किसानों की मांगों पर कृषि मंत्री कंषाना का बड़ा आश्वासन, केंद्र से मूंग खरीद लक्ष्य बढ़ाने की मांग

मध्यप्रदेश में मूंग खरीदी सहित किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने किसान प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। कृषि मंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी जायज़ मांगों के प्रति संवेदनशील है और सभी मुद्दों का शीघ्र एवं सकारात्मक समाधान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

 

कृषि मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए तथा मूंग खरीदी सहित अन्य विषयों पर आवश्यक कदम उठाए जाएँ।

 

 कृषि मंत्री  श्री कंषाना ने किसानों से शांति बनाए रखने और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील करते हुए कहा कि सरकार और किसान एक-दूसरे के सहयोगी हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना तथा उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाना है। मंत्रालय में हुई बैठक के दौरान किसान प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों और समस्याओं को विस्तार से रखा, जिस पर कृषि मंत्री श्री कंषाना ने सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करने तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर शीघ्र निर्णय लेने का भरोसा दिलाया।

 

कृषि मंत्री श्री कंषाना ने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी संवाद और सकारात्मक प्रयासों से किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान होगा तथा प्रदेश में खरीदी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाया जाएगा। इस दौरान सचिव कृषि श्री निशांत बरबड़े एवं कृषि विभाग के अधिकारी, किसान संगठन के प्रतिनिधि मण्डल उपस्थित रहे।

 

केंद्र से मूंग उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाने के लिये किया अनुरोध

किसानों से चर्चा के बाद कृषि मंत्री श्री कंषाना ने केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर ग्रीष्मकालीन मूंग के उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग का क्षेत्रफल लगभग 14.30 लाख हेक्टेयर है। गत वर्ष के अंतिम अनुमान/ इस वर्ष के तृतीय अग्रिम अनुमान अनुसार प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की उत्पादकता 1410 कि. ग्राम प्रति हेक्टेयर है। इस प्रकार प्रदेश का कुल उत्पादन 20.16 लाख मेट्रिक टन संभावित है। केन्द्र सरकार द्वारा गत वर्ष 4.19 लाख मे. टन का लक्ष्य प्रदान किया गया था, जिसके विरूद्ध प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग का कुल 7.72 लाख मे. टन का उपार्जन किया गया।
 

किसानों को बेहतर मूल्य मिले और किसान भविष्य में भी दलहन उत्पादन के प्रति इच्छुक रहे इसे सुनिश्चित करने के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य का अधिकाधिक लाभ उन्हें दिया जाना आवश्यक है, जो केन्द्र सरकार द्वारा प्रदत्त लक्ष्य सीमा से संभव नहीं हो सकेगा। अत: विपणन वर्ष 2026-27 में भारत सरकार की प्राईस सर्पोट स्कीम अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर तय किये हुए लक्ष्य में से अन्य ग्रीष्मकालीन मूंग उत्पादन करने वाले राज्यों के बचत के प्रतिशत को प्रदेश को प्रदाय करते हुए प्रेषित संशोधित प्रस्ताव अनुसार लक्ष्य सीमा को बढ़ाकर प्रदेश के कुल उत्पादन का 40 प्रतिशत मात्रा, 8.06 लाख मेट्रिक टन का लक्ष्य प्रदाय किया जाये।

NEET विवाद, CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी, छात्रों के उत्पीड़न का लगाया आरोप

abhijeet dipke at jantar mantar

NEET विवाद को लेकर जारी आंदोलन के बीच Cockroach Janta Party (CJP) के प्रमुख अभिजीत दिपके ने मंगलवार को एक बार फिर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा प्रदर्शन कर रहे छात्रों को परेशान किया जा रहा है। दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अगर छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई जारी रही तो उनकी पार्टी जल्द ही एक बड़ा और शांतिपूर्ण आंदोलन आयोजित करेगी। उन्होंने सरकार पर प्रदर्शन में शामिल छात्रों को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया।

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छात्रों के उत्पीड़न पर बड़े प्रदर्शन की चेतावनी

 

अभिजीत दिपके ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पुलिस द्वारा छात्रों को परेशान करने की कार्रवाई जारी रहती है तो Cockroach Janta Party जल्द ही बड़े स्तर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेगी। उन्होंने सरकार से छात्रों को निशाना बनाना और कथित उत्पीड़न बंद करने की मांग की।

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आंदोलन खत्म नहीं हुआ, CJP ने जारी रखने की बात कही

 

हालांकि केंद्र सरकार द्वारा संगठन की प्रमुख मांगों में से एक को स्वीकार किए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया था, लेकिन CJP नेताओं का कहना है कि उनका अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। अभिजीत दिपके ने कहा कि आंदोलन वापस लेने का मतलब यह नहीं है कि लड़ाई समाप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि CJP को अभी 'लंबा रास्ता तय करना है' और प्रदर्शन का समापन केवल शुरुआत है।

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NEET विवाद में मृत छात्रों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग

 

CJP प्रमुख ने परीक्षा विवाद के दौरान कथित रूप से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग भी की है। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि प्रभावित परिवारों को नियमों के अनुसार अधिकतम संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

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शिक्षा सुधारों को लेकर अभियान जारी रखेगी CJP

CJP नेताओं ने संकेत दिए हैं कि संगठन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर अपना अभियान जारी रखेगा।  CJP प्रवक्ता सौरव दास ने समाचार कहा कि संगठन युवाओं से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा और शिक्षा एवं प्रशासनिक सुधारों के लिए प्रयास जारी रखेगा।

iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max सितंबर में हो सकते हैं लॉन्च, बड़ी बैटरी, 2nm चिप और DSLR जैसे कैमरे की चर्चा

 Apple के अगली पीढ़ी के प्रीमियम स्मार्टफोन iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को लेकर नई लीक्स सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी इस साल सितंबर में इन दोनों मॉडल्स को लॉन्च कर सकती है। लीक्स में दावा किया गया है कि नए iPhone Pro मॉडल्स में 2nm A20 प्रोसेसर, बड़ी बैटरी, बेहतर OLED डिस्प्ले और पहली बार Variable Aperture Camera जैसे बड़े अपग्रेड देखने को मिल सकते हैं। हालांकि Apple ने अभी तक इन फीचर्स या लॉन्च डेट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

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सितंबर में हो सकता है लॉन्च

 

अगर Apple अपने पुराने लॉन्च शेड्यूल का पालन करता है तो iPhone 18 Pro सीरीज का अनावरण सितंबर में किया जा सकता है। लीक्स में 12 सितंबर को संभावित लॉन्च डेट बताया जा रहा है। कुछ टिप्स्टर्स का दावा है कि कंपनी पहले Pro मॉडल्स लॉन्च कर सकती है, जबकि रेगुलर iPhone 18 को बाद में पेश किया जा सकता है। साथ ही Apple के पहले फोल्डेबल iPhone की भी चर्चा है, लेकिन फिलहाल यह केवल अफवाहों तक सीमित है।

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डिजाइन में बड़े बदलाव नहीं, नए कलर ऑप्शन मिल सकते हैं

 

रिपोर्ट्स के अनुसार iPhone 18 Pro सीरीज का डिजाइन पिछले मॉडल जैसा ही रहेगा। हालांकि कंपनी Dark Cherry, Light Blue और Dark Grey जैसे नए रंग पेश कर सकती है। वहीं iPhone 18 Pro Max में बड़ी बैटरी के कारण फोन थोड़ा मोटा और भारी हो सकता है।

 

डिस्प्ले होगा ज्यादा ब्राइट और पावर एफिशिएंट

 

iPhone 18 Pro में 6.3 इंच और iPhone 18 Pro Max में 6.9 इंच का डिस्प्ले मिलने की उम्मीद है। दोनों फोन में अपग्रेडेड LTPO+ OLED पैनल दिया जा सकता है, जिससे स्क्रीन ज्यादा ब्राइट होगी और बैटरी की खपत भी कम होगी।

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छोटा होगा Dynamic Island

लीक्स के मुताबिक Apple Face ID टेक्नोलॉजी का बड़ा हिस्सा डिस्प्ले के नीचे शिफ्ट कर सकता है। इससे Dynamic Island का आकार करीब 35 प्रतिशत तक छोटा हो सकता है और यूजर्स को ज्यादा स्क्रीन स्पेस मिलेगा।

 

पहली बार मिल सकता है Variable Aperture Camera

iPhone 18 Pro सीरीज में पहली बार Variable Aperture Camera मिलने की चर्चा है। यह कैमरा रोशनी के हिसाब से अपने आप अपर्चर एडजस्ट करेगा, जिससे कम रोशनी में बेहतर फोटो, अधिक प्राकृतिक पोर्ट्रेट, कम ओवरएक्सपोजर और बेहतर वीडियो रिकॉर्डिंग संभव हो सकती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यूजर इसे मैन्युअली कंट्रोल कर पाएंगे या नहीं।

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A20 2nm चिप दे सकती है दमदार परफॉर्मेंस

नई Pro सीरीज में Apple का A20 चिपसेट मिलने की संभावना है, जिसे TSMC की 2nm प्रोसेस टेक्नोलॉजी पर तैयार किया जा सकता है। यह प्रोसेसर पहले से ज्यादा तेज और ऊर्जा की बचत करने वाला हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें Apple का नया C2 5G मॉडेम और बेहतर सैटेलाइट कनेक्टिविटी भी देखने को मिल सकती है।

 

बड़ी बैटरी से बढ़ सकती है बैकअप

रिपोर्ट्स के अनुसार iPhone 18 Pro Max में 5,200mAh तक की बैटरी मिल सकती है, जबकि iPhone 18 Pro की बैटरी क्षमता में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। नई बैटरी और 2nm प्रोसेसर के साथ बेहतर बैटरी बैकअप मिलने की संभावना जताई जा रही है।

 

भारत में कीमत बढ़ सकती है

लीक्स के मुताबिक iPhone 18 Pro सीरीज की कीमत भारत में मौजूदा मॉडल्स की तुलना में 20,000 से 30,000 रुपये तक बढ़ सकती है। फिलहाल iPhone 17 Pro की शुरुआती कीमत ₹1,34,999 और iPhone 17 Pro Max की शुरुआती कीमत ₹1,49,999 है। ऐसे में नई Pro सीरीज और अधिक महंगी हो सकती है। वैश्विक बाजार में भी कीमत करीब 200 डॉलर तक बढ़ने की चर्चा है, जिसकी वजह महंगे कंपोनेंट्स और बढ़ी हुई सप्लाई चेन लागत बताई जा रही है।

अभी कुछ भी आधिकारिक नहीं

ध्यान देने वाली बात यह है कि Apple ने अभी तक iPhone 18 Pro सीरीज की लॉन्च डेट, फीचर्स या कीमत को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में फिलहाल इन सभी जानकारियों को केवल लीक्स और रिपोर्ट्स के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।

नई Hyundai Creta में मिलेंगे बड़े बदलाव! 15+ इंच स्क्रीन, Level 2+ ADAS और HUD के साथ होगी लॉन्च

हुंडई अपनी लोकप्रिय मिड-साइज SUV Hyundai Creta की अगली जनरेशन को जल्द बाजार में उतारने की तैयारी कर रही है। नई Creta में सिर्फ नया प्लेटफॉर्म और नए पावरट्रेन ही नहीं, बल्कि पहले से कहीं ज्यादा आधुनिक फीचर्स भी देखने को मिल सकते हैं। माना जा रहा है कि कंपनी इस बार SUV के फीचर पैकेज को और मजबूत बनाएगी, क्योंकि यही इसकी सबसे बड़ी ताकत रही है।

मिलेगा एडवांस Level 2+ ADAS

मौजूदा Hyundai Creta में Level-2 ADAS के तहत 20 सेफ्टी फीचर्स दिए जाते हैं। हालांकि, नई जनरेशन मॉडल में Kia Seltos की तरह Level 2+ ADAS मिलने की उम्मीद है, जिसमें 28 तक एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस फीचर्स शामिल हो सकते हैं।

संभावित नए ADAS फीचर्स में शामिल हैं:

  • Navigation-based Smart Cruise Control
  • Frontal Collision Warning
  • Junction Crossing Assist
  • अन्य एडवांस सेफ्टी और ड्राइविंग असिस्ट सिस्टम
  • मिलेगा नया PLEOS इंफोटेनमेंट सिस्टम

 

नई Creta के केबिन में सबसे बड़ा बदलाव Hyundai का नया PLEOS Infotainment System हो सकता है। कंपनी इस सिस्टम को पहले अपने कुछ अंतरराष्ट्रीय मॉडलों में पेश कर चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें 15 इंच से बड़ी टचस्क्रीन मिलने की संभावना है। इसके जरिए कार के अधिकांश कंट्रोल और सेटिंग्स ऑपरेट किए जा सकेंगे।

 

इस सिस्टम की खासियत Over-the-Air (OTA) Updates होगी। यानी भविष्य में सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ कुछ मैकेनिकल बदलाव, जैसे सस्पेंशन ट्यूनिंग, भी OTA के जरिए अपडेट किए जा सकेंगे। इसके अलावा मौजूदा डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले की जगह नया और ज्यादा स्लिम डिस्प्ले मिलने की संभावना है, जिसमें केवल जरूरी ड्राइविंग जानकारी दिखाई जाएगी। HUD और Wireless Android Auto-Apple CarPlay भी मिल सकते हैं

 

फिलहाल Hyundai Creta के टॉप वेरिएंट में Head-Up Display (HUD) और Wireless Android Auto एवं Apple CarPlay की सुविधा उपलब्ध नहीं है। वायरलेस कनेक्टिविटी के लिए अलग से एडेप्टर का इस्तेमाल करना पड़ता है।

 

नई जनरेशन Creta में यह कमी दूर हो सकती है। Kia Seltos में पहले से मौजूद इन फीचर्स को अब Hyundai Creta में भी शामिल किए जाने की उम्मीद है। साथ ही, वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay को केवल लोअर वेरिएंट तक सीमित रखने के बजाय अधिकांश वेरिएंट्स में स्टैंडर्ड फीचर बनाया जा सकता है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक नई Hyundai Creta के फीचर्स और लॉन्च टाइमलाइन को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

सरकार ने किसानों को दिलाया भरोसा, यूपी में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध

UP fertilizer availability: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार वर्तमान खरीफ सीजन में मुख्य फसल धान की रोपाई और अन्य फसलों की बुवाई के उपरांत किसानों को फसल संस्तुति के अनुसार पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि परेशान न हों, प्रदेश में उर्वरक की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को सुगमता से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि व संबंधित विभाग के अधिकारी लगातार मॉनीटरिंग करें। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान भ्रामक सूचनाओं व अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से उर्वरक भंडारण न करें। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक उर्वरक उपलब्ध कराए गए हैं। किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। 

प्रदेश में पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध : कृषि मंत्री

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि प्रदेश में किसानों के लिए उर्वरक का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। खरीफ सीजन- 2026 के तहत सोमवार (27 जुलाई) तक कुल 28.25 लाख मीट्रिक टन उर्वरक बिक्री की जा चुकी है, जबकि 29.05 लाख मीट्रिक टन उर्वरक अब भी उपलब्ध है। सरकार किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। 

 

किसी भी समस्या पर जनपद व मंडल के अधिकारियों से संपर्क करें किसान

कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने बताया कि सभी 18 मंडलों में पर्याप्त खाद उपलब्ध है। जनपदों में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी होती है तो वे जनपद, मंडल के कृषि अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। मंडलवार यूरिया उपलब्धता के आंकड़े इस प्रकार हैं-

  • सहारनपुर : 43,275 मी. टन
  • मेरठ : 67551 मी. टन
  • आगरा : 95852 मी. टन 
  • अलीगढ़ : 86474 मी. टन 
  • बरेली : 116987 मी. टन
  • मुरादाबाद : 83972 मी. टन
  • कानपुर : 143076 मी. टन
  • प्रयागराज : 111070 मी. टन
  • झांसी : 47722 मी. टन
  • चित्रकूट : 50189 मी. टन
  • वाराणसी : 109312 मी. टन
  • मीरजापुर : 36014 मी. टन
  • आजमगढ़ : 73086 मी. टन
  • गोरखपुर : 91659 मी. टन
  • बस्ती : 51638 मी. टन
  • गोंडा : 59199 मी. टन
  • लखनऊ : 138186 मी. टन
  • अयोध्या : 71695 मी. टन

पेपर लीक करने वालों की खैर नहीं! जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बताया कितना सख्‍त है नया कानून

jitendra singh on paper leak in parliament

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 पर चर्चा के दौरान कहा कि यह संशोधन कानून को और सख्त बनाने और तेजी से न्याय सुनिश्चित करने के लिए लाया जा रहा है, ताकि इन सभी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़े और बहाल हो सके। ALSO READ: “छात्रों पर पैलेट गन किसके आदेश से चली?” लोकसभा में गौरव गोगोई के तीखे सवाल, NTA और सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

 

उन्होंने कहा कि धारा 10 की उप-धारा 1 में प्रावधान था कि इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को कम से कम 3-5 साल की सजा और 10 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। आज लाए जा रहे संशोधन के तहत, सजा की यही अवधि कम से कम 5-10 साल और जुर्माना 50 लाख रुपए तक कर दिया गया है। 2024 के कानून में, सर्विस प्रोवाइडर के लिए सजा 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना थी। अब इसे बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए किया जा रहा है।

जितेंद्र सिंह ने कहा कि 2024 के कानून में यह भी लिखा था कि प्रोवाइडर को अगले 4 वर्षों तक कोई भी परीक्षा आयोजित करने से रोक दिया जाएगा। आज, इस संशोधन के तहत उस अवधि को बढ़ाकर 8 साल किया जा रहा है… अंत में, संगठित अपराध करने वालों, यानी जहां माफिया गिरोह शामिल हो, के मामले में पहले सज़ा 5-10 साल थी। इसे बढ़ाकर 7-10 साल कर दिया गया है और जुर्माना पहले 1 करोड़ रुपये तक था। अब इसे बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है।

 

उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात, जिसका जिक्र प्रधानमंत्री ने वीडियो के माध्यम से भी किया था, वह है तेजी से न्याय सुनिश्चित करना। हम परीक्षाओं में अनुचित साधनों से जुड़े मामलों के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करेंगे। हमने उसमें भी समय सीमा तय की है। जांच 2 महीने की अवधि के भीतर पूरी होनी चाहिए, चाहे वह केंद्रीय एजेंसी हो या विशेष कार्य बल। ALSO READ: कौन हैं जंतर-मंतर के वायरल हो रहे मोहम्मद इरफान? क्यों राहुल गांधी पहुंचे उनके घर?

 

यूपीए राज में भी लीक होते थे पेपर

डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि पहले भी पेपर लिक होते थे। 2009, 2011, 2012 और 2013 में पेपर लीक हुए। यह सिर्फ एक राज्य तक सिमित नहीं। पीएम ने जल्द न्याय का फैसला किया है। नए बिल में स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया है।  

नौकरी ढूंढ़ने नहीं, नौकरी देने की सोच पैदा कर रहा ‘यूथ अड्डा’

CM Yuva Yojana: आज की जेनरेशन जेड (Gen Z) पारंपरिक नौकरी की तलाश तक सीमित नहीं रहना चाहती। यह पीढ़ी नवाचार, तकनीक, स्टार्टअप, डिजिटल बिजनेस और आत्मनिर्भरता में अपना भविष्य देखती है। जिन युवाओं का जन्म 1997 के बाद हुआ, वे इंटरनेट, स्मार्टफोन और डिजिटल तकनीक के साथ बड़े हुए हैं। ऐसे में उन्हें केवल रोजगार नहीं, बल्कि अवसर, मार्गदर्शन, नेटवर्किंग और उद्यमिता का पूरा इकोसिस्टम चाहिए।

 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी बदलते सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को बहुत पहले समझ लिया था। यही कारण है कि प्रदेश सरकार ने केवल रोजगार योजनाओं तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि युवाओं को उद्यमी बनाने की सोच के साथ सीएम युवा और यूथ अड्डा जैसी अभिनव अवधारणा को विकसित किया। इसका उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाले से आगे बढ़ाकर रोजगार सृजित करने वाला बनाना है। इस पहल का उद्देश्य केवल वित्तीय सहायता देना नहीं, बल्कि विचार, कौशल, तकनीक, मार्गदर्शन और बाजार सभी को एक मंच पर उपलब्ध करवा कर युवाओं के लिए उद्यमिता का नया इकोसिस्टम तैयार करना है। 

 

Gen Z की क्षमता और भविष्य की कार्यशक्ति में उसकी अहम भूमिका को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक वर्ष पहले ही पहचान लिया था। इसी सोच के तहत युवाओं और उद्यमिता के बीच मौजूद दूरी को कम करने की पहल की गई। कॉफी या चाय पर सहज, खुले और व्यावहारिक संवाद के माध्यम से युवाओं को कौशल, नवाचार और उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास हुआ। इसी अनौपचारिक लेकिन प्रभावी मॉडल को ‘यूथ अड्डा’ नाम दिया गया, जहां कॉफी शॉप जैसे माहौल में युवा अपने विचार साझा कर सकें, विशेषज्ञों से संवाद कर सकें और अपने उद्यमी सपनों को वास्तविक रूप देने की दिशा में आगे बढ़ सकें।

Gen Z की जरूरतों के अनुरूप तैयार हुआ यूथ अड्डा

आज का युवा केवल ऋण या अनुदान नहीं चाहता। वह चाहता है कि कोई उसके विचार को समझे, बिजनेस मॉडल बनाने में मदद करे, अनुभवी मेंटर्स से जोड़े, बैंकिंग प्रक्रिया आसान बनाए और बाजार तक पहुंच दिलाए। इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यूथ अड्डा को पारंपरिक प्रशिक्षण केंद्र के बजाय एक समग्र उद्यमिता इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया गया है। यहां बिजनेस आइडिया से लेकर वित्तीय सहायता, तकनीकी प्रशिक्षण, डिजिटल मार्केटिंग, फ्रेंचाइजी मॉडल, सरकारी योजनाओं की जानकारी और अनुभवी उद्यमियों का मार्गदर्शन सब कुछ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है।

 

यूथ अड्डा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सरकारी सेवा वितरण की पारंपरिक सोच को बदलता है। यहां युवा केवल किसी योजना का लाभार्थी नहीं, बल्कि अवसर का आकांक्षी है, जिसकी जरूरतों के अनुरूप सेवाएं विकसित की गई हैं। यह दृष्टिकोण शासन व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।

कॉलेज से सीधे स्टार्टअप और उद्यमिता की ओर

प्रदेश सरकार ने महसूस किया कि उद्यमिता की शुरुआत नौकरी मिलने के बाद नहीं, बल्कि कॉलेज और तकनीकी संस्थानों के दिनों से ही होनी चाहिए। इसलिए यूथ अड्डा का फोकस विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पॉलीटेक्निक और आईटीआई के विद्यार्थियों पर रखा गया है। यहां छात्रों को प्रेरित किया जाता है कि वे डिग्री पूरी होने के बाद केवल नौकरी के लिए आवेदन करने की बजाय यह सोचें कि वे किस समस्या का समाधान कर सकते हैं और उससे किस प्रकार सफल उद्यम स्थापित किया जा सकता है। योगी सरकार ने यह भी समझा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था तकनीक आधारित होगी। इसी कारण यूथ अड्डा में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी), डिजिटल कॉमर्स, ई-कॉमर्स और आधुनिक डिजिटल टूल्स पर विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है, ताकि प्रदेश का युवा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सके।

सिर्फ प्रशिक्षण नहीं, पूरे बिजनेस सफर में साथ

यूथ अड्डा केवल प्रशिक्षण देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं करता। यहां युवाओं को बिजनेस आइडिया तैयार करने, परियोजना रिपोर्ट बनाने, बैंक ऋण प्राप्त करने, उद्यम पंजीकरण, जीएसटी, डिजिटल ब्रांडिंग, गूगल बिजनेस प्रोफाइल, वॉट्सएप बिजनेस, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और व्यवसाय विस्तार तक लगातार मार्गदर्शन देने की व्यवस्था की गई है। साथ ही 100 से अधिक तैयार फ्रेंचाइजी मॉडल भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे पहली बार व्यवसाय शुरू करने वाले युवाओं का जोखिम काफी कम हो सके।

ग्रामीण युवाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों पर विशेष फोकस

यूथ अड्डा की अवधारणा केवल शहरों तक सीमित नहीं है। सरकार का लक्ष्य इसे प्रदेश के सभी 75 जिलों तक पहुंचाना है, ताकि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी समान अवसर मिल सकें। महिला स्वयं सहायता समूहों को पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग का सहयोग देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को व्यावसायिक पहचान दिलाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

पूरे वर्ष चलता रहेगा उद्यमिता का अभियान

यूथ अड्डा को केवल एक केंद्र नहीं, बल्कि वर्षभर सक्रिय रहने वाले उद्यमिता मंच के रूप में विकसित किया गया है। यहां बैंकर्स मीट, टेक फेस्ट, स्टार्टअप क्लिनिक, बिजनेस आइडिएशन वर्कशॉप, फाउंडर्स टॉक, नारी शक्ति श्रृंखला, कॉलेज आउटरीच कार्यक्रम और सफल उद्यमियों के अनुभव साझा करने जैसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक पांच लाख युवाओं को इस पहल से जोड़ना, ₹1,000 करोड़ से अधिक का ऋण उपलब्ध कराना, 10,000 से अधिक नए उद्यम एवं फ्रेंचाइजी स्थापित करना तथा 25,000 से अधिक एमएसएमई को मजबूत बनाना है। सरकार का मानना है कि यदि युवा रोजगार मांगने की बजाय रोजगार देने वाले बनते हैं, तो इससे न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि उत्तर प्रदेश के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को भी नई गति मिलेगी।

यूपीकॉन निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका

इस पूरी पहल के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीकॉन) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यूपीकॉन के एमडी प्रवीण सिंह के मुताबिक,  मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) के अंतर्गत यूपीकॉन द्वारा संचालित यूथ अड्डा को प्रदेश में उद्यमिता के एक सशक्त मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। यूपीकॉन युवाओं को प्रशिक्षण, मेंटरशिप, परियोजना परामर्श, बैंकिंग सहायता, डिजिटल सशक्तीकरण और उद्योग जगत से जुड़ाव जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ विभिन्न विभागों, वित्तीय संस्थानों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच समन्वय स्थापित कर रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल योजनाओं का लाभ दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनाकर उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश तथा एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के विजन को साकार करने में सहभागी बनाना है।

कौन हैं जंतर-मंतर के वायरल हो रहे मोहम्मद इरफान? क्यों राहुल गांधी पहुंचे उनके घर?

Mohammad Irfan

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान एक चेहरा रातों-रात पूरे देश में छा गया—मोहम्मद इरफान। बिना किसी बड़े राजनीतिक दल या छात्र संगठन के बैनर तले आए इरफान ने अपने बेबाक बयानों, संविधान की समझ और जमीनी अनुभवों से सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया।

उनकी वायरल लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खुद दिल्ली की एक पुनर्वास बस्ती में स्थित उनके घर पहुंचे और उनसे मुलाकात की।

कौन हैं मोहम्मद इरफान?
दिल्ली की सावदा जेजे कॉलोनी में रहने वाले 35 वर्षीय मोहम्मद इरफान एक आम दिहाड़ी मजदूर और फेरीवाले हैं। इरफान कभी स्कूल नहीं गए और मोबाइल पर टाइप करना भी नहीं जानते। वे रोज बर्फ बेचकर और मजदूरी करके लगभग 500 रुपये कमाते हैं।

तकनीक से लिया नॉलेज: भले ही उनके पास कोई औपचारिक डिग्री न हो, लेकिन उन्होंने गूगल के वॉयस सर्च, यूट्यूब और इंटरनेट के जरिए लोकतंत्र, संविधान, सामाजिक न्याय और मजदूरों के अधिकारों की गहरी समझ हासिल की है।

सामाजिक आंदोलनों से जुड़ाव: इरफान पहले भी कई जन-आंदोलनों में शामिल रहे हैं और 2024 की 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान दिल्ली से कश्मीर तक की पदयात्रा में भी सहभागी बने थे।

जंतर-मंतर पर ऐसा क्या हुआ कि रातों-रात हो गए वायरल?
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान जब एक मीडिया चैनल ('द लल्लनटॉप') ने इरफान से बातचीत की, तो उन्होंने जो कहा उसने हर किसी को चौंका दिया:

संविधान की प्रस्तावना और समझ: बिना किसी कागज़ के उन्होंने संविधान की प्रस्तावना (Preamble) का मर्म समझाया और कहा कि संविधान हर नागरिक की गरिमा की रक्षा करता है।

मजदूरों की बेआवाज़ आवाज़: उन्होंने कहा कि देश में करोड़ों मजदूर सड़कों पर इसलिए नहीं उतर पाते क्योंकि एक दिन काम न करने का मतलब है घर में चूल्हा न जलना।

लोकतांत्रिक संवाद पर जोर: उन्होंने सरकार और जनता के बीच अहंकार छोड़कर बातचीत के रास्ते खुले रखने की वकालत की। उनका सादा पहनावा, निडर लहजा और ज्ञान देखकर उनका इंटरव्यू सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेंड करने लगा।

राहुल गांधी की मुलाकात: “इरफान जैसे युवा ही भारत की असली उम्मीद”
27 जुलाई को राहुल गांधी खुद सुरक्षा तामझाम के बीच सावदा जेजे कॉलोनी में इरफान के कच्चे/अधूरे मकान में उनसे मिलने पहुंचे। राहुल गांधी ने इरफान के परिवार से हाल-चाल पूछा, चाय पी और फोन पर अपनी बहन व कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी से भी इरफान की बात कराई। इसके साथ ही उन्होंने इरफान के पूरे परिवार को संसद आने का न्योता दिया।

राहुल गांधी ने इंस्टाग्राम और 'X' पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा: “संविधान की उसकी समझ, देश को देखने का उसका नजरिया और सीखने की उसकी ललक बताती है कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसके युवा हैं। इरफान जैसे जिज्ञासु, संवेदनशील और अपने अधिकारों-कर्तव्यों के प्रति जागरूक युवा ही देश की असली उम्मीद हैं।”

मोहम्मद इरफान की कहानी यह साबित करती है कि लोकतंत्र की ताकत बड़ी-बड़ी डिग्रियों या अमीर घरानों में नहीं, बल्कि देश के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े आम नागरिक की चेतना में बसती है। एक दिहाड़ी मजदूर का बिना स्कूल गए संविधान की आवाज बनना इस दौर की सबसे प्रेरणादायक कहानियों में से एक है।

दतिया उपचुनाव में वोटिंग से 24 घंटे पहले भी वोटर्स खमोश, कुशवाह और जाटव वोटर्स बनेगा गेमचेंजर!

mohan yadav in datia

दतिया विधानसभा उपचुनाव में आज शाम चुनाव प्रचार थम जाएगा। वोटिंग के 48 घंटे से पहले विधानसभा का वोटर्स पूरी तरह खमोश है। विधानसभा के ग्रामीण और शहरी इलाकों का दौरा करने के बाद एक बात पूरी तरह साफ है कि चुनाव में कांग्रेस और भाजपा दोनों में साफ तौर पर भितरघात नजर आ रहा‌ है। ALSO READ: दतिया‌ उपचुनाव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुशवाहा समाज को साधा, बोले भाजपा ने कुशवाह समाज को दिया सम्मान

 

वहीं उपचुनाव में जीत-हार का गणित अब जातीय समीकरणों पर आकर पूरी तरह टिक गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही सबसे प्रभावशाली कुशवाहा और जाटव वोट बैंक को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। दतिया विधानसभा में कुशवाहा समाज सबसे बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है  दतिया के ठंडी सड़क पर फल का ठेला लगाने वाले कुशवाहा समाज से आने वाले हरिराम कुशवाह साफ कहते है कि कुशवाह समाज का 60 फीसदी वोटर्स जिस तरफ जाएगा, वह पार्टी जीत हासिल करेगी। कुशवाह वोटर्स इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि विधानसभा क्षेत्र में लगभग 40 हजार कुशवाहा मतदाता चुनाव का रुख तय करने की स्थिति में हैं।

 

कुशवाहा वोटर्स को साधने के लिए सोमवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कुशवाहा समाज के सामाजिक सम्मेलन में शामिल हुए। इस सम्मेलन की अहमियत इससे समझी जा सकती है कि उपचुनाव में पहली बार मुख्यमंत्री किसी समाज के समाजिक सम्मेलन को संबोधित किया और भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील की। ALSO READ: दतिया उपचुनाव में जीतू पटवारी ने लगाया गले तो आशुतोष तिवारी ने मंच से ही मांग लिए बीजेपी के लिए वोट

 

दतिया उपचुनाव में वार्ड-1 के भाजपा पार्षद रहे कल्लू कुशवाह की हत्या भी बड़ा चुनावी मुद्दा बनी हुई है। 

वेबदुनिया से खास बातचीत में कल्लू कुशवाह के भाई शेरू कुशवाह ने भाजपा को अपना समर्थन देने का ऐलान किया। उनका कहना है कि वे अपने समाज से भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील करेंगे। 

 

mohan yadav election campaign in datia

भाजपा की रणनीति छोटे-छोटे सामाजिक सम्मेलनों और समाजवार बैठकों पर केंद्रित है। पार्टी आखिरी दौर में जाटव, अहिरवार, कुशवाह, लोधी, पाल, बघेल, रावत, यादव और सेन समाज के बीच अलग-अलग स्तर पर संपर्क अभियान चला रही है।

 

स्थानीय राजनीतिक विश्लेषण के अनुसार जाटव और अहिरवार समाज के एक हिस्से का झुकाव अब भी कांग्रेस की ओर माना जा रहा है। वहीं कुशवाह, बघेल और यादव समाज के कुछ वर्गों में भी स्थानीय राजनीतिक कारणों से नाराजगी की चर्चा है। ऐसे में भाजपा इन वर्गों के प्रभावशाली नेताओं के माध्यम से संवाद बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

 

दतिया विधानसभा में सोमवार रात मुख्यमंत्री ‌डॉ मोहन यादव के रोड शो के दौरान वेबदुनिया ने शहर के लोगों से जब बात की तो नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटना और भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के बाहरी होने का मुद्दा भी चुनाव में खासा दिखाई दिया।

‘क्या बिहार के छात्र आतंकवादी हैं?’ AK-47 फायरिंग के मुद्दे पर केजरीवाल का BJP पर बड़ा हमला

Arvind Kejriwal on firing on students with AK 47

आप संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को बिहार में छात्रों पर एके 47 से गोलियां चलाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सवाल किया कि क्या ये छात्र आतंकवाद है। ALSO READ: बुरा मत मानिए, आईना हमेशा सुंदर नहीं होता…

 

केजरीवाल ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, आखिर BJP को क्या हो गया है? बिहार में हमारे छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलाई गईं। क्या ये छात्र आतंकवादी हैं? मैं मोदी-सम्राट को याद दिलाना चाहता हूं कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में बिहार की धरती से नारा लगा था – 'सिंहासन खाली करो की जनता आती है।' कृपया छात्रों से पंगा न लें।

 

गौरतलब है कि सिवान में बिहार बंद के दौरान एके-47 से फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। फायरिंग करने वाले सिपाही अभिषेक कुमार पटेल को एसपी के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की विभागीय जांच भी कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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राहुल ने उठाया था मामला

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया था कि रिपोर्टों से पता चलता है कि बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ एके-47 राइफलों का इस्तेमाल किया गया था। सैकड़ों को गिरफ्तार कर एफआई दर्ज किया गया था। उन्होंने छात्रों पर हुए कथित हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

संबित पात्रा ने किया पलटवार

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और लोकसभा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि विपक्ष के नेता की ओर से दिखाई गई अत्यंत गैरजिम्मेदारी बेहद शर्मनाक है। यह बिल्कुल निंदनीय है कि इस तरह की झूठी बातें भारत में विपक्ष के नेता के पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा फैलाई जा रही हैं।