3 मैचों की ODI सीरीज में नाबाद रहे जो रूट, 260 गेंदो में बनाए 249 रन

भारत के खिलाफ जो रूट इतनी बेहतरीन तरीके से खेले कि वह 3 मैचों में एक भी बार आउट नहीं हुए और कुल 260 गेंदों में 249 रन बनाए। दूसरे मैच में जो रुट ने एकदिवसीय प्रारुप में टेस्ट क्रिकेट का मुजायरा पेश किया था वहीं तीसरे मैच में उन्होंने 170 की स्ट्राइक रेट से 48 गेंदो में 74 रनों की पारी खेली। इस पारी में उन्होंने कुल 9 चौके लगाए थे। यही कारण रहा कि उन्हें मैन ऑफ द सीरीज का पुरुस्कार मिला।

दूसरे मैच में 99 रनों पर नाबाद जो रूट शतक से महरूम रह गए लेकिन लगातार 2 एकदिवसीय मैच में वह अपनी टीम की इज्जत बचा गए वह भी बिना आउट हुए। इस पारी के लिए उनको मैन ऑफ द मैच का अवार्ड दिया गया। पहले मैच में उन्होंने 79 रनों की नाबाद पारी खेली थी।

यही नहीं वह लगातार 6 पारियों में हर पारी में 50 प्लस का स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। इसके अलावा उन्होंने इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा मैन ऑफ द सीरीज जीतने का रिकॉर्ड भी बना लिया है। उन्होंने कल 13वीं बार मैन ऑफ द सीरीज का अवार्ड पाया है।

भारतीय गेंदबाजों ने इन तीन मैचों में उनके खिलाफ करीब 43.2 ओवर गेंदबाजी की। लेकिन इन 260 गेंदों में एक बार भी जो रूट को परेशानी में नहीं डाल पाए। पहले दो एकदिवसीय मैचों में उन्होंने दूसरे छोर पर विकेट के पतन के बीच बल्लेबाजी की जबकि तीसरे एकदिवसीय मैच में उन पर दबाव कम था और कुछ टी-20 के दर्शनीय शॉट्स लगाए।

Gold-Silver Outlook: गोल्ड-सिल्वर मार्केट में मचा हाहाकार! भारी मंदी के बीच रॉबर्ट कियोसाकी ने कर दी ये बड़ी भविष्यवाणी

Robert Kiyosaki Investment Tips: मशहूर किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी अपने बेबाक निवेश सुझावों के लिए जाने जाते हैं। इस समय जब भारत से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक में सोने और चांदी की कीमतों में जबर्दस्त गिरावट देखी जा रही है, तब भी कियोसाकी इन कीमती धातुओं को लेकर बेहद पॉजिटिव हैं।

बाजार में मचे हाहाकार और कीमतों के टूटने के बावजूद उन्होंने निवेशकों को एक नया मंत्र देते हुए कहा है कि यह अमीर बनने का सबसे सही मौका है। आइए जानते हैं घरेलू बाजार का ताजा हाल और कियोसाकी की इस नई भविष्यवाणी के पीछे का गणित।

घरेलू बाजार में भारी गिरावट, रिकॉर्ड हाई से बहुत सस्ते हुए सोना-चांदी

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और घरेलू सर्राफा बाजार (IBJA) दोनों ही जगह बीते कुछ दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में भारी कटौतियां देखने को मिली हैं।

घरेलू बाजार में भारी गिरावट, रिकॉर्ड हाई से बहुत सस्ते हुए सोना-चांदी

‘आसमान छुएंगे दाम’- गिरावट के बीच रॉबर्ट कियोसाकी का नया दावा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी हालिया पोस्ट में रॉबर्ट कियोसाकी ने साफ किया कि निवेशकों को इस गिरावट से डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। कियोसाकी ने मशहूर निवेशक जिम रॉजर्स की बात का समर्थन करते हुए कहा कि सोने और चांदी के दाम भविष्य में आसमान छूने वाले हैं। हालांकि, इस लंबी तेजी के बीच कीमतों में ऐसी गिरावटें आती रहेंगी, जो बाजार का स्वाभाविक हिस्सा हैं।

उन्होंने उदाहरण दिया कि किस तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना पहले $5,405 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद फिसलकर $4,006 तक आ गया था, और चांदी भी $118 के हाई से गिरकर $56 तक आई थी। लेकिन यह मंदी स्थायी नहीं होती।

अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा कि जब भी बाजार में ऐसी गिरावट आए, तो पैनिक सेलिंग करने के बजाय इसका फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी- ‘सस्ते में खरीदो और अमीर बनो’।

जून में दिया था सोने को $35,000 का महा-टारगेट

यह पहली बार नहीं है जब रॉबर्ट कियोसाकी ने सोने और चांदी में निवेश की इतनी मजबूत वकालत की है। इससे पहले जून महीने में भी जब सोने की कीमतों में गिरावट देखी जा रही थी, तब उन्होंने इसे एक अस्थाई दौर बताया था।

उन्होंने वैश्विक आर्थिक हालातों और तमाम वित्तीय अनुमानों का हवाला देते हुए दावा किया था कि आने वाले लंबे समय तक इन कीमती धातुओं में महा-तेजी का दौर बना रहेगा। उन्होंने अनुमान जताया था कि सोना बहुत जल्द $35,000 प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच सकता है।

रॉबर्ट कियोसाकी के मुताबिक, मौजूदा बाजार में दिख रही मंदी असल में सोने और चांदी का बुलबुला फूटना नहीं है, बल्कि यह स्मार्ट निवेशकों के लिए कम कीमतों पर पोर्टफोलियो में कीमती धातुएं जोड़ने का एक शानदार और सुनहरा अवसर है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

किसान बनने का सपना हुआ पूरा, 61 वर्षीय पूर्व फौजी ड्रैगन फ्रूट की खेती से कमा रहे 4 लाख रुपये

रिटायरमेंट के बाद ज्यादातर लोग सुकून भरी जिंदगी की तलाश करते हैं, लेकिन ओडिशा के प्रताप चंद्र राउल ने अपनी दूसरी पारी को एक नई पहचान देने का फैसला किया। दशकों तक देश की सेवा करने के बाद उन्होंने खेती को अपना नया लक्ष्य बनाया और कुछ अलग करने की ठानी। बालासोर के एक छोटे से गांव से शुरू हुआ उनका यह सफर आज कई लोगों के लिए प्रेरणा बन चुका है।

सीमित जमीन, नई सोच और सीखने की इच्छा के दम पर प्रताप ने ऐसी फसल चुनी, जो उनके इलाके में अभी ज्यादा प्रचलित नहीं थी। उनकी मेहनत ने न सिर्फ एक छोटे खेत को कमाई का जरिया बनाया, बल्कि यह भी दिखाया कि सही योजना और लगन से खेती में नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

हाथों में थामी खेती की कमान

प्रताप ने 1984 में मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय सेना जॉइन की थी। करीब 26 साल सेवा देने के बाद सितंबर 2010 में वह रिटायर हुए। इसके बाद उन्होंने ओडिशा पुलिस में हवलदार के रूप में एक दशक तक काम किया। साल 2020 में उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर गांव लौटने का फैसला किया। लेकिन उनका उद्देश्य सिर्फ आराम करना नहीं था। वह कुछ ऐसा करना चाहते थे, जिससे कम जमीन में भी अच्छी आमदनी हासिल की जा सके। प्रताप ने कहा, “मैं ऐसा किसान बनना चाहता था जो अपने इलाके में कुछ नया करे। मेरा लक्ष्य था साबित करना कि छोटी जमीन भी सही योजना के साथ बड़ा फायदा दे सकती है।”

खेती का अनुभव नहीं था, फिर भी सीखने से नहीं पीछे हटे

प्रताप के परिवार का खेती से कोई पुराना संबंध नहीं था। शुरुआत में उनके लिए खेती पूरी तरह नया क्षेत्र था। उन्होंने कई महीनों तक अलग-अलग फसलों के बारे में जानकारी जुटाई। उन्होंने इंटरनेट, यूट्यूब वीडियो, सोशल मीडिया समूहों और अनुभवी किसानों से बातचीत के जरिए खेती की बारीकियां सीखीं। कई विकल्पों पर विचार करने के बाद उन्हें ड्रैगन फ्रूट सबसे बेहतर विकल्प लगा।

इस फल ने उन्हें इसलिए आकर्षित किया क्योंकि:

  • इसमें पानी की जरूरत अपेक्षाकृत कम होती है
  • गर्म मौसम में इसकी पैदावार अच्छी होती है
  • एक बार पौधा लगाने के बाद करीब 25 साल तक उत्पादन मिल सकता है

गुजरात से लाए खास किस्म के पौधे, शुरू किया नया प्रयोग

मार्च 2022 में प्रताप ने करीब 1.3 लाख रुपये लगाकर अपना ड्रैगन फ्रूट फार्म तैयार किया। उन्होंने 1,000 पौधे, 70 कंक्रीट पोल, 900 फीट जीआई पाइप और अन्य जरूरी सामान खरीदा। उन्होंने गुजरात से ड्रैगन फ्रूट की सात बेहतरीन किस्में मंगाईं, जिनमें शामिल थीं:

  • वियतनाम रेड
  • थाई जंबो
  • मोरक्कन रेड
  • हाइब्रिड जायंट रेड
  • इजरायली येलो
  • ताइवान पिंक
  • व्हाइट ड्रैगन फ्रूट

कम जमीन में ज्यादा उत्पादन के लिए उन्होंने पारंपरिक पोल सिस्टम की जगह हाई-डेंसिटी रैलिंग सिस्टम अपनाया। इससे एक ही क्षेत्र में ज्यादा पौधे लगाए जा सके और बेलें तेजी से बढ़ने लगीं।

पहली फसल ने दिया झटका

किसी भी नए किसान की तरह प्रताप को शुरुआत में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मार्च 2023 में पहली बार फसल तैयार हुई, लेकिन उत्पादन केवल करीब 50 किलो रहा। फल भी उम्मीद से छोटे निकले। वह इतने निराश हुए कि उन्होंने उन्हें बाजार तक नहीं पहुंचाया। लेकिन प्रताप ने इस असफलता को हार नहीं माना। उन्होंने अपनी गलतियों को समझा और खेती के तरीके में बदलाव शुरू किया।

रसायनों को छोड़ा

प्रताप ने रासायनिक उर्वरकों की जगह पूरी तरह जैविक खेती अपनाने का फैसला किया। उन्होंने गाय के गोबर, गोमूत्र, फल-सब्जियों के कचरे, प्याज के अवशेष, मिट्टी और केंचुओं से प्राकृतिक खाद तैयार करनी शुरू की। इस बदलाव का असर धीरे-धीरे दिखने लगा। पौधों की सेहत सुधरी, फलों का आकार बढ़ा और उत्पादन हर साल बेहतर होता गया।

छोटी जमीन से बढ़ी कमाई

साल 2024 में उनके खेत से करीब 200 किलो ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन हुआ। जैविक फल होने के कारण ग्राहकों ने इसे अच्छी कीमत पर खरीदा और उन्हें लगभग 50 हजार रुपये की कमाई हुई। इसके बाद 2025 में उत्पादन तेजी से बढ़ा। अप्रैल से नवंबर के बीच करीब 900 किलो फल तैयार हुए।

उन्होंने लगभग:

  • 650 किलो फल सीधे ग्राहकों को करीब 220 रुपये प्रति किलो बेचे
  • बाकी फल थोक विक्रेताओं को करीब 200 रुपये प्रति किलो की दर से बेचे

सिर्फ फलों की बिक्री से उनकी आमदनी करीब 1.4 लाख रुपये तक पहुंच गई।

फल के साथ पौधों से भी कमाई का नया रास्ता

प्रताप ने कमाई का दायरा सिर्फ फलों तक सीमित नहीं रखा। वह हर साल करीब 2,000 ड्रैगन फ्रूट पौधों की नर्सरी तैयार करते हैं, जिससे उन्हें लगभग 50 हजार रुपये अतिरिक्त मिलते हैं। उन्होंने अपनी छत पर भी 22 पौधे लगाए हैं, जिनसे हर साल करीब 20 किलो फल मिलते हैं। ऑफ-सीजन में वह पौधों की कटाई-छंटाई और अगले उत्पादन की तैयारी में जुट जाते हैं।

अब स्ट्रॉबेरी से बढ़ाएंगे कमाई के मौके

ड्रैगन फ्रूट में सफलता हासिल करने के बाद प्रताप अब नई फसलों की ओर भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने एक छोटे क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी की खेती का प्रयोग किया, जो सफल रहा। अब उनका लक्ष्य है कि ड्रैगन फ्रूट के ऑफ-सीजन में दूसरी फसलों के जरिए अतिरिक्त आमदनी बनाई जाए।

फोटो में शानदार, जमीन पर अलग कहानी! Eiffel Tower का ऐसा वीडियो पहले नहीं देखा होगा

क्या भारत में लॉन्च होंगे OnePlus 16 और Oppo Find X10 Ultra नई लीक से सामने आई चौंकाने वाली जानकारी

अगर एक नई लीक रिपोर्ट पर भरोसा किया जाए तो OnePlus और Oppo के आने वाले दो फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स भारत में लॉन्च नहीं हो सकते हैं। नई जानकारी के अनुसार, चीनी स्मार्टफोन बनाने वाली ये कंपनियां OnePlus 16 और Oppo Find X10 Ultra के लिए भारतीय बाजार को छोड़ सकती हैं, जबकि Oppo का एक और प्रीमियम डिवाइस 2027 में भारत आ सकता है। हालांकि, अभी तक दोनों कंपनियों ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए फिलहाल इन खबरों को सिर्फ एक लीक और संभावना के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। अब चलिए जानते हैं इस ताजा लीक से जुड़ी सभी जानकारी।

OnePlus 16 और Oppo Find X10 Ultra शायद भारत में लॉन्च न हों

X पर टिपस्टर देबयन रॉय (@Gadgetsdata) के अनुसार, ऐसी अफवाहें हैं कि OnePlus 16 और Oppo Find X10 Ultra भारत में लॉन्च नहीं होंगे।

हालांकि, यह बात हैरान करने वाली लग सकती है, लेकिन पहले आई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि चीनी स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी अपनी ग्लोबल स्ट्रैटेजी में बदलाव करने पर विचार कर रही थी। बाद में OnePlus ने साफ किया कि वह भारत में अपना कामकाज जारी रखेगी, जबकि नॉर्थ अमेरिका और यूरोप में नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करना बंद कर देगी। इसलिए, OnePlus 16 के भारत में लॉन्च न होने की ताजा अफवाह अभी तक कन्फर्म नहीं हुई है।

इसी लीक में यह भी दावा किया गया है कि Oppo Find X10 Ultra की जगह Oppo Find X10 Pro Max साल 2027 में भारत में कंपनी का सबसे प्रीमियम फ्लैगशिप स्मार्टफोन बन सकता है।

Oppo Find X10 Pro Max के स्पेसिफिकेशन्स लीक हुए

लीक के अनुसार, Oppo Find X10 Pro Max में हाई रिफ्रेश रेट वाला 2K फ्लैट LTPO OLED डिस्प्ले होने की उम्मीद है। कैमरे की बात करें तो, इस डिवाइस में ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन और बड़े 1/1.3-इंच सेंसर वाला 200MP का प्राइमरी कैमरा हो सकता है।

ऐसी भी चर्चा है कि इसके रियर कैमरा सेटअप में 200MP का अल्ट्रा-वाइड सेंसर, ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन और टेलीमैक्रो सपोर्ट वाला 200MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा, और साथ ही 50MP का मल्टीस्पेक्ट्रल सेंसर शामिल होगा।

रिपोर्ट के अनुसार, Oppo Find X10 Pro Max में MediaTek Dimensity 9600 Pro चिपसेट दिया जा सकता है। इसके अलावा, फोन में 8000mAh से 9000mAh तक की बड़ी बैटरी मिलने की उम्मीद है। इस स्मार्टफोन में IP69 रेटिंग, अल्ट्रासोनिक इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर और एक खास Snap Key जैसे फीचर्स भी दिए जा सकते हैं।

वहीं, इससे पहले आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि OnePlus 16 को इस साल के अंत में चीन में लॉन्च किया जा सकता है। इसमें Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 6 Pro प्रोसेसर, 185Hz डिस्प्ले, करीब 9000mAh की बैटरी और 200 मेगापिक्सल का टेलीफोटो कैमरा मिलने की उम्मीद है।

DDA ने खोली द्वारका गोल्फ कोर्स की लाइफटाइम मेंबरशिप, सिर्फ 850 लोगों को मिलेगा मौका! फीस 3.5 लाख से स्टार्ट, ये है एलिजिबिलिटी

DDA Dwarka Golf Course Lifetime Membership: दिल्ली में रहने वाले गोल्फ के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन और बड़ा मौका सामने आया है। दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों पर, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने द्वारका सेक्टर-24 में स्थित अपने 18-होल चैंपियनशिप गोल्फ कोर्स की लाइफटाइम मेंबरशिप खोलने का ऐलान किया है। बता दें कि यह देश का सबसे लंबा गोल्फ कोर्स है।

इसके लिए मेंबरशिप कल यानी 21 जुलाई 2026 से शुरू हो रही है। अब तक DDA इस गोल्फ कोर्स के लिए केवल सीमित समय वाली मेंबरशिप ही ऑफर कर रहा था, लेकिन अब पहली बार लाइफटाइम मेंबरशिप दी जा रही है। आइए आपको बताते हैं कि इसकी फीस कितनी है, सीटें कितनी हैं और आप इसके लिए कैसे आवेदन कर सकते हैं।

सिर्फ 850 लोगों को मिलेगा मौका, 2 कैटेगरी में बंटी हैं सीटें

DDA कुल मिलाकर 850 लाइफटाइम मेंबरशिप जारी करेगा। इसे पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दो अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है:

सरकारी कैटेगरी: इसके तहत 250 मेंबरशिप आरक्षित की गई हैं।

गैर-सरकारी कैटेगरी: इसके तहत आम जनता या कॉर्पोरेट जगत के लिए 600 मेंबरशिप उपलब्ध होंगी।

अगर किसी भी कैटेगरी में तय सीटों से ज्यादा आवेदन आते हैं, तो मेंबरशिप का अलॉटमेंट कंप्यूटराइज्ड लकी ड्रा के जरिए पूरी तरह पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।

फीस का पूरा स्ट्रक्चर

DDA ने लाइफटाइम मेंबरशिप के साथ-साथ 3 साल और 5 साल की शॉर्ट-टर्म मेंबरशिप के विकल्प भी खुले रखे हैं। फीस का पूरा ढांचा इस प्रकार है:

फीस का पूरा स्ट्रक्चर

फीस का पूरा स्ट्रक्चर

आवेदन करने का तरीका और जरूरी नियम

अगर आप इस शानदार गोल्फ कोर्स का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो इन नियमों का ध्यान रखें:

  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 21 जुलाई 2026 से शुरू होगा और यह अगले दो महीनों तक खुला रहेगा।
  • आवेदन करने के लिए ₹2,500 की नॉन-रिफंडेबल रजिस्ट्रेशन फीस ऑनलाइन चुकानी होगी।
  • आवेदनों की जांच के बाद, जिन सफल आवेदकों को मेंबरशिप ऑफर की जाएगी, उन्हें 30 दिनों के भीतर पूरी मेंबरशिप फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी।
  • एक आवेदक केवल एक ही फॉर्म भर सकता है। अगर किसी ने एक से ज्यादा आवेदन किए, तो उसका फॉर्म रिजेक्ट कर दिया जाएगा।

क्यों खास है द्वारका का यह गोल्फ कोर्स?

साल 2024 में शुरू हुआ द्वारका सेक्टर-24 का यह गोल्फ कोर्स इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का है और इसमें वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं मौजूद हैं। 158 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले इस 18-होल गोल्फ कोर्स की लंबाई 7377 यार्ड है जो देश का सबसे लंबा गोल्फ कोर्स है।

इसमें 375 यार्ड लंबी ड्राइविंग रेंज है, जिसमें 52 बे हैं। यह देश की सबसे लंबी ड्राइविंग रेंज है। भारत में पहली बार इसके फेयरवे के लिए नॉर्थ शोर एसएलटी घास का इस्तेमाल किया गया है।

यहां शानदार रेस्टोरेंट, कैफे, स्विमिंग पूल, सौना, स्टीम बाथ, कॉन्फ्रेंस हॉल, मल्टी-पर्पज हॉल, टेक स्टूडियो और इक्विपमेंट फिटमेंट स्टूडियो जैसी सुविधाएं हैं।

पानी के सही इस्तेमाल के लिए यहां कंप्यूटराइज्ड ऑटोमैटिक इरिगेशन सिस्टम, अंडरग्राउंड ड्रेनेज और वाटर कंजर्वेशन के लिए स्टॉर्म वाटर रीचार्ज वेल बनाया गया है। यहां एक गोल्फ एकेडमी भी बनाई जा रही है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली में खेल के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने में DDA की बड़ी भूमिका रही है। वर्तमान में DDA के पास दिल्ली में 18 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, 4 मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और 3 पब्लिक गोल्फ कोर्स हैं।

Essay on Friendship Day: फ्रेंडशिप डे: दोस्ती के अटूट बंधन का खूबसूरत पर्व, पढ़ें हिन्दी में रोचक निबंध

Friendship is a precious relationship in life, picture shows friends celebrating Friendship Day

Friendship Day 2026 : मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और उसके जीवन में परिवार के बाद यदि किसी रिश्ते का सबसे अधिक महत्व है, तो वह दोस्ती का रिश्ता है। दोस्ती ऐसा बंधन है जो न तो खून का रिश्ता होता है और न ही किसी स्वार्थ पर आधारित होता है। यह विश्वास, अपनापन, सहयोग और सच्ची भावनाओं से जुड़ा होता है। इसी अनमोल रिश्ते का उत्सव मनाने के लिए हर साल अगस्त के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है।

 

'जिंदगी में एक सच्चा दोस्त होना, 

लाखों की भीड़ में अकेले न होने का अहसास है।'


प्रस्तावना. फ्रेंडशिप डे या मित्रता दिवस केवल एक तारीख या कैलेंडर का दिन नहीं है, बल्कि यह उन खूबसूरत रिश्तों को मनाने का जरिया है जिन्हें हम खून के रिश्तों से परे, अपनी मर्जी और दिल से चुनते हैं। हर साल अगस्त महीने के पहले रविवार को भारत सहित दुनिया के कई देशों में फ्रेंडशिप डे बड़ी धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस बार यह दिवस 02 अगस्त को पड़ रहा है, जब फ्रेंडशिप डे मनाया जाएगा। यह दिन हमें अपने दोस्तों के प्रति प्यार, सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर देता है।

 

फ्रेंडशिप डे की शुरुआत और इतिहास

फ्रेंडशिप डे/ मित्रता दिवस की शुरुआत सबसे पहले 1930 में हॉलमार्क कार्ड्स के संस्थापक जॉइस हॉल द्वारा की गई थी। शुरुआत में लोग इस दिन अपने दोस्तों को कार्ड भेजा करते थे। बाद में, 1958 में इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे का प्रस्ताव रखा गया।

 

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने 30 जुलाई को आधिकारिक तौर पर 'अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस' घोषित किया, लेकिन भारत, बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका जैसे देशों में अगस्त के पहले रविवार को ही फ्रेंडशिप डे मनाने की परंपरा लोकप्रिय है।

 

फ्रेंडशिप डे कैसे मनाया जाता है?

 

आज के दौर में फ्रेंडशिप डे मनाने के तरीके भले ही बदल गए हों, लेकिन इसके पीछे की भावना आज भी वही है:

 

फ्रेंडशिप बैंड और कार्ड्स: बचपन की यादों में सबसे खास होता है दोस्तों की कलाई पर रंग-बिरंगे 'फ्रेंडशिप बैंड' बांधना। जिसके हाथ में जितने ज्यादा बैंड होते थे, वह उतना ही 'पॉपुलर' माना जाता था!

 

गेट-टुगेदर और पार्टी: इस दिन पुराने दोस्त एक साथ मिलते हैं, पुरानी खट्टी-मीठी यादें ताजा करते हैं और साथ में घूमते-फिरते या खाना खाते हैं।

 

डिजिटल शुभकामनाएं: सोशल मीडिया के इस दौर में लोग स्टेटस, फोटो कोलाज और प्यारे संदेशों/मैसेजेस के जरिए दूर बैठे दोस्तों को भी इस दिन की बधाई देते हैं।

 

फ्रेंडशिप डे के अवसर पर लोग अपने दोस्तों को फ्रेंडशिप बैंड बांधते हैं, शुभकामनाएं देते हैं और उपहार देकर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं। स्कूल, कॉलेज और कार्यालयों में भी इस दिन विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कई लोग अपने पुराने दोस्तों से मिलते हैं, साथ घूमने जाते हैं या सोशल मीडिया के माध्यम से शुभकामनाएं भेजते हैं।

 

जीवन में दोस्ती का असली महत्व

दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है जिसमें न कोई छोटा होता है, न बड़ा; न कोई अमीर, न गरीब। यह एक निष्पक्ष और पारदर्शी रिश्ता है।

 

सुख-दुख का साथी: सच्चा दोस्त वही है जो आपकी खुशी में खुलकर हंसे और आपके बुरे वक्त में ढाल बनकर आपके साथ खड़ा रहे।

 

बिना डर के अभिव्यक्ति: माता-पिता या परिजनों से हम कई बातें कहने में झिझकते हैं, लेकिन दोस्त के सामने हम बिना किसी नकाब के पूरी तरह से 'असली हम' हो सकते हैं।

 

मानसिक तनाव से मुक्ति: जब जिंदगी की उलझनें हावी होने लगती हैं, तो दोस्त के साथ बिताए कुछ पल या एक कप चाय पूरी थकान और मानसिक तनाव को मिटा देती है।

 

पौराणिक संदर्भ: सच्ची दोस्ती की मिसालें

भारतीय संस्कृति में दोस्ती के कई महान उदाहरण मिलते हैं:

 

* कृष्ण और सुदामा की जोड़ी यह सिखाती है कि सच्ची मित्रता में धन और पद का कोई स्थान नहीं होता।

 

* भगवान राम और सुग्रीव की दोस्ती हमें विपत्ति के समय एक-दूसरे का साथ देने का संदेश देती है।

 

* दुर्योधन के गलत होने के बावजूद, कर्ण ने अपनी मित्रता का धर्म अंत तक निभाया।

 

निष्कर्ष

दोस्ती एक ऐसा पौधा है जिसे विश्वास, सम्मान और प्यार के पानी से सींचना पड़ता है। फ्रेंडशिप डे हमें यह याद दिलाने का एक बहाना है कि भागदौड़ भरी जिंदगी में हम उन लोगों को शुक्रिया कहें जो बिना किसी स्वार्थ के हमारी जिंदगी को खूबसूरत बनाते हैं। इस फ्रेंडशिप डे पर अपने व्यस्त शेड्यूल से थोड़ा समय निकालें, अपने पुराने दोस्तों को फोन करें और उन्हें बताएं कि वे आपके लिए कितने खास हैं!

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

 

‘रेयर ऑफ द रेयरेस्ट’ मामला: कोर्ट ने दोषी को दी फांसी की सजा, हत्याकांड से दहल गया था पूरा इलाका

केरल की एक अदालत ने सोमवार को चर्चित नेनमारा डबल मर्डर केस में 61 वर्षीय चेंथामारा को फांसी की सजा सुनाई। पलक्कड़ की अतिरिक्त सत्र अदालत के न्यायाधीश केनेथ जॉर्ज ने आरोपी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। चेंथामारा पर आरोप था कि उसने 27 जनवरी 2025 को नेनमारा के पास पोथुंडी इलाके में अपने पड़ोसी सुधाकरन और उनकी मां लक्ष्मी की हत्या कर दी थी।

अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या और धारा 126(2) के तहत गलत तरीके से रास्ता रोकने का दोषी माना। फैसले में अदालत ने कहा कि यह मामला “रेयर ऑफ द रेयरेस्ट” श्रेणी का है। अदालत के अनुसार, आरोपी ने एक ही परिवार के कई लोगों को निशाना बनाया, इसलिए उसे फांसी की सजा दी गई।

जमानत पर बाहर आते ही कर दी दोहरी हत्या

चेंथामारा को इससे पहले साल 2019 में सुधाकरन की पत्नी सजिथा की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उसका कहना था कि उसकी शादीशुदा जिंदगी में आई परेशानियों के लिए सजिथा जिम्मेदार थी। जनवरी 2025 में इस मामले में जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आया। बाहर आते ही उसने अपने पड़ोसी सुधाकरन और उनकी मां लक्ष्मी की हत्या कर दी।

दोहरी हत्या के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर तलाश अभियान चलाया और कुछ ही समय में चेंथामारा को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे मालमपुझा उप-जेल भेज दिया गया। सजिथा हत्याकांड में अदालत पहले ही चेंथामारा को दो बार उम्रकैद की सजा सुना चुकी थी। डबल मर्डर केस की सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने अदालत में 81 गवाह पेश किए और 28 अहम सबूत भी जमा कराए।

IND vs ENG: ‘शोर नहीं होगा तो मजा नहीं आएगा’, रिटायरमेंट की अफवाहों पर रोहित शर्मा ने तोड़ी चुप्पी

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज को इंग्लैंड ने 2-1 से अपने नाम किया है। वहीं लॉर्ड्स में वनडे से पहले रोहित शर्मा के संन्यास को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। तीसरे मुकाबले में रोहित शर्मा ने 110 गेंदों में 138 रन की तूफानी पारी खेली है। वहीं मैच के बाद ने रोहित ने अपने रिटायरमेंट की खबरों रिएक्शन दिया है। जब रोहित से इन अफवाहों पर सवाल किया गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “शोर नहीं होगा तो मजा भी नहीं आएगा।”

भारत सीरीज हार गई लेकिन रोहित ने शानदार शतक जड़कर ये साफ कर दिया कि वह अभी वनडे क्रिकेट से विदाई लेने के मूड में नहीं हैं। टीम के लिए बड़ी पारियां खेलने का दम रखते हैं।

रिटायमेंट पर रोहित ने क्या कहा

रोहित ने BCCI.tv से कहा, “मेरा काम मेरे बल्ले से जवाब देना है। मैदान पर उतरकर देश का प्रतिनिधित्व करना ही मेरी जिम्मेदारी है और डेब्यू के दिन से मैं यही करता आ रहा हूं।” उन्होंने आगे कहा, “जब से मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू किया है, तब से मेरे बारे में बातें होती रही हैं और जब तक मैं खेलूंगा, यह सिलसिला चलता रहेगा। मुझे इन बातों से कोई खास फर्क नहीं पड़ता। मेरे लिए सबसे अहम यह है कि मैं मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करूं और टीम की जीत में अपना योगदान दूं।”

 

आलोचकों को दिया ये जवाब

रोहित शर्मा ने साफ किया कि वह आलोचनाओं और अफवाहों को किस तरह देखते हैं। रोहित शर्मा ने कहा, “जब शोर नहीं होता, तो मजा नहीं आता। मेरा काम मैदान के अंदर अपना खेल दिखाना है, जबकि बाहर क्या बातें होती हैं, वह लोगों का काम है। मैं हमेशा इसे इसी नज़रिए से देखता हूं।” रोहित शर्मा को लेकर आगे भी तरह-तरह की चर्चाएं और सवाल उठते रह सकते हैं, लेकिन लॉर्ड्स में उनकी शानदार बल्लेबाजी ने साफ कर दिया कि वह अभी भी भारतीय टीम के लिए बड़ी पारियां खेलने का दम रखते हैं

2027 वर्ल्ड कप जीतना है भारत का लक्ष्य

अब रोहित शर्मा का पूरा ध्यान वनडे क्रिकेट पर है और उनकी सबसे बड़ी मंजिल 2027 वनडे वर्ल्ड कप मानी जा रही है। 2023 वर्ल्ड कप फाइनल में मिली हार का दर्द आज भी उनके साथ जुड़ा हुआ है। उस हार के बाद वह काफी निराश हो गए थे और खुद को संभालने में उन्हें काफी समय लगा। रोहित शर्मा टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टी20 से संन्यास ले लिया और फिर टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया। अब उनका पूरा फोकस सिर्फ वनडे क्रिकेट पर है। माना जा रहा है कि रोहित की सबसे बड़ी कोशिश 2027 वनडे वर्ल्ड कप में भारत को चैंपियन बनाना है, ताकि वह अपने करियर का सबसे बड़ा अधूरा सपना पूरा कर सकें।

रोहित ने खेली शानदार पारी

रोहित शर्मा ने अपनी फिटनेस पर भी काफी मेहनत की है। रोहित ने करीब 10 किलो वजन घटाया, जिससे साफ पता चलता है कि वह अभी भी लंबे समय तक भारतीय टीम के लिए खेलना चाहते हैं। 388 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए रोहित शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने शुरुआत में संभलकर खेला और फिर अपने आक्रामक अंदाज में इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। रोहित ने मैदान के चारों ओर बेहतरीन शॉट लगाए और तेजी से रन बटोरे। उन्होंने 125 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 138 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 17 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। उनकी यह पारी भारत की उम्मीदों को काफी देर तक जिंदा रखे रही, लेकिन बाद में वह जैकब बेथेल की गेंद पर आउट हो गए।

कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे में भारत की हार के बाद रोहित शर्मा के वनडे क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने की चर्चा काफी बढ़ गई थी। कई रिपोर्ट्स में कहा गया कि, लॉर्ड्स वनडे उनके करियर का आखिरी मैच हो सकता है। वहीं, बीसीसीआई ने इन खबरों को गलत बताते हुए किसी भी तरह की रिटायरमेंट की बात से इनकार कर दिया था।

5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम से अगले 7 दिन खतरनाक मौसम, इन 18 राज्यों में IMD ने दिया भारी बारिश का अलर्ट, यूपी से बिहार तक मूसलाधार

देश भर में मानसून एक बार फिर अत्यंत विकराल और सक्रिय रूप में आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा वेदर बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले 4 से 5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत में मानसून की स्थिति काफी आक्रामक रहने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक वायुमंडल में 5 प्रमुख चक्रवाती परिसंचरण और 2 बड़ी ट्रफ प्रणालियां एक साथ एक्टिव हैं। इनके संयुक्त प्रभाव से उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और असम-मेघालय सहित देश के 18 से अधिक राज्यों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 7 दिनों के दौरान पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश का जोर थोड़ा धीमा रहेगा।

आइए जानते हैं मौसम विभाग के वैज्ञानिक विश्लेषण के मुताबिक आने वाले 7 दिनों में आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाल।

वायुमंडल में एक्टिव हैं ये 5 चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ प्रणालियां

  • मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों में बने ये मौसमी सिस्टम बारिश की गतिविधि को तेज कर रहे हैं:
  • पंजाब पर चक्रवाती सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में पंजाब और उसके आस-पास के इलाके पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
  • दक्षिण यूपी के मध्य में चक्रवाती परिसंचरण: निचले क्षोभमंडल में दक्षिण उत्तर प्रदेश के मध्य भागों पर एक चक्रवाती सिस्टम सक्रिय है।
  • उत्तरी झारखंड और बिहार पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में उत्तरी झारखंड और उससे सटे बिहार पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इस सिस्टम से लेकर त्रिपुरा तक निचले क्षोभमंडल में एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है।
  • दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर सिस्टम: निचले क्षोभमंडल स्तर में दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके पड़ोस पर चक्रवाती सिस्टम बरकरार है।
  • पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर चक्रवाती सिस्टम: मध्य क्षोभमंडल स्तर में पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। यहाँ से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ लाइन फैली हुई है।
  • इसके अलावा निचले क्षोभमंडल में मध्य असम और उससे सटे नागालैंड पर भी एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है जबकि मानसून ट्रफ समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है।

पिछले 24 घंटों में कहां कैसी हुई बारिश?

  • अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या अधिक): उत्तराखंड और मेघालय में बेहद मूसलाधार बारिश दर्ज की गई।
  • बहुत भारी बारिश (12 से 20 सेमी): उत्तर प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में दर्ज हुई।
  • भारी बारिश (7 से 11 सेमी): जम्मू-कश्मीर, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में रिकॉर्ड की गई।

इन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 20 और 21 जुलाई को देश के कई राज्यों में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारी की है। 20 जुलाई को यूपी और उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश होने का अलर्ट है। 20 जुलाई को बिहार के कई जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश की बात करें तो 20 और 21 जुलाई को दोनों राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। 20 जुलाई को असम और मेघालय में भीषण बारिश देखने को मिल सकती है।

अगले 7 दिनों का विस्तृत राज्यवार पूर्वानुमान

  • 1-उत्तर-पश्चिम भारत (यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान)

उत्तर प्रदेश: पूर्वी यूपी में 20-23 जुलाई और पश्चिमी यूपी में 20-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को पूरे यूपी में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा 20-21 जुलाई को पूर्वी यूपी और 20-22 जुलाई को पश्चिमी यूपी में बहुत भारी बारिश हो सकती है। 22-24 जुलाई (पूर्वी यूपी) और 23-25 जुलाई (पश्चिमी यूपी) के दौरान भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

उत्तराखंड: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश, 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 20 व 22-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश की चेतावनी है।

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर: दोनों राज्यों में 20-24/26 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 20-21 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होगी। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में 22-23 जुलाई और हिमाचल में 22 जुलाई को बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब: यहां 20 से 23 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश का दौर रहेगा। 20 से 22 जुलाई के बीच हरियाणा, दिल्ली, पंजाब में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 23 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 23-26 जुलाई को व्यापक बारिश और 20-25 जुलाई के दौरान भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में 20-24 जुलाई के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

  • 2 – पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा)

बिहार: 20 से 22 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी (23-26 जुलाई को छिटपुट)। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 20 से 23 जुलाई तक भारी बारिश का दौर बना रहेगा।

झारखंड: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 21 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 20-26 जुलाई तक व्यापक वर्षा होगी, जिसमें 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 20, 22 और 23 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है।

ओडिशा: 20 से 22 जुलाई के दौरान ओडिशा के अलग-अलग जिलों में भारी बारिश की संभावना है।

  • 3- उत्तर-पूर्व भारत (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश)

असम और मेघालय: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश का अलर्ट है। 20 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है, जिसके बाद 22-26 जुलाई तक भारी बारिश होगी।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: यहाँ 20-26 जुलाई तक भारी से व्यापक बारिश होगी। 20 और 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

अरुणाचल प्रदेश: 20-21 जुलाई और 25-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

  • 4- मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ)

मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 20-26 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 20 व 22-23 जुलाई को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 22-24 जुलाई को व्यापक बारिश और 20-23 जुलाई के दौरान भारी बारिश होगी।

छत्तीसगढ़: 20 से 26 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश और भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

विदर्भ: 20-24 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश होगी जिसमें 23 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

  • 5- पश्चिम भारत (महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात)

कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र: कोंकण व गोवा में 20-26 जुलाई और मध्य महाराष्ट्र में 22-23 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। 21 और 22 जुलाई को कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 20 और 23-25 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

गुजरात क्षेत्र: 20 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 21-22 और 25-26 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

  • 6- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना)

दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले 7 दिनों में बारिश थोड़ी सुस्त रहेगी लेकिन 20 जुलाई को तटीय आंध्र प्रदेश व यानम, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। केरल और तटीय कर्नाटक में 24 से 26 जुलाई के दौरान एक बार फिर व्यापक बारिश का दौर लौट सकता है।

आंधी-तूफान, तेज हवाएं और बिजली कड़कने की चेतावनी

जम्मू-कश्मीर (20-26 जुलाई): गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से तेज आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश (20-25 जुलाई): गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटा (झोंके 50 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल: बिहार व अंडमान-निकोबार (20-26 जुलाई) और झारखंड व ओडिशा (20-24 जुलाई) में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं और बिजली कड़कने की आशंका है।

दक्षिण भारत: तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में 20 से 24 जुलाई के दौरान तेज आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में 20 से 26 जुलाई के दौरान काफी तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

Udhna Station: सूरत के उधना स्टेशन पर बना देश का पहला स्टील सबवे! सिर्फ 8 घंटे में हुआ तैयार, रेलवे ने रचा इतिहास

Udhna Station: भारतीय रेलवे ने इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्री सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा काम कर दिखाया है। गुजरात में सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर रेलवे पटरियों के नीचे देश का पहला स्टील पैदल यात्री सबवे बनाने में सफलता हासिल हुई है। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्टके मुताबिक, पश्चिम रेलवे द्वारा चलाए गए इस पायलट प्रोजेक्ट को बिल्कुल नई और आधुनिक ट्रैक कट-एंड-कवर तकनीक का इस्तेमाल करके मात्र 8 घंटे के रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया है।

इस सबवे के बन जाने से अब प्लेटफॉर्म बदलने के लिए पटरियों को पार करने की खतरनाक प्रथा पर लगाम लगेगी और यात्रियों की सुरक्षा में बड़ा सुधार होगा।

कैसे हुआ यह कारनामा? जानिए क्या है ट्रैक Cut-and-Cover तकनीक

पश्चिम रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) पंकज सिंह ने इस प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस तकनीक के तहत निर्धारित ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान रेलवे पटरी को काटा जाता है और पटरियों के नीचे की जमीन की खुदाई की जाती है। खुदाई के बाद फैक्ट्री में तैयार स्टील आर्च स्ट्रक्चर को नीचे स्थापित कर दिया जाता है और फिर गड्ढे को भरकर पटरी को तुरंत चालू स्थिति में बहाल कर दिया जाता है।

इस पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड 8 घंटे के भीतर पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया था ताकि ट्रेन संचालन पर कम से कम असर पड़े। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस काम को तय 8 घंटे की विंडो में बिना किसी बड़े ट्रेन प्रभाव के पूरा कर लिया गया।

इस ऑपरेशन के दौरान गुजरात के उधना को महाराष्ट्र के जलगांव से जोड़ने वाली रेलवे पटरियों को अस्थायी रूप से हटाया गया, मिट्टी की खुदाई की गई, प्रीफैब्रिकेटेड स्टील आर्च स्ट्रक्चर को रखा गया और फिर लाइन को तुरंत बहाल कर दिया गया।

कितना बड़ा है यह स्टील सबवे?

पारंपरिक प्रबलित सीमेंट कंक्रीट संरचनाओं की तुलना में इसके निर्माण में काफी कम समय लगा है। इसकी लंबानी करीब 12 मीटर, चौड़ाई 4.8 मीटर और ऊंचाई 2.7 मीटर है। इसमें स्टील आर्च और प्रीकास्ट कंक्रीट नींव का इस्तेमाल किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री में तैयार संरचना होने के कारण गुणवत्ता बेहतर रही और ट्रैक ब्लॉक की समयसीमा को न्यूनतम करने में मदद मिली।

उधना स्टेशन पर क्यों पड़ी इसकी जरूरत?

उधना रेलवे स्टेशन पर रोजाना करीब 10000 यात्री आवाजाही करते हैं। त्योहारों के सीजन में यहां यात्रियों की संख्या में भारी उछाल आता है। इस साल की शुरुआत में ईरान संघर्ष के दौरान जब बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत अन्य राज्यों के प्रवासी मजदूर अपने गृह राज्यों को लौटे थे तब उधना स्टेशन पर यात्रियों की संख्या रोजाना 30000 को पार कर गई थी।

पटरियों को पार करके प्लेटफॉर्म बदलना या बाईपास लाइन पर जाना बेहद खतरनाक होता है, खासकर उन जगहों पर जहां मुड़े हुए ट्रैक होते हैं और विजिबिलिटी सीमित होती है। उधना बाईपास लाइन पर भी ऐसी ही खतरनाक स्थिति बनी रहती थी, जिससे अक्सर दुर्घटनाएं होती थीं। इसी खतरे को देखते हुए और यात्रियों व कुलियों को सुरक्षित प्लेटफॉर्म बदलने की सुविधा देने के लिए रेल मंत्रालय की मंजूरी के बाद इस तकनीक को अपनाया गया।

देश भर के व्यस्त स्टेशनों पर लागू हो सकता है यह मॉडल

पश्चिम रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उधना में इस पायलट प्रोजेक्ट की शानदार सफलता के बाद अब देश भर के अन्य व्यस्त रेलवे स्टेशनों और रेल सेक्शनों पर भी इस तरह के स्टील सबवे बनाने का रास्ता साफ हो सकता है। एक बार इस सबवे के पूरी तरह से चालू हो जाने के बाद उधना में बाईपास लाइन पर खतरनाक तरीके से पटरी पार करने की समस्या खत्म हो जाएगी और दुर्घटनाओं का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा।

ये भी पढ़ें- Tripura DGP Dead: त्रिपुरा के DGP की संदिग्ध मौत से हड़कंप! पुलिस हेडक्वार्टर में मृत पाए गए अनुराग धनखड़, जानिए कौन थे IPS अधिकारी