भाई से झगड़ा, फिर चाय का ब्रेक… बाली ट्रिप से पहले कैब ड्राइवर ने सिया को लेकर किया बड़ा खुलासा

Ketan Agrawal Murder Case: केतन अग्रवाल मर्डर केस में एक के बाद एक नए खुलासे होते जा रहे हैं। इस बार केतन और हत्या की आरोपी सिया को छोड़ने वाले कैब ड्राइवर ने बड़ा दावा किया है। ड्राइवर के मुताबिक, रास्ते में मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सिया ने गाड़ी रुकवाई थी। इसके बाद उसने कार की डिक्की खोली और अपने पर्स से कुछ निकाला। इसके कुछ समय बाद दोनों एयरपोर्ट पहुंच गए, जहां बाद में पता चला कि केतन का पासपोर्ट गायब है।

वहीं, इस दावे को जांच में काफी अहम माना जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बाली में होने वाले प्री-वेडिंग फोटोशूट से पहले केतन का पासपोर्ट कैसे गायब हुआ। शुरुआती जांच से यह संकेत मिल रहे हैं कि पासपोर्ट को जानबूझकर गायब किया गया था।

कैब ड्राइवर वैभव जाधव ने मीडिया के साथ खास बातचीत में इस यात्रा की जानकारी दी। जाधव ने बताया कि उन्होंने सुबह करीब 10 बजे पुणे से यात्रियों को पिक किया था। उनके मुताबिक, सिया ने पहले कैब में बैठने से मना कर दिया था, लेकिन उनके भाई साहिल ने उन्हें जबरदस्ती गाड़ी में बिठाया। इसके बाद कैब रावेत पहुंची, जहां केतन अग्रवाल उसमें सवार हुए।

कैब ड्राइवर ने दावा किया कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सफर के दौरान सिया ने चाय पीने के लिए एक फूड मॉल पर गाड़ी रुकवाई। करीब 10 मिनट बाद वह वापस आई और उसने ड्राइवर से कार की डिक्की खोलने को कहा।

ड्राइवर के मुताबिक, डिक्की के पास जाकर सिया ने अपने पर्स से कुछ सामान निकाला। इसके बाद करीब 15 से 20 मिनट बाद दोनों यात्रियों ने उसे वापस गाड़ी के पास बुलाया और फिर मुंबई एयरपोर्ट के लिए सफर शुरू कर दिया।

जाधव ने बताया कि उन्होंने सभी यात्रियों को मुंबई एयरपोर्ट पर उतार दिया था। करीब दो मिनट बाद, उन्हें एक कॉल आया जिसमें बताया गया कि कैब में एक छोटा बैग छूट गया है। उन्होंने कहा कि वह उस समय लगभग 200 मीटर दूर थे और वापस आकर बैग लौटा दिया।

ड्राइवर ने आगे बताया कि 500 ​​मीटर और आगे जाने के बाद, उन्हें एक और कॉल आया जिसमें कहा गया कि केतन का पासपोर्ट कैब में ही गिर गया है। जाधव ने बताया कि उन्होंने पहले ही पूरी गाड़ी देख ली थी और पासपोर्ट नहीं मिला था। इसके बावजूद उनसे वीडियो कॉल करके कैब का अंदर का हिस्सा दिखाने को कहा गया, लेकिन तब भी पासपोर्ट नहीं मिला।

जाधव के मुताबिक, इसके बाद उन्हें एयरपोर्ट वापस लौटने के लिए कहा गया, जहां साहिल और केतन ने खुद कैब की तलाशी ली। उन्होंने दावा किया कि गाड़ी की तलाशी लेने के बावजूद पासपोर्ट नहीं मिला। तलाशी के बाद, दोनों पक्ष एयरपोर्ट से चले गए।

जाधव ने यह भी दावा किया कि पुणे से रावेत तक के सफर के दौरान सिया और उसके भाई साहिल के बीच बहस हुई थी; रावेत में ही केतन उनके साथ सफर में शामिल हुआ था। उसने फिर से कहा कि सिया ने उससे गाड़ी की डिक्की (बूट) खुलवाकर उसमें से कुछ निकाला था, लेकिन उसे यह नहीं पता था कि वह चीज क्या थी।

बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत से कुछ हफ्ते पहले बाली की प्री-वेडिंग ट्रिप (शादी से पहले की यात्रा) को रद्द करने की वजह बना एक खोया हुआ पासपोर्ट अब जांचकर्ताओं के लिए कथित हत्या की साजिश का एक अहम सुराग बन गया है; इस घटना ने पूरे महाराष्ट्र को चौंका दिया है।

पासपोर्ट का गायब होना एक बड़ी साज़िश का हिस्सा: पुलिस

इससे पहले, पुणे ग्रामीण पुलिस ने यह भी कहा था कि केतन की मंगेतर सिया गोयल ने कथित तौर पर उसका पासपोर्ट चुराकर नष्ट कर दिया था, जिससे वह विदेश नहीं जा सका। यह कोई अलग-थलग घटना नहीं थी, बल्कि एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी, जिसका अंत आखिरकार 26 वर्षीय युवक की लोहागढ़ किले में मौत के साथ हुआ।

बता दें कि केतन और सिया की सगाई फरवरी में हुई थी और वे शादी से पहले के फोटोशूट के लिए 6 जून को बाली जाने वाले थे। चार लोग साथ यात्रा कर रहे थे, लेकिन मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने पर जब केतन को पता चला कि उसका पासपोर्ट गायब है, तो यात्रा अचानक रद्द कर दी गई।

पासपोर्ट गायब होने के हालात संदिग्ध: केतन के पिता

केतन के पिता, विशाल अग्रवाल ने कहा कि पासपोर्ट के गायब होने के हालात संदिग्ध लग रहे हैं।

उन्होंने कहा, “उन्हें 6 जून को प्री-वेडिंग शूट के लिए मुंबई से बाली, इंडोनेशिया जाना था। घर से निकलते समय कार में सिर्फ चार लोग थे। कार में बैठे-बैठे सभी ने अपने पासपोर्ट चेक किए और सभी पासपोर्ट, करेंसी, क्रेडिट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और दूसरी कीमती चीजें एक ही पाउच में रखी गई थीं। वह पाउच कार में ही था।”

केतन के पिता ने आगे कहा, “एयरपोर्ट पहुंचने पर केतन को छोड़कर बाकी सभी के पास अपने पासपोर्ट थे। सिर्फ केतन का पासपोर्ट चोरी हो गया था। इस वजह से वह जा नहीं सका और उसे एयरपोर्ट से ही वापस लौटना पड़ा।”

पुलिस ने केतन मर्डर सीन को फिर से बनाया

वहीं, एक अधिकारी ने बताया कि रविवार को पुलिस सिया गोयल को लोहागढ़ किले ले गई ताकि क्राइम सीन को फिर से बनाया जा सके। इसके लिए एक डमी का इस्तेमाल किया गया ताकि उस पल को दोबारा दिखाया जा सके जब उसे धक्का देकर गिराया गया था और उसकी मौत हो गई थी।

उसे सुबह 6.30 बजे वहां ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, इस कवायद का मकसद उन घटनाओं के क्रम को ठीक-ठीक समझना है जिनकी वजह से 18 जून को केतन की जान चली गई थी।

क्राइम सीन को दोबारा बनाने के लिए एक पुतले (मैनक्विन) का इस्तेमाल किया गया। इस प्रक्रिया के तहत, डमी को किले की दीवारों से नीचे गिराया गया।

केतन अग्रवाल के पिता की भावुक अपील

शनिवार को, केतन अग्रवाल के पिता ने अपने बेटे के लिए न्याय की मांग करते हुए कैंडललाइट मार्च में हिस्सा लिया और एक भावुक अपील की। ​​उन्होंने उन लोगों से आगे आकर जांच में मदद करने की गुजारिश की जो 18 जून को लोहगढ़ किले में मौजूद थे – उस दिन केतन को कथित तौर पर उसकी मंगेतर सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी ने पहाड़ी से नीचे धकेल दिया था।

पुणे के बाहरी इलाके गहुंजे में बेलमोंडो सोसाइटी में जमा हुए निवासियों, परिवार के सदस्यों और दोस्तों को संबोधित करते हुए विशाल अग्रवाल ने कहा कि किले में हुई इस घटना को कई लोगों ने देखा था, लेकिन वे अभी तक पुलिस के पास नहीं आए हैं।

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Gold Price Today: सोने में गिरावट लौटी, दिल्ली से लेकर चेन्नई तक फिसला; ये है नया भाव

देश में सोने की कीमत में फिर से गिरावट दिख रही है। 29 जून की सुबह ज्यादातर शहरों में भाव लुढ़का है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत फिसलकर 144090 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। मुंबई में भाव 143940 रुपये प्रति 10 ग्राम है। एक सप्ताह में देश में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 2510 रुपये तक ​फिसली है। वहीं 22 कैरेट गोल्ड का भाव 2300 रुपये तक नीचे आया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,077.64 डॉलर प्रति औंस पर है।

इंडियन बुलियन एसोसिएशन (IBA) के आंकड़ों के मुताबिक, प्रधानमंत्री की अपील के बाद देश में 10 मई से अब तक सोना 13267 रुपये तक सस्ता हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और भारत के बढ़ते आयात बिल का जिक्र करते हुए 10 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से अपील की थी कि एक साल तक सोने की गैर-जरूरी खरीद करने से बचें, ताकि विदेशी मुद्रा को बचाया जा सके।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 144090 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132090 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 131940 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 143940 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 145850 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 133690 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 143940 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 131940 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली132090144090
मुंबई131940143940
अहमदाबाद131990143990
चेन्नई133690145850
कोलकाता131940143940
हैदराबाद131940143940
जयपुर132090144090
भोपाल131990143990
लखनऊ132090144090
चंडीगढ़132090144090

SSY vs PPF: सुकन्या समृद्धि या PPF… हर महीने ₹5000 जमा करें तो कहां बनेगा ज्यादा पैसा? समझिए पूरा हिसाब

चांदी की कीमत

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी में भी गिरावट है। 29 जून की सुबह कीमत फिसलकर 239900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। एक सप्ताह में भाव 10000 रुपये नीचे आया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 59.12 डॉलर प्रति औंस पर है।

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार, कोस्पी 1% से ज्यादा गिरा, निक्केई में भी दबाव

Asian Market Today: मिडिल ईस्ट में हुए नए डेवलपमेंट के बाद सोमवार सुबह एशिया-पैसिफिक मार्केट में मिला-जुला कारोबार हुआ। जापान का निक्केई 225 0.98% गिरा, जबकि टॉपिक्स 0.21% गिरा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.23% फिसला, जबकि कोसडैक 0.97% चढ़ा। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने बढ़त के संकेत दिए। होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग जहाजों पर ईरान के हमलों के बदले में US के ईरानी मिलिट्री ठिकानों पर हमला करने के बाद वीकेंड में मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया।

गिफ्ट निफ्टी 24,087 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 15 पॉइंट्स का डिस्काउंट था, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए धीमी शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट शुक्रवार को AI से जुड़े चिप स्टॉक्स में भारी गिरावट के कारण नीचे बंद हुआ।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.09% गिरकर 51,876.11 पर आ गया, जबकि S&P 500 0.05% गिरकर 7,353.95 पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.24% गिरकर 25,297.62 पॉइंट्स पर बंद हुआ। इस हफ़्ते, S&P 500 2.05% और नैस्डैक 4.7% गिरा।

एनवीडिया के स्टॉक की कीमत 1.64% गिरी, AMD के शेयर 2.06% गिरे, ब्रॉडकॉम 3.67% गिरा, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 5.71% उछले, एप्पल के स्टॉक की कीमत 3.14% बढ़ी, अमेज़न के शेयर 2.50% बढ़े, मेटा 1.36% बढ़ा, जबकि अल्फाबेट के शेयर 2.19% फिसले।

माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 6.69% गिरे, टेस्ला के शेयर की कीमत 1.22% बढ़ी, जबकि स्पेसएक्स के शेयर 0.15% और मॉडर्ना के शेयर की कीमत 12.59% बढ़ी।

US-ईरान युद्ध

एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, US और ईरान इस हफ़्ते होर्मुज स्ट्रेट और युद्ध खत्म करने के लिए दूसरे मुद्दों पर शांति वार्ता खत्म होने से पहले एक-दूसरे पर हमला करना बंद करने पर सहमत हुए हैं। दोनों देशों ने वीकेंड में एक-दूसरे पर नए हमले किए और एक-दूसरे पर सीज़फ़ायर तोड़ने का आरोप लगाया।

हालांकि खबर आई है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए ‘एक्सियोस’ (Axios) ने रिपोर्ट दी है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपने विवाद को सुलझाने के लिए मंगलवार 30 जून को कतर में बैठक करेंगे।

यह घटनाक्रम कई दिनों से चल रहे सैन्य टकराव के बढ़ने के बाद पहली बड़ी कूटनीतिक सफलता हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्ष दोहा में बातचीत आगे बढ़ने के दौरान सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए हैं। वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “हमने सभी तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया है।”

US कंज्यूमर सेंटिमेंट

US कंज्यूमर सेंटिमेंट जून में रिकॉर्ड निचले स्तर से वापस उछला। यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिशिगन के कंज्यूमर सर्वे ने कहा कि उसका कंज्यूमर सेंटिमेंट इंडेक्स मई में 44.8 से बढ़कर इस महीने 49.5 की फ़ाइनल रीडिंग पर पहुंच गया। यह इस महीने की शुरुआत में 48.9 से थोड़ा बेहतर था। रॉयटर्स के पोल में शामिल अर्थशास्त्रियों ने इंडेक्स के 50.0 की फ़ाइनल रीडिंग तक बढ़ने का अनुमान लगाया था।

 

आज का गोल्ड रेट

US-ईरान के नए हमलों और US फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी की उम्मीदों के कारण गोल्ड की कीमतों में गिरावट आई। स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.5% गिरकर $4,067.99 प्रति औंस हो गई, जबकि अगस्त डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 0.4% गिरकर $4,081.20 पर आ गया। स्पॉट सिल्वर 1.1% गिरकर $58.49 प्रति औंस पर आ गया।

क्रूड ऑयल की कीमतें

मिडिल ईस्ट में यूनाइटेड स्टेट्स और ईरान के कई दिनों तक एक-दूसरे पर हमला करने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.67% बढ़कर $72.51 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 1.03% बढ़कर $69.94 प्रति बैरल पर था।

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Iran-US War: गुड न्यूज! अमेरिका और ईरान हमले रोकने पर हुए सहमति, कतर में होगी होर्मुज पर वार्ता

Iran-US War: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच एक गुड न्यूज आई है। अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर के बावजूद दोनों देशों की तरफ से किए गए हमले के बाद यह सहमति बनी है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए ‘एक्सियोस’ (Axios) ने रिपोर्ट दी है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपने विवाद को सुलझाने के लिए मंगलवार 30 जून को कतर में बैठक करेंगे।

यह घटनाक्रम कई दिनों से चल रहे सैन्य टकराव के बढ़ने के बाद पहली बड़ी कूटनीतिक सफलता हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्ष दोहा में बातचीत आगे बढ़ने के दौरान सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए हैं। वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “हमने सभी तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया है।”

कतर में होर्मुज पर होगी चर्चा

कतर की राजधानी दोहा में होने वाली बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े तनाव को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है। यह दुनिया के सबसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री रूट्स में से एक है, जहां हालिया हमलों ने शिपिंग को बाधित किया है।

इसके अलावा, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने रिपोर्ट दी है कि 17 जून को हुए 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत दोनों पक्षों के बीच तकनीकी बातचीत जारी रहेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी का हवाला देते हुए रॉयटर्स ने बताया, “MoU के सभी क्षेत्रों पर तकनीकी बातचीत जारी रहेगी। दोनों पक्ष फिलहाल पीछे हटेंगे और जहाज स्वतंत्र रूप से आ-जा सकेंगे।” यह उस समझौते का जिक्र है जिसके तहत होर्मुज को समुद्री ट्रैफिक के लिए फिर से खोला जाएगा।

ईरान के हमले के बाद शुरू हुआ युद्ध

गुरुवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कार्गो जहाज पर ईरानी प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या रॉकेट) के हमले के बाद लड़ाई फिर से शुरू हो गई थी। इसमें दोनों देशों ने एक-दूसरे पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। रविवार तड़के ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइलें और ड्रोन दागे। इससे कुछ समय पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर इस्लामिक रिपब्लिक संघर्ष खत्म करने के समझौते का सम्मान करने में विफल रहता है, तो उसका अस्तित्व खत्म हो जाएगा।

ट्रंप ने दी चेतावनी

होर्मुज जलडमरूमध्य में एक टैंकर पर हमले के कुछ घंटों बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए हमले भी किए थे। यह एक प्रमुख वैश्विक ऊर्जा शिपिंग रूट्स है जिसे तेहरान ने संघर्ष के दौरान काफी हद तक बंद कर दिया था। ‘Axios’ की रिपोर्ट प्रकाशित होने से पहले, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी थी कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई तेज कर सकता है।

ट्रंप ने लिखा, “एक समय ऐसा आ सकता है जब हम अब समझदारी से काम न ले पाएं, और हमें उस काम को सैन्य रूप से पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़े जिसे हमने बहुत सफलतापूर्वक शुरू किया था।” उन्होंने आगे कहा, “अगर ऐसा होता है, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का अस्तित्व ही नहीं रहेगा!

राजनयिक कोशिशों को झटका लगा

17 जून के अंतरिम शांति समझौते का मकसद लड़ाई रोकना, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को जहाजों की आवाजाही के लिए फिर से खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम समेत बड़े मुद्दों पर बातचीत का रास्ता बनाना था। स्विट्जरलैंड में मध्यस्थता वाली बातचीत का एक दौर पहले ही हो चुका था, जिसकी अगुवाई अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने की थी।

वाशिंगटन ने तेहरान पर लगे प्रतिबंध भी हटा दिए थे। लेकिन इन राजनयिक कोशिशों के बावजूद सैन्य टकराव फिर से शुरू हो गया। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसकी नौसेना और वायु सेना ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। उसने आरोप लगाया कि अमेरिकी हमलों ने संघर्ष-विराम का उल्लंघन किया है।

IRGC ने चेतावनी दी कि अमेरिकी हमलों के कारण सभी राजनयिक प्रक्रियाएं पूरी तरह से रुक जाएंगी। जबकि उसके नौसैनिक कमांड ने कहा कि इस इलाके में अमेरिकी ठिकानों को आने वाले दिनों में नरक जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा।

एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को पुष्टि की है कि ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया था। लेकिन कहा कि किसी अमेरिकी के हताहत होने या बड़े नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।

इलाके में तनाव बरकरार

इजरायल ने रविवार को दक्षिणी लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों पर एक और हमला किया। इससे पहले शनिवार को भी लेबनान के साथ हुए हालिया संघर्ष-विराम समझौते के बावजूद एक अलग हमला किया गया था। ईरान का कहना है कि अगर व्यापक क्षेत्रीय समझौते को बनाए रखना है, तो लेबनान में लड़ाई खत्म होनी चाहिए।

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वहीं, दूसरी ओर बहरीन ने कहा कि ईरान के हमले से मुहर्रक प्रांत में एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा है। लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की मांग की है।

SSY vs PPF: सुकन्या समृद्धि या PPF… हर महीने ₹5000 जमा करें तो कहां बनेगा ज्यादा पैसा? समझिए पूरा हिसाब

Sukanya Samriddhi Yojana vs PPF: अगर आप हर महीने बचत करके भविष्य के लिए बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) दोनों अच्छे विकल्प हो सकते हैं। ये दोनों ही सरकार की गारंटी वाली योजनाएं हैं। इसलिए पैसा डूबने का जोखिम भी नहीं रहता। लेकिन सवाल यह है कि अगर हर महीने ₹5,000 जमा किए जाएं, तो आखिर किस योजना में ज्यादा पैसा मिलेगा? आइए पूरा हिसाब समझते हैं।

PPF और सुकन्या योजना में क्या अंतर है?

PPF में कोई भी भारतीय नागरिक खाता खोल सकता है। चाहे नौकरीपेशा हो, किसान हो, दुकानदार हो या छोटा कारोबारी। फिलहाल इस योजना पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है। इसका लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है।

वहीं सुकन्या समृद्धि योजना सिर्फ बेटियों के लिए बनाई गई है। 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर यह खाता खोला जा सकता है। इस समय इस योजना पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। इसमें 15 साल तक पैसा जमा करना होता है, लेकिन खाता 21 साल बाद मैच्योर होता है।

हर महीने ₹5,000 जमा करने पर कितना निवेश होगा?

अगर आप हर महीने ₹5,000 जमा करते हैं, तो सालभर में कुल ₹60,000 निवेश होगा। 15 साल तक ऐसा करने पर आपका कुल निवेश ₹9 लाख होगा। अब देखते हैं कि यह ₹9 लाख आगे चलकर कितना बन सकता है।

PPF में कितना पैसा बन सकता है?

अगर PPF पर पूरे 15 साल तक 7.1% सालाना ब्याज मिलता है और आप हर साल 60,000 रुपये जमा करते हैं, तो इस दौरान आपका कुल निवेश 9 लाख रुपये होगा। इस पर आपको करीब 7.27 लाख रुपये ब्याज मिलेगा। मैच्योरिटी पर आपके हाथ में करीब 16.27 लाख रुपये होंगे। यानी 9 लाख रुपये का निवेश बढ़कर 15 साल में 16 लाख रुपये से ज्यादा हो जाएगा।

सुकन्या योजना में कितना पैसा बन सकता है?

अगर आपकी बेटी छोटी है और उसके नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खुलवाते हैं, तो तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है। अगर आप 15 साल तक हर साल 60,000 रुपये जमा करते हैं, तो आपका कुल निवेश यहां भी 9 लाख रुपये ही रहेगा।

लेकिन 15 साल बाद जमा बंद होने के बावजूद खाते में ब्याज मिलता रहता है और यह 21 साल में मैच्योर होता है। मौजूदा 8.2% ब्याज दर के हिसाब से मैच्योरिटी पर आपको करीब 30.7 लाख रुपये मिल सकते हैं। यानी 9 लाख रुपये का निवेश बढ़कर 30 लाख रुपये से ज्यादा हो सकता है।

सुकन्या में ज्यादा पैसा क्यों बनता है?

इसकी दो बड़ी वजह हैं। पहली वजह है ज्यादा ब्याज दर। फिलहाल सुकन्या योजना पर PPF से ज्यादा ब्याज मिल रहा है। दूसरी वजह है लंबी कंपाउंडिंग। आप 15 साल तक पैसा जमा करते हैं, लेकिन उसके बाद भी 6 साल तक पैसा ब्याज कमाता रहता है। यही कारण है कि अंतिम रकम में बड़ा अंतर दिखाई देता है।

टैक्स में भी मिलता है फायदा

PPF और सुकन्या समृद्धि योजना दोनों में टैक्स का फायदा मिलता है। इन योजनाओं में जमा रकम पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत सालाना ₹1.5 लाख तक की छूट ली जा सकती है।

सिर्फ निवेश पर ही नहीं, बल्कि मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम पर भी टैक्स नहीं लगता। यानी निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी… तीनों स्तर पर टैक्स छूट का फायदा मिलता है।

किसके लिए कौन-सी योजना बेहतर?

अगर आपकी बेटी है और आप उसकी पढ़ाई, शादी या भविष्य के लिए पैसा जोड़ना चाहते हैं, तो सुकन्या समृद्धि योजना बेहतर विकल्प हो सकती है। इसमें लंबी अवधि तक निवेश बढ़ने का फायदा मिलता है।

वहीं, अगर आपका लक्ष्य रिटायरमेंट के लिए फंड बनाना है, तो PPF बेहतर विकल्प हो सकता है। इसकी एक और खासियत यह है कि इसमें कोई भी व्यक्ति निवेश कर सकता है।

किसमें मिलेगा ज्यादा फायदा?

अगर सिर्फ रिटर्न की बात करें, तो मौजूदा ब्याज दरों के हिसाब से सुकन्या समृद्धि योजना PPF से आगे नजर आती है। हर महीने ₹5,000 जमा करने पर जहां PPF में करीब ₹16.27 लाख का फंड बन सकता है, वहीं सुकन्या योजना में यह रकम करीब ₹30.7 लाख तक पहुंच सकती है।

हालांकि निवेश का फैसला सिर्फ रिटर्न देखकर नहीं करना चाहिए। यह भी देखना जरूरी है कि आपका पैसा किस लक्ष्य के लिए जमा किया जा रहा है। बेटी के भविष्य के लिए सुकन्या योजना बेहतर हो सकती है। वहीं, लंबी अवधि की बचत के लिए PPF एक मजबूत विकल्प माना जाता है।

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Rashifal Today: आज किस मूलांक के लोगों को रखना होगा बजट पर कंट्रोल, जानें कैसा होगा आपका आज का दिन

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का अपना खास महत्व होता है। ये न सिर्फ उनके स्वभाव और व्यक्तित्व को बताता है, बल्कि उनके भविष्य के बारे में भी संकेत देती है। आज के दिन कुछ मुलांक के लिए आर्थिक अनुशासन, बचत और भविष्य की योजना बनाने का संकेत देता है। सोच-समझकर खर्च करना और जल्दबाजी से बचना ही सफलता की कुंजी रहेगा।आइए जानते हैं कैसा होगा मूलांक 1 से 9 तक के लोगों का दिन

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो मूलांक आज पैसों से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। अपनी आय और खर्च का सही हिसाब रखें। जल्दबाजी में कोई बड़ा आर्थिक फैसला न लें। बजट बनाकर चलेंगे तो भविष्य में फायदा मिलेगा।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का अच्छा समय है। अपने खर्चों की समीक्षा करें और बचत बढ़ाने की कोशिश करें। निवेश या भविष्य की योजनाओं पर सोच-विचार कर सकते हैं, लेकिन कोई भी फैसला पूरी जानकारी के बाद ही लें।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज धन से जुड़े मामलों में अच्छी योजना बनाना आपके लिए लाभदायक रहेगा। बाजार और निवेश से जुड़ी नई जानकारी पर नजर रखें। अगर अचानक कोई खर्च सामने आए तो घबराने के बजाय समझदारी से स्थिति संभालें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो घर और परिवार से जुड़े खर्च बढ़ सकते हैं। भावनाओं में आकर खर्च करने से बचें। जरूरी चीजों पर ही पैसा लगाएं और बजट को संतुलित रखें ताकि भविष्य में परेशानी न हो।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक मामलों में आपकी समझ अच्छी रहेगी। खर्चों को व्यवस्थित करें और नए आय के अवसरों पर नजर रखें। जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचें और हर फैसला सोच-समझकर लें।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों का सही प्रबंधन करना जरूरी रहेगा। अपनी बचत, बिल और निवेश की समीक्षा करें। छोटी-छोटी आर्थिक गलतियों से बचेंगे तो आगे चलकर बड़ा फायदा मिल सकता है।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज भविष्य की आर्थिक योजनाओं पर काम करने का अच्छा समय है। फिजूल खर्च से बचें और बचत पर ध्यान दें। सोच-समझकर लिया गया फैसला आने वाले समय में लाभ दे सकता है।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज लंबी अवधि की आर्थिक योजना बनाने के लिए दिन अनुकूल है। अपने निवेश और बजट की समीक्षा करें। बिना जरूरत के खर्च करने से बचें और भविष्य को ध्यान में रखकर फैसले लें।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज नए आर्थिक अवसर मिल सकते हैं, लेकिन किसी भी फैसले में जल्दबाजी न करें। अपने खर्चों और बचत का आकलन करें। धैर्य और समझदारी के साथ लिया गया निर्णय आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

तमिलनाडु : पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका, मचा हड़कंप…राहत-बचाव अभियान जारी

तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में रविवार को पटाखे बनाने वाली एक फैक्ट्री में जोरदार धमाका हो गया। यह हादसा वेम्बाकोट्टई के पास मूरथीनाइकेनपट्टी गांव में स्थित आरपी फायरवर्क्स फैक्ट्री में हुआ। जिला कलेक्टर एन.ओ. सुखपुत्र ने धमाके की पुष्टि की है। फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं।

धमाके की वजह अभी साफ नहीं हो सकी है। पुलिस और संबंधित अधिकारी घटनास्थल की जांच कर रहे हैं ताकि विस्फोट के कारण का पता लगाया जा सके। साथ ही, नुकसान का पूरा आकलन भी किया जा रहा है।

बता दें कि, ये तमिलनाडु का ये हादसा कुछ महीने पहले केरल के त्रिशूर जिले में हुई एक बड़ी पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना के बाद सामने आया है। अप्रैल में हुए उस विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 40 लोग घायल हुए थे। यह हादसा मुंडाथीकोडे इलाके में दोपहर करीब 3:35 बजे हुआ था। घायलों में ज्यादातर फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर शामिल थे।

उस समय वडक्कनचेरी फायर स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया था कि पटाखे बनाने की यूनिट धान के खेत में बनी थी। फसल कटने के बाद खेत पूरी तरह सूख गया था और तेज गर्मी के कारण आग तेजी से फैल गई, जिससे हादसा और भी गंभीर हो गया। अधिकारी ने बताया था कि दोपहर करीब 3:35 बजे पटाखा फैक्ट्री में धमाके की सूचना मिली। फैक्ट्री धान के एक ऐसे खेत में बनी थी, जहां फसल कटने के बाद जमीन पूरी तरह सूख चुकी थी। तेज गर्मी के कारण आग तेजी से फैल गई और हादसा ज्यादा गंभीर हो गया। उन्होंने बताया कि वडक्कनचेरी, कुन्नमकुलम और त्रिशूर की फायर ब्रिगेड की टीमों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर राहत और बचाव अभियान चलाया। धमाके की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और एम्बुलेंस तुरंत मौके पर भेज दी गई थीं।

IND vs IRE 2nd T20I: दो मैच और दो हार… आयरलैंड में टीम इंडिया हुई शर्मसार, गंवाई टी20 सीरीज

IND vs IRE: भारत और आयरलैंड के बीच खेले गए 2 मैचों की सीरीज में आयरलैंड की टीम ने कमाल कर दिया। आयरलैंड ने बेलफास्ट में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में टी20 विश्व चैंपियन भारत को 1 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ मेजबान टीम ने दो मैचों की सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ आयरलैंड पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में क्लीन स्वीप करने का कारनामा कर दिखाया।। मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग करने का फैसला किया था।

पहले बैटिंग करने आई आयरलैंड 20 ओवर में 8 विकेट पर 154 रन बनाई। आयरलैंड की टीम ने भारत को 155 रनों का टारगेट दिया। वहीं भारतीय टीम 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 153 रन ही बना सकी। भारत ये मुकाबला 1 रन से हार गई। बता दें कि पहले टी-20 में आयरलैंड ने भारत को 34 रन से हराकर इतिहास रचा था। टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद श्रेयस अय्यर की बतौर कप्तान ये पहली सीरीज थी। वहीं इस सीरीज में भारत को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा।

जय मूंदड़ा का कहर

भारत के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में आयरलैंड के स्पिनर जय मूंदड़ा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए भारत के टॉस ऑर्डर को बड़ा झटका दिया। उन्होंने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन दोनों सलामी बल्लेबाजों को बिना खाता खोले पवेलियन भेजा और इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर का भी अहम विकेट लिया। इससे पहले भारत की ओर से डेब्यू कर रहे तेज़ गेंदबाज़ प्रिंस यादव ने तीन विकेट हासिल किए, जबकि शिवम दुबे ने एक ही ओवर में दो विकेट लेकर मैच का रुख बदल दिया। सूर्यांश शेडगे और प्रिंस यादव इस मैच में भारत के लिए डेब्यू किया।

मुकाबले में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन उपकप्तान तिलक वर्मा ने 46 गेंदों पर 55 रन बनाया। वहीं आखिरी समय में हर्षित राणा ने 10 गेंद पर 21 रन की तूफानी पारी खेलकर मैच बचाने की कोशिश लेकिन कामयाब नहीं हो पाए। हर्षित राणा हैरी टेक्टर की गेंद पर आउट हुए। वहीं आयरलैंड की ओर से सबसे ज्यादा रन हैरी टेक्टर ने 47 गेंद पर 53 रन बनाया।

अब पैसे लगाने लायक हो गया शेयर बाजार? JPMorgan ने कहा- टैक्स और नीतिगत बदलावों से सुधरा माहौल

भारतीय स्टॉक मार्केट में निवेश करने वालों के लिए अच्छी खबर है। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक JPMorgan का मानना है कि सरकार के टैक्स और नीतिगत बदलावों की वजह से अब इक्विटी में निवेश पहले से ज्यादा आकर्षक हो गया है। यही कारण है कि पिछले दो साल में बाजार की रिटर्न ज्यादा दमदार नहीं रहने के बावजूद घरेलू निवेशकों का पैसा लगातार शेयर बाजार में आ रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG), डेट म्यूचुअल फंड और इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स से जुड़े टैक्स नियमों में हुए बदलावों से इक्विटी की स्थिति मजबूत हुई है। इससे लोगों का रुझान धीरे-धीरे पारंपरिक बचत की जगह वित्तीय निवेश की ओर बढ़ रहा है।

टैक्स नियमों से इक्विटी को फायदा कैसे?

JPMorgan के मुताबिक, फिलहाल इक्विटी पर 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है। वहीं, डेट म्यूचुअल फंड पर इंडेक्सेशन का फायदा खत्म हो चुका है। कुछ इंश्योरेंस पॉलिसियों की मैच्योरिटी रकम पर भी टैक्स लागू हो गया है।

ब्रोकरेज का कहना है कि इन बदलावों से दूसरे निवेश विकल्पों के मुकाबले इक्विटी ज्यादा आकर्षक बन गई है।

SIP से लगातार आ रहा पैसा

रिपोर्ट का कहना है कि घरेलू निवेशकों की सबसे बड़ी ताकत अब सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) बन गया है। पिछले दो साल में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में अपनी हिस्सेदारी घटाई। इसके बावजूद घरेलू निवेशकों ने SIP के जरिए लगातार निवेश जारी रखा। इससे बाजार को मजबूत सहारा मिला।

JPMorgan का मानना है कि यह सिर्फ बाजार की चाल से जुड़ा निवेश नहीं है, बल्कि लोगों की बचत की आदत में स्थायी बदलाव का संकेत है। मतलब कि अब लोग तेजी की गिरावट की परवाह किए बगैर निवेश जारी रख रहे हैं।

घरेलू निवेशक सबसे बड़ा सहारा

ब्रोकरेज का कहना है कि घरेलू निवेशकों का लगातार निवेश भारतीय शेयर बाजार के लिए बड़ा सहारा बन गया है। इससे विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर काफी हद तक संतुलित हो जाता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले वर्षों में भी घरेलू बचत का बड़ा हिस्सा वित्तीय निवेश और इक्विटी की ओर जा सकता है।

किन बातों का है जोखिम?

JPMorgan ने यह भी कहा कि उसकी यह उम्मीद घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी पर टिकी है। अगर लंबे समय तक हर महीने SIP निवेश 250 अरब रुपये (25,000 करोड़ रुपये) से नीचे रहता है, तो बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।

इसके अलावा, अगर किसी नियामकीय बदलाव की वजह से डेरिवेटिव कारोबार में 20% से ज्यादा गिरावट आती है, तो इसका असर पूरे शेयर बाजार की गतिविधियों पर पड़ सकता है।

IT Stocks: AI के चलते भारतीय IT कंपनियों पर और बढ़ेगा दबाव! JPMorgan ने घटाया ग्रोथ अनुमान

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।