इंग्लैंड ने लॉर्ड्स के मैदान पर बनाया सबसे बड़ा स्कोर, 387 रन ठोके भारत के खिलाफ

ENGvsIND इंग्लैंड ने लंदन के लॉर्ड्स के एतिहासिक मैदान में इतिहास रचते हुए भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ निर्धारित 50 ओवरों में 387 रन बनाए। इस पारी में बहुत सारे रिकॉर्ड बने। भारत के खिलाफ बेन डकेट और जैकब बेथल ने सर्वाधिक 193 रनों की साझेदारी की। यह लॉर्ड्स पर सबसे बड़ी सलामी साझेदारी थी। इसके अलावा बेन डकेट ने 140 रन बनाए जो इस मैदान पर किसी भी बल्लेबाज का एकदिवसीय प्रारुप में सर्वाधिक स्कोर है।

भारतीय गेंदबाजी के हाल बेहाल रहे। सिर्फ प्रसिद्ध कृष्णा को 2 विकेट मिले वहीं। प्रिंस यादव को 1 विकेट मिला। भारत को अगर यह मैच जीतना है तो एकदिवसीय प्रारुप में रिकॉर्ड रन चेज करना होगा। भारत के लिए सबसे महंगे गुरनूर बरार रहे जिन्होंने 10 ओवर में 97 रन दिए। 

इंग्लैंड ने पहले दस ओवर में 58 रन बनाए। 10 से 40 ओवर में 210 रन बनाए। और अंतिम 10 ओवर में 126 रन बनाए। इसमें से 62 रन अंतिम 3 ओवरों में आए।आज इंग्लैंड ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया। जसप्रीत बुमराह की कमी भारतीय गेंदबाजों को बहुत खली जो घुटने की चोट से बाहर रहे।

हैवी रेन अलर्ट 20 जुलाई: दिल्ली, यूपी, बिहार समेत इन 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, आधी तूफान का भी खतरा

देश के कई हिस्सों में एक बार फिर मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 जुलाई के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 22 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

इन राज्यों में होगी सबसे ज्यादा बारिश

IMD के अनुसार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश होने की भी संभावना है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।

दिल्ली, यूपी और बिहार में भी भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

इन राज्यों में भी बरसेंगे बादल

इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, केरल, माहे, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा

  • IMD ने कई राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है।
  • जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। झोंकों की रफ्तार इससे भी अधिक हो सकती है।
  • वहीं बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने की संभावना है।
  • इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, विदर्भ और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।

समुद्र में भी खराब रहेगा मौसम

मौसम विभाग ने मछुआरों और समुद्र में जाने वाले लोगों के लिए भी चेतावनी जारी की है।

अरब सागर के पश्चिमी और मध्य हिस्सों, उत्तरी गुजरात, ओमान और सोमालिया के तट के पास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

वहीं बंगाल की खाड़ी में उत्तरी तमिलनाडु तट और दक्षिण-पश्चिमी तथा पश्चिमी-मध्य हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। यहां हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

क्यों बढ़ रही है बारिश?

मौसम विभाग के अनुसार, देश में मानसून की सक्रियता बढ़ने की मुख्य वजह मानसून ट्रफ का उत्तर भारत से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैला होना है। इसके अलावा पंजाब, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और असम के ऊपर अलग-अलग ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बने हुए हैं। इन मौसमी सिस्टम की वजह से उत्तर, पूर्व और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा हो सकता है। आंधी और बिजली गिरने के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। वाहन चलाते समय भी अतिरिक्त सावधानी बरतें और मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।

Prabhas: ‘कल्कि 2898 AD’ की जीत पर खुशी से झूम उठे प्रभास, जानें क्या बोले एक्टर

Prabhas: पूरे भारत के सुपरस्टार प्रभास एक बड़ी कामयाबी का जश्न मना रहे हैं क्योंकि उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म कल्कि 2898 AD को 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में सम्मानित किया गया है। फिल्म को बेस्ट पॉपुलर फिल्म प्रोवाइडिंग होलसम एंटरटेनमेंट का प्रतिष्ठित अवॉर्ड मिला, जिससे इसकी शानदार यात्रा में एक और मील का पत्थर जुड़ गया और हाल के भारतीय सिनेमा में सबसे बड़े सिनेमाई तमाशों में से एक के रूप में इसकी जगह पक्की हो गई।

इस प्रतिष्ठित सम्मान पर रिएक्ट करते हुए, प्रभास ने अपने लाखों फैंस के साथ ऑफिशियल अवॉर्ड अनाउंसमेंट पोस्टर शेयर करने के लिए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज का सहारा लिया। एक्टर ने इस पहचान पर अपनी खुशी और गर्व जताया, और फिल्म के पीछे की पूरी टीम के साथ इस कामयाबी का जश्न मनाया। पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, “पूरे Kalki2898AD परिवार के लिए गर्व की बात….” उनके दिल से निकले मैसेज में इस बड़े प्रोजेक्ट को असलियत में बदलने के लिए की गई सबकी कोशिश और इंडियन सिनेमा के सबसे बड़े अवॉर्ड में से एक मिलने की खुशी झलक रही थी।

रिलीज होने के बाद से, प्रभास की कल्कि 2898 AD ने अपने बड़े स्केल, शानदार विज़ुअल्स और ज़बरदस्त कहानी से दर्शकों का दिल जीत लिया है। यह फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर ज़बरदस्त सफल रही और इंडियन फ़िल्ममेकिंग की सीमाओं को आगे बढ़ाने और एक ज़बरदस्त सिनेमाई अनुभव देने के लिए इसे बहुत सराहा गया।

नेशनल अवॉर्ड जीतना फ़िल्म की बहुत ज़्यादा तारीफ़ और लंबे समय तक चलने वाले असर का एक और सबूत है, जिसने अपनी पीढ़ी की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फ़िल्मों में से एक के तौर पर इसकी पहचान को और मज़बूत किया है।

यह पहचान प्रभास के शानदार करियर में एक और गर्व की बात है। बिना किसी शक के पूरे भारत के सुपरस्टार माने जाने वाले प्रभास ने लगातार इंडियन सिनेमा की कुछ सबसे बड़ी फ़िल्मों में काम किया है, और अलग-अलग भाषाओं और इलाकों के दर्शकों से बहुत प्यार कमाया है। बॉक्स ऑफिस पर नए बेंचमार्क सेट करने से लेकर बड़े नामों वाली, हाई-कॉन्सेप्ट एंटरटेनर फिल्मों का हिस्सा बनने तक, वह अपने हर प्रोजेक्ट के साथ इंडियन सिनेमा के लेवल को नया आयाम देते रहते हैं।

कल्कि 2898 AD ने अब अपनी कामयाबियों की लंबी लिस्ट में एक बड़ा नेशनल अवॉर्ड जोड़ लिया है, और फिल्म की सक्सेस स्टोरी एक और ऊंचे मुकाम पर पहुंच गई है। जैसे-जैसे यह बिना किसी शक के पैन-इंडिया सुपरस्टार नई ऊंचाइयां छू रहा है, दर्शकों के पास उनकी आने वाली रोमांचक फिल्मों की लिस्ट में देखने के लिए बहुत कुछ है, जिसमें फौजी, स्पिरिट, सालार पार्ट 2: शौर्यंगा पर्वम, और कल्कि 2898 AD पार्ट 2 शामिल हैं। हर प्रोजेक्ट से पूरे देश में बेसब्री से इंतज़ार हो रहा है, प्रभास इंडियन सिनेमा के सबसे बड़े और सबसे मशहूर सितारों में से एक के तौर पर अपनी जगह मजबूत करते जा रहे हैं।

Anuradha Paudwal: वे समाज में क्या योगदान दे रहे हैं? अनुराधा पौडवाल ने शादी पर बात करते हुए LGBTQ समुदाय पर उठाए सवाल

Anuradha Paudwal: दिग्गज गायिका अनुराधा पौडवाल ने LGBTQ समुदाय के बारे में कमेंट करके विवाद खड़ा कर दिया है। गायिका एक पॉडकास्ट पर शामिल हुई थीं, जहां उनसे शादी और परिवार के ढांचे के बारे में बदलती सोच पर उनकी राय पूछी गई। शादी की “पवित्रता” पर बात करते हुए, उन्होंने समाज में LGBTQ लोगों के योगदान पर सवाल उठाए।

पॉडकास्ट के दौरान अनुराधा पौडवाल ने कहा, “शादी में अब पवित्रता नहीं रही। इसकी वजह LGBTQ समुदाय को दिए गए अधिकार हैं। वे समाज में क्या योगदान दे रहे हैं? मैं जानना चाहती हूं। वे किस तरह से योगदान दे रहे हैं?” पद्म श्री पुरस्कार विजेता ने कहा कि पारंपरिक रूप से, एक पुरुष और महिला के बीच रिश्ते, शादी और परिवार शुरू करने को ही सामान्य माना जाता था। LGBTQ रिश्तों का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने सवाल किया कि वे समाज की भलाई में कैसे योगदान देते हैं।

सिंगर ने आगे कहा- जब तक लड़का-लड़की शादी करके परिवार शुरू करते हैं, तब तक तो सब ठीक है। वे सही तरीके से ऐसा कर रहे हैं। लेकिन LGBTQ समुदाय के मामले में… मैं कुछ-कुछ दिनों में ऐसी चीजें देखती रहती हूं। इससे समाज के भले में क्या योगदान मिल रहा है?।

इसी बातचीत के दौरान, अनुराधा पौडवाल ने तलाक के बढ़ते मामलों और बच्चों पर उनके असर के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि तलाक के कुछ मामले सालों तक चलते हैं और सवाल उठाया कि क्या इसमें शामिल बच्चों पर पड़ने वाले भावनात्मक असर पर पर्याप्त ध्यान दिया जाता है।

अनुराधा पौडवाल ने कहा कि तलाक के ऐसे मामले भी हैं जो 12 साल से चल रहे हैं, और उनके बच्चे भी हैं। क्या किसी ने सोचा है कि बच्चे किस दौर से गुजर रहे हैं? बच्चे देखते हैं और सीखते हैं।

सिंगर ने भारत में लिव-इन रिलेशनशिप के बढ़ते चलन को बदलते पारिवारिक ढांचे से भी जोड़ा और कहा कि LGBTQ+ अधिकारों पर चर्चा करने से पहले ऐसे मुद्दों पर बात होनी चाहिए। अपनी टिप्पणियों पर आलोचना का सामना करने के बाद, अनुराधा पौडवाल ने इंस्टाग्राम पर एक बयान जारी किया।

उन्होंने कहा कि उनकी बातों को संदर्भ से हटकर पेश किया गया और सनसनीखेज बना दिया गया। उन्होंने कहा, “मुझ समेत हर नागरिक यह समझता है कि इस दुनिया में आगे बढ़ने और नेतृत्व करने के लिए शिक्षित होना जरूरी है। मैं हमेशा इस बात का समर्थन करती हूं। इस देश में हम सभी को सम्मानपूर्वक अपनी राय रखने की आजादी है।”

जापान ओपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनी PV सिंधु

PV Sindhu

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने रविवार को यहां शानदार आक्रामक बैडमिंटन खेलते हुए स्थानीय प्रबल दावेदार अकाने यामागुची को सीधे गेम में हराकर पहली बार जापान ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट का खिताब जीता।

जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी 31 साल की सिंधू ने लगातार आक्रमण के साथ-साथ रणनीतिक अनुशासन और अहम पलों में संयम बनाए रखते हुए तीन बार की विश्व चैंपियन यामागुची को 21-17, 21-17 से हराया और दो साल से अधिक समय बाद अपना पहला खिताब जीता।

सिंधू ने अपना पिछला खिताब 2024 में सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय में जीता था।जापान ओपन की यह जीत 2019 में विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद उनकी सबसे बड़ी खिताबी जीत है।

आत्मविश्वास का मिला फल, लेकिन विश्व चैंपियनशिप में पदक के लिए लय बनाए रखना होगा अहम: सिंधू 

 जापान ओपन में छह वर्षों में अपना सबसे बड़ा खिताब जीतने के बाद भावुक हुई पीवी सिंधू ने कहा कि आखिरकार अटूट आत्मविश्वास का फल मिला और अब उनका लक्ष्य अगले महीने होने वाली विश्व चैंपियनशिप में इसी लय और संयम को बनाए रखना है जिसमें वह रिकॉर्ड छठा पदक जीतने की कोशिश करेंगी।

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू ने रविवार को आक्रामक खेल का शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान जापान की स्टार और तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची को 21-17, 21-17 से हराकर खिताब अपने नाम किया।

करीब दो साल के खिताबी सूखे को समाप्त करने के बाद भावुक सिंधू ने कहा, ‘‘मेरी आंखों में आंसू थे क्योंकि मेरे लिए यह जीत बहुत महत्वपूर्ण थी। मैं लंबे समय से खुद पर बहुत मेहनत कर रही थी और पूरी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर रही थी। ’’सिंधू का पिछला खिताब दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल में आया था। तोक्यो में मिली यह जीत 2019 में विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने 2022 में सिंगापुर ओपन सुपर 500 का खिताब भी जीता था।

CM मोहन यादव ने असंभव को किया संभव, UCC को कैबिनेट ने दी मंजूरी, जानें लिव-इन के लिए क्या हैं शर्तें?

Meeting of Madhya Pradesh Cabinet was held under chairmanship of Chief Minister Dr Mohan Yadav

– जगदीशपुर में हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट की ऐतिहासिक मीटिंग

– तीन तलाक-हलाला से जुड़े मामले अब अपराध की श्रेणी में

– अनुसूचित जनजातियों पर लागू नहीं होगी समान नागरिक संहिता

– प्रदेश के मुखिया ने कैबिनेट के बाद खुद दी यूसीसी की जानकारी 

Chief Minister Dr. Mohan Yadav : मध्यप्रदेश के लिए 19 जुलाई का दिन ऐतिहासिक रहा। अब राज्य में किसी के लिए कोई विशेष कानून नहीं होगा। सभी धर्मों के लोग एक ही कानून के तहत जीवन-यापन करेंगे। चाहे लिव-इन हो या जीवन से जुड़ा कोई भी मामला, सब एक ही नियम से तय होगा। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने असंभव को संभव कर दिया है। उनकी अध्यक्षता में जगदीशपुर में हुई कैबिनेट ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने को सहमति दे दी है। 

 

समान नागरिक संहिता को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि भारत के संविधान में बताए गए एक समानता, बराबरी, न्याय और धर्मनिरपेक्षता के विज़न को साकार करने की दिशा में एक खास कदम है। इसे मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए , चाहे उनका धर्म कोई भी हो, शादी, तलाक, वैवाहिक झगड़ों से जुड़े भरण-पोषण, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे निजी मामलों को नियंत्रित करने के लिए एक समान पर्सनल सिविल कानून लागू करने के मकसद से बनाया गया है।

इस कोड का मुख्य मकसद महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें सशक्त बनाना है, ताकि शादी, तलाक और उत्तराधिकार से जुड़े अलग-अलग पर्सनल कानूनों के तहत उनके साथ होने वाले पुराने भेदभाव को खत्म किया जा सके।

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उन्होंने कहा कि इन अलग-अलग और कभी-कभी बिना लिखित नियमों वाली प्रथाओं में सुधार करके और एक समान व निष्पक्ष ढांचा बनाकर, यह कोड पर्सनल सिविल कानून को आधुनिक बनाता है, ताकि पुरुषों और महिलाओं को समान अधिकार मिल सकें। साथ ही, यह धार्मिक रीति-रिवाजों, समारोहों और पारंपरिक प्रथाओं की भी साफ तौर पर सुरक्षा करता है, बशर्ते वे सार्वजनिक नैतिकता और नीति के अनुरूप हों।

 

धर्मनिरपेक्षता के विजन के मद्देनजर बड़ा कदम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत के संविधान के भाग-4 में राज्य के नीति-निदेशक तत्वों के अंतर्गत अनुच्छेद 44 में यह उपबंध किया गया है कि राज्य भारत के समस्त राज्यक्षेत्र में नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा। इसके उ‌द्देश्य के परिप्रेक्ष्य में राज्य में विवाह, विवाह-विच्छेद, उत्तराधिकार तथा सहवासी-संबंध और उनसे संबंधित विषयों के विनियमन के लिए “मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता, 2026” का प्रारूप तैयार किया गया है।

प्रस्तावित संहिता का उ‌द्देश्य विभिन्न व्यक्तिगत विधियों के अंतर्गत समान प्रकृति के नागरिक विषयों में प्रचलित भिन्नताओं को एक समेकित विधिक ढांचे में विनियमित करना तथा समानता, लैंगिक न्याय, गरिमा और विधि के शासन के संवैधानिक मूल्यों को प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के निवासियों के लिए एक समान पर्सनल सिविल कानून लागू करने के उद्देश्य से 'समान नागरिक संहिता' (Uniform Civil Code) का एक ऐतिहासिक ड्राफ्ट तैयार किया है।

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यह प्रस्तावित कोड भारत के संविधान में निहित एकसमानता, बराबरी, न्याय और धर्मनिरपेक्षता के विज़न को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस संहिता का मुख्य मकसद पर्सनल कानूनों के तहत महिलाओं के साथ होने वाले पुराने भेदभाव को खत्म करना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें सशक्त बनाना है।

पुरुषों और महिलाओं को समान अधिकार देने के साथ-साथ यह कोड उन धार्मिक रीति-रिवाजों और पारंपरिक प्रथाओं की साफ तौर पर सुरक्षा करता है जो सार्वजनिक नैतिकता और नीति के अनुरूप हैं। यह कोड उत्तराखंड (2024), गुजरात (2026) और असम (2026) के यूनिफॉर्म सिविल कोड के गहन अध्ययन और उनके मार्गदर्शन से तैयार किया गया है।

 

सीएम डॉ. यादव ने बताईं संहिता की मुख्य विशेषताएं

1- अनुसूचित जनजातियों को संरक्षण: संवैधानिक सुरक्षा-कवच का सम्मान करते हुए यह कानून संविधान के अनुच्छेद 342 और अनुच्छेद 366 (खंड 25) के तहत आने वाली अनुसूचित जनजातियों जैसे भील, गोंड, कोरकू, बैगा, सहरिया और भारिया पर लागू नहीं होगा।

इसके अलावा, जिन समुदायों के पारंपरिक अधिकारों की रक्षा संविधान के भाग XXI के तहत की गई है, उन्हें भी इस कोड से विशेष रूप से बाहर रखा गया है। कोड का परिभाषा वाला हिस्सा इसके अधिकार क्षेत्र को तय करता है। उत्तराधिकार से जुड़े जिन शब्दों की परिभाषा इसमें नहीं है, उनके लिए 'भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम 1925' के अर्थ मान्य होंगे।

 

2- विवाह और तलाक से जुड़े बड़े सुधार

बहुविवाह-तीन तलाक पर पूर्ण रोक: यह कोड सभी समुदायों में केवल एक ही शादी (मोनोगैमी) को अनिवार्य बनाता है। कोई भी व्यक्ति एक समय में केवल एक ही जीवित जीवनसाथी के साथ शादीशुदा रह सकता है। विवाह के लिए पुरुषों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और महिलाओं की 18 वर्ष तय की गई है। अमान्य सहमति और प्रतिबंधित रिश्तों (जब तक परंपरा की अनुमति न हो) के बीच विवाह पर रोक लगाई गई है।

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मौखिक तलाक या अनौपचारिक पंचायत के फैसलों को पूरी तरह गैर-कानूनी घोषित किया गया है। अब विवाह का समापन केवल कानून में बताए गए स्पष्ट और वैधानिक आधारों पर ही हो सकता है। मौजूदा व्यवस्था के विपरीत, अब महिलाओं को भी यह अधिकार दिया गया है कि यदि उनके पति ने शादी के समय किसी दूसरी महिला को गर्भवती किया है, तो पत्नी शादी को रद्द घोषित करने की मांग कर सकती है।

लोगों के लिए शादी और तलाक दोनों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। शहरी क्षेत्रों में 'MP ई-नगर पालिका पोर्टल' और ग्रामीण क्षेत्रों में SDM, नगरपालिका या पंचायत के ज़रिए यह प्रक्रिया पूरी होगी। रजिस्ट्रेशन न होने से शादी अमान्य नहीं होगी, लेकिन रजिस्ट्रार द्वारा बिना ठोस लिखित कारण के आवेदन खारिज करने पर जुर्माने का प्रावधान है। तलाक के बाद उसी जीवनसाथी से दोबारा शादी करने के लिए 'निकाह हलाला' जैसी अपमानजनक या नीचा दिखाने वाली शर्तों को मानना, बढ़ावा देना या मजबूर करना एक दंडनीय आपराधिक अपराध माना जाएगा।

 

3- बच्चों के अधिकार और कस्टडी

'अवैध' शब्द की समाप्ति: संहिता ने एक प्रगतिशील कदम उठाते हुए कानूनी ढांचे से 'अवैध' (illegitimate) शब्द को पूरी तरह हटा दिया है। विवाहित या अविवाहित माता-पिता के बच्चों, जैविक, गोद लिए गए, सरोगेसी या असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) से पैदा हुए सभी बच्चों को समान कानूनी दर्जा प्राप्त होगा। कस्टडी से जुड़े किसी भी विवाद में माता-पिता के अधिकारों के मुकाबले “बच्चे का हित और सर्वांगीण भलाई” ही अदालत के फैसले का मुख्य और अनिवार्य आधार होगी।

 

4- उत्तराधिकार का एकसमान और जेंडर-न्यूट्रल ढांचा

लिंग-तटस्थ अधिकार: बेटों और बेटियों को संपत्ति के उत्तराधिकार में समान अधिकार दिए गए हैं, चाहे उनकी वैवाहिक स्थिति कुछ भी हो। मृतक की संपत्ति में विधवाओं और विधुरों के साथ भी समान व्यवहार होगा। जीवित माता और पिता दोनों को क्लास-1 का उत्तराधिकारी माना गया है, और वे मृतक बच्चे की संपत्ति में जीवनसाथी और बच्चों के साथ बराबर का हिस्सा पाएंगे।

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बिना वसीयत मरे व्यक्ति की संपत्ति को तीन वर्गों (क्लास-1, क्लास-2 और अन्य रिश्तेदार) में क्रमिक तरीके से बांटा जाएगा। पिछली पीढ़ियों के लिए एक 'यूनिट सिस्टम' और 'सर्वाइवरशिप का अधिकार' लागू किया गया है। यदि कोई व्यक्ति संपत्ति के मालिक की हत्या या उसमें मदद का दोषी है, तो वह विरासत से हमेशा के लिए अयोग्य हो जाएगा। यदि किसी का कोई कानूनी वारिस नहीं है, तो 'एस्चीट' सिद्धांत के तहत संपत्ति राज्य को हस्तांतरित हो जाएगी।

 

5- वसीयत (Will) की पूर्ण स्वतंत्रता

– एक नई धर्मनिरपेक्ष प्रणाली के तहत अब कोई भी स्वस्थ दिमाग का वयस्क अपनी 100% संपत्ति (स्वयं-अर्जित और पैतृक दोनों) वसीयत के माध्यम से किसी को भी दे सकता है। इससे पुरानी 'अनिवार्य उत्तराधिकार' की सीमाएं (जैसे इस्लामी कानून में एक-तिहाई की सीमा) समाप्त हो गई हैं। यह प्रक्रिया 'भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925' के तहत संचालित होगी।

 

6- लिव-इन रिलेशनशिप का अनिवार्य विनियमन (Live-in Relationship)

अनिवार्य रजिस्ट्रेशन: लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए साथ रहने की शुरुआत के एक महीने के भीतर रजिस्ट्रार के पास “लिव-इन रिलेशनशिप का बयान” जमा करना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा। पार्टनर्स की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। वे प्रतिबंधित श्रेणी में न हों, पहले से विवाहित न हों और उनकी सहमति स्वतंत्र होनी चाहिए। यदि कोई पार्टनर 21 साल से कम उम्र का है, तो लिव-इन के शुरू होने और खत्म होने की जानकारी उनके माता-पिता-अभिभावकों को भेजी जाएगी। रजिस्ट्रार यह रिकॉर्ड स्थानीय पुलिस स्टेशन को भी भेजेगा।

 

7- महिला पार्टनर और बच्चों को सुरक्षा

लिव-इन से पैदा हुए बच्चों को वैध माना जाएगा और उन्हें पूर्ण उत्तराधिकार मिलेगा। यदि पुरुष पार्टनर महिला को छोड़ देता है, तो वह सक्षम अदालत के माध्यम से कानूनी पत्नी की तरह ही भरण-पोषण (गुजारा भत्ता) का दावा कर सकती है।

बिना रजिस्ट्रेशन एक महीने से ज्यादा साथ रहने पर 3 महीने तक की जेल या 10,000 जुर्माना हो सकता है। गलत जानकारी देने पर 3 महीने की जेल और 25,000 जुर्माना तथा रजिस्ट्रार के नोटिस के बाद भी बयान न देने पर 6 महीने तक की जेल और 25,000 का जुर्माना हो सकता है।

Salman Khan: क्या उनकी तबीयत ठीक नहीं है ? सलमान खान का हाल देख फैंस हुए परेशान

Salman Khan: मुंबई में सुपरस्टार सलमान खान के हालिया पब्लिक अपीयरेंस ने फैंस को चिंता में डाल दिया है। एक्टर का काफी दुबला-पतला शरीर ऑनलाइन चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। जब उनके बाहर निकलने के वीडियो और तस्वीरें वायरल हुईं, तो कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने एक्टर की सेहत को लेकर चिंता जताई। बहुत से लोग यह सोच रहे हैं कि उनका वज़न इतना कम क्यों हो गया है और उम्मीद कर रहे हैं कि वे ठीक हों।

शुक्रवार को सलमान ने स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के ऑफिस का दौरा किया, जहां उन्होंने अथॉरिटी के अत्याधुनिक डेटा कलेक्शन और वेरिफिकेशन सपोर्ट सेंटर (IT सर्वर रूम) का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम के दौरान, एक्टर ने लाभार्थियों को घरों की चाबियां भी सौंपीं।

सोशल मीडिया पर सलमान के दौरे के कई वीडियो सामने आए, लेकिन उनका लुक तेज़ी से चर्चा का विषय बन गया। एक्टर के शरीर की बनावट देखकर फैंस और शुभचिंतकों ने चिंता ज़ाहिर की। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर चिंता जताते हुए पूछा कि क्या उनकी सेहत ठीक है।

एक ने लिखा, “वह बीमार लग रहे हैं… भगवान आपका भला करे”, वहीं दूसरे ने कहा, “वह बीमार लग रहे हैं, मुझे लगता है कि उन्हें कोई हेल्थ प्रॉब्लम है”। एक ने पूछा, “मेरे किंग को क्या हुआ है?” “सलमान खान को क्या हो गया?? पहले तो मुझे लगा कि यह वो नहीं हैं, लेकिन मैंने वहां शेरा को भी देखा। उनकी उम्र धर्मेंद्र जैसी लग रही है,”।

एक परेशान फैन ने लिखा, “यकीन नहीं होता कि ये सलमान खान हैं,” और एक ने पूछा, “क्या सलमान खान और उनकी सेहत सब ठीक है..?” एक ने हैरानी जताते हुए कहा, “इसे देखकर सच में दुख होता है। आप साफ देख सकते हैं कि उनकी आंखों में कितनी थकान और अस्वस्थता दिख रही है। फिल्मों में तो भाई अकेले 50 लोगों से भिड़ जाते हैं, लेकिन अभी सलमान को देखिए, उनका वो जलवा पूरी तरह गायब हो गया है और साफ दिख रहा है कि उनकी सेहत पर असर पड़ रहा है। सलमान खान को क्या हुआ है? क्या उन्हें कोई बीमारी है?”

एक ने लिखा, “क्या ये सच में सलमान खान हैं? क्या वो ठीक हैं? ऐसा तो नहीं लग रहा।” दूसरे ने लिखा, “दोस्तों, सलमान खान को क्या हुआ है?” एक ने लिखा, “बस उनके चेहरे को देखिए, वो किसी दादाजी जैसे लग रहे हैं। वो ठीक से चल भी नहीं पा रहे हैं।” वहीं एक और ने पूछा, “सलमान खान को क्या हुआ है? भाई सच में 80 साल के बुज़ुर्ग जैसे लग रहे हैं।”

हालांकि, कुछ फ़ैन्स उनके बचाव में भी आए और लिखा, “किसी भारतीय फ़िल्म सुपरस्टार के लिए सबके सामने अपनी उम्र को ज़ाहिर करना बहुत हिम्मत का काम है। रजनीकांत ने ऐसा किया था। बॉलीवुड में कैमरे के सामने अपनी उम्र को शालीनता से स्वीकार करने की हिम्मत दिखाने के लिए सलमान खान बहुत सम्मान के हकदार हैं।”

एक ने लिखा, “बॉलीवुड सेलेब्स अपनी कमियों को छिपाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करते हैं, और यहाँ सलमान खान एक पब्लिक इवेंट में 60 साल के व्यक्ति जैसे दिख रहे हैं। वो ऐसे इसलिए आए क्योंकि या तो उन्होंने अपनी उम्र को शालीनता से स्वीकार कर लिया है या फिर उनके अंदर कुछ गड़बड़ है। मुझे यकीन है कि उनकी PR टीम ने उन्हें ऐसा न करने की सलाह दी होगी।”

सलमान जल्द ही ‘मातृभूमि’ में नज़र आएंगे, जिसमें बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। मार्च तक इस फ़िल्म का नाम ‘बैटल ऑफ़ गलवान’ था और कहा जा रहा था कि यह गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच हुई असल झड़प पर आधारित है। लेकिन अब इस प्रोजेक्ट ने एक अलग मोड़ ले लिया है – इसका नाम बदल दिया गया है, चीन और गलवान घाटी के ज़िक्र को हटा दिया गया है, और कहा जा रहा है कि टीम बड़े पैमाने पर दोबारा शूटिंग कर रही है।

सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले सलमा खान द्वारा प्रोड्यूस और अपूर्व लाखिया द्वारा निर्देशित फिल्म ‘मातृभूमि’ में सलमान एक इंडियन आर्मी कर्नल के रोल में हैं। इसमें चित्रांगदा सिंह भी हैं। अभी तक इसकी रिलीज़ डेट का ऐलान नहीं किया गया है।

हाल ही में, कई अफ़वाहों और बिना पुष्टि वाली खबरों में दावा किया गया था कि ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ को CBFC के साथ दिक्कतों का सामना करना पड़ा है, और अब यह फिल्म अनिश्चित काल के लिए टल सकती है या इसे रद्द भी किया जा सकता है। हाल ही में, सलमान खान फिल्म्स ने ऐसी सभी खबरों को खारिज करते हुए इन अटकलों को “गलत” और “पूरी तरह से बेबुनियाद” बताया। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक बयान में, प्रोडक्शन बैनर ने साफ़ किया कि फिल्म को अभी तक सर्टिफिकेशन के लिए CBFC के पास नहीं भेजा गया है, इसलिए सर्टिफिकेशन में किसी भी तरह की आपत्ति या देरी की खबरें गलत हैं। अभी तक इसकी रिलीज़ डेट का ऐलान नहीं किया गया है।

उन्होंने नयनतारा के साथ अपनी आने वाली फ़िल्म के लिए ईद 2027 की तारीख़ भी तय कर ली है। इस फ़िल्म का नाम अभी तय नहीं हुआ है और फ़िलहाल इसे SVC63 कहा जा रहा है; इसे वामशी पैदिपल्ली डायरेक्ट करेंगे। एक्टर को हाल ही में ‘राजा शिवाजी’ में जीवा महाला के कैमियो रोल में देखा गया था, और सोशल मीडिया यूज़र्स को उनका ज़बरदस्त योद्धा वाला अवतार बहुत पसंद आया। ‘राजा शिवाजी’ में रितेश देशमुख और जेनेलिया देशमुख भी थे।

फुटबॉल का ऐसा जुनून! वर्ल्ड कप फाइनल देखने के लिए भारत के इस राज्य में स्कूलों की छुट्टी

फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला देर रात स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेला जाएगा। वहीं फाइनल को लेकर भारत में भी फुटबॉल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है। इसी को देखते हुए केरल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने सोमवार को सामान्य शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है, ताकि छात्र आराम से फाइनल मुकाबला देख सकें।

यह फैसला छात्रों की मांग के बाद लिया गया। छात्रों का कहना था कि अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाला फाइनल मुकाबला देर रात खेला जाएगा, इसलिए मैच देखने के बाद अगली सुबह स्कूल जाना उनके लिए मुश्किल होगा। भारतीय समय के अनुसार यह रोमांचक मुकाबला सोमवार देर रात 12:30 बजे शुरू होगा। सरकार के इस फैसले से फुटबॉल प्रेमी छात्रों में काफी खुशी है।

शिक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी

केरल के शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने सोशल मीडिया के जरिए स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की। उन्होंने छात्रों से मजाकिया अंदाज में पूछा, “अब खुश हो, बच्चों?” सरकार के इस फैसले की पूरे केरल में चर्चा हो रही है। राज्य में फुटबॉल को लेकर लोगों में जबरदस्त दीवानगी है और बड़ी संख्या में लोग फीफा वर्ल्ड कप के मुकाबले देखते हैं। छुट्टी की मांग को राजनीतिक समर्थन भी मिला था। सीपीआई (एम) के नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने सरकार से छात्रों के हित में स्कूलों में छुट्टी घोषित करने की अपील की थी। उनका कहना था कि देर रात तक फाइनल देखने के बाद छात्रों के लिए अगले दिन स्कूल जाना मुश्किल होगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया था कि पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए शनिवार की छुट्टी को कार्य दिवस बनाकर उसकी भरपाई की जा सकती है।

विपक्ष ने भी किया समर्थन

स्कूलों में छुट्टी की मांग को विपक्षी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के नेताओं ने भी समर्थन दिया। वहीं, मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने भी माना कि फीफा वर्ल्ड कप फाइनल को लेकर पूरे केरल में फुटबॉल का जबरदस्त उत्साह है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाले फाइनल मुकाबले को लेकर राज्य में खासा उत्साह है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि युवा फुटबॉल प्रेमी बिना किसी चिंता के देर रात तक मैच का आनंद लें और उन्हें अगले दिन स्कूल या कॉलेज जाने की फिक्र न रहे। इसी वजह से सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित की गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जागकर मैच देखें, अपनी पसंदीदा टीम का उत्साह बढ़ाएं और इस रोमांचक मुकाबले का पूरा आनंद लें।

खिताब बचाने उतरेगी अर्जेंटीना

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना टीम अपने विश्व कप खिताब को बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। वहीं, पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाली स्पेन की टीम अपना दूसरा फीफा वर्ल्ड कप खिताब जीतने की कोशिश करेगी।

Tanishk Bagchi: तनिष्क बागची ने 8 लाख अनपेड रॉयल्टी वाली पोस्ट की डिलेट,वाईआरएफ ने किया था कमेंट

Tanishk Bagchi: ‘सैयारा’ के बॉक्स ऑफिस पर छाने और उसके टाइटल ट्रैक के साल के सबसे बड़े म्यूजिकल हिट्स में से एक बनने के एक साल बाद, यह फिल्म एक विवाद में फंस गई है। फ़िल्म की पहली सालगिरह पर, म्यूज़िक कंपोज़र तनिष्क बागची ने दावा किया कि वह अभी भी इस सुपरहिट गाने के लिए 8 लाख की रॉयल्टी मिलने का इंतज़ार कर रहे हैं। यह पोस्ट जल्द ही ऑनलाइन चर्चा का विषय बन गया, लेकिन यश राज फ़िल्म्स (YRF) के यह कहने पर कि तय कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार सभी पेमेंट कर दिए गए हैं। इसके बाद बागची ने इंस्टाग्राम से अपना बयान हटा दिया।

ऑनलाइन तनिष्क बागची के दावों पर ध्यान दिए जाने के बाद, यश राज फिल्म्स ने एक आधिकारिक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि हर सहयोगी को उनके एग्रीमेंट की शर्तों के अनुसार भुगतान किया गया था।

प्रवक्ता ने कहा- “’सैयारा’ टाइटल ट्रैक तीन संगीतकारों (तनिष्क बागची के साथ फहीम अब्दुल्ला और अर्सलान निज़ामी) के बीच एक शानदार सहयोग था। हम एक ऐसा सदाबहार गाना बनाने में उनके बेहतरीन काम के लिए बहुत आभारी हैं, जिसने लाखों लोगों के दिलों को छू लिया है। टाइटल ट्रैक की रॉयल्टी तीनों संगीतकारों के बीच YRF द्वारा समान रूप से बांटी गई है और आगे भी बांटी जाती रहेगी, जैसा कि तनिष्क सहित सभी ने कॉन्ट्रैक्ट के तहत सहमति जताई थी। YRF ने कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार, आपसी सहमति वाली शर्तों और समय-सीमा के भीतर हर सहयोगी को उनका बनता हुआ भुगतान कर दिया है,”।

YRF के स्पष्टीकरण के कुछ ही समय बाद, तनिष्क ने अपना इंस्टाग्राम पोस्ट हटा दिया, जिसे 18 जुलाई को पोस्ट किया गया था। शनिवार को तनिष्क बागची ने इंस्टाग्राम पर एक लंबी पोस्ट शेयर की। इसमें उन्होंने बताया कि फिल्म का टाइटल ट्रैक साल के सबसे बड़े गानों में से एक बनने के बावजूद उन्हें निराशा क्यों हुई। उन्होंने साफ़ किया कि वह सहानुभूति नहीं चाहते थे, बल्कि इस गाने पर काम करने के अपने अनुभव के बारे में बात करना चाहते थे।

उन्होंने लिखा, “@yrfentertainment @yrfmusic के साथ यह मेरी पहली फ़िल्म थी… मैंने हर बात मान ली क्योंकि मुझे संगीत पर भरोसा था। मैंने इस गाने में अपनी पूरी जान लगा दी। प्रोडक्शन से लेकर कंपोज़िशन तक, गीतकार और गायकों के साथ काम करना, रिकॉर्डिंग, वोकल ट्यूनिंग, साउंड, अरेंजमेंट – हर छोटी-बड़ी बात मेरे लिए मायने रखती थी। मैंने इसे अपना ही समझकर काम किया।”

तनिष्क ने आगे कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए उन्हें जो पैसे मिले थे, वे सभी गाने को बनाने में ही खर्च हो गए। उन्होंने कहा, “YRF ने मुझे जो भी मामूली रकम दी थी, वह सब लाइव और मिक्सिंग में खर्च हो गई… आखिर में कुछ नहीं बचा, हां। इतने बड़े गाने से मैंने बस यही कमाया।”

कंपोज़र ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता रॉयल्टी की रकम को लेकर है, जो उनके मुताबिक अभी भी बकाया है। उन्होंने आगे कहा, “सबसे ज़्यादा दुख इस बात का है कि रॉयल्टी स्टेटमेंट के अनुसार, मुझे उस गाने के लिए सिर्फ़ 8 लाख की रॉयल्टी मिलनी बाकी है, जिसे अलग-अलग प्लेटफ़ॉर्म पर लाखों बार सुना और देखा गया है। सच कहूं तो, इस गाने में मैंने जितना काम, समय और जुनून लगाया है, उसके हिसाब से 8 लाख बहुत कम लगते हैं। मुझे सच में लगा था कि इतने बड़े लेवल पर पहुंचे गाने से कहीं ज़्यादा कमाई हुई होगी।”

तनिष्क ने यह भी कहा कि इस घटना ने म्यूज़िक इंडस्ट्री के बारे में उनके नज़रिए को बदल दिया है। उन्होंने लिखा, “मैं यह सहानुभूति पाने के लिए नहीं लिख रहा हूं। मैं यह इसलिए लिख रहा हूं क्योंकि मुझे पता है कि मैंने इस गाने के लिए कितनी मेहनत की है और इसे बनाने के लिए मैंने क्या-क्या कुर्बानियां दी हैं… इस अनुभव ने इंडस्ट्री के बारे में मेरा नज़रिया बदल दिया है। अब से, मैं सिर्फ़ उन्हीं प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के साथ काम करूंगा जो क्रिएटिविटी, ईमानदारी और अपना म्यूजिक बनाने वाले लोगों की कद्र करते हैं।”

अपनी बात खत्म करते हुए, कंपोज़र ने गाने की कामयाबी के बाद निराशा महसूस करने का ज़िक्र किया और साथ ही डायरेक्टर मोहित सूरी और गीतकार इरशाद कामिल का शुक्रिया अदा किया। “एक बात जो मैंने सीखी है, वह यह है कि कभी-कभी आप लोगों को अपना सब कुछ दे देते हैं, और जब कामयाबी मिलती है, तो वे भूल जाते हैं कि मुश्किल समय में कौन उनके साथ खड़ा था। खैर, बाकी सब मैं भगवान पर छोड़ता हूं। समय हर कहानी बयां करता है और कर्म हर हिसाब-किताब बराबर कर देता है। इस पूरी फ़िल्म में मैं सिर्फ़ @mohitsuri की इज़्ज़त करता हूं… उन्हीं की वजह से मैंने यह फ़िल्म की थी… और @irshadkamilofficial की भी।”

तनिष्क बागची, फहीम अब्दुल्ला और अर्सलान निज़ामी द्वारा कंपोज़ किया गया, इरशाद कामिल के लिखे और फहीम अब्दुल्ला की आवाज़ वाला ‘सैयारा’ टाइटल ट्रैक, रिलीज़ से पहले ही फ़िल्म के सबसे खास गानों में से एक बन गया था। मोहित सूरी के निर्देशन में बनी और अहान पांडे व अनीट पड्डा की मुख्य भूमिकाओं वाली इस रोमांटिक ड्रामा फ़िल्म ने बॉक्स ऑफ़िस पर ज़बरदस्त सफलता हासिल की। ​​इसने दुनिया भर में ₹577 करोड़ की कमाई की और सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली भारतीय रोमांटिक फ़िल्म बन गई।

फ़िल्म की पहली सालगिरह के मौके पर, अहान पांडे और अनीट पड्डा ने हाल ही में ‘सैयारा’ LP विनाइल का एक खास ‘टू-डिस्क कलेक्टर एडिशन’ लॉन्च किया। इसमें फ़िल्म के म्यूज़िक के साथ-साथ हाथ से लिखे डायरी नोट्स भी शामिल हैं, जो वेम्बली स्टेडियम में उनके सफ़र की झलक दिखाते हैं।

जसप्रीत बुमराह के बिना गेंदबाजी करने उतरा भारत, इंग्लैंड ने चुनी बल्लेबाजी

ENGvsIND इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने रविवार को यहां भारत के खिलाफ श्रृंखला के तीसरे और अंतिम एकदिवसीय मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।तीन मैच की श्रृंखला फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है। भारत को इस मुकाबले में अपने स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की सेवाएं नहीं मिलेंगी जो घुटने की चोट के कारण टीम से बाहर हैं।

बीसीसीआई ने एक बयान में कहा, ‘‘कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे के दौरान क्षेत्ररक्षण करते समय जसप्रीत बुमराह के बाएं घुटने में चोट लगी थी। इसके कारण वह तीसरे वनडे के चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। ’’भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए केएल राहुल, अर्शदीप सिंह और तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को अंतिम एकादश में शामिल किया।

भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), इशान किशन (विकेटकीपर), अक्षर पटेल,  प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव।

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), बेन डकेट, जोस बटलर (विकेटकीपर), जो रूट, जैकब बेथेल, विल जैक्स,  सैम कुरेन, गस एटकिंसन, जोफ्रा आर्चर, जोस टंग, आदिल राशिद।