त्योहारों में महंगे हवाई टिकट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार से 2 हफ्ते में मांगे नए एयरफेयर नियम

supreme court on air fare

त्योहारों और छुट्टियों के दौरान एयरलाइंस कंपनियों द्वारा बढ़ाए जाने वाले हवाई किराए पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को 2 हफ्तों के भीतर नए एयरफेयर नियम सीलबंद लिफाफे में पेश करने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी। ALSO READ: हार्मुज स्ट्रेट में UAE के 2 तेल टैंकरों पर ईरानी मिसाइल हमला, 1 भारतीय की मौत; अमेरिका ने नाकेबंदी का किया ऐलान

 

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच इस मामले से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान जब केंद्र ने बताया कि हवाई किराया कंट्रोल करने के नियम तैयार हैं और इन्हें 30 दिन में संसद में पेश किया जाएगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नियम संसद में पेश हों या न हो, लेकिन सरकार को अगले 2 हफ्तों के भीतर इसकी एक कॉपी 'सीलबंद लिफाफे' में कोर्ट में जमा करनी होगी।

 

क्या थी याचिकाकर्ता की मांग?

सोशल एक्टिविस्ट एस लक्ष्मीनारायणन ने एयरलाइंस कंपनियों की ओर से टिकटों के दामों में उतार-चढ़ाव और यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका लगाई थी।

याचिका में किराए की अधिकतम सीमा तय करने, यात्रियों के मुफ्त चेक इन सामान का वजन दोबारा 25 किलोग्राम करने जैसी मांगें भी की गई हैं। उन्होंने देश में एक ऐसे मजबूत और स्वतंत्र रेगुलेटर बनाने की मांग की थी, जो एयरलाइनों के किराए और एक्स्ट्रा चार्जेस पर निगरानी रखे। ALSO READ: SBI Funds Management IPO खुला: 11,693 करोड़ के इश्यू पर दांव लगाने से पहले जानें GMP, प्राइस बैंड और लिस्टिंग डेट

 

किरायों में भारी उछाल यात्रियों का शोषण

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने बेंच से कहा- हवाई किराया 300% तक बढ़ जाता है। इस पर बेंच ने मजाक में कहा- वकीलों की फीस भी कई बार 400% तक बढ़ जाती है, अब क्या किया जाए। कोर्ट ने त्योहारों और छुट्टियों के दौरान किरायों में भारी उछाल को यात्रियों का शोषण करार दिया था। ALSO READ: 900 साल पुरानी मूर्ति का रहस्य सुलझा, सरस्वतीजी की समझी जाने वाली मूर्ति निकली देवी गायत्री की दुर्लभ प्रतिमा

कोर्ट ने केंद्र और डीजीसीए से इस पर विचार के लिए कहा था। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया था कि 'भारतीय वायुयान कानून, 2024' लागू हो चुका है। उसके आधार पर नए नियम बनाए जा रहे हैं।

LIVE: उत्तर भारत में फिर कमजोर पड़ा दक्षिण-पश्चिम मानसून

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Latest News Today Live Updates in Hindi : उत्तर भारत में एक बार फिर दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ गया है। हरियाणा, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में उमस भरी गर्मी से लोग परेशान दिखे। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और वहां मूसलाधार बारिश हो रही है। पल पल की जानकारी…

वियतनाम में नाव पलटने से मारे गए आंध्र प्रदेश के तीन लोगों के पार्थिव शरीर RGI एयरपोर्ट पर पहुंचे और अधिकारियों ने उन्हें उनके परिवार वालों को सौंप दिया।कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी इंदौर से भोपाल की जेन ज़ी साइक्लोथॉन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह छात्रों की गूंज की शुरूआत और संकल्प है। प्रदेश में 25 सालों से भाजपा की सरकार है। मध्य प्रदेश में पेपर माफिया और नौकरियों में धांधली चल रही है। यह चिंता का विषय है। यह राजनीतिक यात्रा नहीं बल्कि शिक्षा को बचाने की यात्रा है। जो अमीर है उसके पास शिक्षा है और गरीबों के पास केवल मजदूरी है। ऐसा 80 साल की आजादी के बाद है। मध्य प्रदेश में शिक्षा को लेकर अराजकता है।

-उत्तर भारत में एक बार फिर दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ गया है।

-पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और वहां मूसलधार बारिश हो रही है। 

-राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई हिस्सों में मंगलवार सुबह बारिश हुई। 

Strait of Hormuz : ईरान को ट्रंप की चेतावनी, अमेरिका बनेगा ‘हॉर्मुज का गार्जियन’, मिडिल ईस्ट तनाव बढ़ा तनाव

iran stops pakistan ship in hormuz

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की नौसैनिक नाकाबंदी (Naval Blockade) दोबारा शुरू करेगा और अब से खुद को 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का संरक्षक' के रूप में स्थापित करेगा। ट्रंप ने यह घोषणा Fox News को दिए एक इंटरव्यू और अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर की। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य हमलों का दौर तेज हो गया है।

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ट्रंप बोले- ईरान की नाकाबंदी फिर होगी लागू

ट्रंप ने Truth Social पर लिखा कि अमेरिका “ईरानी नाकाबंदी” को फिर से लागू कर रहा है, जिसके तहत ईरान के जहाजों और उनसे जुड़े ग्राहकों की आवाजाही पर रोक लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अब से अमेरिका हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा का जिम्मा संभालेगा। इसके बदले इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले सभी माल पर 20 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा, ताकि सुरक्षा व्यवस्था पर होने वाले खर्च की भरपाई की जा सके। ट्रंप ने कहा कि इस योजना को तत्काल प्रभाव से लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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हॉर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है अहम?

हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक स्तर पर होने वाले करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस निर्यात इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। ऐसे में यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकता है।

अमेरिका-ईरान संघर्ष फिर बढ़ा

रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन, कुवैत, ओमान और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं अमेरिकी सेना ने ईरान के तटीय बंदरगाह वाले इलाकों पर हमले किए। इन हमलों के बाद दोनों देशों के बीच चल रही संघर्ष विराम (Ceasefire) वार्ता पर भी संकट गहरा गया है।

donald trump

पहले हुआ था समझौता

दोनों देशों ने पिछले महीने एक प्रारंभिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें लड़ाई रोकने, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को व्यापारिक जहाजों के लिए खोलने पर सहमति बनी थी। हालांकि, अमेरिका द्वारा नाकाबंदी दोबारा लागू करने की घोषणा से इस समझौते के महत्वपूर्ण प्रावधानों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

ईरान ने दी कड़ी चेतावनी

ईरान के संयुक्त सैन्य कमान खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि वह किसी भी स्थिति में हॉर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन में अमेरिकी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेगा। ईरानी सेना ने कहा कि यदि अमेरिका या उसके सहयोगी देशों ने ईरान की अनुमति के बिना इस क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई की या व्यापारिक जहाजों की आवाजाही में बाधा डाली, तो इसका कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। ईरान ने क्षेत्रीय देशों को भी चेतावनी दी कि यदि उन्होंने अमेरिका को किसी प्रकार का सैन्य या लॉजिस्टिक सहयोग दिया, तो उसे ईरान की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ युद्ध जैसी कार्रवाई माना जाएगा।

EPFO का बड़ा अपडेट, नौकरी बदलने पर अब 2 तरीकों से करें PF ट्रांसफर, मिनटों में होगा पूरा प्रोसेस

epfo

अगर आपने हाल ही में नौकरी बदली है, तो अब आपका Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) में जमा Provident Fund (PF) बैलेंस ट्रांसफर करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। EPFO के नए सदस्य पोर्टल पर कर्मचारियों को अपने पुराने नियोक्ता (Employer) के PF खाते से नए खाते में राशि ट्रांसफर करने के लिए दो आसान विकल्प दिए गए हैं।

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EPFO का कहना है कि इस नए फीचर का उद्देश्य PF ट्रांसफर प्रक्रिया को सरल बनाना, कागजी कार्रवाई कम करना और कर्मचारियों की रिटायरमेंट बचत को बिना किसी अनावश्यक देरी के एक ही खाते में समेकित करना है।

 

EPFO पोर्टल में हुआ बड़ा अपग्रेड

 

हाल ही में EPFO के सदस्य पोर्टल में डेटाबेस कंसोलिडेशन और सॉफ्टवेयर अपग्रेड किया गया था। इस दौरान पोर्टल लगभग दो सप्ताह तक प्रभावित रहा और ऑनलाइन सेवाओं की बहाली में कई बार देरी हुई। अब पोर्टल की सेवाएं फिर से शुरू हो चुकी हैं। हालांकि EPFO ने कहा है कि फिलहाल PF क्लेम और अन्य ऑनलाइन सेवाओं के निपटान में कुछ समय लग सकता है।

 

नौकरी बदलने पर PF बैलेंस ट्रांसफर करने के दो तरीके

 

PF ट्रांसफर शुरू करने से पहले कर्मचारियों को अपने Universal Account Number (UAN) की मदद से EPFO सदस्य पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। इसके बाद वे निम्नलिखित दो तरीकों में से किसी एक का उपयोग कर सकते हैं।

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1. 'Request for Transfer of Account' विकल्प
 

2. 'Member Service History' के जरिए

 

EPFO 3.0 में कर्मचारियों को Member Service History सेक्शन में अपने पुराने और वर्तमान रोजगार की पूरी जानकारी देखने की सुविधा मिलती है।

 

  • यदि कोई PF ट्रांसफर लंबित नहीं होगा तो स्टेटस “No” दिखाई देगा।
  • इसके बाद Claim लिंक पर क्लिक करें।
  • Form 13 के जरिए Service Transfer Claim दर्ज करें।
  • इसके बाद आपकी PF ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
  • UAN नहीं पता तो क्या करें?

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अगर आपको अपना Universal Account Number (UAN) याद नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप इसे—

 

  • अपनी नवीनतम Salary Slip में देख सकते हैं।
  • या फिर अपने Employer (नियोक्ता) से प्राप्त कर सकते हैं।
  • कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?
  • PF ट्रांसफर की प्रक्रिया होगी आसान।
  • कागजी कार्रवाई में होगी कमी।
  • पुराने और नए PF खाते को एक जगह समेकित करना होगा सरल।
  • रिटायरमेंट सेविंग्स का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा।
  • नौकरी बदलने पर PF ट्रांसफर में देरी की संभावना होगी कम।

Bankipur by-election: कितनी है प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी की संपत्ति? जाह्नवी ज्यादा अमीर, चुनावी हलफनामे में हुआ खुलासा

prashant kishor net worth: बिहार की राजनीति में इस समय पटना की हाईप्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट का उपचुनाव सबसे बड़ा हॉट टॉपिक बना हुआ है। वजह हैं चुनावी रणनीतिकार से नेता बने जन सुराज पार्टी (JSP) के प्रमुख प्रशांत किशोर यानी पीके। सोमवार को जब प्रशांत अपनी पत्नी डॉक्टर जाह्नवी दास के साथ बांकीपुर सीट से नामांकन दाखिल करने पहुंचे, तो सबके मन में एक ही सवाल था कि राजनीतिक दलों की किस्मत बदलने वाले 'पीके' के पास खुद कितनी दौलत है? आपको बता दें कि बांकीपुर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि परिणाम 3 अगस्त को आएगा। 

 

हालांकि उनके चुनावी हलफनामे के बाद उनकी संपत्ति से जुड़ा सस्पेंस अब पूरी तरह खत्म हो गया है। हलफनामे के मुताबिक, प्रशांत किशोर और उनकी डॉक्टर पत्नी जाह्नवी दास मिलकर करीब 198 करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक हैं। दिलचस्प बात यह है कि संपत्ति के मामले में पत्नी जाह्नवी पति प्रशांत किशोर से भी एक कदम आगे हैं। नामांकन के दौरान प्रशांत किशोर की कुर्सी पर हाथ टिकाकर उनके साथ मजबूती से खड़ीं डॉक्टर जाह्नवी दास पीके के राजनीतिक सफर में तो उनके साथ हैं, लेकिन नेटवर्थ के मामले में उनसे आगे हैं। ALSO READ: Bankipur by-election : प्रशांत किशोर की पहली चुनावी परीक्षा, बांकीपुर उपचुनाव में दांव पर जनसुराज का भविष्य, क्या है पार्टी की रणनीति

कितनी है दोनों की संपत्ति 

डॉक्टर जाह्नवी दास की कुल संपत्ति 101.93 करोड़ रुपए है। उनके पास 89.51 करोड़ रुपए की चल संपत्ति और 12.42 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। उन पर 55 लाख रुपए का कर्ज भी है।  प्रशांत किशोर पीके के पास अपने नाम पर 22.19 करोड़ की चल और 73.87 करोड़ की अचल संपत्ति है। प्रशांत किशोर पर 5.77 करोड़ रुपए का कर्ज भी है। उनकी कुल संपत्ति 96.07 करोड़ रुपए है। 

क्या है कमाई का जरिया

लंबे समय तक पर्दे के पीछे रहकर देश के बड़े-बड़े नेताओं के लिए चुनावी रणनीति बनाने वाले प्रशांत किशोर ने अपनी कमाई का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया है। पीके ने बताया कि उन्होंने राजनीतिक सलाह देने के अपने पेशे से तीन साल में 241 करोड़ रुपए कमाए थे। उन्होंने वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच 4.45 करोड़ रुपए का इनकम टैक्स और 5.58 करोड़ रुपये का GST भरा है।

100% ऑनरशिप वाली कंपनी

प्रशांत किशोर के पास 'वेदहास वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड' नाम की कंपनी में शत-प्रतिशत शेयर हैं। इसी कंपनी के जरिए उन्होंने साल 2024-25 में अपनी ही 'जन सुराज पार्टी' को 85 करोड़ रुपए और 'जन सुराज फाउंडेशन' को 50 लाख रुपए का चंदा दिया। चंपारण में उपवास रखने के बाद प्रशांत किशोर ने एक बेहद चौंकाने वाला एलान किया था। उन्होंने घोषणा की है कि वे अपने घर को छोड़कर अपनी सारी संपत्ति जन सुराज पार्टी को दान कर रहे हैं। इसके साथ ही अगले 5 सालों तक कन्सल्टेंसी (सलाह) से होने वाली अपनी कमाई का 90 फीसदी हिस्सा भी वह पार्टी को दान कर देंगे। इससे पहले भी वह अपनी कमाई में से 98 करोड़ रुपए पार्टी को चंदे के रूप में दे चुके हैं।

भाजपा के गढ़ में पीके की चुनौती

दूसरों को चुनाव लड़वाने और जितवाने का दावा करने वाले प्रशांत किशोर का जीवन का यह पहला चुनाव है। सुबह-सुबह सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर में पत्नी के साथ पूजा-अर्चना करने के बाद पीके ने सीधे बीजेपी के इस पारंपरिक गढ़ में हुंकार भरी। यह सीट भाजपा के वर्तमान अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।

 

भाजपा के लिए इस सीट पर ड्रामा कम नहीं रहा। पार्टी ने पहले अभिषेक बंटी को उतारा, जिन्होंने 24 घंटे में मैदान छोड़ दिया। अब युवा चेहरे नीरज सिन्हा को टिकट दिया है। वहीं लालू यादव की आरजेडी ने रेखा गुप्ता को मैदान में उतारा है। 

योगी के नेतृत्व में सबसे बड़ा जल संरक्षण अभियान, देश के 27% अमृत सरोवर यूपी में

amrit sarovar uttar pradesh: उत्तर प्रदेश ने जल संरक्षण के क्षेत्र में ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसने पूरे देश के लिए एक नया मॉडल तैयार कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रिकॉर्ड 20 हजार अमृत सरोवर बनाए जा चुके हैं और पिछले पांच वर्षों में करीब पौने दो लाख तालाबों का निर्माण व जीर्णोद्धार किया गया है। अमृत सरोवरों के निर्माण में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है और पूरे देश के कुल अमृत सरोवरों में करीब 27 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले उत्तर प्रदेश की है।

 

पिछले पांच वित्तीय वर्षों में जल संबंधी कार्यों पर 16 हजार करोड़ रुपए से अधिक का काम किया गया, जिससे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदल रही है। जल संरक्षण की इस व्यापक मुहिम का असर अब खेती, भूजल स्तर, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है।

 

जल संरक्षण बढ़ाने के लिए पहले मनरेगा के तहत कुल 266 अनुमन्य कार्यों में से 78 कार्य जल संरक्षण से संबंधित रहे। वहीं, अब वीबी-जीराम-जी के तहत कुल 318 अनुमन्य कार्य हैं, जिनमें से 107 कार्य जल सुरक्षा एवं जल संरक्षण से संबंधित हैं। इनमें चेक डैम का निर्माण, सोक पिट का निर्माण, रुफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर, तालाब का निर्माण, जलाशयों का पुनरोद्धार, बांधों का निर्माण, मेड़बन्दी, पौधारोपण शामिल हैं।

yogi adityanath in rampur

उत्तर प्रदेश ने अन्य राज्यों को काफी पीछे छोड़ा

जल संरक्षण के मामले में उत्तर प्रदेश ने अन्य राज्यों को काफी पीछे छोड़ दिया है। अमृत सरोवरों के निर्माण में दूसरे स्थान पर मध्य प्रदेश है, जिसकी तुलना में उत्तर प्रदेश लगभग तीन गुना आगे है। यह उपलब्धि केवल सरकारी निर्माण कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव में जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन को जनभागीदारी से जोड़ने का परिणाम है।

हर गांव में जल संरक्षण बना जन आंदोलन

योगी सरकार ने अमृत सरोवर योजना को केवल एक निर्माण परियोजना नहीं रहने दिया, बल्कि इसे जनभागीदारी का अभियान बनाया। गांवों में पुराने तालाबों का पुनर्जीवन, नए जलाशयों का निर्माण, वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों के संरक्षण को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ी और जल संकट से जूझ रहे इलाकों को स्थायी समाधान मिलने लगा।

खेती, भूजल और पर्यावरण को मिल रहा बड़ा सहारा

अमृत सरोवरों और तालाबों के निर्माण का सबसे बड़ा लाभ कृषि क्षेत्र को मिला है। सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसानों को राहत मिली है और भूजल स्तर में व्यापक सुधार आया है। जलाशयों के आसपास हरियाली बढ़ी है, जैव विविधता को बढ़ावा मिला है और स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण को नई मजबूती मिली है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला नया आधार

जल संरक्षण अभियान का सकारात्मक प्रभाव ग्रामीण आजीविका पर भी पड़ा है। अमृत सरोवरों में मत्स्य पालन, पशुपालन, सिंचाई और अन्य आजीविका गतिविधियों के नए अवसर विकसित हुए हैं। वीबी-जीराम-जी के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिला, जबकि जल उपलब्धता बढ़ने से कृषि उत्पादन और किसानों की आय में भी काफी वृद्धि हुई है।

जल संरक्षण में राष्ट्रीय मॉडल बना उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश ने जल संरक्षण को विकास, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़कर एक ऐसा मॉडल तैयार किया है, जिसे देश के अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया जा रहा है। अमृत सरोवरों, तालाबों के पुनर्जीवन और व्यापक जल संरक्षण कार्यों ने यह साबित किया है कि सुनियोजित नीति, जनभागीदारी और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से जल संकट का स्थायी समाधान संभव है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा है।

दतिया से टिकट कटने पर छलक आएं नरोत्तम मिश्रा के आँसू, आशुतोष तिवारी की नामांकन रैली में मंच पर हुए भावुक

भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्म्मीदवार आशुतोष तिवारी की नामांकन सभा में पूर्व गृहमंत्री और दतिया से 15 साल विधायक रहे नरोत्तम मिश्रा रो दिए। टिकट कटने के बाद पहली बार दतिया में चुनावी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पहले नरोत्तम मिश्रा ने दतिया में पिछले 15 सालों में किए गए विकास कार्यों को गिनाया। इस दौरान नरोत्तम मिश्रा का दतिया से टिकट कटने का दर्द बाहर आ गया और उनका गला रुंध गया और भाषण खत्म-खत्म करते हुए वह रो दिए। 
 

नरोत्तम मिश्रा ने दतिया की जनता को संबोधित करते हुए “पार्टी ने बहुत दिया है, पार्टी ने 30 साल विधायक बनाकर रखा, जो पार्टी 15 साल तक मंत्री बनाकर रखेगी और क्या चाहिए पार्टी से। रात-दिन  भाजपा की सेवा करके एक कार्यकर्ता प्राण झोंक देगा आशुतोष भैय्या के लिए। प्राण झोंक दिए जाएंगे आशुतोष भैय्या के लिए। यह भ्रम और मुगालते में कोई नहीं रहे कि कोई कार्यकर्ता घर बैंठेगा। 16 जुलाई से स्वयं यहीं पर डेरा जमाएंगे सारे कार्यकर्ताओं  के साथ में। मेरे दतिया के मालिकों एक-एक दरवाजे पर अपना शीश नाऊंगा, एक-एक गांव के अंदर जाऊंगा और आशुतोष को जीताऊंगा”।

 

चलती ट्रेन में पूजा का वायरल वीडियो: रेलवे ने बताया पूरा सच, 3 लाख में बुक था लग्जरी सैलून कोच; जानिए क्या हैं नियम

worship in train

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इन दिनों चलती ट्रेन में पूजा का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक पुजारी ट्रेन के अंदर भगवान की मूर्ति के सामने अभिषेक और पूजा करते नजर आ रहे हैं। इसे देखकर कई लोगों ने सवाल उठाए कि क्या ट्रेन में इस तरह पूजा करना नियमों के खिलाफ है और क्या इससे यात्रियों की सुरक्षा पर असर पड़ा? ALSO READ: अब इस तरह होगी अयोध्या राम मंदिर में CEO की नियुक्ति, कौन कर सकता है इस पद के लिए आवेदन

 

रेलवे ने इस पर जानकारी देते हुए कहा कि कोच को नियमों के तहत बुक किया गया था। इससे किसी यात्री की सुरक्षा या ट्रेन के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है। वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे पुजारी उसी बुक किए गए सैलून कार में पूजा कर रहे थे। इससे किसी अन्य यात्री या ट्रेन के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा।

 

3 लाख में बुक किया था सैलून

नॉर्दर्न रेलवे के मुताबिक, यह सैलून कार 8 जुलाई 2026 को IRCTC के जरिए कमर्शियल बुकिंग के तहत रिजर्व किया गया था। इसके लिए पार्टी ने 3,08,580 रुपए एडवांस जमा किए थे। यह सैलून कोच 10 जुलाई को नई दिल्ली (NDLS) से मुंबई (BDTS) जाने वाली ट्रेन संख्या 12926 पश्चिम एक्सप्रेस में एक तरफ की यात्रा के लिए जोड़ा गया था। ALSO READ: 'स्पर्मागेडन' का सच : क्या सच में खत्म हो रही है पुरुषों की प्रजनन क्षमता? जानिए वैज्ञानिकों का हैरान करने वाला दावा

 

गौरतलब है कि सैलून कोच रेलवे का लग्जरी डिब्बा होता है, जिसे आम लोग भी बुक कर सकते हैं। इसमें बेडरूम, बाथरूम, किचन और बैठने की सुविधाएं मिलती हैं। शादी, पारिवारिक यात्रा, धार्मिक कार्यक्रम, ग्रुप टूर या किसी खास मौके के लिए लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। किराया यात्रा की दूरी और अवधि के अनुसार तय होता है। अगर आप छोटे ग्रुप के साथ यात्रा कर रहे हैं, तो पूरा कोच करने की बजाय सैलून कार भी बुक करा सकते हैं। आम तौर पर 3 रात और 4 दिन की यात्रा के लिए इसकी लागत करीब 1.7 लाख से 2 लाख रुपए के बीच हो सकती है।

 

इससे पहले चलती ट्रेन के सैलून कोच में सुहागरात की सजावट का वीडियो भी वायरल हुआ था। इस मामले में कार्रवाई करते हुए रेलवे ने एक टीटीई को सस्पेंड कर दिया था।

तमिलनाडु में गो-हत्या पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: हाई कोर्ट के पूर्ण प्रतिबंध वाले आदेश पर लगाई रोक

Supreme Court on cow slaughter

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को राज्य में गो-हत्या रोकने के लिए मद्रास हाई कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देश पर रोक लगा दी है। राज्य में अब गो-हत्या पर हाई कोर्ट के आदेश की वजह से बकरीद के समय लगा प्रतिबंध हट गया है। ALSO READ: अब इस तरह होगी अयोध्या राम मंदिर में CEO की नियुक्ति, कौन कर सकता है इस पद के लिए आवेदन

 

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई तक हाईकोर्ट के फैसले के प्रभाव पर रोक लगाने का आदेश दिया।

 

विजय सरकार ने दी थी हाईकोर्ट के फैसले को  चुनौती

तमिलनाडु की सी जोसेफ विजय सरकार ने प्रदेश में गाय और बछड़े की हत्या पर पूरी तरह से बैन लगाने के मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस केस में तमिलनाडु सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने पैरवी की थी। ALSO READ: भारत में फिर बढ़ने लगे कोरोना के मामले: कुमार सानू के बेटे जान अस्पताल में भर्ती

 

क्या थी सिंंघवी की दलील?

सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि हाई कोर्ट का आदेश तमिलनाडु एनिमल प्रिजर्वेशन एक्ट,1958 का विरोधाभासी है। इसके तहत सक्षम अधिकारी द्वारा जारी सर्टिफिकेट के आधार पर 10 साल से ज्यादा उम्र की वह गाय, जो कि काम में इस्तेमाल या बच्चा देने लायक नहीं हैं, उनकी हत्या की अनुमति है। सरकार ने यह भी तर्क दिया कि मौजूदा कानून पशुओं के वध को नियंत्रित करते हैं, लेकिन वे इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रावधान नहीं करते।

 

गौरतलब है कि मद्रास हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने के बाद 27 मई, 2027 को तमिलनाडु में गो-हत्या पर पूर्ण पाबंदी वाला आदेश जारी किया था। अपने आदेश में मद्रास हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के उन फैसलों को भी शामिल किया था, जिसमें कहा गया था कि बकरीद के लिए गाय की कुर्बानी आवश्यक नहीं है।

भारत में फिर बढ़ने लगे कोरोना के मामले: कुमार सानू के बेटे जान अस्पताल में भर्ती

corona virus and jaan kumar shanu

महाराष्‍ट्र, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में एक बार फिर कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती नजर आ रही है। मशहूर सिंगर कुमार सानू के बेटे जान को कोरोना संक्रमण की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई राज्यों में कोरोना संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय भी अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है। ALSO READ: 'अगर आप ऐसा सोचते हैं तो मैं आत्महत्या कर लूंगा…' मनमोहन सिंह को लेकर SY कुरैशी की नई किताब में बड़ा खुलासा

 

सिंगर जान कोरोना की चपेट में

फेमस सिंगर कुमार सानू के बेटे और पूर्व बिग बॉस कंटेस्टेंट जान कुमार को कोविड19 की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जान ने एक तस्वीर शेयर की और हेल्थ अपडेट शेयर किया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा, 'चीन से आया मेरा दोस्त… कोविड को सलाम करो।' जान ने अस्पताल में भर्ती होने और अपने कपड़ों पर भी चुटकी ली। उन्होंने लिखा, 'आज का लुक – मेरे पसंदीदा डिजाइनर कोकिलाबेन अस्पताल का है। यहां मैं वुहान वाले कोविड की वजह से एडमिट हुआ हूं।'

 

यूपी में भी मिला कोरोना मरीज

उत्तर प्रदेश में भी कोरोना का एक मामला सामने आया है। 27 वर्षीय युवक को सांस लेने में तकलीफ के बाद वाराणसी के बीएचयू में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, हर माह 1 या 2 कोरोना के मरीज मिल रहे हैं। ALSO READ: मास्क पहनकर आम यात्री बने मंत्री, कंडक्टर ने छुट्टे न होने पर उतारा; ड्राइवर-कंडक्टर सस्पेंड

 

आंध्र में कोरोना के 8 एक्टिव केसेस

हाल ही में आंध्र प्रदेश से भी कोरोना वायरस के नए मामलों की जानकारी सामने आई है। यहां 8 एक्टिव केस दर्ज किए गए हैं। वहीं, 2 लोगों की मौत की भी पुष्टि हुई है। कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्‍या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर हैं।

 

गौरतलब है कि कोरोना का सबसे पहला मामला दिसंबर 2019 में चीन के वुहान शहर में आया था। 30 जनवरी 2020 को भारत में कोविड-19 का पहला मरीज मिला था। अभी तक कोरोना वायरस के हजारों वैरिएंट सामने आ चुके हैं। इनमें से अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा और ओमिक्रॉन आदि सभी वैरिएंट को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्पेशल कैटिगरी में रखा है।