Vaibhav Sooryavanshi: आयरलैंड के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी को क्यों नहीं मिला मौका? सामने आई ये बड़ी वजह

IND vs IRE: आयरलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भी युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। वहीं इस मुकाबले में तेज गेंदबाज प्रिंस यादव और ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे को डेब्यू करने का मौका मिला है। 15 वर्षीय वैभव पूरी तरह फिट हैं और उन्हें कोई चोट भी नहीं है। ऐसे में माना जा रहा कि टीम मैनेजमेंट ने रणनीति के तहत उन्हें इस मैच में मौका नहीं दिया।

15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी इस सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि उन्हें आयरलैंड दौरे पर डेब्यू का मौका मिलेगा। आमतौर पर भारतीय टीम आयरलैंड और जिम्बाब्वे जैसे दौरों पर युवा खिलाड़ियों को आजमाती है। इसी वजह से वैभव के खेलने की चर्चा भी काफी तेज थी।

वैभव का प्रदर्शन

वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 776 रन बनाए और इस टूर्नामेंट के सबसे कम उम्र के एमवीपी बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। इसके बावजूद उन्हें आयरलैंड के खिलाफ पहले दो टी20 मैचों में मौका नहीं मिला। मैच से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर और बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने कहा था कि, टीम में ऐसे कई अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, जिन्होंने 2026 टी20 वर्ल्ड कप जीता है। इसी वजह से फिलहाल टीम संयोजन में बदलाव करना आसान नहीं है, भले ही वैभव ने अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया हो।

क्यों नहीं किया डेब्यू

हाल ही में NDTV की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गौतम गंभीर चाहते हैं कि सूर्यवंशी फिलहाल जमीन से जुड़े रहें और इसी वजह से उन्हें जल्दबाजी में मौका नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब एक मैच के बाद वाशिंगटन सुंदर और प्रसिद्ध कृष्णा की जगह सूर्यांश शेडगे और प्रिंस यादव को मौका मिल सकता है, तो फिर वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में क्यों नहीं शामिल किया गया। टीम मैनेजमेंट वैभव को डेब्यू देने से पहले कुछ समय तक टीम के साथ माहौल समझने का मौका देना चाहता है। अगर इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारत शुरुआती बढ़त बना लेता है, तो उन्हें वहां डेब्यू का मौका मिल सकता है।

India Weather Tomorrow 29 June: IMD ने इन 18 राज्यों में भारी बारिश और यूपी-बिहार समेत 25 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट दिया

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 जून के लिए देश के मौसम का ताजा अनुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 29 जून को देश के 18 राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 25 राज्यों में तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2-3 दिनों के भीतर मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ जाएगा। इसके बाद के 2-3 दिनों में यह हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के बचे हिस्सों को भी कवर कर लेगा।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में बहुत ही भीषण बारिश की चेतावनी दी है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 29 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इन क्षेत्रों में 28 और 29 जून को कई जगहों पर मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा।

इन 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

29 जून को देश के तीन राज्यों में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। यहां भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है-

अरुणाचल प्रदेश

  • असम और मेघालय (यहां 29-30 जून के दौरान अलग-अलग पॉकेट्स में बहुत भारी बारिश होगी)।
  • केरल और माहे (यहां भी 28 जून से 1 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है)।
  • बिहार-मध्य प्रदेश समेत इन 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक देश के 14 राज्यों/क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है-

  • पूर्वी और मध्य भारत: बिहार, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ।
  • पश्चिमी भारत: कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र।
  • दक्षिण भारत: तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप।
  • पूर्वेत्तर भारत: नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।
  • यूपी, बिहार और दिल्ली समेत 25 राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का तांडव
  • मौसम विभाग ने 29 जून को देश के एक बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओड़िशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिल नाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल व माहे, लक्षद्वीप और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फरबाद में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलने, बिजली कड़कने और झोंके आने की आशंका है।

30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं: उत्तराखंड, पश्चिम राजस्थान, तेलंगाना, रायलसीमा, तटीय कर्नाटक और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक की स्थिति रहेगी।

सिर्फ गरज-चमक और बिजली: छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बिजली चमकने और आंधी का अलर्ट है। इसके साथ ही तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं।

राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र की ओर से जारी 29 जून का पूरे देशभर का वेदर मैप

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दिल्ली, यूपी और बिहार में अभी जारी रहेगी लू

बारिश के अलर्ट के बीच उत्तर और पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में 29 जून भी सूरज के तेवर तल्ख रहेंगे।

उत्तर प्रदेश: पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ अलग-अलग पॉकेट्स में 29 जून को लू की स्थिति बनी रहेगी। 30 जून से 2 जुलाई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक गिरावट आएगी।

दिल्ली और बिहार: दिल्ली (हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली) में 29 और 30 जून को भी लू की स्थिति रह सकती है। बिहार के कुछ हिस्सों में भी 29 जून को लू का प्रकोप देखने को मिलेगा।

उमस भरा मौसम: गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में 29 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने का अनुमान है।

IND vs IRE: दूसरे मैच में भी वैभव को नहीं मिला मौका, इन खिलाड़ियों ने किया डेब्यू

IND vs IRE: भारत और आयरलैंड के बीच 2 मैचों की सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला आज खेला जा रहा है। मुकाबले में श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग करने का फैसला किया है। वहीं सीरीज का पहला मुकाबला जीतकर आयरलैंड की टीम 1-0 की बढ़त बनाई है। वहीं इस मुकाबले में सूर्यांश शेडगे और प्रिंस यादव डेब्यू कर रहे हैं। वहीं दूसरे मैच में वैभल सूर्यवंशी को मौका नहीं मिला है।

Bullet Train: जेवर से लखनऊ सिर्फ 1 घंटा 40 मिनट में! बुलेट ट्रेन के इस प्लान से यूपी से दिल्ली का डिस्टेंस गजब रफ्तार में होगा तय

Bullet Train: उत्तर प्रदेश और देश की राजधानी दिल्ली के बीच का सफर आने वाले समय में गजब की रफ्तार से तय होने वाला है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जेवर में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में प्रस्तावित दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर बेहद अहम और बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश में यात्रा का समय बेहद कम हो जाएगा।

केवल 1 घंटे 40 मिनट में जेवर से लखनऊ का सफर

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बताया कि इस प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के जरिए दिल्ली से लखनऊ का सफर महज 2 घंटे 10 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इसी तरह जेवर से लखनऊ का सफर पैसेंजर्स सिर्फ 1 घंटा 40 मिनट में तय कर सकेंगे। परियोजना की रफ्तार और महत्व पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जैसे गंगा बहती है, ठीक उसी तरह बुलेट ट्रेन भी दौड़ेगी। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी की पूरी तस्वीर बदल देगा और राज्य के औद्योगिक व आर्थिक विकास को एक बहुत बड़ा बूस्ट देगा।

जेवर बनेगा उत्तर भारत की सिलिकॉन वैली और सेमीकंडक्टर हब

आपको बता दें कि जेवर को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण का एक बड़ा केंद्र बनाने के लिए शनिवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना सिटी, जेवर में 6750 करोड़ रुपये के कुल निवेश वाले दो बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट्स का संयुक्त रूप से शिलान्यास किया। इन प्रोजेक्ट्स से क्षेत्र में करीब 3000 नौकरियां पैदा होंगी।

इन दो बड़ी परियोजनाओं का हुआ शिलान्यास

ASCENT-K Circuit (3250 करोड़ रुपये का निवेश): यह दक्षिण कोरिया की केसीसी (KCC) के साथ एक जॉइंट वेंचर है। यहां आधुनिक हाई-डेंसिटी और मल्टी-लेयर प्रिंटेड सर्किट बोर्ड्स का निर्माण किया जाएगा। Amber Enterprises (3500 करोड़ रुपये की फैसिलिटी): इस प्लांट में HVAC कंपोनेंट्स और पीसीबी असेंबली का निर्माण किया जाएगा।

पीसीबी आयात पर घटेगी निर्भरता, मजबूत होगा रुपया

केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने भारत की बढ़ती घरेलू विनिर्माण क्षमताओं की तारीफ करते हुए कहा कि देश अब इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की केवल असेम्बलिंग करने से आगे बढ़कर उनके कोर कंपोनेंट्स बनाने की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारत हर साल लगभग 40000 करोड़ रुपये के पीसीबी का आयात करता रहा है। अब घरेलू उत्पादन से इस आयात पर निर्भरता काफी हद तक कम होगी। यहां बनाए जाने वाले एडवांस्ड मल्टी-लेयर पीसीबी (कुछ 20 से 22 लेयर वाले) आधुनिक तकनीक की रीढ़ हैं। जिसे हम कभी आयात करते थे, अब उसे दुनिया के लिए मेक इन इंडिया करेंगे।

जेवर में बनने वाला हर एक पीसीबी विदेशी मुद्रा की बचत करेगा, रुपये को मजबूत करेगा और भारत के भुगतान संतुलन में सुधार लाएगा। हजारों करोड़ रुपये के इस निवेश के चलते जेवर क्षेत्र उत्तर भारत की सिलिकॉन वैली के रूप में उभरने के लिए तैयार है। अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि उनके विजन के कारण ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने का सपना उत्तर प्रदेश में साकार हो रहा है।

Sharmila Tagore: शर्मिला टैगोर ने मुस्लिम टाइगर पटौदी से शादी करने पर मिलने वाली धमकियों को किया याद, बोली- कहा जाता था गोलियां बोलेंगी

Sharmila Tagore: दिग्गज एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर और क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी मंसूर अली खान पटौदी की शादी 43 साल तक चली, जिसके बाद 2011 में मंसूर का निधन हो गया। हाल ही में हुई एक बातचीत में शर्मिला ने अपनी शादी के बारे में बात की और बताया कि शादी के बंधन में बंधने से पहले एक दूसरे को जानने के लिए वे साथ रहते थे।

‘मोजो स्टोरी’ पर पत्रकार बरखा दत्त से बात करते हुए शर्मिला ने कहा, “शादी से पहले हम साथ रहते थे क्योंकि यह ज़्यादा सुविधाजनक था। टाइगर अक्सर नहाने के लिए ‘क्रिकेट क्लब ऑफ़ इंडिया’ जाते थे, क्योंकि मैं घर ठीक से नहीं संभाल पाती थी। घर में कोई भी चीज ठीक से काम नहीं करती थी। मैं घर संभालने में बहुत खराब थी। मैंने समय के साथ यह सब सीखा है। अब मुझे अपना घर बहुत पसंद है और मैं उसका बहुत ध्यान रखती हूं।”

कुछ समय तक साथ रहने के बाद शर्मिला और पटौदी ने शादी कर ली, लेकिन उन्हें लोगों की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। अलग-अलग धर्मों की वजह से उनकी शादी को लेकर काफी नकारात्मक बातें हुईं और लोगों ने तरह-तरह की राय बनाई। इस बारे में बात करते हुए शर्मिला ने बताया कि फिल्ममेकर यश चोपड़ा ने भी चिंता जताई थी।

एक्ट्रेस ने कहा कि “हमें इसका ज़्यादा असर महसूस नहीं हुआ क्योंकि मैं काम कर रही थी और टाइगर क्रिकेट खेल रहे थे। लेकिन मेरे माता-पिता और टाइगर की मां को दबाव महसूस हुआ क्योंकि बहुत कुछ कहा जा रहा था। मीडिया को लग रहा था कि हमारी शादी 15 महीने से ज़्यादा नहीं चलेगी। उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि यह शादी बुरी तरह नाकाम रहेगी। यश चोपड़ा ने मुझसे कहा था, ‘ये नवाब लोग बहुत शक करने वाले होते हैं, इसलिए तुम्हें बहुत सावधान रहना होगा।’ वे अच्छे दोस्त थे और सच में मेरी चिंता करते थे।”

शर्मिला ने यह भी बताया कि उनकी शादी की तैयारियों के दौरान उन्हें धमकियां मिली थीं। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता को टेलीग्राम मिले थे, जिनमें लिखा था, ‘गोलियां चलेंगी।’ उन्होंने आगे बताया कि सुरक्षा कारणों से आखिरी समय में उनकी शादी की जगह बदलनी पड़ी थी।

शर्मिला और मंसूर 1960 के दशक में कॉमन दोस्तों के ज़रिए मिले थे। एक-दूसरे को डेट करने के दौरान, मंसूर ने शर्मिला को लंदन से एयर कंडीशनर और गुलाब भेजे थे, जो काफी मशहूर हुआ था। शर्मिला ने 2023 में ‘द कपिल शर्मा शो’ पर अपनी लव स्टोरी के बारे में बात की थी।

उन्होंने कहा, “उनका सेंस ऑफ़ ह्यूमर बहुत अलग था। वे अपने ही जोक्स पर हंसते थे क्योंकि हमें वे समझ नहीं आते थे। मुझे लगता है कि जब मेरे बच्चे यह सुनेंगे तो वे मुझे मार डालेंगे। यह सब क्या हो रहा है… पापा के बारे में तुम क्या कह रही हो? यह पहली नज़र का प्यार नहीं था। लेकिन यह प्यार था। मुझे बस यह महसूस हुआ कि वे कभी जान-बूझकर मुझे दुख नहीं पहुंचाएंगे। मुझे लगा कि मैं उन पर भरोसा कर सकती हूं। यही आधार था। क्या यही सबसे ज़रूरी बात नहीं है?”

पोस्ट ऑफिस में डेढ़ घंटे इंतजार के बाद भी नहीं हुआ काम, शख्स ने सोशल मीडिया पर निकाली अपनी भड़ास

एक शख्स ने सोशल मीडिया पर डाकघर (पोस्ट ऑफिस) जाने का अपना एक्सपीरिएंस शेयर किया। व्यक्ति का शेयर किया गया एक्सपीरिएंश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने बताया कि वहां उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। उनकी पोस्ट वायरल होने के बाद कई अन्य लोगों ने भी सरकारी दफ्तरों में लंबी कतारें, कर्मचारियों का व्यवहार और सही जानकारी न मिलने जैसी अपनी समस्याएं शेयर कीं। पोस्ट शेयर करने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह अपने पिता के खाते से जुड़ा जरूरी काम कराने के लिए पोस्ट ऑफिस गया था। उसे इनकम टैक्स से जुड़े फॉर्म 15H को जमा करना था। लेकिन करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करने के बाद भी उसका काम पूरा नहीं हो सका, जिससे वह काफी निराश हो गया।

सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए पोस्ट में यूजर ने लिख, “हर बार जब मैं अपने पिता के अकाउंट से जुड़े काम के लिए पोस्ट ऑफिस जाता हूं, तो मैं उस व्यक्ति को कोसता हूं जिसने मेरे पिता को वहां अकाउंट खोलने का सुझाव दिया था। सच में, स्टाफ बहुत ही बदतमीज है। वे चिल्लाते रहते हैं, मदद नहीं करते, सही जानकारी नहीं देते और सबसे जरूरी बात, उन्हें कुछ नहीं पता।” पोस्ट में बताया गया कि वह पहले एक कर्मचारी के पास गया और पूछा कि फॉर्म कहां जमा करना है।

 

घंटों करना पड़ा इंतजार

कर्मचारी ने उसे एक तय काउंटर पर भेज दिया। वहां करीब 30 से 40 मिनट तक लाइन में इंतजार करने के बाद काउंटर पर मौजूद महिला कर्मचारी ने बताया कि अब फॉर्म 15H स्वीकार नहीं किया जा रहा है। उसकी जगह अब फॉर्म 121 भरकर जमा करना होगा। फिर उस व्यक्ति को नया फॉर्म लेने के लिए दूसरे काउंटर पर भेजा गया। उन्होंने कहा, “लगभग 10 मिनट तक बार-बार उनसे फ़ॉर्म देने के लिए कहने के बाद, उन्होंने आखिरकार इसे साइड टेबल से उठाया और मुझे दे दिया।”

इसके बाद कस्टमर फॉर्म और इसे जमा करने की डेडलाइन के बारे में जानकारी लेने के लिए काउंटर नंबर 6 पर वापस गया। उन्होंने बताया, “फिर मैं काउंटर नंबर 6 पर वापस गया क्योंकि फॉर्म मेरे लिए पूरी तरह से उलझा हुआ था और मैं जानना चाहता था कि मैं इसे कब तक जमा कर सकता हूं। उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। लगभग 15 मिनट बाद, उन्होंने बस इतना कहा, ‘इसे भरकर सोमवार को जमा कर दो क्योंकि पोस्ट ऑफिस दोपहर 12 बजे बंद हो जाता है।'”

क्यों खुलवाते हैं लोग अकाउंट

अपने एक्सपीरिएंश के बाद उन्होंने लोगों से ये भी पूछा कि आखिर इतने लोग अभी भी पोस्ट ऑफिस में अकाउंट क्यों खुलवाते हैं। उन्होंने बताया, “मैं लाइन में लगे लोगों से पूछता रहा कि इतने सारे लोग अभी भी पोस्ट ऑफिस में अकाउंट क्यों खोलना चाहते हैं, लेकिन किसी के पास इसका जवाब नहीं था। उनमें से ज़्यादातर युवा लोग थे जो अपने माता-पिता की ओर से उनके अकाउंट मैनेज करने आए थे।”

यूजर्स ने किया कमेंट

इस पोस्ट के वायरल होने के बाद पोस्ट ऑफिस की कस्टमर सर्विस को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने अपने साथ हुए ऐसे ही एक्सपीरिएंश भी शेयर किए। एक यूजर ने लिखा, “मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ। मैं उस समय इतना फ्रस्ट्रेट हो गया था कि मैंने पोस्टल डिपार्टमेंट से जुड़ी सभी की ईमेल ID गूगल की और एक गुस्से वाला ईमेल लिखा। 2 घंटे के अंदर, मुझे पोस्टमास्टर का कॉल आया और उसी दिन प्रायोरिटी के आधार पर काम हो गया।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “यह सभी सरकारी ऑफिस और सभी पब्लिक सेक्टर बैंकों का मामला है। हर काम के लिए कई बार जाना पड़ता है; कोई बस अपनी इज़्ज़त को निगलकर ब्लड प्रेशर की दवा ले सकता है। और फिर हम सोचते हैं कि हमारी सड़कें हमेशा भीड़भाड़ वाली क्यों रहती हैं और हर कोई हर समय इतना ANGRY क्यों दिखता है!” एक यूजर ने लिखा, “मैं अपने ज्यादातर पोस्ट ऑफिस बैंक से जुड़े काम ऑनलाइन करता हूं। ये काफी अच्छा है।”

यूपी में घर खरीदार सावधान! UP RERA का बड़ा एक्शन, 76 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को नोटिस, 15 दिन में जवाब नहीं तो लग सकता है भारी जुर्माना

उत्तर प्रदेश में घर खरीदारों के हितों की रक्षा और रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी ऑथोरिटी ने एक बड़ा कदम उठाया है। यूपी रेरा ने राज्य के ऐसे 76 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की पहचान की है, जिनके प्रमोटर्स ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अपनी वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट ऑथोरिटी के वेब पोर्टल पर अब तक अपलोड नहीं की है। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए यूपी रेरा ने इन सभी डिफॉल्टर प्रमोटर्स को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।

15 दिन का मिला अल्टीमेटम, वरना लगेगा भारी जुर्माना

पीटीआई के मुताबिक यूपी रेरा ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी डिफॉल्टर प्रमोटर्स को निर्देश दिया है कि वे 15 दिनों के भीतर प्रासंगिक वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित विलंब शुल्क के साथ अपनी लंबित ऑडिट रिपोर्ट को पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड कर दें। अगर प्रमोटर्स इस समय सीमा के भीतर ऐसा करने में विफल रहते हैं तो उन्हें प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत का 5 प्रतिशत तक भारी जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।

क्या हैं यूपी रेरा के कड़े नियम और पेनाल्टी?

आधिकारिक बयान के मुताबिक हर वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद रियल एस्टेट प्रमोटर्स के लिए प्रोजेक्ट के खातों का ऑडिट कराना और वित्तीय वर्ष बंद होने के छह महीने के भीतर यूपी रेरा की वेबसाइट पर वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करना पूरी तरह अनिवार्य है। जो प्रमोटर्स तय समय पर वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने में विफल रहते हैं, उन्हें संबंधित वित्तीय वर्ष के लिए 25,000 रुपये का विलंब शुल्क देना होगा। रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट की धारा 4 और इससे जुड़े नियमों व विनियमों का उल्लंघन करने पर प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत का 5 फीसदी तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

स्वतंत्र ऑडिटर से जांच कराना जरूरी, पारदर्शिता पर जोर

यूपी रेरा के नियमों के मुताबिक, प्रोजेक्ट के खातों का ऑडिट प्रमोटर द्वारा नियुक्त किसी स्वतंत्र बाहरी ऑडिटर से ही कराया जाना चाहिए। वह ऑडिटर प्रमोटर की कंपनी, समूह या किसी भी संबद्ध संस्था से जुड़ा हुआ नहीं होना चाहिए। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि स्वतंत्र जांच, वित्तीय रिपोर्टिंग की सटीकता और पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। ऑथोरिटी ने वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट जमा न करने को एक गंभीर चूक बताया है। रेरा का कहना है कि यह रेरा अधिनियम के उन प्रावधानों के खिलाफ है जो प्रमोटर्स के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं।

घर खरीदारों को कैसे होगा इससे फायदा?

यूपी रेरा के अनुसार, यह ऑडिट रिपोर्ट केवल एक कागजी या प्रक्रियात्मक आवश्यकता नहीं है बल्कि यह आवंटियों के हितों की रक्षा करने का एक बेहद महत्वपूर्ण जरिया है। इस रिपोर्ट के जरिए ऑथोरिटी को प्रोजेक्ट्स की समीक्षा और मूल्यांकन करने में मदद मिलती है। इसके जरिए घर खरीदारों और आम जनता को ऑथोरिटी की वेबसाइट पर प्रोजेक्ट से जुड़ी सत्यापित और सटीक जानकारी उपलब्ध हो पाती है। इससे घर खरीदार खुद अपने प्रोजेक्ट की प्रगति और प्रमोटर द्वारा नियमों के पालन की निगरानी कर सकते हैं।

यूपी रेरा चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने कहा कि रेरा के तहत समय पर वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट जमा करना हर प्रमोटर की एक बुनियादी जिम्मेदारी है। स्वतंत्र ऑडिट और सटीक रिपोर्टिंग से पारदर्शिता बढ़ती है और घर खरीदारों का भरोसा मजबूत होता है। यूपी रेरा इन प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना जारी रखेगा ताकि आवंटियों के हितों की रक्षा की जा सके और राज्य का रियल एस्टेट सेक्टर अधिक जवाबदेह और भरोसेमंद बन सके।

Rao Bahadur: सिनेमा लवर्स का दिल जीतने को तैयार है ‘राव बहादुर’, डायरेक्टर सुकुमार ने फिल्म को बताया सबसे अलग

Rao Bahadur: ‘महेश बाबू प्रेजेंट्स राव बहादुर’ की शानदार पहली झलक के बाद, वेंकटेश महा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म के मेकर्स ने इसका टीज़र रिलीज कर दिया है, जिसने यह साफ कर दिया है कि यह आने वाले समय के सबसे अलग और दिलचस्प प्रोजेक्ट्स में से एक होने वाला है।

​फिल्म को लेकर जहाँ एक्साइटमेंट एकदम सातवें आसमान पर है, वहीं मेकर्स ने सेट से डायरेक्टर सुकुमार के साथ एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो में ‘पुष्पा’ के डायरेक्टर अपना जलवा बिखेरते नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा है -“अलग | अनोखा | हैरान RaoBahadur पर अब ‘सुकुमार’ का जादू चल गया है, 3 जुलाई से तेलुगु सिनेमा का एक ऐसा अनुभव करने के लिए तैयार हो जाइए जो पहले कभी नहीं देखा।

फिल्म की तारीफ करते हुए सुकुमार ने कहा, “ऐसा लगता है जैसे सब लोग सत्यदेव को एक तोहफा देने के लिए एक साथ आए हैं। मुझे लगता है कि इस परफॉर्मेंस को देखने के बाद हर एक्टर को उनसे जलन महसूस होगी। जहां तक मैं जानता हूं, ऐसी फिल्में तेलुगु सिनेमा या यहाँ तक कि पूरे इंडियन सिनेमा में भी नहीं बनी हैं। यह एक बिल्कुल अलग जॉनर की फिल्म है। जिस तरह ‘सी/ओ कंचरपालम’ ने सबको हैरान कर दिया था, ठीक वैसे ही #RaoBahadur भी दर्शकों को पूरी तरह चौंका देगी। फिल्म का हर एक डिपार्टमेंट एक अलग ही लेवल पर है। राव बहादुर के लिए सुकुमार की तरफ से ब्रावो! #RaoBahadur के लिए बस एक ही शब्द है: होलसम (Wholesome – यानी हर तरह से परफेक्ट)।”

​एक बेहद अनोखी पहली झलक के बाद, इस फिल्म का पहला गाना ‘ओ सुंदरी’ एक बड़ा चार्टबस्टर (हिट) बन गया है, जिसे इसके सुरीले म्यूजिक और शानदार प्रेजेंटेशन के लिए खूब पसंद किया गया। सत्यदेव और दीपा थॉमस पर फिल्माया यह रोमांटिक गाना बीते हुए दौर को खूबसूरती से दिखाता है, जो फिल्म के पुराने समय के बैकग्राउंड और विजुअल खूबसूरती को और ज्यादा बढ़ा देता है।

​’राव बहादुर’ एक साइकोलॉजिकल ड्रामा और राजसी अतीत की धुंधली यादों का एक अनोखा मिक्सचर है। वेंकटेश महा, जो इस फिल्म की राइटिंग, डायरेक्शन और एडिटिंग खुद संभाल रहे हैं, एक ऐसी कहानी को आकार देते दिख रहे हैं जो पूरी तरह से स्थानीय भावनाओं से जुड़ी है और साथ ही इसमें हर किसी को छू लेने वाले इमोशंस भी हैं।

​इस फिल्म को एक मजबूत टेक्निकल टीम का साथ मिला है, जिसमें कार्तिक परमार सिनेमैटोग्राफी संभाल रहे हैं, स्मरण साई ने म्यूजिक कंपोज किया है और रोहन सिंह ने फिल्म का बेहतरीन प्रोडक्शन डिजाइन तैयार किया है। अपनी शानदार राजसी तस्वीरों और सस्पेंस भरे अंदाज के साथ, ‘राव बहादुर’ एक ऐसी फिल्म बनने की राह पर है जो दर्शकों को एक ऐसी दुनिया में ले जाएगी जहाँ हर छोटी से छोटी डिटेल का एक गहरा मतलब हो सकता है।

ITR Filing 2026: सेक्शन 87A में ₹60000 तक की टैक्स रिबेट, जानिए कौन कर सकता है क्लेम

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने असेसमेंट ईयर 2026-27 (FY 2025-26) के लिए ITR-1 से ITR-5 तक के फॉर्म जारी कर दिए हैं। साथ ही ITR-1, ITR-2, ITR-3 और ITR-4 की एक्सेल यूटिलिटी भी शुरू कर दी है। इसकी मदद से टैक्सपेयर्स पहले ऑफलाइन रिटर्न भर सकते हैं। इसके बाद उसे ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है।

अगर आप ITR भर रहे हैं, तो सेक्शन 87A के तहत मिलने वाले टैक्स रिबेट के नियम जानना जरूरी है।

क्या है सेक्शन 87A का रिबेट?

सेक्शन 87A के तहत मिलने वाला रिबेट सीधे आपके कुल टैक्स से घट जाता है। यह टैक्स छूट (Exemption) या टैक्स डिडक्शन (Deduction) से अलग होता है। इसका मकसद कम और मध्यम आय वाले लोगों को टैक्स में राहत देना है।

कितना मिलेगा रिबेट?

अगर आपने पुराना टैक्स रिजीम चुना है और आपकी टैक्सेबल इनकम 5 लाख रुपये तक है, तो आपको अधिकतम 12,500 रुपये का रिबेट मिल सकता है।

अगर आप नया टैक्स रिजीम चुनते हैं और आपकी टैक्सेबल इनकम 12 लाख रुपये तक है, तो आपको 60,000 रुपये तक का रिबेट मिल सकता है।

इसमें ध्यान रखने वाली बात है कि यह रिबेट 4% हेल्थ एंड एजुकेशन सेस जोड़ने से पहले टैक्स की रकम पर मिलता है।

किन लोगों को मिलेगा फायदा?

सेक्शन 87A का फायदा सिर्फ इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स को मिलता है। इसका मतलब है कि कंपनियां, HUF (हिंदू अविभाजित परिवार) और NRI इसका फायदा नहीं ले सकते।

अगर आपको शेयर बेचने से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) या शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) हुआ है, तो उस टैक्स पर भी यह रिबेट नहीं मिलेगा। लॉटरी, गेम शो या दूसरी ऐसी कमाई, जिस पर विशेष टैक्स दर लागू होती है, उस पर भी यह सुविधा नहीं मिलती।

ITR में रिबेट कैसे क्लेम करें?

सबसे पहले पूरे साल की ग्रॉस टोटल इनकम निकालें। इसके बाद मिलने वाली छूट और डिडक्शन घटाकर टैक्सेबल इनकम निकालें। ITR में अपनी टैक्सेबल इनकम भरें। अगर आपकी आय तय सीमा के भीतर है, तो सेक्शन 87A के तहत रिबेट क्लेम कर दें। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ITR-2 और ITR-3 में भी यह सुविधा दी है।

क्या है मार्जिनल रिलीफ?

नए टैक्स रिजीम में अगर आपकी कमाई 12 लाख रुपये से थोड़ी ज्यादा है और बनने वाला टैक्स, 12 लाख से ऊपर की अतिरिक्त इनकम से ज्यादा है, तो आपको मार्जिनल रिलीफ मिलता है।

अब मान लीजिए आपकी टैक्सेबल इनकम 12.15 लाख रुपये है। यानी 12 लाख की सीमा से 15,000 रुपये ज्यादा। इस पर सामान्य नियम से 62,250 रुपये टैक्स बनता है।

लेकिन मार्जिनल रिलीफ मिलने के बाद आपका टैक्स घटकर सिर्फ 15,000 रुपये रह जाएगा। इस पर 4% हेल्थ एंड एजुकेशन सेस जोड़ने के बाद आपकी टैक्स देनदारी 62,250 रुपये से घटकर 15,600 रुपये रह जाएगी।

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