Yogini Ekadashi 2026 Date: ये होगी आषाढ़ मास की पहली एकादशी, जानें योगिनी एकादशी व्रत की तारीख, पूजा मुहूर्त और विधि

Yogini Ekadashi 2026 Date: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण तिथि माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है और इस दिन सच्च मन से श्री हरि की पूजा करने पर साधक को जीवन के कष्टों से छुटकारा मिलता है और सुख-समृद्धि आती है। हर हिंदू माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु को समर्पित व्रत किया जाता है। इस तरह पूरे साल में 24 एकादशी तिथियां आती हैं। हर एकादशी तिथि का अपना महत्व और स्थान होता है।

योगिनी एकादशी 2026 तारीख

पंचांग के अनुसार, इस साल आषाढ़ कृष्ण एकादशी तिथि का प्रारंभ 10 जुलाई शुक्रवार को सुबह 8 बजकर 16 मिनट पर हो रहा है। यह 11 जुलाई शनिवार को प्रात: 5 बजकर 22 मिनट तक मान्य रहेगी।

दो दिन होगा योगिनी एकादशी व्रत

11 जुलाई को हरि वासर सुबह 10 बजकर 32 मिनट पर खत्म हो रहा है, इस वजह से योगिनी एकादशी का व्रत दो दिन रखा जाएगा। 10 जुलाई को गृहस्थ लोग योगिनी एकादशी का व्रत रहेंगे, वहीं 11 जुलाई को वैष्णव संप्रदाय के लोग यह व्रत रखेंगे।

योगिनी एकादशी 2026 मुहूर्त

10 जुलाई को योगिनी एकादशी की पूजा सुबह 08:16 बजे से 10 बजकर 42 मिनट तक कर सकते हैं। उस दिन लाभ-उन्नति मुहूर्त 07:15 ए एम से 08:59 ए एम तक है, वहीं अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 08:59 ए एम से 10:42 ए एम तक रहेगा। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त 04:10 ए एम से 04:50 ए एम है, वहीं अभिजीत मुहूर्त 11:59 ए एम से दोपहर 12:54 पी एम तक है।

योगिनी एकादशी 2026 शुभ योग

योगिनी एकादशी व्रत पर 10 जुलाई धृति योग सुबह 07:15 ए एम तक है, उसके बाद शूल योग है, जो 11 जुलाई को 03:51 ए एम तक रहेगा। फिर गण्ड योग बनेगा। व्रत के दिन भरणी नक्षत्र दोपहर 01:15 पी एम तक है, उसके बाद से कृत्तिका नक्षत्र है।

योगिनी एकादशी पर रहेगा भद्रा का साया

10 जुलाई को भद्रा काल प्रात:काल में 05:31 बजे से प्रारंभ होगा और सुबह 08:16 ए एम तक रहेगी। यह भद्रा 2 घंटे से अधिक समय तक है, लेकिन इसका वास स्वर्ग में है, ऐसे में इसका कोई अशुभ प्रभाव धरती पर नहीं होगा।

योगिनी एकादशी 2026 पारण समय

यदि आप 10 जुलाई को योगिनी एकादशी व्रत रखते हैं, तो व्रत का पारण 11 जुलाई को दोपहर 01:50 पी एम से शाम 04:36 पी एम के बीच कर सकते हैं। वहीं जो लोग 11 जुलाई को यह व्रत रखेंगे, वे पारण 12 जुलाई को प्रात: 05:32 ए एम से लेकर सुबह 08:18 ए एम के बीच कर सकते हैं।

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Ketan Murder Case: परिवार को पहले से थी सिया-चेतन के रिश्ते की भनक? केतन हत्याकांड में सामने आए कई नए राज

पुणे के 25 वर्षीय बिजनेसमैन केतन अग्रवाल के हत्या के जांच के मामले में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। केतन अग्रवाल हत्या की जांच में एक नया खुलासा हुआ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, केतन की शादी सिया गोयल से इसलिए तय की गई थी क्योंकि उसके परिवार को सिया और सह-आरोपी चेतन चौधरी के रिश्ते की जानकारी मिल गई थी। परिवार को यह भी लगा कि दोनों के परिवारों की आर्थिक स्थिति में काफी बड़ा अंतर है, जिसके चलते उन्होंने जल्द शादी कराने का फैसला लिया।

पुलिस कर रही मामले की जांच

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच अधिकारियों का मानना है कि इस रिश्ते का पता चलने के बाद परिवार ने सिया की शादी केतन अग्रवाल से कराने का फैसला लिया। उनका मानना था कि केतन शादी के लिए सही है। पुणे रुलर पुलिस के अनुसार, जनवरी में आयोजित एक सामुदायिक क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान सिया गोयल और चेतन चौधरी की बढ़ती नजदीकियों की जानकारी उसके परिवार को मिली थी। इसके बाद परिवार ने इस रिश्ते को लेकर गंभीरता से विचार करना शुरू किया।

सिया के भाई से भी की पूछताछ

जांच के सिलसिले में पुलिस ने शुक्रवार को पुणे ग्रामीण पुलिस मुख्यालय में सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से पूछताछ की। अधिकारियों ने मामले से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब जानने की कोशिश की। पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि क्या साहिल को सिया और चेतन चौधरी के रिश्ते की जानकारी थी। साथ ही ये भी जांच की जा रही है कि क्या उसने इस बारे में परिवार के अन्य लोगों को बताया था।

शादी नहीं करना चाहती थी सिया

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान सिया ने बताया कि वह अपने होने वाले पति केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। कथित तौर पर उसने कहा कि केतन के विग पहनने की वजह से वह उनसे सहज महसूस नहीं करती थी। जब अधिकारियों ने पूछा कि उसने यह बात अपने परिवार को पहले क्यों नहीं बताई, तो उसका जवाब था कि वह अपने परिवार को दुखी नहीं करना चाहती थी।

पुलिस का दावा किया कि पूछताछ के दौरान सिया ने जांच अधिकारियों को बताया कि उसे लगा था कि केतन को लोहागढ़ किले की खाई में धक्का देकर रास्ते से हटाना, परिवार के सामने शादी से इनकार करने और उनके सवालों का सामना करने से ज्यादा आसान होगा।

केतन के पिता ने क्या कहा

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने पुलिस के दावे को गलत बताया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने सिर्फ बालों का एक छोटा सा हेयर पैच लगाया था और इस बात की जानकारी सगाई से पहले ही सिया और उसके परिवार को दे दी गई थी। उनका कहना है कि इस तथ्य को छिपाया नहीं गया था। विशाल अग्रवाल ने रिपोर्टरों से कहा, “विग पहनना मेरे बेटे को मारने का कारण नहीं हो सकता।”

रिश्ता लाने वाले से की पुछताछ

वहीं, मामले की जांच के तहत पुलिस ने दोनों परिवारों का रिश्ता तय कराने वाले नरेंद्र मित्तल से भी पूछताछ की। जांच के दौरान पुलिस उनसे शादी तय होने और दोनों परिवारों के बीच हुई बातचीत से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। CNN-News18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नरेंद्र मित्तल केतन के पिता विशाल अग्रवाल के मामा हैं, जबकि सिया गोयल उनकी साली पूजा गोयल की बेटी हैं। पुलिस इस पूरे मामले में उनकी भूमिका और उनसे जुड़ी जानकारी की भी जांच कर रही है। पूछताछ के दौरान, मित्तल ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उनका काम दोनों परिवारों को शादी का प्रपोजल देने तक ही सीमित था और शादी करवाने के अलावा उनका कोई हाथ नहीं था।

राजन भारती मित्तल ने कहा- इंडिया एक ग्लोबल ब्राइट स्पॉट है जो 10 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बन सकता है

भारती एंटरप्राइजेज के वाइस चेयरमैन राजन भारती मित्तल ने इंडिया के बारे में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत सबसे स्टेबल और अट्रैक्टिव ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा है। एक कार्यक्रम में उन्होंने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भारत ग्रोथ और स्टैबिलिटी का एक ‘ब्राइट स्पॉट’ है।

इंडिया की ग्रोथ की तीन वजहें

मित्तल ने इंडिया की ग्रोथ के लिए जिम्मेदार तीन वजहों के बारे में बताया। इनमें स्ट्रॉन्ग डोमेस्टिक कंजम्प्शन, आबादी में युवाओं की बड़ी हिस्सेदारी और मैन्युफैक्चरिंग की बढ़ती क्षमता शामिल हैं। ये सभी मिलकर भारत को दुनिया में आर्थिक गतिविधि के केंद्र के रूप में स्थापित करती हैं।

10 लाख करोड़ डॉलर की होगी इकोनॉमी

भारत की इकोनॉमी के बढ़ते आकार के बारे में उन्होंने कहा कि आज देश की अर्थव्यवस्था 4 लाख करोड़ डॉलर की है, जिसके आने वाले सालों में बढ़कर 10 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच जाने का अनुमान है। यह एक ऐसा स्ट्रक्चरल बदलाव है, जो बताता है कि दुनिया की कंपनियां भारत की अनदेखी नहीं कर सकतीं।

भारत-इंग्लैंड के पास रिश्तों को बढ़ाने का बड़ा मौका

उन्होंने कहा, “किसी ग्लोबल कंपनी की स्ट्रेटेजी में अगर भारत शामिल नहीं है तो इसका मतलब है कि वह अगले दशक की ग्रोथ स्टोरी से जुड़े मौकों को गंवाने जा रही है।” उन्होंने कहा कि भविष्यकी ग्रोथ को-क्रिएशन और लॉन्ग टर्म पार्टनरशिप पर निर्भर करेगी न कि ट्रांजेक्शन ट्रेड पर। भारत-इंग्लैंड के रिश्तों पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास व्यापारिक रिश्तों से आगे बढ़ने का बड़ा मौका है।

ग्लोबल सिस्टम में भारत लॉन्ग टर्म पार्टनर

मित्तल ने कहा कि इंडिया उन कंपनियों के लिए मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का आधार बन रहा है, जो अफ्रीका सहित ज्यादा ग्रोथ वाले क्षेत्रों को टारेगट करना चाहती हैं। कानून के शासन, इंडिपेंडेंट रेगुलेटर्स और डेमोक्रेटिक फ्रेमवर्क को उन्होंने इंडिया की ताकत बताया। उन्होंने कहा कि ये चीजें भारत को ग्लोबल सिस्टम में भरोसेमंद लॉन्ग टर्म पार्टनर बनाती हैं।

भारत वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में हिस्सेदार

उन्होंने कहा कि इंडिया अब न सिर्फ वैश्विक स्तर पर निर्णय की प्रक्रिया में हिस्सेदार है बल्कि यह इसका स्वरूप भी तय कर रहा है। इसकी वजह यह है कि भारत की आर्थिक और रणनीतिक महत्व लगातार बढ़ रहा है।

Jackky Bhagnani Spotted On Dating App: ‘सिचुएशनशिप’ बयान के बाद डेटिंग एप पर जैकी भगनानी का दिखा अकाउंट, वायरल स्क्रीनशॉर्ट ने मचाई खलबली

Jackky Bhagnani Spotted On Dating App: जैकी भगनानी ने एक बार फिर से खबरों में छाए हुए हैं। लेकिन अफसोस, इसकी वजह फिल्म नहीं बल्कि उनकी पर्सनल लाइफ है। एक्टर-प्रोड्यूसर ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह से शादी करने के बावजूद वह डेटिंग ऐप पर क्या कर रहे हैं। हाल ही में, एक रेडिट यूज़र ने एक यूट्यूबर के वीडियो का स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमें दावा किया गया था कि जैकी का ‘राया’ (Raya) नाम के एक एक्सक्लूसिव डेटिंग ऐप पर अकाउंट है।

स्क्रीनशॉट में ‘जैकी’ नाम की एक प्रोफ़ाइल दिख रही है, जिसके बायो में ‘एक्टर/प्रोड्यूसर’ लिखा है। उनकी लोकेशन लंदन, यूनाइटेड किंगडम दिखाई गई थी। इस स्क्रीनशॉट ने फ़ैन्स को शॉक्ड कर दिया, लेकिन कुछ लोगों ने ‘प्रोड्यूसर’ (producer) की स्पेलिंग में गलती भी पकड़ी।

हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि जैकी राया का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं, लेकिन यह एप्लिकेशन पिछले कई सालों से चर्चा का विषय बना हुआ है। जो लोग राया से परिचित नहीं हैं, उनके लिए बता दें कि राया कोई सामान्य डेटिंग ऐप नहीं है। यह एक विशेष, सदस्यता-आधारित ऐप है, जिसका उपयोग आमतौर पर डेटिंग, नेटवर्किंग और दोस्ती के लिए किया जाता है।

अन्य एप्लिकेशनों के विपरीत, राया पर उपयोगकर्ताओं को आवेदन करना होता है, जिसके बाद आवेदनों की समीक्षा की जाती है और फिर उन्हें स्वीकार किया जाता है। इसी कारण से राया मशहूर हस्तियों और हाई-प्रोफाइल लोगों के बीच लोकप्रिय हो गया है।

इस बीच, जैकी के डेटिंग प्रोफ़ाइल ने भी सबका ध्यान खींचा है, क्योंकि यह बात तब सामने आई है जब कुछ महीने पहले ही एक्टर-प्रोड्यूसर ने ‘सिचुएशनशिप’ वाला कमेंट करके सुर्खियां बटोरी थीं। इस साल अप्रैल में, एक YouTube चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा था, “रकुल और मेरी शादी हो चुकी है, लेकिन हम एक तरह की ‘सिचुएशनशिप’ में हैं। बेशक, हम एक-दूसरे के प्रति कमिटेड हैं क्योंकि इसीलिए हमारी शादी हुई है। लेकिन सबसे ज़रूरी बात यह है कि मैं उनसे किसी भी बारे में बात कर सकता हूं।”

हालांकि इस कमेंट की काफी आलोचना हुई, लेकिन बाद में रकुल ने साफ किया कि उनके कमेंट का गलत मतलब निकाला गया था। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर लिखा, “आज हम इस बात पर खूब हंसे कि कैसे एक घंटे की बातचीत की एक लाइन अचानक हेडलाइन बन सकती है। मज़ाकिया… जब तक कि यह मज़ाक न रह जाए। संदर्भ मायने रखता है। बारीकियां मायने रखती हैं। बातचीत को सिर्फ़ क्लिकबेट तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। शायद अब समय आ गया है कि प्लेटफ़ॉर्म उन नैरेटिव्स के लिए थोड़ी ज़्यादा ज़िम्मेदारी लें जो वे बनाते हैं।”

Shoaib Akhtar: शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में दिखे लश्कर के आतंकी, पाक का नापाक चेहरा फिर हुआ एक्सपोज

पाकिस्तान और आतंकवाद के साथ उनका रिश्ता एक बार उजागर हुआ है। पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर के अंतिम संस्कार में एक बेहद ही हैरान कर देने वाला नजारा दिखा।  बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े कुछ लोगों की मौजूदगी देखी गई, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। शाहिद अख्तर की 24 जून को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी।

शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में आए लश्कर आतंकी

रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल), जिसे लश्कर-ए-तैयबा का राजनीतिक सहयोगी माना जाता है, की ओर से जारी एक वीडियो में अंतिम संस्कार में शामिल कुछ ऐसे लोग भी दिखाई दिए, जिन्हें 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के करीबी सहयोगी बताया जाता है।

रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम संस्कार की तस्वीरों में पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) के कई वरिष्ठ नेता भी दिखाई दिए। इनमें इस्लामाबाद के प्रमुख इनाम-उर-रहमान कंबोह, उप महासचिव अब्दुल्ला टूर, क्षेत्रीय महासचिव हाफिज उमर और खिदमत कमेटी के अध्यक्ष अमजद भट्टी शामिल थे। ‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतिम संस्कार में लश्कर-ए-तैयबा का उप प्रमुख सैफुल्ला कसूरी भी मौजूद था। रिपोर्ट में उसे 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी।

पाकिस्तान का ‘टेरर लव’ फिर उजगर

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के भाई के अंतिम संस्कार में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) की राजनीतिक शाखा मानी जाने वाली पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल) के नेताओं की मौजूदगी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इस घटना के बाद एक बार फिर पाकिस्तान में आतंकियों को मिलने वाले कथित संरक्षण को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

शोएब अख्तर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर अपने बड़े भाई शाहिद अख्तर के निधन की जानकारी दी थी। उन्होंने लिखा कि उनके भाई “अल्लाह के पास लौट गए हैं” और अंतिम संस्कार की नमाज का समय भी बताया। हालांकि, अंतिम संस्कार में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लोगों की मौजूदगी को लेकर सामने आई खबरों पर शोएब अख्तर ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है, जबकि पाकिस्तान इन आरोपों को लगातार खारिज करता आया है। माना जा रहा है कि इस ताजा मामले के बाद सीमा पार आतंकवाद को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के उप प्रमुख सैफुल्ला कसूरी कथित तौर पर यह कहते हुए सुनाई देता है कि पाकिस्तान की सेना उसे कई आधिकारिक कार्यक्रमों में बुलाती है। वीडियो में वह यह दावा भी करता है कि उसे सैन्य कर्मियों के अंतिम संस्कार की नमाज पढ़ाने के लिए भी बुलाया जाता है।

Hero ने लॉन्च किया Passion Plus का टॉप वेरिएंट, मिलेगा ब्लूटूथ और डिजिटल कंसोल, जानें कीमत और फीचर्स

Hero Passion Plus Disc Variant: अगर आप मिड रेंज में बाइक खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो यह खबर आपको जरूर पढ़ना चाहिए। दरअसल, ऑटोमोबाइल कंपनी Hero MotoCorp ने अपने Passion Plus में एक नया टॉप-स्पेक डिस्क वेरिएंट जोड़ा है। जिसकी कीमत ₹84,128 (एक्स-शोरूम) है और यह अब तक का सबसे ज्यादा फीचर्स वाला और महंगा Passion Plus मॉडल है। कंपनी ने इस नए वेरिएंट को फ्रंट डिस्क ब्रेक और ब्लूटूथ-इनेबल्ड डिजिटल कंसोल के साथ लॉन्च किया है। हालांकि, मैकेनिकल तौर पर Passion Plus का डिस्क वेरिएंट स्टैंडर्ड वर्जन जैसा ही है। अब आइए जानते हैं कि अब तक के सबसे महंगे Passion Plus में आपको क्या-क्या मिलेगा।

Hero Passion Plus Disc Variant: क्या है नया?

इस नए मॉडल में सबसे बड़ा बदलाव फ्रंट डिस्क ब्रेक का आना है, जो इस Hero बाइक में पहली बार दिया गया है। अब तक, Passion Plus में सिर्फ़ ड्रम ब्रेक का ही ऑप्शन मिलता था। इसलिए, यह नया वेरिएंट उन राइडर्स के लिए ब्रेकिंग परफॉर्मेंस को बेहतर बनाता है जो अक्सर शहर के भारी ट्रैफिक में गाड़ी चलाते हैं या कभी-कभी हाईवे पर जाते हैं।

अपग्रेड की बात करें तो Hero ने सिर्फ ब्रेकिंग को ही बेहतर नहीं किया है। कंपनी ने ब्लूटूथ सपोर्ट वाला नया पूरी तरह से डिजिटल इंस्ट्रूमेंट कंसोल भी दिया है। इस फीचर की मदद से राइडर्स कॉल और SMS नोटिफिकेशन के जरिए कनेक्टेड रह सकते हैं। कनेक्टिविटी के अलावा, डिस्प्ले रोजाना की जानकारी जैसे रियल-टाइम फ्यूल एफिशिएंसी, सर्विस अलर्ट और फ्यूल लेवल की जानकारी भी देता है। इन नई चीजों के अलावा, Passion Plus में पहले वाले फीचर्स भी मौजूद हैं।

Hero Passion Plus Disc Variant: इंजन और माइलेज

इस नए वेरिएंट में वही 97.2cc, सिंगल-सिलेंडर, एयर-कूल्ड इंजन दिया गया है जो 8hp की पावर और 8.05Nm का टॉर्क देता है। इसे 4-स्पीड गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है। कहा जाता है कि इस बाइक का माइलेज 71km/l है, जो इसे एंट्री-लेवल कम्यूटर सेगमेंट की सबसे किफायती मोटरसाइकिलों में से एक बनाता है। इसके अलावा, इसमें टेलिस्कोपिक फ्रंट फोर्क्स और ट्विन रियर शॉक एब्जॉर्बर दिए गए हैं।

Hero Passion Plus Disc Variant: कीमत

हाल ही में लॉन्च हुई Hero Passion Plus डिस्क वेरिएंट की कीमत ₹84,128 (एक्स-शोरूम) है। जबकि, स्टैंडर्ड ड्रम ब्रेक वेरिएंट की कीमत ₹80,328 है। वहीं, Passion Plus 125 मिलियन एडिशन की कीमत ₹80,574 है। अगर आप बेहतर ब्रेकिंग परफॉर्मेंस और अतिरिक्त कनेक्टिविटी फीचर्स चाहते हैं, तो आपको इस नए फ्लैगशिप वेरिएंट के लिए लगभग ₹3,800 ज्यादा खर्च करने होंगे।

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भारत के सबसे महंगे और प्रतिष्ठित स्कूलों की पूरी लिस्ट, जहां फीस करोड़ों में और सुविधाएं इंटरनेशनल लेवल की हैं

भारत में कुछ चुनिंदा स्कूल ऐसे हैं जो सिर्फ पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि अपने लग्जरी कैंपस, इंटरनेशनल लेवल की पढ़ाई और लाखों-करोड़ों की फीस के लिए भी जाने जाते हैं। यहां एडमिशन लेना हर किसी के बस की बात नहीं होती। ये स्कूल उन परिवारों की पहली पसंद बनते हैं जो अपने बच्चों को ग्लोबल एक्सपोजर, बेहतर कम्युनिकेशन स्किल्स और लीडरशिप क्वालिटी के साथ तैयार करना चाहते हैं। देहरादून, ग्वालियर, मुंबई, मसूरी और ऊटी जैसे शहरों में स्थित ये संस्थान आधुनिक शिक्षा और पारंपरिक मूल्यों का शानदार मेल पेश करते हैं।

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1. दून स्कूल, देहरादून

भारत के सबसे प्रतिष्ठित बोर्डिंग स्कूलों में शामिल दून स्कूल को अक्सर “भारत का ईटन” कहा जाता है। यहां से कई पूर्व प्रधानमंत्री, बड़े उद्योगपति और नामी हस्तियां पढ़ चुकी हैं। यह स्कूल छात्रों के समग्र विकास पर जोर देता है, जिसमें पढ़ाई के साथ खेल, बहस और नेतृत्व क्षमता शामिल है। इसकी वार्षिक फीस लगभग ₹13.62 लाख से ₹20 लाख तक है।

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2. सिंधिया स्कूल, ग्वालियर

ग्वालियर किले के ऐतिहासिक परिसर में स्थित यह स्कूल अपनी शाही विरासत और अनुशासित शिक्षा प्रणाली के लिए प्रसिद्ध है। यहां छात्रों को न सिर्फ अकादमिक ज्ञान दिया जाता है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाने पर भी ध्यान दिया जाता है। इसकी वार्षिक फीस ₹8.2 लाख से ₹18.2 लाख तक है।

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3. एकोल मोंडियल वर्ल्ड स्कूल, मुंबई

यह एक प्रमुख इंटरनेशनल स्कूल है जो आईबी (IB) करिकुलम पर आधारित शिक्षा देता है। यह स्कूल खासतौर पर उन परिवारों में लोकप्रिय है जो ग्लोबल एजुकेशन सिस्टम को प्राथमिकता देते हैं। आधुनिक कक्षाएं, डिजिटल लर्निंग और इंटरनेशनल स्टूडेंट कम्युनिटी इसकी खास पहचान है। वार्षिक फीस ₹6.9 लाख से ₹15 लाख तक है।

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4. मेयो कॉलेज, अजमेर

रॉयल फैमिली के बच्चों के लिए स्थापित यह स्कूल आज भी अपनी शाही परंपरा के लिए जाना जाता है। इसे “भारत का इटन” भी कहा जाता है। यहां छात्रों को अनुशासन, संस्कृति और आधुनिक शिक्षा का बेहतरीन मिश्रण मिलता है। इसकी फीस ₹15 लाख से ₹20 लाख तक है।

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5. वुडस्टॉक स्कूल, मसूरी

हिमालय की गोद में बसा यह स्कूल एशिया के सबसे पुराने इंटरनेशनल स्कूलों में से एक है। यहां का शांत और प्राकृतिक वातावरण पढ़ाई के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है। यह स्कूल वैश्विक स्तर का करिकुलम और बेहतरीन हॉस्टल सुविधाएं प्रदान करता है। फीस ₹16 लाख से ₹20 लाख तक जाती है।

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6. अमेरिकन स्कूल ऑफ बॉम्बे, मुंबई

यह स्कूल खासकर डिप्लोमैट्स, एनआरआई और हाई-प्रोफाइल परिवारों में बेहद लोकप्रिय है। यहां अमेरिकी स्टाइल का करिकुलम और अत्याधुनिक सुविधाएं मिलती हैं। छात्रों को ग्लोबल यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए तैयार किया जाता है। वार्षिक फीस ₹17 लाख से ₹20 लाख तक है।

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7. गुड शेफर्ड इंटरनेशनल स्कूल, ऊटी

नीलगिरि की पहाड़ियों में स्थित यह प्रीमियम बोर्डिंग स्कूल अपनी खूबसूरत लोकेशन और बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जाना जाता है। यहां अकादमिक के साथ-साथ खेल और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट पर भी खास ध्यान दिया जाता है। इसकी फीस ₹11.8 लाख से ₹27.3 लाख+ तक पहुंच जाती है।

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8. हैरो इंटरनेशनल स्कूल, बेंगलुरु

ब्रिटिश शिक्षा प्रणाली से प्रेरित यह स्कूल भारत में प्रीमियम इंटरनेशनल एजुकेशन का नया चेहरा माना जाता है। यहां छात्रों को ग्लोबल स्टैंडर्ड की पढ़ाई, आधुनिक लैब्स और इंटरनेशनल एक्सपोजर मिलता है। यह स्कूल भविष्य के लीडर्स तैयार करने पर फोकस करता है। इसकी वार्षिक फीस ₹18 लाख से ₹23 लाख तक है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई वार्षिक फीस की जानकारी अनुमानित है। वास्तविक फीस कक्षा, हॉस्टल सुविधा, एडमिशन चार्ज और अन्य कारणों के अनुसार अलग हो सकती है। सटीक जानकारी के लिए संबंधित स्कूल से संपर्क करना उचित रहेगा।

शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में हुआ है भारी नुकसान? तब भी क्यों जरूरी है ITR फाइल करना, जानें टैक्स छूट का यह सीक्रेट फॉर्मूला

ITR Filing Rules: क्या शेयर बाजार में मुनाफे की बजाय नुकसान होने पर इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना चाहिए? अक्सर देखा जाता है कि जिन निवेशकों को किसी फाइनेंशियल ईयर के दौरान इक्विटी या म्यूचुअल फंड में घाटा होता है, वे मान लेते हैं कि उन्हें ITR फाइल करने की कोई जरूरत नहीं है। खासकर तब, जब उनकी कोई अन्य टैक्स योग्य आय न हो।

लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स की मानें तो घाटे वाले साल में आईटीआर फाइल न करना लंबे समय में आपको बहुत भारी पड़ सकता है। अगर आप तय समय सीमा के भीतर अपना रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं, तो आप अपने इस कैपिटल लॉस को अगले सालों के लिए कैरी फॉरवर्ड का अधिकार खो देते हैं।

इसका सीधा असर यह होगा कि भविष्य में जब आपको प्रॉफिट होगा, तब आप इस घाटे को उस मुनाफे से एडजस्ट नहीं कर पाएंगे और आपको ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ेगा। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि नुकसान के बावजूद आईटीआर भरना क्यों फायदेमंद है।

लॉस कैरी फॉरवर्ड करने का क्या है नियम?

टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नुकसान के बावजूद समय पर आईटीआर भरने से आपको अपने नुकसान को भविष्य के मुनाफे से एडजस्ट करने की कानूनी अनुमति मिलती है। एनए शाह एसोसिएट्स के टैक्स पार्टनर गोपाल बोहरा बताते हैं कि भले ही किसी टैक्सपेयर की कोई टैक्स देनदारी न बन रही हो और सिर्फ इक्विटी या म्यूचुअल फंड से कैपिटल लॉस हुआ हो, तब भी ड्यू डेट पर या उससे पहले आईटीआर फाइल करना बेहद फायदेमंद है।

Vijay Kedia का मार्केट में कमाई का मंत्र: दिग्गज इन्वेस्टर ने समझाया मोटा पैसा बनाने का ‘एक लाइन’ का ये फॉर्मूला

समय पर आईटीआर दाखिल करने से आप इस नुकसान को अगले 8 सालों तक कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं। भविष्य के सालों में जब भी आपको शेयरों या म्यूचुअल फंड से कमाई होगी, तो आप इस पुराने घाटे को उस मुनाफे से घटाकर अपनी टैक्स देनदारी को काफी कम या शून्य कर सकते हैं।

क्या इक्विटी, डेट म्यूचुअल फंड और गोल्ड ETF के नियम अलग हैं?

कई निवेशकों को लगता है कि यह नियम सिर्फ शेयरों के लिए है, लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स ने साफ किया है कि निवेश का माध्यम कोई भी हो, नियम सभी के लिए बिल्कुल एक समान हैं। चाहे आपका नुकसान इक्विटी शेयर्स से हुआ हो, इक्विटी म्यूचुअल फंड से हो, डेट म्यूचुअल फंड से हो या फिर गोल्ड ईटीएफ से, अगर आप इस अन-एडजस्टेड लॉस को आगे ले जाना चाहते हैं, तो आपको तय तारीख के भीतर ही आईटीआर भरना होगा। नियत तारीख चूकने पर घाटे को आगे ले जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।

इक्विटी के घाटे को क्या दूसरे एसेट्स के मुनाफे से एडजस्ट कर सकते हैं?

हां, नियमों के दायरे में रहकर आप इक्विटी के घाटे को दूसरे कैपिटल एसेट्स से हुए मुनाफे के खिलाफ एडजस्ट कर सकते हैं और अपना टैक्स बचा सकते हैं:

शॉर्ट-टर्म कैपिटल लॉस(STCL): अगर आपको शेयरों से शॉर्ट-टर्म कैपिटल लॉस हुआ है, तो इसे आप शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म दोनों तरह के कैपिटल गेन्स से एडजस्ट कर सकते हैं। फिर चाहे वह मुनाफा शेयरों से हो, प्रॉपर्टी बेचने से हो, गोल्ड से हो या डेट म्यूचुअल फंड से।

लॉन्ग-टर्म कैपिटल लॉस(LTCL): अगर आपको शेयरों में लंबी अवधि में घाटा हुआ है, तो नियम कड़े हैं। इसे केवल और केवल लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) के खिलाफ ही एडजस्ट किया जा सकता है।

निवेशकों को कौन सा ITR फॉर्म चुनना चाहिए?

सही आईटीआर फॉर्म का चुनाव पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी कमाई या नुकसान के स्रोत क्या हैं:

ITR-2: जो निवेशक शेयरों, म्यूचुअल फंड या अन्य कैपिटल एसेट्स से होने वाले केवल कैपिटल गेन्स या कैपिटल लॉस को रिपोर्ट कर रहे हैं, उन्हें आमतौर पर ITR-2 फॉर्म भरना होता है।

ITR-3: लेकिन, अगर आप शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग करते हैं या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रेड करते हैं, जिसे टैक्स की भाषा में बिजनेस इनकम माना जाता है, तो आपको ITR-3 फॉर्म चुनना चाहिए।

कैपिटल लॉस रिपोर्ट करते समय किन बातों का रखें ध्यान?

टैक्सपेयर्स को हमेशा यह याद रखना चाहिए कि केवल वही नुकसान आगे ले जाए जा सकते हैं जो समय सीमा के भीतर फाइल किए गए रिटर्न में दिखाए गए हों। इसके अलावा, अपने कॉन्ट्रैक्ट नोट्स, ब्रोकर स्टेटमेंट्स और कैपिटल गेन्स स्टेटमेंट्स जैसे सभी जरूरी दस्तावेजों को संभालकर रखें, क्योंकि टैक्स अधिकारियों द्वारा मांगे जाने पर ये सबूत के तौर पर काम आते हैं।

गोपाल बोहरा सलाह देते हैं कि आईटीआर दाखिल करने से पहले निवेशकों को अपने AIS और TIS में दर्ज ट्रांजैक्शन का मिलान अपने ब्रोकर की रिपोर्ट से जरूर कर लेना चाहिए। आईटीआर में शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म नुकसान का सही खुलासा सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में टैक्स छूट का लाभ लेने में कोई रुकावट न आए।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल पर विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त किए गए विचार और निवेश टिप्स उनके अपने हैं, वेबसाइट या उसके प्रबंधन के नहीं। मनीकंट्रोल यूजर्स को सलाह देता है कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट्स से जांच कर लें।

Salman Khan Galaxy Apartments: सलमान खान गैलेक्सी अपार्टमेंट छोड़ने की कर रहे हैं तैयारी? बांद्रा में समुंदर किनारे 6 मंजिला घर की हुई डील

Salman Khan Galaxy Apartments: सलमान खान को मुंबई के बांद्रा में छह मंजिला रिहायशी इमारत बनाने की मंज़ूरी मिल गई है, जिससे खान परिवार के लिए एक नए घर का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि एक्टर अपने लंबे समय से रहे आ रहे घर, गैलेक्सी अपार्टमेंट्स से कहीं और शिफ्ट होंगे।

महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी (MCZMA) ने 16 जून को इस प्रस्ताव को मंज़ूरी दी। यह नई इमारत बांद्रा के चिम्बाई इलाके में बनेगी, जो गैलेक्सी अपार्टमेंट्स से थोड़ी ही दूरी पर है, जहां सलमान खान 1974 से रह रहे हैं। MCZMA के सूत्रों के मुताबिक, जिस प्लॉट पर यह इमारत बनेगी, वह सलमान की मां सलमा खान के नाम पर रजिस्टर्ड है।

इस प्रॉपर्टी पर 1956 से पहले से एक दो-मंज़िला घर बना हुआ था, जिसे ढांचे के लिहाज़ से असुरक्षित होने के कारण गिरा दिया गया था। मंज़ूर किए गए प्रोजेक्ट में ग्राउंड फ़्लोर, स्टिल्ट पार्किंग और छह ऊपरी मंज़िलें शामिल हैं। प्रस्तावित इमारत का कुल बिल्ट-अप एरिया लगभग 1,014 वर्ग मीटर होगा और इसे सच डेवलपर्स द्वारा बनाया जाएगा।

इस प्रोजेक्ट को पहले अक्टूबर 2025 में बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) से ‘इंटिमेशन ऑफ़ डिसअप्रूवल’ (IOD) यानी शुरुआती मंज़ूरी मिल गई थी। अब MCZMA से मंज़ूरी मिलने के बाद, यह प्रोजेक्ट निर्माण कार्य शुरू होने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गया है। मंज़ूरी के साथ जुड़ी पर्यावरण संबंधी शर्तों के तहत, निर्माण कार्य के दौरान मौजूदा पेड़ों में से किसी को भी नहीं काटा जाएगा।

इसके बजाय, प्रॉपर्टी के आस-पास स्थानीय प्रजातियों के नए पेड़ लगाए जाएंगे। यह घटनाक्रम सलमान खान की सुरक्षा बढ़ाए जाने के दो साल से ज़्यादा समय बाद सामने आया है। उनकी सुरक्षा तब बढ़ाई गई थी जब कथित तौर पर बिश्नोई गैंग के सदस्यों ने गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर गोलीबारी की थी। अभिनेता को अभी Y+ सुरक्षा मिली हुई है। यह नई प्रॉपर्टी मुख्य सड़क से दूर एक शांत गली में स्थित है। उम्मीद है कि इस जगह पर खान परिवार को ज़्यादा प्राइवेसी और बेहतर सुरक्षा मिलेगी।

Tata Sierra vs Kia Seltos: कौन सी SUV देती है ज्यादा वैल्यू फॉर मनी?

Tata Sierra vs Kia Seltos: नवंबर 2025 में लॉन्च होने के बाद से Tata Sierra की 10,000 से ज्यादा डिलीवरी हो चुकी हैं और ऐसा लगता है कि यह Kia Seltos को कड़ी टक्कर दे रही है, जो इस सेगमेंट में सालों से लोगों की पहली पसंद रही है। अगर आप अभी इन दोनों को चुनने को लेकर कन्फ्यूज हैं, तो यह बात ध्यान देने वाली है क्योंकि इनकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमतों में सिर्फ 50,000 रुपये का फर्क है। Sierra की कीमत 11.49 लाख रुपये है, जबकि Seltos की 11 लाख रुपये। इतने कम फर्क में, बोनट पर लगा लोगो ज्यादा मायने नहीं रखता। असल बात यह है कि लगभग उतने ही पैसे में कौन सी कार आपको ज़्यादा फीचर्स और वैल्यू देती है। इसलिए किसी भी गाड़ी को बुक करने से पहले यह बात अच्छे से समझना जरूरी है।

कीमत और इंजन की तुलना कैसी है?

दोनों SUV की कीमत की रेंज काफी बड़ी है: सेल्टोस की कीमत ₹11 लाख से ₹19.51 लाख (एक्स-शोरूम) के बीच है, जबकि सिएरा की कीमत ₹11.49 लाख से ₹21.29 लाख (एक्स-शोरूम) के बीच है। इंजन के मामले में, टाटा खरीदारों को तीन 1.5-लीटर इंजन के ऑप्शन देता है: 104.5 hp का नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन, 158 hp का टर्बो-पेट्रोल इंजन (7-स्पीड DCT के साथ), और 116.3 hp का डीजल इंजन जो 280 Nm का टॉर्क देता है।

इसके जवाब में Kia 111.4 hp का पेट्रोल इंजन, 158 hp का टर्बो-पेट्रोल DCT इंजन और 112.4 hp का डीजल इंजन (मैनुअल या टॉर्क-कन्वर्टर ऑटोमैटिक के साथ) देती है।

पेपर पर देखा जाए तो दोनों के टर्बो-पेट्रोल इंजन की परफॉर्मेंस एक जैसी है, इसलिए असली फर्क इंजन में नहीं बल्कि गियरबॉक्स की स्मूदनेस और ड्राइविंग रिफाइनमेंट में आता है। यही कारण है कि इन्हें सिर्फ स्पेसिफिकेशन देखकर नहीं, बल्कि टेस्ट ड्राइव लेकर ही सही तरीके से समझा जा सकता है।

पैसे के हिसाब से कौन ज्यादा फीचर्स देता है?

यहीं पर Tata Sierra कागज पर बाजी मार ले जाती है। इसमें ट्रिपल-स्क्रीन डैशबोर्ड, पैनोरमिक सनरूफ (जिसके बारे में टाटा का दावा है कि यह अपने सेगमेंट में सबसे बड़ी है), हेड-अप डिस्प्ले और दोनों रो (rows) के लिए वेंटिलेटेड सीटें मिलती हैं। साथ ही, इसमें 622-लीटर का बूट स्पेस भी है, जो ज्यादातर प्रतिस्पर्धियों की तुलना में काफी बड़ा है।

वहीं, Kia Seltos में ड्यूल 12.3-इंच डिस्प्ले, 447-लीटर का बूट स्पेस और मजबूत बिल्ड क्वालिटी मिलती है। इसके साथ Kia का बड़ा और भरोसेमंद सर्विस नेटवर्क भी है, जो Tata की तुलना में ज्यादा स्थापित माना जाता है।

सेफ्टी के मामले में दोनों ही SUV टॉप वेरिएंट में Level 2 ADAS देती हैं। Sierra को 5-स्टार BNCAP सेफ्टी रेटिंग मिली है, जबकि Seltos भी भारत में Kia के मजबूत सेफ्टी रिकॉर्ड को आगे बढ़ाती है।

किसमें ज्यादा फायदा है?

अगर आपकी प्राथमिकता ‘पैसे के बदले ज्यादा फीचर्स’ पाना है, तो Sierra अभी लगभग उसी कीमत पर ज्यादा फीचर्स दे रही है, खासकर मिड-लेवल ट्रिम्स में पैनोरमिक सनरूफ और ट्रिपल-स्क्रीन सेटअप जैसे फीचर्स। लेकिन ‘वैल्यू’ का मतलब सिर्फ़ स्पेसिफिकेशन शीट पर दिए गए फ़ीचर्स नहीं होते।

भारत में Seltos का ट्रैक रिकॉर्ड लंबा रहा है, इसका सर्विस नेटवर्क मजबूत है और इसमें कम कमियां सामने आई हैं, जबकि Sierra लॉन्च के बाद अपनी विश्वसनीयता को धीरे-धीरे मजबूत कर रही है। अगर आप भरोसेमंद गाड़ी और अच्छी रीसेल वैल्यू चाहते हैं, तो Kia Seltos एक सुरक्षित विकल्प है, लेकिन अगर आप अपने पैसे के बदले ज्यादा फीचर्स चाहते हैं और नई गाड़ी को सबसे पहले अपनाने में आपको कोई दिक्कत नहीं है, तो सिएरा सच में एक मजबूत दावेदार है।

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