बेंगलुरु में होगा ‘यूपी ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग’ का आयोजन, देश के कई दिग्गज उद्योगपति होंगे शामिल

UP Global Growth Dialogue will be organized in Bengaluru

– यूपी के विकास, उद्योग समर्थित वातावरण तथा विभिन्न सेक्टर्स में निवेश की अपार संभावनाओं पर होगी चर्चा

– निवेशकों को यूपी में आमंत्रित करेगा इन्वेस्टर रोडशो, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे अध्यक्षता 

– इन्वेस्टर रोडशो में शामिल होंगे देश के कई दिग्गज उद्योगपति 

Uttar Pradesh Global Growth Dialogue-2026 : योगी सरकार उत्तर प्रदेश को निवेशकों की पहली पसंद बनाने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में बुधवार 24 जून को बेंगलुरु में 'उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026' के तहत इन्वेस्टर्स रोडशो का आयोजन किया जा रहा है। रोडशो की अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस आयोजन में देश के कई दिग्गज उद्योगपति भी शामिल होंगे।

 

इस आयोजन में इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी एंड आईटी इनेबल्ड सर्विसेज, ग्लोबल कैपैसिटी सेंटर्स व एफडीआई पर आधारित तीन सत्र होंगे। इन सत्रों में संबंधित क्षेत्रों के दिग्गज उद्यमी अपने विचार प्रकट करेंगे। इस दौरान उत्तर प्रदेश में निवेश और व्यापार के अवसरों पर एक लघु फिल्म की स्क्रीनिंग भी होगी। 

ALSO READ: 'शिक्षक सर्वोपरि' के मंत्र के साथ शिक्षा सुधारों को नई गति दे रही योगी सरकार, एसीएस ने रखा व्यापक रोडमैप

रोडशो का उद्देश्य सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु में निवेशकों व उद्योगपतियों के सामने उत्तर प्रदेश की विकास गाथा, निवेश अनुकूल नीतियों तथा विभिन्न सेक्टर्स में उभरते अपार व्यावसायिक अवसरों को प्रस्तुत करना है।

इस दौरान उत्तर प्रदेश के मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, सेक्टोरल पॉलिसीज, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर पार्क, इलेक्ट्रिक व्हीकल व मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर आदि में यूपी की प्रगति से अवगत कराते हुए निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा।

ALSO READ: विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार सख्त, अवैध कोचिंग संस्थानों के खिलाफ यूपी में जारी रहेगा विशेष अभियान

गौरतलब है कि सिंगल विंडो सिस्टम, विशाल भूमि बैंक, स्किल्ड मैनपावर और इन्सेंटिव पॉलिसी के चलते गत 9 वर्षो में यूपी निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बनकर उभरा है।
Edited By : Chetan Gour

अयोध्या मामले में SIT ने गृह विभाग को सौंपी प्रारंभिक रिपोर्ट

SIT submits preliminary report to Home Department in Ayodhya case

Uttar Pradesh News : अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में कथित दान प्रकरण की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी है। एसआईटी के प्रमुख सदस्य एवं लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने मंगलवार को टीम के अन्य दो सदस्यों के साथ अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को यह प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि यह प्रारंभिक प्रतिवेदन है। इस रिपोर्ट के आधार पर अब सरकार की ओर से एक्शन शुरू हो सकता है।

माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर गबन और चोरी के मामलों में केस भी दर्ज कराई जा सकती है। वहीं कुछ लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है। राम मंदिर एसआईटी की जांच के पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने और जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद अब कुछ नए नामों की चर्चा तेज हो गई है।

ये लोग राम जन्मभूमि में कर्मचारी नहीं हैं। गौरतलब है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर योगी सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी प्रकरण से संबंधित सभी पहलुओं की जांच कर रही है। 

Edited By : Chetan Gour 

बीएसबी से संबद्ध विद्यालयों को मुख्यधारा से जोड़ रही योगी सरकार

 Yogi government is connecting BSB affiliated schools with mainstream

– यू-डायस प्लस कोड आवंटन और विद्यालय श्रेणी उन्नयन की प्रक्रिया को मिली गति

– जिलों को आवेदन, सत्यापन और संस्तुति की कार्रवाई समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश

– छात्रों के शैक्षणिक अभिलेखों को राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली से जोड़ने की पहल

Uttar Pradesh News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक सक्षम और छात्र केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। शिक्षा सुधारों को संस्थागत मजबूती प्रदान करने और प्रत्येक विद्यार्थी को सुव्यवस्थित शैक्षणिक व्यवस्था से जोड़ने के क्रम में अब भारतीय शिक्षा बोर्ड (बीएसबी), हरिद्वार से संबद्ध विद्यालयों के लिए यू-डायस प्लस कोड आवंटन तथा विद्यालय श्रेणी उन्नयन (स्कूल केटेगरी अपग्रेडेशन) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है।

 

स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी निर्देशों के अंतर्गत संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। यह पहल विद्यार्थियों के शैक्षणिक अभिलेखों को राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी शैक्षणिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

 

उत्तर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल प्रशासन, तकनीक आधारित अनुश्रवण और डेटा प्रबंधन को लगातार मजबूती दी जा रही है। यू-डायस प्लस जैसी व्यवस्थाओं के विस्तार से शिक्षा प्रबंधन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा रहा है। भारतीय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों को इस व्यवस्था से जोड़ने की पहल विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित करने, अभिलेखों के बेहतर प्रबंधन तथा शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

 

आवेदन, सत्यापन और संस्तुति की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश

स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार भारतीय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों के लिए नवीन यू-डाइस प्लस कोड आवंटन तथा आवश्यकतानुसार विद्यालय श्रेणी उन्नयन की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों, जिला विद्यालय निरीक्षकों तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्धारित प्रारूप में आवेदन, सत्यापन और संस्तुति की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

जिन विद्यालयों के पास यू-डायस प्लस कोड उपलब्ध नहीं, उन्हें नवीन कोड आवंटित होंगे

निर्देशों में कहा गया है कि जिन विद्यालयों के पास यू-डायस प्लस कोड उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें नवीन कोड आवंटित किए जाने की कार्रवाई की जाएगी, जबकि पूर्व से यू-डायस कोड प्राप्त विद्यालयों के लिए मान्यता के अनुरूप विद्यालय श्रेणी उन्नयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक अभिलेखों, आख्या और संस्तुति सहित प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सके।

 

बीएसबी ने किया है नवीन कोड आवंटन तथा कक्षा उन्नयन संबंधी अनुरोध

उल्लेखनीय है कि भारतीय शिक्षा बोर्ड, हरिद्वार द्वारा संचालित एवं संबद्ध विद्यालयों के लिए यू-डायस प्लस पोर्टल पर नवीन कोड आवंटन तथा कक्षा उन्नयन संबंधी अनुरोध प्राप्त हुए हैं। इसके दृष्टिगत शासन स्तर पर आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।

विद्यालयों के यू-डायस प्लस प्रणाली से जुड़ने के बाद उनका शैक्षणिक डाटा राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली में व्यवस्थित रूप से समाहित हो सकेगा, जिससे नामांकन, शैक्षणिक प्रगति, परीक्षा संबंधी अभिलेखों तथा अन्य शैक्षिक प्रक्रियाओं का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित होगा।
Edited By : Chetan Gour 

कांग्रेस ने चिंटू चौकसे को इंदौर नगर निगम नेता प्रतिपक्ष पद हटाया, सोनिला मिमरोट को मिली जिम्मेदारी

इंदौर नगर निगम चुनाव में एक वर्ष से कुछ ज्यादा वक्त ही बचा है। उससे पूर्व कांग्रेस बड़ा बदलाव किया है। नेता प्रतिपक्ष रहे चिंटू चौकसे को नेता प्रतिपक्ष के पद से हटा दिया गया है। वार्ड 45 की पार्षद सोनिला मिमरोट को नगर निगम इंदौर में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहली बार पार्षद बनी मिमरोट को नगर निगम इंदौर में कांग्रेस पार्षद दल का नेता नियुक्त किया गया है। इस बदलाव के पीछे एक व्यक्ति एक पद के नियम को बदलाव का आधार बताया जा रहा है।

चिंटू चौकसे अब तक नेता प्रतिपक्ष के साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर भी थे। अब वे शहर कांग्रेस अध्यक्ष रहेंगे। 2022 में नगर निगम के चुनाव के बाद चिंटू चौकसे को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया था। 10 महीने पूर्व चौकसे को प्रदेश कांग्रेस ने शहर कांग्रेस की जिम्मेदारी भी दे दी। इसके बाद कांग्रेस में यह कहा जाने लगा था कि एक ही व्यक्ति को तमाम पद दिए जा रहे हैं। Edited by : Sudhir Sharma

 

 

अतिक्रमण कतई बर्दाश्त नहीं, आरोपियों पर तत्काल एक्शन लें : योगी

Chief Minister Yogi Janta Darshan Program

Chief Minister Yogi Janta Darshan Program: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए हर फरियादी से एक-एक कर मुलाकात की। उनका प्रार्थना पत्र लिया और समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने सभी शिकायतों के उचित व समयबद्ध निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया। वहीं अतिक्रमण की शिकायत पर मुख्यमंत्री सख्त हुए और तत्काल इसकी जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया। 

मथुरा से आए वृद्ध को सीएम ने किया आश्वस्त, जल्द हटेगा अतिक्रमण 

‘जनता दर्शन’ में मथुरा से एक वृद्ध भी शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि चकरोड पर अतिक्रमण कर लिया गया है। इसकी शिकायत स्थानीय स्तर पर की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। इस पर मुख्यमंत्री ने सख्त रूख अपनाते हुए जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि वे स्वयं मौके पर जाएं और यथास्थिति देखें।

 

अतिक्रमण होने की स्थिति में इसे तत्काल हटाएं और दोषियों पर कार्रवाई करें। सीएम ने फिर कहा कि अतिक्रमण की शिकायत कतई बर्दाश्त नहीं होगी। सभी अधिकारी, प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, विकास प्राधिकरण समेत जिम्मेदार संस्थाएं नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग भी करती रहें।

शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता समेत हर पहलू पर सरकार का ध्यान 

‘जनता दर्शन’ में शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता, बिजली के तार, पुलिस, राजस्व से जुड़े प्रार्थना पत्र भी आए। मुख्यमंत्री ने सभी प्रार्थना पत्र लेकर पीड़ितों की बातें सुनीं, फिर उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार जनता से जुड़ी हर मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति कर रही है। आप सभी की समस्याओं का भी समाधान होगा। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है, सरकार हर परिस्थिति में 25 करोड़ प्रदेशवासियों के साथ खड़ी है। 

मुख्यमंत्री ने हालचाल जाना

सीएम ने भीषण गर्मी में आए फरियादियों का सबसे पहले हालचाल जाना, फिर उनकी समस्याएं पूछीं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों से आए लोगों से कहा कि अभी गर्मी व धूप अधिक है। बुजुर्गों, महिलाओं व बच्चों से कहा कि बहुत जरूरत होने पर ही दोपहर में घर से निकलिए। सीएम ने संयमित खानपान के लिए भी कहा।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

मानसून पर ‘विलेन’ अल नीनो का ग्रहण : 5 राज्यों में सूखे का खतरा, IMD की चिंताजनक चेतावनी

Indian Monsoon Update 2026

प्रशांत महासागर में बन रही एक वैश्विक मौसमी घटना भारत के मानसून के लिए बड़ी चुनौती बनती दिखाई दे रही है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआती प्रगति के बाद कई क्षेत्रों में इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है, जिसके चलते देश के अनेक हिस्सों में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है।
 

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि अल नीनो का प्रभाव अगले कुछ महीनों तक बना रहता है, तो न केवल मानसून कमजोर पड़ सकता है, बल्कि कृषि उत्पादन, जल संसाधनों और खाद्य कीमतों पर भी इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है। ALSO READ: Monsoon : मौसम के महादानव अल-नीनो को परास्त करेगा Indian Ocean Dipole, जानिए कैसे होगी झमाझम बारिश

क्या है अल नीनो और क्यों बढ़ जाती है चिंता?

'अल नीनो' (El Niño) प्रशांत महासागर में समुद्री सतह के तापमान में असामान्य वृद्धि की एक प्राकृतिक जलवायु घटना है। इसके कारण वैश्विक मौसम चक्र प्रभावित होता है और भारत में मानसून कमजोर पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार अल नीनो का प्रभाव जून से ही दिखाई देने लगा है। यदि इसकी तीव्रता बढ़ती है, तो मानसून सीजन के मध्य और अंतिम चरण में वर्षा की कमी और अधिक गंभीर हो सकती है।

किन राज्यों पर सबसे ज्यादा खतरा?

मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि अल नीनो लंबे समय तक सक्रिय रहा, तो देश के पांच प्रमुख कृषि राज्यों पर सबसे अधिक असर पड़ सकता है:

  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तर प्रदेश
  • बिहार
  • उत्तरी कर्नाटक

Indian Monsoon Update 2026

इन राज्यों में खरीफ फसलों की बुआई और उत्पादन पर सीधा प्रभाव पड़ने की आशंका है।

 

शहरों में भी बढ़ रहा जल संकट

सूखे का खतरा केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। देश के कई बड़े शहर पहले से ही जल संकट का सामना कर रहे हैं।
 

विशेषज्ञों का कहना है कि जल संचयन और वर्षा जल संरक्षण की दिशा में पर्याप्त प्रगति न होने के कारण कई महानगर मानसून पर अत्यधिक निर्भर हैं। यदि वर्षा सामान्य से कम रहती है, तो मुंबई, पुणे समेत कई शहरों में जलापूर्ति प्रभावित हो सकती है।
 

जल विशेषज्ञों का मानना है कि अब जल संरक्षण, रीसाइक्लिंग और वर्षा जल संग्रहण को जीवनशैली का हिस्सा बनाना समय की मांग है। ALSO READ: 5 चक्रव्यूह में फंसा मानसून, बारिश को तरसते 7 राज्यों में पारा 40°C के पार, जानें आपके शहर का हाल

 

क्या 2026-27 की गर्मियां रिकॉर्ड तोड़ सकती हैं?

मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अल नीनो के प्रभाव के चलते आगामी वर्षों में वैश्विक तापमान नए रिकॉर्ड बना सकता है।
 

कुछ विशेषज्ञों का अनुमान है कि भारत के कई हिस्सों में गर्मी की तीव्रता बढ़ सकती है और हीटवेव की घटनाएं अधिक गंभीर रूप ले सकती हैं। ऐसे हालात में कई क्षेत्रों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है।

किसानों पर दोहरी मार

कम बारिश का सबसे बड़ा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ता है।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार, यदि वर्षा में उल्लेखनीय कमी बनी रहती है, तो खरीफ सीजन की प्रमुख फसलें प्रभावित हो सकती हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • धान
  • तुअर और मूंग जैसी दालें
  • सोयाबीन और मूंगफली जैसे तिलहन
  • कपास
  • बाजरा
  • फल और सब्जियां

विशेषज्ञों का कहना है कि किसान अचानक फसल पैटर्न नहीं बदल सकते, क्योंकि खेती केवल तकनीकी नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था से भी जुड़ी होती है।

Indian Monsoon Update 2026

महंगाई पर भी पड़ सकता है असर

कृषि उत्पादन घटने का सीधा असर बाजार पर पड़ता है।

यदि उत्पादन कम हुआ और त्योहारी सीजन में मांग बढ़ी, तो खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। दाल, तेल, सब्जियां और अन्य आवश्यक वस्तुएं महंगी हो सकती हैं, जिससे आम उपभोक्ता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है।

राहत की खबर भी है

हालांकि स्थिति पूरी तरह निराशाजनक नहीं है। भारत के पास वर्तमान में पर्याप्त खाद्यान्न भंडार मौजूद है, जो किसी भी संभावित आपूर्ति संकट से निपटने में मदद कर सकता है। इसके अलावा :

  • देश का सिंचित क्षेत्र पिछले दशक में बढ़ा है।
  • मौसम पूर्वानुमान तकनीक पहले से अधिक सटीक हुई है।
  • AI आधारित कृषि सलाह किसानों को समय रहते निर्णय लेने में मदद कर रही है।
  • केंद्र और राज्य सरकारें लगातार निगरानी कर रही हैं।

विशेषज्ञों की सलाह: किसान क्या करें?

विशेषज्ञों ने किसानों को निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:

✔ एक ही फसल पर पूरी निर्भरता से बचें।

✔ मिश्रित खेती अपनाएं।

✔ कम पानी वाली फसलों को प्राथमिकता दें।

✔ मौसम पूर्वानुमान के आधार पर बुआई की योजना बनाएं।

✔ सूखा प्रभावित क्षेत्रों में दोबारा बुआई का जोखिम सोच-समझकर लें।

उम्मीद की किरण: IOD बन सकता है गेमचेंजर

मौसम वैज्ञानिकों की नजर अब 'पॉजिटिव इंडियन ओशन डिपोल' (IOD) पर है। यदि मानसून के उत्तरार्ध में पॉजिटिव IOD सक्रिय होता है, तो यह अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को कुछ हद तक संतुलित कर सकता है और देश के कई हिस्सों में अतिरिक्त वर्षा का कारण बन सकता है।
 

फिलहाल देश की निगाहें आसमान पर टिकी हैं। आने वाले कुछ सप्ताह तय करेंगे कि अल नीनो भारत के लिए केवल एक मौसमी चुनौती साबित होगा या फिर यह खेती, पानी और महंगाई से जुड़ा बड़ा राष्ट्रीय संकट बन जाएगा।

 

Monsoon Update: 23 जून से फिर रफ्तार पकड़ेगा मानसून, जुलाई के पहले सप्ताह तक दिल्ली पहुंचने के संकेत

देशभर में मानसून का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने संकेत दिया है कि 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। 8 जून से दक्षिण महाराष्ट्र में रुका हुआ मानसून अब दोबारा उत्तर और पूर्व दिशा की ओर बढ़ सकता है, जिससे कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है।

ALSO READ: Electric Scooter खरीदने से पहले 14 जरूरी बातें जो आपके लिए जानना जरूरी

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। वहीं, छत्तीसगढ़ में भी जल्द मानसून की एंट्री होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा स्थिति बनी रहती है तो मानसून जुलाई के पहले सप्ताह तक दिल्ली पहुंच सकता है।

 

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में सक्रिय है मानसून

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 जून को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में पूरे सप्ताह भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

ALSO READ: Electric Scooters : भारत के 10 सबसे शानदार इलेक्ट्रिक स्कूटर्स, दमदार रेंज, स्मार्ट फीचर्स और किफायती कीमत का बेहतरीन कॉम्बिनेशन

कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी ने पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। असम और मेघालय में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ओडिशा, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी अच्छी बारिश होने की संभावना है।

 

पिछले 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और झारखंड में भी तेज बारिश हुई है।

 

मध्य और पश्चिम भारत में गर्मी का असर बरकरार

 

एक ओर जहां पूर्वी भारत में मानसून सक्रिय है, वहीं मध्य और पश्चिम भारत के कई इलाकों में गर्मी और लू का असर बना हुआ है। तटीय और मध्य महाराष्ट्र में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में भी 25 जून तक लू जैसी स्थिति बनी रह सकती है। तेलंगाना और बिहार के कुछ हिस्सों में 21 जून तक गर्म हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

तापमान में गिरावट की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में 22 जून तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। महाराष्ट्र में 21 जून के बाद तापमान 2 से 3 डिग्री तक कम हो सकता है, जबकि तेलंगाना में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।  Edited by : Sudhir Sharma

भारत की समुद्री शक्ति को नई उड़ान, PM मोदी ने INS Dunagiri, Agray और Sanshodhak किए कमीशन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर भारतीय नौसेना के तीन स्वदेशी रूप से निर्मित युद्धपोतों को औपचारिक रूप से कमीशन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।

ALSO READ: Electric Scooter खरीदने से पहले 14 जरूरी बातें जो आपके लिए जानना जरूरी

इन तीन युद्धपोतों में स्टील्थ फ्रिगेट दुनागिरी (INS Dunagiri), सर्वे वेसल (लार्ज) संशोधक (INS Sanshodhak) और एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट अग्रे (INS Agray) शामिल हैं। ये जहाज समुद्री युद्ध, हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण और पनडुब्बी रोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

 

नौसेना द्वारा जारी वीडियो में INS Dunagiri को एक अत्याधुनिक और शक्तिशाली युद्धपोत बताया गया है, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल, मिडियम रेंज सतह-से-आकाश मिसाइल प्रणाली और आधुनिक सेंसर लगाए गए हैं। यह युद्धपोत भारतीय स्टील्थ तकनीक से लैस है और लंबी अवधि के समुद्री अभियानों में सक्षम है।

 

INS Sanshodhak को समुद्री सर्वेक्षण के लिए तैयार किया गया है, जो समुद्र की गहराई और भू-भौतिकीय डेटा एकत्र करने में उपयोग होगा। वहीं INS Agray को उथले समुद्री क्षेत्रों में पनडुब्बियों का पता लगाने और उनसे मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया है।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये तीनों जहाज “आत्मनिर्भर भारत” के प्रतीक हैं और अब भारत रक्षा क्षेत्र में केवल खरीददार नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि देश की शक्ति उसकी आत्मनिर्भरता में है और भारतीय इंजीनियरों, श्रमिकों और उद्योगों की मेहनत से यह उपलब्धि हासिल हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत समुद्री शक्ति देश की आर्थिक और रणनीतिक स्थिति को मजबूत करती है और भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। Edited by : Sudhir Sharma

International Yoga Day 2026: गुजरात में योग दिवस का उत्सव, CM भूपेंद्र पटेल ने मानसा में किया सामूहिक योग

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे गुजरात में उत्साह के साथ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने गांधीनगर जिले के मानसा में योगाभ्यास कर विश्व योग दिवस समारोह में भाग लिया। मानसा स्थित साइंस कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और योग प्रेमियों ने हिस्सा लिया। “स्वस्थ जीवन के लिए योग” थीम के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य योग के शारीरिक और मानसिक लाभों के प्रति लोगों को जागरूक करना था।

 

कार्यक्रम में गुजरात योग बोर्ड के अध्यक्ष शिशपाल राजपूत तथा मानसा के विधायक जे.एस. पटेल भी उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ और फिट जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

 

विश्व योग दिवस के अवसर पर राज्य के विभिन्न शहरों और जिलों में भी योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। 

 

अहमदाबाद रिवरफ्रंट पर भव्य आयोजन

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर अहमदाबाद रिवरफ्रंट पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में योग प्रेमी, विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए।

 

इस अवसर पर गुजरात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जगदीशभाई विश्वकर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के बारे में लोगों को जागरूक किया और सभी से अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाने की अपील की।

 

कार्यक्रम के दौरान योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का सामूहिक अभ्यास कराया गया। उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

 

अहमदाबाद रिवरफ्रंट पर आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों लोगों की भागीदारी से पूरा वातावरण योगमय हो गया। विश्व योग दिवस के इस आयोजन के माध्यम से स्वास्थ्य, फिटनेस और मानसिक शांति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। Edited by : Sudhir Sharma

NEET Re-Exam 2026: धर्मेंद्र प्रधान बोले- बिना डर और तनाव के दें परीक्षा, 22 लाख छात्रों से क्या अपील की

dharmendra pradhan

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लगभग 22 लाख छात्र-छात्राओं के राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पुनर्परीक्षा में शामिल होने की तैयारी के बीच रविवार को अभ्यर्थियों से बिना किसी भय और चिंता के आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल होने की अपील की।

 

प्रधान ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए), राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, शिक्षा जगत और छात्रों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, ‘‘आज करीब 22 लाख छात्र कुछ ही देर में नीट परीक्षा देने जा रहे हैं। उन्हें निडर होकर और बिना किसी चिंता के परीक्षा में शामिल होना चाहिए। वे निश्चित रूप से अच्छा प्रदर्शन करेंगे। मेरी ओर से सभी छात्रों को ढेर सारी शुभकामनाएं।’’

 

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी ऐसा कार्य न करें जिससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़े। उन्होंने कहा, ‘‘कृपया भारत की नई पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें। ऐसा कुछ भी न करें जिससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़े। कुछ ही घंटों में बच्चे परीक्षा देने जा रहे हैं।’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपील करता हूं कि हमें भारत की नई पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। कोई भी इसे मज़ाक न बनाए। ऐसा कुछ भी नहीं किया जाना चाहिए जिससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़े। कुछ ही घंटों में छात्र परीक्षा में बैठने वाले हैं।’’

 

किसी का नाम लिए बिना प्रधान ने कहा कि शनिवार को कुछ ‘‘ कथित जिम्मेदार लोगों’’ ने ‘‘गलत इरादे’’ से ऐसा व्यवहार किया, जिससे बच्चों पर असर पड़ा, उन्होंने उनसे आगे किसी भी तरह की परेशानी या तनाव नहीं फैलाने की अपील की।

 

उन्होंने कहा, ‘‘कम से कम यदि आप जिम्मेदार हैं, यदि आप स्वयं को भारत का सच्चा नागरिक मानते हैं, यदि आप भारत के लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं, तो कृपया जिम्मेदारी लें और बच्चों को और अधिक परेशानी न दें।’’

 

एनटीए ने तीन मई को हुई नीट-यूजी 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बीच रद्द कर दिया था, और सरकार ने इस मामले को जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया है। पुनर्परीक्षा रविवार को आयोजित की जा रही है। Edited by : Sudhir Sharma