1 July से बदल गए 6 बड़े नियम: Aadhaar, Passport से लेकर Credit Card तक, आपकी जेब पर सीधा असर

rules changes from 1st july

1 July New Financial Rules 2026: नया महीना अपने साथ कई बड़े वित्तीय और नीतिगत बदलाव लेकर आया है। 1 जुलाई 2026 से देश में बैंकिंग, पासपोर्ट और पर्सनल फाइनेंस से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदल गए हैं। अगर आप इन बदलावों से अनजान हैं, तो आपको बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। ALSO READ: 25,000 से कम कीमत वाले स्मार्टफोन होंगे सस्ते, GSTघटाकर 5% करने की सिफारिश
 

अगर आपके पास HDFC या SBI का क्रेडिट कार्ड है, या आप नया पासपोर्ट बनवाने जा रहे हैं, तो रुकिए! 1 जुलाई से आपकी जेब ढीली होने वाली है। आइए जानते हैं RBI, UIDAI और प्रमुख बैंकों द्वारा जारी किए गए उन 6 बड़े बदलावों के बारे में, जो सीधे आपके बजट को प्रभावित करेंगे।

 

1. पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा: फीस में बढ़ोतरी

विदेश यात्रा का सपना देखने वालों के लिए पहला झटका पासपोर्ट ऑफिस से आया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के नए सर्कुलर के मुताबिक, 1 जुलाई 2026 से नया पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने की फीस में बढ़ोतरी कर दी गई है:

  • नॉर्मल कैटेगरी : इसकी फीस 1,500 रुपए से बढ़ाकर अब 1,800 रुपए कर दी गई है।
  • तत्काल पासपोर्ट: इसके लिए अब आपको 3,500 रुपए की जगह 4,000 रुपए खर्च करने होंगे।

 

2. Aadhaar Card: ईमेल आईडी अपडेट कराना हुआ बिल्कुल फ्री

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए UIDAI ने घोषणा की है कि 1 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक आधार कार्ड में ईमेल आईडी लिंक या अपडेट कराना पूरी तरह से मुफ्त होगा।

नोट: इससे पहले इस सर्विस के लिए 50 रुपए का शुल्क लिया जाता था, लेकिन अब इसमें 50 रुपए की सीधी छूट मिलेगी। हालांकि, मोबाइल नंबर या बायोमेट्रिक अपडेट के लिए निर्धारित शुल्क लागू रहेगा।

 

3. Credit Card Lounge Access: अब खर्च करने होंगे ज़्यादा पैसे

अगर आप क्रेडिट कार्ड के जरिए एयरपोर्ट लाउंज (Airport Lounge) का मुफ्त फायदा उठाते थे, तो अब जेब ज्यादा ढीली करनी होगी। SBI Card और HDFC बैंक समेत कई बड़े दिग्गजों ने अपने नियम कड़े कर दिए हैं:

  • नया नियम: अब अगली तिमाही (Quarter) में मुफ्त लाउंज एक्सेस पाने के लिए चालू तिमाही में कम से कम 60,000 रुपए की स्पेंडिंग (खर्च) करना अनिवार्य होगा।
  • पहले यह लिमिट 35,000 रुपए से 50,000 रुपए के बीच हुआ करती थी।

 

4. RBI का 'मिस-सेलिंग' पर नया डंडा: लोन और इंश्योरेंस के नियम सख्त

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों को बैंकों की मनमानी से बचाने के लिए 'मिस-सेलिंग' (Mis-selling) पर नए कड़े नियम लागू कर दिए हैं।

  • अब कोई भी बैंक या एजेंट आपको लोन देते समय जबरन कोई इंश्योरेंस पॉलिसी या अनचाहा कस्टमाइज्ड प्रोडक्ट नहीं बेच सकता।
  • अगर कोई बैंक ऐसा करता है, तो ग्राहक सीधे RBI लोकपाल (Ombudsman) से शिकायत कर सकते हैं, और बैंक पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

 

2 july changes

5. स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स (Small Savings Schemes) की ब्याज दरें

वित्त मंत्रालय ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा की है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) की दरों को इस बार स्थिर रखा गया है। हालांकि, कुछ चुनिंदा फिक्स्ड डिपॉजिट्स (FD) की दरों में 0.10% का मामूली बदलाव किया गया है, जिसकी पूरी लिस्ट आप पोस्ट ऑफिस की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

 

6. NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य

पेंशन फंड नियामक PFRDA ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत ट्रांजैक्शन को और सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम जारी किए हैं। 1 जुलाई से सभी NPS खातों में लॉगिन करने के लिए आधार-आधारित टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) पूरी तरह अनिवार्य हो गया है। इसके बिना यूजर्स अपने अकाउंट को एक्सेस नहीं कर पाएंगे।

 

टेकअवे (Takeaway)

जुलाई के इस महीने में किसी भी वित्तीय नुकसान से बचने के लिए अपने क्रेडिट कार्ड के खर्चों को ट्रैक करें और अगर आधार में ईमेल अपडेट पेंडिंग है, तो तुरंत UIDAI के पोर्टल पर जाकर इस मुफ्त सेवा का लाभ उठाएं।

Disclaimer: यह जानकारी संबंधित विभागों (RBI, UIDAI, MEA) के आधिकारिक सर्कुलर और नोटिफिकेशन के आधार पर दी गई है। किसी भी सेवा का लाभ लेने से पहले उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर नियमों की जांच जरूर कर लें।

गिरनार पर्वत पर छाई बादलों की चादर, सुरक्षा के लिहाज से रोपवे सेवा अस्थाई रूप से स्थगित

Ropeway service on Girnar Mountain temporarily suspended

Gujarat news : जूनागढ़ में बने मानसूनी माहौल के बीच गिरनार पर्वत पर प्रकृति का एक अद्भुत और मनमोहक नजारा देखने को मिल रहा है। गिरनार के चारों ओर बादलों की घनी चादर छा गई है, जिसके कारण ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे पर्वत आसमान में बादलों से बातें कर रहा हो। इस खुशनुमा मौसम और सुहावने माहौल के बीच गिरनार के प्राकृतिक सौंदर्य ने पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया है।

 

तेज हवाओं के कारण गिरनार रोपवे सेवा तत्काल प्रभाव से बंद

इस खूबसूरत मौसम के साथ ही गिरनार पर्वत पर तेज हवाएं चलना शुरू हो गई हैं। पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रोपवे प्रबंधन द्वारा गिरनार रोपवे सेवा को तत्काल प्रभाव से बंद रखने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। तेज हवाओं के कारण रोपवे का संचालन सुरक्षित रूप से करना संभव नहीं होने की वजह से इस सेवा को अस्थाई रूप से स्थगित कर दिया गया है।

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हवा की गति सामान्य होते ही सेवा फिर होगी शुरू : प्रबंधन की अपील

वर्तमान में रोपवे प्रशासन द्वारा हवा की गति पर लगातार और बारीकी से नजर रखी जा रही है। प्रबंधन के अनुसार, जैसे ही हवा की गति सामान्य और सुरक्षित स्तर पर पहुंचेगी, वैसे ही रोपवे सेवा पर्यटकों के लिए फिर से शुरू कर दी जाएगी। तब तक गिरनार की यात्रा पर आने वाले सभी पर्यटकों से सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील की गई है।

मुंबई में आफत की बारिश, हाईटाइड का अलर्ट, पालघर में स्कूल बंद

mumbai rain

मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मुंबई में भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर पानी भर गया। ट्रेफिक जाम की वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पालघर में आज स्कूल बंद है वहीं मुंबई में दोपहर 1.45 बजे हाई टाइड की चेतावनी भी दी गई है। इस दौरान समुद्र में 14 फीट ऊंची लहरें उठ सकती हैं। ALSO READ: चेंबूर में स्कूल वैन पर पेड़ गिरने से मासूम की मौत, क्या बोले जिम्मेदार?
 

सड़कों पर पानी, रेलवे ट्रेक जलमग्न

अंधेरी, किंग्स सर्कल, गांधी मार्केट, सांताक्रूज, खार, बांद्रा, कुर्ला, विक्रोली, पवई, घाटकोपर और भांडुप जैसे क्षेत्रों में सड़कों पानी भर गया। पानी घुसने से कई गाड़ियां बंद हो गई। इस वजह से वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दादर स्टेशन पर भी रेलवे ट्रैक जलमग्न हो गए। लोकल ट्रेनों की रफ्तार भी प्रभावित हुई है।

मुंबई से पालघर तक रेड अलर्ट

महानगर में 1 जुलाई की सुबह 8 बजे से 2 जुलाई की सुबह 7 बजे के बीच पूर्वी उपनगरों में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। भारी बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। लोगों को कमजोर ढांचों और निचले तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने और मौसम की नवीनतम जानकारी से अवगत रहने की सलाह दी गई है। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026: जम्मू से रवाना हुआ पहला जत्था, कल होंगे बाबा बर्फानी के दर्शन, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

पालघर जिले में मौसम विभाग की ओर से जारी भारी बारिश के अलर्ट के बाद प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए 2 जुलाई को सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला किया गया है।

UP के मजदूरों को बड़ी राहत, अब हर दिन मिलेंगे कम से कम ₹300, 125 दिन रोजगार की भी गारंटी

उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश की ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में 1 जुलाई 2026 से बड़ा बदलाव लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना को आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया है। इस नई योजना के तहत अब प्रदेश के पात्र ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों की रोजगार गारंटी मिलेगी।

इस योजना के समुचित कार्यान्वयन के लिए योगी सरकार ने कमर कस ली है। करीब 20 वर्षों तक ग्रामीण रोजगार की रीढ़ रहे मनरेगा की जगह अब यह नया ढांचा ले रहा है। यह कानून ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, रोजगार बढ़ाएगा और गांवों में स्थायी विकास कार्यों को गति देगा।

 

यूपी के ग्रामीण परिवारों को होगा फायदा

 

उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े ग्रामीण आबादी वाले राज्यों में शामिल है, जहां लाखों परिवार रोजगार के लिए मनरेगा पर निर्भर रहे हैं। नई योजना लागू होने के बाद यूपी के ग्रामीण मजदूरों को कई बड़े लाभ मिलने वाले हैं। अब प्रदेश के पात्र ग्रामीण परिवारों को सालाना 100 दिनों के बजाय 125 दिनों की रोजगार गारंटी मिलेगी। साथ ही नई व्यवस्था के तहत अब राज्य में मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन से कम नहीं होगी। इससे राज्य के लाखों ग्रामीण मजदूरों को सीधा फायदा मिलेगा। राष्ट्रीय औसत मजदूरी 298.8 रुपये प्रतिदिन से बढ़कर 327.4 रुपये प्रतिदिन हो गई है। योगी सरकार ने बढ़ी हुई मजदूरी देने के लिए सारे प्रबंध पहले से कर रखे हैं। 

 

वैज्ञानिक तरीके से विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी 

 

मनरेगा की तुलना में सबसे बड़ा बदलाव जियोस्पेशियल प्लानिंग को लेकर देखा जा रहा है। पहले जहां स्थानीय मांग के आधार पर कार्यों को मंजूरी दी जाती थी, वहीं अब गांवों में सैटेलाइट डेटा, भूमि रिकॉर्ड और बुनियादी ढांचे की जरूरतों के आधार पर वैज्ञानिक तरीके से विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी। इन्हीं योजनाओं के अनुसार तय होगा कि सरकारी धन कहां और किस कार्य पर खर्च किया जाएगा। वहीं अब पहले की तरह केवल मांग के आधार पर रोजगार नहीं मिलेगा। प्रदेश के गांवों में पहले से तैयार विकास योजनाओं के आधार पर काम तय किए जाएंगे।

 

निगरानी जीआईएस मैपिंग, सैटेलाइट इमेजरी और डिजिटल प्लानिंग टूल्स के जरिए होगी 

 

अब यूपी के गांवों में विकास कार्यों की योजना और निगरानी जीआईएस मैपिंग, सैटेलाइट इमेजरी और डिजिटल प्लानिंग टूल्स के जरिए होगी। इससे काम की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने का दावा किया जा रहा है। वीबी-जी राम जी एक्ट के तहत उत्तर प्रदेश में ऐसे कार्यों को प्राथमिकता मिलेगी जो लंबे समय तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करें। इसमें सड़क निर्माण, सिंचाई व्यवस्था, जल संरक्षण परियोजनाएं और स्थायी सामुदायिक इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है। अब विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं को आपस में जोड़कर परियोजनाओं को लागू किया जा सकेगा। इससे कार्यों के दोहराव को रोका जा सकेगा, संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और विकास कार्यों की दक्षता में सुधार आएगा।

खेत में उतरे-बोया धान, किसानों से इस अंदाज में सीएम डॉ. मोहन ने की ‘दिल की बात’

भोपाल। 'खेत में उतरे, धान बोया, हाथ में लेकर खाना खाया और किसानों से आत्मीय संवाद किया,' मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 जुलाई को सिवनी जिले में अनोखे अंदाज में नजर आए। उन्होंने जनता को एक बार फिर बताया कि वे भी आम इंसान ही हैं। वे लगातार जनकल्याण का सोचते हैं। उनकी सादगी किसानों और आम लोगों को भा गई। लोग उनसे बातचीत करके उत्साहित नजर आए।

सीएम डॉ. मोहन ने बुधवार को सिवनी के लिए खजाना खोल दिया। उन्होंने सिवनी में धान महोत्सव में शिरकत की, कोदो कुटकी बोनस का वितरण किया और विकास कार्यों की सौगात दी। सीएम डॉ. यादव ने सिवनी में 349.33 करोड़ रुपए लागत के 586 विकास कार्यों का लोकार्पण और 144.8 करोड़ के भूमि-पूजन किए। उन्होंने यहां आयोजित कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन और कन्या पूजन किया। इसके अलावा सीएम यादव ने बालाघाट से सिवनी फोर लेन सड़क निर्माण, सिवनी के चमारा विकासखंड में शासकीय महाविद्यालय और स्टेडियम सहित अन्य विकास कार्यों की घोषणा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश की धान की फसल को जीआई टैग मिला है। मां लक्षमी की कृपा से रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत आज प्रदेश के 3941 किसानों को 1000 रुपए मान से कोदो कुटकी बोनस के रूप में 282.99 करोड़ राशि दी गई है। राज्य सरकार श्रीअन्न उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ-साथ बोनस भी दे रही है। प्रदेश में पहली बार शासकीय स्तर पर कोदो कुटकी खरीदने के लिए अभियान शुरू हुआ है। इसके साथ ही आज मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना के अंतर्गत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से प्रदेश के 16,754 श्रमिक परिवारों को 365 करोड़ की अनुग्रह सहायता राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की है। 

 

गरीबों का ध्यान रख रही राज्य सरकार-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विपक्ष की सरकारों ने गरीब-जरूरतमंदों को कभी संबल योजना का नाम नहीं दिया। संबल योजना में सरकार दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख और अपंगता आने पर 1 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान करती है। श्रमिक परिवारों को आयुष्मान भारत योजना में 5 लाख रुपए तक के फ्री इलाज की सुविधा भी दी जा रही है। राज्य सरकार हर वर्गों के गरीब, वंचित और आखिरी पंक्ति में बैठे लोगों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रहे सभी पात्र लोगों को आवास देने के लिए सर्वे कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आज सिवनी जिले के समग्र विकास के लिए 349.33  करोड़ रुपए लागत के 586 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 144.8 करोड़ के 43 कार्यों के भूमि-पूजन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले कोदो-कुटकी, ज्वार, बाजरा, मक्का को गरीबों की फसल कहा जाता था। प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना शुरू कर देश-दुनिया में इसका मान बढ़ाया। श्रीअन्न में मौजूद तत्व सबसे जल्दी पचता है। राज्य सरकार ने पिछले साल से श्रीअन्न खरीदने की शुरुआत की है। इस वर्ष मानसून पर अलनीनो का प्रभाव नजर आ रहा है। अगर बारिश कम होती है तो किसानों को तैयार रहना चाहिए कि वे कोदो कुटकी सहित सभी फसलों को तैयार कर लें। 

 

किसानों को कई योजनाओं का लाभ दे रही सरकार- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज प्रदेश के 3941 किसानों को 2829 मीट्रिक टन कोदो कुटकी के लिए 1000 रुपए मान से 2 हजार 83 लाख रुपए बोनस राशि दी गई है। राज्य में कोटो कुटकी के ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए भी काम जारी हैं। डिंडोरी की सीताही कुटकी, नागदमन कुटकी, बैगनी अरहर को जीआई टैग मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण वर्ष में अन्नदाता को अनेक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दे रही है। सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी भावांतर योजना के माध्यम से लाभ दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में धान की फसल के लिए भी भावांतर योजना लागू की जाएगी। राज्य सरकार धान उत्पादक किसानों को एमएसपी और बाजार मूल्य के अंतर का भुगतान करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार खेत से लेकर बाजार तक हर क्षेत्र में मूल्य संवर्धन पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी ने अपने हाथों से बच्चों को परोसा भोजन, किताब-कॉपी पाकर खिल उठे नौनिहालों के चेहरे

Chief Minister Yogi served food to children with his own hands

– मुख्यमंत्री योगी ने सहारनपुर के 5 सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का किया सम्मान

– मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्नों का कराया अन्नप्राशन, कक्षाओं में जाकर बच्चों से किया संवाद

– प्रदर्शनी का अवलोकन कर मुख्यमंत्री योगी ने जाना बच्चों का नवाचार

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों किताब-कॉपी, बैग, स्टेशनरी किट पाकर नौनिहालों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री ने बच्चों से पूछा कि स्कूल आओगे, इस पर सभी बच्चों ने मुस्कुराकर स्कूल आने का वादा किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर बच्चों के नवाचार को भी जाना। मुख्यमंत्री ने मंच से प्रदर्शनी में शामिल बच्चों के आत्मविश्वास की भी सराहना की। परिषदीय विद्यालयों की बच्चियों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी स्थल और मंच पर बच्चों से संवाद किया तथा उन्हें चॉकलेट भी दीं। 

 

भोजन मंत्र के उपरांत बच्चों ने किया भोजन 

कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथ से भोजन परोसा। इसमें प्रदेश सरकार के मंत्रियों व अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री योगी का साथ दिया। बच्चों ने भोजन ग्रहण करने से पहले मंत्रपाठ किया। प्रदेश के मुखिया को अपने लिए भोजन परोसते देखकर बच्चे आह्लादित हो उठे।

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मुख्यमंत्री योगी ने नन्हे-मुन्नों से किया परिचय

कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री योगी क्लासरूम पहुंच गए। उन्होंने यहां एक-एक कर सभी बच्चों से नाम पूछा और उनसे बातचीत की। बच्चे भी मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर खुशी से उनसे बातचीत करते रहे। बच्चों ने मुख्यमंत्री के प्रश्नों के बालसुलभ निश्छल उत्तर दिए तो सभी खिलखिला उठे। मुख्यमंत्री ने बच्चों की प्रशंसा कर उनका उत्साह बढ़ाया और उन्हें चॉकलेट भी दीं।

 

बच्चों का कराया अन्नप्राशन 

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आए नन्हे-मुन्नों का अन्नप्राशन भी कराया। विपरीत मौसम के कारण क्लास रूम में ही यह आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी ने बच्चों को चंदन/टीका लगाकर खीर खिलाई और उपहारस्वरूप उन्हें खिलौने भी दिए। जिन बच्चों का अन्नप्राशन हुआ, वे मुख्यमंत्री की गोद में भी खेले।

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मुख्यमंत्री के हाथों 5 बच्चों को मिली कॉपी-किताबें, बैग व स्टेशनरी किट 

साक्षी – कक्षा-1, पीएम श्री विद्यालय, बडढ़ा खेड़ा विकास क्षेत्र सरसावा 

आरव – कक्षा-1, मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय, सढौली हरिया विकास क्षेत्र रामपुर मनिहारान

लव्यांश – कक्षा-1, उच्च प्राथमिक विद्यालय, इस्माइलपुर विकास क्षेत्र पुंवारका

अस्मिता – कक्षा-1, प्राथमिक विद्यालय, पानसर विकास क्षेत्र मुजफ्फराबाद

रविंद्र – कक्षा-4, पीएम श्री विद्यालय, दलहेडी विकास क्षेत्र नानौता 

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5 सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का सम्मान 

मुख्यमंत्री योगी ने सहारनपुर के 5 सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का भी सम्मान किया। सम्मान पाने वालों में निम्न प्रधानाध्यापक शामिल रहे।
 

इंदु बेस – इंचार्ज प्रधानाध्यापक – उच्च प्राथमिक विद्यालय, कुतुबपुर लबडोला विकास क्षेत्र नागल

कुलदीप अरोड़ा – प्रधानाध्यापक – प्राथमिक विद्यालय, सरसावा नंबर-1 विकास क्षेत्र सरसावा

अश्वनी कुमार शर्मा – इंचार्ज प्रधानाध्यापक – प्राथमिक विद्यालय, तबर्रकपुर विकास क्षेत्र गंगोह

राज सिंह – इंचार्ज प्रधानाध्यापक – प्राथमिक विद्यालय, घान्ना खंडी विकास क्षेत्र पुंवारका

मोहिनी पाल – इंचार्ज प्रधानाध्यापक – कंपोजिट विद्यालय, खिड़का जुनारदार विकास क्षेत्र मुजफ्फराबाद 

मध्यप्रदेश में दिग्विजय–जीतू पटवारी विवाद में अरुण यादव की एंट्री, राहुल गांधी से हस्तक्षेप की मांग, कांग्रेस महासचिव ने लगाया पुत्र मोह का आरोप

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच चल रही बयानबाजी और तल्खी अब नए राजनीतिक मोड़ पर पहुंच गई है। इस विवाद में अब पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता अरुण यादव की भी एंट्री हो गई है। इसके साथ कांग्रेस के सीनियर नेता सत्यवत चतुर्वेदी की बेटी और पार्टी की महासचिव निधि चतुर्वेदी ने दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा है।
 
पूर्व मंत्री अरुण यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सीधे हस्तक्षेप करने और प्रदेश संगठन में एकता कायम करने की अपील की है। सोशल मीडिया पर अरुण यादव ने लिखा कि माननीय राहुल गांधी जी, मध्यप्रदेश में आंतरिक संघर्ष और असफलताओं सहित अन्य समस्याओं से जूझ रही भारतीय जनता पार्टी और उसकी सरकार से जब इस दौर में भी पार्टी संगठन का वास्तविक निष्ठावान कार्यकर्ता वैचारिक और सतही तौर पर संघर्ष कर रहा है उस दौर में कतिपय लोग एक मिलीजुली साजिश के तहत उन कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने की नाकाम कोशिश कर रहे है, इस बात में भी कोई संदेह नहीं है कि युवाओं का जोश और पार्टी के अनुभवी नेताओं का होश मिलजुल कर ही फासीवादी विचारधारा का सामना कर पाएगा ऐसी स्थिति में जवाबदार लोग ही अपनी व्यक्तिगत पीड़ा और वैमनस्यता पार्टी के कार्यकर्ताओं की कीमत पर भुनाने की कोशिश करेंगे तो वह समयोचित नहीं होगी । कृपा कर केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप से संघर्षशील कार्यकर्ताओं के मनोबल को टूटने से बचाएं तथा संगठनात्मक एकता को सुदृढ़ करवाने की कृपा करें।
 
पुत्र मोह में फंसे दिग्विजय सिंह-वहीं प्रदेश कांग्रेस महासचिव निधि चतुर्वेदी ने कांग्रेस हाईकमान से दिग्विजय सिंह के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर 'दिग्विजय का नागपाश, कांग्रेस पर प्रहार' नाम से एक लेख लिखा है। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि “अपनों के ही इस घातक बाण से कब मुक्त होगी मध्य प्रदेश कांग्रेस? उज्जैन के भूमि विवाद और वीर भारत न्यास के मामले में सच क्या है और झूठ क्या, कौन सही है और कौन गलत, यह जांच का विषय हो सकता है। आज हर सच्चे कांग्रेसी का सिर शर्म से झुक गया है। दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेता ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ जिस प्रकार मोर्चा खोला वह निंदनीय है।
 
इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि अगर जीतू पटवारी कहीं गलत भी थे, तो वरिष्ठ और मार्गदर्शक होने के नाते दिग्विजय सिंह उन्हें आमने-सामने बैठकर या फ़ोन करके बता सकते थे। उनके पास दिल्ली से लेकर भोपाल तक पार्टी के तमाम आंतरिक मंच उपलब्ध हैं, जहां वे अपनी बात रख सकते थे. लेकिन इन सब मर्यादाओं को दरकिनार कर हाथ में फ़ाइल लेकर उज्जैन जाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस बात को उछालने का क्या औचित्य है? इस तरह सरेआम मीडिया के सामने प्रदेश अध्यक्ष के बयान को खारिज करना और उनके लिए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना, जायज़ नहीं ठहराया जा सकता. आखिर यह सारी कवायद क्यों की गई।
 
निधि चतुर्वेदी का कहना है “दिग्विजय सिंह की यह छटपटाहट, यह गुस्सा और यह अमर्यादित आचरण और कुछ नहीं, बल्कि 'पुत्र-मोह' में उठाया गया बेहद अशोभनीय, पीड़ादायक और निंदनीय कदम है। अपने बेटे जयवर्धन सिंह को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाने की महत्वाकांक्षा में वे भूल चुके हैं कि पार्टी का अनुशासन क्या होता है। जब देशभर में राहुल गांधी भाजपा और संघ की जनविरोधी विचारधारा के खिलाफ सड़कों पर लाठियां खा रहे हैं, तब पार्टी के एक शीर्ष नेता द्वारा इस तरह की बयानबाज़ी करना कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर करारा तमाचा है।

अयोध्या कांड में जीजा-साले निकले महाचोर, दान चोरी में अब होगी ED और IT की एंट्री

Ayodhya Ram Mandir donation theft

Ayodhya Ram Mandir donation theft: अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में अयोध्या पुलिस की जांच में एक ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने आस्था के केंद्र पर लगे इस दाग को और गहरा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, मंदिर में सबसे बड़ी चोरी साल 2025 की शुरुआत में आयोजित हुए कुंभ मेले के दौरान हुई, जब देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं के चढ़ावे से रामजी का खजाना लबालब था। इस महाघोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) और इनकम टैक्स (IT) विभाग की एंट्री होने जा रही है, क्योंकि चोरी के पैसों से आधे दर्जन से ज्यादा प्रॉपर्टी खरीदने और कंबलों में नोटों की गड्डियां छिपाने की बात सामने आई है।

 

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी पहले से ही छोटी-मोटी चोरियां कर रहे थे। लेकिन साल 2025 की शुरुआत में जब कुंभ मेले के दौरान अयोध्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा और दान में भारी उछाल आया, तो आरोपियों की नीयत पूरी तरह डोल गई। उन्होंने इस सुनहरे मौके का फायदा उठाकर आपस में साठगांठ की और करोड़ों रुपए के चढ़ावे पर हाथ साफ कर दिया। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी पर बागेश्वर बाबा का विस्फोटक दावा, कहा- अगर उनकी पर्ची खोल दी तो….

जीजा-साले ने खरीदीं आधा दर्जन संपत्तियां

इस खेल के सबसे बड़े आरोपी रिश्ते में जीजा-साले हैं। गिरफ्तार आरोपी लवकुश मिश्रा और उसके जीजा अनुकल्प मिश्रा ने मिलकर सबसे ज्यादा कैश उड़ाया। पाप की इस कमाई से उन्होंने देखते ही देखते आधे दर्जन से अधिक अवैध संपत्तियां खरीद लीं, जिसे पुलिस ने ट्रैक कर लिया है।

 

मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के भाई अभिषेक के एक योग केंद्र पर जब पुलिस ने रेड मारी, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों की आंखें फटी रह गईं। वहां रखे चार बड़े बक्सों में नोटों की गड्डियों को बड़ी चालाकी से कंबलों के अंदर छिपाकर रखा गया था। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि इनमें से एक बक्से पर बाकायदा 'राम राज्य कोष' लिखा हुआ था। ALSO READ: चढ़ावा चोरी के आरोपियों को झटका, अयोध्या का कोई वकील नहीं करेगा पैरवी

चंपत राय के ड्राइवर के घर भी मिला कैश

इस पूरे स्कैम का सबसे सनसनीखेज पहलू है आरोपी टिन्नू यादव की गिरफ्तारी। टिन्नू यादव कोई और नहीं, बल्कि राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का निजी ड्राइवर था। ड्राइवर होने के नाते उसकी पहुंच बहुत अंदर तक थी और उसी के पास नोटों की गिनती वाले अति-सुरक्षित कमरे की एक चाबी रहती थी। टिन्नू के घर से भी पुलिस को भारी मात्रा में कैश मिला है।

अब ED और IT कसेंगे शिकंजा

यह मामला अब सिर्फ स्थानीय पुलिस तक सीमित नहीं रहा। पुलिस अब इस पूरे मनी ट्रेल (पैसों के लेन-देन के रास्ते) की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को पत्र लिख रही है, जबकि अवैध संपत्तियों की जांच के लिए इनकम टैक्स विभाग की मदद ली जा रही है। यही नहीं, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के कुछ कर्मचारी भी पुलिस के रडार पर हैं, क्योंकि तिजोरी की चाबी रखने वाले बैंक स्टाफ की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी चोरी मुमकिन ही नहीं थी। आरोपियों के खातों में उनकी वैध कमाई से कई गुना ज्यादा का लेन-देन मिला है। इस मामले में अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी 89 लाख रुपए की हुई है। ALSO READ: अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की खुलती जा रहीं परतें, SIT ने सौंपी रिपोर्ट, चंपत की भूमिका संदिग्ध

क्या है अयोध्या से जुड़ा यह पूरा मामला? 

अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण और उद्घाटन के बाद से ही देश-विदेश से हर दिन लाखों श्रद्धालु यहां आ रहे हैं। इस वजह से मंदिर के दानपात्रों और काउंटरों पर हर महीने करोड़ों रुपए का नकद और चेक के माध्यम से दान आता है। इन पैसों को गिनने के लिए मंदिर परिसर में एक स्पेशल काउंटिंग रूम बनाया गया है, जहां बैंक के अधिकारी और ट्रस्ट के भरोसेमंद लोग मौजूद रहते हैं। यह पूरा मामला तब सामने आया जब मंदिर ट्रस्ट को ऑडिट और रूटीन चेकिंग के दौरान दान में आई रकम और बैंक में जमा हुई राशि के आंकड़ों में बड़ा अंतर (मिसमैच) नजर आया।

 

इसके बाद ट्रस्ट ने आंतरिक स्तर पर जांच शुरू की। पुलिस में औपचारिक FIR दर्ज होने से पहले ही ट्रस्ट ने मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर 89 लाख रुपए की भारी-भरकम राशि बरामद कर ली थी। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए टिन्नू यादव (ड्राइवर), लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और अविनाश शुक्ला समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा भी हो चुका है।

 

अयोध्या दान प्रकरण में एसआईटी जांच की समय सीमा बढ़ाई, 15 जुलाई तक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश

Deadline extended for SIT probe into Ayodhya pilgrimage site donation matter

Donation controversy in Ayodhya : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या तीर्थ क्षेत्र में दान प्रकरण की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) की समय-सीमा 15 जुलाई तक बढ़ा दी है। मामले के विभिन्न पहलुओं की गहन छानबीन के लिए एसआईटी ने मुख्यमंत्री से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार करते हुए उन्होंने एसआईटी को आगामी 15 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

 

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी का गठन करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि एसआईटी इस प्रकरण में हर पहलू की सघनता और निष्पक्षता से जांच करते हुए दूध का दूध और पानी का पानी करेगी।

दोषियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। गत 23 जून को एसआईटी के प्रमुख सदस्य लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने अपना प्रारंभिक प्रतिवेदन गृह विभाग को सौंपा था, जिसमें कठोर संस्तुतियां की गई थीं।

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इन संस्तुतियों के आधार पर गत 25 जून को ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में पहली एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें 8 नामजद व अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया था। सभी नामजद अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

जेवर में 6,785 करोड़ का बड़ा निवेश! इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की ओर बढ़ा उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर में 6,785 करोड़ रुपये के निवेश से अंबर एंटरप्राइजेज एवं कोरिया सर्किट्स के ज्वाइंट वेंचर ‘एसेंट के सर्किट्स’ का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट क्षेत्र में रोजगार व नए उद्योगों को गति प्रदान करेगा। उन्होंने यूपी के प्रोजेक्ट्स को त्वरित स्वीकृति मिलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी व केंद्रीय मंत्रियों का आभार भी प्रकट किया। सीएम ने कहा कि कभी जंगलराज के लिए जाना जाने वाला जेवर क्षेत्र अब मंगलराज की पहचान बना है। 

 

मुख्यमंत्री शनिवार को गौतम बुद्ध नगर के जेवर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के भूमिपूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 6,785 करोड़ रुपये से अधिक का यह निवेश क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर पैदा करेगा और कई एंकर यूनिट्स की स्थापना में योगदान देगा। यह प्रदेश के औद्योगिक विकास को भी नई गति देगा। उत्तर प्रदेश पहले ही एमएसएमई का सबसे बड़ा हब है, जहां लगभग 96 लाख इकाइयां कार्यरत हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से शुरू हुई 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' योजना ने प्रदेश के उत्पादों को देश व दुनिया में नई पहचान दिलाई है।

 

देश के 55 प्रतिशत मोबाइल नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बन रहे

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी जी के विजन का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश आज मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। देश में बनने वाले 55 प्रतिशत मोबाइल फोन नोएडा-ग्रेटर नोएडा में निर्मित हो रहे हैं, जबकि इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का भी 55 से 60 प्रतिशत उत्पादन यहीं हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अंबर ग्रुप और कोरिया सर्किट का यह संयुक्त उपक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम साबित होगा और उत्तर प्रदेश के माध्यम से भारत को नई उड़ान देगा।

 

केंद्र से यूपी के प्रोजेक्ट्स को मिलती है त्वरित स्वीकृति

सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश से संबंधित किसी प्रस्ताव को केंद्र सरकार में आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार को फोन करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। प्रस्ताव केंद्र सरकार तक पहुंचते ही सूचना मिल जाती है कि उसे अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और आप कार्य को आगे बढ़ाएं। ऐसा बहुत कम ही देखने को मिलता है। जब अपनत्व का भाव हो, देश के प्रति जज्बा हो, तब ये चीजें देखने को मिलती हैं। मैं इस स्वीकृति के लिए पीएम मोदी जी व केंद्रीय मंत्रियों का आभार प्रकट करता हूं।

 

कोरिया से उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक व आत्मीय संबंध

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का कोरिया से बहुत पुराना संबंध है। इतिहास में यह मान्यता है कि कोरिया की रानी क्वीन हो वस्तुत: अयोध्या की राजकुमारी रत्ना थीं, जो जलमार्ग से कोरिया पहुंची थीं। कोरिया की प्रथम महिला के उत्तर प्रदेश आगमन पर अयोध्या में एक पार्क का निर्माण कराया गया था। कोरिया के राजदूत भी अयोध्या आए थे और उस ऐतिहासिक संबंध को स्मरण करते हुए भावुक हुए थे। यही आत्मीय संबंध भारत व कोरिया को और अधिक निकट लाता है। कोरिया इस बात का उदाहरण है कि आक्रामक रणनीति, अनुशासन और समर्पण के बल पर कोई देश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बन सकता है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है और देश की अर्थव्यवस्था नए प्रतिमान स्थापित कर रही है।

 

हर नागरिक के कर्तव्य से साकार होगा विकसित भारत का सपना

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और खुशहाल राष्ट्र बनाना है। इस संकल्प की शुरुआत प्रदेश, जनपद, नगर, गांव और प्रत्येक नागरिक से होती है। प्रधानमंत्री जी ने भी नागरिक कर्तव्य पर विशेष बल दिया है। यदि प्रत्येक नागरिक अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा से कार्य करेगा तो विकसित भारत का सपना निश्चित रूप से साकार होगा। इस प्रकार के निवेश उत्तर प्रदेश को नई पहचान दिलाते हैं, युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराते हैं, नए स्टार्टअप्स के लिए मंच तैयार करते हैं, निर्यात क्षमता को मजबूत करते हैं और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को गति प्रदान करते हैं।

 

जंगलराज नहीं, अब मंगलराज बना जेवर की पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी जंगलराज के रूप में पहचाना जाने वाला जेवर आज आक्रामक रणनीति और मोदी जी के प्रेरणादायी नेतृत्व के कारण मंगलराज का प्रतीक बन चुका है। आज जब वह जेवर एयरपोर्ट पर उतरे तो उन्हें मोदी जी के कर कमलों से मिले शानदार एयरपोर्ट की सौगात दिखाई दी। अब यहां से कमर्शियल फ्लाइट्स भी शुरू हो चुकी हैं और लगातार निवेश के नए प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं।

 

निवेशकों की पहली पसंद बना उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था, लेकिन आज प्रदेश अपनी नई पहचान के साथ देश-दुनिया के निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। कानून व्यवस्था में सुधार, सेक्टोरल पॉलिसियों और 75 हजार एकड़ के विशाल लैंड बैंक के कारण हर क्षेत्र के निवेशकों के लिए उत्तर प्रदेश सबसे उपयुक्त बन चुका है। सरकार प्रत्येक क्षेत्र के लिए स्पष्ट नीति लेकर आई है। कोई भी निवेशक इन नीतियों के दायरे में आकर निवेश कर सकता है। सरकार समय पर इंसेंटिव देती है, सिंगल विंडो प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराती है और बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के निवेश की पूरी प्रक्रिया संपन्न होती है। इसका परिणाम यह है कि प्रदेश के युवाओं को तेजी से रोजगार मिल रहा है।

 

कानपुर व झांसी के बीच बन रही इंडस्ट्रियल सिटी

सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार कानपुर व झांसी के बीच 56 हजार एकड़ क्षेत्र में बीडा के रूप में एक बड़े इंडस्ट्रियल सिटी का निर्माण कर रही है। इस परियोजना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति का प्रस्ताव भारत सरकार के पास भेजा गया था। प्रस्ताव जब केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव जी के पास गया तो उन्होंने तत्काल सभी कार्यों को समय-सीमा में पूरा करते हुए इसकी स्वीकृति दी और फोन करके अवगत भी कराया। केंद्र व राज्य सरकार के बीच इसी प्रकार का समन्वय और त्वरित निर्णय देश के विकास को नई गति प्रदान करता है। मैं विश्वास करता हूं कि इस परियोजना को भी हम समय-सीमा में पूरा कर प्रधानमंत्री जी के विजन को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।

 

सेमीकंडक्टर दुनिया की सबसे बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट के शिलान्यास कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव जी का सानिध्य उत्तर प्रदेश की जनता को प्राप्त हुआ था। सेमीकंडक्टर आज दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है और भारत को इसी ताकत का केंद्रबिंदु बनना है। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट हब के रूप में देश को स्थापित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। मोदी जी का विजन है कि भारत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट हब के रूप में अपनी पहचान स्थापित करे। जो चीजें विभिन्न देशों से आयात होती हैं, वे भारत में बनें और दुनिया को निर्यात हों।

 

इस अवसर पर केंद्रीय रेलवे, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव,  यूपी के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, प्रभारी मंत्री ब्रजेश सिंह, सांसद महेश शर्मा, सुरेंद्र सिंह नागर, विधायक धीरेंद्र सिंह, तेजपाल सिंह नागर, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, नगर अध्यक्ष महेश चौहान, अंबर ग्रुप के कार्यकारी अध्यक्ष जसवीर सिंह, मैनेजिंग डायरेक्टर दलजीत सिंह, सीईओ कोरिया सर्किट चो यांग-हो आदि मौजूद रहे। Edited by : Sudhir Sharma