Duleep Trophy में वैभव का गेंद से कमाल 4 गेंदों में झटके 2 विकेट (Video)

बिहार के वैभव सूर्यवंशी आईसीसी टूर्नामेंट्स और इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं लेकिन दिलीप ट्रॉफी में उन्होंने दिखाया कि वह गेंद से भी उतना ही कमाल कर सकते हैं। ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यंवशी ने आज दलीप ट्रॉफी क्वार्टरफाइनल में नॉर्थ इस्ट जोन के खिलाफ 4 गेंदों में 2 विकेट चटकाए। उन्होंने नॉर्थ ईस्ट के किशन को 25 रनों पर और इमलिवती को 4 रनों पर आउट किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

15 साल के इस खिलाड़ी के लिए यह सीज़न शानदार रहा है। इस उभरते हुए बल्लेबाज ने इंग्लैंड में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13 और 15 रन बनाए। इनमें से दो पारियों में सूर्यवंशी जोफ्रा आर्चर की शॉर्ट गेंद पर आउट हुए। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़’ चुने गए।

हालांकि इस 15 वर्षीय खिलाड़ी ने बिहार के लिए आठ प्रथम श्रेणी मैचों की 12 पारियों 17 से अधिक के औसत से रन बनाए हैं जो कि आकर्षक नहीं हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 93 रन है।ईस्ट ज़ोन ने एक मज़बूत टीम चुनी है जिसमें कई अनुभवी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं। चुने गए प्रमुख खिलाड़ियों में भारत के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी, बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन, तेज़ गेंदबाज़ मुकेश कुमार, ऑलराउंडर शाहबाज़ अहमद और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र शामिल हैं।

कभी भारत की टीम में जगह बनाने की चाह रखने वाले खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण टूर्नामेंट रहे दलीप ट्रॉफी अब महज बीसीसीआई के कैलेंडर में एक और टूर्नामेंट बनकर रह गया है क्योंकि अधिकतर खिलाड़ी टेस्ट टीम में जगह बनाने की दौड़ में नहीं हैं।

रणजी ट्रॉफी की तरह ही दलीप ट्रॉफी भी भारत ए की टीम में जगह बनाने का जरिया रह गया है। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सितंबर के आखिर और अक्टूबर की शुरुआत में पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए टीम के खिलाफ होने वाले दो चार दिवसीय ‘टेस्ट’ मैचों के लिए दावेदार हो सकते हैं।

भारत बनाम अफगानिस्तान सीरीज के कार्यक्रम में हो सकता है यह फेरबदल

अगले महीने अफ़गानिस्तान और भारत के बीच होने वाली तीन मैचों की T 20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ की तारीखों में बदलाव की कोशिश हो रही है। मैचों को रीशेड्यूल करने का कोई औपचारिक फ़ैसला अभी तक नहीं लिया गया है, लेकिन अफ़गानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के बीच बातचीत चल रही है। एसीबी शेड्यूल को कुछ दिन पहले करने की कोशिश कर रहा है, जिसमें 14 सितंबर (गणेश चतुर्थी के दिन) को एक मैच कराने की संभावना भी शामिल है।

ये तीन मैच मूल रूप से 13, 15 और 17 सितंबर को होने थे, लेकिन पता चला है कि बीसीसीआई को इन्हें 11, 13 और 14 सितंबर को कराने का अनुरोध मिला है, ताकि उन तारीखों के आस-पास भारत में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों का ध्यान रखा जा सके। माना जा रहा है कि एसीबी ने बीसीसीआई को यह प्रस्ताव देते समय अपने स्टेकहोल्डर्स के अनुरोध का भी हवाला दिया है।

माना जा रहा है कि उन्होंने तर्क दिया है कि बदले हुए शेड्यूल पर मैच कराने से – जिसमें त्योहार के दिन का मैच भी शामिल है – व्यूअरशिप और स्टेडियम में दर्शकों की संख्या पर सकारात्मक असर पड़ेगा। नई दिल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम तीनों मैचों की मेज़बानी करेगा। यह एक अभूतपूर्व सीरीज़ है – पहली बार अफ़गानिस्तान भारत में ही भारत की मेज़बानी करेगा (हालांकि मैच भारत में ही हो रहे हैं)।

एसीबी अधिकारियों और सीरीज़ से जुड़े स्टेकहोल्डर्स का मानना है कि बीसीसीआई इस अनुरोध को मान सकता है। बांग्लादेश के ख़िलाफ़ सीरीज़ के रद्द होने की संभावना के कारण, श्रीलंका में टेस्ट सीरीज़ (27 अगस्त) के समापन और एशियाई खेलों (24 सितंबर) की शुरुआत के बीच भारतीय टीम के पास खाली समय है। दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए), जो इन मैचों की मेज़बानी करेगा, ने कहा कि उसे किसी भी बदले हुए प्लान के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

जून में, भारत ने अफ़गानिस्तान के साथ एक टेस्ट और तीन मैचों की वनडे सीरीज़ खेली थी। आने वाली टी 20 सीरीज़ से दोनों टीमों के बीच तीनों फ़ॉर्मेट में मुकाबले पूरे हो जाएंगे। बीसीसीआई सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने पिछली तारीखों की घोषणा करते हुए कहा था, “हमने हाल ही में जून में अफ़गानिस्तान के साथ टेस्ट और वनडे सीरीज़ खेली थी, और इस टी 20 सीरीज़ के साथ ही दोनों टीमें तीनों फ़ॉर्मेट में एक-दूसरे के ख़िलाफ़ खेल चुकी होंगी।”

खतरे में चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर की कुर्सी? ये वर्ल्ड कप विनिंग खिलाड़ी ले सकता है जगह

भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है। वहीं बीसीसीआई अभी तक कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। ऐसा कहा जा रहा है कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए बीसीसीआई कार्यकाल को बढ़ा सकती है। फिलहाल उनके भविष्य को लेकर स्थिति साफ नहीं है और चयन के फैसलों को लेकर उन पर दबाव भी है। इसी बीच भारत के 2011 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य और पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान को मुख्य चयनकर्ता बनाए जाने की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा कि, वह मौजूदा मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की जगह ले सकते हैं। फिलहाल इस बदलाव को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

बीसीसीआई में हुई थी चर्चा

चयन समिति के कुछ फैसलों को लेकर बीसीसीआई में चर्चा हुई है। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी सवाल उठे थे। खबरें थीं कि 2027 वर्ल्ड कप के लिए टीम रोहित से आगे की सोच रही है और लॉर्ड्स वनडे उनका आखिरी मैच हो सकता है। लेकिन बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इन खबरों को गलत बताया था। उन्होंने कहा था कि रोहित को लेकर ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है और वह टीम की योजना का हिस्सा बने रहेंगे।

श्रीलंका टेस्ट सीरीज के बाद होगा फैसला

द टेलीग्राफ के मुताबिक, अजीत अगरकर का आगे का सफर श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम के प्रदर्शन से जुड़ा हो सकता है। दो मैचों की ये सीरीज शनिवार से शुरू हो चुकी है। टेस्ट क्रिकेट में भारत के हालिया खराब प्रदर्शन को लेकर चयन समिति पर भी सवाल उठे हैं। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में मिली हार ने टीम की मुश्किलें बढ़ाई हैं और इसका असर अगरकर के भविष्य पर भी पड़ सकता है।

जहीर खान बन सकते हैं सेलेक्टर्स

रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई में चयन समिति के नेतृत्व में बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है। अगर अजीत अगरकर की जगह नया मुख्य चयनकर्ता नियुक्त किया जाता है, तो पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान भी दावेदारों में शामिल हो सकते हैं। जहीर को क्रिकेटरों को तैयार करने का अच्छा अनुभव है। वह आईपीएल में मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ काम कर चुके हैं और बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से भी जुड़े रहे हैं।

पहले मुख्य सेलेक्टर्स के पद के लिए बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण का नाम भी चर्चा में था। लेकिन, रिपोर्ट के मुताबिक लक्ष्मण इस बड़ी जिम्मेदारी को लेने के इच्छुक नहीं हैं। इसके बजाय उन्हें बोर्ड में ‘क्रिकेट डायरेक्टर’ की भूमिका देने पर विचार किया जा सकता है।

40 एकड़ की जमीन पर बने Centre of Excellence में है 3 क्रिकेट ग्राउंड 40 नेट पिच, 16 हजार Sq Ft का जिम (Video)

बीते कुछ दिनों में बैंगलूरू स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस अच्छी खबरों में नहीं रहा है। जिन खिलाड़ियों को फिटनेस सर्टिफिकेट बांटे जाते हैं वह मैदान पर आकर अनफिट हो जाते हैं। लेकिन 9 अगस्त को  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 2 साल पूरे किए और क्रिकेटर्स को दी जाने वाली तमाम सुविधाएं ही इसकी उपलब्धि है। इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 3 बड़े क्रिकेट ग्राउंड है जिसमें अंतरराष्ट्रीय अभ्यास मैच हो चुके हैं। 40 नेट पिच और 33 सेंटर विकेट्स हैं। 8 लेन का इनडोर प्रेक्टिस एरिया है और 16 हजार Sq Ft का जिम है।इसका वीडियो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर अपलोड किया।

बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मीडिया से बातचीत में सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, ‘‘उन्होंने बीसीसीआई की शीर्ष परिषद के सभी सदस्यों को साथ लिया और दृढ़ निर्णय किया कि इस परिसर का निर्माण युद्धस्तर पर किया जाना चाहिए। हमें राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी की पुरानी और अस्थायी व्यवस्था से आगे बढ़ने की जरूरत थी।’’ काम शुरू करने के लिए जरूरी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए शाह कई बार व्यक्तिगत रूप से यहां आए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई बड़ी परियोजना शुरू करनी होती है तो कई नियमों का पालन करना पड़ता है। इसके अलावा जमीन को नियमित कराना भी जरूरी था। इन सभी कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए जय कई मौकों पर खुद यहां आए।’’ यह सबसे बड़ी चुनौती थी, क्योंकि 40 एकड़ की यह जमीन लंबे समय से खाली पड़ी थी और कई लोग इसे वापस लेना चाहते थे। इसलिए 14 फरवरी 2022 को काम शुरू होने से पहले हर चीज को मंजूरी दिलाना जरूरी था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ बदलाव का दौर चुनौतीपूर्ण था। उस समय रोजर बिन्नी अध्यक्ष थे और हमने वीवीएस लक्ष्मण की भी मदद ली, जो उस समय इस पूरी योजना का हिस्सा बन चुके थे।’’

लक्ष्मण ने भी उस लंबे सफर को याद किया, जिसके लिए वह हैदराबाद से बेंगलुरु आए थे। उन्होंने बताया कि 2021 में जय शाह और तत्कालीन बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने उनसे संपर्क किया था। उस समय राहुल द्रविड़ भारतीय टीम के मुख्य कोच बनने जा रहे थे और बोर्ड राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में निरंतरता बनाए रखना चाहता था।

लक्ष्मण ने कहा, ‘‘मेरे लिए यह कठिन फैसला था। लेकिन एक क्रिकेटर के तौर पर मेरा हमेशा मानना रहा है कि जिन पूर्व खिलाड़ियों को इस महान खेल से लाभ मिला है, उनकी जिम्मेदारी है कि वे खेल के लिए अपना योगदान वापस दें। इसी सोच के साथ मैं दिसंबर 2021 में बेंगलुरु आ गया।’’ पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने पूरी परियोजना के दौरान शाह के मार्गदर्शन को याद करते हुए कहा, ‘‘करीब दो साल के भीतर पूरा बुनियादी ढांचा तैयार होकर काम करने लगा। इसका बड़ा श्रेय जय शाह को जाता है। वह उस समय बीसीसीआई सचिव थे और मैंने खुद देखा कि वह आर्किटेक्ट और L&T की टीम के साथ होने वाली हमारी विभिन्न बैठकों में कितनी दिलचस्पी लेते थे। उनका प्रयास रहता था कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हर पहलू का ध्यान रखा जाए।’’

लक्ष्मण ने कहा, ‘‘यह देखकर अच्छा लगता है कि जो दृष्टिकोण था, उसे हकीकत में बदला गया। मेरा मानना है कि सभी नेतृत्व करने वालों के पास विजन होता है, लेकिन वह विजन तभी सार्थक होता है जब उसे वास्तविकता में बदला जाए। हमने नवंबर 2024 में उस विजन को वास्तविकता के रूप में देखा।’

2 साल बाद सरफराज खान की ऐसे हुई भारतीय टेस्ट टीम में एंट्री

 

INDvsSL भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ के लिए चोटिल बी साई सुदर्शन की जगह सरफ़राज़ ख़ान को टीम में शामिल किया गया है। सुदर्शन फ़िलहाल सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में हैं और दाहिने अंगूठे में लगी चोट से उबर रहे हैं। बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी निगरानी कर रही है।

सरफ़राज़ गॉल में 15 अगस्त से शुरू होने वाले पहले टेस्ट से पहले भारतीय दल से जुड़ेंगे। इससे पहले 28 वर्षीय सरफ़राज़ को 2024-25 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफ़ी के लिए भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया था। हालांकि उन्हें उस दौरे पर कोई मैच खेलने का मौक़ा नहीं मिला था। इसके बाद से वह भारतीय टीम से बाहर रहे। उन्होंने अपना आख़िरी टेस्ट मैच नवंबर 2024 में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ खेला था।

हालांकि इस बात की काफ़ी संभावना है कि उन्हें श्रीलंका के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट की प्लेइंग XI में मौक़ा शायद न मिले। तीन दिवसीय अभ्यास मैच से पहले शुभमन गिल की उंगली में हल्की चोट लगी थी, जिसके कारण वह पहली पारी में बल्लेबाज़ी नहीं कर पाए थे, लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने बल्लेबाज़ी की। वहीं, चोटिल साई सुदर्शन की अनुपस्थिति में तीसरे नंबर पर बल्लेबाज़ी करते हुए देवदत्त पड़िक्कल ने एसएलसी XI के ख़िलाफ़ नाबाद 142 रनों की धुआंधार पारी खेली। इसके बाद तीसरे नंबर पर उन्हें मौक़ा मिलने की संभावना काफ़ी बढ़ गई है।

सुदर्शन के अलावा भारत इस सीरीज़ में जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, नीतीश कुमार रेड्डी और आकाश दीप की सेवाओं से भी वंचित रहेगा। वहीं, वॉशिंगटन सुंदर कम से कम पहले टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं हैं।

दो मैचों की यह टेस्ट सीरीज़ 15 अगस्त से गॉल में शुरू होगी, जबकि दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के एसएससी मैदान पर खेला जाएगा। यह सीरीज़ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) का हिस्सा है, जिसमें भारत नौ मैचों में चार जीत और चार हार के साथ फ़िलहाल पांचवें स्थान पर है।

श्रीलंका टेस्ट सीरीज़ के लिए भारतीय दल : शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), सरफ़राज़ ख़ान, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पड़िक्कल और सारांश जैन।

वीवीएस लक्ष्मण बनने वाले थे टीम इंडिया के हेड कोच, इस वजह से ठुकराया था ऑफर

पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने हाल ही में बताया कि जय शाह ने उन्हें भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव दिया था। लक्ष्मण ने बताया कि, वह इस जिम्मेदारी को संभालना चाहते थे, लेकिन कुछ पर्सनल रीजन की वजह से टीम से जुड़ने से मना कर दिया था। वहीं राहुल द्रविड़ के के बाद गौतम गंभीर टीम के मुख्य कोच बने। गंभीर 2027 तक टीम के हेड कोच बने रहेंगे।

लक्ष्मण ने क्या कहा

लक्ष्मण ने ये नहीं बताया कि उन्हें मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव किस समय मिला था। लेकिन ऐसा माना जा रहा कि ये 2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद की बात है, जब राहुल द्रविड़ का कार्यकाल खत्म होने वाला था। उस समय द्रविड़ आगे भी कोच बने रहने को लेकर तैयार नहीं थे। बाद में BCCI ने उनका कार्यकाल 2024 टी20 वर्ल्ड कप तक बढ़ा दिया। भारत ने द्रविड़ की कोचिंग में यह टूर्नामेंट जीतकर लंबे समय बाद ICC ट्रॉफी अपने नाम की।

पर्सनल वजह से नहीं लिया पद

वीवीएस लक्ष्मण ने रविवार को कहा, “2023 में, मुझे हेड कोच बनना था।” उन्होंने आगे कहा, “पर्सनल वजहों से मैं यह काम नहीं कर पाया। मैं दो बार जय शाह से बात करने गया। वह मेरी वजहें समझ गए। जय और BCCI ने मुझे जो आजादी दी है, अपने विजन के साथ काम करने की, वह देवजीत और दूसरे अधिकारियों के साथ भी जारी है।” लक्ष्मण ने कहा कि हेड कोच बनने के बजाय उन्होंने बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के चेयरमैन का पद संभालने का फैसला किया, जो पहले राहुल द्रविड़ के पास था। उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाने का फैसला किया।

दो साल का लिया एक्सटेंशन

उन्होंने आगे कहा, “मैंने दो साल के लिए एक्सटेंशन लिया और BCCI से वादा किया कि मैं यहां हेड कोच का पद नहीं ले रहा हूं। लेकिन मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को बेहतर बनाऊं, इसके लिए सही स्ट्रक्चर, प्रोसेस और प्रोटोकॉल तैयार करूं, ताकि आगे बढ़ने से पहले यहां एक मजबूत व्यवस्था बन सके।”

गौतम गंभीर बने भारत के कोच

राहुल द्रविड़ ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच का पद छोड़ दिया था। इसके बाद वीवीएस लक्ष्मण का नाम एक बार फिर इस पद के लिए चर्चा में आया। लेकिन, उस समय BCCI ने गौतम गंभीर को मुख्य कोच की जिम्मेदारी सौंपी। गंभीर इससे पहले IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स के मेंटर थे और उनकी अगुवाई में टीम ने खिताब जीता था। इसके बाद गंभीर के कार्यकाल में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप भी जीता।

IND vs SL: टीम इंडिया में फिर हुई सरफराज खान की वापसी, इस खिलाड़ी की जगह मिला मौका

IND vs SL: भारत और श्रीलंका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से खेला जाएगा। वहीं इस मैच से पहले भारत के कई खिलाड़ी चोट की वजह से टीम से बाहर हो गए हैं। चोट की वजह से जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन सीरीज से बाहर हो गए हैं। वहीं BCCI ने साई सुदर्शन की जगह चोटिल खिलाड़ी के नाम का ऐलान कर दिया है। दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए चोटिल साई सुदर्शन की जगह मुंबई के बल्लेबाज सरफराज खान को टीम में शामिल किया है। BCCI ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ये जानकारी दी है।

बीसीसीआई ने क्या कहा

BCCI ने एक बयान में कहा, “साई सुदर्शन श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। साई बेंगलुरु में BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में थे। दाएं पैर के अंगूठे में चोट के कारण वह बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इलाज और रिकवरी कर रहे थे। उनकी हालत में अब काफी सुधार है और वह तेजी से ठीक हो रहे हैं। BCCI की मेडिकल टीम लगातार उनकी फिटनेस पर नजर बनाए हुए है। पुरुषों की सिलेक्शन कमेटी ने श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए साई सुदर्शन की जगह सरफराज खान को चुना है। वह 15 अगस्त 2026 से शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच के लिए टीम के गॉल रवाना होने से पहले कोलंबो में भारतीय टीम से जुड़ेंगे।”

कब लगी थी साई को चोट

जुलाई में इंडिया A के श्रीलंका दौरे के दौरान साई सुदर्शन के पैर के अंगूठे में चोट लग गई थी। इसके बाद से वह बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब कर रहे हैं। शुरुआत में उम्मीद थी कि वह टेस्ट सीरीज शुरू होने तक पूरी तरह फिट हो जाएंगे, लेकिन उनकी रिकवरी में थोड़ा ज्यादा समय लग गया और वह सीरीज से बाहर हो गए।

सरफराज ने कब खेला था आखिरी मैच

सरफराज खान ने भारत के लिए अपना आखिरी टेस्ट मैच 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। तीन मैचों की उस सीरीज में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और दूसरे टेस्ट में अपने करियर का पहला शतक लगाया था। लेकिन, इसके बाद उन्हें टीम में खेलने का ज्यादा मौका नहीं मिला। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2024-25 की पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में वह टीम में शामिल तो थे, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली और बाद में वह टीम से बाहर हो गए।

India vs Sri Lanka: श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया को लगा बड़ा झटका, जसप्रीत बुमराह के बाद ये खिलाड़ी हुआ बाहर

भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। चोट की वजह से बाएं हाथ के बल्लेबाज बी साई सुदर्शन इस सीरीज से बाहर हो गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, साई सुदर्शन के पैर के अंगूठे में चोट लगी है और वह अभी पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं। श्रीलंका के खिलाफ दोनों टेस्ट मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से हो रही है। बीसीसीआई ने साई सुदर्शन के रिप्लेसमेंट प्लेयर का ऐलान नहीं किया है। वहीं इससे पहले जसप्रीत बुमराह चोट की वजह से श्रीलंका सीरीज से बाहर हो गए हैं।

साई सुदर्शन ने जून में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट की पहली पारी में 81 रन की महत्वपूर्ण पारी भी खेली थी। साई को श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारत की 15 सदस्यीय टीम में जगह दी गई थी। लेकिन टीम में उनका शामिल होना पूरी तरह फिट होने और फिटनेस टेस्ट पास करने पर निर्भर था।

साई नहीं पहुंचे कोलंबो

साई सुदर्शन 4 अगस्त को भारतीय टीम के बाकी खिलाड़ियों के साथ श्रीलंका रवाना नहीं हुए थे और उनके 8 अगस्त को कोलंबो में टीम से जुड़ने की उम्मीद थी। लेकिन, अब सामने आई जानकारी के मुताबिक चोट के कारण वह श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में नहीं खेल पाएंगे। सुदर्शन का बाहर होना भारतीय टीम के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है, क्योंकि वह शानदार फॉर्म में चल रहे थे। हाल ही में जून-जुलाई में इंडिया ए की ओर से श्रीलंका ए के खिलाफ खेले गए दो अनऑफिशियल टेस्ट मैचों में उन्होंने दोनों मुकाबलों की पहली पारी में शतक लगाया था।

ये खिलाड़ी ले सकता है जगह

साई सुदर्शन के बाहर होने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड जल्द ही उनके विकल्प के नाम का ऐलान कर सकता है। सुदर्शन की जगह देवदत्त पडिक्कल को पहले टेस्ट में नंबर-3 पर बल्लेबाजी का मौका मिल सकता है। भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट 15 अगस्त से गाले में खेला जाना है। पडिक्कल भी इस समय अच्छी लय में हैं और उन्होंने कोलंबो में श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ खेले जा रहे तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच की पहली पारी में शानदार शतक लगाया है। पडिक्कल ने नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों में 103 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने केएल राहुल और रवींद्र जडेजा के साथ अहम साझेदारियां भी कीं।

ये खिलाड़ी भी लिस्ट में

साई सुदर्शन के बाहर होने के बाद बीसीसीआई उनकी जगह लेने के लिए सरफराज खान, रजत पाटीदार और ऋतुराज गायकवाड़ में से किसी एक को टीम में शामिल कर सकता है। सरफराज भारत के लिए 6 टेस्ट खेल चुके हैं, जबकि पाटीदार 3 टेस्ट मैचों में टीम का हिस्सा रहे हैं। वहीं, ऋतुराज ने 47 फर्स्ट क्लास मैचों में 3,294 रन बनाए हैं। वह भारत के लिए वनडे और टी20 मैच खेल चुके हैं, लेकिन अभी तक टेस्ट डेब्यू नहीं किया है।

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कड़ा हुआ खिलाड़ियों का फिटनेस टेस्ट, 5 मिनट में दौड़ने होगे 1200 मीटर

Team India

भारतीय खिलाड़ियों का फिटनेस परीक्षण पहले यो यो टेस्ट से होता था लेकिन अब रग्बी के खेल में फिटनेस जांचने का टेस्ट जिसे BRONCO कहते हैं वह अब भारतीय क्रिकेट टीम अपनाने वाली है। यह टेस्ट योयो टेस्ट से भी काफी कठिन होने वाला है।

ब्रोंको टेस्ट एक प्रशिक्षण अभ्यास है जिसमें खिलाड़ी 20 मीटर शटल रन से शुरुआत करता है, जिसके बाद 40 मीटर और 60 मीटर की दौड़ भी होती है। ये तीन रन मिलकर एक सेट बनाते हैं। गौरतलब है कि एक खिलाड़ी को ऐसे पाँच सेट करने होते हैं, जो बिना रुके कुल 1200 मीटर दौड़ के बराबर होंगे। खिलाड़ियों को यह टेस्ट छह मिनट में पूरा करना होता है।

समझा जाता है कि टीम के कुछ खिलाड़ी पहले ही बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के बेंगलुरु स्थित उत्कृष्टता केंद्र में ब्रोंको टेस्ट दे चुके हैं। ब्रोंको टेस्ट के अलावा, बीसीसीआई भारतीय टीम के सितारों के लिए फिटनेस टेस्ट के तौर पर यो-यो टेस्ट और 2 किलोमीटर का टाइम ट्रायल भी आयोजित करता है।

गौरतलब है कि ले रॉक्स जून 2025 में भारतीय टीम में स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच के रूप में शामिल हुए थे; जनवरी 2022 से मई 2023 तक टीम इंडिया में भी वह इसी पद पर थे और दक्षिण अफ्रीका के कोचिंग स्टाफ का भी हिस्सा रहे। इसके अलावा, उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स जैसी आईपीएल टीमों में भी काम किया।

भारत के कई अनुबंधित खिलाड़ी इस टेस्ट के लिए बेंगलुरु पहुंचे

गौरतलब है कि भारत के कुछ अनुबंधित खिलाड़ी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में शुरू किए गए ब्रोंको टेस्ट के लिए बेंगलुरु पहुँच चुके हैं। यह टेस्ट फिटनेस मानकों को बनाए रखने के लिए शुरू किया गया है और कोच तेज़ गेंदबाज़ों के लिए वेट ट्रेनिंग की बजाय रनिंग ड्रिल को ज़्यादा प्राथमिकता देने पर विचार कर रहे हैं।

एक प्रतिश्ठित अंग्रेजी अखबार के सूत्र के हवाले से बताया, “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ब्रोंको टेस्ट शुरू किया गया है। भारत के कुछ अनुबंधित खिलाड़ी बेंगलुरु पहुँच चुके हैं और उन्होंने यह टेस्ट दिया है। ब्रोंको टेस्ट का इस्तेमाल यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि फिटनेस मानक स्पष्ट हों।”

Ajit Agarkar: खतरे में है अजीत अगरकर की कुर्सी? ये दिग्गज खिलाड़ी ले सकता है जगह

भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के चीफ सिलेक्टर्स अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में खत्म हो जाएगा। वहीं ऐसी खबरें है कि अजीत अगरकर को टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर पद से हटाया जा सकता हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीसीसीआई उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने के मूड में नहीं दिख रही है। बीसीसीआई अगरकर की जगह वीवीएस लक्ष्मण को चीफ सिलेक्टर्स बना सकती है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण का नाम सबसे प्रमुख दावेदारों में लिया जा रहा है। फिलहाल लक्ष्मण बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में क्रिकेट प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं बोर्ड ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या घोषणा नहीं की है।

अजीत अगरकर की होगी छुट्टी!

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के हालिया इंग्लैंड दौरे के दौरान हुई कुछ घटनाओं के बाद बीसीसीआई ने अजीत अगरकर का कार्यकाल 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक बढ़ाने के फैसले पर दोबारा विचार करना शुरू कर दिया है। पहले माना जा रहा था कि उनका कार्यकाल आगे बढ़ाया जाएगा, लेकिन अब इस संभावना पर संशय जताया जा रहा है।

एनुअल जनरल मीटिंग में होगा फैसला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंग्लैंड दौरे के दौरान रोहित शर्मा के ODI भविष्य को लेकर हुआ विवाद BCCI के सीनियर अधिकारियों को पसंद नहीं आया। इसके बाद सेलेक्शन कमिटी के कामकाज और नेतृत्व को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। लेकिन अभी तक इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। माना जा रहा है कि सितंबर में होने वाली BCCI की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में अजीत अगरकर के भविष्य पर विस्तार से विचार किया जा सकता है।

2027 विश्व कप तक रहना चाहते हैं अगरकर

अजीत अगरकर के कार्यकाल को बढ़ाने की संभावना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ऐसी उम्मीद है कि भारत का 2 टेस्ट मैचों का श्रीलंका दौरा उनके प्रदर्शन के मूल्यांकन में अहम भूमिका निभा सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगरकर भी 2027 वनडे विश्व कप तक मुख्य चयनकर्ता के पद पर बने रहने के इच्छुक हैं। ऐसे में आगे का फैसला बोर्ड की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा। हाल ही में, गौतम गंभीर की गैरमौजूदगी में वीवीएस लक्ष्मण ने जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय टी20 टीम के अंतरिम मुख्य कोच की भूमिका भी निभाई थी।

2023 में बने थे चीफ सेलेक्टर्स

अजीत अगरकर ने 2023 में भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता का पद संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई बड़ी सफलताएं हासिल कीं। इस दौरान भारत ने 2024 और 2026 का टी20 विश्व कप जीतने के साथ-साथ 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी पर भी कब्जा जमाया। इन उपलब्धियों की वजह से उनका कार्यकाल भारतीय क्रिकेट के सफल दौरों में गिना जा रहा है।