IND vs AFG: दिल्ली में होगी चौकों-छक्कों की बारिश, खेलते दिखेंगे वैभव सूर्यवंशी! अफगानिस्तान सीरीज का आ गया शेड्यूल

भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाले तीन मैचों की टी20 सीरीज का शेड्यूल जारी हो गया है। अफगानिस्तान क्रिकेट टीम सितंबर में भारत के दौरे पर आएगी। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के मुताबिक, सीरीज के मुकाबले 13 सितंबर से 17 सितंबर को नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होंगे। ACB ने बताया कि इन तारीखों को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की भी मंजूरी मिल चुकी है। वहीं इस सीरीज में भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एक्शन में दिखाई दे सकते हैं। हाल ही में हुए जिम्बाब्वे दौरे पर 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने तूफानी पारी खेली थी।

क्रिकबज की एक रिपोर्ट के अनुसार, ACB के CEO नसीब खान ने बोर्ड के कमर्शियल पार्टनर्स को भेजे एक लेटर में लिखा, “ACB ये कन्फर्म करता है कि भारत का अफ़गानिस्तान टूर 2026, 13 सितंबर से 17 सितंबर तक होने वाला है। ACB यह भी कन्फर्म करता है कि इवेंट की तारीखें BCCI के साथ कन्फर्म और सहमत हो गई हैं और तय मैचों की जगहें भी फाइनल हो गई हैं।”

इन शहरों के स्टेडियम का करती है इस्तेमाल अफगानिस्तान

अफगानिस्तान की टीम पिछले कुछ समय से भारत के अलग-अलग शहरों को अपने घरेलू मुकाबलों के लिए इस्तेमाल करती रही है। उसने लखनऊ, देहरादून और ग्रेटर नोएडा में अपने मैच खेले हैं, लेकिन अब तक भारत के खिलाफ घरेलू सीरीज का मुकाबला नहीं हुआ है। ऐसे में भारत की जमीन पर होने वाली यह टी20 सीरीज दोनों टीमों के लिए खास मानी जा रही है। ACB ने तारीखों की पुष्टि तो कर दी लेकिन साथ ही बोर्ड ने साफ किया कि संबंधित अधिकारियों की ओर से सीरीज का सार्वजनिक आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है।

बांग्लादेश दौरे की संभावना कम

अफगानिस्तान के भारत दौरे की पुष्टि के बाद अब बांग्लादेश के खिलाफ उसकी सीरीज होने की संभावना काफी कम हो गई है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने 1 से 13 सितंबर के बीच छह वनडे और टी20 मुकाबलों के लिए समय तय किया था, लेकिन अफगानिस्तान के भारत दौरे की तारीखें इससे टकरा रही हैं। ऐसे में अफगानिस्तान का बांग्लादेश दौरा फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है। BCB की प्रस्तावित तारीखों में अब तीन हफ्ते से भी कम समय बचा है और ऐसे में बांग्लादेश सीरीज होने की संभावना लगभग खत्म होती दिख रही है। अगर सरकारों की ओर से आखिरी समय में कोई अलग फैसला या निर्देश आता है, तो स्थिति बदल सकती है।

ब्रॉडकास्ट राइट्स को लेकर हलचल

क्रिकबज की एक रिपोर्ट के अनुसार, ITW यूनिवर्स, जिसके पास इस सीरीज के मीडिया राइट्स हैं, तीन मैचों के लीनियर राइट्स को लेकर JioStar, Sony Sports और Zee Unite8 के साथ बातचीत कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार तक ब्रॉडकास्टर के नाम पर फैसला होने की उम्मीद है। वहीं, सीरीज के डिजिटल राइट्स FanCode के पास हैं।

अमेरिकी अधिकारी बोले- मोदी-ट्रम्प टैरिफ का मुद्दा सुलझाएंगे:कहा- उनके बीच अच्छे संबंध; पहले अमेरिका में भारत पर 100% टैरिफ वाला बिल पास हुआ था

अमेरिकी राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार नवारो ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और पीएम मोदी के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। दोनों नेता रूसी तेल से जुड़े 100% टैरिफ के मुद्दे को आपस में सुलझा लेंगे। दरअसल, शुक्रवार को अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के बहुमत से भारत समेत 5 देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाने वाला बिल पास कर किया था। हालांकि, अभी ये कानून नहीं बना है। अभी इसे अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भेजा जाएगा। बिल के मुताबिक भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर 100% टैरिफ लगाया जा सकता है। इसका मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सके। पहले 500%टैरिफ का प्रस्ताव था 23 जुलाई को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन बिल के शुरुआती मसौदे में 500% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में इसे घटाकर 100% कर दिया गया। ईरान के साथ ट्रेड करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध बढ़ेगा अगर यह कानून बन जाता है तो 1996 का ‘ईरान प्रतिबंध कानून’ 2031 तक बढ़ जाएगा। यह कानून उन गैर-अमेरिकी कंपनियों पर पाबंदी लगाता है जो ईरान के साथ व्यापार करती हैं। यह कानून इसी साल खत्म होने वाला था। इस बिल से अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अधिकार भी मिल जाएगा कि वे अमेरिका में आने वाले रूसी सामान पर 500% तक टैरिफ लगा सकें। राष्ट्रपति का यह अधिकार 5 साल तक लागू रहेगा। व्हाइट हाउस ने पहले भी रूस पर पाबंदियां लगाने की कोशिश की थी। लेकिन ईरान युद्ध के दौरान जब होर्मुज बंद हुआ, तो तेल का संकट आ गया। इस वजह से अमेरिकी प्रशासन को तेल की बिक्री पर कुछ समय के लिए छूट देनी पड़ी थी। भारत ने जून में आधे से ज्यादा तेल रूस से खरीदा भारत ने जून 2026 में रूस से रिकॉर्ड 26.1 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा, जो देश के कुल तेल आयात का 52.4% था। यानी पिछले महीने भारत में आयात होने वाले हर दो बैरल तेल में एक से ज्यादा बैरल रूस से आया। रूस लगातार भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना हुआ है। मई के मुकाबले जून में रूस से तेल आयात में करीब 39% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह बिल कानून बना तो भारत पर असर पहली स्थिति: भारत रूस से तेल खरीदता रहे अमेरिका के 100% टैरिफ का सीधा असर भारत के निर्यात बिल पर पड़ सकता है। इससे भारतीय सामान अमेरिका में दोगुना महंगा हो जाएगा। अमेरिकी खरीदार सस्ता विकल्प ढूंढेंगे जैसे बांग्लादेश, वियतनाम, मैक्सिको, चीन। नतीजतन भारत के टेक्सटाइल, जेम्स-ज्वेलरी, इंजीनियरिंग गुड्स, लेदर, समुद्री उत्पाद, केमिकल्स आदि के ऑर्डर घट जाएंगे। दूसरी स्थिति: भारत रूस को छोड़कर दूसरे देशों से तेल खरीदे तो रूस से आने वाले तेल पर प्रतिबंध या टैरिफ का दबाव बढ़ता है, तो भारत को दूसरे देशों से तेल खरीदना पड़ेगा। यह महंगा पड़ सकता है, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है। अमेरिका के प्रतिबंध पूरे असरदार नहीं अमेरिका के प्रतिबंध और टैरिफ से कई देशों की अर्थव्यवस्था और कारोबार पर असर पड़ा, लेकिन राजनीतिक मकसद हमेशा पूरे नहीं हुए। 1. क्यूबा: 1960 से अमेरिका ने 1960 में क्यूबा पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए। छह दशक से ज्यादा समय बीतने के बाद भी ये प्रतिबंध क्यूबा की सरकार को बदलने में सफल नहीं हुए। क्यूबा ने 2023 में संयुक्त राष्ट्र में कहा कि इन प्रतिबंधों से उसे अब तक 159 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ है। 2. इराक: 1990 से इराक पर 1990 में आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए। इनका उसकी अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर बड़ा असर पड़ा। तेल से होने वाली कमाई और जरूरी सामान के आयात पर असर पड़ा। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टों में प्रतिबंधों के दौरान भूख, बीमारी और गरीबी बढ़ने की बात कही गई। 3. ईरान: 2012 से 2012 में कड़े प्रतिबंध लगाए जाने के बाद ईरान का तेल निर्यात करीब 10 लाख बैरल प्रतिदिन घट गया। उसकी अर्थव्यवस्था लगातार दो साल तक मंदी में रही। वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, 2012-14 के दौरान प्रतिबंधों से ईरान के निर्यात को 17.1 अरब डॉलर, यानी उसकी GDP के करीब 4.5% का नुकसान हुआ। 4. चीन: 2018 से अमेरिका ने 2018 में चीन से आने वाले करीब 250 अरब डॉलर के सामान पर अतिरिक्त शुल्क (टैरिफ) लगाया। 2019 में चीन से अमेरिका आने वाला सामान 16.2% घटकर 452.2 अरब डॉलर रह गया और दोनों देशों के बीच व्यापार घाटा 17.6% कम हुआ। लेकिन अमेरिकी व्यापार आयोग के मुताबिक, इन टैरिफ का ज्यादातर खर्च अमेरिकी कंपनियों और खरीदारों ने उठाया। 5. रूस: 2022 से यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका और दूसरे देशों ने रूस पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगाए। इससे रूस के लिए विदेशों से पैसा जुटाना, कारोबार करना और जरूरी तकनीक हासिल करना मुश्किल हुआ। IMF ने अप्रैल 2022 में अनुमान लगाया था कि उस साल रूस की अर्थव्यवस्था 8.5% घट सकती है। लेकिन रूस ने तेल समेत अपना सामान दूसरे देशों में बेचकर नुकसान को कुछ कम कर लिया। —————————– ये खबर भी पढ़ें… UK की व्हिस्की, कारें और ब्यूटी प्रोडक्ट्स सस्ते मिलेंगे:भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आज से लागू, जानें किन चीजों के दाम बदलेंगे भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर आज से सस्ते मिलेंगे। आज से भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू हो गया है। यानी अब भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। वहीं UK के 99% सामान 3% एवरेज टैरिफ पर आयात होंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

संदीप लामिछाने फिर बने नेपाल क्रिकेट टीम के कप्तान

लेग स्पिनर संदीप लामिछाने ने ACC पुरुष प्रीमियर कप से पहले बतौर ODI कप्तान रोहित पॉडेल की जगह ली है। 30 अगस्त से 12 सितंबर तक मलेशिया में आयोजित होने वाले टूर्नामेंट के लिए क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ नेपाल (CAN) ने 14 सदस्यीय दल की घोषणा की है।

यह नेपाल के कप्तान के तौर पर लामिछाने का दूसरा कार्यकाल होगा। इससे पहले वह 2022 में 14 ODI और 18 T20I में नेपाल की कप्तानी कर चुके हैं। नेपाल की कप्तानी में बदलाव ICC पुरुष क्रिकेट विश्व कप लीग 2 में नेपाल की लगातार चार हार के बाद किया गया है। आठ टीमों वाली इस प्रतिस्पर्धा में नेपाल की टीम सातवें स्थान पर रही।

चार साल पहले लामिछाने की कप्तानी में नेपाल ने 14 ODI में से मात्र तीन मुक़ाबले जीते थे। 2022 में लामिछाने के ख़िलाफ़ वारंट जारी होने के बाद उन्हें नेपाल ने निलंबित कर दिया था। 2023 में काठमांडु की ज़िला अदालत ने उन्हें रेप के मामले में दोषी पाया था, हालांकि 2024 में पाटन कोर्ट ने लामिछाने को सबूत के आभाव में रेप के आरोप से बरी कर दिया था।

निलंबन के समय लामिछाने सफ़ेद गेंद के दोनों प्रारूप में नेपाल के कप्तान थे। अब दीपेंद्र सिंह ऐरी T20I में नेपाल के कप्तान हैं।

लामिछाने नेपाल के गेंदबाज़ी आक्रमण के अहम सदस्य हैं, उन्होंने 77 मुक़ाबलों में 154 विकेट हासिल किए हैं। 2021 में पपुआ न्यू गिनी के ख़िलाफ़ 11 रन देकर छह विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। T20 सर्किट में भी उन्होंने अपनी लेग स्पिन से पहचान बनाई है। IPL, PSL, BBL, CPL और हाल ही में BBL में कुल मिलाकर उन्होंने 91 मुक़ाबले खेले हैं। लामिछाने फ़रवरी 2026 में नेपाल के T20 विश्व कप दल का भी हिस्सा थे, जिसमें नेपाल ने चार में से एक मैच जीता था।

ACC पुरुष प्रीमियर कप के लिए नेपाल का दल

संदीप लामिछाने (कप्तान), रोहित पॉडेल, आसिफ़ शेख़, अर्जुन कुमाल, देव खनाल, दीपेंद्र सिंह ऐरी, बारिस अहमद, इशान पांडे, गुलशन कुमार झा, शेर मल्ला, ललित नारायण राजबंशी, करण केसी, हेमंत धामी, संदीप जोरा

एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बेटे ने क्रिकेट में दिखाया अपना जलवा, 18 साल की उम्र में ठोका ताबड़तोड़ शतक

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बेटे रॉकी फ्लिंटॉफ ने घरेलू क्रिकेट में अपनी शानदार बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा है। 18 साल के रॉकी लंकाशायर की टीम से खेल रहे हैं। 11 अगस्त, मंगलवार को टॉन्टन के द कूपर एसोसिएट्स काउंटी ग्राउंड पर खेले गए मैच में रॉकी फ्लिंटॉफ ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 65 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। रॉकी ने ये शतक इंग्लैंड के वन-डे कप 2026 में समरसेट के खिलाफ लगाया।

रॉकी फ्लिंटॉफ ने कीटन जेनिंग्स के साथ मिलकर लंकाशायर की पारी को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 127 गेंदों में 214 रन की शानदार साझेदारी की। जेनिंग्स ने 156 रन बनाए, जबकि रॉकी की तेज पारी ने टीम को 50 ओवर में 443/6 के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में मदद की।

रॉकी ने खेली आक्रामक बल्लेबाजी

लंकाशायर के लिए नंबर-5 पर बल्लेबाजी करने उतरे रॉकी फ्लिंटॉफ ने अपनी पारी में आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन किया। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 45वें ओवर की पहली गेंद पर एक रन लेकर अपना शतक पूरा किया। इसके बाद भी उन्होंने तेजी से रन बनाना जारी रखा और 76 गेंदों में 123 रन की शानदार पारी खेली। रॉकी की इस पारी में 10 चौके और 7 छक्के शामिल रहे, जिससे उन्होंने टीम के स्कोर को मजबूत बनाने में अहम योगदान दिया। रॉकी के करियर में ये पहली बार था जब उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में शतक लगाया। इससे पहले 14 लिस्ट ए मैचों में उनके नाम दो अर्धशतक के साथ 350 रन थे। वहीं, वह अब तक पांच फर्स्ट-क्लास मैचों में नौ पारियां खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने कुल 137 रन बनाए हैं।

इससे पहले भी खेले चुके हैं अच्छी पारी

समरसेट के खिलाफ शतक लगाने से पहले रॉकी फ्लिंटॉफ ने अपने पिछले वन-डे कप मुकाबले में भी शानदार बल्लेबाजी की थी। वारविकशायर के खिलाफ उस मैच में उन्होंने लंकाशायर के लिए नंबर-5 पर खेलते हुए 51 गेंदों में नाबाद 61 रन बनाए थे। लगातार दो मैचों में अच्छे प्रदर्शन के साथ रॉकी ने घरेलू क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी की क्षमता दिखाई है।

एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने छोड़ा कोच का पद

रॉकी फ्लिंटॉफ के पिता एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने हाल ही में इंग्लैंड लायंस के मुख्य कोच का पद छोड़ दिया है। इंग्लैंड के लिए लंबे समय तक क्रिकेट खेलने वाले फ्लिंटॉफ ने 1998 से 2009 के बीच 79 टेस्ट, 141 वनडे और 7 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले थे। अब वह इस साल वह बिग बैश लीग (BBL) में पहली बार मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्हें साल की शुरुआत में सिडनी थंडर का हेड कोच नियुक्त किया गया था।

Bata India Q1 Results: फुटवियर कंपनी का मुनाफा 23% बढ़ा, ₹25 के डिविडेंड का ऐलान

Bata India Q1 Results: फुटवियर कंपनी Bata India ने जून तिमाही में बेहतर प्रदर्शन किया। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 23.1% बढ़कर 64 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 52 करोड़ रुपये था।

रेवेन्यू और EBITDA में भी बढ़त

बाटा का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 3.9% बढ़कर 979 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 942 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA 2.6% बढ़कर 204 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल यह 199 करोड़ रुपये था।

हालांकि, EBITDA मार्जिन थोड़ा घटा है। यह पिछले साल के 21.1% से घटकर 20.8% रह गया।

₹25 के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान

Bata India के बोर्ड ने FY27 के लिए हर शेयर पर 25 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। यानी यह फेस वैल्यू का 500% डिविडेंड है।

डिविडेंड के लिए 19 अगस्त 2026 रिकॉर्ड डेट तय की गई है। पात्र शेयरधारकों को डिविडेंड का भुगतान 2 सितंबर 2026 से किया जाएगा।

Bata India के शेयरों का हाल

नतीजों से पहले मंगलवार को Bata India का शेयर NSE पर 1.94% गिरकर 699 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में शेयर 22.76% गिरा है। वहीं, 1 साल में स्टॉक 40.93% क्रैश हो चुका है। कंपनी का मार्केट कैप 8.99 हजार करोड़ रुपये है।

Bata India का बिजनेस क्या है

Bata India प्रमुख फुटवियर कंपनी है। यह पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के लिए जूते, सैंडल, चप्पल और स्पोर्ट्स फुटवियर बेचती है। कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को Bata स्टोर्स, मल्टी ब्रांड आउटलेट्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बेचती है। इसके अलावा, कंपनी अपने फुटवियर के साथ बैग, बेल्ट और दूसरी एक्सेसरीज भी बेचती है।

कंडोम बनाने वाली कंपनी का शेयर बना रॉकेट, एक महीने में 33% चढ़ा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: इंफ्रा कंपनी को राजस्थान सरकार से ₹241 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला, 10 साल तक ITI को ऑपरेट करेगी

Stock in Focus: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी HG Infra Engineering को राजस्थान सरकार से नया प्रोजेक्ट मिला है। कंपनी को इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI), भिवाड़ी क्लस्टर के संचालन और मैनेजमेंट के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड (LOA) मिला है। यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री PM-SETU योजना के तहत दिया गया है।

प्रोजेक्ट में कंपनी की हिस्सेदारी ₹17.1 करोड़

इस प्रोजेक्ट में HG Infra Anchor Industry Partner की भूमिका निभाएगी। कंपनी के हिस्से की वैल्यू करीब 17.1 करोड़ रुपये है। यह अनुमानित 241 करोड़ रुपये के कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट का करीब 7% है।

प्रोजेक्ट को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर चलाया जाएगा। HG Infra को ITI के संचालन और मैनेजमेंट की जिम्मेदारी 10 साल तक निभानी होगी। कंपनी को LOA 11 अगस्त 2026 को मिला है।

पहले के दो महाराष्ट्र प्रोजेक्ट ऑर्डर बुक से बाहर

HG Infra ने मई 2026 में महाराष्ट्र के दो प्रोजेक्ट्स को अपनी ऑर्डर बुक में शामिल नहीं करने का फैसला किया था। कंपनी ने इसके पीछे प्रोजेक्ट के समय पर शुरू होने को लेकर अनिश्चितता बताई थी।

ये दोनों प्रोजेक्ट नागपुर-चंद्रापुर एक्सेस सुपर कम्युनिकेशन एक्सप्रेसवे से जुड़े थे। कंपनी को मई 2024 में दोनों पैकेज के लिए L1 bidder घोषित किया गया था। HG Infra के मुताबिक, इन दोनों प्रोजेक्ट्स के लिए जमा की गई बैंक गारंटी MSRDC ने वापस कर दी। हालांकि, इसकी कोई वजह नहीं बताई गई।

HG Infra के शेयरों का हाल

मंगलवार को HG Infra Engineering का शेयर 0.97%% गिरकर 548 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 21.29% गिरा है। वहीं, 1 साल में इसने करीब 45% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 3.58 हजार करोड़ रुपये है।

HG Infra का बिजनेस क्या है

HG Infra Engineering इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है, जो मुख्य तौर पर सड़क, हाईवे, एक्सप्रेसवे और रेलवे से जुड़े EPC प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। कंपनी सड़क निर्माण, पुल, फ्लाईओवर और दूसरी सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं तैयार करती है। इसके अलावा, कंपनी अब इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) के संचालन और मैनेजमेंट जैसे प्रोजेक्ट्स में भी कदम बढ़ा रही है।

L&T अपना डेटा सेंटर और क्लाउड बिजनेस ट्रांसफर करेगी, ₹1400 करोड़ में समझौता हुआ

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Kalanamak Rice: ₹40 से ₹150 पहुंचा कालानमक चावल का भाव! 5 गुना बढ़ा उत्पादन, ‘बुद्ध राइस’ ने किसानों की बल्ले-बल्ले कर दी

Kalanamak Rice: अपनी खास सुगंध और गुणों के लिए फेमस कालानमक चावल की खेती और इसकी बिक्री ने उत्तर प्रदेश के किसानों की किस्मत बदल दी है। हाल के वर्षों में कालानमक चावल के खेती के क्षेत्रफल और प्रोडक्शन दोनों में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इससे किसानों की इनकम भी बढ़ी है। साल 2018 में जहां कालानमक चावल का बिक्री मूल्य ₹40 प्रति किलोग्राम था। वहीं, साल 2026 में यह बढ़कर ₹150 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। इसी का असर है कि सामान्य चावल की तुलना में इसकी खेती करने वाले किसानों के लाभ में तीन गुना से अधिक की वृद्धि हुई है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के दौरान काला नमक चावल को लेकर अहम जानकारियां शेयर की हैं। उन्होंने बताया कि कीमतों में आए इस भारी उछाल और बेहतर वित्तीय लाभ की वजह से इस धान को उगाने वाले किसानों की संख्या में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। सिद्धार्थनगर जिले में साल 2018 में जहां सिर्फ 2915 किसान कालानमक धान की खेती करते थे। वहीं, 2024 तक यह संख्या बढ़कर 23000 पहुंच गई है। इसके साथ ही सिद्धार्थनगर में 2018 से 2025 के दौरान इसका उत्पादन 5 गुना से अधिक बढ़ा है।

केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली मदद के बारे में जानिए

कालानमक चावल की खेती करने वाले किसानों को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों की ओर से वित्तीय, तकनीकी और मार्केटिंग से जुड़ी मदद दी जा रही है। पीएम सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) और राज्य सरकार की एक जिला एक उत्पाद (ODOP) मार्जिन मनी योजना के तहत व्यक्तिगत सूक्ष्म इकाइयों और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को कालानमक प्रसंस्करण और मिलिंग यूनिट्स बनाने पर 35 फीसदी (अधिकतम ₹10 लाख) तक क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी दी जाती है।

इसके अलावा सरकार कालानमक महोत्सव का आयोजन कर इस चावल के ब्रांड का प्रचार-प्रसार कर रही है। स्थानीय किसानों को आधुनिक प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और निर्यात सहायता सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सिद्धार्थनगर में ओडीओपी योजना के तहत एक सामान्य सुविधा केंद्र की स्थापना की गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कालानमक चावल के प्रचार, उत्पादन और प्रसंस्करण के लिए विशेष प्रोजेक्ट फंडिंग भी निर्धारित की है।

6 नई उन्नत किस्में विकसित, उत्पादकता हुई लगभग दोगुनी

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तत्वावधान में राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रणाली कालानमक चावल की नई किस्मों के विकास और पारंपरिक किस्मों के संरक्षण में लगी हुई है। पारंपरिक किस्मों के अलावा कालानमक की छह नई और उन्नत किस्में जारी और अधिसूचित की गई हैं। इनमें कालानमक KN3, बौना कालानमक 101, बौना कालानमक 102, कालानमक किरण, पूसा नरेंद्र कालानमक 1 और पूसा सीआरडी कालानमक 2 शामिल हैं।

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नई बौनी और अधिक उपज देने वाली ये किस्में बेहद असरदार साबित हो रही हैं। जहां पारंपरिक किस्मों की औसत उपज 2.5 टन प्रति हेक्टेयर होती है, वहीं इन नई किस्मों की औसत उपज 4.5 टन प्रति हेक्टेयर तक मिलती है। बीज कार्यक्रम के तहत पिछले 5 वर्षों (2021-22 से 2025-26) के दौरान कुल 389.6 क्विंटल गुणवत्तापूर्ण कालानमक बीज का उत्पादन कर किसानों को बांटे गए हैं। हर साल 15-20 क्विंटल ब्रीडर बीज का उत्पादन भी किया जा रहा है।

‘बुद्ध राइस’ के नाम से वैश्विक पहचान, सिंगापुर से नेपाल तक निर्यात

सरकार कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के माध्यम से कालानमक चावल के निर्यात को लगातार बढ़ावा दे रही है। APEDA क्षेत्रीय किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़कर सिंगापुर और नेपाल जैसे देशों में निर्यात शिपमेंट की सुविधा प्रदान कर रहा है। जापान, थाईलैंड, वियतनाम, सिंगापुर और म्यांमार जैसे बौद्ध बहुल देशों के हाई प्राइज मार्केट को टारगेट करने के लिए कालानमक चावल को बुद्ध राइस (Buddha Rice) के रूप में ब्रांडेड किया जा रहा है।

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VB-G RAM G के तहत रोजगार में 50 फीसदी गिरावट, जानिए क्या है इसकी वजह

ग्रामीण इलाकों में रोजगार की नई गारंटी स्कीम ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-G RAM-G) के तहत रोजगार में गिरावट आई है। केंद्र सरकार ने 1 जुलाई, 2026 से मनरेगा की जगह वीबी-जी-राम-जी स्कीम लागू की है। इस स्कीम के फंडिंग सिस्टम में भी बदलाव किया गया है।

इन वजहों से घटा स्कीम में रोजगार

VB-G RAM-G में रोजगार घटने की कई वजहें हैं। मानसून के सीजन में इस स्कीम के तहत होने वाले काम रुक जाते हैं। मनरेगा की जगह नई योजना लागू करने के दौरान कुछ दिक्कतें आई होंगी। इसके अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से मजदूरों के पलायन की रफ्तार सुस्त हुई है। केंद्र सरकार के दो सूत्रों ने यह जानकारी दी।

नई स्कीम में फंडिंग का तरीका बदला

राज्य सरकार के एक सूत्र ने कहा कि राज्यों की खराब वित्तीय हालत भी इस स्कीम में रोजगार में कमी की वजह हो सकती है। नई स्कीम में फंडिंग का तरीका बदला है। ज्यादातर राज्यों को इस स्कीम पर आने वाले खर्च का 40 फीसदी बोझ उठाना पड़ता है। बाकी 60 फीसदी बोझ केंद्र सरकार उठाती है।

ज्यादातर राज्यों की वित्तीय स्थिति खराब

एक राज्य सरकार के प्रतिनिधि ने मनीकंट्रोल को बताया कि ज्यादातर राज्यों की वित्तीय स्थिति खराब है। कई राज्यों ने ऐसे कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिन पर काफी ज्यादा पैसे खर्च होते हैं। इस वजह से उनके पास VB-G RAM-G पर खर्च करने के लिए ज्यादा पैसे नहीं बचते हैं। आरबीआई की रिपोर्ट बताती है कि राज्यों पर कर्ज का बोझ बढ़ा है।

VB-G RAM-G में 125 दिन रोजगार की गारंटी

RBI की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यों का कंसॉलिडेटेड फिस्कल डेफिसिट बढ़कर FY25 में जीडीपी का 3.3 फीसदी हो गया। 2021-22 से 2023-24 के बीच यह जीडीपी के 3 फीसदी से कम था। VB-G RAM-G में रोजगार की गारंटी वाले दिन की संख्या बढ़ाकर 125 दिन कर दी दी गई है। मनरेगा में यह 100 दिन थी।

बुआई और कटाई के पीक सीजन में काम रुक जाता है

गारंटी वाले रोजगार के दिन की संख्या बढ़ाने से भी राज्य सरकारों पर वित्तीय बोझ बढ़ा है। इस स्कीम में बुआई और कटाई के पीक सीजन में कुल 60 दिन तक काम रुक जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि कृषि कार्य के लिए मजदूरों की कमी नहीं हो।

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जुलाई 2025 के मुकाबले रोजगार में 50 फीसदी कमी

केंद्र सरकार के VB-G RAM-G डैशबोर्ड (10 अगस्त को अपडेटेड) के मुताबिक, जुलाई 2026 में पर्सन-डेज गारंटीड की संख्या जुलाई 2025 में मनरेगा के मुकाबले 50 फीसदी से ज्यादा कम रही। केंद्र सरकार के एक सीनियर अफसर ने बताया कि पर्सन-डेज की संख्या कम होने का मतलब यह नहीं है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दबाव है।

L&T अपना डेटा सेंटर और क्लाउड बिजनेस ट्रांसफर करेगी, ₹1400 करोड़ में समझौता हुआ

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Larsen & Toubro (L&T) ने अपनी सब्सिडियरी Vyoma.AI के साथ दो समझौते किए हैं। इसके तहत L&T अपना डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज बिजनेस 1,400 करोड़ रुपये में Vyoma को ट्रांसफर करेगी। इसके अलावा, L&T Network Services में अपनी पूरी हिस्सेदारी 30 करोड़ रुपये में बेचेगी।

शेयर जारी करके होगा भुगतान

L&T ने 11 अगस्त को यह समझौता किया है। डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज बिजनेस को स्लंप सेल के जरिए ट्रांसफर किया जाएगा। यानी कारोबार को एक चालू बिजनेस के तौर पर दूसरी कंपनी को दिया जाएगा।

इसके बदले Vyoma, L&T को पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयर जारी करेगी। अंतिम रकम क्लोजिंग के समय होने वाले बदलावों के आधार पर तय होगी।

डेटा सेंटर बिजनेस का कितना कारोबार?

L&T के डेटा सेंटर बिजनेस का FY26 में रेवेन्यू 36.6 करोड़ रुपये रहा था। यह L&T के स्टैंडअलोन रेवेन्यू का सिर्फ 0.025% था। इस कारोबार की नेटवर्थ 1,142 करोड़ रुपये थी। यह L&T की स्टैंडअलोन नेटवर्थ का 1.565% है।

सौदा 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके लिए समझौते में तय शर्तों को पूरा करना होगा।

नेटवर्क सर्विस कंपनी भी ट्रांसफर होगी

L&T अपनी L&T Network Services Private Ltd में 100% हिस्सेदारी भी Vyoma को देगी। इसकी कीमत 30 करोड़ रुपये तय की गई है। इसका भुगतान भी Vyoma के इक्विटी शेयर जारी करके किया जाएगा।

सौदा पूरा होने के बाद L&T Network Services, Vyoma की सब्सिडियरी बन जाएगी। वहीं, L&T की यह अप्रत्यक्ष सब्सिडियरी रहेगी।

Vyoma.AI क्या करती है?

Vyoma.AI को 22 अप्रैल 2026 को बनाया गया था। कंपनी का मकसद डेटा सेंटर स्थापित करना है। इसके अलावा यह इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी से जुड़ी सेवाएं देगी। FY26 में कंपनी का कोई रेवेन्यू या नेटवर्थ नहीं था। L&T के मुताबिक, डेटा सेंटर बिजनेस का ट्रांसफर किसी स्कीम ऑफ अरेजमेंट के तहत नहीं हो रहा है।

मंगलवार को L&T का शेयर 0.70% गिरकर 4,040 रुपये पर बंद हुआ।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Mirzapur Movie Trailer: कालीन भैया, मुन्ना भैया, गुड्डू पंडित नहीं, चौंका तो रहा बबलू का रोल, किस यादव जी के रोल में हैं रवि किशन?

Mirzapur Movie Trailer: मेकर्स ने ‘मिर्जापुर: द मूवी’ फिल्म का ट्रेलर मंगलवार 11 अगस्त को रिलीज कर दिया गया है। फिल्म के ट्रेलर का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। ट्रेलर में कालीन भैया, मुन्ना भैया, गुड्डू पंडित और बबलू पंडित जैसे पुराने किरदार फिर दिखाई दे रहे हैं। वहीं कुछ नए कलाकार भी कहानी में शामिल किया गया हैं। फिल्म में ट्रेलर में रवि किशन का किरदार बेहद एग्रेसिव नजर आ रहा है। वहीं गुरमीत सिंह के निर्देशन में बनी यह फिल्म 4 सितंबर 2026 को हिंदी और तेलुगु भाषा में सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इससे पहले ओटीटी पर ‘मिर्जापुर’ वेब सीरीज के तीनों सीजन को फैंस से काफी प्यार मिला था।

फिल्म की कहानी ‘मिर्जापुर’ सीरीज की दुनिया से जुड़ी हुई है। फिल्म की कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। वहीं, इसके प्रोडक्शन की जिम्मेदारी रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर के एक्सेल एंटरटेनमेंट ने संभाली है।।

‘मिर्जापुर: द मूवी’ का रिलीज हुआ ट्रेलर

‘मिर्जापुर: द मूवी’ के करीब 3 मिनट के इस ट्रेलर में फिल्म की कहानी मिर्जापुर की सत्ता और उसे हासिल करने की लड़ाई के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है। ट्रेलर की शुरुआत ही एक खाली गद्दी और दमदार वॉयसओवर से होती है। इसमें कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी) की आवाज सुनाई देती है। वह कहते हैं, “गद्दी न तो विरासत से मिलती है, न सियासत से। मिलती है तो सिर्फ और सिर्फ बाहुबल से। और टिकती है डर से।” इसके बाद मुन्ना भैया (दिव्येंदु) की एंट्री होती है, जो खुद को मिर्जापुर का “प्रिंस” बताते हैं। लेकिन कालीन भैया और मुन्ना के बीच रिश्ते पहले जैसे नहीं दिखते। कालीन भैया को लगता है कि मुन्ना उनके हर काम और मिशन में परेशानी खड़ी कर देते हैं।

 

रवि किशन की धमाकेदार एंट्री

वहीं, मुन्ना और गुड्डू पंडित (अली फजल) के बीच भी पुरानी दुश्मनी फिर सामने आती है, जब दोनों एक-दूसरे पर बंदूक ताने नजर आते हैं। इस बार कहानी में रवि किशन असली ट्विस्ट लेकर आते हैं। मिर्जापुर की गद्दी पर अपना दावा पेश करते हुए रवि किशन भी मैदान में उतरते नजर आते हैं। कालीन भैया उन्हें चेतावनी देते हैं कि मिर्जापुर में दाखिल होने का रास्ता सिर्फ उनके नियंत्रण में है। इस पर रवि किशन अपने खास अंदाज में कहते हैं कि अगर वह रास्ते की रखवाली कर रहे हैं, तो वह मिर्जापुर के अंदर आकर ही रहेंगे।

ट्रेलर के एक सीन में वह एक शख्स पर चाकू से हमला करते दिखाई देते हैं और मजाकिया अंदाज में कहते हैं, “क्या तुम्हारा हीमोग्लोबिन कम है? खून बहुत कम निकल रहा है।”। वहीं ट्रेलर के आखिर में बीना भाभी (रसिका दुगल) भी इस पावर गेम में अपनी राजनीतिक चालें चलती नजर आ रही हैं।

कब आई थी पहली सीरीज

‘मिर्जापुर’ वेब सीरीज की शुरुआत साल 2018 में प्राइम वीडियो पर हुई थी। इसके बाद सीरीज का दूसरा सीजन 2020 में और तीसरा सीजन 2024 में रिलीज हुआ। सीरीज की लोकप्रियता को देखते हुए इसके चौथे सीजन का भी ऐलान किया जा चुका है। हालांकि, मेकर्स पहले ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के जरिए कहानी को आगे बढ़ाएंगे और इसके बाद सीजन 4 दर्शकों के सामने आएगा।

कौन-कौन है फिल्म में

‘मिर्जापुर: द मूवी’ में मुख्य किरदारों के अलावा भी एक बड़ी स्टारकास्ट शामिल है। इसमें रवि किशन, पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु, श्वेता त्रिपाठी, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, श्रेया पिलगांवकर, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौड़, श्वेता त्रिपाठी, सोनल एस. चौहान, अनंग्शा बिस्वास, शाजी चौधरी, सत्येंद्र सोनी, कुलभूषण खरबंदा और सुशांत सिंह जैसे कई कलाकार नजर आ रहे हैं।