Uttarakhand Fish: उत्तराखंड की ट्राउट मछलियों की 5 टन की खेप पहली बार पहुंची नेपाल, किसान हुए मालामाल

Uttarakhand Fish: उत्तराखंड के मत्स्य क्षेत्र ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम रखते हुए नया इतिहास रच दिया है। राज्य गठन के बाद पहली बार पिथौरागढ़ जिले की तीन मत्स्य सहकारी समितियों द्वारा उत्पादित 5 मीट्रिक टन मछली का नेपाल को निर्यात किया गया है। इस पहल से 33 मत्स्य पालकों को सीधे आर्थिक लाभ मिला है। सरकार अब 30 मीट्रिक टन मछली के अन्य देशों में निर्यात की तैयारी कर रही है।

यह उत्तराखंड के मत्स्य क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिससे राज्य के मछली पालकों की आय बढ़ेगी, निर्यात के नए अवसर खुलेंगे। साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मत्स्य पालन क्षेत्र को बड़ी सफलता

उत्तराखंड सरकार की पहल से राज्य के मत्स्य पालन क्षेत्र को बड़ी सफलता मिली है। पिथौरागढ़ जिले के धारचूला और मुनस्यारी क्षेत्र की तीन मत्स्य सहकारी समितियों द्वारा तैयार की गई 5 मीट्रिक टन मछली को पहली बार इंटरनेशनल मार्केट में भेजा गया। इस खेप को कोल्ड-चेन व्यवस्था के तहत गुजरात के वेरावल ले जाया गया, जहां प्रोसेसिंग के बाद इसे नेपाल निर्यात किया गया।

23.50 लाख रुपये की हुई कमाई

मत्स्य विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने इसे राज्य के मत्स्य क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस निर्यात से जुड़े 33 मत्स्य पालकों को करीब 23.50 लाख रुपये की आय हुई है। एक्सपोर्ट प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए मत्स्य विभाग ने मछली की कटाई, पैकेजिंग और परिवहन पर 5.40 लाख रुपये की वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई।

30 मीट्रिक टन मछली के निर्यात की तैयारी

मंत्री ने बताया कि दुबई में आयोजित ‘गल्फ फूड एक्सपो’ के दौरान अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से बने संपर्कों का परिणाम अब सामने आने लगा है। विभाग यूरोप, मध्य-पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में भी उत्तराखंड की मछली के निर्यात की संभावनाएं तलाश रहा है। जल्द ही लगभग 30 मीट्रिक टन मछली के निर्यात की तैयारी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों का सकारात्मक प्रभाव मत्स्य क्षेत्र पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। सीमांत और पर्वतीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन रोजगार का नया माध्यम बनकर उभरा है। साल 2024 में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (Indo-Tibetan Border Police) के साथ ट्राउट मछली की आपूर्ति के लिए हुए समझौते के तहत अब तक 45.10 मीट्रिक टन ट्राउट मछली की आपूर्ति की जा चुकी है। , इसकी कीमत लगभग 2.10 करोड़ रुपये है।

मत्स्य पालकों की संख्या में भारी इजाफा

उत्तराखंड में मत्स्य पालकों की संख्या भी लगातार बढ़ी है। वर्ष 2022 में जहां मत्स्य पालकों की संख्या 10,011 थी। वहीं अब यह बढ़कर 15,657 हो गई है। इनमें 3,584 महिला मत्स्य पालक भी शामिल हैं। मछली उत्पादन की वार्षिक वृद्धि दर 2012-17 के दौरान 2 प्रतिशत थी, जो 2022-26 के दौरान बढ़कर 11 फीसदी हो गई है।

11,805 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन

वर्ष 2026-27 में उत्तराखंड में 11,805 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ, जिसका अनुमानित बाजार मूल्य करीब 165 करोड़ रुपये रहा। वहीं, मत्स्य विभाग का बजट भी 2021-22 के 55.76 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 में 261.41 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

लोगों को मिला रोजगार

पिछले चार वर्षों में मत्स्य क्षेत्र में 5,646 लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिले हैं। जबकि मत्स्य विभाग में 33 नियमित नियुक्तियां भी की गई हैं। सरकार का मानना है कि न्यू ट्राउट प्रमोशन स्कीम और मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना जैसी योजनाएं मत्स्य क्षेत्र में बदलाव की बड़ी वजह बनी हैं। इन योजनाओं के चलते मत्स्य पालन उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र बन गया है। यह ग्रामीण आजीविका और रोजगार को नई मजबूती दे रहा है।

ऐतिहासिक उपलब्धि की बड़ी बातें

  • यूपी से अलग होकर राज्य बनने के बाद पहली बार उत्तराखंड में उत्पादित मछली का अंतरराष्ट्रीय निर्यात हुआ।
  • नेपाल को 5 मीट्रिक टन मछली निर्यात की गई।
  • यह निर्यात उत्तराखंड के पिथोरागढ़ जिले की तीन मत्स्य सहकारी समितियों द्वारा किया गया।

किसानों को हुआ बंपर लाभ

  • इस निर्यात से 33 मछली पालकों को सीधा लाभ मिला।
  • उन्हें लगभग ₹23.5 लाख की आय हुई।
  • राज्य सरकार ने कटाई, पैकेजिंग और परिवहन के लिए ₹5.40 लाख की सहायता (Gap Funding) दी।

निर्यात की प्रक्रिया

  • मछली को कोल्ड-चेन के माध्यम से वेरावल ले जाया गया।
  • वहां प्रोसेसिंग के बाद इसे नेपाल के बाजार में निर्यात किया गया।

आगे की योजना

  • उत्तराखंड सरकार जल्द ही लगभग 30 मीट्रिक टन मछली का निर्यात अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में करने की तैयारी कर रही है।
  • यूरोप, मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया में भी निर्यात के अवसर तलाशे जा रहे हैं।

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₹10000 की मंथली SIP से बने ₹1.78 करोड़! टाटा के इस फंड ने 22 साल में बदल दी निवेशकों की किस्मत

Tata Value Fund 22 Years Completion: अगर आप म्यूचुअल फंड में लॉन्ग-टर्म निवेश की ताकत को समझना चाहते हैं, तो टाटा एसेट मैनेजमेंट का ‘टाटा वैल्यू फंड’ इसका एक बेहतरीन उदाहरण है। 29 जून 2026 को इस ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम ने अपनी लॉन्चिंग के शानदार 22 साल पूरे कर लिए हैं। इस फंड को 29 जून 2004 को लॉन्च किया गया था।

फंड के जून 2026 के प्रोडक्ट नोट के मुताबिक, जिन निवेशकों ने इस स्कीम की शुरुआत से ही इसमें भरोसा जताया, वे आज करोड़पति बन चुके हैं। आइए समझते हैं कि इस वैल्यू फंड ने निवेशकों को कैसा रिटर्न दिया है और इसका मौजूदा पोर्टफोलियो कैसा है।

SIP रिटर्न का जादू: ₹26.3 लाख का निवेश बना ₹1.78 करोड़

टाटा वैल्यू फंड के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, स्कीम की शुरुआत से लेकर अब तक के रिटर्न इस प्रकार हैं:

मंथली SIP का कमाल: अगर किसी निवेशक ने जून 2004 में ₹10000 प्रति महीने की SIP शुरू की होती, तो 31 मई 2026 तक उसका कुल निवेश ₹26.3 लाख होता। आज इसकी वैल्यू बढ़कर करीब ₹1.78 करोड़ हो चुकी है। इस लिहाज से फंड ने शुरुआत से अब तक 15.07% का सालाना एसआईपी रिटर्न दिया है।

लंप सम निवेश की ताकत: अगर किसी निवेशक ने लॉन्चिंग के समय इस फंड में सिर्फ ₹10000 एकमुश्त डाले होते, तो आज वह रकम बढ़कर करीब ₹3.39 लाख हो चुकी होती। यह 17.44% का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्शाता है।

बेंचमार्क के मुकाबले कैसा रहा प्रदर्शन?

पिछले 22 सालों में इस फंड ने देश के प्रमुख इंडेक्स को कड़ी टक्कर दी है:

  • Tata Value Fund (लम्प-सम): 17.44% CAGR
  • Nifty 500 TRI: 15.50% CAGR
  • Nifty 50 TRI: 14.74% CAGR

फंड साइज और कहां हो रहा है आपका पैसा निवेश?

31 मई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, टाटा वैल्यू फंड कुल ₹8345.8 करोड़ के एसेट्स (AUM) का प्रबंधन कर रहा है और इसके पोर्टफोलियो में 44 स्टॉक्स शामिल हैं। फंड का झुकाव बड़े शेयरों यानी Large-Caps की तरफ ज्यादा है:

  • लार्ज-कैप: 62% एलोकेशन
  • मिड-कैप: 26% एलोकेशन
  • स्मॉल-कैप: 10% एलोकेशन

फंड इस समय बेंचमार्क के मुकाबले फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑयल एंड गैस, पावर और FMCG सेक्टर पर ज्यादा भरोसा जता रहा है। इसके अलावा रिन्यूएबल एनर्जी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियों में भी हिस्सेदारी बढ़ाई जा रही है।

पोर्टफोलियो में नए शेयरों की एंट्री और किसकी हुई छुट्टी?

मार्च से मई 2026 के बीच फंड मैनेजर ने अपने पोर्टफोलियो में कई बड़े बदलाव किए हैं:

इन शेयरों की हुई एंट्री: प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स, एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी, अडाणी पावर, अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस, डिक्सन टेक्नोलॉजीज और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स।

इन शेयरों से बनाया फासला: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, विप्रो और एसीसी।

फंड मैनेजर: इस फंड की कमान सोनम उदासी के हाथों में है, जो अप्रैल 2016 से लगातार इस स्कीम को मैनेज कर रहे हैं।

शॉर्ट-टर्म पर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर

लंबी अवधि के शानदार ट्रैक रिकॉर्ड के बावजूद, हालिया मार्केट वोलेटिलिटी के कारण इसका शॉर्ट-टर्म रिटर्न मिला-जुला रहा है। 31 मई 2026 को समाप्त हुए एक साल की अवधि में इस स्कीम ने 0.05% का मामूली निगेटिव रिटर्न दिया है, जबकि इसी अवधि में निफ्टी-500 TRI ने 0.28% का रिटर्न दिया है।

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फंड हाउस का मानना है कि मौजूदा बाजार उन कंपनियों को पसंद कर रहा है जहां अर्निंग विजिबिलिटी साफ है। ऐसे में पोर्टफोलियो का फोकस ‘क्वालिटी और कंसिस्टेंट कंपाउंडिंग’ पर है। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं और इसमें कोई गारंटीड रिटर्न नहीं मिलता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Ali Fazal: जब अली फजल को फिल्ममेकर्स ने ‘मिर्जापुर’ न करने की दी थी सलाह, एक्टर बोले- मैं भी बहुत डरा हुआ था

Ali Fazal: सीरीज़ को फ़िल्म में बदलने के बारे में बात करते हुए अली ने PTI से कहा, “भारत में यह पहली बार हो रहा है कि किसी शो को फ़िल्म में बदला जा रहा है। यह एक नेशनल लेवल का एक्सपेरिमेंट है जो हम कर रहे हैं। कहानी और किरदार सभी अच्छे हैं। हम हर (प्रमोशनल) चीज़ शेयर करने के लिए उत्साहित हैं।”

अली ने यह भी बताया कि उन्हें हाल ही में पता चला कि ‘फुकरे’ के डायरेक्टर मृगदीप सिंह लांबा ने ही ‘मिर्ज़ापुर’ के मेकर्स को उनका नाम सुझाया था। एक्टर ने याद किया कि उस समय वह इंडस्ट्री में अपनी जगह बना रहे थे और उन्हें इस प्रोजेक्ट से दूर रहने की सलाह दी गई थी।

उन्होंने कहा, “उस समय मैं डरा हुआ था। मुझे नहीं पता था कि इसका फ़ॉर्मेट क्या होगा। यह पहली बार था जब (भारत में) शुरुआती कुछ शो बन रहे थे। फ़िल्ममेकर्स मुझसे पूछ रहे थे कि मैं क्या कर रहा हूं। वे कहते थे, ‘फिल्में करो’। मैंने OTT और शो के बदलते दौर को देखा। मुझे लगा कि एक क्रांति आने वाली है। पुनीत कृष्णा ने जिस तरह से स्क्रिप्ट लिखी थी और मिर्ज़ापुर की जो दुनिया उन्होंने बनाई थी, वह वाकई तारीफ़ के काबिल थी।”

2018 में अपनी शुरुआत के बाद से, ‘मिर्ज़ापुर’ ने भारत की सबसे सफल वेब सीरीज़ में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। उत्तर प्रदेश में क्राइम और राजनीतिक सत्ता की पृष्ठभूमि पर बनी इस सीरीज़ के दो सफल सीज़न आए, जिन्हें दर्शकों और क्रिटिक्स, दोनों से ही खूब तारीफ़ मिली।

अली के अलावा, इस सीरीज़ में पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु, श्वेता त्रिपाठी, रसिका दुगल, विजय वर्मा, ईशा तलवार, हर्षिता गौर और श्रिया पिलगांवकर जैसे कई कलाकार शामिल थे। ‘मिर्ज़ापुर: द मूवी’ में अली एक बार फिर गुड्डू पंडित का किरदार निभा रहे हैं, जो पहले बॉडीबिल्डर था और बाद में गैंगस्टर बन गया। कहा जा रहा है कि यह फ़िल्म पहले सीज़न के एक अनकहे पहलू को दिखाएगी और साथ ही कई अहम किरदारों को भी वापस लाएगी। इस हफ़्ते की शुरुआत में जारी किए गए इसके ऑफ़िशियल टीज़र से पता चलता है कि यह कहानी अब और भी बड़े सिनेमैटिक स्केल पर आगे बढ़ेगी।

दिव्येंदु और पंकज त्रिपाठी, फ़ैन्स के पसंदीदा मुन्ना त्रिपाठी और कालीन भैया के रोल में वापसी करने के लिए तैयार हैं। कास्ट में एक नया नाम जितेंद्र कुमार का है, जो बबलू पंडित का रोल निभाएंगे; यह रोल पहले सीज़न में विक्रांत मैसी ने निभाया था। रवि किशन भी एक अहम रोल में कास्ट में शामिल हुए हैं। यह फ़िल्म 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

El Nino Impact: मानसून की एंट्री पर बड़ा अपडेट! बारिश तो होगी पर अल नीनो की इस चाल ने उड़ाई सबकी नींद

El Nino Updates: देश में मानसून की चाल को लेकर एक तरफ जहां राहत भरी खबर आई है, वहीं दूसरी तरफ अल नीनो (El Nino) के असर ने चिंता बढ़ा दी है। मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट और भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक, मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। लेकिन अल नीनो के कारण सामान्य से कम मानसूनी गतिविधियों ने देश के कई हिस्सों में जल भंडारण के स्तर को प्रभावित किया है।

बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया सिस्टम, मानसून पकड़ेगा रफ्तार

हमारी सहयोगी सीएनबीसी टीवी 18 की रिपोर्ट में स्काईमेट के हवाले से बताया गया है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर मानसूनी सिस्टम विकसित होने की संभावना है। यह नया सिस्टम मानसून को फिर से पुनर्जीवित करने में मदद कर सकता है। इसकी मदद से मानसूनी बारिश मध्य और उत्तरी भारत के आंतरिक हिस्सों तक पहुंचेगी।

एक संक्षिप्त ठहराव के बाद मानसून की गतिविधियां फिर से गति पकड़ने की उम्मीद है। IMD का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, बिहार और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।

अल नीनो की चाल ने बढ़ाई चिंता, खाली हो रहे जलाशय

बारिश के इस सकारात्मक रुख के बीच अल नीनो की स्थिति को लेकर चिंताएं लगातार बनी हुई हैं। सामान्य से कम मानसूनी गतिविधियों के चलते देश के कई हिस्सों में जलाशयों का वाटर लेवल काफी प्रभावित हुआ है। 25 जून तक के आंकड़ों के मुताबिक देश के 166 प्रमुख जलाशयों में पानी का स्तर घटकर 26.37% पर आ गया है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 36.02% था। हालांकि, यह मौजूदा स्तर सामान्य भंडारण स्तर (24.95%) से थोड़ा अधिक है।

महाराष्ट्र में 28 जून तक जलाशयों का जलस्तर गिरकर 23.38% रह गया है, जो पिछले साल इसी तारीख को 43.75% था। मुंबई के जलाशयों में पानी का स्तर 7.08% दर्ज किया गया है, जो पिछले साल इसी तारीख के 5.35% के मुकाबले थोड़ा बेहतर है।

दिल्ली-यूपी और पंजाब समेत उत्तर भारत में भारी बारिश का अनुमान

आईएमडी के मुताबिक, उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में अगले एक या दो दिनों के दौरान छिटपुट बारिश होने की संभावना है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई से 3 जुलाई के बीच काफी व्यापक से लेकर देशव्यापी बारिश होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर भारत के हिस्सों और महाराष्ट्र के कोंकण व गोवा क्षेत्र में 4 जुलाई तक व्यापक से बेहद व्यापक बारिश होने की संभावना जताई गई है।

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फार्महाउस, स्कॉर्पियो और 65 लाख का घर….कौन है अनुकल्प मिश्रा? जिसपर है राम मंदिर चढ़ावे में घपला करने का आरोप

Ram Mandir Donation Theft Case: राम मंदिर चढ़ावा विवाद में एक और नया मामला सामने आया है। पुलिस अब अनुकल्प मिश्रा की संपत्ति और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। जांचकर्ताओं को शक है कि भक्तों के चढ़ावे की कथित चोरी में वह मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक था। अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या अनुकल्प की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी और हाल की खरीदारी के लिए मंदिर के दान का पैसा इस्तेमाल किया गया था। गौरतलब है कि इस वित्तीय जांच का मकसद आरोपी से जुड़े संदिग्ध पैसों के लेन-देन का पता लगाना है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अनुकल्प मंदिर में नकद दान की गिनती करने वाली आउटसोर्स टीम का हिस्सा था और कथित तौर पर उसने इस साजिश में मुख्य भूमिका निभाई थी।

फार्महाउस, मकान और एसयूवी की जांच जारी

जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि अनुकल्प ने आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से अपने साले लवकुश मिश्रा को भी उसी नकदी गिनती टीम में शामिल करवाया था। ये दोनों इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में शामिल हैं।

बता दें कि जांच के सिलसिले में पुलिस अयोध्या जिले में अनुकल्प के पैतृक गांव बसावा गई।अधिकारियों ने पाया कि उसका घर आस-पास के घरों की तुलना में काफी आलीशान था। गांव वालों ने जांचकर्ताओं को बताया कि पिछले कुछ सालों में परिवार की आर्थिक स्थिति काफी बेहतर हुई है।

पुलिस इस बाद की पुष्टि करने में जुटी है कि क्या अनुकल्प ने हाल ही में गांव के बाहरी इलाके में एक फार्महाउस बनवाया था और पिछले साल अयोध्या में एक घर खरीदा था, जिसकी कीमत कथित तौर पर लगभग 65 लाख रुपये थी। साथ ही उन दावों की भी जांच की जा रही है वह महिंद्रा स्कॉर्पियो SUV खरीदने की प्रक्रिया में था।

जांच का एक अहम हिस्सा 30 अप्रैल को अनुकल्प द्वारा अपने गांव में कथित तौर पर आयोजित सात दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम भी है। पुलिस इस कार्यक्रम में हुए खर्च और इस्तेमाल किए गए फंड के स्रोत की पुष्टि कर रही है, क्योंकि राम मंदिर प्रतिष्ठान से जुड़े वरिष्ठ लोगों और स्थानीय जन प्रतिनिधियों सहित कई प्रमुख हस्तियां इस कार्यक्रम में शामिल हुई थीं।

वित्तीय रिकॉर्ड की जांच जारी

जांचकर्ता लवकुश मिश्रा के वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच कर रहे हैं। आरोप है कि वह अनुकल्प मिश्रा की सिफारिश पर राम मंदिर में दान गिनने वाली टीम में शामिल हुआ था। इसके अलावा, पुलिस उन दावों की भी जांच कर रही है कि लवकुश ने हाल ही में 1 लाख रुपये से ज्यादा की मोटरसाइकिल खरीदी थी, जबकि बताया जाता है कि वह किराए के मकान में रहता है।

अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों के बैंक अकाउंट, प्रॉपर्टी के रिकॉर्ड, निवेश, संपत्ति और खर्च करने के तरीकों की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या ये उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से ज्यादा हैं।

जांच करने वालों ने कहा कि यह कवायद इस बात का पता लगाने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है कि क्या कथित तौर पर दान की चोरी से मिली रकम को चल या अचल संपत्ति में निवेश किया गया था। पुलिस ने संकेत दिया है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

जांचकर्ताओं के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया इस बात का पता लगाने के लिए की जा रही है कि क्या कथित दान चोरी से मिले पैसे को चल या अचल संपत्तियों में लगाया गया था। पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि जांच आगे बढ़ने पर और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार

मामले में गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में राम शंकर यादव उर्फ ​​टीनू यादव, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे और रमाशंकर मिश्रा शामिल हैं।

जांचकर्ताओं के अनुसार, राम शंकर यादव (उर्फ टिन्नू) राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी सहयोगी और पूर्व ड्राइवर रहे हैं। मनीष यादव, टिन्नू का भतीजा बताया जाता है और वह दान गिनने के काम में शामिल था।

सुभाष श्रीवास्तव बैंक के पूर्व कर्मचारी हैं जिन्होंने कैश की गिनती की देखरेख की थी, जबकि अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे और रमाशंकर मिश्रा उस टीम का हिस्सा थे जो मंदिर के दान और कीमती सामान का काम संभालते थे।

पुलिस ने बताया कि राम मंदिर के दान (जिसमें कैश और कीमती सामान शामिल था) की कथित चोरी और हेराफेरी के मामले में FIR दर्ज होने के बाद इन आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांचकर्ताओं ने कहा कि जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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Monsoon Watch: दिल्ली-NCR और यूपी हीटवेव से बेहाल दिखे, इस बीच मानसून एंट्री और बारिश को लेकर IMD ने दिया ये अलर्ट

Monsoon updates: देश की राजधानी दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश समेत उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्से इस समय भीषण गर्मी और उमस की दोहरी मार झेल रहे हैं। दिल्ली में रविवार को फील्स लाइक टेंप्रेचर (हीट इंडेक्स) 50 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। इससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मानसून की एंट्री और आगामी बारिश को लेकर राहत भरा अपडेट जारी किया है।

मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मानसून की कमी के कारण हाल के दिनों में हीट स्ट्रेस काफी बढ़ गया है। वैसे उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 5 से 6 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

मानसून की एंट्री को लेकर क्या है लेटेस्ट अपडेट?

मानसून अगले 2 से 3 दिनों के दौरान उत्तरी अरब सागर के कुछ और हिस्सों, उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों और उत्तराखंड में आगे बढ़ेगा। इसके बाद के 2-3 दिनों में मानसून उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों को कवर कर लेगा।

दिल्ली में मानसून के पहुंचने की सामान्य तारीख 27 जून थी। लेकिन इस बार इसमें करीब एक हफ्ते की देरी है। स्काईमेट के मुताबिक अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो दिल्ली में मानसून 4 जुलाई के आसपास पहुंच सकता है। अगले कुछ दिनों में एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने की संभावना है। इससे हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

क्यों बढ़ रही है दिल्ली में गर्मी और उमस?

स्काईमेट के मौसम विज्ञान और जलवायु परिवर्तन विभाग के उपाध्यक्ष महेश पालावत के मुताबिक मानसून में देरी और शुष्क एवं नम हवाओं के आपस में मिलने से तापमान और उमस दोनों बढ़े हुए हैं। पाकिस्तान से आ रही शुष्क पश्चिमी हवाएं तापमान को बढ़ा रही हैं। जबकि अरब सागर से आ रही दक्षिण-पश्चिमी हवाएं उमस बढ़ा रही हैं।

जब ये दोनों हवाएं मिलती हैं तो बादल बनते हैं। लेकिन उनमें व्यापक बारिश के लिए पर्याप्त नमी नहीं होती। शाम 4 या 5 बजे तक बादल बनते हैं, तब तक दिन का अधिकतम तापमान दर्ज हो चुका होता है। यही वजह है कि अधिकतम टेंप्रेचर और फील्स लाइक टेंप्रेचर इतना ज्यादा बना हुआ है।

दिल्ली-NCR का हाल: दो साल की सबसे गर्म सुबह और रात

दिल्ली में रविवार को गर्मी ने पिछले दो साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए। सफदरजंग मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दो सालों में जून की सबसे गर्म सुबह रही। इससे पहले 14 जून 2024 को न्यूनतम तापमान 33.3 डिग्री दर्ज हुआ था। वहीं रविवार को अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.6 डिग्री ज्यादा था। दिल्ली का लोधी रोड इलाका 42.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा।म

दिल्ली के लिए आगे का पूर्वानुमान

दिल्ली में सोमवार 29 जून को अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री के बीच रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने मंगलवार और बुधवार के लिए बारिश, आंधी और तेज हवाओं का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। 1 जुलाई तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे आने और 3 जुलाई तक 35 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की उम्मीद है, जिससे तापमान में 5 से 6 डिग्री की क्रमिक गिरावट आएगी।

उत्तर प्रदेश: प्रयागराज में पारा 43.4 डिग्री, हीटवेव का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। प्रयागराज में पारा 43.4 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जबकि लखनऊ में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक 39.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कुछ अलग-अलग हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान लू (Heat Wave) चलने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ आंधी चलने की संभावना जताई गई है।

अन्य राज्यों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान

1- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश

उत्तराखंड: देहरादून में अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक 37.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। देहरादून मौसम केंद्र ने पहाड़ी जिलों में गरज-चमक, बिजली कड़कने, तेज से बहुत तेज बारिश और झोंकेदार हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया है।

हिमाचल प्रदेश: शिमला मौसम केंद्र ने राज्य में 4 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। 30 जून से 4 जुलाई के बीच राज्य में 30-40 किमी/घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने और आंधी का अलर्ट है। बीते 24 घंटों में शिमला, कांगड़ा और मंडी में आंधी और हल्की बारिश दर्ज की गई है।

2- पंजाब और हरियाणा

इन दोनों राज्यों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। IMD ने 29 जून, 1 जुलाई और 2 जुलाई को कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा, 1 से 4 जुलाई के बीच दोनों राज्यों में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलने (जो 60 किमी/घंटे तक जा सकती हैं) की चेतावनी दी गई है।

3- जम्मू-कश्मीर

श्रीनगर में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक 33.8 डिग्री और जम्मू में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने जम्मू के मैदानी इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में 29 जून को प्री-मानसून बारिश होने और कुछ स्थानों पर भारी बौछारें व तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है।

4- राजस्थान

राजस्थान के बड़े हिस्से में उमस भरा मौसम बना हुआ है। हालांकि कुछ जिलों में छिटपुट बारिश हुई है। झुंझुनू जिले के पिलानी में सुबह से 7 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आगामी कुछ दिनों में कोटा और उदयपुर संभाग के हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है जबकि 2 जुलाई से दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।

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Success Story: 10वीं की महिमा 108 देशों के छात्रों के साथ बनाएगी मून मिशन के लिए सैटेलाइट, जानिए क्या है शक्तिसैट इंटरनेशनल स्पेस मिशन

Success Story: महिमा की उम्र मात्र 14 साल की है। वह रायपुर में 10वीं कक्षा की छात्रा हैं। आजकल महिमा राजपूत का नाम सुर्खियों में है और लोग उनकी उपलब्धि के बारे में जानकर फख्र महसूस करने के साथ ही उनसे प्रेरणा भी ले रहे हें। महिमा उन 108 देशों के छात्रों में शामिल हैं, जिन्हें चंद्रमा पर भेजने के लिए सैटेलाइट बनाने वाले छात्रों के समूह के लिए चुना गया है। ये बच्चे 23 अगस्त को दिल्ली आएंगे और चंद्रमा पर भेजी जाने वाला उपग्रह बनाएंगे और संभवत: अक्टूबर में उनका यह कारनामा आसमान की बुलंदियों को चीर कर चंद्रमा की तरफ बढ़ेगा।

10वीं कक्षा की छात्रा महिमा राजपूत को इंटरनेशनल स्पेस मिशन ‘ShakthiSAT’ के लिए भारत से चुना गया है, जिसमें 108 देशों के स्टूडेंट्स हिस्सा लेंगे। अपने चयन के बारे में महिमा ने कहा कि उन्हें उनके स्कूल प्रिंसिपल ने उनके गाइडेंस टीचर के जरिए मिशन के बारे में बताया, जिसके बाद उन्हें प्रोग्राम के लिए रजिस्टर किया गया।

क्या है शक्तिसैट?

‘शक्तिसैट’ (ShakthiSAT) कार्यक्रम, भारतीय एयरोस्पेस संस्था ‘स्पेस किड्स इंडिया’ की ओर से शुरू की गई एक अनोखी ग्लोबल स्पेस पहल है। यह खासकर लड़कियों के लिए है। इस मिशन का मकसद 108 देशों की 12 से 18 साल की स्कूली लड़कियों को स्पेस टेक्नोलॉजी और सैटेलाइट इंजीनियरिंग में ट्रेनिंग देना है। इसके तहत 12,000 स्कूली छात्राओं को स्पेस टेक्नोलॉजी में ट्रेन किया जाता है।

इस ट्रेनिंग का हिस्सा रहीं महिमा ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान छात्राओं को 21 मॉड्यूल और 365 पाठों के जरिए सैटेलाइट बिल्डिंग और स्पेस साइंस की बारीकियां बताई जाती है। 120 घंटे की ऑनलाइन ट्रेनिंग के जरिए सैटेलाइट सिस्टम, पेलोड डेवलपमेंट, पीसीबी डिज़ाइन के बारे में बताया जाता है। ऑनलाइन ट्रेनिंग के बाद, हर देश से एक बेस्ट स्टूडेंट का सिलेक्शन किया गया है।

भारत की ओर से छत्तीसगढ़ के रायपुर की महिमा इस टीम का हिस्सा बनी हें। उन्होंने कहा, “मॉड्यूल ने साइंस और सैटेलाइट के बारे में हमारे बेसिक कॉन्सेप्ट क्लियर किए और हमारी बहुत मदद की।” अब सभी चुने गए छात्र 23 अगस्त को दिल्ली जाएंगे, जहां वे इस प्रोग्राम के तहत सैटेलाइट बनाने की प्रैक्टिकल गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। इस मिशन की योजना में अंतरिक्ष में सैटेलाइट लॉन्च करना शामिल है।

बच्चों का बनाया सैटेलाइट जाएगा चांद पर

मिशन प्लान के हिस्से के तौर पर, दो सैटेलाइट लॉन्च किए जाएंगे। इनमें से एक सैटेलाइट के चांद की सतह पर लैंड करने की उम्मीद है, जबकि दूसरा चांद के ऑर्बिट में चक्कर लगाएगा। यह मिशन अक्टूबर में लॉन्च होने वाला है और इसका मकसद स्कूली छात्रों को सैटेलाइट डेवलपमेंट और इंटरनेशनल स्पेस कोलेबोरेशन का प्रैक्टिकल अनुभव देना है।

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₹69 का प्राइस बैंड और ₹9 का तगड़ा इशारा! आज से खुले इस आईपीओ में पैसा लगाने से पहले जान लें जरूरी बातें

Twinkle Papers IPO: एसएमई सेगमेंट में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए आज यानी 29 जून से एक और नया मौका खुल गया है। ट्विंकल पेपर्स लिमिटेड का आईपीओ आज से सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन हो चुका है। यह आईपीओ निवेश के लिए 1 जुलाई तक खुला रहेगा।

कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए बाजार से ₹28 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। अगर आप भी इस आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो दांव लगाने से पहले इसके प्राइस बैंड, ग्रे मार्केट प्रीमियम और सभी जरूरी डिटेल्स को विस्तार से जान लेना जरूरी है।

आईपीओ की तारीख, प्राइस बैंड और साइज 

ट्विंकल पेपर्स लिमिटेड का यह पब्लिक इश्यू आज यानी 29 जून 2026 से निवेशकों के लिए खुल चुका है और इसमें बुधवार, 1 जुलाई 2026 तक दांव लगाया जा सकता है। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए ₹64 से ₹69 प्रति इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ट्विंकल पेपर्स इस बुक बिल्ड इश्यू के जरिए बाजार से कुल ₹28 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। कंपनी इस आईपीओ में पूरी तरह से फ्रेश शेयरों की पेशकश कर रही है।

लॉट साइज, अलॉटमेंट और लिस्टिंग की पूरी टाइमलाइन

चूंकि यह एक एसएमई आईपीओ है, इसलिए इसका लॉट साइज काफी बड़ा रखा गया है जिसके तहत निवेशकों को कम से कम एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा और एक लॉट में 2000 शेयर शामिल हैं। आईपीओ बंद होने के बाद सफल निवेशकों को शेयरों का अलॉटमेंट 2 जुलाई 2026 को होने की उम्मीद है और कंपनी के शेयरों की बीएसई एसएमई एक्सचेंज पर लिस्टिंग 6 जुलाई 2026 को हो सकती है। इस पूरे इश्यू के लिए ‘अलंकित असाइनमेंट्स लिमिटेड’ को आधिकारिक रजिस्ट्रार और ‘नोवस कैपिटल एडवाइजर्स’ को लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है।

ग्रे मार्केट में क्या है हलचल?

आईपीओ मार्केट के विश्लेषकों के मुताबिक, ट्विंकल पेपर्स के शेयरों को लेकर ग्रे मार्केट में हलचल देखी जा रही है। आज यह शेयर ग्रे मार्केट में ₹9 के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। यानी इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹9 चल रहा है। अगर यही ट्रेंड बरकरार रहता है, तो ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से इसकी लिस्टिंग शानदार बढ़त के साथ हो सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Anushka Ranjan Godh Bharai: अनुष्का रंजन की हुई गोदभराई, आदित्य सील और परिवार संग एक्ट्रेस ने सेलिब्रेट किया खास दिन

Anushka Ranjan Godh Bharai: माता-पिता बनने जा रहे आदित्य सील और अनुष्का रंजन ने अपने पहले बच्चे के स्वागत से पहले पारंपरिक गोद भराई की। अनुष्का ने रविवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल के स्टोरीज़ सेक्शन में बेबी शॉवर की दो तस्वीरें अपलोड कीं।

पहली तस्वीर में आदित्य अनुष्का की गोद में बैठे हुए नजर आ रहे हैं और दोनों कैमरे के सामने अपनी मनमोहक मुस्कान बिखेर रहे हैं। इसके बाद आदित्य और अनुष्का की एक तस्वीर सामने आई, जिसमें वे एक-दूसरे का हाथ थामे हुए हैं और हाथ अनुष्का के बेबी बंप के पास है।

इस खास मौके पर होने वाली मां ने ऑरेंज रंग का सलवार सूट पहना था और उनके चेहरे पर प्रेग्नेंसी का ग्लो साफ़ दिख रहा था। उनके साथ आदित्य ने पीले रंग का कुर्ता और सफ़ेद पजामा पहना था। आदित्य और अनुष्का ने हाल ही में सोशल मीडिया पर घोषणा की कि शादी के चार साल बाद वे अपने पहले बच्चे का स्वागत करने वाले हैं।

एक जॉइंट पोस्ट में, इस कपल ने कुछ शानदार मैटरनिटी तस्वीरें और एक दिल को छू लेने वाला नोट शेयर किया, जिसमें लिखा था, “मैंने सौ साल इंतज़ार किया है, लेकिन तुम्हारे लिए मैं दस लाख साल और इंतज़ार कर सकता हूं। किसी भी चीज़ ने मुझे इस बात के लिए तैयार नहीं किया था कि तुम्हारा होना मेरे लिए कितना खास होगा।”

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