दशकों बाद गंगा में हुआ बड़ा चमत्कार! लौटी सबसे कीमती हिल्सा मछली, जानिए क्यों है ये शुभ संकेत

उत्तर प्रदेश के चंदौली से एक अच्छी खबर सामने आई है। करीब तीन दशक बाद उत्तर प्रदेश के चंदौली में हिल्सा मछली दोबारा दिखाई दी है। पिछले कई सालों से इन इलाकों में नजर न आने वाली हिल्सा मछली अब गंगा नदी के मध्य और ऊपरी हिस्सों में फिर से दिखाई देने लगी है। हिल्सा की ये प्रजाति करीब 30 साल पहले गंगा के ऊपरी इलाकों से गायब हो गई थी और अब यहां दोबारा दिखाई दी है।अधिकारियों के मुताबिक, हिल्सा की वापसी नदी के बेहतर होते पर्यावरण और जलीय जीवों की बढ़ती बायोडायवर्सिटी का संकेत है। इसे गंगा नदी को फिर से स्वस्थ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

सेंट्रल इनलैंड फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (ICAR-CIFRI) के अनुसार, उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में मार्कंडेय महादेव मंदिर के पास गंगा नदी से दो हिल्सा मछलियां मिली हैं। दोनों मछलियों का कुल वजन करीब 740 ग्राम था।

1975 में बैराज के बाद रुक गया रास्ता

पहले हिल्सा मछली बंगाल की खाड़ी से गंगा नदी के रास्ते वाराणसी, प्रयागराज और ऊपरी इलाकों तक पहुंचती थी। लेकिन 1975 में फरक्का बैराज बनने के बाद हिल्सा के नदी में आगे बढ़ने का रास्ता काफी हद तक रुक गया। इसके कारण मध्य और ऊपरी गंगा में हिल्सा की संख्या तेजी से घट गई और इस मछली पर निर्भर नदी किनारे रहने वाले मछुआरों को भी काफी नुकसान हुआ।

ICAR-CIFRI ने शुरु किया प्रोगाम

हिल्सा मछली का पर्यावरण और मछुआरों की कमाई में खास महत्व है। इसे देखते हुए ICAR-CIFRI, बैरकपुर और नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (NMCG) ने हिल्सा को गंगा में फिर से बढ़ाने के लिए लंबे समय का वैज्ञानिक कार्यक्रम शुरू किया। इसका मकसद हिल्सा के लिए बेहतर माहौल बनाना और नदी में इसकी संख्या बढ़ाना था। संस्थान के अनुसार, 2019 से जून 2026 के बीच हिल्सा की संख्या बढ़ाने के लिए कई स्तरों पर काम किया गया। ICAR-CIFRI ने नदी में हिल्सा के पालन-पोषण और संख्या बढ़ाने, कृत्रिम प्रजनन, तैयार अंडों और स्पॉन को नदी में छोड़ने के साथ मछलियों की टैगिंग और उनकी निगरानी की। इस पूरी प्रक्रिया में नदी से जुड़े लोगों और अन्य संबंधित पक्षों को भी शामिल किया गया।

मछलियों की हुई टैगिंग

इस अभियान के दौरान 3.85 लाख से ज्यादा छोटी और बड़ी हिल्सा मछलियों को नदी में छोड़ा गया। इसके अलावा, 40 लाख से अधिक निषेचित अंडे और करीब 9.4 लाख छोटे स्पॉन भी फरक्का बैराज के ऊपर नदी में छोड़े गए। मछलियों की टैगिंग और लगातार निगरानी से उनकी आवाजाही, जीवित रहने और एक जगह से दूसरी जगह जाने की जानकारी जुटाई गई। 2023 से 2025 के बीच निगरानी में हिल्सा की आवाजाही मिर्जापुर तक देखी गई, जिससे पता चला कि यह मछली धीरे-धीरे अपने पुराने इलाकों में वापस लौट रही है।

हिल्सा एक संवेदनशील प्रवासी मछली

विशेषज्ञों के मुताबिक, हिल्सा एक संवेदनशील प्रवासी मछली है और इसका नदी में दोबारा दिखना गंगा के पानी और उसके आसपास के वातावरण के बेहतर होने का संकेत माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, ICAR-CIFRI और NMCG की साझेदारी में वैज्ञानिक शोध, नदी संरक्षण, मैदानी स्तर पर किए गए काम और स्थानीय लोगों की भागीदारी को एक साथ जोड़ा गया। इस पहल से पता चलता है कि लगातार वैज्ञानिक प्रयास, संस्थाओं की जिम्मेदारी और मिलकर बनाई गई योजनाओं के जरिए नदी और उसके जलीय जीवन को बेहतर बनाने में सकारात्मक नतीजे हासिल किए जा सकते हैं।

हिल्सा की गंगा में दोबारा वापसी से दूसरी स्थानीय और प्रवासी मछलियों को भी नदी में फिर से बसाने की उम्मीद बढ़ी है। संस्थान के मुताबिक, इससे यह बात भी सामने आती है कि नदियों को केवल पानी के इस्तेमाल और प्रबंधन के साधन के रूप में नहीं, बल्कि एक पूरे जीवित पर्यावरण के तौर पर बचाना और संभालना जरूरी है।

डायमंड लीग में नहीं होगी नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम की भिड़त, पाक खिलाड़ी ने अचानक वापस लिया नाम

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पाकिस्तान के स्टार जैवलिन थ्रोअर और ओलंपिक गोल्ड मेडल विनर अरशद नदीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। वहीं खराब प्रदर्शन के बाद नदीम ने इस महीने के अंत में लॉजेन में होने वाली डायमंड लीग प्रतियोगिता से हटने का फैसला किया है। लुसाने डायमंड लीग का आयोजन 21 अगस्त को होगी। इस लीग से नदीम ने अपना नाम वापस ले लिया है। वहीं अब डायमंड लीग में भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा का सामना पाकिस्तान के अरशद नदीम के साथ नहीं होगा।

एशियन गेम के लिए करना चाहते हैं तैयार

नदीम के डायमंड लीग से पीछे हटने की वजह एशियन गेम्स 2026 और विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप के लिए तैयारी बताया जा रहा है। फिलहाल नदीम लाहौर में प्रैक्टिस कर रहे हैं। इसके बाद वह अपने कोच टेरसियस लिबेनबर्ग और स्थानीय प्रशिक्षकों की देखरेख में कुछ हफ्तों की ट्रेनिंग के लिए दक्षिण अफ्रीका जाएंगे। अरशद नदीम के पर्सनल ट्रेनर सलमान बट के अनुसार, नदीम अब सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए खुद को पूरी तरह तैयार करना चाहते हैं। इसके लिए वह अपनी फिटनेस और शरीर पर खास ध्यान दे रहे हैं। इसके बाद वह 6 से 14 सितंबर तक बुडापेस्ट में होने वाली वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में नजर आएंगे।

कॉमनवेल्थ गेम्स खराब प्रदर्शन

कॉमनवेल्थ गेम्स में अरशद नदीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। ग्लासगो की ठंडी और तेज हवाओं वाली परिस्थितियों में वह टॉप-8 में भी जगह नहीं बना सके। इस मुकाबले में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरगे ने 89.75 मीटर के थ्रो के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि भारत के नीरज चोपड़ा ने सिल्वर और यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। खराब प्रदर्शन के बाद नदीम को पाकिस्तान में आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, जिसके जवाब में उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपना पक्ष रखा था।

PAAF ने नदीम से बनाई दूरी

इस बीच पाकिस्तान के अधिकारियों पर भी सवाल उठे। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, कोच सलमान बट को पद पर बनाए रखने को लेकर विवाद के बाद पाकिस्तान एमेच्योर एथलेटिक्स फेडरेशन (PAAF) ने अरशद नदीम से दूरी बना ली। इसके चलते ओलंपिक चैंपियन को अपनी ट्रेनिंग और तैयारियों का ज्यादातर काम खुद ही संभालना पड़ा। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड ने विदेशी कोचों के लिए मिलने वाली आर्थिक मदद भी रोक दी थी। इसके कारण अरशद नदीम को ग्लासगो की अलग मौसम परिस्थितियों के बावजूद लाहौर में सलमान बट की देखरेख में ही ट्रेनिंग करनी पड़ी। इससे उनकी तैयारियों पर भी असर पड़ा।

नीति आयोग की एबीपी रैंकिंग में गोरखपुर का बजा डंका, बांसगांव ब्लॉक नंबर वन

नीति आयोग की एबीपी रैंकिंग में गोरखपुर का बजा डंका, बांसगांव ब्लॉक नंबर वन

NITI Aayog ABP Ranking : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने गोरखपुर जिले के विकास को लेकर नया इतिहास रच दिया है। भारत सरकार के नीति आयोग की एबीपी (आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम या एस्पिरेशनल ब्लॉक प्रोग्राम) रैंकिंग में गोरखपुर जिले का बांसगांव विकास खंड, ‘नंबर वन’ चुना गया है। नंबर वन ब्लॉक बनने पर डेढ़ करोड़ रुपए का पुरस्कार भी मिला है। बांसगांव ब्लॉक की इस उपलब्धि ने गोरखपुर के साथ ही समूचे उत्तर प्रदेश का गौरव पूरे देश में बढ़ाया है। गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा और मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी ने इस उत्कृष्ट उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में हो रहे समावेशी विकास के कार्यों को दिया है।   

 

नीति आयोग की तरफ से देशभर में कराई गई जनवरी–मार्च 2026 तिमाही की आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम, डेल्टा रैंकिंग में गोरखपुर जनपद का बांसगांव ब्लॉक, उत्तरी भारत (जोन-2) में प्रथम स्थान प्राप्त करने में सफल रहा है। यह जानकारी नीति आयोग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि छिब्बर की तरफ से यूपी के मुख्य सचिव को भेजे एक पत्र में दी गई है। इस उत्कृष्ट उपलब्धि के एवज में गोरखपुर को डेढ़ करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि भी मिली है।

जिलाधिकारी दीपक मीणा बताते हैं कि नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम का जोर समावेशी विकास के जरिए नागरिकों के जीवन में सुगमता और गुणवत्ता की वृद्धि तथा समग्र रूप में जीवन स्तर के सुधार पर होता है। इसके अंतर्गत पांच थीम स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, आधारभूत ढांचा और सामाजिक विकास के कुल 39 केपीआई (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स या मुख्य निष्पादन संकेतक) पर संबंधित आकांक्षी ब्लॉकों का मूल्यांकन किया जाता है।

 

डीएम ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में गोरखपुर बांसगांव ब्लॉक ने जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही में सभी पांच थीम के 39 केपीआई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शत प्रतिशत वेटेज प्राप्त किया है। यह उपलब्धि इस तथ्य को भी प्रतिष्ठित करती है कि मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में गोरखपुर समावेशी विकास के मोर्चे पर देश में नए मानक स्थापित कर रहा है। 

संपूर्ण प्रदेश के लिए बांसगांव बना 'मॉडल ब्लॉक'

बांसगांव क्षेत्र, जिसे कभी विकास की दौड़ में चुनौतियों का सामना करना पड़ता था, आज अपनी प्रशासनिक कार्यकुशलता और नवाचारों के बल पर पूरे देश में 'मॉडल विकास खंड' के रूप में उभरा है। इस सफलता से न केवल गोरखपुर जिले का मान बढ़ा है, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य आकांक्षी ब्लॉकों के लिए भी यह एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।

 

गोरखपुर के मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी का कहना है कि डेल्टा रैंकिंग में मिली नंबर वन की उत्कृष्ट उपलब्धि केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि बांसगांव ब्लॉक की जनता के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव का प्रमाण पत्र है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस पुरस्कार राशि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, आधारभूत ढांचे और आजीविका से जुड़े विकास कार्यों में किया जाएगा।

Independence Day 2026: स्वतंत्रता दिवस पर सबसे पहले किसने लाल किले पर फहराया था तिरंगा? जानें इतिहास में दर्ज इस घटना के बारे में

Independence Day 2026: हमारा देश 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजी हुकूमत से आजाद हुआ था। लंबे संघर्ष के बाद मिली आजादी से सभी उत्साहित थे। यह उत्साह आजादी के 79 साल पूरे होने के बाद आज भी कायम है। इस साल 15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराकर आजादी के जश्न की शुरुआत करेंगे। नई दिल्ली स्थित लाल किले पर झंडा फहराना एक ऐसी परंपरा है, जो 1947 के पहले से चली आ रही है। आइए आज जानें कि लाल किले पर पहली पर किसने 15 अगस्त को तिरंगा फहराया था।

इतिहास के पन्नों से

आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 16 अगस्त, 1947 को पहली बार लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। तब से लाल किले पर तिरंगा फहराना भारतीय स्वतंत्रता और हमारे गौरव का प्रतीक बन गया है। भारत को 15 अगस्त, 1947 को आधी रात को आजादी मिली थी, लेकिन लाल किले पर झंडा 16 अगस्त, 1947 को सुबह 8:30 बजे फहराया गया था। 15 अगस्त, 1947 को आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस पर, मुख्य झंडा फहराने की रस्म आधी रात को कॉन्स्टिट्यूएंट असेंबली (बाद में संसद भवन) में हुई थी। इसके बाद शाम को इंडिया गेट के पास एक और रस्म हुई। लाहौरी गेट की प्राचीर से नेहरू के भाषण ने भारत के सालाना स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए एक मिसाल कायम की, जहां प्रधानमंत्री हर 15 अगस्त को राष्ट्रीय झंडा फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं।

सबसे ज्यादा बार पंडित नेहरू ने फहराया तिरंगा

पंडित नेहरू ने 1947 से 17 बार लाल किले पर झंडा फहराया है, जो हमारी स्वतंत्रता के 79 सालों में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा सबसे ज्यादा बार फहराया गया है। इस मामले में उनकी बेटी इंदिरा गांधी दूसरे नंबर पर हैं, जिन्होंने 16 बार तिरंगा फहराया है। इसके बाद, श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छह बार लाल किले पर झंडा फहराया है, उनके बाद राजीव गांधी और पीवी नरसिम्हा राव – पांच-पांच बार, लाल बहादुर शास्त्री ने 1964 और ’65 में, मोरारजी देसाई ने 1977 और ’78 में, चरण सिंह ने 1979 में, श्री वीपी सिंह – 1990 में, श्री एचडी देवेगौड़ा – 1996 में और श्री इंद्र कुमार गुजराल – 1997 में।

चंद्रशेखर ने कभी नहीं फहराया लाला किले पर झंडा

दिलचस्प बात यह है कि गुलजारी लाल नंदा ने, अंतरिम प्रधानमंत्री के तौर पर अपने दो छोटे कार्यकाल में, चंद्रशेखर के अलावा कभी झंडा नहीं फहराया। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह 15 अगस्त, 2007 को 10 बार लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अब तक 12 बार तिरंगा फहरा चुके हैं। इस साल देश के स्वाधीनता दिवस की 80वीं वर्षगांठ पर वह 13वीं बार ध्वजारोहण करेंगे।

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रियालिटी शो और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बीच कैसे संतुलन बनाएंगे रोहित शर्मा?

रोहित शर्मा जल्द ही बतौर एंकर सोनी टीवी पर आने वाले एक गेम शो को होस्ट करेंगे। इसकी घोषणा उन्होंने हाल ही में अपने ट्विटर अकाउंट से कर दी थी। मीडिया सूत्रों के मुताबिक यह मशूहर अफ्रीकी शो द फैमिली फ्यूड(The Family Feud) का भारतीय संस्करण होगा और इसके 40 एपिसोड रोहित शर्मा को शूट करने होंगे। ऐसे में फैंस का यह सवाल है कि रोहित शर्मा अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को और रियालिटी शो के बीच में संतुलन कैसे बनाएंगे।

सूत्रों से आ रही खबरों के मुताबिक रोहित शर्मा एकदिवसीय सीरीज के बीच में शूटिंग से ब्रेक लेंगे और टी-20 या फिर टेस्ट सीरीज के दौरान शूटिंग जारी रखेंगें।


संन्यास की अटकलें जुलाई से हो रही है तेज

17 जुलाई (शुक्रवार) से मीडिया सूत्रों में यह अटकलें लग रही थी कि वह संन्यास के बारे में सोच रहे हैं और 19 जुलाई को (रविवार) को लॉर्ड्स पर खेला जाने वाला एकदिवसीय मैच उनका अंतिम मैच होगा। इस मैच से पहले या तो वह खुद संन्यास ले लेंगे या फिर ड्रॉप हो जाएंगे।लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकैया ने कहा है कि यह सब अफवाह है। वह जब तक चाहे क्रिकेट खेल सकते हैं।

माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी।रोहित शर्मा ने फिर जबरदस्त जनसंपर्क की बिसात बिछाकर अपनी जगह एक बार फिर बचा ली और आलोचकों के मुंह शतक लगाकर बंद कर दिए।

साल भर रहा बुरा फॉर्म, लॉर्ड्स पर मिली संजीवनी

गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि आज उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

INDvsSL Series में कमेंट्री करते आएंगे अजिंक्य रहाणे, संन्यास के बाद बनेंगे कमेंटेटर

भारत के पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे 15 से 27 अगस्त तक होने वाले भारत के श्रीलंका दौरे के दौरान सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर टेस्ट कमेंट्री में अपना करियर शुरु करने जा रहे हैं।रहाणे ने हाल ही में अपने 18 साल के क्रिकेट करियर को अलविदा कहा है।अब वह कमेंट्री बॉक्स में एक नई भूमिका निभाएंगे और दो मैचों की टेस्ट सीरीज में अपने अनुभव और नज़रिए को सामने रखेंगे। इस सीरीज का प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा और इसे सोनी लिव पर प्रसारित किया जाएगा।

भारत के लिए 85 टेस्ट मैच खेलने वाले रहाणे ने 5,077 रन बनाए हैं, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं। रेड-बॉल क्रिकेट, मैच की स्थितियों और खेल की बारीकियों की उनकी गहरी समझ प्रसारण में एक नया आयाम जोड़ेगी। वह अहम पलों, रणनीतियों और मुकाबलों का विश्लेषण करेंगे ताकि फैंस को यह बेहतर ढंग से समझ आ सके कि टेस्ट मैच कैसे आकार लेता है।

सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के स्पोर्ट्स और इंटरनेशनल के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर और बिजनेस हेड, राजेश कौल ने कहा, “अजिंक्य रहाणे हमेशा से अपने संयम, मज़बूती और खेल की गहरी समझ के लिए जाने जाते रहे हैं। जब वह सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और सोनी लिव पर टेस्ट कमेंट्री में पर्दापण करेंगे, तो दर्शकों को उस फॉर्मेट पर उनका नज़रिया सुनने को मिलेगा जिसे वह बहुत अच्छी तरह समझते हैं।भारत के श्रीलंका दौरे के लिए हमारे कमेंट्री पैनल में उन्हें शामिल करके हमें खुशी है और हम उस अनुभव और जानकारी का इंतजार कर रहे हैं जो वह हमारी कवरेज में लाएंगे।”

रहाणे ने कहा, “मैं सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और सोनी लिव पर भारत के श्रीलंका दौरे के लिए टेस्ट कमेंट्री में अपना डेब्यू करने को लेकर उत्साहित हूं। टेस्ट क्रिकेट हमारे खेल का सबसे बड़ा फॉर्मेट है, और इतने सालों तक इस फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद, अब खेल को एक अलग नजरिए से देखना मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं अपने अनुभव साझा करने, खेल की बारीकियों को समझाने और फैंस को उन फैसलों, रणनीतियों और पलों के बारे में जानकारी देने के लिए उत्सुक हूं जो टेस्ट मैच को आकार दे सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि मैं फैंस के लिए प्रसारण के अनुभव को और बेहतर बना पाऊंगा और उन्हें मैदान पर होने वाली चीज़ों की गहरी समझ दे पाऊंगा।”

IND vs PAK: इस दिन आमने-सामने होंगे भारत और पाकिस्तान, जानें कहां देख पाएंगे हॉकी का ये मुकाबला

पुरुष और महिला FIH हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का टूर्नामेंट बेल्जियम और नीदरलैंड्स की मेजबानी खेला जाएगा। हॉकी वर्ल्ड कप 2026 का 15 से 30 अगस्त के बीच खेला जाएगा। वहीं इस वर्ल्ड कप में फैंस की नजरें भारत-पाकिस्‍तान के बीच होने वाले महामुकाबले पर टिकी है। दोनों देशों के बीच में हॉकी में कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। भारत और पाकिस्तान की टीम को एक ही ग्रुप में रखा गया है। फैंस इस मुकबाले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आइए जानते हैं हॉकी वर्ल्ड कप में कब होगा भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला।

16 टीमें लेंगी हिस्सा

पुरुष और महिला हॉकी वर्ल्ड कप में 16-16 टीमें हिस्सा लेंगी। पहले चरण में इन टीमों को चार ग्रुप में बांटा जाएगा, जिनके नाम A, B, C और D होंगे। इसके बाद प्रतियोगिता के दूसरे फेज में चार नए ग्रुप E, F, G और H बनाए जाएंगे। इस चरण में हर ग्रुप से बेहतर प्रदर्शन करने वाली दो टीमें आगे बढ़ेंगी और सीधे सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। वहीं इस बार का बदले हुए फॉर्मेट में खेला जाएगा। खास बात ये है कि इस बार टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल मुकाबले नहीं खेले जाएंगे।

कब होगा भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला

भारतीय टीम को इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ पूल D में रखा गया है। भारत का पहला मुकबाला 15 अगस्त को वेल्स से भारतीय समयानुसार दोपहर 16:30 IST से शुरू होगा। दूसरा मुकाबला इंग्लैंड से शाम 18:30 IST बजे 17 अगस्त को होगा। वहीं भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला 19 अगस्त को भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे (18:30 IST) से होगा। दोनों टीमें नीदरलैंड के एमस्टेलवीन स्थित वैगनर स्टेडियम में एक दूसरे से भिड़ेंगी।

कब खेला जाएगा बाकी मुकाबला

FIH हॉकी वर्ल्ड कप का दूसरा फेज 21 से 24 अगस्त तक खेला जाएगा। इस दौरान पहले चरण में टीमों की रैंकिंग के आधार पर उन्हें चार नए ग्रुप में रखा जाएगा। वहीं टूर्नामेंट का तीसरा और आखिरी फेज 27 से 28 अगस्त तक खेला जाएगा। इस दौरान पूल E, F, G और H के नतीजों के आधार पर टीमों की 5वीं से 16वीं तक की रैंकिंग तय होगी और सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों का फैसला भी होगा। पुरुष वर्ग में कांस्य पदक का मुकाबला और फाइनल 30 अगस्त को आयोजित किया जाएगा।

कहां पर देख पाएंगे मुकाबला

भारत में हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के मुकाबलों का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के टीवी चैनलों पर किया जाएगा। वहीं, जो दर्शक मोबाइल या ऑनलाइन मैच देखना चाहते हैं, वे JioHotstar ऐप के जरिए सभी मुकाबलों की लाइव स्ट्रीमिंग देख सकेंगे।

फेज 1 में इंडिया के मैच

इंडिया बनाम वेल्स, 16:30 IST (15 अगस्त)

इंडिया बनाम इंग्लैंड, 18:30 IST (17 अगस्त)

इंडिया बनाम पाकिस्तान, 18:30 IST (19 अगस्त)

हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत की पुरुष टीम

गोलकीपर: मोहित HS, सूरज करकेरा

डिफेंडर: जरमनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह (c), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाच

मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, नीलकंठ शर्मा, विवेक सागर प्रसाद

फॉरवर्ड: दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा, सुखजीत सिंह, मंदीप सिंह, अभिषेक

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