LIC Jeevan Utsav: बच्चों के लिए आजीवन तोहफा, हर दिन ₹160 की बचत से करें जिंदगी भर सालाना ₹100000 का इंतजाम

LIC Jeevan Utsav: एलआईसी में लोगों की जरूरतों के हिसाब से कई पॉलिसी हैं, उसमें से एक लाइफटाइम पेंशन प्लान जीवन उत्सव है। इसकी खास बात ये है कि इसमें एक तय अवधि के बाद हर साल एक फिक्स्ड अमाउंट जिंदगी भर पॉलिसीहोल्डर्स के खाते में क्रेडिट होता रहता है। इस पर मार्केट के उठा-पटक या आर्थिक मंदी या सुस्ती का कोई असर नहीं पड़ता। 1 साल की कम उम्र के किसी बच्चे लिए 16 साल तक हर दिन ₹160 बचाकर 18 वर्ष की उम्र से जिंदगी भर उसके लिए हर दिन ₹274 के हिसाब से सालाना ₹1 लाख की व्यवस्था की जा सकती है।

Jeevan Utsav: डिटेल्स

यह प्लान 30 दिन के नवजात शिशु से लेकर 65 वर्ष की उम्र के बुजुर्गो तक के लिए उपलब्ध है। 1 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए 16 साल तक प्रीमियम चुकाना पड़ेगा तो 65 वर्ष के बुजुर्ग के लिए अधिकतम 5-10 वर्ष तक के पीरियड का ही प्रीमियम पेमेंट ऑप्शन इस पॉलिसी में है। इसमें कम से कम ₹5 लाख तक का सम एश्योर्ड लेना होता है और अधिकतम की कोई सीमा नहीं है। प्रीमियम भरने का पीरियड समाप्त होने के रेगुलर इनकम प्लान के तहत दो साल बाद से हर साल सम एश्योर्ड का 10% खाते में क्रेडिट होता रहेगा, जिंदगी भर। 100 साल की उम्र तक पैसा मिलता है और फिर पॉलिसी बंद कर जो भी मेच्योरिटी वैल्यू बनती है, वह पॉलिसी होल्डर्स को दे दी जाती है। किसी अनहोनी की स्थिति में पॉलिसीहोल्डर्स की मौत पर सम एश्योर्ड और हर साल का गारंटीड एडीशन नॉमिनी को मिलता है।

इसमें ADDB (एक्सीडेंटल डेथ एंड डिजिबिलिटी बेनेफिट राइडर), AB, AB (2 गुना), AB (3 गुना), टर्म राइडर और PWB (प्रीमियम वेवर बेनेफिट) जैसे राइडर्स थोड़े से अतिरिक्त शुल्क के साथ मिलते हैं। एडीडीबी का मतलब है कि दुर्घटना से मृत्यु होने पर अतिरिक्त पैसा मिलता है तो दुर्घटना के चलते स्थायी विकलांगता होने पर प्रीमियम माफ हो सकते हैं। वहीं पीडब्ल्यूबी का मतलब है कि दुर्घटना के चलते स्थायी विकलांगता होने पर प्रीमियम माफ हो जाता है तो बच्चों की पॉलिसी में अभिभावक की मौत होने पर 18 साल की उम्र तक के सभी प्रीमियम माफ हो जाते हैं।

रिस्क कवर के मामले में एक बात बताना जरूरी है कि 8 साल से कम उम्र के बच्चों की पॉलिसी के मामले में पॉलिसी शुरू होने के 2 साल बाद या बच्चे के 8 साल का होने, दोनों में जो पहले हो, उस दिन से रिस्क कवर शुरू होगा। 8 साल से अधिक उम्र में पॉलिसी लेने पर पर रिस्क तुरंत चालू हो जाएगा। एक और अहम बात ये है कि बच्चे के 18 साल का होने के बाद पॉलिसी अपने आप उसके नाम पर ट्रांसफर हो जाएगी।

अब एक उदाहरण से समझें

मान लीजिए कि ABC की उम्र 36 वर्ष है और एडीडीबी के राइडर के साथ वह 15 साल के लिए ₹10 लाख की पॉलिसी लेता है। 15 साल तक वह हर साल ₹66150, हर छह महीने पर ₹33653, हर तीन महीने पर ₹16950 या हर महीने ₹5691 में से एक विकल्प चुनता है और 15 साल तक लगातार प्रीमियम भरता है। 15 साल तक प्रीमियम भरने के बाद उसे दो साल तक रुकना होता है जिसके बाद 53 वर्ष की उम्र से उसे हर साल अपने बैंक खाते में सालाना ₹1 लाख यानी ₹10 लाख के सम एश्योर्ड का 10% खाते में क्रेडिट मिलता है।

किसी अनहोनी की स्थिति में बात करें तो एक्सीडेंट से पॉलिसीहोल्डर्स की मौत पर नॉमिनी को सम एश्योर्ड और जितने साल पॉलिसी मिली है, उतने समय का गारंटीड एडीशंस जोड़कर मिलेगा। जैसे कि 36 वर्ष की उम्र में पॉलिसी लेने के बाद ABC की मौत 45 वर्ष की उम्र में यानी 9 सालाना प्रीमियम भरने के बाद एक एक्सीडेंट में हो गई तो नॉमिनी को ₹24 लाख मिलेंगे।

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Akanksha Chamola-Gaurav Khanna Divorce: क्या अकांक्षा ने गौरव खन्ना को किया यूज? डिवोर्स कन्फर्म होने के बाद यूजर्स कर रहे ऐसे-ऐसे कमेंट

Akanksha Chamola-Gaurav Khanna Divorce: नेटफ्लिक्स पर ‘लॉक अप’ सीज़न 2 के प्रीमियर में आकांक्षा चमोला एक कंटेस्टेंट के तौर पर शामिल हुईं। वह टीवी एक्टर गौरव खन्ना की पत्नी हैं, जिन्होंने बिग बॉस का पिछला सीजन जीता था। प्रीमियर के दौरान, जब आकांक्षा को अपनी जिंदगी का सीक्रेट बताने का मौका मिला, तो उन्होंने एक चौंकाने वाली बात बताई कि वह और गौरव तलाक लेने वाले हैं। इस खबर ने सभी को हैरान कर दिया, जिसमें होस्ट फराह खान और रितेश देशमुख भी शामिल थे।

‘लॉक अप 2’ के बारे में बात करते हुए आकांक्षा ने कहा, “मैं और गौरव तलाक ले रहे हैं। हम पिछले एक साल से अलग रह रहे हैं और यह बात पब्लिक नहीं हुई थी।” उन्होंने आगे कहा, “मेरे और गौरव के बीच रिश्ते खराब नहीं हैं। हम अभी भी एक-दूसरे से बात करते हैं। हमें नहीं लगता कि हम पार्टनर के तौर पर एक-दूसरे के लिए सही हैं। क्योंकि हम दोनों का भविष्य को लेकर नज़रिया बहुत अलग है। सेडली वह भविष्य एक-दूसरे के साथ नहीं है।”

वहीं जब से गौरव और आकांक्षा के डिवोर्स का खुलासा हुआ है, तब से सोशल मीडिया पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। यूजर्स गौरव का सपोर्ट कर रहे हैं, जबकि आकांक्षा को काफी ट्रोल किया जा रहा है। यूजर्स का कहना है कि वह पहले से गौरव के लायक नहीं है। तो वहीं कुछ ने तो यह तक कह दिया कि उन्होंने गौरव को यूज किया है।

इस साल जनवरी में, आकांक्षा ने सोशल मीडिया पर एक क्किप्टिक पोस्ट शेयर करके अलग होने की अटकलों को हवा दी थी। हिंदी में लिखे इस नोट का मोटा-मोटा मतलब था, “जब कोई रिश्ता सिर्फ़ ज़रूरतों पर टिका होता है, तो हमेशा दिल की ही बलि दी जाती है।”

आकांक्षा चमोला ‘संतोषी मां’, ‘ये है आशिकी’ और ‘क्राइम पेट्रोल’ जैसे पॉपुलर टीवी शो में नजर आ चुकी हैं। उन्होंने और गौरव खन्ना ने कुछ समय तक डेटिंग करने के बाद 2016 में शादी कर ली थी। कहा जाता है कि वे एक ऑडिशन के दौरान मिले थे और उन्हें प्यार हो गया था। गौरव और आकांक्षा 24 नवंबर, 2016 को गौरव के होमटाउन कानपुर में तीन दिन तक चले शानदार शादी समारोह में शादी के बंधन में बंधे थे।

बिग बॉस 19 के दौरान, गौरव को यूट्यूबर मृदुल तिवारी के साथ दिल से बातचीत करते हुए देखा गया था। गार्डन एरिया में खुलकर हुई बातचीत के दौरान, गौरव ने आकांक्षा के साथ अपनी शादीशुदा ज़िंदगी के बारे में बात की और एक कपल के तौर पर सालों में लिए गए फैसलों के बारे में बताया। जब मृदुल ने गौरव से पिता बनने के बारे में पूछा, तो उन्होंने बताया, “नवंबर में हमारे 9 साल पूरे हो जाएंगे।”

इसके बाद मृदुल ने पूछा कि क्या उनके बच्चे हैं। गौरव ने जवाब दिया, “नहीं, मेरी पत्नी नहीं चाहती। मैं चाहता हूं, लेकिन यह लव मैरिज है। वह जो भी कहेगी, मानना ​​पड़ेगा। प्यार किया है तो निभाना तो पड़ेगा ही।”अपनी पत्नी के फैसले का समर्थन करते हुए गौरव ने बताया कि उन्हें आकांक्षा की चिंताएं जायज लगती हैं। उन्होंने कहा, “उसकी सोच भी जायज है। बहुत सारी ज़िम्मेदारियां हैं। और हम दोनों ही एक-दूसरे के लिए हैं। अगर मैं दिन भर काम पर रहूं और वह भी काम पर चली जाए, तो बच्चों को किसके पास रखेंगे? हम नहीं चाहते कि कोई और उनकी देखभाल करे। मैंने उससे कहा था कि मैं चाहता हूं, लेकिन जब उसने समझाया तो मैं समझ गया।”

Gold Price Today: सोना एक हफ्ते में ₹2510 तक सस्ता, चांदी ₹10000 लुढ़की

देश में सोने की कीमत में वीकली बेसिस पर गिरावट बरकरार है। एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 2510 रुपये तक ​फिसली है। वहीं 22 कैरेट गोल्ड का भाव 2300 रुपये तक नीचे आया है। आज 28 जून को कीमत की बात करें तो राजधानी दिल्ली में सुबह के वक्त 24 कैरेट गोल्ड 144100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव 4000 डॉलर के मार्क को फिर से पार कर गया है। हाजिर सोना अब 4,077.64 डॉलर प्रति औंस पर है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 144100 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132100 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 131950 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 143950 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 145860 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 133700 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 143950 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 131950 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली132100144100
मुंबई131950143950
अहमदाबाद132000144000
चेन्नई133700145860
कोलकाता131950143950
हैदराबाद131950143950
जयपुर132100144100
भोपाल132000144000
लखनऊ132100144100
चंडीगढ़132100144100

चांदी का हाल

सोने की तरह चांदी की कीमत में भी वीकली बेसिस पर गिरावट कायम है। एक सप्ताह में भाव 10000 रुपये नीचे आया है। 28 जून की सुबह चांदी की कीमत 240000 रुपये प्रति किलोग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 59.12 डॉलर प्रति औंस पर है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं। अभी के संकेत बताते हैं कि निवेशकों का झुकाव चांदी के बजाय सोने की ओर ज्यादा है।

India Weather Today: IMD ने बिहार समेत इन 21 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट दिया, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Today: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon 2026) तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज बिहार, झारखंड, केरल और असम समेत देश के करीब 21 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा इस समय सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है।

अगले 2-3 दिनों के भीतर इसके गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों और यूपी-उत्तराखंड में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। एक तरफ जहां कई राज्यों में मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरसने वाली है। वहीं दिल्ली, यूपी और बिहार के कुछ हिस्सों में आज भी भीषण गर्मी और लू का कहर देखने को मिलेगा।

बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट: असम, मेघालय और बंगाल के लिए चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के कुछ हिस्सों में मूसलाधार और रिकॉर्ड तोड़ बारिश का अनुमान जताया है। असम और मेघालय में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने और कुछ अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

इन राज्यों में होगी बहुत भारी बारिश

आईएमडी के मुताबिक, कुछ राज्यों में आज मानसून की सक्रियता बहुत अधिक रहेगी, जिससे वहां भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण भारत के केरल और माहे में भी मौसम विभाग ने बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है।

बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

टदेश के कई हिस्सों में आज भारी बारिश होने की संभावना है। मुख्य रूप से प्रभावित होने वाले राज्य निम्नलिखित हैं:-

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बिहार, ओड़िशा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग पॉकेट्स में भारी बारिश हो सकती है। मध्य और पश्चिमी भारत: छत्तीसगढ़, विदर्भ, कोंकण और गोवा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने का अनुमान है।

केंद्र शासित प्रदेश: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

दिल्ली से यूपी तक आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की चेतावनी

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और गरज-चमक को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। अंडमान और निकोबार में अलग-अलग स्थानों पर 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ थंडरस्कॉल आने की आशंका है।

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी: दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, महाराष्ट्र, ओड़िशा, कोंकण व गोवा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल, माहे और लक्षद्वीप में अलग-अलग स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने का अनुमान है।

30-40 किमी/घंटे की हवाएं: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पंजाब और छत्तीसगढ़ में भी बिजली चमकने के साथ आंधी आ सकती है।

दिल्ली, यूपी और बिहार में लू का प्रकोप

बारिश के इस मौसम के बीच उत्तर भारत के कुछ राज्य अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में रहेंगे। यूपी में आज मौसम का सबसे कड़ा रूप दिखेगा। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू चलने की आशंका जताई गई है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ पॉकेट्स में गंभीर लू की स्थिति बनी रहेगी। दिल्ली (हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली) और बिहार के अलग-अलग इलाकों में आज लू चलने की संभावना है, जिससे लोगों को तीखी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

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AC की ये सच्चाई जानकर रह जाएंगे हैरान, इंसानों के लिए नहीं हुआ था आविष्कार

गर्मी बढ़ते ही ज्यादातर लोगों का पहला सहारा एयर कंडीशनर (AC) बन जाता है। घर, ऑफिस, स्कूल, अस्पताल और मॉल जैसी जगहों पर इसके बिना रहना मुश्किल लगता है। आज AC हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस मशीन का इस्तेमाल हम ठंडी हवा के लिए करते हैं, उसका असली मकसद कुछ और था? इसकी शुरुआत इंसानों को आराम देने के लिए नहीं हुई थी। इसके पीछे एक ऐसी दिलचस्प कहानी छिपी है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। यही वजह है कि AC का इतिहास आज भी लोगों को हैरान कर देता है।

आराम नहीं, एक बड़ी परेशानी का हल था AC

साल 1902 में अमेरिका के युवा इंजीनियर विलिस कैरियर ने आधुनिक एयर कंडीशनर तैयार किया। उस समय एक प्रिंटिंग कंपनी को गर्मी और नमी की वजह से बड़ी दिक्कत हो रही थी। कागज बार-बार फैल और सिकुड़ रहा था, जिससे रंगों की छपाई खराब हो जाती थी।

ऐसे मिला इस समस्या का समाधान

विलिस कैरियर ने ऐसी मशीन बनाई जो कमरे का तापमान और नमी दोनों को नियंत्रित कर सकती थी। मशीन ठंडे पानी से भरी धातु की पाइपों के जरिए हवा को ठंडा करती थी। इससे हवा की नमी कम हो जाती थी और कागज अपनी सही स्थिति में रहता था। इसके बाद प्रिंटिंग का काम आसानी से होने लगा।

कई साल तक फैक्ट्रियों तक ही सीमित रहा AC

शुरुआत में इस तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ उन उद्योगों में किया गया, जहां नमी नियंत्रित रखना जरूरी था। इसमें कपड़ा, तंबाकू, फिल्म और फूड प्रोसेसिंग जैसी फैक्ट्रियां शामिल थीं। उस समय AC आम लोगों की पहुंच से काफी दूर था।

फिर घरों और ऑफिसों तक पहुंचा AC

करीब दो दशक बाद एयर कंडीशनर का इस्तेमाल सिनेमाघरों, बड़े स्टोर और सरकारी इमारतों में शुरू हुआ। धीरे-धीरे यह तकनीक घरों और दफ्तरों तक पहुंच गई। आज AC सिर्फ आराम का साधन नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है।

Ketan Agarwal Murder Video: चेतन चौधरी के कंधे पर सर रखकर मैच देख रही है सिया गोयल, सामने आया चौंकाने वाला वीडियो

Ketan Agarwal murder case: पुणे के युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की जारी जांच के बीच सोशल मीडिया पर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी का एक क्रिकेट मैच देखते हुए चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। वायरल क्लिप में सिया और चेतन दर्शकों के स्टैंड में बैठकर मैच देखते और बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो में चेतन चौधरी के कंधे पर सर रखकर सिया मैच देख रही है। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह वीडियो अहम है क्योंकि इससे इस दावे को बल मिल सकता है कि सिया और चेतन केतन अग्रवाल से सगाई और शादी से पहले रिलेशनशिप में थे।

पुलिस सूत्रों का दावा है कि सिया के परिवार को इस रिश्ते के बारे में तब पता चला जब दोनों को एक क्रिकेट मैच में साथ देखा गया था। रिश्ते के बारे में पता होने के बावजूद, सिया के परिवार ने अग्रवाल परिवार की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए केतन के साथ उसकी शादी करवा दी। जांच के तहत, पुणे पुलिस ने सिया के माता-पिता और भाई से पूछताछ की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें इस रिश्ते और अरेंज मैरिज से जुड़े हालात के बारे में क्या जानकारी थी।

दोस्ती की शुरुआत क्रिकेट से हुई

सिया गोयल और चेतन चौधरी पर सिया के मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या का आरोप है। बताया जा रहा है कि उनकी दोस्ती की शुरुआत क्रिकेट से हुई थी। वे सिया के भाई साहिल के एक क्रिकेट मैच के दौरान मिले थे। बाद में उनके बीच नजदीकियां बढ़ गईं। खेल के प्रति उनका जुनून एक बिना तारीख वाले वीडियो में साफ दिखता है। सिया और चेतन एक मैच के दौरान दर्शकों की गैलरी में बैठे और बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दोनों के बीच लगातार हो रही थी बात

यह क्लिप ऐसे समय में सामने आया है जब जांचकर्ता कथित हत्या की साजिश की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने उनके फोन रिकॉर्ड की जांच की तो पाया कि जनवरी से अब तक उन्होंने आपस में 2,004 बार बात की थी। इससे उनके कथित रिश्ते का पता चलता है। इन कॉल्स की कुल अवधि 238 घंटे थी। सिया और केतन की सगाई फरवरी में हुई थी। जबकि उनकी शादी इस नवंबर में होने वाली थी।

सिया गोयल के माता-पिता और भाई से पूछताछ की

महाराष्ट्र पुलिस ने पुणे के 25 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में आरोपी सिया गोयल के माता-पिता और भाई से पूछताछ की है। केतन की मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) को 18 जून को पुणे जिले के मावल तालुका स्थित लोहागढ़ किले की एक चट्टान से केतन को खाई में धक्का देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि सिया के माता-पिता प्रवीण और पूजा गोयल और भाई साहिल पूर्वाह्न करीब 11 बजे अपने बयान दर्ज कराने के लिए लोनावला ग्रामीण पुलिस थाने पहुंचे और लगभग 12 घंटे बाद वहां से निकले। इससे पहले शुक्रवार को पुलिस ने साहिल से 10 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की थी।

शादी नहीं करना चाहती थी सिया

सिया ने कथित तौर पर पुलिस को बताया है कि वह अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। इसलिए उसने चौधरी के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची, क्योंकि उसे लगा कि शादी तोड़ने से परिवार की बदनामी होगी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ता मामले के कई पहलुओं की जांच कर रहे हैं, जिनमें कथित अपराध की योजना, घटना से पहले और बाद में आरोपियों की गतिविधियां, उनके ‘डिजिटल फुटप्रिंट’ और हत्या के पीछे का मकसद शामिल है।

पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश में 18 जून से पहले और घटना के बाद अपने मोबाइल फोन से चैट रिकॉर्ड हटा दिया। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि जांच अभी जारी है। पूछताछ के दौरान दिए गए बयानों की पुष्टि के लिए और सबूत जुटाए जा रहे हैं।

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इस बीच, केतन को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उस हाउसिंग सोसाइटी में कैंडल मार्च निकाला गया, जहां अग्रवाल परिवार रहता है। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा कि परिवार को न्याय के अलावा और कुछ नहीं चाहिए। उन्होंने बताया कि घटना के दिन लोहागढ़ किले पर कई लोग मौजूद थे।उनसे अपील की कि वे आगे आएं और पुलिस को जानकारी दें।

Pivot Path में मेजॉरिटी स्टेक बेचेगी Strides Pharma, ₹100 करोड़ में होगी डील

स्ट्राइड्स फार्मा साइंस लिमिटेड ने अपनी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी वाली सहायक कंपनी पिवट पाथ में मेजॉरिटी स्टेक निवेशकों के एक समूह को बेचने की घोषणा की है। यह बिक्री 100 करोड़ रुपये में की जाएगी। निवेशकों के इस समूह का नेतृत्व एसेंट कैपिटल कर रही है, जिसमें सह-निवेशक विंटेज क्लासिक भी शामिल है। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि स्ट्राइड्स फार्मा साइंस के बोर्ड ने 27 जून की मीटिंग में इस रणनीतिक निवेश को मंजूरी दी।

डील के तहत एसेंट कैपिटल, पिवट पाथ में 50 करोड़ रुपये का शुरुआती निवेश करेगी। यह निवेश 31 जुलाई 2026 तक कंप्लीट होने की उम्मीद है। सौदे के शुरुआती चरण में स्ट्राइड्स फार्मा साइंस को 75 करोड़ रुपये और इसके कंप्लीट होने की पहली वर्षगांठ पर बाकी के 25 करोड़ रुपये मिलेंगे। शेयर बिक्री 30 जून 2026 तक कंप्लीट होने की उम्मीद है।

लेनदेन के बाद स्ट्राइड्स के पास पिवट पाथ में 19.95 प्रतिशत हिस्सेदारी रह जाएगी। निवेशकों की हिस्सेदारी 65.05 प्रतिशत होगी। बाकी का 15 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारी स्टॉक विकल्प के तहत रिजर्व रहेगा। यह रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन नहीं हैं।

Pivot Path की वैल्यूएशन 230 करोड़ रुपये

एक अलग फाइलिंग में, स्ट्राइड्स ने कहा कि इस डील में पिवट पाथ की वैल्यूएशन पोस्ट-मनी बेसिस पर 230 करोड़ रुपये आंकी गई है। पाइवट पाथ की शुरुआत स्ट्राइड्स के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), आर्को लैब प्राइवेट लिमिटेड के भीतर हुई थी। इसने लाइफ साइंसेज कंसल्टिंग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, क्वालिटी और कंप्लायंस, और टेक्नोलॉजी-बेस्ड ऑपरेशनल सर्विस में क्षमताएं विकसित कीं।

APL Apollo Tubes में बनेगा पैसा! मोतीलाल ओसवाल को 20% तक उछाल की उम्मीद, खरीद की सलाह

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ना ओवरटाइम, ना देर रात काम… फिर भी Amazon में सबसे आगे निकला यह कर्मचारी वायरल हुआ फॉर्मूला

आज के समय में ज्यादातर लोग मानते हैं कि जितने ज्यादा घंटे काम करेंगे, उतनी ही सफलता मिलेगी। कई ऑफिसों में देर तक रुकना और हमेशा व्यस्त दिखना मेहनती कर्मचारी की पहचान माना जाता है। लेकिन क्या सच में अच्छी नौकरी का मतलब सिर्फ लंबे समय तक काम करना है? क्या कम समय में भी बेहतर तरीके से काम किया जा सकता है? इन सवालों पर इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। एक वायरल पोस्ट ने लोगों का ध्यान इस ओर खींचा है कि काम की असली पहचान घंटों से नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और फोकस से होती है।

यही वजह है कि अब लोग वर्क-लाइफ बैलेंस, स्मार्ट वर्क और सही टाइम मैनेजमेंट को पहले से ज्यादा अहम मानने लगे हैं। इस पोस्ट ने कई लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि शायद कम समय में पूरे मन से किया गया काम, लंबे समय तक बिना फोकस के काम करने से कहीं ज्यादा बेहतर साबित हो सकता है।

7 घंटे काम, लेकिन शानदार प्रदर्शन

अमेरिका में काम कर रहीं भारतीय प्रोफेशनल मुस्कान अग्रवाल ने लिंक्डइन पर अपने Amazon के एक पूर्व सहकर्मी का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि उनकी टीम का एक सीनियर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर (SDE 3) रोज सुबह ठीक 8 बजे ऑफिस पहुंचता था और दोपहर 3 बजे तक अपना काम खत्म कर निकल जाता था।

ऑफिस के बाद पूरी तरह ऑफलाइन

सबसे दिलचस्प बात यह थी कि वह कर्मचारी ऑफिस छोड़ने के बाद कभी भी Slack या किसी ऑफिस चैट पर दिखाई नहीं देता था। न देर रात काम करता था और न ही वीकेंड पर अतिरिक्त घंटों की होड़ में शामिल होता था।

फोकस ने बनाया सबसे प्रोडक्टिव कर्मचारी

मुस्कान के मुताबिक, सीमित समय में पूरी एकाग्रता के साथ काम करने की वजह से वह टीम का सबसे खुश और सबसे अधिक प्रोडक्टिव सदस्य था। उसके काम की गुणवत्ता भी शानदार थी और वह बिना अनावश्यक ओवरटाइम के अपने सभी लक्ष्य पूरे कर लेता था।

सोशल मीडिया पर शुरू हुई नई बहस

यह पोस्ट वायरल होने के बाद इंटरनेट पर नई चर्चा छिड़ गई है। कई लोगों का मानना है कि सफलता का राज लंबे घंटों तक काम करने में नहीं, बल्कि काम के दौरान पूरी एकाग्रता और बेहतर टाइम मैनेजमेंट में छिपा है। वहीं कुछ यूजर्स का कहना है कि हर नौकरी और हर टीम में ऐसा वर्क रूटीन अपनाना संभव नहीं होता।

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Stock in Focus: ₹1000 करोड़ जुटाने की योजना, बोर्ड ने भी दी खास मंजूरी, 3 वजहों से 29 जून को फोकस में रहेगा यह शेयर

Stock in Focus: दिग्गज NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) आईआईएफएल फाइनेंस के शेयरों में 29 जून को मार्केट खुलने पर तेज हलचल दिख सकती है। इसकी वजह ये है कि कंपनी अपने कैपिटल बेस को मजबूत करने की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी के बोर्ड ने शेयरहोल्डर्स और रेगुलेटरी मंज़ूरी मिलने पर एक या इससे अधिक किश्तों में इक्विटी शेयर या अन्य एलिजिबल सिक्योरिटीज जारी करके ₹10,000 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने इसकी जानकारी 27 जून को एक्सचेंज फाइलिंग में दी और इस खुलासे से एक कारोबारी दिन पहले 25 जून गुरुवार को बीएसई पर यह 2.75% की गिरावट के साथ ₹510.10 (IIFL Finance Share Price) पर बंद हुआ था।

IIFL Finance से जुड़े तीन बड़े अपडेट्स

आईआईएफएल फाइनेंस के बोर्ड ने इसे ₹10 हजार करोड़ का फंड जुटाने की मंजूरी दी है। मार्केट के माहौल और कैपिटल की जरूरतों के आधार पर, फंड जुटाने का काम कई तरीकों से किया जा सकता है, जैसे कि पब्लिक इश्यू, राइट्स इश्यू, प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट, प्राइवेट प्लेसमेंट, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIPs) या इन्हें मिलाकर। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी इश्यू पर बोर्ड या उसकी कमेटियां सही समय पर विचार करेंगी।

फंड जुटाने की योजना के साथ-साथ बोर्ड ने कंपनी के ग्लोबल मीडियम टर्म नोट्स (GMTN) प्रोग्राम का साइज $100 करोड़ से बढ़ाकर $200 करने को भी मंजूरी दी। इससे कंपनी को फंडिंग के लिए विदेशी मार्केट तक पहुँचने में अधिक आसानी होगी। साथ ही बोर्ड ने कंपनी की उधार लेने की सीमा और अपनी एसेट्स पर सिक्योरिटी बनाने की सीमा को भी मौजूदा ₹60,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹75,000 करोड़ करने को मंजूरी दी लेकिन इस पर कंपनी को आने वाली सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लेनी होगी।

इसके अलावा कंपनी ने अपने फाइनेंस डिपार्टमेंट में लीडरशिप में बदलाव का भी ऐलान किया। कपिश जैन ने चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर का पद छोड़ दिया ताकि वह कंपनी के भीतर ही दूसरा पद संभाल सकें और सीएफओ के पद पर उनकी जगह विकास जैन को 27 जून से जिम्मेदारी मिली है। विकास जैन इससे पहले हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस, बजाज फाइनेंस, बजाज हाउसिंग फाइनेंस और PwC जैसी कंपनियों के साथ काम कर चुके है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

आईआईएफएल फाइनेंस के शेयरों ने निवेशकों को कम समय में तगड़ा झटका दिया है। इस साल की शुरुआत में 6 जनवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹674.95 के भाव पर था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से तीन ही महीने में यह 39.34% फिसलकर 27 अप्रैल 2026 को यह ₹409.45 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।