SBI PO 2026 Mains Admit Card: स्टेट बैंक ने जारी किया पीओ मेन्स परीक्षा का एडमिट कार्ड, 12 सितंबर को होगी परीक्षा

SBI PO 2026 Mains Admit Card: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने प्रोबेशनरी अधिकारिक (PO) मुख्य एडमिट कार्ड 2026 जारी कर दिया है। यह परीक्षा 12 सितंबर, 2026, रविवार को आयोजित की जाएगी। परीक्षा में शामिल होने के योग्य उम्मीदवार एसबीआई पीओ मेन्स हॉल टिकट आधिकारिक वेबसाइट sbi.bank.in से डाउनलोड कर सकते हैं। इस परीक्षा में एसबीआई पीओ भर्ती 2026 प्रीलिमनरी परीक्षा में सफल घोषित उम्मीदवार हिस्सा ले सकेंगे।

एसबीआई पीओ भर्ती 2026 मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट उम्मीदवार लॉगिन विंडो में अपने लॉगिन क्रेडेंशियल जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर या रोल नंबर और पासवर्ड/DOB डालकर अपना एडमिट कार्ड चेक और डाउनलोड कर सकते हैं। आवेदकों के अपने कॉल लेटर डाउनलोड करने के बाद, उन्हें गलतियों और गड़बड़ियों को चेक करने के लिए ठीक से देखना होगा। किसी भी गड़बड़ी के मामले में, कैंडिडेट्स को तुरंत एग्जाम कराने वाली बॉडी से संपर्क करना होगा और परीक्षा की तारीख से पहले उन्हें ठीक करवाना होगा। एसबीआई पीओ भर्ती 2026 परीक्षा विज्ञापन संख्या CRPD/PO/2026-27/09 के तहत कुल 1,500 वैकेंसी के लिए आयोजित की जा रही है।

ध्यान रखें, परीक्षार्थियों के लिए अपना हॉल टिकट परीक्षा केंद्र ले जाना अनिवार्य है। एडमिट कार्ड के साथ कैंडिडेट्स को अपना वैलिड फोटो ID प्रूफ भी साथ लाना होगा। इन दोनों के बिना उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यह परीक्षा में शामिल होने के लिए सबसे जरूरी डॉक्युमेंट होता है। इसमें परीक्षा के विवरण के साथ ही परीक्षा केंद्र का पूरा पता, आईडी और परीक्षा के लिए जरूरी निर्देश होते हैं। कैंडिडेट अपना एसबीआई पीओ भर्ती 2026 मुख्य परीक्षा एडमिट कार्ड 12 सितंबर तक डाउनलोड कर सकते हैं।

एसबीआई पीओ भर्ती 2026 मुख्य परीक्षा के दिन के लिए निर्देश

12 सितंबर को होने वाले एसबीआई पीओ भर्ती 2026 मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों को परीक्षा प्रक्रिया आसान बनाने के लिए नीचे दी गई गाइडलाइंस को फॉलो करना होगा।

  • उम्मीदवारों को परीक्षा के दिन एडमिट कार्ड की हार्ड कॉपी ले जानी होगी। डिजिटल/सॉफ्ट कॉपी की इजाजत नहीं होगी।
  • एप्लिकेंट को यह पक्का करना होगा कि एडमिट कार्ड पर फोटो और सिग्नेचर साफ हों।
  • आखिरी मिनट में किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए कैंडिडेट को एग्जाम सेंटर पर आधा घंटा पहले पहुंचना होगा।
  • एप्लिकेंट को एडमिट कार्ड के साथ अपना वैलिड ID प्रूफ भी साथ रखना होगा।

एसबीआई पीओ कॉल लेटर 2026: जरूरी डॉक्यूमेंट्स

एसबीआई पीओ मेन्स परीक्षा के दिन कैंडिडेट को एग्जाम सेंटर पर एडमिट कार्ड के साथ एक वैलिड ओरिजिनल ID प्रूफ भी ले जाना होगा। नीचे उन डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट दी गई है जिन्हें एसबीआई पीओ 2026 परीक्षा में बैठने वाले एप्लीकेंट पहचान के सबूत के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं:

  • वोटर ID कार्ड
  • PAN कार्ड
  • बैंक पासबुक
  • आधार कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • राशन कार्ड

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Yasin Malik wife: ‘8 साल से आवाज नहीं सुनी…’; तिहाड़ जेल में बंद यासीन मलिक अपनी पाकिस्तानी पत्नी को देगा तलाक, खुद के लिए की फांसी की मांग

Yasin Malik wife Mushaal Mullick: राजधानी दिल्ली के तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे कश्मीरी अलगाववादी संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के चेयरमैन यासीन मलिक ने अपनी पाकिस्तानी पत्नी मुशाल मलिक से शादी खत्म करने की इच्छा जाहिर की है। यासीन मलिक ने जम्मू की टाडा (TADA) कोर्ट में एक 25 पन्नों का हलफनामा दायर किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें उसने अपनी पाकिस्तानी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक को तलाक देने और सरला भट्ट हत्याकांड में केस लड़े बिना खुद के लिए फांसी की मांग की है।

पत्नी-बेटी का किया जिक्र

मलिक ने इस मर्डर केस की सुनवाई के दौरान जम्मू की स्पेशल TADA/POTA कोर्ट में 25 पेज का पर्सनल हलफनामा (एफिडेविट) दाखिल करने का अनुरोध किया है। हमारे सहयोगी News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, हलफनामे में उसने अपनी मां, पत्नी और 13 साल की बेटी रजिया सुल्ताना का जिक्र किया है। इसमें उसने परिवार से लंबे समय तक अलग रहने के बारे में लिखा।

‘8 साल से आवाज नहीं सुनी…’

रिपोर्ट के मुताबिक, मलिक ने हलफनामे में यह भी कहा कि उसने पिछले आठ वर्षों से अपनी पत्नी की आवाज तक नहीं सुनी है। उसका दावा है कि जेल में रहने के दौरान उसे पत्नी और बेटी से नियमित फोन पर बातचीत या सामान्य वीडियो कॉल की सुविधा नहीं मिल सकी। मलिक के मुताबिक, जेल में रहने के दौरान उनके परिवार से बातचीत सीमित और अनिश्चित रही है। उसने इस लंबे अलगाव की वजह अपनी जेल की सज़ा और बातचीत पर लगी पाबंदियों को बताया।

पत्नी से कहा- अपनी जिंदगी में आगे बढ़ो

यासीन मलिक ने अपनी पत्नी मुशाल से कहा कि वह अपनी बाकी जिंदगी उसका इंतजार करते हुए या उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता में न बिताएं। उसने उन्हें जिंदगी में नया अध्याय शुरू करने की बात कही है। मलिक ने लिखा कि उसका फैसला किसी नाराजगी या दुश्मनी की वजह से नहीं है। वह अब भी अपनी पत्नी का सम्मान करता है। मलिक ने यह भी कहा कि उसने मुशाल के साथ बिताए वैवाहिक वर्षों का अफसोस नहीं है। दोनों के बीच दूरी के लिए उसने उन परिस्थितियों को जिम्मेदार बताया, जो उसके कंट्रोल से बाहर थीं।

बेटी का बचपन मिस करने का भी जिक्र

हलफनामे में मलिक ने अपनी बेटी के बचपन से दूर रहने का भी जिक्र किया है। उसने कहा कि लंबे समय तक जेल में रहने और परिवार से अलगाव के कारण वह अपने बच्चों के बचपन में उनके साथ नहीं रह सका। उसने लिखा कि उसके बच्चे माता-पिता की सामान्य मौजूदगी और मार्गदर्शन के बिना बड़े हुए। परिवार को उम्मीद थी कि वह किसी दिन वापस घर लौटेंगे। लेकिन बाद में उन्हें फिर हिरासत में ले लिया गया। मलिक ने यह भी माना कि उनकी गिरफ्तारी और लंबे कारावास का उनकी पत्नी और पूरे परिवार की निजी जिंदगी पर गहरा असर पड़ा है।

बेटी से दादी के साथ रहने की अपील

अपनी बेटी रजिया सुल्ताना को संबोधित करते हुए मलिक ने उससे अपनी दादी के करीब रहने की अपील की है। उसने बेटी से कहा कि वह अपनी दादी से हर दिन कम से कम पांच मिनट फोन पर बात करे, ताकि परिवार से दूर रहने के बावजूद उनकी मां को अपनी पोती का स्नेह और साथ मिलता रहे। मलिक ने कहा कि उसका हलफनामा किसी से सहानुभूति या दया हासिल करने के लिए नहीं है, बल्कि यह उनकी अंतरात्मा की आवाज और परिवार के लिए एक संदेश है।

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आतंकी फंडिंग मामले में उम्रकैद की काट रहा सजा

यासीन मलिक को साल 2022 में दिल्ली की स्पेशल NIA कोर्ट ने आतंकी फंडिंग मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वह फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है। मलिक और उसके नेतृत्व वाले JKLF पर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और हिंसा से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। कश्मीर में उग्रवाद के दौर में हिंदूओं के खिलाफ टारगेटेड हिंसा और हत्याओं की घटनाएं भी हुई थीं। इनमें कश्मीरी हिंदुओं के विस्थापन से जुड़ी घटनाएं भी शामिल थीं। इन सभी मामलों में मलिक मुख्य रूप से शामिल था।

International Earth Science Olympiad: 19वें अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में भारतीय छात्रों ने जीते 9 मेडल, 4 गोल्ड मेडल के साथ रहा अब तक का बेस्ट प्रदर्शन

International Earth Science Olympiad: भारत ने इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड (IESO) में अपना अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हुए 9 मेडल अपने नाम किए हैं। 19वीं इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड प्रतियोगिता 20 से 27 अगस्त 2026 के बीच इटली के ट्यूरिम में आयोजित की गई थी। इसमें चार सदस्यों वाली भारतीय टीम ने अलग-अलग कॉम्पिटिशन में 4 गोल्ड, 3 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल जीते।

19वें इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड में शामिल 4 सदस्यीय भारतीय टीम में सौमिक मंडल, आरोन मैती, ऋद्धि रंजन और एमडी एहतेशाम रिजवी शामिल थे। इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन के लिए चुने जाने से पहले स्टूडेंट्स ने महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा के जियोलॉजी डिपार्टमेंट में तीन हफ्ते का प्रशिक्षण और चयन प्रोग्राम आयोजित किया गया था।

इटली के ट्यूरिन में हुए 19वें इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड में भारतीय छात्रों ने लिखित और प्रैक्टिकल परीक्षा, इंटरनेशनल टीम फील्ड इन्वेस्टिगेशन और अर्थ साइंस प्रोजेक्ट कॉम्पिटिशन में मेडल जीते। 19वें इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड में नौ मेडल की जीत भारत का इस प्रतियोगिता में अब तक का बेस्ट प्रदर्शन माना जा रहा है। इससे पहले 2025 संस्करण में भारतीय छात्रों ने सात मेडल जीते थे। इन-पर्सन IESO में भारत का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2019 में 10 मेडल का था। हालांकि, 2026 के नतीजों को प्रतियोगिता में शामिल टीम का देश का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन बताया गया है।

17,000 उम्मीदवारों में से चुने गए छात्र

भारतीय टीम में शामिल चार छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित चयन प्रक्रिया के जरिए चुना गया। इस प्रक्रिया में करीब 17,000 छात्रों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। बाद में उन्होंने 20 मई से 11 जून, 2026 तक यूनिवर्सिटी में इंटेंसिव ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लिया।

इंटरनेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड स्कूल छात्रों को अर्थ साइंस से जुड़े क्षेत्र में मुकाबला करने का मौका देता है। इस प्रतियोगिता में जियोलॉजी, जियोफिजिक्स, मेटियोरोलॉजी, ओशनोग्राफी और एनवायर्नमेंटल साइंस से जुड़े विषय और गतिविधि शामिल हैं। फाइनल टीम चुने जाने से पहले भारत की चयन प्रक्रिया में एक नेशनल एंट्रेंस टेस्ट, एक ट्रेनिंग कैंप और इंडियन नेशनल अर्थ साइंस ओलंपियाड शामिल हैं। भारतीय छात्रों की यह उपलब्धि इंटरनेशनल साइंस ओलंपियाड स्टेज पर भारतीय स्कूली छात्रों के एक और मजबूत प्रदर्शन को जोड़ती है।

NEET PG 2026 Re-Exam: अधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करें नीट पीजी री-एग्जाम एडमिट कार्ड, जानें डाउनलोड करने के स्टेप्स

NEET PG 2026 Re-Exam: अधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करें नीट पीजी री-एग्जाम एडमिट कार्ड, जानें डाउनलोड करने के स्टेप्स

NEET PG 2026 Re-Exam: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने नीट पीजी 2026 री-एग्जामिनेशन के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। नीट पीजी 2026 री-एग्जाम 5 सितंबर, 2026 को होंगे। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए योग्य उम्मीदवार अब आधिकारिक वेबसाइट natboard.edu.in से अपने हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं।

यह री-एग्जामिनेशन उन उम्मीदवारों के लिए किया जा रहा है जिन्हें खास तौर पर इसमें शामिल होने के लिए योग्य माना गया है। परीक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल होने से पहले अपने हॉल टिकट पर दिए गए विवरण को ध्यान से देख लेना चाहिए। बता दें, नीट पीजी 2026 री-एग्जाम iON डिजिटल जोन iDZ सीतापुरा सेंटर्स, जयपुर, राजस्थान (TC नंबर 41682 और 41683) में परीक्षा देने वाले 2,445 परीक्षार्थियों के लिए आयोजित किया जा रहा है। इस परीक्षा केंद्र की आंतरिक पावर सप्लाई बाधित होने की वजह से इस केंद्र पर परीक्षा पूरा नहीं हो सकी। इसलिए एनबीईएमएस ने इन परीक्षार्थियों के लिए नीट पीजी 2026 री-एग्जाम कराने की घोषणा की थी। इससे पहले नीट पीजी 2026 री-एग्जाम का आयोजन देश के 339 शहरों में बनाए गए 1111 परीक्षा केंद्रों पर 30 अगस्त, 2026 को किया था।

मेडिकल बोर्ड द्वारा यह परीक्षा 36 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में हुई थी, जिसमें 2,65,980 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया था। इनमें से लगभग 2,63,535 कैंडिडेट्स की परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी हुई। इस परीक्षा के लिए 2,73,096 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था। हालांकि, 2,445 के लिए यह परीक्षा तकलीफदेह साबित हुई। यह परीक्षार्थी पहुंचे थे।

नीट पीजी 2026 री-एग्जामिनेशन एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें

कैंडिडेट अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:

  • आधिकारिक एनबीईएमएस वेबसाइट natboard.edu.in पर जाएं।
  • होमपेज पर, नीट पीजी 2026 री-एग्जामिनेशन एडमिट कार्ड का लिंक ढूंढें।
  • जरूरी लॉगिन क्रेडेंशियल डालें।
  • ‘सबमिट’ बटन पर क्लिक करें।
  • नीट पीजी 2026 री-एग्जाम एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखेगा।
  • हॉल टिकट डाउनलोड करें और भविष्य के लिए एक कॉपी रख लें।

एडमिट कार्ड पर दी गई जानकारी

नीट पीजी 2026 री-एग्जाम एडमिट कार्ड में कैंडिडेट का नाम, नीट पीजी रोल नंबर, एप्लीकेशन नंबर, जन्म तिथि, कैटेगरी, फोटो और सिग्नेचर जैसी जरूरी जानकारी होगी।

इसमें परीक्षा की तारीख, एग्जाम सेंटर का नाम और पता, सेंटर कोड, रिपोर्टिंग टाइम और आखिरी एंट्री टाइम भी लिखा होगा। एडमिट कार्ड पर नीट पीजी 2026 एडवाइजरी और जरूरी निर्देश भी होंगे जिनका कैंडिडेट को परीक्षा के दिन पालन करना होगा।

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Gold Jewellery Price: 18, 14 या 9 कैरेट की ज्वेलरी कितने में बनेगी? समझिए पूरा कैलकुलेशन

Gold Jewellery Price: सोने का भाव लगातार ऊंचे स्तर पर बना है। ऐसे में जाहिर तौर पर नए गहने खरीदना काफी महंगा हो गया है। हालांकि, हर कैरेट के सोने की कीमत एक जैसी नहीं होती। सबसे महंगा 24 कैरेट का सोना होता है। लेकिन, इससे गहने नहीं बनते। गहने बनने की शुरुआत अधिकतम 22 कैरेट गोल्ड से होती है। महंगाई के चलते अब कम कैरेट गोल्ड की तरफ भी ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ रही है।

खुराना ज्वैलरी हाउस की सौम्या खुराना के मुताबिक, अब ज्वेलर्स ग्राहकों के लिए हल्के आभूषण पेश कर रहे हैं, जो सस्ते होते हैं। 18 कैरेट, 14 कैरेट और यहां तक ​​कि 9 कैरेट की ज्वेलरी भी मार्केट में आ रही हैं। इन्हें लोग खूब पसंद भी कर रहे हैं।

आइए जानते हैं कि 18, 14 और 9 कैरेट की गोल्ड ज्वेलरी बनवाने पर कितना खर्च होगा। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी IBJA के मुताबिक, 3 सितंबर को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹2,549 बढ़कर ₹1.54 लाख हो गई। इसी भाव के आधार पर 18 कैरेट, 14 कैरेट और 9 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी का कैलकुलेशन किया गया है।

18K, 14K और 9K में कितना सोना

18 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी में 75% यानी 7.5 ग्राम शुद्ध सोना होता है। 14 कैरेट में यह मात्रा 58.5% यानी 5.85 ग्राम रहती है। वहीं 9 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी में 37.5% यानी 3.75 ग्राम शुद्ध सोना होता है।

बची हुई मात्रा में दूसरी धातुएं मिलाई जाती हैं। इससे ज्वेलरी मजबूत बनती है। कम कैरेट का मतलब है कि गहने में सोने की मात्रा कम है। यही वजह है कि उसकी कीमत भी कम पड़ती है।

Gold price crash: इन 5 वजहों से क्रैश हुआ गोल्ड, 6% तक गिरा भाव; अब आगे  क्या होगा? - gold price crash reasons and future outlook after 6 percent  drop in international market | Moneycontrol Hindi

18 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी का खर्च

18 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी में 7.5 ग्राम शुद्ध सोना होता है। ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम के भाव पर इस सोने की कीमत ₹1,15,500 बैठती है।

बाकी 2.5 ग्राम में दूसरी धातुएं होती हैं। चांदी और तांबे की कीमत जोड़ने पर ज्वेलरी की कुल धातु लागत ₹1,18,502 हो जाती है। 10% मेकिंग चार्ज और 3% GST के बाद कुल कीमत करीब ₹1,34,262 बैठती है।

14 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी का खर्च

14 कैरेट की ज्वेलरी में सोने की मात्रा घटकर 5.85 ग्राम रह जाती है। इसकी कीमत ₹90,090 होती है। हालांकि, बचे हुए 4.15 ग्राम में चांदी और तांबा मिलाया जाता है। इनकी कीमत भी ग्राहक को चुकानी होती है।

इन धातुओं की कीमत जोड़ने पर कुल धातु लागत ₹95,073 बैठती है। मेकिंग चार्ज और GST मिलाने के बाद 10 ग्राम 14 कैरेट ज्वेलरी की कीमत करीब ₹1,07,718 हो जाती है। यानी 18 कैरेट के मुकाबले करीब ₹26,500 की बचत।

9 कैरेट की 10 ग्राम ज्वेलरी का खर्च

9 कैरेट में सिर्फ 3.75 ग्राम शुद्ध सोना होता है। मौजूदा भाव पर इस सोने की कीमत ₹57,750 बैठती है। बाकी 6.25 ग्राम में दूसरी धातुएं होती हैं। चांदी और तांबे की कीमत मिलाकर कुल धातु लागत ₹65,254 हो जाती है।

इसके बाद ₹6,525 मेकिंग चार्ज और 3% GST जुड़ता है। इस तरह 10 ग्राम 9 कैरेट ज्वेलरी करीब ₹73,933 में तैयार होती है। यानी 18 कैरेट के मुकाबले करीब ₹60,000 कम खर्च आता है।

एक नजर में 10 ग्राम ज्वेलरी का पूरा हिसाब

खर्च का हिसाब18 कैरेट14 कैरेट9 कैरेट
शुद्ध सोना7.5 ग्राम5.85 ग्राम3.75 ग्राम
सोने की कीमत₹1,15,500₹90,090₹57,750
दूसरी धातुओं की कीमत₹3,002₹4,983₹7,504
कुल धातु लागत₹1,18,502₹95,073₹65,254
मेकिंग चार्ज₹11,850₹9,507₹6,525
GST₹3,910₹3,137₹2,153
कुल कीमत₹1,34,262₹1,07,718₹73,933

9 कैरेट ज्वेलरी का बढ़ता चलन

बाजार में 9 कैरेट ज्वेलरी का चलन बढ़ रहा है। खासकर युवा ग्राहक हल्के और रोज पहनने वाले गहनों के लिए इसे देख रहे हैं। 14 कैरेट और 18 कैरेट ज्वेलरी भी हीरे और दूसरे रत्नों वाले डिजाइन में खूब इस्तेमाल होती है।

हालांकि, शादी-ब्याह के पारंपरिक गहनों के लिए भारत में 22 कैरेट गोल्ड की मांग अभी भी सबसे ज्यादा रहती है। लेकिन सोने के रिकॉर्ड भाव के बीच कम कैरेट की ज्वेलरी अब ग्राहकों के लिए सस्ता विकल्प बन रही है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

गोवा में हर साल मिलेंगे 3 मुफ्त LPG गैस सिलेंडर, 9 सितंबर से बैंक खाते में ट्रांसफर होंगे ₹3000, अप्लाई करने का तरीका जानिए

Goa free LPG: मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घोषणा की है कि राज्य सरकार गोवा के लाभार्थियों को हर साल तीन एलपीजी गैस सिलेंडर मुफ्त उपलब्ध कराएगी। इसके लिए 9 सितंबर से हर साल 3,000 रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक अकाउंट्स में जमा की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन फॉर्म पांच सितंबर से पंचायतों और विधायकों के कार्यालयों में उपलब्ध कराए जाएंगे। सीएम ने बताया कि यह राशि 9 सितंबर 2026 से मिलनी शुरू हो जाएगी।

पणजी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना 2022 के राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए उनके वादे का हिस्सा है। उस समय उन्होंने लोगों को हर साल तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। सावंत ने कहा, “नौ सितंबर से लाभार्थियों के बैंक खातों में हर साल 3,000 रुपये जमा होने शुरू हो जाएंगे। इस वित्तीय सहायता से पात्र लाभार्थी योजना के तहत तीन एलपीजी सिलेंडर खरीदने का खर्च वहन कर सकेंगे।”

उन्होंने बताया कि गोवा निवासी जो व्यक्ति आवेदन फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेज जमा करेगा, उसे अपने बैंक खाते में यह राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। सावंत ने यह भी कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को बैंक पासबुक, आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड की कॉपी जमा करनी होंगी।

9 सितंबर से अकाउंट में आएंगे ₹3,000

पणजी में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 9 सितंबर से हर साल 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता उनके बैंक खातों में मिलनी शुरू होगी। इस राशि का इस्तेमाल लाभार्थी तीन LPG सिलेंडरों की लागत को पूरा करने के लिए कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग आवेदन फॉर्म भरकर जरूरी दस्तावेज जमा करेंगे, उन्हें योजना की राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त होगी।

किन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत?

योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को नीचे दिए गए कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे:-

बैंक पासबुक की कॉपी

आधार कार्ड

वोटर आईडी कार्ड

2022 के विधानसभा चुनाव का वादा

सीएम प्रमोद सावंत ने कहा कि यह योजना 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे का हिस्सा है। उन्होंने चुनाव के समय राज्य के लोगों को हर साल तीन फ्री LPG सिलेंडर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। अब सरकार ने इस वादे को पूरा करने के लिए लाभार्थियों के बैंक खातों में सालाना ₹3,000 देने की व्यवस्था की है।

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High Return Stock: इस शेयर ने 2026 में पैसा दोगुना किया है, क्या निवेश करना चाहिए?

High Return Stock: आईनॉक्स इंडिया ने हाई वैल्यू बिजनेस पर फोकस बढ़ाया है। स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मौजूदगी और नए अप्लिकेशंस में एंट्री से कंपनी की ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। कंपनी का शेयर 3 सितंबर को 3.84 फीसदी चढ़कर 2,180 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर ने 2026 में निवेशकों को मालामाल किया है। इस दौरान इसने निवेशकों का पैसा दोगुना कर दिया है।

कपैसिटी बढ़ने से ग्रोथ को मिलेगा सपोर्ट

Inox India कांडला में अपनी कपैसिटी बढ़ा रही है। इससे भी ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। शेयरों में ज्यादा तेजी का असर वैल्यूएशन पर पड़ा है। कंपनी की वैल्यूएशन 2028 में अनुमानित अर्निंग्स का करीब 44 गुना हो गई है। हालांकि, जून तिमाही में साल दर साल आधार पर कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ 8.3 फीसदी रही है। अगर लॉजिस्टिक्स से जुड़े मसले नहीं होते तो रेवेन्यू ग्रोथ ज्यादा रहती।

EBITDA मार्जिन करीब 23.5 फीसदी रहा

मुश्किल के बावजूद कंपनी का EBITDA साल दर साल आधार पर 1.4 फीसदी बढ़कर करीब 90 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन करीब 23.5 फीसदी रहा, जो अच्छा है। साल दर साल आधार पर टैक्स बाद प्रॉफिट (PAT) बगैर बदलाव के 61 करोड़ रुपये रहा। जून तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहता, क्योंकि 32-35 करोड़ रुपये के इक्विपमेंट डिस्पैच के लिए तैयार हैं।

फ्रेट कॉस्ट में उछाल से इक्विपमेंट की शिपिंग में बाधा

माल ढुलाई की बढ़ती लागत और शिपिंग की सीमित उपलब्धता की वजह से इक्विपमेंट की शिपिंग नहीं हो सकी। कंपनी के मैनेजमेंट ने बताया है कि यूरोपियन कनटेनर रेट्स 3,000-4000 से बढ़कर 8,000-9,000 ड़लर तक पहुंच गए हैं। कुछ ग्राहकों ने ज्यादा फ्रेट रेट्स को देखते हुए डिलीवरी टाल दी है। मैनेजमेंट का कहना है कि यह मुश्किल थोड़े समय के लिए है।

1686 करोड़ रुयये की स्ट्रॉन्ग ऑर्डरबुक

जून तिमाही में कंपनी को 532 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले। इससे कुल ऑर्डरबुक बढ़कर जून के अंत में 1,686 करोड़ रुपये पहुंच गई। इसमें एक्सपोर्ट ऑर्डर्स की 1,140 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी है। कंपनी के लिए एयरोस्पेस नए मौके के रूप में उभरा है। कंपनी को 1,500 क्यूबिक मीटर क्राइजोनिक स्टोरेज टैंक्स के 8 बड़े ऑर्डर्स मिले हैं। उसी ग्राहक से छह अतिरिक्त टैंक के भी ऑर्डर मिले हैं।

सेमीकंडक्टर ईकोसिस्टम में भी पैर जमाने की कोशिश

कंपनी भारत में नए उभरते सेमीकंडक्टर ईकोसिस्टम में भी पैर जमाने की कोशिश कर रही है। इसे धोलेरा में सेमीकंडक्टर फैसिलिटी के लिए स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट इक्विपमेंट के ऑर्डर मिले हैं। मैनेजमेंट ने बताया है कि ये ऑर्डर करीब 30 करोड़ रुपये के हैं। कंपनी के संभावित ग्राहकों में Micron, Foxconn और टाटा जैसी बड़ी कंपनियां शामिल है।

मैनेजमेंट ने 18-20 फीसदी का रेवेन्यू गाइडेंस बनाए रखा

मैनेजमेंट ने FY27 के रेवेन्यू ग्रोथ के 18-20 फीसदी गाइडेंस को बनाए रखा है। एबिड्टा मार्जिन के 21-24 फीसदी गाइडेंस को भी बनाए रखा है। यह इसके बावजूद है कि पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन अनुमान से थोड़ा कमजोर रहा। कंपनी की 1,686 करोड़ रुपये की ऑर्डरबुक से रेवेन्यू को लेकर अगले कई सालों की तस्वीर साफ है।

GATE 2027 Registration: आईआईटी मद्रास ने शुरू किया गेट 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन, जानें कौन कर सकता और कौन नहीं कर सकता अप्लाई

GATE 2027 Registration: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) मद्रास ने ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) 2027 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। गेट 2027 में हिस्सा लेने के इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट gate2027.iitm.ac.in पर जाकर अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। यह आवेदन प्रक्रिया 02 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है।

गेट 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन विंडो बिना लेट फीस के 27 सितंबर, 2026 तक खुली रहेगी। इस डेडलाइन तक अपना आवेदन करने से चूकने वाले उम्मीदवार, इसके बाद भी लेट फीस देकर 5 अक्टूबर तक अप्लाई कर सकते हैं। आवेदन सुधार विंडो 14 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक उपलब्ध रहेगी।

गेट 2027, 6, 7, 13, 14, 20 और 21 फरवरी, 2027 को होगा। सिटी अलॉटमेंट नोटिफिकेशन 4 जनवरी को आने की उम्मीद है, जबकि एडमिट कार्ड रिलीज की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। गेट 2027 का नतीजा 19 मार्च, 2027 को घोषित किया जाएगा।

गेट 2027 में रोबोटिक्स और ऑटोमेशन पेपर किया गया शामिल

इस साल, गेट में रोबोटिक्स और ऑटोमेशन (RA) पर एक नया पेपर होगा। नए पेपर के जुड़ने से, अब परीक्षा 30 टेस्ट पेपर्स के लिए होगी। आईआईटी मद्रास ने गेट 2027 के कुछ सिलेबस में भी बदलाव किए हैं। इनमें बायोटेक्नोलॉजी पेपर में अपडेट और टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और फाइबर साइंस, इंजीनियरिंग साइंसेज, ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंसेज, और लाइफ साइंसेज के लिए सेक्शनल पेपर कोड में बदलाव शामिल हैं। उम्मीदवार एक या दो टेस्ट पेपर्स दे सकते हैं। हालांकि, दो पेपर्स चुनने वालों को परीक्षा अधिकारियों द्वारा मान्य कॉम्बिनेशन्स में से चुनना होगा।

गेट 2027 योग्यता

जो कैंडिडेट अंडरग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम के तीसरे साल या उससे ऊपर पढ़ रहे हैं, साथ ही जिन्होंने इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चर, साइंस, कॉमर्स, आर्ट्स या ह्यूमैनिटीज में सरकार से मंजूर डिग्री पूरी की है, वे इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

भारत के बाहर के संस्थान से योग्य डिग्री वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं, जो अधिकारियों द्वारा बताई गई शर्तों के तहत है। भारतीय नागरिकों के लिए, DigiLocker के जरिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है। आईआईटी मद्रास ने कैंडिडेट को सलाह दी है कि गेट 2027 आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले यह पक्का कर लें कि उनका DigiLocker अकाउंट वेरिफाई और अपडेटेड है।

IIT JAM 2027 brochure: आईआईटी खड़गपुर ने जारी किया ब्रोशर और बदली रजिस्ट्रेशन की तारीख, जानें कब से शुरू होंगे आवेदन

Janmashtami 2026: ‘बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया का करें यशोदा मैया…’, इन हिंदी गानों के साथ मनाए जन्माष्टमी

Janmashtami 2026: पूरे देश में जन्माष्टमी धूम धाम से मनाई जा रही है। इस खास मौके पर देशभर के मंदिरों को और घरों को झाकी के साथ सजाया जाता है। दही हांडी आयोजित होती है। इस दौरान बॉलीवुड के कई मशहूर सुनने को मिलते हैं। ऐसे में हम आपके लिए बॉलीवुड गानों की लिस्ट लाए हैं, जो भगवान कृष्ण के इस त्योहार का मजा बढ़ा देंगे।

बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया…

फिल्म ‘अमर प्रेम’ का गाना ‘बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया..’ दिल को छूता है। इस गाने को लता मंगेशकर ने गाया है, आनंद बक्शी से इसके बोल लिखे हैं। जबकि आर.डी. बर्मन का संगीत है। जन्माष्टमी के खास मौके पर सोशल मीडिया पर भी ये खूब ट्रेंड होता है।

गो गो गोविंदा

जबरदस्त बीट्स और जोश भरी कोरियोग्राफ़ी वाला यह सुपरहिट गाना, जिसमें प्रभु देवा और सोनाक्षी सिन्हा हैं, पारंपरिक दही-हंडी सेलिब्रेशन के कॉम्पिटिशन वाले जोश, खुशी और असली उत्साह को बखूबी दिखाता है।

राधा कैसे न जले

ए.आर. रहमान का ये गाना यह सदाबहार गाना राधा और भगवान कृष्ण के बीच की चंचल, रोमांटिक नोक-झोंक और हल्की-फुल्की जलन को बहुत खूबसूरती से दिखाता है, जो इसे किसी भी त्योहार की शाम के लिए एक ज़रूरी और शानदार गाना बनाता है।

‘वो किसना है’

बांसुरी की दिल को छू लेने वाली धुन और सुखविंदर सिंह की दमदार आवाज़ से सजी यह शानदार गाना भगवान कृष्ण के बारे में बताता है। यह आपकी प्लेलिस्ट में एक गहरा और उत्साह बढ़ाने वाला आध्यात्मिक एहसास जोड़ता है।

राधे-राधे

तेज लोक संगीत की धुनों और जोश भरे आधुनिक रिदम वाला यह एनर्जेटिक गाना मथुरा और गोकुल की जीवंत गलियों से प्रेरित है। यह गाना घर पर होने वाले जश्न में हर किसी को थिरकने पर मजबूर कर देगा।

मच गया शोर

अमिताभ बच्चन अभिनीत यह सदाबहार रेट्रो गाना, त्योहारों के दौरान होने वाले मेल-जोल, खुशी-खुशी गाए जाने वाले गीतों और सड़कों पर होने वाले उत्सव के उस जादुई माहौल को दर्शाता है, जिसने पीढ़ियों से भारतीय त्योहारों की पहचान बनाई है।

मैया यशोदा

यह प्यारा ग्रुप डांस गाना मैया यशोदा से नटखट शिकायतों के ज़रिए छोटे कान्हा की शरारतों भरी बचपन की हरकतों को खूबसूरती से दिखाता है। यह आपके त्योहार के माहौल में अपनापन, परिवार का जुड़ाव और भारतीय संस्कृति की क्लासिक खूबसूरती लाता है।

चांदी की दाल पर

90 के दशक के जोशीले डांस म्यूज़िक वाले इस मज़ेदार और चंचल गाने से प्लेलिस्ट में एक हल्की-फुल्की और शरारती रौनक आ जाती है। यह गाना कृष्ण के मशहूर शरारती अंदाज़ को बॉलीवुड के मज़ेदार और एंटरटेनिंग रूप में पेश करता है।

कान्हा सो जा ज़रा

ज़बरदस्त एनर्जी वाले डांस गानों के बीच एक सुकून देने वाला बदलाव पेश करने वाला यह शानदार और बेहतरीन ढंग से रचा गया लोरी-नुमा गीत, एक शांत और सुकून भरा माहौल बनाता है। यह देर रात मंदिर की प्रार्थनाओं और आधी रात की दिव्य आरती की रस्मों के लिए एकदम सही है।