IND vs ENG 3rd ODI: लॉर्ड्स में होगा वनडे सीरीज का फैसला, क्या बारिश डालेगी मुकाबले में खलल?

IND vs END 3rd ODI: भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला रविवार, 19 जुलाई को खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर दोपहर 3:30 से खेला जाएगा। भारत और इंग्लैंड दोनों ही अब तक एक-एक मैच जीत चुकी हैं, इसलिए जो भी टीम ये मुकाबला जीतेगी वह सीरीज पर कब्जा कर लेगी। ऐसे में दोनों टीमों के खिलाड़ी जीत के इरादे से मैदान में उतरेंगे। दोनों टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है। वहीं मुकाबला शुरू होने से पहले जानें कैसी होगी दोनों टीमों की प्लेइंग 11 और पिच रिपोर्ट

क्या बारिश डालेगी मुकाबले में खलल?

लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेले जाने वाले तीसरे और निर्णायक वनडे के दौरान मौसम साफ रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार मैच के दिन आसमान साफ रहने या हल्के बादल छाए रहने की संभावना है। तापमान करीब 13 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है और बारिश की आशंका बेहद कम है। वहीं हवा में नमी सामान्य रहने की उम्मीद है। शुरुआती ओवरों में हल्की हवा तेज गेंदबाजों को थोड़ी मदद दे सकती है, लेकिन कुल मिलाकर मौसम क्रिकेट खेलने और मैच देखने के लिए अनुकूल रहने का अनुमान है। दोनों टीमों को पूरे 50-50 ओवर का मुकाबला खेलने का मौका मिल सकता है।

कैसी होगी लॉर्ड्स की पिच

लॉर्ड्स की पिच को संतुलित माना जाता है, जहां बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों को मदद मिलने की संभावना रहती है। मैच की शुरुआत में नई गेंद से तेज गेंदबाजों को सीम और उछाल मिल सकता है, जिससे शुरुआती ओवर काफी अहम होंगे। इसके बाद पिच बल्लेबाजी के लिए बेहतर होती जाती है और रन बनाना आसान हो जाता है। वहीं, जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, स्पिन गेंदबाजों को भी पिच से टर्न और पकड़ मिलने की उम्मीद रहती है।

टॉस जीतने वाली टीम को क्या करना चाहिए?

लॉर्ड्स की पिच पर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम आमतौर पर 270 से 290 रन के बीच का स्कोर बनाने की कोशिश करती है। ऐसे में मुकाबले में टॉस की भूमिका अहम रहती है, लेकिन यही मैच का फैसला नहीं करता। इस मैदान पर पिच दोनों टीमों को बराबर मौका देती है, इसलिए बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीम के जीतने की संभावना अधिक रहती है।

कहां पर देखें लाइव मुकाबला

भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा और निर्णायक वनडे मैच 19 जुलाई को लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। ये मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। क्रिकेट प्रशंसक इस मैच का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देख सकेंगे, जबकि ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग JioHotstar ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी।

भारत और इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग 11

भारत की संभावित प्लेइंग 11: शुभमन गिल (कैप्टन), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (वाइस-कैप्टन), केएल राहुल (WK), शिवम दुबे, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार

इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग 11: विल जैक्स, बेन डकेट, जो रूट, हैरी ब्रूक (कैप्टन), जोस बटलर (WK), सैम करन, जैकब बेथेल, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, साकिब महमूद, गस एटकिंसन

भारत और इंग्लैंड की पूरी टीम

इंडिया की ODI स्क्वॉड: शुभमन गिल (कैप्टन), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (वाइस-कैप्टन), केएल राहुल (WK), ईशान किशन (WK), वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, नीतीश कुमार रेड्डी, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार।

इंग्लैंड की ODI टीम: हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, जेम्स कोल्स, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, साकिब महमूद, आदिल राशिद, जो रूट, जोश टंग।

दतिया उपचुनाव : भारत सिंह कुशवाह बोले- विकास के दम पर जीतेंगे, भाजपा को मिल रहा बड़ा समर्थन

MP Bharat Singh Kushwah visited Datia in connection with the by election

– भाजपा ने हर वर्ग और हर समाज को कुछ न कुछ दिया, अब देने की बारी आपकी है

– भाजपा ने विकास के कार्यों में कभी कमी नहीं रखी और आगे भी यह विकास होते रहेंगे

– हमारा संकल्प है सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास, इसे पूरा करेंगे

Bharat Singh Kushwah : दतिया उपचुनाव के प्रभारी व ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह ने शनिवार को दतिया में कुशवाह समाज, पाल-बघेल समाज एवं लोधी समाज के वरिष्ठजनों, प्रबुद्धजनों एवं संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर समाजजनों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा ने हर वर्ग, हर समाज को कुछ न कुछ दिया है। अब सभी समाजों की बारी है कि वह भाजपा प्रत्याशी को अपना आशीर्वाद देकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का हाथ मजबूत करें। भाजपा ने विकास के कार्यों में कभी कमी नहीं रखी, आगे भी विकास ही हमारा मुख्य लक्ष्य होगा। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास, इसे हर हाल में पूरा करेंगे। 
 

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थामा भाजपा का दामन

दतिया विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जनकल्याणकारी कार्यों और भारतीय जनता पार्टी की रीति-नीति से प्रभावित होकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर सभी ने उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को विजयी बनाने का संकल्प लिया।

भाजपा सरकार ने विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी

ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि भाजपा सरकारों ने दतिया के विकास में काई कसर नहीं छोड़ी है। भाजपा ने सभी समाज वर्ग के कल्याण के लिए कार्य किया है। सभी समाज के लोग भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को ऐतिहासिक मतों से विजयी बनाने के लिए अपना आशीर्वाद प्रदान करें।

उन्होंने सामाजिक संगठनों के वरिष्ठजनों, पदाधिकारियों एवं समाजजनों से अपील की है कि वे भाजपा प्रत्याशी को विजयी बनाने में अपना सहयोग दें, ताकि भाजपा की डबल इंजन की सरकार में एक विकास का डिब्बा और जुड़ जाए। इस दौरान सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं वरिष्ठजनों ने विश्वास दिलाया है कि वे भाजपा के विकास के साथ थे और आगे भी रहेंगे।
 

ये रहे उपस्थित

कुशवाह समाज की बैठक में दतिया जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाह, पूर्व मंत्री राजकुमार कुशवाह, कालीचरण कुशवाह, जिला उपाध्यक्ष श्रीमती रानी कुशवाह, भगवान सिंह कुशवाह, राजाराम कुशवाह, घनश्याम बाबूजी, इमरत कुशवाह, मानसिंह कुशवाह सहित समाज के वरिष्ठगण एवं युवा साथी उपस्थित रहे।
 

पाल-बघेल समाज की बैठक में अखिल भारतीय पाल महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्षशैतान सिंह पाल, कुक्कुट विकास निगम के अध्यक्ष केशव सिंह बघेल, जिला अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग मोर्चा मनोहर फौजी, रामसिंह पाल, हरगोविंद बघेल, डॉ अरविंद पाल, घुमक्कड़ आयोग जिला अध्यक्ष जयराम पाल, कमलेश पाल, डॉ ब्रजेश पाल, हरगोविंद पाल, रामसेवक पाल, वेद पाल, पंजाब सिंह पाल सहित पाल बघेल समाज के वरिष्ठगण उपस्थित रहे। लोधी समाज की बैठक में भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के साथ समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

CM मोहन यादव का ‘डेस्टिनेशन कैबिनेट’ विजन विकास को दे रहा नई दिशा, जनता को ला रहा करीब

Chief Minister Mohan Yadav's Destination Cabinet vision is giving new direction to development

Chief Minister Dr. Mohan Yadav : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शासन की पारंपरिक शैली और विकास को अपने विजन से नई दिशा दी है। राजधानी भोपाल के वल्लभ भवन से बाहर निकलकर प्रदेश के विभिन्न शहरों, ऐतिहासिक स्थलों और पिछड़े क्षेत्रों में कैबिनेट बैठकें आयोजित करने की 'डेस्टिनेशन कैबिनेट' पहल न केवल शासन को जनता के करीब लाई है, बल्कि स्थानीय संस्कृति, पर्यटन और विकास को भी नई गति  प्रदान की है। यह पहल विकास और विरासत को साथ-साथ ले जाने का अनूठा उदाहरण बन गई है।

 

जनता तक शासन की सीधी पहुंच

पहले एमपी की कैबिनेट बैठकें हमेशा राजधानी भोपाल स्थित वल्लभ भवन में ही होती थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने इस परंपरा को तोड़ते हुए वर्ष 2024 से 'डेस्टिनेशन कैबिनेट' के नए कांसेप्ट की शुरुआत की। इसका मकसद सिर्फ फैसले लेना नहीं, बल्कि उन स्थानों की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन क्षमता को उजागर करना भी है। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर कैबिनेट बैठकें छोटे शहरों, आदिवासी क्षेत्रों और गौरवशाली स्थलों पर हो रही हैं।

इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल रहा है और जनता तक शासन की पहुंच हो रही है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की डेस्टिनेशन कैबिनेट की यह अनूठी पहल राज्य के विकास में नया रंग भर रही है। इस मॉडल के जरिए सरकार जनता के बीच जाकर फैसले ले रही है, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी हो गया है।

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जन- जन तक पहुंच रहे सरकार के फैसले

'डेस्टिनेशन कैबिनेट' सरीखी पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की मैदानी समीक्षा करना, पर्यटन को बढ़ावा देना और राज्य की सांस्कृतिक विरासत को सहेजना है। एक तरफ ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों पर कैबिनेट बैठकें होने से उन क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिल रही है, वहीं, सरकार के फैसलों को सिर्फ वल्लभ भवन तक सीमित रखने के बजाय, सरकार राज्य के कोने-कोने तक पहुंच रही है।

 

'डेस्टिनेशन कैबिनेट’ ने बदली शासन की कार्यशैली

मोहन सरकार ने ‘डेस्टिनेशन कैबिनेट’ के जरिए शासन की कार्यशैली को बदला है। अब अधिकारी एसी कमरों की चहारदीवारी से निकलकर पहली बार फील्ड गवर्नेंस की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। यहां फैसले वल्लभ भवन की पांचवीं मंजिल से बाहर सीधे जनता के बीच लिए जा रहे हैं। पहले आयोजित इन 'डेस्टिनेशन कैबिनेट' बैठकों में ओरछा, चित्रकूट, महेश्वर, सिंग्रामपुर, विश्व धरोहर स्थल खजुराहो, नागलवाड़ी, इंदौर का राजवाड़ा जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को शामिल किया गया।

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इससे स्थानीय संस्कृति को वैश्विक पटल पर उभारने और स्थानीय विकास को गति मिली है। पचमढ़ी में जनप्रिय शासक रहे भभूत सिंह की स्मृति में डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, वहीं रानी दुर्गावती और लोकमाता देवी अहिल्याबाई की स्मृति में भी भव्य डेस्टिनेशन कैबिनेट आयोजित की गई।

प्रदेश में जिन स्थानों में डेस्टिनेशन कैबिनेट का आयोजन किया जा चुका है उन क्षेत्रों में विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स को तेजी से प्राथमिकता मिल रही है। इससे स्थानीय विकास की गति तेज हो गई है। अब राजधानी भोपाल से सटे प्राचीन महल और स्मारक वाले गांव जगदीशपुर में रविवार 19 जुलाई को सरकार की डेस्टिनेशन कैबिनेट आयोजित की जा रही है।

 

अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक

मोहन सरकार का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो सकता है। यह दिखाता है कि शासन केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर रंग भरने का माध्यम भी है। इससे जहां एक तरफ पर्यटन विकास को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत विजन को धरातल पर उतारा जा रहा है।

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मोहन की 'डेस्टिनेशन कैबिनेट' प्रदेश को इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन, कल्चरल डेस्टिनेशन के साथ डेवेलपमेंट डेस्टिनेशन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह नई पहल विकास, संस्कृति और जन-सहभागिता का सुंदर समन्वय और सामंजस्य है, जो मध्यप्रदेश को दिन पर दिन नई ऊंचाइयों की तरफ ले जा रही है।

‘अमीर दिखना पड़ता है महंगा’, बेंगलुरु के प्रोफेशनल ने बताया पैसे बचाने का अनोखा तरीका, वायरल हुआ पोस्ट

बेंगलुरु के एक प्रोफेशनल का सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों खूब चर्चा में है। पोस्ट में व्यक्ति ने बताया कि, साधारण लाइफस्टाइल अपनाकर और महंगे गैजेट्स व लग्जरी चीजों से दूरी बनाकर वह कई जगहों पर पैसे बचा लेते हैं। उन्होंने बताया कि इसी वजह से उन्होंने iPhone और MacBook का इस्तेमाल छोड़ दिया और आज भी 10 साल पुरानी हैचबैक कार चलाते हैं। उनका मानना है कि अमीर दिखने की कोशिश कई बार लोगों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ डाल देती है। उनकी ये सोच सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट

अपनी लिंक्डइन पोस्ट में मीनांक मिन्नू ने बताया कि, वह जानबूझकर सादगी भरी लाइफस्टाइल अपनाते हैं। उनका कहना कि, ऐसा करने से उन्हें खरीदारी के दौरान बेहतर दाम पर सामान मिल जाता है। उन्होंने लिखा, “मैं हमेशा गरीब दिखने की कोशिश करता हूं। इससे मुझे मोलभाव करने में ज्यादा मुश्किल होती है।” मिन्नू ने बताया कि उन्होंने अपनी लाइफस्टाइल में भी इसी सोच के मुताबिक बदलाव किए। उन्होंने कहा, “मैंने अपना iPhone बेच दिया और उसकी जगह Vivo फोन खरीद लिया। MacBook भी बेच दिया और ASUS का लैपटॉप ले लिया। आज भी मैं 10 साल पुरानी हैचबैक कार चलाता हूं, जो मुश्किल से E20 फ्यूल पर चलती है।”

ऐसा करना कोई मजबूरी नहीं

उन्होंने ये भी साफ किया कि ऐसा करना उनकी मजबूरी नहीं थी। उनके मुताबिक, “क्या मैं नई कार खरीद सकता हूं? बिल्कुल खरीद सकता हूं। लेकिन मेरी सोच ये है कि जैसे ही लोग आपको अमीर समझने लगते हैं, कई चीजें अपने आप महंगी हो जाती हैं।” मीनांक मिन्नू के मुताबिक, भारत में किसी व्यक्ति की बाहरी छवि कई बार उसके साथ होने वाले व्यवहार को प्रभावित करती है। उन्होंने अपनी बात समझाते हुए लिखा, “20 रुपये किलो मिलने वाले आलू 28 रुपये किलो हो जाते हैं। 500 रुपये का ट्रैफिक चालान किसी तरह 1,500 रुपये तक पहुंच जाता है। iPhone होने की वजह से 200 रुपये का मोबाइल कवर 700 रुपये में मिलता है। लोग आपसे उधार मांगने से भी बचते हैं, जिसे शायद कभी लौटाना ही न हो।”

अतिरिक्त खर्च से बचना है

मिन्नू ने आगे कहा, “लोग सिर्फ आपको देखकर राय नहीं बनाते, बल्कि उसी हिसाब से आपकी कीमत भी तय कर देते हैं।” उन्होंने ये भी बताया कि इसका मतलब सस्ते प्रोडक्ट खरीदना नहीं था। उन्होंने कहा, “दिलचस्प बात यह है कि मेरा Vivo फोन iPhone से भी महंगा है और मेरा ASUS लैपटॉप MacBook से ज्यादा कीमत का है। मेरा मकसद पैसे बचाने के लिए सस्ती चीजें खरीदना नहीं था, बल्कि ‘अमीर दिखने’ की वजह से लगने वाले अतिरिक्त खर्च से बचना था।”

उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में भारत में कारोबार करने के तरीके पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने लिखा, “भारत में बिजनेस कुछ इसी तरह चलता है।” आगे उन्होंने कहा, “भारत के कई बड़े और अमीर लोग स्टारबक्स जैसी जगहों पर नहीं, बल्कि पुराने कैफे में बैठकर करोड़ों की डील करते हैं। गुमनाम रहना भी एक बड़ी ताकत है। अपने काम से काम रखो, कम दिखावा करो, शांति से जियो और ‘ध्यान आकर्षित करने’ की कीमत किसी और को चुकाने दो।”

लोगों ने दिए रिएक्शन

सोशल मीडिया पर लिंक्डइन पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने पोस्ट की तारीफ करते हुए लिखा, “पोस्ट का आखिरी हिस्सा मुझे सबसे ज्यादा पसंद आया। कई बार जितना कम हम लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचते हैं, उतने ही सच्चे अनुभव मिलते हैं। बहुत अच्छी सीख।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “मैं अमीर दिखने से ज्यादा अमीर बनना पसंद करूंगा। सादगी ही सबसे बड़ी खूबसूरती है।”

वहीं एक यूजर ने लिखा, “MacBook ज्यादातर मामलों में Asus से बेहतर है। मैं अपनी जरूरत और काम के हिसाब से प्रोडक्ट खरीदता हूं। लोग मुझे अमीर समझें या गरीब, इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।” एक अन्य यूजर ने अपनी उलझन जाहिर करते हुए लिखा, “मुझे यह बात समझ नहीं आई, माफ कीजिए।”

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इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन रह सकता है दमदार

भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में शानदार रह सकता है। स्ट्रॉन्ग ग्रोथ, लगातार अच्छा कैपिटल एक्सपेंडिचर और क्रेडिट एक्सपैंशन इसकी वजह होगी। हालांकि, इनफ्लेशन बढ़ने से इंटरेस्ट रेट में इजाफा हो सकता है। एललामा की रिपोर्ट में यह कहा गया है।

चुनौतियों की बीच इकोनॉमिक ग्रोथ 7.8 फीसदी

इस रिपोर्ट में इनफ्लेशन बढ़ने की आशंका जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने ऑयल की दोगुनी कीमतों को बर्दाश्त किया है। महंगे ऑयल के बावजूद 7.8 फीसदी ग्रोथ बनाए रखी है। भारतीय इकोनॉमी ज्यादातर दूसरी बड़ी इकोनॉमीज के मुकाबले मजबूत है। 7.8 फीसदी जीडीपी ग्रोथ के साथ ही मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 59.3 है।

निफ्टी की वैल्यूएशन 10 साल के एवरेज के मुकाबले कम

इनफ्लेशन को चिंता की वजह बताते हुए इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इनफ्लेशन बढ़ने के 9-15 महीनों के दौरान मार्केट में तेजी दिखी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि निफ्टी अपने 10 साल के एवरेज 18.6 के पी/ई के मुकाबले 17.7 पी/ई पर आ गया है। इस हिसाब से महंगे बाजारों के मुकाबले भारतीय बाजार सस्ता है।

घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से बाजार को मिला सहारा

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने इस साल भारतीय शेयर बाजारों में अब तक 29 अरब डॉलर की बिकवाली की है। इसके मुकाबले घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 45.5 अरब डॉलर का निवेश किया है। इस रिपोर्ट में एनर्जी, मेटल्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, डिफेंस, फार्मास्युटिकल्स, ऑटोमोबाइल्स के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई गई है।

बाजार के लिए ये हैं कुछ बड़े रिस्क

रिपोर्ट में कहा गया है कि तेल की कीमतों में तेज उछाल, आरबीआई के उम्मीद से पहले इंटरेस्ट रेट में वृद्धि और जल्द डिसइनफ्लेशन जैसे रिस्क बने हुए हैं। ऐसे में रियल एस्टेट और साइक्लिकल्स में ओवरवेट बने रहना ठीक होगा। जुलाई में विदेशी संस्थागत निवेशकों का रुख भारत को लेकर बदला है। उन्होंने भारत में बिकवाली से ज्यादा खरीदारी की है।

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17 जुलाई को प्रमुख सूचकाकों में जोरदार तेजी

अमेरिका-ईरान के बीच फिर से लड़ाई शुरू होने और क्रूड में उछाल के बावजूद भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट नहीं दिखी है। 17 जुलाई को सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार तेजी दिखी। निफ्टी 1.09 फीसदी यानी 261.55 फीसदी चढ़कर 24,334 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.25 फीसदी यानी 964 अंक के उछाल के साथ 78,151 पर क्लोज हुआ।

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IND vs ENG: रिटायरमेंट की खबरों के बीच कोच गंभीर से हंजी-माजक करते दिखे रोहित शर्मा, वायरल हो रहा ये वीडियो

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबला 19 जुलाई को खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला दोपहर 3:30 से शुरू होगा। वहीं 3 मैचों की वनडे सीरीज 1-1 की बराबरी पर है। तीसरा मुकाबला जो भी जीतेगा सीरीज अपने नाम कर लेगा। वहीं तीसरे मुकाबले से पहले रोहित शर्मा और टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर लॉर्ड्स के मैदान पर हल्के-फुल्के अंदाज में नजर आए। दोनों की बातचीत और मुस्कुराते हुए तस्वीरें सामने आने के बाद फैंस के बीच इसकी काफी चर्चा हो रही है।

एक साथ नजर आए गंभीर-रोहित

शनिवार 18 जुलाई को लॉर्ड्स में दोनों अलग ही अंदाज में नजर आए। रोहित शर्मा और गौतम गंभीर को स्टेडियम की बालकनी में साथ बैठकर हंसी-मजाक करते देखा गया। इस दौरान बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक भी उनके साथ मौजूद थे और भारतीय टीम का माहौल काफी सकारात्मक दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं ये वीडियो ऐसे समय आया है जब पिछले कुछ दिनों से रोहित शर्मा के इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

इंग्लैंड के खिलाफ रोहित का प्रदर्शन

इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज में रोहित शर्मा अब तक बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं। शुरुआती दो मैचों में उन्होंने 11 और 26 रन बनाए। कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे में भी वह अच्छी लय में नहीं दिखे और 47 गेंदों पर सिर्फ 26 रन ही बना सके। जिसके बाद से उनकी हाल की पारियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। दूसरी ओर, युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने भारत के लिए अपने पिछले तीन मुकाबलों में दो शतक लगाकर मजबूत दावेदारी पेश की है। ऐसे में टीम में रोहित की जगह और उनके भविष्य को लेकर चर्चा और दबाव दोनों बढ़ गए हैं।

रोहित ने किया था गंभीर का सपोर्ट

रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर जारी चर्चाओं के बीच PTI की एक रिपोर्ट में उनके और मुख्य कोच गौतम गंभीर के रिश्तों को लेकर भी जानकारी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, रोहित ने ही गंभीर को भारतीय टीम का मुख्य कोच बनने के लिए समर्थन दिया था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेली गई बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान दोनों के रिश्तों में खटास आने की खबरें सामने आईं।

क्या लॉर्ड्स होगा रोहित का आखिरी वनडे?

इस बीच, एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रोहित 2027 वनडे विश्व कप तक भारतीय टीम के लिए खेलना चाहते हैं, लेकिन सेलेक्शन कमेटी की भविष्य की योजनाओं में उन्हें शामिल नहीं माना जा रहा है। वहीं इसके बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया कि रोहित शर्मा का अंतरराष्ट्रीय करियर अब अंतिम दौर में पहुंच सकता है। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाला तीसरा वनडे उनका आखिरी इंटरनेशनल मैच हो सकता है। वहींBCCI ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है।

Axis Bank ने राजीव मंत्री को नया सीएफओ नियुक्त किया, 28 सितंबर को संभालेंगे नई जिम्मेदारी

एक्सिस बैंक ने राजीव मंत्री को नया चीफ फाइनेंशियल अफसर (सीएफओ) नियुक्त किया है। बैंक ने 18 जुलाई को रेगुलेटरी फाइलिंग में यह बताया। मंत्री 28 सितंबर को नई जिम्मेदारी संभालेंगे। पिछले महीने पुनीत शर्मा ने बैंक के सीएफओ पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने अपनी प्रोफेशनल जर्नी का नया चरण शुरू करने के लिए इस्तीफा दिया है।

मंत्री अभी बंधन बैंक में सीएफओ हैं

मंत्री अभी Bandhan Bank में एक्जिक्यूटिव प्रेसिडेंट एवं सीएफओ हैं। उन्होंने करियर में नए मौके के इस्तेमाल में दिलचस्पी बताते हुए जून में इस्तीफा दे दिया था। बंधन बैंक में नोटिस पीरियड की पॉलिसी के मुताबिक, बैंक में उनका अंतिम वर्किंग डे 25 सितंबर होगा। तीन दिन बाद वह एक्सिस बैंक में नई जिम्मेदारी संभाल लेंगे।

नियुक्ति के प्रस्ताव को बोर्ड की मंजूरी

एक्सिस बैंक के बोर्ड ने 18 जुलाई को बोर्ड की हुई बैठक में मंत्री की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। बैंक ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया है कि नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी और ऑडिट कमेटी की सिफारिश पर बोर्ड ने नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी। एक्सिस बैंक देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में शामिल है।

फाइनेंस में तीन दशकों का अनुभव

मंत्री को फाइनेंस के फील्ड में करीब तीन दशकों का अनुभव है। 49 साल के मंत्री बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्री (BFSI) में कई सीनियर पदों पर रह चुके हैं। बंधन बैंक में आने से पहले वह सिटीबैंक,स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक और Mashreq में थे। वह भारत के अलावा सिंगापुर और यूएई में रह चुके हैं।

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मंत्री ने विदेश से एमबीए की पढ़ाई की है

एक्सिस बैंक के नए सीएफओ एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। उन्होंने INSEAD से ग्लोबल एग्जिक्यूटिव एमबीए की डिग्री ली है। उन्हें फाइनेंस, स्ट्रेटेजी, रेगुलेटरी एंगेजमेंट, कैपिटल मैनेजमेंट, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन का अनुभव है। एक्सिस बैंक ने कहा है कि मंत्री आरबीआई की तरफ से तय योग्यता की शर्तें पूरी करते हैं।

Abhishek Banerjee: TMC में सियासी घमासान! बागी नेताओं को अभिषेक बनर्जी की खुली चुनौती, कर दी इस्तीफे की पेशकश

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने पार्टी छोड़ चुके नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्हें खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि अगर ये नेता फिर से ममता बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी में लौट आते हैं, तो वह खुद अपना पद छोड़ने के लिए तैयार हैं। पार्टी में चल रही नाराज़गी पर बोलते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जो लोग टीएमसी छोड़ चुके हैं और अब उन पर आरोप लगा रहे हैं, उन्हें पहले ममता बनर्जी के पास वापस आना चाहिए।

अभिषेक बनर्जी ने दी ये चुनौती

अभिषेक बनर्जी ने कहा, “जो लोग पार्टी छोड़कर चले गए हैं और आज मेरे खिलाफ बोल रहे हैं या मुझ पर आरोप लगा रहे हैं, मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे ‘दीदी’ यानी ममता बनर्जी के नेतृत्व में वापस आ जाएं। अगर वे ऐसा करते हैं, तो मैं एक घंटे के भीतर पार्टी से इस्तीफा दे दूंगा।” अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि ये नेता वापस नहीं आएंगे, क्योंकि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ समझौता कर लिया है। उन्होंने कहा कि पहले पार्टी छोड़ो, फिर बागी गुट या भाजपा में शामिल हो जाओ और उसके बाद अभिषेक बनर्जी पर आरोप लगाओ, यही उनकी रणनीति है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पार्टी में बगावत की वजह वास्तव में वही हैं, तो बागी नेताओं के टीएमसी में लौटते ही वह 24 घंटे के भीतर अपना पद छोड़ देंगे।

टीएमसी में बढ़ी अंदरूनी कलह

अभिषेक बनर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई नेता और विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं। इन नेताओं ने ममता बनर्जी का साथ छोड़कर अलग गुटों का रुख किया है और पार्टी में चल रहे संकट के लिए अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है। टीएमसी छोड़ने या पार्टी से अलग होने वालों में सुखेंदु शेखर राय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बारिक जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं।

इसके अलावा, करीब 19 से 20 सांसदों के एक बड़े गुट के भी पार्टी से अलग होने का दावा किया जा रहा है। इस गुट में काकोली घोष दस्तीदार, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, जगदीश चंद्र बसुनिया, अरूप चक्रवर्ती, कालीपदा सोरेन, शताब्दी राय, जून मालिया, माला राय, यूसुफ पठान, रचना बनर्जी, बापी हलदर, मिताली बाग, खलीकुर रहमान, अबू ताहिर खान, असित मल, देव अधिकारी और पार्थ भौमिक शामिल बताए जा रहे हैं। खबरों के मुताबिक, यह गुट त्रिपुरा स्थित एनसीपी के एक धड़े में शामिल हो गया है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को समर्थन देने की बात कही जा रही है।

नेताओं के इस्तीफे से बढ़ी मुश्किलें

हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी से दूरी बना ली है। मदन मित्रा ने पार्टी के संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है और एक बागी गुट में शामिल हो गए हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया है। मदन मित्रा ने अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी में फैसले एक ही व्यक्ति के हाथ में केंद्रित हो गए हैं। उन्होंने इसे “हिटलर जैसी कार्यशैली” बताते हुए आरोप लगाया कि इससे पार्टी कमजोर हो रही है।

वहीं, सुखेंदु शेखर राय ने राज्यसभा की सदस्यता और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया। सुष्मिता देव ने भी राज्यसभा और पार्टी के सभी पद छोड़ दिए, जबकि प्रकाश चिक बारिक ने भी राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। बाद में ये तीनों नेता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। इधर, काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले एक अलग बागी गुट ने दावा किया है कि उसे करीब 19 सांसदों का समर्थन हासिल है। इस गुट ने यह भी संकेत दिया है कि वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का समर्थन कर सकता है।

दावा-खामेनेई के अंतिम संस्कार में विदेश मंत्री को पत्थर मारे:राष्ट्रपति को गालियां दीं; कट्टरपंथियों का आरोप- सरकार अमेरिका के सामने झुकी

अमेरिका के साथ युद्धविराम समझौते के बाद ईरान के भीतर राजनीतिक टकराव खुलकर सामने आ गया है। राष्ट्रपति मसूद पजशकियान, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ पर अब ईरान के कट्टरपंथी धड़े ‘सॉफ्ट कूप’ यानी बिना हथियारों के सत्तापलट करने का आरोप लगा रहे हैं। कट्टरपंथियों का कहना है कि इन नेताओं ने अमेरिका से समझौता करके ईरान के सिद्धांतों से समझौता किया है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सप्ताह तेहरान में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान यह नाराजगी खुलकर दिखाई दी। राष्ट्रपति मसूद पजशकियान जब खामेनेई के ताबूत के साथ चल रहे थे, तब काले कपड़े पहने कुछ लोगों ने राष्ट्रपति के खिलाफ नारे लगाए। वहीं, अंतिम संस्कार स्थल से कुछ दूरी पर विदेश मंत्री अब्बास अराघची पर पत्थर फेंके गए और उन्हें देश बेचने वाला गद्दार कहा गया। हालात इतने बिगड़ गए कि उन्हें वहां से भागना पड़ा। कट्टरपंथियों का आरोप- अमेरिका के सामने सरकार झुक गई CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, कट्टरपंथी गुटों का मानना है कि अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने के बजाय सरकार ने अमेरिका के सामने झुककर समझौता कर लिया। उनका कहना है कि यह समझौता नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के आदेशों के खिलाफ किया गया। मुजतबा खामेनेई अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। उन्होंने न तो देश को संबोधित किया है और न ही खुलकर अपनी सत्ता का प्रदर्शन किया है, जबकि उनके नाम पर सरकार बातचीत भी कर रही है और देश भी चला रही है। कट्टरपंथियों का आरोप है कि मुजतबा की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर मौजूदा सरकार अपनी ताकत बढ़ाने में लगी है। उनका दावा है कि वे संसद को कमजोर करना चाहती है। मुजतबा खामेनेई के लगातार सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने के कारण राष्ट्रपति मसूद पजशकियान, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची युद्ध के बाद ईरान के सबसे प्रमुख चेहरे बन गए हैं। कट्टरपंथियों की नाराजगी की एक बड़ी वजह यही है। अंतिम संस्कार में जंग का संदेश, कुछ दिन बाद ही टूट गया युद्धविराम ईरान में युद्ध के दौरान राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की लगातार अपील की जा रही थी, लेकिन अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में कट्टरपंथी गुटों का दबदबा साफ दिखाई दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, कट्टरपंथी गुटों ने इस मौके का इस्तेमाल अमेरिका के खिलाफ फिर से युद्ध छेड़ने की मांग उठाने और ट्रम्प सरकार के साथ हुए किसी भी समझौते को पूरी तरह खारिज करने के लिए किया। कट्टरपंथियों की यह इच्छा कुछ ही दिनों बाद पूरी होती नजर आई। इस सप्ताह ईरान और अमेरिका के बीच हुआ नाजुक युद्धविराम लगभग टूट गया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को निशाना बनाकर इस समुद्री मार्ग पर अपना कंट्रोल दिखाने की कोशिश की। इसके जवाब में अमेरिका ने जवाबी हमले किए। राष्ट्रपति को खुलेआम दी गई थी जान से मारने की धमकी युद्ध दोबारा शुरू होने से पहले भी कट्टरपंथी नेता अमेरिका से समझौता करने वाले अधिकारियों पर लगातार हमला बोल रहे थे। ईरानी शासन से जुड़े धार्मिक गायक मोहम्मद अली बख्शी ने एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मसूद पजशकियान को खुलेआम धमकी दी थी। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति महोदय, अगर सुप्रीम लीडर की शर्तें पूरी नहीं हुईं तो हमारी तलवार होगी और आपका गला होगा। हम आपकी जिंदगी को जहन्नुम बना देंगे।” राष्ट्रपति को जान से मारने की इस धमकी की ईरान में काफी आलोचना हुई, लेकिन बख्शी के खिलाफ किसी कानूनी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई। गालिबाफ भी कट्टरपंथियों के निशाने पर कट्टरपंथियों के निशाने पर सिर्फ राष्ट्रपति और विदेश मंत्री ही नहीं हैं। अमेरिका के साथ बातचीत करने वाले मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ भी उनके निशाने पर हैं। गालिबाफ पहले रिवोल्यूशनरी गार्ड्स में कमांडर रह चुके हैं और लंबे समय से ईरान की राजनीति में सक्रिय हैं। कट्टरपंथी सांसद कमरान गजनफारी ने जुलाई की शुरुआत में जारी एक वीडियो मैसेज में आरोप लगाया कि मौजूदा नेतृत्व सर्वोच्च नेता और संसद की भूमिका कमजोर कर रहा है। कट्टरपंथियों को किनारे करने की कोशिश तेज ईरान में करीब चार महीने बाद 14 जुलाई को संसद का विशेष सत्र बुलाया गया। इसमें सत्ता संघर्ष खुलकर सामने आया और अमेरिका के साथ हुए समझौते का विरोध करने वाले दो प्रमुख कट्टरपंथी सांसदों को अहम संसदीय पदों से हटा दिया गया। सबसे पहले अमेरिका से समझौते का सबसे ज्यादा विरोध करने वाले कट्टरपंथी सांसद महमूद नबावियन को संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग (नेशनल सिक्योरिटी कमीशन) से हटा दिया गया। इसके अलावा इसके प्रवक्ता रहे इब्राहिम रेजाई को भी हटा दिया गया। नबावियन पहले अमेरिका के साथ बातचीत करने वाले ईरानी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रह चुके हैं, लेकिन बाद में उन्होंने वार्ता का विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि उन्होंने पिछले महीने समझौते पर हस्ताक्षर होने से पहले उसका मसौदा मीडिया में लीक कर दिया था, ताकि समझौता रुक सके। विशेषज्ञ बोले- सरकार कट्टरपंथियों का असर कम करना चाहती है एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान की मौजूदा सरकार अब इन कट्टरपंथी गुटों का प्रभाव कम करने की कोशिश कर रही है। हामिदरेजा अजीजी ने CNN से कहा, “हम देख रहे हैं कि गालिबाफ इन कट्टरपंथी नेताओं को धीरे-धीरे किनारे कर रहे हैं। ये लोग अब व्यवस्था के लिए बोझ बन चुके हैं और देश में अस्थिरता बढ़ने के साथ अपनी आपसी लड़ाई भी खुलकर सामने ला रहे हैं।” हालांकि इन कट्टरपंथियों की संख्या ज्यादा नहीं है, लेकिन संसद और सरकारी न्यूज एजेंसीज आईआरआईबी (IRIB) जैसे कई प्रभावशाली संस्थानों में उनकी मजबूत पकड़ है। इनकी वास्तविक राजनीतिक ताकत कितनी है, यह साफ नहीं है। इस धड़े के प्रमुख नेता और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख सईद जलीली को 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में 1.3 करोड़ से ज्यादा वोट मिले थे। वे चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे थे। ईरान की कुल आबादी करीब 9.3 करोड़ है। ट्रम्प ने कहा था- ईरान भीतर से बंटा हुआ है युद्ध और कूटनीतिक बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कई बार कह चुके हैं कि ईरान का नेतृत्व गंभीर अंदरूनी मतभेदों से जूझ रहा है और यही किसी समझौते में सबसे बड़ी बाधा है। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार और कट्टरपंथियों के बीच मतभेद जरूर हैं, लेकिन पूरे शासन की प्राथमिकता अब भी एक जैसी है। उनका लक्ष्य ऐसा समझौता करना है जिससे युद्ध खत्म हो, ईरान को प्रतिबंधों से राहत मिले और होर्मुज स्ट्रेट पर उसका प्रभाव भी बना रहे। अमेरिका से फिर जंग चाहते हैं कट्टरपंथी CNN के अनुसार, मुजतबा खामेनेई का लगातार सार्वजनिक रूप से सामने न आना, युद्धविराम को लेकर उनका सीमित समर्थन, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का बढ़ता प्रभाव और अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में जुटी भारी भीड़ ने कट्टरपंथियों का मनोबल बढ़ा दिया है। अब वे अमेरिका और इजराइल के खिलाफ युद्ध जारी रखने की खुलकर मांग कर रहे हैं। ईरान के पूर्व विदेश मंत्री और कट्टरपंथी नेता मनूचेहर मुत्ताकी ने बुधवार को एक टीवी इंटरव्यू में कहा, मेरा सुझाव है कि हम क्षेत्र में मौजूद अमेरिका के किसी सैन्य अड्डे पर जाएं, जहां सैकड़ों या शायद हजारों अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं। अगर हम उनमें से 100 सैनिकों को पकड़कर ईरान ले आएं, तो इतना ही काफी होगा। यह बयान दिखाता है कि अमेरिका के साथ हुए समझौते के बावजूद ईरान के भीतर सत्ता संघर्ष खत्म नहीं हुआ है। एक तरफ सरकार कूटनीतिक रास्ते से प्रतिबंधों में राहत और युद्ध खत्म करने की कोशिश कर रही है, वहीं कट्टरपंथी धड़े अब भी अमेरिका और इजराइल के खिलाफ टकराव की नीति पर अड़े हुए हैं। इससे आने वाले समय में ईरान की आंतरिक राजनीति और विदेश नीति दोनों पर बड़ा असर पड़ सकता है। —————————– ईरान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका का लगातार सातवीं रात ईरान पर हमला:भारत के निवेश वाले चाबहार पोर्ट पर अटैक; ईरान ने कतर-कुवैत पर दागीं मिसाइलें अमेरिका ने शनिवार को लगातार सातवीं रात ईरान पर एयरस्ट्राइक की। इन हमलों में पुल, एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और भारत के निवेश वाले चाबहार पोर्ट का एक कंट्रोल (निगरानी) टावर निशाना बना। जवाब में ईरान ने कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन की ओर मिसाइलें दागीं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों की जगह है जेल या जहन्नुम में : योगी

Yogi Bulandshahr visit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भय, दहशत और असुरक्षा का माहौल था। उस समय बुलंदशहर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दंगे होते थे और कर्फ्यू लगता था। उस दौर में बेटियां और व्यापारी स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे तथा कई परिवारों ने अपनी बेटियों की पढ़ाई तक बंद करा दी थी। पहले हर जिले में माफिया और हर थाने में वसूली का सिंडिकेट सक्रिय था। गरीबों को न्याय नहीं मिलता था, महिलाओं की सुरक्षा नहीं थी और व्यापारियों को भय के माहौल में काम करना पड़ता था। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। अब यहां सब चंगा है। सरकार ने माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने दोहराया कि माफिया को मिट्टी में मिलाएंगे और ऐसा करके दिखाया गया। बेटी और व्यापारी की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए केवल दो ही जगह हैं-जेल या जहन्नुम।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बुलंदशहर व सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्र में 574 करोड़ से अधिक की 57 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/ शिलान्यास किया। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को लैपटॉप/चेक/ चाबी/थर्मल प्रिंटर/आयुष्मान कार्ड/छात्रवृत्ति/सब्सिडी/टूलकिट एवं प्रमाण पत्र वितरित किए। इससे पहले प्रदर्शनी का अवलोकन करने के दौरान सीएम ने छोटे बच्चों को खिलौना देकर दुलार किया।

गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से मिलेगी नई रफ्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर भी पूरी तरह बदल चुका है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान जब वह बुलंदशहर आए थे, तब यहां भय और दहशत का माहौल था, लेकिन आज बुलंदशहर निर्भय होकर विकास की प्रक्रिया से मजबूती के साथ जुड़ चुका है। देश का सबसे बड़ा गंगा एक्सप्रेसवे बुलंदशहर से होकर गुजर रहा है, जिससे प्रयागराज तक की यात्रा करीब पांच घंटे में पूरी होगी। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों की मांग पर गंगा एक्सप्रेसवे को जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे को भी स्वीकृति दे दी गई है। किसानों के मुआवजे में बढ़ोतरी की मांग को भी सरकार ने स्वीकार किया है।

बुलंदशहर और जेवर एयरपोर्ट की दूरी वॉकिंग डिस्टेंस जैसी महसूस होगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी के साथ बुलंदशहर औद्योगीकरण के नए युग में प्रवेश करेगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट का संचालन शुरू हो चुका है और यह केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की समृद्धि का आधार बनने जा रहा है। करीब 14 हजार एकड़ में विकसित हो रहा यह एयरपोर्ट एयरक्राफ्ट रिपेयर एंड मेंटिनेंस (एमआरओ) का बड़ा केंद्र बनने के साथ-साथ कार्गो संचालन तथा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए उत्कृष्ट एयर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद बुलंदशहर और जेवर एयरपोर्ट के बीच की दूरी इतनी कम हो जाएगी कि वह वॉकिंग डिस्टेंस जैसी महसूस होगी। उन्होंने बताया कि हाल ही में जनप्रतिनिधियों ने बुलंदशहर के लिए रिंग रोड की मांग रखी थी। उसी समय प्रस्ताव को तत्काल आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया था और अब यह बताते हुए प्रसन्नता है कि रिंग रोड का प्रस्ताव भी स्वीकृत हो चुका है।

बुलंदशहर की पहचान, जय जवान और जय किसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बुलंदशहर में विकास, सुरक्षा और समृद्धि एक साथ दिखाई देती है। खुर्जा की क्रॉकरी को वैश्विक पहचान मिली है, युवाओं को छात्रवृत्ति और रोजगार मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वह श्रद्धेय रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर से आ रहे हैं और बुलंदशहर देश को सबसे अधिक सैनिक देने वाले जनपदों में शामिल है। यहां लगभग हर गांव में पूर्व सैनिक या सैन्य अधिकारी मिल जाएंगे, इसलिए बुलंदशहर में 'जय जवान, जय किसान' का भाव साकार होता है।

मोबाइल निर्माण और उद्योग में यूपी नंबर वन

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बुलंदशहर में बाबू जी के नाम पर कल्याण सिंह मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुका है। खुर्जा की क्रॉकरी और क्षेत्र के गन्ना किसानों की पहचान अब बेहतर कनेक्टिविटी के साथ देश-दुनिया तक पहुंचेगी। जेवर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के साथ इंटरनेशनल फिल्म सिटी, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, टॉय पार्क, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी और फिनटेक सिटी का भी विकास किया जा रहा है, जिसका सबसे अधिक लाभ बुलंदशहर को मिलेगा। उत्तर प्रदेश आज मोबाइल निर्माण में देश में पहले स्थान पर है। देश में बनने वाले 55 प्रतिशत मोबाइल फोन और 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहे हैं। प्रदेश चीनी मिलों के संचालन, गन्ना उत्पादन और इथेनॉल उत्पादन में भी देश में नंबर एक है।

बॉटम से टॉप पर पहुंचा उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पिछड़े राज्यों में गिना जाता था, लेकिन आज प्रदेश विकास और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अग्रणी बन चुका है। उन्होंने कहा कि पहले यूपी की पहचान टूटी सड़कों और अंधेरे से होती थी, जबकि अब यहां ग्लोबल स्टैंडर्ड के एक्सप्रेसवे और बेहतर आधारभूत ढांचा विकसित हुआ है। बेहतर सड़क और एक्सप्रेसवे केवल यात्रा का समय कम नहीं करते, बल्कि विकास और समृद्धि की गति भी बढ़ाते हैं। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से अर्थव्यवस्था तेज होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और प्रदेश नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा।

 

बुलंदशहर के किसानों ने सरकार पर भरोसा करते हुए विकास परियोजनाओं के लिए अपनी जमीन दी। सरकार ने किसानों से किया गया वादा निभाते हुए उनका मुआवजा बढ़ाया है और बढ़ी हुई राशि उपलब्ध कराई जा रही है। बुलंदशहर की जनता ने लोकसभा की दोनों सीटों और सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा को समर्थन दिया है। बुलंदशहर की जनता का हम पर बहुत बड़ा कर्ज है और हम विकास कार्यों के माध्यम से उसे ब्याज सहित चुकाने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं।

देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है यूपी 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने युवाओं से वादा किया था कि उनकी नौकरियों में कोई सेंध नहीं लगाएगा। आज सरकारी भर्तियां पूरी पारदर्शिता से हो रही हैं और बुलंदशहर के युवा भी नियुक्ति पत्र प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि अब किसी की सिफारिश या पैसे के आधार पर नियुक्ति नहीं होती और युवाओं के अधिकारों पर कोई डाका नहीं डाल सकता। प्रदेश में मुख्यमंत्री युवा योजना के माध्यम से युवा अपना उद्यम स्थापित कर रहे हैं। वहीं वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के जरिए पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान मिल रही है।

 

प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश लगातार पहले या दूसरे स्थान पर रहता है। प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे लाखों युवाओं के लिए रोजगार और नौकरी के अवसर बन रहे हैं।

टीम वर्क और डबल इंजन सरकार की गति का परिणाम है कि विकास हो रहा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास टीम वर्क और डबल इंजन सरकार की गति का परिणाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश विरासत और विकास की यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। वर्ष 2017 से पहले की सरकारों के पास जनता, किसानों, महिलाओं, युवाओं और व्यापारियों के लिए समय और संवेदनशीलता नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों को राशन, आवास, स्वास्थ्य बीमा और रसोई गैस जैसी योजनाओं का लाभ पहले भी दिया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। आज प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और उज्ज्वला जैसी योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच रहा है।

बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2007 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में 29 चीनी मिलें बंद हुईं और 21 चीनी मिलों को औने-पौने दाम पर बेच दिया गया। वर्तमान सरकार बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने की दिशा में काम कर रही है और उन्हें पुनर्जीवित किया जा रहा है। डबल इंजन की भाजपा सरकार ने गन्ना किसानों और अन्नदाता किसानों के उत्थान के लिए लगातार काम किया है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

पिछली सरकारों ने किसानों और युवाओं का शोषण किया

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने किसानों, युवाओं, महिलाओं और व्यापारियों के हितों की अनदेखी की। किसानों और युवाओं का शोषण किया गया, महिलाओं की सुरक्षा से समझौता हुआ और व्यापारियों व उद्यमियों को भय के माहौल में काम करना पड़ा। इन परिस्थितियों के कारण उत्तर प्रदेश कभी बीमारू राज्यों की श्रेणी में पहुंच गया था, लेकिन अब प्रदेश उस स्थिति से बाहर निकल चुका है।

विकसित भारत के साथ विकसित उत्तर प्रदेश का संकल्प

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश विरासत और विकास के समन्वय का उदाहरण बन चुका है। विकसित भारत के साथ विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लेकर सरकार आगे बढ़ रही है और इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनता के आशीर्वाद की आवश्यकता है। केवल बुलंदशहर सदर और सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्रों में ही लगभग पौने छह सौ करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जा रहा है। इसके अलावा जिले और क्षेत्र में अनेक अन्य विकास परियोजनाएं पहले से संचालित हैं।

सरकार संवाद, समन्वय और समृद्धि के मॉडल पर कार्य कर रही

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार संवाद, समन्वय और समृद्धि के मॉडल पर कार्य कर रही है। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार सुरक्षा और सुशासन का ऐसा मॉडल देगी, जिसकी कोई तुलना नहीं होगी और जो रामराज्य की अवधारणा को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। बुलंदशहर की जनता ने अच्छे जनप्रतिनिधि चुने हैं, जो क्षेत्र की समस्याओं और विकास योजनाओं को लखनऊ और दिल्ली तक प्रभावी ढंग से पहुंचा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि क्षेत्र को लगातार नई विकास परियोजनाओं की सौगात मिल रही है। सीएम ने बुलंदशहर सदर, सिकंदराबाद और जिले के सभी नागरिकों को विकास परियोजनाओं के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। 

लाभार्थियों को वितरित किए गए चेक/लैपटॉप/ स्वीकृत पत्र और चाबी 

  • पूजा शर्मा (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत 4 लाख 25 हजार का चेक)
  • राजकुमार वर्मा (4 लाख का चेक)
  • महेंद्र प्रताप (टूल किट)
  • कविता शर्मा (राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 33 करोड़ 60 हजार का चेक)
  • गीता रानी (विद्युत बिल संग्रहण के लिए थर्मल प्रिंटर)
  • ऋषि पाल (कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 24 लाख रुपए का अनुदान व चाबी)
  • अजय चौधरी (फार्म मशीनरी बैंक की चाबी) 
  • श्याम कुमार (5 लाख रुपए का आयुष्मान कार्ड)
  • मीनाक्षी (छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र)
  • तनुज शर्मा (मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लैपटॉप)
  • डॉली (मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लैपटॉप)
  • पूजा शर्मा (प्रधानमंत्री आवास योजना शहरीय के लिए स्वीकृत पत्र)
  • पूरन गुप्ता (प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वनिध योजना के अंतर्गत 50 हजार का चेक)
  • हेमलता (मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए चाबी)
  • कपिल चौधरी (मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के 4 लाख 80 हजार रुपए से अधिक का चेक)

ये रहे मौजूद 

इस अवसर पर राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर, राज्य सभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर, सांसद महेश शर्मा, सांसद डॉ. भोला सिंह, विधायक प्रदीप चौधरी, विधायक लक्ष्मी राज सिंह, विधायक देवेंद्र सिंह लोधी, विधायक मीनाक्षी सिंह, विधायक संजय शर्मा, विधायक सीपी सिंह, विधान परिषद सदस्य नरेंद्र भाटी, विधान परिषद के सदस्य श्रीचंद्र शर्मा क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, जिलाध्यक्ष विकास चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अंतुल तेवतिया आदि मौजूद रहे।