Bajaj Pulsar का नया मॉडल जल्द होगा लॉन्च, 12 अगस्त को होगा बड़ा खुलासा, जानें क्या होगा खास

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Bajaj Pulsar New Model: बजाज ऑटो अपनी पॉपुलर Pulsar बाइक रेंज में बड़ा अपडेट करने की तैयारी में है। कंपनी ने पुष्टि की है कि 12 अगस्त को पुणे में एक बड़ा प्रोडक्ट अनाउंसमेंट किया जाएगा। कंपनी ने अभी यह साफ नहीं किया है कि कौन-सी बाइक पेश की जाएगी, लेकिन हाल ही में जारी किए गए टीजर और सामने आई रिपोर्ट्स से संकेत मिल रहे हैं कि नई जनरेशन की Pulsar से पर्दा उठ सकता है।

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टीजर में दिखी नई Pulsar की झलक

 

बजाज ऑटो ने सोशल मीडिया पर एक नया टीजर जारी किया है। इसमें एक ढकी हुई मोटरसाइकिल दिखाई गई है, जिसका डिजाइन काफी मस्कुलर नजर आ रहा है। टीजर में “Twist Into An All-New Rush” टैगलाइन का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, टीजर में बाइक के डिजाइन की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन बाइक की बॉडी, प्रोपोर्शन और स्टांस को देखकर यह नई जनरेशन Pulsar जैसी लगती है। बजाज ने इससे पहले भी फेस्टिव सीजन से पहले कई नए मॉडल लॉन्च करने की अपनी योजना के संकेत दिए थे। ऐसे में 12 अगस्त का यह इवेंट कंपनी की Pulsar रेंज के लिए खास हो सकता है।

 

Pulsar 125 या Pulsar 150 हो सकती है नई बाइक?

 

टीजर में दिखाई गई बाइक का डिजाइन हाल ही में टेस्टिंग के दौरान देखी गई एक टेस्ट म्यूल से काफी मिलता-जुलता बताया जा रहा है। इस बाइक को भारी कैमोफ्लाज के साथ सड़कों पर टेस्टिंग करते हुए देखा गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बाइक नई जनरेशन Pulsar 125 या अपडेटेड Pulsar 150 हो सकती है। दोनों ही मॉडल Bajaj Pulsar पोर्टफोलियो के अहम मॉडल हैं और कंपनी के लिए इनकी बिक्री काफी महत्वपूर्ण है।

 

डिजाइन और फीचर्स में मिल सकते हैं बड़े बदलाव

 

नई Pulsar में कंपनी डिजाइन के साथ-साथ फीचर्स और टेक्नोलॉजी में भी बदलाव कर सकती है। हालांकि, बजाज ने अभी तक इसके इंजन, फीचर्स, कीमत या स्पेसिफिकेशन की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। उम्मीद है कि नई बाइक में मौजूदा मॉडल की तुलना में ज्यादा मॉडर्न डिजाइन, बेहतर फीचर्स और अपडेटेड टेक्नोलॉजी देखने को मिल सकती है।

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12 अगस्त को साफ होगी पूरी तस्वीर

बजाज ऑटो ने फिलहाल बाइक का नाम और स्पेसिफिकेशन आधिकारिक तौर पर नहीं बताए हैं। इसलिए Pulsar 125 या Pulsar 150 में से कौन-सा मॉडल पेश किया जाएगा, इसकी पुष्टि 12 अगस्त को ही होगी। Pulsar Bajaj Auto की सबसे लोकप्रिय बाइक सीरीज में से एक है। ऐसे में नई जनरेशन मॉडल की एंट्री से 125cc और 150cc सेगमेंट में मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है।

स्पेन में समुद्र के रास्ते घुसे हजारों मुस्लिम शरणार्थी : पुलिस और कोस्ट गार्ड हुए बेहाल, अब सेना ने संभाला मोर्चा!

Spain migrant crisis

Spain migrant crisis: भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) और अटलांटिक महासागर के रास्ते यूरोप में अवैध प्रवासन (Illegal Migration) संकट एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। उत्तर अफ्रीकी देशों और उप-सहारा (Sub-Saharan) क्षेत्र से लकड़ी और रबर की नावों में सवार होकर आए हजारों शरणार्थियों ने स्पेन के तटीय इलाकों में अप्रत्याशित रूप से प्रवेश किया है।

 

अचानक हुए इस भारी जनसांख्यिकीय दबाव के कारण स्थानीय पुलिस और स्पेनिश कोस्ट गार्ड (Salvamento Marítimo) की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और तटीय क्षेत्रों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्पैनिश सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों और सशस्त्र बलों (Spanish Armed Forces) को मोर्चे पर तैनात कर दिया है।

कैसे पैदा हुए हालात? 

स्पेन के स्वायत्त शहरों— सेउटा (Ceuta) और मेलिला (Melilla)—के साथ-साथ केनरी द्वीप समूह (Canary Islands) और अंदालुसिया (Andalusia) के तटों पर बीते कुछ दिनों से नावों के आने का सिलसिला जारी है।

  • मानव तस्करी का नया रूट : तस्करों के नेटवर्क ने मोरक्को, अल्जीरिया और पश्चिमी अफ्रीका के तटों से समुद्र के रास्ते छोटे-छोटे जहाजों और रबर बोटों के जरिए हजारों प्रवासियों को समुद्र में उतारा।
  • कोस्ट गार्ड की सीमाएं : समुद्र में क्षमता से अधिक भरे जहाजों से कई बार हादसों का खतरा बना रहता है। स्पैनिश कोस्ट गार्ड लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन्स चला रहे हैं, लेकिन एक साथ सैकड़ों नावों के पहुंचने के कारण उनके संसाधन कम पड़ गए हैं।
  • स्थानीय बुनियादी ढांचे पर दबाव : तटीय क्षेत्रों में बने प्रोसेसिंग सेंटर (CIE – Centres for Internment of Foreigners) पूरी तरह भर चुके हैं। अस्पतालों और राहत शिविरों पर अत्यधिक दबाव देखा जा रहा है।

सेना की तैनाती और सरकार का रुख

स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए स्पेनिश गृह और रक्षा मंत्रालय ने समन्वय बनाकर प्रभावित तटीय सीमाओं और सेउटा/मेलिला की जमीनी सीमा पर सेना की विशेष टुकड़ियों को तैनात किया है।

  • सीमा सुरक्षा मजबूत करना : सेना और गार्डिया सिविल (Civil Guard) मिलकर सीमाओं पर बाड़ (Fencing) की निगरानी बढ़ा रहे हैं ताकि अवैध रूप से प्रवेश करने वालों को रोका जा सके।
  • मानवीय सहायता और रसद : सशस्त्र बल प्रवासियों को प्राथमिक चिकित्सा, भोजन, अस्थायी टेंट और आपातकालीन राहत सामग्री पहुंचाने में भी नागरिक प्रशासन की मदद कर रहे हैं।
  • यूरोपीय संघ (EU) से मदद की गुहार : स्पेन ने यूरोपीय संघ (European Union) की सीमा एजेंसी Frontex से अतिरिक्त सुरक्षा बल और आपातकालीन वित्तीय सहायता की मांग की है।

भू-राजनीतिक और सामाजिक कारण 

यूरोप में शरणार्थियों का यह संकट कोई नई घटना नहीं है, लेकिन हाल के वर्षों में इसके पीछे कई बड़े कारण उभरकर सामने आए हैं:

  • अफ्रीका में राजनीतिक अस्थिरता व गरीबी : पश्चिम और उत्तर अफ्रीका के कई देशों में राजनीतिक उथल-पुथल, आर्थिक संकट और सुरक्षा संबंधी खतरों के कारण लोग बेहतर भविष्य की तलाश में यूरोप का रुख कर रहे हैं।
  • यूरोपीय संघ की प्रवासन नीति (EU Migration Pact) : यूरोपीय संघ के देशों के बीच शरणार्थियों के पुनर्वास और सीमा नियंत्रण को लेकर खींचतान जारी है। इटली, ग्रीस और स्पेन जैसे अग्रिम सीमा वाले देश इस संकट का सबसे ज्यादा असर झेल रहे हैं।

आगे क्या होगा?

स्पेन सरकार एक ओर जहां कानूनी प्रक्रिया के तहत प्रवासियों के कागजात की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर मोरक्को और अन्य पड़ोसी देशों के साथ कूटनीतिक बातचीत जारी है ताकि अवैध प्रवासन के नेटवर्क को शुरुआती बिंदु पर ही रोका जा सके। कानून और व्यवस्था बनाए रखना और इसके साथ ही मानवीय संवेदनाओं का संतुलन साधना वर्तमान में स्पेनिश प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।

 

Major Dhyan Chand Sports University Admission 2026 : PG डिप्लोमा आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ी, 11 अगस्त तक करें अप्लाई

yogi adityanath plantation drive on 12th july

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने और विश्वस्तरीय खेल शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में मेरठ स्थित प्रदेश के पहले मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के पीजी डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई से बढ़ाकर 11 अगस्त 2026 कर दी है। 

विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिलेगी, जो किसी कारणवश निर्धारित समय सीमा में आवेदन नहीं कर सके थे।

 

कुश्ती, बैडमिंटन और एथलेटिक्स जैसे प्रमुख खेलों में दिया जाएगा प्रवेश

 

इस सत्र में पी.जी. डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग के अंतर्गत कबड्डी, हॉकी, बॉक्सिंग, योग, कुश्ती, बैडमिंटन और एथलेटिक्स जैसे प्रमुख खेलों में प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा पी.जी. डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन पाठ्यक्रम के लिए भी आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य खेल क्षेत्र में प्रशिक्षित कोच, विशेषज्ञ और खेल पत्रकार तैयार करना है।

 

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से कर सकते हैं आवेदन

 

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं। यह निर्णय अधिक से अधिक योग्य विद्यार्थियों को प्रवेश का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है। विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.sportsuniup.com पर संशोधित पात्रता और प्रवेश संबंधी सभी दिशा-निर्देश उपलब्ध करा दिए गए हैं, ताकि अभ्यर्थी आवेदन से पहले आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकें।

 

खेल शिक्षा को मिलेगी नई पहचान

योगी सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय इसी सोच का परिणाम है, जहां विद्यार्थियों को अत्याधुनिक खेल अवसंरचना, आधुनिक प्रशिक्षण उपकरण, खेल विज्ञान आधारित शिक्षण प्रणाली और अनुभवी विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा। विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल खिलाड़ियों को तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे दक्ष प्रशिक्षकों और खेल विशेषज्ञों का निर्माण करना है जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर सकें।

 

न्यूनतम शुल्क में मिलेगी गुणवत्तापूर्ण खेल शिक्षा

 

विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध कराएगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी उच्च स्तर की खेल शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने पीजी डिप्लोमा से जुड़े सभी इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपना आवेदन पूरा करें। मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश को खेल प्रतिभाओं, प्रशिक्षकों और खेल अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

PM Kisan 24th Installment : 24वीं किस्त से पहले किसानों के लिए आई बड़ी खुशखबरी, मोदी सरकार का बड़ा तोहफा

PM Kisan Nidhi Yojana 24th Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त मिलने के बाद अब किसानों को 24वीं किस्त का इंतजार है। सरकार की ओर से 24वीं किस्त जारी करने की तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। इस बीच एक अच्छी खबर सामने आई है। 

 

2031 तक जारी रहेगी पीएम किसान योजना, कैबिनेट ने लगाई मुहर

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देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को अगले 5 वर्षों के लिए जारी रखने को मंजूरी दे दी है। अब यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर 2030-31 तक लागू रहेगी। सरकार ने इस योजना के लिए 3.15 लाख करोड़ रुपए से अधिक का बजट प्रस्तावित किया है। इससे पात्र किसानों को पहले की तरह आर्थिक सहायता मिलती रहेगी। 

 

पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि 2000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाती है। किस्तों का समय फसल चक्र के अनुसार तय किया गया है, ताकि किसानों को बुवाई और खेती की तैयारी के दौरान समय पर आर्थिक मदद मिल सके।

 

 

हालांकि, योजना की किस्तें आमतौर पर करीब चार महीने के अंतराल पर जारी होती हैं। ऐसे में 24वीं किस्त अक्टूबर में आने का अनुमान लगाया जा रहा है।

 

पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन किस्तों में 2,000- 2,000 रुपए करके सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। अगली किस्त का लाभ बिना किसी परेशानी के पाने के लिए किसानों को कुछ जरूरी जानकारियां और दस्तावेज पहले से अपडेट रखने चाहिए।

 

24वीं किस्त के लिए पूरे कर लें ये 5 जरूरी काम

1. e-KYC जरूर पूरी करें

 

पीएम किसान योजना का लाभ लेने के लिए e-KYC पूरा होना जरूरी है। अगर आपने अभी तक e-KYC नहीं कराई है तो इसे जल्द पूरा कर लें। PM Kisan पोर्टल पर OTP के जरिए e-KYC की जा सकती है। इसके अलावा नजदीकी CSC सेंटर पर बायोमेट्रिक e-KYC और PM Kisan मोबाइल ऐप पर Face Authentication की सुविधा भी उपलब्ध है।

 

2. Aadhaar और बैंक खाते की लिंकिंग जांचें

 

पीएम किसान की रकम Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए बैंक खाते में भेजी जाती है। इसलिए यह सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता Aadhaar और NPCI से जुड़ा हुआ है तथा DBT सक्रिय है। किसी तरह की समस्या होने पर बैंक से संपर्क करके इसे ठीक करा लें।

 

3. जमीन का रिकॉर्ड अपडेट रखें

 

किसानों को अपनी खेती की जमीन से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच लेने चाहिए। जमीन का रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने, पोर्टल पर मैपिंग की समस्या, म्यूटेशन लंबित होने या जमीन से संबंधित विवाद जैसी स्थिति में पात्रता प्रभावित हो सकती है। इसलिए जमीन के रिकॉर्ड में किसी गलती को समय रहते ठीक कराना जरूरी है।

 

4. बैंक खाते की जानकारी चेक करें

 

बैंक खाते में दर्ज नाम, खाता संख्या, IFSC Code और KYC की जानकारी सही है या नहीं, यह जरूर जांच लें। बैंक डिटेल में गलती होने पर किस्त का भुगतान अटक सकता है। अगर कोई जानकारी गलत है तो बैंक से संपर्क करके उसे अपडेट कराएं।

 

5. PM Kisan Beneficiary Status चेक करें

 

किसान यह भी जांच सकते हैं कि उनका नाम पीएम किसान की लाभार्थी सूची में है या नहीं। इसके लिए PM Kisan पोर्टल पर जाकर Beneficiary List विकल्प चुनें। इसके बाद राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव की जानकारी दर्ज करके Get Report पर क्लिक करें। यहां लाभार्थियों की सूची में अपना नाम चेक किया जा सकता है।

 

किन वजहों से अटक सकती है PM Kisan की किस्त?

 

पीएम किसान की किस्त रुकने की प्रमुख वजहों में e-KYC अधूरी होना, बैंक खाते की गलत जानकारी, Aadhaar-बैंक लिंकिंग की समस्या, DBT सक्रिय नहीं होना और जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी शामिल हो सकती हैं।

 

इसलिए 24वीं किस्त की आधिकारिक तारीख घोषित होने से पहले इन सभी जानकारियों को जांच लेना किसानों के लिए उपयोगी रहेगा। ध्यान दें कि 24वीं किस्त की तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, इसलिए अक्टूबर में किस्त आने की बात फिलहाल अनुमान पर आधारित है।

मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ाया जाए, आधुनिक सुविधाओं से लैस हों मंडियां

CM Krishak Chhatravriti Yojana

CM Krishak Chhatravriti Yojana: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों के मेधावी पाल्यों के लिए संचालित मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।

 

शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के संचालक मंडल की 172वीं बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वर्ष 2026-27 के ₹3025.49 करोड़ के बजट सहित किसान कल्याण, कृषि विपणन एवं मंडी व्यवस्था से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश की मंडियों का आधुनिकीकरण एवं पुनरोद्धार करते हुए उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाए, ताकि किसानों को बेहतर, पारदर्शी एवं सुविधाजनक विपणन व्यवस्था उपलब्ध हो सके। उन्होंने मंडियों में पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था सहित सभी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने मंडी स्थलों में पीपीपी मॉडल पर कृषि उपज प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने तथा इसके लिए नियमों को अधिक व्यवहारिक एवं निवेश अनुकूल बनाने के निर्देश दिए, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य, मूल्य संवर्धन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने अधिकाधिक मंडियों को ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) प्लेटफॉर्म से जोड़ने, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन से अधिकाधिक किसानों को जोड़ने तथा प्रत्येक जनपद में ऑर्गेनिक उत्पादों के सर्टिफिकेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

वर्ष 2026-27 के बजट को अनुमोदित किया गया

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के संशोधित आय-व्यय अनुमान तथा वर्ष 2026-27 के बजट को अनुमोदित किया गया। वर्ष 2026-27 के लिए ₹2228.59 करोड़ की अनुमानित प्राप्तियों तथा ₹3025.49 करोड़ के व्यय प्रावधान को स्वीकृति प्रदान की गई।

 

बैठक में बताया गया कि प्रदेश की मंडी समितियों की आय वर्ष 2024-25 के ₹1991.33 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2025-26 में ₹2305.80 करोड़ पहुंच गई है, जिससे 15.79 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है।

 

बजट में मंडी स्थलों के निर्माण एवं विस्तार, संपर्क मार्गों के निर्माण एवं मरम्मत, ग्रामीण हाट, किसान बाजार, गोवंश आश्रय स्थलों, छात्रावास निर्माण, मंडी समितियों के लिए भूमि क्रय तथा अन्य विकास कार्यों के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। पूर्व से स्वीकृत निर्माण कार्यों को गति देने के लिए ₹1212.02 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना

संचालक मंडल ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना तथा मुख्यमंत्री खेत-खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना की अवधि 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2030 तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। इन दोनों योजनाओं के संचालन के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में ₹30 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे दुर्घटना अथवा खेत-खलिहान में अग्निकांड जैसी परिस्थितियों में किसानों एवं उनके परिवारों को समयबद्ध आर्थिक सहायता मिलती रहेगी।

 

बैठक में मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत दलहन एवं तिलहन की खरीद व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न सहकारी संस्थाओं को ब्याजमुक्त कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

 

बैठक में परिषद के वित्तीय एवं प्रशासनिक विषयों से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया गया। साथ ही मुख्यमंत्री ने पिछली बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए सभी किसान हितैषी एवं विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।

अंकित शर्मा हत्याकांड में AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा

ankit sharma hatyakand

कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सज़ा सुनाई। 24-25 फरवरी 2020 को दिल्ली दंगों के दौरान आईबी कर्मी अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी और उनका शव चांदबाग के पास एक नाले से मिला था। इस मामले में अदालत ने 13 जुलाई को ताहिर हुसैन, नाजिम, कासिम, जावेद और अनस को हत्या, आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया था।

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हत्या को बताया सुनियोजित

सजा पर हुई बहस के दौरान अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक मधुकर पांडे ने कोर्ट से कहा था कि यह हत्या पूरी तरह सुनियोजित, निर्मम और समाज में भय का माहौल पैदा करने वाली थी। उन्होंने मामले को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर बताते हुए सभी दोषियों को मृत्युदंड देने की मांग की थी। अभियोजन पक्ष का तर्क था कि इस तरह के अपराध पर कठोरतम दंड दिया जाना आवश्यक है ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए।

5.5 करोड़ पार हुए रिटर्न, पोर्टल पर भारी ट्रैफिक! अगर आज नहीं भरा फॉर्म तो लगेगा भारी जुर्माना?

Income Tax Return

ITR Filing Last Date: वित्तीय वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख आज यानी 31 जुलाई 2026 है। तय समय सीमा से ठीक 24 घंटे पहले तक देश भर में 5.5 करोड़ से ज्यादा ITR फाइल किए जा चुके हैं। 30 जुलाई को ही 42 लाख से अधिक लोगों ने अपने रिटर्न दाखिल किए हैं, जो अंतिम समय में मचने वाली अफरा-तफरी को साफ बयां करता है। ALSO READ: ITR Filing 2026 Deadline: 31 जुलाई से पहले ऐसे भरें आयकर रिटर्न, पेनल्टी से बचें

 

इनकम टैक्स विभाग ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि 24 घंटे से भी कम समय बचा है! असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए अब तक 5.5 करोड़ से अधिक ITR फाइल किए जा चुके हैं। अकेले 30 जुलाई को 42 लाख से ज्यादा फाइल हुए।

सरकार की तरफ से राहत या सख्ती?

करदाताओं (Taxpayers) की भारी तादाद और आखिरी घंटों में इनकम टैक्स पोर्टल पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए सोशल मीडिया पर तारीख बढ़ाने (Extension) की मांग उठ रही थी। हालांकि, वित्त मंत्रालय और आयकर विभाग की ओर से अभी तक डेडलाइन बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में जानकारों का यही सुझाव है कि टैक्सपेस्ट्स किसी भी भरोसे के बिना आज ही अपना रिटर्न हर हाल में पूरा कर लें।

आखिरी वक्त में रिटर्न भरते समय इन बातों का रखें खास ख्याल

टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि आपने अभी तक ITR फाइल नहीं किया है, तो इन जरूरी बातों का ध्यान रखें ताकि पेनल्टी और नोटिस से बच सकें:

 

फॉर्म 26AS और AIS का मिलान जरूर करें: जल्दबाजी में डेटा गलत न भरें। अपने फॉर्म 26AS और एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) में दिए गए टीडीएस (TDS) और इनकम डेटा का मिलान अपने बैंक स्टेटमेंट से जरूर करें।

 

पोर्टल धीमा होने पर घबराएं नहीं: आखिरी घंटों में इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर भारी लोड के कारण सर्वर स्लो हो सकता है। अगर पेज अटक रहा है, तो कुछ देर इंतजार करें या दूसरे ब्राउज़र/नेटवर्क का इस्तेमाल करें।

 

बैंक अकाउंट री-वैलिडेट (Re-validate) करें: रिफंड समय पर पाने के लिए यह सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता प्री-वैलिडेटेड हो और पैन से लिंक हो।

 

देर से फाइल करने पर कितना लगेगा जुर्माना?

  • यदि आप आज (31 जुलाई) रात 12 बजे तक अपना ITR फाइल नहीं कर पाते हैं, तो इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234F के तहत आपको लेट फीस चुकानी पड़ सकती है। 
  • जिनकी कुल आय 5 लाख रुपये से ज्यादा है, उन्हें 5,000 रुपए तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।
  • जिनकी आय 5 लाख रुपये से कम है, उनके लिए लेट फीस अधिकतम 1,000 रुपए हो सकती है। इसलिए, किसी भी तरह की लेट फीस और कानूनी झंझट से बचने के लिए बिना एक पल गंवाए अपना रिटर्न तुरंत सबमिट करें।

‘वर्दी खून से लथपथ थी’—जंतर-मंतर हिंसा पर घायल पुलिसकर्मियों के परिवारों का बड़ा दावा

delhi jantar mantar

जंतर-मंतर प्रदर्शन में घायल दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों के परिजनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि प्रदर्शन में हिंसक और असामाजिक तत्व शामिल थे। परिजनों ने पुलिस पर हुए हमले की आपबीती साझा की, जबकि भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने भी घटना पर सवाल उठाए। ALSO READ: बड़ा धमाका! अब यूपी के भाजपा नेता की बेटी ने किया CJP का समर्थन, जानिए कौन हैं यशस्विनी राजे सिंह?

 

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में घायल दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों के परिजनों ने कहा कि 20 तारीख के बाद यही नेरेटिव चलाया जा रहा है कि छात्रों को पुलिस ने पीटा, लेकिन प्रोटेस्ट का सच कुछ और ही है। हमला पुलिसवालों पर भी हुआ है।

 

खून से लथपथ थी वर्दी 

घायल पुलिसकर्मी की बेटी गुंजन ने दावा किया कि प्रदर्शन में असामाजिक तत्व भी थे। उनके पिता जंतर-मंतर पर बैरिकेड के पास तैनात थे। वे अक्सर कहते थे कि यह अब सिर्फ छात्रों का प्रदर्शन नहीं रहा, इसमें असामाजिक तत्व भी शामिल हो गए हैं। 20 जुलाई को रात 10 बजे मेरे पिताजी को उनके साथी घर लेकर आए। उनकी वर्दी खून से लथपथ थी। हिंसक भीड़ ने उन्हें घसीटा और जंतर-मंतर मंच के पास पीट-पीटकर मारने की कोशिश की थी। वे करीब चार घंटे तक RML अस्पताल में बेहोश रहे, फिर भी सोशल मीडिया पर उन्हें ही क्रिमिनल बताया गया। ALSO READ: PM मोदी के खिलाफ मॉर्फ्ड पोस्ट पर बड़ा एक्शन! Meta India प्रमुख समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट्स पर FIR

 

हेलमेट पूरी तरह टूट चुका था

घायल ASI की पत्नी सीमा ने कहा कि शरारती तत्वों ने पुलिस पर पथराव किया। 20 जुलाई शाम 7 बजे पति को कॉल किया, तो वो हॉस्पिटल में इलाज करा रहे थे। भीड़ में मौजूद शरारती तत्वों ने पत्थर और हथियारों से पुलिस जवानों को घायल कर दिया था। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया। रात 11 बजे जब पति घर आए, तो उन्होंने बताया कि संसद की सुरक्षा के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग को तोड़ा गया और पुलिस फोर्स पर हमला किया गया। ड्यूटी के दौरान उन्हें मिला हेलमेट पूरी तरह टूट चुका था।

 

सिर में लगे 4 टांके

लक्ष्य सिंह बिष्ट ने कहा कि मेरे पिता ASI हैं। उन्हें बहादुरी के लिए 4 सम्मान मिल चुके हैं। मेरे दादाजी भी BSF में थे। 1971 की जंग लड़ चुके हैं। जंतर-मंतर प्रदर्शन में पिता फ्रंटलाइन पर तैनात थे। उनके साथी से पता चला कि उनके सिर में गंभीर चोट लगी है। जब उनकी तस्वीर देखी तो सिर मुंडा हुआ था और चार टांके लगे थे। मैं डर गया था। पिता ने बताया कि प्रदर्शन में सिर्फ छात्र नहीं थे, बल्कि हिंसक और उपद्रवी लोग भी शामिल थे। ALSO READ: CJP Effect! शिक्षकों की कमी, टूटी बेंचों और खराब शौचालयों को लेकर कई राज्यों में सड़कों पर उतरे स्कूली छात्र

 

भाजपा सांसद ने पूछा सवाल

भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि पुलिसकर्मियों पर जो हमला हुआ है, जिनको चोट लगी है, हमें संवेदनशील होना चाहिए, उनके भी परिवार हैं, उनके भी मानवाधिकार हैं, इस बात को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम नौजवानों का सम्मान करते हैं लेकिन अगर उनके आंदोलन के पीछे अपराधी खड़े होते हैं…तो यह गंभीर सवाल है।

 

क्या है सीजेपी का दावा

CJP ने आरोप लगाया था कि 20 जुलाई के 'संसद चलो' मार्च में और उसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट्स गन का इस्तेमाल किया। पार्टी ने कई छात्रों के घायल होने का दावा करते हुए पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

बड़ा धमाका! अब यूपी के भाजपा नेता की बेटी ने किया CJP का समर्थन, जानिए कौन हैं यशस्विनी राजे सिंह?

Yashasvini Raje Singh Support CJP

Yashasvini Raje Singh Support CJP: नीट धांधली को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के शांत होते ही एक बड़े राजनीतिक भूचाल ने दस्तक दे दी है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले हुए प्रदर्शन का सत्तारूढ़ भाजपा के ही एक बड़े नेता की बेटी ने खुलकर समर्थन किया है। पेशे से कंटेंट क्रिएटर यशस्विनी राजे सिंह ने न सिर्फ अपनी ही सरकार के नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर सवाल उठाए हैं, बल्कि पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का भी सरेआम मजाक उड़ाया है।

 

यूपी के फतेहपुर सदर से पूर्व बीजेपी विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्विनी ने सीजेपी का समर्थन करते हुए सीधे केंद्र सरकार की नीतियों पर हमला बोला है। 'अल जजीरा' को दिए इंटरव्यू में यशस्विनी ने प्रह्लाद जोशी को देश का नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाए जाने के फैसले पर तीखा तंज कसते हुए इसे 'एक बेहद भद्दा मजाक' करार दिया। ALSO READ: धमकी के बाद छिपकर रहे थे दीपके के माता-पिता, CJP नए आंदोलन की तैयारी में

 

पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को बताया 'शहादत का ड्रामा'

नीट परीक्षा विवाद के बाद 25 जुलाई को जब धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया, तो यशस्विनी ने उनके पत्र की धज्जियां उड़ा दीं। यशस्विनी ने कहा कि इस्तीफे की भाषा देखकर बिल्कुल नहीं लगता कि धर्मेंद्र प्रधान को अपने किए पर जरा भी पछतावा है या वे अपनी गलती मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि पत्र की भाषा ऐसी है जैसे कोई खुद को 'शहीद' साबित करने की कोशिश कर रहा हो। 
 

गौरतलब है कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में लिखा था कि वे छात्रों के नुकसान को रोकने और 'राष्ट्रविरोधी ताकतों' से देश को बचाने के लिए इस्तीफा दे रहे हैं। ALSO READ: CJP Effect! शिक्षकों की कमी, टूटी बेंचों और खराब शौचालयों को लेकर कई राज्यों में सड़कों पर उतरे स्कूली छात्र

परिवार और पिता की राजनीति से पूरी तरह बनाई दूरी

बीजेपी नेता की बेटी होने के बावजूद यशस्विनी का यह रुख हर किसी को हैरान कर रहा है। हालांकि, यशस्विनी ने साफ किया कि वे पिछले साढ़े तीन सालों से अपने परिवार से अलग रह रही हैं। वे अपने पिता से राजनीति पर कोई बात नहीं करतीं और सालों से उनके निर्वाचन क्षेत्र भी नहीं गई हैं। यशस्विनी के मुताबिक, इसी आजादी और दूरी की वजह से वे बिना किसी पाखंड या डर के अपनी बात बेबाकी से रख पाती हैं।

कौन हैं यशस्विनी?

यशस्विनी राजे सिंह पेशे से एक कंटेंट क्रिएटर हैं। वे उत्तर प्रदेश की फतेहपुर सदर विधानसभा सीट से भाजपा के पूर्व विधायक विक्रम सिंह की बेटी हैं। सिंह भाजपा के टिकट पर दो बार विधायक रह चुके हैं। यशस्विनी पिछले साढ़े तीन साल से अपने परिवार से अलग रहकर स्वतंत्र जीवन जी रही हैं और उन्होंने CJP के तहत जंतर-मंतर पर हुए नीट आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया है। ALSO READ: NEET विवाद, CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी, छात्रों के उत्पीड़न का लगाया आरोप

 

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी भाजपा नेताओं, यहां तक कि वर्तमान सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता सचिन राहड़ ने भी सीजेपी प्रोटेस्ट का समर्थन किया था। अर्चिता ने इंस्टाग्राम पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मनाते हुए स्टोरी पोस्ट की और लिखा- “पूरा भाजपा परिवार और मेरे संबंधी डीपी (धर्मेंद्र प्रधान) के साथ हैं, लेकिन मैं छात्रों के साथ हूं।

 

जब उनकी पोस्ट हटाने को लेकर दबाव बनाने के दावे सोशल मीडिया पर चले, तो उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया कि वे अपनी पोस्ट डिलीट नहीं करेंगी। इनके साथ ही असम सरकार में कैबिनेट मंत्री और एनडीए के सहयोगी दल असम गण परिषद के वरिष्ठ नेता केशव महंता की बेटी दिबिसा महंता ने भी सीजेपी का समर्थन किया था। 

शहजाद पूनावाला ने भाजपा छोड़ी? X बायो बदलते ही इस्तीफे की चर्चाओं ने पकड़ा जोर

Shehzad Poonawala Resigns BJP

Shehzad Poonawala Resigns BJP : भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के X प्रोफाइल से 'BJP National Spokesperson' हटने के बाद उनके पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, भाजपा या पूनावाला की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ALSO READ: CJP Effect! शिक्षकों की कमी, टूटी बेंचों और खराब शौचालयों को लेकर कई राज्यों में सड़कों पर उतरे स्कूली छात्र

 

शहजाद पूनावाला ने गुरुवार को अपने X प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट शेयर किया। नए बायो में 'नेशनल स्पोक्सपर्सन, बीजेपी' का पद हटा दिया गया है। नए बायो में लिखा है: धर्म: इस्लाम, संस्कृति: हिंदू, विचारधारा: भारतीय। लेखक: GST की यात्रा, पीएम नरेंद्र मोदी के आजीवन अनुयायी।

हालांकि पूनावाला के इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर उन्हें अभी भी BJP राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर दिखाया जा रहा है। X पर भी पहले यही लिखा था। ALSO READ: पुजारी बनकर संसद पहुंचे पप्पू यादव, राहुल गांधी ने दानपात्र में डाले पैसे; 'चढ़ावा चोरी' पर विपक्ष का अनोखा प्रदर्शन

 

पेशे से वकील और एक्टिविस्ट शहजाद पूनावाला ने अपने सियासी सफर की शुरुआत कांग्रेस से की थी। दिसंबर 2017 में कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को धांधली और दिखावा बताने के बाद वे भाजपा में शामिल हुए थे।