Kriti Sanon- Kabir Bahia: ‘वो मेरी बहन जैसी है बेवकूफों…’, ब्रेकअप रूमर्ड और वायरल फोटो को देख भड़के कृति सेनन के लवर बॉय कबीर

Kriti Sanon- Kabir Bahia: कृति सेनन और बिजनेसमैन कबीर बहिया अपने कथित रिलेशनशिप को लेकर काफी समय से चर्चा में हैं। हालांकि, दोनों में से किसी ने भी कभी डेटिंग की खबरों की पुष्टि या खंडन नहीं किया है, लेकिन उन्हें अक्सर साथ देखा गया है, जिससे फैंस में उत्सुकता बनी रहती है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कबीर की एक दूसरी लड़की के साथ तस्वीर वायरल हो रही है, जिससे कई लोग सोच रहे हैं कि क्या दोनों का ब्रेकअप हो गया है।

यह तस्वीर सबसे पहले रेडिट पर सामने आई और फिर कई अन्य प्लेटफॉर्म पर फैल गई, जिसके बाद ये अफवाहें और तेज़ हो गईं। जल्द ही, कई यूज़र्स ने दावा किया कि एक्ट्रेस और कबीर का रिश्ता खत्म हो गया है। हालांकि, ब्रेकअप की अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है। कबीर के करीबी एक सूत्र ने अब इस मामले पर स्थिति साफ की है और कहा है कि वायरल हो रही तस्वीर का गलत मतलब निकाला गया है।

‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्र ने कहा, “ऑनलाइन वायरल हो रही कबीर और एक लड़की की तस्वीर को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। वह उनके परिवार की दोस्त हैं और कबीर उन्हें अपनी बहन मानते हैं। यह दुखद है कि लोग कितनी जल्दी किसी नतीजे पर पहुंच जाते हैं और गलत बातें फैलाते हैं।”

पिछले कुछ समय से कृति सेनन और कबीर बहिया के साथ दिखने से उनके डेटिंग की अफ़वाहों को और हवा मिली है। उन्हें कृति के जन्मदिन के जश्न के लिए ग्रीस में छुट्टियां मनाते हुए देखा गया था। कबीर ने कृति की बहन नूपुर सेनन की शादी के हर फंक्शन में हिस्सा लिया था। उन्हें डिनर और परिवार के साथ होने वाले कार्यक्रमों में भी साथ देखा गया है।

वहीं, काम की बात करें तो कृति की लेटेस्ट फ़िल्म ‘कॉकटेल 2’ अभी सिनेमाघरों में चल रही है। होमी अदजानिया की डायरेक्ट की गई इस फ़िल्म में शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह प्रोजेक्ट ‘कॉकटेल’ (2012) का स्पिरिचुअल सीक्वल है, जिसमें सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण और डायना पेंटी ने काम किया था।

NDTV के रिव्यू में फ़िल्म क्रिटिक सैबल चटर्जी ने ‘कॉकटेल 2’ को 5 में से 2.5 स्टार दिए। उन्होंने कहा, “कॉकटेल 2 की कहानी का आधार कुछ ऐसा है जिस पर यकीन करना मुश्किल है – एक महिला अपने लिव-इन पार्टनर की वफ़ादारी परखने के लिए अपनी पुरानी हॉस्टल रूममेट से उसे लुभाने के लिए कहती है।” पूरा रिव्यू पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

Anant Ambani visits Tirupati: अनंत अंबानी ने तिरुपति बालाजी मंदिर में कराया मुंडन, TTD को 25 इलेक्ट्रिक बसें देने की घोषणा

Anant Ambani visits Tirupati: रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने रविवार (28 जून) को तिरुमला श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए मंदिर की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार केश दान (मुंडन) भी कराया। तिरुपति यात्रा के दौरान अनंत अंबानी ने पारंपरिक केश दान कर अपनी धार्मिक आस्था व्यक्त की। साथ ही, टीटीडी को 25 इलेक्ट्रिक बसें, ड्राइवरों की सैलरी और EV चार्जिंग सुविधाओं के लिए सहयोग की घोषणा कर उन्होंने मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान का भी ऐलान किया।

सुबह की विशेष पूजा में हुए शामिल

अनंत अंबानी ने रविवार तड़के होने वाली सुप्रभात सेवा में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन किए और मंदिर परिसर में पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए।

केश दान की सदियों पुरानी परंपरा निभाई

दर्शन के बाद अनंत अंबानी ने अपने बाल भगवान को अर्पित किए। तिरुमला में केश दान की परंपरा कई सौ वर्षों से चली आ रही है। श्रद्धालु इसे अहंकार का त्याग, विनम्रता और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक मानते हैं। तिरुमला में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने या श्रद्धा व्यक्त करने के लिए मुंडन कराकर अपने बाल दान करते हैं। अनंत अंबानी के लंबे बाल पिछले कुछ वर्षों से उनकी पहचान बन चुके थे। ऐसे में उनके केश दान ने भी लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

मंदिर प्रशासन ने किया सम्मान

दर्शन और केश दान के बाद मंदिर के वैदिक विद्वानों ने उन्हें वेद आशीर्वचनम् प्रदान किया। इसके बाद तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के अधिकारियों ने उन्हें श्रीवारी तीर्थ प्रसाद भेंट किया और पारंपरिक रेशमी शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

रिलायंस की ओर से बड़ा दान

मंदिर यात्रा के दौरान अनंत अंबानी ने घोषणा की कि Reliance Industries टीटीडी को लगभग 27.5 करोड़ रुपये की लागत से 25 इलेक्ट्रिक बसें दान करेगी। इसके अलावा कंपनी इन बसों को चलाने के लिए 50 ड्राइवरों के वेतन और अन्य लाभों का खर्च भी उठाएगी। तिरुमला में EV (इलेक्ट्रिक वाहन) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में भी सहयोग देने के लिए तैयार है। इस पहल का उद्देश्य तिरुमला में पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।

पहले भी कई धार्मिक यात्राएं कर चुके हैं अनंत अंबानी

अनंत अंबानी पहले भी कई प्रमुख हिंदू मंदिरों में दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से भगवान श्रीकृष्ण और श्रीनाथजी के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त की है। वर्ष 2024 में अपनी शादी से पहले उन्होंने द्वारकाधीश मंदिर तक पदयात्रा भी की थी। यह यात्रा उन्होंने अपनी धार्मिक श्रद्धा और संकल्प के रूप में की थी।

पशु संरक्षण के क्षेत्र में भी सक्रिय

धार्मिक गतिविधियों के अलावा अनंत अंबानी वंतारा परियोजना के माध्यम से पशु संरक्षण और वन्यजीवों के बचाव एवं पुनर्वास के कार्यों से भी जुड़े हुए हैं। वे कई अवसरों पर सभी जीवों के प्रति करुणा और संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं।  जानवरों के कल्याण के लिए किए गए अपने कामों के जरिए उन्होंने बार-बार सभी जीवों के प्रति दया भाव रखने की बात कही है।

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Cinema Ka Flashback: ‘सबसे ज्यादा हुआ था हर्ट…’, जब ऐश्वर्या राय ने बताया इन कमेंट्स ने तोड़ा था उनका दिल

Cinema Ka Flashback: आम लड़की हो या खास…बॉडी शेमिंग का शिकार बन ही जाती हैं। इस बॉडी शेमिंग से दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला यानी ऐश्वर्या राय भी नहीं बच सकी हैं। करियर की शुरूआत से लेकर अब तक न जानें कितने कमेंट्स उनकी खूबसूरती से लेकर बॉडी तक पर किए जा चुके हैं। लेकिन जब एजुकेटेड इंसान…खासकर आपके कलीग्स करते है तो दुख ज्यादा पहुंचता है। ऐसा ही कुछ महसूस किया बच्चन परिवार की बहू ने…

कमेंट ने दुखाया दिल

दरअसर 2019 में फिल्मफेयर के एडिटर के साथ ऐश्वर्या राय ने अपने इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया है। जब एक्ट्रेस से पूछा गया कि वह कमेंट कौन सा है, जिसने आपको अब तक सबसे ज्यादा दुख पहुंचाया है। इस सवाल के जवाब में ऐश ने बिना देर लगाया कहा-‘फेक प्लास्टिक’….। जी हां बॉलीवुड के दो नामी एक्टर्स ने ऐश्वर्या को फेक प्लास्टिक कहा था।

विवेक ऑबेरॉय ने कहा था ‘फेक प्लास्टिक’..

ये बात तब कि है जब विवेक ऑबेरॉय का ऐश्वर्या राय के साथ ब्रेकअप हो गया था। वहीं सलमान खान के साथ उनकी दुश्मनी खुलकर सामने आ गई थी। काफी लड़ाई झगड़ों के बाद विवेक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें उन्होंने सलमान खान पर गंभीर आरोप लगाए थे। साथ ही ऐश के प्लास्टिक ऐश….प्लास्टिक हर्ट… और प्लास्टिक स्माइल तक बोल दिया था। हालांकि कई सालों बाद उन्होंने अपनी गलती मानी थी और कहा था कि उन्हें वो प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करनी थी और बहुत कुछ नहीं बोलना था, जो उन्होंने उस वक्त बोल दिया था।

इमरान हाशमी ने प्लास्टिक की गुड़िया कहा…

अगर आपको याद हो तो करण जौहर के शो कॉफी विद करण में इमरान हाशमी एक बार गेस्ट बनकर पहुंचे थे। रैपिड फायर राउंड में करण जौहर एक्टर के सामने एक-एक नाम ले रहे थे, जिसके जवाब में उन्हें बताना था कि उस शख्स को देखते ही पहली चीज दिमाग में क्या आती है। जैसे ही करण जौहर ने ऐश्वर्या का नाम लिया तो इमरान हाशमी ने बिना देर किए कहा कि ‘प्लास्टिक की गुड़िया’।

इमरान के इस बयाना के बाद से ऐश्वर्या राय बेहद नाराज हो गई थीं। वहीं इमरान हाशमी को लोगों ने भी खूब ट्रोल किया था। इस कॉन्ट्रोवर्सी के कुछ सालों बाद इमरान हाशमी ने अपने बयान के लिए ऐश से माफी मांगी थी, लेकिन ऐश ने उन्हें माफ नहीं किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ऐश्वर्या राय बादशाहों फिल्म का ऑफर मिला था, लेकिन जब उन्हें पता चला कि इस फिल्म में इमरान भी काम करने वाले हैं उन्हें ऑफर को तुरंत ठुकरा दिया था।

जेवर बनेगा उत्तर भारत की सिलिकॉन वैली! 2 इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट हो रहे शुरू; निकलेंगी 3000 जॉब्स

जेवर में लगभग 6,750 करोड़ रुपये के निवेश से दो इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट शुरू हो रहे हैं। इनसे करीब 3,000 नौकरियां पैदा होंगी और जेवर को भारत के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब्स में से एक बनाने में मदद मिलेगी। यह बात केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कही है। वैष्णव ने यमुना सिटी, जेवर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर इन प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दोनों प्रोजेक्ट्स में एडवांस्ड हाई-डेंसिटी और मल्टी-लेयर प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) बनाने के लिए ASCENT-K Circuit 3,250 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। यह दक्षिण कोरिया की KCC का जॉइंट वेंचर है। साथ ही HVAC (हीटिंग, वेंटिलेशन एंड एयर कंडीशनिंग) कंपोनेंट्स बनाने और PCB की असेंबलिंग के लिए एंबर एंटरप्राइजेज की 3,500 करोड़ रुपये की फैसिलिटी भी है।

भारत की बढ़ती घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की असेंबलिंग से आगे बढ़कर उनके मुख्य कंपोनेंट्स की मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़ रहा है। वैष्णव के मुताबिक, “हम असेंबली से डीप मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़ रहे हैं। यहां बनने वाले एडवांस्ड मल्टी-लेयर PCB, जिनमें से कुछ में 20 से 22 लेयर्स होती हैं, आधुनिक टेक्नोलॉजी की रीढ़ हैं। जिन चीजों को हम कभी इंपोर्ट करते थे, उन्हें अब हम दुनिया के लिए ‘मेक इन इंडिया’ के तहत बनाएंगे।”

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40000 करोड़ के PCB इंपोर्ट करता रहा है भारत

वैष्णव ने कहा कि भारत हर साल लगभग 40,000 करोड़ रुपये के PCB इंपोर्ट करता रहा है और घरेलू प्रोडक्शन से इंपोर्ट पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी। जेवर में बनने वाला हर PCB विदेशी मुद्रा की बचत करेगा, रुपये को मजबूत करेगा और भारत के बैलेंस ऑफ पेमेंट्स में सुधार करेगा। मंत्री ने कहा कि यमुना सिटी क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये का निवेश जेवर को उत्तर भारत की सिलिकॉन वैली बनाने में मदद करेगा।

उन्होंने इलाके में तेजी से बढ़ रहे इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि चालू हो चुके नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) से कनेक्टिविटी और प्रस्तावित दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की वजह से जेवर ग्लोबल निवेशकों के लिए एक आकर्षक जगह बन रहा है।

El Nino Effect on Monsoon Rain: किसानों पर अल नीनो का प्रहार! इन इलाकों में 50% से ज्यादा बारिश की कमी, कई राज्यों में सूखे जैसे हालात का खतरा

El-Nino Effect on Monsoon Rain: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की धीमी प्रगति के कारण बारिश का संकट गहराता जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार तक देश में सामान्य से 43 से 50 फीसदी तक कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि अगले महीने तक मानसून के पूरे देश में फैलने के बाद यह कमी कुछ हद तक कम हो सकती है। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए पूरे मानसून सीजन के अंत तक 10 फीसदी से अधिक बारिश की कमी रहने की आशंका जताई जा रही है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार अल नीनो (El Nino) का प्रभाव मानसून पर साफ दिखाई दे रहा है। आमतौर पर इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) की सकारात्मक स्थिति अल नीनो के असर को कुछ हद तक कम कर देती है। लेकिन इस साल ऐसी स्थिति बनने की संभावना कम है। ऐसे में मानसून के कमजोर रहने का खतरा बढ़ गया है।

अल नीनो बढ़ा रहा किसानों की चिंता

विशेषज्ञों के मुताबिक, सकारात्मक IOD अच्छी बारिश की गारंटी नहीं देता। लेकिन यह अल नीनो से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद करता है। अतीत में कई अल नीनो वाले वर्षों में सकारात्मक IOD की वजह से सामान्य के करीब बारिश दर्ज की गई थी। हालांकि, इस बार ऐसी राहत मिलने की संभावना कम मानी जा रही है। यदि बारिश में कमी बनी रहती है तो इसका असर खरीफ फसलों, जलाशयों के जलस्तर और पेयजल उपलब्धता पर पड़ सकता है। इसके अलावा कई राज्यों में गर्मी और उमस का दौर भी लंबा खिंच सकता है।

दिल्ली में गर्मी का रिकॉर्ड, ‘फील्स लाइक’ तापमान 51.3 डिग्री

बारिश की कमी का असर राजधानी दिल्ली में भी देखने को मिल रहा है। शनिवार को दिल्ली में अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण ‘फील्स लाइक’ (हीट इंडेक्स) तापमान 51.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक है।

मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री अधिक था। वहीं, दोपहर 2:30 बजे सापेक्षिक आर्द्रता (Relative Humidity) 45 फीसदी दर्ज की गई। अधिक नमी के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस हुई।

मानसून की रफ्तार पर टिकी उम्मीदें

मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून के आगे बढ़ने के साथ बारिश की गतिविधियों में तेजी आ सकती है। यदि जुलाई में अच्छी बारिश होती है तो मौजूदा बारिश की कमी कुछ हद तक कम हो सकती है। हालांकि, फिलहाल मौसम के संकेत बताते हैं कि पूरे सीजन में सामान्य से कम बारिश रहने की संभावना बनी हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार, 1 से 27 जून के बीच देशभर में सामान्य से 43 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि जुलाई में मानसून पूरे देश में सक्रिय होने के बाद यह कमी कुछ कम हो सकती है। लेकिन मौजूदा संकेत बताते हैं कि पूरे मानसून सीजन (जून-सितंबर) के अंत तक 10 प्रतिशत से अधिक वर्षा घाटा रह सकता है।

क्या है इंडियन ओशन डाइपोल (IOD)?

इंडियन ओशन डाइपोल हिंद महासागर के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के समुद्री सतह के तापमान में अंतर को दर्शाने वाली जलवायु सिस्टम है। सामान्य तौर पर यदि IOD सकारात्मक रहता है तो यह भारतीय मानसून को मजबूत करने में मदद करता है। साथ ही अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक कम कर देता है। लेकिन इस बार IOD के तटस्थ (Neutral) रहने की संभावना है। इसका मतलब है कि यह मानसून को अतिरिक्त मजबूती नहीं दे पाएगा और अल नीनो का प्रभाव अधिक हावी रहेगा।

अल नीनो क्यों बढ़ा रहा चिंता?

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अल नीनो के दौरान प्रशांत महासागर का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है। इससे भारतीय मानसून कमजोर पड़ता है। पिछले कई सालों में जब भी अल नीनो सक्रिय रहा और IOD सकारात्मक नहीं रहा, तब देश में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। IMD ने भी कहा है कि इस बार अल नीनो के कारण मानसून के कमजोर रहने की आशंका अधिक है।

कई राज्यों में 50% से ज्यादा बारिश की कमी

बारिश के आंकड़ों के अनुसार कई राज्यों में हालात चिंताजनक हैं।

  • बिहार में करीब 82% बारिश की कमी दर्ज की गई।
  • गुजरात में लगभग 68% वर्षा घाटा रहा।
  • छत्तीसगढ़ में 68% कम बारिश हुई।
  • झारखंड में 66% कम बारिश हुई।
  • उत्तर प्रदेश में 65% कम बारिश हुई है।
  • ओडिशा में 63% और मध्य प्रदेश में भी सामान्य से काफी कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
  • इसके अलावा महाराष्ट्र, तेलंगाना और तमिलनाडु के कई हिस्सों में भी 30 प्रतिशत से अधिक बारिश की कमी दर्ज हुई है।

कृषि और जल संकट बढ़ने की आशंका

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो सकती है। जलाशयों का जलस्तर घटने, पेयजल संकट बढ़ने और बिजली उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खाद्यान्न उत्पादन पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।

आगे क्या कहता है मौसम विभाग?

IMD का कहना है कि जुलाई में मानसून के पूरे देश में सक्रिय होने के बाद बारिश की स्थिति में कुछ सुधार हो सकता है। हालांकि फिलहाल मौसम के वैश्विक संकेत बताते हैं कि इस बार अल नीनो का असर पूरे मानसून सीजन पर बना रह सकता है। ऐसे में सामान्य से कम बारिश की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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Satendra Soni: ‘लापता लेडीज’ एक्टर सतेंद्र सोनी फूट-फूट कर रोए, बोले- बकाया फीस मांगने पर निर्देशक ने उन्हें पीटा

Satendra Soni: ‘लापता लेडीज़’ में अहम भूमिका निभाने वाले एक्टर सतेंद्र सोनी ने इंस्टाग्राम पर एक परेशान करने वाला वीडियो शेयर किया है। वीडियो में सोनी रोते हुए दिखाई दे रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि मध्य प्रदेश में एक फ़िल्म की शूटिंग के लिए उन्हें न सिर्फ़ पेमेंट नहीं दिया गया, बल्कि एक डायरेक्टर ने उन्हें धमकी भी दी।

वीडियो में सतेन्द्र सोनी रो पड़े और बताया कि कैसे फिल्ममेकर ने कथित तौर पर उनकी फीस देने से मना कर दिया और पेमेंट मांगने पर उन्हें धमकी भी दी। उन्होंने कहा, “मेरा नाम सतेन्द्र सोनी है। मैं एक एक्टर हूं। मैं यहां एक फिल्म की शूटिंग के लिए आया था, जिसके डायरेक्टर पुष्पेंद्र जी हैं। उन्होंने मुझे ₹50,000 साइनिंग अमाउंट दिया था और कहा था कि बाकी पैसे शूटिंग के बाद देंगे। आज शूटिंग के आठ दिन पूरे हो गए हैं और जब मैंने उनसे पैसों के बारे में बात की, तो उन्होंने मुझे पैक-अप करने को कहा और बोले, ‘तुम्हें होटल में नहीं देखना चाहता (मुझे तुम होटल में नहीं दिखने चाहिए)।’ वे मुझे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।”

कैप्शन में उन्होंने डायरेक्टर और उनकी पत्नी पर मारपीट का आरोप लगाया। उन्होंने हिंदी में लिखा, “हम तीनों टहल रहे थे, तभी उन्होंने कार से हमारा पीछा किया। उनकी पत्नी प्रगति चौहान और डायरेक्टर पुष्पेंद्र सिंह ने मुझे देखते ही सड़क के बीचों-बीच पीटना शुरू कर दिया। जब श्रीधर भैया मुझे बचाने के लिए आगे आए, तो डायरेक्टर ने उन्हें भी पीटना शुरू कर दिया।”

अगले वीडियो में, सत्येंद्र सोनी दो और कलाकारों के साथ मुंबई के एक रेलवे स्टेशन पर दिखाई दे रहे हैं और बता रहे हैं कि वे सुरक्षित शहर पहुंच गए हैं। वे मध्य प्रदेश पुलिस और उन लोगों का भी शुक्रिया अदा करते दिख रहे हैं जिन्होंने उन्हें और बाकी कलाकारों को सुरक्षित मुंबई पहुंचने में मदद की।

सत्येंद्र सोनी ने कई मशहूर प्रोजेक्ट्स में छोटे लेकिन अहम रोल किए हैं, जिनमें आयुष्मान खुराना की ‘डॉक्टर जी’, वरुण धवन और जाह्नवी कपूर की ‘बवाल’, नवाजुद्दीन सिद्दीकी की ‘रात अकेली है: द बंसल मर्डर्स’ और टीवी शो ‘हेलो बच्चों’ शामिल हैं। उन्हें आमिर खान के प्रोडक्शन और किरण राव के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘लापता लेडीज़’ में एक छोटा लेकिन अहम रोल निभाने के बाद ज़्यादा पहचान मिली। इस फिल्म की क्रिटिक्स और दर्शकों, दोनों ने तारीफ़ की और यह ऑस्कर के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री भी थी। इसमें स्पर्श श्रीवास्तव, नितांशी गोयल, प्रतिभा रांटा, छाया कदम और रवि किशन ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं।

इसके बाद वे बहुप्रतीक्षित फ़िल्म ‘मिर्ज़ापुर: द मूवी’ में नज़र आएंगे। यह फ़िल्म हिट वेब सीरीज़ ‘मिर्ज़ापुर’ पर आधारित है और इसे फरहान अख्तर ने प्रोड्यूस किया है। इसमें पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु, अली फ़ज़ल और जितेंद्र कुमार मुख्य भूमिकाओं में हैं। सतेन्द्र अक्सर अपने इंस्टाग्राम पर अपने को-स्टार्स के साथ शूटिंग के दौरान की तस्वीरें और वीडियो शेयर करते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने ‘मिर्ज़ापुर’ की कास्ट के साथ एक BTS क्लिप पोस्ट की और हिंदी में लिखा, “मिर्ज़ापुर की टीम कैमरे के पीछे भी उतनी ही ज़बरदस्त है।”

Monsoon Fish Alert: इन 5 मछलियों में छिपे हो सकते हैं जहरीले तत्व, किडनी और हार्ट पर पड़ सकता है असर

बरसात के मौसम में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, खासकर फूड पॉइजनिंग का। इस समय वातावरण में नमी और गंदगी बढ़ने के साथ-साथ पानी के स्रोत भी आसानी से दूषित हो जाते हैं। नदियों, झीलों और समुद्री पानी में मौजूद प्रदूषण सीधे तौर पर जलीय जीवन पर असर डालता है। इसका सबसे बड़ा प्रभाव मछलियों और समुद्री भोजन की गुणवत्ता पर देखा जाता है। दूषित पानी में रहने वाली मछलियां कई तरह के हानिकारक तत्व अपने शरीर में जमा कर सकती हैं, जो आगे चलकर इंसानों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम बन जाते हैं। इसलिए मानसून के दौरान खानपान को लेकर अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, ताकि संक्रमण और बीमारियों से बचा जा सके।

पानी में घुलते हैं खतरनाक धातु तत्व

औद्योगिक कचरे, खनन और प्रदूषण की वजह से पानी में पारा (Mercury), सीसा (Lead) और कैडमियम जैसी भारी धातुएं मिल जाती हैं। मछलियां इन्हें अपने गलफड़ों, पानी और छोटे जीवों के जरिए शरीर में ले लेती हैं।

खाने की चेन से बढ़ता है खतरा

छोटी मछलियां और जलीय पौधे इन धातुओं को पहले ही अपने अंदर जमा कर लेते हैं। जब बड़ी शिकारी मछलियां इन्हें खाती हैं, तो उनके शरीर में इन धातुओं की मात्रा और बढ़ जाती है।

पारा सबसे ज्यादा खतरनाक

पारा मछलियों की मांसपेशियों में जमा हो जाता है, जो इंसान खाते हैं। शार्क, स्वोर्डफिश और टूना जैसी बड़ी मछलियों में इसका स्तर ज्यादा पाया जाता है। यह दिमाग, नसों और आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है और बच्चों के विकास पर भी असर डाल सकता है। इसे पकाने से भी हटाया नहीं जा सकता।

सीसा और कैडमियम का असर

पुरानी पाइपलाइन, खेती और उद्योगों से पानी में सीसा और कैडमियम पहुंचता है। लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से किडनी की समस्या, ब्लड प्रेशर, हड्डियों की कमजोरी और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

आर्सेनिक भी बन सकता है खतरा

आर्सेनिक के कुछ रूप बेहद जहरीले होते हैं और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जुड़े पाए गए हैं। यह त्वचा, फेफड़ों और अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है।

लक्षण धीरे-धीरे दिखाई देते हैं

इन भारी धातुओं का असर तुरंत नहीं दिखता। धीरे-धीरे शरीर में जमा होकर थकान, सिरदर्द, पाचन समस्या और तंत्रिका संबंधी दिक्कतें पैदा कर सकता है, जिसे अक्सर दूसरी बीमारी समझ लिया जाता है।

मछली चुनते समय रखें सावधानी

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शार्क, टूना, स्वोर्डफिश और किंग मैकेरल जैसी बड़ी मछलियों का सेवन कम किया जाए। इसके बजाय छोटी ताजा मछलियां चुनना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है, खासकर मानसून के समय।

मछली के हर हिस्से में नहीं होता एक जैसा खतरा

मछली के सभी हिस्सों में भारी धातु समान रूप से नहीं होती। लीवर, किडनी और गलफड़ों में इनकी मात्रा ज्यादा हो सकती है, जबकि मांस (फिलेट) में अपेक्षाकृत कम स्तर पाया जाता है।

AC की ये सच्चाई जानकर रह जाएंगे हैरान, इंसानों के लिए नहीं हुआ था आविष्कार

Kailash Mansarovar Yatra Advisory: कैलाश मानसरोवर यात्रा की बना रहे हैं योजना? पहले पढ़ लें ये जरूरी एडवाइजरी, नेपाल में फंसे कई भारतीय यात्री

Kailash Mansarovar Yatra Advisory: कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने अहम एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने कहा है कि हाल के दिनों में नेपाल में कई भारतीय श्रद्धालु आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में फंस गए हैं। ऐसे मामलों में मंत्रालय को लगातार सहायता के अनुरोध मिल रहे हैं। जांच में सामने आया है कि ये यात्री निजी टूर ऑपरेटरों के माध्यम से यात्रा पर निकले थे। लेकिन उनके पास चीन में एंट्री के लिए जरूरी परमिट और वीजा उपलब्ध नहीं थे। इसके कारण वे नेपाल से आगे की यात्रा नहीं कर सके।

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालु भारत से यात्रा तभी शुरू करें, जब उनके पास चीन में एंट्री के लिए आवश्यक सभी दस्तावेज जैसे एंट्री परमिट और वीजा इत्यादि पूरी तरह स्वीकृत और उपलब्ध हों। केवल इस उम्मीद में यात्रा शुरू करना कि आगे चलकर परमिट या वीजा मिल जाएगा, यात्रियों के फंसने का कारण बन सकता है। मंत्रालय ने कहा कि केवल इस उम्मीद में यात्रा शुरू करना कि आगे चलकर परमिट या वीजा मिल जाएगा, यात्रियों के नेपाल या अन्य स्थानों पर फंसने की आशंका बढ़ा देता है।

अधिकृत टूर ऑपरेटर से ही करें यात्रा

विदेश मंत्रालय (MEA) ने यात्रियों को यह भी सलाह दी है कि वे कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए किसी भी निजी एजेंसी का चयन करने से पहले उसकी वैधता और सरकारी मान्यता की जांच अवश्य करें। केवल रजिस्टर्ड और अधिकृत टूर ऑपरेटर के माध्यम से ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

काठमांडू में फंसे 52 भारतीय श्रद्धालु

यह एडवाइजरी ऐसे समय आई है, जब कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले 52 भारतीय श्रद्धालु नेपाल की राजधानी काठमांडू में फंस गए हैं। जानकारी के अनुसार, उनके पास चीन में एंट्री के लिए आवश्यक दस्तावेज नहीं होने के कारण उनकी यात्रा आगे नहीं बढ़ सकी। इसी वजह से MEA ने यात्रियों से अपील की है कि वे सभी आवश्यक यात्रा दस्तावेज प्राप्त किए बिना भारत से यात्रा शुरू न करें। अधूरे दस्तावेजों या बाद में अनुमति मिलने की उम्मीद में यात्रा शुरू करने से नेपाल में फंसने की आशंका बढ़ जाती है।

इस मामले को सांसद सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उठाया। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर, विदेश मंत्रालय, नेपाल स्थित भारतीय दूतावास और चीन स्थित भारतीय दूतावास से हस्तक्षेप कर श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और उनकी यात्रा सुचारु रूप से आगे बढ़ाने की अपील की है।

विदेश मंत्रालय ने तीर्थयात्रियों को यह भी जर देकर सलाह दी है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करने से पहले वे यह पक्का कर लें कि उनका टूर ऑपरेटर ठीक से रजिस्टर्ड और अधिकृत है या नहीं…। MEA ने बताया कि बिना चीन के आवश्यक वीज़ा और एंट्री परमिट के यात्रा शुरू करने वाले कई भारतीय नागरिक नेपाल में फंस गए हैं और सहायता मांग रहे हैं।

20 जून से फिर शुरू हुई है यात्रा

भारत और चीन के बीच लंबे अंतराल के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू हुई है। 20 जून 2026 को पहला भारतीय जत्था नाथू ला दर्रे के रास्ते चीन में प्रवेश कर चुका है। इसके बाद से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में विदेश मंत्रालय की यह एडवाइजरी यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

श्रद्धालुओं के लिए MEA की सलाह

भारत से रवाना होने से पहले चीन का वैध वीजा और एंट्री परमिट प्राप्त कर लें।

सभी आवश्यक ट्रैवल डॉक्यूमेंट मिलने के बाद ही यात्रा शुरू करें।

केवल अधिकृत और रजिसटर्ड टूर ऑपरेटर के माध्यम से ही बुकिंग कराएं।

अधूरे दस्तावेजों के साथ यात्रा शुरू करने से नेपाल या अन्य स्थानों पर फंसने की स्थिति बन सकती है।

20 किलोग्राम सामान ले जाने की अनुमति

उत्तराखंड के पिथौरगढ़ जिला प्रशासन ने मंगलवार को बताया कि इस साल कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों को चीन के क्षेत्र में प्रति व्यक्ति 20 किलोग्राम तक आवश्यक सामान ले जाने की अनुमति होगी। भारतीय क्षेत्र में तीर्थयात्रियों की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालने वाली कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के महाप्रबंधक मनीष कुमार सिंह ने बताया कि विदेश मंत्रालय ने प्रत्येक जत्थे के लिए पांच किलोग्राम अतिरिक्त सामूहिक भार ले जाने की भी अनुमति प्रदान की है।

निगम के अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक जत्थे के साथ पांच सदस्यीय सहयोगी दल रहेगा, जिसमें एक चिकित्सक और चार रसोइए शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि अगर यात्रा के दौरान साथ चल रहे चिकित्सक किसी तीर्थयात्री को स्वास्थ्य या अन्य कारणों से आगे यात्रा न करने की सलाह देते हैं, तो संबंधित तीर्थयात्री को उसी पड़ाव से वापस लौटना होगा।

उत्तराखड रूट से 30 जून को रवाना होगा पहला जत्था

अधिकारियों के अनुसार, तीर्थयात्रियों का पहला जत्था 30 जून को नई दिल्ली से रवाना होगा और पांच जुलाई को धारचूला स्थित आधार शिविर पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि तिब्बत में प्रवास के दौरान तीर्थयात्रियों को 20 विभिन्न बीमारियों के उपचार के लिए आवश्यक दवाएं साथ ले जाने की भी अनुमति होगी। निगम ने बताया कि विदेश मंत्रालय की चार सदस्यीय टीम के जल्द ही पिथौरागढ़ पहुंचकर भारतीय क्षेत्र में स्थापित ट्रांजिट शिविरों में उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण करने की संभावना है।

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धारचूला स्थित निगम के आधार शिविर के प्रभारी धन सिंह ने बताया कि तीर्थयात्रियों के निजी सामान में आमतौर पर चावल, दाल, मसाले और अन्य सूखा राशन शामिल होता है। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद की ‘कैलाश मानसरोवर विकास समिति’ तीर्थयात्रियों को यह सामग्री उपलब्ध कराती है क्योंकि चीन के क्षेत्र में प्रवेश के बाद उन्हें भारतीय भोजन आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता।

Mangalam Worldwide Stock Split: एक शेयर के हो जाएंगे 10 टुकड़े, रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई

रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, उनके स्टॉक स्प्लिट हो जाएंगे। रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, उनके स्टॉक स्प्लिट हो जाएंगे।

स्टॉक स्प्लिट की घोषणा मई महीने में की गई थी। मंगलम वर्ल्डवाइड गुजरात की कंपनी है। इसके कामकाज में स्क्रैप को पिघलाने से लेकर सीमलेस पाइप और ट्यूब बनाने तक के काम शामिल हैं। स्टॉक स्प्लिट की घोषणा मई महीने में की गई थी। मंगलम वर्ल्डवाइड गुजरात की कंपनी है। इसके कामकाज में स्क्रैप को पिघलाने से लेकर सीमलेस पाइप और ट्यूब बनाने तक के काम शामिल हैं।

कंपनी स्टेनलेस स्टील के बिलेट, इनगॉट, फ्लैट बार, राउंड बार, ब्राइट बार के साथ-साथ सीमलेस पाइप और ट्यूब, हीट एक्सचेंजर ट्यूब और U-ट्यूब भी बनाती है। कंपनी स्टेनलेस स्टील के बिलेट, इनगॉट, फ्लैट बार, राउंड बार, ब्राइट बार के साथ-साथ सीमलेस पाइप और ट्यूब, हीट एक्सचेंजर ट्यूब और U-ट्यूब भी बनाती है।

मंगलम वर्ल्डवाइड के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 370.80 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 1100 करोड़ रुपये से ज्यादा है। मंगलम वर्ल्डवाइड के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 370.80 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 1100 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 394.20 रुपये और एडजस्टेड लो 365.80 रुपये है। कंपनी की सालाना आम बैठक 30 जुलाई को होने वाली है। शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 394.20 रुपये और एडजस्टेड लो 365.80 रुपये है। कंपनी की सालाना आम बैठक 30 जुलाई को होने वाली है।

कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 30 पैसे प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है। कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 30 पैसे प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है।

इस डिविडेंड पर कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट किया जाएगा। इस डिविडेंड पर कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद पेमेंट किया जाएगा। (Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)