Anuradha Paudwal: वे समाज में क्या योगदान दे रहे हैं? अनुराधा पौडवाल ने शादी पर बात करते हुए LGBTQ समुदाय पर उठाए सवाल

Anuradha Paudwal: दिग्गज गायिका अनुराधा पौडवाल ने LGBTQ समुदाय के बारे में कमेंट करके विवाद खड़ा कर दिया है। गायिका एक पॉडकास्ट पर शामिल हुई थीं, जहां उनसे शादी और परिवार के ढांचे के बारे में बदलती सोच पर उनकी राय पूछी गई। शादी की “पवित्रता” पर बात करते हुए, उन्होंने समाज में LGBTQ लोगों के योगदान पर सवाल उठाए।

पॉडकास्ट के दौरान अनुराधा पौडवाल ने कहा, “शादी में अब पवित्रता नहीं रही। इसकी वजह LGBTQ समुदाय को दिए गए अधिकार हैं। वे समाज में क्या योगदान दे रहे हैं? मैं जानना चाहती हूं। वे किस तरह से योगदान दे रहे हैं?” पद्म श्री पुरस्कार विजेता ने कहा कि पारंपरिक रूप से, एक पुरुष और महिला के बीच रिश्ते, शादी और परिवार शुरू करने को ही सामान्य माना जाता था। LGBTQ रिश्तों का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने सवाल किया कि वे समाज की भलाई में कैसे योगदान देते हैं।

सिंगर ने आगे कहा- जब तक लड़का-लड़की शादी करके परिवार शुरू करते हैं, तब तक तो सब ठीक है। वे सही तरीके से ऐसा कर रहे हैं। लेकिन LGBTQ समुदाय के मामले में… मैं कुछ-कुछ दिनों में ऐसी चीजें देखती रहती हूं। इससे समाज के भले में क्या योगदान मिल रहा है?।

इसी बातचीत के दौरान, अनुराधा पौडवाल ने तलाक के बढ़ते मामलों और बच्चों पर उनके असर के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि तलाक के कुछ मामले सालों तक चलते हैं और सवाल उठाया कि क्या इसमें शामिल बच्चों पर पड़ने वाले भावनात्मक असर पर पर्याप्त ध्यान दिया जाता है।

अनुराधा पौडवाल ने कहा कि तलाक के ऐसे मामले भी हैं जो 12 साल से चल रहे हैं, और उनके बच्चे भी हैं। क्या किसी ने सोचा है कि बच्चे किस दौर से गुजर रहे हैं? बच्चे देखते हैं और सीखते हैं।

सिंगर ने भारत में लिव-इन रिलेशनशिप के बढ़ते चलन को बदलते पारिवारिक ढांचे से भी जोड़ा और कहा कि LGBTQ+ अधिकारों पर चर्चा करने से पहले ऐसे मुद्दों पर बात होनी चाहिए। अपनी टिप्पणियों पर आलोचना का सामना करने के बाद, अनुराधा पौडवाल ने इंस्टाग्राम पर एक बयान जारी किया।

उन्होंने कहा कि उनकी बातों को संदर्भ से हटकर पेश किया गया और सनसनीखेज बना दिया गया। उन्होंने कहा, “मुझ समेत हर नागरिक यह समझता है कि इस दुनिया में आगे बढ़ने और नेतृत्व करने के लिए शिक्षित होना जरूरी है। मैं हमेशा इस बात का समर्थन करती हूं। इस देश में हम सभी को सम्मानपूर्वक अपनी राय रखने की आजादी है।”