Silver Consumer Electricals: प्री-IPO राउंड में जुटाए ₹150 करोड़; कंपनी में हार्दिक पांड्या, अर्पित खंडेलवाल जैसे दिग्गजों का है निवेश

गुजरात की कंपनी सिल्वर कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड ने प्री-IPO राउंड में लगभग 150 करोड़ रुपये जुटाए हैं। प्रमोटर ग्रुप के एक सदस्य ने 2.59 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची है। कंपनी का कहना है कि धर्मशीभाई मोहनभाई बेडिया ने सेकेंडरी सेल के जरिए निवेशक रियाज सुतरवाला को 73,15,288 इक्विटी शेयर ट्रांसफर किए। यह ट्रांजेक्शन 205.05 रुपये प्रति इक्विटी शेयर की कीमत पर हुआ, जिससे कुल वैल्यू 150 करोड़ रुपये बनी। इस खरीद के बाद, सुतरवाला के पास कंपनी की प्री-ऑफर इक्विटी शेयर कैपिटल में 2.59 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।

सिल्वर कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स ने पिछले साल अगस्त में सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था। उस वक्त धर्मशीभाई मोहनभाई बेडिया के पास 7.86 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। वहीं उनके बेटे विनीत धर्मशीभाई बेडिया के पास 48.99 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। SEBI ने IPO ड्राफ्ट को नवंबर 2025 में मंजूरी दी।

यह IPO के जरिए 1,400 करोड़ रुपये तक जुटाना चाहती है। प्रस्तावित इश्यू में 1,000 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाने का प्लान है। साथ ही प्रमोटर विनीत धर्मशीभाई बेडिया की ओर से 400 करोड़ रुपये तक का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा।

क्या करती है Silver Consumer Electricals

गुजरात के राजकोट में स्थित सिल्वर कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स दो ब्रांड्स- सिल्वर और बेडिया जरिए कारोबार करती है। सिल्वर ब्रांड के तहत पंप, मोटर और खेती के उपकरण बनाती है। वहीं बेडिया ब्रांड के तहत पंखे, लाइट, हीटर, मिक्सर और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी अपने इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस के जरिए घरों, खेती और इंडस्ट्री की जरूरतों को पूरा करती है। IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए किया जाएगा। कंपनी 17 से ज्यादा देशों में एक्सपोर्ट भी करती है। इसके कुल कर्मचारियों में 700 से ज्यादा महिलाएं हैं।

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पांड्या ब्रदर्स समेत किन दिग्गजों का लगा है पैसा

कंपनी में अगस्त 2025 तक एंजेल इनवेस्टर और प्लूटस वेल्थ मैनेजमेंट के मैनेजिंग पार्टनर अर्पित खंडेलवाल के पास 26.79 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। वह सबसे बड़े शेयरहोल्डर थे। उन्होंने जनवरी 2023 में कंपनी में निवेश करना शुरू किया था। इसके अलावा क्रिकेटर क्रुणाल पांड्या और उनके भाई हार्दिक पांड्या भी सिल्वर कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स में निवेशक हैं। क्रुणाल पांड्या के पास 1.1 प्रतिशत और हार्दिक पांड्या के पास 0.017 प्रतिशत शेयर हैं। हार्दिक पांड्या कंपनी के ब्रांड एंबेसडर हैं। मशहूर निवेशक मधु केला की पत्नी माधुरी मधुसूदन केला के पास 0.62 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

सिल्वर कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स के IPO को मैनेज करने के लिए मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, ICICI सिक्योरिटीज, JM फाइनेंशियल और चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स को मर्चेंट बैंकर के तौर पर नियुक्त किया गया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

बिजनेस साइकिल फंड में निवेश करना चाहते हैं? पहले ये बातें ठीक तरह से समझ लीजिए

शेयर बाजार इकोनॉमी के अलग-अलग चरणों से गुजरता है। इस वजह से सेक्टर का प्रदर्शन भी बदलता रहता है। अगर किसी एक वक्त में फाइनेंशियल स्टॉक्स का प्रदर्शन अच्छा होता है तो दूसरे वक्त में मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी या हेल्थकेयर का प्रदर्शन अच्छा हो सकता है। एक इनवेस्टर के लिए यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि आगे किस सेक्टर का प्रदर्शन अच्छा रहने वाला है। इस समस्या का समाधान बिजनेस साइकिल फंड है।

बिजनेस साइकिल फंड म्यूचुअल फंड की एक कैटेगरी है। यह फंड इकोनॉमी और मार्केट की स्थितियों के हिसाब से निवेश के लिए सेक्टर बदलता रहता है। बिजनेस साइकिल फंड एक तरह की डायवर्सिफायड इक्विटी स्कीम है, जो उन सेक्टर्स में इनवेस्टमेंट का ऐलोकेशन करता है जनके प्रदर्शन आगे बेहतर रहने की उम्मीद होती है।

बिजनेस साइकिल फंड और थिमैटिक फंड्स में फर्क है। थिमैटिक फंड का फोकस किसी एक इंडस्ट्री या थीम पर होता है। लेकिन, बिजनेस साइकिल फंड के पास समय के साथ निवेश के लिए सेक्टर बदलने की आजादी होती है। बिजनेस साइकिल फंड का फंड मैनेजर इकोनॉमिक ग्रोथ ट्रेंड्स, इंटरेस्ट रेट्स, पॉलिसी डेवलपमेंट्स, कॉर्पोरेट अर्निंग्स और मार्केट वैल्यूएशन के आधार पर ऐलोकेशन का फैसला करता है।

बिजनेस साइकिल फंड सेक्टर रोटेशन के कॉन्सेप्ट का इस्तेमाल करता है। इसका मतलब है कि अलग-अलग समय में अलग-अलग सेक्टर के पास मार्केट लीडरशिप होती है। म्यूचुअलफंडइंडियाडॉटकॉम के मुताबिक, महिंद्रा मनुलाइफ बिजनेस साइकिल फंड ने 9 महीने, एक साल और 2 साल में अच्छा रिटर्न दिया है।

कोटक, आदित्य बिड़ला सन लाइफ और एक्सिस म्यूचुअल फंड एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के अपने बिजनेस साइकिल फंड हैं। ऐसे फंड को उन इनवेस्टर्स के लिए विकल्प के रूप में देखा जाता है जो इक्विटी में निवेश में डायवर्सिफिकेशन चाहते हैं। यह समझना जरूरी है कि इस फंड का प्रदर्शन भी इकोनॉमी की स्थितियों और फंड मैनेजर्स के फैसले पर निर्भर करता है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि बिजनेस साइकिल फंड उन निवेशकों के लिए है, जिन्हें बाजार की समझ हैं। नए निवेशकों को इस फंड में सोचसमझकर निवेश करना चाहिए। अगर कोई निवेशक बिजनेस साइकिल फंड में निवेश करना चाहता है तो वह इस बारे में अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की राय ले सकता है।

ठाणे में हैरान करने वाला हादसा, खड़ी कार में अचानक खुला एयरबैग…युवक को लगी ऐसी चोट कि हो गई मौत

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक चौंकाने वाला हादसा सामने आया है। पुलिस के अनुसार, खड़ी कार के अंदर अचानक एयरबैग खुलने से 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, कार के स्टीयरिंग में लगा एयरबैग अचानक खुल गया और उसका कवर युवक की गर्दन से जोरदार टकरा गया। एयरबैग खुलने के बाद उसे गंभीर चोटें आईं और अधिक खून बहने के कारण उसकी जान नहीं बच सकी।

खड़ी कार में अचानक खुला एयरबैग, युवक की मौत

पुलिस ने बताया कि यह घटना बुधवार को काशीमीरा इलाके में हुई। मृतक कारों का कारोबार करता था और करीब 15 साल पुरानी एक कार में बैठा हुआ था। इसी दौरान अचानक कार का सेफ्टी सिस्टम सक्रिय हो गया और एयरबैग खुल गया। एयरबैग के तेज झटके से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने से पहले ही अधिक खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई।

ठाणे में हैरान करने वाला हादसा

मृतक का नाम मोहित सोनी बताया गया है। हादसे के बाद सोनी को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरो ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मोहित सोनी ने कार पार्क की और फिर जोरदार आवाज आई। आवाज सुनने के बाद लोग दौड़े। एक शख्स ने बताया कि मोहित सोनी को काफी खून बह रहा था। लोगों ने मोहित सोनी को बाहर निकाला और ऐंबुलेंस को फोन किया।

पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि कार पुरानी थी, लेकिन उसके सभी जरूरी दस्तावेज और फिटनेस प्रमाणपत्र वैध थे। फिलहाल पुलिस ने हादसे में मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की सच्चाई जानने के लिए ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है।

IND vs IRE: वैभव सूर्यवंशी लेंगे संजू सैमसन की जगह? भारत की हार के बाद दिग्गज खिलाड़ी ने दिया बड़ा बयान

IND vs IRE: भारत की टी20 टीम को नए कप्तान श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पहले ही मैच में आयरलैंड के खिलाफ 34 रन से हार झेलनी पड़ी। इस जीत के साथ आयरलैंड ने सीरीज में 1-0 की लीड बना ली है। इस हार के बाद टीम में बदलाव की मांग तेज हो गई है। इस हार के बाद टीम में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। अब कई लोग युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को 28 जून को होने वाले दूसरे टी20 मैच की प्लेइंग इलेवन में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। वहीं इस हार के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर का कहना है कि भारतीय टी20 टीम में संजू सैमसन की जगह अब पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।

मांजरेकर ने कहा कि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और टीम में जगह बनाने की मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं। ऐसे में अगर संजू सैमसन का प्रदर्शन कमजोर रहता है, तो सेलक्टर्स उन्हें बाहर कर वैभव को मौका दे सकते हैं।

सेफ नहीं अभिषेक-संजू की जगह

सोनी स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान संजय मांजरेकर ने कहा, “संजू सैमसन को अब सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि वैभव सूर्यवंशी उनकी और अभिषेक शर्मा की जगह के लिए मजबूत चुनौती बनकर सामने आ रहे हैं।” संजय मांजरेकर ने कहा कि सिर्फ वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल कर देने से मैच का नतीजा नहीं बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि इस समय भारतीय टी20 टीम में ओपनिंग की जिम्मेदारी अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन के पास है और दोनों ही पहली पसंद हैं।

मांजरेकर ने कहा, “मुझे लगता है कि वैभव सूर्यवंशी भी अभिषेक शर्मा की तरह ही खेलते, शायद उनसे थोड़ा बेहतर। जब लक्ष्य का पीछा करना होता है, तो पहले छह ओवरों में ही तेज शुरुआत करनी पड़ती है और उसी लय को आगे के ओवरों में भी बनाए रखना जरूरी होता है।”

दूसरे मुकाबले में कर सकते हैं डेब्यू

पहले टी20 मुकाबले में टीम प्रबंधन ने सलामी बल्लेबाज के रूप में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी पर भरोसा जताया। इस मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अपना इंटरनेशनल डेब्यू करने का मौका नहीं मिल सका। अब सभी की नजरें दूसरे टी20 मैच पर हैं कि क्या वैभव सूर्यवंशी को भारत के लिए डेब्यू का मौका मिलेगा। 2026 टी20 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे संजू सैमसन पहले मैच में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके और चार गेंदों में सिर्फ पांच रन बनाकर आउट हो गए।

Khatron Ke Khiladi 15: ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ की प्रीमियर डेट का हुआ खुलास, कंटेस्टेंट की खटिया खड़ी करने को तैयार रोहित शेट्टी

Khatron Ke Khiladi 15: रोहित शेट्टी दो साल के ब्रेक के बाद ‘खतरों के खिलाड़ी’ को होस्ट करने के लिए वापस आ गए हैं। स्टंट-बेस्ड यह रियलिटी शो अपने अब तक के सबसे बड़े और सबसे मुश्किल सीजन के लिए तैयार हो रहा है, और मेकर्स ने पूरी फ़्रैंचाइजी के लिए स्टैंडर्ड को और ऊंचा करने का वादा किया है।

हाल ही में साउथ अफ्रीका के केप टाउन में शूटिंग पूरी हुई, जहां क्रू ने जबरदस्त और नेक्स्ट-लेवल के एक्शन सीन शूट किए। आने वाले सीज़न 15 में एक बिल्कुल नया फॉर्मैट देखने को मिलेगा, जिसमें जाने-पहचाने चेहरों के साथ नए चैलेंजर्स भी शामिल होंगे, ताकि शो में सस्पेंस बना रहे।

केप टाउन में लगातार शूटिंग शेड्यूल पूरा करने के बाद, होस्ट ने चुनौतियों के बारे में जानकारी दी और इशारा किया कि इसमें ऐसे स्टंट होंगे जिनका सामना कंटेस्टेंट ने पहले कभी नहीं किया होगा। अपने अनुभव के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “बहुत व्यस्त, थका देने वाला और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण। यह ‘खतरों के खिलाड़ी’ का ऐसा सीज़न होगा जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।”

शुरुआती टीज़र में कंटेस्टेंट को उनकी क्षमता की आखिरी हद तक जाते हुए दिखाया गया है। फुटेज में उन्हें ऊंची इमारतों पर ज़मीन से बहुत ऊपर खतरनाक स्टंट करते, पिंजरों में फंसे हुए और सांपों व कीड़ों से घिरे हुए दिखाया गया है। इस साल, शो ‘डर का नया दौर’ थीम पर आधारित है।

कई बड़े स्टार्स के बीच, इंटरनेट सेंसेशन ओरहान अवत्रामणि, जिन्हें ‘ओरी’ के नाम से जाना जाता है, अभी से ही लाइमलाइट बटोर रहे हैं। शो के अनाउंसमेंट टीज़र में उन्हें एक चीते से भागते हुए दिखाया गया है, जो सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो गया। इस मज़ेदार स्थिति पर ओरी ने मज़ाकिया अंदाज़ में अपनी ही क्लिप पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “विश्वास नहीं होता कि यह वही दौड़ थी जिसके बारे में सब कह रहे थे कि मैं इसमें केंडल जेनर जैसा दिख रहा था…”

यह शो 25 जुलाई को कलर्स टीवी पर प्रीमियर होगा और जियोहॉटस्टार पर भी स्ट्रीम किया जा सकेगा। यह वीकेंड प्राइम-टाइम स्लॉट लेगा, जो अभी ‘लाफ्टर शेफ़्स 3’ के पास है। यह शो हर शनिवार और रविवार रात 9 बजे प्रसारित होगा।

रोहित शेट्टी इस साल सब कुछ बदलने वाले हैं, और सबसे बड़ा ट्विस्ट शो के फ़ॉर्मेट में होने वाला एक बड़ा बदलाव है। पहली बार, पुराने कंटेस्टेंट नए कंटेस्टेंट्स के साथ मुकाबला करने के लिए शो में वापसी कर रहे हैं। इस सीज़न में नए चेहरों और अनुभवी खिलाड़ियों का एक दिलचस्प मिश्रण देखने को मिलेगा, जो सभी स्टंट्स का सामना करने के लिए तैयार हैं। ऑफिशियल लिस्ट में गौरव खन्ना, अविनाश मिश्रा, फरहाना भट्ट, शगुन शर्मा, अविका गोर, ओरहान अवत्रामणि (ओरी), हर्ष गुजराल, जैस्मीन भसीन, रुबीना दिलैक, करण वाही, ऋत्विक धनजानी और विशाल आदित्य सिंह शामिल हैं।

शुरुआती खबरों से पता चलता है कि मुकाबला पहले से ही कड़ा है; फरहाना और करण वाही अभी टॉप दो कंटेस्टेंट के तौर पर आगे चल रहे हैं, जबकि अविनाश मिश्रा, रूहानिका धवन और ऋत्विक धनजानी के टॉप पांच में शामिल होने की चर्चा है।

क्या आप बहुत ज्यादा फंड में निवेश कर रहे हैं? जानिए इसके नुकसान

मेरे एक दोस्त ने एक दिन अपने म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि वह हर साल म्यूचु्अल फंड में निवेश बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही उनके पोर्टफोलियो में फंड्स यानी स्कीम की संख्या भी बढ़ रही है। क्या ऐसा करना सही है? जब मैंने उनसे पूछा कि उनके पोर्टफोलियो में कितनी स्कीमें हैं तो वह गिनती करने लगे। दरअसल यह समस्या सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं है।

डायवर्सिफिकेशन का सही मतलब कम लोग समझते हैं

ज्यादातर निवेशकों को लगता है कि डायवर्सिफिकेशन के लिए ज्यादा स्कीमों में निवेश करना जरूरी है। लेकिन, कम लोग यह समझते हैं कि डायवर्सिफिकेशन का मतलब ज्यादा फंडों में निवेश करना नहीं है। डायवर्सिफिकेशन का मतलब यह है कि आपके पोर्टफोलियो में अलग-अलग तरह के एसेट्स और स्कीमें होनी चाहिए। उन स्कीमों का पोर्टफोलियो एक जैसे शेयरों का नहीं होना चाहिए। उदाहरण के लिए एक से ज्यादा लार्जकैप फंड में निवेश करने का कोई मतलब नहीं है।

एक जैसी कई स्कीम में निवेश करना डायवर्सिफिकेशन नहीं है 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कोई इनवेस्टर डायवर्सिफिकेशन करना चाहता है तो वह अपने पोर्टफोलियो में एक लार्जकैप फंड, एक मिडकैप फंड, एक स्मॉलकैप फंड को शामिल कर सकता है। लार्जकैप, मिडकैप या स्मॉलकैप के एक से ज्यादा फंड में निवेश करने से डायवर्सिफिकेशन का मकसद पूरा नहीं होता है।

अलग-अलग एसेट में निवेश करने से रिस्क कम हो जाता है

डायवर्सिफिकेशन का मतलब अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश करना है। इसका मतलब है कि पोर्टफोलियो में इक्विटी शामिल होना चाहिए। इक्विटी की हर कैटेगरी के फंड होने चाहिए। डेट यानी बॉन्ड्स जैसे फिक्स्ड रिटर्न इंस्ट्रूमेंट्स भी पोर्टफोलियो का हिस्सा होना चाहिए। साथ ही बुलियन भी होना चाहिए। बुलियन का मतलब सोने और चांदी से है। एक्सपर्ट्स गोल्ड ईटीएफ और सिल्वर ईटीएफ में निवेश की सलाह देते हैं।

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एक साथ सभी एसेट क्लास में नहीं आती है गिरावट 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि डायवर्सिफिकेशन का मकसद यह है कि किसी एसेट क्लास में गिरावट का असर पोर्टफोलियो पर कम से कम पड़े। आम तौर पर यह देखा जाता है कि सभी एसेट क्लास में एक साथ गिरावट नहीं आती है। कई बार इक्विटी में गिरावट आने पर गोल्ड में तेजी होती है। डेट में निवेश आपके पोर्टफोलियो को शेयरों में तेज गिरावट की स्थिति में नुकसान से बचाता है। इसलिए एक्सपर्ट्स पोर्टफोलियो में डेट को शामिल करने सलाह देते हैं।

IMD Heavy Rain Alert: आईएमडी ने असम-मेघालय और बंगाल समेत इन 27 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट दिया, 3 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम

देश के बड़े हिस्से में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होती जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने असम, मेघालय, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत देश के करीब 27 राज्यों में आने वाले दिनों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में आगामी 3 जुलाई तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा और व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है।

वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मांडला, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों के भीतर मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार के शेष हिस्सों और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

पूर्वोत्तर भारत और बंगाल-सिक्किम में आफत की बारिश, रेड अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है:

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इन क्षेत्रों में 27 से 29 जून के दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने और अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इसके बाद 30 जून को भी यहां कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 1 से 3 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

  • असम और मेघालय: इन दोनों राज्यों में 27 जून और फिर 29-30 जून को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। सबसे गंभीर स्थिति 28 जून को होने की संभावना है, जब असम और मेघालय में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग इलाकों में अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 1 से 3 जुलाई तक भी यहां भारी बारिश जारी रहेगी।
  • अरुणाचल प्रदेश: यहां 27 से 29 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान है, जबकि 30 जून से 2 जुलाई तक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन चारों पूर्वोत्तर राज्यों में 27 जून से लेकर 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।

बिहार, झारखंड और ओड़िशा समेत पूर्वी भारत का हाल

  • बिहार: बिहार में 27 और 28 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 29 और 30 जून को राज्य में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। 1 जुलाई को भी यहां भारी बारिश की संभावना है, जबकि 27 से 29 जून के दौरान आकाशीय बिजली चमकने और 30 जून से 1 जुलाई के बीच 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
  • ओडिशा: ओडिशा में 27 से 29 जून और फिर 2-3 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक 30 जून और 1 जुलाई को ओड़िशा में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
  • झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल: इन दोनों राज्यों में 30 जून और 1 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही 27 जून से 3 जुलाई तक तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा।
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: यहाँ 28 और 29 जून को भारी बारिश का अनुमान है। साथ ही 28 जून से 1 जुलाई के दौरान 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले थंडरस्कॉल का अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली-NCR, यूपी और उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का पूर्वानुमान

  • दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 27 जून से 2 जुलाई तक छिटपुट बारिश की संभावना है, जबकि 3 जुलाई को इन क्षेत्रों में व्यापक रूप से वर्षा हो सकती है। 1 से 3 जुलाई के दौरान इन राज्यों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अनुमान है।
  • उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जून तक छिटपुट बारिश और फिर 1 से 3 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 जून से 3 जुलाई तक बारिश का दौर देखा जाएगा, जिसके साथ 30 जून से 3 जुलाई के बीच 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है।
  • उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 30 जून से 3 जुलाई के दौरान व्यापक रूप से बारिश होने का अनुमान है। उत्तराखंड में 30 जून से 3 जुलाई के बीच और जम्मू-कश्मीर में 2-3 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है।
  • हिमाचल प्रदेश: यहां 1 से 3 जुलाई के बीच व्यापक बारिश और भारी बारिश होने की संभावना है।
  • राजस्थान: पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 27 जून से 3 जुलाई तक बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

मध्य और पश्चिमी भारत में वर्षा का अलर्ट

मध्य प्रदेश: पश्चिमी मध्य प्रदेश में 27 जून और फिर 29-30 जून को भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 27 और 29 जून को भारी बारिश हो सकती है जबकि 2 से 3 जुलाई के बीच यहां व्यापक बारिश का अनुमान है।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ: छत्तीसगढ़ और विदर्भ दोनों ही क्षेत्रों में 27 जून से 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

कोंकण और गोवा: यहाँ 27 जून से 3 जुलाई के दौरान लगातार व्यापक रूप से भारी बारिश होने की संभावना है।

मध्य महाराष्ट्र और मारवाड़ा: मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 27 जून को और फिर 1 से 3 जुलाई के बीच भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

गुजरात क्षेत्र: गुजरात क्षेत्र में 2 और 3 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।

दक्षिण भारत के राज्यों में मौसम की स्थिति

तटीय कर्नाटक और तेलंगाना: इन दोनों क्षेत्रों में 27 जून से 3 जुलाई तक लगातार अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अलर्ट है। तटीय कर्नाटक में इस दौरान तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

केरल और माहे: यहां 27 जून और फिर 30 जून से 3 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है। हालांकि, 28 और 29 जून को केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल: यहां 27 से 29 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

आंतरिक कर्नाटक: उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 2-3 जुलाई को और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 30 जून से 3 जुलाई के बीच भारी बारिश की संभावना है।

तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा: तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 27-28 जून तथा 1-3 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट है। रायलसीमा में 27 जून को भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

लक्षद्वीप: लक्षद्वीप में 28 और 29 जून को भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में भीषण लू की चेतावनी

बारिश के अलर्ट के बीच मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों तक भीषण गर्मी का अनुमान जताया है:

उत्तर प्रदेश: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 27 से 29 जून तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जून तक लू की स्थिति बनी रहेगी। इनमें से 27 और 28 जून को दोनों ही क्षेत्रों (पूर्वी और पश्चिमी यूपी) के अलग-अलग पॉकेट्स में भीषण लू का प्रकोप रहने की आशंका है।

बिहार: बिहार के कुछ सीमित इलाकों में 27 और 28 जून को लू की स्थिति देखने को मिल सकती है। उमस भरा मौसम: झारखंड और ओड़िशा में 27 जून को मौसम बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

IND vs IRE: आयरलैंड से करारी हार के बाद अभिषेक शर्मा का बड़ा बयान, बताया कहां हुई टीम से चूक

टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन टीम इंडिया को आयरलैंड की टीम ने करारी शिकस्त दी है। बेलफास्ट में खेले गए पहले टी20 मैच में आयरलैंड ने इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत को पहली बार हराया है। पहले टी20 मुकाबले में आयरलैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 34 रन से मात दी है। इस जीत के साथ आयरलैंड ने सीरीज में 1-0 की लीड बना ली है। मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए आयरलैंड ने 182 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 18.5 ओवर में 148 रन पर सिमट गई।

वहीं भारत की इस हार के बाद भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने कहा कि टीम को आयरलैंड की परिस्थितियों के अनुसार खुद को जल्द से जल्द ढालना होगा। अब भारतीय टीम दूसरे और आखिरी मुकाबले में भारत बेहतर प्रदर्शन कर सीरीज बराबर करने के इरादे से उतरेगा।

मैच के बाद अभिषेक ने क्या कहा

अभिषेक ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “एक टीम के तौर पर ये बहुत जरूरी है कि हम हालात के अनुसार खुद को कितनी जल्दी ढाल पाते हैं। जब लगातार दो मैच खेलने होते हैं, तो पूरे ग्रुप को परिस्थितियों के हिसाब से जल्दी तालमेल बैठाना पड़ता है। प्रैक्टिस सेशन और अनुभव से इसमें मदद मिलती है। एक मजबूत टीम होने के नाते हमें तेजी से परिस्थितियों के अनुसार खुद को बदलना चाहिए। आज हमने ऐसा करने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से हम इसमें सफल नहीं हो सके।” आयरलैंड की ओर से हम्फ्रीज और होलार्ड ने तीन-तीन विकेट लिए, जबकि भारतीय मूल के जय मूंद्रा ने दो विकेट झटके।

भारत के लगातार विकेट गिरे

भारत के बल्लेबाज तेज शुरुआत के बावजूद बड़ी पारी नहीं खेल सके और लगातार विकेट गंवाने के कारण पूरी टीम 148 रन पर सिमट गई। अभिषेक शर्मा ने सिर्फ 20 गेंदों में अर्धशतक जड़कर उम्मीद जगाई, लेकिन दूसरे बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे सके। वहीं, अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में खेल रहे तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा ने शानदार शुरुआत करते हुए संजू सैमसन को बोल्ड कर भारत को शुरुआती झटका दिया। आयरलैंड के गेंदबाजों ने सधी हुई गेंदबाजी करते हुए भारतीय बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। डेब्यू कर रहे तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा (2/26) ने अपनी टीम को शानदार शुरुआत दिलाई।

भारत के नियमित टी20 कप्तान के रूप में श्रेयस अय्यर की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहले ही मैच में उनकी कप्तानी के साथ-साथ बल्लेबाजी भी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। अय्यर बड़ा शॉट लगाने की कोशिश में मैट होलार्ड की धीमी गेंद को सही तरीके से नहीं खेल पाए और गेंद हवा में चली गई, जहां जॉर्ज डॉकरेल ने आसान कैच लेकर उनकी पारी का अंत कर दिया।

ओवरटाइम से दूरी, HR तक सीधी शिकायत… Gen Z की नई वर्किंग स्टाइल पर इंटरनेट पर छिड़ी बहस

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर entrepreneur और content creator Sheetal Rijhwani की एक पोस्ट ने अचानक ऑनलाइन बड़ी चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने अपने पोस्ट में Gen Z कर्मचारियों के काम करने के तरीके को लेकर कुछ ऐसे दावे किए, जिन्होंने इंटरनेट पर नई बहस को जन्म दे दिया है। इस पोस्ट के सामने आते ही लोग दो अलग-अलग खेमों में बंट गए हैं  एक तरफ वो लोग हैं जो मानते हैं कि Gen Z वाकई में पुराने टॉक्सिक वर्क कल्चर को बदल रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुछ यूजर्स इसे जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया मामला मान रहे हैं।

इस चर्चा ने काम के घंटों, ऑफिस अनुशासन और वर्क-लाइफ बैलेंस जैसे मुद्दों को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। खास बात यह है कि यह बहस सिर्फ एक पोस्ट तक सीमित नहीं रही, बल्कि अलग-अलग पीढ़ियों के नजरिए को भी सामने लेकर आई है।

Gen Z का नया स्टाइल?

पोस्ट के अनुसार, कुछ Gen Z कर्मचारी ऑफिस में एक अलग ग्रुप बनाकर काम करते हैं। ये लोग तय समय पर ऑफिस छोड़ देते हैं, बिना जरूरत देर तक रुककर मैनेजर को खुश करने की कोशिश नहीं करते और वीकेंड पर वर्क कॉल्स भी अवॉइड करते हैं।

ऑफिस की गलत चीजों पर सीधा सवाल

दावा यह भी है कि अगर कोई मैनेजर गलत व्यवहार करता है, तो ये कर्मचारी सीधे HR तक शिकायत पहुंचाते हैं। बताया गया कि HR भी कई मामलों में कर्मचारियों का साथ देता है और मुद्दों को गंभीरता से लेता है।

AC बंद हुआ तो लिया बड़ा फैसला

पोस्ट का सबसे दिलचस्प हिस्सा वह था, जिसमें कहा गया कि ऑफिस की AC खराब होने पर Gen Z ग्रुप ने काम रोक दिया और पास के कैफे से काम करने का फैसला किया, जब तक समस्या ठीक नहीं हुई।

मिलेनियल्स झेल लेते हैं, हम नहीं

एक मजेदार मोड़ तब आया जब कहा गया कि मिलेनियल्स अक्सर ऐसी परिस्थितियों को सह लेते हैं, जबकि Gen Z इसे चैलेंज करते हैं। इसी बात पर पोस्ट में “Emotional damage” जैसा कैजुअल कमेंट भी किया गया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

इस पोस्ट पर अलग-अलग पीढ़ियों के लोगों ने अपनी राय दी। कुछ ने कहा कि Gen Z सच में टॉक्सिक वर्क कल्चर को तोड़ रहा है, जबकि कुछ ने इसे जरूरत से ज्यादा सख्त रिएक्शन बताया।

नई और पुरानी सोच की टक्कर

कमेंट सेक्शन में Gen X और अन्य यूजर्स ने बताया कि नौकरी का माहौल समय के साथ बदलता रहा है जहां पहले लोग लंबे समय तक नौकरी में टिके रहते थे, वहीं अब कॉन्ट्रैक्ट और फ्लेक्सिबल वर्क कल्चर बढ़ रहा है। कई लोगों ने माना कि अब “ओवरवर्क = डेडिकेशन” वाली सोच पर सवाल उठना जरूरी है।