Delhi Building Collapse: सत्या निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद MCD का बड़ा एक्शन, 4 मंजिल से ऊपर की अवैध इमारतें सील करने का आदेश

Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्या निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने से छह लोगों की मौत के बाद नगर निगम दिल्ली (MCD) ने राजधानी में अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू करने का आदेश दिया है। MCD ने चार मंजिल से अधिक ऊंची अवैध इमारतों को तत्काल सील करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई का आदेश दिया गया है, जिनकी लापरवाही या मिलीभगत से अवैध निर्माण खड़े हुए। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत ढहने की घटना में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर छह हो गई है और मलबे से कुल 11 लोगों को निकाला गया है।

दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने कहा है कि सत्या निकेतन हादसे के जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच में जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें तत्काल बर्खास्तगी भी शामिल हो सकती है।

करीब 30 साल पुरानी इमारत ढही

साउथ दिल्ली के सत्या निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक लगभग 30 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई। यह इमारत छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट (PG) आवास के तौर पर इस्तेमाल की जा रही थी। हादसे के समय इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर मरम्मत या रेनोवेशन का काम चलने की बात सामने आई है। इसी दौरान पूरा ढांचा भरभराकर गिर गया। इस हादसे में छह लोगों की जान चली गई, जिसके बाद अब MCD ने इलाके समेत राजधानी में अवैध निर्माण को लेकर सख्ती शुरू कर दी है।

सिर्फ एक इमारत नहीं, आसपास के निर्माण भी जांच के घेरे में

MCD के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक हादसे वाली इमारत करीब 55 वर्ग गज के प्लॉट पर बनी थी। यह एक पुनर्वास कॉलोनी में स्थित थी, जहां मूल रूप से सिर्फ ग्राउंड फ्लोर+एक मंजिल (G+1) के निर्माण की अनुमति थी। इसके बावजूद यहां G+4 संरचना खड़ी कर दी गई थी। बताया गया है कि इमारत शॉप नंबर 14 में स्थित थी और यहां कथित तौर पर नियमों के विपरीत निर्माण कराया गया था। आसपास के शॉप नंबर 13 और 12 में भी निर्माण नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आई हैं। इन निर्माणों की भी जांच की जा रही है।

बिल्डिंग/घर नंबर 13 की जगह पर कब्जा

MCD ने सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद एक बयान में कहा, “यह देखा गया है कि नई दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग/घर नंबर 13 की जगह पर कब्ज़ा है। यह प्रॉपर्टी जर्जर और खतरनाक हालत में है और इसमें रहने वाले, यहाँ आने-जाने वाले या इसके पास से गुज़रने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए, और साथ ही आस-पास के लोगों के लिए भी खतरनाक है।”

बयान में आगे कहा गया है, “DMC एक्ट 1957 की धारा 348 और धारा 491 के तहत आपको आदेश दिया जाता है कि इस आदेश के मिलने के तीन दिनों के भीतर ऊपर बताई गई वजह और मकसद के लिए प्रॉपर्टी को गिरा दें, ताकि उससे होने वाले किसी भी खतरे को रोका जा सके। यह साफ किया जाता है कि अगर आप ऊपर बताई गई समय-सीमा के भीतर इस आदेश का पालन नहीं करते हैं, तो खतरनाक इमारत को M.C.D. द्वारा गिरा दिया जाएगा। गिराने का खर्च इस एक्ट के तहत टैक्स की बकाया राशि के तौर पर आपसे वसूला जाएगा।”

महिलाओं के PG को भी खाली कराया गया

हादसे के बाद MCD ने आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। बगल की एक इमारत में चल रहे महिलाओं के PG को खाली करा दिया गया। साथ ही परिसर को सील कर दिया गया। इसके अलावा आसपास मौजूद एक अन्य निर्माण को गिराने की तैयारी भी किए जाने की जानकारी सामने आई है।

अवैध निर्माण की अनुमति देने वाले अधिकारी भी रडार पर

MCD के आदेश के बाद अब सिर्फ अवैध निर्माण कराने वालों पर ही नहीं, बल्कि ऐसे निर्माण को अनुमति देने या समय रहते कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। मेयर प्रवेश वाही ने साफ कहा है कि अगर किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ा कदम उठाया जाएगा। इससे दिल्ली में नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए बहुमंजिला निर्माणों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच तेज होने की संभावना है।

पुलिस ने बिल्डिंग मालिक समेत कई लोगों पर केस दर्ज किया

हादसे के मामले में पुलिस ने बिल्डिंग मालिक हरिराम और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपों में गैर इरादतन हत्या, इमारत के रखरखाव में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने जैसी धाराएं शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक इमारत का इस्तेमाल PG के रूप में हो रहा था और हादसे के वक्त ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन का काम चल रहा था। पुलिस अब उन लोगों की पहचान और तलाश में जुटी है, जो कथित तौर पर निर्माण या मरम्मत कार्य में शामिल थे।

सत्या निकेतन हादसे ने उठाए सुरक्षा पर गंभीर सवाल

हादसे के बाद इमारत की सुरक्षा और निर्माण नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। खास तौर पर यह जांच का विषय है कि जिस इमारत को मूल रूप से सीमित निर्माण की अनुमति थी, वह बहुमंजिला संरचना में कैसे बदल गई और वहां छात्रों के रहने के लिए PG कैसे संचालित होता रहा। अब MCD के चार मंजिल से अधिक ऊंचे अवैध निर्माणों को सील करने के आदेश के बाद राजधानी में ऐसे भवनों की जांच और कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।

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दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के पास स्थित इस इमारत का इस्तेमाल लड़कों के पीजी (पेइंग गेस्ट) आवास के रूप में किया जा रहा था। इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था, तभी रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे यह ढह गई। पेइंग गेस्ट वह व्यक्ति होता है जो किसी मकान या आवास में किराया देकर रहता है, जहां अक्सर भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

Delhi PG Building Collapse: मलबे के अंदर दबे युवक ने वीडियो भेज मांगी मदद, दिल्ली हादसे का रोंगटे खड़े देने वाला वीडियो आया सामने

Delhi PG Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने के बाद से राहत और बचाव अभियान लगातार चल रहा है। हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं कई छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मलबे में फंसे एक छात्र का कथित वीडियो सामने आया है। करीब 11 सेकंड की इस वीडियो क्लिप में छात्र खुद को रिकॉर्ड करते हुए अपने दोस्त से मदद की गुहार लगाता नजर आ रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

युवक ने मांगी मदद

दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने के बाद कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर किया। फुटेज में मलबे के नीचे फंसा एक व्यक्ति नजर आ रहा है, जिसके चेहरे पर धूल लगी हुई है और चोट के निशान भी दिखाई दे रहे हैं। इसके बावजूद वह होश में नजर आता है और कैमरा घुमाकर आसपास बिखरे मलबे को दिखाता है। बताया जा रहा कि बिल्डिंग गिरने की जानकारी मिलते ही NSUI के कुछ कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव अभियान में मदद करने लगे।

दोपहर 1:30 बजे गिरी बिल्डिंग

दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने के बाद राहत और बचाव का काम लगातार जारी है। रेस्क्यू टीम ने अब तक मलबे में फंसे कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, वहीं कुछ लोगों के अभी भी अंदर फंसे होने की आशंका है। बताया जा रहा कि पांच मंजिला ‘हॉस्टल डेज’ बिल्डिंग करीब 1:30 बजे अचानक ढह गई थी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इमारत के अंदर उस समय करीब 20 से 30 छात्र मौजूद हो सकते थे। हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, वहीं बचाव दल लगातार मलबा हटाकर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

इलाके में मची अफरा-तफरी

सत्य निकेतन में अचानक इमारत गिरने की घटना से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तेज आवाज सुनकर आसपास रहने वाले लोग घबराकर अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और वहां मौजूद लोगों ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू कर दिया और अपने हाथों से मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। बाद में रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान तेज किया।

PM Modi: पीएम मोदी ने दिल्ली बिल्डिंग हादसे पर जताया दुख, अब तक तीन लोगों की हुई मौत

दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार दोपहर को एक 5 मंजिला बिल्डिंग गिर गई। हादसे में अब तक कम से कम तीन लोगों की मौत की खबर है। वहीं कई छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका है। इस इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए PG के तौर पर किया जा रहा था। वहीं इस हादसे के बाद से राहत-बचाव काम जारी है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर दुख जताया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने रविवार को X पर पोस्ट कर इस घटना को बेहद दुखद बताया।

पीएम ने जताया दुख

प्रधानमंत्री ने कहा कि, हादसे से प्रभावित लोगों की मदद के लिए अधिकारी मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। सोशल मीडिया X पर किए पोस्ट में पीएम ने लिखा, “दिल्ली के सत्य निकेतन में एक बिल्डिंग का गिरना दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति संवेदना। घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना। अधिकारी मौके पर काम कर रहे हैं और हादसे में प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं।”

अबतक 3 लोगों की हुई मौत

जानकारी के अनुसार, दिल्ली के सत्य निकेतन मार्केट में इमारत गिरने की घटना में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है। वहीं नौ लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। हादसे के बाद राहत और बचाव टीमें लगातार मौके पर काम कर रही हैं और प्रभावित लोगों को निकालने की कोशिश जारी है। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख जताया और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की।

40-50 साल पुरानी है इमारत

दिल्ली पुलिस ने बताया कि, साउथ कैंपस थाने में दोपहर करीब 1:34 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही पुलिस, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और DDMA की टीमें फायर टेंडर और एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। वहीं जांच के दौरान सामने आया कि सत्य निकेतन की यह इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी और इसमें बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं। बिल्डिंग का इस्तेमाल PG के रूप में किया जा रहा था और हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।

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Delhi Building Collapse: ‘मलबे के अंदर से फोन कर रहे छात्र’, दिल्ली बिल्डिंग हादसे की हैरान कर देने वाली कहानी आई सामने

राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर को एक पीजी इमारत के अचानक गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इमारत गिरने के बाद बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस घटना में अब तक एक व्यक्ति की मौत की खबर है, वहीं कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल ने अब तक छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सत्य निकेतन में हुए हादसे पर चिंता जताई। वहीं BJP विधायक अनिल शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। BJP विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि, इस बिल्डिंग में कई छात्र PG के तौर पर रह रहे थे। इस हादसे के समय कुछ स्टूडेंट्स बिल्डिंग के अंदर मौजूद थे।

‘अंदर से कर रहे फोन’

BJP विधायक ने आगे कहा कि, फिलहाल ये बताना मुश्किल है कि इमारत के अंदर कितने लोग फंसे हुए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि, मलबे में फंसे कुछ छात्र अभी भी फोन के जरिए संपर्क कर रहे थे। इससे आशंका है कि हादसे के बाद भी कई लोग अंदर फंसे हो सकते हैं। राहत और बचाव टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। शर्मा ने कहा, “कुछ स्टूडेंट्स अभी भी अंदर से फोन कर रहे हैं। इससे लगता है कि कुछ और लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं, इसलिए बचाव अभियान लगातार जारी है।”

 

‘छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए’

विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान इमारत के मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने मौके पर पूरी टीम भेजी है और सरकार इस घटना को लेकर गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा, “हम भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मौके पर पूरी टीम भेजी है। पूरी सरकार इस घटना को लेकर चिंतित है और हमारा सबसे बड़ा मकसद यही है कि अंदर फंसे छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए।”

40-50 साल पुरानी है इमारत

दिल्ली पुलिस ने बताया कि, साउथ कैंपस थाने में दोपहर करीब 1:34 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही पुलिस, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और DDMA की टीमें फायर टेंडर और एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। वहीं जांच के दौरान सामने आया कि सत्य निकेतन की यह इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी और इसमें बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं। बिल्डिंग का इस्तेमाल PG के रूप में किया जा रहा था और हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।

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गृहमंत्री शाह ने ली दिल्‍ली इमारत हादसे की जानकारी, 2 लोगों की हुई मौत, अब तक 8 का हुआ रेस्‍क्‍यू, बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR दर्ज

गृहमंत्री शाह ने ली दिल्‍ली इमारत हादसे की जानकारी, 2 लोगों की हुई मौत, अब तक 8 का हुआ रेस्‍क्‍यू, बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR दर्ज

Home Minister Amit Shah took stock of Delhi building collapse incident

Delhi building collapse case : दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक इमारत अचानक ढह गई। पुलिस के मुताबिक, हादसे के बाद कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। हालांकि अभी तक मलबे में फंसे लोगों की सही संख्या का पता नहीं चल पाया है। राहत की बात यह है कि अब तक 8 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। खबरों के अनुसार, हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य घायल हैं। हादसे के जिम्मेदार बिल्डिंग मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। सरकार ने घटना की जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन भी किया है।

 

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक इमारत अचानक ढह गई। पुलिस के मुताबिक, हादसे के बाद कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। हालांकि अभी तक मलबे में फंसे लोगों की सही संख्या का पता नहीं चल पाया है।

राहत की बात यह है कि अब तक 8 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। खबरों के अनुसार, हादसे में एक व्‍यक्ति की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य घायल हैं। हादसे के जिम्मेदार बिल्डिंग मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। सरकार ने घटना की जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन भी किया है।

 

गृहमंत्री अमित शाह ने ली हादसे की जानकारी

हादसे की जानकारी मिलते ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गोवा का अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया। गृहमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया, दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत के ढहने से बहुत दुख हुआ है। मैंने मुख्यमंत्री, दिल्ली के पुलिस कमिश्नर और NDRF के डायरेक्टर जनरल से बात की और जमीनी हालात का जायजा लिया। स्थानीय प्रशासन और NDRF मिलकर तेजी से बचाव कार्य कर रहे हैं। घायलों को हर जरूरी मेडिकल मदद दी जा रही है। मैं सभी घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।

 

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर चिंता जताई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे समन्वय बनाए रखें और बचाव कार्य को तेज करें। स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।

दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने भी घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दिल्ली फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंच चुकी है। राहत-बचाव अभियान चल रहा है और टीमें जमीन पर आवश्यक सहायता मुहैया करा रही हैं।

दिल्ली फायर सर्विसेज को दोपहर करीब 1:30 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली, जिसके बाद तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। घटना के संबंध में करीब 1:34 बजे साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन को PCR कॉल भी मिली। कॉल में नानकपुरा गुरुद्वारे के पास एक इमारत के गिरने की जानकारी दी गई थी।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

मौके पर आठ फायर टेंडर तैनात किए गए हैं। दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, CAT एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की एक टीम भी मौके पर पहुंच गई है। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।

Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में भरभराकर गिरी पांच मंजिला इमारत, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका

नई दिल्ली के सत्य निकेतन, मोती बाग इलाके में रविवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शिव मंदिर के पास एक इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विसेज, पुलिस और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका के बीच राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि अन्य लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला गया

दिल्ली फायर सर्विसेज के मुख्य अग्निशमन अधिकारी के मुताबिक, हादसे के बाद मलबे में फंसे एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि, आशंका है कि कुछ अन्य लोग भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं। बचाव दल लगातार मलबा हटाकर संभावित लोगों की तलाश कर रहे हैं।

मौके पर पहुंचीं 12 फायर टेंडर

अधिकारियों के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विसेज की 12 फायर टेंडर मौके पर पहुंचीं। इनके साथ रेस्क्यू टीम और पुलिसकर्मी भी राहत एवं बचाव अभियान में जुटे हुए हैं। टीमें सावधानी से मलबा हटाकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं कोई अन्य व्यक्ति अंदर तो नहीं फंसा है।

दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, इमारत गिरने की घटना रविवार को करीब 1:30 बजे सामने आई। यह इलाका चानक्यपुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। फिलहाल हादसे में किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन और बचाव एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

राहत-बचाव अभियान जारी

घटना के बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं। मलबे की जांच और सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। अधिकारियों की ओर से हादसे के कारणों और संभावित नुकसान को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

आरा में महानंदा एक्सप्रेस के 2 डिब्बे पटरी से उतरे, कम स्पीड के चलते टला बड़ा हादसा

कल का मौसम: 23 अगस्त को 15 राज्यों में तूफानी हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी, यूपी से ओडिशा तक IMD ने दिया ये अलर्ट

Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के चलते मौसम का मिजाज बदला हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 अगस्त के लिए मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए देश के अलग अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश, बिजली कड़कने और तेज आंधी-तूफान को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश से लेकर ओडिशा तक और मध्य भारत से लेकर दक्षिणी राज्यों तक मौसम का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह दी है।

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छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 23 अगस्त को छत्तीसगढ़ और ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन राज्यों के प्रभावित इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में अचानक से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

इन 15 राज्यों और क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट

देश के 15 से अधिक राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें उत्तर भारत का उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इसके अलावा मध्य भारत के मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। पूर्वी भारत के गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में बारिश का अलर्ट है। दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे तथा तेलंगाना में भी भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

बारिश के साथ-साथ कई इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, बिहार और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

अन्य राज्यों में बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की हवाओं की चेतावनी

पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, कर्नाटक, केरल और माहे, लक्षद्वीप, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल और सिक्किम के दूर-दराज के इलाकों में गरज और बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड के कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में सतह पर तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में खराब मौसम के कारण मछुआरों और तटीय क्षेत्रों को विशेष रूप से अलर्ट पर रखा गया है। अरब सागर में सोमालिया तट के साथ और उससे सटे इलाकों, मध्य-पश्चिम और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे समुद्री क्षेत्रों में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो बढ़कर 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती हैं।

बंगाल की खाड़ी की बात करें तो मन्नार की खाड़ी, कॉमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और दक्षिण श्रीलंका तट के आसपास के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है, जो 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार छू सकती हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों, मध्य-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा अंडमान सागर में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की उम्मीद है, जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

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Hyderabad Building Collapse: हैदराबाद के अंजैया नगर में शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक निर्माणाधीन सात मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर पड़ी। हादसे में कम से कम दो लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। बता दें कि जिस इलाके में यह घटना हुई, वह माधापुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है।

वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू कर दी है।

हैदराबाद में गिरी इमारत: वीडियो में दिखा नुकसान का मंजर

खबरों के मुताबिक, गिरी हुई इमारत लगभग 50 वर्ग गज के प्लॉट पर बन रही थी और एक नाले के पास स्थित थी। निर्माण से जुड़ी परिस्थितियों ने बिल्डिंग और सुरक्षा नियमों के संभावित उल्लंघन को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। अब अधिकारी यह जांच करेंगे कि इमारत के निर्माण के लिए जरूरी मंजूरी ली गई थी या नहीं और निर्माण के दौरान नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

हैदराबाद में गिरी इमारत: नाले के पास बनी थी गिरी हुई इमारत

इस घटना में आस-पास की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि व्हाइटफील्ड में पास के एक अपार्टमेंट पर गिरे इमारत के मलबे से उसे काफी नुकसान हुआ। एहतियात के तौर पर पास के एक हॉस्टल को भी खाली कराया गया।

फिलहाल, अधिकारी अभी तक इमारत गिरने की सही वजह का पता नहीं लगा पाए हैं। वहीं, हादसे में नुकसान कितना हुआ है और घटना के समय इमारत के अंदर कितने लोग हो सकते थे, इसका भी पता लगाया जा रहा है।

एक विस्तृत जांच से यह भी पता चलने की उम्मीद है कि क्या इमारत के ढांचे में कमी, निर्माण से जुड़े नियमों का उल्लंघन या अन्य कारणों से यह हादसा हुआ।

बता दें कि हैदराबाद में निर्माण से जुड़ा यह हादसा कोई पहली घटना नहीं है। मार्च 2026 में टोलिचौकी इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत की स्कैफोल्डिंग (बांस-बल्लियों/लोहे के सहारे की संरचना) गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई थी। डेक्कन क्रॉनिकल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने पाया था कि इमारत को सिर्फ दो मंजिल बनाने की अनुमति मिली थी, लेकिन कथित तौर पर चार अतिरिक्त मंजिल और एक पेंटहाउस अवैध तरीके से बना दिया गया था। हादसे के वक्त मजदूर छठी मंजिल पर काम कर रहे थे।

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2025 की एक और घटना में तेलंगाना के भद्राचलम में बन रही छह मंजिला इमारत की ऊपरी चार मंजिला ढह गईं। पुलिस ने बताया कि ये मंजिले गैर-कानूनी तरीके से बनाई गई थीं और इमारत ढहने के बाद कम से कम दो मजदूरों की मौत की आशंका जताई गई।

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Bhiwandi Building Collapse: महाराष्ट्र के भिवंडी में जर्जर इमारत गिरने से 9 लोगों की मौत, कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका

Bhiwandi Building Collapse: महाराष्ट्र के भिवंडी में गुरुवार रात चार मंजिला इमारत का एक हिस्सा अचानक ढह गया, जिसमें कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई और आशंका है कि मलबे के नीचे कई लोग फंसे हो सकते हैं। फिलहाल, अभी बचाव कार्य जारी है और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की टीमें और स्थानीय पुलिस मौके पर मौजूद हैं।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इमारत का बड़ा हिस्सा उस समय गिरा जब वहां काम चल रहा था। अधिकारियों ने बताया कि कमजोर और खराब हालत के कारण इमारत को पहले ही खाली करा लिया गया था, लेकिन आशंका है कि कुछ मजदूर हादसे के समय अंदर मौजूद थे और मलबे में दब गए।

NDRF की टीम ने शुरुआत में मलबे से एक महिला को सुरक्षित बाहर निकाला और इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद भी मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित निकालने का काम लगातार जारी है।

अधिकारी खोज और बचाव अभियान चला रहे हैं क्योंकि उन्हें आशंका है कि मलबे के नीचे और भी लोग दबे हो सकते हैं। शुरुआती रिपोर्टों में तीन लोगों की मौत की बात कही गई थी, लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतता गया, यह संख्या 9 तक पहुंच गई।

देवेंद्र फडणवीस ने दी प्रतिक्रिया

अब इस घटना पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने तुरंत FIR दर्ज करने और सक्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने ‘X’ पर एक ट्वीट में कहा, “भिवंडी में इमारत गिरने से हुई लोगों की मौत की घटना बेहद दुखद है। मैं उनके प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। हम इन परिवारों के दुख में शामिल हैं। म्युनिसिपल कमिश्नर को इस मामले में तुरंत FIR दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। घायलों का इलाज किया जा रहा है। मैं ईश्वर से उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।”

पीएम मोदी ने मुआवजे का किया ऐलान

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। उन्होंने एक ट्वीट में कहा, “दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हों।”

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बिल्डिंग की पहचान कोहिनूर अपार्टमेंट के तौर पर हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि शहर के नगर निगम ने इसे पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया था।

शहर के मेयर नारायण चौधरी ने कहा, “भिवंडी में ऐसी कई इमारतें हैं जिन्हें खतरनाक घोषित किया गया है। हम फंसे हुए लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मैं ऐसी इमारतों में रहने वाले लोगों को सलाह दूंगा कि वे तुरंत इन्हें खाली कर दें।”

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