NEET Re-Exam 2026: बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से लेकर CCTV कैमरे तक, कल होने वाले NEET री-टेस्ट के लिए किए गए कड़े इंतजाम

NEET Re-Exam 2026: रविवार, 21 जून को होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के री-टेस्ट के लिए सरकार बड़े पैमाने पर तैयारी कर रही है ताकि परीक्षा की प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और निष्पक्ष हो। सूत्रों ने CNN-News18 को बताया कि दिल्ली के 97 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, ताकि 24 घंटे निगरानी की जा सके।

गौरतलब है कि NEET का री-टेस्ट होने में बस एक दिन बचा है, ऐसे में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने कैंडिडेट्स और आम लोगों के लिए एक खास पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल के जरिए वे परीक्षा से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों, पेपर लीक के झूठे दावों और किसी और की जगह परीक्षा देने की कोशिशों की रिपोर्ट कर सकते हैं। यह पोर्टल innovateindia.mygov.in/neet-ug-2026 पर उपलब्ध है।

इस नए लॉन्च किए गए रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म के जरिए, कैंडिडेट्स संदिग्ध वेबसाइटों, सोशल मीडिया पोस्ट और उन लोगों की जानकारी दे सकते हैं जो परीक्षा के कंटेंट तक पहुंचने के बारे में झूठे दावे कर रहे हैं।

बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, CISF और CRPF की तैनाती

परीक्षा केंद्रों पर मौजूद उम्मीदवारों, शिक्षकों और स्टाफ के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जरूरी कर दिया गया है। अपने मल्टी-लेयर ‘Digi-Exam’ फ्रेमवर्क के तहत, NTA ने पहचान की सुरक्षा मजबूत करने की एक पूरी रणनीति शुरू की है।

यह फ्रेमवर्क न सिर्फ उम्मीदवारों पर, बल्कि जमीन पर तैनात दो लाख से ज्यादा कर्मचारियों पर भी सख्त नियंत्रण की सुविधा देता है।

CNN-News18 को सूत्रों ने बताया कि परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा के लिए सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) और सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के जवानों को तैनात किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन केंद्रीय सशस्त्र बलों का इस्तेमाल दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में किया जा रहा है, जिसमें कस्टडी की चेन की सुरक्षा और परीक्षा स्थलों को सुरक्षित करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

15 मिनट ज्यादा, बुकलेट का नया डिजाइन

NTA के अनुसार, परीक्षा का कुल समय 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट (3 घंटे 15 मिनट) कर दिया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि “उम्मीदवार बिना इस चिंता के कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में उनका समय बर्बाद हो रहा है, परीक्षा के लिए तय समय का पूरा इस्तेमाल कर सकें और पेपर हल करने का मौका न गंवाएं।”

अतिरिक्त समय के साथ-साथ, NTA ने उम्मीदवारों से मिले फीडबैक के आधार पर एग्जाम बुकलेट के डिजाइन में भी बदलाव किया है। अब एग्जाम बुकलेट में रफ काम के लिए आम तौर पर दिए जाने वाले दो पन्नों की जगह चार पन्ने होंगे।

पहले, रफ काम के लिए सभी शीट सबसे आखिर में होती थीं। बाएं हाथ से लिखने वाले छात्रों की सुविधा के लिए, NTA ने रफ काम के दो पन्नों को बिल्कुल शुरुआत में और बाकी दो पन्नों को आखिर में रखने का इंतजाम किया है।

बता दें कि NEET-UG 2026 का दोबारा टेस्ट रविवार, 21 जून को दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे के बीच आयोजित किया जाएगा, जिसमें 22 लाख से ज्यादा उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होने के पात्र हैं।

वही, 3 मई को हुई मूल परीक्षा को एनटीए ने अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया था, जिससे भारत में परीक्षा प्रणालियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे थे।

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NEET UG Re-exam 2026: नागपुर के छात्र को दे डाला अबु धाबी में परीक्षा केंद्र, राहुल गांधी ने एक्स पर उठाया मुद्दा तो एनटीए ने दिया गलती सुधारने का भरोसा

NEET UG Re-exam 2026: नीट यूजी 2026 री-एग्जाम का आयोजन कल, रविवार, 21 जून 2026 को पूरे देश में किया जाएगा। परीक्षा में अब जहां बहुत कम समय बचा, वहीं नागपुर के एक छात्र की परेशानी ने कल होने वाली परीक्षा की तैयारियों पर फिर से सवालिया निशान लगा दिया है। इस छात्र को महाराष्ट्र में परीक्षा केंद्र चुनने के बावजूद अबु धाबी में परीक्षा केंद्र अलॉट करने का मामला सामने आया है। इस मामले को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल के जरिए उठाया है। उनकी पोस्ट पर जवाब देते हुए एनटीए ने मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए गलती सुधारने का आश्वासन दिया है।

होमटाउन से हजारों किलोमीटर दूर अबू धाबी में सेंटर अलॉट किया

यह मामला नागपुर के छात्र अब्दुल्ला का है, जिसे नीट यूजी री-एग्जाम के लिए यूएई के अबू धाबी में परीक्षा केंद्र किया गया था। इस घटना से छात्र और उसके परिवार के लोग परेशान है। खास बात यह है कि अब्दुल्ला को पिछली परीक्षा के दौरान नागपुर में एक सेंटर अलॉट किया गया था। अब्दुल्ला ने एप्लीकेशन फॉर्म भरते समय नागपुर, वर्धा और भंडारा को अपने पसंदीदा एग्ज़ामिनेशन सेंटर के तौर पर चुना था। इसके बावजूद, उसे उसके होमटाउन से हजारों किलोमीटर दूर अबू धाबी में सेंटर अलॉट किया गया। छात्र की परेशानी इसलिए और भी बढ़ गई है, क्योंकि परीक्षा में अब सिर्फ एक दिन का समय बचा है और उसके पास न तो पासपोर्ट है और विदेश जाने के पैसे। ऐसे हालात में, परिवार के लिए इतने कम समय में पासपोर्ट और वीजा की फॉर्मैलिटी पूरी करना और उसे परीक्षा देने के लिए विदेश भेजना लगभग असंभव है।

छात्र के परिवार ने एनटीए से किया संपर्क

गलती का पता चलने के बाद, छात्र के अभिभावकों ने तुरंत एनटीए के हेल्पलाइन पर संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। परिवार के मुताबिक, एनटीए अधिकारियों ने माना कि एक टेक्निकल गड़बड़ी हुई थी और उन्हें भरोसा दिलाया कि सुधार की कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार देर रात बातचीत के बाद स्टूडेंट को बताया गया कि उसे नागपुर में एक परीक्षा केंद्र दिया जाएगा और शनिवार शाम 4 बजे तक रिवाइज्ड एडमिट कार्ड जारी कर दिया जाएगा।

पार्टी महासचिव राहुल गांधी और महाराष्ट्र कांग्रेस नेता ने उठाई आवाज

इस घटना पर कांग्रेस महासचिव और सांसद राहुल गांधी ने अपने एक्स अकाउंट से पोस्ट किया। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा कि परिवार के पास न पासपोर्ट है और न विदेश जाने के पैसे। उसको जो तनाव हुआ है, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। इससे पहले महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता डॉ. अनीस अहमद ने कड़ी नाराजगी जताते हुए एनटीए से मांग की कि एजेंसी तुरंत एक बदला हुआ एडमिट कार्ड जारी करे और गलती सुधारे।

राहुल की पोस्ट पर एनटीए ने मानी गलती

राहुल गांधी की पोस्ट पर एनटीए ने जवाब देते हुए भरोसा दिया कि छात्र की शिकायत दर्ज कर ली गई है। उस पर तत्काल प्रभाव से एक्शन भी लिया जा रहा है। जरूरी सत्यापन के बाद अगले कुछ घंटों में उसे नागपुर के पास ही कोई परीक्षा केंद्र आवंटित कर सूचित कर दिया जाएगा।

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