संसद में आर-पार, सपा सांसदों का दानपेटी प्रदर्शन, प्रियंका बोलीं मैंने कुछ गलत नहीं कहा

Parliament

लोकसभा में बुधवार सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की, जिसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। राज्यसभा में 20 मिनट कार्यवाही चली। 12 बजे से सदन दोबारा शुरू होगा। संसद के बाहर समाजवादी पार्टी के सांसदों ने दानपेटी लेकर प्रदर्शन किया और राम मंदिर में चंदा चोरी को लेकर भाजपा पर हमला बोला।

प्रदर्शन में शामिल सपा चीफ अखिलेश यादव ने कहा- जो सरकार दानपेटी की रक्षा नहीं कर सकी, वह युवाओं का भविष्य भी सुरक्षित नहीं रख सकती। वहीं संसद परिसर में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर दिए अपने बयान का बचाव किया। उन्होंने कहा- मैंने सिर्फ सच कहा है और अगर सच बोलने की सजा मिलेगी तो सच बोलूंगी। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- राहुल गांधी सदन में अपमानजनक और गाली-गलौज वाली भाषा इस्तेमाल करते हैं। यह लोकतंत्र और देश, दोनों के लिए ठीक नहीं है।


राज्यसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बाद कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस बीच एनएसए अजीत डोभाल संसद भवन पहुंचे हैं

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, 'परीक्षा पर चर्चा हो रही है और प्रधानमंत्री या गृह मंत्री सदन में नहीं हैं। ये किस प्रकार की चर्चा है जिसमें प्रधानमंत्री गायब हैं और गृह मंत्री अनुपस्थित हैं? इसलिए विरोधी दलों ने प्रश्नकाल में ये मांग उठाई। केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री शिक्षा को लेकर जवाब नहीं देना चाहते, जो अन्याय हुआ, उसके खिलाफ आज विरोध दलों ने प्रश्नकाल में आवाज उठाई'

कांग्रेस बोली, ये कैसी चर्चा है : कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, “परीक्षा पर चर्चा हो रही है और प्रधानमंत्री या गृह मंत्री सदन में नहीं हैं। ये किस प्रकार की चर्चा है, जिसमें प्रधानमंत्री गायब हैं और गृह मंत्री अनुपस्थित हैं? इसलिए विरोधी दलों ने प्रश्नकाल में ये मांग उठाई। हमारी मूल मांग है कि केंद्रीय गृह मंत्री जवाब दें, लेकिन वे तो उपस्थित ही नहीं हैं तो जवाब कहां से देंगे? मुझे लगता है कि केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री शिक्षा को लेकर जवाब नहीं देना चाहते। जो अन्याय हुआ, उसके खिलाफ आज विरोध दलों ने प्रश्नकाल में आवाज उठाई।

राज्यसभा 12 बजे तक के लिए स्थगित : राज्यसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बाद कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस बीच एनएसए अजीत डोभाल संसद भवन पहुंचे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्य सभा में आइशी घोष की गिरफ्तारी के मामले पर कहा कि शर्मनाक है। जो लोग गए थे, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

महबूबा मुफ्ती के पेलेट गन वाले बयान पर बवाल, फिर छिड़ी कश्मीर की पुरानी बहस, जानिए पूरा विवाद

 Debate over pellet guns reignites in Kashmir following Mehbooba Mufti's remarks

Mehbooba Mufti : जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की उन टिप्पणियों ने, जिनमें उन्होंने कथित तौर पर कुछ परिस्थितियों में कश्मीर में पेलेट-फायरिंग शाटगन के इस्तेमाल का बचाव किया है, पिछले 15 वर्षों में इस क्षेत्र में इस्तेमाल किए गए सबसे विवादास्पद भीड़ नियंत्रण उपायों में से एक पर लंबे समय से चल रही बहस को फिर से हवा दे दी है।

दरअसल पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्‍यक्षा महबूबा मुफ्ती उस समय आलोचनाओं के घेरे में आ गईं, जब उन्होंने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पेलेट गन का कोई स्थान नहीं है, लेकिन कश्मीर में यह समझ में आता है क्योंकि वहां सुरक्षाबलों को आतंकवाद का सामना करना पड़ता है।

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इन टिप्पणियों पर सत्ताधारी नेशनल कॉन्‍फ्रेंस (नेकां) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और माफी की मांग करते हुए कहा कि ये टिप्पणियां उस हथियार को उचित ठहराती प्रतीत होती हैं जिसके कारण हजारों लोग घायल हुए और सैकड़ों लोगों की आंखों में जीवनभर के लिए गंभीर चोटें आईं।

इस विवाद ने एक बार फिर इस बात पर ध्यान केंद्रित किया है कि पेलेट गन क्यों पेश की गईं, कश्मीर में भीड़ नियंत्रण के लिए वे किस प्रकार एक महत्वपूर्ण साधन बन गईं और वे आज भी लोगों की राय को क्यों विभाजित करती हैं? 

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वर्ष 2009-10 की अवधि के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने पत्थरबाजी की घटनाओं में सैकड़ों कर्मियों के घायल होने की सूचना दी और इस घटना को आतंकवाद और सीमा पार से आने वाले धन से जुड़ी एक उभरती हुई सुरक्षा चुनौती के रूप में वर्णित किया, इन आरोपों को पाकिस्तान ने नकार दिया है।
 

फिर 2016 के हिंसक प्रदर्शनों के दौरान पेलेट गन अभूतपूर्व जांच के दायरे में आ गईं, जब महबूबा मुफ्ती पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार की प्रमुख थीं। तब हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी की 8 जुलाई 2016 को हुई मौत ने घाटी में महीनों तक चले विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के बीच झड़पों के दौरान सुरक्षा बलों ने बार-बार पेलेट गन का इस्तेमाल किया।

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संसद और पूर्व जम्मू कश्मीर विधानसभा में प्रस्तुत सरकारी आंकड़ों से पता चला कि 2016 के प्रदर्शनों के दौरान 1200 से अधिक लोग आंखों में चोट लगने से घायल हुए, जबकि कई हजार लोगों के शरीर के अन्य हिस्सों में छर्रे लगने से चोटें आईं।
 

डॉक्टरों ने मरीजों की इस भारी संख्या को आंखों में चोट लगने की अब तक की सबसे बड़ी सामूहिक घटना बताया, जिसके चलते उन्होंने कई महीनों में सैकड़ों आपातकालीन सर्जरी कीं। मानवाधिकार संगठनों ने एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वाच ने पेलेट गन के इस्तेमाल की आलोचना करते हुए कहा कि इस हथियार के व्यापक प्रसार के कारण यह स्वाभाविक रूप से अंधाधुंध हमला करने वाला बन जाता है।
 

कश्मीर पर अपनी 2018 की रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने भारत से गंभीर चोटों के कारण छर्रे दागने वाली शाटगनों के उपयोग की समीक्षा करने का आग्रह किया था।

GPSC Exam Date Out: बारिश के कारण स्थगित हुई परीक्षा अब 1 अगस्त को; जानें समय और पूरी जानकारी

gujrat exam

गुजरात पब्लिक सर्विस कमीशन (GPSC) द्वारा अहमदाबाद समेत पूरे राज्य में हो रही भारी बारिश की स्थिति को ध्यान में रखते हुए 26 तारीख को आयोजित होने वाली परीक्षा को स्थगित (Postpone) करने का निर्णय लिया गया था। उम्मीदवारों की सुरक्षा और जलभराव के कारण बिगड़ी यातायात व्यवस्था को देखते हुए यह कदम उठाया गया था। अब GPSC की ओर से परीक्षा की नई तारीख का ऐलान कर दिया गया है, जिससे लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों में बनी अनिश्चितता खत्म हो गई है।

1 अगस्त को दोपहर 3 बजे आयोजित होगी परीक्षा : GPSC द्वारा जारी नए शेड्यूल के मुताबिक, पहले स्थगित की गई यह परीक्षा अब आने वाली 1 अगस्त को आयोजित की जाएगी। परीक्षा का समय दोपहर 3:00 बजे रहेगा। इस परीक्षा के लिए पंजीकृत सभी उम्मीदवारों को नई तिथि और समय सारणी के अनुसार अपनी तैयारियां पूरी रखनी होंगी।

34 कैडर/श्रेणियों की भर्ती और परीक्षा स्थगित होने की वजह : गौरतलब है कि यह परीक्षा GPSC के तहत विभिन्न 34 संवर्गों (कैडर/श्रेणियों) की भर्ती के लिए आयोजित की जानी थी। राज्य के कई हिस्सों में मुसलाधार बारिश के चलते सड़क यातायात प्रभावित हुआ था, जिससे उम्मीदवारों के लिए परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। इसी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाने का फैसला लिया था।

उम्मीदवारों को मिला अतिरिक्त समय और जरूरी निर्देश : परीक्षा टलने से अभ्यर्थियों को अपनी अंतिम तैयारियों को धार देने के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय मिल गया है। परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों के लिए GPSC द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। परीक्षा केंद्र पर आवश्यक दस्तावेज, प्रवेश पत्र (Admit Card) साथ रखना और समय पर पहुंचना आवश्यक है।  

GPSC Exam Date Out: बारिश के कारण स्थगित हुई परीक्षा अब 1 अगस्त को; जानें समय और पूरी जानकारी

gujrat exam

गुजरात पब्लिक सर्विस कमीशन (GPSC) द्वारा अहमदाबाद समेत पूरे राज्य में हो रही भारी बारिश की स्थिति को ध्यान में रखते हुए 26 तारीख को आयोजित होने वाली परीक्षा को स्थगित (Postpone) करने का निर्णय लिया गया था। उम्मीदवारों की सुरक्षा और जलभराव के कारण बिगड़ी यातायात व्यवस्था को देखते हुए यह कदम उठाया गया था। अब GPSC की ओर से परीक्षा की नई तारीख का ऐलान कर दिया गया है, जिससे लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों में बनी अनिश्चितता खत्म हो गई है।

1 अगस्त को दोपहर 3 बजे आयोजित होगी परीक्षा : GPSC द्वारा जारी नए शेड्यूल के मुताबिक, पहले स्थगित की गई यह परीक्षा अब आने वाली 1 अगस्त को आयोजित की जाएगी। परीक्षा का समय दोपहर 3:00 बजे रहेगा। इस परीक्षा के लिए पंजीकृत सभी उम्मीदवारों को नई तिथि और समय सारणी के अनुसार अपनी तैयारियां पूरी रखनी होंगी।

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34 कैडर/श्रेणियों की भर्ती और परीक्षा स्थगित होने की वजह : गौरतलब है कि यह परीक्षा GPSC के तहत विभिन्न 34 संवर्गों (कैडर/श्रेणियों) की भर्ती के लिए आयोजित की जानी थी। राज्य के कई हिस्सों में मुसलाधार बारिश के चलते सड़क यातायात प्रभावित हुआ था, जिससे उम्मीदवारों के लिए परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। इसी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाने का फैसला लिया था।

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उम्मीदवारों को मिला अतिरिक्त समय और जरूरी निर्देश : परीक्षा टलने से अभ्यर्थियों को अपनी अंतिम तैयारियों को धार देने के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय मिल गया है। परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों के लिए GPSC द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। परीक्षा केंद्र पर आवश्यक दस्तावेज, प्रवेश पत्र (Admit Card) साथ रखना और समय पर पहुंचना आवश्यक है।

जंग में सऊदी अरब की एंट्री, अमेरिका के साथ मिलकर इराक पर की एयर स्ट्राइक

iran us war

डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर के बीच ईरान ने खाड़ी में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला कर दिया है तो दूसरी तरफ सऊदी अरब के सब्र का भी बांध टूट गया है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि बुधवार 29 जुलाई को उसने अमेरिका के साथ मिलकर इराक में ईरान के समर्थित मिलिशिया ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। मंत्रालय के मुताबिक, इन समूहों का संबंध सऊदी अरब की तेल सुविधाओं पर हुए हमलों से था। बता दें कि ईरान समर्थित PMF के 8 लड़ाके मारे गए हैं। वहीं, जवाब में ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं हैं।

इससे पहले सऊदी रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि उसने इराक से उड़ाए गए कई ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया। ये ड्रोन पूर्वी सऊदी अरब की तेल सुविधाओं को निशाना बनाने के लिए भेजे गए थे। एक अलग बयान में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी कहा कि अमेरिका और सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में कई आतंकवादी ठिकानों, हथियारों के गोदामों और सामान पहुंचाने वाले ठिकानों पर हमला किया है। यह कार्रवाई लगातार हो रहे ड्रोन हमलों के जवाब में की गई।

एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान ने बिना किसी उकसावे के वीकेंड से ही सऊदी अरब के सहयोगियों पर हमले करवाए थे। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार उस अधिकारी ने कहा, “यह साफ संदेश है कि हम ऐसी कोशिशों का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेंगे”

उधर, सऊदी अरब ने अपने पूर्वी प्रांत के तेल ठिकानों की ओर बढ़ रहे कई ड्रोन मार गिराने का दावा किया। वहीं, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट में तीन तेल टैंकर रोकने का दावा किया है। इसके अलावा, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में एक सऊदी तेल टैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइल दागने की बात कही है।

ट्रंप- नेतन्याहू के बीच व्हाइट हाउस में मीटिंग : अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मंगलवार (28 जुलाई) को डोनाल्ड ट्रंप से मिलने पहुंचे। राष्ट्रपति ट्रंप और नेतन्याहू के बीच व्हाइट हाउस में लंबी मीटिंग चली। इस दौरान दोनों के बीच युद्ध समेत कई मसलों पर बातचीत हुई। दावा किया जा रहा है कि इस मीटिंग में नेतन्याहू ने ट्रंप के साथ नई सीक्रेट जानकारी शेयर की है, जो कि ईरान के लिए सिरदर्द बन सकती है।

जापान में भूकंप से तबाही, 13 की मौत, 48 हजार घरों की बिजली कटी, कई लापता

जापान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में मंगलवार, 28 जुलाई को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रॉयटर्स के मुताबिक, भूकंप के तेज झटकों के बाद तटीय इलाकों के लिए सुनामी का अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन फिर बाद में अलर्ट वापस ले लिया गया। जापान में आए इस भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस भूकंप की वजह से अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं कई लोग अभी भी लापता हैं।

japan earthquake

जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने आज बुधवार सुबह बताया कि दक्षिण-पश्चिमी जापान के कुछ हिस्सों में आए जबरदस्त भूकंप के बाद 13 लोगों की मौत हो गई है और लापता लोगों के लिए बचाव कार्य जारी है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, मंगलवार को जापान के क्यूशू क्षेत्र के कुमामोटो प्रान्त में 7.1 की प्रारंभिक तीव्रता वाला भूकंप आया। यह एक बेहद शक्तिशाली झटका था जिसने पूरे दक्षिणी जापान को हिलाकर रख दिया।

भूकंप के एपीसेंटर के पास कई इमारतें गिरी हुई दिखाई दीं। उकी शहर के फायर डिपार्टमेंट ने ब्रॉडकास्टर को बताया कि शहर में कई जगहों पर आग लगने की वजह से उन्हें बहुत सारी इमरजेंसी कॉल मिलीं। NHK के मुताबिक, यात्सुशिरो में क्यूशू एक्सप्रेसवे पर बने हाईवे ओवरपास को काफी नुकसान पहुंचा और उसी शहर में एक पुल का पैदल चलने वाला हिस्सा गिर गया। भूकंप के तुरंत बाद, जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी कर दी है। JMA के मुताबिक, समुद्र में 1 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

गिरफ्तार हुआ माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा, 2 करोड़ का इनाम,150 से ज्यादा केस, कौन है बेसरा?

Misir Besra

झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और 1 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके साथ माओवादी संगठन के सक्रिय सदस्य मोछू, सौरभ उर्फ गौरव तथा दो ग्रामीणों को भी गिरिडीह-धनबाद सीमावर्ती इलाके से पकड़ा गया है।

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, मिसिर बेसरा लंबे समय से झारखंड, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में माओवादी गतिविधियों का प्रमुख संचालक माना जाता रहा है। वह कई वर्षों से सुरक्षा बलों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। उसके खिलाफ हत्या, सुरक्षाबलों पर हमले, लेवी वसूली, आईईडी विस्फोट और कई अन्य नक्सली वारदातों के दर्जनों मामले दर्ज हैं। केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों ने उसके सिर पर कुल 2 करोड़ का इनाम घोषित कर रखा था।

बताया जाता है कि मिसिर बेसरा का प्रभाव विशेष रूप से कोल्हान, सारंडा और पारसनाथ क्षेत्र में था। संगठन की रणनीति तैयार करने से लेकर विभिन्न राज्यों में माओवादी नेटवर्क के संचालन तक उसकी अहम भूमिका मानी जाती थी। पिछले कुछ महीनों में उसके कई करीबी सहयोगियों के आत्मसमर्पण और गिरफ्तारी के बाद उसका नेटवर्क लगातार कमजोर पड़ रहा था, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसके खिलाफ अभियान और तेज कर दिया था।

गिरफ्तार किए गए मोछू और सौरभ उर्फ गौरव को भी माओवादी संगठन का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। वहीं, उनके साथ पकड़े गए दो ग्रामीणों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उनका संगठन से क्या संबंध था और वे माओवादियों को किस प्रकार की मदद पहुंचा रहे थे।

योगी सरकार ने स्मार्ट मीटर पर फैला भ्रम किया दूर, यूपीपीसीएल ने दी पूरी जानकारी

  • स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ा नया आर्थिक बोझ
  • सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक खबरों का यूपीपीसीएल ने किया खंडन
  • प्रीपेड से पोस्टपेड व्यवस्था में लौटने के बाद नियमानुसार जमा हो रही सिक्योरिटी राशि
  • यूपीपीसीएल स्मार्ट एप, एसएमएस एवं व्हाट्सएप पर मिल रही बिजली बिल की सुविधा

 

लखनऊ, 28 जुलाई। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और उपभोक्ता हितैषी बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसी बीच स्मार्ट मीटर को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक जानकारियों पर उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। यूपीपीसीएल ने स्पष्ट किया कि पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने के बाद पहले समायोजित या वापस की गई सिक्योरिटी राशि ही नियमानुसार दोबारा जमा कराई जा रही है। इसे नया शुल्क या स्मार्ट मीटर का अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताना पूरी तरह भ्रामक है।

 

यूपीपीसीएल की ओर से बताया गया कि हाल के दिनों में कुछ समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं पर नया आर्थिक बोझ डालने और उसने पुनः सिक्योरिटी धनराशि वसूलने संबंधी खबरें प्रसारित की जा रही है, जो कि तथ्यों के अनुरूप नहीं है और अधूरी जानकारी के आधार पर प्रस्तुत की गई है। 

 

यूपीपीसीएल के अनुसार, प्रदेश में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को पूर्व में प्रीपेड प्रणाली पर संचालित किया गया था। उस समय उपभोक्ताओं द्वारा पूर्व में जमा की गई सिक्योरिटी धनराशि को नियमानुसार उनके बकाया विद्युत देयकों के विरुद्ध समायोजित कर दिया गया था तथा जिन उपभोक्ताओं पर कोई बकाया नहीं था, उनकी जमा सिक्योरिटी राशि उनके प्रीपेड खाते में रिचार्ज के रूप में क्रेडिट कर दी गई थी। तत्पश्चात उपभोक्ताओं की सुविधा एवं जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को पुनः पोस्टपेड प्रणाली में परिवर्तित कर दिया गया। वर्तमान में सभी उपभोक्ताओं को प्रत्येक माह पूर्व की भांति नियमित मासिक विद्युत बिल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस संबंध में आवश्यक आदेश पूर्व में ही निर्गत किए जा चुके हैं।

 

यूपीपीसीएल ने स्पष्ट किया कि पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने के फलस्वरूप अब वही सिक्योरिटी धनराशि, जो पूर्व में उपभोक्ताओं को समायोजित अथवा वापस कर दी गई थी, नियमानुसार पुनः जमा कराई जा रही है। इसे किसी प्रकार का नया शुल्क अथवा स्मार्ट मीटर लगाए जाने के कारण उपभोक्ताओं पर डाला गया अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया जाना पूर्णतः भ्रामक एवं तथ्यों से परे है। उपभोक्ताओं पर किसी प्रकार का एकमुश्त वित्तीय भार न पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए इस धनराशि को चार समान मासिक किस्तों में वसूल किए जाने का निर्णय लिया गया है। 

 

प्रथम किस्त जून-2026 की ऊर्जा खपत के बिल, जो जुलाई-2026 में जारी हुआ था, उसमें शामिल थी। बाकि तीन किस्तें आगामी तीन मासिक बिलों में स्वतः सम्मिलित होकर आएंगी। यह संपूर्ण प्रक्रिया बिलिंग प्रणाली द्वारा स्वतः संपादित की जाएगी। इसके लिए उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की अतिरिक्त औपचारिकता पूर्ण करने की आवश्यकता नहीं होगी।

 

यूपीपीसीएल ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में प्रदेश के सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को नियमित पोस्टपेड मासिक बिल जारी किए जा रहे हैं। भविष्य में दिए जाने वाले नए विद्युत संयोजन भी पूर्व की भांति पोस्टपेड स्वरूप में ही प्रदान किए जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर, प्रीपेड व्यवस्था तथा सिक्योरिटी धनराशि को परस्पर जोड़कर प्रस्तुत किए जा रहे समाचार तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं और इनसे केवल उपभोक्ताओं में अनावश्यक भ्रम उत्पन्न हो रहा है।

 

सभी उपभोक्ताओं को उनका मासिक विद्युत बिल यूपीपीसीएल स्मार्ट एप, विभागीय वेबसाइट, पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे जाने वाले एसएमएस एवं व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से नियमित रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है। जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर अभी तक पंजीकृत नहीं है अथवा किसी कारणवश गलत दर्ज है, वे संबंधित वितरण निगम के अधिकृत व्हाट्सएप Chatbot, निकटतम विद्युत कार्यालय अथवा 1912 हेल्पलाइन के माध्यम से अपना बिल प्राप्त कर सकते हैं। इसी प्रकार विद्युत बिल का भुगतान भी यूपीपीसीएल स्मार्ट एप, विभागीय वेबसाइट, विभागीय काउंटर, जन सुविधा केंद्र (सीएससी), विद्युत सखी तथा अन्य अधिकृत डिजिटल एवं फिनटेक के माध्यमों से अत्यंत सरलता से किया जा सकता है।

 

उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने सभी विद्युत उपभोक्ताओं से अनुरोध किया कि वे सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों पर प्रसारित अपुष्ट एवं भ्रामक समाचारों पर विश्वास न करें। केवल यूपीपीसीएल एवं संबंधित वितरण निगमों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही प्रमाणिक मानें। सभी उपभोक्ताओं से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे प्रत्येक माह अपना विद्युत बिल समय से डाउनलोड कर निर्धारित तिथि तक उसका भुगतान करें, जिससे किसी प्रकार की असुविधा अथवा विलंब अधिभार से बचा जा सके।

LIVE: भारत पर फिर खतरा, लगेगा 100 प्रतिशत टैरिफ, बिल पर मुहर, देशभर में बारिश, चारधाम यात्रा पर रोक

trump 200 percent tariff on generic medicines

अमेरिका की सीनेट ने एक ऐसे बिल पर चर्चा की मंजूरी दे दी है जिसका भारत पर बड़ा असर हो सकता है। अमेरिकी संसद के इस उच्च सदन ने मंगलवार, 28 जुलाई को रूस की तेल और गैस बेचने से होने वाली कमाई को निशाना बनाने वाले बड़े प्रतिबंध (सैंक्शन) वाले बिल को आगे बढ़ा दिया। बिल पास करने की ओर पहला कदम उठा लिया गया है। अगर अब यह बिल निचले सदन से भी पास हो जाता है तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह पावर मिल जाएगा कि वह रूस से तेल खरीदने वाले भारत जैसे देशों पर 100 प्रतिशत का टैरिफ लगा सकते हैं। जब सीनेट में इस बिल पर वोटिंग हो रही थी तब यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोडिमिर जेलेंस्की सीनेट गैलरी से देख रहे थे। रूस से जंग के बीच जेलेंस्की वॉशिंगटन पहुंचे थे, उन्होंने ट्रंप से मुलाकात की है और रूस के खिलाफ और सख्त कदम उठाने की मांग की है।

बारिश का कहर, तीर्थयात्रा पर रोक : इसके असर को देखते हुए IMD ने अगले 4-5 दिनों में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से ज्यादा और अगले 5-6 दिनों में पूर्वी भारत में भारी बारिश की चेतावनी दी है। गुजरात में भारी बारिश और बाढ़ से देश की सबसे बड़ी ऑटो कंपनियों में से एक टाटा मोटर्स भी प्रभावित है। कंपनी के साणंद प्लांट और आसपास मौजूद कई सप्लायर की यूनिट पानी भरने के कारण बंद करानी पड़ीं। इधर, उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से तीर्थयात्रा के रास्ते बंद हो गए। खराब मौसम के चलते चारधाम यात्रा 2 दिनों के लिए रोक दी गई है। चंपावत, बागेश्वर और टिहरी में क्लास 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं।

NEET-UG Paper Leak : CBI ने 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, आज फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई

NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों के खिलाफ दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। CBI के मुताबिक, सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। यह चार्जशीट CBI की आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offences Wing) ने दाखिल की है। यह मामला बुधवार को पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा।

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इन धाराओं के तहत दर्ज है मामला

CBI के अनुसार, मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238 और 303(2) के तहत दर्ज किया गया है। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(a) तथा लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की धारा 3, 4, 5, 10 और 11 भी आरोपियों पर लगाई गई हैं।

 देशभर में मचा था बवाल

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NEET-UG पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कई स्तरों पर जांच शुरू की गई थी। इसी विवाद के बीच 25 जुलाई को तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद Cockroach Janta Party (CJP) ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और NEET पेपर लीक के विरोध में चल रहा अपना 36 दिन का आंदोलन वापस लेने की घोषणा की थी।

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लोकसभा में पेपर लीक बिल पर चर्चा 

लोकसभा में पेपर लीक से जुड़े 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 मंगलवार को पास नहीं हो सका। दोपहर 2 बजे से रात 11 बजे तक लगातार 9 घंटे बिल पर चर्चा हुई। विधेयक में 2024 में बने कानून में बदलाव का प्रस्ताव है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि इससे पेपर लीक रोकने में मदद मिलेगी। चर्चा में अभी भी कई सांसदों का बोलना बाकी है। रात 11 बजे स्पीकर ने लोकसभा बुधवार 11 बजे तक स्थगित कर दी। अब बिल पर बुधवार को लोकसभा में फिर चर्चा और वोटिंग होगी। वहीं बिल राज्यसभा में भी पेश किया जाएगा।