Aluminium Prices: स्क्रैप सप्लाई बढ़ने से गिरेगी एल्युमिनियम की कीमतें, InCred का अनुमान $2,400–2,700 तक जा सकता है भाव

Aluminium Prices: ज्यादातर एनालिस्ट को उम्मीद है कि लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर एल्युमिनियम की कीमतें लगभग $3,200–3,300 प्रति टन रहेगी। लेकिन InCred रिसर्च सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर और हेड सतीश कुमार को उम्मीद है कि कीमतें गिरकर $2,400–2,700 प्रति टन पर आ जाएंगी।

CNBC TV18 से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि हाल की तेजी ज्यादातर प्राइमरी एल्युमिनियम मार्केट की वजह से आई है, लेकिन रीसायकल किए गए मेटल या स्क्रैप की बढ़ती उपलब्धता से कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि “कुल एल्युमिनियम सप्लाई में स्क्रैप का हिस्सा लगभग 32 से 33% होता है और इसलिए यह बहुत जरूरी भूमिका निभाता है।” “जब भी एल्युमिनियम की कीमतें बढ़ेंगी, तो आप देखेंगे कि 6 महीने बाद मार्केट में स्क्रैप की बाढ़ आ जाएगी, और यह असल में एक बैलेंस बनाने वाले फैक्टर का काम करता है।”

उन्हें उम्मीद है कि रिसाइकल किया गया एल्युमीनियम, नवीन फ्लोरीन का एक बड़ा हिस्सा पूरा करेगा, जिससे नई कैपेसिटी की जरूरत कम हो जाएगी। उन्होंने बताया कि चीन ने पहले ही अपनी प्राइमरी एल्युमीनियम कैपेसिटी 45 ​​मिलियन टन पर लिमिट कर दी है, जबकि वह घरेलू रीसाइक्लिंग और इंपोर्ट के जरिए स्क्रैप का इस्तेमाल बढ़ा रहा है।

उनका अनुमान है कि अकेले प्राइमरी एल्युमीनियम का मार्केट थोड़ा कमजोर रहेगा, जिसकी डिमांड लगभग 75 मिलियन टन सप्लाई से ज्यादा होगी। लेकिन एक बार रीसायकल किया गया स्क्रैप जुड़ने के बाद दुनिया भर में एल्युमीनियम की कुल डिमांड और सप्लाई बढ़कर लगभग 105–107 मिलियन टन हो जाती है, जिससे पूरा मार्केट मेटल की कमी के बजाय मोटे तौर पर बैलेंस्ड हो जाता है।

कुमार ने कहा, “प्राइमरी मेटल ठीक लग रहा है। मार्केट में कमी है, लेकिन अगर हम स्क्रैप को भी ध्यान में रखें तो मुझे यह एक बैलेंस्ड सिनेरियो जैसा लग रहा है।”

एल्युमीनियम की कीमतों में तेज करेक्शन से प्रोड्यूसर्स की कमाई पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कंपनियों की वैल्यूएशन अभी इस उम्मीद में की जा रही है कि एल्युमीनियम की कीमतें $3,500 प्रति टन के आसपास रहेंगी। अगर कीमतें उनके टारगेट के करीब आती हैं तो कमाई का अनुमान और वैल्यूएशन दबाव में आ सकते हैं, हालांकि उन्होंने अपनी ऑफिशियल कवरेज वाली कंपनियों पर कोई कमेंट नहीं किया।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

62 की उम्र में भी गजब की फिटनेस! न जिम, न भारी वर्कआउट, फिर भी सबको चौंका रही है इस शख्स की लाइफस्टाइल

फिट रहने के लिए जिम में घंटों पसीना बहाना या महंगे सप्लीमेंट लेना ही जरूरी हो, ऐसा नहीं है। कई बार छोटी-छोटी रोजमर्रा की आदतें भी उम्र बढ़ने के बावजूद शरीर को चुस्त और स्वस्थ बनाए रख सकती हैं। इसका उदाहरण चेन्नई के 62 वर्षीय एक शख्स हैं, जिन्होंने अपनी सादगी भरी लाइफस्टाइल और आसान फिटनेस रूटीन से लोगों का ध्यान खींचा है। उनकी फिट बॉडी देखकर कई लोग हैरान रह जाते हैं, लेकिन उनकी दिनचर्या किसी प्रोफेशनल एथलीट जैसी नहीं है। न वह भारी वर्कआउट करते हैं और न ही किसी फैंसी डाइट को फॉलो करते हैं।

उनका मानना है कि नियमित व्यायाम, घर का साधारण खाना और अनुशासित दिनचर्या ही लंबे समय तक स्वस्थ रहने का सबसे आसान तरीका है। उनकी यही सोच अब सोशल मीडिया पर लोगों को फिटनेस का नया नजरिया दे रही है।

न वेट ट्रेनिंग, न घंटों जिम… फिर भी कमाल की फिटनेस

जब उनसे उनकी फिटनेस का राज पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वह जिम जाकर भारी वजन नहीं उठाते। उनकी सुबह हल्की स्ट्रेचिंग से शुरू होती है, जबकि शाम को वह बैडमिंटन खेलते हैं। उनका कहना है कि शरीर को रोज एक्टिव रखना सबसे जरूरी है। दिलचस्प बात यह रही कि जब उनकी फिट बॉडी की तारीफ की गई तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्हें खुद नहीं पता था कि लोग उन्हें इतना फिट मानते हैं।

घर का खाना ही है सबसे बड़ा सुपरफूड

उनकी डाइट बेहद साधारण है। सुबह नाश्ते में 3 इडली, अंडे का सफेद हिस्सा और सलाद खाते हैं। बीच में भूना चना लेते हैं। दोपहर में चपाती, दही-चावल और सब्जियां खाते हैं। रात के खाने में चपाती, सब्जियां, चना और काली दाल शामिल होती है। खास बात यह है कि उन्होंने चावल और रोटी जैसे कार्बोहाइड्रेट को अपनी डाइट से बाहर नहीं किया है।

कम नींद, लेकिन पक्की दिनचर्या

वह रोज करीब 6 घंटे की नींद लेते हैं। हालांकि आमतौर पर 7 से 9 घंटे की नींद की सलाह दी जाती है, लेकिन उनका कहना है कि नियमित दिनचर्या और एक्टिव लाइफस्टाइल उन्हें पूरे दिन ऊर्जावान बनाए रखती है।

फिट रहने का आसान मंत्र

उनका मानना है कि रोज थोड़ा पसीना बहाना जरूरी है। इसके लिए दौड़ना, तेज चलना, बैडमिंटन या कोई भी पसंदीदा खेल खेला जा सकता है। साथ ही उन्होंने जंक फूड से दूरी बनाने और घर का ताजा खाना खाने की सलाह दी। उनके अनुसार अच्छी दिनचर्या, संतुलित भोजन और नियमित गतिविधियां कई बीमारियों से बचाने में मदद कर सकती हैं।

डिस्क्लेमर : यह जानकारी एक व्यक्ति के अनुभव पर आधारित है। स्वास्थ्य, व्यायाम या आहार से जुड़ा कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।

CBSE Class 9 three language formula: 10वीं के छात्रों को 3 भाषा व्यवस्था से इस साल मिली छूट, 9वीं के छात्र पढ़ सकते हैं दो विदेशी भाषाएं

CBSE 3 language policy: सीबीएसई बोर्ड ने शैक्षिक सत्र 2026-27 से 9वीं और 10वीं कक्षा में 3 भाषा व्यवस्था लागू करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए है। इसके तहत इस साल 10वीं कक्षा के छात्रों को 3 भाषा पढ़ने के नियम में छूट देने का फैसला किया गया है। वहीं, 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए एक बार की राहत देते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कहा है कि इन्हें 3 भाषाएं पढ़नी होंगी, लेकिन ये छात्र दो विदेशी भाषाएं और एक भारतीय भाषा पढ़ सकते हैं।

बता दें, 15 मई को सीबीएसई बोर्ड ने एक सर्कुलर जारी किया था। इसमें कहा गया था कि 1 जुलाई से 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए कम से कम दो भारतीय मूल की भाषाओं समेत तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा। बोर्ड के इस आदेश के खिलाफ कई छात्रों और अभिभावकों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद अब बोर्ड ने अपनी 3 भाषा नीति में राहत देने का फैसला करते हुए नया दिशा-निर्देश जारी किया है।

सीबीएसई बोर्ड के अकादमिक निदेशक प्रज्ञा एम सिंह ने कहा, “10वीं कक्षा के मौजूदा बैच को 3 भाषा नीति नहीं माननी होगी। कक्षा 7-9 के मौजूदा बैच को 10वीं कक्षा में जाने पर तीसरी भाषा में बोर्ड एग्जाम देने की जरूरत नहीं होगी।” उन्होंने कहा, “एक बार की छूट के तौर पर, जो स्टूडेंट्स 2026-27 के दौरान पहले से ही 9वीं कक्षा में हैं, वे दो विदेशी (नॉन-नेटिव) भाषाए जारी रख सकते हैं और उन्हें तीसरी भाषा के तौर पर एक भारतीय भाषा जोड़नी होगी।”

इससे पहले सीबीएसई की तीन-भाषा नीति को 27 मई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और चेन्नई के 19 अभिभावकों और शिक्षकों द्वारा दायर की गई लीड पिटीशन में तर्क दिया गया था कि 15 मई के सर्कुलर ने सीबीएसई की बताई गई बात को अचानक बदल दिया, जिससे एकेडमिक प्लानिंग में रुकावट आई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने पॉलिसी को चुनौती देने वाली पिटीशन की जांच करने पर सहमति जताई। बेंच ने सवाल किया कि क्या स्कूलों के पास काफी किताबें, टीचर और इंफ्रास्ट्रक्चर है, और कहा कि ऐसा लगता है कि “मुश्किल, असुविधा और लॉजिस्टिक सपोर्ट के मुद्दे” हैं जिन पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। मामले की सुनवाई जुलाई के दूसरे हफ्ते में होगी।

अप्रैल में, सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 6 से 3-भाषा नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू करने और 9वीं कक्षा के लिए गणित और विज्ञान के लिए दो-स्तरीय व्यवस्था शुरू करने की घोषणा की थी। इसके तहत गणित और विज्ञान विषयों को दो स्तरों स्टैंडर्ड और एडवांस्ड स्तर में पढ़ाया जाएगा।

इसके तहत सभी छात्र 80 अंकों की समान परीक्षा देंगे। हालांकि, जो छात्र अधिक दक्षता हासिल करना चाहते हैं, वे एडवांस्ड स्तर की परीक्षा भी दे सकेंगे। सीबीएसई ने कहा था कि नयी व्यवस्था के तहत पहली 10वीं बोर्ड परीक्षा वर्ष 2028 में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा वर्ष 2026-27 में 9वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए होगी।

हालांकि, 15 मई को बोर्ड ने स्पष्ट किया था कि विदेशी भाषा चुनने वाले विद्यार्थी ऐसा तभी कर सकेंगे, जब वे कम से कम दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन कर चुके हों। ऐसे में विदेशी भाषा या तो तीसरी भाषा के रूप में चुनी जा सकेगी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में पढ़ी जा सकेगी।

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Jyeshtha Purnima 2026 Upay: आज ज्येष्ठ पूर्णिमा पर आज सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए जरूर करें ये उपाय, जानें इनके बारे में

Jyeshtha Purnima 2026 Upay: आज ज्येष्ठ माह का अंतिम दिन है। आज ज्येष्ठ पूर्णिमा के साथ 59 दिनों तक चला हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना समाप्त हो जाएगा। इसके बाद कल से आषाढ़ माह शुरू होगा और कल कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि होगी। इसलिए आज के दिन का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में ज्येष्ठ पूर्णिमा का अहम स्थान है। इस दिन गंगा आदि पवित्र नदियों में स्नान, उपवास, पूजा और दान-पुण्य किया जाता है। पूर्णिमा तिथि माता लक्ष्मी को समर्पित होती है। इस दिन सत्यनारायण भगवान और चंद्र देव की भी पूजा की जाती है। इसके अलावा, ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार आज के दिन कुछ खास उपाया करने से जीवन में मां लक्ष्मी की कृपा से सुख-समृद्धि आती है।

ज्येष्ठ पूर्णिमा के विशेष उपाय

अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने या घर की नकारात्मकता को दूर करने के लिए इस दिन कुछ सरल और अचूक उपाय कर सकते हैं:

मां लक्ष्मी की कृपा और धन लाभ के उपाय

ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करते समय उन्हें 11 पीली कौड़ियां अर्पित करें। पूजा संपन्न होने के बाद इन कौड़ियों को एक लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें। इससे घर में बरकत बनी रहती है।

मां लक्ष्मी को सफेद रंग की वस्तुएं अति प्रिय हैं। इस दिन चावल और मखाने की खीर बनाकर मां लक्ष्मी को भोग लगाएं और फिर उसे परिवार के सभी सदस्यों में प्रसाद के रूप में बांटें।

मानसिक शांति और चंद्र दोष से मुक्ति

पूर्णिमा की रात को चंद्र देव को जल में दूध, गंगाजल और अक्षत (चावल) मिलाकर अर्घ्य दें। इससे कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है।

अर्घ्य देते समय या रात के समय `ॐ सों सोमाय नमः` मंत्र का जाप करना बेहद शुभ माना जाता है।

घर की नकारात्मकता दूर करने के लिए

पूर्णिमा की शाम को घर के मुख्य द्वार पर घी का एक दीपक जरूर जलाएं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और दरिद्रता दूर होती है।

पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ में जल अर्पित करें और वहां घी का दीपक जलाएं। माना जाता है कि पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का वास होता है।

विवाह बाधा दूर करने के विशेष उपाय

परिवार में किसी विवाह योग्य व्यक्ति के विवाह में बार-बार रुकावटें आ रही हों या बात बनते-बनते बिगड़ जाती हो, तो ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन सफेद वस्त्र धारण करके भगवान शिव का पूरे विधि-विधान से अभिषेक और पूजन करें। मान्यता है कि इससे विवाह के मार्ग में आने वाली सभी अड़चनें तुरंत दूर हो जाती हैं।

दान-पुण्य का महत्व

इस पवित्र तिथि पर सामर्थ्य अनुसार जरूरतमंदों को सफेद वस्तुएं चावल, दूध, चीनी, सफेद कपड़े या मिठाई आदि का दान करें। पूर्णिमा के दिन किया गया दान अक्षय फल प्रदान करता है।

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Awarapan 2 Teaser X Reactions: ‘अक्खा बॉलीवुड एक तरफ, इमरान हाशमी एक तरफ’, आवारापन 2′ का टीजर देख यूजर्स ने दिया मजेदार रिएक्शन

Awarapan 2 Teaser X Reactions: ‘आवारापन 2’ के टीज़र ने फ़ैन्स के दिलों को छू लिया है। वे X (पहले ट्विटर) पर इमरान हाशमी के 19 साल बाद मशहूर किरदार ‘शिवम पंडित’ के तौर पर वापसी का जश्न मना रहे हैं। पुरानी यादें ताज़ा करने वाले पलों, ज़बरदस्त एक्शन और मशहूर गाने ‘तो फिर आओ’ के नए वर्शन से भरपूर इस टीज़र ने दर्शकों को प्रभावित किया है।

कई लोगों ने इसकी पहली झलक को “शुरू से आखिर तक रोंगटे खड़े कर देने वाला” बताया, जबकि दूसरों ने फ़िल्म के इमोशनल अंदाज़, विज़ुअल्स और इमरान की स्क्रीन प्रेज़ेंस की तारीफ़ की। जैसे-जैसे ऑनलाइन उत्साह बढ़ रहा है, ‘आवारापन 2’  इस साल के सबसे चर्चित टीज़र रिलीज़ में से एक बन गया है।

X पर फ़ैन्स इमरान हाशमी की दमदार स्क्रीन प्रेज़ेंस से काफ़ी प्रभावित हुए और कई लोगों ने उन्हें टीज़र की सबसे बड़ी खासियत बताया। कई लोगों ने उनके ज़बरदस्त बॉडी ट्रांसफ़ॉर्मेशन की तारीफ़ करते हुए कहा कि वे “टॉप फ़ॉर्म” में हैं, जबकि दूसरों ने उनके असरदार डायलॉग डिलीवरी और ‘तो फिर आओ’ गाने की वापसी की सराहना की और कहा कि इसे सुनकर उनके “रोंगटे खड़े हो गए”।

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एक फ़ैन ने लिखा, “अक्खा बॉलीवुड एक तरफ़, इमरान हाशमी एक तरफ़,” जिसका मतलब था कि सिर्फ़ इस एक्टर की वजह से ही ‘आवारापन 2’ देखी जा सकती है। जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि ‘द बैडज़ ऑफ़ बॉलीवुड’ में राघव जुयाल का ‘अक्खा’ वाला डायलॉग सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो गया है।

एक और व्यक्ति ने टीज़र को “बहुत बढ़िया” बताया और कास्ट में शबाना आज़मी और सुविंदर विक्की के शामिल होने की तारीफ़ करते हुए कहा कि इस जोड़ी ने सीक्वल में ज़बरदस्त एक्टिंग का हुनर ​​दिखाया है। कुल मिलाकर, टीज़र ने फ़ैन्स को “बेहद उत्साहित” कर दिया है और कई लोग इसे इस पसंदीदा कल्ट क्लासिक की शानदार वापसी मान रहे हैं।

‘आवारापन 2’ का टीज़र सिर्फ़ पुरानी यादों पर निर्भर रहने के बजाय, शिवम पंडित के इमोशनल सफ़र को फिर से दिखाता है और साथ ही नए एक्शन और किरदारों को भी पेश करता है। शुरुआत का वॉइसओवर माहौल बनाता है, जो दर्शकों को याद दिलाता है कि शिवम आज भी त्याग और किस्मत के बोझ तले दबा हुआ इंसान है। इमरान हाशमी आसानी से इस किरदार में वापस आ जाते हैं। उनका रफ़ लुक, दमदार स्क्रीन प्रेज़ेंस और साफ़ तौर पर दिखता फ़िज़िकल बदलाव यह साबित करता है कि किरदार में बदलाव तो आया है, लेकिन वह अपने अतीत से पूरी तरह निकल नहीं पाया है।

टीज़र ‘तो फिर आओ’ गाने के नए वर्शन के ज़रिए फ़ैन्स के ओरिजिनल फ़िल्म से जुड़े इमोशनल लगाव को भी समझदारी से भुनाता है। यह मशहूर गाना सिर्फ़ पुरानी यादें ताज़ा करने का ज़रिया नहीं है, बल्कि यह उदासी भरे माहौल को और गहरा करता है और इशारा देता है कि दुख और प्यार ही शिवम की कहानी को आगे बढ़ाएंगे। आलिया की कब्र पर उसका जाना इस बात को और पक्का करता है कि यह सीक्वल 2007 की कल्ट क्लासिक फ़िल्म की इमोशनल विरासत से सीधे जुड़ा है, न कि यह कोई अलग-थलग एक्शन फ़िल्म है।

फ़िल्म का आखिरी डायलॉग – “इस बार या तो ये आवारापन खत्म होगा या मैं” – यह संकेत देकर कहानी का रोमांच और बढ़ा देता है कि शिवम का सफ़र अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। ‘आवारापन 2’ 14 अगस्त, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

खेत बेचने पर कितना लगता है टैक्स? ITR में कहां और कैसे दिखाएं यह कमाई, जानिए टैक्स विभाग के जरूरी नियम

Tax on Agricultural Land Sale: भारत में कृषि भूमि यानी खेत बेचने को लेकर आम तौर पर यही माना जाता है कि इस पर कोई टैक्स नहीं लगता है। लेकिन टैक्स नियमों के मुताबिक यह पूरी तरह सच नहीं है। कृषि भूमि बेचने पर टैक्स लगेगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह जमीन ‘ग्रामीण’ इलाके में आती है या ‘शहरी’ इलाके में।

कई बार टैक्स न लगने के बावजूद, ITR में इस कमाई की जानकारी न देना या गलत जगह दिखाना आपको मुश्किल में डाल सकता है और इनकम टैक्स विभाग का नोटिस आ सकता है। आइए आपको बताते हैं कि कृषि भूमि की बिक्री पर टैक्स का क्या नियम है और इसे रिटर्न में कैसे दर्ज करें।

ग्रामीण कृषि भूमि: यहां नहीं लगता कोई कैपिटल गेन्स टैक्स

इनकम टैक्स एक्ट की धारा 2(14) के तहत, ‘ग्रामीण कृषि भूमि’ को कैपिटल एसेट यानी पूंजीगत संपत्ति नहीं माना जाता है।

टैक्स छूट: चूंकि यह कैपिटल एसेट नहीं है, इसलिए इसे बेचने पर होने वाले मुनाफे पर कोई ‘कैपिटल गेन्स टैक्स’ नहीं लगता है।

ITR में कहां दिखाएं: चूंकि यह कमाई पूरी तरह टैक्स-फ्री है, इसलिए इसे आईटीआर के Schedule EI यानी टैक्स-फ्री आमदनी वाले कॉलम में दिखाना चाहिए। कई लोग इसे गलती से Schedule CG में दिखा देते हैं, जिससे सिस्टम ऑटोमैटिक टैक्स कैलकुलेट कर लेता है और बेवजह परेशानी खड़ी होती है।

शहरी कृषि भूमि: देना होगा टैक्स, लेकिन यहां मिलेगी राहत

अगर आपकी कृषि भूमि ‘शहरी’ दायरे में आती है, तो इसकी बिक्री से होने वाला मुनाफा पूरी तरह टैक्स के दायरे में आएगा। हालांकि, टैक्सपेयर्स को राहत देने के लिए इनकम टैक्स एक्ट की धारा 54B बनाई गई है। इसके तहत अगर आप जमीन बेचने से मिले पैसों से कोई दूसरी कृषि भूमि खरीद लेते हैं, तो आप टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं।

कैसे तय होता है कि जमीन ‘ग्रामीण’ है या ‘शहरी’?

कोई भी खेती की जमीन सिर्फ इसलिए ग्रामीण नहीं हो जाती क्योंकि वहां खेती हो रही है। टैक्स नियमों के अनुसार, नजदीकी नगर पालिका की आबादी और वहां से हवाई दूरी के आधार पर इसका फैसला होता है:

स्थानीय निकाय की आबादीनगर पालिका सीमा से जरूरी  न्यूनतम दूरी जमीन का वर्गीकरण
10,000 से 1 लाख के बीच2 किलोमीटर से ज्यादा दूर होना जरूरीग्रामीण (Tax-Free)
1 लाख से 10 लाख के बीच6 किलोमीटर से ज्यादा दूर होना जरूरीग्रामीण (Tax-Free)
10 लाख से अधिक 8 किलोमीटर से ज्यादा दूर होना जरूरीग्रामीण (Tax-Free)

अगर जमीन इन तय सीमाओं के भीतर आती है, तो उसे ‘शहरी कृषि भूमि’ माना जाएगा और उस पर टैक्स लगेगा।

इनकम टैक्स नोटिस से बचना है, तो पास रखें ये 4 दस्तावेज

टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर भविष्य में इनकम टैक्स विभाग आपसे इस टैक्स छूट को लेकर स्पष्टीकरण मांगता है, तो आपके पास ये दस्तावेज होने चाहिए:

तहसीलदार का सर्टिफिकेट: स्थानीय राजस्व प्राधिकारी से मिला एक आधिकारिक प्रमाण पत्र, जो नजदीकी नगर पालिका से जमीन की सटीक हवाई दूरी और वहां की आबादी की पुष्टि करता हो।

राज्य के राजस्व रिकॉर्ड: जमीन के आधिकारिक दस्तावेज जैसे 7/12 एक्सट्रैक्ट, RTC, या जमाबंदी, जो यह साबित करें कि जमीन आधिकारिक तौर पर कृषि भूमि ही है।

खेती करने का सबूत: बीज, खाद के बिल, सिंचाई के रिकॉर्ड या मंडी की रसीदें, जिससे यह साबित हो सके कि जमीन पर वास्तव में खेती की जा रही थी।

बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड: रजिस्टर्ड सेल डीड और बैंक स्टेटमेंट, जो यह साबित करें कि पूरा लेनदेन वैध तरीके से हुआ है और कोई अवैध नकद लेनदेन नहीं हुआ है।

अक्सर होने वाली गलतियां जो लाती हैं टैक्स नोटिस

पूरी तरह छिपा लेना: कई लोग सोचते हैं कि टैक्स नहीं लगना है तो आईटीआर में क्यों बताएं? यह सबसे बड़ी गलती है। सब-रजिस्ट्रार ऑफिस जमीन की रजिस्ट्री की जानकारी टैक्स विभाग को देता है, जो आपके एआईएस (AIS) में दिखती है। अगर आप इसे ITR में नहीं दिखाएंगे, तो डेटा मिसमैच का नोटिस आ सकता है।

खेती न होने पर भी छूट का दावा: अगर कोई जमीन कृषि भूमि के रूप में दर्ज है लेकिन सालों से वहां कोई खेती नहीं हुई है, तो विभाग आपकी छूट को खारिज कर सकता है। इसलिए कृषि आय या ऑपरेशन्स का सबूत रखना बेहद जरूरी है।

1 जुलाई 2026 से बदल रहे हैं ये 5 बड़े नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर! फटाफट चेक करें पूरी लिस्ट

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

12वीं के वेदांत के आरोपों पर CBSE का बड़ा जवाब, फिजिक्स में 9 अंक बढ़ने का बताया पूरा कारण

ये मामला तब सामने आया जब छात्र वेदांत ने आरोप लगाया कि Central Board of Secondary Education (CBSE) की वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान उन्हें उनकी फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका के बजाय किसी अन्य छात्र की कॉपी दिखाई गई। इस दावे के बाद परीक्षा प्रणाली और विशेष रूप से ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठने लगे। वेदांत का कहना था कि जब उन्होंने अपनी उत्तर पुस्तिका देखी, तो उसमें दी गई हैंडराइटिंग और उत्तर उनके अपने नहीं थे, जिससे पूरे मूल्यांकन पर संदेह पैदा हुआ। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी यह चर्चा का विषय बन गया और छात्रों ने वेरिफिकेशन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए।

बाद में बोर्ड की ओर से प्रक्रिया की समीक्षा और सुधार की बात सामने आई। यह घटना डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली में संभावित तकनीकी या प्रक्रियागत खामियों को उजागर करती है, जिस पर अब व्यापक बहस चल रही है।

बोर्ड ने मानी गलती, फिर बदली कॉपी

मामला बढ़ने पर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई। इसके बाद CBSE ने माना कि पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया में गलती से उत्तर पुस्तिकाएं बदल गई थीं। बोर्ड ने सुधार करते हुए वेदांत को उनकी असली फिजिक्स आंसर शीट उपलब्ध कराई।

नंबरों में हुआ बदलाव, लेकिन उम्मीद अधूरी

सही कॉपी मिलने के बाद वेदांत के फिजिक्स में 65 से 74 अंक कर दिए गए। लेकिन उनका मानना था कि कुछ और जवाबों में भी अंक बढ़ने चाहिए थे। उन्होंने फिर से रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया, लेकिन इस बार कोई अतिरिक्त अंक नहीं मिले।

सोशल मीडिया पर वेदांत की सफाई

वेदांत ने X पर साफ किया कि जो अतिरिक्त अंक मिले, वे कॉपी बदलने के कारण नहीं थे। उनके अनुसार मैथ्स में 1 अंक और कंप्यूटर साइंस में 1 अंक बढ़ा, जबकि फिजिक्स में कोई बदलाव नहीं हुआ।

CBSE की डिजिटल प्रणाली पर सवाल

यह घटना CBSE की डिजिटल एग्जामिनेशन और OSM सिस्टम को लेकर सबसे चर्चित मामलों में से एक बन गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल लगभग 1.6 लाख छात्रों ने वेरिफिकेशन और रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया, जिसमें लाखों कॉपियों की जांच हुई।

छात्रों की शिकायतें और बढ़ती चिंता

कई छात्रों ने धुंधली कॉपियों, गायब पेज और गलत मिलान जैसी समस्याएं बताईं। कुछ छात्रों के नंबर रिवैल्यूएशन के बाद काफी बढ़ भी गए। वहीं, कई अभी भी अपने अपडेटेड रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिससे एडमिशन प्रक्रिया पर असर पड़ रहा है।

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

इस मामले पर सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी-अपनी राय दी। कई यूजर्स ने कहा कि उनके साथ भी ऐसी ही समस्या हुई, जबकि कुछ ने रिवैल्यूएशन प्रक्रिया की स्पीड और पारदर्शिता पर सवाल उठाए। वहीं, वेदांत ने कहा कि रिजल्ट आ जाने से उन्हें राहत जरूर मिली है।

1 जुलाई 2026 से बदल रहे हैं ये 5 बड़े नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर! फटाफट चेक करें पूरी लिस्ट

New Financial Rules From 1 July: हर महीने की पहली तारीख अपने साथ कई बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आती है। ठीक इसी तरह 1 जुलाई 2026 से भी देश में पैसों से जुड़े कई बड़े नियम बदलने जा रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम टैक्सपेयर्स, बैंक ग्राहकों, क्रेडिट कार्ड यूजर्स और पासपोर्ट के लिए अप्लाई करने वाले लोगों की जेब पर पड़ेगा।

एक तरफ जहां पासपोर्ट बनवाना अब काफी महंगा होने जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ रिजर्व बैंक (RBI) बैंकों की मनमानी और गलत तरीके से प्रोडक्ट बेचने पर सख्त एक्शन की तैयारी में है। आइए समझते हैं कि 1 जुलाई से कौन से 6 बड़े वित्तीय बदलाव होने जा रहे हैं।

1. ITR Filing: आईटीआर दाखिल करने की डेडलाइन नजदीक

फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ITR-1 और ITR-2 दाखिल करने वाले टैक्सपेयर्स के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। अगर आप इस डेडलाइन को मिस करते हैं, तो आपको न सिर्फ लेट फीस और पेनाल्टी भरनी होगी, बल्कि आप अपनी पसंद का टैक्स रिजीम चुनने और पुराने नुकसान को आगे कैरी फॉरवर्ड करने का मौका भी गंवा बैठेंगे।

2. Aadhaar Update: आधार में ईमेल अपडेट कराना हुआ बिल्कुल फ्री

आधार कार्ड धारकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। 1 जुलाई से भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए रजिस्टर्ड ईमेल आईडी अपडेट करने की ₹75 की फीस को पूरी तरह माफ कर दिया है। यह विशेष सुविधा अगले 6 महीनों के लिए यानी 31 दिसंबर 2026 तक पूरी तरह मुफ्त रहेगी। आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, डिजिटल अपडेट को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया है।

3. Credit Card Rules: एसबीआई और एचडीएफसी कार्ड यूजर्स को झटका

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए 1 जुलाई से दो बड़े बदलाव हो रहे हैं:

SBI Card: एसबीआई कार्ड अपने कुछ चुनिंदा ‘PhonePe SBI Credit Cards’ जैसे- PURPLE और SELECT BLACK के लिए रिवॉर्ड पॉइंट्स प्रोग्राम में संशोधन कर रहा है। नए नियमों के तहत रिवॉर्ड पॉइंट अर्निंग की सीमा तय की जा रही है और कुछ ट्रांजैक्शंस को इस लिस्ट से बाहर किया जा रहा है।

HDFC Bank: एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड धारकों को अब हर तिमाही में 3 मुफ्त डोमेस्टिक एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस तभी मिलेंगे, जब उन्होंने पिछली तिमाही में कम से कम ₹60000 खर्च किए हों। उदाहरण के लिए, जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही में लाउंज का फायदा लेने के लिए आपको अप्रैल-जून 2026 के बीच ₹60000 खर्च करना जरूरी था।

4. Passport Fees: अब जेब करनी होगी ज्यादा ढीली, बढ़ गए दाम

अगर आप नया पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने की सोच रहे हैं, तो 1 जुलाई से आपको ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 के तहत फीस में बढ़ोतरी कर दी है:

सामान्य पासपोर्ट (36 पेज): इसकी फीस ₹1500 से बढ़कर अब ₹2500 हो गई है।

तत्काल पासपोर्ट (36 पेज): तत्काल पॉलिसी के तहत अब आपको ₹3500 की जगह ₹5000 देने होंगे।

60 पेज का पासपोर्ट: साधारण के लिए फीस ₹3500 और तत्काल के लिए ₹6000 तय की गई है।

5. RBI New Rules: बैंकों की मनमानी खत्म, ‘मिस-सेलिंग’ पर मिलेगा पूरा रिफंड

बैंक ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) 1 जुलाई 2026 से ‘रिस्पॉन्सिबल बिजनेस कंडक्ट’ के तहत नया सख्त ढांचा लागू कर रहा है। अक्सर बैंक कर्मचारी या एजेंट ग्राहकों को बिना बताए या गुमराह करके इंश्योरेंस पॉलिसी या अन्य फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स बेच देते थे।

नए नियम के मुताबिक, अगर मिस-सेलिंग साबित होती है, तो बैंक को ग्राहक का पूरा पैसा वापस करना होगा और साथ ही नुकसान के लिए मुआवजा भी देना होगा। इस नियम के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ग्राहकों को झांसा देने वाले ‘डार्क पैटर्न्स’ पर भी रोक लगेगी।