Lenskart Block Deal: पीयूष बंसल की कंपनी में SVF II Lightbulb बेच सकती है ₹2871 करोड़ के शेयर

चश्मे बनाने वाली कंपनी लेंसकार्ट सॉल्यूशंस में ब्लॉक डील के तहत लगभग 30 करोड़ डॉलर के शेयर बिक सकते हैं। CNBC-TV18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि सॉफ्टबैंक विजन फंड (SVF) II लाइटबल्ब केमैन 2.6 प्रतिशत तक हिस्सेदारी की बिक्री कर सकती है। ट्रांजेक्शन के लिए फ्लोर प्राइस 635 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। शेयर बेचने वाले के लिए बाकी हिस्सेदारी बेचने को लेकर 45 दिन का लॉक-अप पीरियड होगा।

लेंसकार्ट में जून 2026 तिमाही के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 17.53 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 82.05 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। स्टॉक एक्सचेंज पर उपलब्ध डेटा के अनुसार, इसमें से SVF II Lightbulb (Cayman) Ltd के पास 9.86 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। अगर ट्रांजेक्शन हुआ तो सोमवार, 24 अगस्त को लेंसकार्ट के शेयरों में बड़ा उतारचढ़ाव देखने को मिल सकता है। शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 661.55 रुपये है।

कंपनी का मार्केट कैप 1.15 लाख करोड़ रुपये है। लेंसकार्ट ने 10 नवंबर, 2025 को शेयर बाजार में एंट्री की थी। इसका IPO 7278.02 करोड़ रुपये का था। शेयर साल 2026 में अब तक 50 प्रतिशत चढ़ा है। 3 महीनों में कीमत 32 प्रतिशत उछली है। हाल ही में MSCI इंडिया इंडेक्स में लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस के साथ-साथ लॉरस लैब्स, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और ग्रो की पेरेंट कंपनी बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स की एंट्री हुई है।

जून तिमाही में Lenskart का मुनाफा 269 प्रतिशत बढ़ा

अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 269.24 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी के बाद 221.84 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 43.3 प्रतिशत बढ़कर 2,714.18 करोड़ रुपये हो गया। भारत से रेवेन्यू 30.7 प्रतिशत बढ़कर 1,531 करोड़ रुपये रहा, जबकि अंतरराष्ट्रीय कारोबार से रेवेन्यू सालाना आधार पर 38 प्रतिशत बढ़कर 1,203 करोड़ रुपये हो गया।

लेंसकार्ट सॉल्यूशंस ने जून 2026 तिमाही के दौरान 132 नए स्टोर खोले। इसके बाद इसके एक्टिव स्टोर्स की कुल संख्या बढ़कर 3,459 हो गई है। कुल खर्च 2483.52 करोड़ रुपये के दर्ज किए गए, जो जून 2025 तिमाही में 1836.58 करोड़ रुपये के थे।

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹100 का डिविडेंड, 2 सितंबर से पहले बनना होगा शेयरहोल्डर; कीमत 3 साल में 150% चढ़ी

स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

लेंसकार्ट के शेयर को कवर कर रहे 21 एनालिस्ट्स में से 17 ने ‘बाय’ रेटिंग दी है। 3 ने ‘होल्ड’ और एक ने ‘सेल’ की सलाह दी है। जेफरीज ने स्टॉक पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस बढ़ाकर 680 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि मांग के बजाय आपूर्ति कंपनी के लिए प्रमुख बाधा बनी हुई है। सिटी ने 650 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ ‘न्यूट्रल’ रेटिंग बरकरार रखी है। कहा है कि लेंसकार्ट के मार्जिन को हायर एवरेज सेलिंग प्राइस, बेहतर प्रोडक्ट मिक्स, इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग और ऑपरेटिंग लेवरेज से लाभ होता है।

सिटी को उम्मीद है कि कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार अच्छी बनी रहेगी। इसे स्टोर्स में बढ़ोतरी और कस्टमर एक्वीजीशन का सपोर्ट मिलेगा। HSBC ने स्टॉक के लिए ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 575 रुपये प्रति शेयर दिया है। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और ​2028 के लिए EBITDA अनुमानों को क्रमशः 6 प्रतिशत और 5 प्रतिशत बढ़ाया है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Awarapan 2 Box Office Collection Day 8: छप्पर फाड़ कमाई कर रही इमरान हाशमी की फिल्म, 170 करोड़ के पहुंची करीब

Awarapan 2 Box Office Collection Day 8: इमरान हाशमी की फिल्म ‘आवारापन 2’ बॉक्स ऑफिस पर अपने दूसरे हफ़्ते में भी अच्छी रफ़्तार से आगे बढ़ रही है। 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई यह रोमांटिक-एक्शन ड्रामा फिल्म, शानदार ओपनिंग के बाद भी दर्शकों को अपनी ओर खींच रही है।

इंडस्ट्री ट्रैकर Sacnilk के अनुसार, ‘आवारापन 2’ ने भारत में आठवें दिन 5.50 करोड़ रुपये (नेट) की कमाई की। इसके साथ ही, फिल्म का घरेलू नेट कलेक्शन 119 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन अभी 141.87 करोड़ रुपये है।

फ़िल्म विदेशों में भी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। आठवें दिन, ‘आवारापन 2’ ने विदेशी बाजार में 1 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया, जिससे इसका इंटरनेशनल कलेक्शन 27.30 करोड़ रुपये हो गया। फ़िल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 169.17 करोड़ रुपये है, जो इसे 170 करोड़ रुपये के आंकड़े के करीब ले आया है।

आठवें दिन ‘आवारापन 2’ की भारत में कुल ऑक्यूपेंसी 15.19 प्रतिशत रही और फिल्म के 9,858 शो दिखाए गए। ये आंकड़े बताते हैं कि दूसरे हफ़्ते में भी फ़िल्म की पकड़ मज़बूत बनी हुई है।

फिल्म ने पहले दिन ₹22 करोड़ की कमाई के साथ शुरुआत की और वीकेंड पर इसकी कमाई में उछाल आया। इसने दूसरे दिन ₹33.75 करोड़ और तीसरे दिन ₹26 करोड़ कमाए। इसके बाद चौथे दिन कमाई घटकर ₹9.25 करोड़ हो गई, फिर पांचवें दिन ₹9.75 करोड़, छठे दिन ₹6.75 करोड़ और सातवें दिन ₹6 करोड़ रही। आठवें दिन फिल्म ने ₹5.50 करोड़ और कमाए, जिससे पहले आठ दिनों में इसकी कुल भारत नेट कमाई ₹119 करोड़ हो गई।

नितिन कक्कड़ द्वारा निर्देशित, ‘आवारापन 2’ साल 2007 की फिल्म ‘आवारापन’ का सीक्वल है। फिल्म में इमरान हाशमी, दिशा पाटनी, पूरन गब्बी, अनिरुद्ध रावल, शबाना आज़मी, सुविंदर विक्की, विजयंत कोहली और अतुल कुमार मुख्य भूमिकाओं में हैं। विशेष फिल्म्स बैनर के तहत विशेष भट्ट और मुकेश भट्ट द्वारा प्रोड्यूस की गई यह फिल्म शिवम पंडित की कहानी है, जो प्यार, त्याग और प्रायश्चित से जूझते हुए अपराध की दुनिया में वापस खिंचा चला आता है।

Delhi Master Plan 2047: दिल्ली के इन इलाकों में बदल जाएगी तस्वीर, 200 वर्ग किमी में नया शहर बसाने की तैयारी

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) मास्टर प्लान दिल्ली-2047 (MPD-2047) के तहत राजधानी के बाहरी इलाकों के विकास को लेकर बड़ा प्लान तैयार किया गया है। MPD-2047 के तहत दिल्ली के बाहरी इलाकों में करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को विकसित करने की योजना है। लैंड पूलिंग के जरिए यहां व्यवस्थित तरीके से विकास किया जाएगा। इस इलाके में करीब 600 किलोमीटर लंबी नई सड़कें बनाने की योजना है। 30 मीटर या उससे ज्यादा चौड़ी सड़कों को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) विकसित करेगा। यह योजना विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।

जानें इस विकास मॉडल के बारे में

अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-II) के आसपास घने और मिश्रित तरीके से विकास को बढ़ावा देने की योजना है। यहां सस्ते घरों के साथ दुकानों, दफ्तरों, संस्थानों, लॉजिस्टिक्स और गोदामों जैसी सुविधाओं को विकसित किया जा सकेगा। MPD-2047 में अलग-अलग विकास मॉडल रखे गए हैं, जिससे जरूरत के अनुसार इलाकों को विकसित किया जा सकेगा।

MPD-2047 के जरिए होगा विकास

दिल्ली-2047 मास्टर प्लान के तहत राजधानी के बाहरी इलाकों में विकास को गति देने की तैयारी है। इसके लिए करीब 200 वर्ग किलोमीटर के अर्बन एक्सटेंशन क्षेत्र में लैंड पूलिंग व्यवस्था को मजबूत किया गया है। योजना का उद्देश्य इन क्षेत्रों में सड़क और दूसरी जरूरी सुविधाओं के साथ व्यवस्थित विकास करना है। इसके तहत करीब 600 किलोमीटर का नया सड़क नेटवर्क तैयार करने की योजना है, जिससे लैंड पूलिंग वाले इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। MPD-2047 में जमीन मालिकों की सुविधा के लिए अलग-अलग विकास मॉडल हैं। इससे जमीन के मालिक अपनी सुविधा के अनुसार योजना में शामिल हो सकेंगे और इलाकों में जरूरी सुविधाएं समय पर तैयार करने में मदद मिलेगी। वहीं, DDA सड़क, परिवहन और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित करेगा।

बेहतर आवास के साथ मिलेगी अच्छी सुविधा

MPD-2047 में शहर के विकास को पहले से ज्यादा व्यवस्थित और सुविधाओं पर आधारित बनाने पर जोर दिया गया है। 30 मीटर या उससे ज्यादा चौड़ी सड़कों को DDA की ओर से विकसित किया जाएगा। नए शहरी क्षेत्रों में सिर्फ घर ही नहीं बनाए जाएंगे, बल्कि स्कूल, अस्पताल, पार्क, हरित क्षेत्र, बाजार और दूसरी जरूरी सार्वजनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य लोगों को बेहतर आवास के साथ अच्छी और सुविधाजनक जीवनशैली देना है।

20 हेक्टेयर जमीन की जरूरत

दिल्ली के बाहरी इलाकों में निजी जमीन को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने के लिए 2018 में लैंड पूलिंग पॉलिसी शुरू की गई थी। इसमें जमीन मालिक अपनी इच्छा से योजना में शामिल हो सकते हैं और DDA की भूमिका एक मददगार संस्था के तौर पर रहती है। अब MPD-2047 के तहत इस व्यवस्था को और आसान बनाने की तैयारी है। जमीन मालिक कंसोर्टियम के जरिए जमीन को एक साथ लाकर विकास कर सकते हैं। इसके अलावा टाउन प्लानिंग जैसे विकल्प भी दिए गए हैं, जिसमें कम से कम 20 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी।

नए इलाकों में घरों को किया जाएगा विकसित

MPD-2047 के तहत नए इलाकों में घरों के साथ लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने वाली सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। सड़क की चौड़ाई के अनुसार रिहायशी क्षेत्रों में दुकान, छोटे कारोबार और दूसरी सेवाओं की अनुमति दी जा सकेगी। वहीं, UER-II के आसपास सस्ते घरों के साथ बाजार, संस्थान, लॉजिस्टिक्स और गोदाम बनाने की योजना है। इससे इन क्षेत्रों में रोजगार और कारोबार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

जुलाई 2026 तक मिले इतने आवेदन

लैंड पूलिंग पॉलिसी को तेजी से लागू करने के लिए दिल्ली डेवलपमेंट एक्ट, 1957 में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। यह योजना छह प्लानिंग जोन K-I, L, N, P-II, P-I का हिस्सा और J के 105 गांवों में लागू है, जिन्हें 138 सेक्टर में बांटा गया है। जुलाई 2026 तक इस योजना के तहत 7,615 से ज्यादा आवेदन मिल चुके थे और 7,885 हेक्टेयर से अधिक जमीन पूल की जा चुकी थी। 16 सेक्टर में तय लक्ष्य के 70 फीसदी से ज्यादा जमीन इकट्ठा हो चुकी है, जिसके बाद DDA ने वहां कंसोर्टियम बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

प्लानिंग जोन P-II का सेक्टर 8B लैंड पूलिंग योजना में आगे बढ़ने वाला पहला सेक्टर बन गया है। गाड़ी खसरो और इब्राहिम पुर गांवों में आने वाले इस सेक्टर में 70 फीसदी से ज्यादा जमीन एक साथ पूल हो चुकी है, इसलिए अब यहां विकास कार्य शुरू किए जा सकते हैं। इसके अलावा आठ अन्य सेक्टरों के जमीन मालिकों ने भी DDA को कंसोर्टियम बनाने की जानकारी दी है, जिससे योजना को जमीन पर लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

MPD-2047 के तहत लैंड पूलिंग के जरिए दिल्ली के बाहरी इलाकों को बेहतर तरीके से विकसित करने की योजना है। इन क्षेत्रों में सड़क और दूसरी जरूरी सुविधाओं के साथ घर, रोजगार के अवसर, सार्वजनिक सुविधाएं और हरित क्षेत्र भी तैयार किए जाएंगे।

शेयर बाजार के आने वाले हैं अच्छे दिन, एक्सपर्ट ने बताई इसकी तीन बड़ी वजहें

शेयर बाजारों का बुरा दौर खत्म हो चुका है। अब बाजार के अच्छे दिन शुरू होने जा रहे है। अल्फएक्युरेट एडवाइजर्स राजेश कोठारी का ऐसा मानना है। उनका कहना है कि भारतीय शेयर बाजार के लिए स्थितियां अनुकूल दिख रही हैं। क्रेडिट ग्रोथ, कंजम्प्शन और कैपिटल एक्सपेंडिचर्स से अगले 6 से 12 महीनों में बाजार को बड़ा सपोर्ट मिलेगा।

बाजार में तेजी के लिए ये तीन चीजें जरूरी

कोठारी की इस उम्मीद की वजह यह है कि जब ये तीनों चीजें एक साथ होती हैं तो कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ अच्छी रहती है। बीते एक-दो साल में शेयर बाजारों की कमजोरी में कंपनियों की खराब अर्निंग्स ग्रोथ का बड़ा हाथ है। हालांकि, अब स्थिति बदलती दिख रही है। जून तिमाही में अर्निंग्स ग्रोथ में काफी इम्प्रूवमेंट दिखा है।

बाजार में तेजी के लिए दूसरी स्थितियां भी अनुकूल 

सीएनबीसी-टीवी18 को दिए इंटरव्यू में कोठारी ने कहा, “जब कभी क्रेडिट, कंजम्प्शन और कैपेक्स की ग्रोथ एक साथ दिखती है तो कंपनियों की अर्निंग्स में इम्प्रूवमेंट आता है।” हालांकि, शेयर बाजार का प्रदर्शन आगे बेहतर रहने की उनकी उम्मीद के पीछे सिर्फ एक यही वजह नहीं है।

क्रेडिट ग्रोथ बढ़ने से बाजार को मिलेगा सपोर्ट 

उन्होंने कहा कि बीते एक साल में बाजार पर दबाव बढ़ाने वाली स्थितियों में अब बदलाव आ रहा है। इधर, वैल्यूएशन सही लेवल पर दिख रहा है। क्रेडिट ग्रोथ पिछले साल 9-10 फीसदी थी, जो अब करीब 18 फीसदी पर आ गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि क्रेडिट साइकिल रफ्तार पकड़ रही है।

कंजम्प्शन पर बीते 4 सालों से दबाव दिख रहा था

कोठारी ने कहा कि कोविड के बाद से कंजम्प्शन बीते करीब 4 साल से दबाव में रहा है। अब स्थिति बदल रही है। कई कंज्यूमर कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे काफी बेहतर रहे हैं। कंजम्प्शन बढ़ने का सीधा संबंध कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ से है। इससे कंपनियों का अर्निंग्स साइकिल को लेकर भरोसा बढ़ता है।

कई बिल्डिंग मैटेरियल्स की मांग स्ट्रॉन्ग रहने की उम्मीद

उन्होंने कहा कि कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ रहा है। उनका संकेत खासकर बिल्डिंग मैटेरियल्स पर था। हालांकि, वह अभी भी रियल एस्टेट को लेकर सावधानी बरतने के पक्ष में है। उनका मानना है कि अगले दो से तीन साल में टाइल्स, सैनटरीवेयर, वायर्स और केबल्स की डिमांड स्ट्रॉन्ग रह सकती है। पिछले कुछ सालों में शुरू हुए रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स अब पूरे होने के करीब हैं।

बीते एक साल में निफ्टी और सेंसेक्स का रिटर्न निगेटिव 

बीते एक साल में भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन खराब रहा है। इस दौरान निफ्टी और सेंसेक्स दोनों का रिटर्न निगेटिव रहा है। निफ्टी में इस दौरान 2.49 फीसदी की गिरावट आई है। सेंसेक्स इस दौरान 4.63 फीसदी गिरा है। बाजार को इस दौरान कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ ने माहौल खराब किया। फिर, इस साल फरवरी के आखिर में अमरिका और ईरान में लड़ाई शुरू होने से क्रूड की कीमतें आसमान में पहुंच गईं।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Gold ने बीते एक साल में 35% रिटर्न दिया, अभी गोल्ड और शेयर में से किसमें निवेश करने पर ज्यादा रिटर्न मिलेगा?

सोना ने बीते एक साल में 35.3 फीसदी रिटर्न दिया है। इस दौरान निफ्टी 50 टोटल रिटर्न इंडेक्स (टीआरआई) ने 5.4 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। इस लिहाज से बीते एक साल में गोल्ड के निवेशकों को अच्छा मुनाफा हुआ है, जबकि शेयरों के निवेशकों को लॉस उठाना पड़ा है। सवाल है कि क्या शेयरों की जगह गोल्ड में निवेश करना ज्यादा फायदेमंद है?

छोटे टाइम फ्रेम में कई बार सोने ने दिया ज्यादा रिटर्न

इस सवाल का जवाब पाने के लिए हमें थोड़ा पीछे जाना होगा। फंड्सइंडिया के वेल्थ कनवर्सेशंस अगस्त 2026 की रिपोर्ट बताती है कि छोटे-छोटे टाइम फ्रेम में गोल्ड ने शेयरों से ज्यादा रिटर्न दिया है। लेकिन, जब हम लंबे टाइम फ्रेम में देखते हैं तो शेयरों ने सोने के मुकाबले निवेशकों को ज्यादा रिटर्न दिए हैं।

सालाना आधार पर गोल्ड कभी आगे तो कभी पीछे रहा है

फंडसइंडिया ने साल 2000 से लेकर अब तक गोल्ड और Nifty 50 TRI के रिटर्न की तुलना की है। डेटा बताते हैं कि सालान आधार पर रिटर्न की तुलना करने पर गोल्ड कई बार रिटर्न के मामले में शेयरों से आगे रहा है तो कई बार पीछे रहा है। कई बार किसी साल इसने शेयरों के मुकाबले 79 फीसदी रिटर्न दिया है तो कभी इसका रिटर्न शेयरों के मुकाबले 65 फीसदी तक कम रहा है।

लंबी अवधि में शेयरों का रिटर्न गोल्ड से ज्यादा 

निवेश की अवधि बढ़ाने पर हमें दूसरे तरह के नतीजे मिलते हैं। 10 साल की अवधि में गोल्ड का सालाना रिटर्न Nifty 50 TRI के मुकाबले करीब 2 पर्सेंटेज प्वाइंट कम रहा है। 15 साल की अवधि में भी औसत रिटर्न सालाना आधार पर शेयरों के मुकाबले 2 पर्सेंटेज प्वाइंट कम रहा है। 20 साल की अवधि में भी देखने पर सालाना आधार पर गोल्ड का औसत रिटर्न शेयरों के मुकाबले करीब 2 पर्सेंटेज प्वाइंट कम रहा है।

रिटर्न में थोड़ा अंतर भी लंबी अवधि में बड़ा फर्क पैदा करता है

रिटर्न में 2 पर्सेंटेज प्वाइंट का फर्क पहली नजर में ज्यादा नहीं लगता है। लेकिन, जब हम 10, 15 और 20 साल की अवधि में रिटर्न की बात करते हैं तो यह छोटा फर्क काफी बड़ा बन जाता है। सवाल है कि क्या इसका मतलब है कि गोल्ड की जगह शेयरों में निवेश करने पर ज्यादा पैसा बनेगा? इस सवाल का जवाब बहुत आसान नहीं है। इसकी वजह यह है कि आपके निवेश (पोर्टफोलियो) में सोने और शेयरों की भूमिका अलग-अलग होती है।

लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन के लिए शेयरों में निवेश समझदारी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन यानी पैसा बनाने के लिए शेयर सही हैं। गोल्ड का काम पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करना है। इसका फायदा यह है कि कई बार जब शेयर बाजार में दबाव दिखता है तो गोल्ड पोर्टफोलियो को नुकसान से बचाता है। इसका सबसे अच्छा उदाहरण है बीता एक साल है। बीते एक साल में जब शेयरों ने निगेटिव रिटर्न दिया है तो गोल्ड ने बंपर 35 फीसदी का रिटर्न दिया है।

यह भी पढ़ें: Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोने में तेजी, चांदी सिर्फ दो दिन में 15000 रुपये चढ़ गई

इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में गोल्ड और शेयर की भूमिका अलग-अलग है

जब आप निवेश का प्लान बनाते हैं तो आपके दिमाग में गोल्ड और शेयर की भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए। ज्यादातर इनवेस्टर्स दूसरी तरह से सोचते हैं। वे सिर्फ यह देखते हैं कि किसी एसेट में निवेश करने पर ज्यादा रिटर्न मिलेगा। ऐसा सोचना गलत है। 10, 15, 20, 30 साल के पीरियड में रिटर्न की तुलना से यह स्पष्ट हो चुका है कि शेयरों में निवेश करने पर ज्यादा वेल्थ क्रिएशन होता है। इसका मतलब है कि आपका ज्यादा निवेश शेयरों में होना चाहिए और कुछ निवेश गोल्ड में होना चाहिए। इससे लंबी अवधि में आपके पोर्टफोलियो का रिटर्न बेहतर रहेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

IPOs This Week: 24 अगस्त से शुरू हफ्ते में प्राइमरी मार्केट में दिखेगा जबरदस्त एक्शन, खुलेंगे 9 नए इश्यू

24 अगस्त से शुरू हो रहे हफ्ते में IPO मार्केट काफी गुलजार रहेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 9 नए पब्लिक इश्यू खुलने जा रहे हैं। इनमें से 5 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 2 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। ये दोनों भी मेनबोर्ड हैं। जहां तक स्टॉक मार्केट में नई लिस्ट होने वाली कंपनियों की बात है तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 9 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 7 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

Symbiotec Pharmalab IPO: ₹1,757 करोड़ का इश्यू 24 अगस्त को खुलेगा और 27 अगस्त को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹938-₹988 प्रति शेयर और लॉट साइज 15 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 1 सितंबर को होगी।

Skyways Air IPO: कंपनी ₹582.80 करोड़ जुटाना चाहती है। इश्यू 24 अगस्त को खुलेगा और 27 अगस्त तक निवेश किया जा सकेगा। प्राइस बैंड ₹131-₹138 प्रति शेयर और लॉट साइज 100 शेयर है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 1 सितंबर को होने की उम्मीद है।

Hy-Tech Engineers IPO: यह इश्यू भी 24 अगस्त को खुलेगा। इसमें ₹50-₹53 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 283 शेयरों के लॉट में 27 अगस्त तक पैसे लगाए जा सकेंगे। साइज ₹135.73 करोड़ है। IPO की क्लोजिंग के बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 1 सितंबर को हो सकती है।

ABH Healthcare IPO: ₹34.98 करोड़ का IPO 24 अगस्त को खुलेगा। क्लोजिंग डेट 27 अगस्त है। बोली लगाने के​ लिए भाव ₹96-₹102 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1,200 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE SME पर 1 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Madhur Knit IPO: यह 24 अगस्त को खुलेगा और 27 अगस्त को बंद होगा। कंपनी का इरादा ₹53.27 करोड़ जुटाने का है। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹95-₹100 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,200 शेयर है। कंपनी के शेयर NSE SME पर 1 सितंबर को लिस्ट हो सकते हैं।

Annu Projects IPO: कंपनी ₹175.06 करोड़ जुटाना चाहती है। IPO 25 अगस्त को ओपन होने वाला है। क्लोजिंग 28 अगस्त को होगी। निवेशक ₹94-₹99 प्रति शेयर के प्राइस बैंड में और 151 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 2 सितंबर को शुरुआत कर सकते हैं।

Sumax Engineering IPO: ₹53.40 करोड़ का इश्यू 25 अगस्त को खुल रहा है। प्राइस बैंड ₹95-₹101 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1,200 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 28 अगस्त को होगी, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग NSE SME पर 2 सितंबर को हो सकती है।

Lumino Industries IPO: यह 27 अगस्त को खुलने वाला है। कंपनी का इरादा ₹700 करोड़ जुटाने का है। बोली ₹78-₹82 प्रति शेयर के भाव पर और 182 शेयरों के लॉट में लगा सकते हैं। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 3 सितंबर को होने वाली है।

Kwick Forensic Solutions IPO: यह ₹50.77 करोड़ का है। ओपनिंग 27 अगस्त को और क्लोजिंग 31 अगस्त को होगी। प्राइस बैंड ₹85-₹90 प्रति शेयर और लॉट साइज 1,600 शेयर है। कंपनी के BSE SME पर 3 सितंबर को लिस्ट होने की उम्मीद है।

Online Instruments के आईपीओ को सेबी की मंजूरी, 750 करोड़ जुटाएगी कंपनी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

भावनगर में जहरीली शराब से 8 की मौत, 14 आरोपी गिरफ्तार

भावनगर में जहरीली शराब से 8 की मौत, 14 आरोपी गिरफ्तार

poisonous liquor

गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब पीने से 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 61 लोग प्रभावित हैं। पुलिस ने अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच तेज कर दी है। इस पूरी घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित लोगों के इलाज और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ALSO READ: भूपेंद्र पटेल की वर्ल्ड बैंक संग बड़ी बैठक, GIFT City से AI तक पर चर्चा; वॉलमार्ट के साथ MSME को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर मंथन

 

अस्पताल से अब तक 16 डिस्चार्ज 

अस्पताल में भर्ती मरीजों में से अब तक 16 लोगों को डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि वर्तमान में 19 मरीज अस्पताल में उपचाराधीन हैं। इलाज करा रहे मरीजों में से 5 मरीजों को आईसीयू (ICU) में रखा गया है, जिनमें से एक मरीज की हालत बेहद गंभीर बताई गई है। इस हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2 मरीजों की मौत संदिग्ध मानी जा रही है। राहत की बात यह है कि पिछले 24 घंटों में कोई नया मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं हुआ है। 

 

पुलिस रिमांड पर आरोपी

नकली शराबकांड को लेकर पुलिस ने जांच तेज कर दी है और अब तक कुल 14 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। शुरुआत में पकड़े गए 13 आरोपियों को कोर्ट ने 10 दिन के रिमांड पर भेजा था। इस मामले के मुख्य आरोपी रईस के 9 दिन की पुलिस रिमांड पर है। पुलिस द्वारा मामले में आरोपियों की भूमिका, नकली शराब की सप्लाई और पूरे नेटवर्क को लेकर गहन जांच की जा रही है। 

 

इस मामले में पकड़े गए सभी आरोपियों की रिमांड अवधि 31 अगस्त को पूरी हो रही है। रिमांड खत्म होने के बाद सभी आरोपियों को दोबारा अदालत के सामने पेश किया जाएगा। पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ ही इस नकली शराबकांड से जुड़े अन्य लोगों और उनके नेटवर्क के बारे में भी नई जानकारी सामने आने की संभावना है। ALSO READ: गुजरात सरकार का बड़ा फैसला, विदेश में पढ़ाई के लिए अब 10 लाख रुपये तक आय वालों को मिलेगा लोन

 

मामले पर गरमाई सियासत

भावनगर की इस गंभीर घटना को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी बयानबाजी देखने को मिल रही है। इसी सिलसिले में कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल भावनगर का दौरा करेंगे। वे वहां पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी लेंगे और प्रभावित परिवारों तथा मौजूदा स्थिति का जायजा लेंगे। फिलहाल भावनगर में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरी स्थिति पर सख्त निगरानी बनाए हुए हैं।

Shadowfax में क्वालकॉम ने बेची ₹184 करोड़ की हिस्सेदारी, सोमवार को शेयर में दिख सकता है जबरदस्त एक्शन

अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनी क्वालकॉम इनकॉरपोरेटेड ने ओपन-मार्केट ट्रांजेक्शन के जरिए लॉजिस्टिक्स फर्म शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज में 184 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। स्टॉक एक्सचेंज पर उपलब्ध बल्क डील डेटा के अनुसार, क्वालकॉम की सब्सिडियरी क्वालकॉम एशिया पैसिफिक पीटीई ने शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज में 75 लाख शेयर बेचे। ये कंपनी की कुल हिस्सेदारी के 1.28 प्रतिशत के बराबर हैं। शेयर 245.13 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचे गए, जिससे इस ट्रांजेक्शन की कुल वैल्यू 183.8 करोड़ रुपये रही।

जून 2026 तक क्वालकॉम एशिया पैसिफिक पीटीई के पास शैडोफैक्स की 2.26 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इस डेवलपमेंट के बाद सोमवार, 24 अगस्त को शैडोफैक्स के शेयरों में तेज हलचल दिख सकती है। जुलाई-सितंबर तिमाही में अब तक कुछ और बड़े इनवेस्टर्स भी शैडोफैक्स में अपनी हिस्सेदारी कम कर चुके हैं। न्यूवेस्ट एशिया फंड IV (सिंगापुर) ने 6 अगस्त को 2.13 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची, जबकि फ्लिपकार्ट इंटरनेट ने 5.48 प्रतिशत और एट रोड्स इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस II ने 24 जुलाई को 7.67 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची।

शैडोफैक्स, फ्लिपकार्ट के मुख्य लास्ट-माइल डिलीवरी पार्टनर्स में से एक है। यह हाइपरलोकल और ई-कॉमर्स शिपमेंट संभालती है, खासकर पीक डिमांड के समय जब कंपनी का अपना लॉजिस्टिक्स नेटवर्क दबाव में होता है। शैडोफैक्स के प्रमोटर अभिषेक बंसल और वैभव खंडेलवाल हैं। अभिषेक मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हैं। वहीं वैभव होल टाइम डायरेक्टर और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर हैं।

जनवरी 2026 में लिस्ट हुई थी Shadowfax Technologies

शुक्रवार, 21 अगस्त को BSE पर शैडोफैक्स के शेयर 255.45 रुपये पर बंद हुए। शैडोफैक्स टेक्नोलोजिज जनवरी 2026 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 1,907.27 करोड़ रुपये का था। कंपनी का मार्केट कैप 14900 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर 6 महीनों में 120 प्रतिशत और 3 महीनों में 24 प्रतिशत बढ़ा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 16.51 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

क्या शेयर बाजार में तूफानी तेजी आने वाली है? JPMorgan ने दिया Nifty को 27000 का टारगेट, बुल केस और बीयर केस में ये है अनुमान

शैडोफैक्स कई तरह के एंटरप्राइज क्लाइंट्स को सर्विस देती है। इनमें हॉरिजॉन्टल और नॉन-हॉरिजॉन्टल ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, फूड मार्केटप्लेस और ऑन-डिमांड मोबिलिटी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी एक्सप्रेस फॉरवर्ड पार्सल डिलीवरी, रिवर्स पिकअप, ऑन-डिमांड हाइपरलोकल और क्रिटिकल लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन उपलब्ध कराती है।

कंपनी की वित्तीय सेहत

शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,323.85 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 66.20 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 4,080.35 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 115.18 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Gold Price Today: सोने में तेजी बरकरार, दिल्ली में ₹147260 पर पहुंचा 22 कैरेट; चांदी में भी उछाल

देश में सोने की कीमत में तेजी कायम है। 22 अगस्त की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत बढ़कर 160640 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। मुंबई में कीमत 160490 रुपये प्रति 10 ग्राम है। दूसरे शहरों में भी भाव में बढ़ोतरी दिख रही है। कमजोर अमेरिकी डॉलर और वैश्विक बाजारों में मजबूत रुख से कीमती धातुओं में निवेश बढ़ा है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में सोने और चांदी का भाव 3 महीने से अधिक के उच्च स्तर पर पहुंच गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,600.91 डॉलर प्रति औंस पर है। अमेरिकी ट्रेजरी की ओर से लंबी अवधि की सिक्योरिटीज का बायबैक बढ़ाने के कदम ने बॉन्ड यील्ड को नीचे धकेल दिया और अमेरिकी डॉलर को कमजोर कर दिया। इससे सोने की कीमतों को पुश मिला। U.S. ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि वह ट्रेजरी की सरकारी रीपरचेज को और बढ़ा सकते हैं।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमत: दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 160640 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 147260 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 147110 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 160490 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 160490 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 147110 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 160490 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 147110 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली147260160640
मुंबई147110160490
अहमदाबाद147160160540
चेन्नई147110159280
कोलकाता147110160490
हैदराबाद147110160490
जयपुर147260160640
भोपाल147160160540
लखनऊ147260160640
चंडीगढ़147260160640

Gold Price : इस हफ्ते 5% उछला सोना, जानिए क्या है इसकी वजह और क्या अभी भी हैं इसमें निवेश के मौके

चांदी का भाव

चांदी में भी तेजी बरकरार है। 22 अगस्त की सुबह कीमत बढ़कर 260100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 69.87 डॉलर प्रति औंस है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें घरेलू फैक्टर्स के साथ-साथ वैश्विक फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, दिल्ली समेत इन शहरों में पेट्रोल 100 रुपये के पार

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 22 आगस्त 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 जबकि डीजल ₹99.82 प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल ₹102.77 तथा डीजल ₹95.44 प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 जबकि डीजल ₹98.80 प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹109.92 और डीजल ₹100.92 प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल ₹98.10 तथा डीजल ₹86.09 प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 और डीजल ₹103.82 प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल ₹112.66 जबकि डीजल ₹97.78 प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 और डीजल ₹95.55 प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल ₹113.35 तथा डीजल ₹99.36 प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल ₹115.49 और डीजल ₹104.40 प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।