UP में विकास योजनाओं का मिला लाभ, CM योगी ने लाभार्थियों को सौंपे चेक

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को विकास योजनाओं के तहत स्वीकृति पत्र, चेक, चाबी, नियुक्ति पत्र और अन्य प्रमाण पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका ग्रामीण मिशन के तहत मनोज सविता और रानी को 4.95 करोड़ रुपए का चेक प्रदान किया गया। वहीं प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत राजू निर्मल और परशुराम को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत रेखा और मैकी को उनके नए आवास की चाबी सौंपी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों, महिलाओं, युवाओं, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों को सशक्त बनाया जा रहा है।

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मुख्यमंत्री योगी के हाथों इन्हें मिला योजनाओं का लाभ

पार्वती- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख 

सोनू- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख

नेहा गुप्ता- प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 का स्वीकृति पत्र 

रमाकांति- प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 का स्वीकृति पत्र

जगन्नाथ- प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत स्वीकृति प्रमाण पत्र 

मनोज सविता- प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत स्वीकृति प्रमाण पत्र

रेनू गौड़- स्मार्टफोन- बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार योजना 

कर्मावती- स्मार्टफोन- बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार योजना 

शशिप्रभा- नियुक्ति पत्र, आंगनबाड़ी सहायिका  

मोनी- नियुक्ति पत्र, आंगनबाड़ी सहायिका 

कालीचरण- पंचायत कल्याण कोष के तहत स्वीकृति पत्र 

अमन कुमार- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान- 5 लाख का चेक 

अभिषेक कुमार- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान- 2.50 लाख का चेक

रेखा- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चाबी 

मैकी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चाबी 

मनोज सविता- रानी- उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका ग्रामीण मिशन के तहत 4.95 करोड़ का चेक 

राजू निर्मल- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत प्रमाण पत्र 

परशुराम – प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत प्रमाण पत्र

अंकिता- दिव्यांगजन पेंशन का स्वीकृति पत्र 

लीला- आयुष्मान कार्ड 

भारती- आयुष्मान कार्ड

Edited By : Chetan Gour

Ayodhya : कथा की आड़ में ‘फर्जी शादी’ की साजिश, दुष्कर्म कर हड़पे लाखों रुपए और सोने-चांदी के जेवर, कथावाचक पवनदेव फरार

श्रीराम नगरी अयोध्या से आस्था और विश्वास को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां के एक चर्चित कथावाचक पवनदेव महाराज पर बिहार की एक महिला ने शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने और लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर हड़पने का संगीन आरोप लगाया है। FIR दर्ज होने के बाद से ही आरोपी कथावाचक फरार है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अयोध्या पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है और फरार आरोपी पर 15,000 रुपए का इनाम घोषित कर उसकी गिरफ्तारी के लिए तलाश तेज कर दी है।

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​कथा की आड़ में रची 'फर्जी शादी' की साजिश

​सिवान (बिहार) की रहने वाली पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि कथावाचन के दौरान आरोपी पवनदेव महाराज ने उससे नजदीकियां बढ़ाईं और उसे अयोध्या बुलाया। इसके बाद ​अयोध्या के नाका हनुमानगढ़ी स्थित हनुमान मंदिर में फर्जी शादी रचाई गई। ​शादी का झांसा देकर आरोपी लंबे समय तक महिला का शारीरिक शोषण (दुष्कर्म) करता रहा।​ पीड़िता के लाखों रुपए के कीमती सोने-चांदी के जेवरात भी हड़प लिए गए। 

​विरोध करने पर कथावाचक और उसके पिता रमाकांत शास्त्री ने पीड़िता के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।

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पिता-पुत्र पर FIR दर्ज

​पीड़िता की तहरीर पर अयोध्या पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी कथावाचक पवनदेव महाराज और उनके पिता रमाकांत शास्त्री के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है: धारा (Section) अपराध का विवरण धारा 69 शादी का झूठा वादा करके या झांसा देकर यौन संबंध बनाना (दुष्कर्म)। धारा 115(2) स्वेच्छा से चोट पहुँचाना या मारपीट करना। धारा 351(3) आपराधिक धमकी देना (जान से मारने की धमकी)। पीड़ित महिला का कोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराया जा चुका है और मेडिकल परीक्षण भी संपन्न हो गया है।

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आरोपी फरार, सूचना देने वाले को मिलेगा 15 हजार का इनाम

​मुकदमा दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी कथावाचक और उसका पिता अपने 'मलेथू कनक' स्थित आवास से फरार हो गए हैं। पुलिस की टीमें उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। ​सफलता न मिलने पर अब पुलिस प्रशासन ने पवनदेव महाराज पर 15,000 रुपए का नकद इनाम घोषित कर दिया है। प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र पांडेय ने आम जनता से अपील की है कि आरोपी के बारे में कोई भी जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचित करें, सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। Edited by : Sudhir Sharma

पूर्व PM के बेटे के साथ Cyber Fraud, 7.8 करोड़ रुपए की ठगी, कैसे फंसे जालसाजों के जाल में

पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे नरेश गुजराल के साथ बड़ा साइबइ फ्रॉड का मामला सामने आया है। इंद्र कुमार गुजराल 1997 से 1998 तक भारत के 12वें प्रधानमंत्री रहे थे। साइबर जालसाजों ने राज्यसभा के पूर्व सदस्य नरेश गुजराल की पहचान का इस्तेमाल कर ऑनलाइन ‘मैसेजिंग एप्लिकेशन’ के माध्यम से उनकी कंपनी के वित्तीय कर्मचारियों से 7.8 करोड़ रुपए की ठगी कर ली।

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कैसे हुआ खुलासा 

ठगी का खुलासा तब हुआ जब कर्मचारी ने इस लेनदेन की जानकारी नरेश गुजराल की बेटी को दी। बेटी ने जब नरेश गुजराल से बात की तो उन्होंने साफ किया कि उन्होंने ऐसा कोई पैसा ट्रांसफर करने का आदेश नहीं दिया था। इसके बाद परिवार को साइबर फ्रॉड की जानकारी हुई। 

 

ठग ने नरेश गुजराल की फोटो लगाकर उनके फाइनेंस से जुड़े एक भरोसेमंद कर्मचारी को वॉट्सऐप पर मैसेज भेजा। आरोपी ने खुद को नरेश गुजराल बताया और कहा कि वह एक जरूरी मीटिंग में व्यस्त हैं। इसके बाद उसने एक बैंक अकाउंट में आरटीजीएस के जरिए पैसे भेजने के निर्देश दिए। 

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पुलिस कर रही है मामले की जांच

परिवार ने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ठगी की करीब 70 प्रतिशत रकम को फ्रीज करा दिया। दिल्ली पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।  Edited by : Sudhir Sharma