Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : जुलाई सीरीज की मंथली एक्सपायरी के दिन भारतीय बाजारों के लिए नरम संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की कमजोरी है। FIIs की कैश में करीब 1700 करोड़ रुपये की बिकवाली देखने को मिली है। लेकिन फ्यूचर्स में खरीदारी हुई है। FIIs के लॉन्ग शॉर्ट रेश्यो में सुधार हुआ है। ऐसे में करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

27 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में जबरदस्त तेजी दिखी और लगातार पांच दिनों की गिरावट का सिलसिला थम गया। भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बीच सभी सेक्टर में हुई व्यापक खरीदारी से बाजार को सहारा मिला।

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों में आई कमी से बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई और निफ्टी 23,900 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। हालांकि,दिन के ज्यादातर समय बेंचमार्क इंडेक्स सीमित दायरे में ही कारोबार करते रहे,लेकिन आखिरी घंटे में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली,जिससे निफ़्टी 24,000 के स्तर के पार चला गया और बाजारर दिन के उच्चतम स्तर के करीब बंद हुआ।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 776.01 अंक या 1.02 प्रतिशत बढ़कर 76,835.78 पर और निफ्टी 228.50 अंक या 0.96 प्रतिशत बढ़कर 23,995.95 पर बंद हुआ।

GIFT निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी मामूली गिरावट के साथ लगभग 23,996.50 पर ट्रेड कर रहा था,जिससे घरेलू इक्विटी मार्केट में कमजोर शुरुआत का संकेत मिल रहा है।

Market cues : निफ्टी के 24000 के ऊपर जाने पर ही आएगी तेजी, तब तक जारी रहेगा कंसोलीडेशन

अमेरिकी बाजार

सोमवार को वॉल स्ट्रीट में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। S&P 500 में 0.02% की मामूली बढ़त हुई और यह 7,413.18 के लेवल पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.18% गिरकर 24,932.08 पर आ गया,जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.51% बढ़कर 52,210.08 अंक पर बंद हुआ।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

27 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार चौथे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और ₹1,688 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,329 करोड़ के शेयर खरीदे।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

पश्चिम एशिया में अटैक थमने से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी जारी है। ब्रेंट का भाव $88 के नीचे आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच सुलह की उम्मीद बढ़ी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान से अच्छी बातचीत चल रही है।

एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत, चिप शेयरों में बिकवाली से कोस्पी 8% टूटा

इधर एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत मिल रहे हैं। US में चिप कंपनियों में बिकवाली के चलते कोरिया का बाजार 8 परसेंट के लोअर सर्किट पर है। निक्केई 4 परसेंट टूटा है। अमेरिकी बाजार भी ऊपरी स्तरों से फिसले हैं।

मिले-जुले रहे कोल इंडिया के नतीजे

पहली तिमाही में कोल इंडिया के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में करीब एक परसेंट की बढ़त देखने को मिली है। रेवेन्यू 8% बढ़ा है। मार्जिन पर दबाव दिखा है। वहीं BEL का प्रॉफिट 9% बढ़ा है। कंपनी के रेवेन्यू में 25% से ज्यादा का उछाल आया है। लेकिन मार्जिन में कमी दिखी है।

कोफोर्ज का मुनाफा घटा,हैपिएस्ट माइंड का अच्छा परफॉर्मेंस

कोफोर्ज का पहली तिमाही में मुनाफा 15 परसेंट लुढ़का है। लेकिन डॉलर आय 21 परसेंट बढ़ी है। इधर हैपिएस्ट माइंड का परफॉर्मेंस अच्छा रहा है। पहली तिमाही में इसका मुनाफा 10.5% बढ़ा है। आय में 4 परसेंट की ग्रोथ देखने को मिली है। लेकिन EBIT मार्जिन फ्लैट रहे हैं।

टाटा पावर के अच्छे नतीजे, मुनाफे से घाटे में आई टाटा केमिकल्स

पहली तिमाही में टाटा पावर के नतीजे अनुमान से अच्छे रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 11% तो रेवेन्यू करीब 6% बढ़ा है। हालांकि मार्जिन पर दबाव दिखा है।वहीं दूसरी ओर टाटा केमिकल्स मुनाफे से घाटे में आई है। कंपनी को 252 करोड़ के मुनाफे के मुकाबले हुआ 17 करोड़ का घाटा हुआ है। साथ ही मार्जिन में भी कमी आई है।

गॉडफ्रे फिलिप्स के कमजोर नतीजे, फ्लैट रहा इंडस टावर का मुनाफा

पहली तिमाही में Godfrey Phillips के नतीजे कमजोर रहे हैं। कंपनी का मुनाफा 44% तो रेवेन्यू 19% घटा है। मार्जिन पर भी तगड़ी मार पड़ी है। वहीं इंडस टावर का प्रॉफिट फ्लैट रहा है। इसके रेवेन्यू में करीब 5% की बढ़त दिखी है।

HUL और L&T के Q1 नतीजे आज

निफ्टी में आज HUL और L&T के नतीजे आएंगे। HUL का मुनाफा फ्लैट रह सकता है। 6-7% वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद। वहीं L&T के नंबर्स कमजोर रह सकते हैं। मार्जिन पर दबाव मुमकिन है। आज वायदा में रैडिको खेतान और वरुण बेवरेजेज समेत 7 कंपनियों के रिजल्ट का भी इंतजार रहेगा।

MSRDC रिव्यू में HDFC बैंक में बड़ा एक्शन

HDFC Bank में बड़ा एक्शन देखने को मिला है। MSRDC मामले में MD & CEO शशिधर जगदीशन समेत CFO और रिटेल असेट हेड पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बैंक ने कहा है कि यह मामला बीजनेस ओवररीच का है। गलत नीयत का नहीं है। RBI को भी इसकी जानकारी दी जाएगी।

Stocks to Watch: 28 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 15 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 28 जुलाई को कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी। कुछ कंपनियों ने तिमाही नतीजे जारी किए हैं। कुछ ने बड़े ऑर्डर, मैनेजमेंट में बदलाव और फंड जुटाने जैसे अहम ऐलान किए हैं। वहीं, कुछ कंपनियां कल अपने जून तिमाही के नतीजे पेश करेंगी। ऐसे में इन 15 शेयरों में कारोबार के दौरान हलचल देखने को मिल सकती है।

Meesho

ई-कॉमर्स कंपनी मीशो में निवेशक Elevation Capital करीब ₹1,200 करोड़ का ब्लॉक डील कर अपनी हिस्सेदारी बेच सकता है। सूत्रों के मुताबिक फर्म के पास जून 2026 तक कंपनी में 12.04% हिस्सेदारी थी। इस डील के जरिए वह अपने निवेश का एक हिस्सा भुनाने की तैयारी में है।

Coal India

महारत्न सरकारी कंपनी कोल इंडिया का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.69% बढ़कर ₹8,852 करोड़ रहा। कंपनी का रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन EBITDA और मार्जिन में गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने ₹5.50 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

IndiGo

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने अपने मैनेजमेंट में बदलाव किया है। कंपनी ने गौरव नेगी को 27 जुलाई 2026 से मैनेजिंग डायरेक्टर का सलाहकार नियुक्त किया है। वहीं, किरण थदिमरी 28 जुलाई 2026 से कंपनी के नए चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) का पद संभालेंगे।

TVS Motor

दोपहिया और तिपहिया गाड़ी बनाने वाली कंपनी TVS मोटर ने अपनी सब्सिडियरी TVS Credit Services में 4.4% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी है। कंपनी ने यह सौदा ₹711 करोड़ में किया है। इस निवेश के बाद TVS Credit Services में उसकी हिस्सेदारी और बढ़ जाएगी।

Vodafone Idea

टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vi) छह टेलीकॉम सर्किलों में खत्म हो रही स्पेक्ट्रम वैधता का नवीनीकरण नहीं करने पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक इन सर्किलों में स्पेक्ट्रम की वैधता 5 दिसंबर 2026 को खत्म होगी। फिलहाल कंपनी का इन लाइसेंसों को रिन्यू कराने का इरादा नहीं है।

Tata Chemicals

केमिकल कंपनी टाटा केमिकल्स को जून तिमाही में घाटा हुआ है। कंपनी को ₹17 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस हुआ। पिछले साल इसी तिमाही में ₹252 करोड़ का मुनाफा हुआ था। कंपनी ने बताया कि कम कीमत मिलने, दूसरे स्रोतों से कम आय और जॉइंट वेंचर से कम कमाई की वजह से उसके नतीजों पर दबाव पड़ा।

Godfrey Phillips

सिगरेट और तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया ने जून तिमाही में कमजोर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों पिछले साल की तुलना में घटे हैं। कंपनी के मार्जिन पर जनवरी में बढ़ाई गई एक्साइज ड्यूटी का असर देखने को मिला।

Tata Power

टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा पावर ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 11% बढ़कर ₹1,401 करोड़ रहा। रिन्यूएबल एनर्जी, ट्रांसमिशन और जनरेशन कारोबार की मजबूत ग्रोथ ने कंपनी के नतीजों को सहारा दिया। हालांकि मार्जिन पर दबाव बना रहा।

Tata Motors

ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स ने कहा है कि गुजरात में आई भारी बाढ़ की वजह से उसके सानंद प्लांट और सप्लायर यूनिट्स का कामकाज अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ है। इसका असर कंपनी की कई प्रमुख पैसेंजर व्हीकल्स के प्रोडक्शन पर पड़ा है।

HDFC Bank

निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) डिपॉजिट मामले की आंतरिक जांच पूरी कर ली है। बैंक के बोर्ड ने कहा कि इसमें शामिल कर्मचारियों का मामला कारोबारी सीमा से आगे बढ़ने का था। हालांकि, किसी तरह की गलत मंशा, निजी फायदा या अनुचित इरादे के सबूत नहीं मिले।

Northern Arc Capital

एनबीएफसी कंपनी नॉर्दर्न आर्क कैपिटल का जून तिमाही का नेट प्रॉफिट 17.6% बढ़कर ₹121.8 करोड़ रहा। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 44.2% बढ़ी, जबकि कुल रेवेन्यू 30% बढ़कर ₹767.5 करोड़ पहुंच गया।

Gravita India

रीसाइक्लिंग कंपनी ग्रेविटा इंडिया का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 14.1% बढ़कर ₹106.4 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹93.3 करोड़ था। इससे साफ है कि कंपनी ने लगातार मुनाफे की ग्रोथ बनाए रखी है।

Bharat Electronics

सरकारी रक्षा कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) ने जून तिमाही में बाजार के अनुमान के मुतबाकि नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा और रेवेन्यू अनुमान से थोड़ा बेहतर रहा। हालांकि, ऑपरेटिंग मार्जिन उम्मीद से कमजोर रहा। कंपनी ने अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।

Welspun Corp

स्टील पाइप बनाने वाली कंपनी वेलस्पन कॉर्प को अमेरिका से करीब ₹960 करोड़ का नया ऑर्डर मिला है। इसके बाद कंपनी की ग्लोबल ऑर्डर बुक ₹25,750 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। यह ऑर्डर अमेरिका के लिटिल रॉक प्लांट से पूरा किया जाएगा।

Adani Energy Solutions

बिजली ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए फंड जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी की QIP समिति ने इश्यू खोलने के साथ ₹1,698.15 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। यह कीमत SEBI के नियमों के तहत तय किए गए प्राइसिंग फॉर्मूले के आधार पर निर्धारित की गई है।

तिमाही नतीजे जारी करेंगी ये कंपनियां

कई कंपनियां मंगलवार को जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें Ambuja Cements, Cholamandalam Investment and Finance Company, City Union Bank समेत कई कंपनियां शामिल हैं। निवेशकों की नजर तिमाही नतीजों के साथ-साथ कंपनियों के मैनेजमेंट की भविष्य की रणनीति पर भी रहेगी।

Coal India Q1 Results: सरकारी कंपनी को ₹8852 करोड़ का मुनाफा, हर शेयर पर ₹5.50 का डिविडेंड देगी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HDFC Bank News: CEO समेत तीन बड़े अधिकारियों पर ₹1-1 लाख का जुर्माना, बोर्ड ने दी चेतावनी

HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर HDFC Bank ने बताया कि उसके बोर्ड ने MD और CEO शशिधर जगदीशन, CFO श्रीनिवासन वैद्यनाथन और ग्रुप हेड (रिटेल एसेट्स) अरविंद वोहरा पर ₹1-1 लाख का जुर्माना लगाया है। तीनों को चेतावनी पत्र भी जारी किया गया है।

MSRDC मामले की हुई जांच

यह फैसला महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) के साथ 2017 और 2021 में हुए डिपॉजिट समझौते की आंतरिक जांच के बाद लिया गया।

बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि स्वतंत्र निदेशकों की विशेष समिति ने पूरे मामले की समीक्षा की। जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि किसी अधिकारी ने गलत नीयत से काम किया हो या निजी फायदा उठाया हो। हालांकि, बोर्ड का मानना है कि इस मामले में कुछ अधिकारियों ने कारोबार बढ़ाने के चक्कर में तय सीमा से आगे बढ़कर काम किया।

RBI को भी भेजी जाएगी रिपोर्ट

बैंक ने कहा कि RBI के नियमों से संभावित अंतर को देखते हुए बोर्ड ने तीनों वरिष्ठ अधिकारियों पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है। साथ ही उन्हें चेतावनी पत्र भी दिया गया है। मामले से जुड़े बाकी कर्मचारियों को भी चेतावनी पत्र जारी किए जाएंगे। बोर्ड ने यह भी तय किया है कि पूरे मामले की जानकारी RBI को भेजी जाएगी।

₹45 करोड़ के भुगतान पर उठा था विवाद

मई 2026 में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि HDFC Bank ने बड़े डिपॉजिट जुटाने के लिए MSRDC को ₹45 करोड़ का भुगतान किया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि इस रकम को मार्केटिंग खर्च के तौर पर दिखाया गया और CEO को इसकी जानकारी थी।

उस समय बैंक ने सभी आरोपों से इनकार किया था। बैंक का कहना था कि उसके यहां मजबूत ऑडिट और निगरानी व्यवस्था है। सभी फैसले तय नियमों के मुताबिक लिए जाते हैं।

पहले भी नहीं मिले थे सबूत

इससे पहले एक स्वतंत्र कानूनी जांच भी हुई थी। उसमें भी पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती की ओर से कॉरपोरेट गवर्नेंस और नैतिकता को लेकर उठाए गए सवालों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिला था।

HDFC Bank का शेयर NSE पर 0.4% गिरकर ₹740 पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में इसमें करीब 7.34% की गिरावट आई है। एक साल में यह 26.29% टूट चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Income Tax भरने के लिए कौन-सा क्रेडिट कार्ड सबसे बेहतर? जानिए कौन देता है सबसे ज्यादा रिवॉर्ड

Best Credit Cards for Income Tax Payment: क्रेडिट कार्ड के जरिए इनकम टैक्स का भुगतान करना अब सिर्फ एक सुविधा मात्र ही नहीं रह गया है। अगर सही क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया जाए, तो टैक्स भरते समय लगने वाले कन्वीनियंस फीस की भरपाई के साथ-साथ शानदार रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक और माइलस्टोन बेनिफिट्स भी कमाए जा सकते हैं।

हालांकि, सभी बैंक सरकारी या टैक्स भुगतानों पर रिवॉर्ड नहीं देते। कई बैंक टैक्स पेमेंट को रिवॉर्ड कैटेगरी से बाहर रखते हैं या उस पर रिवॉर्ड पॉइंट्स की लिमिट लगा देते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि कौन-से क्रेडिट कार्ड्स टैक्स भुगतान के लिए सबसे बेहतरीन साबित हो सकते हैं।

कौन-सा क्रेडिट कार्ड है सबसे बेस्ट?

टैक्स भुगतान पर मिलने वाले रिवॉर्ड्स के आधार पर कुछ प्रमुख क्रेडिट कार्ड्स की तुलना नीचे दी गई है:

कौन-सा क्रेडिट कार्ड है सबसे बेस्ट?

HDFC Biz Black Metal क्यों है सबसे आगे?

अगर आप भारी-भरकम इनकम टैक्स भरते हैं, तो HDFC Biz Black Metal कार्ड सबसे ज्यादा फायदेमंद है। इसकी बेस रिवॉर्ड दर 3.3% है। एक्सीलरेटेड रिवॉर्ड्स के तहत यह 16.66% तक जा सकती है और माइलस्टोन जोड़ने पर कुल वैल्यू 20% से भी अधिक हो जाती है। ज्यादातर कार्ड्स पर रिवॉर्ड की सीमा खत्म होते ही रिवॉर्ड बंद हो जाते हैं, लेकिन यह कार्ड कैपिंग खत्म होने के बाद भी बेस रिवॉर्ड देता रहता है।

ये कार्ड्स भी हैं आपकी रडार में रखने लायक

Kotak Solitaire: टैक्स भुगतानों पर कोई कैपिंग (सीमा) नहीं है। यह ICICI Times Black से बेहतर हो सकता है, लेकिन यह केवल ‘इन्विटेशन-ओनली’ कार्ड है।

HDFC BizPower: जो लोग Biz Black के लिए पात्र नहीं हैं, उनके लिए यह एक अच्छा विकल्प है। हालांकि, इसमें 5X रिवॉर्ड्स अनलॉक करने के लिए आवश्यक ₹25,000 के मासिक खर्च में टैक्स पेमेंट नहीं गिना जाता।

YES Bank Private: टैक्स पेमेंट पर बिना किसी कैपिंग के 2.5% वैल्यू बैक देता है, लेकिन इस प्रीमियम कार्ड को हासिल करना थोड़ा मुश्किल है।

HDFC Marriott Bonvoy: इसकी रिवॉर्ड दर थोड़ी कम है, लेकिन पात्रता की शर्तें आसान हैं और बड़े टैक्स पेमेंट के लिए काम आ सकता है।

क्रेडिट कार्ड से टैक्स भरने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

केवल कार्ड का प्रचार में रिवॉर्ड रेट देखकर फैसला न लें। टैक्स पेमेंट करने से पहले ये बातें जरूर चेक करें:

  • एलिजिबिलिटी और कैपिंग: जांचें कि क्या टैक्स भुगतान पर रिवॉर्ड मिल रहे हैं या नहीं और प्रति माह कितने रिवॉर्ड पॉइंट्स की लिमिट तय की गई है।
  • कन्वीनियंस फीस का हिसाब: टैक्स पेमेंट पर लगने वाले सर्विस चार्ज या कन्वीनियंस फीस की तुलना अपने मिलने वाले रिवॉर्ड वैल्यू से करें।
  • रिडेम्प्शन वैल्यू: रिवॉर्ड पॉइंट्स को कैश, वाउचर या होटल/एयरलाइन माइल्स में रिडीम करने पर असली वैल्यू अलग-अलग हो सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Bank Holidays in August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक! स्वतंत्रता दिवस, ओणम और ईद-ए-मिलाद पर छुट्टियों की पूरी लिस्ट

August 2026 Bank Holidays List: अगर अगस्त के महीने में आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी अगस्त 2026 के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, अगले महीने देश के अलग-अलग राज्यों में कुल 14 दिन बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

इन छुट्टियों में स्वतंत्रता दिवस, ईद-ए-मिलाद, ओणम और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहारों के अलावा रविवार, दूसरा शनिवार और चौथा शनिवार की वीकली छुट्टियां शामिल हैं। इसलिए बैंक जाने से पहले अपने राज्य में छुट्टियों की लिस्ट जरूर चेक कर लें।

अगस्त 2026 में बैंक छुट्टियों की तारीखवार सूची

रिजर्व बैंक की लिस्ट के अनुसार, अगस्त महीने की छुट्टियों का ब्योरा इस प्रकार है:

  • 2 अगस्त, रविवार – साप्ताहिक छुट्टी, देशभर में बंद रहेंगे
  • 4 अगस्त, मंगलवार – केर पूजा, अगरतला में बंद रहेंगे
  • 8 अगस्त, शनिवार – दूसरा शनिवार / तेंडोंग लो रूम फाट, देशभर में बंद रहेंगे (गंगटोक में विशेष त्योहार)
  • 9 अगस्त, रविवार – साप्ताहिक छुट्टी, देशभर में बंद रहेंगे
  • 13 अगस्त, गुरुवार – पेट्रियट्स डे, इम्फाल में बंद रहेंगे
  • 15 अगस्त, शनिवार – स्वतंत्रता दिवस, देशभर में सभी बैंक बंद रहेंगे
  • 16 अगस्त, रविवार – साप्ताहिक छुट्टी, देशभर में बंद रहेंगे
  • 19 अगस्त, बुधवार – महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर जयंती, अगरतला में बंद रहेंगे
  • 22 अगस्त, शनिवार – चौथा शनिवार, देशभर में बंद रहेंगे
  • 23 अगस्त, रविवार – साप्ताहिक छुट्टी, देशभर में बंद रहेंगे
  • 25 अगस्त, मंगलवार – मिलाद-उन-नबी / पहला ओणम, कोच्चि, तिरुवनंतपुरम और विजयवाड़ा में बंद रहेंगे
  • 26 अगस्त, बुधवार – ईद-ए-मिलाद / तिरुवोनम, नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, लखनऊ, पटना आदि में बंद रहेंगे
  • 28 अगस्त, शुक्रवार – रक्षाबंधन / पांग-ल्हाबसोल / श्री नारायण गुरु जयंती, जयपुर, अहमदाबाद, भोपाल, लखनऊ, शिमला, देहरादून आदि में बंद रहेंगे
  • 30 अगस्त, रविवार – साप्ताहिक छुट्टी, देशभर में बंद रहेंगे

अगस्त 2026 में बैंक छुट्टियों की तारीखवार सूची

बैंक बंद होने पर कैसे निपटाएं अपने काम?

बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। डिजिटल युग में अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन चालू रहेंगी। नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और UPI सेवाएं 24×7 सामान्य रूप से काम करेंगी। कैश निकालने या जमा करने के लिए एटीएम सर्विस उपलब्ध रहेगी। NEFT/RTGS के लिए ऑनलाइन रिक्वेस्ट, चेकबुक आवेदन और क्रेडिट/डेबिट कार्ड से जुड़ी सेवाएं बैंक ऐप/वेबसाइट के जरिए ली जा सकती हैं।

Meesho Share Price: मोतीलाल ओसवाल बुलिश, Buy के साथ शुरू किया कवरेज; बुल केस में 81% तक उछाल की जताई उम्मीद

ई-कॉमर्स कंपनी मीशो के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल बुलिश है। ब्रोकरेज ने इस शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है। टारगेट प्राइस 240 रुपये प्रति शेयर रखा है। यह शेयर की पिछली क्लोजिंग से 30 प्रतिशत ज्यादा है। बुल केस में टारगेट प्राइस 335 रुपये प्रति शेयर दिया है। यह पिछली क्लोजिंग से 81 प्रतिशत तक ज्यादा है। ब्रोकरेज का यह व्यू मीशो के जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी होने के बाद आया है।

अप्रैल-जून 2026 ​तिमाही के दौरान मीशो का शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा सालाना आधार पर 54 प्रतिशत घटकर 132.83 करोड़ रुपये रह गया। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 48 प्रतिशत बढ़कर 3,712.8 करोड़ रुपये हो गया। घाटा घटने की वजह ज्यादा बिक्री और ऑर्डर कैंसिलेशन (ऑर्डर रद्द होने) में कमी रही। जून 2026 तिमाही में कंपनी की ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) सालाना आधार पर लगभग 26 प्रतिशत बढ़कर 19,054 करोड़ रुपये हो गई। नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) यानि कि डिलीवर किए गए ऑर्डर की वैल्यू साल-दर-साल आधार पर 34 प्रतिशत बढ़कर 11,614 करोड़ रुपये हो गई।

कुल खर्च बढ़कर 3959.24 करोड़ रुपये के रहे, जो जून 2025 तिमाही में 2777.64 करोड़ रुपये के थे। मीशो को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानि कि जुलाई-सितंबर 2026 में यूजर्स की संख्या और खर्च में ज्यादा बढ़ोतरी दिखेगी, लेकिन NMV की ग्रोथ धीमी रहेगी।

Meesho पर ब्रोकरेज के तर्क

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि वित्त वर्ष 2026-2031 के दौरान मीशो की नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) 27.5% CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ेगी। यह मुख्य रूप से तेजी से बढ़ते ATU (एक्टिव ट्रांजेक्टिंग यूजर्स) और ऑर्डर करने की थोड़ी ज्यादा फ्रीक्वेंसी से प्रेरित होगी। इसके साथ ही, मजबूत ऑपरेटिंग लेवरेज की वजह से वित्त वर्ष 2031 तक Meesho के एडजस्टेड मार्केटप्लेस EBITDA मार्जिन में 760 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा दिख सकता है। यह आंकड़ा 4.75% तक पहुंच सकता है।

ज्यादा ऐड मॉनेटाइजेशन और लॉजिस्टिक्स स्प्रेड के नॉर्मलाइजेशन से वित्त वर्ष 2031 तक कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन में 400 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हो सकती है और यह 7.5% तक पहुंच सकता है। वहीं, 255 बेसिस पॉइंट्स ऑपरेटिंग लेवरेज से वित्त वर्ष 2031 तक एडजस्टेड EBITDA ₹4,800 करोड़ (3.75% मार्जिन पर) तक पहुंच सकता है।

Bank of Baroda: Q1 नतीजों के बाद कई ब्रोकरेज ने घटाए टारगेट, 75% अभी भी ‘बाय’ रेटिंग के साथ; शेयर 2% गिरा

Meesho का बिजनेस मॉडल एसेट-लाइट

ब्रोकरेज का कहना है कि Meesho एक मल्टी-साइडेड मार्केटप्लेस चलाती है, जो कंज्यूमर्स, सेलर्स, लॉजिस्टिक्स प्रोवाइडर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को जोड़ता है। इससे एक ऐसा सेल्फ-रीइन्फोर्सिंग फ्लाईव्हील बनता है जो प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को बढ़ावा देता है और इसके कॉस्ट एडवांटेज को बनाए रखता है। कंपनी ने कम लागत वाले लॉजिस्टिक्स, जीरो सेलर कमीशन और पहली बार इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों व सेलर्स के लिए ऑनबोर्डिंग की मुश्किलों को कम करके चीजों को सस्ता और आसान बनाया है।

मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि पारंपरिक रिटेलर्स और दूसरे इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स के उलट, Meesho का बिजनेस मॉडल असल में एसेट-लाइट है। इसमें फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर या इन्वेंट्री पर बहुत कम पूंजीगत खर्च (CAPEX) की जरूरत होती है। कंपनी नेगेटिव वर्किंग कैपिटल पर भी काम करती है, जिससे बड़ी फ्लोट इनकम होती है और काफी फ्री कैश फ्लो जेनरेट होता है। मीशो के स्टॉक को कवर करने वाले 14 एनालिस्ट्स में से 8 ने “बाय” रेटिंग दी है। 3 ने होल्ड और 3 ने सेल रेटिंग दी है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: लगातार 5 दिनों की गिरावट के बाद तेजी लौटेगी? जानिए एक्सपर्ट्स से

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में कमजोरी बनी रही। निफ्टी लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, दिन के निचले स्तर से इंडेक्स ने 200 अंकों से ज्यादा की रिकवरी की।

आखिर में निफ्टी 102 अंक टूटकर 23,767 पर बंद हुआ। यह 12 जून 2026 के बाद का सबसे निचला स्तर है। निफ्टी पिछले हफ्ते 2.3% टूट गया। खास बात यह रही कि हफ्ते के पांचों कारोबारी दिन बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ।

आइए एक्सपर्ट्स से जानते हैं कि सोमवार, 27 जुलाई को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी। लेकिन, उससे पहले समझ लेते हैं कि शुक्रवार के कारोबारी सत्र में क्या खास हुआ था।

किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल?

HCLTech, Cipla और Wipro सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयर रहे। वहीं Eternal, Mahindra & Mahindra और Bajaj Finance में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

आईटी, मीडिया और PSU बैंक सेक्टर में खरीदारी रही। दूसरी ओर ऑटो, मेटल और रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे।

मिडकैप और स्मॉलकैप भी दबाव में

शुरुआती गिरावट के बाद इन शेयरों में भी रिकवरी आई। लेकिन आखिर में दोनों इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.10% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.32% की गिरावट रही।

बाजार पर दबाव क्यों है?

एनालिस्टों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव बाजार की सबसे बड़ी चिंता है। इसकी वजह से ब्रेंट क्रूड महंगा बना हुआ है। ऊंचे कच्चे तेल के दाम, कमजोर रुपया और विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रहे हैं।

अगले हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?

जून तिमाही के नतीजों का सीजन जारी है। इसलिए कई शेयरों में हलचल बनी रह सकती है। निवेशकों की नजर IDFC First Bank, Zen Technologies, Birla Corporation और AU Small Finance Bank के नतीजों पर रहेगी।

23,600 का स्तर सबसे अहम

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि 23,600 निफ्टी के लिए मजबूत सपोर्ट है। अगर यह स्तर बचा रहता है, तो अगले हफ्ते इंडेक्स 24,200 तक उछल सकता है।

Centrum Finverse के नीलेश जैन का भी मानना है कि 23,600 के ऊपर रहने पर निफ्टी पहले 24,000 और फिर 24,200 तक जा सकता है। हालांकि, 23,850 के आसपास बड़ी रुकावट मिल सकती है।

सपोर्ट टूटा तो बढ़ सकती है गिरावट

HDFC Securities के नंदीश शाह का कहना है कि अगर निफ्टी 23,606 के नीचे निकलता है, तो गिरावट बढ़कर 23,500 और फिर 23,070 तक जा सकती है। वहीं, 24,000 का स्तर फिलहाल सबसे बड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है।

LKP Securities के रुपक डे के मुताबिक, निफ्टी अब 50 दिन की EMA के नीचे आ चुका है। यह शॉर्ट टर्म कमजोरी का संकेत है। अगर 23,600 का स्तर टूटता है, तो बिकवाली और बढ़ सकती है। वहीं, तेजी की वापसी के लिए निफ्टी का 24,000 के ऊपर निकलना जरूरी होगा।

Stocks to Watch: सोमवार 27 जुलाई को फोकस में रहेंगे 27 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stocks to Watch: सोमवार 27 जुलाई को फोकस में रहेंगे 27 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: सोमवार के कारोबारी सत्र में कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी। कई कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जबकि कुछ को बड़े ऑर्डर मिले हैं और कुछ ने नए निवेश का ऐलान किया है। ऐसे में इन खबरों का असर सोमवार को इन शेयरों की चाल पर दिख सकता है। आइए जानते हैं किन 27 स्टॉक्स पर सबसे ज्यादा फोकस रहेगा।

Bank of Baroda

सरकारी बैंक Bank of Baroda का जून तिमाही का मुनाफा 81% गिरकर ₹1,278 करोड़ रह गया। यह CNBC-TV18 के अनुमान से भी काफी कम रहा। NMC मुकदमे के निपटारे से जुड़े ₹5,680 करोड़ के एकमुश्त नुकसान का असर नतीजों पर पड़ा। हालांकि, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 10% बढ़कर ₹12,525 करोड़ रही। वहीं, एसेट क्वालिटी में मामूली गिरावट आई।

NTPC

सरकारी बिजली कंपनी NTPC का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 11.9% बढ़कर ₹5,342.4 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने ₹4,774 करोड़ का मुनाफा कमाया था। कंपनी ने तिमाही के दौरान स्थिर प्रदर्शन दर्ज किया।

IDFC First Bank

प्राइवेट सेक्टर बैंक IDFC First Bank का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹1,075 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 21.1% बढ़कर ₹5,972.3 करोड़ रही। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA घटकर 1.51% और नेट NPA 0.44% रह गया, जबकि प्रोविजन घटकर ₹1,144 करोड़ हो गया।

SBI Card

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी SBI Card का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 19.5% बढ़कर ₹664.4 करोड़ हो गया। हालांकि, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) लगभग स्थिर रही। यह मामूली घटकर ₹1,676 करोड़ रह गई, जो पिछले साल ₹1,681 करोड़ थी।

Sarda Energy and Minerals

मेटल और माइनिंग कंपनी Sarda Energy and Minerals की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Sarda Metals & Alloys ने ₹300 करोड़ के कैपेक्स को मंजूरी दी है। यह निवेश वेस्ट हीट रिकवरी पावर प्लांट लगाने और आंध्र प्रदेश के विजयनगरम स्थित मौजूदा प्लांट में मिनरल वूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने पर किया जाएगा।

NBCC

सरकारी निर्माण कंपनी NBCC (India) को करीब ₹108.85 करोड़ (GST छोड़कर) के दो नए ऑर्डर मिले हैं। इनमें सबसे बड़ा ₹88.43 करोड़ का ठेका ओडिशा के तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय ने दिया है। इसके तहत राज्य के विभिन्न स्थानों पर लड़कों और लड़कियों के हॉस्टल बनाए जाएंगे।

Orient Technologies

आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सर्विसेज कंपनी Orient Technologies को NPCI से ₹76.20 करोड़ का सर्वर सप्लाई ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर में सर्वर की सप्लाई के साथ 7 साल की वारंटी और OEM सपोर्ट भी शामिल है। कंपनी को यह प्रोजेक्ट 18 हफ्तों में पूरा करना होगा।

Dodla Dairy

डेयरी कंपनी Dodla Dairy का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 35.6% घटकर ₹41 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 19% बढ़कर ₹1,198 करोड़ हो गया। EBITDA 21.4% घटकर ₹65 करोड़ रहा और EBITDA मार्जिन 8.2% से घटकर 5.4% पर आ गया।

Lodha Developers

रियल एस्टेट कंपनी Lodha Developers ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। कंपनी का शुद्ध मुनाफा दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹1,372.1 करोड़ पहुंच गया। रेवेन्यू 43.1% बढ़कर ₹4,997 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA 95.3% उछलकर ₹1,922.4 करोड़ हो गया और मार्जिन बढ़कर 38.5% पहुंच गया।

AU Small Finance Bank

स्मॉल फाइनेंस बैंक AU Small Finance Bank का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 37% बढ़कर ₹796 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 31.8% बढ़कर ₹2,695.5 करोड़ रही। हालांकि, एसेट क्वालिटी में हल्की कमजोरी दिखी। ग्रॉस NPA बढ़कर 2.1% और नेट NPA 0.76% हो गया, जबकि प्रोविजन घटकर ₹371.5 करोड़ रह गया।

Birla Corporation

सीमेंट कंपनी Birla Corporation का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 3.2% घटकर ₹115.7 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 7.8% बढ़कर ₹2,646.5 करोड़ हो गया। EBITDA 1.3% घटकर ₹342.3 करोड़ रहा और EBITDA मार्जिन 14.1% से घटकर 12.9% पर आ गया।

KFin Technologies

फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी और रजिस्ट्रार सर्विसेज कंपनी KFin Technologies के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 2.6% घटकर ₹75.2 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 30.1% बढ़कर ₹356.5 करोड़ हो गया। EBITDA बढ़ा, लेकिन EBITDA मार्जिन 41.5% से घटकर 34.2% रह गया।

Jindal Steel

स्टील कंपनी Jindal Steel का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 43.6% घटकर ₹844 करोड़ रह गया। यह बाजार के अनुमान से भी कमजोर रहा। हालांकि, रेवेन्यू 25.9% बढ़कर ₹15,482 करोड़ पहुंच गया। EBITDA में 11.5% की गिरावट आई और मार्जिन घटकर 17.18% रह गया।

Tata Consumer Products

टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Consumer Products का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 27.8% बढ़कर ₹427 करोड़ हो गया। यह बाजार के अनुमान से बेहतर रहा। रेवेन्यू 11.9% बढ़कर ₹5,348.8 करोड़ पहुंचा। EBITDA 19.9% बढ़ा और मार्जिन 13.5% हो गया। भारत में ब्रांडेड कारोबार की वॉल्यूम ग्रोथ 13% रही।

Vedant Fashions

एथनिक वियर कंपनी Vedant Fashions का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 14.7% बढ़कर ₹80.6 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 7.2% बढ़कर ₹301.4 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA 8.6% बढ़कर ₹131 करोड़ पहुंच गया और EBITDA मार्जिन 42.9% से बढ़कर 43.5% हो गया।

Hirect

रेलवे और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी Hirect को भारतीय रेलवे की Modern Coach Factory (MCF) से करीब ₹60 करोड़ का पहला ऑर्डर मिला है। कंपनी चार MEMU ट्रेनसेट के लिए प्रोपल्शन सिस्टम की सप्लाई करेगी। यह ऑर्डर 24 महीने में पूरा किया जाएगा और इसके साथ कंपनी ने MEMU प्रोपल्शन सेगमेंट में एंट्री कर ली है।

Devyani International

क्विक सर्विस रेस्तरां (QSR) कंपनी Devyani International के मुताबिक, उसके फ्रेंचाइजी ब्रांड Costa Coffee के भारत में स्टोर्स की संख्या FY26 में घटकर 198 रह गई, जो एक साल पहले 220 थी। हालांकि, स्टोर घटने के बावजूद Costa Coffee का रेवेन्यू 7% बढ़कर ₹212.5 करोड़ हो गया।

Five Star Business Finance

एनबीएफसी कंपनी Five Star Business Finance का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 2% बढ़कर ₹271.4 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 10.2% बढ़कर ₹636.1 करोड़ रही। वहीं, कुल आय 6% बढ़कर ₹839 करोड़ और प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 2% बढ़कर ₹362 करोड़ हो गया।

CONCOR

सरकारी लॉजिस्टिक्स और रेल माल ढुलाई कंपनी CONCOR का शुद्ध मुनाफा लगभग स्थिर रहा। यह ₹266.5 करोड़ पर रहा। रेवेन्यू 0.3% बढ़कर ₹2,160 करोड़ हुआ। EBITDA 2.7% बढ़ा और EBITDA मार्जिन 20.1% से बढ़कर 21% हो गया।

Shree Digvijay Cement

सीमेंट कंपनी Shree Digvijay Cement का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 50.5% गिरकर ₹6.8 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 72.1% बढ़कर ₹337.3 करोड़ पहुंच गया। EBITDA बढ़ा, लेकिन EBITDA मार्जिन 12.14% से घटकर 8.66% रह गया।

REC Ltd

सरकारी एनबीएफसी और पावर सेक्टर फाइनेंस कंपनी REC का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 6% घटकर ₹4,192.7 करोड़ रह गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 4% घटकर ₹5,453 करोड़ रही। कंपनी के नतीजे पिछले साल के मुकाबले कमजोर रहे।

Bank of India

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक Bank of India का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 36% बढ़कर ₹3,068 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 13% बढ़कर ₹6,833 करोड़ रही। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA घटकर 1.81% और नेट NPA 0.51% रह गया।

DCB Bank

प्राइवेट सेक्टर बैंक DCB Bank का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में 35.6% बढ़कर ₹213.2 करोड़ पहुंच गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 17.8% बढ़कर ₹684 करोड़ रही। बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ। वहीं, प्रोविजन लगभग आधा होकर ₹57.1 करोड़ रह गया।

Zen Technologies

डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी Zen Technologies का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 27.8% घटकर ₹34.4 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 10.5% घटकर ₹141.6 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA 40.2% गिरकर ₹38.7 करोड़ पर आ गया और EBITDA मार्जिन 40.9% से घटकर 27.3% रह गया।

Piramal Pharma

फार्मा कंपनी Piramal Pharma ने अहमदाबाद स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में काम अस्थायी रूप से रोक दिया है। गुजरात में भारी बारिश और जलभराव के चलते एहतियातन यह फैसला लिया गया। कंपनी ने कहा कि हालात सामान्य होने के बाद परिचालन दोबारा शुरू किया जाएगा।

Zydus Lifesciences

फार्मा कंपनी Zydus Lifesciences ने अहमदाबाद स्थित अपनी कुछ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में काम अस्थायी रूप से रोक दिया है। लगातार भारी बारिश और जलभराव के चलते एहतियातन यह फैसला लिया गया। कंपनी ने कहा कि हालात सामान्य होने पर परिचालन फिर से शुरू कर दिया जाएगा।

Hindustan Zinc

जिंक और चांदी उत्पादन करने वाली कंपनी Hindustan Zinc चालू वित्त वर्ष में ₹5,000 करोड़ तक का कैपेक्स करने की योजना बना रही है। कंपनी के CEO अरुण मिश्रा के मुताबिक, करीब 80% निवेश पहले से चल रहे प्रोजेक्ट्स पर होगा। बाकी 20% राशि जल्द घोषित होने वाले नए प्रोजेक्ट्स पर खर्च की जाएगी।

Q1FY27 Earnings

अलग-अळग सेक्टरों की कंपनियां सोमवार को अपने जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगी। इनमें BKM Industries, Canara Bank, CCL Products (India), Capri Global Capital, Coal India और Coforge जैसी कंपनियां शामिल हैं। निवेशकों की नजर इन कंपनियों के नतीजों पर रहेगी।

Stocks to Buy: ये 7 स्टॉक्स दे सकते हैं 60% तक रिटर्न, एक्सपर्ट्स ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nifty के लिए 23650-23600 का जोन अहम, यहीं से तय होगी शॉर्ट-टर्म दिशा; नए हफ्ते में ये शेयर करा सकते हैं अच्छी कमाई

जब तक निफ्टी 50 में बिकवाली का दबाव और नहीं बढ़ता, तब तक 23,600 के नीचे बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। जब तक 23,600 का सपोर्ट बना हुआ है, निफ्टी 50 के 23,950–24,000 के जोन की ओर वापस जाने की संभावना बनी हुई है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में निफ्टी और बैंक निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए शुरू हो रहे सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

क्या आपको लगता है कि निफ्टी 50 अगले हफ्ते 23,600 के सपोर्ट लेवल को साफ तौर पर तोड़कर 23,000 के लेवल की ओर बढ़ेगा?

लंबे समय से चल रही कंसोलिडेशन रेंज के नीचे हालिया ब्रेकडाउन ने निफ्टी के शॉर्ट-टर्म टेक्निकल स्ट्रक्चर को कमजोर कर दिया है। इंडेक्स अपने शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेज के नीचे आ गया है। मोमेंटम इंडिकेटर लगातार मंदी का संकेत दे रहे हैं। इस कमजोरी के बावजूद, शुक्रवार को 23,650–23,600 के आस-पास 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट जोन से हुई रिकवरी यह बताती है कि खरीदार अभी भी इस अहम सपोर्ट एरिया को बचाए हुए हैं।

हालांकि ब्रॉडर ट्रेंड अभी भी बेयर्स के पक्ष में है, लेकिन जब तक बिकवाली का दबाव और नहीं बढ़ता, तब तक हमें 23,600 के नीचे साफ ब्रेकडाउन की उम्मीद नहीं है। हालांकि अगर 23,600 के नीचे लगातार गिरावट बनी रहती है, तो यह नई कमजोरी की पुष्टि करेगा और इससे 23,450 और उसके बाद 23,300 की ओर तेज गिरावट (करेक्शन) आ सकती है। इसलिए, 23,650–23,600 का जोन बाजार की शॉर्ट-टर्म दिशा तय करने के लिए लड़ाई का मुख्य मैदान बना रहेगा।

क्या आपको लगता है कि अगले हफ्ते बैंक निफ्टी के लिए 56,000-55,500 का जोन एक मजबूत सपोर्ट एरिया का काम करेगा?

बैंक निफ्टी का 56,000-55,800 का जोन निकट भविष्य में एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। इंडेक्स ने हाल ही में 56,000 के स्तर के आसपास खरीदारी का रुझान दिखाया। 200-दिन के EMA से कुछ समय के लिए यह नीचे गया लेकिन फिर उसे सफलतापूर्वक फिर से हासिल कर लिया। इससे पता चलता है कि यह ​एरिया एक मजबूत डिमांड जोन के तौर पर काम कर रहा है। इसकी अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि यह सपोर्ट पिछले अपमूव (तेजी) के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के साथ भी मेल खाता है। इससे यह मार्केट पार्टिसिपेंट्स के लिए नजर रखने लायक एक जरूरी लेवल बन जाता है।

अगर बैंक निफ्टी 55,800 के नीचे निर्णायक रूप से टूटता है, तो इससे मंदी का माहौल मजबूत हो सकता है और नई बिकवाली का दबाव बन सकता है। इससे इंडेक्स शॉर्ट टर्म में 55,000 और फिर 54,400 की ओर जा सकता है।

ऊपर की तरफ, 57,300–57,400 का जोन एक अहम तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है। इस बाधा के ऊपर लगातार ब्रेकआउट होना, निकट-अवधि के टेक्निकल आउटलुक को बेहतर बनाने और बुलिश मोमेंटम को फिर से शुरू करने के लिए जरूरी होगा।

मौजूदा मार्केट करेक्शन में आप किन दो टेक्निकली मजबूत शेयरों को खरीदने की सलाह देंगे?

Manappuram Finance: यह स्टॉक लगातार मजबूती दिखा रहा है और डेली टाइमफ्रेम पर ‘हायर हाई, हायर लो’ पैटर्न में आगे बढ़ रहा है। 20-दिन का EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) लगातार डायनैमिक सपोर्ट का काम कर रहा है, और पिछले एक महीने में कई बार इस लेवल के आस-पास शेयर में खरीदारी देखी गई है। डेली चार्ट पर बढ़ता ADX तेजी (बुलिश ट्रेंड) की मजबूती का संकेत देता है। वीकली टाइमफ्रेम पर RSI (रिलेटिव ​स्ट्रेंथ इंडेक्स) ऊपर जाने से पहले 60 के निशान के पास मजबूती से बना हुआ है, जो बढ़ते बुलिश मोमेंटम को दर्शाता है।

इसके अलावा MACD में बढ़ते हरे हिस्टोग्राम बार दिख रहे हैं और MACD लाइन, सिग्नल लाइन के ऊपर है, जो बुलिश ट्रेंड को और मजबूत करता है। साथ ही आगे भी बढ़त की संभावना की ओर इशारा करता है। इसलिए, 340 रुपये के स्टॉप-लॉस के साथ 350-355 रुपये के जोन में शेयर जमा करने (एक्युमुलेशन) की सलाह दी जाती है। ऊपर की ओर, इसके शॉर्ट टर्म में 380 रुपये के लेवल तक पहुंचने की संभावना है।

Titan Company: टाइटन कंपनी ने 21 जुलाई को डेली टाइमफ्रेम पर ₹4,680-4,505 की रेंज से एक मजबूत ब्रेकआउट दिया और उसके बाद अच्छी बढ़त दिखाई। कमजोर मार्केट सेंटीमेंट के बीच 24 जुलाई को गैप-डाउन के साथ खुलने के बावजूद, स्टॉक में तेजी से खरीदारी हुई और यह ऊपर चढ़ गया। इससे एक बड़ी बुलिश कैंडल बनी। अब यह शॉर्ट और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेजेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो ट्रेंड की मजबूती को दिखाता है।

डेली चार्ट पर ADX तेजी से बढ़ा है, जो मजबूत बुलिश मोमेंटम का संकेत है। वीकली टाइमफ्रेम पर MACD क्रॉसओवर सकारात्मक गति की पुष्टि करता है। पिछले स्विंग हाई ₹4,605 ​​से ऊपर लगातार वीकली क्लोजिंग के साथ, टाइटन का टेक्निकल स्ट्रक्चर आगे भी बढ़त की संभावना दिखाता है। इसलिए, ₹4,525 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹4,670-4,715 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है। ऊपर की ओर, यह शॉर्ट टर्म में ₹5,040 के लेवल तक पहुंच सकता है।

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क्या आपको लगता है कि पिछले दो हफ्तों में जबरदस्त तेजी के बाद Astral में और बढ़त होगी?

29 जून को गैप-डाउन के बाद स्टॉक 21 जुलाई तक ₹1,311–1,423 की रेंज में कंसोलिडेट होता रहा। इसने 22 जुलाई को ब्रेकआउट दिया और अपने अहम शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेजेज को फिर से हासिल कर लिया। RSI ऊपर की ओर बढ़ रहा है, जो बुलिश मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत है, जबकि बढ़ते हरे MACD हिस्टोग्राम बार सकारात्मक रुख को और मजबूत करते हैं। उम्मीद है कि ₹1,400-1,410 का 20-दिन का EMA जोन मौजूदा पुलबैक के लिए मजबूत सपोर्ट देगा।

क्या आपको लगता है कि Laurus Labs अपना बुलिश मोमेंटम बनाए रखेगा, क्योंकि यह मार्च 2026 से ‘हायर हाई-हायर लो’ पैटर्न बना रहा है?

लॉरस लैब्स मजबूत ‘हायर हाई-हायर लो’ स्ट्रक्चर बनाए हुए है, जिसमें 20-दिन का EMA एक भरोसेमंद डायनैमिक सपोर्ट के तौर पर काम कर रहा है। RSI ने दो बार 60 के लेवल के पास सपोर्ट लिया है, जो लगातार बुलिश मोमेंटम को दिखाता है। इसके अलावा, ADX इंडिकेटर पर DI+ मजबूती से DI- के ऊपर बना हुआ है, जो मजबूत खरीदारी की दिलचस्पी को दर्शाता है। ₹1,525–1,530 का जोन एक अहम सपोर्ट है और जब तक स्टॉक इस लेवल से ऊपर है, तब तक इसमें तेजी जारी रह सकती है।

क्या FII की पोजीशनिंग बाजार पर लगातार दबाव का संकेत देती है, या आने वाले दिनों में शॉर्ट-कवरिंग रैली की संभावना है?

FIIs (विदेशी संस्थागत निवेशक) 24 जुलाई को नेट सेलर बने रहे। उन्होंने 3,893 करोड़ रुपये की बिकवाली की। इससे बीते सप्ताह की कुल बिकवाली का आंकड़ा 7,182 करोड़ रुपये हो गया। उनका इंडेक्स फ्यूचर्स लॉन्ग-शॉर्ट रेश्यो 17 जुलाई को 11.01 प्रतिशत से गिरकर 8.63 प्रतिशत हो गया, जो शॉर्ट पोजीशंस के आक्रामक रूप से बढ़ने को दर्शाता है।

हालांकि ऐतिहासिक रूप से ऐसी लो रीडिंग्स के बाद तेज शॉर्ट-कवरिंग रैली देखी गई है। लेकिन भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के निकट होना, मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी व जापानी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से मैक्रो स्थितियों में सुधार होने तक बाजार पर दबाव बने रहने की संभावना है।

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