CM योगी के हाथों योजनाओं का लाभ पाकर खिले लाभार्थियों के चेहरे

CM Yogi Adityanath Pratapgarh: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों विभिन्न योजनाओं का लाभ पाकर लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे। सीएम के हाथों इन्हें मिली सौगात… 

  • श्रद्धा पांडेय- बिहार लोकसेवा आयोग की बीपीएससी परीक्षा की टॉपर को आईपैड 
  • शिवम यादव- मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत स्वीकृति पत्र
  • मीनू कुमारी- मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत स्वीकृति पत्र
  • हेमलता सरोज- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र 
  • रीना देवी -मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का स्वीकृति पत्र
  • पूजा मिश्रा- रुक्मिणी सिंह को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 26.53 करोड़ से अधिक का चेक 
  • बिंदु सिंह- कस्टम हायरिंग केंद्र की चाबी 
  • देवेश सिंह- फॉर्म मशीनरी बैंक के तहत कृषि यंत्र की चाबी 
  • बालकृष्ण तिवारी- पीएम कुसुम योजना के लाभार्थी को प्रमाण पत्र 
  • पंकज भान सिंह- आयुष्मान कार्ड
  • मीना देवी- आयुष्मान कार्ड 
  • मंजू देवी- राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का स्वीकृति पत्र 
  • सुमित्रा देवी- राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का स्वीकृति पत्र
  • इंद्रावती देवी- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक 
  • राजेश कुमार- ओडीओपी ऋण योजना के तहत 10 लाख का चेक 
  • अंशिका सिंह- विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत सिलाई मशीन 
  • आशा देवी- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत चाबी 
  • राजेश कुमार- पीएम स्वनिधि योजना के तहत स्वीकृति पत्र
  • सावित्री मिश्रा- मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 5.90 लाख का चेक व स्वीकृति पत्र।

Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

घर के बाहर मौत बनकर पहुंचा शेर! चरवाहे को जमीन पर दबोचा, लोगों ने पत्थर बरसाकर बचाई जान, VIDEO वायरल

Gujarat lion attack

गुजरात के भावनगर जिले से सोमवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पालिताना तालुका के गरजिया गांव में एक शेर ने अचानक एक पशुपालक पर हमला कर दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो रहे हैं।


जानकारी के अनुसार, घटना 6 जुलाई की सुबह उस समय हुई जब गरजिया गांव के बाहरी इलाके में रहने वाले पशुपालक कालूभाई भोगभाई गामरा अपने घर के पास मौजूद थे। तभी अचानक एक शेर वहां पहुंचा और उन पर झपट पड़ा।

जमीन पर दबोचकर करता रहा हमला

वायरल वीडियो में साफ दिखाई देता है कि शेर ने पशुपालक को जमीन पर दबोच रखा है। वह लगातार उनके पैर को काटने की कोशिश कर रहा है, जबकि घायल पशुपालक अपनी जान बचाने के लिए पूरी ताकत से संघर्ष करता नजर आता है। आसपास मौजूद लोगों की सांसें थम गईं और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

पत्थर फेंककर लोगों ने बचाई जान

 

शेर के हमले से घबराए ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाई और दूर से लगातार पत्थर फेंककर शेर को भगाने की कोशिश की। काफी देर की मशक्कत के बाद शेर वहां से भागा, जिसके बाद घायल पशुपालक को लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाला। हमले में उनके शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं और काफी खून बह गया।

वन विभाग जांच में जुटा

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने पूरे इलाके का निरीक्षण किया और जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि शेर गांव के रिहायशी इलाके तक कैसे पहुंचा और उसने अचानक हमला क्यों किया। इस घटना के बाद गरजिया गांव सहित आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से शेर की लगातार निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में किया इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन, बोले- गरीब-अन्नदाता-युवा-नारी का होगा कल्याण

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को राजधानी भोपाल के सतगढ़ी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश इकलौता राज्य है, जिससे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का विशेष नाता रहा है। आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर भोपाल को सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क और कन्वेंशन सेंटर की बड़ी सौगात मिली है। आज एक नया इतिहास बन रहा है। यह इंडस्ट्रियल पार्क देश के पहले उद्योग मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम से जाना जाएगा। हम जो कहते हैं, करके दिखाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण पर विशेष जोर दिया। राज्य सरकार प्रदेश के हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्र हमारे किसानों के लिए भी समृद्धि का द्वार खोलेंगे। युवाओं को रोजगार मिलेगा। गारमेंट इंडस्ट्री से कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। हमारी सरकार खेत से कारखाने और उद्योग को बाजार से जोड़ने के लिए कार्य कर रही है। भोपाल प्राकृतिक सुंदरता और झील-तालाबों की नगरी है, लेकिन अब यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क भी राजधानी की पहचान बनेगा। अनेक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

भोपाल औद्योगिक नगरी के रूप में नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यहां से प्रदेश के विकास का नया सूर्योदय हो रहा है। प्रदेश के प्रत्येक अंचल में देश-दुनिया के निवेशक औद्योगिक इकाइयां स्थापित कर रहे हैं। कल ही चंबल के शिवपुरी में ढाई हजार करोड़ लागत से रक्षा क्षेत्र की बड़ी औद्योगिक ईकाई का भूमि-पूजन किया है। इससे पूर्व मुरैना को सोलर सेक्टर की बड़ी सौगात दी है। उन्होंने कहा कि रोजगार आधारित उद्योगों के लिए गुना में 2 हजार करोड़ का सीमेंट प्लांट भी बनाया जा रहा है। शिवपुरी में बनने वाली मिसाइलों की क्षमता 1000 किलोमीटर की होगी, जो पाकिस्तान के किसी भी कोने तक पहुंच सकेगी।

 

हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत@2047 के संकल्प की पूर्ति में मध्यप्रदेश भी विकास के मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भोपाल में पहली बार जीआईएस जैसे बड़ा आयोजन संपन्न हुआ, जिसे प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आशीर्वाद मिला। जीआईएस 2025 में आए 30 लाख करोड़ से अधिक निवेश को देखकर विरोधियों ने दांतों तले अंगुलियां दबा लीं। इस आयोजन में देश-दुनिया के बड़े उद्योगपति और औद्योगिक घराने शामिल हुए।

राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के बलबूते आज 30 लाख करोड़ के निवेश में से 10 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर आ चुका है। प्रदेश में पहली बार 30 प्रतिशत निवेश धरातल पर आने का नया कीर्तिमान बना है। किसान कल्याण वर्ष में जनवरी से लेकर अब तक निवेशकों के साथ 86 हजार करोड़ के एमओयू साइन हुए हैं। प्रदेशभर में हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में ही 15 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। रक्षाबंधन से पहले प्रदेश की बहनों को भी हर महीने सौगात मिल रही है। अब तक मुख्यमंत्री लाड़ली बहन योजना में राज्य सरकार 50 हजार करोड़ से अधिक राशि लाड़ली बहनों को दे चुकी है। अब बहनें रोजगार आधारित उद्योगों में काम करेंगी तो उन्हें 5000 रुपए अलग से दिया मिलेगा।

 

सभी के लिए कानून एक जैसा होना चाहिए-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 'एक देश, एक विधान, एक निशान, एक प्रधान' की बात कही थी। उनके इस संकल्प को साकार करने के लिए राज्य में अब समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। समाज के हर वर्ग के लिए कानून एक जैसा होना चाहिए। प्रदेश की जनता ने तय कर लिया है कि डंके की चोट पर हर हालत में यूसीसी मध्यप्रदेश में लागू होगा। इसके लिए कमेटी ने सभी धर्म-समुदाय के सुझाव लिए ताकि किसी के साथ भेदभाव न हो। अब मध्यप्रदेश एक समान कानून लागू करने वाला देश के बड़े राज्यों में शामिल प्रदेश बन जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन से हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, कनाडा और दक्षिण कोरिया जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश हमारे साथ काम कर रहे हैं। इन देशों से 10 हजार करोड़ का विदेशी निवेश भी मध्यप्रदेश को मिला है।

प्रदेश में छोटे-मझोले उद्योगों की देनदारी खत्म कर दी गई है। बिजली, पानी और सड़क हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क से राजाभोज विमानतल की दूरी महज 25 किलोमीटर है। रानी कमलापति स्टेशन भी मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर है। भोपाल का वेस्टर्न बायपास भी यहीं से गुजरेगा। उन्होंने कहा कि सतगढ़ी के 25 एकड़ क्षेत्र में 10 हजार क्षमता वाला एक आधुनिक कन्वेंशन सेंटर भी बनेगा। यह प्रदेश का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर होगा। मध्यप्रदेश अपने औद्योगिक विकास और पारदर्शी व्यवस्था के साथ तेजी से आगे बढ़ता जाएगा। सतगढ़ी क्षेत्र औद्योगिक विकास की दिशा में एक मंदिर के समान होगा। सागर ग्रुप के सुधीर अग्रवाल सतगढ़ी में 100 करोड़ का निवेश करेंगे।

 

रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है पार्क-मध्य प्रदेश में औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन विभाग (IPIP) तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (MSME) के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आज का भूमिपूजन केवल एक औद्योगिक परियोजना का शुभारंभ नहीं, बल्कि भोपाल और मध्यप्रदेश के औद्योगिक भविष्य की नई आधारशिला रखने का अवसर है। सतगढ़ी स्थित यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप लगभग 70 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही है। पार्क का स्थान रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग से लगभग 1.4 किमी की दूरी पर स्थित है तथा रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और प्रमुख शहरी क्षेत्रों से उत्कृष्ट संपर्क रखता है। इससे भोपाल पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ नई अर्थव्यवस्था के उद्योगों का भी केंद्र बनेगा।

ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले PM मोदी को मिली धमकी, आरोपी के IP एड्रेस की हुई पहचान, जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

Prime Minister Narendra Modi received threat ahead of his Australia visit

Prime Minister Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऑस्ट्रेलिया के उनके आगामी दौरे से पहले धमकी दी गई है। नरेंद्र मोदी के 9 जुलाई को मेलबर्न में होने वाले कार्यक्रम में परेशान करने वाली टिप्पणी की बात एक सोशल मीडिया पोस्ट में कही गई है। इसके बारे में जानकारी होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के मुताबिक, पुलिस टीम ने उस सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े आईपी एड्रेस की पहचान की है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई है। इस घटना के बाद से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हो गई हैं। 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऑस्ट्रेलिया के उनके आगामी दौरे से पहले धमकी दी गई है। नरेंद्र मोदी के 9 जुलाई को मेलबर्न में होने वाले कार्यक्रम में परेशान करने वाली टिप्पणी की बात एक सोशल मीडिया पोस्ट में कही गई है। इसके बारे में जानकारी होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। खबरों के अनुसार, पुलिस टीम ने उस सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े आईपी एड्रेस की पहचान की है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई है।

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खबरों के अनुसार, इस घटना के बाद से सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट हो गई हैं। यह धमकी 'मेलबर्न मीट्स मोदी' कम्युनिटी इवेंट की घोषणा करने वाली एक फेसबुक पोस्ट के नीचे दी गई थी। यह कार्यक्रम 9 जुलाई को मार्वल स्टेडियम में होना है। इस यात्रा के दौरान उनके कई द्विपक्षीय कार्यक्रमों और कम्युनिटी इवेंट्स में शामिल होने की उम्मीद है, जिसमें मेलबर्न में होने वाला कार्यक्रम भी शामिल है।

 

क्‍या लिखा है फेसबुक पोस्‍ट में?

यह धमकी अबू मुस्तफा नाम के अकाउंट से पोस्ट की गई है। टिप्पणी में कहा गया था, इवेंट के दौरान स्टेडियम की छत बंद कर दी जाए वरना वह ऑस्ट्रेलिया अपनी मौत के लिए आ रहे होंगे। इस मामले की सूचना उसी दिन ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस को दे दी गई थी। जांच के दौरान अधिकारियों ने उस पोस्ट से जुड़े IP एड्रेस की पहचान कर ली है। अधिकारी इस मैसेज से जुड़ी परिस्थितियों और इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या कोई अपराध हुआ है या इसकी योजना है?

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अब तक नहीं हुई किसी की गिरफ्तारी

ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा एजेंसियां, वहां आने वाले दूसरे देशों के प्रमुखों को मिलने वाली धमकियों को बहुत गंभीरता से लेती हैं और इसके खिलाफ गंभीर कार्रवाई भी का जाती है। हाईप्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय यात्राओं की सुरक्षा योजना में आमतौर पर कई एजेंसियां ​​शामिल होती हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस, राज्य पुलिस और खास सुरक्षा यूनिट्स शामिल हैं। ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस ने अभी तक इस जांच पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी भी नहीं हुई है।

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पहले भी मिल चुकी है प्रधानमंत्री मोदी को धमकी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से एक दिन पहले 31 जनवरी को जालंधर के 4 स्कूलों में बम ब्लास्ट की धमकी मिली थी। कैंब्रिज स्कूल, केएमवी संस्कृति स्कूल, ब्रिटिश ओलिवा स्कूल और सीजेएस पब्लिक स्कूल को धमकीभरा ईमेल भेजा गया था। हालांकि जांच के इस दौरान कुछ नहीं मिला था। उल्‍लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जुलाई से विदेश दौरे पर रवाना हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे।

‘यूपी की नौकरशाही पॉलिसी पैरालिसिस की शिकार नहीं’: CM योगी का बड़ा बयान, 464 करोड़ की प्रशासनिक अकादमी का किया लोकार्पण

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नौकरशाही अब पॉलिसी पैरालिसिस का शिकार नहीं है, बल्कि पूरी तेजी के साथ विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने के लिए दौड़ने को तैयार है। विकसित भारत की आधारशिला उत्तर प्रदेश बनेगा और इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक गांव, कस्बे और वार्ड को आत्मनिर्भर बनाना होगा। राजनीतिक नेतृत्व केवल विजन दे सकता है, लेकिन उसे धरातल पर उतारने की पूरी ताकत प्रशासनिक मशीनरी के पास होती है। इसलिए प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और सकारात्मक कार्यसंस्कृति बेहद जरूरी है।

 

मुख्यमंत्री शुक्रवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के 464 करोड़ रुपये से अधिक लागत से 22 एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल में निर्मित अत्याधुनिक नवीन परिसर का लोकार्पण करने के उपरांत प्रशासनिक अधिकारियों और प्रशिक्षुओं को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भवन का उद्घाटन किया और परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न सुविधाओं व व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

 

टीमवर्क व सकारात्मक सोच ही सफलता का आधार

सीएम ने कहा कि इस अकादमी को भारत के अग्रणी स्कूल ऑफ पब्लिक लीडरशिप के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। नॉलेज टू डेवलपमेंट, डेवलपमेंट टू पब्लिक ट्रस्ट और पब्लिक ट्रस्ट टू नेशन बिल्डिंग की संकल्पना को साकार करने में यह संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसी उद्देश्य से आधुनिक सुविधाओं से युक्त अकादमी का निर्माण कराया गया है। एकला चलो की सोच या टीम को कमजोर करने की मानसिकता से अच्छे परिणाम नहीं मिल सकते। टीमवर्क, सकारात्मक सोच और नवाचार ही सफलता का आधार हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार सीखते रहने, तकनीक आधारित सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और नवाचार को अपनाने की आवश्यकता है।

 

नौ वर्षों में बदली उत्तर प्रदेश की पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पिछले नौ वर्षों की विकास यात्रा स्वयं बहुत कुछ कहती है। शासन व आमजन के बीच प्रशासनिक अधिकारी सबसे महत्वपूर्ण सेतु होते हैं। यदि यह सेतु मजबूत होगा तो सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा और जनता की धारणा भी सकारात्मक बनेगी। वर्ष 2017 से पहले दो-तीन दशकों तक उत्तर प्रदेश की छवि बेहद नकारात्मक हो गई थी। लोग मानने लगे थे कि देश की कोई भी योजना उत्तर प्रदेश में सफल नहीं हो सकती। इसके लिए केवल प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व भी जिम्मेदार था।

 

अब पहचान का संकट नहीं, टॉप-3 अर्थव्यवस्था में यूपी

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपनी नई पहचान बनाई है। आज प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना चुका है। सुरक्षा, सुशासन, क्राउड मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी आधारित सुधार और प्रशासनिक कार्यप्रणाली के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अब यहां किसी के सामने पहचान का संकट नहीं है। अब कोई इसे बीमारू राज्य नहीं कह सकता। प्रदेश लगातार छह वर्षों से रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बना हुआ है। भारत सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रदेश लगातार पहले या दूसरे स्थान पर रहता है।

 

मिशन कर्मयोगी और आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर भी यूपी नंबर-1

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के मिशन कर्मयोगी के तहत आई-गॉट प्लेटफॉर्म पर क्षमता निर्माण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पहले काफी पीछे था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों से अब देश में पहले स्थान पर है। यह हमारे प्रशासनिक तंत्र की कार्यक्षमता का प्रमाण है। विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के विजन को लेकर प्रदेशभर में व्यापक संवाद अभियान चलाया गया। विधानमंडल से लेकर गांवों की चौपाल तक चर्चा हुई। 300 वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षाविदों और पूर्व अधिकारियों ने विभिन्न वर्गों के बीच जाकर संवाद किया। प्रदेश सरकार के पोर्टल पर 98 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए, जिनके आधार पर विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया।

 

तकनीक ने खत्म किया भ्रष्टाचार, गरीब को मिला अधिकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी आधारित सुधारों ने आमजन के जीवन में बड़ा बदलाव किया है। राशन वितरण में ई-पॉस मशीनें लागू होने से शिकायतें समाप्त हो गईं और गरीबों को उनका पूरा अधिकार मिलने लगा। पहले राशन व्यवस्था में भ्रष्टाचार होता था, लेकिन अब पारदर्शिता आई है और जनता संतुष्ट है। गन्ना किसानों को पहले पर्ची, ब्लैक मार्केटिंग और घटतौली जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब मोबाइल पर ही पूरी जानकारी उपलब्ध हो जाती है। डीबीटी व्यवस्था लागू होने से पेंशन और अन्य योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंच रहा है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है।

 

इन्फ्रास्ट्रक्चर में यूपी बना देश का अग्रणी राज्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाला राज्य है। देश के लगभग 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं। फोर लेन और सिक्स लेन सड़क नेटवर्क तेजी से विकसित हुआ है। मेट्रो, एयरपोर्ट, रैपिड रेल, इनलैंड वॉटरवे जैसी परियोजनाएं उत्तर प्रदेश की नई पहचान बन चुकी हैं और यह सब डबल इंजन सरकार की ताकत का परिणाम है।

 

इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव एसपी गोयल, पूर्व मुख्य सचिव आर. रमणी, अतुल गुप्ता, आलोक रंजन, अनूप चंद्र पांडेय, दुर्गा शंकर मिश्र, मनोज कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में प्रदेश के सेवारत एवं सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी और प्रशिक्षु अधिकारी मौजूद रहे।

जीतू पटवारी के खिलाफ घर में ही बगावत, पूर्व प्रदेश महासचिव राकेश यादव ने छोड़ी पार्टी, कहा राहुल-पटवारी ने कांग्रेस को किया बर्बाद

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी अब अपने घर में ही घिर गए है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच छिड़े विवाद के बीच पूर्व प्रदेश महासचिव ने पार्टी छोड़ दी है। इंदौर से आने वाले  पूर्व प्रदेश महासचिव राकेश सिंह यादव ने करीब 30 साल तक पार्टी से जुड़े रहने के बाद इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भेज दिया है।
 
राकेश यादव ने जीतू पटवारी पर जमीनों की दलाली करने का भी आरोप लगाया है। इस्तीफे के बाद यादव ने कहा कि जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर जो आरोप लगाए, उसे साबित नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि जीतू पटवारी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को विचार करना चाहिए।
 
इस्तीफे को लेकर राकेश सिंह ने मीडिया से कहा कि प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली अनुचित है। पार्टी में समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है। पार्टी पदाधिकारी सारे फैसले एकतरफा ले रहे हैं। यादव ने कहा कि पार्टी ने कार्यकर्ताओं को मीडिया डिबेट से बहिष्कार करने को कहा है, तो हम अपनी बात रखें कैसे। हम देश सेवा के लिए राजनीति करते हैं, हमारा उद्देश्य पैसा कमाना नहीं।
 
राहुल गांधी पर साधा निशाना- कांग्रेस नेता राकेश सिंह यादव ने कहा कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी धृतराष्ट्र हैं। उन्होंने खुली आखों पर पट्टी बांध ली है। इस धृतराष्ट्र ने कई दुर्योधन पैदा कर दिए हैं, जो पार्टी को खा गए हैं। राहुल गांधी को सोचना चाहिए कि किस नेता के हाथ में कमान दे दी है। यह नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ जैसे नेताओं का अपमान करता है। कांग्रेस में रह कर कोई जनहित के काम नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि जीतू पटवारी अध्यक्ष पद के लायक नहीं हैं। उन्होंने प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी पर पद के बदले डिफेंडर लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी में अब पद बेचे जा रहे है।
 

अमरनाथ यात्रा 2026: बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहला जत्था रवाना, PM मोदी ने श्रद्धालुओं को दिए 5 संकल्प

amarnath yatra

Amarnath Yatra 2026 : पहलगाम और बालटाल के लिए अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था पवित्र गुफा के लिए निकला। हर हर महादेव और बम बम भोले के जयकारों के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालु। यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अमरनाथ यात्रियों को पत्र लिखकर कहा कि शिवभक्तों की यह यात्रा हर तरह से सुरक्षित और मंगलमय हो। उन्होंने यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं को 5 संकल्प लेने को कहा। ALSO READ: Top News 3 July: अमरनाथ यात्रा के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब, उत्तर भारत को गर्मी से राहत

 

पीएम मोदी ने पत्र में कहा कि जम्मू-कश्मीर में पवित्र अमरनाथ यात्रा में सम्मिलित होना, अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य होता है। ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन हुई प्रथम पूजा के साथ ही भक्तों के लिए बाबा बर्फानी के दर्शन का क्रम शुरू हो जाता है। देश के कोने-कोने में श्रद्धालु इस पावन यात्रा में सम्मिलित होने के लिए तत्पर रहते हैं। हर वर्ष बाबा बर्फानी के प्रत्यक्ष दर्शन का यह अवसर, लाखों शिवभक्तों के लिए जीवन का एक अत्यंत शुभ और अविस्मरणीय अनुभव होता है। मैं इस वर्ष, यात्रा के इस अवसर पर आप सभी शिवभक्तों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।

 

बाबा अमरनाथ के दर्शन की यह यात्रा, भारत की आध्यात्मिक यात्रा परंपरा का एक शाश्वत अध्याय है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष पूरे विश्व से सनातन संस्कृति को मानने वाले लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में सम्मिलित होने के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। अलग-अलग प्रांतों से, अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले और विविध परंपराओं को मानने वाले लोग, महादेव के दर्शन का संकल्प लेकर इस यात्रा को पूरा करते हैं।

पीएम मोदी ने इन लोगों का अभिनंदन किया

प्रधानमंत्री ने पत्र में कहा कि बीते कई दशकों से, श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड और जम्मू-कश्मीर सरकार बहुत कुशलता और सेवा भाव से यात्रा का प्रबंधन करते आ रहे हैं। इसके साथ ही, यात्रा को सुरक्षित संपन्न कराने में हमारे प्रशासन और सुरक्षाबलों की भी बहुत बड़ी भूमिका रहती है। इस वर्ष भी हजारों साथी इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। मैं इस अवसर पर भारतीय सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी, बीएसएफ, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े चिकित्सकों और कर्मियों, प्रशासन के अधिकारियों, सफाई मित्रों तथा मठों की सेवा में जुड़े हर साथी का हृदय से अभिनंदन करता हूं। इन दो महीनों के दौरान, बाबा बर्फानी के पवित्र धाम में भारत की विविधता में एकता का अद्भुत स्वरूप भी देखने को मिलता है।

बाबा बर्फानी के धाम की यह यात्रा, हमें जम्मू-कश्मीर के आतिथ्य भाव और देशभर से आए भक्तों के समर्पण का भी दर्शन कराती है। यात्रा के हर आयोजन में, जम्मू-कश्मीर के हजारों स्थानीय नागरिक श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले असंख्य भक्त भी, पवित्र गुफा यात्रा मार्गों पर भंडारों और लंगरों का संचालन करते हैं। निःस्वार्थ सेवा की यह भावना, हमारी सनातन संस्कृति और 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' के आदर्श की सजीव अभिव्यक्ति है।

 

अमरनाथ यात्रियों के लिए 5 संकल्प 

पहला संकल्प – हम अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता के नियमों का पालन करें और पूरे यात्रा मार्ग में स्वच्छता बनाए रखने में अपना योगदान दें।

 

दूसरा संकल्प – हम प्रशासन के सभी आदेशों, यातायात के नियमों और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें। यात्रा के दौरान बारिश की वजह से फिसलन और ठंड का विशेष ध्यान रखें।

 

तीसरा संकल्प – हम 'वोकल फॉर लोकल' की भावना से यात्रा के खर्चों का कम से कम 10 प्रतिशत उपयोग स्थानीय उत्पादों को खरीदने में करें। इससे जम्मू-कश्मीर के परिवारों और युवाओं की आजीविका को भी बल मिलेगा।

 

चौथा संकल्प – हम बाबा अमरनाथ यात्रा के समापन दिवस, अर्थात रक्षाबंधन के अवसर पर अपने भाई या बहन को एक पौधा भेंट करें और 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान को आगे बढ़ाएं।

 

पांचवां संकल्प – हम राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ पूरे वर्ष अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें और विकसित भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें। मुझे विश्वास है कि बाबा अमरनाथ की दर्शन यात्रा, सनातन धर्म की आस्था, भारत की सांस्कृतिक एकता और सेवा की परंपरा का एक भव्य महोत्सव बनकर पूर्ण होगी।

 

उन्होंने कहा कि मेरी कामना है, बाबा अमरनाथ की असीम कृपा हम सभी पर बनी रहे। आपकी यात्रा सुरक्षित हो, मंगलमय हो और आपके जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना तथा नई आध्यात्मिक शक्ति का संचार हो।

 

बाबा बर्फानी हम सभी को अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक समर्पित बनाएं, ताकि हम मिलकर विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध कर सकें।

Electric Scooter : बरसात में अपने EV scooter का कैसे रखें ध्यान, जानिए 5 iMP टिप्स

मानसून का मौसम भीषण गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इलेक्ट्रिक स्कूटर (Electric Scooter) चलाने वालों के लिए यह अतिरिक्त सावधानी बरतने का समय भी होता है। मानसून के दौरान सही रखरखाव करने से न केवल बैटरी की उम्र बढ़ती है, बल्कि बेहतर रेंज, सुरक्षित राइडिंग और लंबे समय तक भरोसेमंद प्रदर्शन भी मिलता है। थोड़ी-सी सावधानी आपको भविष्य में होने वाले बड़े खर्च से भी बचा सकती है।

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क्यों जरूरी है बैटरी की देखभाल?

 

इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी उसकी सबसे महंगी और महत्वपूर्ण यूनिट होती है।

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लगातार बारिश, बढ़ी हुई नमी और जलभराव वाली सड़कें इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी और इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर असर डाल सकती हैं। अगर समय रहते सही देखभाल न की जाए तो बैटरी की परफॉर्मेंस, रेंज और लाइफ कम हो सकती है। हालांकि, कुछ आसान मेंटेनेंस टिप्स अपनाकर आप अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर की बैटरी को मानसून के दौरान भी सुरक्षित और बेहतर स्थिति में रख सकते हैं।

 

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1. जलभराव वाली सड़कों पर जाने से बचें

बारिश के दौरान जहां तक संभव हो, गहरे पानी या जलभराव वाली सड़कों पर स्कूटर चलाने से बचें। अधिक पानी इलेक्ट्रिकल पार्ट्स और चार्जिंग पोर्ट को प्रभावित कर सकता है। यदि बारिश में निकलना जरूरी हो तो धीरे-धीरे चलें और वैकल्पिक रास्ता चुनने की कोशिश करें।

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2. हमेशा सूखी जगह पर चार्ज करें

इलेक्ट्रिक स्कूटर को चार्ज करते समय यह सुनिश्चित करें कि चार्जिंग एरिया पूरी तरह सूखा और सुरक्षित हो। बारिश में स्कूटर भीग गया हो तो उसे पहले अच्छी तरह सूखने दें, उसके बाद ही चार्जिंग शुरू करें। साथ ही केवल कंपनी द्वारा दिए गए या अनुशंसित चार्जर का ही उपयोग करें।

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3. स्कूटर को साफ और सूखा रखें

 

बारिश के बाद स्कूटर पर जमा कीचड़, धूल और नमी को मुलायम कपड़े से साफ करें। बैटरी हाउसिंग और वायरिंग के आसपास हाई-प्रेशर पानी का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि इससे पानी संवेदनशील हिस्सों तक पहुंच सकता है।

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4. सही जगह पर पार्क करें

 

मानसून में स्कूटर को हमेशा ढकी हुई, सूखी और हवादार जगह पर पार्क करें। लंबे समय तक खुले में बारिश के बीच स्कूटर खड़ा रखने से बैटरी और इलेक्ट्रिकल पार्ट्स पर नमी का असर पड़ सकता है।

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5. बैटरी को पूरी तरह डिस्चार्ज न होने दें

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अगर कई दिनों तक स्कूटर का इस्तेमाल नहीं करना है तो बैटरी को पूरी तरह खाली न होने दें। समय-समय पर चार्ज लेवल जांचते रहें ताकि बैटरी स्वस्थ बनी रहे और उसकी लाइफ प्रभावित न हो।

Top News 3 July: अमरनाथ यात्रा के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब, उत्तर भारत को गर्मी से राहत

top news 3 july

Top News 3 July : कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा शुरू। उत्तर भारत को गर्मी से राहत। हार्मुज पर ईरान की सख्त चेतावनी। वेनेजुएला में भूंकप के 8 दिन बाद मलबे से जिंदा निकला गार्ड। पुर्तगाल और स्पेन फीफा विश्व कप के अगले दौर में। 3 जुलाई की बड़ी खबरें :

 

अमरनाथ यात्रा शुरू

पहलगाम और बालटाल के लिए अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था पवित्र गुफा के लिए निकला। हर हर महादेव और बम बम भोले के जयकारों के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालु। यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 

 

उत्तर भारत को गर्मी से राहत

जम्मू-कश्मीर में लगातार दूसरे दिन बादल फटने से कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति। उत्तराखंड में खराब मौसम के कारण बदरीनाथ हाईवे साढ़े 11 घंटे बंद रहा। बारिश से पंजाब, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों को भीषण गर्मी से राहत मिली।

 

हार्मुज पर ईरान की सख्त चेतावनी

ईरान के सैन्य कमान ने तेल टैंकरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि हार्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी जहाजों को उसके बताए रास्तों का ही इस्तेमाल करना होगा। अगर कोई जहाज इन नियमों को नहीं मानता है, तो उसे कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

 

8 दिन बाद मलबे से जिंदा निकला सुरक्षा गार्ड

नेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के 8 दिन बाद 43 वर्षीय सुरक्षा गार्ड हर्नान अल्बर्टो गिल फ्लोरेस को मलबे से जिंदा निकाला गया। भूकंप में अब तक 2,295 लोगों की मौत, 11 हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं और राहत-बचाव कार्य जारी है। 

 

पुर्तगाल और स्पेन अगले दौर में

पुर्तगाल ने क्रोएशिया को 2-1 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में प्रवेश किया। क्रिस्टियानो रोनाल्डो और गोंजालो रामोस ने पुर्तगाल के लिए दागे गोल। ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराकर स्पेन भी अगले दौर में पहुंचा। आज स्विट्‍जरलैंड का मुकाबला अल्जिरिया से होगा वहीं अंतिम 16 में पहुंचने के लिए ऑस्ट्रेलिया की भिडंत इजिप्ट होगी।

Indian Navy : भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS त्रिकंड ने अदन की खाड़ी में MV गोल्डन आर्सेनल पर समुद्री डकैती की कोशिश को नाकाम किया

भारतीय नौसेना का अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट INS Trikand ने अदन की खाड़ी (Gulf of Aden) में एक समुद्री डकैती की कोशिश का त्वरित और सफलतापूर्वक जवाब दिया। यह घटना 1 जुलाई 2026 को उस समय हुई जब St. Vincent and the Grenadines के झंडे वाले मालवाहक जहाज MV गोल्डन आर्सेनल पर अज्ञात समुद्री लुटेरों ने हमला करने का प्रयास किया। यह जहाज यमन के अदन बंदरगाह से यात्रा कर रहा था और लगभग 300 समुद्री मील उत्तर-पूर्व दिशा में जिबूती के पास इस हमले की सूचना दी गई।

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भारतीय नौसेना ने यह कार्रवाई सूचना संलयन केंद्र – हिंद महासागर क्षेत्र (IFC-IOR) के समन्वय से शुरू की, जिसके बाद क्षेत्र में तैनात INS त्रिकंड को तुरंत जहाज की ओर भेजा गया।

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हमले के दौरान जहाज पर मौजूद 21 क्रू मेंबरों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल था। हमले में जहाज के ब्रिज सुपर-स्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा, लेकिन सभी चालक दल ने तुरंत जहाज के सुरक्षित “सिटाडेल” क्षेत्र में शरण ली और सुरक्षित रहे। 2 जुलाई 2026 की सुबह INS त्रिकंड की एक बोर्डिंग टीम ने MV गोल्डन आर्सेनल पर पहुंचकर पूरे जहाज की जांच (sanitisation operation) की। जांच में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला।

इसके बाद चालक दल सुरक्षित रूप से बाहर आया और नौसेना कर्मियों के साथ मिलकर जहाज की स्थिति का आकलन किया। स्थिति की निगरानी को और मजबूत करने के लिए भारतीय नौसेना ने P-8I मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट भी तैनात किया, जिसने क्षेत्र में हवाई निगरानी और समुद्री गतिविधियों पर नजर रखी।

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सभी आवश्यक जांच और सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद INS त्रिकंड का एंटी-पायरेसी ऑपरेशन समाप्त कर दिया गया और MV गोल्डन आर्सेनल ने अपनी आगे की यात्रा फिर से शुरू कर दी। भारतीय नौसेना ने दोहराया कि वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर व्यापारी जहाजों की सुरक्षा, समुद्री डकैती के खिलाफ कार्रवाई और सभी नाविकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।