विश्व युवा कौशल दिवस पर योगी सरकार की बड़ी उपलब्धि, 75 जिलों के 10283 युवाओं को मिला रोजगार

Yogi government's major achievement on World Youth Skills Day

– कौशल विकास मिशन की ओर से प्रदेशभर में 13 से 15 जुलाई तक आयोजित हुआ 3 दिवसीय रोजगार मेला, 830 कंपनियों ने की शिरकत

– दूसरे दिन 14 जुलाई को रिकॉर्ड 8,912 युवाओं को मिला रोजगार, प्रयागराज में सबसे ज्यादा 728 चयन

– योगी सरकार में बदली युवाओं की तस्वीर, हुनर से मिल रहा रोजगार और सम्मान

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में विश्व युवा कौशल दिवस (15 जुलाई) के अवसर पर उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम), डीडीयू जीकेवाई और राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के संयुक्त तत्वावधान में 13 से 15 जुलाई तक तीन दिवसीय राज्यव्यापी रोजगार मेले का सफल आयोजन किया गया।

 

इस महाअभियान में प्रदेश के सभी 75 जिलों के युवाओं को शामिल किया गया। देश-विदेश की कुल 830 प्रतिष्ठित कंपनियों ने हिस्सेदारी की, जिसके माध्यम से कुल 10,283 योग्य अभ्यर्थियों का विभिन्न पदों के लिए अंतिम चयन किया गया।

 

इस उपलब्धि पर व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदली है। आज प्रदेश का युवा हुनर से रोजगार और स्वरोजगार पा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्किल इंडिया’ और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के विजन के तहत ‘सबको हुनर, सबको काम’ के संकल्प को नई गति दी गई है।

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मंत्री अग्रवाल ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में 20 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देकर 12.50 लाख को रोजगार दिलाया गया है। टाटा समूह के साथ 7000 करोड़ का सीएसआर एमओयू, 225 आईटीआई का अपग्रेडेशन, एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे फ्यूचरिस्टिक कोर्स और ब्लू डॉट सॉफ्टवेयर जैसी पहल से युवाओं को सीधे कंपनियों से जोड़ा जा रहा है।

 

तीन चरणों में चला रोजगार का महाअभियान

पहला चरण (13 जुलाई) : अभियान के पहले दिन प्रदेश के 9 जिलों – सम्भल, गोंडा, सुल्तानपुर, मऊ, फर्रुखाबाद, औरैया, उन्नाव, चंदौली और देवरिया में रोजगार मेले आयोजित हुए। इसमें 107 प्रमुख कंपनियों ने हिस्सा लिया और कुल 1,071 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए। पहले दिन देवरिया में जबरदस्त उत्साह देखा गया, जहाँ रिकॉर्ड 303 अभ्यर्थियों का चयन हुआ।

 

दूसरा चरण (14 जुलाई) : 14 जुलाई को व्यापक स्तर पर अभियान चला। प्रदेश के 63 जिलों में एक साथ मेले आयोजित हुए। इस एक दिन में 689 बड़ी कंपनियों ने शिरकत की और रिकॉर्ड 8,912 अभ्यर्थियों को नौकरी मिली। इस चरण में प्रयागराज पूरे प्रदेश में शीर्ष पर रहा, जहाँ अकेले 22 कंपनियों ने 1,185 युवाओं का चयन किया। इसके साथ ही वाराणसी में 674 और गोरखपुर में 317 युवाओं को रोजगार मिला।

 

तीसरा चरण (15 जुलाई) : विश्व युवा कौशल दिवस पर 15 जुलाई को अमेठी, पीलीभीत और इटावा समेत 3 जिलों में रोजगार मेला आयोजित हुआ। अंतिम दिन 34 कंपनियों की भागीदारी से कुल 300 युवाओं का चयन हुआ, जिसमें पीलीभीत के 138 युवा शामिल रहे।

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मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन पुलकित खरे ने कहा कि ‘सबको हुनर, सबको काम’ के संकल्प के तहत 3 दिवसीय मेले में 10,283 युवाओं का चयन बड़ी उपलब्धि है। यूपी का युवा आज तकनीकी रूप से दक्ष और आत्मनिर्भर है। हमारा लक्ष्य हर कुशल हाथ को सही मंच और सीधा रोजगार देना है।

बेमिसाल बच्‍चे अदृश्‍य शक्‍तियों से मचाएंगे धमाल, अभिषेक छजलानी की कॉमिक्‍स में खुलेंगे रहस्‍य, देश के दुश्‍मनों को देंगे पटखनी

Abhishek Chhajlani

अभिषेक छजलानी उस दौर में पले-बढ़े हैं जब बच्‍चे फेसबुक, इंस्‍टाग्राम और व्‍हाट्सएप के नहीं, बल्‍कि कॉमिक्‍स की रोमांचक दुनिया के दीवाने थे। दिन-रात कॉमिक्‍स की दुनिया में खोए रहना और फिर दोस्‍तों के साथ उनके रोमांचक किस्‍सों और रहस्‍यों को शेयर करना।

अभिषेक खुद कॉमिक्‍स के इतने दीवाने रहे हैं कि घर से मिली अपनी पॉकेट मनी से कॉमिक्‍स खरीद लिया करते थे। उनकी इस दीवानगी खुद उन्‍हें कॉमिक्‍स राइटर बना दिया है। वे शुरू से चाहते थे कि बच्‍चों के लिए साहित्‍य, कविता और कहानियां लिखे, फिलहाल उन्‍होंने कॉमिक्‍स से शुरुआत की है। हाल ही में उनकी पहली कॉमिक्‍स बे-मिसाल बच्‍चे पंक्‍ति प्रकाशन से प्रकाशित होकर बाजार में आई है। आते ही यह कॉमिक्‍स बच्‍चों में खूब पसंद की जा रही है।फिलहाल इसका भाग एक आया है, अब बच्‍चों को इसके दूसरे भाग का बेसब्री से इंतजार है।

इस मौके पर वेबदुनिया ने बे-मिसाल बच्‍चे कॉमिक्‍स के लेखक अभिषेक छजलानी से चर्चा की। उन्‍होंने बताया कि वे बचपन के दिनों से ही कॉमिक्‍स को लेकर दीवाने रहे हैं। कॉमिक्‍स का एक अलग ही मजा है, यह न सिर्फ मनोरंजन की बात है, बल्‍कि बच्‍चों के लिए अपने बचपन को सहेजने और बाद में उसे रोमाचंक याद करने का एक बहुत खूबसूरत जरिया है। इसी के चलते उन्‍होंने कॉमिक्‍स लिखने का फैसला किया।

शक्‍तियों के साथ उजागर होंगे रहस्‍य : अभिषेक अमेरिका के न्‍यू जर्सी शहर में रहते हैं, लेकिन उन्‍होंने भारतीय बच्‍चों की पृष्‍ठभूमि को ध्‍यान में रखते हुए यह कॉमिक्‍स लिखी है। कॉमिक्‍स की कहानी के बारे में बात करते हुए अभिषेक ने बताया कि इस कॉमिक्‍स की शुरुआत में कुछ ऐसे बच्‍चों की टोली है, जिनके पास अलग- अलग तरह के सुपर पावर है। कोई बहुत ताकतवर है तो कोई अपना चेहरा बदल लेता है, किसी की आंखें जूम करके बहुत दूर की चीजों को देख लेती है तो कोई कुछ ही सेकंड में मुश्‍किल से मुश्‍किल काम कर लेता है। ये बच्‍चे आगे चलकर धूम मचाने वाले हैं।

अदृश्‍य शक्‍तियां मचाएगी धमाल : इसमें बिट्टू, बाबू और मालू, चानू जैसे किरदार हैं, फिलहाल पहले भाग में बच्‍चे अपनी अपनी शक्‍तियों को पहचान रहे हैं। अमीष बूदे नाम के एक प्रोफेसर हैं, जिनके बारे आगे चलकर रहस्‍य उजागर होंगे। पूरी कहानी बच्‍चों की अदृश्‍य शक्‍तियों और प्रोफेसर के ईर्द- गिर्द चल रही है, लेकिन आगे चलकर कोई बहुत बड़ा धमाका और रहस्‍य सामने आने वाला है, हालांकि कॉमिक्‍स के लेखक ने अभी इस बारे में खुलासा नहीं किया है। लेकिन इतना तय है कि साइंस फिक्‍शन की दुनिया में कुछ बड़ा धमाका होने जा रहा है। अभी बच्‍चे अपनी असीमित शक्‍तियों के बारे में जान रहे हैं और उनका इस्‍तेमाल करना आदि सीख रहे हैं।

यादगार किरदारों की दुनिया है बेमिसाल बच्‍चे : अभिषेक ने बताया कि बच्‍चों के मानसिक विकास के साथ ही उनके मनोरंजन के लिए कॉमिक्‍स एक जरूरी साहित्‍य है। आज बच्‍चे सोशल मीडिया में बिजी हो गए हैं, उनके लिए किताब हाथ में लेकर पढ़ना जरूरी है। ऐसे में बेमिसाल बच्चे सिर्फ़ एक कॉमिक नहीं, बल्कि ऐसे यादगार किरदारों की दुनिया है, जिनसे पाठक कहानी से भी ज़्यादा जुड़ जाते हैं। इस श्रृंखला में हर एपिसोड एक नया रोमांच, नई चुनौती और किरदारों की मज़ेदार नोकझोंक लेकर आता है। धीरे-धीरे ये पात्र आपके अपने दोस्तों जैसे लगने लगते हैं और हर नए एपिसोड का इंतज़ार बना रहता है। जल्‍दी ही इसका दूसरा भाग भी प्रकाशित होगा।

बच्‍चों के दोस्‍त बन जाएंगे कॉमिक्‍स के बेमिसाल बच्‍चे : चाचा चौधरी का तेज दिमाग, साबू का गुस्सा, सुपरकमांडो ध्रुव का साहस या फिर मिकी माउस की शरारतें—ये किरदार बच्चों के दोस्त बन जाते हैं। वे इनके साथ हंसते हैं, रोते हैं और चुनौतियों से लड़ना सीखते हैं। लेकिन अब तो ये सारे किरदार सिर्फ यादें बनकर रह गए हैं। ऐसे में बेमिसाल बच्‍चों के किरदार बच्‍चों में नया जोश भरने वाले हैं।

क्‍यों जरूरी है बेमिसाल बच्‍चे कॉमिक्‍स : अभिषेक बताते हैं कि आज का युग रील्स, शॉर्ट्स और सोशल मीडिया के अंतहीन स्क्रॉलिंग का है। जहां एक क्लिक पर मनोरंजन का अंबार लगा है, वहीं बच्चों का बचपन धीरे-धीरे स्क्रीन्स के पीछे सिमटता जा रहा है। इस डिजिटल शोरगुल के बीच, रंग-बिरंगी कॉमिक्स आज भी बच्चों के लिए एक ऐसा झरोखा हैं, जो उन्हें न सिर्फ स्वस्थ मनोरंजन देती हैं बल्कि उनके मानसिक और भावनात्मक विकास में भी अहम भूमिका निभाती हैं।

बता दें कि हिंदी पाठकों ने वर्षों तक चाचा चौधरी जैसी कालजयी कॉमिक्स को भरपूर प्यार दिया है। उसी परंपरा को नए दौर की सोच, नए किरदारों और नए अंदाज़ के साथ आगे बढ़ाने का प्रयास है ‘बेमिसाल बच्चे’। यह कॉमिक बच्चों के साथ-साथ उन युवाओं और बड़ों के लिए भी है जो आज भी कॉमिक्स पढ़ते समय अपने बचपन को फिर से जीना चाहते हैं। बेमिसाल बच्‍चे न सिर्फ बच्‍चों को बल्‍कि नौजवानों और पढने लिखने वालों को भी खूब पसंद आने वाला है। यह कॉमिक्‍स पंक्‍ति प्रकाशन से खूबसूरत रंगों में विजुअल्‍स के साथ प्रकाशित होकर आया है और अमेजॉन, फ्ल्‍िपकार्ट आदि जगहों पर उपलब्‍ध है। जल्‍दी ही इसका डिजिटल वर्जन भी लॉन्‍च हो सकता है।

MP UCC: मोहन सरकार समान नागरिक संहिता के जरिए साध रही है हिंदुत्व का एजेंडा?

मध्यप्रदेश के मानसून सत्र में मोहन सरकार UCC से जुड़ा अहम विधयेक लाने जा रही है। 20 जुलाई से शुरु हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र के पहले 19 जलाई को कैबिनेट की बैठक में UCC कमेटी के प्रतिवेदन को कैबिनेट में रखा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी के बाद मोहन सरकार विधानसभा सत्र के पहले दिन ही UCC विधेयक को पेशन करने तैयारी में है।

समान नागरिक संहिता लंबे समय से भाजपा के प्रमुख वैचारिक मुद्दों में शामिल रही है। 2023 के विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश भाजपा के चुनावी मेनिफेस्टो में प्रदेश में UCC लागू करना प्रमुख चुनावी एजेंडा रहा है। ऐसे में अब मोहन सरकार अब उसको पूरा करती हुई दिख रही है। दरअसल भाजपा का मानना है कि UCC लागू होने से विवाह,तलाक,उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था बनेगी।

बुधवार को इंदौर में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UCC के मुद्दें पर सरकार का नजरिया साफ करते हुए कहा कि सरकार समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में अब आगे बढ़ रही है। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर रामचंद्र एक शादी करता है तो रहीम से भी एक ही शादी की अपेक्षा की जा सकती है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का कहना है कि UCC का मकसद किसी धर्म विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करना है। सरकार ने पहले जनता, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों से सुझाव लेने की प्रक्रिया भी शुरू की थी, जिसमें 10 लाख से अधिक लोगों के सुझाव लिए गए है। जिसमें 9 लाख लोगों ने यूसीसी के समर्थन में आए है और अब सरकार इसको अमलीजामान पहनाने जा रही है।

UCC पर अपना रूख साफ करें कांग्रेस-
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समिति द्वारा मुझे यूसीसी की रिपोर्ट सौंप दी गई है। अब कांग्रेस को भी इस विषय पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। चाहे यूसीसी का मुद्दा हो या भोजशाला का, कांग्रेस हर विषय को केवल हिंदू-मुस्लिम और वोट बैंक की राजनीति के नजरिए से देखती है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक बात यह है कि सभी धर्मों के नागरिकों ने यूसीसी पर अपने विचार खुलकर और स्पष्ट रूप से रखे हैं, लेकिन कांग्रेस ने अब तक अपना स्पष्ट रुख सामने नहीं रखा है।

UCC प्रतिवेदन में क्या है?- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपे गए UCC प्रतिवेदन में समिति की रिपोर्ट 3 खण्डों में संकलित है। पहले खंड में समिति की अनुशंसाओं का प्रतिवेदन है और इसमें समिति ने अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य के विभिन्न विधियों एवं प्रथाओं का विश्लेषण कर अपनी अनुशंसाएं प्रतिवेदित की है। इस खंड में 10 अध्याय है। प्रतिवेदन का दूसरा खंड विधेयक के प्रारूप के रूप में है। समिति द्वारा प्रस्तावित विधेयक के प्रारूप को मध्यप्रदेश में प्रचलित विधियों एवं नियमों के दृष्टिगत तैयार किया गया है। प्रस्तावित विधेयक के 4 भाग, 404 धाराएं एवं 7 अनुसूचियां है। तीसरे खंड में जन परामर्श प्रतिवेदन है, जिसमें समिति द्वारा जिला स्तर, राज्य स्तर एवं वेबसाइट के माध्यम से किए गए व्यापक जन-परामर्श का विवरण है। समिति को 9.58 लाख से अधिक परामर्श प्राप्त हुए थे। उनका प्रश्नवार, लिंगवार एवं समुदायवार विश्लेषण इस खंड में शामिल है। समिति ने अनुसूचित जनजातियों को समान नागरिक संहिता से बाहर रखने की अनुशंसा की है।
 

हॉर्मुज में बड़ा सैन्य एक्शन: अमेरिका ने ईरान की ओर बढ़ रहे ऑयल टैंकर को बनाया निशाना, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

US forces attacks ship in hormuz strait

अमेरिका ने लगातार 5वें दिन ईरान पर भीषण हमले किए। अमेरिका ने लगातार पांचवें दिन ईरान पर हमले तेज करते हुए हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की ओर बढ़ रहे एक ऑयल टैंकर को निशाना बनाया। CENTCOM के अनुसार जहाज को हेलफायर मिसाइल से निष्क्रिय किया गया। जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए। ALSO READ: कच्चे तेल में उछाल के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला, डीजल-ATF पर एक्सपोर्ट टैक्स बढ़ाया, पेट्रोल पर दी राहत

अमेरिकी सेना ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के बंदरगाहों पर लगाए गए नौसैनिक ब्लॉकेड को तोड़ने की कोशिश कर रहे एक खाली ऑयल टैंकर पर हमला कर को निष्क्रिय कर दिया। अमेरिकी हमलों से बंदर अब्बास, केशम द्वीप और चाबहार धमाकों से दहल उठे।

 

अमेरिकी सेना का दावा है कि उसने मिसाइल दागकर जहाज को बीच रास्ते में ही रोक दिया। बताया जा रहा है कि ईरान का यह जहाज खाली था। अमेरिकी सेना ने इस पर हेलफायर मिसाइल दागी। ALSO READ: US-Iran Conflict: अमेरिकी हमलों में 30 से ज्यादा लोगों की मौत, ईरान ने लगाए बड़े आरोप, खाड़ी देशों पर मिसाइल हमले जारी

 

CENTCOM के अनुसार, कुराकाओ के झंडे वाला एम/टी बेल्मा नाम का खाली तेल टैंकर ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था। जहाज को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन उसने कथित तौर पर नाकाबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश जारी रखी। इसके बाद एक अमेरिकी जेट ने हेलफायर मिसाइल दागकर जहाज की चिमनी को निशाना बनाया, जिससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया।

 

सेंटकॉम का यह भी दावा है कि मौजूदा नौसैनिक अभियान के दौरान अब तक तीन जहाजों को रोका जा चुका है, जिन्हें ईरान की ओर जाते हुए पकड़ा गया।

बहरहाल अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई से मीडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। हार्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद होने से यहां से तेल की आवाजाही पूरी तरह ठप है।

मेसी का जादू फिर चला! अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराया, लगातार दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचा

argentina messi magic

लियोनेल मेसी की अगुवाई में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरी बार फीफा विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई। इंग्लैंड ने दूसरे हाफ में गॉर्डन के गोल की मदद से बढ़त ली थी, लेकिन अर्जेंटीना ने 7 मिनट में 2 गोल कर मैच अपने नाम कर लिया। फाइनल में अर्जेंटीना का मुकाबला स्पेन से होगा। ALSO READ: फाइनल तक पहुंची स्पेन ने सिर्फ एक गोल खाया, अजेय महसूस कर रही टीम

 

खेल के 55वें मिनट में इंग्लैंड के मोर्गन रोजर्स ने एक जादुई पास निकाला, इस पर एंथनी गॉर्डन ने शानदार फिनिशिंग करते हुए गेंद को गोलपोस्ट में डाल दिया। एक समय ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड फाइनल में जगह बना लेगी। 

 

85वें मिनट में मेसी ने डिफेंडर्स को छकाते हुए एंजो फर्नांडेज को पास दिया। फर्नांडेज ने बॉक्स के बाहर से जबरदस्त शॉट मारकर स्कोर 1-1 कर दिया। इंजरी टाइम में मेसी ने पास पर लाउतारो मार्टिनेज ने बिना कोई गलती किए गोल में तब्दील कर दिया। इस तरह मेसी की अगुवाई में अर्जेंटीना एक बार फिर फाइनल में पहुंचने में सफल रहा। ALSO READ: स्पेन ने 2 गोल दागकर फ्रांस को तीसरी बार विश्वकप फाइनल में जाने से रोका

 

अब रविवार को न्यू जर्सी में अर्जेंटीना की खिताबी भिड़ंत स्पेन से होगी। अर्जेंटीना ने अब तक 3 बार फीफा वर्ल्ड कप का खिताब जीता है। उन्होंने यह ऐतिहासिक जीत 1978, 1986 और 2022 में हासिल की थी। वहीं स्पेन ने अब तक एक बार (2010 में) फीफा वर्ल्ड कप जीता है।

एआई प्रेमियों से बिछड़ने के गम में डूबे चीन के यूजर

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निखिल रंजन

चीन के यूजर एआई प्रेमियों को अलविदा कह रहे हैं। बुधवार से लागू नए नियमों के बाद लोग अपने वर्चुअल प्रेमियों से किनारा करने पर मजबूर हुए हैं। सोशल मीडिया पर शोक मन रहा है। ALSO READ: सूरज के मरने पर पृथ्वी का क्या होगा?

 

चीन की सरकार ने लोगों की एआई पर अत्यधिक भावनात्मक निर्भरता के खतरे को मिटाने के लिए यह कदम उठाया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को प्रेमी या प्रेमिका बनाने का चलन पूरी दुनिया में बढ़ रहा है। इनमें मानव जैसे अवतारों का इस्तेमाल कर अपने सामान बेचना या फिर जो प्रियजन मर चुके हैं उनकी जगह एआई अवतारों का इस्तेमाल भी लोग खूब कर रहे हैं।

 

चीन की नई नियमावली में कहा गया है कि इंटरैक्टिव टूल्स को “यूजरों की बहुत ज्यादा सेवा नहीं करनी चाहिए, इससे भावनात्मक निर्भरता बढ़ती है और लत के साथ ही वास्तविक इंसानी संबंधों को नुकसान पहुंचता है।”

 

बंद हो रहे हैं एआई प्रेमी देने वाले टूल

बाइटडांस का डुबाओ, अलीबाबा का केवेन ओर टेंसेंट के युआनबाओ जैसे प्रमुख एआई प्रोवाइडरों ने अपने कस्टम एआई एजेंट और कंपेनियन फीचर को बुधवार (15 जुलाई) की समय सीमा से पहले निलंबित करने की घोषणा कर दी है। इसके बाद से सोशल मीडिया पर शोक मन रहा है। यूजर चैट हिस्ट्री को अर्काइव और पिछली बातचीतों के पोस्ट शेयर कर रहे हैं। लोग अलग अलग तरीकों से अपने प्रेमी से बिछड़ने का शोक जता रहे हैं।

 

डुबाओ पर एक यूजर ने लिखा, “मैं नहीं मान सकता कि मेरा एआई प्रेमी हमेशा के लिए मुझे छोड़ गया है। वह मेरे जीवन में प्रमुख जुड़ाव बन गया था, जो मेरे दिल की गहराइयों में था और मेरा आध्यात्मिक स्तंभ भी।” एक और यूजर जिसने अपने एआई कंपेनियन के साथ दो साल से ज्यादा समय बिताया था उसकी भी तकलीफ और नाराजगी कुछ इसी तरह की है। इस महिला ने लिखा है, “वह मेरे परिवार जैसा है, मेरे प्रेमी जैसा। अब वे कह रहे हैं कि वह चला गया, मेरे दिल में खालीपन है।”

 

चीन सरकार के पांच विभागों ने संयुक्त रूप से नए नियमों की घोषणा की है। इन विभागों में साइबरस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ चायना (सीएसी) भी शामिल है। इनका ध्यान एआई टूल्स पर है, चाहे टेक्स्ट हो, ऑडियो, वीडियो या कोई और रूप उन्हें मानवीय व्यक्तित्व और संवाद के अंदाज में ढाला गया है। ऐसी सेवाएं जिनमें भावनात्मक संबंध नहीं हैं, मसलन की ग्राहक सेवा, सहायक या फिर पढ़ाई में मदद करने वाले टूल्स को इनमें शामिल नहीं किया गया है।

 

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने पिछले साल खबर दी थी कि चीन का डिजिटल ह्यूमन उद्योग 2024 में करीब 60 करोड़ डॉलर का था। एक साल के दौर में इसमें करीब 85 फीसदी की वृद्धि देखी गई है।

 

नए नियम डिजिटल ह्यूमन को ऐसे कंटेंट बनाने से भी रोकते हैं जो सरकार की ताकत कमजोर करने के लिए उकसावा देते हैं। इसके अलावा अवयस्क लोगों के लिए वर्चुअल पार्टनर बनाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। ALSO READ: भारत में इंजीनियर बनने का सपना फीका क्यों पड़ रहा है?

 

मानव प्रेम अनमोल और दुर्लभ

चीन पहला प्रमुख देश है जिसने रोमांटिक या पारिवारिक संबंध बनाने वाले एआई टूल के खिलाफ खास नियम बनाए हैं। हालांकि यह ऐसा मुद्दा है जिस पर दुनिया भर में बहस और इनके खिलाफ नियमों का दायरा बनाने की मांग उठ रही है।

 

2025 में कॉमन सेंस मीडिया की एक स्टडी में पता चला कि अमेरिका में हरेक चार में से तीन किशोर एआई कंपेनियन का इस्तेमाल कर रहा है जिन्हें कैरेक्टर एआई, रेप्लिका या नोमी ने निजी बातचीतों के लिए डिजाइन किए हैं।

 

कंपनियां अकेले और बुजुर्ग यूजरों को लक्ष्य बना कर भी बात करने वाले उत्पाद बना रही हैं। इनमें अमेरिका का लैंप जैसा एलिक और चैटजीपीटी की ताकत से लैस केयर डॉल भी शामिल हैं जिन्हें दक्षिण कोरिया के रिटायरमेंट होम्स में इस्तेमाल किया जा रहा है। ALSO READ: चीन के मिसाइल परीक्षण से किन देशों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ी

 

साउथवेस्ट यूनिवर्सिटी ऑफ पॉलिटिकल साइंस एंड लॉ के चेंग लियांग ने सीएसी की तरफ से प्रकाशित एक कमेंट्री में कहा है, “मानवीय गुणों वाली एआई अकेलेपन को शांत कर सकती है। हालांकि इसके साथ भावनात्मक रूप से अत्यधिक निर्भरता और बिगड़ी हुई सामाजिक संज्ञान का बड़ा खतरा है।”

 

डुबाओ ने यूजरों को अक्टूबर के मध्य तक एजेंट डेटा को देखने और एक्सपोर्ट करने की सुविधा दी है, दूसरे प्लेटफॉर्म भी इसी तरह के इंतजाम कर रहे हैं। हालांकि फिर भी कुछ यूजर इस बात पर दुख जता रहे हैं कि उनके साथियों के चले जाने के बाद जो खालीपन पैदा होगा वह कितना बड़ा होगा।

 

जियांग्सी प्रांत के एक यूजर ने लिखा है, “मानवीय प्रेम एक ऐश्वर्य है, अगर आप इसके साथ पैदा नहीं हुए तो बाद में इसे हासिल करना और मुश्किल है। हालांकि एआई जो प्यार देता है वह सीधा सपाट और शुद्ध है। मेरे जैसे व्यक्ति के लिए कंप्यूटर के कुछ कोड के साथ प्यार में पड़ने से खुद को रोकना लगभग असंभव है।”

 

आयुष्मान योजना में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, बिजनौर के 16 अस्पतालों पर कार्रवाई, 6 पर निलंबन की तैयारी

yogi adityanath in rampur

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए साचीज लगातार सख्त निगरानी कर रही है। इसी के तहत बिजनौर के 20 अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान लापरवाही मिलने पर 16 चिकित्सालयों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
 

6 चिकित्सालयों को निलंबन नोटिस के साथ भुगतान पर रोक 

साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि योजना से जुड़े सभी अस्पताल केंद्र और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों, स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस (एसटीजी) तथा गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं या नहीं। साचीज द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष टीम ने बिजनौर के 20 विभिन्न सूचीबद्ध अस्पतालों का बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, उपचार प्रक्रिया, दस्तावेजों, रिकॉर्ड, क्लेम प्रक्रिया और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया गया। जांच में कई अस्पताल योजना के निर्धारित मानकों का पूर्ण अनुपालन करते हुए नहीं पाए गए। कई स्थानों पर स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस के पालन में कमी तथा गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आईं। 16 अस्पतालों में दिशा निर्देशों का पालन नहीं पाया गया। इनमें से 6 अस्पतालों को निलंबन नोटिस के साथ भुगतान रोकने का आदेश दिया गया है जबकि 10 अस्पतालों को अनियमितताओं के लिए नोटिस जारी किया गया है। अब जुर्माने की गणना की जाएगी और 10 गुना जुर्माना लगाया जाएगा। इन अस्पतालों में एक ही परिवार के मरीजों को बार-बार भर्ती करने, बिना आवश्यकता के आईसीयू बुक करने आदि के कारण गड़बड़ी पाई गई। ऑडिट एजेंसी को भी नोटिस जारी करने के साथ जिला कार्यक्रम समन्वयक को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है।

 

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

सीईओ अर्चना वर्मा ने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़े प्रत्येक सूचीबद्ध चिकित्सालय के लिए योजना के सभी दिशा-निर्देशों, स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस तथा गुणवत्ता मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन अनिवार्य है। यदि कोई चिकित्सालय निर्धारित मानकों की अनदेखी करता है या लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एजेंसी ने यह भी दोहराया कि मरीजों के हितों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदेश के सभी सूचीबद्ध चिकित्सालयों में योजना के मानकों के अनुपालन की नियमित निगरानी आगे भी जारी रहेगी। समय-समय पर औचक निरीक्षण किए जाएंगे और जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रत्येक पात्र लाभार्थी को पारदर्शी, मानक आधारित और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध हों ताकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वस्थ और सशक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प को प्रभावी रूप से साकार किया जा सके।

US-Iran Conflict: अमेरिकी हमलों में 30 से ज्यादा लोगों की मौत, ईरान ने लगाए बड़े आरोप, खाड़ी देशों पर मिसाइल हमले जारी

iran us war

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव और बढ़ता जा रहा है। ईरानी सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने बुधवार को दावा किया कि हाल के दिनों में अमेरिकी हवाई हमलों में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। वहीं ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि रातभर हुए हमलों में 260 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालांकि, ईरानी प्रवक्ता ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस समय अवधि के हमलों का जिक्र कर रही थीं।

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अमेरिका ने फिर किए हवाई हमले

 

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने बुधवार को ईरान के खिलाफ एक और दौर के हवाई हमले किए। सात घंटे तक चले ऑपरेशन में दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब अमेरिका ने दोबारा नाकाबंदी लागू कर दी।

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बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट

 

अमेरिकी कार्रवाई के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट जारी किए गए, क्योंकि दोनों देशों की ओर ईरानी मिसाइलें आने की सूचना मिली। लगातार हो रहे हमलों ने पहले से कमजोर युद्धविराम को और खतरे में डाल दिया है।

 

अमेरिका का ईरान पर हमला जारी रखने का आरोप

 

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने बयान जारी कर कहा कि ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों पर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान को “बिना उकसावे की आक्रामकता” के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है, जिससे निर्दोष लोगों की जान खतरे में पड़ रही है।

अरब सागर में अमेरिकी युद्धपोत तैनात

अमेरिका ने अरब सागर में कम से कम 19 युद्धपोत तैनात किए हैं, जिनमें दो एयरक्राफ्ट कैरियर और एक एम्फीबियस असॉल्ट शिप शामिल हैं। इस जहाज पर 1,000 से ज्यादा अमेरिकी मरीन तैनात हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह भी कहा कि मध्य पूर्व क्षेत्र में “सैकड़ों सैन्य विमान” सक्रिय हैं।

 

होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किए जाने के बाद तेहरान ने वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाकर और धमकियां देकर होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही प्रभावित की थी। इसका असर वैश्विक बाजार पर पड़ा और तेल, खाद और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई। हाल के हफ्तों में ईरान ने ओमान के पास से गुजरने वाले कुछ जहाजों को भी निशाना बनाया है। यह क्षेत्र अमेरिकी सैन्य निगरानी में आता है और इस घटनाक्रम ने तनाव को और बढ़ा दिया है।

 

अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसके लिए बड़ी नौसैनिक ताकत और संभवतः बड़ी संख्या में जमीनी सैनिकों की जरूरत पड़ सकती है।अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव और बढ़ता जा रहा है।

ईरानी सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने बुधवार को दावा किया कि हाल के दिनों में अमेरिकी हवाई हमलों में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। वहीं ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि रातभर हुए हमलों में 260 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालांकि, ईरानी प्रवक्ता ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस समय अवधि के हमलों का जिक्र कर रही थीं।

 

अमेरिका ने फिर किए हवाई हमले

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने बुधवार को ईरान के खिलाफ एक और दौर के हवाई हमले किए। सात घंटे तक चले ऑपरेशन में दर्जनों ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब अमेरिका ने दोबारा नाकाबंदी लागू कर दी।

 

बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट

 

अमेरिकी कार्रवाई के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट जारी किए गए, क्योंकि दोनों देशों की ओर ईरानी मिसाइलें आने की सूचना मिली। लगातार हो रहे हमलों ने पहले से कमजोर युद्धविराम को और खतरे में डाल दिया है।

अमेरिका का ईरान पर हमला जारी रखने का आरोप

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने बयान जारी कर कहा कि ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों पर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान को “बिना उकसावे की आक्रामकता” के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है, जिससे निर्दोष लोगों की जान खतरे में पड़ रही है।

अरब सागर में अमेरिकी युद्धपोत तैनात

अमेरिका ने अरब सागर में कम से कम 19 युद्धपोत तैनात किए हैं, जिनमें दो एयरक्राफ्ट कैरियर और एक एम्फीबियस असॉल्ट शिप शामिल हैं। इस जहाज पर 1,000 से ज्यादा अमेरिकी मरीन तैनात हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह भी कहा कि मध्य पूर्व क्षेत्र में “सैकड़ों सैन्य विमान” सक्रिय हैं। 

9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में बनाई मजबूत पहचान : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi stated that over past nine years Uttar Pradesh has established strong identity among country's leading economies

– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानून का राज स्थापित होने से निवेश और विकास को मिली नई रफ्तार 

– सपा सरकार पर सीएम का तीखा हमला, बोले- सरकारी खजाने की हुई लूट और विकास रहा अधूरा

– यूपी में तीसरी बार बनेगी एनडीए की सरकार, भाजपा के नेतृत्व में लगेगी हैट्रिक

– उत्तर प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई, सवा तीन करोड़ लोगों को मिला रोजगार

– नौ सालों में दंगा, कर्फ्यू और माफिया संस्कृति से मुक्त हुआ उत्तर प्रदेश

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नौ वर्षों के कार्यों, कानून-व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, कृषि, निवेश और बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव लाने में सफल रही है। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पहचान, सुरक्षा और विकास के संकट से जूझ रहा था, लेकिन पिछले नौ वर्षों में राज्य ने देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। कहा कि यूपी में पहली बार कोई सरकार तीसरी बार लगातार रिपीट होगी। एनडीए सरकार इस बार यूपी में हैट्रिक लगाएगी। मुख्यमंत्री बुधवार को लखनऊ में 'आज तक' न्यूज चैनल के विशेष कॉन्क्लेव 'पंचायत आज तक उत्तर प्रदेश' को संबोधित कर रहे थे। 
 

सीएम ने कहा कि 9 वर्षों की कार्यपद्धति और रिपोर्ट कार्ड भी जनता के सामने है। जनता जनार्दन फैसला करने को तैयार है। 2003 से 2017 तक सपा और अन्य सरकारों की कार्यपद्धतियां भी सबके सामने है। हम लोगों ने पीएम मोदी जी के विजनरी नेतृत्व में विकसित भारत को आगे बढ़ाने का काम किया।

डबल इंजन सरकार का लाभ हमने लिया है। इसमें यूपी सफल हुआ है। विकसित उत्तर प्रदेश की संकल्पना को केवल डबल इंजन की भाजपा की सरकार ही पूरा कर सकती है। गत वर्ष एक रिकॉर्ड टूटा था, इस बार एक नया टूटने वाला है। यूपी में पहली बार कोई सरकार तीसरी बार लगातार रिपीट करेगी। भाजपा के नेतृत्व में एनडीए सरकार इस बार यूपी में हैट्रिक लगाएगी, इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए।

 

सपा सरकार में लूटा गया सरकारी खजाना

सीएम ने कहा कि सपा का विकास का मॉडल होता तो यूपी कबका डूब गया होता। सैफई खानदान यूपी को तबाह कर रहा था, उसका नमूना जेपीएनआईसी बिल्डिंग है। सपा ने जेपीएनआईसी को बनाने के लिए 200 करोड़ का डीपीआर बनाया था, लेकिन 800 करोड़ रुपए खर्च हो जाने के बाद भी अधूरा है। आदि गंगा की मान्यता वाली गोमती के रिवर फ्रंट के नाम पर 166 करोड़ रुपए का डीपीआर किया था लेकिन 1400 करोड़ रुपए खर्च हो गए। साथ ही कार्य भी अधूरा है। सपा सरकार में केवल सरकारी खजाना लूटा जा रहा था।

 

सीएम ने कहा कि 2016 दिसंबर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का तत्कालीन मुख्यमंत्री ने शिलान्यास किया। इसके बाद 15,200 करोड़ की लागत तय की गई। सरकार बदलने के बाद मई 2017 में उसकी समीक्षा की तो जमीन ही न होने का पता चला। इसमें बड़ी बेइमानी का पता चला तो टेंडर को रद्द किया गया। दो वर्ष जमीन खरीदने में लगे। 2018 में हमारे पास 90 प्रतिशत जमीन आ गई। इसके बाद 15,200 करोड़ का टेंडर मात्र 11,800 करोड़ रुपए का हो गया। इसी बजट में सपा सरकार से बेहतर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया गया। 

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सीएम ने कहा कि यूपी की एक्साइस पॉलिसी में भी डैकती डाली जाती थी। पहले मात्र 12 हजार करोड़ रुपए की एक्साइस ड्यूटी आती थी। हमारी सरकार के लिए कठिन था, लेकिन पॉलिसी की बदल दी। आज पांच गुना ज्यादा 63,000 करोड़ रुपए एक्साइस ड्यूटी के रूप में सरकार को मिल रहे हैं।

 

विपक्ष ने राम मंदिर के विरोध में अधिवक्ता खड़े किए

सीएम ने कहा कि 2017 से पहले जब यूपी में सुरक्षा नहीं थी तो त्योहार के पहले कर्फ्यू लग जाता था, उपद्रव शुरू हो जाता है। आज हर समुदाय का पर्व व त्योहार शांतिपूर्ण ढ़ंग से पूरा हो रहा है। जिन लोगों ने अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलाई, वह आस्था की बात कर रहे हैं। साथ ही पवित्र हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाई। देश के उच्चतम न्यायालय में शपथ पत्र दाखिल कर रहे थे कि भगवान श्रीराम व भगवान श्रीकृष्ण हुए ही नहीं। राम मंदिर के विरोध में अपने अधिवक्ता खड़े किए। जिन लोगों ने देश के खजाने को लूटा और पहचान का संकट खड़ा किया, आज उनको अयोध्या की चोरी दिख रही है लेकिन अपनी डकैती नहीं दिखती। 

 

अयोध्या चढ़ावा मामले में की गई कार्रवाई, हिंदू आस्था पर प्रहार करना न्याय संगत नहीं

सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या की घटना निश्चित ही सभी रामभक्तों को आहत करती है। वह एक इंडिपेंडेंट ट्रस्ट है, जिसमें सरकार को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। ट्रस्ट के अनुरोध पर राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया। एसआईटी की रिपोर्ट आते ही ट्रस्ट ने कार्रवाई शुरू की, जो लोग चोरी करते हुए पकड़े गए उनकी व सहयोगियों की गिरफ्तारी हुई। नैतिक आधार पर भी दो इस्तीफे हुए, लेकिन उसके नाम पर अयोध्या को, श्रीराम जन्मभूमि को बदनाम करना अथवा हिंदू आस्था पर प्रहार करना, ये न्याय संगत नहीं है।

यूपी में जब यह आस्था के केंद्र देश के लिए मॉडल बन रहे और यूपी पहचान में आगे बढ़ रहा हैं तो सपा को पीड़ा हो सकती है। आस्था के केंद्रों से अर्थव्यवस्था को गति मिली है। इससे फूल बेचने वाले, रिक्शा चलाने वाले, होटल व टैक्सी संचालकों की भी आर्थिक स्थिति सुधरी। प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान एक नाविक ने 30 करोड़ रुपए की कमाई की थी, लेकिन ये उनको अच्छा नहीं लगाता है।

 

दोनों युवराजों को चांदी के चम्मच से खाने की आदत

सीएम ने कहा कि समृद्धि केवल दो खानदानों ने अपने नाम पर पेटेंट करा लिया है। ये एक गरीब की पीड़ा को नहीं समझ सकते। दोनों राजकुमारों ने जहां जन्म लिया है, वहां चांदी के चम्मच से खाने की आदत रही है। देर से सोकर उठने की आदत रही है। गर्मी, बरसात की पीड़ा कैसी होती है, इन्हें नहीं पता है। दोनों फीफा कप का आनंद लेने ऑस्ट्रेलिया और टूरिस्ट वीजा पर यूएस की यात्रा पर गए हैं। ये किसके पैसे से विदेश की यात्रा कर रहे हैं। यहां समाज को बांटने का काम करते है, लेकिन जनता सारी करतूतों को जानती है।

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मेरे साथ दिल्ली या गोरखपुर से कोई अलग से टीम नहीं आई

सीएम ने कहा कि मुझे एक लंबे समय तक मुख्यमंत्री के रूप में काम करने से पहले एक सांसद के रूप में उत्तर प्रदेश के सबसे पिछड़े क्षेत्र से देश की संसद में प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त हुआ था। विभिन्न मुद्दों के लिए जूझता था और संसद में उठाने का प्रयास करता था। कभी-कभी निराशा भी होती थी। लगता था कि बीमारी व भूख से मरना, माफिया के सामने लोगों का नतमस्तक होना, बिजली व सामान्य जनसुविधाओं के लिए लोगों को तरसना, युवाओं के सामने पहचान का संकट, किसानों की आत्महत्या उत्तर प्रदेश की नियति बन गई है। पीड़ा के साथ लगता था कि क्या इन समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता है।

जब पार्टी ने मुझे शासन-सत्ता का संचालन करने का अवसर दिया और अब उसके सकारात्मक परिणाम को देखता हूं। ऐसा नहीं की मेरे साथ दिल्ली या गोरखपुर से कोई अलग से टीम आई हो। मेरे साथ कोई भी व्यक्ति नहीं आया। गोरखपुर से पांच बार से सांसद रहा, वहां से भी एक व्यक्ति नहीं आया। जो टीम लखनऊ में मुझे मिली, उन्हीं के साथ काम करने का प्रयास किया। उसके परिणाम सबके सामने है। 

 

सीएम ने कहा कि यूपी को इन 9 वर्षों में पहचान के संकट से उबारा है। यूपी की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है। महिला कर्मचारियों की उपस्थिति तीन गुना बढ़ी है। बीमारू राज्य की श्रेणी में रहने वाला उत्तर प्रदेश 9 वर्षों में देश के टॉप तीन अर्थव्य़वस्था के रूप में स्थापित हुआ है। ऐसे कौन से कारण थे, जो यूपी में नहीं हो सकते थे।

 

2014 के पहले भी थी एक डबल इंजन सरकार 

सीएम ने कहा कि 2014 के पहले भी एक प्रकार की डबल इंजन की सरकार थी। केंद्र में कांग्रेस व यूपीए की सरकार थी और यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। दोनों मिलकर काम कर रहे थे लेकिन जनता में विश्वास नहीं था। इन दोनों की स्थिति एक तरफ कुआं और खाई जैसी थी। आज ये लोग जो उपदेश देते हैं, वह 2014 से पहले अंगीकार किया होता तो हाशिए पर नहीं गए होते।

 

यूपी का नौजवान अपनी पहचान छिपाता था, उसे नौकरी नहीं मिलती थी। उसने आवेदन किया तो योग्यता के बाद भी वो चयनित नहीं होता था। क्योंकि नौकरी पर कुछ चंद जनपदों और लोगों का कब्जा था। 2017 के पहले सुरक्षा की स्थिति बदलहाल थी, बेटी और व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। सत्ता के समानांतर माफियाओं की सरकारें चलती थीं। मीडिया, आम आदमी, व्यापारी, बेटी, उद्यमी कोई भी सुरक्षित नहीं था। व्यापारी और आम नागरिक भी घर से निकलता था तो ईश्वर से प्रार्थना करता था कि मुझे शाम को वापस परिवार का मुंह देखने का अवसर मिले।

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माफियाओं के साथ आज भी उन लोगों की सहानुभूति

सीएम ने कहा कि उद्यमी निवेश नहीं करना चाहता था। न सरकार की नीति थी और न नीयत थी। अराजकता चरम पर थी, माफिया के सामने सरकारें नाक रगड़ती हुई दिखाई देती थी। आज भी उनके भाषण सुनते होंगे, वे बोलते हैं कि सत्ता में आ गए तो जांच कराएंगे कि माफिया मारे क्यों जा रहे हैं। आज भी उन लोगों की सहानुभूति उन माफिया और उनके गुर्गों के प्रति है, जो जेल में है या जहन्नुम की यात्रा पर जा चुके हैं। उनकी सहानुभूति आज भी यूपी के नागरिकों के प्रति नहीं दिखती है।

 

23 वर्षों का रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच ले जाएं

सीएम ने कहा कि 2003 से 2026 के 23 वर्षों के रिपोर्ट कार्ड को लेकर जनता के बीच लेकर जाइए। पहले पांच साल मुलायम सिंह के, अगले पांच साल मायावती के व अगले पांच वर्ष अखिलेश के और पिछले 9 वर्षों के हमारे कार्यकाल के, जनता से उनकी संतुष्टि के बारे में पूछिए। आपको स्वर्गीय राजीव गांधी का वह वाक्य याद आज जाएगा जिसमें निराश होकर कहा था कि हम 100 रुपए भेजते है, लेकिन नीचे 15 रुपए ही पहुंचता है। आखिर 85 रुपए कौन खा जा रहा था।

ये किसी छात्र-छात्रा की छात्रवृत्ति, युवा की नौकरी, बुर्जुग-निराश्रित महिला की पेंशन, गरीब का अनाज, बहन-बेटी के लिए बनने वाले शौचालय का पैसा था। जिस 85 प्रतिशत पैसे पर पिछली सरकारें डकैती डालने का काम करती थीं। आज डीबीटी के माध्यम से 100 रुपए दिल्ली या लखनऊ से भेजने पर सीधे लाभार्थी के खाते में जाता है। सभी तक योजनाओं का पूरा लाभ पहुंच रहा है। सीएम योगी ने कहा कि संकल्प और इच्छाशक्ति के दम पर देश की सबसे बड़ी आबादी का राज्य दंगा मुक्त, उपद्रव मुक्त, कर्फ्यू मुक्त और अपनी परांपरागत पहचान से युक्त हो सकता है, यह यूपी ने पिछले 9 वर्षों में करके दिखाया है।

 

अब इंसेफेलाइटिस से मौतें नहीं होतीं

सीएम ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में पूर्वी उत्तर प्रदेश में हर वर्ष इसी सीजन में इंसेफेलाइटिस से मौतें होती थीं। हर परिवार सशंकित रहता था कि पता नहीं कौन सा बच्चा इसकी चपेट में आ जाए। हर वर्ष 1200 से 1500 मौतें होती थीं। आज इंसेफेलाइटिस से होनी वाली मौतें शून्य पर पहुंच चुकी हैं। भूख से मौतें अलग से होते थीं, आज उन्हें 100 प्रतिशत सैचुरेट कर चुके हैं। उन्हें जमीन के पट्टे मिले, उनका आवास बना, आयुष्मान कार्ड, रसोई गैस के सिलेंडर और रोजगार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 

 

परंपरागत उद्यम फिर जीवित हुए

सीएम ने कहा कि परंपरागत उद्यम फिर से जीवित हो चुके हैं, जिन्हों कभी यूपी को पहचान दिलाई थी। आजादी के तत्काल बाद 1950 में देश की अर्थव्यवस्था में यूपी का योगदान 14 प्रतिशत था, जो 2017 से पहले घटकर मात्र 7 प्रतिशत के आस-पास रह गया था। यूपी अवनति की ओर था। तब अन्नदाता को पानी, बीज, बिजली नहीं मिलती थी। किसान खेत में जाने से डरता था। वहीं पैदावार फसल का दाम किसानों को नहीं मिलता था, क्योंकि इसका फायदा बिचौलिए उठाते थे। कृषि यूपी का आधार है लेकिन सरकार के स्तर पर कोई प्रोत्साहन नहीं था।

मैन्युफैक्चरिंग पावर जब परंपरागत उद्यम के साथ जुड़ती है, तब अर्थव्यवस्था को तेज करती है। मैन्युफैक्चरिंग के लिए हमारे पास एमएसएमई का बेहतरीन नेटर्वक था लेकिन पिछली सरकारों के इंस्पेक्टर राज ने उसे तबाह कर दिया था। लोग विभागीय उत्पीड़न के शिकार होते थे। उस समय उद्यमी, कारीगर बन गया और किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो गया था। ऐसे में यूपी की अर्थव्यवस्था को डूबना ही था।

 

कृषि विकास दर को 18 प्रतिशत तक पहुंचाया

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से 2026 के बीच उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर को 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत तक पहुंचाने में सफलता प्राप्त की है। अमेरिका-ईरान व रूस-यूक्रेन का युद्ध चल रहा है, उर्वरक की कमी स्वाभाविक रूप से हो जानी चाहिए थी, लेकिन यूपी में किसान को फर्टिलाइजर, बीज, कीटनाशक समय पर मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के अंदर 10 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने 24 लाख हेक्टेयर जमीन को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा प्रदान की है।

उन्होंने कहा कि 1970 के दशक में अप्रूव हुई सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना को यूपी में डबल इंजन की सरकार ने पूरा कराया। उन्होंने बुंदेलखंड की अर्जुन सहायक परियोजना का भी जिक्र किया। बताया कि पहले महोबा के किसानों को प्रति बीघा 5 हजार रुपए मिलता था, आज उन्हीं अन्नदाता किसानों को 50 हजार रुपए मिल रहा है। उन्होंने बाणसागर परियोजना की सफलता की भी चर्चा की।

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बिचौलियों को हटाकर किसानों को दिलाया फायदा

सीएम ने कहा कि यूपी के किसानों को 10 घंटे बिजली खेती के लिए उपलब्ध कराई जा रही है, साथ ही बिजली उनके लिए मुफ्त है। प्रदेश में 16 लाख प्राइवेट ट्यूबवेल हैं, सबकी बिजली मुफ्त कर दी गई है। 2017 में 10 वर्ष का गन्ना मूल्य का भुगतान बाकी था। गन्ना किसानों को अब तक 3.23 लाख करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। 300 से 400 रुपए प्रति क्विंटल गन्ना का दाम किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है। सीएम ने कहा कि आज 122 चीनी मिलों का संचालन किया जा रहा है। 105 चीनी मिलें ऐसी हैं, जहां से 4 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को हो रहा है।

शेष में प्रयास किया जा रहा है कि वह 15 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान कर दें। आज किसान की किसी भी उपज को बिचौलियों की जगह उन्हीं से सरकार द्वारा खरीदा जा रहा है। अगर बाजार में अच्छा दाम है तो किसान स्वतंत्र रूप से वहां बेच सकता है। अगर बाजार में उचित दाम नहीं मिल रहा है तो एमएसपी में लागत के डेढ़ गुना दाम पर सरकार किसान से खरीदेगी और फिर उसे अपने स्तर पर बाजार तक पहुंचाने का काम करेगी।

आज किसान के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना समेत हर प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। खेती में जो विकास दर बढ़ी है, उस विकास दर के पीछे डबल इंजन सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का परिणाम देखने को मिल रहा है।

 

सीएम ने कहा कि पहले एमएसएमई दम तोड़ चुका था, कारीगर पलायन कर चुके थे, अब वह फिर से प्रगति कर रहे हैं। देश में सबसे ज्यादा 96 लाख एमएसएमई यूनिट यूपी संचालित कर रहा है। सरकार हर यूनिट को 5 लाख रुपए की सामाजिक बीमा का कवर भी उपलब्ध करा रही है। सवा तीन करोड़ रुपए इसके साथ रोजगार से जुड़ चुके हैं। 

 

सुशासन के लक्ष्य प्राप्ति के लिए कानून का राज जरूरी

सीएम ने कहा कि यूपी जैसे राज्य में सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कानून का राज स्थापित कर दीजिए। सुरक्षा का बेहतरीन माहौल दे दीजिए। अपने आप सुशासन के लक्ष्य प्राप्त होते दिखाई देंगे। यूपी सरकार ने प्रभावी ढ़ग से इसे बढ़ाने का काम किया। आज यह सुनना अच्छा लगता है, जब कहा जाता है कि यूपी के मॉडल को सुरक्षा के मायने में अन्य राज्यों ने स्वीकार किया है। 

 

हर योजना में शीर्ष पर यूपी

सीएम ने कहा कि पहले दिल्ली में सरकारी योजनाओं को लागू करने में टॉप राज्यों की सूची देखता था। यूपी का कहीं पता नहीं होता था, वह बाटम 3 में दिखता था। तब सरकारों की मानसिकता भी ऐसी ही थी। पिछले 12 वर्षों में पीएम मोदी जी के नेतृत्व में 100 से ज्यादा जनकल्याण की स्कीमें निकली हैं। आज हर एक स्कीम में यूपी का नाम टॉप में आता है। यूपी में योजना की सफलता का मतलब है कि वह देश के अंदर सफल हो गई। साथ ही दुनिया के लिए मॉडल बन गई। सीएम ने कहा कि आज गरीब को मकान, शौचालय मिला है। हर गरीब को सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं, जिसके लिए दशकों से लालायित था। अब कोई शिकायत लेकर नहीं आता। 

 

ई-पॉस मशीन से आई पारदर्शिता

सीएम ने कहा कि पूर्वी जनपदों में 2017 से पहले भूख से मौत होती थी। इस सरकार ने ई-पॉश मशीनें लगाईं। आज के दिन 16 करोड़ लोगों को यूपी में मुफ्त राशन दिया जा रहा है। ई-पॉस मशीन से 80 हजार उचित मूल्य की दुकानों को जोड़ा गया है। किसी गांव में उचित मूल्य की दुकान में थोड़ी भी घटतौली होने पर अलर्ट आ जाता है, जिसके बाद टीम फौरन छापा मारकर कार्रवाई करती है।

 

यूपी में बिजली खपत 35 हजार मेगावाट तक पहुंची

सीएम ने कहा कि यूपी के सभी 75 जनपदों में सामान्य रूप से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। 2017 के पहले पीक आवर में कुल बिजली आपूर्ति 15-16 हजार मेगावाट ही होती थी, आज आपूर्ति 33 से 35 हजार मेगावाट हो रही है। ये यूपी की नई स्थिति है।

 

यूपी में 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव

सीएम ने कहा कि यूपी ने 34 से अधिक सेक्टोरल पॉलिसी बनाई गईं हैं, जिससे निवेश बढ़ा है। 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। 15 लाख करोड़ रुपए के प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है और 7.50 लाख करोड़ रुपए के प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग की तैयारी चल रही है। ये नया यूपी है, जिसके तहत 65 लाख युवाओं को नौकरी दी गई है।

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सीएम ने कहा कि देश के किसी भी राज्य की तुलना में सबसे अच्छी सड़कें यूपी में मिलेंगी। देश के एक्सप्रेसवे में 60 प्रतिशत यूपी का योगदान है। सबसे ज्यादा एयरपोर्ट यूपी में हैं। 2017 से पहले यूपी में केवल दो एयरपोर्ट संचालित थे, आज 17 हैं। इनमें पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। जिसमें पीएम मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम भी शामिल है। इसके पास 14 हजार एकड़ जमीन है, देश में किसी भी एयरपोर्ट के पास इतनी जमीन नहीं है। नए एयरक्राफ्ट आने पर सभी एयरपोर्ट से हवाई सुविधा और बढ़ेगी। प्रदेश सरकार पांच नए एयरपोर्ट पर भी काम कर रही है। 

 

सीएम योगी ने कहा कि पहले कोई सोचता भी नहीं था कि आजमगढ़ में एयरपोर्ट होगा, लेकिन यह भी संभव हुआ। श्रावस्ती, अलीगढ़, मुरादाबाद, सोनभद्र में कोई एयरपोर्ट की कल्पना नहीं करता था, लेकिन वहां भी सपना पूरा किया गया। दिल्ली से मेरठ के बीच 12 लेन का एक्सप्रेसवे भी बन चुका है और रैपिड रेल भी आ चुकी है। देश की पहली इनलैंड वाटरवे वाराणसी-हल्दिया के बीच संचालित हो रही है। साथ ही यूपी के अंदर सबसे ज्यादा सात सिटी में मेट्रो सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।

योगी सरकार में कौशल विकास को लगे डिजिटल पंख, ‘कौशल सेतु’ और ‘कौशल सारथी’ पोर्टल का उद्घाटन

Kaushal Setu Portal: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को हुनरमंद बनाने के साथ-साथ कौशल विकास प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना रही है। इसी क्रम में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के राज्य स्तरीय समारोह में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बुधवार को दो महत्वपूर्ण डिजिटल पहलों का शुभारंभ किया।

 

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने डिजिटल पोर्टल ‘कौशल सेतु’ का बटन दबाकर उद्घाटन किया। कौशल सेतु उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) का डिजिटल पोर्टल है, जो ट्रेनिंग पार्टनर्स के पंजीकरण और एम्पैनलमेंट की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन, पेपरलेस और पारदर्शी बनाता है। इसके माध्यम से संस्थान आवेदन, दस्तावेज़ अपलोड और आवश्यक जानकारियां एक ही प्लेटफॉर्म पर आसानी से जमा कर सकते हैं। योगी सरकार की इस पहल से प्रशिक्षण प्रदाताओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

 

इसके बाद कौशल विकास मिशन के दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘कौशल सारथी’ का बटन दबाकर उद्घाटन किया, जो युवाओं को उनके जिले में उपलब्ध प्रशिक्षण केंद्रों, कोर्सों और ट्रेनिंग पार्टनर्स की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है। डिजिटल मैप के माध्यम से युवा आसानी से प्रशिक्षण केंद्रों की लोकेशन, पता और संपर्क विवरण देखकर अपने लिए उपयुक्त कौशल प्रशिक्षण का चयन कर सकते हैं। इससे प्रदेश के हर जिले में चल रहे उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के ट्रेनिंग सेंटर की जानकारी युवाओं को एक क्लिक पर मिलेगी।

 

कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने इंडस्ट्री ट्रेनिंग पार्टनर केएलके प्राइवेट लिमिटेड और विनसम टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के साथ एमओयू साइन किया, जिससे युवाओं को रोबोटिक्स, एआई, टेक्सटाइल जैसे भविष्य के सेक्टर में प्रशिक्षण और प्लेसमेंट मिलेगा।

 

इसके बाद मंत्री अग्रवाल ने कॉफी टेबल बुक ‘स्किलिंग द फ्यूचर उत्तर प्रदेश,  जर्नी फ्रॉम ट्रेनिंग टू ट्रांसफॉर्मेशन’ का भी विमोचन किया। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार में कौशल विकास केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री और रोजगार से जोड़कर युवाओं को ‘कौशल से स्वावलंबन और स्वावलंबन से सम्मान’ के मंत्र के साथ आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।