2026 Hyundai Exter Knight edition launched at Rs 8.14 lakh

2026 Hyundai Exter Knight edition launched at Rs 8.14 lakh
2026 Hyundai Exter Knight edition front quarter static

Hyundai has launched the 2026 Exter Knight edition, with prices starting from Rs 8.14 lakh (ex-showroom). It is available with all petrol and CNG variants of the HX 6, and the petrol-AMT variant of the HX 10 trim. The Exter Knight gets additional black exterior design elements and an all-black cabin at an additional Rs 15,000.

  1. Sports black logos and alloys, and red front brake callipers
  2. Gets an all-black cabin with black fabric seat upholstery
  3. Available in five exterior colour options

Notably, the Knight edition is not new to the Exter, having first been introduced in July 2024. This time around, however, Hyundai is offering the Knight edition with the facelifted Exter, which was launched in March 2026.

2026 Hyundai Exter Knight edition: Prices

Knight edition costs Rs 15,000 more than the standard variants

2026 Hyundai Exter Knight edition prices compared with standard model

Variant

Knight edition price

Standard model price

Difference

HX 6 petrol MT

Rs 8.14 lakh

Rs 7.99 lakh

+ Rs 15,000

HX 6 petrol AMT

Rs 8.74 lakh

Rs 8.59 lakh

+ Rs 15,000

HX 6 CNG MT

Rs 9.10 lakh

Rs 8.95 lakh

+ Rs 15,000

HX 10 petrol AMT

Rs 9.61 lakh

Rs 9.46 lakh

+ Rs 15,000

The Hyundai Exter Knight edition costs Rs 15,000 more than the standard variants, like the dual-tone Ranger Khaki colour option offered with the SUV.

2026 Hyundai Exter Knight edition: What’s new?

Gets some black and dark grey elements outside

While the overall silhouette of the Exter Knight edition is identical to the standard model, Hyundai has added dark elements to give a sportier look to the SUV. These include blacked-out Hyundai logos and Exter lettering at the front and rear, and dark grey garnish on the front and rear bumpers. The Exter Knight gets the same 15-inch rims, but with a black or dark grey finish, depending on the variant. To add contrast, Hyundai has equipped it with red brake callipers on the front wheels. At the rear, it gets a ‘Knight’ badge on the tailgate.

The Exter Knight edition is available in five exterior shades: Titanium Black, Atlas White, Starry Night, Titan Grey and Golden Bronze. Notably, it is not available in the Ranger Khaki colour option, which is offered with the standard model.

Gets an all-black cabin theme with brass accents

Inside, the Exter Knight’s dashboard design is the same as the standard model, but it gets an all-black finish with brass-coloured accents, compared to the standard model’s navy and grey interior theme. It also gets amber-coloured footwell lighting, which is blue on the standard variants. The seats on the Knight edition feature black fabric upholstery. 

Standard Exter’s dashboard is shown for representational purposes only. 

The feature suite is the same as the corresponding variants – the HX 6 gets an 8-inch touchscreen infotainment system, a single-pane sunroof, powered outside rearview mirrors (ORVMs), automatic climate control with rear vents, and a rear parking camera with sensors. The HX 10 adds a wireless phone charger, a cooled glovebox, connected car technology, and a rear wiper and washer to the feature mix. 

Available with the same 83hp petrol and 69hp CNG engine options

As mentioned earlier, the Exter Knight is offered with a 1.2-litre petrol engine that produces 83hp and 114Nm, and a CNG option that puts out 69hp and 95Nm. The petrol engine gets an option between a 5-speed manual and a 5-speed automated manual transmission (AMT), while the CNG is available only with the manual gearbox. 

FSSAI bans plastic: पान मसाला और गुटखा छोटे प्लास्टिक पाउच में नहीं आएगा! नया नियम लागू होने पर जानें कैसे बिकेगा माल

FSSAI bans plastic: पान मसाला बनाने वाली कंपनियों के लिए पैकेजिंग को लेकर सरकार की तरफ से एक बड़ा बदलाव किया गया है। फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ इंडिया (FSSAI) ने पान मसाला की पैकेजिंग में प्लास्टिक, एल्युमिनियम फॉयल और मेटलाइज्ड लेयर्स के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। नए नियमों के बाद कंपनियों को अपनी पैकेजिंग व्यवस्था में बड़े बदलाव करने पड़ेगा। FSSAI ने ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (पैकेजिंग) अमेंडमेंट रेगुलेशंस, 2026’ का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। इसी के साथ अब ये नियम लागू हो गए हैं।

नए नियमों के तहत पान मसाला को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (पैकेजिंग) रेगुलेशंस, 2018 की शेड्यूल 4 में शामिल किया गया है। यह शेड्यूल अलग-अलग खाद्य उत्पादों के लिए इस्तेमाल की जा सकने वाली अनुमत पैकेजिंग सामग्री तय करता है।

अब किन चीजों से पैक हो सकेगा पान मसाला?

नए नियमों के तहत पान मसाला की पैकेजिंग के लिए पेपर, पेपरबोर्ड, सेलुलोज और अन्य प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, एक महत्वपूर्ण शर्त रखी गई है। इन प्राकृतिक या कागज आधारित सामग्रियों में किसी भी तरह का प्लास्टिक मौजूद नहीं होना चाहिए। इसके अलावा पैकेजिंग में एल्युमिनियम फॉयल या किसी भी तरह की मेटलाइज्ड लेयर भी नहीं हो सकती। यानी केवल बाहर से कागज दिखाई देने वाली पैकेजिंग भी नियमों के दायरे से बाहर नहीं होगी। अगर उसके अंदर प्लास्टिक या धातु की छिपी हुई परत लगी है तो ऐसी पैकेजिंग की अनुमति नहीं होगी।

पॉलीथीन से लेकर PVC तक पर रोक

FSSAI ने प्रतिबंध को काफी व्यापक रखा है। पॉलीएथिलीन, पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलिएस्टर, पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) और अन्य सिंथेटिक पॉलिमर, कोपॉलिमर या लैमिनेट जैसी सामग्रियों के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। इसका सीधा असर उन पैकेजिंग फॉर्मेट पर पड़ेगा जिनमें कई परतों वाली प्लास्टिक या मेटल-कोटेड सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है।

ऐसी पैकेजिंग का इस्तेमाल आम तौर पर उत्पाद को नमी से बचाने, उसकी खुशबू बनाए रखने और शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए किया जाता है। अब पान मसाला उद्योग को इन सुविधाओं के लिए प्लास्टिक आधारित पैकेजिंग के दूसरे विकल्प तलाशने होंगे।

टिन और कांच के डिब्बे बनेंगे विकल्प

FSSAI ने पान मसाला के लिए टिन और कांच के कंटेनर के इस्तेमाल की भी अनुमति दी है। इस बदलाव के बाद कंपनियों को अपनी पैकेजिंग तकनीक और डिजाइन पर दोबारा काम करना पड़ सकता है। इस तरह कंपनियों के सामने अब मुख्य रूप से दो तरह के विकल्प होंगे:-

  • पहला पूरी तरह प्लास्टिक-मुक्त प्राकृतिक सामग्री से बनी पैकेजिंग
  • जबकि दूसरा टिन या कांच के कठोर कंटेनर में हुई पैकेजिंग

कागज की पैकिंग में भी छिपा प्लास्टिक नहीं चलेगा

नए नियमों में पैकेजिंग के एक ऐसे तरीके को भी स्पष्ट किया गया है, जो लंबे समय से उद्योग में इस्तेमाल होता रहा है। कई उत्पादों की पैकिंग ऊपर से कागज जैसी दिखाई देती है, लेकिन उसके अंदर प्लास्टिक या एल्युमिनियम की परत लगी होती है। अब ऐसी कंपोजिट पैकेजिंग की अनुमति नहीं होगी, अगर उसमें प्रतिबंधित सामग्री मौजूद है। यानी केवल पैकेजिंग का बाहरी हिस्सा कागज का होना पर्याप्त नहीं होगा। पूरी पैकेजिंग को निर्धारित मानकों के अनुरूप होना पड़ेगा।

छोटे निर्माताओं के सामने बड़ी चुनौती

नए नियमों का सबसे बड़ा असर उन निर्माताओं पर पड़ सकता है जो लंबे समय से फ्लेक्सिबल और मल्टी-लेयर पैकेजिंग पर निर्भर हैं। कंपनियों को अब अपनी सप्लाई चेन, पैकेजिंग सामग्री की खरीद, डिजाइन और पैकेजिंग तकनीक की समीक्षा करनी होगी। विशेष रूप से छोटे निर्माताओं के लिए प्लास्टिक-मुक्त पैकेजिंग की ओर बदलाव करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि उन्हें नई सामग्री और पैकेजिंग व्यवस्था विकसित करने की जरूरत पड़ेगी।

प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट नियम भी जोड़े गए

FSSAI के संशोधन में स्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 से जुड़े प्रावधानों को भी फूड पैकेजिंग व्यवस्था में शामिल किया गया है। इन प्रावधानों के तहत गुटखा, तंबाकू और पान मसाला को रखने, पैक करने या बेचने के लिए प्लास्टिक के सैशे के इस्तेमाल पर पहले से लागू प्रतिबंधों को मजबूत किया गया है। नियमों में इन उत्पादों के लिए किसी भी रूप में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक को भी दोहराया गया है। इस तरह, सरकार ने पान मसाला की पैकेजिंग से जुड़े पर्यावरण नियमों के साथ फ़ूड सेफ़्टी के नियमों को भी एक जैसा कर दिया है।

अप्रैल में शुरू हुई थी नियम बदलने की प्रक्रिया

इन बदलावों की प्रक्रिया इसी साल अप्रैल में शुरू हुई थी। 28 अप्रैल को FSSAI ने प्रस्तावित संशोधनों का ड्राफ्ट जारी किया था। इस ड्राफ्ट में पान मसाला को शेड्यूल 4 में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया था। इसमें पेपर, पेपरबोर्ड, सेलुलोज और अन्य प्राकृतिक सामग्री से पैकेजिंग की अनुमति देने की बात कही गई थी।

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लेकिन शर्त थी कि इनमें प्लास्टिक, सिंथेटिक पॉलिमर या मेटल की परत नहीं होनी चाहिए। ड्राफ्ट में टिन और कांच को भी पैकेजिंग के विकल्प के रूप में प्रस्तावित किया गया था। इसके बाद संबंधित पक्षों और उद्योग से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए। मिले सुझावों और प्रतिक्रियाओं की समीक्षा के बाद FSSAI ने 10 अगस्त को अंतिम संशोधन अधिसूचित कर दिए।

Yokohama launches Geolandar X-CV tyre range

Yokohama launches Geolandar X-CV tyre range
Yokohama

Yokohama India has launched the Geolandar X-CV tyre range for crossover and premium SUVs. Originally developed for larger luxury SUVs, the locally manufactured Geolandar X-CV is now being offered in 16-inch wheel sizes for the first time, expanding its reach to compact and midsize SUVs. The range will eventually be available in 32 sizes spanning 16 to 20 inches, with 17 sizes available immediately and the remaining 15 sizes set to be introduced over the next two to three months. Yokohama claims the new tyre delivers 20 percent better wet grip and 10 percent longer tyre life than its conventional tyre, based on the company’s internal testing.

  1. Available in 32 sizes from 16-20 inches
  2. Claimed 20 percent better wet grip and 10 percent longer tyre life
  3. 17 sizes available now; remaining to follow 

Yokohama Geolandar X-CV: what does it fit?

The Geolandar X-CV has been developed for a wide range of crossover and premium SUVs. Yokohama says it is suitable for compact and midsize models such as the Maruti Suzuki Brezza, Kia Sonet, Tata Nexon EV, Harrier EV, Mahindra XUV700 and Kia Seltos, while also catering to luxury SUVs including the BMW X5, Porsche Cayenne, Volvo XC90, Mercedes-Benz GLS, Audi Q7 and Range Rover models.

Yokohama Geolandar X-CV: features

According to Yokohama, the Geolandar X-CV has been developed to meet the requirements of crossover SUVs and electric vehicles. It features an asymmetric tread pattern, four wide circumferential grooves, Micro Silica compound, 2D and 3D sipes, five-pitch variation technology, a reinforced two-ply sidewall and a full nylon cover. The company says these technologies are designed to improve wet grip, cornering stability, braking performance, wear characteristics, durability, high-speed stability and cabin refinement.

The tyre is also EV-compatible, with its construction designed to handle the higher weight and instant torque characteristics of electric SUVs while maintaining durability and driving refinement. The Geolandar X-CV will be available from August 2026 through Yokohama Club Network outlets and select authorised dealers, with a no-cost EMI offer available at launch.

HDFC Bank Share Price : स्टॉक ने हिट किया 52 हफ्तों का नया लो, जानिए कब तक कायम रहेगा यह दबाव

HDFC Bank Share Price : एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आज भी गिरावट देखने को मिल रही है। आज के कारोबारी सत्र में इसने 52 वीक का नया लो बनाया है। फिलहाल 12.45 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 6.15 रुपए यानी 0.84 फीसदी की कमजोरी के साथ 722 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का लो 722 रुपए है। आज यह शेयर 729 रुपए पर खुला था। वहीं, कल की इसकी क्लोजिंग भी 729 रुपए ही थी। टेक्निकल नजरिए से देंखें तो इस स्टॉक में नेगेटिव प्राइस ब्रेकआउट देखने को मिला है। यह अभी अपने दूसरे सपोर्ट लेवल (S2) से नीचे ट्रेड कर रहा है। इसका दूसरा सपोर्ट लेवल ₹733.10 पर है।

एक्सचेंज पर उपलब्ध आंकड़ो से पता चलता है कि HDFC बैंक के शेयर अपने पिछले निचले स्तर ₹726.75 से भी नीचे गिर गए हैं, जो इसने 2 अप्रैल, 2026 को छुआ था। यह स्टॉक मई 2024 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसने 23 अक्टूबर, 2025 को ₹1,020.35 का 52-हफ़्ते का हाई छुआ था।

कैलेंडर वर्ष 2026 में अब तक, BSE सेंसेक्स में 8.2 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, इसी अवधि में HDFC बैंक में 27 फीसदी की गिरावट आई है। ऐसे में इसका प्रदर्शन बाजार के मुकाबले कमजोर रहा है।

FPIs ने लगातार पांचवीं तिमाही में HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाई

एचडीएफसी बैंक के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के आंकड़ों से पता चलता है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने लगातार पांचवीं तिमाही में HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी कम की है। ताजे आंकड़ों से पता चलता है कि जून 2026 तिमाही के आखिर में HDFC बैंक में FPI की हिस्सेदारी घटकर 41.83 फीसदी हो गई, जो मार्च 2026 तिमाही के आखिर में 44.05 फीसदी थी। दिसंबर 2025 तिमाही में इस प्राइवेट सेक्टर के बैंक में FPI की हिस्सेदारी 47.67 फीसदी थी और सितंबर 2025 तिमाही के आखिर में यह 48.39 फीसदी थी।

घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बढ़ाई हिस्सेदारी

हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने जून तिमाही में HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 41.9 फीसदी कर दी। ताजे आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर 2025 तिमाही के अंत में उनकी हिस्सेदारी 36.3 फीसदी थी। इंडिविजुअल पब्लिक शेयरहोल्डरों ने भी HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इनकी हिस्सेदारी पिछली तिमाही के 15.6 फीसदी और दिसंबर 2025 तिमाही के अंत के 15.1 फीसदी से बढ़कर 16.3 फीसदी हो गई है।

Market Insight : खराब बाजार में भी इंडिया VIX का गिरना ठीक संकेत नहीं, क्या बाजार में आ सकता है बड़ा करेक्शन?

स्टॉक में क्यों आ रही गिरावट?

बैंक के मार्जिन पर शॉर्ट-टर्म दबाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली की वजह से इस शेयर पर दबाव बना है। इस साल अब तक यह स्टॉक में 27 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है। बाजार जानकारों का कहना है कि बैंक के NIM (नेट इंटरेस्ट मार्जिन) में रिकवरी और फंड की लागत कम होने पर ही इसमें फिर से तेजी आ सकती है। DII की हिस्सेदारी में लगातार बढ़ोतरी से FPI की बिकवाली को कुछ हद तक संतुलित करने में सहायता मिली है। लेकिन स्टॉक में हो रही गिरावट को रोकने के लिए सिर्फ इतना ही काफी नहीं है। अगर बैंक के मार्जिन पर दबाव बना रहता है और फंड की लागत कम नहीं होती तो आगे भी स्टॉक पर दबाव बना रहेगा।

शेयर की चाल पर एक नजर

इस स्टॉक में लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म दोनों ही नजरिए से बाजार को निराश किया है। पिछले 1 हफ्ते में इसमें 1.57 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। वहीं, 1 महीने में यह शेयर 12.30 फीसदी टूटा है। 3 महीने में इसमें 3.6 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली है। वहीं, इस साल अब तक इसमें 27 फीसदी की गिरावट आई है। 1 साल में यह शेयर 26.53 फीसदी टूटा है। वहीं, 3 साल में इसमें 10.62 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली है।

RPSC 1st Grade Result 2026: आरपीएससी ने कॉमर्स और इंग्लिश विषयों का 1st ग्रेड टीचर रिजल्ट जारी कर दिया है, वेबसाइट पर देखें मेरिट लिस्ट

RPSC 1st Grade Result 2026: राजस्थान में स्कूल लेक्चरर भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। राजस्थान लोक सेवा आयोग ने स्कूल लेक्चरर भर्ती 2025 के तहत अंग्रेजी और कॉमर्स विषयों का रिजल्ट जारी कर दिया है। आयोग की ओर से आयोजित 1st ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा में शामिल उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर मेरिट लिस्ट और कटऑफ देख सकते हैं। आयोग ने 10 अगस्त, 2026 को स्कूल लेक्चरर (स्कूल एजुकेशन) 2025 भर्ती परीक्षा का रिजल्ट पीडीएफ फॉर्मेट में जारी किया है।

यह रिजल्ट विज्ञापन संख्या 06/2025 के तहत जारी किया गया है। जो परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे, वे आरपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in पर रिजल्ट देख सकते हैं। आयोग द्वारा जारी रिजल्ट पीडीएफ फॉर्मेट में है। मेरिट लिस्ट में उन कैंडिडेट्स के रोल नंबर हैं जो भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण के लिए सफल हुए हैं। आरपीएससी ने अंग्रेजी और कॉमर्स के लिए अलग-अलग रिजल्ट डॉक्यूमेंट जारी किए हैं। मेरिट लिस्ट के साथ, संबंधित कट-ऑफ अंक भी जारी किए गए हैं।

रिजल्ट डॉक्यूमेंट को योग्यता जांचने के लिए अस्थायी सूची बताया गया है। जिन कैंडिडेट्स के रोल नंबर संबंधित मेरिट लिस्ट में हैं, उन्होंने लिखित परीक्षा में सफल घोषित कर दिया गया है। इसके आगे उनकी नियुक्ति डॉक्यूमेंट्स सत्यापन के अधीन है। आयोग ने दोनों विषयों के लिए असफल करार दिए गए उम्मीदवारों की लिस्ट भी जारी की है।

बाकी विषयों के रिजल्ट अलग से जारी होने की उम्मीद है। जिन कैंडिडेट ने उन सब्जेक्ट के लिए अप्लाई किया था, उन्हें आगे की अनाउंसमेंट के लिए रेगुलर तौर पर ऑफिशियल RPSC वेबसाइट चेक करते रहना चाहिए।

आरपीएससी 1st ग्रेड रिजल्ट 2026: स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के स्टेप्स

कैंडिडेट ऑफिशियल वेबसाइट पर आरपीएससी 1st ग्रेड 2026 डाउनलोड करने के लिए यहां बताए गए स्टेप्स को फ़ॉलो कर सकते हैं :

  • ऑफिशियल आरपीएससी की वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर रिजल्ट सेक्शन खोलें।
  • स्कूल लेक्चरर (स्कूल एजुकेशन) – 2025 रिजल्ट लिंक देखें।
  • इंग्लिश या कॉमर्स के लिए, जैसा लागू हो, रिजल्ट चुनें।
  • रिजल्ट PDF खोलें।
  • अपना रोल नंबर ढूंढने के लिए PDF में सर्च ऑप्शन का इस्तेमाल करें।
  • आगे के रेफरेंस के लिए रिजल्ट डाउनलोड करें और सेव करें।

कैंडिडेट को सलाह दी जाती है कि वे आरपीएससी ग्रेड 1 रिजल्ट की पूरी जानकारी पाने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर बने रहें।

UPSC CDS 2 Exam 2026 Date Out: यूपीएससी ने जारी की सीडीएस2 परीक्षा की डेट, आधिकारिक वेबसाइट पर देखें वेकेंसी, शेड्यूल और रिपोर्टिंग टाइम

गुजरात लौटना चाहते थे हार्दिक, लेकिन रख दी ऐसी शर्त कि GT ने कर दिया साफ इनकार!

IPL 2027 से पहले हार्दिक पंड्या के भविष्य को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) के कप्तान हार्दिक पंड्या ने अपनी पुरानी फ्रेंचाइजी गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) में वापसी की संभावनाएं तलाशीं, लेकिन उनकी एक शर्त ने इस संभावित ट्रेड का रास्ता रोक दिया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हार्दिक गुजरात लौटने के लिए तैयार थे, लेकिन वह कप्तानी की भूमिका भी वापस चाहते थे। गुजरात टाइटंस ने इस शर्त को स्वीकार नहीं किया और बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। हालांकि, हार्दिक के प्रवक्ता ने साफ किया है कि उन्होंने किसी फ्रेंचाइजी से सीधे Trade या ट्रांसफर को लेकर बातचीत नहीं की है। 

 

गुजरात को हार्दिक की वापसी से ऐतराज नहीं था, लेकिन कप्तानी पर अटक गई बात

 

रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात टाइटंस हार्दिक को दोबारा टीम में शामिल करने के विचार के खिलाफ नहीं थी। यहां तक कि मौजूदा कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) से भी इस संभावित वापसी को लेकर चर्चा की गई थी और वह भी ट्रेड के रास्ते हार्दिक की वापसी के लिए तैयार बताए गए। लेकिन जैसे ही कप्तानी को हार्दिक की वापसी की शर्त के तौर पर रखा गया, फ्रेंचाइजी ने पीछे हटने का फैसला किया। यानी खिलाड़ी की वापसी पर समस्या नहीं थी, असली पेंच नेतृत्व की जिम्मेदारी को लेकर फंसा। 

 

हार्दिक और गुजरात टाइटंस का रिश्ता वैसे भी IPL की सबसे खास कहानियों में से एक रहा है। 2022 में हार्दिक ने पहली बार गुजरात की कप्तानी संभाली और फ्रेंचाइजी ने अपने डेब्यू सीजन में ही IPL ट्रॉफी जीत ली। इसके बाद 2023 में भी गुजरात फाइनल तक पहुंची। हार्दिक के नेतृत्व में टीम ने लगातार दो सीजन में शानदार प्रदर्शन किया था। ऐसे में गुजरात में उनकी वापसी सिर्फ एक ट्रेड नहीं, बल्कि एक पुराने सफल कप्तान की घर वापसी होती लेकिन कप्तानी का सवाल इस संभावित रीयूनियन के रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा बन गया।

 

2024 में MI लौटे थे हार्दिक, अब फिर बदल सकता है ठिकाना

 

हार्दिक ने 2023 सीजन के बाद गुजरात का साथ छोड़ा और 2024 में मुंबई इंडियंस में वापसी की। उनकी वापसी के साथ ही उन्हें टीम की कप्तानी भी सौंप दी गई और लंबे समय से टीम की कमान संभाल रहे रोहित शर्मा की जगह हार्दिक को कप्तान बनाया गया। इस फैसले पर MI फैंस की तरफ से काफी नाराजगी देखने को मिली और 2024 सीजन में हार्दिक को मैदान पर हूटिंग का भी सामना करना पड़ा। 2025 में टीम के प्रदर्शन में कुछ सुधार से माहौल थोड़ा बेहतर हुआ, लेकिन 2026 सीजन ने फिर उनकी स्थिति को सवालों के घेरे में ला दिया।

 

मुंबई इंडियंस ने IPL 2026 में 14 में से सिर्फ 4 मुकाबले जीते और 9वें स्थान पर रही, जिसके बाद टीम में हार्दिक की भूमिका और कप्तानी को लेकर अटकलें तेज हो गईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, MI मैनेजमेंट उनकी कप्तानी जारी रखने को लेकर आश्वस्त नहीं था और टीम में उनकी भूमिका का भी मूल्यांकन किया जा रहा था। 

 

IPL 2026 में कैसा रहा Hardik का प्रदर्शन?

 

हार्दिक के लिए 2026 सीजन व्यक्तिगत तौर पर भी बहुत खास नहीं रहा। उपलब्ध MI आंकड़ों के मुताबिक उन्होंने 10 मैचों में 9 पारियों में 64 रन बनाए और गेंदबाजी में 4 विकेट लिए। उनका बल्लेबाजी स्ट्राइक रेट करीब 11.42 रहा, जबकि गेंदबाजी में उनका इकॉनमी रेट 9.18 के आसपास रहा। 

 

पूरे IPL करियर की बात करें तो हार्दिक ने अब तक 162 मैचों में 2,955 रन बनाए हैं, जिसमें 10 अर्धशतक शामिल हैं। गेंद से भी वह टीमों के लिए उपयोगी रहे हैं और उनके नाम IPL में 64 विकेट दर्ज हैं। 

 

यानी हार्दिक का overall IPL रिकॉर्ड उन्हें अभी भी एक बड़े ऑलराउंडर के तौर पर स्थापित करता है, लेकिन 2026 में उनके आंकड़े और MI का प्रदर्शन उस स्तर के नहीं रहे, जिसकी उनसे उम्मीद की जाती है।

 

 हार्दिक ने सीधे किसी फ्रेंचाइजी से बात की? प्रवक्ता ने दिया बड़ा बयान

 

इस पूरी कहानी में एक अहम ट्विस्ट हार्दिक पंड्या के प्रवक्ता का बयान है। उन्होंने इन रिपोर्ट्स को अलग तरीके से पेश करते हुए कहा कि हार्दिक ने किसी भी फ्रेंचाइजी से सीधे ट्रांसफर, ट्रेड या किसी अन्य तरीके से बातचीत नहीं की। उनके मुताबिक, अगर हार्दिक को लेकर किसी फ्रेंचाइजी की तरफ से कोई संपर्क हुआ भी है, तो वह मुंबई इंडियंस के माध्यम से हुआ है। गुजरात टाइटंस के प्रतिनिधि ने भी इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। 

 

अब आगे क्या? KKR और CSK की भी नजर!

 

हार्दिक के भविष्य को लेकर गुजरात के अलावा दूसरी फ्रेंचाइजियों के नाम भी चर्चा में हैं। रिपोर्ट्स में कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स जैसी टीमों की दिलचस्पी का जिक्र आया है, हालांकि फिलहाल किसी ट्रेड को लेकर कोई आधिकारिक डील सामने नहीं आई है। हार्दिक के लिए अगला सवाल सिर्फ यह नहीं है कि वह मुंबई में रहेंगे या नहीं, बल्कि यह भी है कि अगर टीम बदलते हैं तो क्या उन्हें फिर से कप्तानी की जिम्मेदारी मिलेगी। 

 

फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि हार्दिक पंड्या का IPL 2027 से पहले कप्तानी वाला चैप्टर सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला है। गुजरात में जिस कप्तान ने टीम को डेब्यू सीजन में चैंपियन बनाया था, उसी कप्तान की वापसी का रास्ता अब नेतृत्व की शर्त पर अटक गया है।

Jaguar Type 01 interior revealed ahead of October 6 debut

Jaguar Type 01 interior revealed ahead of October 6 debut
Jaguar Type 01 interior revealed ahead of October 6 debut

Jaguar has revealed the interior of the upcoming Type 01 electric GT. The Type 01’s cabin is inspired by the Type 00 concept on which it is based, and is as radical as its exterior design. Jaguar will debut the production-spec Type 01 in New York on October 6.

  1. Has a ‘central spine’ spanning the length of the cabin
  2. Gets a screen in front of the driver and a central screen for AC controls
  3. Misses out on a rear windscreen, but features digital rearview cameras

Jaguar Type 01 interior revealed

4-seater electric GT has a minimalist cabin divided into four individual spaces

Jaguar’s “hidden on-demand technology” is integrated into the EV’s architecture. 

The interior design of the Jaguar Type 01 concept takes inspiration from the Type 00 concept, calling it “a concept car vision brought to production”. The production-spec model features a ‘central spine’ spanning the length of the cabin and divides it into four individual segments – one each for every passenger. This central spine has a brass finish and features a small screen at the front for operating the climate controls. This AC control screen and another display on the dashboard are being called “hidden on-demand technology”, which, Jaguar says, is integrated into the EV’s architecture. 

Strikethrough elements on the dashboard are similar to those on the bonnet’s top lip.

The interior features a 2-spoke steering wheel with touch-enabled buttons and a distinct dashboard design for the driver and front passenger areas. There’s a digital screen in front of the driver and ‘strikethrough’ elements in front of the co-driver. Similar ‘strikethrough’ design elements are also present on the top lip of the bonnet to fuse the Type 01’s exterior and interior design. 

There is no glass rear windscreen.

A low swooping roof can also be seen with panoramic glass, which is likely to feature customisable lighting patterns. The Jaguar Type 01 does not feature a rear windscreen but digital rearview cameras instead. It features four seats with a dual-tone upholstery.

The doors sport the same brass finish as the central spine but additionally feature Jaguar’s ‘leaper’ logo. Jaguar says that the Type 01’s interior is inspired by travertine stone (a type of natural limestone) and textures of artisan textiles for a “deeply sensorial experience”.

Jaguar Type 01: Other details

Built on the JEA platform; will offer over 700km of range

The top section of the doors feature the Jaguar leaper logo. 

The Jaguar Type 01 will debut in New York on October 6, 2026, as the luxury marque’s first car after its ‘reinvention’ as an all-electric brand. It will be underpinned by the Jaguar Electric Architecture (JEA), offering a claimed range of over 700km and featuring three electric motors producing over 1,000hp. It is expected to arrive in international markets by the first half of 2027 as a rival to the Ferrari Luce, Audi e-tron GT, Porsche Taycan and Mercedes-AMG GT 4-Door Coupe.

ब्रिटेन में कट्टरपंथी नेता के सामने कूड़ेदान वाला उम्मीदवार:अजीबोगरीब वादों से सुर्खियां बटोर रहा, कहा- हर वोटर को सस्ता घर दूंगा

ब्रिटेन के क्लैक्टन संसदीय क्षेत्र में होने वाला उपचुनाव इस बार एक अनोखे उम्मीदवार की वजह से चर्चा में है। यहां दक्षिणपंथी पार्टी रिफॉर्म यूके के नेता नाइजेल फराज के सामने काउंट बिनफेस चुनाव लड़ रहे हैं। बिनफेस की खास बात यह है कि वे चुनाव प्रचार के दौरान कचरे के डिब्बे जैसी पोशाक पहनते हैं और खुद को मजाकिया अंदाज में ‘ग्रह सिग्मा IX का एलियन’ बताते हैं। काउंट बिनफेस का दावा है कि चुनाव का नतीजा चाहे जो भी हो, जीत आखिर उनकी ही होगी। काउंट बिनफेस अपने अजीबोगरीब वादों की वजह से खूब चर्चा में है। वह हर नागरिक को सस्ता घर देने का वादा कर रहे हैं। कॉपीराइट को लेकर विवाद हुआ, फिर नाम पड़ा काउंट बिनफेस काउंट बिनफेस का किरदार 46 वर्षीय लेखक और कॉमेडियन जॉन हार्वे निभाते हैं। वे काउंट बिनफेस नाम से कई बार चुनाव लड़ चुके हैं। हार्वे ने पहली बार 2017 के ब्रिटिश आम चुनाव में लॉर्ड बकेटहेड नाम से तत्कालीन पीएम थेरेसा मे के खिलाफ चुनाव लड़ा था। इस नाम को लेकर कॉपीराइट विवाद हो गया। दरअसल, लॉर्ड बकेटहेड भी एक व्यंग्यात्मक काल्पनिक किरदार है। यह काले रंग की टोपी पहनता है जो कि बाल्टी जैसा दिखता है। सबसे पहले 1984 में माइक ली नाम के एक शख्स ने लॉर्ड बकेटहेड नाम से यह चुनाव लड़ा था। इसके बाद हार्वे को लॉर्ड बकेटहेड नाम छोड़ना पड़ा। इसके बाद हार्वे ने काउंट बिनफेस किरदार को 2018 में चुनाव से कुछ महीने पहले लॉन्च किया। काउंट बिनफेस नाम का मतलब क्या है यह नाम 2 शब्दों से मिलकर बना है। काउंट, बिनफेस। काउंट राजशाही से जुड़ी एक उपाधि है। जैसे कि लॉर्ड, अर्ल या बैरन भी एक उपाधि है। ऐसे में काउंट बिनफेस का मतलब है- कूड़ेदान के चेहरे वाला काउंट। काउंट बिनफेस ने 2019 में तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के खिलाफ चुनाव लड़ा। इसके बाद वे 2021 और 2024 के लंदन मेयर चुनाव, 2023 उपचुनाव, 2024 आम चुनाव और 2026 में एक उपचुनाव में भी उम्मीदवार रहे। काउंट बिनफेस क्या चुनाव जीत पाएंगे? मौजूदा हालात में काउंट बिनफेस चुनाव जीत जाएंगे इसकी संभावना बहुत कम है। दरअसल, क्लैक्टन सीट से फराज सांसद रह चुके हैं। पिछले चुनाव में उन्हें 46% वोट मिले थे। हालिया सर्वे में उन्हें करीब 73% वोट मिलने का अनुमान जताया गया है। ब्रिटेन की लेबर, कंजर्वेटिव और लिबरल डेमोक्रेट जैसी बड़ी पार्टियों ने इस उपचुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारा है। इससे फराज की जीत की संभावना और मजबूत हो गई है। काउंट बिनफेस इस चुनाव में फराज के सबसे चर्चित प्रतिद्वंद्वी हैं, लेकिन वे अकेले नहीं हैं। इस उपचुनाव में कुल 33 उम्मीदवार मैदान में हैं। काउंट बिनफेस के लिए असली जीत सीट जीतना नहीं, बल्कि अच्छा वोट हासिल करना होगा। अब तक उन्हें सबसे ज्यादा 2021 के लंदन मेयर चुनाव में करीब 1% वोट मिले थे। क्लैक्टन उपचुनाव में बड़ी पार्टियों के शामिल नहीं होने से काउंट बिनफेस फराज के सबसे चर्चित प्रतिद्वंद्वी बन गए हैं। अगर उन्हें 5% या उससे ज्यादा वोट मिल जाते हैं, तो उनकी 500 पाउंड की जमानत राशि वापस मिल जाएगी। इसे उनके लिए बड़ी सफलता माना जाएगा। काउंट बिनफेस के चर्चित चुनावी वादे काउंट बिनफेस जैसे 3 और उम्मीदवार फराज के खिलाफ काउंट बिनफेस के अलावा 3 और उम्मीदवार हैं जो अपने व्यंग्यात्मक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। ये तीनों उम्मीदवार ऑफिशियल मॉन्स्टर रेविंग लूनी पार्टी से हैं। यह ब्रिटेन की व्यंग्यात्मक राजनीतिक पार्टी है जो चुनाव में ऐसे उम्मीदवार उतारने के लिए जानी जाती है। इसकी स्थापना 1983 में संगीतकार डेविड सैच ने की थी। इस पार्टी के उम्मीदवार अक्सर अजीब पोशाक पहनते हैं और ऐसे चुनावी वादे करते हैं, जिनका मकसद लोगों को हंसाने के साथ-साथ राजनीतिक व्यवस्था की कमियों की ओर ध्यान दिलाना होता है। हालांकि पार्टी के कई मजाकिया सुझाव बाद में सच भी साबित हुए। इनमें 24 घंटे पब खोलने की अनुमति, पालतू जानवरों के पासपोर्ट और जनमत संग्रह (रेफरेंडम) के जरिए फैसले जैसे विचार शामिल हैं, जिन्हें बाद में ब्रिटिश सरकारों ने अलग-अलग समय पर लागू किया। ब्रिटेन में ऐसे उम्मीदवारों की पुरानी परंपरा ब्रिटेन में 18 साल या उससे अधिक उम्र का कोई भी ब्रिटिश, आयरिश या पात्र कॉमनवेल्थ नागरिक संसदीय चुनाव लड़ सकता है। इसके लिए 500 पाउंड की जमानत राशि जमा करनी होती है और स्थानीय क्षेत्र के 10 लोगों का समर्थन चाहिए। इसी वजह से ब्रिटेन के चुनावों में अक्सर मजाकिया या व्यंग्यात्मक उम्मीदवार भी मैदान में उतरते हैं। कोई कार्टून किरदार की पोशाक पहनता है तो कोई अजीब वेशभूषा में प्रचार करता है। इनका मकसद चुनाव जीतने से ज्यादा चर्चा में आना और राजनीति पर व्यंग्य करना होता है।

एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा, क्या आप जानते हैं कि उनकी 5 साल की कमाई कितनी थी?

N Chandrasekaran Remuneration: टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ये भी बात सामने आ रही है कि उन्होंने एक और कार्यकाल के लिए कोई डिमांड नहीं की है। इन खबरों के बीच अब उनकी सैलरी और कम्पेनसेशन के आंकड़े चर्चा में आ गए हैं। मनीकंट्रोल के आंकड़ों के मुताबिक, ‘चंद्रा’ के नाम से मशहूर चंद्रशेखरन को पिछले 5 सालों में टाटा संस से कुल ₹685 करोड़ का कम्पेनसेशन मिला है।

वित्त वर्ष 2025-26 में उन्हें कुल ₹158.6 करोड़ का रेमुनरेशन मिला। यह FY22 के बाद से अब तक का सबसे ज्यादा पैकेज है, जब से कंपनी ने अपने शीर्ष अधिकारियों की सैलरी के आंकड़े सार्वजनिक करना शुरू किया था।

सैलरी का 88% हिस्सा सिर्फ कमीशन!

चंद्रशेखरन की भारी-भरकम कमाई में सबसे बड़ा हिस्सा उनकी फिक्स्ड सैलरी का नहीं, बल्कि कंपनी के प्रदर्शन से मिलने वाले कमीशन का है। FY26 की उनकी कुल कमाई ₹158.6 करोड़ रही जिसमें ₹140.7 करोड़ कमीशन रहा जो कुल पैकेज का लगभग 88.7% है। उनकी फिक्स्ड सैलरी ₹17.9 करोड़ थी। चंद्रशेखरन को मिला यह पैकेज टाटा संस द्वारा अपने सभी डायरेक्टर्स को दी गई कुल सैलरी का 80 प्रतिशत हिस्सा है। FY25 में उनका कुल कम्पेनसेशन ₹155 करोड़ और FY24 में ₹134.8 करोड़ रहा था।

देश के सबसे टॉप कॉर्पोरेट दिग्गजों में शामिल थे चंद्रशेखरन

भारत के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव्स से अगर तुलना करें, तो चंद्रशेखरन टॉप पायदान पर खड़े नजर आते हैं:

सी विजयकुमार (HCL Tech CEO): वित्त वर्ष 2026 में ₹176 करोड़ के पैकेज के साथ देश के सबसे महंगे एग्जीक्यूटिव माने जाते हैं।

एन चंद्रशेखरन (Tata Sons Chairman): FY26 में ₹158.6 करोड़ के पैकेज के साथ दूसरे बड़े स्थान पर हैं।

संदीप कालरा (Persistent Systems CEO): FY25 में इनका पैकेज ₹148 करोड़ था, जो चंद्रशेखरन की FY26 की कमाई से कम है।

पवन मुंजाल (Hero MotoCorp): FY26 में ₹122 करोड़ के पैकेज के साथ ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले अधिकारी रहे।

AGM में डायरेक्ट्रिशिप पर वोटिंग से पहले बड़ा घटनाक्रम

चंद्रशेखरन की सैलरी और इस्तीफे के ये आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब अगस्त के मध्य में टाटा संस की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) आयोजित होने वाली है। वैसे चेयरमैन के रूप में उनका 5 साल का कार्यकाल फरवरी 2027 तक है, लेकिन रोटेशन नियमों के तहत उन्हें बोर्ड में अपनी डायरेक्टर की सीट बरकरार रखने के लिए शेयरधारकों के बहुमत की मंजूरी की आवश्यकता थी। इसी बीच उनके इस्तीफे और कार्यकाल पूरा कर हटने के फैसले ने सबको चौंका दिया है।

CFO सौरभ अग्रवाल दूसरे सबसे महंगे अधिकारी

टाटा संस के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सौरभ अग्रवाल कंपनी में दूसरे सबसे ज्यादा कमाई करने वाले टॉप मैनेजर रहे। उनकी FY26 में कुल आय ₹34 करोड़ रही जिसमें कमीशन का हिस्सा ₹26 करोड़ था।

चंद्रशेखरन और सौरभ अग्रवाल के अलावा बोर्ड के अन्य 7 सदस्यों में से किसी को भी रेगुलर रेमुनरेशन नहीं मिला। हालांकि, 6 सदस्यों को ₹1 से ₹3 करोड़ का कमीशन मिला, जबकि TVS मोटर्स के चेयरमैन एमेरिटस वेणु श्रीनिवासन इकलौते ऐसे बोर्ड मेंबर रहे जिन्होंने न तो कोई सैलरी ली और न ही कमीशन।

PM E-Drive subsidy for electric two-wheelers extended to March 2028

PM E-Drive subsidy for electric two-wheelers extended to March 2028
graphic of 3 electric scooters on a podium

The government has extended demand incentives for electric two-wheelers under the PM E-Drive scheme to March 31, 2028, through a notification issued by the Ministry of Heavy Industries. The move gives electric two-wheeler manufacturers a longer subsidy runway, following an earlier extension only up to July 31, 2026. 

  1. PM E-Drive subsidy for electric two-wheelers extended to March 31, 2028
  2. Segment allocation raised by Rs 1,000 crore to Rs 2,767 crore
  3. Per-vehicle subsidy rate unchanged at Rs 2,500 per kWh, capped at Rs 5,000

PM E-Drive extension details

The scheme remains fund-limited – subsidies could end before March 2028 if funds are exhausted

The total allocation for the electric two-wheeler segment under the scheme has also been increased by Rs 1,000 crore to Rs 2,767 crore, while the overall PM E-Drive scheme outlay rises to Rs 11,900 crore. 

The subsidy rate for electric two-wheelers registered between April 1, 2025, and March 31, 2028, remains at Rs 2,500 per kWh of battery capacity, subject to a maximum of Rs 5,000 per vehicle. This is lower than the Rs 5,000 per kWh (capped at Rs 10,000 per vehicle) offered in FY25, a reduction the government made as part of a planned tapering of EV support. The maximum ex-factory price of an eligible electric two-wheeler also remains unchanged at Rs 1.5 lakh. The incentive is capped at the specified amount or 15 percent of the ex-factory price, whichever is lower. The number of electric two-wheelers eligible for support under the scheme has been raised to 45,79,120 units.

That said, the scheme is fund-limited. If the Rs 11,900 crore total outlay or the allocation for any specific component is exhausted before March 31, 2028, that component can be closed and no further claims will be entertained. December 31, 2027, has been set as the last date for submitting claims.

The extension comes at a time when electric two-wheeler sales have grown sharply in India. According to Vahan data, electric two-wheeler sales reached 1.46 million units in FY26 – up significantly from 2,52,787 units in FY22 – and the segment crossed 2 lakh monthly sales for the first time in July 2026. The continuation of the subsidy is expected to sustain momentum in the segment, particularly in the sub-Rs 1.5 lakh price category where the majority of mainstream electric scooters are sold.