्शन दिया गया है। 6-सीटर मॉडल में दूसरी रो में Captain Seats मिलती हैं, जबकि 7-सीटर मॉडल में 60:40 स्प्लिट रियर सीटें दी गई हैं। दोनों में Slide, Recline और Walk-in फंक्शन मिलता है।

 इसके अलावा 4-Way Power Boss Mode, Wing Type Headrests, तीसरी रो में 50:50 Split-Folding Seats और दूसरी-तीसरी रो के लिए Rear AC Vents दिए गए हैं।

 

Kia Sorento में पहली बार Real-Time Generative AI

 

Kia Sorento का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी अपडेट इसका Kia AI Assistant है। भारत-स्पेक Sorento में यह तकनीक पहली बार वैश्विक स्तर पर पेश की गई है। Kia AI Assistant रियल-टाइम सर्च पर आधारित जानकारी उपलब्ध कराता है। यह सामान्य बातचीत को समझने के साथ Follow-up Questions का जवाब भी दे सकता है। “Hey Kia” Wake Word के जरिए इसे हैंड्स-फ्री इस्तेमाल किया जा सकता है। यह चुनिंदा वाहन फंक्शंस, जैसे Air Conditioning और Windows को भी कंट्रोल कर सकता है।

 

इसके अलावा Sorento में:

  •  
  • Remote Vehicle Immobilization
  • Kia Connect 2.0 के 85+ कनेक्टेड कार फीचर्स
  • 30 कंट्रोलर्स के लिए OTA Software Updates
  • Digital Key 2.0
  • Wireless Android Auto
  • Wireless Apple CarPlay

 

जैसे फीचर्स मिलते हैं।

 

Disney, Marvel और Pixar थीम से कर सकेंगे कार को पर्सनलाइज

 

Kia ने पहली बार भारत में Personalized Display Themes भी पेश किए हैं। Sorento के Cluster और Infotainment सिस्टम में Disney, Marvel और Pixar पर आधारित कुल 9 थीम मिलेंगी। इन थीम के जरिए ग्राहक डैशबोर्ड के रंग, एनिमेशन और स्क्रीन लेआउट को अपनी पसंद के अनुसार बदल सकेंगे। दिसंबर 2026 से Kia Connect Store भी Sorento के लिए शुरू किया जाएगा। इसके जरिए ग्राहक चुनिंदा Feature-on-Demand सेवाओं को खरीद सकेंगे।

 

30 ADAS फीचर्स और 10 एयरबैग तक

 

सेफ्टी के मामले में भी Sorento को काफी एडवांस बनाया गया है। SUV में ADAS Level 2+ के 30 फीचर्स दिए गए हैं।

 

इनमें:

 

  • Forward Collision Warning
  • Forward Collision-Avoidance Assist
  • Lane Keeping Assist
  • Lane Following Assist
  • Highway Driving Assist
  • Smart Cruise Control
  • Blind Spot Collision Avoidance
  • Rear Cross Traffic Collision Avoidance
  • Safe Exit Warning
  • Remote Smart Parking Assist

 

जैसे फीचर्स शामिल हैं।

 

Kia का Robust 26 Standard Safety Package भी मिलता है। इसमें 7 एयरबैग स्टैंडर्ड हैं, जबकि टॉप वेरिएंट में अतिरिक्त Rear Side और Centre Side Airbags के साथ कुल 10 एयरबैग तक मिलते हैं।

 

इसके अलावा 360-डिग्री कैमरा, Blind View Monitor, 12 पार्किंग सेंसर, पांच रडार और Dynamic Guidelines वाला रियर कैमरा भी दिया गया है।

 

भारत में बनी, भारतीय ग्राहकों के हिसाब से तैयार

 

Kia Sorento का उत्पादन भारत में Kia India की अनंतपुर, आंध्र प्रदेश स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में किया गया है। कंपनी ने भारतीय सड़कों और ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसमें कई बदलाव किए हैं। इनमें India-specific grille detailing, Acoustic Windshield और Black High Glossy Bridge Type Roof Rails शामिल हैं। कंपनी का दावा है कि Acoustic Windshield, Door Trim Insulator और अन्य इंजीनियरिंग सुधारों की वजह से Sorento में बेहद शांत केबिन और बेहतर NVH प्रदर्शन मिलता है।

 

ये प्रमुख फीचर्स भी मिलेंगे

 

Kia Sorento में कई प्रीमियम और सेगमेंट-फर्स्ट फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

 

  • Smart Power Tailgate with Anti-Pinch
  • Dual Pane Panoramic Sunroof
  • Bose Premium Sound System with 12 Speakers
  • Smart Dashcam with Front & Rear Camera
  • Remote Smart Parking Assist
  • 220V Power Outlet
  • Digital IRVM
  • Head-Up Display
  • Wireless Smartphone Charger
  • Dual-Zone Automatic Climate Control
  • Tyre Pressure Monitoring System
  • Electronic Parking Brake with Auto Hold
  • Front और Rear Seat Side Airbags
  • Driver Knee Airbag
  • All-Wheel Disc Brakes
  • ISOFIX
  • Rear Occupant Alert
     

Kia Sorento की कीमत और वेरिएंट

 

Kia Sorento को तीन मुख्य ट्रिम्स और उनके Option Pack के साथ पेश किया गया है। Diesel 7-Seater की शुरुआती कीमत ₹27.99 लाख है, जबकि Hybrid 7-Seater की शुरुआती कीमत ₹29.49 लाख है। टॉप वेरिएंट में कीमत करीब ₹40.19 लाख एक्स-शोरूम तक जाती है।

 

प्रमुख कीमतें

  • पावरट्रेन सीटिंग शुरुआती कीमत टॉप कीमत
  • 2.2 Diesel 8DCT 7-सीटर ₹27.99 लाख ₹38.69 लाख
  • 2.2 Diesel 8DCT 6-सीटर ₹32.69 लाख ₹38.89 लाख
  • 1.6 Turbo Hybrid 6AT 7-सीटर ₹29.49 लाख ₹40.19 लाख
  • 1.6 Turbo Hybrid 6AT 6-सीटर ₹34.19 लाख ₹40.39 लाख
  • आठ एक्सटीरियर कलर का विकल्प

 

Kia Sorento को आठ मोनो-टोन एक्सटीरियर कलर में पेश किया गया है:

 

  • Glacier White Pearl
  • Gravity Gray
  • Imperial Blue
  • Magma Red
  • Pewter Olive
  • Ivory Silver Gloss
  • Aurora Black Pearl
  • Matte Dark Gun Metal

 

इसके अलावा पहली बार Kia India लाइन-अप में Black Line Trim भी पेश किया गया है। इसमें Kia और Sorento बैज, 19-इंच Premium Crystal Cut Alloy Wheels, Fender Garnish और Beltline सहित कई एक्सटीरियर एलिमेंट्स को ब्लैक फिनिश दी गई है।

 

4.8 मिलियन से ज्यादा ग्राहकों का भरोसा

 

Kia Sorento पिछले 24 वर्षों और चार पीढ़ियों के दौरान 132 देशों में 4.8 मिलियन से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच चुकी है। यही वजह है कि यह Kia की सबसे सफल ग्लोबल SUV नेमप्लेट में शामिल है। भारत में नई Sorento के साथ Kia ने पहली बार प्रीमियम थ्री-रो SUV सेगमेंट में कदम रखा है। Hybrid पावरट्रेन, AWD, ADAS Level 2+, 10 एयरबैग तक और Real-Time Generative AI वाला Kia AI Assistant इसे इस सेगमेंट की एक टेक्नोलॉजी-फोकस्ड SUV बनाते हैं।

अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगा ब्रज: सीएम योगी

अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगा ब्रज: सीएम योगी

Yogi adityanath

CM Yogi Adityanath Braj redevelopmen: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या काशी के भव्य विकास के बाद अब ब्रजभूमि को भी जन-भावनाओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा। डबल इंजन सरकार इसमें कोई कसर नहीं छोड़ेगी। ब्रजभूमि के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यहां ऐसा भव्य परिसर तैयार किया जाएगा, जैसा अयोध्या और काशी में हुआ है। पिछली सरकारें श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने से डरती थीं, क्योंकि उन्हें अपने वोट बैंक की चिंता होती थी। यह सरकार कृष्ण कन्हैया, प्रभु श्रीराम, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी पर विश्वास करती है। लेकिन, जिनकी आस्था बाबर और औरंगजेब में होगी, क्या वे आपकी आस्था का सम्मान कर पाएंगे? 

समाज विरोधी मंसूबे पूरे नहीं होने देगी सरकार

मुख्यमंत्री शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन करने के उपरांत मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बाबर और औरंगजेब के अनुयायी फिर से समाज में जहर घोलने का काम करने जा रहे हैं। उनकी आदत समाज में विष वमन करने की है, जिससे समाज व राष्ट्र विरोधी तत्वों के हौसले बढ़ सकें, वे आपकी सुरक्षा में सेंध लगा सकें, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर सकें, बहन-बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगा सकें, अन्नदाता किसानों की खुशहाली पर डकैती डाल सकें और उद्यमी बनने की ओर अग्रसर कारीगरों व हस्तशिल्पियों को फिर से लाचार बना सकें। लेकिन डबल इंजन की सरकार इन मंसूबों पर पानी फेरेगी और इन्हें कभी पूरा नहीं होने देगी। 

कल्पना से परे था अयोध्या का कायापलट

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्यावासियों को कल्पना भी नहीं थी कि कभी अयोध्या का इतना भव्य विकास होगा। वहां न सड़क थी, न बिजली और न ही पानी की समुचित व्यवस्था। गंदगी का अंबार लगा रहता था। अयोध्या रेलवे की सिंगल लाइन से जुड़ी थी। जो श्रद्धालु वहां जाता था,  अव्यवस्था और अराजकता देखकर रोता हुआ लौटता था। आज प्रतिदिन करीब एक लाख श्रद्धालु अयोध्या धाम आते हैं। रामनवमी, कार्तिक माह, सावन का झूला मेला, दीपोत्सव आदि पर्वों पर यह संख्या बढ़कर पांच से 50 लाख तक पहुंच जाती है। कहीं कोई असुविधा नहीं होती।

सामाजिक समता का अद्भुत उदाहरण भी देखने को मिलता है। प्रभु श्रीराम के नाम को जन-जन तक पहुंचाने वाले महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन गया है। कनेक्टिविटी के लिए चारों ओर से फोरलेन सड़कें बन चुकी हैं। रेलवे की डबल लाइन हो चुकी है। अयोध्या में जहां भी जाएंगे, आपको भक्तिपथ, रामपथ जैसे नामों की फोरलेन सड़कें मिलेंगी।

अपराजित रही हमारी आस्था

सीएम ने कहा 1528 में विदेशी आक्रांता ने हमारी आस्था को समाप्त करने का प्रयास किया था। लेकिन, अयोध्या में प्रभु श्रीराम के प्रति हमारी सनातन आस्था निरंतर बढ़ रही है। वहां उमड़ रहे जनसैलाब से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। जो आक्रांता खुद को अविजित मानते थे, आज उनका कहीं अता-पता नहीं। सब समाप्त हो गए। लेकिन, हमारी आस्था कभी पराजित नहीं हुई। अयोध्या में प्रभु श्रीराम का दुनिया का विशालतम भव्य मंदिर बन गया। जिन लोगों को ये सब अच्छा नहीं लगता, वे अयोध्या को बदनाम कर रहे हैं।

मां विंध्यवासिनी धाम का भव्य परिसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अभी यहां योगमाया का दर्शन कर रहा था। इसी धरा पर योगमाया ने अवतरित होकर कंस के अहंकार को चुनौती दी थी और वही योगमाया विंध्यवासिनी धाम में प्रकट हुई थीं। मैं जब भी यहां आता था, मुझे तत्काल मां विंध्यवासिनी का स्मरण आता था। आज मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि योगमाया के प्रति हमारी आस्था ने विंध्यवासिनी धाम को एक भव्य परिसर उपलब्ध कराया है।

ब्रज क्षेत्र में श्रद्धालुओं को मिलेंगी सभी सुविधाएं

सीएम ने कहा कि मथुरा-वृंदावन समेत बरसाना, नंदगांव व गोवर्धन आने वाले श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं मिलेंगी। किसी श्रद्धालु को कोई दिक्कत न हो, उसकी आस्था को ठेस न लगे, वह सहज भाव से आए, दर्शन करे और आशीर्वाद लेकर जाए। इसके लिए डबल इंजन की सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। ये पर्व व त्योहार केवल आस्था ही नहीं,  हमारी आर्थिकी के आधार भी हैं। समाज का हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में व्यवस्था के साथ जुड़कर पीएम मोदी जी के विकसित भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे रहा है।

हम सिर्फ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से एक ही बात कही कि अर्जुन, तुम निमित्त मात्र हो, तुम अपना कर्तव्य करो। तुम अगर निष्काम कर्म करोगे तो परिणाम पाओगे। इसी तरह हम सब भी देश, समाज व परिवार के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करेंगे तो भारत को विकसित भारत और उत्तर प्रदेश को विकसित उत्तर प्रदेश बनने में कोई देर नहीं लगेगी। ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’, श्रीकृष्ण कहते हैं कि कर्म करो, अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ो। बाकी चिंता हमारे कृष्ण कन्हैया करेंगे।

 

उन्होंने कहा कि हमारा देश स्वतंत्र है, तभी हम इतने स्वतंत्र माहौल में अपने पर्व और त्योहार मना पा रहे हैं। कल से लाखों की संख्या में श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन आकर आस्था के साथ विभिन्न समारोहों और आयोजनों में भागीदार बन रहे हैं। आज हम शासन की सुविधाओं से जुड़े हैं और विकास की नई-नई परियोजनाओं का लाभ ले रहे हैं। नौजवान अपने जीवन और भविष्य के प्रति आश्वस्त है। हर बेटी बहन अपनी सुरक्षा के प्रति आश्वस्त है। हर कारीगर और हर हस्तशिल्पी के मन में उद्यमी बनने का विश्वास है। इसी विश्वास को जगाने और हमें जोड़ने के लिए ये पर्व व त्योहार आते हैं। मुझे भी इसीलिए ब्रजभूमि में ‘लाला’ (बालकृष्ण) के दर्शन करने का अवसर प्राप्त हुआ है।

अब जवाहर बाग जैसी घटना नहीं, बल्कि उत्सव होता है

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए हमारी आस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। विरासत के सम्मान के लिए ही मैं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर यहां आता हूं। पिछली सरकारें यहां आने से डरती थीं, क्योंकि उन्हें वोट बैंक की चिंता होती थी। उन्हें डर रहता था कि कहीं लोग सवाल न पूछ लें और इसीलिए उनके कृत्यों से यहां जवाहर बाग जैसी घटना हुई। लेकिन, अब हमारी यह ब्रजभूमि जन्मोत्सव, रंगोत्सव, ब्रजरज उत्सव और वैष्णव कुंभ जैसे आयोजनों के साथ नए उत्साह, नई उमंग और नए विश्वास से जुड़ रही है। यही नया विश्वास हम सबको आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की बधाई व शुभकामनाएं भी दीं।