Audi Q9 : Audi की अब तक की सबसे बड़ी SUV से उठा पर्दा, 7-सीटर लग्जरी, Hands-Free Driving और V8 इंजन से होगी लैस

Audi SQ9 SUV

जर्मनी की लग्जरी कार निर्माता Audi ने अपनी पहली फुल-साइज लग्जरी SUV Audi Q9 से आधिकारिक तौर पर पर्दा उठा दिया है। यह अब तक की सबसे बड़ी Audi SUV है, जिसे खास तौर पर अमेरिका सहित वैश्विक बाजारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। कंपनी का कहना है कि नई Q9 स्पेस, प्रीमियम कम्फर्ट, अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी और दमदार परफॉर्मेंस का बेहतरीन मेल है। इसकी डिलीवरी 2026 की चौथी तिमाही से शुरू होगी।

 

Audi के CEO Gernot Döllner ने कहा कि Audi Q9 कंपनी की पहली फुल-साइज SUV है, जिसे अमेरिकी ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यह मॉडल प्रीमियम क्वालिटी, शानदार इंटीरियर, आराम और सुरक्षा के नए मानक स्थापित करेगी।

ALSO READ: Rahul Gandhi : राहुल गांधी के आरोपों से लोकसभा में हंगामा, अमित शाह पर छात्रों पर गोली चलवाने का आरोप, सरकार ने मांगा सबूत, पेपर लीक बिल पर तीखी बहस

Audi की अब तक की सबसे बड़ी SUV

 

नई Audi Q9 की लंबाई 5.31 मीटर, चौड़ाई 2.21 मीटर (मिरर सहित), ऊंचाई 1.81 मीटर और व्हीलबेस 3.14 मीटर है। यही वजह है कि यह Audi के इतिहास की सबसे बड़ी SUV बन गई है। इसका बोल्ड फ्रंट डिजाइन और दमदार रियर लुक इसे सड़क पर बेहद आकर्षक बनाते हैं।

 

7-सीटर के साथ मिलेगा बिजनेस क्लास जैसा केबिन

 

Audi Q9 को स्टैंडर्ड रूप से 7-सीटर लेआउट में पेश किया गया है। वहीं, विकल्प के तौर पर 6-सीटर कॉन्फिगरेशन भी मिलेगा, जिसमें दूसरी पंक्ति में दो इलेक्ट्रिक एडजस्टेबल इंडिविजुअल सीटें दी गई हैं। इससे यात्रियों को बिजनेस क्लास जैसा अनुभव मिलेगा। तीसरी पंक्ति की सीटों को एक बटन दबाकर अलग-अलग फोल्ड किया जा सकता है। फ्रंट सीटों में वेंटिलेशन और मसाज फंक्शन भी मिलेगा।

 

Audi का सबसे बड़ा Panoramic Sunroof

 

नई Audi Q9 में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा Panoramic Sunroof दिया गया है। इसका ग्लास एरिया 1.5 वर्ग मीटर से अधिक है। यह पूरी तरह खुल सकता है या टिल्ट मोड में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। कुछ बाजारों में इसमें Switchable Transparency Glass और पहली बार Ambient Lighting के अनुसार रंग बदलने वाली ग्लास रूफ इल्यूमिनेशन जैसी सुविधा भी मिलेगी।

 

Hands-Free Driving का मिलेगा फीचर

Audi Q9 में पहली बार Adaptive Cruise Assist Plus दिया गया है। इसकी मदद से 130 किमी/घंटा तक की स्पीड पर निर्धारित हाईवे पर ड्राइवर स्टीयरिंग से हाथ हटाकर भी सफर कर सकेगा। सिस्टम खुद स्टीयरिंग, एक्सेलरेशन और ब्रेकिंग को नियंत्रित करेगा। शुरुआत में यह फीचर अमेरिका, कनाडा और जर्मनी के चुनिंदा हाईवे पर उपलब्ध होगा।

Audi SQ9 SUV

नई Lighting Technology

 

Audi Q9 के रियर में दुनिया की पहली Curved Digital OLED Panels तकनीक दी गई है, जो पहले से अधिक बड़े आकार की है। वहीं, Digital Matrix LED Headlights में माइक्रो-LED मॉड्यूल का इस्तेमाल किया गया है।

 

रात में मोड़ लेते समय एडवांस टर्न सिग्नल सड़क पर दिशा का संकेत भी प्रोजेक्ट करेंगे, जिससे अन्य वाहन चालकों को वाहन की दिशा पहले से बेहतर तरीके से दिखाई देगी और सुरक्षा बढ़ेगी।

 

दमदार इंजन विकल्प

 

यूरोप में Audi Q9 को 3.0-लीटर V6 TDI डीजल इंजन के साथ पेश किया जाएगा, जो 220 kW और 180 kW के दो पावर विकल्पों में उपलब्ध होगा। इसमें MHEV Plus Mild Hybrid सिस्टम और इलेक्ट्रिक पावर्ड कंप्रेसर दिया गया है, जिससे बेहतर माइलेज और तेज एक्सेलरेशन मिलेगा। अमेरिकी बाजार के लिए इसमें 3.0-लीटर V6 टर्बो पेट्रोल इंजन दिया जाएगा। सभी V6 मॉडल Quattro ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम के साथ आएंगे।

 

Audi SQ9 भी होगी लॉन्च

 

Audi चुनिंदा बाजारों में हाई-परफॉर्मेंस SQ9 भी लॉन्च करेगी। इसमें 4.0-लीटर V8 ट्विन-टर्बो इंजन मिलेगा, जो 591 हॉर्सपावर और 590 lb-ft टॉर्क पैदा करेगा। यह SUV 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार केवल 4 सेकेंड में पकड़ लेगी। Q9 और SQ9 दोनों में Adaptive Air Suspension, Rear Axle Steering और 3,500 किलोग्राम तक की टोइंग क्षमता स्टैंडर्ड दी गई है।

स्लोवाकिया में होगा निर्माण

 

Audi Q9 का निर्माण Volkswagen Group के Bratislava (Slovakia) प्लांट में किया जाएगा। इसी फैक्ट्री में पहले से Audi Q7 और Audi Q8 का भी उत्पादन किया जाता है। कंपनी के अनुसार यह प्लांट अत्याधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण के लिए जाना जाता है।

Rahul Gandhi : राहुल गांधी के आरोपों से लोकसभा में हंगामा, अमित शाह पर छात्रों पर गोली चलवाने का आरोप, सरकार ने मांगा सबूत, पेपर लीक बिल पर तीखी बहस

rahul gandhi

लोकसभा में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग और पैलेट गन चलाने का आदेश गृह मंत्री ने दिया था।

आज शाम 6 राहुल गांधी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि मुझे बीजेपी ने बोलने नहीं दिया। उनके इस बयान पर सदन में भारी हंगामा मच गया और भाजपा सांसदों ने आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे। राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा कि गृह मंत्री ने हमारे छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया। उन्होंने छात्रों के शरीर में पैलेट पहुंचाए। छात्रों पर बल प्रयोग का आदेश केवल गृह मंत्री या प्रधानमंत्री ही दे सकते हैं।” उन्होंने अमित शाह की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि गृह मंत्री सदन में आने का साहस नहीं दिखा रहे हैं और वे डरे हुए हैं।

ALSO READ: WhatsApp का मेगा अपडेट, 5 नए फीचर्स बदल देंगे कॉलिंग का पूरा एक्सपीरियंस

किरण रिजिजू ने पूछा- आरोप का आधार क्या है?

 

राहुल गांधी के बयान पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “आप इतने गंभीर आरोप किस आधार पर लगा रहे हैं? आपको यह जानकारी किसने दी? यह पूरी तरह गलत है। इस बयान को सदन की कार्यवाही से हटाया जाना चाहिए।” रिजिजू ने राहुल गांधी से माफी मांगने की भी मांग की और कहा कि नेता प्रतिपक्ष के पद पर रहते हुए इस तरह का निराधार आरोप लगाना संसदीय गरिमा के खिलाफ है।

 

RSS पर भी साधा निशाना

 

राहुल गांधी ने अपने भाषण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय पर RSS का प्रभाव है और पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान केवल एक प्रतीक थे। उन्होंने कहा, “शिक्षा मंत्रालय की आत्मा पर RSS का कब्जा है। मंत्रालय को वास्तव में RSS चला रहा है।”

 

राहुल गांधी ने हालिया छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि एक छात्र ने उन्हें समाज की तीन श्रेणियां बताईं—स्टूडेंट्स, इडियट्स और अंधभक्त। उन्होंने अंधभक्तों को लेकर की गई टिप्पणी भी दोहराई, जिस पर सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध जताया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी की कई टिप्पणियों को असंसदीय बताते हुए कार्यवाही से हटाने (Expunge) का निर्देश दिया।

 

पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026 लोकसभा से पारित

 

लोकसभा ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। सरकार का दावा है कि यह कानून पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाएगा।

 

डिंपल यादव ने उठाए सरकार की मंशा पर सवाल

 

समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि वर्ष 2024 में भी इसी विषय पर कानून पारित किया गया था और उसमें 101 सिफारिशें शामिल थीं। इसके बावजूद देशभर में लगातार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीयत और नीति दोनों स्पष्ट नहीं हैं और पूरा सिस्टम भ्रष्टाचार से प्रभावित हो चुका है। उनके मुताबिक केवल संशोधन लाने से कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और इसका नुकसान देश के युवाओं को उठाना पड़ रहा है।

 

अनुराग ठाकुर बोले- राहुल गांधी युवाओं से माफी मांगें

 

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों के लिए 'इडियट' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है, जिसके लिए उन्हें देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, “आंदोलन के दौरान कहीं भी गोली नहीं चली। राहुल गांधी ने गृह मंत्री पर झूठे आरोप लगाए हैं। उन्हें अमित शाह और देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए।”

 

प्रियंका गांधी बोलीं- देश ने सब देखा

 

लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद परिसर के बाहर कहा, “पूरे देश ने देखा कि क्या हुआ। एक छात्र की आंख चली गई।”

 

जितेंद्र सिंह का राहुल गांधी पर तंज

 

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि 21 जुलाई को वह प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के बाहर बैठ गए थे क्योंकि उनकी इच्छा वहां रहने की थी। उन्होंने कहा कि जब उन्हें वहां से हटाने की विनम्र कोशिश की गई तो उन्होंने स्वयं कहा कि उन्हें वहां से हटाया जाए।

 

अखिलेश यादव ने गृह मंत्रालय को ठहराया जिम्मेदार

 

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान पैलेट गन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि घायल छात्रों को विपक्ष के पहुंचने से पहले ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उनके मुताबिक दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बल गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, इसलिए इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है।

 

इस पूरे घटनाक्रम के बीच पेपर लीक, छात्र आंदोलन और सरकार की कार्रवाई को लेकर संसद में तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली। विपक्ष सरकार पर युवाओं के साथ अन्याय का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार विपक्ष पर भ्रामक और निराधार आरोप लगाने का आरोप लगा रही है।

भोपाल में किसानों का बड़ा आंदोलन, मूंग खरीदी और खाद वितरण को लेकर हल्लाबोल, सीएम हाउस का घेराव पर अड़े

राजधानी भोपाल में आज दूसरे दिन भी किसानों का  प्रदर्शन लगाार जा रही है। राजधानी नर्मदापुरम रोड पर वीर सावरकर सेतु के ठीक सामने सैकड़ों की संख्या में किसान जो मंगलवार शाम से डटे  है वह अब भी तरह वहीं डटे है। किसान क्रांति पैदल यात्रा के तहत नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल और रीवा सहित अलग-अगल जिले से पहुंचे किसान अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह डटे है और सीएम हाउस जाने की मांग पर अड़े है। किसानों मुख्य मांग मूंग की सरकारी खरीदी और खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था को तत्काल रद्द करना है। वहीं किसानों ने सकार से इन समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की।

 

“वेबदुनिया' ने किसान आंदोलन की जमीनी स्थिति का जायजा लिया तो पाया कि पुलिस ने आंदोलन स्थल को पूरी तरह सील  कर दिया है। बागसेवनिया थाने से एमपी नगर आने वाली रोड को पूरी तरह लॉक कर दिया है। वहीं वीर सावरकर सेतु पर बेरिकेट्स के साथ बसों और वज्र के जरिए किसानों को रोका गया है। वहीं  आज दूसरे दिन सुबह से किसान अलग-अलग जत्थों  में भोपाल पहुंचे और रैली के रूप में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे है। इस दौरान किसानों की पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस भी हुई।  किसानों के हाथों में झंडे और बैनर थे तथा वे सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

 

प्रदर्शन में शामिल किसानों का कहना है कि मूंग की सरकारी खरीदी समय पर और पर्याप्त मात्रा में नहीं हो रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं खाद वितरण के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था को लेकर भी किसानों ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि तकनीकी दिक्कतों और सीमित स्लॉट के कारण समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है।किसानों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 

 

आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में युवा भी किसानों के समर्थन में नजर आए। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने किसानों के साथ नारेबाजी की और उनकी मांगों का समर्थन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि खेती और किसानों से जुड़े मुद्दे केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका असर पूरे समाज और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

 

किसानों की पैदल यात्रा और प्रदर्शन के दौरान राजधानी की कई प्रमुख सड़कों पर लंबा जाम देखने को मिला। आंदोलन के चलते आम लोगों को भी आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। आंदोलन के कारण शहर के कई हिस्सों में यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। किसान आंदोलन के कारण आज कई स्कूलों के साथ बरकताउल्ला यूनिवर्सिटी में छुटी घोषित रही। 

 

आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई। प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत के प्रयास में जुटा रहा।

WhatsApp का मेगा अपडेट, 5 नए फीचर्स बदल देंगे कॉलिंग का पूरा एक्सपीरियंस

whatsapp

WhatsApp ने अपने वेब वर्जन (WhatsApp Web) के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है। अब यूजर्स बिना डेस्कटॉप ऐप इंस्टॉल किए सीधे अपने वेब ब्राउज़र से ऑडियो और वीडियो कॉल कर सकेंगे। पहले कंप्यूटर से कॉल करने के लिए WhatsApp Desktop ऐप की जरूरत होती थी, लेकिन अब केवल WhatsApp Web खोलकर ही वन-टू-वन और ग्रुप कॉल की जा सकती है।

 

WhatsApp ने इस अपडेट के साथ कॉलिंग अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई नए फीचर्स भी पेश किए हैं। इनमें Call Transfer, Waiting Room, QuickHD Video और Noise Suppression शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक, ये सभी फीचर्स चरणबद्ध तरीके से अगले कुछ हफ्तों में दुनियाभर के यूजर्स तक पहुंचाए जाएंगे।

ALSO READ: 2 सितंबर को सस्ते Electric Scooter की धमाकेदार एंट्री, तहलका मचा देंगे फीचर्स

WhatsApp Web पर अब करें वन-टू-वन और ग्रुप कॉल

 

नए अपडेट के बाद यूजर्स सीधे ब्राउज़र से व्यक्तिगत और ग्रुप ऑडियो-वीडियो कॉल कर सकेंगे। इसके लिए किसी अतिरिक्त ऐप की जरूरत नहीं होगी। WhatsApp का कहना है कि सभी कॉल पहले की तरह End-to-End Encryption से सुरक्षित रहेंगी, जिससे बातचीत पूरी तरह निजी रहेगी। कॉलिंग पर कोई समय सीमा नहीं होगी और इंटरनेट डेटा के अलावा किसी अतिरिक्त शुल्क का भुगतान भी नहीं करना पड़ेगा।

 

स्क्रीन शेयरिंग और इमोजी रिएक्शन की भी सुविधा

 

WhatsApp Web पर अब यूजर्स कॉल के दौरान स्क्रीन शेयर कर सकेंगे और इमोजी रिएक्शन भी भेज सकेंगे। इसके अलावा नया Calls Tab भी जोड़ा गया है, जहां से कॉल हिस्ट्री, फेवरेट कॉन्टैक्ट्स और हालिया कॉल्स को आसानी से एक्सेस किया जा सकेगा।

 

Call Transfer फीचर से आसानी से बदल सकेंगे डिवाइस

 

इस अपडेट का सबसे खास फीचर Call Transfer है। यदि आपने बाहर रहते हुए अपने फोन से ग्रुप कॉल शुरू की है, तो घर पहुंचने पर उसी कॉल को बिना डिस्कनेक्ट हुए अपने लैपटॉप पर ट्रांसफर कर सकते हैं।

 

इसी तरह यदि कंप्यूटर छोड़ना पड़े, तो कॉल को दोबारा फोन पर ट्रांसफर कर बातचीत बिना किसी रुकावट के जारी रखी जा सकती है।

 

ग्रुप कॉल के लिए मिलेगा Waiting Room फीचर

 

WhatsApp ने कॉल लिंक के जरिए होने वाली ग्रुप कॉल के लिए Waiting Room फीचर भी जोड़ा है। अब होस्ट कॉल लिंक बनाते समय “Require approval to join” विकल्प चालू कर सकता है। इससे लिंक के जरिए जुड़ने वाले प्रतिभागियों को पहले वर्चुअल वेटिंग रूम में इंतजार करना होगा और होस्ट की मंजूरी मिलने के बाद ही वे कॉल में शामिल हो सकेंगे।

 

यह फीचर बड़ी मीटिंग्स और निजी ग्रुप कॉल्स के लिए अतिरिक्त सुरक्षा और नियंत्रण प्रदान करेगा।

 

QuickHD और Noise Suppression से बेहतर होगी कॉल क्वालिटी

 

WhatsApp ने वीडियो कॉलिंग को बेहतर बनाने के लिए QuickHD फीचर पेश किया है, जिससे कनेक्ट होते ही वीडियो HD क्वालिटी में दिखाई देगा। वहीं Noise Suppression फीचर बैकग्राउंड शोर जैसे ट्रैफिक, पंखे या भीड़भाड़ की आवाज को कम करेगा, जिससे बातचीत पहले से ज्यादा साफ सुनाई देगी।

 

इन नए फीचर्स के साथ WhatsApp अपने प्लेटफॉर्म को व्यक्तिगत और प्रोफेशनल दोनों तरह की कॉलिंग के लिए और अधिक सक्षम बना रहा है। अब यूजर्स फोन, डेस्कटॉप और वेब ब्राउज़र के बीच आसानी से कॉल जारी रख सकेंगे।

राहुल गांधी के बयान पर भड़के किरेन रिजिजू, स्पीकर बिरला ने भी दी हिदायत

Loksabha News

Rahul Gandhi vs Kiren Rijiju: लोकसभा में बुधवार को उस समय भूचाल आ गया जब पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीधे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर बेहद संगीन आरोप लगाए। राहुल ने दावा किया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोलीबारी और पैलेट गन चलाने का आदेश खुद गृहमंत्री ने दिया था और 'वह डरे हुए हैं'।

किरेन रिजिजू  की राहुल गांधी को चुनौती 

राहुल गांधी के इस बयान पर सत्तापक्ष उबल पड़ा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे सरासर झूठा आरोप करार देते हुए राहुल गांधी से तुरंत माफी मांगने या आदेश का सबूत दिखाने की चुनौती दे डाली। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सख्त रवैया अपनाया और राहुल गांधी की टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया। ALSO READ: एक्टिविज्म करना है तो सजा के लिए तैयार रहें, नड्डा का खरगे पर पलटवार

 

संसद के मानसून सत्र में पेपर लीक बिल पर जारी बहस के दौरान लोकसभा का माहौल अचानक बेहद तनावपूर्ण हो गया। दोपहर करीब 12:30 बजे बोलने खड़े हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुई पुलिसिया कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए सीधे गृहमंत्री अमित शाह को निशाने पर ले लिया।

क्या कहा राहुल गांधी ने?

सदन में राहुल गांधी ने कहा कि छात्र अपने डर से बाहर निकलकर सवाल पूछ रहे हैं, लेकिन सरकार उनसे घबराई हुई है। उन्होंने कहा कि इस देश के कथित गृह मंत्री में सदन में आकर बैठने का साहस नहीं है। वह डरे हुए हैं और उन्होंने ही छात्रों पर गोली तथा पैलेट गन चलाने की अनुमति दी। ALSO READ: संसद में आर-पार, सपा सांसदों का दानपेटी प्रदर्शन, प्रियंका बोलीं मैंने कुछ गलत नहीं कहा

किरेन रिजिजू का करारा पलटवार

राहुल गांधी के आरोपों पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू तुरंत खड़े हो गए और कड़ा प्रतिवाद किया। रिजिजू ने कहा कि कोई भी सदस्य बिना किसी आधार या सबूत के इतने जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति पर झूठा आरोप नहीं लगा सकता। रिजिजू ने कहा कि आप ऐसे कैसे बोल सकते हैं? किस आधार पर आपने यह कहा? किसने बताया आपको? आप गृहमंत्री का लिखित ऑर्डर दिखाइए! अगर आपके पास सबूत नहीं है तो आपको सदन और देश से माफी मांगनी होगी। जब तक राहुल गांधी माफी नहीं मांगेंगे, तब तक सदन नहीं चलने दिया जाएगा।

 

रिजिजू ने तीखे अंदाज में तंज कसते हुए यह भी कहा कि क्या मैं बिना किसी सबूत के ऐसा कह सकता हूं कि राहुल गांधी ने किसी का मर्डर किया है? आप बिना आधार के ऐसे गंभीर आरोप कैसे लगा सकते हैं?

लोकसभा स्पीकर की सख्त हिदायत

हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दखल दिया और नेता प्रतिपक्ष को संसदीय मर्यादा की याद दिलाई। स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी को हिदायत देते हुए कहा कि वह इस तरह सीधे नाम लेकर आरोप नहीं लगा सकते, वे केवल मामले की जांच की मांग कर सकते हैं। इसके साथ ही लोकसभा स्पीकर ने बड़ा फैसला सुनाते हुए गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े राहुल गांधी के आरोपों और टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाने (का स्पष्ट निर्देश दिया।

 

सदन में जब सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए, तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अगर नेता प्रतिपक्ष ने कोई गंभीर सवाल उठाया है तो सरकार यह स्पष्ट कर दे कि आखिर किसके आदेश पर छात्रों पर कार्रवाई हुई। इस पर रिजिजू ने उन्हें जवाब देते हुए कहा कि सवाल पूछना अलग बात है, लेकिन झूठा आरोप लगाकर सनसनी फैलाना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Weather Update : देशभर में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कैसा है असम का हाल?

Monsoon gathers momentum across country, heavy rain alert for 17 states

Weather Update News : देशभर में मानसून फिर से बहुत तेज हो गया है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई जगहों पर बिजली गिरने की भी संभावना है। IMD के अनुसार, अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून की बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। असम में बाढ़ का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में 7 लोगों की मौत हुई। अब इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। 7 जिले अब भी प्रभावित हैं।

 

देशभर में मानसून फिर से बहुत तेज हो गया है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कई जगहों पर बिजली गिरने की भी संभावना है। IMD के अनुसार, अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून की बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।

ALSO READ: Weather Update : असम में बाढ़ से हाहाकार, UP-MP समेत कई राज्‍यों में अलर्ट, गुजरात-हिमाचल में बारिश का कहर

देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले 4 से 5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मानसून सामान्य से अधिक सक्रिय रहेगा। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, बिहार, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और उत्तर प्रदेश समेत 17 राज्यों में बारिश की चेतावनी है।

बिहार के पटना, गया, नालंदा, नवादा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी और शिवहर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना है। IMD ने 31 जुलाई से 3 अगस्त के बीच राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है।

हिमाचल प्रदेश में 29 जुलाई से 3 अगस्त के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि 30 जुलाई के दौरान कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर में बारिश का असर बना रहेगा।

ALSO READ: Weather Update : हिमाचल में बादल फटा; असम में 68 मौतें, गुजरात में सेना का रेस्क्यू, IMD का 12 राज्यों में अलर्ट

उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, बिजनौर, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, संभल, बरेली और बदायूं में आज भारी बारिश का अलर्ट है। देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को हुई झमाझम बारिश के बाद मौसम सुहावना बना हुआ है।

असम में बाढ़ का कहर जारी

असम में बाढ़ का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में 7 लोगों की मौत हुई। अब इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। 7 जिले अब भी प्रभावित हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए अनुग्रह राशि बढ़ाकर 9 लाख रुपए कर दी है और राहत अभियान जारी है। प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 3.32 लाख रह गई है। ऊपरी असम में बाढ़ का पानी कम हो रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार के मंत्री पुनर्वास कार्यों में तालमेल बिठाने के लिए पूरे राज्य में जाएंगे। 

ALSO READ: Weather Update : भारत में Monsoon ने पकड़ी रफ्तार, गुजरात-असम में बाढ़ का कहर, 17 राज्यों के लिए IMD का अलर्ट

MP में भारी बारिश की चेतावनी

मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम और रायसेन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 1 अगस्त तक मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर बना रहेगा।

ALSO READ: Weather Update : गुजरात से असम तक भारी बारिश से तबाही, UP-बिहार समेत कई राज्यों में अलर्ट

मौसम विभाग ने 29 जुलाई को बारिश का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में आज से 3 अगस्त तक कई इलाकों में बारिश जारी रह सकती है। मौसम विभाग ने झारखंड में 29 जुलाई और फिर 2 से 3 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 

कोयला ब्लॉक आवंटन मामला, पूर्व PM मनमोहन सिंह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने बंद किया केस

SY Quresh on manmohan singh

Coal Block Allocation Case: कोयला ब्लॉक आवंटन (कोलगेट) मामले में देश के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत डॉ. मनमोहन सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बहुत बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने बुधवार को मनमोहन सिंह के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले को पूरी तरह से बंद कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने उन्हें बतौर आरोपी समन भेजने वाले पुराने आदेशों को भी रद्द कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई द्वारा दाखिल 'क्लोजर रिपोर्ट' को स्वीकार कर लिया, जिसमें डॉ. मनमोहन सिंह और अन्य को क्लीन चिट दी गई थी।

 

उच्चतम न्यायालय की तीन न्यायाधीशों की पीठ, जिसमें देश के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल हैं, ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए इसे आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया। जांच एजेंसी सीबीआई ने इस मामले की विस्तृत जांच के बाद अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। ALSO READ: 'अगर आप ऐसा सोचते हैं तो मैं आत्महत्या कर लूंगा…' मनमोहन सिंह को लेकर SY कुरैशी की नई किताब में बड़ा खुलासा

मनमोहन के खिलाफ नहीं मिला कोई सबूत

अपनी रिपोर्ट में सीबीआई ने स्पष्ट किया था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री और कोयला मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र या पद के दुरुपयोग का कोई सबूत नहीं मिला है। शीर्ष अदालत ने सीबीआई की इस रिपोर्ट को कानून के दायरे में सही मानते हुए स्वीकार कर लिया और उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया।

 

शीर्ष अदालत ने विशेष सीबीआई अदालत के उस पुराने आदेश को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसके तहत पूर्व प्रधानमंत्री को आरोपी के रूप में अदालत में पेश होने का समन जारी किया गया था। पीठ ने कहा कि पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में किसी के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही जारी रखना उचित नहीं है। इस फैसले के बाद मनमोहन सिंह के खिलाफ चल रहे इस कानूनी विवाद का स्थायी पटाक्षेप हो गया है।

क्या है यह पूरा मामला?

यह मामला संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA-1) सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2005 में ओडिशा के 'तालाबीरा II' (Talabira II) कोयला ब्लॉक के आवंटन से जुड़ा हुआ है। उस समय कोयला मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के पास ही था। 

 

आरोप लगाया गया था कि नियमों की अनदेखी करते हुए तालाबीरा II कोयला ब्लॉक उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला की कंपनी 'हिंडाल्को' (Hindalco) को आवंटित कर दिया गया। सीबीआई ने शुरुआत में इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी, लेकिन बाद में साक्ष्य न मिलने पर क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी।

गुरु पूर्णिमा महोत्सव : सीएम योगी ने किया महायोगी गोरखनाथ का विशिष्ट पूजन

Guru Purnima Mahotsav CM Yogi Adityanath

Guru Purnima Mahotsav CM Yogi Adityanath: गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर बुधवार प्रातःकाल गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का नाथपंथ की परंपरा के अनुसार विशिष्ट पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ, दादागुरु ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ, योगिराज बाबा गंभीरनाथ समेत नाथपंथ के सभी गुरुजन का भी विधि विधान से पूजा की।

 

गोरक्षपीठाधीश्वर ने भगवान गोरखनाथ और अन्य गुरुजन को श्रद्धा निवेदित कर लोक कल्याण के पथ पर मार्गदर्शन के लिए भावपूर्ण कृतज्ञता व्यक्त की की।  गोरखनाथ मंदिर में गुरु पूर्णिमा का विशेष अनुष्ठान प्रातः काल से ही प्रारंभ हो गया और सामूहिक आरती के साथ अनुष्ठान की पूर्णता हुई।

गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी देशवासियों को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं। वैसे तो गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ जब भी गोरखनाथ मंदिर में होते हैं, गुरु गोरखनाथ जी तथा नाथपंथ के गुरुजन का दर्शन-पूजन उनकी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा होता है। पर, गुरु पूर्णिमा का अवसर गोरखनाथ मंदिर में विशिष्ट पूजा का होता है। बुधवार को गोरक्षपीठाधीश्वर ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महायोगी गोरखनाथ, मंदिर परिसर में मौजूद सभी देव विग्रहों और नाथपंथ के गुरुओं की प्रतिमाओं के समक्ष विधि विधान के साथ पूजन किया।

 

आनुष्ठानिक कार्यक्रमों के क्रम में उन्होंने सबसे पहले नाथपंथ के आदिगुरु भगवान गोरखनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनकी विशिष्ट पूजा की। वह परिसर में मौजूद सभी देव-विग्रहों के पास पहुंचे और उनका पूजन किया। उसके बाद वह बारी-बारी से बाबा गंभीरनाथ, अपने दादागुरु ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ समेत ब्रह्मलीन गुरुओं की समाधि पर गए। सभी का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन कर आशीर्वाद लिया।

 

गोरखनाथ मंदिर में नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार गुरु गोरखनाथ को रोट का महाप्रसाद भी अर्पित किया गया। पूजा-अर्चना की आनुष्ठानिक प्रक्रिया संपन्न होने के बाद गुरु पूर्णिमा पर होने वाली परंपरागत सामूहिक आरती हुई तथा सभी गुरुओं के प्रति आस्था निवेदित की गई।

एक्टिविज्म करना है तो सजा के लिए तैयार रहें, नड्डा का खरगे पर पलटवार

JP Nadda statement Rajya Sabha: संसद के मॉनसून सत्र में नीट पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर बुधवार को राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने पुलिस कार्रवाई और माकपा कार्यालय में पुलिस के प्रवेश को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। इस पर पलटवार करते हुए राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पुलिस कार्रवाई का बचाव किया और स्पष्ट कहा कि अगर किसी छात्र को एक्टिविज्म करना है, तो उसे इस तरह की कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए।

 

बुधवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने नीट पेपर लीक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज का मुद्दा उठाकर जोरदार हंगामा किया। सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने माकपा कार्यालय में दिल्ली पुलिस के दाखिल होने और जेएनयूएसयू की पूर्व अध्यक्ष आइशी घोष को गिरफ्तार करने के प्रयास का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि 2021 के एक मामले में सादे कपड़ों में आई पुलिस टीम ने केवल इसलिए यह कार्रवाई की क्योंकि आइशी घोष ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन में भाग लिया था। ALSO READ: संसद में आर-पार, सपा सांसदों का दानपेटी प्रदर्शन, प्रियंका बोलीं मैंने कुछ गलत नहीं कहा

खरगे का सरकार पर हमला

कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी के कार्यालय में घुसकर किसी को गिरफ्तार करने की कोशिश करना बेहद शर्मनाक है। क्या इससे लोकतंत्र खतरे में नहीं पड़ता? खरगे ने पुलिस टीम पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे कदम देश के लोकतांत्रिक ढांचे पर आघात हैं।

केन्द्रीय मंत्री नड्डा का पलटवार

खरगे के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता जेपी नड्डा ने पुलिस कार्रवाई का मजबूती से समर्थन किया। अपने छात्र जीवन का उदाहरण देते हुए नड्डा ने कहा कि ये बहुत ही सामान्य स्थिति है। मैं खुद स्टूडेंट एक्टिविस्ट रहा हूं। इमरजेंसी के दौरान मुझे कई बार क्लासरूम से उठाकर ले जाया गया, तब देश में कांग्रेस की सरकार थी। अगर किसी छात्र को एक्टिविज्म करना है तो उसे ये सब झेलना ही पड़ेगा। ALSO READ: Priyanka Gandhi : प्रियंका गांधी के बयान पर संसद में बवाल, प्रह्लाद जोशी पर टिप्पणी से मचा हंगामा, माफी की उठी मांग

 

नड्डा ने आगे कहा कि जब कोई कानून हाथ में लेता है, तो कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को अपनी जिम्मेदारी निभानी ही पड़ती है। इसे गैर-जरूरी तरीके से सनसनीखेज बनाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि मैंने खुद दो बार गिरफ्तारी झेली है, इसलिए छात्र राजनीति में ऐसी सजाओं के लिए तैयार रहना पड़ता है।

मुख्‍यमंत्री धामी ने 11 क्लीन फ्यूल वाहनों को दिखाई हरी झंडी, उत्तराखंड सरकार स्वच्छ परिवहन को दे रही बढ़ावा

Chief Minister Pushkar Singh Dhami : उत्तराखंड सरकार ने राज्य में स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में 'उत्तराखंड स्वच्छ गतिशीलता परिवर्तन नीति 2024' के तहत 6 प्राथमिक लाभार्थी वाहन स्वामियों को पूंजीगत अनुदान और प्रोत्साहन राशि के सब्सिडी चेक वितरित किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वच्छ ईंधन आधारित 11 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखंड क्लीन मोबिलिटी ट्रांजिशन पॉलिसी-2024 के तहत 6 लाभार्थी वाहन मालिकों को पूंजी अनुदान और प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वच्छ ईंधन आधारित 11 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। परिवहन विभाग ने 5 अन्य लाभार्थियों की सब्सिडी मंजूरी की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है।

ALSO READ: CM धामी ने बताया नैनीताल के मुक्तेश्वर महादेव मंदिर का महत्व, जहां शिव भक्ति के साथ दिखता है हिमालय का अद्भुत नजारा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आधुनिक परिवहन व्यवस्था, स्वच्छ पर्यावरण और सतत विकास के संकल्प के साथ उत्तराखंड को ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में अग्रणी राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है।


मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस पहल से शहरों में क्लीन फ्यूल आधारित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, डीजल वाहनों से होने वाला प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दुनिया इस समय जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौती का सामना कर रही है। ऐसे में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

ALSO READ: CM पुष्कर सिंह धामी ने बच्ची से की बातचीत का वीडियो एक्स पर किया पोस्ट, बोले- बेटियों के लिए सुरक्षित और सशक्त उत्तराखंड बनाना हमारा संकल्प

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उत्तराखंड में स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ग्रीन एनर्जी और सतत विकास के क्षेत्र में दुनिया में नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने उत्तराखंड क्लीन मोबिलिटी ट्रांजिशन पॉलिसी-2024 लागू की है।

कार्यक्रम में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सविता कपूर, देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल, परिवहन सचिव रविनाथ रमन समेत परिवहन विभाग के अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।