ITR Filing 2026 Deadline: 31 जुलाई से पहले ऐसे भरें आयकर रिटर्न, पेनल्टी से बचें

income tax

अगर आपने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपना आयकर रिटर्न (ITR) अभी तक दाखिल नहीं किया है, तो तुरंत सावधान हो जाएं! व्यक्तिगत करदाताओं और वेतनभोगियों के लिए बिना  किसी लेट फीस के ITR फाइल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 है।

 

अंतिम समय में इनकम टैक्स पोर्टल पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से सर्वर स्लो होने या पेमेंट अटकने की समस्या हो सकती है। यदि आप 31 जुलाई की समय सीमा चूक जाते हैं, तो आपको  भारी लेट फीस, ब्याज और कई वित्तीय नुकसान उठाने पड़ सकते हैं।
 

धारा 234F के तहत पेनल्टी (Late Fee Slabs) 

आयकर कानून की धारा 234F के अनुसार, नियत तारीख के बाद रिटर्न (Belated Return) दाखिल करने पर निम्नलिखित जुर्माना लागू होता है:

 

कुल वार्षिक आय (Total Income) 31 जुलाई के बाद ITR फाइल करने पर लेट फीस

2.5 लाख तक रुपए (मूल छूट सीमा) कोई पेनल्टी नहीं

2.5 लाख से 5 लाख रुपए तक 1,000 रुपए अधिकतम लेट फीस

5 लाख रुपए से अधिक 5,000 रुपए लेट फीस

 

समय पर ITR न भरने के 4 बड़े नुकसान

1. धारा 234A के तहत ब्याज : यदि आपका कोई टैक्स बकाया है, तो समय सीमा समाप्त होने के बाद आपको बकाए टैक्स पर 1% प्रति माह की दर से ब्याज देना होगा। 
 

2. नुकसान (Losses) को कैरी फॉरवर्ड न कर पाना : शेयर बाजार, फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) या बिजनेस से हुए नुकसान को अगले वर्षों के मुनाफे से एडजस्ट (Carry Forward) करने का विकल्प समाप्त हो जाता है।
 

3. ओल्ड टैक्स रिजीम का विकल्प बंद: यदि आप पुरानी कर व्यवस्था (Old Tax Regime) चुनना चाहते थे, तो समय सीमा बीत जाने के बाद आप केवल न्यू टैक्स  रिजीम (New Tax Regime) के तहत ही बेलैटेड रिटर्न भर पाएंगे।

4. रिफंड में देरी : यदि आपका TDS कटा है और आप रिफंड के हकदार हैं, तो देर से फाइल करने पर आपका रिफंड अटक सकता है या उसमें काफी देरी हो सकती है।

 

पोर्टल पर ऑनलाइन ITR फाइल करने की चरणबद्ध प्रक्रिया

समय सीमा समाप्त होने से पहले घर बैठे आधिकारिक पोर्टल (incometax.gov.in) पर आसानी से ITR फाइल करने के लिए इन स्टेप्स का पालन करें:
 

1.ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें: PAN और पासवर्ड तैयार रखें।

आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in पर जाएं। अपनी यूजर आईडी (PAN) और पासवर्ड का उपयोग करके लॉगिन करें।
 

2.File Income Tax Return चुनें:

लॉगिन के बाद मुख्य डैशबोर्ड पर e-File > Income Tax Returns > File Income Tax Return विकल्प पर क्लिक करें।
 

3.आकलन वर्ष (Assessment Year) का चयन करें:

आकलन वर्ष में AY 2026-27 का चयन करें। इसके बाद ऑनलाइन फाइलिंग (Online Mode) चुनें और 'Start New Filing' पर क्लिक करें।
 

4.करदाता स्थिति एवं सही ITR फॉर्म का चुनाव करें:

अपनी स्थिति Individual चुनें। यदि आपकी केवल वेतन, एक मकान संपत्ति या ब्याज से आय है, तो ITR-1 (Sahaj) चुनें।
 

5.AIS और Form 26AS से आंकड़ों का मिलान करें:

अपने फॉर्म 16, AIS (Annual Information Statement) और Form 26AS के आंकड़ों की जांच करें। यदि कोई टैक्स बकाया दिखता है, तो e-Pay Tax  के माध्यम से तुरंत भुगतान करें।
 

6.समीक्षा करें और e-Verify पूरा करें:

अपनी सभी जानकारियों की दोबारा समीक्षा करके Submit पर क्लिक करें। इसके बाद अपने आधार OTP या नेट बैंकिंग का उपयोग करके e-Verification प्रक्रिया तुरंत पूरी  करें (बिना ई-वेरिफिकेशन के ITR अमान्य माना जाता है)।
 

ITR सबमिट करने से पहले अंतिम चेकलिस्ट 

– AIS/TIS की जांच: अपने पोर्टल पर जाकर AIS जरूर डाउनलोड करें और उसमें दर्ज ब्याज, डिविडेंड या शेयर ट्रेडिंग की जानकारी अपने रिकॉर्ड से मिलाएं।

– बैंक खाता वैलिडेट करें: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता पोर्टल पर पूर्व-सत्यापित (Pre-validated) है ताकि रिफंड सीधे आपके खाते में आ सके।

– ई-वेरिफिकेशन न भूलें: ITR फाइल करने के 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन करना अनिवार्य है।

सलाह: यदि पोर्टल पर अत्यधिक लोड के कारण तकनीकी समस्या आए, तो स्क्रीनशॉट लेकर रखें और थोड़ा रुककर पुनः प्रयास करें। 31 जुलाई की मध्यरात्रि से पहले अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें। 

 

आयकर रिटर्न (ITR) भरते समय सही फॉर्म चुनना सबसे महत्वपूर्ण चरण है। गलत फॉर्म चुनने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके रिटर्न को 'Defective Return' (धारा  139(9)) करार दे सकता है। 

व्यक्तिगत करदाताओं (Individuals) के लिए ITR-1 (Sahaj) और ITR-2 सबसे आम फॉर्म हैं। 

ITR-1 (Sahaj) और ITR-2 में मुख्य अंतर 

विषय ITR-1 (Sahaj) ITR-2

पात्रता (Eligibility) केवल भारत के निवासी (Resident Individuals) निवासी (Resident), अनिवासी (NRI) और HUF

कुल आय सीमा ₹50 लाख तक ₹50 लाख से अधिक (कोई सीमा नहीं)

मकान संपत्ति (House Property) केवल 1 मकान संपत्ति से आय 1 से अधिक मकान संपत्तियों से आय

कैपिटल गेन्स (शेयर, MF, प्रॉपर्टी) केवल Section 112A के तहत ₹1.25 लाख तक LTCG सभी प्रकार के Capital Gains (STCG/LTCG,  प्रॉपर्टी, सोना आदि)

विदेशी संपत्ति / आय (Foreign Assets) अनुमति नहीं है विदेश में संपत्ति, शेयर (RSUs/ESOPs) या आय होने पर अनिवार्य

कृषि आय (Agricultural Income) ₹5,000 तक ₹5,000 से अधिक होने पर

डायरेक्टर / अनलिस्टेड शेयर कंपनी में डायरेक्टर या अनलिस्टेड शेयरधारक फाइल नहीं कर सकते कंपनी के डायरेक्टर या अनलिस्टेड शेयरधारक फाइल कर सकते हैं

आपके लिए कौन सा फॉर्म सही है?

1. आपको ITR-1 (Sahaj) चुनना चाहिए यदि:
 

आपकी कुल वार्षिक आय ₹50 लाख तक है। 

आपकी आय का मुख्य स्रोत वेतन (Salary), पेंशन (Pension) या ब्याज/डिविडेंड (Other Sources) है। 

आपके पास केवल 1 मकान संपत्ति (Single House Property) है। 

आपकी कृषि आय (Agricultural Income) ₹5,000 या उससे कम है। 

आपने शेयर या म्यूचुअल फंड बेचे हैं, लेकिन आपका कुल लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (Section 112A u/s) ₹1.25 लाख के अंदर है और कोई अन्य कैपिटल गेन  या लॉस नहीं है। 

2. आपको ITR-2 चुनना चाहिए यदि: 

आपकी कुल वार्षिक आय ₹50 लाख से अधिक है। 

आपने शेयर, म्यूचुअल फंड, जमीन, मकान या सोना बेचा है और आपको Short-Term Capital Gain (STCG) या अधिक LTCG हुआ है। 

आपके पास 2 या उससे अधिक मकान हैं जिनसे किराया या आय आती है। 

आपकी विदेशी आय है या विदेश में कोई बैंक खाता/कंपनी शेयर (जैसे MNCs से मिले US Stocks/ESOPs) हैं। 

आपकी कृषि आय ₹5,000 से अधिक है। 

आप किसी कंपनी में डायरेक्टर (Director) हैं या आपके पास अनलिस्टेड कंपनियों के शेयर हैं। 

आपका आवासीय दर्जा NRI (Non-Resident Indian) या RNOR है। 

ध्यान दें: बिजनेस या प्रोफेशन से आय (जैसे फ्रीलांसिंग, कंसल्टेंसी, ट्रेडिंग या बिज़नेस प्रॉफिट) कमाने वाले व्यक्ति ITR-1 या ITR-2 का उपयोग नहीं कर सकते। उनके लिए ITR-3  या ITR-4 लागू होता है। 

 

 

आयकर पोर्टल (Income Tax Portal) से AIS (Annual Information Statement) डाउनलोड करना और उसका Form 16 से मिलान  (Reconciliation) करना आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। इससे आपके ITR में किसी प्रकार के मिसमैच की संभावना खत्म हो जाती है।
 

1. AIS कैसे डाउनलोड करें? (Step-by-Step Guide) 
 

1.इ-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें:

आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in पर जाएं। अपने PAN (यूजर ID) और पासवर्ड से लॉगिन करें।

2.Services मेनू में जाएं:

लॉगिन के बाद मुख्य मेनू बार पर Services टैब पर क्लिक करें और ड्रॉपडाउन से Annual Information Statement (AIS) चुनें।

3.AIS पोर्टल पर रिडायरेक्ट हों:

स्क्रीन पर एक पॉप-अप मैसेज आएगा, वहां Proceed पर क्लिक करें। यह आपको एक नए Compliance Portal पर ले जाएगा।

4.असेसमेंट ईयर और फाइल फॉर्मेट चुनें:

Compliance Portal पर AIS टैब पर क्लिक करें। ऊपर से सही असेसमेंट ईयर (जैसे AY 2026-27) चुनें।

5.PDF या Excel में डाउनलोड करें:PDF खोलने के लिए पासवर्ड डालें.

आप पूरे विवरण को PDF या JSON/Excel फॉर्मेट में डाउनलोड करने के लिए Download बटन पर क्लिक करें।
 

PDF खोलने का पासवर्ड Format: 

AIS की PDF फाइल पासवर्ड प्रोटेक्टेड होती है। इसका पासवर्ड आपका PAN (स्मॉल लेटर्स में) + आपकी जन्मतिथि (DDMMYYYY) होता है। 

उदाहरण: यदि आपका PAN ABCDE1234F और DOB 15/08/1990 है, तो पासवर्ड होगा: abcde1234f15081990।

2. Form 16 और AIS का मिलान (Reconciliation) कैसे करें? 

Form 16 आपके एम्प्लॉयर (कंपनी) द्वारा दी गई सैलरी और काटे गए TDS का प्रमाण है, जबकि AIS में आपकी सैलरी के अलावा बैंक ब्याज, डिविडेंड, शेयर ट्रेडिंग आदि की भी  जानकारी होती है। 

दोनों का मिलान करते समय निम्नलिखित बिंदुओं को क्रमानुसार जांचें:

1. ग्रॉस सैलरी (Gross Salary) का मिलान 

Form 16 (Part B): अपनी कुल ग्रॉस सैलरी और एम्प्लॉयर द्वारा काटे गए कुल TDS की जांच करें। 

AIS (Part B – TDS/TCS section): सैलरी कोड (192) के सामने दिख रही रकम और काटे गए TDS का मिलान Form 16 के Part A से  करें। 

ध्यान दें: यदि आपने साल के दौरान नौकरी बदली है, तो दोनों एम्प्लॉयर्स के Form 16 की कुल रकम का जोड़ AIS की कुल सैलरी से मिलना चाहिए। 

2. TDS और Form 26AS से क्रॉस-चेक 

Form 16 में दर्ज कुल TDS कटौती, AIS के TDS/TCS टैब और आपके Form 26AS में दिख रहे टैक्स क्रेडिट से पूरी तरह मैच होनी चाहिए। 

3. अन्य आय (Other Income) की पहचान 

AIS में सैलरी के अलावा कई ऐसी आय दर्ज होती हैं जो Form 16 में नहीं होतीं: 

बैंक ब्याज (Savings/FD Interest): पासबुक और बैंक से मिले इंटरेस्ट सर्टिफिकेट से इसका मिलान करें। 

डिविडेंड (Dividend Income): शेयर या म्यूचुअल फंड से मिले डिविडेंड को क्रॉस-चेक करें। 

कैपिटल गेन्स (Shares/MF Sale): शेयर या प्रॉपर्टी बिक्री से हुई कमाई AIS के SFT Information में दिखती है।
 

यदि AIS में गलत जानकारी या अंतर दिखाई दे तो क्या करें? 
 

अगर AIS में कोई ऐसी इनकम दर्ज दिख रही है जो आपकी नहीं है या कोई आंकड़ा दो बार (Duplicate) दर्ज हो गया है, तो आप पोर्टल पर Feedback दे सकते हैं: 

1. AIS Portal पर उस गलत एंट्री/लाइन आइटम पर क्लिक करें। 

2. Optional / Feedback बटन चुनें।

3. उपयुक्त विकल्प चुनें (जैसे: Information is not correct, Income is not taxable, या Information relates to  other PAN/Year)।

4. इसे सबमिट कर दें। सबमिट करने के बाद आपकी TIS (Taxpayer Information Summary) अपने आप अपडेट हो जाएगी।

Weather Alert : देशभर में मानसून हुआ एक्टिव, दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात-असम में बाढ़ से बिगड़े हालात

weather update 27 july : rain, flood, imd alert

देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दो सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश करा सकते हैं।

 

मानसून की इस तेज गतिविधि से गुजरात और असम में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, असम में बाढ़ से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत होने के बाद बाढ़ से जुड़ी मौतों का आंकड़ा 61 तक पहुंच गया है। राज्य के 12 जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

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सक्रिय मौसम प्रणालियों से बढ़ी बारिश की गतिविधि

 

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हुआ है, जो पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों और उत्तरी ओडिशा की ओर फैला हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले दो दिनों में और मजबूत हो सकता है। इसके अलावा मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहा है।

 

इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से मानसून फिर सक्रिय हुआ है। इसके चलते देश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

 

दिल्ली में भारी बारिश और 70 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं का अलर्ट

 

राजधानी दिल्ली में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। राजधानी के कुछ हिस्सों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। दिन का तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

 

उत्तराखंड और हिमाचल में भी भारी बारिश का अलर्ट

 

उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इन इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी अगले दो दिनों तक कई इलाकों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कुल्लू में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

 

जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में येलो अलर्ट

 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, रामबन, जम्मू, पुंछ, कुलगाम, उधमपुर, कठुआ, डोडा, अनंतनाग, गांदरबल और कुपवाड़ा समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।

 

गुजरात में बाढ़ से हालात गंभीर, 40 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे

 

लगातार हो रही भारी बारिश ने गुजरात के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर कर दी है। निचले इलाकों में पानी भरने के कारण 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक पांच लोगों की मौत की सूचना है। एहतियात के तौर पर अहमदाबाद में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

 

मौसम विभाग ने गुजरात के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अलग-अलग स्थानों पर 204.5 मिमी से अधिक अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।

 

असम में बाढ़ का संकट गहराया, मौतों का आंकड़ा 78 पहुंचा

 

असम में इस मानसून सीजन की सबसे गंभीर बाढ़ स्थितियों में से एक बनी हुई है। पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। इसके साथ ही बाढ़ से संबंधित मौतों का कुल आंकड़ा बढ़कर 78 हो गया है। राज्य के 12 जिलों में 7,05,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। बाढ़ से घरों, सड़कों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है।

 

प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही विस्थापित परिवारों को जरूरी सामान और आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

इन राज्यों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान

 

गुजरात और हिमालयी क्षेत्र के अलावा कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा असम, मेघालय, गंगीय पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश का अनुमान है। इनमें से कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

Weather Alert : देशभर में मानसून हुआ एक्टिव, दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात-असम में बाढ़ से बिगड़े हालात

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देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दो सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश करा सकते हैं।

 

मानसून की इस तेज गतिविधि से गुजरात और असम में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, असम में बाढ़ से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत होने के बाद बाढ़ से जुड़ी मौतों का आंकड़ा 61 तक पहुंच गया है। राज्य के 12 जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

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सक्रिय मौसम प्रणालियों से बढ़ी बारिश की गतिविधि

 

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हुआ है, जो पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों और उत्तरी ओडिशा की ओर फैला हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह सिस्टम अगले दो दिनों में और मजबूत हो सकता है। इसके अलावा मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहा है।

 

इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से मानसून फिर सक्रिय हुआ है। इसके चलते देश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

 

दिल्ली में भारी बारिश और 70 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं का अलर्ट

 

राजधानी दिल्ली में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। राजधानी के कुछ हिस्सों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। दिन का तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

 

उत्तराखंड और हिमाचल में भी भारी बारिश का अलर्ट

 

उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। इन इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी अगले दो दिनों तक कई इलाकों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कुल्लू में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

 

जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में येलो अलर्ट

 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, रामबन, जम्मू, पुंछ, कुलगाम, उधमपुर, कठुआ, डोडा, अनंतनाग, गांदरबल और कुपवाड़ा समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है।

 

गुजरात में बाढ़ से हालात गंभीर, 40 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे

 

लगातार हो रही भारी बारिश ने गुजरात के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर कर दी है। निचले इलाकों में पानी भरने के कारण 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक पांच लोगों की मौत की सूचना है। एहतियात के तौर पर अहमदाबाद में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

 

मौसम विभाग ने गुजरात के कुछ हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अलग-अलग स्थानों पर 204.5 मिमी से अधिक अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।

 

असम में बाढ़ का संकट गहराया, मौतों का आंकड़ा 78 पहुंचा

 

असम में इस मानसून सीजन की सबसे गंभीर बाढ़ स्थितियों में से एक बनी हुई है। पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। इसके साथ ही बाढ़ से संबंधित मौतों का कुल आंकड़ा बढ़कर 78 हो गया है। राज्य के 12 जिलों में 7,05,000 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। बाढ़ से घरों, सड़कों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है।

 

प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही विस्थापित परिवारों को जरूरी सामान और आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

इन राज्यों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान

 

गुजरात और हिमालयी क्षेत्र के अलावा कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा असम, मेघालय, गंगीय पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश का अनुमान है। इनमें से कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

Kanwar Yatra : आस्था का सैलाब! ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजा यूपी, शिवभक्तों के लिए सेवा-सुरक्षा के खास इंतजाम

सावन का पहला दिन, न कोई थकान, न कोई चिंता, बस एक ही धुन, एक ही गूंज ‘बम-बम भोले!’। कंधे पर कांवड़, होठों पर जयकारा और मन में एक अटूट विश्वास कि शिव कल्याण करेंगे। सुबह की पहली किरण के साथ ही शिवालयों में घंटियों की गूंज शुरू हो गई और भक्तों की कतारें मंदिरों के बाहर लंबी होती चली गईं। उत्तर प्रदेश के कांवड़ मार्ग श्रद्धा-आस्था से प्रकाशमान हो चले हैं।

उत्तराखंड की ओर से आनेवाले कांवड़िये यूपी सीमा पर अपने सत्कार से अभिभूत हैं। काशी, अयोध्या और प्रयागराज में भी शिवभक्त लंबी यात्रा की तैयारी में जुटे हैं। सबका भरोसा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर है जो हर साल ही उनके लिए हर इंतजाम करती आई है। सरकार ने इस बार भी सेवा और सुरक्षा दोनों के इंतजाम कर रखे हैं। 

 

कंधे का बोझ नहीं, आस्था का प्रसाद है कांवड़

कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं, यह त्याग, संयम और समर्पण की एक जीती-जागती मिसाल है। यह तपस्या भगवान शिव के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा का प्रतीक है। रास्ते भर लगे सेवा शिविरों में जैसे ही उनका डेरा पहुंचता है, अनजान हाथ उन्हें पानी का गिलास थमाते हैं। जाति, धर्म और भेद की कोई दीवार नहीं, बस एक ही भाव शेष है, सेवा का भाव। हरिद्वार से 131 लीटर गंगाजल लेकर बागपत की ओर बढ़ रहे कांवड़िया अभिषेक त्यागी की आंखों में गजब की चमक थी। उन्होंने कहा, ‘योगी सरकार ने इस बार कांवड़ यात्रा के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं की हैं। पूरे मार्ग पर सुरक्षा, सफाई, चिकित्सा और सेवा शिविरों की उत्कृष्ट व्यवस्था है। पुलिस की मुस्तैदी से श्रद्धालु निश्चिंत होकर यात्रा कर रहे हैं। इससे हमारी आस्था की यात्रा और अधिक सुगम व सुरक्षित बनी है।‘

 

नन्हे कदमों में अटूट श्रद्धा

इस यात्रा की सबसे मार्मिक तस्वीरें तब सामने आती हैं जब उम्र की सीमाएं भी आस्था के आगे बौनी पड़ जाती हैं। हरियाणा के कैथल निवासी महज 11 वर्ष के एक बालक ने हरिद्वार से 31 लीटर गंगाजल उठाया और अपने गंतव्य की ओर चल पड़ा। सहारनपुर के गागलहेड़ी क्षेत्र में जब यह नन्हा शिवभक्त पहुंचा, तो उसका उत्साह देखकर स्थानीय थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी स्वयं भी उसके साथ काफी दूरी तक चलते हुए उसका हौसला बढ़ाते नजर आए। यह दृश्य ऐसा लगता है जैसे योगी सरकार इस बालक का नमन कर रही हो। कांवड़ यात्रा पूरे समाज का साझा आस्था का उत्सव बन चुकी है, जिसमें प्रशासन भी भक्ति के रंग में रंग गया है।

 

सेवा शिविरों में बहती स्नेह की धारा

मार्ग में जगह-जगह लगे सेवा शिविर इस यात्रा की आत्मा हैं। मेरठ के पूठखास गांव में शुरू हुए एक ऐसे ही शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया, जहां कांवड़ियों के लिए भोजन, जल और विश्राम की समुचित व्यवस्था की गई है। ऐसे सैकड़ों शिविर पूरे मार्ग पर सजे हैं, जहां स्वयंसेवक बिना किसी स्वार्थ के दिन-रात सेवा में जुटे हैं। यही निःस्वार्थ सेवा भाव इस यात्रा को केवल एक धार्मिक परंपरा से आगे बढ़ाकर मानवता के एक महान उत्सव में बदला है।

 

सीमा द्वारों से गुजरते ही होती है अलौकिक अनुभूति

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा पर बने भव्य सीमा द्वार, जिन्हें विशेष रूप से सजाया गया है। यहां मुख्यमंत्री य़ोगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कांवड़ियों का सत्कार हो रहा है। जैसे ही शिवभक्त इन द्वारों से गुजरते हैं, उनके मन में एक अलौकिक अनुभूति जागृत होती है, मानो पूरा उत्तर प्रदेश ही उनकी अगवानी कर रहा हो। यह क्षण हर कांवड़िए के लिए यात्रा की थकान को भुला देने वाला होता है, जहां आस्था अपने चरम पर पहुंच जाती है।

 

हर कदम में गूंजता एक ही भाव ‘शिवोहम्’

पंचक काल के चलते भले ही अभी कांवड़ियों की संख्या सीमित हो, लेकिन जो भी भक्त निकल पड़े हैं, उनके कदमों में कोई शिथिलता नहीं। वे जानते हैं कि उनकी यह यात्रा केवल गंगाजल ढोने की नहीं, बल्कि स्वयं को शिव तत्व से जोड़ने की है। हर हर महादेव के जयघोष के बीच, धूल भरे रास्तों पर नंगे पांव चलते ये शिवभक्त असल में यह संदेश देते हैं कि सच्ची भक्ति में न मौसम की परवाह होती है, न राह की कठिनाई की, बस मन में एक ही भाव होता है, समर्पण का, ‘शिवोहम्’ का। उन्हें किसी बात की चिंता नहीं। जानते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार ने उनकी सुरक्षा सेवा के हर इंतजाम कर रखे हैं।

श्रावण के प्रथम दिन बाबा विश्वनाथ के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब

Kashi Vishwanath Temple: श्रावण मास के प्रथम दिन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंगला आरती के बाद जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, पूरी काशी 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंज उठी। शिवभक्तों के स्वागत के लिए मंदिर परिसर में रेड कार्पेट बिछाया गया था। बाबा के दर्शन के लिए बुधवार देर रात से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए योगी सरकार के निर्देश पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक एवं पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

जलाभिषेक के लिए देर रात से ही काशी पहुंचने लगे थे शिवभक्त

सावन के प्रथम दिन ही काशी के शिवालयों में शिवभक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। पूरी काशी 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गुंजायमान रही। बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए कांवड़िये देर रात से ही काशी पहुंचने लगे थे। लाइन में लगे श्रद्धालुओं के हाथों में बेलपत्र, मदार की माला, गंगाजल तथा बाबा विश्वनाथ को अर्पित की जाने वाली उनकी प्रिय पूजन सामग्री दिखाई दे रही थी।

 

बिहार से आए कांवड़िए दुर्गेश ने बताया कि योगी सरकार ने पूरे मार्ग पर सुरक्षा, साफ-सफाई और शिविरों में ठहरने सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी हर जगह तैनात हैं और श्रद्धालुओं की हर संभव सहायता कर रहे हैं। कांवड़ियों की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा के लिए प्रयागराज-वाराणसी मार्ग का एक लेन सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा पूरे कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल और पीआरवी वाहनों की तैनाती की गई है।

 

काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा धाम परिसर एवं आसपास के समस्त क्षेत्रों में व्यापक एवं समुचित व्यवस्थाएं  की गई हैं। दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी प्रवेश एवं निकास मार्गों पर प्रशिक्षित कार्मिकों की तैनाती की गई है तथा श्रद्धालुओं को कतारबद्ध एवं सहज दर्शन उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।

चिकित्सकीय सुविधा, एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार, चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता है। इसके अतिरिक्त विभिन्न स्थानों पर शुद्ध पेयजल, ग्लूकोज, ओ.आर.एस., विश्राम एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की  व्यवस्था की गई है।

सस्ते Electric Scooters की होने वाली है इंट्री, Ather से Honda तक मचेगी हलचल

electric scooter

देश में इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। पेट्रोल की ऊंची कीमतों, E20 फ्लेक्स-फ्यूल को लेकर चल रही चर्चाओं और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के चलते ग्राहक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। जून 2026 में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री 1.93 लाख यूनिट से ज्यादा रही, जो सालाना आधार पर करीब 75 फीसदी की वृद्धि है। खास बात यह है कि कुल टू-व्हीलर बिक्री में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बाजार हिस्सेदारी पहली बार डबल डिजिट में पहुंची है।

 

बढ़ती मांग को देखते हुए कई ऑटो कंपनियां नए इलेक्ट्रिक स्कूटर पेश करने की तैयारी कर रही हैं। आने वाले 3-4 महीनों में भारत में चार नए इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में दस्तक दे सकते हैं। इनमें Ather, VinFast, Honda और Simple Energy के मॉडल शामिल हैं।

 

 Ather EL01, VinFast Viper, Honda QC3 और Simple Arrive की एंट्री से भारतीय इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में मुकाबला और तेज होने की उम्मीद है। खासकर किफायती और प्रीमियम दोनों सेगमेंट में ग्राहकों के पास आने वाले महीनों में पहले के मुकाबले ज्यादा विकल्प उपलब्ध होंगे।

1. Ather EL01

Ather Energy का नया मास-मार्केट इलेक्ट्रिक स्कूटर EL01 29 अगस्त 2026 को बेंगलुरु में आयोजित होने वाले Ather Community Day में पेश किया जाएगा। यह कंपनी के नए EL प्लेटफॉर्म पर आधारित होगा। भारत में इसकी अनुमानित एक्स-शोरूम कीमत 1.05 लाख से 1.15 लाख रुपये के बीच हो सकती है। Ather ने 2025 के Community Day में EL प्लेटफॉर्म के साथ EL01 के प्रोटोटाइप को प्रदर्शित किया था। दिसंबर 2025 में कंपनी ने EL01 के डिजाइन का पेटेंट भी फाइल किया था।

 

पेटेंट तस्वीरों के मुताबिक, स्कूटर में 14-इंच फ्रंट और 12-इंच रियर अलॉय व्हील मिल सकते हैं। इसमें स्विंगआर्म-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर होगी। स्कूटर में बड़ा LED DRL और LED टेल-लैंप क्लस्टर भी देखने को मिलेगा। Ather EL01 कंपनी का पहला मॉडल होगा, जिसमें Advanced Electronic Braking System (AEBS) और ऑनबोर्ड चार्जर दिया जा सकता है। कंपनी इसे Ather Charge Drive Controller नाम देगी।

 

2. VinFast Viper

 

VinFast ने पिछले महीने भारत में Viper इलेक्ट्रिक स्कूटर का डिजाइन पेटेंट दाखिल किया है। माना जा रहा है कि यह भारत के टू-व्हीलर सेगमेंट में कंपनी का पहला मॉडल हो सकता है।

 

VinFast Viper में 5-स्पोक अलॉय व्हील, 3 kW हब-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर और 4.8 kWh बैटरी पैक दिया जा सकता है। कंपनी भारत में इसे CKD (Completely Knocked Down) यूनिट के तौर पर ला सकती है। इसकी स्थानीय असेंबली तमिलनाडु के थूथुकुडी (Tuticorin) स्थित प्लांट में किए जाने की उम्मीद है।

 

प्रीमियम मैक्सी-स्टाइल इलेक्ट्रिक स्कूटर में 14-इंच व्हील मिलेंगे। इसकी अधिकतम रेंज करीब 156 किलोमीटर बताई गई है। वियतनाम में इसकी कीमत 45,500,000 VND है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 1.63 लाख रुपये के बराबर है।

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भारत में VinFast Viper का मुकाबला Vida V2, Ola S1 Pro Plus, Ather 450 Apex और TVS iQube ST जैसे इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से हो सकता है।

 

3. Honda QC3

Honda ने भारत में हाल ही में कई नए स्कूटर्स और मोटरसाइकिलों के साथ Honda QC3 इलेक्ट्रिक स्कूटर को पेश किया है। इसमें 3 kWh बैटरी पैक मिलेगा, जो फुल चार्ज पर 145 किलोमीटर की IDC रेंज देने में सक्षम होगा।

 

चार्जिंग की बात करें तो Honda QC3 को 0 से 80 फीसदी तक चार्ज होने में करीब 2 घंटे 40 मिनट लग सकते हैं, जबकि 100 फीसदी चार्ज होने में करीब 4 घंटे का समय लगेगा।

 

फीचर्स की बात करें तो इसमें 32-लीटर अंडर-सीट स्टोरेज, Smart Key और 5-इंच TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिलेगा। TFT स्क्रीन में टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन और Honda RoadSync कनेक्टिविटी की सुविधा भी दी जा सकती है। onda ने अभी इसकी आधिकारिक लॉन्च डेट का ऐलान नहीं किया है। हालांकि, उम्मीद है कि यह FY27 के दौरान भारत में बिक्री के लिए उपलब्ध हो सकता है। इसकी अनुमानित एक्स-शोरूम कीमत 1.10 लाख से 1.25 लाख रुपये के बीच हो सकती है। बाजार में इसका मुकाबला TVS iQube, Bajaj Chetak, Ather 450 और Hero Vida V2 से होगा।

4. Simple Arrive

Simple Energy 2 सितंबर 2026 को भारत में अपना पहला फैमिली इलेक्ट्रिक स्कूटर Simple Arrive लॉन्च करेगी। बेंगलुरु स्थित EV स्टार्टअप का यह मॉडल पारंपरिक डिजाइन के साथ आएगा।

 

Simple Arrive में फ्लैट सिंगल-पीस सीट, फ्रंट डिस्क ब्रेक, डुअल-शॉक रियर सस्पेंशन और सेंटर स्टैंड मिलेगा। स्कूटर में TFT इंस्ट्रूमेंट कंसोल और फ्रंट एप्रन में छोटे स्टोरेज स्पेस भी दिए जाएंगे। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को इस साल की शुरुआत में भारतीय सड़कों पर टेस्टिंग के दौरान देखा गया था। स्पाई तस्वीरों से पता चला था कि इसका डिजाइन कंपनी के One और OneS इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की तुलना में ज्यादा पारंपरिक होगा।

 

हालांकि, Simple Arrive की बैटरी क्षमता और रेंज से जुड़ी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। Simple Energy की खासियत यह भी है कि कंपनी भारत में कमर्शियल स्तर पर heavy rare-earth-free electric motors बनाने वाली एकमात्र कंपनी होने का दावा करती है।

किसान कल्याण के लिए संकल्पित सरकार, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले, खेती से घर चलने के साथ रोजगार भी मिलता है

cm mohan yadav

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुरहानपुर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में कृषक कल्याण वर्ष 2026 में राज्य सरकार किसानों की समृद्धि, सम्मान और कल्याण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्यों को रफ्तार दे रही है। बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को सेवा के साथ सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। किसान नई तकनीक को आत्मसात करें। प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और उद्यानिकी फसलों से अपनी आय बढ़ाएं। 

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि खेती से केवल एक किसान का घर नहीं चलता है, बल्कि इससे सभी प्रकार के उद्योगों के लिए कच्चा माल और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलते हैं। राज्य सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष के माध्यम से किसानों को लाभान्वित करने के लिए 16 विभागों के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार की है। किसानों की समृद्धि, उनकी आय दोगुनी करने के लिए जिलास्तर पर बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। इसकी शुरुआत मां अहिल्याबाई होल्कर की धरती इंदौर से की थी।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केला की पैदावर में हुए नुकसान के लिए किसान भाईयों के खातों में सिंगल क्लिक से मुआवजा राशि वितरित की। 

 

कांवड़ियों के लिए सभी जरूरी इंतजाम करने के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेशवासियों को आज से शुरु हुए पवित्र श्रावण मास की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में प्रदेश में जहां से कांवड़ यात्रा निकलने वाली है। सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं कि कांवड़ियों के लिए सभी जरूरी इंतजाम पहले से कर लिए जाएं। प्रशासन सभी भक्तों के साथ है।

 

केले से बने उत्पादों ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर देश-दुनिया में बनाई पहचान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ताप्ती मैया के आशीर्वाद से बुरहानपुर क्षेत्र अपनी उद्यानिकी फसलों के लिए प्रसिद्ध है। यहां के स्वादिष्ट केला, हल्दी और कपास अपने आप में बेहद खास है। यहां सभी धर्मों के बीच मिलकर रहने की संस्कृति खेती में दिखाई देती है। यहां कृषि से लेकर कपड़ा, दवा से लेकर फर्नीचर और पाइप उपकरण से लेकर सब कुछ निर्माण होता है। कपास और कपड़ा उत्पादन के लिए सहूलियत देने के लिए राज्य सरकार ने कपास पर लगने वाले मंडी टैक्स को आधा कर दिया है। इससे प्रदेशभर के कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिला, लेकिन इसके लिए मांग सबसे पहले बुरहानपुर जिसे से उठी। राज्य सरकार ऐसे सभी कल्याणकारी फैसलों के लिए किसानों के साथ खड़ी है। बुरहानपुर को केला फसल के प्रसंस्करण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। अब केला से न केवल फल, बल्कि रेशे से कपड़ा निर्माण और सजावटी समान तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों की ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से बिक्री के जरिए देश-दुनिया में बुरहानपुर को नई पहचान मिल रही है।

 

बुरहानपुर के किसानों को भी मिलेगा धार के पीएम मित्र पार्क का लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुरहानपुर के किसान भाइयों ने खेती में फसलों के विविधिकरण पर विशेष ध्यान दिया है। कपास की फसल हैंडलूम के साथ ही पॉवरलूम से जुड़े कामगारों को सशक्त बनाती है। खंडवा और बुरहानपुर की कपास मंडी में टैक्स 1 रुपए से घटाकर आधा करने के निर्देश दिए थे। बुरहानपुर के किसानों को धार के पीएम मित्र पार्क का भी लाभ मिलेगा। बुरहानपुर अब केवल कच्चे माल ही नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन, एक्सपोर्ट का भी बड़ा हब बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। जिले में सिंचाई के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है। बुरहानपुर में सिंचाई का रकबा बढ़ा है। हर खेत तक पानी पहुंचाना हमारा संकल्प है।

 

ग्वालियर में टेलीकॉम सेक्टर के मैन्यूफेक्चरिंग जोन के लिए एमओयू

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार महाराष्ट्र के साथ मिलकर ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना पर काम कर रही है। राज्य सरकार निवेश संवर्धन के लिए भी कार्य कर रही है। ग्वालियर को टेलीकॉम सेक्टर के मैन्यूफेक्चरिंग जोन के रूप में स्थापित करने के लिए आज नई दिल्ली में भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार के बीच एक एमओयू साइन किया जाएगा। राज्य सरकार युवाओं को रोजगार दिलवाने के लिए, किसानों को उपज का सही मूल्य दिलवाने के लिए संकल्पित है।

भदोही का नाम संत रविदास नगर होगा, रविदासिया समाज ने किया योगी का स्वागत

Yogi Adityanath Ravidassia Community

Yogi Adityanath Ravidassia Community: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर संत शिरोमणि गुरु रविदास की जन्मस्थली वाराणसी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भदोही जिले का नाम फिर से संत रविदास नगर किए जाने की घोषणा का रविदासिया समाज ने स्वागत किया है। इस संबंध में गुरुवार को ग़ाज़ीपुर में भाजपा अनुसूचित मोर्चा जिलाध्यक्ष शैलेश कुमार के नेतृत्व में रविदासिया समाज के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट कर उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला संत शिरोमणि गुरु रविदास के प्रति और रविदासिया समाज की भावनाओं का सम्मान है। समाज मुख्यमंत्री को इस निर्णय के लिए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करता है। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से समाज के उत्थान एवं विकास के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार के सकारात्मक निर्णय लिए जाते रहेंगे।

 

इस अवसर पर श्री गुरु रविदास जन्मस्थान पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट, वाराणसी के सचिव धर्मपाल सिंह ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास के नाम पर जिले का नाम होना उनके अनुयायियों के लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है। मुख्यमंत्री का यह निर्णय ऐतिहासिक, जन भावनाओं के अनुरूप और अत्यंत सम्मानजनक कदम है। इससे समस्त रविदासिया समाज एवं दलित समाज  स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

 

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य एवं संत रविदास नगर (पूर्व नाम भदोही) के पूर्व जिला प्रभारी कौशलेन्द्र सिंह पटेल ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने जनपद का नाम बदलकर संत रविदास के सम्मान को ठेस पहुंचाने का कार्य किया था। जनपद का नाम पुनः संत रविदास नगर किए जाने से समाज के लोग बेहद खुश हैं। योगी सरकार के इस निर्णय का पूरे प्रदेश में स्वागत किया जा रहा है।

दतिया विधानसभा सीट पर क्या टूटेगा 2023 की वोटिंग का रिकार्ड, बंपर वोटिंग में कौन मारेगा बाजी?

मध्यप्रदेश की सबसे हाईप्रोफाइल विधानसभा सीट दतिया में आज मतदान हो रहा है। दोपहर 3 बजे तक 61 फीसदी से करीब मतदान हो चुका है। आज मतदान के दिन भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह दोनों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है। वहीं दतिया उपचुनाव में सबसे अधिक चर्चा में रहने वाले पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी अपने मताधिकार का उपयोग किया। वोट डाले के बाद नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा की जीत का दावा किया।  

 

वोटिंग ट्रैंड से भाजपा-कांग्रेस में कांटे के मुकाबले के संकेत-दतिया विधानसभा सीट पर भाजपा के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी और कांग्रेस प्रत्याशी धनश्याम सिंह के बीच कांटे का मुकाबला देखा जा रहा है। दतिया के शहरों इलाकों के साथ ग्रामीण इलाकों में सभी 291 पोलिंग बूथों पर जिस तरह से मतदान का ट्रैंड देखने को मिल रहा है, उससे यह साफ है कि भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर चल रही है, वहीं एसी वर्ग का एक बड़ा वोट बैंक दमोदर यादव के साथ भी जा सकता है। जैसे-जैसे वोटिंग का समय बीतता जा रहा है वैसे-वैसे ग्रामीण इलाकों में मतदान केंद्रों पर वोटर्स की लंबी-लंबी कतारें नजर आ रही है। 

दतिया विधानसभा सीट पर अब तक हुआ मतदान इस बात की ओर साफ इशारा है कि शाम 6 बजे तक मददान प्रतिशत 2023 के विधानसभा चुनाव की तरह 80 फीसदी के उपर जा सकता है। गौरतलब है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में दतिया विधानसभा सीट पर 80.20 फीसदी मतदान हुआ था और भाजपा प्रत्याशी नरोत्तम मिश्रा को करीब 8 हजार वोटों से कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था।   

 

दमोदर यादव साबित होंगे किंगमेकर?- दतिया विधानसभा में आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दमोदर यादव गेमचेंजर साबित हो सकते है। दतिया विधानसभा में एससी वोटर्स की संख्या 60 हजार के करीब है और दतिया के ग्रामीण इलाकों में एससी वोटर्स का झुकाव दामोदर यादव की ओर हो सकता है। इसके साथ ओबीसी समाज का एक वोट बैंक भी दमोदर यादव के साथ जा सकता है।  

 

सोशल मीडिया से वायरल कंटेट से किसका नफा-किसका नुकसान?-दतिया में पोलिंग के दिन सोशल मीडिया पर जिस तरह कंटेट वायरल हुए उसका नुकसान भाजपा को उठाना पड़ सकता है। सुबह 7 बजे मतदान शुरु होते ही सोशल मीडिया पर भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाह को उनके पद से निष्कासित करने का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का एक फर्जी पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस फर्जी पत्र के लिए भाजपा ने किश रावत नाम के शख्स के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की है। चुनाव आयोग से शिकायत भाजपा ने आरोप लगाया है कि किश रावत ने फेसबुक पर भ्रामक और आपत्तिजनक पत्र अपलोड किया, जिसके कारण दतिया के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है और इसके कारण कानून और व्यवस्था की स्थिति उत्तपन्न हो सकती है। भाजपा ने किश रावत के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

दतिया विधानसभा सीट पर कुशवाह वोटर्स की संख्या 40 हजार से उपर है और चुनाव में कुशवाह वोटर्स निर्णायक भूमिका निभा सकते है, इसलिए पोलिंग के ठीक पहले बुधवार शाम वार्ड एक से पार्षद रहे कल्लू कुशवाह हत्याकांड मामले में उनकी पत्नी संतोष कुशवाह का भाजपा का विरोध करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में कल्लू कुशवाह की पत्नी ने अपने पति के हत्याकांड के आरोपी साहब सिंह यादव के भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के साथ चुनाव प्रचार करने का आरोप लगाया। इसके साथ उन्होंने कुशवाह समाज के वोटर्स से भाजपा को हराने की अपील की। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर दतिया के भाजपा के कुशवाह समाज के नेताओं और पार्षदों के वीडियो आए जिसमें  कुशवाह समाज से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की गई।  

पेपर लीक कैसे रोकेंगे! मल्लिकार्जुन खरगे ने क्यों कहा अधूरा बिल लाई सरकार

Mallikarjun Kharge Paper Leak Bill

Mallikarjun Kharge Paper Leak Bill: संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) में 'परीक्षा संशोधन बिल' पर चर्चा के दौरान उस समय माहौल गरमा गया जब नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर करारा हमला बोला। खरगे ने सरकार की नीयत और बिल की मंशा पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह नया संशोधन विधेयक युवाओं की समस्या को सुलझाने के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश में उबल रहे छात्रों के गुस्से को ठंडा करने के लिए लाया गया है। उन्होंने साफ लहजे में पूछा कि जब इस बिल में यही नहीं बताया गया है कि असल में 'पेपर लीक' कैसे रोका जाएगा, तो फिर इस अधूरे बिल का क्या मतलब?

युवाओं के संघर्ष के आगे झुकी सरकार

राज्यसभा में चर्चा में भाग लेते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि बीते एक महीने से देश के युवा सड़कों पर धरने पर बैठे थे और अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे। यह युवाओं और छात्रों के अनवरत संघर्ष की ही ताकत है कि आखिरकार सरकार को उनके सामने झुकना पड़ा। खरगे ने कहा कि सरकार ने खुद अपनी विफलता छिपाने और अपनी कुर्सी बचाने के लिए इस बिल को जल्दबाजी में पेश किया है। जो कदम सरकार आज उठा रही है, उसे 2024 की शुरुआत में ही क्यों नहीं उठाया गया? ALSO READ: सुप्रीम कोर्ट के दिल्ली सरकार को निर्देश, पैलेट गन से जख्मी छात्रों का करवाए निशुल्क इलाज

केवल आंकड़े बदले हैं, समस्या वहीं की वहीं

विधेयक की कमियों को उजागर करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस नए संशोधन बिल से जमीनी स्तर पर कुछ नहीं बदलने वाला। इसमें कानून की धाराओं और आंकड़ों में भले ही हेरफेर कर दी गई हो, लेकिन मूलभूत समस्या के समाधान पर यह बिल पूरी तरह मौन है। खरगे ने सवाल उठाया कि बिल में सजा और जुर्माने की बातें तो कह दी गईं, लेकिन 'पेपर लीक' के उस नेक्सस (गिरोह) को कैसे खत्म किया जाएगा और भविष्य में लीक रोकेंगे कैसे, इसका कोई खाका या उल्लेख इस पूरे बिल में है ही नहीं। यह बिल आधा-अधूरा और सिर्फ जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा है। ALSO READ: किसने दिया ऑर्डर?' पोस्टर लेकर संसद पहुंची कांग्रेस, छात्रों पर पैलेट गन मामले में अमित शाह से मांगा जवाब

पीएम और गृहमंत्री की चुप्पी पर सवाल

सरकार के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए खरगे ने कहा कि देश का भविष्य यानी युवा सड़कों पर लाठियां खा रहा था, लेकिन न तो प्रधानमंत्री इस संवेदनशील मुद्दे पर कुछ बोले और न ही गृहमंत्री अमित शाह कहीं नजर आए। खरगे ने पूछा कि इतनी बड़ी-बड़ी धांधलियां और धांधलेबाजों के हौसले बुलंद होने के बावजूद गृहमंत्री आखिर क्यों चुप हैं? जब छात्र अपने हक की लड़ाई लड़ रहे थे, तो सरकार ने उन्हें 'अराजक' करार दे दिया। खरगे ने सवाल किया कि सरकार ने महीनों से प्रदर्शन कर रहे इन मासूम छात्रों से समय रहते बातचीत करने की जहमत तक क्यों नहीं उठाई? ALSO READ: अमित शाह को जाना होगा, छात्रों पर चलवाईं गोलियां, गृह मंत्री को हटाए सरकार, प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले राहुल गांधी

'प्रधान' को हटाना पड़ा, पर व्यवस्था कब बदलेगी?

मल्लिकार्जुन खरगे ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे पर तंज कसते हुए कहा कि बढ़ते जनाक्रोश और चौतरफा घिरने के बाद आखिरकार सरकार को प्रधान को हटाना ही पड़ा। लेकिन सिर्फ चेहरे बदलने से या दिखावे के लिए ऐसा बिल लाने से काम नहीं चलेगा। जब तक पेपर लीक के सिंडिकेट को खत्म करने का पुख्ता मैकेनिज्म नहीं बनता, तब तक लाखों छात्रों का भविष्य अंधेरे में ही रहेगा।

विपक्ष ने बुलंद की छात्रों की आवाज

खरगे ने राज्यसभा के पटल से देश के युवाओं को भरोसा दिलाया कि विपक्ष उनके साथ चट्टान की तरह खड़ा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन से लेकर सड़क तक छात्रों के हक की लड़ाई लड़ता रहेगा और सरकार को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत बिल्कुल नहीं देगा।

गृहमंत्री से इस्तीफा मांगा

सरकार पर निशाना साधते हुए खरगे ने कहा कि पेपर बाजार में बिकता रहा और पता नहीं चला। क्या सरकार सो रही थी? हमारी खुफिया एजेंसियां क्या कर रही थीं? उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह विपक्ष के सवालों का जवाब दें। यदि वे सवालों का जवाब नहीं दे रहे हैं तो इस्तीफा दे दें। यदि वे इस्तीफा नहीं देते हैं पीएम मोदी को उन्हें हटा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेपर लीक का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 2016, 21, 24 और अब 26 में पेपर लीक हो चुके हैं। कहां है कड़ी से कड़ी सजा? उन्होंने पूछा कि छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया? इस्तीफे के बाद संसद में धर्मेन्द्र प्रधान के स्वागत को भी उन्होंने सरकार की नाकामी बताया।