तिरंगे की एतिहासिक जीत, संग्राम सिंह बने एशिया के पहले चैंपियन

Sangram Singh

भारतीय खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। संग्राम सिंह ने पाकिस्तान के मोहम्मद आबिद अली को महज 1 मिनट 20 सेकेंड में 'सबमिशन' (पटखनी देकर आत्मसमर्पण करवाने) के जरिए हराकर एशियन एमएमए (MMA) चैम्पियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। वे यह मुकाम हासिल करने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।कुश्ती से मिक्सड मार्शल आर्ट्स (MMA) में कदम रखने के बाद संग्राम की यह लगातार चौथी जीत है और वे अब तक अजेय हैं। पाकिस्तानी फाइटर पर यह उनकी दूसरी जीत है, जिसने कॉम्बैट स्पोर्ट्स में भारत के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक के रूप में उनकी पहचान को और मजबूत कर दिया है।

​ *स्टेडियम में गूंजा “भारत माता की जय”*

​मलेशिया के एरिना में जैसे ही संग्राम सिंह का हाथ जीत के लिए हवा में उठा, माहौल में एक अलग ही जोश भर गया। दर्शक खुशी से झूम उठे और पूरा स्टेडियम “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा। संग्राम ने इस ऐतिहासिक खिताब को 140 करोड़ देशवासियों को समर्पित करते हुए कहा कि जब भी वे रिंग या केज (रिंग का दायरा) में उतरते हैं, उनका एकमात्र मकसद विश्व स्तर पर भारत का तिरंगा शान से फहराना होता है।

​इस मुकाबले से पहले वजन घटाने (वेट-कट) के ड्रामा और प्रतिद्वंद्वी मोहम्मद आबिद अली की ओर से दिए गए भड़काऊ बयानों की वजह से मैच को लेकर काफी माहौल बना हुआ था। हालांकि, जैसे ही मुकाबला शुरू हुआ, संग्राम ने केज के अंदर पूरी तरह दबदबा बनाकर इन बातों का करारा जवाब दिया।

 *​ऐसे मिली शानदार जीत*

​संग्राम के कोच भूपेश कुमार ने बताया कि आबिद के पास खतरनाक पंच मारने की काबिलियत के साथ-साथ लंबाई और रीच (पहुंच) का भी फायदा था। फाइट की शुरुआत में ही संग्राम की आंख के पास एक पंच लगा भी, लेकिन भारतीय चैंपियन ने अपना आपा नहीं खोया। उन्होंने बेवजह के पंचिंग एक्सचेंज से खुद को बचाया और अपनी सबसे बड़ी ताकत—विश्वस्तरीय कुश्ती (ग्रैपलिंग) का इस्तेमाल किया।

​सटीक दांव: मैच शुरू होने के सिर्फ 30 सेकेंड बाद, संग्राम ने सही समय पर पैर पर अटैक किया, आबिद के टखने (Ankle) को कसकर पकड़ा और उन्हें भागने का मौका नहीं दिया।

​शानदार फिनिश: संग्राम उन्हें खींचकर केज के बीच में ले आए और तुरंत 'चोक सबमिशन' (गर्दन दबोचने वाले दांव) में बदल दिया। पाकिस्तानी फाइटर के पास हार मानने (टैप आउट करने) के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
​कोच भूपेश कुमार ने बताया कि संग्राम ने अर्जेंटीना में हुई अपनी पिछली MMA फाइट में भी इसी तरह का लेग-अटैक दांव इस्तेमाल किया था, जिससे एक बार फिर उनकी बेहतरीन ग्रैपलिंग स्किल्स साबित हुई हैं।

​ *अजेय सफर जारी*

​अपने MMA करियर में इससे पहले संग्राम सिंह ने पाकिस्तान के अली रजा नासिर, ट्यूनीशिया के हाकिम त्राबेसी और फ्रांस के फ्लोरियन कॉडियर को हराकर अपना ऑल-विन (अजेय) रिकॉर्ड बनाए रखा है।

​जीत के बाद संग्राम सिंह ने कहा:

​”मेरी हर फाइट मेरे देश के लिए होती है। मेरा सपना हमेशा भारतीय तिरंगे को ऊंचा लहराते देखना है। पहला भारतीय एशियन MMA चैंपियन बनना एक गर्व का क्षण है, जिसे मैं हर भारतीय को समर्पित करता हूँ।”
​इस बड़ी जीत के साथ संग्राम सिंह ने न केवल अपना नाम भारत के खेल इतिहास में दर्ज करा लिया है, बल्कि भारतीय MMA को एक नए दौर में पहुंचा दिया है—यह साबित करते हुए कि भारत की कुश्ती का हुनर दुनिया के सबसे बड़े मंचों को भी फतेह कर सकता है।

मार्केट कर रहा नए बुल रन की तैयारी! दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा की बड़ी भविष्यवाणी, जानें कब तक आएगी तेजी

Shankar Sharma Stock Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार में पिछले दो दशकों में निवेशकों ने जिस तरह छप्परफाड़ कमाई की है, अब उन्हें अपनी उम्मीदों को थोड़ा कम करने की जरूरत है। ऐसा मानना है दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा का। उन्होंने ये भी कहा कि, भारत में अगला बड़ा और मजबूत बुल मार्केट आने में अभी कम से कम एक से दो साल का वक्त लग सकता है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि अगला बुल रन पिछले रिकॉर्ड्स के मुकाबले काफी धीमी रफ्तार वाला होगा और इससे मिलने वाला रिटर्न भी काफी कम रहेगा।

मनीकंट्रोल की सीनियर कॉरेस्पोंडेंट जोया स्प्रिंगवाला को दिए एक इंटरव्यू में शंकर शर्मा ने बताया कि देश की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार का आकार अब इतना बड़ा हो चुका है कि पहले जैसी तूफानी रफ्तार को बरकरार रखना नामुमकिन है। आइए जानते हैं शंकर शर्मा ने मार्केट को लेकर और क्या-क्या कहा।

अब केवल 8-10% रिटर्न की ही उम्मीद रखें निवेशक

शंकर शर्मा ने साफ तौर पर कहा कि आने वाले समय में निवेशकों को अपने रिटर्न के नजरिए को बदलना होगा। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि अगले एक-दो सालों में हमें बाजार में एक ठोस बुल रैली देखने को मिलेगी। लेकिन लोगों को यह समझना होगा कि लंबी अवधि के रिटर्न का स्तर अब नीचे खिसक चुका है। भारत अब उस तरह का रिटर्न नहीं देगा जो हमारी पीढ़ी ने कमाया है।’

जहां पिछले दो दशकों में भारतीय निवेशकों को औसतन 14-15% का सालाना रिटर्न मिलने की आदत हो चुकी है, वहीं शंकर शर्मा के मुताबिक अब लंबी अवधि में 8-10% का सालाना रिटर्न ही मिलने की उम्मीद करनी चाहिए।

शंकर शर्मा की ‘1.6 बुल मार्केट्स’ थ्योरी क्या है?

शर्मा ने बाजार के इतिहास का विश्लेषण करते हुए अपनी ‘1.6 बुल मार्केट्स’ थ्योरी समझाई। उनके मुताबिक, 1991 के उदारीकरण के बाद भारत ने केवल एक बार पूरी तरह से टिकाऊ और बड़ा बुल मार्केट देखा है, जो 2003 से 2007 के बीच आया था। उन्होंने हर्षद मेहता वाले दौर को मार्केट की एक स्वाभाविक रैली नहीं माना।

साल 2003-2007 के बुल रन में निफ्टी ने करीब 55% का सालाना रिटर्न दिया था। इसके मुकाबले कोरोना महामारी के बाद आए उछाल में निफ्टी ने लगभग 31% का रिटर्न दिया, जो पिछले बार से 40% कम था। उनके अनुसार, अगला बुल मार्केट इससे भी निचले स्तर पर रहेगा।

क्यों धीमी होगी बाजार की रफ्तार?

शंकर शर्मा का मानना है कि इस मंदी या कम रिटर्न का कारण वैश्विक राजनीति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या ब्याज दरें नहीं हैं, बल्कि इसका असली कारण भारत की ‘स्केल’ है। भारत अब 4 से 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन चुका है। इस आकार पर सिर्फ अपनी जगह बने रहने के लिए भी हर साल जीडीपी में सैकड़ों अरब डॉलर जोड़ने पड़ते हैं। जैसे-जैसे अर्थव्यवस्थाएं बड़ी होती हैं, उनकी ग्रोथ स्वाभाविक रूप से धीमी हो जाती है।

उन्होंने एचडीएफसी बैंक और इन्फोसिस जैसी बड़ी कंपनियों का उदाहरण देते हुए कहा, ‘आज कोई भी एचडीएफसी बैंक से 35-40% की रफ्तार से बढ़ने की उम्मीद नहीं करता, क्योंकि यह बहुत बड़ा हो चुका है। देशों की अर्थव्यवस्था भी ठीक इसी तरह काम करती है।’

लार्ज-कैप के मुकाबले स्मॉल-कैप पर बड़ा दांव

शंकर शर्मा का मानना है कि भविष्य में जब भी अगला बुल मार्केट आएगा, उसकी अगुवाई आज के मुख्य सूचकांकों में शामिल दिग्गज लार्ज-कैप (Blue-chip) शेयर नहीं करेंगे। मेन इंडेक्स की मैच्योर हो चुकी कंपनियों के मुकाबले छोटी कंपनियों (Small-caps) में अर्निंग ग्रोथ और वेल्थ क्रिएशन की गुंजाइश कहीं ज्यादा है।

शंकर शर्मा ने कहां लगाया है पैसा?

अपने इसी भरोसे के चलते शंकर शर्मा ने खुद ₹100-200 करोड़ का निवेश स्मॉल-कैप कंपनियों में किया है। उन्होंने विशेष रूप से भारत के टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा-सेंटर इकोसिस्टम से जुड़े सेक्टर्स को चुना है, क्योंकि ये सेक्टर्स अभी अपने ग्रोथ साइकिल के शुरुआती चरण में हैं।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल पर विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त किए गए विचार और निवेश टिप्स उनके अपने हैं, वेबसाइट या उसके प्रबंधन के नहीं। मनीकंट्रोल यूजर्स को सलाह देता है कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट्स से जांच कर लें।

Market Correction vs SIP: मार्केट क्रैश का इंतजार पड़ सकता है भारी! जानें क्यों एक्सपर्ट्स दे रहे हैं हर महीने SIP की सलाह

Market Crash Timing vs SIP Strategy: हर निवेशक के मन में कभी न कभी यह विचार जरूर आता है कि ‘जब मार्केट गिरेगा, तब पैसा लगाऊंगा’। सुनने में यह रणनीति बहुत समझदारी भरी लगती है कम कीमत पर खरीदो और बंपर मुनाफा कमाओ। लेकिन शेयर बाजार की सबसे बड़ी हकीकत यह है कि बाजार कभी ढिंढोरा पीटकर नहीं गिरता और न ही बढ़ता है।

भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। ऐसे में निवेशकों के बीच एक पुरानी बहस फिर से छिड़ गई है क्या हर महीने SIP के जरिए निवेश करनी चाहिए, या फिर कैश बचाकर रखना चाहिए और बाजार में बड़ी गिरावट आने पर ही एकमुश्त पैसा लगाना चाहिए? आइए इसे समझते हैं।

बीते वक्त को देखना आसान है, बॉटम पकड़ना नामुमकिन

हर कोई चाहता है कि वह बाजार के बिल्कुल निचले स्तर यानी बॉटम पर शेयर या म्यूचुअल फंड खरीदे। लेकिन दिक्कत यह है कि जब बाजार गिर रहा होता है, तब कोई नहीं बता सकता कि बॉटम कहां है। बाजार कभी सीधी लकीर में नहीं चलता। अगर मार्केट 10% गिर चुका है, तो वहां से वह 10% और गिर सकता है या वहीं से रिकवरी शुरू कर सकता है।

‘परफेक्ट एंट्री पॉइंट’ के चक्कर में निवेशक अक्सर इस उम्मीद में बैठे रह जाते हैं कि कीमतें थोड़ी और गिरेंगी। नतीजा यह होता है कि जब तक बाजार में भरोसा लौटता है, तब तक मार्केट बहुत ऊपर निकल चुका होता है और निवेश का सही मौका हाथ से निकल जाता है।

एसआईपी क्यों है सबसे बेस्ट?

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) की लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह यह है कि यह बाजार को टाइम करने की टेंशन को पूरी तरह खत्म कर देता है। बाजार का सेंटिमेंट कैसा भी हो चाहे वह तेजी पर हो या मंदी पर आपकी तय रकम हर महीने खुद-ब-खुद निवेश हो जाती है।

ITR Filing 2026: क्या आपको पता हैं लीव ट्रैवल अलाउंस के ये नियम? टैक्स छूट का दावा करने से पहले ध्यान रखें ये बातें

जब बाजार गिरता है, तो आपकी SIP को ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं। जब बाजार चढ़ता है, तो कम यूनिट्स मिलती हैं। इससे आपकी खरीद की लागत खुद ही एवरेज हो जाती है। निवेशकों को रोज-रोज यह नहीं सोचना पड़ता कि आज निवेश करने का सही दिन है या नहीं।

कैश होल्ड करना गलत नहीं, पर यह रणनीति का हिस्सा हो

इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हाथ में नकदी रखना हमेशा एक गलत फैसला होता है। अनुभवी और मझे हुए निवेशक हमेशा अपने पोर्टफोलियो में कुछ कैश रिजर्व रखते हैं। यह कैश किसी आगामी जरूरी खर्च या बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए होता है। कैश रखना आपकी वित्तीय रणनीति का एक हिस्सा होना चाहिए, न कि बाजार की हर छोटी-बड़ी भविष्यवाणी करने का कोई जुआ।

रिकवरी मिस करना पड़ सकता है बहुत महंगा

बाजार में सुधार आने या क्रैश होने का इंतजार करने का सबसे बड़ा रिस्क यह है कि बाजार हमेशा उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से रिकवर करता है। इतिहास गवाह है कि शेयर बाजार में सबसे बड़ी और सबसे तेज बढ़त अक्सर एक बहुत तेज गिरावट के तुरंत बाद आती है।

जो निवेशक पूरी स्पष्टता के इंतजार में बैठे रहते हैं, वे इस शुरुआती और सबसे कमाऊ उछाल को मिस कर देते हैं। इसलिए वित्तीय सलाहकार हमेशा सलाह देते हैं कि जब तक आपके पास कोई बहुत ठोस योजना न हो, केवल सुधार के भरोसे कैश लेकर न बैठें।

बैलेंस्ड अप्रोच ही दिलाएगी सफलता

लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन के लिए आपको SIP या कैश में से किसी एक को चुनने की जरूरत नहीं है, बल्कि दोनों का तालमेल बिठाना चाहिए:

लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन के लिए आपको SIP या कैश में से किसी एक को चुनने की जरूरत नहीं है, बल्कि दोनों का तालमेल बिठाना चाहिए:

कुल मिलाकर आपको बता दें कि बाजार को प्रेडिक्ट करना जितना आसान दिखता है, असल में उतना होता नहीं है। एक आम और लंबी अवधि के निवेशक के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह नहीं है कि वह बाजार में कब एंट्री लेता है बल्कि असली चुनौती यह है कि वह हर परिस्थिति में बाजार में टिका रहता है और अपनी इन्वेस्टमेंट जर्नी को बिना रुके जारी रखता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

जेडी वेंस उपराष्ट्रपति रहते हुए चौथे बच्चे के पिता बने:अमेरिका में 150 साल में पहली बार ऐसा हुआ; ज्यादा बच्चों के पक्षधर हैं वेंस

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस के घर चौथे बच्चे का जन्म हुआ है। 19 जुलाई की सुबह उनके बेटे एलेक नील वेंस का जन्म हुआ। 150 साल से ज्यादा समय बाद ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी मौजूदा अमेरिकी उपराष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान उनके घर बच्चे का जन्म हुआ है। टाइम मैगजीन के मुताबिक, इससे पहले ऐसा 1870 में हुआ था। उस समय राष्ट्रपति यूलिसिस एस. ग्रांट के कार्यकाल में उपराष्ट्रपति शायलर कोलफैक्स की पत्नी एलेन कोलफैक्स ने बेटे शायलर कोलफैक्स को जन्म दिया था। जेडी वेंस ने सोशल मीडिया पर चौथे बच्चे की खुशखबरी साझा करते हुए लिखा, उषा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। हमारे तीनों बच्चे अपने छोटे भाई से मिलकर बेहद खुश हैं। एलेक नील वेंस, जेडी और उषा वेंस की चौथी संतान हैं। उनसे पहले उनके तीन बच्चे इवान (9 वर्ष), विवेक (6 वर्ष) और मिराबेल (4 वर्ष) हैं। भारतीय मूल की हैं उषा वेंस उषा वेंस का जन्म और पालन-पोषण कैलिफोर्निया के सैन डिएगो में हुआ। उनके माता-पिता भारत से अमेरिका जाकर बसे थे। उनके पिता मैकेनिकल इंजीनियर हैं, जबकि मां मॉलिक्यूलर बायोलॉजिस्ट हैं। उषा और जेडी वेंस की मुलाकात 2010 में येल लॉ स्कूल में पढ़ाई के दौरान हुई थी। बाद में दोनों ने शादी की। ज्यादा बच्चों के पक्षधर रहे हैं वेंस जेडी वेंस ट्रम्प सरकार के उन प्रमुख नेताओं में रहे हैं, जो अमेरिका में जन्मदर बढ़ाने की वकालत करते रहे हैं। उनका मानना है कि अमेरिका में गिरती जन्मदर भविष्य के लिए बड़ी चुनौती है। इसी वजह से उन्होंने टैक्स छूट, परिवारों के लिए आर्थिक मदद और बच्चों वाले परिवारों को अधिक समर्थन देने जैसी नीतियों की पैरवी की है। अपनी हाल ही में रिलीज हुई किताब कम्युनियन में वेंस ने अपनी निजी जिंदगी का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि वे कई साल से पत्नी उषा वेंस से चौथा बच्चा करने की बात कहते रहे, लेकिन उषा का मानना था कि तीन बच्चों के बाद उनका परिवार पूरा हो चुका है। सार्वजनिक जीवन में आने के बाद वह चौथा बच्चा नहीं चाहती थीं। चौथे बच्चे के लिए उषा को मनाया इस साल मिशिगन में व्हाइट हाउस के एक कार्यक्रम में जेडी वेंस ने मजाकिया अंदाज में बताया था कि उन्होंने उषा को चौथे बच्चे के लिए कैसे राजी किया। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने से पहले उन्होंने उषा से कहा था, “मैं चौथा बच्चा चाहता हूं।” इस पर उषा ने जवाब दिया, “ठीक है, लेकिन तुम्हें अमेरिका का उपराष्ट्रपति बनना है या चौथा बच्चा चाहिए, दोनों एक साथ नहीं मिल सकते।” वेंस ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं अपनी बात मनवाने में काफी अच्छा हूं, क्योंकि आज मेरे पास दोनों हैं।” वेंस के मुताबिक, यह सोच तब बदली जब 2025 में उनके करीबी दोस्त और एक्टिविस्ट चार्ली किर्क की हत्या हो गई। अंतिम संस्कार के दौरान उषा की मुलाकात चार्ली किर्क की पत्नी एरिका किर्क से हुई। वेंस लिखते हैं कि एरिका ने रोते हुए उषा से कहा कि उन्हें अफसोस है कि उनके और चार्ली के केवल दो ही बच्चे थे। इस बातचीत का उषा पर गहरा असर पड़ा और कुछ समय बाद उन्होंने चौथे बच्चे के लिए हामी भर दी। भारतीय मूल के ससुराल वालों की कर चुके हैं तारीफ जेडी वेंस कई बार अपने भारतीय मूल के ससुराल वालों की खुलकर तारीफ कर चुके हैं। इस साल एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि उनके सास-ससुर इस बात का उदाहरण हैं कि प्रवासियों ने अमेरिका को किस तरह समृद्ध बनाया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि अमेरिकी नागरिक बनने के बाद देश के हितों को सबसे पहले रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा था, “मैं भारत से आए प्रवासियों की बेटी से विवाहित हूं। मुझे अपने सास-ससुर से बहुत प्यार है। वे शानदार लोग हैं और उन्होंने अमेरिका के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।”

ATMA July Result 2026: जुलाई सत्र का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर देखें उम्मीदवार, अगस्त सत्र के लिए शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन

ATMA July Result 2026: एसोसिएशन ऑफ इंडियन मैनेजमेंट स्कूल्स (AIMS) ने एटीएमए जुलाई परीक्षा का रिजल्ट 2026 जारी कर दिया है। यह परीक्षा 12 जुलाई, 2026 को आयोजित की गई थी। इस सत्र की परीक्षा में शामिल उम्मीदवार एटीएमए की आधिकारिक वेबसाइट atmaaims.com पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। रिजल्ट का लिंक एक्टिवेट होने के बाद परीक्षार्थी अपने पीआईडी नंबर और पासवर्ड का इस्तेमाल करके लॉग इन कर सकते हैं और स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

एटीएमए परीक्षा साल में कई बार आयोजित की जाती है। इसके जरिए छात्र भारत भर के अलग-अलग मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट द्वारा ऑफर किए जाने वाले एमबीए, पीजीडीएम, एमएमएस और दूसरे मैनेजमेंट कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। कोई भी छात्र जितनी बार चाहे उतनी बार परीक्षा दे सकता है और सबसे अच्छा स्कोर ही प्रवेश के लिए माना जाएगा।

एटीएमए जुलाई रिजल्ट 2026: एक नजर

खास जानकारी डिटेल

एग्जाम का नाम : एटीएमए जुलाई 2026

कंडक्टिंग बॉडी : एसोसिएशन ऑफ़ इंडियन मैनेजमेंट स्कूल्स (AIMS)

एग्जाम की तारीख : 12 जुलाई, 2026

एग्जाम मोड : ऑनलाइन

एग्जाम लेवल : नेशनल लेवल

रिजल्ट रिलीज की तारीख : 18 जुलाई, 2026

लॉगिन डिटेल्स : पीआईडी संख्या, पासवर्ड

एग्जाम फ्रीक्वेंसी : साल में कई बार होता है

ऑफिशियल वेबसाइट : atmaaims.com

एटीएमए जुलाई रिजल्ट 2026 डाउनलोड करने के स्टेप्स?

परीक्षार्थी एटीएमए जुलाई सत्र का रिजल्ट डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए आसान स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं।

  • एटीएमए की ऑफिशियल वेबसाइट atmaaims.com पर जाएं।
  • ऑफिशियल पोर्टल पर एटीएमए जुलाई रिजल्ट लिंक ढूंढें और उस पर क्लिक करें।
  • अपनी लॉगिन डिटेल्स जैसे PID नंबर और पासवर्ड सही से डालें।
  • नीचे दिए गए सबमिट बटन पर क्लिक करें।
  • एटीएमए जुलाई रिजल्ट आपकी स्क्रीन पर दिखेगा।
  • अपने एटीएमए स्कोरकार्ड पर दी गई डिटेल्स चेक और वेरिफाई करें।
  • आगे इस्तेमाल के लिए डाउनलोड करें और प्रिंटआउट ले लें।

एटीएमए जुलाई स्कोरकार्ड 2026 पर दी गई डिटेल्स

कैंडिडेट्स को सलाह दी जाती है कि वे अपने एटीएमए स्कोरकार्ड पर छपी सारी जानकारी चेक कर लें। कोई भी गड़बड़ी होने पर उन्हें इसे ठीक करवाने के लिए परीक्षा अथॉरिटी से संपर्क करना चाहिए।

  • कैंडिडेट का नाम
  • रोल नंबर
  • एग्जाम का नाम
  • एग्जाम की तारीख
  • एप्लिकेशन नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर
  • सेक्शन वाइज मार्क्स
  • ओवरऑल परसेंटाइल हासिल किया।

एटीएमए रिजल्ट के बाद क्या?

रिजल्ट आने के बाद, कैंडिडेट्स सबसे पहले अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड करें। इसके बाद वे अपने शॉर्टलिस्ट किए गए कॉलेजों के लिए आवेदन करें ताकि वे संस्थान के एडमिशन क्राइटेरिया के आधार पर ग्रुप डिस्कशन, पर्सनल इंटरव्यू या रिटन एबिलिटी टेस्ट जैसे अगले राउंड में हिस्सा ले सकें और एडमिशन कन्फर्म हो सके।

अगस्त सत्र के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू

एआईएमएस ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट (atmaaims.com) पर एटीएमए अगस्त 2026 साइकिल के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू कर दिया है। एमबीए, पीजीडीएम, एमएमएस और एमसीए कोर्स के लिए नेशनल लेवल कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) 9 अगस्त, 2026 (दोपहर 2:00 बजे – शाम 5:00 बजे) को 200+ एआईसीटीई स्वीकृत संस्थान में होगा।

आवेदन शुल्क 2 अगस्त, 2026 (रात 11:59 बजे) तक ऑनलाइन देना होगा। इसके बाद 3 अगस्त, 2026 (शाम 5:00 बजे) तक रजिस्ट्रेशन जमा करना होगा। नियमित आवेदन शुल्क ₹2,000 होगा, लेकिन महिला कैंडिडेट को 25% डिस्काउंट (₹1,500) और नॉर्थ ईस्टर्न रीजन के कैंडिडेट को 50% डिस्काउंट (₹1,000) दिया जाएगा। एडमिट कार्ड 5 अगस्त, 2026 से डाउनलोड किया जा सकता है, और रिजल्ट 12 अगस्त को आएगा।

Olympiad 2026: फिजिक्स के बाद इंटरनेशनल बायोलॉजी और केमिस्ट्री ओलंपियाड में भारतीय छात्रों का जलवा, देश के लिए लगा दी मेडलों की झड़ी

कम कीमत में BSNL का धमाकेदार प्लान! 100 Mbps स्पीड के साथ मिलेगा JioHotstar और SonyLIV फ्री, चेक करें डिटेल्स

BSNL Broadband Plan: आज के समय में तेज इंटरनेट की जरूरत लगातार बढ़ रही है। चाहे घर से काम करना हो, ऑनलाइन पढ़ाई हो या फिर हाई-क्वालिटी वीडियो स्ट्रीमिंग, हर जगह बेहतर स्पीड वाला ब्रॉडबैंड कनेक्शन जरूरी हो गया है। ऐसे में सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) का 100 Mbps वाला फाइबर ब्रॉडबैंड प्लान यूजर्स का ध्यान खींच रहा है।

वैसे तो इस सेगमेंट में Airtel मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं, लेकिन BSNL का प्लान आज ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है। बड़ी बात ये भी है कि BSNL अपनी फाइबर ब्रॉडबैंड सर्विसेज के साथ देश के लगभग हर शहर में मौजूद है। BSNL कंपनी BharatNet प्रोजेक्ट की मदद से ग्रामीण इलाकों में बहुत तेजी से विस्तार कर रही है। आइए जानते हैं BSNL के इस 100 Mbps प्लान में क्या-क्या फायदे मिलते हैं।

OTT बेनिफिट्स के साथ BSNL का 100 Mbps ब्रॉडबैंड प्लान

BSNL का 100 Mbps फाइबर ब्रॉडबैंड प्लान यूजर्स के लिए किफायती विकल्प बनकर सामने आ रहा है। इस प्लान की कीमत 699 रुपये प्रति महीना है, जिसमें तेज इंटरनेट स्पीड के साथ OTT बेनिफिट्स भी मिलते हैं। इस प्लान में ग्राहकों को 100 Mbps की स्पीड के साथ 4000GB यानी 4TB डेटा दिया जाता है। डेटा के मामले में यह Airtel के कुछ फाइबर प्लान्स से आगे है, जहां आमतौर पर करीब 3.3TB डेटा लिमिट मिलती है।

BSNL के इस प्लान में यूजर्स को हर महीने करीब 700GB ज्यादा डेटा मिलता है। हालांकि, 4TB की FUP (Fair Usage Policy) लिमिट पूरी होने के बाद इंटरनेट स्पीड घटकर 4 Mbps रह जाती है, लेकिन कनेक्शन बंद नहीं होता और यूजर्स ब्रॉडबैंड सेवा का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं।

ब्रॉडबैंड प्लान के साथ मिलेगा OTT का मजा

BSNL अपने इस 100 Mbps ब्रॉडबैंड प्लान के साथ यूजर्स को OTT प्लेटफॉर्म्स का एक्सेस भी दे रहा है। ग्राहक अपनी पसंद के हिसाब से दो अलग-अलग OTT पैक्स में से किसी एक को चुन सकते हैं। पहले पैक में JioHotstar, Hungama, Lionsgate, ShemarooMe और EpicON जैसे OTT प्लेटफॉर्म्स का सब्सक्रिप्शन मिलता है। वहीं, दूसरे पैक में ZEE5 और SonyLIV का एक्सेस दिया जाता है। ध्यान दें कि यह एक मंथली पैक है और इस पैक का नाम Fibre Basic Plus OTT है।

इसके अलावा, इंटरनेट और OTT बेनिफिट्स के अलावा BSNL इस ब्रॉडबैंड प्लान के साथ यूजर्स को अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग की सुविधा भी देता है। हालांकि, कॉलिंग सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए लैंडलाइन इंस्ट्रूमेंट की जरूरत होगी, जिसे यूजर्स को खुद खरीदना पड़ेगा।

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SBI Funds IPO GMP: कल बाजार में मचेगा तहलका? लिस्टिंग से ठीक पहले GMP में भारी उछाल! जानें कितना हो सकता है मुनाफा

SBI Funds Management IPO GMP Update: देश के सबसे बड़े म्यूचुअल फंड मैनेजर, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों की कल यानी मंगलवार, 21 जुलाई को घरेलू शेयर बाजार में एंट्री होने जा रही है। बाजार में कदम रखने से ठीक पहले ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयरों को लेकर जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा है और यह करीब 18 फीसदी के मजबूत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है।

यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के मामले में देश का पांचवां सबसे बड़ा आईपीओ बन चुका है। जिन निवेशकों ने इस आईपीओ में पैसा लगाया है, वे बेसब्री से कल सुबह की लिस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। आइए जानते हैं ग्रे मार्केट का ताजा हाल क्या है और संभावित लिस्टिंग प्राइस क्या हो सकती है।

देश का 5वां सबसे बड़ा आईपीओ, लगी थी बोलियों की झड़ी

₹9,813 करोड़ के इस विशाल आईपीओ को लेकर निवेशकों में गजब का क्रेज देखा गया। 14 जुलाई से 16 जुलाई तक खुले इस आईपीओ को रिकॉर्ड तोड़ रिस्पांस मिला था। यह आईपीओ कुल मिलाकर 41.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा रिकॉर्ड 140.11 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

आईपीओ से जुड़ी कुछ अन्य बड़ी बातें

₹545 से ₹574 के प्राइस बैंड वाला यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) था। इसके तहत स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग (Amundi India Holding) ने मिलकर 20.37 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे हैं। चूंकि यह ओएफएस था, इसलिए आईपीओ से मिलने वाली पूरी रकम प्रमोटर्स के पास जाएगी, कंपनी को कोई फंड नहीं मिलेगा।

मार्केट लीडर है कंपनी

साल 1992 में स्थापित हुई यह कंपनी देश के सबसे बड़े म्यूचुअल फंड ‘एसबीआई म्यूचुअल फंड’ का इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट संभालती है। साल 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) करीब ₹16.32 लाख करोड़ था और भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में इसकी हिस्सेदारी 15.5 फीसदी की है।

ग्रे मार्केट में दमदार प्रदर्शन, 18% मुनाफे के संकेत

आईपीओ पर नजर रखने वाले प्रमुख प्लेटफॉर्म्स ‘इन्वेस्टरगेन’ और ‘आईपीओ वॉच’ के मुताबिक, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹103 प्रति शेयर चल रहा है। इस जीएमपी के हिसाब से देखें तो आईपीओ के अपर प्राइस बैंड ₹574 के मुकाबले यह शेयर बाजार में ₹677 पर लिस्ट हो सकता है।

यानी कल पहले ही दिन निवेशकों को प्रति शेयर करीब 18% का तगड़ा लिस्टिंग गेन मिलने की उम्मीद है। कल सुबह 10 बजे जैसे ही बाजार खुलेगा, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह शेयर ग्रे मार्केट के अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए कोई नया रिकॉर्ड बनाता है या नहीं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आज से मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र, UCC बिल पेश करेगी सरकार, जानें बिल का खास बातें?

Uniform civil code

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के आज से शुरु हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार में समान नागरिक संहिता से जुड़ा अहम विधेयक लाने जा रही है। विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन ही आज सरकार UCC से जुड़ा अहम बिल सदन में पेश कर सकती है। जिस पर मंगलवार को सदन में चर्चा हो सकती है। 

समान नागरिक संहिता को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि भारत के संविधान में बताए गए एक समानता, बराबरी, न्याय और धर्मनिरपेक्षता के विज़न को साकार करने की दिशा में एक खास कदम है। इसे मध्य प्रदेश के निवासियों के लिएचाहे उनका धर्म कोई भी हो, शादी, तलाक, वैवाहिक झगड़ों से जुड़े भरण-पोषण, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे निजी मामलों को नियंत्रित करने के लिए एक समान पर्सनल सिविल कानून लागू करने के मकसद से बनाया गया है। 

 

मध्यप्रदेश UCC विधेयक की विशेषताएं- 


1-अनुसूचित जनजातियों को संरक्षण-संवैधानिक सुरक्षा-कवच का सम्मान करते हुए यह कानून संविधान के अनुच्छेद 342 और अनुच्छेद 366 (खंड 25) के तहत आने वाली अनुसूचित जनजातियों जैसे भील, गोंड, कोरकू, बैगा, सहरिया और भारिया पर लागू नहीं होगा। इसके अलावा, जिन समुदायों के पारंपरिक अधिकारों की रक्षा संविधान के भाग XXI के तहत की गई है, उन्हें भी इस कोड से विशेष रूप से बाहर रखा गया है। कोड का परिभाषा वाला हिस्सा इसके अधिकार क्षेत्र को तय करता है। उत्तराधिकार से जुड़े जिन शब्दों की परिभाषा इसमें नहीं है, उनके लिए 'भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925' के अर्थ मान्य होंगे।

 

2-विवाह और तलाक से जुड़े बड़े सुधार-बहुविवाह-तीन तलाक पर पूर्ण रोक: यह कोड सभी समुदायों में केवल एक ही शादी (मोनोगैमी) को अनिवार्य बनाता है। कोई भी व्यक्ति एक समय में केवल एक ही जीवित जीवनसाथी के साथ शादीशुदा रह सकता है। विवाह के लिए पुरुषों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और महिलाओं की 18 वर्ष तय की गई है। अमान्य सहमति और प्रतिबंधित रिश्तों (जब तक परंपरा की अनुमति न हो) के बीच विवाह पर रोक लगाई गई है। मौखिक तलाक या अनौपचारिक पंचायत के फैसलों को पूरी तरह गैर-कानूनी घोषित किया गया है।

अब विवाह का समापन केवल कानून में बताए गए स्पष्ट और वैधानिक आधारों पर ही हो सकता है। मौजूदा व्यवस्था के विपरीत, अब महिलाओं को भी यह अधिकार दिया गया है कि यदि उनके पति ने शादी के समय किसी दूसरी महिला को गर्भवती किया है, तो पत्नी शादी को रद्द घोषित करने की मांग कर सकती है। 

 

लोगों के लिए शादी और तलाक दोनों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। शहरी क्षेत्रों में 'MP ई-नगर पालिका पोर्टल' और ग्रामीण क्षेत्रों में SDM, नगरपालिका या पंचायत के ज़रिए यह प्रक्रिया पूरी होगी। रजिस्ट्रेशन न होने से शादी अमान्य नहीं होगी, लेकिन रजिस्ट्रार द्वारा बिना ठोस लिखित कारण के आवेदन खारिज करने पर जुर्माने का प्रावधान है। तलाक के बाद उसी जीवनसाथी से दोबारा शादी करने के लिए 'निकाह हलाला' जैसी अपमानजनक या नीचा दिखाने वाली शर्तों को मानना, बढ़ावा देना या मजबूर करना एक दंडनीय आपराधिक अपराध माना जाएगा।

 

3- बच्चों के अधिकार और कस्टडी-'अवैध' शब्द की समाप्ति: संहिता ने एक प्रगतिशील कदम उठाते हुए कानूनी ढांचे से 'अवैध' (illegitimate) शब्द को पूरी तरह हटा दिया है। विवाहित या अविवाहित माता-पिता के बच्चों, जैविक, गोद लिए गए, सरोगेसी या असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) से पैदा हुए सभी बच्चों को समान कानूनी दर्जा प्राप्त होगा। कस्टडी से जुड़े किसी भी विवाद में माता-पिता के अधिकारों के मुकाबले “बच्चे का हित और सर्वांगीण भलाई” ही अदालत के फैसले का मुख्य और अनिवार्य आधार होगी।

 

4-उत्तराधिकार का एकसमान और जेंडर-न्यूट्रल ढांचा-लिंग-तटस्थ अधिकार: बेटों और बेटियों को संपत्ति के उत्तराधिकार में समान अधिकार दिए गए हैं, चाहे उनकी वैवाहिक स्थिति कुछ भी हो। मृतक की संपत्ति में विधवाओं और विधुरों के साथ भी समान व्यवहार होगा। जीवित माता और पिता दोनों को क्लास-1 का उत्तराधिकारी माना गया है, और वे मृतक बच्चे की संपत्ति में जीवनसाथी और बच्चों के साथ बराबर का हिस्सा पाएंगे। बिना वसीयत मरे व्यक्ति की संपत्ति को तीन वर्गों (क्लास-1, क्लास-2 और अन्य रिश्तेदार) में क्रमिक तरीके से बांटा जाएगा। पिछली पीढ़ियों के लिए एक 'यूनिट सिस्टम' और 'सर्वाइवरशिप का अधिकार' लागू किया गया है। यदि कोई व्यक्ति संपत्ति के मालिक की हत्या या उसमें मदद का दोषी है, तो वह विरासत से हमेशा के लिए अयोग्य हो जाएगा। यदि किसी का कोई कानूनी वारिस नहीं है, तो 'एस्चीट' सिद्धांत के तहत संपत्ति राज्य को हस्तांतरित हो जाएगी।

 

5- वसीयत (Will) की पूर्ण स्वतंत्रता– एक नई धर्मनिरपेक्ष प्रणाली के तहत अब कोई भी स्वस्थ दिमाग का वयस्क अपनी 100% संपत्ति (स्वयं-अर्जित और पैतृक दोनों) वसीयत के माध्यम से किसी को भी दे सकता है। इससे पुरानी 'अनिवार्य उत्तराधिकार' की सीमाएं (जैसे इस्लामी कानून में एक-तिहाई की सीमा) समाप्त हो गई हैं। यह प्रक्रिया 'भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925' के तहत संचालित होगी।

 

6-लिव-इन रिलेशनशिप का अनिवार्य विनियमन (Live-in Relationship)-अनिवार्य रजिस्ट्रेशन: लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए साथ रहने की शुरुआत के एक महीने के भीतर रजिस्ट्रार के पास “लिव-इन रिलेशनशिप का बयान” जमा करना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा। पार्टनर्स की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। वे प्रतिबंधित श्रेणी में न हों, पहले से विवाहित न हों और उनकी सहमति स्वतंत्र होनी चाहिए। यदि कोई पार्टनर 21 साल से कम उम्र का है, तो लिव-इन के शुरू होने और खत्म होने की जानकारी उनके माता-पिता-अभिभावकों को भेजी जाएगी। रजिस्ट्रार यह रिकॉर्ड स्थानीय पुलिस स्टेशन को भी भेजेगा।

 

7-महिला पार्टनर और बच्चों को सुरक्षा- लिव-इन से पैदा हुए बच्चों को वैध माना जाएगा और उन्हें पूर्ण उत्तराधिकार मिलेगा। यदि पुरुष पार्टनर महिला को छोड़ देता है, तो वह सक्षम अदालत के माध्यम से कानूनी पत्नी की तरह ही भरण-पोषण (गुजारा भत्ता) का दावा कर सकती है। बिना रजिस्ट्रेशन एक महीने से ज्यादा साथ रहने पर 3 महीने तक की जेल या 10,000 जुर्माना हो सकता है। गलत जानकारी देने पर 3 महीने की जेल और 25,000 जुर्माना तथा रजिस्ट्रार के नोटिस के बाद भी बयान न देने पर 6 महीने तक की जेल और 25,000 का जुर्माना हो सकता है।

CJP Parliament March: दिल्ली मेट्रो के ये 5 स्टेशन बंद, घर से निकलने से पहले देख लें ट्रैफिक एडवाइजरी

CJP Parliament March: दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सोमवार (20 जुलाई) को सुरक्षा कारणों से राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। यह कदम कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से निकाले जा रहे विरोध मार्च के मद्देनजर उठाया गया है। डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक पोस्ट में कहा कि अगले आदेश तक ये पांचों मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे। CJP ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार की मांग को लेकर संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को संसद तक विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया है।

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। साथ ही उन्होंने बताया कि इस विरोध मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है। संसद के मानसून सत्र और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च को देखते हुए सोमवार को दिल्ली पुलिस अत्यधिक सतर्क है। जंतर-मंतर, संसद और अन्य प्रमुख स्थानों के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

अनशन पर अड़े वांगचुक, रखीं ये शर्तें

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को कहा कि उनकी भूख हड़ताल प्रस्तावित ‘संसद चलो’ मार्च के बाद भी जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपना अनशन तभी समाप्त करेंगे, जब सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल में हुई विफलताओं की जिम्मेदारी स्वीकार करेगी या राजनीतिक दलों के नेता उन्हें यह भरोसा देंगे कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा।

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक संदेश में वांगचुक ने लिखा, “आपमें से कई लोगों ने पूछा है कि मैं अपना अनशन कब समाप्त करूंगा। जैसा कि मैंने पहले अपने समर्थकों से कहा था, यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल की विफलताओं, पेपर लीक जैसी घटनाओं की जिम्मेदारी 20 जुलाई तक स्वीकार करती है, तो मैं अपना अनशन समाप्त कर दूंगा।”

उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो उनका अनशन जारी रहेगा। वांगचुक ने कहा कि वह अपना अनशन तब भी समाप्त कर देंगे, यदि कॉकरोच जनता पार्टी का नेतृत्व और वह स्वयं संसद के गेट तक पहुंचते हैं और वहां विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद तथा नेता उन्हें यह आश्वासन देते हैं कि वे इस मुद्दे को अब संसद में उठाएंगे।

उन्होंने कहा, “यदि मेरी सेहत या अन्य कारणों से मैं संसद तक नहीं पहुंच पाता, तो विभिन्न दलों के सम्मानित सांसद और नेता इस अस्पताल में आकर मुझे यही आश्वासन दें।” वांगचुक ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल में अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है।

उन्होंने लिखा, “मैं सफदरजंग अस्पताल में अवैध हिरासत में हूं, जहां मेरी आवाजाही, अभिव्यक्ति और हर तरह के संचार की स्वतंत्रता पर रोक लगा दी गई है।” शनिवार को वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने कहा था कि यदि राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल आकर उन्हें यह भरोसा दें कि वे संसद के मानसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही का मुद्दा उठाएंगे, तो वांगचुक अपना अनशन समाप्त कर देंगे।

आंग्मो ने ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल समर्थकों से वांगचुक की ओर से शांति बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने की अपील भी की थी कि आंदोलन का किसी तरह दुरुपयोग न हो। वांगचुक ने कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके के आंदोलन का समर्थन करते हुए 28 जून को जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी।

लगातार 21 दिन तक अनशन करने के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने पर 18 जुलाई की सुबह दिल्ली पुलिस वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। उनके समर्थकों का आरोप है कि वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से जबरन हटाया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

Market View : कमजोर बाजार में भी करनी है कमाई तो इन दो शेयरों पर लगाएं दांव, नहीं होंगे निराश

ग्लोबल मार्केट से मिल रहे कमजोर संकेतों के बीच भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ खुले और निफ्टी 24,200 के नीचे आ गया। सुबह 09:40 बजे के आसपास सेंसेक्स 676.84 अंक या 0.87 प्रतिशत गिरकर 77,474.61 पर और निफ्टी 168.45 अंक या 0.69 प्रतिशत गिरकर 24,165.85 पर कारोबार कर रहा था। लगभग 1480 शेयरों में बढ़त देखी देखने को मिल रही थी। 1331 शेयरों में गिरावट आई थी और 185 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ था।

निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में ICICI बैंक,टेक महिंद्रा,ONGC,JSW स्टील और सिप्ला शामिल थे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में एक्सिस बैंक,HDFC बैंक,कोटक महिंद्रा बैंक,इंटरग्लोब एविएशन और बजाज फाइनेंस शामिल थे। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।

निफ्टी पर रणनीति

ऐसे में बाजार की आगे की रणनीति पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के वीरेंद्र कुमार ने कहा कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 24381-24423 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24505-24545/24593 पर है। इसके लिए पहला बेस 24210-24161 पर और बड़ा बेस 24139-24063 पर है। शुक्रवार को बड़े नतीजों से पहले तेज मूव देखने के मिला। दिन का हाई 24366 रहा। रेजिस्टेंस-1 पार करते ही निफ्टी सीधे रेजिस्टेंस-2 तक पहुंचा। तेजी सिर्फ लार्जकैप शेयरों तक सीमित रही, मार्केट ब्रेड्थ कमजोर रही। FIIs ने कैश में बिकवाली की,लेकिन इंडेक्स फ्यूचर्स में जोरदार खरीदारी की।

FIIs की भारी शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली। नेट शॉर्ट करीब 2.16 लाख पर आ गए। 24200, 24100 और 24000 पर मजबूत पुट राइटिंग देखने को मिली। 24500-24600 पर हल्की कॉल राइटिंग मौजूद है। जियोपॉलिटिकल सेटअप निगेटिव और $90 के करीब क्रूड से चिंता है। आज बड़ी कंपनियों के नतीजों का रिएक्शन दिखेगा। चिप शेयरों में कमजोरी जारी है। कई बड़े ग्लोबल इंडेक्स दबाव में हैं। रेजिस्टेंस-1 (200DEMA+50WEMA) पार हुआ तो रंजिस्टेंस-2 भी संभव है। 24381-24423 के ऊपर टिकने पर 24505-24593 की तरफ बढ़त संभव है। फिलहाल आंकड़ो के मुताबिक 24593-628 संभव है। 24210-24161 पर बेस है। पुट राइटिंग के मद्देनजर बेस-1 के करीब गिरावट में एंट्री का सही मौका होगा।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 58710-58978/59040 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 59378-59513/59719 पर है। इसके लिए पहला बेस 58210-58045 और बड़ा बेस 57811-57631 पर है। आज बड़े प्राइवेट बैकों के नतीजों का असर दिखेगा। ICICI बैंक के शानदार नतीजों से सपोर्ट मुमकिन है। 90 डॉलर के करीब कच्चा तेल बाजार के लिए चिंता का विषय है। शुक्रवार की तेज तेजी के बाद 59000 पर कॉल राइटिंग बढ़ी है। 58000 के आसपास मजबूत पुट राइटिंग बनी हुई है।

कच्चे तेल और मिले-जुले नतीजों के बीच लेवल टू लेवल ट्रेड करें। 58710 के ऊपर टिकने पर 58978-59040 तक तेजी संभव है। अगली बड़ी चाल 59040 के ऊपर टिकने पर ही बनेगी। 59040 के ऊपर बैंक निफ्टी रेजिस्टेंस-2 की ओर बढ़ सकता है। जब तक बेस-1 बचा हुआ है BUY ON DIPS की रणनीति रखें। पुट राइटर्स के जोन टूटने तक बैंक निफ्टी में मजबूती संभव है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं manasjaiswal.com के मानस जायसवाल। इनकी कोलगेट पॉमोलिव (COLPAL) में 2014 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 2090 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं, कोटक बैंक में इनकी 384 रुपए के स्टॉप-लॉस के साथ 400 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Stock Market Live:निफ्टी 24200 के नीचे फिसला,Q1 नतीजों के बाद HDFC बैंक और एक्सिस बैंक में गिरावट से सेंसेक्स 550 अंक टूटा

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।